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जीते-जी उठाई अपनी अर्थी, श्मशान घाट पर खड़े होकर बोले- ‘देखना था, कौन आता है मेरी विदाई में’

जीते-जी उठाई अपनी अर्थी, श्मशान घाट पर खड़े होकर बोले- ‘देखना था, कौन आता है मेरी विदाई में’

 गया ।  बिहार के गया जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो सदमे के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर देती है। यहां 74 वर्षीय सेवानिवृत्त वायुसेना जवान मोहनलाल ने जीवित रहते हुए अपनी ही शवयात्रा निकाल ली। सफेद कफन ओढ़े, ताबूत में लेटकर बैंड-बाजों के साथ सड़कों से गुजरते हुए वे श्मशान घाट तक पहुंचे। लेकिन जैसे ही अर्थी मुक्तिधाम पर उतारी गई, मोहनलाल अचानक उठ खड़े हुए और सबको चौंका दिया। उनका मकसद साफ था- जानना कि उनकी असली मौत पर कितने लोग उन्हें अलविदा कहने आते।

मोहनलाल, जो भारतीय वायुसेना से रिटायर हो चुके हैं, ने इस अनोखे ‘एक्सपेरिमेंट’ को अंजाम दिया क्योंकि वे अपने जीवन की समाप्ति के बाद लोगों के व्यवहार को परखना चाहते थे। उन्होंने बताया, “मैंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया। लेकिन अब सोचता हूं कि अगर मैं चला गया, तो मेरी अंतिम यात्रा में कौन शामिल होगा? कौन सच्ची श्रद्धांजलि देगा? इसलिए यह सब किया।” श्मशान पहुंचने पर जब लोग शोक में डूबे दिखे, तो मोहनलाल ने हंसते हुए कहा, “मैं जिंदा हूं, बस यह जानना था कि आप सब कितने करीब हैं।” भीड़ ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।

यह घटना सोमवार को हुई, जब मोहनलाल ने गांव वालों को ‘अपनी मौत’ की सूचना देकर शवयात्रा का आयोजन किया। बैंड-बाजे के साथ निकली यह यात्रा गांव की सड़कों पर गुजरी, जहां सैकड़ों लोग अर्थी के पीछे चलने लगे। मोहनलाल ने खुद ही गांव में मुक्तिधाम का निर्माण कराया था, जो अब उनकी इस ‘ट्रायल रन’ का साक्षी बना। भोज का भी आयोजन किया गया था, जिसमें ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। लेकिन जैसे ही रहस्य खुला, माहौल हंसी-खुशी में बदल गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहनलाल हमेशा से ही अनोखे विचारों के धनी रहे हैं। एक ग्रामीण ने बताया, “वह वायुसेना के दिनों से बहादुर और विचारशील थे। यह घटना हमें सबक देती है कि जिंदगी में रिश्तों की कद्र करो, वरना बाद में पछतावा ही हाथ लगेगा।” सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो चुका है, जहां लोग इसे ‘भावुक और प्रेरणादायक’ बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा, “यह मौत का डर नहीं, जिंदगी का आईना है।”

मोहनलाल की इस हरकत ने न सिर्फ गया बल्कि पूरे बिहार में चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि उम्रदराज लोग अक्सर अकेलापन महसूस करते हैं, और ऐसी घटनाएं समाज को रिश्तों की अहमियत याद दिलाती हैं। फिलहाल, मोहनलाल स्वस्थ हैं और गांववालों के साथ हंस-बोल रहे हैं। लेकिन सवाल वही है- क्या हम अपने अपनों को इतना महत्व देते हैं कि उनकी विदाई में सच्ची भीड़ लगे?

