अनूपपुर, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक में पदस्थ प्रोफेसर राकेश सिंह को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शनिवार को समस्त प्रशासनिक पदों एवं दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि संस्थान को एक शोध छात्रा की शिकायत मिली जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर के विरुद्ध कार्रवाई की है। शोध छात्रा ने प्रोफेसर राकेश सिंह के ऊपर शादी का प्रलोभन देकर और धमकी देते हुए दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज कराई है। शहडोल महिला थाना ने प्रोफेसर के विरोध 376 का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
शिकायत के बाद की कार्रवाई :
शोध छात्रा ने पुलिस के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को भी प्रोफेसर के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की है। इन्हीं शिकायतों के बाद प्राप्त तथ्यों के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रारंभिक तौर पर निर्णय लेते हुए प्रोफेसर के समस्त दायित्वों और पदों को छीन लिया है। बताया गया है कि पीड़ित शोध छात्रा शहडोल में रहकर विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रही है। वर्ष 2020 में प्रोफेसर राकेश सिंह शहडोल में उक्त छात्रा के कमरे पहुंचे थे और शादी का प्रलोभन देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे। इसके बाद लगातार शोध छात्रा का शारीरिक शोषण किया जाता रहा। 25 सितंबर 2011 को प्रोफेसर राकेश सिंह अमरकंटक एक होटल में छात्रा को लेकर गए थे जहां रजिस्टर में उनके होटल में रुकने की जानकारी भी अंकित है। उक्त शोध छात्रा विवाहित भी है और अपने ऊपर हुए ज्यादती की जानकारी जब पति को दी तो पति ने वैवाहिक संबंध विच्छेद कर लिया। अब महिला अकेले जीवन यापन कर रही है और 5 अक्टूबर को शहडोल महिला थाना सहित विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रोफेसर राकेश सिंह के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा न्याय की गुहार लगाई है। प्रोफेसर राकेश सिंह जनजातीय विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष, सामाजिक विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष, समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष, डा. आंबेडकर चेयर प्रकोष्ठ के प्रभारी निदेशक, शिक्षा परिषद के सदस्य और कार्य परिषद के सदस्य जैसे पदों पर हैं। शहडोल महिला थाना द्वारा बताया गया 13 अक्टूबर को प्रोफेसर राकेश सिंह के विरुद्ध धारा 376 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपित प्रोफेसर राकेश सिंह फरार बताए गए हैं।
पीड़ित शोध छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रोफेसर राकेश सिंह के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शहडोल पुलिस द्वारा भी इस मामले में अपराध पंजीबद्ध किए जाने की जानकारी मिली है। प्रोफेसर राकेश सिंह को सभी प्रशासनिक पदों से मुक्त कर दिया गया है।
स्त्रोत: नई दुनिया
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर गैर कश्मीरियों को निशाना बनाकर हमले हुए हैं। आतंकवादियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में बिहार के एक गोलगप्पे वाले की गोली मारकर हत्या कर दी है तो पुलवामा में यूपी के रहने वाले सागीर अहमद की जान ले ली है। आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
बिहार के बांका के रहने वाले अरविंद कुमार को आतंकियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में गोली मार दी। हमले में अरविंद की मौत हो गई है। कुछ देर बाद ही पुलवामा में यूपी के सहारनपुर के रहने वाले मजदूर सागीर अहमद को गोली मार दी।
पाकिस्तानी साजिश के मुताबिक, हाल ही में आतंकियों ने कई गैर-मुस्लिम और गैर-कश्मीरी लोगों की जान ली है। 5 अक्टूबर को श्रीनगर में बिहार के एक रेहड़ी वाले की हत्या कर दी गई थी। सितंबर में कुलगाम के नेहामा इलाके में आतंकियों ने बिहार के एक मजदूर की हत्या कर दी थी।
इसी महीने आतंकियों ने 8 नागरिकों की हत्या कर दी है। इनमें से 5 अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और 6 हत्याएं ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीगर में हुई हैं। पिछले सप्ताह श्रीनगर के एक सरकारी स्कूल के अंदर महिला प्रधानाध्यापक और एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रमुख कश्मीरी पंडित और श्रीनगर की सबसे प्रसिद्ध फार्मेसी के मालिक माखन लाल बिंदू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक 'चाट' विक्रेता, बिहार के वीरेंद्र पासवान और एक अन्य नागरिक, मोहम्मद शफी लोन की भी आतंकियों ने जान ले ली थई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 में अब तक कुल 30 नागरिकों को आतंकवादियों ने मार गिराया है।
पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी संगठनों के नेताओं से मुलाकात की है और उन्हें जम्मू-कश्मीर में और हमले करने को कहा है, जिनमें कश्मीरी पंडितों और गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाने को कहा गया है। इसके मुताबिक, एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसके मुताबिक, आईएसआई ने आतंकियों को टारगेट किलिंग बढ़ाने को कहा है।
नई दिल्ली: गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने आज भारत सरकार का पुतला फूंका साथ ही काले तीनों कृषि कानूनों का भी पुतला फूंका गया। किसानों का कहना है कि पिछले 11 महीने से हम सड़कों पर बैठे हैं और सरकार सुन नहीं रही है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं सभी का पालन करते हैं, लेकिन सरकार को किसानों की 18 तारीख को किसान रेल रोको अभियान के तहत देश भर में रेलों के संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर यह फैसला लिया गया है।
