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Post Office Scheme : रोजाना जमा करें मात्र 50 रूपये, मिलेंगे 35 लाख, ऐसे उठाए Post Office की इस स्किम का लाभ

Post Office Scheme : रोजाना जमा करें मात्र 50 रूपये, मिलेंगे 35 लाख, ऐसे उठाए Post Office की इस स्किम का लाभ

 Post Office Scheme : Post Office की ग्राम सुरक्षा योजना के तहत आपको अच्छी खासी रिटर्न मिल सकती है। ग्राम सुरक्षा योजना (Gram Suraksha Yojana) के बारे में बात करें तो ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए इसको बनाया गया है। इसके तहत आप अधिक से अधिक 10 लाख तक निवेश कर सकते हो और निवेश करने का समय के बारे में बात करें तो आप 10, 15, 20 या 25 वर्ष तक निवेश करके आप इसका लाभ उठा सकते हो।

Post Office की ग्राम सुरक्षा योजना (Gram Suraksha Yojana)

Post Office Gram Suraksha Yojana की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लाभ देने के लिए बनाया गया है। इस योजना के तहत रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस स्कीम (Rural Postal Life Insurance) को चलाया गया है ताकि लोगों को लाभ दिया जा सके। यदि आप हर दिन ₹50 निवेश करते हो, तो आप 35 लाख तक का लाभ ले सकते हो। यदि आपकी उम्र 19 से लेकर 55 के बीच है तो आप इसका लाभ उठा सकते हो।

ग्राम सुरक्षा योजना स्कीम के तहत आप प्रीमियम मंथली, तिमाही, छमाही या सालाना के रूप में निवेश कर सकते हो। इस योजना के तहत आप हर दिन ₹50 यानी कि महीना में ₹1500 जमा करना होगा। 19 साल से लेकर 55 के बीच निवेश करना शुरू करते हो, तो 80 साल के बाद ही आपको इसका पैसा 35 लाख के रूप में दे दिया जाएगा। इसी कारण आपकी मृत्यु हो जाती है, तो इसका सारा लाभ आपके नॉमिनी को दिया जाएगा।

कैसे उठा लाभ?

यदि आप इस स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर संपर्क करें। और इसे संबंधित जानकारी लेने के बाद ही इसके लिए आवेदन करें।

पैसा कब मिलेगा?

पोस्ट ऑफिस ग्राम सुरक्षा योजना में निवेश करने वाले लाभार्थियों को 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर पॉलिसी की पूरी राशि, यानी ₹35 लाख प्रदान की जाती है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर कई लोग इससे पहले भी भुगतान की मांग करते हैं। ऐसे मामलों में योजना के नियमों के अनुसार— यदि निवेश 55 वर्ष की उम्र में मैच्योर होता है तो ₹31.60 लाख, 58 वर्ष में ₹33.40 लाख और 60 वर्ष में मैच्योरिटी पर ₹34.60 लाख का लाभ दिया जाता है।

PM Kisan Samman Nidhi Yojana : किसानों के लिए खुशखबरी, इस दिन आ सकती है किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त

PM Kisan Samman Nidhi Yojana : किसानों के लिए खुशखबरी, इस दिन आ सकती है किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त

  PM Kisan Samman Nidhi Yojana : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही पीएम किसान योजना के अंतर्गत क्रमानुसार किसानों के लिए हर-चार महीने के अंतराल पर वित्तीय किस्तों को प्रदान किया जा रहा है। वर्ष 2018 से लेकर अब तक किसानों के खातों में कुल 19 किस्तों तक को पहुंचाया गया है।

पीएम किसान योजना से पंजीकृत देश के 10 करोड़ किसानों के लिए 19वीं किस्त के बाद अब अगली किस्त से लाभार्थी किए जाने हेतु सरकार के द्वारा तैयारियां की जा रही है। बताते चलें कि अब योजना के नियम के तहत ही 19वीं किस्त के चार महीने पूरे होने के बाद 20 वी किस्त किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

ऐसे किसान जो पीएम किसान योजना से पंजीकृत तथा हर किस्त का लाभ प्राप्त करते हैं उन सभी किसानों के लिए यह जानने हेतु काफी उत्सुकता है कि सरकार के द्वारा आगामी 20वीं किस्त का हस्तांतरण किस तिथि के मध्य किया जाएगा तथा इसके लिए पुष्टिकृत समय क्या हो सकता है।

PM Kisan 20th Installment Date

पीएम किसान योजना के तहत किसानों के लिए 20वीं किस्त से लाभार्थी करने हेतु तैयारी के चलते कई प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। बताते चलें कि सरकार के द्वारा किसानों की पात्रता स्पष्ट करने के लिए रिश्तेदारी होने से पहले किसान योजना की बेनिफिशियरी लिस्ट अपलोड की जा रही है।

पीएम किसान योजना की बेनिफिशियरी लिस्ट में सभी पंजीकृत किसानों को शामिल किया जा रहा है तथा स्पष्ट रूप से यह घोषित किया गया है कि जिन किसानों के नाम इस महत्वपूर्ण लिस्ट में शामिल होते हैं केवल होने के लिए ही अगली किस्त की राशि प्रदान की जाएगी।

जो किसान आज हमारे आर्टिकल पर विजिट कर रहे हैं उन सभी के लिए हम यहां पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त से जुड़ी विशेष प्रकार की जानकारी देने वाले है और साथ में ही किस्त जारी होने के लिए संभावित तिथियां के बारे में भी बताएंगे इसके लिए हमारे साथ अंत तक जुड़े रहे।

पीएम किसान योजना के लिए पात्रता

पीएम किसान योजना के अंतर्गत 20वीं किस्त से किसानों के लिए निम्न पात्रता मापदंडों के आधार पर ही लाभार्थी किया जाएगा :-

  • किसान के नाम पर दो हेक्टेयर या उससे अधिक भूमि नहीं होनी चाहिए।
  • किसान का राशन कार्ड बना हुआ हो तथा वह गरीबी रेखा की श्रेणी में आता हो।
  • उसके परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरियां फिर अन्य परमानेंट रोजगार में संलग्न ना हो।
  • किसान का नाम सर्वेक्षण के अनुसार पीएम किसान योजना की बेनिफिशियरी लिस्ट में होना अनिवार्य है।
  • योजना के नियम अनुसार किसान ने 19वीं किस्त का लाभ प्राप्त किया हो।

पीएम किसान योजना 20वीं किस्त तिथि

ऐसे किसान जो पीएम किसान सम्मान निधि योजना से पंजीकृत है तथा बीच में की तिथियां को लेकर दुविधा के चलते परेशान है तो उन सभी की जानकारी के लिए बता दें कि सरकार के द्वारा अभी तक किसान योजना की अगली किस्त जारी किए जाने हेतु किसी भी प्रकार के पुष्टिकृत निर्णय नहीं दी गई है और ना ही किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया दी गई है।

सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार यह किस्त जून महीने में जारी किए जाने की संभावना है। पिछली किस्त के चार महीने पूर्ण हो जाने के बाद यह किस्त अनुमानित तौर पर 25 से 30 जून 2025 के बीच जारी की जा सकती है जिससे सभी पंजीकृत किसानों के लिए लाभार्थी किया जाएगा।

पीएम किसान सम्मान निधि की जानकारी

पीएम किसान योजना से पंजीकृत किसानों के लिए निम्न बातों पर ध्यान देना होगा :-

  • पीएम किसान योजना की 20वी किस्त को सभी राज्यों में एक साथ ही जारी किया जाएगा।
  • यह किस्त डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाने वाली जिसके तहत सभी किसानों के खाते में डीबीटी होना अनिवार्य है।
  • जिन किसानों ने अभी तक पीएम किसान योजना केवाईसी नहीं करवाई उनके लिए केवाईसी भी कंप्लीट करवानी होगी।
  • किस्त हो जाने के बाद किसानों के लिए अपनी जानकारी हेतु लाभ का बेनिफिशियरी स्टेटस देखना जरूरी होगा।

पीएम किसान योजना 20वीं किस्त से फायदा

सरकार के द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत आगामी दिनों में जारी की जाने वाली 20वीं किस्त से लाभार्थी किसानों के लिए काफी फायदा होने वाला है क्योंकि इस किस्त का उपयोग किसान अपने संबंधित कृषि कार्यों में कर पाएंगे तथा अपनी खरीफ की फसल इत्यादि की बुवाई में काफी सहयोग प्राप्त कर पाएंगे।

पीएम किसान योजना से पंजीकृत ऐसे किसान जो कम पृष्ठ भूमि पर कृषि करते हैं तथा कृषि करने हेतु लागत नहीं हो पाती है उन सभी के लिए पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली है वित्तीय राशि काफी कारगर साबित होती है।

पीएम किसान योजना बेनिफिशयरी स्टेटस कैसे चेक करें?

