ऑनलाइन डेटिंग के कई ऐसे ऐप मौजूद हैं जहां लोग जीवनसाथी की तलाश में रहते हैं। एक ऐसा दिलचस्प मामला सामने आया है जहां एक कोरोना संक्रमित लड़की टिंडर ऐप पर थी और उसने पाया कि एक लड़का कोरोना पॉजिटिव है और वह भी टिंडर पर है। फिर ऐसा कुछ हुआ कि दोनों ने बात की और दोनों साथ में ही आइसोलेट हो गए।
दरअसल, यह घटना ऑस्ट्रेलिया की है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक लड़की ने इस बारे में खुद ही सोशल मीडिया स्पेस में बताया है। उससे जब रिलेशनशिप और उसके पार्टनर के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि डेटिंग ऐप टिंडर पर उसका पार्टनर मिला था। इसी बीच उन्हें पता चला कि वे दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पहले तो दोनों परेशान हुए और फिर सोचने लगे कि क्या किया जाए।
इसके बाद लड़की ने ही अपने डेटिंग पार्टनर को अपने साथ आइसोलेट होने का ऑफर दिया, पहले तो लड़के को कुछ अजीब लगा लेकिन इसके बाद वह लड़का भी तैयार हो गया। हालांकि लड़की ने हंसते हुए बताया कि वे दोनों एक साथ एक घर में आइसोलेट जरूर हैं, लेकिन वे ऑफिशियल रिश्ते में नहीं आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लड़की का नाम सारा बताया जा रहा है।
लड़की ने सोशल मीडिया स्पेस पर एक वीडियो के जरिए डेटिंग पार्टनर के साथ अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है। उसने कोरोना रिपोर्ट शेयर करते हुए बताया कि वे एक साथ अच्छा वक्त बिता रहे हैं। एक साथ गेम खेल रहे हैं और ढेर सारे कपड़े भी धो रहे हैं। फिलहाल वह अपने कोरोना काल को एन्जॉय कर रही है और काफी खुश है। उसने यह भी बताया कि कोरोना को हल्के में लेने की जरूरत नहीं है।
बिहार में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। मुख्यमंत्री की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वह होम आइसोलेशन पर हैं। सीएमओ की ओर से सोमवार की शाम ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई।
गौरतलब है कि सीएम नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री आवास में भी एक साथ कई लोग संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए बगल में एक दूसरा आवास तैयार किया जा रहा था, जहां पर उनके रहने की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन उसके ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संक्रमित पाए गए हैं।
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार कोरोना जाँच में पॉज़िटिव पाये गए हैं। चिकित्सकों की सलाह पर वह होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने सभी से कोविड अनुकूल सावधानियां बरतने की अपील की है।
— CMO Bihar (@officecmbihar) January 10, 2022
कर्नाटक के हावेली जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां, एक शख्स ने इस वजह से पूरे बैंक में आग लगा दी क्योंकि उसका लोन पास नहीं किया गया। घटना को लेकर पुलिस ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और कागिनेली पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा आईसीपी की धारा 436, 477, 435 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बैंक में आग की फोटो भी सामने आई है जिसमें आप देख भी सकते हैं कि आग की लपटें उठ रही हैं। वही, पुलिस भी राहत व बचाव कार्य में लगी हुई नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि कथित तौर पर बैंक ने लोन का अप्रूवल नहीं दिया था जिसकी वजह से शख्स नाराज हो गया था। बता दें कि इस तरह का यह पहला मामला है। फिलहाल पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर ली है।
पुलिस सूत्रों की माने तो रविवार के दिन बैंक बंद था। आरोपी ने इसी का फायदा उठाकर पूरे बैंक में आग लगा दी। हालांकि, घटना में बैंक का कितना नुकसान हुआ है इस संबंध में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
Karnataka: Upset over rejection of his loan application, a man allegedly set the bank on fire in Haveri district on Sunday
— ANI (@ANI) January 10, 2022
"The accused has been arrested and a case has been registered at Kaginelli police station under Sections 436, 477, 435 of IPC," say police pic.twitter.com/jrlHOYhegS
पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है जिसमें पति अपनी पत्नियों की अदला-बदली करते थे। केरल में इस पूरे रैकेट का खुलासा पुलिस ने एक के बाद एक कई गिरफ्तारियों के बाद किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इसका खुलासा भी बड़े आश्चर्यजनक तरीके से हुआ है। मामले की पोल तब जाकर खुली जब एक पीड़ित महिला ने पुलिस में मामला दर्ज कराया, उसने अपने पति और उसके साथियों की सारी करतूत पुलिस अधिकारियों को बता दी।