 
Bihar Assembly Elections 2025 : JDU ने जारी की 57 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट, देखें किन नेताओं को मिला टिकट

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 Bihar Assembly Elections 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जेडीयू ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर नीतीश कुमार ने लगाई ह

‘महाभारत’ के कर्ण का निधन, पंकज धीर ने 68 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

‘महाभारत’ के कर्ण का निधन, पंकज धीर ने 68 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

 Actor Pankaj Dheer passes away : टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में कर्ण का यादगार किरदार निभाने वाले लोकप्रिय अभिनेता पंकज धीर (Actor Pankaj Dheer passes away) का 68 साल की उम्र निधन हो गया। इसकी पुष्टि ‘महाभारत’ में अर्जुन की भूमिका निभाने वाले फिरोज खान ने की है। पंजक की मौत से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज धीर का निधन बुधवार 15 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे हुआ। एक्टर लंबे वक्त से कैंसर से जूझ रहे थे।

सह-कलाकार ने जताया दुख

पंकज धीर के साथ ‘महाभारत’ में काम कर चुके फिरोज खान ने एक भावुक प्रतिक्रिया में कहा,“हां, यह सच है कि अब वे हमारे बीच नहीं रहे। व्यक्तिगत रूप से मैंने एक बेहद करीबी दोस्त खो दिया है। वह न सिर्फ अच्छे कलाकार थे, बल्कि एक बहुत अच्छे इंसान भी थे।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं अब भी सदमे में हूं और समझ नहीं पा रहा कि क्या कहूं। पंकज वाकई में अद्भुत व्यक्तित्व वाले इंसान थे।”

 
 
ब्रेकिंग न्यूज़: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की तीसरी सूची

ब्रेकिंग न्यूज़: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की तीसरी सूची

पटना – बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तीसरी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है, वहीं कुछ  के टिकट काटे गए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस सूची में भाजपा ने सामाजिक समीकरण और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए चयन किया है।भाजपा की अब तक कुल तीन सूचियां जारी हो चुकी हैं, जिनमें अधिकांश सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय किए जा चुके हैं।

 

कहीं फीकी न पड़ जाए दिवाली की रौनक, मिठाइयों के दामों में हुई 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

कहीं फीकी न पड़ जाए दिवाली की रौनक, मिठाइयों के दामों में हुई 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

 नई दिल्ली। Sweets Price Increased: अब से बस कुछ ही दिनों में देशभर में दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। जिसे लेकर बाजारों में भी रौनक देखने को मिल रही है। लेकिन इस बार मिठाई के शौकीनों को इस दिवाली मिठाई लेना महंगा पड़ने वाला है, क्योंकि बर्फी, पेड़ा, मावा मिठाई और सोनपापड़ी जैसी मिठाइयों के दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। ऐसे में पहले आप जितने पैसे में दो या तीन मिठाईयां लेते थे वहीं अब उन्हीं पैसे में एक मिठाई का डिब्बा लेना भी मुश्किल लग रहा है।

बता दें कि, मिठाइयों के रेट बढ़ने के कारण अब आम लोगों को इसका नुकसान होने वाला है। व्यापारियों के अनुसार, इस साल चीनी, दूध और सूखे मेवों के दाम बढ़ जाने से मिटाई के दाम भी बढ़े हैं। खास तौर से काजू बर्फी, मावा मिक्स मिठाई, ड्रायफ्रूट्स आदि के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली।

Sweets Price Increased: वहीं महंगाई के बाद भी मिठाई दुकानों में लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। बाजारों में मिठाई की खरीदारी जोरों पर है। व्यापारियों का कहना है कि, मिठाई के बिना दिवाली का त्योहार अधूरा है। ऐसे में इस साल भी महंगाई के बावजूद भी बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

Breaking : भारत में AI हब बनाएगा गूगल, 15 अरब डॉलर का करेगा निवेश

Breaking : भारत में AI हब बनाएगा गूगल, 15 अरब डॉलर का करेगा निवेश

 Breaking : Google ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में अपना सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (#AI) हब स्थापित करने के लिए अगले 5 वर्षों में 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है.

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब बनाया जाएगा. इसके लिए 15 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा. सुंदर पिचाई ने बताया कि उन्होंने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात भी की है. एक खास प्लान के साथ आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बड़ा डेटा सेंटर और AI हब बनेगा.

सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसको लेकर एक पोस्ट भी शेयर की है. उन्होंने लिखा, ”भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने का शानदार अनुभव रहा. हमने विशाखापट्टतम में बनने वाले गूगल के पहले AI हब का प्लान शेयर किया. यह एक ऐतिहासिक कदम होगा. इस हब में गीगावॉट स्तर की कंम्यूटिंग क्षमता, एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा.”