  • पीएम किसान योजना का बेनिफिशियरी स्टेटस चेक करने के लिए ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • यहां से डायरेक्ट मेनू में पहुंचे और बेनिफिशियरी स्टेटस चेक वाले ऑप्शन पर क्लिक कर दें।
  • अब अगली ऑनलाइन विंडो खुलेगी जहां पर किसान की महत्वपूर्ण जानकारी मांगी जाएगी।
  • सटीक जानकारी को ध्यानपूर्वक दर्ज करते हुए आगे बढ़ना होगा जहां पर कैप्चा कोड मिलेगा।
  • कैप्चा कोड को भरे और सबमिट वाले ऑप्शन पर क्लिक कर दें।
  • इस प्रकार से ऑनलाइन 20 वी किस्त की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
 
Urgent loan: क्या आपको तत्काल ऋण की आवश्यकता है? जानिए कैसे मिलेगा तुरंत लोन.

Urgent loan: क्या आपको तत्काल ऋण की आवश्यकता है? जानिए कैसे मिलेगा तुरंत लोन.

 Urgent loan: तत्काल ऋण को इमरजेंसी ऋण या तुरंत ऋण भी कहा जाता है। यह ऋण एक आपातकालीन स्थिति के लिए उपलब्ध कराया जाता है जब तुरंत वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है, जैसे कि मेडिकल इमरजेंसी, घर की आपात कालीन अपडेट जरूरत या मरमत के लिए, या अन्य आपातकालीन वित्तीय आवश्यकताओं के लिए। तत्काल ऋण के लिए आमतौर पर न्यूनतम दस्तावेज और कम समय में मिल जाता है, तत्काल या तुरंत लोन आप बैंक, वित्तीय संस्थान या सरकारी योजनाओ से ले सकते है,

क्विक पर्सनल लोन एक तरह से असुरक्षित लोन होता है जिसे आप बिना किसी सिक्योरिटी के ले सकते हैं इस लोन को आप किसी भी जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं पर्सनल लोन आमतौर पर तुरंत अप्रूव हो जाते हैं और यहां से आपको तुरंत पैसा भी मिल जाता है। आप अपने आधार कार्ड पर 20,000 का लोन चुटकियों में प्राप्त कर सकते है। आधार कार्ड पर 20000 का लोन भी असुरक्षित व क्विक लोन की श्रेणी में ही आता है।

बीते वित्त वर्ष में भारत का विदेशी कर्ज बढ़ गया है। सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च, 2022 तक भारत का विदेशी कर्ज 620.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो मार्च 2021 के अंत में रहे 573.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कर्ज से 8.2 प्रतिशत अधिक है। इस कर्ज में 53.2 प्रतिशत अमेरिकी डॉलर के मूल्‍य वर्ग में था, वहीं भारतीय रुपये के मूल्य वर्ग का कर्ज 31.2 प्रतिशत अनुमानित था।

क्या आपको तुरंत लोन चाहिए और समझ नहीं आ रहा कहां से शुरू करें? Paisabazaar पर हम आपको देते हैं एक आसान, तेज़ और भरोसेमंद तरीका जिससे आप मिनटों में ऑनलाइन इंस्टेंट पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस पेज पर आप जानेंगे – इंस्टेंट लोन कैसे काम करता है, कौन-कौन से बैंक या ऐप इसे देते हैं, क्या पात्रता होनी चाहिए, EMI और ब्याज दरें क्या रहेंगी और किन डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत पड़ेगी।

इंस्टेंट पर्सनल लोन की परिभाषा

जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है, इंस्टेंट यानी यह लोन जल्दी मिल जाता है। इस लोन की आवेदन से लेकर डिस्बर्सल तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। लोन राशि कुछ ही मिनटों या घंटों में आवेदक के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। ICICI और एचडीएफसी जैसे बैंक तो प्री-अप्रूव्ड लोन को क्रमशः 3 सेकंड और 10 सेकंड में डिस्बर्स करने का दावा करते हैं।

इंस्टेंट पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, जो बिना किसी कोलैटरल यानी घर, कार या सोना जैसी संपत्ति गिरवी रखे बिना कम समय में मिल जाता है। इस लोन राशि का इस्तेमाल आप शादी, बच्चों की पढ़ाई, होम रेनोवेशन, मेडिकल इमरजेंसी या अन्य ज़रूरी कामों में खर्च कर सकते हैं।

सामान्य लोन और तुरंत लोन में अंतर

इंस्टेंट पर्सनल लोन और सामान्य पर्सनल लोन में मुख्य अंतर उनकी प्रक्रिया, समय और लोन राशि में होता है। नीचे टेबल में प्रमुख अंतरों के बारे में बताया गया है:

सामान्य लोन तुरंत (इंस्टेंट) लोन 
लोन मिलने में 2– 4 दिन से लेकर 7 दिन का समय लग सकता है कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों में मिल सकता है
नए या मौजूदा कस्टमर्स को दिया जाता है मौजूदा कस्टमर्स को उनके अच्छे प्रोफाइल के आधार पर प्री-अप्रूव्ड लोन ऑफर किया जाता है
आवेदक के भुगतान क्षमता पर अधिक राशि मिल सकता है केवल सैंक्संड लोन राशि तक ले सकते हैं

तुरंत लोन कैसे मिलेगा?

तुरंत लोन प्री-अप्रूव्ड होता है, जो बैंक अपने चुनिंदा ग्राहकों को उनकी अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर देते हैं। प्री-अप्रूव्ड होने की वजह से इस लोन को लेने के लिए अधिक डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता नहीं होती। PAN और आधार जैसे केवाईसी दस्तावेज़ों के आधार पर भी यह लोन कुछ ही मिनटों में मिल जाता है। एचडीएफसी और आईसीआईसीआई जैसे बैंक प्री-अप्रूव्ड लोन कुछ सेकंड में डिस्बर्स करने का दावा करते हैं।

Paisabazaar के माध्यम से तुरंत लोन

पैसाबाज़ार की 30 से अधिक बैंकों व एनबीएफसी के साथ साझेदारी है। आवेदक इस प्लेटफॉर्म पर एक ही जगह कई लोन ऑफर्स की तुलना कर सकते हैं और अपने लिए बेहतर लोन ऑप्शन चुन सकते हैं। इसके अलावा पैसाबाज़ार अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल वाले ग्राहकों को प्री-अप्रूव्ड लोन भी ऑफर करता है, जो कुछ मिनटों या घंटों में डिस्बर्स हो जाता है। पैसाबाज़ार लोन आवेदन की प्रक्रिया निम्नप्रकार है:

  • अपना मोबाइल नंबर एप्लीकेशन फॉर्म में भरें
  • अपनी पर्सनल डिटेल्स दें
  • अपना मोबाइल नंबर वैरिफाई करने के लिए ओटीपी दर्ज करें
  • लोन उद्देश्य और लोन अमाउंट चुनें
  • लोन ऑफर्स की तुलना करें और बेहतर लोन विकल्प चुनें

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

आप बिना बैंक जाएं, घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से ऑनलाइन लोन आवेदन कर सकते हैं। इसकी एक सामान्य प्रक्रिया नीचे दी गई है, जो लगभग सभी लेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लागू होती है। हालांकि कुछ के लिए प्रक्रिया थोड़ी भिन्न भी हो सकती है:

  • जिस बैंक या एनबीएफसी से लोन लेना हो, उसके ऐप, नेट बैंकिंग या वेबसाइट पर जाएं
  • मोबाइल नंबर, ईमेल और OTP के जरिए अकाउंट बनाएं
  • नाम, पता, जन्मतिथि, इनकम, जॉब प्रोफाइल जैसी पर्सनल डिटेल्स भरें
  • आधार व PAN कार्ड अपलोड करें, कुछ प्लेटफॉर्म लाइव फोटो या वीडियो KYC भी मांगते हैं
  • बैंक खाता दर्ज करें जिसमें आप लोन राशि प्राप्त करना चाहते हैं
  • अपनी ज़रूरत अनुसार लोन राशि व अवधि चुनें
  • सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट या IT रिटर्न (अगर मांगा जाए) जैसे डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें
  • सभी जानकारी चेक करें और ‘Submit’ या ‘Apply’ बटन पर क्लिक करें
  • सब कुछ सही होने पर यानी लोन अप्रूवल के बाद राशि आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है

लोन अप्रूवल और डिस्बर्सल टाइमलाइन

लोन अप्रूवल और डिस्बर्सल टाइमलाइन उस समय अवधि को दर्शाती है जिसमें आपका लोन आवेदन प्रोसेस होकर राशि आपके खाते में ट्रांसफर की जाती है। यह टाइमलाइन कई कारकों जैसे- लोन के प्रकार (पर्सनल/इंस्टेंट लोन, होम लोन, बिज़नेस लोन या कार लोन), संस्था (बैंक/NBFCs या डिज़िटल प्लेटफॉर्म), क्रेडिट स्कोर, डॉक्यूमेंट्स, और प्रोफाइल (सेल्फ-एम्प्लॉइड या सैलरीड) आदि पर निर्भर करता है।

उदाहरण के लिए- अगर एसबीआई से आपको प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन ऑफर हो रहा है, तो प्रोसेस करने पर लोन राशि कुछ मिनट या घंटों में आपके खाते में ट्रांसफर हो सकती है। वहीं, एचडीएफसी जैसे बैंक में लोन आवेदन करने पर डिस्बर्स होने में 2-4 दिन का समय लग सकता है।

कौन-कौन से बैंक या ऐप तुरंत लोन देते हैं?

यस बैंक, ICICI बैंक व एक्सिस बैंक जैसे कई बैंक इंस्टेंट पर्सनल लोन ऑफ़र करते हैं। इसके अलावा HDFC बैंक अपने प्री-अप्रूव्ड कस्टमर्स को व्यक्तिगत ऋण के आवेदन के 10 सेकंड के भीतर लोन राशि अकाउंट में जमा करने का दावा करता है।

तुरंत लोन की पात्रता क्या है?

तुरंत लोन यानी प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन की पात्रता मुख्य रूप से आवेदक के क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करती है। लेंडर्स ये ऑफर अपने ऐसे मौजूदा ग्राहकों को ऑफर करते हैं, जिनकी क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी होती है। जिसके लिए लेंडर आवेदक का बैंक बैलेंस, लेन-देन का पैटर्न, हाल की क्रेडिट सैलरी, पहले से लिए गए लोन या ईएमआई की स्थिति, जॉब हिस्ट्री और लोन चुकाने की आदत वगैरह ध्यान से चेक करते हैं। ये सब देखकर ही बैंक व एनबीएफसी  किसी आवेदक को प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन (Pre-Approved Personal Loan) ऑफर करते हैं।

हालांकि प्री-अप्रूव्ड का मतलब ये नहीं कि लोन पक्का मिल ही जाएगा। अगर आप लोन ऑफर स्वीकार करते हैं और आगे की प्रक्रिया करते हैं तो आपके डॉक्यूमेंट्स और एप्लीकेशन फॉर्म की गहनता से जांच की जाती है। हो सकता है कि लेंडर अपनी इंटरनट पॉलिसी के मुताबिक कुछ जांच और भी करें। यानी प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन के अप्रूवल की संभावना अधिक है, लेकिन लोन मिलने की गारंटी नहीं होती।

तुरंत लोन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

बैंक व एनबीएफसी आमतौर पर तुरंत लोन (प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन) प्रोसेस करते समय नए दस्तावेज़ों की मांग नहीं करते, क्योंकि उनके पास पहले से ही अपने मौजूदा ग्राहकों के ज़रूरी KYC दस्तावेज़ (जैसे पहचान, पता और आय का प्रमाण) उपलब्ध होते हैं।

इससे न केवल कागजी कामकाज कम हो जाता है, बल्कि आवेदक का समय और मेहनत भी बचती है, और जिन लोगों को जल्दी पैसे की ज़रूरत होती है उनके लिए लोन अप्रूवल प्रक्रिया काफी तेज़ हो जाती है।

तुरंत लोन की ब्याज दरें (इंस्टेंट पर्सनल लोन की ब्याज दरें)

अधिकांश लेंडर्स अपने मौजूदा ग्राहकों को प्री-अप्रूव्ड लोन पर विशेष (preferential) ब्याज दरें देते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वही सबसे कम ब्याज दर होगी।

इसलिए जो भी व्यक्ति पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, उनके लिए ये ज़रूरी है कि वे अपने बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनी या जहां पहले से लोन चल रहा है, वहां के साथ-साथ अन्य लेंडर्स की ब्याज दरों की भी तुलना करें। ऐसा करने से आप केवल किसी एक प्री-अप्रूव्ड ऑफर को मानने के बजाय, अपने लिए सबसे बेहतर और सस्ती शर्तों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं।

प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन पर लगने वाली प्रोसेसिंग फीस आमतौर पर सामान्य पर्सनल लोन की तुलना में या तो समान होती है या उससे कम होती है। सामान्य लोन में ये फीस लोन राशि की 4% तक भी हो सकती है। कई बार बैंक या लोन संस्थान एक लिमिट तय कर देते हैं, यानी लोन राशि कितनी भी हो, प्रोसेसिंग फीस एक तय सीमा से ज़्यादा नहीं ली जाएगी।

इसके अलावा, कुछ लेंडर त्योहारों के समय या खास ऑफर्स के दौरान प्रोसेसिंग फीस पूरी तरह माफ भी कर देते हैं। चूंकि प्रोसेसिंग फीस आपके कुल लोन खर्च को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है, इसलिए यह ज़रूरी है कि ग्राहक प्री-अप्रूव्ड लोन की फीस की तुलना अन्य सामान्य लोन ऑफर्स से ज़रूर करें। इससे आप बेहतर और किफायती विकल्प चुन सकेंगे।

तुरंत लोन EMI कैलकुलेशन कैसे करें?

तुरंत/इंस्टेंट पर्सनल लोन की EMI (Equated Monthly Installment) कैलकुलेट करना बहुत आसान है। इससे आपको पहले ही पता चल जाता है कि हर महीने कितनी रकम चुकानी होगी। फिर आप अपनी भुगतान क्षमता के हिसाब से लोन अवधि चुन सकते हैं। साथ ही अपने फाइनेंस को अच्छे से मैनेज कर सकते हैं ताकि लोन ईएमआई भुगतान में चूक न हो।

ईएमआई कैलकुलेशन के लिए आप ऑनलाइन EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। EMI कैलकुलेट करने के लिए लोन राशि, इंटरेस्ट रेट और लोन अवधि जैसी जानकारी दर्ज करें, उसके बाद ईएमआई पता चल जाएगी। साथ ही आप कुल ब्याज लागत भी जान सकते हैं।  Add EMI Calculator

लोन अमाउंट और अवधि के अनुसार EMI 

ईएमआई का सीधा संबंध लोन अमाउंट और अवधि से जुड़ा होता है। आप पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर की मदद से आसानी से जान सकते हैं कि किस ब्याज दर पर कितने अवधि के लिए कितनी ईएमआई होगी। यहां नीचे टेबल में 15% प्रति वर्ष ब्याज दर पर अलग-अलग लोन राशि व अवधि के हिसाब से EMI दी गई है:

लोन राशि (₹) अवधि: 1 साल (₹ EMI) अवधि: 2 साल (₹ EMI) अवधि: 3 साल (₹ EMI)
20,000 1,805 969 696
30,000 2,707 1,454 1,039
50,000 4,512 2,424 1,733
1,00,000 9,025 4,848 3,466
2,00,000 18,051 9,697 6,933

ध्यान रखें कि लोन की अवधि छोटी होने से ईएमआई ज्यादा होगी लेकिन कुल ब्याज लागत कम होगी। वहीं इसके उल्ट अवधि लंबी होने से EMI कम होगी, पर कुल ब्याज ज़्यादा चुकाना पड़ेगा।

तुरंत लोन के फायदे और जोखिम

इंस्टेंट पर्सनल लोन के कई फायदें हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोन राशि तुरंत अकाउंट में जमा कर दी जाती है। इसके साथ ही इस लोन राशि का इस्तेमाल आप बिना किसी प्रतिबंध के किसी भी उद्देश्य (जुड़ा और अन्य प्रतिवंधित काम को छोड़कर) के लिए कर सकते हैं।

वहीं बात करे इसके खामियों की तो इंस्टेंट पर्सनल लोन के ऑफर्स को देखकर आप लोन लेने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, भले ही आपको लोन की आवश्यकता न हो। इस तरह एक गलत कदम और आप बड़े कर्ज के दलदल में फंस सकते हैं। इसलिए अपने फैसला समझदारी से लें। लोन लेने से पहले ये ज़रूर तय करें कि क्या सच में आपको लोन की ज़रूरत है या नहीं। साथ ही लोन लेने से पहले सर्विस फीस और किसी भी तरह की छिपी हुई फीस का पता ज़रूर लगा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुझे तुरंत लोन कैसे मिलेगा?

भारत में कई बैंक/NBFC अपने मौजूदा कस्टमर्स को उनकी क्रेडिट प्रोफाइल यानी उनके इनकम, क्रेडिट स्कोर आदि के आधार पर इंस्टेंट पर्सनल लोन ऑफर करते हैं। इन ऑफर्स के बारे में आप अपनी नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग आदि ज़रिए जान सकते हैं और उनके लिए आवेदक कर सकते हैं। इंस्टेंट पर्सनल लोन के अप्रूव होने के तुरंत बाद राशि आपके अकाउंट में जमा कर दी जाएगी।

क्या बिना दस्तावेज़ के तुरंत लोन मिल सकता है?

आमतौर पर बैंक/NBFCs तुरंत लोन (प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन) प्रोसेस करते समय नए दस्तावेज़ों की मांग नहीं करते, क्योंकि उनके पास पहले से ही अपने मौजूदा ग्राहकों के ज़रूरी KYC दस्तावेज़ (जैसे पहचान, पता और आय का प्रमाण) उपलब्ध होते हैं।

क्या तुरंत लोन पर ज्यादा ब्याज देना पड़ता है?

तुरंत लोन यानी प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन आमतौर पर कम ब्याज दर के साथ ऑफर किया जाता है। हालांकि यह गारंटी नहीं है कि इसकी दरें सामान्य लोन की तुलना में कम ही होगी।

ऑनलाइन लोन लेने की प्रक्रिया क्या है? 

जिस भी बैंक या एनबीएफसी से लोन लेना है, उसकी वेबसाइट या प्लेटफॉर्म पर जाएं। ज़रूरी पर्सनल डिटेल्स (नाम, पता, इनकम आदि) भरें और आवश्यक दस्तावेज़ (आधार, पैन, 3 माह का बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप या ITR आदि) अपलोड करें। एप्लीकेशन फॉर्म को चेक करें और आगे की प्रक्रिया पूरी करें।

क्या ₹10,000 या ₹50,000 का इंस्टेंट लोन संभव है?

हां, अगर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी है, आप समय-समय पर लोन या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करते हैं, तो बैंक आपको इंस्टेंट पर्सनल लोन ऑफर कर सकता है।

क्या CIBIL स्कोर न होने पर भी तुरंत लोन मिल सकता है?

सिबिल स्कोर न होने (या खराब क्रेडिट स्कोर) पर लोन मिलना मुश्किल तो हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। आज के डिजिटल समय में कुछ लेंडिंग प्लेटफॉर्म और NBFC ऐसे हैं जो बिना CIBIL स्कोर के भी लोन उपलब्ध कराते हैं, खासकर नए क्रेडिट यूज़र्स के लिए। ऐसे लोन आमतौर पर कम राशि के होते हैं और ब्याज दर थोड़ी ज़्यादा हो सकती है।

बेरोज़गार को तुरंत लोन कैसे मिल सकता है?

बेरोजगार को लोन नहीं मिल सकता क्योंकि लोन देने से पहले बैंक व एनबीएफसी इनकम प्रूफ देखते हैं।

कौन-कौन से बैंक तुरंत लोन ऑफर करते हैं?

आमतौर पर सभी बैंक व एनबीएफसी अपने मौजूदा ग्राहक को उनकी अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर इंस्टेंट पर्सनल लोन (प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन) ऑफर करते हैं।

तुरंत लोन कितनी जल्दी मिल सकता है?

तुरंत लोन या इंस्टेंट लोन, आवेदन मंजूर होने के बाद लोन राशि कुछ सेकंड से लेकर मिनटों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

बिना गारंटी के इंस्टेंट पर्सनल लोन कैसे लें?

आमतौर पर इंस्टेंट  पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड ही होता है यानी इसे लेने के लिए कोई संपत्ति या गारंटी की ज़रूरत नहीं होती। यह लोन बैंक व एनबीएफसी द्वारा अपने चुनिंदा ग्राहकों को उनकी अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर ऑफर किया जाता है।

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स क्या होते हैं?

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स ऐसे ऑनलाइन माध्यम हैं, जो मोबाइल ऐप या वेबसाइट के ज़रिए बिना किसी बैंक ब्रांच गए, लोन प्रदान करते हैं। इन प्लेटफॉर्म की आवेदन से लेकर डिस्बर्सल तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है।

 
Google Pay में AutoPay कैसे करें कैंसिल? जानें आसान स्टेप बाय स्टेप तरीका

Google Pay में AutoPay कैसे करें कैंसिल? जानें आसान स्टेप बाय स्टेप तरीका

 Google Pay : (GPay) में ऑटो पे फीचर यूजर्स के लिए कई तरह की पेमेंट्स को आसान बनाता है, जैसे कि सब्सक्रिप्शन और बिलों का समय पर भुगतान। लेकिन कई बार जरूरी होता है कि हम इस ऑटो पेमेंट को बंद करें। अगर आप भी Google Pay पर सेट किए गए ऑटो पे को कैंसिल करना चहते हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस प्रक्रिया को करना बहुत आसान है।

 

Google Pay में ऑटोपे कैंसिल करने के लिए सबसे पहले ऐप खोलें और ‘Payments’ सेक्शन में जाएं। यहां ‘Recurring payments’ या ‘Subscriptions’ का विकल्प मिलेगा। इस सेक्शन में आप सभी ऑटोमैटिक पेमेंट्स की लिस्ट देख सकते हैं। जिस पेमेंट को बंद करना हो, उसे चुनें और ‘Cancel subscription’ या ‘Stop auto payment’ पर क्लिक करें। इसके बाद आपको पुष्टि के लिए एक पॉप-अप दिखाई देगा, जिसे स्वीकार करने के बाद आपकी ऑटो पेमेंट कैंसिल हो जाएगी।

 

भीषण सड़क हादसा: शादी से लौट रहे एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, मच गई चीख-पुकार

भीषण सड़क हादसा: शादी से लौट रहे एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, मच गई चीख-पुकार

 Motihari Road Accident: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में गुरुवार को भीषण सड़क हादसे हो गया, जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों की मौत और चार अन्य घायल हो गए। इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। 

सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराया ऑटो रिक्शा 
जानकारी के अनुसार, घटना पूर्वी चंपारण के डुमरिया घाट थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि एनएच-27 पर मेवात लाइन होटल के पास गुरुवार की सुबह एक तेज रफ्तार ऑटो रिक्शा सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान दीपक साह (30), यश राज (17), रितेश (15) और नितेश (10) के रूप में हुई हैं। दीपक साह, यश राज केसरिया थाना क्षेत्र के महम्मदपुर और रितेश और नितेश कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बाड़ा गांव के रहने वाले थे। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे।

ग्रामीणों का कहना है कि आसनारायण शाह की बेटी की शादी मोतिहारी के अवधेश चौक स्थित एक निजी होटल में हुई थी। विवाह के बाद वधू विदाई के बाद परिवार के सदस्य टेम्पू में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मेवात लाइन होटल के पास पहले से खड़े ट्रक से ऑटो रिक्शा की टक्कर हो गई। 

Blackout : फिर बजेगा सायरन, होगा ब्लैकआउट, 31 मई को मॉक ड्रिल के तहत लोगों को अलर्ट रहने की चेतावनी

Blackout : फिर बजेगा सायरन, होगा ब्लैकआउट, 31 मई को मॉक ड्रिल के तहत लोगों को अलर्ट रहने की चेतावनी

 नई दिल्ली – पाकिस्तान सीमा से सटे भारतीय राज्यों में एक बार फिर से सायरन की आवाज़ें गूंजेंगी और कुछ देर के लिए अंधेरा छा जाएगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने सीमावर्ती जिलों में संभावित आपातकालीन हालात से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक नई पहल की है। इस योजना के तहत हर महीने एक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय नागरिकों को युद्ध जैसी स्थिति में कैसे सुरक्षित रहें, इसकी व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।

31 मई को पहली बड़ी मॉक ड्रिल, कई एजेंसियों की सहभागिता
सूत्रों के अनुसार, इस महीने 31 मई को जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और केंद्र शासित चंडीगढ़ के सीमावर्ती जिलों में एक साथ यह अभ्यास किया जाएगा। ‘ऑपरेशन शील्ड’ नाम से होने वाली इस मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट किया जाएगा और चेतावनी सायरन बजाए जाएंगे ताकि लोग अलर्ट रहना सीखें।

इस अभ्यास में स्थानीय पुलिस, सिविल डिफेंस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), स्वास्थ्य विभाग और अन्य आपातकालीन सेवाएं हिस्सा लेंगी। उद्देश्य है – किसी भी संभावित हमले या संकट की स्थिति में नागरिकों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की जांच करना।

क्या सिखाया जाएगा मॉक ड्रिल में?
ड्रिल के दौरान लोगों को यह बताया जाएगा कि यदि हवाई हमला, मिसाइल स्ट्राइक या ड्रोन हमला होता है, तो कैसे सुरक्षित स्थान पर पहुँचना है, ब्लैकआउट में कैसे व्यवहार करना है और सरकारी निर्देशों का पालन कैसे करना है।

पिछली घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया फैसला
गौरतलब है कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ा है। इसी संदर्भ में 7 मई को भी पूरे देश में एक अभ्यास किया गया था। उसके बाद अब सरकार ने नियमित रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की रिहर्सल करने का निर्णय लिया है।

क्यों जरूरी हैं ये मॉक ड्रिल?
सीमा से सटे इलाकों में बसे नागरिक अक्सर पहले निशाने पर होते हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि वे न केवल मानसिक रूप से तैयार रहें, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी जानें कि संकट की घड़ी में उन्हें क्या करना चाहिए।

फिलहाल ध्यान में रखें – 31 मई को सीमावर्ती जिलों में कुछ घंटों के लिए सायरन और ब्लैकआउट होगा, जिससे घबराने की ज़रूरत नहीं है। यह एक पूर्व नियोजित अभ्यास है, जो आपकी सुरक्षा के लिए ही किया जा रहा है। आपके इलाके में होने वाली मॉक ड्रिल की जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में लगेगा 42,000 जवानों का पहरा, केंद्र ने दिए तैनाती के आदेश, जानें कब से शुरु होगी अमरनाथ यात्रा

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में लगेगा 42,000 जवानों का पहरा, केंद्र ने दिए तैनाती के आदेश, जानें कब से शुरु होगी अमरनाथ यात्रा

  जम्मू। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 580 कंपनियों की तैनाती का आदेश दिया है। इसके तहत करीब 42,000 जवान तैनात होंगे। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, सीएपीएफ की 424 कंपनियों को केंद्र शासित प्रदेश में भेजा जा रहा है, जबकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जम्मू-कश्मीर में भेजी गयीं शेष 80 कंपनियों को स्थानांतरित करके अमरनाथ यात्रा के मार्ग, तीर्थयात्रियों और श्रीनगर सहित अन्य क्षेत्रों की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा।

3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन सुरक्षा बलों को ‘तुरंत’ रवाना होने और जून के दूसरे सप्ताह तक जम्मू-कश्मीर में मोर्चा संभालने का निर्देश दिया है। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर नौ अगस्त को समाप्त होगी। सूत्रों के मुताबिक, तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा तैनाती योजना पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पैदा हुई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट को मिले तीन और न्यायाधीश, कॉलेजियम की सिफारिशों पर राष्ट्रपति की मुहर

सुप्रीम कोर्ट को मिले तीन और न्यायाधीश, कॉलेजियम की सिफारिशों पर राष्ट्रपति की मुहर

 नई दिल्ली। कॉलेजियम की सिफारिशों पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन वी अंजारिया, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विजय बिश्नोई और बंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए एस चंदुरकर को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी।कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उनकी नियुक्ति की की जानकारी दी। मेघवाल ने बताया,भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय के सेवानिवृत्त होने के बाद शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों के तीन मौजूदा रिक्त पदों के लिए उनके नामों की सिफारिश की गई थी। नियुक्तियों से संबंधित फाइलें बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास पहुंचीं थीं जिसके बाद उन्हें मंजूरी मिल गई है। उनकी नियुक्तियों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 हो गई।

BREAKING : कुख्यात नक्सली लीडर हिडमा गिरफ्तार, AK-47 और बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद

BREAKING : कुख्यात नक्सली लीडर हिडमा गिरफ्तार, AK-47 और बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद

 उड़ीसा :- देश के कुख्यात कुंजम हिडमा को उड़ीसा के कोरापुट जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई कोरापुट पुलिस और डीवीएफ (District Voluntary Force) की संयुक्त टीम ने अंजाम दी है। गिरफ्तारी के दौरान हिडमा के पास से एक AK-47 रायफल, 35 राउंड गोला-बारूद और 117 डेटोनेटर बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने हिडमा से पूछताछ शुरू कर दी है और आशंका जताई जा रही है कि उसके नेटवर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जल्द सामने आ सकती हैं। यह गिरफ्तारी नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इससे जुड़ी और भी बड़ी खुलासे की उम्मीद है।

1 June Rules Change : 1 जून से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम! ATM ट्रांजैक्शन से लेकर एलपीजी और एफडी पर पड़ेगा सीधा असर

1 June Rules Change : 1 जून से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम! ATM ट्रांजैक्शन से लेकर एलपीजी और एफडी पर पड़ेगा सीधा असर

   1 जून 2025 से आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब और खर्च की आदतों पर पड़ेगा। फिर चाहे बात हो एलपीजी गैस की कीमतों की, एटीएम से पैसे निकालने के नए चार्ज की, या फिक्स्ड डिपॉजिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों की—हर मोर्चे पर सतर्क रहना जरूरी है।

आइए जानते हैं 1 जून से लागू होने वाले 5 बड़े बदलाव—

  1. EPFO में तकनीकी क्रांति – PF निकालना होगा और आसान

EPFO यानि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अब नया वर्जन 3.0 लाने जा रहा है। इसके बाद पीएफ से जुड़ी सर्विसेज पहले से कहीं अधिक डिजिटल और आसान हो जाएंगी। अब एटीएम जैसे कार्ड के जरिए सीधे निकासी संभव हो सकती है, साथ ही क्लेम करना और डाटा अपडेट करना भी फटाफट हो जाएगा।

