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बड़ा हादसा : अस्पताल में लगी आग, 11 नवजात बच्चों की हुई दर्दनाक मौत..

बड़ा हादसा : अस्पताल में लगी आग, 11 नवजात बच्चों की हुई दर्दनाक मौत..

सेनेगल : सेनेगल के टिवाउने शहर में आग की बड़ी घटना सामने आई है। यहां एक अस्पताल में आग लगने से 11 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। देश के राष्ट्रपति ने इस दुखद घटना की जानकारी दी है।


जिस अस्पताल में आग लगी उसका हाल ही में उद्घाटन किया गया था। अस्पताल में आग लगने की वजह से 11 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। पिछले महीने भी एक अस्पताल में आग लगने से कई बच्चे मारे गए थे।


अफ्रीकी देश सेनेगल में एक हृदय विदारक घटना घट गई, जब एक अस्पताल में आग लगने की वजह से 11 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। इस घटना के बारे में सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी सैल ने बीती देर रात बताया कि पश्चिमी सेनेगल के शहर तिवाउने में एक अस्पताल में आग लगने से 11 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। पश्चिमी अफ्रीकी देश में स्वास्थ्य प्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।


सेनेगल में आधी रात से ठीक पहले, राष्ट्रपति मैकी सैल ने ट्विटर पर घोषणा की कि आग में 11 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, मुझे अभी हाल ही में सार्वजनिक अस्पताल के नवजात विभाग में आग लगने से 11 नवजात शिशुओं की मौत के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने आगे कहा, नवजातों की माताओं और उनके परिवारों के लिए, मैं अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त करता हूं।
सेनेगल के नेता ष्ठद्बशश्च स्4 के अनुसार, आग लगने की यह त्रासदी तिवाउने के ट्रांसपोर्ट हब में मामे अब्दु अजीज सी दबाख अस्पताल में हो गई और यह शॉर्ट सर्किट के कारण हुई थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगी आग बहुत तेजी से फैल गई।
शहर के मेयर डेम्बा डीओप ने कहा कि अस्पताल में आग लगने की घटना में तीन शिशुओं को बचा लिया गया। मामे अब्दु अजीज सई दबाख अस्पताल का हाल ही में उद्घाटन किया गया था।


इसी तरह की एक घटना पिछले महीने अप्रैल के अंत में उत्तरी शहर लिंगुरे में भी हुई थी, जब एक अस्पताल में आग लग गई थी और उस घटना में चार नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। उस शहर के मेयर ने प्रसूति वार्ड में एक एयर कंडीशनिंग इकाई में बिजली की खराबी का हवाला दिया था।


सिजेरियन सेक्शन के लिए व्यर्थ की प्रतीक्षा करने वाली एक गर्भवती महिला की मौत की खबर से देश को हिला देने घटना के करीब एक महीने बाद बुधवार को यह नई घटना घट गई।
 

एक बार फिर विस्फोटों से दहला काबुल और उत्तरी अफगानिस्तान, 16 लोगों की मौत...

एक बार फिर विस्फोटों से दहला काबुल और उत्तरी अफगानिस्तान, 16 लोगों की मौत...

काबुल : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर बम विस्फोटों से दहल उठा। काबुल के एक मस्जिद और उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ में तीन मिनी बसों में विस्फोट में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। काबुल के कमांडर के एक प्रवक्ता ने कहा कि काबुल में एक मस्जिद पर हुए विस्फोट में कम से कम दो लोग घायल हो गए। रॉयटर्स ने इमरजेंसी हॉस्पिटल ने एक ट्वीट का हवाला देते हुए कहा कि उसे विस्फोट में पांच शव मिले और एक दर्जन से अधिक घायल मरीज मिले हैं।

मस्जिद के पुलाव के अंदर विस्फोटक रखे गए थे और कम से कम 11 लोग मारे गए हैं।
मजार-ए-शरीफ में तीन विस्फोटों में कम से कम नौ लोग मारे गए और 15 घायल हो गए। बल्ख प्रांत के कमांडर के प्रवक्ता मोहम्मद आसिफ वजेरी ने रायटर को बताया, हमलों में शिया समुदाय को टारगेट किया गया है जोकि अफगानिस्तान में एक धार्मिक अल्पसंख्यक हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है।


बल्ख प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता आसिफ वजीरी ने बताया, बम शहर के अलग-अलग जिलों की तीन मिनी बसों में रखे गए थे। उन्होंने कहा कि 15 अन्य लोग घायल हो गए। 29 अप्रैल को, काबुल में एक सुन्नी मस्जिद में एक हमले में कम से कम 10 लोग मारे गए थे। यह हमला सूफी समुदाय को टारगेट करके किए गए थे।
 

वायुसेना के अधिकारी और उनकी पत्नी का मिला शव, मामले की जांच में जुटी पुलिस...

वायुसेना के अधिकारी और उनकी पत्नी का मिला शव, मामले की जांच में जुटी पुलिस...

