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हमारी भाषाओं के संरक्षण के लिए जन आंदोलन की जरूरत: उपराष्ट्रपति

हमारी भाषाओं के संरक्षण के लिए जन आंदोलन की जरूरत: उपराष्ट्रपति

हमारी भाषा परंपराओं के लाभों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए, उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज सरकार के प्रयासों के साथ ही, अपनी भाषाओं के संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया।

कई पीढ़ियों और भौगोलिक क्षेत्रों के निवासियों को आपस में जोड़े रखने में भाषा की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए, श्री नायडू ने हमारी भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को संरक्षित, समृद्ध और प्रचारित करने के लिए एक ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।

छठे वार्षिक 'राष्ट्रेतर तेलुगू समाख्या' सम्मेलन में बोलते हुए, श्री नायडू ने सुझाव दिया कि तेलुगु भाषा के लिए और हमारी स्थानीय परंपराओं के पुनरोद्धार के लिए तेलुगु लोगों को एक साथ आना चाहिए।

यह देखते हुए कि किसी भाषा की उपेक्षा करने से उसका पतन शुरू हो जाएगा, उपराष्ट्रपति ने सलाह दी कि यह प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अन्य भाषाओं और संस्कृतियों को कम किए बिना अपनी मातृभाषा को संरक्षित और बढ़ावा दें।

श्री नायडू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की परिकल्पना के अनुसार प्राथमिक शिक्षा को अपनी मातृभाषा में होने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की प्राथमिक शिक्षा उनकी मातृभाषा में हुई थी। “लोगों को यह गलत धारणा नहीं बनानी चाहिए कि यदि कोई अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करता है तो वह सफल नहीं हो सकता और जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता। इसका खंडन करने के लिए हमारे पास अतीत और वर्तमान के कई उदाहरण हैं।"

उपराष्ट्रपति ने तेलुगु साहित्य का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए और अधिक पहल करने का भी आह्वान किया जिससे किसी भी भाषा परंपरा की समृद्धि का प्रसार हो सके। इस तथ्य की सराहना करते हुए कि इस तरह के कई सांस्कृतिक संगठनों ने वैश्विक महामारी के दौरान भी अपना काम ऑनलाइन जारी रखा, श्री नायडू ने सुझाव दिया कि भाषा और प्रौद्योगिकी को उसी भावना से जोड़ने (एकीकृत करने) के प्रयास तेज किए जाएं।

यह देखते हुए कि तेलुगु भाषा के संरक्षण और प्रसार के लिए तेलुगु भाषी राज्यों के बाहर एक हजार से अधिक संगठन कार्यरत हैं, उपराष्ट्रपति ने 'राष्ट्रेतर तेलुगु समाख्या' नामक एक साझा मंच पर एक साथ आने के लिए आयोजकों की पहल की सराहना की। उन्होंने उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।

हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, पश्चिम बंगाल सरकार में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री डॉ. शशि पंजा, आंध्र प्रदेश विधान सभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री मंडाली बुद्ध प्रसाद, अखिल भारतीय तेलुगु महासंघ के अध्यक्ष डॉ. सी. एम. के. रेड्डी, राष्ट्रेतर तेलुगु समाख्या के अध्यक्ष श्री सुंदर राव, और अन्य लोग इस आभासी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे। 

उच्च न्यायालयों की सभी वेबसाइटों में अब दिव्यांगजनों के लिए कैप्चा उपलब्ध, पढ़े पूरी खबर

उच्च न्यायालयों की सभी वेबसाइटों में अब दिव्यांगजनों के लिए कैप्चा उपलब्ध, पढ़े पूरी खबर

भारतीय न्यायिक प्रणाली के डिजिटल बुनियादी ढांचे को दिव्यांगजनों के लिए और अधिक सुलभ बनाने का कार्य पिछले कुछ महीनों के दौरान उच्चतम न्यायालय की ई-समिति के काम का एक मुख्य घटक रहा है। इस उद्देश्य की दिशा में ई-समिति के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण पड़ाव यह सुनिश्चित करना है कि सभी उच्च न्यायालय की वेबसाइटों में अब दिव्यांगजनों के लिए कैप्चा सुलभ करा दिए गए हैं।ये कैप्चा न्यायालय की वेबसाइट के कई आवश्यक पहलुओं जैसे कि निर्णय / आदेश, वाद-सूचियाँ और मामलों की स्थिति की जांच तक पहुँचने के लिए प्रवेश बिंदु के रूप में कार्य करते हैंI उच्च न्यायालय की कई वेबसाइटें अब तक विशेष रूप से नेत्रहीनों के लिए निष्प्रयोज्य दृश्य कैप्चा का उपयोग कर रही थीं, जिससे उनके लिए ऐसी सामग्री को स्वतंत्र रूप से देख-समझ पाना असंभव हो गया था। सभी उच्च न्यायालयों के आपसी समन्वय से, ई-समिति ने अब यह सुनिश्चित किया है कि दृश्य कैप्चा के साथ शब्दों और श्रव्य कैप्चा भी होने चाहिए ताकि दृष्टिबाधित लोग भी ऐसी वेबसाइट की सामग्री को आवश्कतानुसार प्राप्त कर सके।
16 दिसंबर, 2020 के एक पत्र में, ई-समिति के अध्यक्ष, डॉ. न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने सभी उच्च न्यायालयों से दिव्यांगजनों के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों के अनुरूप उनके लिए अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुलभ बनाने का आह्वान किया था। पत्र में इस संबंध में सभी उच्च न्यायालयों के लिए प्रक्रिया में संरचनात्मक हस्तक्षेपों की एक श्रृंखला भी शामिल की गई थी।

इस पत्र के बाद की प्रक्रिया अनुसरण में, ई-समिति ने इस परियोजना के पहले चरण में सभी उच्च न्यायालयों की वेबसाइटों के डिजिटल इंटरफेस की सब तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की। यह जानने के लिए निम्नलिखित छह मानक तैयार किए गए थे कि उच्च न्यायालय की वेबसाइट सुलभ है भी या नहीं: निर्णयों तक पहुंच; कारण-सूचियों तक पहुंच; मामले की स्थिति तक पहुंच; कंट्रास्ट/रंग विषय; पाठ का आकार [ए + एए]; और स्क्रीन रीडर एक्सेस।