दरअसल, यह घटना केरल के कोट्टायम की है। आजतक की एक ऑनलाइन रिपोर्ट के मुताबिक यहां के कारुकाचल में सात लोगों को पत्नियों की अदला-बदली के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें वह आरोपी भी शामिल है जिसकी पत्नी ने पुलिस में शिकायत की थी। पुलिस ने इस पूरे मामले के बारे में बताया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस रैकेट में बकायदा व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाए गए थे और इसमें सैकड़ों लोगों को जोड़ा गया था। इसके बाद इसी ग्रुप में आगे की योजना बनाई जाती थी। इसमें कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं, हैरान करने वाली बात यह भी है कि पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि राज्य के एलीट क्लास के कई लोग इस रैकेट का हिस्सा हैं।
मामले में चांगनचेरी के डिप्टी एसपी आर श्रीकुमार ने बताया कि पहले तो वे इन ग्रुप्स में शामिल होते फिर एक-दूसरे से मिलते थे। हमने शिकायत करने वाली महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया है। इसके पीछे एक बड़ा रैकेट है और हम इस मामले के बाकी आरोपियों की तलाश में हैं। गिरफ्तार किए गए लोग केरल के अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम के रहने वाले हैं।
फिलहाल गिरफ्तार किए गए लोगों के बयान के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है और करीब 25 से अधिक लोग पुलिस की निगरानी में हैं। इन गिरफ्तारियों के बाद ही पुलिस को एक्सचेंज रैकट के बारे में पता चला है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस के अधिकारी हैरान हैं कि कैसे इतना बड़ा रैकेट चल रहा था।
कोरोना वायरस के संक्रमण ने दिल्ली में एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट और डॉक्टरों से लेकर पुलिसकर्मी तक तेजी से इस वायरस की चपेट में आने लगे हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी और एडिशनल कमिश्नर चिन्मय बिस्वाल सहित लगभग 1000 जवान कोविड-19 संक्रमित हो चुके हैं। सभी पॉजिटिव पुलिस कर्मी फिलहाल आइसोलेशन में हैं। दिल्ली पुलिस में 80,000 से ज्यादा कर्मी हैं।
हाल में दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने पुलिस कर्मियों के बीच कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की थी। एसओपी के अनुसार, सभी पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के दौरान फेस मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और उचित तरीके से हाथों को धोना/सैनेटाइज करना चाहिए। इसमें कहा गया है, ''जिन कर्मियों ने चिकित्सा वजहों से कोविड-19 रोधी टीके की खुराक नहीं ली है वे टीकाकरण के लिए फिर से डॉक्टरों की राय ले सकते हैं।
Around 1000 Delhi Police personnel, including Public Relations Officer and Additional Commissioner Chinmoy Biswal have tested positive for COVID19. All infected personnel are under quarantine: Delhi Police
— ANI (@ANI) January 10, 2022
मदुरै : तमिलनाडु में कोरोना के डर से एक मां ने अपने 3 साल के बेटे के साथ जहर पीकर जान दे दी। घटना मदुरै की है। महिला की उम्र 23 साल के करीब बताई जाती है। महिला के परिवार में कोरोना के डर से कुल 5 लोगों ने जहर पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी।
इनमें जान देने वाली महिला का भाई और मां भी शामिल है। तमिलनाडु पुलिस के अनुसार इनमें से 3 लोगों की जान तो बचा ली गई। लेकिन मां-बेटे को नहीं बचाया जा सका। मरने वाली महिला का नाम जोतिका बताया गया है। वह अपने पति से अलग हो चुकी थी। अपनी मां लक्ष्मी के साथ रह रही थी।
जोतिका के पिता नागराज का दिसंबर में निधन हो गया था। इसके बाद से पूरा परिवार आर्थिक दबाव का सामना कर रहा था। बताया जाता है कि जोतिका आठ जनवरी को कोरोना से संक्रमित हुई थी। इसकी जानकारी जब उसने अपनी मां को दी। इससे वे बुरी तरह घबरा गईं। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों ने जहर पी लिया।
पड़ोसियों को अगले दिन इस बारे में पता चला। तब उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत सभी बीमारों को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन जोतिका और उसके बेटे को नहीं बचाया जा सका। पुलिस के मुताबिक इस घटना के बाबत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच चल रही है।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य विभाग ने भी आम लोगों के लिए मशविरा जारी किया है कि वे कोरोना के संक्रमण की वजह से घबराएं नहीं। किसी तरह का अनुचित कदम न उठाएं। इसके बजाय संक्रमण की आशंका होते ही तुरंत डॉक्टर और अस्पताल से संपर्क करें और इलाज कराएं। इसका इलाज संभव है। जल्द मेडिकल मदद लेने वाले लोग जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।
इंदौर, मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर के एक स्पा में चल रहे देह व्यापार के मामले में पकड़ी गईं 10 युवतियों में से तीन कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं. वहीं, एक ग्राहक भी कोरोना संक्रमित है. इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित एक स्पा में पुलिस की क्राइम ब्रांच और महिला शाखा ने छापा मारकर 10 युवतियों और आठ युवकों को गिरफ्तार किया था. पकड़ी गईं युवतियों में 8 युवतियां थाईलैंड निवासी थी जो यहां देह व्यापार के लिए लाई गई थी. इन 18 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो तीन युवतियां और एक ग्राहक कोरोना पॉजिटिव पाया गया.