लुधियाना : चंडीगढ़ के जमालपुर इलाके में जीटीबी नगर में रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी और उनकी पत्नी का शव पाया गया। बुजुर्ग दंपती के शव की सूचना पुलिस को मिली। इससे पहले 4 मई को लुधियाना के बीआरएस नगर में भी एक बुजुर्ग दंपती का शव पाया गया था। इस मामले में पुलिस ने यूके के एक नागरिक को गिरफ्तार किया था जो कि दंपती के बेटे का साला था। मृतकों की पहचान भूपिंदर सिंह और सुस्पिंदर कौर के रूप में हुई है। भूपिंदर सिंह का शव किचेन के पास पड़ा था जबकि उनकी पत्नी बेड पर मृत पाई गईं। प्रथम दृष्ट्या उनकी हत्या गला दबाकर की गई। पहली मंजिल का दरवाजा खुला था और कबर्ड का सामान बिखरा पड़ा था। उनका बेटा हरमीत सिंह ग्राउंड फ्लोर पर रहता था। सुबह लगभग 7 बजे उसी ने लोगों को घटना की जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग दंपती के बेटे ने ही घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि उसे कुछ बड़े सबूत मिल गए हैं और जल्दी ही हत्या की गुत्थी सुलझ जाएगी। घर के बाहर क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरे लगे थे जिसका डीवीआर भूपिंदर के कमरे में था। डीवीआर भी गायब था। जांच को गुमराह करने के लिए पीडि़तों को कपड़े भी फाड़ दिए गए थे।

इस मामले में जो चार संदिग्ध हैं उनकी रिकॉर्डिंग कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरे में हो गई थी। इसमें पता चला है कि लगभग 20 साल के एक युवक जो कि क्लीन शेव में था, डीवीआर लेकर जा रहा था। दूसरे वीडियों में तीन अन्य लोग चेहरे पर नकाब लगाकर भाग रहे थे। पुलिस इस मामले में दंपती के बेटे और बहू से भी पूछताछ कर रही है।
 

पुजारी के बेटे की गोलीमार कर हत्या...

पुजारी के बेटे की गोलीमार कर हत्या...

भुवनेश्वर : ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर के सामने पुरी पुजारी के बेटे की गोली मारकर हत्या। पुरी के एसपी कंवर विशाल सिंह ने कहा- मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया गया है।

प्राथमिक जांच में हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी लग रही है। आगे की जांच जारी है।

 

जोजिला दर्रे पर सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिरी वैन, पिता-पुत्र समेत 9 यात्रियों की मौत...

जोजिला दर्रे पर सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिरी वैन, पिता-पुत्र समेत 9 यात्रियों की मौत...

श्रीनगर : यहां के जोजिला दर्रे पर एक टवेरा गाड़ी 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई है। हादसे में टवेरा में सवार 9 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। यह वाहन कारगिल से सोनमर्ग की तरफ आ रहा था।

जानकारी के अनुसार, एक टवेरा गाड़ी बुधवार की देर रात श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग से फिसल कर 400 फीट नीचे जोजिला में गहरी खाई में गिर गई। सूचना मिलते ही पुलिस, सेना और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए हैं। वाहन कारगिल से श्रीनगर जा रहा था। हादसे का शिकार हुए लोगों की तलाश के लिए पुलिस, सेना और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए हैं।

 

टीवी एक्ट्रेस को आतंकियों ने गोली मारी...

टीवी एक्ट्रेस को आतंकियों ने गोली मारी...

बडग़ाम : कश्मीर के बडग़ाम जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक टीवी एक्ट्रेस और उसके भतीजे को आतंकियों ने गोली मार दी। जब हमला हुआ तब एक्ट्रेस अंबरीन अपने घर के बाहर 10 साल के भतीजे के साथ खड़ी थीं तभी अचानक आए हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। 

अनोखी श्रद्धा : सड़क पर लेट-लेटकर त्यागी महाराज कर रहे बदरीनाथ की यात्रा…

अनोखी श्रद्धा : सड़क पर लेट-लेटकर त्यागी महाराज कर रहे बदरीनाथ की यात्रा…

जोशीमठ : भगवान के लिए जब मन में श्रद्धाभाव हो तो उसके आगे उम्र, थकान या दूरी कोई मायने नहीं रखती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है 75 साल के संत त्यागी महाराज ने। बद्रीनाथ धाम के दर्शन को निकले त्यागी महाराज ने गाड़ी, हवाई जहाज या फिर रेल से अपनी यात्रा नहीं की है। महाराज ने मुरैना से 900 किमी. का अपना ये सफर तपती सड़क पर लेट-लेट कर किया है। फिलहाल वे बद्रीनाथ धाम के दूसरे मुख्य पड़ाव पांडुकेश्वर से आगे निकल गए हैं जिसकी दूरी लगभग 850 किमी. की है। त्यागी महाराज की इस आस्था को जो देख रहा है वो हैरान है और भगवान के दर्शनों के साथ ही उनके भी दर्शन कर रहा है।

इस पूरी यात्रा के दौरान त्यागी महाराज के पूरे शरीर पर जख्म हो गए हैं। सड़क पर अनगिनत बार लेटने के चलते उनके पैरों से लेकर पेट तक सभी जगह घाव हो गए हैं। साथ ही गर्मी के कारण तपती सड़क के चलते उनका शरीर कई जगह से झुलस भी गया है लेकिन वे इस बात की परवाह किए बिना अपनी भक्ती में लीन भगवान के दर्शनों के लिए लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस दौरान उनके चेहरे पर केवल श्रद्धा के भाव हैं, दर्द का कोई भाव उनके चेहरे पर नहीं दिखता है। 

चंबा-धरासू मोटरमार्ग पर दर्दनाक हादसा ,वाहन खाई में गिरा, 6 यात्रियों की मौत...