ई-समिति ने सभी उच्च न्यायालयों के केंद्रीय परियोजना समन्वयकों और उनकी तकनीकी टीमों के लिए जागरूकता पैदा करने और सभी उच्च न्यायालयों की वेबसाइटों के डिजिटल इंटरफेस की पहुंच सुनिश्चित करने और सुलभ पीडीएफ बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की। उच्च न्यायालयों की वेबसाइटें अब कुछ उन वेबसाइटों को छोड़कर उपरोक्त मापदंडों का अनुपालन करती हैं, जो स्क्रीन रीडर एक्सेस प्रदान करने की प्रक्रिया में हैं। इन मानकों के साथ उच्च न्यायालयों के अनुपालन की स्थिति- अनुलग्नक ए में दी गई है ।

ई-समिति सुलभ अदालती दस्तावेजों को तैयार करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की प्रक्रिया में भी है और अपने हितधारकों के लिए एक उपयोगी निर्देशिका के रूप में काम करेगी। यह वॉटरमार्क, हाथ से लिखने, गलत स्थानों पर टिकट चिपकाने और फाइलों में अनुपलब्ध पृष्ठों के मामलों का भी समाधान करेगा। इस संबंध में, ई-समिति के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति डॉ. डी वाई चंद्रचूड़ ने उक्त एसओपी तैयार करने के लिए सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को दिनांक 25.06.2021 को एक पत्र भी लिखा थाI

एनआईसी के सहयोग से ई-समिति द्वारा की गई एक अन्य महत्वपूर्ण पहल दिव्यांगजनों के लिए सुलभ निर्णय खोज पोर्टल (https://judgments.ecourts.gov.in) बनाना है। पोर्टल में सभी उच्च न्यायालयों द्वारा पारित निर्णय और अंतिम आदेश शामिल किए गए हैं। पोर्टल एक निशुल्क टेक्स्ट सर्च इंजन का उपयोग करता है। इसके अलावा, पोर्टल टेक्स्ट कैप्चा के साथ ऑडियो कैप्चा का उपयोग करने की सुविधा भी प्रदान करता है। यह सुलभ कॉम्बो बॉक्स का भी उपयोग करता है, जिससे नेत्रहीनों के लिए वेबसाइट पर काम करना आसान हो जाता है।

ई-समिति की वेबसाइट (https://ecommitteesci.gov.in/) और ई-कोर्ट्स वेबसाइट (https://ecourts.gov.in/ecourts_home/) भी दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध हैं। ई-समिति वेबपेज एस3डब्ल्यूएएएस प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, जो दिव्यांगजनों के लिए वेबसाइटों को सुलभ बनाने के मानकों का अनुपालन करता है।

वकीलों के लिए ई-समिति के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी अधिवक्ताओं को सुलभ फाइलिंग प्रथाओं को अपनाने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाते हैं।


समग्र रूप से देखे जाने वाले इन उपायों ने दिव्यांगजनों के लिए न्याय तक पहुंच को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाया है और उनकी गरिमा को सशक्त तरीके से बनाए रखने की दिशा में कार्य किया है जिससे वे समान आधार पर हमारी न्याय प्रणाली का एक हिस्सा बन सके हैंI दिव्यांग न्यायविदों के लिए ये उपाय उन्हें अपने पेशे में अन्य सक्षम समकक्षों के समान सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहे हैं। ई-समिति की इन पहलों ने हमारी अदालतों को दिव्यांगजनों के दुरूह माने जाने वाले स्थानों के बजाय उनकी भागीदारी के लिए भी स्थान बनाने के बदलाव में मदद की है और यह एक सुलभ और समावेशी कानूनी प्रणाली बनाने का भी एक तरीका है।

 

छात्रा को प्रेम पत्र देने वाले शिक्षक की हुई जमकर पिटाई

छात्रा को प्रेम पत्र देने वाले शिक्षक की हुई जमकर पिटाई

इंदौर, जिले के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित निजी स्कूल के शिक्षक ने आठवीं की छात्रा को न सिर्फ प्रेम पत्र दिया, बल्कि नहीं मिलने आने पर उसके माता-पिता को तांत्रिक क्रियाएं कर जान से मारने की धमकी भी दी। इसकी जानकारी जब छात्रा के माता-पिता और स्थानीय लोगों को लगी तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने शिक्षक के साथ मारपीट करते हुए उसके चेहरे पर कालिख पोत दी व उसके सिर का आधा मुंडन कर गांव में घुमाया। मामला गांव खेड़ी सिहोद का है। यहां शिक्षक वैभव नायक की लोगों ने जमकर धुनाई कर दी, फिर उसके आधे सिर का मुंडन किया और पूरे गांव में घुमाया। 

अंधविश्वास पर महिला को बंधक बनाकर पीटा हुई मौत

अंधविश्वास पर महिला को बंधक बनाकर पीटा हुई मौत

पन्ना, अंधविश्वास के शक में एक महिला को बंधक बनाकर इतना पीटा गया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए स्वजन और सैंकड़ों ग्रामीणों ने पन्ना जिले के अमानगंज थाने का घेराव किया और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस पहुंची तो उन पर पथराव कर दिया। इससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। चार घंटे चला हंगामा पुलिस की समझाइश के बाद शांत हुआ। आरोपितों ने 22 जून को घसुटिया बाई को बंधक बनाकर इतना पीटा कि वह मरणासन्न हो गई।

 