आपको बता दें कि पिछले 11 महीने से किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से तीनों कानून वापस लेने की जिद पर अड़े हुए हैं। विजयदशमी पर सरकार का पुतला फूंकने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में टाल दिया गया और आज उस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गाजीपुर बॉर्डर पर सैकड़ों किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार और तीनों कृषि कानूनों के पुतले जलाए अब किसान आगे आंदोलन को मजबूत करने के लिए रेल रोको अभियान पर फोकस कर रहे हैं।
रांची: झारखंड के गिरिडीह जिले में झुंड से बिछड़े एक उन्मत्त हाथी ने दो दिनों के भीतर चार लोगों को कुचलकर मार डाला है। पीरटांड़ थाना क्षेत्र के पारसबानी गांव में आज सुबह लगभग पांच बजे घर से बाहर निकली 50 वर्षीया मझनी देवी को सूंढ़ में उठा लिया और पटक-पटक कर मार डाला। इसके पहले शुकवार की रात को डुमरी थाना क्षेत्र के खुदीसार गांव में भी इसी हाथी ने अजय सिंह नामक युवक को कुचल डाला। ग्रामीणों के अनुसार, अजय सिंह रात में टॉर्च लेकर किसी काम से घर से बाहर निकला था कि हाथी अचानक आ धमका। अजय सिंह ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उसे दौड़ा कर कुचल दिया। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके पहले गुरुवार की रात भी इसी हाथी ने गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबाडीह गांव हाथियों ने दो ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला था। उन्मत्त हाथी को भगाने या नियंत्रित करने के लिए वन विभाग की ओर से अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाये जाने से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह उन्मत्त हाथी पीरटांड जंगल में अपने झुंड से बिछड़कर आबादी वाले इलाके में घुस आया है। वह जिधर से गुजर रहा है, लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं। ग्रामीण मशाल जलाकर हाथी को भगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। गिरिडीह जिले के पीरटांड, सरिया और डुमरी के दर्जनों गांवों में उन्मत्त हाथी के चलते दहशत का माहौल है।
पूरे झारखंड की बात करें तो बीते आठ दिनों में हाथियों के हमले में कुल नौ लोग मारे गये हैं। हजारीबाग जिले के सदर और कटकमदाग थाना क्षेत्र में बीते हफ्ते हाथियों ने चार लोगों की जान ले ली थी। हजारीबाग के वन क्षेत्र पदाधिकारी मिश्र ने कहा कि रिहाईश वाले इलाकों में हाथियों का प्रवेश रोकने के लिए वन विभाग की ओर से गश्ती दल लगाये गये हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि आबादी वाले इलाके में अगर हाथी घुस आयें तो उन्हें मत छेड़ें।
गुमला. झारखंड के गुमला से शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है. जिस पोते को सीने से लगाकर दादी ने पाला, उसी ने रात के अंधेरे में घर में घुसकर दादी को गोली मार दी. घटना सदर थानाक्षेत्र के मुरकुंडा पंचायत के हरदीटोली गांव की है. गंभीर हालत में दादी को रिम्स रांची रेफर किया गया है.
शुक्रवार रात जब घर के अन्य सदस्य दशहरा मेला घूमने गए थे, इसी दौरान पोते भगतु खड़िया ने अपनी दादी अगनी देवी को गोली मार दी. गोली वृद्ध महिला के सीने में लगी. गोली मारने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. घटना के बाद आनन-फानन में परिजनों ने वृद्ध महिला को इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया. जहां से उन्हें रिम्स रांची रेफर किया गया है.
घटना के संदर्भ में परिजनों ने बताया कि पारिवारिक विवाद में पोते भगतु खड़िया ने दादी को गोली मार दी. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
वृद्ध महिला के पुत्र रोपना खड़िया ने बताया कि घर में कोई नहीं था. सभी दशहरा मेला देखने गए हुए थे. इसी दौरान आरोपी घर पहुंचा और दादी को गोली मारकर फरार हो गया. जब परिजन मेले से घर लौटे तब उन्हें घटना की जानकारी मिली. इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की देर रात तक छानबीन की. हालांकि घटना के असली कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है.
उधर, गुमला सदर अस्पताल में घायल दादी को प्राथमिक उपचार देकर रिम्स रांची वहां से भेज दिया गया है. उनकी स्थिति गंभीर बताई गई है. पुलिस आरोपी पोते की गिरफ्तारी के लिए कोशिश कर रही है.
ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। हादसे में दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नगर निगम की कचरा गाड़ी ने मासूमों को कुचल दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई। इस हादसे के बाद वाहन चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस कार्रवाई कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला इंदरगंज थाना क्षेत्र का है, जहां कैलाश टॉकिज के पास घर के सामने खेल रही दो साल की मासूम बच्ची को नगर निगम की कचरा गाड़ी ने रौंद दिया। हादसे से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश व्याप्त है। इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है।
राजस्थान के धौलपुर में शुक्रवार को दुर्गा मूर्ति के विसर्जन के दौरान उत्तरप्रदेश के आगरा के पांच लोग पार्वती नदी में डूब गए. आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुनिराज ने बताया कि घटना उस समय हुई जब पांच लोग दशहरे के अवसर पर शुक्रवार को राजस्थान के धौलपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने गए थे.
मुनिराज ने कहा कि पीड़ित उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के भवनपुरा गांव के निवासी थे. पीड़ितों के शव नदी से बरामद कर लिए गए हैं.
बताया जा रहा है कि धौलपुर के बसेडी के भूतेश्वर इलाके में भूतेश्वर मंदिर के पास पार्वती नदी में ग्रामीण दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे थे.
तभी गांव के पांच युवक मूर्ति के साथ गहरे पानी में उतर गए. उन्हें नदी की गहराई का अंदाजा नहीं था, इस वजह से सभी एक-एक कर डूब गए.
बाद में स्थानीय पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सभी लाशों को नदी से बाहर निकलवाया. मृतकों में दो सगे भाई राजेश और रनवीर सिंह भी शामिल हैं. सभी मृतक 30 साल से कम उम्र के हैं. सभी का अंतिम संस्कार शुक्रवार की शाम कर दिया गया. इस घटना से गांव में कोहराम मचा हुआ है.
नोएडा | एंटी हयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने ऑनलाइन बुकिंग कर देह व्यापार कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर एक आरोपी को सेक्टर-53 से गिरफ्तार किया है। साथ ही, चार लड़कियों को बरामद किया है। आरोपी ऑन डिमांड लड़कियों को देह व्यापार के लिए भेजते थे। पुलिस ने आरोपी से कार सहित अन्य सामान बरामद किया है।
एसीपी रजनीश वर्मा के नेतृत्व में मंगलवार रात को एएचटीयू की टीम और पुलिस ने सेक्टर-53 के होटल के सामने से देह व्यापार कराने वाले गिरोह के आरोपी को गिरफ्तार किया। उसको पकड़ने के लिए पुलिस खुद ग्राहक बनकर पहुंची थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान सेक्टर-71 निवासी सलमान के रूप में हुई। वह मूलरूप से ओरैया के गांव दलीपपुर का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से एक कार, दो मोबाइल और 500 रुपये बरामद किए हैं। इस मामले में एक आरोपी वांछित है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
ग्राहक से पांच से लेकर 20 हजार रुपये लेते थे
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंटरनेट और व्हाट्सएप के जरिये लोगों से बात करता था। व्हाट्सएप पर ही युवतियों के फोटो ग्राहकों को भेजता था। फिर सारी बात होने पर आरोपी अपनी कार से लड़की को उसके घर या होटल के कमरों तक पहुंचाता था। इसके एवज में आरोपी एक ग्राहक से पांच से 20 हजार रुपये वसूलता था। इस रकम का 40 प्रतिशत लड़कियों को दिया जाता था। बाकी रकम सलमान और उसका साथी अपने पास रख लेते थे। आरोपी नौकरीपेशा व बिजनेस करने वाले लोगों से संपर्क करता था। आरोपी सलमान के खिलाफ पूर्व में भी थानों में 10 केस दर्ज हैं।
कार से पहुंचाते थे लड़कियां
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपी अपने ग्राहकों को ऑन डिमांड लड़कियां मुहैया कराते थे। जहां भी ग्राहक लड़कियां बुलाता था, वहां पर ही अपनी कार से छोड़ने जाते थे। कई बार कैब से भी लड़कियों को भेजा जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से पश्चिम बंगाल की दो, गाजियाबाद व दिल्ली की एक-एक लड़की बरामद की है। इनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस ने चारों को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। पुलिस आरोपियों के गिरोह में शामिल अन्य लड़कियों को भी छुड़ाने का प्रयास कर रही है। इसके चलते आरोपियों के दिल्ली के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
फतेहपुर | उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मोहित तिवारी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार प्रेमिका के सुसाइड से नाराज प्रेमी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मोहित तिवारी की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या की थी. पुलिस ने इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी कल्लू पासवान और उसके साथी अनिल यादव को गिरफ्तार कर जब कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपने गुनाह कबूल किया है.
मुख्य हत्यारोपी कल्लू ने पुलिस को बताया कि वह गांव की एक युवती से प्रेम करता था और भागकर उससे शादी करना चाहता था. तभी युवती मोहित के संपर्क में आ गई और मोहित ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया. जिसके बाद युवती ने मुझसे दूरी बना ली. जब युवती को लेकर मेरी मोहित से दुश्मनी हो गई तो यह बात गांव में चर्चा का विषय बन गई. इसी लोकलाज के भय से युवती ने खुदकुशी कर ली.
शराब पिलाने के बहाने बुलाया और...
कल्लू ने बताया कि मैंने मोहित के दोस्त अनिल यादव को बुलाकर बदले की भावना में मोहित की हत्या की साजिश रची और गांव के बाहर शराब पिलाने के बहाने मोहित को बुलाकर कुल्हाड़ी से गला काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने हत्यारोपी के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व मृतक मोहित तिवारी का मोबाइल भी बरामद किया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. घटना किशनपुर थाना क्षेत्र के रारी गांव की है.
पूछताछ में कल्लू-अनिल ने उगले राज
बता दें की 11 अक्टूबर की सुबह किशनपुर थाना क्षेत्र के रारी गांव के जंगल में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा मिला था. किसी धारदार हथियार से युवक की गला काटकर हत्या की गई थी. पुलिस ने शव की शिनाख्त उसी गांव के गोलू उर्फ मोहित तिवारी के रूप में की थी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए सर्विलांस की मदद से अपनी तफ़्तीश तेज की तो दो युवकों पर पुलिस की शक की सुई गई पुलिस ने गांव के ही कल्लू पासवान और उसके दोस्त अनिल यादव को हिरासत में ले लिया, जब पुलिस ने दोनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपने गुनाह कबूल कर लिए.
प्यार में इनकार गुजरा नागवार
एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि काफी समय पहले गांव की एक युवती से कल्लू पासवान प्रेम करता था और उसके साथ भागकर शादी करने की योजना बना रहा था. इस दौरान युवती का संपर्क गोलू उर्फ मोहित तिवारी से हो गया. मोहित ने युवती को घर छोड़कर जाने से मना कर दिया. ऐसे में कल्लू की शादी करने की योजना पूरी तरह से नाकाम हो गई. इस बात को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा होने लगी. जिसके बाद लोकलाज के भय से परेशान होकर युवती ने खुदकुशी कर ली. युवती के सुसाइड से कल्लू बेहद सदमे में आ गया और मन ही मन कल्लू ने गोलू से दुश्मनी ठान ली थी.
कल्लू का भी दोस्त था मोहित
पुलिस के मुताबिक मोहित तिवारी के मित्र अनिल यादव का कल्लू के साथ भी गहरा याराना था. कल्लू पासवान ने इसका फायदा उठाते हुए अनिल यादव से रविवार की रात मोहित को शराब पिलाने के बहाने बुलाने को कहा. अनिल ने गोलू को कालिका मैया मंदिर के पास जंगल में बुलाया, जहां दोनों ने पहले शराब और गांजा पिया. इसी दौरान पीछे से आए कल्लू ने मोहित के सिर और गले पर पर कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद मोहित का मोबाइल लेकर वह वहां से चला गया. सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इस हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया.
ललितपुर, देश में कड़े कानून होने के बावजूद रेप और महिलाओं के साथ अत्याचार के मामलों में कमी नहीं आ रही है। बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सामने आया है, जहां नाबालिग पीड़िता ने पिता सहित अपने ही परिवार के लोगों पर रेप का आरोप लगाया है। पीड़िता ने यह भी बताया है कि खुद उसके पिता होटल पर ले जाकर नेताओं के हाथों सौप दिया करते थे। मामले में पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर 25 नामजद लोगों सहित 28 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। लड़की के बयान दर्ज कराए गए हैं। न्यायालय में भी बयान दर्ज कराए गए हैं और मेडिकल टेस्ट भी हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता ने बताया कि 6 साल से उसके साथ दर्जनों लोग रेप कर चुके हैं। घर के खुद रेप करते और दूसरों से कराते थे। जब भी उसने विरोध किया, तब तब पापा ने उसे बहुत पीटा। मां को भी पीटा और जान से मारने की धमकी देते थे। पापा उसे स्कूल से लेने जाते और सीधा होटल में ले जाकर छोड़ते थे। स्टेशन के पास एक होटल है, वहां अक्सर लेकर जाते। यहां एक महिला मिलती, वो मुझे कमरे में ले जाती थी। यहां कई बार लोगों ने रेप किया।
एक बार उसे औरत होटल में ले गई। कमरे में एक आदमी आया। इसके बाद बेहोश हो गई। जब होश आया तो कपड़े और जूते बिखरे पड़े थे। उसके पेट में बहुत दर्द हो रहा था। उससे कई नेताओं ने भी रेप किया। लड़की ने पुलिस को बताया कि पापा, भाई, चाचा और ताऊ द्वारा रेप की बात उसने कई बार मां को बताई। मां उसे थाने भी लेकर गई, लेकिन फिर भी पता नहीं क्यों किसी ने कुछ कार्रवाई ही नहीं की। इसके बाद पापा ने बहुत पीटा और लॉकडाउन में खुद भी रेप किया। रेप करने से पहले पापा मां को दवाइयों से बेहोश कर देते थे।
रांची के तमाड़ में सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है। यहां पर 35 साल के एक युवक की बलि चढ़ा दी गई है। तमाड़ वही इलाका है जहां प्रसिद्ध दिउड़ी मंदिर है। हालांकि वारदात मंदिर से काफी दूर पीपीईदी गांव में हुई है। पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है। हत्या करने वाला युवक सुबह से ही लोगों से कह रहा था कि आज महानवमी है, किसी की बलि चढ़ानी होगी। मारा गया युवक पिपाईदी गांव का ही रहने वाला था।
एसपी ग्रामीण नौशाद आलम ने बताया कि पिपाईदी गांव का रहने वाला तरुण कुमार महतो गुरुवार की सुबह से ही गांव में बोलते फिर रहा था कि आज महानवमी है। आज किसी की बलि देनी होगी। उसके बातों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। लोगों को लगा कि वह ऐसे ही बोल रहा है।
इसी बीच उसने हराधन लोहरा को पकड़कर उसका गला चाकू से रेत दिया। चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने तरुण को पकड़ लिया और हराधन को तत्काल अस्पताल लेकर भागे। जहां उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तरुण को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से चाकू भी बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है। पुलिस की मानें तो हत्यारोपी तरुण मानसिक रूप से विक्षिप्त था।
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के आदेश पर तिहाड़ जेल के 32 अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर एक साथ निलंबन की गाज गिरी है। जेल मैनुअल के खिलाफ कैदियों को अवैध रूप से मदद करने के मामले में यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी बताई जा रही है।
देश की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली तिहाड़ जेल के अधिकारी- कर्मचारियों पर भवन निर्माण से जुड़ी जानीमानी कंपनी यूनिटेक लिमिटेड के पूर्व प्रमोटर अजय चंद्रा और संजय चंद्रा को तिहाड़ जेल में विचाराधीन कैदी के तौर पर बंद रहने के दौरान जेल मैनुअल के खिलाफ मदद करने के आरोप हैं। चंद्रा बंधुओं पर आरोप है कि वे जेल में रहकर कंपनी के दैनिक कामकाज में नाजायज दखल देते थे। मामला सामने आने के बाद उच्चतम न्यायालय के 26 अगस्त के आदेश पर दोनों भाइयों को 28 अगस्त को तिहाड़ जेल से महाराष्ट्र के मुंबई स्थित अति सुरक्षित मानेजाने वाले आर्थर और तलोजा जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया था।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने छह अक्टूबर को आदेश दिया था कि दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए सभी आरोपियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर इस मामले की पूरी जांच की जाए। अदालत ने यह भी कहा था कि जांच पूरी तक आरोपियों को निलंबित रखा जाए। दिल्ली पुलिस ने जांच रिपोर्ट दाखिल करने के साथ ही आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति मांगी थी।
दिल्ली पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज होने की अगले दिन जेल प्रशासन ने बुधवार को अपने 30 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया, जबकि संविदा पर कार्यरत दो कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा है। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली पुलिस उपायुक्त राकेश अस्थाना की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश दिया था। श्री अस्थाना ने शिकायत मिलने के बाद खुद जेल परिसर जाकर जांच की थी और उच्चतम न्यायालय को इस बारे में दिल्ली पुलिस की ओर से 28 सितंबर को जांच रिपोर्ट दाखिल कर अवगत कराया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जेल के नामजद आरोपी अधिकारियों एवं कर्मचारियों समेत अज्ञात लोगों के कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति अदालत से मांगी थी।
दिल्ली पुलिस ने चंद्र बंधुओं को कथित तौर पर मदद करने वाले आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून- 1988 की 7, 8 और 12 धाराओं के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 201 और 120-बी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की अनुमति अदालत से मांगी थी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की तथा अगले दिन बुधवार को 30 कर्मचारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया तथा संविदा पर कार्यरत्त दो कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया। जिन जेल अधिकारियों-कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिरी है, उनमें एक अधीक्षक, एक उपाधीक्षक, सात सहायक उपाधीक्षक, 10 हेड वार्डर और 11 वार्डर शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है इस मामले में और भी कई लोगों के नाम जल्दी ही सामने आ सकते हैं। चंद्रा बंधुओं पर हरियाणा के गुरुग्राम समेत अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में अपने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने समेत कई अपराधिक आरोप हैं। 150 से अधिक ग्राहकों ने कंपनी के खिलाफ शिकायत की हुई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में सैकड़ों करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति जब्त की है, जबकि कई मामलों की जांच की जा रही है।
जयपुर: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर बीती देर रात को 39 भारतीय पुलिस सेवा (आपपीएस) अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में एक दर्जन से अधिक जिलों के पुलिस अधीक्षक को बदला गया है। सौरभ श्रीवास्तव को अतिरिक्त महानिदेशक मुख्यालय जयपुर, श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सिविल राइट्स जयपुर, डॉक्टर हवा सिंह घुमरिया को महानिरीक्षक पुलिस कानून व्यवस्था पुलिस मुख्यालय जयपुर, यू एल छानवाल को महानिदेशक जेल जयपुर, संजय कुमार क्षेत्रीय को महानिरीक्षक जयपुर रेंज जयपुर, गौरव श्रीवास्तव को डीआईजी कानून व्यवस्था मुख्यालय जयपुर, शरत कविराज को डीआईजी पुलिस एससीआरबी जयपुर, रविंद्र सिंह को डीआईजी सीआईडी क्राइम ब्रांच जयपुर, डॉक्टर विष्णु कांत को डीआईजी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय जयपुर, राहुल प्रकाश को डीआईजी एसओजी जयपुर, हैदर अली जैदी को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सेकेंड पुलिस आयुक्तालय जयपुर, डॉ रवि को डीआईजी पुलिस कार्मिक जयपुर और कैलाश चंद विश्नोई को उपमहानिरीक्षक पुलिस भ्रष्टाचार निरोधक विभाग जोधपुर के पद पर लगाया है।
आदेश के अनुसार प्रीति चंद्रा को पुलिस अधीक्षक सिविल राइट पुलिस मुख्यालय जयपुर, जगदीश चंद्र शर्मा को पुलिस अधीक्षक सीआईडी सीबी जयपुर, कालूराम रावत को पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक विभाग मुख्यालय जयपुर, योगेश यादव को पुलिस अधीक्षक बीकानेर, कल्याणमल मीणा को पुलिस अधीक्षक बारा, प्रदीप मोहन शर्मा को पुलिस अधीक्षक झुंझुनू, दीपक भार्गव को पुलिस अधीक्षक बाड़मेर, शिवराज मीणा को कमांडेंट 12 वीं बटालियन आरएसी नई दिल्ली, विकास शर्मा को पुलिस अधीक्षक अजमेर, आनंद शर्मा को पुलिस अधीक्षक श्री गंगानगर, सरस चौधरी को पुलिस अधीक्षक सीआईडी सीबी जयपुर, राजन दुष्यंत को पुलिस अधीक्षक पाली, डॉ किरण के सिद्धू को कमांडेंट आठवीं बटालियन आरएसी नई दिल्ली, जय यादव को पुलिस अधीक्षक बूंदी, मोनिका सेन को पुलिस अधीक्षक झालावाड़, कविंद्र सिंह सागर को पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण कोटा स्थानांतरण किया गया है।
इसी प्रकार हर्षवर्धन अग्रवाल को पुलिस अधीक्षक जालौर, अमृता धान को पुलिस उपायुक्त क्राइम मुख्यालय जयपुर, राजेश कुमार मीणा को पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा, श्रीमती रिचा तोमर को पुलिस उपायुक्त जयपुर शहर पश्चिम जयपुर, दिगत आनंद को पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोधपुर शहर, अरशद अली को पुलिस उपायुक्त मुख्यालय पुलिस आयुक्तालय जयपुर, आलोक श्रीवास्तव को पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक विभाग उदयपुर, विनीत कुमार बंसल को पुलिस उपायुक्त मुख्यालय यातायात पुलिस आयुक्तालय जोधपुर, श्याम सिंह को कमांडेंट चौधरी बटालियन आरएसी पहाड़ी भरतपुर और मनीष त्रिपाठी को पुलिस अधीक्षक एसओजी जयपुर के पद पर लगाया है।
तिरुवनंतपुरम: केरल कैबिनेट ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के ऐसे परिवारों के आश्रितों के लिए तीन साल के लिए पांच हजार रुपये मासिक वित्तीय मदद का एलान किया है जिनके परिजनों की मौत कोरोना वायरस के चलते हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह मदद वर्तमान में दी जा रही वित्तीय मदद से अलग होगी। आश्रितों को सोशल वेलफेयर, वेलफेयर फंड या अन्य पेंशन फंड की उपलब्धता उन्हें इसके लिए अपात्र नहीं बनाएगी। इसका लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जो राज्य में रह रहे हैं, फिर भले ही व्यक्ति की मौत राज्य के अंदर या बाहर या देश के बाहर हुई हो।
कैबिनेट में लिए गए फैसले के मुताबिक, आश्रितों को एक पन्ने में आवेदन जमा करना होगा। सरकारी की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि संबंधित जिलाधिकारी और राजस्व अधिकारियों को इसके संबंध में जरूरी कदम उठाने का काम दिया जाएगा। ग्रामीण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आश्रित परिवार में कोई भी सरकारी कर्मचारी या आयकर दाता तो नहीं है। धनराशि के लिए आवेदकों को कार्यालय नहीं बुलाया जाएगा।
केरल में मिले 11079 नए मामले, 123 लोगों की मौत
केरल में कोविड का प्रकोप लगातार जारी है। यहां पिछले 24 घंटों में कोविड-19 महामारी के 11079 नए मामले सामने आए। इसी अवधि में राज्य में 123 संक्रमितों की जान चली गई और 9972 लोग ठीक हुए। प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या अब 97,630 हो गई है।
अयोध्या: यूपी में अयोध्या के फैजाबाद कोतवाली इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर बुधवार देर शाम कुछ बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 2 लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, तीन वाहनों में सवार होकर बदमाशों ने नील गोडम पूजा पंडाल स्थित कोरखाना पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक मनजीत यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने भी घटना स्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कुछ बदमाश वाहनों से आए थे उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वहीं दो बच्चियां भी हमले के दौरान घायल हुईं हैं। उन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि मौके पर मिली हमलावरों की कारों को कब्जे में लेकर वाहन स्वामियों का पता लगाया जा रहा है। एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच से पता चला है कि यह घटना एक निजी दुश्मनी का नतीजा थी। मृतक मनजीत यादव का एक दिन पहले एक व्यक्ति से विवाद हुआ था।
नई दिल्ली: शादी का झांसा देकर देशभर की 100 से अधिक महिलाओं से 25 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने के आरोप में दो नाइजीरियन विदेशियों समेत कुल तीन आरोपियों को शाहदरा जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लॉरेंस चिके नालुआ (30), अयोटुंडे ओकुंडे उर्फ एलेक्स (34) और दिल्ली निवासी दीपक दीक्षित (29) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से छह बैंक डेबिट कार्ड, पांच स्वाइप मशीन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद हुआ है। आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिये 35 साल या उससे अधिक की उम्र की महिलाओं को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद आरोपी अपनी कोई न कोई मजबूरी बताकर पीड़िताओं भावनाओं का फायदा उठाकर उनसे मोटी रकम एंठ लेते थे। बाद में आरोपी अपने नंबर बंद कर लेते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि जगतपुरी थाने में शालू (35)(बदला हुआ नाम) ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने बताया कि शादी डॉट कॉम पर उसने अपनी शादी के लिए रजिस्ट्रेशन किया हुआ था। इस दौरान एक युवक ने खुद को एनआरआई बताकर उससे संपर्क किया। दोनों एक दूसरे से चैट करने लगे। इसके बाद आरोपी ने उसे व्हाट्सएप कालिंग शुरू कर दी।
कुछ दिनों बाद आरोपी ने खुद को परेशान बताकर पीड़िता से रुपये मांगना शुरू कर दिया। पीड़िता को जज्बाती कर आरोपी ने धीरे-धीरे रुपये एंठना शुरू कर दिए। यहां तक शालू ने मुथूट फाइनेंस पर अपने जेवरात रखकर लोन ले लिया और आरोपी को रकम बताए हुए खातों में ट्रांसफर कर दिए। काफी दिनों तक यह सिलसिला चला। आरोपी ने पीड़िता से करीब 15 ला रुपये एंठ लिये। इसके बाद भी जब वह रुपये मांगने लगा तो पीड़िता को शक हुआ। पीड़िता ने पूछताछ की तो आरोपियों ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया।
शिकायत मिलने के शाहदरा जिला पुलिस ने छानबीन शुरू की। जिले की साइबर सेल में तैनात एसआई राहुल व अन्यों ने रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई थी। बैंक खातों की जानकारी, उनके केवाईसी के जरिये पता चला कि आरोपियों ने करीब 30 से 35 खाते देश के अलग-अलग राज्यों में खोले हुए हैं। यह लोग बस उन खातों में रकम मंगाकर दिल्ली में अलग-अलग स्थानों से एटीएम के जरिये रकम निकाल लेते हैं। कुछ जगहों पर स्वाइप मशीनों का इस्तेमाल भी किया जाता है। पुलिस ने काफी लंबी चली जांच के बाद दोनों नाइजीरियन और एक दिल्ली निवासी नागरिक को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने देशभर की 100 से अधिक महिलाओं से 25 करोड़ रुपये ठगी की बात स्वीकार की।
ऐसे दिया जाता था ठगी की वारदात को अंजाम...
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी एलेक्स और लॉरेंस ने ठगी के लिए अलग-अलग मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाई हुई थी। यहां यह लोग खुद को एनआरआई बताकर डॉक्टर या इंजीनियर बताते थे। कई बार खुद को बड़ा कारोबारी भी बताया जाता था। यह लोग ज्यादा उम्र वाली उन महिलाओं को निशाना बनाते थे जो या तो विधवा होती थीं या फिर उनकी शादी नहीं हुई थी। आसानी से जाल में फंसने के बाद आरोपी कभी विदेश से महंगे तोहफे भेजने के नाम पर तो कभी कोई न कोई मजबूरी बताकर पीड़िताओं के जज्बातों का फायदा उठाते थे। महिलाएं आसानी से जाल में फंसकर इनको रकम दे देती थीं।
10 फीसदी कमिशन पर दीपक उपलब्ध करवाता था स्वाइप मशीन व खाते...
ठगी की ज्यादातर रकम आरोपी नाइजीरिया भेज दिया करते थे। आरोपियों ने फर्जी पतों के आधार पर उत्तर-पूर्वी राज्यों, दक्षिण भारतीय राज्य के बैंकों में अपने खाते खुलवाए हुए थे। इन खातों में रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी। बदले में दोनों को 10 फीसदी कमिशन देना होता था। दीपक दोनों नाइजीरियन नागरिकों को बैंक खाते और स्वाइप मशीन उपलब्ध करवाता था। पुलिस पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की कच्ची किस्मों पर मार्च, 2022 तक के लिए कृषि उपकर में कटौती की। इसके अलावा इन पर कृषि उपकर में भी कटौती की गई है। यह एक ऐसा कदम है, जो त्योहारी मौसम में खाद्य तेलों की कीमतों को कम करने और घरेलू उपलब्धता को बढ़ाने में मदद करेगा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में कटौती 14 अक्टूबर से प्रभावी होगी और 31 मार्च, 2022 तक लागू रहेगी। कच्चे पाम तेल पर अब 7.5 प्रतिशत का कृषि अवसंरचना विकास उपकर (एआईडीसी) लगेगा, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल के लिए यह दर पांच प्रतिशत होगी।
इस कटौती के बाद पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की कच्ची किस्मों पर प्रभावी सीमा शुल्क क्रमशः 8.25 प्रतिशत, 5.5 प्रतिशत और 5.5 प्रतिशत होगा। इसके अलावा सूरजमुखी, सोयाबीन, पामोलिन और पाम तेल की परिष्कृत किस्मों पर मूल सीमा शुल्क मौजूदा 32.5 प्रतिशत से घटाकर 17.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने कहा, घरेलू बाजार और त्योहारी मौसम में खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटा दिया है।
गाजियाबाद | गाजियबाद में बुधवार देर शाम बड़ा हादसा हो गया. शहर में स्थित भाटिया मोड़ फ्लाईओवर पर से यात्रियों से भरी एक बस नीचे गिर गई. यह एक निजी कंपनी की बस थी. सूत्रों के अनुसार बस में सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई है, वहीं तीन लोगों गंभीर तौर पर घायल होने की खबर है. वहीं अन्य लोग भी घायल हैं. बस के नीचे गिरने के साथ ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को बस से निकाल कर अस्पताल पहुंचाना शुरू किया. हालांकि इस दौरान स्थानीय लोगों ने पीड़ितों की मदद करते हुए उन्हें पुलिस के पहुंचने से पहले ही बस से बाहर निकालना शुरू कर दिया था और साथ ही घायलों की मदद भी की थी.
जानकारी के अनुसार बस गाजियाबाद से लालकुंआं की तरफ जा रही थी और भाटिया मोड़ फ्लाईओवर से अचानक नीचे गिर गई. हालांकि अभी तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है.
अचानक अनियंत्रित हुई बस
सूत्रों के अनुसार बस की रफ्तार तेज थी और इसी दौरान अचानक अनियंत्रित हो गई व फ्लाईओवर से नीचे आ गिरी. हालांकि इस दौरान किसी की लापरवाही रही या हादसे का कोई और कारण है इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है. पुलिस ने भी मामले में अभी किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी है.
बस की खिड़की तोड़ कर घायलों को निकाला
फ्लाईओवर से गिरने के बाद बस पलट गई और घायलों को इससे निकालना मुश्किल हो गया. इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने बस के पीछे की खिड़की को तोड़ कर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया. हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल हो गया लेकिन बाद में पुलिस ने आकर मामला संभाला और स्थानीय लोगों के साथ ही घायलों की मदद की.
गाज़ियाबाद: भाटिया मोड़ फ्लाईओवर से एक बस गिरने से कई लोगों के घायल होने की आशंका। घटनास्थल पर पुलिस मौजूद है, बचाव कार्य जारी है। pic.twitter.com/DU5zFdF4Ls
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 13, 2021
केरल | केरल के कोट्टयम में 10 साल के एक बच्चे ने चलती ट्रेन में टॉयलेट का दरवाजा समझकर एग्जिट डोर खोल दिया और गिरने से उसकी मौत हो गई। बच्चा चलती ट्रेन से गिर गया था और मृत मिला। माना जा रहा है कि टॉयलेट का गेट समझकर मेन डोर खोलने से उसके साथ यह हादसा हो गया। मलप्पुरम के मामबाडु के रहने वाले सिद्दीकी के बेटे मोहम्मद इशान के साथ यह हादसा रात को 12.30 बजे के करीब हुआ। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब सिद्दीकी का परिवार तिरुअनंतपुरम से मलप्पुरम वापस आ रहा था। उनका बेटा रात को टॉयलेट जाने के लिए उठा और शायद गलती से उसने एग्जिट डोर खोल दिया और आगे बढ़ गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें जैसे ही लगा कि बेटा गिर गया है तो उन्होंने चेन खींचकर ट्रेन को रुकवाया। लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका और वह पटरियों के पास मिला। ट्रेन रुकवाने के बाद आसपास बसे लोगों की मदद से बच्चे को तलाश करने की कोशिश की गई। कुछ देर में वह मिला तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पश्चिम चंपारण | बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में समाज को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. समाज में बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के नारे तो लग रहे हैं लेकिन कुछ लोगों की सोच आज भी नहीं बदली है. बगहा नगर के शास्त्री नगर पोखरा टोला की रीता देवी ने मंगलवार की शाम को एक बच्ची को जन्म दिया था. इसकी सूचना महिला के पति प्रदीप साहनी को हुई वो आग बबूला हो गया. उसने मां और नवजात बेटी को अपने घर ले जाने से इनकार कर दिया. महिला मंगलवार की शाम से ही पति के इंतजार में अस्पताल में बैठी रही. इधर, जब मोहल्लेवाले पति को समझाने गए तो वो आत्महत्या करने के लिए पोखर (गांव का तालाब) में कूद गया.
अस्पताल प्रबंधन की सख्ती के बाद मां-नवजात बच्ची को ले गये परिजन
महिला को गर्भवती हालत में अस्पताल में लेकर आई आशा कार्यकर्ता पुष्पा ने बताया कि प्रदीप साहनी ने फोन पर गुस्से में कहा है कि बच्ची के साथ औरत (पत्नी) घर पर नहीं आनी चाहिए. अगर आ गई तो मैं उसकी हत्या कर दूंगा. वहीं, अस्पताल में महिला की सास को स्थानीय लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी लाख समझाया लेकिन वो नवजात और उसकी मां को घर ले जाने को तैयार नहीं हुई. अस्पताल से लेकर आसपास के वार्डों में यह घटना चर्चा का विषय बना हुआ है.
अस्पताल विधि व्यवस्था के प्रभारी उपाधीक्षक डॉक्टर राजेश सिंह नीरज ने बताया कि महिला ने मंगलवार की शाम एक बेटी को जन्म दिया है. इस वजह से उसके परिजन उस पर भड़के हुए हैं और नवजात बच्ची को घर नहीं ले जाना चाह रहे हैं. हालांकि घंटों तक ड्रामा करने के बाद महिला की सास बुधवार की दोपहर उसे और उसकी बेटी को अपने साथ ले गई. वहीं, बच्ची की मां अभी भी डरी सहमी है.
पांच साल पहले हुई है शादी
मिली जानकारी के मुताबिक महिला रीता देवी की शादी प्रदीप साहनी से पांच वर्ष पहले हुई. इन वर्षों में महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया, तीनों बार उसे बेटी पैदा हुई. हालांकि इनमें से एक लड़की की मौत हो गई थी. यह चौथी बार है जब महिला ने बच्ची को जन्म दिया. मंगलवार की शाम को डिलीवरी होने के बाद महिला अस्पताल में बैठी अपने पति का राह देखती रही. उसका कहना है कि बच्ची का लालन पालन वो कर लेगी. लेकिन इसके बावजूद परिजन उसे ले जाने से मना करते रहे.
रीता देवी ने अपने साथ हुई पूरी घटना को बताते हुए फफक पड़ी. उसने बताया कि वो जमुनापुर बिरौली की रहने वाली है. उसकी शादी बगहा में हुई है. पति बच्ची के साथ घर आने से मना कर रहा है. लेकिन उसके मायके में अब मां-बाप जीवित नहीं हैं, जिनके पास जाकर वो रह सके.