 
 
 
Diwali 2025 : धनतेरस और दिवाली पर खरीदें कौड़ी, खुद चलकर आएंगी मां लक्ष्मी

Diwali 2025 : धनतेरस और दिवाली पर खरीदें कौड़ी, खुद चलकर आएंगी मां लक्ष्मी

 Diwali 2025 : दिवाली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से धन, वैभव और सौभाग्य प्राप्त होता है। दिवाली पर कौड़ी खरीदना  बेहद खास माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, कौड़ी धन की देवी लक्ष्मी का प्रतीक है और इसे उचित स्थान पर रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक उन्नति बनी रहती है। दिवाली और धनतेरस पर कौड़ी खरीदना न समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

कौड़ी का धार्मिक महत्व

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए ज्योतिषाचार्यों द्वारा कई तरह के उपायों के बारे में बताया गया है। इस दिन मां लक्ष्मी को कौड़ी अर्पित करने का विशेष है। अगर व्यक्ति अपनी कोई मनोकामना पूरी करना चाहता है, तो दीवाली पूजा के दिन कौड़ी को हाथ में लेकर इच्छा व्यक्त करें और मां लक्ष्मी को अर्पित करें।

तिजोरी में रखें कौड़ी, मिलेगा धन लाभ

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, दिवाली की रात खरीदी गई कौड़ी को तिजोरी या धन के स्थान पर रखना अत्यंत शुभ होता है। माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। कौड़ी को धन का प्रतीक माना गया है।

पूजा घर में इस में रखें कौड़ी

दिवाली की कौड़ी को पूजाघर में उत्तर-पूर्व दिशा में रखना भी बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे लाल कपड़े में लपेटकर रखें, क्योंकि लाल रंग मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। ऐसा करने से उनकी कृपा बनी रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

तुलसी जी के पास रखें कौड़ी

कौड़ी को तुलसी के पौधे के पास रखने से परिवार में कलह और नेगेटिविटी खत्म होती है। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियों से भी मुक्ति मिलती है।

EPFO का बड़ा ऐलान: PF से पूरी रकम निकालने की मिली मंजूरी, पिछले पुराने नियम हुए खत्म

EPFO का बड़ा ऐलान: PF से पूरी रकम निकालने की मिली मंजूरी, पिछले पुराने नियम हुए खत्म

अब कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) अकाउंट से पूरी राशि निकालना और भी आसान हो गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोमवार को केंद्रीय बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में इस संबंध में बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनसे नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF फंड तक पहुंच पहले से कहीं अधिक सरल हो जाएगी।

श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के माध्यम से इस फैसले की जानकारी साझा की और प्रेस रिलीज भी जारी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में EPF सदस्यों के लिए जीवन को आसान बनाने और नियोक्ताओं के लिए कारोबार सुगम बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

सरल नियम और पार्शियल विड्रॉल: पुराने 13 कठिन नियमों को समाप्त कर अब केवल तीन कैटेगरी में पार्शियल विड्रॉल की अनुमति दी गई है। इसमें बीमारी, शिक्षा, शादी, हाउसिंग और विशेष परिस्थितियों से जुड़े खर्च शामिल हैं। अब सदस्य अपने PF खाते में उपलब्ध पूरी राशि निकाल सकते हैं।

शादी और शिक्षा के लिए निकासी: पहले शिक्षा और शादी के लिए केवल 3 बार निकासी की अनुमति थी, लेकिन अब शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार निकासी की जा सकती है।

न्यूनतम सेवा अवधि में बदलाव: मिनिमम सर्विस पीरियड को घटाकर 12 महीने कर दिया गया है। पहले यह अवधि अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग थी।

विशेष परिस्थितियों में आसान निकासी: प्राकृतिक आपदा, बेरोजगारी या महामारी जैसी परिस्थितियों में अब कारण बताए बिना ही निकासी की सुविधा मिलेगी।