  1. क्रेडिट कार्ड यूज़र्स के लिए सख्ती – ऑटो डेबिट फेल तो लगेगा चार्ज

1 जून से क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए नियम कड़े हो सकते हैं। अगर आपका ऑटो-डेबिट फेल होता है, तो 2% तक पेनल्टी लग सकती है। इसके अलावा यूटिलिटी बिल और फ्यूल जैसी ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त चार्ज और इंटरनेशनल पेमेंट पर भी एक्स्ट्रा फीस लगने की संभावना है। रिवॉर्ड प्वाइंट्स की स्कीम भी बदली जा सकती है।

  1. ATM से पैसे निकालना पड़ेगा महंगा – नए शुल्क लागू

जून की शुरुआत से एटीएम ट्रांजैक्शन पर नई फीस स्ट्रक्चर लागू हो सकता है। इसका मतलब है कि सीमित फ्री ट्रांजैक्शन के बाद अब ज्यादा रकम निकालने या ज्यादा बार निकालने पर अधिक शुल्क चुकाना पड़ सकता है।

  1. LPG गैस के दामों में बदलाव – रसोई बजट पर असर
    हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाती है। ऐसे में 1 जून को भी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी या कटौती हो सकती है। यह बदलाव सीधे आपके रसोई के बजट को प्रभावित करेगा।
  2. FD की ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव – निवेशकों के लिए अलर्ट
    फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाने वालों के लिए 1 जून से ब्याज दरों में बदलाव हो सकता है। अभी ज्यादातर बैंक 6.5% से 7.5% के बीच ब्याज दे रहे हैं, लेकिन यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में ये दरें घट सकती हैं।

क्या करें?

इन बदलावों का असर बचत, खर्च और निवेश पर साफ नजर आने वाला है। ऐसे में अभी से प्लानिंग करें:

अपने पीएफ खाते की जानकारी अपडेट करें,

क्रेडिट कार्ड पर बकाया समय से चुकाएं,

एटीएम से कैश निकालने की आदत पर ध्यान दें,

एलपीजी रेट पर नज़र रखें,

और FD में निवेश से पहले ब्याज दरों की तुलना जरूर करें

छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी को केंद्र सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी चेन्नई के बनाए गए संयुक्त सचिव

छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी को केंद्र सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी चेन्नई के बनाए गए संयुक्त सचिव

 नई दिल्ली। भारत सरकार ने एक और छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी दी है. केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने 2007 बैच के आईएएस अधिकारी केसी देवसेनापति को कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी (CAA) चेन्नई में संयुक्त सचिव पद पर पदस्थ किया है.

जारी आदेश के मुताबिक, आईएएस देवसेनापति को पे मैट्रिक्स के लेवल 14 पर नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति 18 अगस्त 2028 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. यह नियुक्ति मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत कार्यरत कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी (CAA) में की गई है, जिसका मुख्यालय चेन्नई में स्थित है.

बता दें कि केसी देवसेनापति छत्तीसगढ़ कैडर के 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं. उन्होंने 18 अगस्त 2007 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की. वे बीजापुर जिला पंचायत सीईओ थे. वे सूरजपुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर भी रहे. आईएएस केसी देवासेनापति को राज्य योजना आयोग के सदस्य, सचिव मुख्य कार्यपालन अधिकारी छग इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी यानि चिप्स भी रह चुके हैं. विशेष सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रहे हैं.

शर्मसारः 5 साल की बच्ची के साथ मंदिर में हैवानियत, मचा हड़कंप, आरोपी गिरफ्तार

शर्मसारः 5 साल की बच्ची के साथ मंदिर में हैवानियत, मचा हड़कंप, आरोपी गिरफ्तार

  उत्तर प्रदेश :- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पांच वर्षीय बच्ची के साथ मंदिर के अंदर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना 18 मई को जिले के जगदीशपुरा इलाके में तब हुई जब बच्ची मंदिर के पास खेल रही थी और आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची को मंदिर के अंदर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 

आगरा के पुलिस आयुक्त कार्यालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट कर घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना जगदीशपुरा इलाके में हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्ट में कहा गया, "महिलाओं खासकर बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।" 

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की प्रमुख बबीता चौहान ने बुधवार को दुष्कर्म पीड़िता से मुलाकात की और वह मंदिर भी गईं। उन्होंने पुलिस से इस मामले की जानकारी भी ली और कहा कि मामला फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाएगा। इस बीच, इस घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

सहायक पुलिस आयुक्त (महिला सुरक्षा) सुकन्या शर्मा ने बताया कि परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गई थी और आरोपी को पकड़ लिया गया है। उन्होंने कहा, "आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त भी बताया जा रहा है।" 

सहायक पुलिस आयुक्त (लोहा मंडी सर्किल) मयंक तिवारी ने बताया, "आरोपी पवित्र उर्फ पम्मी की उम्र करीब 22 साल है। वह पीड़िता के इलाके में ही रहता है और कोई काम नहीं करता। ” उन्होंने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है, इसलिए अगले तीन दिन में आरोपपत्र अदालत में दायर कर दिया जाएगा और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराई जाएगी, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सजा मिल सके। 

अंतरिक्ष से मंडरा रहा महाविनाश का खतरा... हो सकती लाखों की मौत, वैज्ञानिक बोले– परमाणु हमले जितनी होगी तबाही

अंतरिक्ष से मंडरा रहा महाविनाश का खतरा... हो सकती लाखों की मौत, वैज्ञानिक बोले– परमाणु हमले जितनी होगी तबाही

 नई दिल्ली:  धरती पर आपदाओं की फेहरिस्त में अब एक ऐसा खतरा जुड़ गया है, जो इंसानी आंखों से नहीं, बल्कि सीधे अंतरिक्ष से आ रहा है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि कुछ विशाल एस्टेरॉयड, जो सूरज और शुक्र ग्रह के बीच छिपे हुए हैं, धरती की कक्षा में घुस सकते हैं और टकराने पर पूरे शहरों को तबाह कर सकते हैं।

ये एस्टेरॉयड इतने खतरनाक हैं कि यदि इनमें से कोई भी धरती से टकराता है, तो इसका असर किसी परमाणु हमले से कम नहीं होगा। लेकिन सबसे चिंता की बात यह है कि इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो रहा है, क्योंकि ये सूरज की तेज रोशनी और शुक्र ग्रह की स्थिति के कारण वैज्ञानिक टेलिस्कोप की पकड़ में नहीं आ रहे।

रास्ता बदलते रहते हैं ‘खामोश हत्यारे’
शुक्र ग्रह की कक्षा के पास घूमते ये एस्टेरॉयड अचानक अपनी दिशा बदल सकते हैं, क्योंकि वहां मौजूद गुरुत्वाकर्षण बल उन्हें खींच सकता है। बार-बार मार्ग बदलने के कारण ये पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश कर सकते हैं और तबाही का कारण बन सकते हैं।

धरती के टेलिस्कोप भी फेल
ब्राजील के खगोलशास्त्रियों के अनुसार, वर्तमान में धरती पर मौजूद टेलिस्कोप इन एस्टेरॉयड की सटीक स्थिति नहीं पकड़ पा रहे हैं। सूर्य की तीव्र रोशनी की वजह से शुक्र ग्रह के आस-पास की जगह एक तरह से ‘ब्लाइंड ज़ोन’ बन गई है, जहां देखना या स्कैन करना लगभग नामुमकिन है।

नाम भी दिए गए, पर खतरा बरकरार
वैज्ञानिकों ने अब तक जिन एस्टेरॉयड की पहचान की है, उनमें 2020 एसबी, 524522 और 2020 सी1 शामिल हैं। इनका आकार 100 से लेकर 400 मीटर व्यास तक है, जो अगर घनी आबादी वाले किसी शहर से टकराएं, तो लाखों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

विशेष अंतरिक्ष मिशन की मांग
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि धरती की सुरक्षा के लिए शुक्र ग्रह के आस-पास विशेष अंतरिक्ष मिशन शुरू किया जाना चाहिए। इससे उस ब्लाइंड ज़ोन की गहन जांच संभव होगी और एस्टेरॉयड की पहचान पहले से की जा सकेगी, जिससे आपदा से समय रहते बचाव किया जा सके।

मोदी सरकार के अहम फैसले— खरीफ फसलों की MSP बढ़ाई, किसानों को सस्ता कर्ज; सड़क-रेलवे की परियोजनाएं मंजूर

मोदी सरकार के अहम फैसले— खरीफ फसलों की MSP बढ़ाई, किसानों को सस्ता कर्ज; सड़क-रेलवे की परियोजनाएं मंजूर

Cabinet Meeting Decisions: बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में कैबिनेट ने पांच अहम फैसलों पर अपनी मोहर लगाई. जिसमें एक बार फिर किसानों के हित में दो फैसले लिए तो वही रेलवे और सड़क के क्षेत्र में बाकी फैसले लिए. मोदी कैबिनेट की बैठक में किसानों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. मोदी कैबिनेट ने लागत से 50 फीसदी ज़्यादा MSP को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी .

मंत्रिमंडल ने विपणन सीजन 2025-26 के लिए 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. यह वृद्धि भारत में उत्पादन की भारित औसत लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर तय की गई है, जैसा कि 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषित किया गया था.

खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि

  • नाइजर्सीड में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो 820 रुपये प्रति क्विंटल है.
  • इसके बाद रागी में 596 रुपये प्रति क्विंटल, कपास में 589 रुपये प्रति क्विंटल और सेसामम में 579 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है.
  • विपणन सीजन 2025-26 के लिए एमएसपी दरें:

अनाज

  • धान (सामान्य): 2369 रुपये प्रति क्विंटल
  • ज्वार (हाइब्रिड): 3699 रुपये प्रति क्विंटल
  • बाजरा: 2775 रुपये प्रति क्विंटल
  • रागी: 4886 रुपये प्रति क्विंटल
  • मक्का: 2400 रुपये प्रति क्विंटल

दालें

  • तूर/अरहर: 8000 रुपये प्रति क्विंटल
  • मूंग: 8768 रुपये प्रति क्विंटल
  • उड़द: 7800 रुपये प्रति क्विंटल

तेल बीज

  • मूंगफली: 7263 रुपये प्रति क्विंटल
  • सूरजमुखी बीज: 7721 रुपये प्रति क्विंटल
  • सोयाबीन (पीला): 5328 रुपये प्रति क्विंटल
  • सेसामम: 9846 रुपये प्रति क्विंटल
  • नाइजर्सीड: 9537 रुपये प्रति क्विंटल

व्यावसायिक फसलें

  • कपास (मध्यम स्टेपल): 7710 रुपये प्रति क्विंटल
  • कपास (लंबा स्टेपल): 8110 रुपये प्रति क्विंटल

इन दरों से किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. सरकार ने हाल के वर्षों में दालों, तेल बीजों और पोषक-अनाजों जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एमएसपी का उपयोग किया है.

किसानों के हित में दूसरा बड़ा फैसला कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मौजूदा 1.5% ब्याज सहायता के साथ संशोधित ब्याज सहायता योजना (MISS) को जारी रखने को मंजूरी दी है और आवश्यक धन व्यवस्था को भी मंजूरी दी है.

इस योजना की विशेषताएं है

  • लघु अवधि के ऋण: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को 3 लाख रुपये तक के लघु अवधि के ऋण 7% की सब्सिडी वाले ब्याज दर पर प्रदान किए जाते हैं.
  • ब्याज सहायता: पात्र ऋण देने वाली संस्थाओं को 1.5% ब्याज सहायता प्रदान की जाती है.
  • समय पर भुगतान प्रोत्साहन: समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3% का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे उनकी ब्याज दर 4% हो जाती है.
  • पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए ऋण: पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए लिए गए ऋण पर 2 लाख रुपये तक ब्याज लाभ लागू होता है.

किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लाभ

  • किसानों को सस्ता ऋण: योजना के तहत किसानों को सस्ते ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें अपनी कृषि गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलती है.
  • कृषि उत्पादकता में वृद्धि: योजना के तहत ऋण प्राप्त करने से किसानों को अपनी कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलती है.
  • आर्थिक समावेशन: योजना के तहत ऋण प्राप्त करने से छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलती है.

इस योजना के तहत 7.75 करोड़ से अधिक KCC खाते हैं, और इसके जारी रहने से कृषि क्षेत्र में संस्थागत ऋण के प्रवाह को बनाए रखने में मदद मिलेगी .

कैबिनेट का तीसरे फैसले में आंध्र प्रदेश में 4-लेन बडवेल-नेल्लोर राजमार्ग के विकास को मंजूरी दी है, जो बडवेल-गोपावरम गांव (एनएच-67) से शुरू होकर गुरुविंदपुडी (एनएच-16) तक जाएगा. इस परियोजना की कुल लागत ₹3,653.10 करोड़ है और इसकी कुल लंबाई 108.134 किलोमीटर होगी.

परियोजना की विशेषताएं

  • चार लेन का राजमार्ग: यह परियोजना आंध्र प्रदेश में यातायात की सुविधा और सुरक्षा में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
  • कुल लागत: परियोजना की कुल लागत ₹3,653.10 करोड़ है, जो इसके महत्व और आकार को दर्शाती है.
  • लंबाई: परियोजना की कुल लंबाई 108.134 किलोमीटर है, जो कई गांवों और शहरों को जोड़ेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी.

इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना है, साथ ही यातायात की सुविधा और सुरक्षा में भी सुधार होगा .

कैबिनेट ने भारतीय रेलवे के दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जो महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लागू की जाएंगी. इन परियोजनाओं में शामिल हैं. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के चार जिलों को कवर करने वाली इन दोनों परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 176 किलोमीटर की वृद्धि होगी.

पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 IPS और डैनिप्स अधिकारियों के तबादले

पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 IPS और डैनिप्स अधिकारियों के तबादले

 दिल्ली :- दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 38 आईपीएस और डैनिप्स अधिकारियों के तत्काल तबादले और नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है. यह आदेश 28 मई 2025 को गृह विभाग की ओर से जारी किया गया.

बदलाव के तहत दिल्ली पुलिस के विभिन्न ज़िलों और इकाइयों जैसे साउथ, वेस्ट, ईस्ट, नॉर्थ, रोहिणी, आउटर नॉर्थ, सेंट्रल, ट्रैफिक, स्पेशल सेल, सुरक्षा और क्राइम ब्रांच में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.

इन तबादलों में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ हाल ही में सेवा में आए अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है जबकि कुछ को विशेष विभागों की कमान दी गई है. यह कदम प्रशासनिक कार्यक्षमता को मजबूत करने और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है. आदेश पर गृह विभाग के उप सचिव संजीव कुंडू के हस्ताक्षर हैं.

 ITR फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 31 जुलाई नहीं, इस तारीख तक फाइल कर सकेंगे ITR

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 31 जुलाई नहीं, इस तारीख तक फाइल कर सकेंगे ITR

 BREAKING NEWS : आयकर दाताओं के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब टैक्सपेयर्स 31 जुलाई की बजाय 15 सितंबर 2025 तक अपना आयकर रिटर्न फाइल कर सकेंगे।

इस फैसले से उन करदाताओं को समय मिलेगा जो किसी कारणवश अब तक रिटर्न दाखिल नहीं कर सके थे। सीबीडीटी ने यह निर्णय विभिन्न वर्गों की मांगों और तकनीकी कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया है।आयकर विभाग ने सभी करदाताओं से समय पर रिटर्न भरने की अपील की है ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

Free Aadhaar Update Deadline : आधार अपडेट का आखिरी मौका ! इस तारीख तक फ्री में करें सुधार

Free Aadhaar Update Deadline : आधार अपडेट का आखिरी मौका ! इस तारीख तक फ्री में करें सुधार

  Free Aadhaar Update Deadline : अगर आपको अपना आधार कार्ड अपडेट कराना है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। दरअसल बहुत जल्द आधार को फ्री में अपडेट कराने की डेडलाइन आने वाली है। इसके बाद आधार अपडेट कराने के लिए पैसों का भुगतान करना होगा। बता दें कि पिछले साल यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार कार्ड में दी गई जानकारी फ्री में अपडेट करने के लिए डेडलाइन जारी की थी। वहीं UIDAI आधार कार्ड धारकों को सुझाव देता है कि अपना आइडेंटिटी और एड्रेस प्रूफ आधार बनवाने के हर 10 साल पर अपडेट करें। ऐसे में डेडलाइन से पहले अपने अपडेट्स करवाना जरूरी हो जाता है।

क्या है डेडलाइन

जैसा कि हमने बताया 14 जून 2025 फ्री में आधार से जुड़े अपडेट्स करवाने की डेडलाइन है। इस डेडलाइन के बाद आधार को फ्री अपडेट करना संभव नहीं होगा। और कार्ड होल्डर्स को आधार सेंटर पर जाकर ही अपनी जानकारी अपडेट करानी होगी। अब अगर आपको डेडलाइन से पहले आधार की डिटेल्स अपडेट करानी हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  • सबसे पहले ब्राउजर खोलें और फिर ‘https://myaadhaar.uidai.gov.in/%20; पर जाएं
  • इसके बाद लॉगइन करें और फिर अपना आधार कार्ड नंबर एंटर करें। इसके बाद कैप्चा भरकर OTP एंटर करें।
  • अब पोर्टल पर लॉगइन करने के बाद आप अपना मौजूद एड्रेस और आइडेंटिटी प्रूफ चेक कर सकते हैं कि वह अपडेटेड है या नहींं। अगर आप इसे अपडेट करना चाहते हैं, तो ‘Document Update’ ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद उस डॉक्युमेंट को चुनें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं। संबंधित डॉक्यूमेंट अपलोड कर दें।
  • इसके बाद बदली गई जानकारी को रिव्यू करें और सबमिट कर दें।
  • सब हो जाने के बाद आपको Service Request Number (SRN) मिल जाएगा जिससे आप अपने बदलाव का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

इस अपडेट के लिए जाना ही होगा सेंटर

बता दें कि अगर आपको अपनी फोटो या बायोमीट्रिक्स से जुड़ी जानकारी को अपडेट कराना है, तो इसके लिए आपको आधार सेंटर तक जाना ही होगा। इन जानकारियों को अपजेट करने के लिए कुछ खास मशीनों की जरूरत पड़ती है और उनका एक्सेस सिर्फ आधार सेंटर के कर्मचारियों के पास ही होता है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 21 हाईकोर्ट जजों के तबादले की सिफारिश की, देखें पूरी सूची

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 21 हाईकोर्ट जजों के तबादले की सिफारिश की, देखें पूरी सूची

 नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने देशभर के विभिन्न उच्च न्यायालयों में पदस्थ 21 न्यायाधीशों के स्थानांतरण और प्रत्यावर्तन की सिफारिश की है। यह सिफारिश न्यायपालिका के कार्य संचालन को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कॉलेजियम की इस सिफारिश में कई राज्यों के उच्च न्यायालयों को शामिल किया गया है, और संबंधित न्यायाधीशों की योग्यता, वरिष्ठता व प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है।

न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कॉलेजियम द्वारा समय-समय पर ऐसे निर्णय लिए जाते रहे हैं।

दिल दहला देने वाली घटना: बागेश्वर धाम की कथा सुनकर लौट रहे एक ही परिवार के 7 लोगों ने की खुदकुशी

दिल दहला देने वाली घटना: बागेश्वर धाम की कथा सुनकर लौट रहे एक ही परिवार के 7 लोगों ने की खुदकुशी

 पंचकुला/देहरादून : हरियाणा के पंचकुला में सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां देहरादून से आए एक ही परिवार के सात लोगों ने जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। मृतकों में परिवार के मुखिया प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी, माता-पिता और तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। यह परिवार बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा में शामिल होने के बाद लौट रहा था, जब यह दर्दनाक कदम उठाया गया।

कार में मिली सातों की लाशें, सुसाइड नोट ने खोली आर्थिक तंगी की परतें

घटना पंचकुला के सेक्टर-27 में एक मकान के सामने खड़ी कार में हुई। स्थानीय लोगों को संदेह हुआ जब कार काफी देर से वहीं खड़ी दिखी, और अंदर कोई हलचल नहीं थी। पुलिस को सूचना दी गई, और जब कार का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का मंजर देख सभी सन्न रह गए—कार की पिछली सीट और फर्श पर सातों लोग बेसुध पड़े थे

पुलिस को कार से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें साफ लिखा है कि परिवार भारी कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मित्तल परिवार देहरादून में टूर एंड ट्रैवल्स का व्यवसाय करता था, लेकिन बताया जा रहा है कि महामारी और बाजार में आई मंदी के बाद से वे बुरी तरह से कर्ज में डूब गए थे।

बागेश्वर धाम की कथा में शामिल होकर लौट रहा था परिवार

परिवार हाल ही में पंचकुला में आयोजित बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा में भाग लेने आया था। धार्मिक आस्था के सहारे शायद वे मानसिक शांति की तलाश में थे, लेकिन लौटते वक्त उन्होंने यह भयावह फैसला ले लिया

पोस्टमॉर्टम और जांच जारी, पुलिस जुटी तथ्यों की तह तक जाने में

पंचकुला पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट के आधार पर कर्जदाताओं और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं परिवार पर किसी तरह का दबाव तो नहीं था।

मानसिक स्वास्थ्य पर उठते सवाल

यह घटना देश में बढ़ते आर्थिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के संकट की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को टाला जा सकता है अगर वक्त रहते व्यक्ति को भावनात्मक सहयोग और परामर्श मिले।

अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या आत्मघाती विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क करें। आप अकेले नहीं हैं—मदद हमेशा उपलब्ध है।

CRIME : बेटा अपनी ही मां के साथ बना रहा था शारीरिक संबंध, बेटी ने देखा तो ले ली जान

CRIME : बेटा अपनी ही मां के साथ बना रहा था शारीरिक संबंध, बेटी ने देखा तो ले ली जान

 महाराष्ट्र :- महाराष्ट्र के सोलापुर जिले (Solapur) से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपनी महज आठ साल की बेटी की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ, जब शुक्रवार दोपहर गांव में बच्ची की अचानक हुई गुमशुदगी के बाद परिजन उसे खोजने लगे और घर के पास संदिग्ध गतिविधियों के निशान दिखाई दिए।

 
यह दिल दहलाने वाली घटना दक्षिण सोलापुर तालुका के कुसूर गांव में घटी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिता ओगसिद्ध रेवणसिद्ध कोठेचे (उम्र 34) को उसकी मासूम बेटी ने दादी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। दरअसल आरोपी अपनी ही मां यानी बच्ची की दादी के साथ शारीरिक संबंध बना रहा था। इस घिनौने कृत्य को बेटी ने देख लिया, जिससे घबराकर आरोपी ने उसे रात में ही मार डाला और घर के पास खेत में गड्ढा खोदकर शव दफना दिया।
 
घटना के अगले दिन सुबह जब बच्ची घर में नहीं दिखी, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। घर के पास मिट्टी में दिखे पांवों के निशान और खुदाई से लोगों को शक हुआ। जब परिजनों ने ओगसिद्ध से सख्ती से पूछा तो उसने खुद कुबूल किया कि उसने ही अपनी बेटी की हत्या की है।
 
सूचना पाकर मौके पर पहुंची मंद्रूप पुलिस ने गड्ढा खोदकर शव बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा। 

ओगसिद्ध के तीन बेटियां और एक बेटा है। उसकी पत्नी का सोलापुर के सिविल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। वारदात के दिन मृत बच्ची अपने दादा रेवणसिद्ध के पास सो रही थी। देर रात वह दूसरी कमरे में सो रहे अपने पिता के पास चली गई और तब उसने पिता और दादी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया।

 
शुरुआत में आरोपी ने असली कारण छुपाने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि उसकी बेटी ने उसे उसकी मां से अनैतिक संबंध बनाते देख लिया था। इस राज को छिपाने के लिए ही उसने अपनी ही नाबालिग बेटी को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी की पत्नी फिलहाल सोलापुर के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती है। उसने पुलिस को बताया कि पति और उसकी मां के बीच अवैध संबंध थे।