ऐसा क्या हुआ कि बहू को देखकर बेहोश हो गई सास, होश आते ही निकाला बाहर

ऐसा क्या हुआ कि बहू को देखकर बेहोश हो गई सास, होश आते ही निकाला बाहर

बिहार के सासाराम में एक ऐसी अनोखी शादी हुई है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। यहां एक लड़के ने किन्नर से शादी कर ली। शादी के बाद जब बहू अपने ससुराल पहुंची तो लड़के की मां उसे देखकर बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो उन्हें यह शादी मंजूर नहीं थी। समाज वालों के चलते उन्होंने दोनों को घर से निकाल दिया।
यह मामला सासाराम जिले के करगहर का है। यहां किन्नर से शादी करने वाले युवक के घर में बवाल मच गया है। बताया जा रहा है कि करगहर का गोलू पहले एक नाच पार्टी में काम करता था। इस दौरान उसे पानापुर की रहने वाली किन्नर नंदनी से प्यार हो गया। दोनों ने साथ जीने की ठानी और शादी कर ली।
शादी के बाद गोलू अपनी किन्नर पत्नी नंदनी के साथ करगहर के ही एक किराए के मकान में रह रहा था। परिवार वालों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने दबाव बनाकर बेटे को किन्नर बहू से अलग करने की कोशिश की। बात नहीं बनी तो वे उसे समझा बुझाकर अपने घर ले आए।
वहीं जब नंदनी को इसकी जानकारी मिली तो वह गोलू को ढूंढते हुए उसके घर पहुंच गई। यहां किन्नर बहू को देखकर सास बेहोश हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब नंदिनी पानी छिड़ककर सास को होश में लाने की कोशिश करने लगी। ये नजारा देखकर लोग अपने घर वापस जाने लगे। सास को जैसे ही होश आया उसने घर की लोकलाज के चलते बहू को घर से बाहर निकाल दिया। दोनों पति-पत्नी करीबी रिश्तेदार के घर चले गए हैं।

 

जिन्होंने लगवा लिया है पहला टीका उन्हें ही इन जगहों पर मिलेगी कल से एंट्री

जिन्होंने लगवा लिया है पहला टीका उन्हें ही इन जगहों पर मिलेगी कल से एंट्री

जयपुर, राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है।अच्छी बात यह है कि कोविड टीकाकरण अभियान के मामले में राजस्थान शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है। इस बीच, गहलोत सरकार ने कोविड पर लगाम लगाने के लिए एक फरमान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 28 जून यानी सोमवार से कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ले चुके लोग ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन समेत सार्वजनिक जगहों पर प्रवेश कर सकेंगे।
कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए गहलोत सरकार ने शनिवार को नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए दिशानिर्देशों में राजस्थान सरकार ने 28 जून से लोगों के सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश करने के लिए वैक्सीन की कम से कम एक डोज लेना अनिवार्य कर दिया।
गहलोत सरकार की ओर से जारी नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, अब राज्य में सरकारी कार्यालय शाम 6 बजे तक खुल सकेंगे। वहीं जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों का टीकाकरण हो चुका है, वे अतिरिक्त तीन घंटे तक खोल सकते हैं। वहीं धार्मिक स्थल भी सशर्त खुलेंगे, जबकि विवाह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मैरिज पैलेस 1 जुलाई से खुल सकते हैं।

इन कार्यालयों में आ सकेंगे 100 फीसदी कर्मचारी
दिशानिर्देशों के मुताबिक, जिन सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या 25 से कम है, वहां पूर्व स्टाफ को आने की इजाजत होगी, जबकि जिन कार्यालयों में कर्मियों की संख्या 25 या 25 से अधिक है, वहां 50 प्रतिशत कर्मियों को अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा जिन कार्यालयों में 60 फीसदी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन हो चुका है यानी वैक्सीन की पहली डोज ले ली है, वहां 100 फीसदी कर्मियों को आने की अनुमति दी गई है। नए नियमों के तहत कार्यालयों के खुलने का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
दिशानिर्देशों के मुताबिक, चालक व परिचालकों के वैक्सीन की कम से कम पहली खुराक मिल जाने के बाद ही शहर में मिनी बसों का संचालन करने की अनुमति होगी। सोमवार से शनिवार के बीच निजी वाहनों को सुबह 5 से रात 8 बजे तक यातायात की अनुमति होगी।

सशर्त खुले पार्क, रेस्तरां और जिम
गहलोत सरकार ने सार्वजनिक पार्क, रेस्तरां और जिम को सशर्त खोल दिया है। पार्क सुबह 5 से 8 के बीच खुले रहेंगे। वहीं वे जिम और रेस्तरां जिनके 60 प्रतिशत कर्मचारियों का टीकाकरण हो चुका है, उन्हें शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक अतिरिक्त 3 घंटे खोले जाने की अनुमति होगी।
 

नशे से धुत्त BJP नेता के भाई ने कार से कई लोगों को उड़ाया, पब्लिक ने पकड़ी गाड़ी

नशे से धुत्त BJP नेता के भाई ने कार से कई लोगों को उड़ाया, पब्लिक ने पकड़ी गाड़ी

मेरठ, शहर के टीपीनगर में कान्हा प्लाजा के पास नशे में चूर भाजपा नेता के भाई ने तेज रफ्तार कार से महिला समेत कई लोगों को टक्कर मार दी. टक्कर मारने के बाद आरोपी ने साथियों के साथ भागने की कोशिश की लेकिन मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया. हालांकि आरोपी के दो साथी मौके से भागने में कामयाब रहे. लोगों ने आरोपी को तुरंत पुलिस को सौंप दिया. कहा जा रहा है कि पुलिस पूरे मामले में आरोपी को बचाने का प्रयास करती रही. रात साढ़े 8 बजे तक आरोपी का मेडिकल तक नहीं कराया गया. दूसरी ओर कार की टक्कर के बाद एक महिला की हालत ज्यादा गंभीर हो गई जिसे मेरठ के गणपति अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ के टीपीनगर के किशनपुर निवासी विमल मंडल को भाजपा युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया गया है. विमल का मौसेरा भाई शिवम शुक्रवार शाम अपनी कार लेकर मेरठ आया था. कार में उसके साथ 2 लोग और थे. घर लौटते समय नशे में धुत शिवम ने सड़क पर कार दौड़ा दी और एक महिला जिसकी पहचान रजनी पत्नी धर्मेंद्र निवासी मलियाना और 2 अन्य लोगों को टक्कर मार दी. इसमें महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
महिला और 2 अन्य लोगों को टक्कर मारने के बाद बीजेपी नेता का भाई शिवम कार रोकोने की बजाय वहां से भागने लगा. कुछ लोगों ने खून से लतपथ महिला को अस्पताल पहुंचाया और कुछ लोगों ने कार सवार आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया. शिवम और उसकी कार को मलियाना में जसवंत इंटर कॉलेज के पास पकड़ लिया गया. हालांकि उसके 2 साथ भागने में कामयाब रहे. लोगों ने बताया कि उसकी कार पर भाजपा युवा मोर्चा उपाध्यक्ष लिखा हुआ था.
लोगों ने आरोपी शिवम को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया था. हालांकि रात के साढ़े 8 बजे तक पुलिस ने आरोपी का मेडिकल नहीं कराया. पीड़ित महिला के परिवार का आरोप है कि एक भाजपा नेता के कहने पर आरोपी का मेडिकल कराने में देरी की गई. ताकि शराब पीने की पुष्टि न हो.
मीडिया ने जब इस संबंध में टीपीनगर ताने के कार्यवाहक थाना प्रभारी प्रीतम सिंह से बात की तो उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक युवक को पकड़ा गया है. मेडिकल कराने के संबंध में सवाल पूछने पर प्रीतम सिंह ने कहा कि अभी मेडिकल नहीं कराया गया. देरी की वजह पूछने पर थाना प्रभारी ने कहा कि वह अभी मेडिकल करा देंगे.
 