ज्ञात हो कि जिन आठ युवकों को इस स्पा से पकड़ा गया था, उनमें तीन का नाता कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी से सामने आया है. इस सेक्स कांड में पकड़े गए आरोपियों में से एक युवक की शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्री के साथ तस्वीर भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.
सूत्रों का कहना है कि थाईलैंड निवासी जिन युवतियों को पकड़ा गया है, उनमें से चार ऐसी हैं, जिन्होंने अपना जेंडर चेंज कराया था. इस बात का खुलासा उनके पास से मिले पासपोर्ट से हुआ है, क्योंकि पासपोर्ट में उनका जेंडर पुरुष दर्ज है. इन दिनों कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आहट तेजी से सुनाई दे रही है और राज्य में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज इंदौर में पाए जा रहे हैं.
जयपुर, कोरोना संक्रमण के चलते बिगड़ते हालात को देखते हुए कई राज्यों में वीकेंड लॉकडाउन लगा दिया गया है। हालांकि सरकार हर तरह से संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इसी बीच खबर आ रही है कि राजस्थान सरकार ने संक्रमण की स्थिति को देखते हुए नई कोरोना गाइडलाइन जारी की है।
जारी निर्देश के अनुसार प्रदेश में शनिवार रात्रि 11:00 बजे से सोमवार सुबह 5:00 बजे तक वीकेंड कर्फ्यू रहेगा। सरकार ने प्रदेश में 12वीं तक के सभी स्कूलों को 30 जनवरी तक बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही शादी समारोह में सिर्फ 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी है। बता दें कि पहले यह छूट 100 लोगों की थी।
ये है गाइडलाइन
• राजस्थान सरकार की नई कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक शादी-समारोह में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते हैं
• शादी से जुड़ी जानकारी ओआईटी के पोर्टल या 181 पर देनी होगी.
• कोविड गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन करना होगा
• आयोजन की वीडियोग्राफी कराई जाएगी
• विवाह में 50 से अधिक व्यक्ति शामिल होने पर जुर्माना
• पोर्टल,181 हेल्पलाइन पर सूचना दिए बिना आयोजन 10 हजार रुपए का जुर्माना
• विवाह आयोजन के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल की पालना नहीं करने पर जुर्माना
• डबल डोज वैक्सीन, मास्क, सैनिटाइजेशन, स्क्रीनिंग नहीं तो 10 हजार रुपए जुर्माना
• उल्लंघन पर विवाह स्थल, मैरिज गार्डन, होटल, धर्मशाला मालिक मैनेजर पर 10 हजार जुर्माना
बलिया (उप्र): बलिया जिले के भीमपुरा थाना क्षेत्र से खबर सामने आ रही है एक गांव में तीन युवकों द्वारा 17 वर्षीया एक किशोरी के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार एवं मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी ने रविवार को बताया कि किशोरी की मां की शिकायत पर भीमपुरा थाने में भारतीय दंड संहिता की सामूहिक बलात्कार एवं मारपीट करने संबंधी धाराओं और यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दो युवकों के खिलाफ नामजद एवं एक अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि किशोरी का आरोप है कि तीन युवकों ने छह माह पहले उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया था। इसके बाद उन्होंने शनिवार को डरा-धमकाकर किशोरी को बुलाया तथा उसके हाथ एवं मुंह रस्सी से बांधकर उसकी पिटाई की।
त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने रविवार को एक नामजद आरोपी को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने चिकित्सकीय जांच के लिए किशोरी को जिला अस्पताल भेजा है।
नई दिल्ली : नए साल में रेल मंत्रालय में कोरोना बम फूट है। जनवरी के पहले हफ्ते में 127 रेल अधिकारी-कर्मचारी कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें कार्यकारी निदेशक स्तर से लेकर मल्टी टास्क स्टाफ शामिल हैं। कोरोना पॉजिटिव होने वालों में बड़ी संख्या में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान और इंस्पेक्टर शामिल हैं। रेलवे बोर्ड ने एहतियातन बगैर दो टीका लगवाए सभी रेल कर्मियों पर रेल भवन (रेल मंत्रालय) में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही सभी निदेशायलों के प्रमुखों से अधीनस्थ कर्मियों को दो टीका लगवाने के निर्देश जारी किए हैं।
रेल मंत्रालय ने कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए रेल अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची जारी की है। इसमें 7 जनवरी, 2022 (एक सप्ताह) तक कोरोना पॉजिटिव पाए गए रेल अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम, पद, रेल भवन में कक्ष का नंबर, घर का पता, मोबाइल नंबर और रेल मंत्रालय में ड्यूटी के आखिरी दिन का उल्लेख है।
मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव की रिपोर्ट सात जनवरी को आई है और संक्रमित हुए 95 फीसदी कर्मी सात जनवरी को रेल भवन में ड्यूटी पर आए हैं। इससे उनके कक्ष और उनसे मिलने आने वालों में कोरोना संक्रमण फैलने का पूरा खतरा है। ये कर्मचारी रेल भवन के ग्राउंउ फ्लोर, प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ व पंचम तल पर बैठते हैं। यानी रेल भवन में सभी फ्लोर में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। अधिकांश कोरोना पॉजिटिव कर्मी दिल्ली में निवास करते हैं। इसके अलावा नोएडा, पलवल, मेरठ, गाजियाबाद, फरीदाबाद, दौसा (राजस्थान), महेंद्रगढ़, बहादुरगढ़ (हरियाणा) आदि शहरों में निवास करते हैं।
रेल भवन के द्वितीय तल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दो रेल राज्य मंत्री और उनका स्टाफ बैठता है। कोरोना पॉजिटिव सूची में एक रेल राज्य मंत्री का स्टाफ भी शामिल है। इसके अलावा जिन कर्मचारियों को टीका की दूसरी डोज नहीं लगी है, उनका रेल भवन (रेल मंत्रालय) में प्रवेश बंद कर दिया है। वे टीके की दूसरी खुराक लेने तक खुद ही छुट्टी पर रहेंगे। इस नियम को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में भी कोविड संक्रमण फैल चुका है। चार मौजूदा जज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के दो जज कोविड पॉजिटिव पाए गए थे। इनके अलावा रजिस्ट्री के करीब 150 कर्मचारी भी या तो पॉजिटिव हैं या फिर चरंटीन में हैं।
इस प्रकार,सीजेआई समेत 32 जजों की कुल क्षमता वाले सुप्रीम कोर्ट की न्याय पीठ में चार यानी 12.5प्रतिशत पॉजिटिविटी रेट हो गया है। सीजेआई जस्टिस एनवी रमना ने गुरुवार को ही सप्ताह में तीन दिन मामलों की शारीरिक तौर पर सुनवाई पर रोक लगा दी है।
एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा था कि अब 4-6 हफ्ते फिजिकल सुनवाई संभव नहीं है। साथ ही दूसरी लहर की तरह जजों को अपने निवास कार्यालयों से वर्चुअल सुनवाई करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की विदाई पार्टी के दौरान एक जज, जिनको बुखार हुआ था, वो भी मौजूद रहे। बाद में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बाद गुरूवार को सीजेआई एनवी रमना और चार अन्य वरिष्ठ जजों ने हालात पर बैठक की। इस वजह से पहली पांच अदालतें आधा घंटा देरी से बैठीं। बैठक में फैसला लिया गया कि अब जज अदालत के बजाय अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करेंगे।
अहमदाबाद : गुजरात के अहमदाबाद जिले के धोलका कस्बे के पास एक मिनी वैन आगे जा रहे एक अज्ञात वाहन में जा घुसी। भीषण हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हो गए। मिनी वैन सवार लोग वडोदरा से बोटाड जिले में स्थित एक मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे।
धोलका पुलिस के अनुसार घटना बीती देर रात हुई। बताया गया है कि तेज रफ्तार मिनी वैन आगे जा रहे किसी वाहन में जा भिड़ी। पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष हैं।
मरने वालों में वैन का चालक भी शामिल है। पुलिस उस वाहन की तलाश कर रही है, जिसमें वैन घुसी थी। मृतकों की उम्र 27 से 48 साल के बीच है। उनकी शिनाख्ती के प्रयास जारी हैं।
बहराइच : नेपाल सीमा पर अब्दुल्ला गंज वन क्षेत्र में बाघ के हमले से 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चेनैनी गांव निवासी परशुराम यादव की बेटी सीमा यादव अपनी बकरियों को घने जंगल में चराने के लिए ले गई थी, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
वन अधिकारी अहमद कमाल सिद्दीकी ने बताया कि जंगल बहराइच वन प्रभाग के अंतर्गत अब्दुल्ला गंज रेंज में आता है। खून के निशान और पैरों के निशान के माध्यम से लड़की की तलाश करने वाले ग्रामीणों और वनकर्मियों ने उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में और सिर पर गंभीर चोट के साथ पाया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