चंबा-धरासू मोटरमार्ग पर दर्दनाक हादसा ,वाहन खाई में गिरा, 6 यात्रियों की मौत...

नई टिहरी : उत्तराखंड के टिहरी जिले में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटी गाड़ के पास एक बोलेरो गहरी खाई में गिर गई। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। ग्रामीणों ने सड़क हादसे की सूचना प्रशासन को दी। घटना के तुरंत बाद पुलिस टीम रेस्क्यू करने के लिए घटना स्थल पर पहुंच गई है। मृतकों की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। नई टिहरी में सड़कों की हालत की खराब टिहरी की आंतरिक सड़कों की बदहाली को लेकर डीएम इवा श्रीवास्तव को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सड़कों के हालात दुरुस्त करने की मांग की गई है। मंगलवार को डीएम को सौंपे ज्ञापन से अवगत कराया गया है कि नई टिहरी से बौराड़ी तक आंतरिक सड़कों के हालात बदतर हैं।


खासकर नई टिहरी में आईटीआई से पहले एनएच की सड़कों को भारी-भरकम गड्ढे बने हुये हैं। किंडर गार्डटन स्कूल से पहले नगर पालिका के समीप पानी के भराव से तालाब जैसी स्थिति है। जिससे स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर से आगे ढुंगीधार में सड़क के हालात बदत्तर हैं।


छमुण्ड बैंड से जिला अस्पताल की ओर कटने वाली सड़क के हालात भी बदतर हैं। इस तरह नगर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों की बदहाली से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ठोस कार्यवाही करे। ज्ञापन सौंपने वाले भाजपाईयों में अनुसूया प्रसाद नौटियाल, लक्ष्मी रावत, दुर्गेश देवी, लीला मखलोगा, दुर्गा गिरी आदि शामिल रहे।
 

7 साल छोटे युवक के साथ भागने की फिराक में थी फौजी की बीवी, डेढ़ साल के बेटे ने फेल की प्लानिंग...

7 साल छोटे युवक के साथ भागने की फिराक में थी फौजी की बीवी, डेढ़ साल के बेटे ने फेल की प्लानिंग...

अलवर : एक फौजी की पत्नी अपने से सात साल छोटे युवक के प्यार में पड़ गई और उसके साथ भागने की फिराक में थी, मगर उसके डेढ़ साल के0 बेटे ने पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया। मामला राजस्थान के अलवर जिले की बानसूर तहसील के गांव हाजीपुर का है।
महिला के परिजनों ने पुलिस को शिकायत कर बताया था कि 16 मई की रात कुछ लोग घर में घुसे थे। इसके बाद महिला को बंधक बनाया। बदमाश 40 हजार समेत करीब 4 लाख रुपए के जेवरात लूट कर फरार हो गए। इसकी 17 मई को बानसूर थाने में शिकायत दी गई।
अब पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है। एसआई देशराज ने बताया कि महिला उस रात युवक के साथ भागने की फिराक में थी। लेकिन, 16 मई की रात करीब 2 बजे महिला का डेढ़ साल का छोटा बेटा जाग गया। वह रोने लगा तो सास भी जाग गई।


शादीशुदा महिला अपने दो बच्चों को छोड़कर खुद से उम्र में 7 साल छोटे प्रेमी के साथ भागने के चक्कर में थी। महिला का पति फौज में तैनात है। प्रेमी युवक उसके गांव का ही रहने वाला है और वह उसी के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाह रही थी, लेकिन पकड़ी गई। महिला घबरा गई और लूट की झूठी कहानी बना डाली। पुलिस जांच में वह गुमराह करती रही। सख्ती बरतने पर सच उगल दिया। उसने बताया कि घर में लूट करने वाला कोई और नहीं बल्कि महिला का 20 साल का प्रेमी और गांव का ही युवक मनोज था।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार सालभर पहले से गांव के युवक मनोज (20) उर्फ मोनू पुत्र कालूराम यादव से संबंध थे। ये दोनों यहां से भागकर नई जिंदगी जीना चाहते थे। महिला की प्लानिंग थी कि वह दोनों बच्चों को घर पर ही छोड़कर जाती। उसका एक बेटा 8 साल का है। महिला की नौ साल पहले ही शादी हुई थी। पति जम्मू-कश्मीर में सेना में तैनात है।
 

नदी में डूबने से दो युवकों की हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम...

नदी में डूबने से दो युवकों की हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम...