मिनिमम बैलेंस की सीमा: सदस्यों के खाते में हमेशा 25% राशि मिनिमम बैलेंस के तौर पर रहेगी। इससे उन्हें 8.25% ब्याज और कंपाउंड इंटरेस्ट का लाभ मिलता रहेगा, जो रिटायरमेंट के लिए अच्छा फंड तैयार करेगा।

ऑटो सेटलमेंट सिस्टम: नए नियमों के तहत दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। निकासी पूरी तरह ऑटोमैटिक होगी, जिससे क्लेम्स का निपटारा तेज़ होगा। फाइनल सेटलमेंट की अवधि को 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने और पेंशन निकासी की अवधि को 2 महीने से 36 महीने कर दिया गया है।

PM Kisan 21st Installment : किसानों के खाते में कब आएगी पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त ? इन किसानों को नहीं मिलेगी राशि

PM Kisan 21st Installment : किसानों के खाते में कब आएगी पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त ? इन किसानों को नहीं मिलेगी राशि

  नई दिल्ली।  देश के करोड़ों किसानों को दिवाली से पहले किसानों को खुशखबरी मिल सकती है .प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त (PM Kisan Samman Nidhi Yojana 21st Installment)का इंतजार अब खत्म होने वाला है. पिछले साल ये राशि अक्टूबर के पहले हफ्ते में भेजी गई थी, लेकिन इस बार अब तक सिर्फ कुछ राज्यों के किसानों को ही किस्त मिली है.

ऐसे में बाकी किसान ये जानना चाहते हैं कि उनके खाते में पीएम किसान की 21वीं किस्त (PM Kisan 21st Installment) के 2000 रुपये की राशि आखिर कब आएगी. चलिए जानते हैं किसान योजना की अगली किस्तसे जुड़ी लेटेस्ट अपडेट क्या है…

कुछ राज्यों के किसानों को 2000 की किस्त जारी

सरकार की तरफ से इस बार पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 27 लाख किसानों के खाते में 2000 रुपये की राशि पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी है. इन इलाकों में हाल ही में आई बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ था, इसलिए केंद्र ने राहत के तौर पर किस्त एडवांस भेज दी. अब बाकी राज्यों के किसान उम्मीद कर रहे हैं कि दिवाली से पहले उनके खाते में भी पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त (PM Kisan Yojana 21st Installment) का पैसा आ जाए.

कब आ सकती है PM Kisan की 21वीं किस्त?

बता दें कि 2023 में सरकार ने 15 नवंबर को किस्त जारी की थी, जबकि 2024 में 18वीं किस्त 5 अक्टूबर को भेजी गई थी. इस बार भी उम्मीद है कि सरकार 20 अक्टूबर 2025 तक 21वीं किस्त जारी कर सकती है. हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक तारीख नहीं आई है, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ,दिवाली से पहले किसानों के खाते में 2000 की किस्त आने की पूरी संभावना है.

इन किसानों के खाते में नहीं आएंगे अगली किस्त के पैसे

अगर आपने पीएम किसान योजना में अब तक e-KYC नहीं करवाई है, तो आपकी किस्त अटक सकती है. सरकार ने साफ कहा है कि बिना e-KYC कोई भुगतान नहीं किया जाएगा.इसके अलावा अगर बैंक अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, आईएफएससी कोड गलत है, या अकाउंट बंद हो गया है, तो भी पैसा ट्रांसफर नहीं होगा. बहुत से किसानों की किस्त इसलिए भी रुक जाती है क्योंकि उन्होंने आवेदन करते समय गलत जानकारी या डॉक्यूमेंट जमा किए होते हैं. इसलिए एक बार अपनी बैंक डिटेल और आधार लिंकिंग जरूर चेक कर लें.

PM Kisan Beneficiary List में नाम कैसे चेक करें?

कई बार किसान लिस्ट से बाहर हो जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता. अगर आप ये जानना चाहते हैं कि आपका नाम अभी भी लाभार्थी सूची (Beneficiary List) में है या नहीं, तो यह काम घर बैठे आसानी से कर सकते हैं.

सबसे पहले pmkisan.gov.inवेबसाइट पर जाएं.