सिद्दीकी ने कहा कि वन विभाग ने लड़की के परिवार के सदस्यों को सहायता प्रदान की है और उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मानदंडों के अनुसार परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वनकर्मी लगातार ग्रामीणों को बच्चों को अकेले बाहर निकलने से रोकने के लिए आगाह कर रहे हैं। ग्रामीणों को भी समूहों में बाहर जाने के लिए कहा गया है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में एक अन्य घटना में, एक तेंदुए ने कथित तौर पर एक 10 वर्षीय बच्चे को जंगल में अपना शिकार बना लिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। संभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने बच्चे की पहचान संतोष यादव के रूप में की है। उन्होंने कहा कि तेंदुए ने यादव को बुरी तरह घायल अवस्था में छोड़ दिया था और ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह जंगल में भाग गया।
यादव को बहराइच के मेडिकल कॉलेज भेजा गया और बाद में लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया गया है।
भोपाल : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अच्छी बात यह है कि अधिकांश मरीज अभी होम आइसोलेशन में हैं। ऐसे मरीजों को अब विशेषज्ञों व सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का लाभ भी मिल सकेगा। विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी समय सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मरीजों को परामर्श देंगे।
हालांकि परामर्श शुल्क के रूप में मरीजों को साढ़े सात सौ रुपए का भुगतान ऑनलाइन करना होगा। शनिवार को जिला प्रशासन ने 120 डॉक्टरों की सूची जारी कर दी है। दरअसल, राजधानी में नर्सिंग होम काउंसिल ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित लोगों को घरों में ही टेली कंसलटेंट की सुविधा देने की सहमति दी है, जिसकेक लिए 120 डॉक्टर अलर्ट रहेंगे। जो तय फीस लेकर संक्रमित लोगों को फोन पर इलाज और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देंगे। इस सुविधा के द्वारा कोई भी संक्रमित व्यक्ति, डॉक्टरों से फोन और मोबाइल पर संपर्क कर अपनी दवाई, इलाज और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ले सकेंगे। जिसके लिए ऑनलाइन 750 रुपए फीस चुकानी पड़ेगी। वीडियो कॉल से देखेंगे डॉक्टर्स : पॉजिटिव मरीज की काउंसलिंग के लिए टेलीफोन और मोबाइल पर वीडियो कॉल से डॉक्टर मरीज के हालात समझ सकेंगे। सीएमएचओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि प्राइवेट डॉक्टर्स की लिस्ट जारी कर दी गई है।
जिसके लिए क्षेत्र के हिसाब से डॉक्टर्स होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की देखभाल कर सकेंगे। इन डॉक्टरों के नंबर किये जारी : भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी केयर सेंटर के डॉ. रणधीर सिंह 9303133385, भोपाल फेक्चर हॉस्पिटल के डॉ. केेके वर्मा 9425006693, गेस्ट्रोकेयर हॉस्पिटल के डॉ. नितिन जैन 9074099029, पालीवाल हॉस्पिटल के डॉ. जेपी पालीवाल 9425009922, अनुपम हॉस्पिटल के डॉ. कुशल गढ़वाल 9827244743, शिवालय हॉस्पिटल के डॉ. अरविंद नामदेव 6262106767, मिरेकल हॉस्पिटल के डॉ. राकेश मिश्रा 7566663409, नोबल हॉस्पिटल के डॉ. पद्मा मिश्रा 7110711, बीएस सकलेचा हॉस्पिटल के डॉ. शरद सकलेचा 400888, सहाय हॉस्पिटल के डॉ. पीयूष व्यास 4270008 सहित अन्य डॉक्टरों के नम्बर भी जारी किये गये हैं।
भोपाल : प्रदेश के लगभग एक लाख मिडिल और प्रायमरी स्कूलों में 17 जनवरी से शुरु होने वाले प्रतिभा पर्व पर कोरोना का संकट मंडरा रहा है। तेजी से बढ़ते संक्रमण से जहां अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, तो वहीं स्कूल शिक्षा विभाग भी इस पर विचार-विमर्श कर रहा है। प्रतिभा पर्व में सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले पहली से आठवीं तक के करीब 80 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।
प्रतिभा पर्व के तहत दो भागों में ऑफलाइन परीक्षा ली जानी है। इस परीक्षा में पहली से आठवीं तक के करीब 80 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इनका 40 फीसदी प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन होगा और 60 फीसद सैद्धांतिक परीक्षा होगी। राज्य शिक्षा केन्द्र (आरएसके) ने इसको लेकर तैयारी शुरु कर दी है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन किया जाएगा।
बांका: प्रदेश के बांका जिले में अपराधियों ने दिनदहाड़े एएनएम की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र के शंभूगंज-रामपुर मुख्य सड़क मार्ग की है, जहां कालिया पुल के पास शनिवार को ऑटो पर सवार होकर ड्यूटी जा रही एएनएम की सरेआम अपराधियों ने हत्या कर दी. जानकारी के अनुसार शंभूगंज थाना क्षेत्र के करसोप गांव निवासी एएनएम मीना कुमारी फुल्लीडुमर अंतर्गत डोमो-कुमारपुर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित थी और शनिवार को ऑटो पर सवार होकर ड्यूटी पर जा रही थी.
ऑटो से उतारकर मारी गोली
इसी क्रम में रास्ते में बाइक सवार कुछ अपराधियों ने पहले ऑटो को रोकर उसे बाहर निकाला और फिर उसके सिर में पीछे से गोली मारकर फरार हो गए. इधर, स्थानीय लोगों ने घायल महिला को कुर्मा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी पाकर शंभूगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बांका भेजा दिया.
मृतका के भाई राकेश कुमार मेहता ने बताया कि उसके बहनोई का निधन पहले ही बीमारी की वजह से हो चुका है. बहन को सिर्फ एक लड़की है, जिसकी उम्र 24-25 वर्ष के करीब है. इस वजह से उसके भैसुर और उनके दो लड़के बराबर महिला को सम्पती से बेदखल करने के लिए तरह-तरह की साजिश किया करते थे.
छह महीने पहले भी किया था हमला
राकेश की मानें तो छह महीने पहले भी उसकी बहन मीना कुमारी पर ठीक इसी प्रकार ऑटो से जाने के क्रम में जानलेवा हमला किया गया था. इस मामले में थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रह गई, जिसके कारण दोबारा इस घटना को अंजाम दिया गया. इधर, शंभूगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत ने बताया मृतका की पुत्री मौसमी कुमारी के बयान पर थाना में मामला दर्ज करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुट गई है.
लखनऊ, उत्तर प्रदेश के उन्नाव सदर से बीजेपी विधायक पंकज गुप्ता को भरी सभा में मंच पर एक किसान ने थप्पड़ जड़ दिया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. समाजवादी पार्टी ने भी अपने ट्विटर हैंडल से इस वीडियो को शेयर किया है. बताया जा रहा है कि थप्पड़ मारने वाला शख्स किसान नेता है. वह आवारा पशुओं द्वारा फसलें बर्बाद किए जाने से परेशान था. इस कारण गुस्से में आकर उसने बीजेपी विधायक को थप्पड़ जड़ दिया.
ये मामला उन्नाव जिले के माखी थाना इलाके में ऐरा भदियार गांव का बताया जा रहा है. यहां दो दिन पहले विधायक पंकज गुप्ता एक कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे. विधायक जब मंच पर बैठे थे तभी एक किसान लट्ठ लेकर ऊपर आता है. कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही किसान विधायक को थप्पड़ जड़ देता है. इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मी और बीजेपी कार्यकर्ता किसान को धक्के मारकर मंच से नीचे उतार देते हैं.
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शुक्रवार को ये वीडियो शेयर किया. सपा ने लिखा कि किसान द्वारा ये थप्पड़ बीजेपी विधायक को नहीं बल्कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की कुनीतियों, कुशासन और तानाशाही के मुंह पर जड़ा गया है.
उन्नाव सदर से भाजपा विधायक पंकज गुप्ता को आयोजित जनसभा में किसान नेता ने सार्वजनिक रूप से मंच पर ही थप्पड़ जड़ दिया ,
— SamajwadiPartyMedia (@MediaCellSP) January 7, 2022
किसान द्वारा मारा गया ये थप्पड़ भाजपा विधायक को नहीं बल्कि यूपी की भाजपा शासित आदित्यनाथ सरकार की कुनीतियों ,कुशासन और तानाशाही के मुंह पर जड़ा गया थप्पड़ है! pic.twitter.com/PSa3DK214p
नई दिल्ली : टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स यानि टाटा एमडी ने ओमिक्रॉन का पता लगाने वाली एक कोविड जांच किट बना ली है जिसे आईसीएमआर से मंजूरी भी मिल गई है। यह बस कुछ ही दिनों में बाजारों में उपलब्ध हो जाएगी। इस किट का नाम ओमिश्योर है, जो नाक और गले से लिए गए सैंपलों की जांच कर कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगा सकती है। वहीं यह दूसरे वेरिएंटों का भी पता लगा सकती ही।
भारत में कोविड प्रबंधन की मुख्य संस्था इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा इसके इस्तेमाल की दी गई मंजूरी के बाद उम्मीद है कि किट 12 जनवरी से बाजारों में उपलब्ध हो जाएगी। अनूठी किट कंपनी ने बताया कि इस किट का जांच का तरीका अनोखा है जिसके तहत ओमिक्रॉन का पता तो लगाया जा ही सकता है, वहीं अगर सैंपल में कोई और एसएआरएस-सीओवी-2 का वेरिएंट हो तो किट उसका भी पता लगा लेगी. इसे दो तरह के एस-जीन वायरल टारगेट का इस्तेमाल करने वाली दुनिया की पहली किट बताया जा रहा है। पहला टारगेट एस-जीन ड्रॉपआउट या एस-जीन टारगेट फेलियर पर आधारित है और दूसरे टारगेट एस-जीन म्युटेशन एम्पलीफिकेशन पर आधारित है। बताया जा रहा है कि यह घर पर खुद जांच कर लेने की किट नहीं है, बल्कि प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा इस्तेमाल करने की किट है. यह ढाई घंटे में नतीजा दे देती है।
मुंबई, कोरोना की पहली लहर में अचानक लॉकडाउन लगने के बाद बड़े शहरों से घर लौटने वाले मज़दूरों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई थी। लोगों को हज़ारों किलोमीटर दूर अपने गांव पैदल जाते हुए देखा गया था। लाचार मज़दूर हाथ में बैग और कंधे पर बच्चों को लिए पैदल ही मीलों दूर अपने घर की तरफ बढ़ गए थे। अब महामारी की तीसरी लहर की आशंका के बीच एक बार फिर ऐसा ही नजारा दिख रहा है। मुंबई में प्रवासी मजदूर रेलवे स्टेशन पर डेरा जमाए हुए हैं। सबकी कोशिश यही है कि कैसे भी लॉकडाउन से पहले अपने गांव-अपने घर पहुंचा जा सके।
मुंबई में रेलवे स्टेशन पर जमे प्रवासियों को पुलिस के डंडे भी खाने पड़े, ट्रेन की टिकट भी नहीं मिली। इसके बावजूद मजदूर वहां से नहीं हिले। वजह साफ थी.. अगर मुंबई में लॉकडाउन लग गया, तो वो भूखे मर जाएंगे। दरअसल, मुंबई में पिछले 24 घंटो में कोरोना के 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। ऐसे में टोटल लॉकडाउन की चर्चा से प्रवासी और खासतौर पर मजदूर बेहद डरे हुए हैं। गुरुवार रात से ही मुंबई के लोकमान्य तिलक स्टेशन पर प्रवासियों की भीड़ उमड़ने लगी थी।
मुंबई में कुर्ला के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से ही उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें रवाना होती हैं। मुंबई के प्रवासियों में बड़ी संख्या इन्हीं इलाके के लोगों की है। ऐसे में लोकमान्य टर्मिनस पर गुरुवार रात 8 बजे से ही भीड़ बढ़ने लगी थी। इसमें ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग थे, जो शुक्रवार सुबह की ट्रेन के लिए लॉकडाउन के डर से देर रात ही स्टेशन पहुंच गए थे। उनका कहना था कि यहां रुके तो भूखों मरने की नौबत आ जायेगी। ऐसे में यहां रहकर क्या करेंगे?
इनमें से ज़्यादातर के पास तो टिकट भी नहीं थी। ऐसे में पुलिस इन्हें स्टेशन के अंदर नहीं जाने दे रही थी। डंडे का धौंस भी दिखाया गया मगर मज़दूर नहीं माने। उन्होंने स्टेशन के बाहर ही डेरा जमा लिया। स्टेशन के बाहर हर कोई टिकट और ट्रेन को लेकर उलझन में दिख रहा है। उन्हें हालात के बारे में समझाने वाला कोई नहीं। पुलिस के पास जाएं, तो डंडे पड़ते हैं। स्टेशन पर भी बस यही ऐलान हो रहा है कि बिना टिकट वाले वापस लौट जाएं।
लोगों के डर और पलायन का यह सिलसिला जारी है। अगर लॉकडाउन की स्थिति बनती है, तो स्टेशन पर ऐसी कोई भी व्यवस्था नजर नहीं आई, जो आपात स्थिति से निपट सके। न डॉक्टर मौजूद थे, न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा था और न ही मजदूरों की टेस्टिंग का कोई इंतजाम था। कोरोना की तीसरी लहर अब कई बड़े शहरों में दस्तक दे चुकी है। लगभग हर राज्य में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया। स्कूल, कॉलेज, जिम, पार्क सब बंद कराए जा रहें हैं। इसी को देखते हुए मज़दूर घबराएं हुए हैं। ऐसे में हम आपको एक बार फिर बताना चाहेंगे कि प्लीस, पैनिक ना करें। दूसरे देशों में देखा गया कि ओमिक्रोन की लहर जितनी तेज़ी से आई उतनी तेज़ी से चली भी गई। उम्मीद है कि भारत में भी हमें यही देखने को मिलेगा। पर तबतक आपको संयम बरतते हुए कोरोना से जुड़ी सारी गाइडलाईन्स का पालन करना है।
अयोध्या : जनता की गाढीं कमाई को हड़पने वाली सहारा व पल्स जैसी कंपनियों के खिलाफ महानगर कांग्रेस कमेटी अयोध्या के अध्यक्ष वेद सिंह कमल के नेतृत्व मे कांग्रेस जनो ने प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से सौपा। कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने वाली कंपनियों के खिलाफ सरकार को ठोस कार्यवाही नहीं कर रही ना ही सरकार के पास ऐसी कोई योजना है