देवरिया : देवरिया जिलें के लार नवीन सिंह ने बताया कि क्षेत्र के रोपन छपरा गांव निवासी आकाश गौंड़(20) और सागर गुप्ता आज दोपहर बाद रतनपुरा गांव के पास गंडक नदी में स्नान करने गये थे।जहां दोनों युवाकों की गहरे पानी में जाने से डूबकर मृत्यु हो गई। इस दौरान दोनों युवकों को आसपास मौजूद लोगों द्वारा बचाने का प्रयास किया गया था।लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका दोनों युवको के शव को स्थानीय मछुआरों द्वारा नदी से निकाला गया।दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। 

सिद्धू को मिली क्लर्क की नौकरी, ऐसे बीतेगा जेल में समय…

सिद्धू को मिली क्लर्क की नौकरी, ऐसे बीतेगा जेल में समय…

पटियाला  : पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू किक्रेटर, कमेंटेटर के बाद अब क्लर्क बन गए हैं। 34 साल पुराने रोड रेज मामले में पटियाला की सेंट्रल जेल में बंद सिद्धू को पटियाला जेल के दफ्तर का क्लरिकल काम सौंपा गया है। जेल में सुरक्षा के लिहाज से सिद्धू के लिए यह फैसला लिया गया है। खास बात यह है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से सिद्धू को एक वर्ष के लिए सश्रम कैद की सजा सुनाई गई है लेकिन जेल विभाग ने उनसे पूरी सजा के दौरान क्लरिकल काम लेने का ही फैसला लिया है।

जेल अधीक्षक मनजीत सिंह टिवाणा ने कहा कि सिद्धू पढ़े-लिखे तो हैं ही और साथ ही जेल में उनकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का कोई खतरा मोल नहीं लिया जा सकता है। इसलिए यह फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के सजा सुनाने के बाद सिद्धू ने 20 मई को पटियाला की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। तब से वह पटियाला जेल की बैरक नंबर 10 में बंद हैं।


पहले माना जा रहा था कि सिद्धू को जेल की फैक्टरी में बिस्कुट या फिर फर्नीचर बनाने का काम दिया जा सकता है लेकिन सिद्धू की सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब जेल में सिद्धू को वहां के दफ्तर का क्लरिकल काम सौंपा गया है। इस काम के लिए सिद्धू को रोजाना अपनी बैरक से जेल दफ्तर आना-जाना नहीं पड़ेगा।

जेल विभाग ने सिद्धू की सुरक्षा के मद्देनजर फैसला लिया है कि दफ्तर की फाइलें सिद्धू के बैरक नंबर 10 में ही पहुंचा दी जाएंगी। जहां वह अपना काम सुविधा के हिसाब से कर सकेंगे। क्लरिकल काम के लिए घंटे तय नहीं किए गए हैं। सिद्धू अपनी सुविधा के अनुसार सुबह नौ से शाम पांच बजे के बीच किसी भी समय दफ्तर की फाइलें देख सकेंगे। इस दौरान सिद्धू जब चाहे आराम और अन्य गतिविधियां भी कर सकते हैं।


जेल अधीक्षक मनजीत सिंह टिवाणा ने बताया कि जेल नियमों के मुताबिक सिद्धू को फिलहाल अकुशल मानते हुए उनका शुरुआत के तीन महीने काम करना प्रशिक्षण के तौर पर माना जाएगा। इसलिए बदले में सिद्धू को तनख्वाह नहीं मिलेगी। तीन माह के बाद जो मेहनताना उस समय का होगा, उसके मुताबिक भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिद्धू जेल प्रशासन को पूरा सहयोग दे रहे हैं। वह जेल नियमों के मुताबिक मिलने वाली दाल-रोटी की जगह जेल की कैंटीन से सब्जी इत्यादि खरीदकर उनका सेवन कर रहे हैं।


सिद्धू को सुबह एक गिलास नारियल पानी या फिर रोजमेरी चाय का कप, नाश्ते में लो फैट दूध का एक कप, एक चम्मच फ्लैक्स सीड्स या चिया सीड्स, पांच-छह बादाम व एक अखरोट, इसके बाद सुबह 11 बजे घिया/ चुकंदर/मौसमी/खीरा या फिर एलोवीरा का एक गिलास जूस देने की सिफारिश की गई है। जूस की जगह अमरूद, कीवी या फिर स्ट्रॉबेरी में से कोई फल भी दिया जा सकता है। लंच में बाजरे, सिंघाडे या फिर रागी के आटे की एक रोटी, सलाद की एक कटोरी और घिया रायता, शाम को कम फैट वाले दूध से बनी चाय, पनीर का एक टुकड़ा। वहीं, रात के भोजन में मिक्स सब्जी और दाल सूप/काला चना सूप और सलाद आदि देने को कहा गया है। सिद्धू को खास तौर से दिन में 10-12 गिलास पानी पीने और रोजाना 30 से 45 मिनट की कसरत करने की हिदायत की गई है। 

दर्दनाक सड़क हादसा : बाइक और बोलेरो की भिड़न्त में युवक की मौत...

दर्दनाक सड़क हादसा : बाइक और बोलेरो की भिड़न्त में युवक की मौत...