मानवता हुई शर्मसार: घर लौट रही युवती के साथ हुआ गैंगरेप

मानवता हुई शर्मसार: घर लौट रही युवती के साथ हुआ गैंगरेप

गुमला. झारखंड के गुमला जिले के घाघरा थाना इलाके के कठफोड़वा गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ गैंगरेप (Gangrape) का मामला सामने आया है, जानकारी के अनुसार पीड़िता कठफोड़वा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी. चाचा के घर शादी समारोह संपन्न होने के बाद जब युवती वहां से अपने घर लौट रही थी, तो उसी दौरान शादी में शामिल होने आए दो युवक, कोटामाटी गांव निवासी (20 वर्ष) गुलाब उरांव और बड़कडीह निवासी सुरेश साहू (27 वर्ष) युवती को पकड़कर बगल के पहाड़ी इलाके में ले गए. और रात के अंधेरे में बारी-बारी से दुष्कर्म किया. काफी देर तक युवती तक घर नहीं पहुंची, तो युवती के परिजनों ने खोजबीन शुरू की. परिजनों ने देखा कि पहाड़ी में युवती के साथ दो युवक मौजूद हैं. परिजन को देखते ही दोनों युवक वहां से भाग गए|


रिजनों ने जब युवती से पूछताछ की तो युवती ने बताया कि उसे जबरदस्ती वहां लाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया. परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी, सूचना मिलते ही घाघरा थानाप्रभारी अकाश कुमार पांडे, सब इंस्पेक्टर कौशलेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर सूरज कुमार रजक पुलिस बल के साथ गांव में छापेमारी शुरू की| और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया, दोनों ने ही पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया|

थाना प्रभारी आकाश पांडे ने बताया कि पीड़िता चाचा के घर शादी समारोह में हिस्सा लेकर रात को अपने घर लौट रही थी. इसी दौरान दो युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया, सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. युवती की मेडिकल जांच के साथ-साथ 164 का बयान दर्ज कर लिया गया है|

VIDEO: हवा मे उड़ते हुये शख्स का विडियो वाइरल, यहां देखे विडियो

VIDEO: हवा मे उड़ते हुये शख्स का विडियो वाइरल, यहां देखे विडियो

अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 21 जून को एक अदभूत नजारा देखने को मिला, लोग हवा में उड़ते हुए इंसान को देखकर हैरान रह गए। यह इंसान होवरबोर्ड के जरिए उड़ रहा था। ऐसे होवरबोर्ड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, खासकर युवा पीढ़ी के बीच। आपको फ्रेंकी ज़ापाटा (Franky Zapata) तो याद ही होंगे, जिन्होंने 2019 में फ्लाईबोर्ड पर इंग्लिश चैनल के ऊपर से उड़ान भरी थी? इस दौरान उनके होवरबोर्ड ने 177 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ी थी और उन्होंने 35 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 22 मिनट में तय की थी। हालांकि इस बार टाइम्स स्क्वायर पर सभी को हैरान करने वाला यह व्यक्ति कोई और था और उसका होवरबोर्ड भी काफी अलग था।

 

एक वीडियो में दिखाया गया है कि पूरे प्रोटेक्टिव गियर पहना यह आदमी ड्रोन जैसे दिखने वाले होवरबोर्ड के ऊपर खड़ा है और एक भीड़ भरी जगह में रोड के ऊपर होवर करते हुए निकलता है। वह इस होवरबोर्ड में स्थिरता के साथ शांत खड़ा दिखाई दे रहा है। वीडियो में इस बेहतरीन क्षण को कई लोग अपने फोन या कैमरा में रिकॉर्ड करते भी दिखाई दे रहे हैं। करें भी क्यों न, वर्तमान में भी ऐसा नज़ारा आम बात नहीं है। ट्विटर पर Rex Chapman (@RexChapman) नाम के एक यूज़र द्वारा शेयर किए गए इस 10 सेकंड के वीडियो को खबर लिखने तक 80 लाख लोगों द्वारा देखा जा चुका था।


इस वीडियो के रिप्लाई में सैंकड़ों मज़ाकिया बाते भी देखने को मिली। कुछ ने इसे स्पाइडर मैन (Spider-Man) फिल्म के विलन ग्रीन गॉब्लिन (Green Goblin) बोला, तो कुछ ने इस स्टंट की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

 

 

स्वास्थ्य मंत्री का सहकर्मी से लिपलॉक Kiss का वीडियो हुआ वायरल, विरोधियो ने की इस्तीफे की मांग

स्वास्थ्य मंत्री का सहकर्मी से लिपलॉक Kiss का वीडियो हुआ वायरल, विरोधियो ने की इस्तीफे की मांग

ब्रिटेन के 42 वर्षीय स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक अपनी सहयोगी जीना कोलाडांगेलो को Kiss करते हुए कैमरे में कैद हो गए और इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यह घटना लंदन में स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में उनके कार्यालय के बाहर की है. सीसीटीवी फुटेज में हैनकॉक अपने ऑफिस के बाहर जीना को किस करते दिख रहे हैं और ये तस्वीरें पिछले महीने की 6 तारीख की बताई जा रही है. इसका वीडियो वायर होने के बाद से ब्रिटेन में बवाल मचा हुआ है. स्वास्थ्य मंत्री और उनकी सहयोगी दोनों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है.
वहीं द सन ने इसका वीडियो जारी किया है….