होमपेज पर ‘Kisan Corner’ सेक्शन में जाएं.
अब ‘Beneficiary List’ पर क्लिक करें.
इसके बाद अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव सेलेक्ट करें.
अंत में ‘रिपोर्ट प्राप्त करें’ पर क्लिक करें.
अगर आपकी डिटेल सही है और नाम लिस्ट में दिख रहा है, तो समझिए कि किस्त जल्द ही आपके खाते में ट्रांसफर हो जाएगी.

किसानों के लिए जरूरी बात
सरकार की तरफ से 21वीं किस्त की आधिकारिक तारीख भले अभी घोषित न हुई हो, लेकिन उम्मीद है कि दिवाली से पहले किसानों के खाते में 2000 रुपये की राशि पहुंच सकती है. इससे पहले जो किसान अभी तक e-KYC नहीं कर पाए हैं, वे इसे जल्द पूरा कर लें. बैंक अकाउंट और आधार नंबर की डिटेल्स को एक बार फिर से चेक कर लें ताकि कोई गलती न रह जाए. इससे आपकी किस्त बिना देरी के सीधे आपके खाते में पहुंच सके.

राजधानी में गुंडे बदमाशों का आतंक, देर रात साइंस कॉलेज हॉस्टल में घुसकर छात्रों से की मारपीट, मचा बवाल

राजधानी में गुंडे बदमाशों का आतंक, देर रात साइंस कॉलेज हॉस्टल में घुसकर छात्रों से की मारपीट, मचा बवाल

 रायपुर। राजधानी रायपुर में बदमाश बेलगाम हो गए है। आए दिन लूटपाट- मारपीट, चोरी, हत्या जैसे कई मामले सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में एक बार राजधानी में गुंडे बदमाश और असामाजिक तत्वों का आतंक देखने को मिला।

दरअसल, देर रात साइंस कॉलेज हॉस्टल में कुछ बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। करीब आधा दर्जन बदमाश हथियार, लाठी-डंडे और बेल्ट लेकर हॉस्टल में घुस गए और वहां रह रहे छात्रों पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई।

 इसके बाद आक्रोशित छात्रों ने सरस्वती नगर थाने का घेराव किया और बदमाशों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्रों की शिकायत के बाद सरस्वती नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

Income Tax Raids : आयकर विभाग की कार्रवाई, दिलीप बिल्डकॉन के ठिकानों पर छापेमारी, टैक्स चोरी के आरोप

Income Tax Raids : आयकर विभाग की कार्रवाई, दिलीप बिल्डकॉन के ठिकानों पर छापेमारी, टैक्स चोरी के आरोप

  राजधानी भोपाल में आयकर विभाग ने दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के विभिन्न ठिकानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस छापेमारी में कोलार क्षेत्र (भोपाल) और इंदौर के पीथमपुर समेत कुल पांच प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया। कार्रवाई कथित तौर पर आयकर चोरी और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़ी है और जांच अभी जारी है।

सूत्रों के अनुसार आयकर टीमों ने कंपनी के ऑफिस, आवासीय संपत्तियों और अन्य व्यवसायिक स्थलों पर दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच की। कोलार में कंपनी के एक मुख्य यूनिट पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि पीथमपुर में औद्योगिक इकाई को भी टारगेट बनाया गया। अन्य तीन स्थानों में भोपाल के एमपी नगर और इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र शामिल हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी

दिलीप बिल्डकॉन, जो प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी है और भोपाल में इसका मुख्यालय स्थित है, के खिलाफ अब तक कई दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं। आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और जांच के अगले चरण में और विवरण सामने आने की संभावना है।

Breaking : चुनाव आयोग ने 71-नुआपाड़ा विधानसभा के लिए उपचुनाव की घोषणा की, देखें कब होगा मतदान

Breaking : चुनाव आयोग ने 71-नुआपाड़ा विधानसभा के लिए उपचुनाव की घोषणा की, देखें कब होगा मतदान

 Breaking : भारत निर्वाचन आयोग ने 71-नुआपाड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।

Bihar Assembly Elections 2025 : दूसरे चरण के लिए अधिसूचना जारी, 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू

Bihar Assembly Elections 2025 : दूसरे चरण के लिए अधिसूचना जारी, 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू

 Bihar Assembly Elections 2025 : चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। वही नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है।

 
Bihar Assembly Elections 2025 : दूसरे चरण के लिए अधिसूचना जारी, 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू
CG : सुहाग की सलामती के लिए करवा चौथ का व्रत रखकर पति का इंतजार कर रही थी पत्नी, दूसरे दिन मिली लाश

CG : सुहाग की सलामती के लिए करवा चौथ का व्रत रखकर पति का इंतजार कर रही थी पत्नी, दूसरे दिन मिली लाश

 दुर्ग।  छत्तीसगढ़ में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ते ही जा रहा है। यहां आए दिन चोरी, लूट, मारपीट, हत्या जैसी कई गंभीर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस की सख्ती के बाद भी अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। दुर्ग जिले से दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है। इधर पत्नी ने सुहाग की सलामती के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। रात भर पति का इंतजार करती रही लेकिन अगले दिन पति की लाश मिली। किसी ने पत्थर से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी।

मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहलई क्षेत्र का है। मृतक की पहचान शिवपारा दुर्ग निवासी अनिल यादव (35) के रूप में हुई है। अनिल यादव ई-रिक्शा चलाने का काम करता था। साथ ही पुताई का भी काम करता था। अनिल यादव की दो बेटियां हैं। आज सुबह बिजली ऑफिस के सामने अनिल यादव का शव संदिग्ध हालत में मिला। अनिल यादव का शव खून से लथपथ था।

जानकारी के मुताबिक़, शुक्रवार रात अनिल यादव घर से निकला था। लेकिन वापस घर नहीं लौटा। अनिल यादव की पत्नी ने करवा चौथ का व्रत रखा हुआ था। वह व्रत खोलने के लिए पति का इंतज़ार कर रही थी। लेकिन अनिल यादव घर नहीं आया।

 
 
 
Cash Amount in house: घर में कितना कैश रखना कानूनी, जान लें इनकम टैक्स का नियम

Cash Amount in house: घर में कितना कैश रखना कानूनी, जान लें इनकम टैक्स का नियम

 आज के दौर में भले ही हर चीज़ डिजिटल हो रही हो - खरीदारी से लेकर बिल पेमेंट तक और ट्रांसफर से लेकर टैक्स भरने तक हर काम स्मार्टफोन की एक क्लिक से हो रहा है - लेकिन भारतीय समाज में नकद लेन-देन का चलन अब भी बरकरार है। कई लोग आज भी बैंकिंग से ज़्यादा भरोसा घर में रखे कैश पर करते हैं। पर क्या ये ठीक है? अक्सर जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड या छापेमारी की खबरें आती हैं, तो एक आम नागरिक के मन में ये सवाल उठता है- घर में कितना कैश रखना कानूनन सही है? क्या कोई सीमा तय है? और अगर ज़्यादा कैश हो तो क्या ये जुर्म माना जाएगा? आइए जानते हैं इसका पूरा सच।

क्या घर में कैश रखने की कोई सीमा है?
सबसे पहले स्पष्ट कर दें कि भारत में घर में नकदी रखने की कोई सीधी कानूनी सीमा तय नहीं है। चाहे आप ₹10,000 रखें या ₹10 लाख - अगर वह पैसा आपकी कानूनी और घोषित आय से जुड़ा हुआ है, तो किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी। इनकम टैक्स विभाग की नज़र केवल इस बात पर होती है कि आप उस रकम का स्रोत साबित कर सकते हैं या नहीं। अगर आप दिखा सकते हैं कि यह पैसा आपकी नौकरी, व्यवसाय, प्रॉपर्टी बिक्री, गिफ्ट, या किसी अन्य वैध ट्रांजैक्शन से आया है, तो आप चाहे जितनी नकदी घर में रखें - कोई रोक नहीं।

असली मुसीबत कहां होती है?
अगर इनकम टैक्स विभाग छापेमारी करता है और आपके पास बड़ी मात्रा में नकदी मिलती है, लेकिन आप उसका स्रोत नहीं बता पाते—तो यह मामला अघोषित आय (Unaccounted Money) में बदल सकता है। ऐसे मामलों में विभाग आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, जुर्माना लगा सकता है या टैक्स रिकवरी शुरू कर सकता है। यानी बात कैश रखने की नहीं, बल्कि उसके "सोर्स" की होती है।

किन दस्तावेजों से साबित कर सकते हैं कैश का स्रोत?
अगर आप अपने पास रखी नकदी का हिसाब देना चाहते हैं, तो आपके पास ये डॉक्यूमेंट होना जरूरी है:
वेतन स्लिप या बैंक स्टेटमेंट
बिजनेस इनकम से संबंधित बिल या रसीदें
प्रॉपर्टी डील के पेपर
गिफ्ट डीड (अगर गिफ्ट के तौर पर पैसा मिला हो)
टैक्स रिटर्न में घोषित आय के साक्ष्य

टैक्स नियमों का उल्लंघन = सख्त कार्रवाई
अगर विभाग को शक होता है कि पैसा ब्लैक मनी है, तो 70% से 137% तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, अगर मनी लॉन्ड्रिंग का शक होता है, तो मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत भी दर्ज हो सकता है।

बड़ा खुलासा: MP में जहरीला कफ सिरप पीने से 150 से ज्यादा बच्चों की मौत, कांग्रेस का सनसनीखेज दावा

बड़ा खुलासा: MP में जहरीला कफ सिरप पीने से 150 से ज्यादा बच्चों की मौत, कांग्रेस का सनसनीखेज दावा

 मध्य प्रदेश में बच्चों की रहस्यमयी मौतों को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। जहरीले कफ सिरप से जुड़ा यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। राज्य के कई जिलों में बच्चों की असामान्य मौतों ने जहां परिजनों के आंसू नहीं थमने दिए हैं, वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर एमपी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ छिंदवाड़ा और उससे लगे आदिवासी इलाकों में पिछले तीन महीनों में 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही करीब 500 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं।

पटवारी ने इन मौतों के पीछे नकली या जहरीली दवाओं के इस्तेमाल की आशंका जताई है और इसे सरकारी लापरवाही का भयावह उदाहरण बताया। उन्होंने प्रदेश सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए मांग की कि पूरे प्रकरण की SIT से जांच कराई जाए।

कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल:
जीतू पटवारी ने कहा कि जिन इलाकों में ये मौतें हुई हैं, वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही चरमराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से न तो समय पर इलाज उपलब्ध कराया गया और न ही जहरीले कफ सिरप की सप्लाई की रोकथाम के लिए कोई कदम उठाया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि जब बच्चों की मौत की खबरें लगातार सामने आ रही थीं, तब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने क्या एक्शन प्लान तैयार किया? उन्होंने इस पूरे मामले को स्वास्थ्य महकमे की "आपराधिक लापरवाही" करार दिया।SIT जांच की मांग क्यों?
कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि मौतों की वजहों को छिपाया जा रहा है। मौत के सही आंकड़े सामने नहीं आ रहे हैं और सरकारी तंत्र लीपापोती में लगा हुआ है। पटवारी ने स्पष्ट कहा कि "अगर सरकार को सच से डर नहीं है, तो तुरंत SIT का गठन करे और दूध का दूध, पानी का पानी करे।"

Diwali 2025: दिवाली से पहले घर में लगाएं यह 5 पौधे, माता लक्ष्मी की होगी अटूट कृपा

Diwali 2025: दिवाली से पहले घर में लगाएं यह 5 पौधे, माता लक्ष्मी की होगी अटूट कृपा

हर साल कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है और घर-आंगन दीपों की रोशनी से जगमगा उठता है। माना जाता है कि दीपोत्सव से पहले घर में कुछ विशेष पौधे लगाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानें, दिवाली से पहले कौन-से पौधे लगाने से धन, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

दिवाली से पहले घर में लगाए जाने वाले शुभ पौधे

1. सफेद पलाश (White Palash)

सफेद पलाश को रोग मुक्ति और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे घर या पूजा स्थल पर लगाने से समृद्धि, संपत्ति और वैभव बढ़ता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और वास्तु दोष कम करता है। साथ ही, परिवार के सदस्यों की सेहत में सुधार भी होता है।

2. क्रसुला प्लांट (Crassula Plant)

क्रसुला प्लांट को घर और ऑफिस दोनों में सौभाग्य और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। इसे रखने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और धन-संपत्ति बढ़ती है।

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3. मनी प्लांट (Money Plant)

मनी प्लांट घर और कार्यस्थल में धन, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा लाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसे लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

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4. स्नेक प्लांट (Snake Plant)

स्नेक प्लांट नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में शांति और संतुलन बनाए रखता है। इसे घर के मुख्य द्वार पर लगाना शुभ माना जाता है। यह पौधा धन आकर्षित करता है और नौकरी या व्यवसाय में तरक्की लाता है।

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5. तुलसी पौधा (Tulsi Plant)

तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। घर में तुलसी का पौधा लगाने से धार्मिक, स्वास्थ्य और वास्तु दृष्टि से लाभ मिलता है।

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ना SBI, ना ICICI… इस बैंक में मिल रहा FD पर जबरदस्त रिटर्न, आप भी जानिए ऑफर

ना SBI, ना ICICI… इस बैंक में मिल रहा FD पर जबरदस्त रिटर्न, आप भी जानिए ऑफर

जहाँ एक तरफ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद बड़े सार्वजनिक और निजी बैंकों ने ब्याज दरें घटा दी हैं, वहीं एक स्मॉल फाइनेंस बैंक बचत खाताधारकों को सबसे आकर्षक ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने बचत खाताधारकों को ₹1 लाख तक की सभी जमा राशियों पर सीधे 5.5% की दर से ब्याज दे रहा है।

क्यों अनोखा है यह ऑफर?
आमतौर पर, SBI, HDFC और ICICI बैंक जैसे बड़े बैंक ₹1 लाख तक की छोटी जमा राशि पर केवल 2.5% से 3% तक ही ब्याज देते हैं। इस मुकाबले में स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक की 5.5% की दरें ग्राहकों के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
➤ ब्याज दर: 5.5% प्रति वर्ष (₹1 लाख तक की जमा राशि पर)।
➤ अन्य बड़े बैंक: SBI, HDFC और ICICI बैंक जैसे बैंक इसी राशि पर 2.5% ब्याज देते हैं।

बैंक क्यों दे रहा है इतना ज्यादा ब्याज?
स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक का दावा है कि उसकी ब्याज दर सीधे RBI की रेपो दर से 100% जुड़ी हुई है। वर्तमान में रेपो दर 5.5% है, जिसे बैंक ने बरकरार रखा है। बैंक के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक, राजन बजाज के अनुसार, बैंक ज्यादा ब्याज इसलिए दे पाता है क्योंकि वह अपनी कमाई उधार देकर करता है और पैसा जोखिम-मुक्त लागत पर रखता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह हुनर वैश्विक बैंकों से सीखा है और इसे भारत में लागू कर रहे हैं। यानी, बेहतर उधार देने की रणनीति के कारण यह बैंक बचतकर्ताओं को बेहतर रिटर्न दे पा रहा है।

विभिन्न बैंकों के बचत खातों पर ब्याज दरें (₹1 लाख तक)
जहाँ छोटी जमा राशियों पर स्लाइस बैंक आगे है, वहीं ₹1 लाख से अधिक की जमा राशि पर यह बैंक सबसे अधिक ब्याज दर नहीं देता है। कुछ अन्य बैंक ₹1 लाख से अधिक पर 8% तक ब्याज देते हैं।

बैंक का नाम बचत खाते पर ब्याज दर
स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक    5.50% (सबसे ज्यादा)
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड    3.25%
कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड    3.25%
ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड    3.00%
आरबीएल बैंक लिमिटेड    3.00%
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड    2.75%
एसबीएम बैंक (इंडिया) लिमिटेड    2.75%
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड    2.75%
बंधन बैंक लिमिटेड    2.70%
एक्सिस बैंक लिमिटेड    2.50%
यस बैंक लिमिटेड    2.50%
एसबीआई (SBI)    2.50%
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)    2.50%
आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)    2.50%