जिससे वह आम आदमी के पैसे को वापस दिला सके। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महानगर अध्यक्ष वेद सिंह कमल ने कहा सहारा ने फर्जी कंपनियां बनाकर आम आदमी के साथ ही अपने कंपनी के कर्मचारियों तक का पैसा नहीं दिया। निवेशक सरकार की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं पर सरकार जनहित के इस बड़े मुद्दे को नजरअंदाज कर रही। श्री वेद सिंह कमल ने कहा हमारी मांग है कि सहारा एवं पल्स कंपनियों में निवेश करने वाले प्रदेश के गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों को सूचीबद्ध कर तत्काल उनका पैसा वापस हो सरकार हस्तक्षेप करते हुए सहारा इंडिया समूह पल्स तथा सेबी को इसके लिए निर्देशित करें। युवा नेता शरद शुक्ला ने कहा फाइनेंस कंपनियां करोड़ों लोगों का पैसा भारी मुनाफे के लालच देकर लगाती हैं।
पर मियाद पूरी होने के बावजूद वह रकम उन्हें वापस नहीं मिलती है इसकी रोकथाम के लिए सरकार को कठोर कानून बनाने चाहिए। महानगर कांग्रेस प्रवक्ता सुनील कृष्ण गौतम ने बताया आज पूरे जिले में प्रत्येक तहसील पर प्रदेश के निर्देशानुसार धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शन में प्रमुख रूप श्रीनिवास शास्त्री, डीएन वर्मा, डॉक्टर विनोद गुप्ता, वसंत मिश्रा, रामकरण कोरी, प्रेम पांडे, शोभित शुक्ला ,अमन कुमार सिंह,नीरज शर्म, मोहम्मद वसीम, संदीप यादव, सावन शर्मा, शिवा यादव,हर्ष शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार बीकापुर तहसील मुख्यालय पर कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी जनों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष अखिलेश कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीत अपनाने का दावा करने वाली योगी सरकार के साथ ही साथ सपा पर भी गरीबों का पैसा हड़पने वाली इन कंपनियों को संरक्षण का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। विरोध प्रदर्शन के दौरान राज बहादुर गुप्ता , राम नाथ वर्मा, एजाज अहमद, महमूद अहमद, मोहम्मद तारिक करमचंद, रमेश ,राजकुमार, बृजेश ,पार्वती ,धर्मचंद, रिंकू वर्मा, राकेश कुमार गुप्ता ,माधव प्रसाद ,स्वामीनाथ ,उषा देवी ,मालती देवी, प्रियंका, पंडित राजेश तिवारी ,राजेश पांडे ,जगरु आदि सैकड़ों कांग्रेसीजन शामिल रहे।
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार मिल्कीपुर तहसील मुख्यालय पर कांग्रेसियों ने सहारा इंडिया व पल्र्स कंपनियों में फंसे निवेशकों के पैसे वापस कराने के लिए राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन मिल्कीपुर तहसीलदार के माध्यम से दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि सहारा इंडिया और पल्र्स तथा अन्य चिटफंड कंपनियों में लोगों के करोड़ों रुपए फंसे हुए हैं। जिसकी वजह से कई परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि निवेशकों के पैसे को उन्हें वापस कराया जाय। कांग्रेसियों द्वारा दिए गए इस ज्ञापन में लिखा गया है
कि यह धनराशि वापस न होने से कई बेटियों की शादी रुकी हुई है। वहीं कई युवा अपने रोजी रोजगार की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। यही नहीं कुछ बूढ़े बुजुर्गों को अपने इलाज के लिए बेसहारों की तरह इधर उधर भटकना पड़ रहा है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके यहां भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके अलावां अभी पिछले सप्ताह एडवोकेट विश्वनाथ द्वारा सहारा इंडिया प्रमुख सुब्रत राय व उनकी पत्नी सहित 18 लोगों के खिलाफ इनायत नगर थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसकी जांच पड़ताल पुलिस कर रही है। अधिवक्ता द्वारा दर्ज कराए गए केस में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है। ज्ञापन देने वालों में संजय कुमार तिवारी, शिवपूजन पांडे, विश्वनाथ मिश्र, बृजेश रावत व प्रदीप कुमार सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल रहे।