ब्रिटेन में इस वीडियो के वायरल होने के बाद भूचाल आया हुआ है. इस बीच, हैनकॉक के साथ तस्वीर में दिख रहीं जीना कोलाडांगेलो कहीं चली गई हैं. अफेयर के खुलासे से ठीक पहले जीना कोलाडांगेलो को अपनी कार से कहीं जाते देखा गया है. हालांकि, अभी ये पता नहीं चल सका है कि वो कहां गईं हैं और कब तक वापस लौटेंगी.
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक का ऑफिस सहयोगी के साथ अफेयर के खुलासे के बाद उनके इस्तीफे की मांग की जाने लगी है.हालांकि हैनकॉक ने एक बयान में लोगों से माफी भी मांगी है लेकिन उन्होंने ये माफी इसलिए मांगी है कि उन्होंने डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया. वहीं, उन्होंने इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया है.
हैनकॉक ने अपने बयान में अफेयर की खबरों को खारिज तो नहीं किया लेकिन अपने परिवार के लिए निजता की अपील की है. हैनकॉक के बचाव में उतरे उनके साथियों का कहना है कि यह उनका निजी मामला है और मंत्रीपद से इसका संबंध नहीं है.
वहीं, दूसरी ओर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे विरोधियों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के साथ काम करने वालों का खास संबंध होने टैक्सपेयर्स के साथ धोखा है. यही नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तोड़ने को जनता के साथ विश्वासघात बताया गया है. विवाद बढ़ने के बाद हैनकॉक ने एक वैक्सिनेशन सेंटर का दौरा भी रद्द कर दिया जिसे लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है.
 

कोरोना के डर से मां ने 5 साल की बेटी को उतार दिया मौत के घाट

कोरोना के डर से मां ने 5 साल की बेटी को उतार दिया मौत के घाट

लंदन। ब्रिटेन में 36 वर्षीय एक भारतीय महिला ने अपनी पांच साल की बेटी की अपने घर पर हत्या कर दी। मां में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। महिला का कहना है कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसके अंदर कोरोना से मरने का डर पैदा हो गया था और सोचा कि उसकी छोटी बच्ची उसके बिना नहीं रह सकती।  सुधा शिवनाथम ने पिछले साल 30 जून को दक्षिण लंदन के अपने फ्लैट के बेडरूम में अपनी बेटी सयागी की 15 बार चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद को भी गंभीर रूप से घायल कर लिया।रिपोर्ट में कहा गया कि उसके पति ने कहा कि वो वायरस से संक्रमित होने को लेकर डर गई थी और हो सकता है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण वह अकेलापन महसूस कर रही हो और उसे कोई रास्ता न सूझा हो। बृहस्पतिवार को ओल्ड बेली में पेश हुई शिवनाथम ने अपराध स्वीकार कर लिया। उसे अनिश्चित काल के लिए अस्पताल में रखा जाएगा।


शादी के बाद 2006 से ब्रिटेन में रह रही शिवनाथम ने महामारी से लगभग एक साल पहले रहस्यमय बीमारियों की शिकायत की थी। अभियोजकों ने कहा कि वह गंभीर रूप से बीमार थी और आश्वस्त हो गई थी कि वह मरने वाली है। हमले के दिन, उसने अपने पति से काम पर न जाने का आग्रह किया और दोस्तों को फोन करके बताया कि उसकी तबीयत खराब है। शाम करीब चार बजे पड़ोसी मिचम के मोनार्क परेड के फ्लैट में गए, तो उसे शिवनाथम को घायल पाया। बिस्तर पर पड़ी सयागी के गले, छाती और पेट में कई वार किए गए थे। सुधा को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका पुलिस हिरासत से रिहाई मिलने से पहले दो महीने से अधिक समय तक इलाज चला। उसे मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम की धारा 37 और 41 के तहत अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया।
 अजीबोगरीब  मामला: खाने में नहीं मिला मटन तो दूल्हे ने कर दिया शादी कैंसिल, और फिर उसी रात दूसरी लड़की से कर लिया विवाह

अजीबोगरीब मामला: खाने में नहीं मिला मटन तो दूल्हे ने कर दिया शादी कैंसिल, और फिर उसी रात दूसरी लड़की से कर लिया विवाह

जाजपुर। ओडिशा राज्य के जाजपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां दूल्हे ने शादी करने से  इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि बारातियों को खाने में मीट नहीं परोसा गया था। इसकी जानकारी मिलते ही दूल्हा शादी समारोह छोड़कर चला गया, फिर  उसी रात दूल्हे ने एक दूसरी लड़की से विवाह  कर लिया है।

पढ़िए पूरी खबर-
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दूल्हा रमाकांत पात्रा की शादी सुकिंदा की रहने वाली एक लड़की से तय हुई थी। विवाह के कई सारे रीति रिवाज हो चुके ते। वहीं कुछ बारातियों ने दूल्हे से खाने में मीट नहीं मिलने की शिकायत की, इस पर  दूल्हा रमाकांत भड़क गया और इसी बात पर उसने शादी करने से मना कर दिया।

बीते  बुधवार को दूल्हा रमाकांत पात्रा बारात लेकर सुकिंदा स्थित लड़की के निवास पर पहुंचा था। बारात का उचित स्वागत किया गया। शादी की रस्में चल रही थीं, इस बीच बारातियों को पता चला कि खाने में मटन नहीं बना है तो वो वधु पक्ष के लोगों को उलाहना देने लगे।  बारातियों का कहना था कि खाने में मीट परोसे जाने के लिए पहले ही बात तय हो गई थी। इस पर विवाद बढ़ता गया और मामला दूल्हे तक पहुंच गया।

इस विवाद के बाद दूल्हा बिना किसी से कुछ कहे विवाह स्थल से निकल गया, इसके बाद जब उससे संपर्क किया गया तो उसने इसी वजह से  शादी करने से इनकार कर दिया। वहीं लड़की वाले दूल्हे को समझाने-बुझाने की कोशिश ही कर रहे थे कि इस बीच दूल्हा अपने एक रिश्तेदार के साथ उसके गांव चला गया।  दूल्हा सुकिंदा की कुहिका पंचायत में जाकर  अपने एक रिश्तेदार के घर जाकर रुका। यहां दूल्हे ने उसी रात फुलाझारा की एक दूसरी लड़की से शादी कर ली। इस मामले में अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। पुलिस ने कहा है कि  अगर  इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी।
तीसरा निकाह करना चाहता था 55 साल का मौलवी, बीवी ने गुप्तांग पर हमला कर उतारा मौत के घाट