जौनपुर : मडिय़ाहूं कोतवाली क्षेत्र के सरौना गांव में बुधवार की भोर बाइक सवार एवं बोलोरो में आमने सामने टक्कर हो जाने से एक युवक की मौत हो गई। जबकि दो महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जिसमें से इलाज के दौरान बाइक पर पीछे बैठी युवती को गंभीर देखते हुए ट्रामा सेंटर वाराणसी चिकित्सकों ने रेफर कर दिया है।

नेवढिय़ा थाना क्षेत्र के पडऱाव निवासी रामबाबू पटेल 24 वर्ष अपनी बाइक पर पड़ोस के रिश्तेदार सुरेश की पुत्री पूजा पटेल 22 वर्ष निवासी रामनगर द्वितीय कूदनापुर मडिय़ाहूं को बैठाकर बुधवार की भोर में घर नेवढिय़ा जा रहा था तभी जमालापुर बाजार की तरफ से तेज रफ्तार बोलोरो बधवां की तरफ जा रही थी तभी बाइक सवार युवक सरौना गांव के शराब ठेके के पास पहुंचे थे कि सामने से अनियंत्रित बोलोरो चालक ने बाइक को टक्कर मार दिया।

टक्कर से बाइक सवार हवा में उछलते हुए दूर सड़क पर जा गिरे और बोलेरो भी अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई।दोनों गाडिय़ों की टक्कर में बोलेरो में सवार दंपति राजकुमार मौर्य 50 वर्ष, संगीता मौर्य 47 वर्ष निवासी रामजी भटहर थाना मीरगंज, आलोक मौर्य 31 वर्ष निवासी जगदीशपुर थाना बरसठी और बाइक पर सवार रामबाबू पटेल 24 वर्ष निवासी पडऱाव थाना नेवढिय़ा पीछे बैठी पूजा पटेल 22 वर्ष रामनगर द्वितीय कुदनापुर मडिय़ाहूं घायल हो गए। आसपास के लोगों ने दुर्घटना पहुंचकर घायलों को उठाकर सड़क के किनारे किया और पुलिस को सूचना दिया।


सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस से मडिय़ाहूं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां पर डाक्टरों ने रामबाबू पटेल की मौत होना बताया। जबकि बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां से पूजा पटेल की गंभीर हालत को देखते हुए ट्रामा सेंटर वाराणसी चिकित्सकों ने रेफर कर दिया है। सूचना पर मृतक रामबाबू के परिजन मडिय़ाहूं अस्पताल पर पहुंचते ही कोहराम मचा हुआ है।
 

पीएम ने ओडिशा के गंजाम जिले में एक भीषण दुर्घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया...

पीएम ने ओडिशा के गंजाम जिले में एक भीषण दुर्घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया...

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा के गंजाम जिले में हुई एक भीषण दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया; मैं ओडिशा के गंजाम जिले में एक भीषण दुर्घटना में लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं। इस दु:खद घड़ी में, मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि जो लोग घायल हुए हैं, वे जल्द स्वस्थ हो जाएं
 

 

चीन ने ताइवान पर हमला किया तो अमरीका सैन्य हस्तक्षेप करेगा : बाइडेन

चीन ने ताइवान पर हमला किया तो अमरीका सैन्य हस्तक्षेप करेगा : बाइडेन

वाशिंगटन : अमरीका के राष्‍ट्रपति जो. बाइडेन ने कहा है कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमरीका सैन्‍य हस्‍तक्षेप करेगा। उन्‍होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ताइवान की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्‍व अधिक महत्‍वपूर्ण हो गया है। दशकों में अमरीका के किसी राष्‍ट्रपति की ओर से यह सर्वाधिक सशक्‍त बयान है।

अमरीका पारम्‍परिक रूप से ताइवान को सीधे सुरक्षा गारंटी मुहैया कराने से बचता रहा है। ताइवान के साथ अमरीका का कोई रक्षा समझौता नहीं है। वर्ष 1979 के ताइवान संबंध अधिनियम के अनुसार अमरीका को चीन के हमला करने की स्थिति में ताइवान की रक्षा के लिए सैन्‍य हस्‍तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हालांकि यह संधि अमरीका को, ताइवान की सुरक्षा के लिए संसाधन सुनिश्चित करने में मदद करने और चीन द्वारा ताइवान की स्थिति में कोई एकतरफा बदलाव करने से रोकने का अधिदेश करती है। 

BIG NEWS : अलगाववादी नेता यासीन मालिक को पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा...

BIG NEWS : अलगाववादी नेता यासीन मालिक को पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा...

नई दिल्ली : यासीन मालिक को पटियाला हाउस कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। NIA कोर्ट पहले यासीन मलिक को दोषी करार दे चुका था। यासीन पर पाकिस्तान के समर्थन से कश्मीर में आतंकी घटनाओं के लिए फंडिंग करने और आतंकियों को तबाही का सामान मुहैया कराने के कई मामले दर्ज थे।

बता दें कि यासीन मलिक को टेरर फंडिंग के मामले में दोषी पाया गया है। मलिक प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का चीफ है। यासीन को सजा सुनाए जाने से पहले ही जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

लिक समर्थकों और पुलिस में हुई झड़प
अलगाववादी नेता यासीन मलिक को दिल्ली की एनआईए कोर्ट में सजा सुनाए जाने से ठीक पहले श्रीनगर के मैसूमा इलाके में यासीन मलिक समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। यासीन के समर्थकों ने सुरक्षाबलों पर पथराव कर दिया। ऐहतियात के तौर पर सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए हैं।

कोर्ट का फैसला आने से पहले जी श्रीनगर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थी। पथराव की घटना के बाद शहर भी बंद हो गया है। लोग विरोध- प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। इससे पहले पुलिस ने यासीन के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। यहां ड्रोन से निगरानी की जा रही है। श्रीनगर के पास मैसूमा में यासीन मलिक का घर है।
 

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 21 लोगों की मौत...

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 21 लोगों की मौत...

रियो डी जनेरियो : ब्राजील के रियो डी जनेरियो में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस के एक अभियान में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए। घटना विला क्रूजेरो में संघीय पुलिस, संघीय राजमार्ग पुलिस और सैन्य पुलिस के एक अभियान के दौरान हुई, जिसका उद्देश्य शहर के सबसे बड़े आपराधिक गुट के प्रमुखों को पकडऩा था। अभियान के दौरान 11 राइफल, चार पिस्टल और एक हथगोला जब्त किया गया, साथ ही बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ, 10 वाहन और स्थानीय मादक पदार्थों के तस्करों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 20 मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं। 

महिला की चमकी किस्मत, मिली यह बेश कीमती वस्तु, कीमत लाखों में...

महिला की चमकी किस्मत, मिली यह बेश कीमती वस्तु, कीमत लाखों में...

पन्ना : पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती ने मंगलवार को एक महिला को मालामाल कर दिया। जिले की कृष्णा कल्याणपुर की उथली खदान से महिला को 2.08 रैकेट वजन का बेशकीमती हीरा मिला है। हीरे की अनुमानित कीमत दस लाख रुपये आंकी गई है। हीरा कार्यालय पन्ना के हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि ग्राम इटवा कला निवासी चमेली रानी पत्नी अरविंद सिंह ने दो सौ रुपये का शुल्क जमा कर कृष्णा कल्याणपुर में 23 फरवरी को खदान स्वीकृत कराई थी।

महज तीन महीने बाद ही चमेलीरानी को बेशकीमती हीरा मिला है, जो जेम क्वालिटी का है। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय में हीरा जमा कर दिया है। इस हीरे की आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। बिक्री से प्राप्त राशि में से शासन की रायल्टी काटने के बाद शेष राशि हीरा धारक को दे दी जाएगी। हीरा पारखी ने बताया कि हीरा जेम क्वालिटी का है, जिसकी अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है।  

दर्दनाक सड़क हादसा : तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आए लोग, 5 की मोत, दो घायल...

दर्दनाक सड़क हादसा : तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आए लोग, 5 की मोत, दो घायल...

मंगलदोई : असम के दर्रांग जिले के सिपाझार में बीती रात एक तेज रफ्तार ट्रक से कुचलकर कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर चारियाली कॉलेज के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक लोगों को कुचलने के बाद ट्रक सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। हादसे के बाद ट्रक चालक और खलासी मौके से फरार हो गए।
अधिकारी ने बताया कि दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुवाहाटी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल रेफर किया गया है।
 

बर्फबारी से केदारनाथ और यमुनोत्री की यात्रा रुकी, यूपी में बारिश से 32 की मौत

बर्फबारी से केदारनाथ और यमुनोत्री की यात्रा रुकी, यूपी में बारिश से 32 की मौत

नई दिल्ली : केदारनाथ में जारी बर्फबारी और पैदल मार्ग पर बारिश के कारण यात्रियों को सुबह दस बजे बाद सोनप्रयाग से आगे नहीं जाने दिया। पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल ने बताया कि सोनप्रयाग से सीतापुर रामपुर, फाटा आदि स्थानों पर करीब आठ से दस हजार यात्री ठहरे हैं जो बुधवार सुबह केदारनाथ रवाना किए जाएंगे। हालांकि दस बजे से पहले सोनप्रयाग से 10,230 यात्री केदारनाथ के लिए रवाना किए गए। उधर, यमुनोत्री मार्ग पर बारिश और चोटियों पर बर्फबारी के कारण यात्रियों को जानकीचट्टी में रोक दिया गया।


केदारघाटी में मौसम खराब होने के कारण यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो गई है। मंगलवार को केदारनाथ में पांच इंच तक बर्फबारी हुई। मौसम खराब होने के कारण हेलीसेवा भी बुरी तरह बाधित हो गई। उधर, बदरीनाथ में भी दिनभर बारिश और चोटियों पर बर्फबारी हुई। हेमकुंड साहिब में तीन इंच तक बर्फ गिरी है। लेकिन यात्रा जारी है। उधर, बड़कोट उप जिलाधिकारी शालिनी नेगी ने बताया कि बर्फबारी और भारी बारिश के कारण नि यमुनोत्री यात्रियों को जानकीचट्टी में रोका गया है, उन्हें मौसम खुलने के बाद आगे भेजा जाएगा।


यूपी में आंधी-बारिश से जनजीवन बेहाल, 32 की मौत

यूपी के कई क्षेत्रों में सोमवार को आई तेज आंधी-बारिश के कारण 32 लोगों की जान चली गई। भीषण गरमी से तप रहे प्रदेश के मौसम में यह जबरदस्त बदलाव पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर पिछले चार-पांच दिन से बने चक्रवातीय हवाओं के क्षेत्र और अफगानिस्तान-पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ तैयार होने से आया। इससे लोगों को प्रचण्ड गरमी से राहत जरूर मिली पर लखनऊ और आसपास के क्षेत्र में 12, बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश में 7, रुहेलखंड में 4, पूर्वी उत्तर-प्रदेश में 6 और अलीगढ़-हाथरस में तीन लोगों की मौत हो गई। तेज आंधी के कारण आम की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है।


लखनऊ मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जोरदार बरसात हुई। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन तक मौसम में इस बदलाव का असर रहेगा। मंगलवार को भी बारिश की संभावना है। तापमान में गिरावट जारी रहेगी। बुधवार से इन सिस्टमों का असर धीरे-धीरे कम होगा। पश्चिमी विक्षोभों का रुख जम्मू एवं कश्मीर की तरफ है। इसका असर उत्तर प्रदेश पर भी है। इस माह के अंत में एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है। मौसम का मिजाज सोमवार सुबह अचानक बदला। देखते-देखते तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश होने लगी।


तेज आंधी-बारिश के कारण सबसे बड़ा हादसा सीतापुर में हुआ। यहां टीन शेड गिरने से बुजुर्ग महिला व दीवार ढहने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। सीतापुर के मानपुर में डाल गिरने से आठ साल के बालक की जान चली गई। गोंडा में भी दो लोगों की मौत हो गई। सुल्तानपुर में पेड़ की डाल गिरने से एक किशोरी और एक वृद्ध महिला की जान चली गई। बाराबंकी में दीवार के ढहने से मलबे में दबकर एक अधेड़ और कोतवाली टिकैतनगर के ग्राम बराइन मजरे जगनगर में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। अमेठी में भी एक महिला की मौत हो गई।
वहीं, चूल्हे की आग भड़कने से सुलतानपुर में पांच घर जलकर राख हो गए। आंधी में गिरे पेड़ को हटाने में देरी से सुलतानपुर-आजमगढ़ मार्ग घंटों बाधित रहा। बाराबंकी व अयोध्या में भी पेड़ गिरने से कई इलाकों में घंटों कई मार्गों पर जाम लगा रहा। आंधी के चलते ही बाराबंकी, अयोध्या, श्रावस्ती, बलरामपुर, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर समेत अन्य जिलों में बिजली सप्लाई पूरी तरह पटरी से उतर गई।


आंधी-पानी के कारण उन्नाव, चित्रकूट, औरैया, इटावा, उरई, झांसी, हरदोई में दो बच्चों समेत सात की जान चली गई। फर्रुखाबाद में गंगा पर पैंटून पुल टूटने से 25 गांवों का संपर्क कट गया। क्षेत्र में हजारों पेड़ और सैकड़ों बिजली के पोल भी गिर गए। वहीं, लखीमपुर खीरी में बिजली गिरने से मौसेरे भाई-बहन व पेड़ के नीचे दबकर एक युवक की मौत हो गई। आकाशीय बिजली ने शाहजहांपुर में भी एक युवक की जान ले ली। बस्ती में आंधी के दौरान गिरे छप्पर के नीचे दबकर बुजुर्ग महिला और देवरिया में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वाराणसी में भी चार लोगों की जान चली गई।
 

भीषण गर्मी की चपेट में उत्तरी भारत...

भीषण गर्मी की चपेट में उत्तरी भारत...

मानव गतिविधियों की वजह से हो रहे ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हो या अन्यथा, फिलहाल मुद्दा यह है कि उत्तरी भारत औसतन 45 डिग्री सेल्सियस के दैनिक तापमान के साथ भीषण गर्मी की चपेट में है।

ऐसा माना जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के वैश्विक पैटर्न में परिवर्तन आएगा और भारत को और अधिक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार ग्रीष्म लहर (लू) उस स्थिति को कहते हैं जब किसी दिन का तापमान लंबे समय के औसत तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री अधिक होता है (या मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक और तटीय क्षेत्रों में 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो)।
उदाहरण के लिए, दिल्ली में 1981 से 2010 के दौरान मई का औसत उच्च तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा करता था लेकिन वर्तमान में 28 अप्रैल से प्रतिदिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस है (औसत अधिकतम तापमान से 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक)। ये महज आंकड़े नहीं हैं बल्कि इनका सम्बंध मानव शरीर, जन स्वास्थ्य और जलवायु संकट के इस दौर में शासन व्यवस्था से जुड़ा है।



इस संदर्भ में वेट-बल्ब तापमान महत्वपूर्ण है। वेट-बल्ब तापमान वह न्यूनतम तापमान है जो कोई वस्तु गर्म वातावरण में हासिल कर सकती है जब साथ-साथ उसे पानी के वाष्पन से ठंडा किया जा रहा हो। जब आसपास का वातावरण गर्म हो और वस्तु की सतह से पानी वाष्पित हो रहा हो तो उनके बीच एक साम्य स्थापित होता है और वस्तु के तापमान में कमी आती है। अपनी त्वचा का उदाहरण लीजिए। किसी गर्म दिन में जब आपकी त्वचा की सतह से पसीना वाष्पीकृत होता है तब आपकी त्वचा कम-से-कम जितने तापमान तक ठंडी हो सकती है उसे वेट-बल्ब तापमान कहा जाता है। यह तापमान सिर्फ साधारण तापमापी से नापा गया तापमान नहीं बल्कि वाष्पन की वजह से आई या आ सकने वाली गिरावट को दर्शाता है।



यहां एक बात ध्यान देने योग्य है। किसी सतह से पानी का वाष्पन सिर्फ तापमान पर निर्भर नहीं करता बल्कि आसपास की हवा में मौजूद नमी की मात्रा पर भी निर्भर करता है। यदि आसपास की हवा बहुत अधिक नम है, तो सतह से पानी का वाष्पन कम होगा और उस वस्तु के तापमान में उतनी कमी नहीं आ पाएगी जितनी शुष्क हवा में आती।

मौसम का अध्ययन करने वाले एक संस्थान मेटियोलॉजिक्स के अनुसार 26 अप्रैल 2022 को सुबह साढ़े आठ बजे दक्षिण दिल्ली का वेट-बल्ब तापमान लगभग 19.5 डिग्री सेल्सियस था जो 29 अप्रैल को बढ़कर 22 डिग्री सेल्सियस हो गया। ये दोनों ही तापमान फिलहाल सुरक्षित सीमा में हैं। लेकिन 32 डिग्री सेल्सियस के वेट-बल्ब तापमान में थोड़ी देर भी बाहर रहना हानिकारक हो सकता है। वेट-बल्ब तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो, तो पर्याप्त पानी पीने और कोई शारीरिक कार्य किए बगैर भी कुछ घंटे बाहर छाया में गुज़ारना तक जानलेवा हो सकता है।



एशिया के मौसम मानचित्र में दिखेगा कि वेट-बल्ब तापमान भूमध्य रेखा की ओर जाने पर काफी तेज़ी से बढ़ता है और साथ ही भारत के पश्चिमी तट की तुलना में पूर्वी तट पर अधिक होता है। यह मुख्य रूप से नमी के कारण होता है। वातावरण में जितनी अधिक नमी होगी, उतना ही कम पसीना वाष्पित हो पाएगा और शरीर भी उतना ही कम ठंडा हो पाएगा। इसलिए किसी क्षेत्र में मात्र हवा का तापमान जानना पर्याप्त नहीं होता बल्कि आर्द्रता और वेट-बल्ब की रीडिंग भी महत्वपूर्ण है।



2020 में कोलंबिया युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दावा किया था कि पृथ्वी की सतह के कई हिस्सों में गर्मी और आर्द्रता के कारण स्थिति जानलेवा बन चुकी है जबकि पहले ऐसा माना जा रहा था कि यह स्थिति सदी के अंत में आएगी। शोधकर्ताओं द्वारा 1979 से 2017 तक एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार पूर्वी तटवर्ती और उत्तर-पश्चिमी भारत पर सबसे अधिक वेट-बल्ब तापमान होने की संभावना है।

ज़्यादा व्यापक स्तर पर देखें तो मध्य अमेरिका, उत्तरी अफ्रीका, मध्य-पूर्व, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी भारत तथा दक्षिण पूर्वी एशिया के कुछ हिस्सों में अधिकतम वेट-बल्ब तापमान 35 डिग्री सेल्सियस की सीमा तक 2010 में ही पहुंच चुका है।

ग्लोबल वार्मिंग से न सिर्फ तापमान में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि समुद्र स्तर में भी वृद्धि हो रही है। इन दोनों समस्याओं के चलते भारत के कई क्षेत्र रहने योग्य नही रह जाएंगे। कब और कौन-से क्षेत्र निर्जन होंगे यह कई कारकों पर निर्भर करता है।



गौरतलब है कि भारत के प्रभावित क्षेत्र में कई ऐसे राज्य शामिल हैं जहां जन स्वास्थ्य व्यवस्था कमज़ोर और अपर्याप्त है, तथा चिकित्सा कर्मियों की कमी है। इन राज्यों की आय भी बहुत कम है और अधिकांश निवासी बाहरी काम करने वाले दिहाड़ी मज़दूर हैं और बहुत कम सुविधाओं के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। इन गर्म हवाओं के दौरान बाहर काम करना उनके लिए काफी जोखिम भरा होगा। इसे विडंबना ही कहेंगे कि जलवायु परिवर्तन में जिस समूह का समसे कम योगदान हैं उसे इसका सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

इस समस्या के समाधान के लिए ‘हीट एक्शन प्लान’ तैयार किया गया है जिसको सबसे पहले 2013 में अहमदाबाद में अपनाया गया था। तब से लेकर अब तक 30-40 शहर इस योजना को अपना चुके हैं जिसमें जागरूकता अभियान, चेतावनी प्रणाली और शीतलन व्यवस्था की स्थापना तथा कमज़ोर वर्गों में गर्मी के जोखिम को कम करने के प्रयास किए गए हैं। देखा जाए तो गर्मी के शहरी टापू जैसे प्रभाव के कारण शहरी क्षेत्रों की गर्म हवाएं और भी घातक हो गई हैं। ये प्रयास सराहनीय हैं लेकिन पर्याप्त नहीं हैं। गर्म हवाओं की बात करते हुए आर्द्रता को शामिल करना अनिवार्य है क्योंकि वह वेट-बल्ब तापमान में वृद्धि करती है।

फिलहाल, आईपीसीसी के अनुसार भारत में वेट-बल्ब तापमान शायद ही 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा है लेकिन इसमें जल्द ही परिवर्तन की संभावना है।