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले में एक मौलवी को उसकी दो पत्नियों में से एक ने इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वो तीसरी शादी करने करना चाहता था। ज्यादा खून निकलने की वजह से उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौलवी की अपनी दो पत्नियों के साथ अक्सर तीसरी शादी को लेकर लड़ाई होती रहती थी।
57 साल के मौलवी अहमद की गुरुवार देर रात को भी इस मुद्दे पर अपनी दो पत्नियों के साथ तीखी बहस हुई थी। पत्नियों में से एक हजरा ने उसे इस मामले पर फटकार लगाई तो मौलवी ने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी थी। इसके बाद रात में गुस्साई पत्नी ने किचन के चाकू से उसके प्राइवेट पर तब हमला कर दिया जब वह सो रहा था।
हमले की वजह से मौलवी की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी महिला ने अपने रिश्तेदारों की मदद से उसका अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। पड़ोस में से किसी को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद भौरा कलां थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
हजरा ने पुलिस को हत्या की सारी कहानी बता दी जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुजफ्फरनगर के फुगाना क्षेत्र के डीएसपी एससी शर्मा सर्कल प्रभारी ने कहा, 'आरोपी की पत्नी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने अपने पति अहमद की हत्या इसलिए की क्योंकि वह तीसरी पत्नी लाना चाहता था जबकि दो पत्नियों के बीच में पहले से ही काफी दिक्कते हैं।'
मौलवी अहमद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। घटना मुजफ्फरनगर के भौरा कलां थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव की है।

 

 ट्रेन के इंजन पर चढ़कर सेल्फी लेना युवक को पड़ा भारी, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत

ट्रेन के इंजन पर चढ़कर सेल्फी लेना युवक को पड़ा भारी, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत

रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम में एक किशोर की सेल्फी लेने की आदत की वजह से उसकी जान पर बन आई। ट्रेन की इंजन पर चढ़कर सेल्फी लेते हुए हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से किशोर बुरी तरह से झुलस गया। गंभीर हालत में किशोर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक रतलाम में बीती देर शाम को राजीव नगर निवासी 17 वर्षीय किशोर अपने 3 अन्य दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक पर चला गया। यहां यार्ड की ओर जाने वाले ट्रैक पर खड़े इंजन पर किशोर चढ़ गया और सेल्फी बनाने लगा, लेकिन सेल्फी के जुनून में किशोर का ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन पर ध्यान नहीं गया और जैसे ही सेल्फी लेने के लिए नाबालिग ने मोबाइल लेकर अपना हाथ ऊपर किया, वह हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गया। जोरदार झटके के साथ ब्लास्ट हुआ और झुलसता हुआ किशोर इंजन से ज़मीन पर आ गिरा। झुलसने के साथ किशोर को चोट भी आई है। घटना के बाद दोस्तों ने झुलसे हुए किशोर के पिता को कॉल कर सूचना दी। परिजन उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां किशोर का इलाज जारी है।
 बड़ी खबर: शादी के कुछ ही दिन बाद दुल्हन ने ससुराल से मायके पहुंचकर की प्रेमी संग आत्महत्या

बड़ी खबर: शादी के कुछ ही दिन बाद दुल्हन ने ससुराल से मायके पहुंचकर की प्रेमी संग आत्महत्या

मुक्तसर।  पंजाब के मुक्तसर साह‍िब के गांव किल्लियांवाली से एक दहला देने वाला मामला सामने आया है यहां शादी के 9 दिन दुल्हन ने अपने प्रेमी संग आत्महत्या कर ली। शादी के बाद दुल्हन पहली बार अपने मायके लौटी थी। दोनों की लाश गांव के बाहर पानी के टैंक में मिली है। गांव में जैसे ही खबर का पता चला तो सन्नाटा छा गया. पुलिस को मौके पर बुलाया गया. मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. 

अपनी शादी को सिर्फ कुछ दिन बीते थे और 19 साल लड़की ने ससुराल से अपने मायके आने पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर बातचीत की और दोनों ने एक साथ अपनी जीवन लीला समाप्त करने की ठान ली.लड़की का परिवार लड़की को ढूंढ रहा था तभी पता चला कि लड़की और उसका प्रेमी जो गांव का ही रहने वाला है, ने पानी की टंकी में कूदकर आत्महत्या कर ली है.आत्महत्या से पहले लड़की ने अपना नई शादी की जो चूड़ियां थीं, उनको तोड़ा. इसके बाद अपने प्रेमी के साथ पानी के टैंक में कूदकर आत्महत्या कर ली.

सूचना के अनुसार, लड़का और लड़की ने अपने परिवार वालों को अपने प्रेम के बारे में नहीं बताया था और इस घटना के बाद गांव में बहुत अफसोस मनाया जा रहा है.लड़की सुबह ही अपने परिवार को दुकान से सामान लाने का कहकर घर से गई थी और वापस नहीं आई. दोनों की लाश गांव की वाटर वर्क्स की टैंक से मिली. पुलिस को सूचित किया गया तो दोनों की लाश को सिविल हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी

 
पिता को मृत समझकर बेटा कर चुका था 30 साल पहले पिंडदान, अब यहां से जिंदा मिले पिता

पिता को मृत समझकर बेटा कर चुका था 30 साल पहले पिंडदान, अब यहां से जिंदा मिले पिता

मिर्जापुर: यूपी के मिर्जापर जिले के जिगना थाना क्षेत्र के बिजरकला गांव निवासी एक व्यक्ति 30 साल बाद हरियाणा में यमुनानगर के एक आश्रम में मिला. जब यह सूचना परिवारीजनों को मिली तो यह खबर किसी सपने के हकीकत में बदलने जैसा हुआ. सूचना पर पिता को लेने बेटा यमुनानगर पहुंच गया है. पिता को अपने सामने देखा तो दोनों के आंसू छलक उठे. दोनों एक दूसरे के गले लग खूब रोये.

बता दें कि जिगना थाना क्षेत्र के बिजरकला गांव निवासी रोहित तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं. रोहित रेलवे में गैंगमैन थे. 30 वर्ष की उम्र में मानसिक स्थिति ठीक न होने पर वह काम छोड़ चुके थे. बताया जा रहा है कि दशहरा के बाद जिगना थाना क्षेत्र के दुगारहा गांव में लगने वाले कुश्ती दंगल मेला को देखने के लिए निकले. इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे. परिवार वालों ने उन्हें खूब खोजा पर रोहित का पता नहीं चला. पता ना चलने पर बेटे ने उनको मृत समझ कर पिंडदान भी कर दिया.

दरअसल, अप्रैल 2021 में रोहित कुरुक्षेत्र के शाहबाद में 'नी आसरे दा आसरा आश्रम' के संचालक जसकीरत को मिले. उन्होंने देखा कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. ऐसे में आश्रम में उनका उपचार कराया. जिससे मानसिक स्थिति कुछ ठीक हुई. उसके बाद आश्रम की तरफ से स्टेट क्राइम ब्रांच पंचकूला की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को जानकारी दी गई. उसके बाद रोहित ने अपने गांव का नाम बिजरकला बताया.

पुलिस ने ऐसे खोजा रोहित का गांव
राजेश ने फिर इंटरनेट के जरिए बिजरकला गांव को तलाशा. उन्हें इस नाम के कई गांव मिले. उसके बाद बिजरकला गांव के प्रधान रवि यादव से बात हुई. प्रधान रोहित ने बताया कि उनके गांव निवासी रोहित कई वर्ष से लापता हैं. इसके बाद एएसआई ने प्रधान रवि के जरिये रोहित के परिवार से संपर्क किया. विजरकला के ग्राम प्रधान रवि ने बताया कि 15 दिन पहले उनके पास फोन आया था. पुलिस ने अमरनाथ से वीडियो कॉलिंग के जरिये बात कर पिता की पहचान कराई. बता दें कि रोहित की ससुराल प्रयागराज जिले के मांडा खास में रहते है.
 शादी में छह फेरे लेने के बाद रुक गई दुल्‍हन और फिर हुआ कुछ ऐसा की बुलानी पड़ी पंचायत

शादी में छह फेरे लेने के बाद रुक गई दुल्‍हन और फिर हुआ कुछ ऐसा की बुलानी पड़ी पंचायत

महोबा। उत्तरप्रदेश के महोबा में दुल्‍हन ने सात फेरों के दौरान ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद रात में पंचायत भी हुई, लेकिन दुल्‍हन शादी न करने की जिद पर अड़ी रही, जिसकी वजह से बारात वापस लौट गई। जैसे ही दुल्‍हन ने छह फेरे लेने के बाद शादी करने से मना किया तो हड़कंप मच गया, इसके बाद रात में ही पंचायत बुलाई गई, यह मामला इस वक्‍त पूरे इलाके में चर्चा का कारण बना हुआ है।

पढ़िए पूरी खबर-
गुरुवार को उत्‍तर प्रदेश के महोबा में झांसी के कुलपहाड़ तहसील के एक गांव से बारात पहुंची थी, इस दौरान दुल्‍हन पक्ष ने बारातियों का जोरदार स्वागत किया, तो ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर डांस करने वाले के बाद सबने खुशी से दावत उड़ाई। वहीं, द्वारचार और जयमाल की रस्म अदायगी की गई, इस दौरान दुल्हन और दूल्हे ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, तो दोनों पक्षों के लोगों ने जमकर फोटो खिंचवाए, इसके बाद सात फेरों का कार्यक्रम भी शुरू हुआ, लेकिन यहीं दुल्हन ने छह फेरे के बाद शादी से इनकार कर दिया। इस दौरान परिवारीजनों ने दुल्हन से वजह पूछी तो उसने कहा, 'मुझे दूल्हा पसंद नहीं, इसलिए शादी नहीं करूंगी।'

बता दें कि इस शादी के दौरान जयमाल कार्यक्रम के बाद दुल्‍हन और दूल्‍हन के साथ खास रिश्तेदारों और दोस्तों ने खाना भी था, तो आधी रात को दूल्ह के पक्ष के लोगों ने जेवर चढ़ावे की रस्म को पूरा किया, इसके बाद मंडप के नीचे वैदिक मंत्रोच्चारण दूल्हा और दुल्हन अग्नि के फेरे ले रहे थे यहीं नहीं, दोनों 6 फेरे पूरे कर चुके थे, लेकिन सातवें फेरे में दुल्हन रुक गई, इसके बाद सभी ने हैरानी भरे लहजे में दुल्‍हन से वजह पूछी तो उसने कहा कि मैं शादी नहीं करूंगी, फिर वह गठबंधन की गांठ खोलकर अपने कमरे में चली गई, इसके बाद सभी के होश उड़ गए।

सातवें फेरे से इनकार को लेकर दुल्‍हन के माता और पिता उससे वजह पूछी तो उसने कहा कि मुझे दूल्हा पसंद नहीं है, इसलिए शादी नहीं करूंगी, हालांकि इसके बाद दोनों पक्ष के लोग दुल्हन को कई घंटे तक समझाते रहे, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी, इसके बाद आधी रात को तमाम लोगों की उपस्थिति में पंचायत हुई और इस दौरान भी दुल्हन अपनी जिद पर अड़ी रही। इस दौरान विवाद से भड़के दूल्‍हे के पिता ने कहा कि जब शादी से इनकार करना था तो जयमाल और चढ़ावे की रस्म क्यों कराई, हालांकि कुछ देर बाद दोनों पक्षों में आपसी सहमति बनी और बारात बैरंग लौट गई।
दंपति को घर मे घुस कर मारी गोली , जानिए पूरा मामला

दंपति को घर मे घुस कर मारी गोली , जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली मे एक दिल देहला देने वाला मामला सामने आया है, दिल्ली के द्वारका के अमराही गांव में बीती देर रात एक दंपति को गोली मार दी गई| घायल दंपति को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पति को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पत्नी की हालत नाजुक बनी हुई है|


दिल्ली पुलिस को शुरूआती जांच में पता चला है कि दोनों ने घर से भागकर अगस्त माह में प्रेम विवाह किया था. शादी से लड़की के परिवार वाले नाखुश थे. पुलिस ने हत्या और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है|


डीसीपी संतोष कुमार मीणा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान गोपालपुर गांव सोनीपत, हरियाणा निवासी विनय दहिया (23) के रूप में हुई है. जबकि उसकी पत्नी की पहचान किरण दहिया (19) के रूप में हुई है. दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे. दिल्ली में अमराही गांव में किराए पर रहते थे. रात करीब नौ बजे पुलिस को द्वारका सेक्टर-19 के अमराही गांव में दंपति को गोली मारे जाने की जानकारी मिली|

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दंपति को पास के अस्पताल में भर्ती कराया जहां विनय को चार गोली मारी गई थी. जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. किरण को पांच गोली मारी गई है. रात करीब नौ बजे छह सात लोगों ने उन्हें गोली मार दी|


शुरूआती जांच में पुलिस को पता चला है कि विनय और किरण एक ही गांव के रहने वाले हैं और दोनों ने पिछले साल अगस्त माह में भागकर प्रेम विवाह किया था. बताया जा रहा है कि लड़की के परिवार वाले इस शादी से नाखुश थे. पुलिस ने दोनों के परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी है और जांच शुरू कर दी है|

 

राज्य में 5 जुलाई तक बढ़ा  लॉकडाउन, लेकिन कुछ शर्तो के साथ इन्हें मिली इजाजत

राज्य में 5 जुलाई तक बढ़ा लॉकडाउन, लेकिन कुछ शर्तो के साथ इन्हें मिली इजाजत

चेन्नई, तमिलनाडु की सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण को लेकर लागू लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाकर 5 जुलाई तक कर दिया है. हालांकि, इस फैसले के साथ ही कुछ रियायतें देने की भी घोषणा राज्य की स्टालिन सरकार ने की है. सरकार ने राज्य के चार जिलों चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टु और तिरुवल्लुवर में प्राइवेट कंपनियां 100 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम कर सकेंगी. वहीं शॉपिंग कॉमप्लेक्स और मॉल्स पचास फीसदी की क्षमता के साथ खोले जा सकेंगे.


धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत


इसके साथ ही धार्मिक स्थानों को भी खोलने की इजाजत दे दी गई है. हालांकि, किसी भी तरह के त्यौहारों की इजाजत नहीं है. राज्य सरकार ने अपने एक बयान में कहा, “चर्च, मंदिर और मस्जिद खोले जा सकते हैं लेकिन किसी त्यौहार की अनुमति नहीं है.”


तमिलनाडु में कोरोना की स्थित


तमिलनाडु में गुरुवार को कोविड-19 के 6,162 नये मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 24.49 लाख हो गयी जबकि 155 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 31,901 पहुंच गयी. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन जारी कर यह जानकारी दी.


बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में 9,046 मरीज संक्रमण मुक्त हुए, जिसके साथ राज्य में अब तक इस जानलेवा वायरस को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 23,67,831 हो गयी. तमिलनाडु में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 49,845 हो गयी है.


 

हिन्दी विश्‍वविद्यालय ने रैकिंग मे लगाई ज़बर्दस्त छलांग

हिन्दी विश्‍वविद्यालय ने रैकिंग मे लगाई ज़बर्दस्त छलांग

वर्धा: एजुकेशन वर्ल्ड (ई. डब्ल्यू) ने विभिन्न श्रेणियों में उच्च शैक्षणिक संस्थानों को व्यापक मानकों पर उनके प्रदर्शन के आधार पर ई. डब्ल्यू इंडिया हायर एजुकेशन रैंकिंग 2021-22’ जारी की है। भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग का यह लगातार आठवां संस्करण है। नैक द्वारा ग्रेड प्राप्‍त महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा (केंद्रीय विश्‍वविद्यालय) ने इस वर्ष की रैंकिंग में जबर्दस्त छलांग लगाई है। 2020 में विश्‍वविद्यालय जहाँ 120 वें स्थान पर था, वहीं इस वर्ष की रैंकिंग में इसे 76 वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही महाराष्ट्र के पहले 10 संस्थानों में भी विश्‍वविद्यालय ने जगह बनाई है।


उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की रैंकिंग के लिए भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों का सर्वेक्षण डिजिटल मीडिया के माध्यम से एक संरचित प्रश्‍नावली का उपयोग करके किया गया था जिसमें देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों के 1823 चयनित शिक्षकों एवं अंतिम वर्ष के 2133 विद्यार्थियों से संपर्क कर उनका साक्षात्कार लिया गया एवं उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता के छह मापदंडों- संकाय व शिक्षकों की गुणवत्ता और अनुसंधान तथा नवाचार, उद्योगों के साथ संबंध, आधारभूत संरचना, भौतिक व अकादमिक संसाधन व सुविधाएं, प्लेसमेंट, उद्यमिता, विकास कार्यक्रमों की विविधता, आदि के अंतर्गत उन्हें दस अंकों के पैमाने पर मूल्यांकन करने के लिए कहा गया। इस प्रकार प्राप्त आंकड़ों के विश्‍लेषण के आधार पर उच्च शिक्षा संस्थानों व विश्‍वविद्यालयों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया। इस प्रकार की रैंकिंग से नवांतुक विद्यार्थियों को विभिन्न मापदंडों के आधार पर विश्‍वविद्यालयों का चयन करने में सहायता मिलती है। साथ ही इस रैंकिंग के माध्यम से विश्‍वविद्यालयों को विभिन्न रैंकिंग मापदंडों पर अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने और अपनी क्षमताओं एवं खामियों की पहचान कर सुधार करने में मदद मिलती है।


विश्‍वविद्यालय के कुलपति आचार्य रजनीश कुमार शुक्ल ने इस उपलब्धि पर विश्‍वविद्यालय के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें विश्‍वास है कि अगले वर्ष रैंकिंग में विश्‍वविद्यालय और सुधार करेगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग ग़ुणवत्ता के लिए की जा रही है और यह वास्तव में हम सभी के लिए प्रोत्साहन का एक स्रोत है। उन्होंने कहा कि रैंकिंग में सुधार के लिए ज्यादातर संस्थान खुद को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रो. शुक्ल ने कहा कि भारत के सामने एक बड़ी चुनौती गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करना है। इस समस्या को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पहचाना गया है तथा वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रोफेसर शुक्ल ने आशा व्यक्त की है कि इस रैंकिंग से विश्‍वविद्यालय को स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न रैंकिंग मापदंडों पर अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए मदद मिलेगी एवं विश्‍वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहेगा तथा स्थानीय आवश्यकता आधारित, सामाजिक रूप से प्रासंगिक एवं राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण शिक्षा प्रदान करने की आकांक्षा को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा।