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इस प्रदेश की  सरकार ने सड़क के किनारे की धार्मिक संरचनाओं को हटाने का आदेश दिया

इस प्रदेश की सरकार ने सड़क के किनारे की धार्मिक संरचनाओं को हटाने का आदेश दिया

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 मार्च, 2021 को सार्वजनिक सड़कों पर सभी धार्मिक संरचनाओं को हटाने का आदेश दिया है। गृह विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी की जिसमें कहा गया है कि सार्वजनिक सड़कों, गलियों, सड़क के किनारे या फुटपाथ पर धार्मिक प्रकृति की किसी संरचना या निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यदि संरचना का निर्माण 1 जनवरी, 2011 को या उसके बाद हुआ है, तो उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाएगा। ये निर्देश सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले सभी धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों और मंडलायुक्त को निर्देश दिया है। जिला स्तर पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी सूचित किया गया है कि यदि 1 जनवरी, 2011 को या उसके बाद सार्वजनिक सड़कों पर कोई भी धार्मिक निर्माण या अतिक्रमण किया गया है, तो उन निर्माणों को उस धर्म के अनुयायियों द्वारा प्रस्तावित भूमि पर स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए। आदेश में आगे कहा गया है कि, यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। आदेशों की अवहेलना को उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना ​​माना जाएगा और इसे आपराधिक अवमानना ​​माना जाएगा।

पृष्ठभूमि
अप्रैल 2016 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अवैध धार्मिक संरचनाओं के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं हटाने के लिए राज्यों को सवालों के घेरे में रखा था। अदालत ने कहा था कि सड़कों पर या नालियों के पास इस तरह के अनधिकृत धार्मिक ढांचे भगवान का अपमान है। 

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने  प्रधानमंत्री मोदी  की तारीफ की... जाने क्या है मामला

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की... जाने क्या है मामला

नई दिल्ली । कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुश्किल के इस दौर में भारत वैक्सीन मैत्री अभियान के तहत ज्यादातर देशों को स्वदेशी कोरोना वैक्सीन की खेप पहुंचाने में जुटा है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारत ने एंटीगुआ और बारबाडोस, सेंट किट्स और नेविस, सेंट विंसेन्ट, ग्रेनेडाइन्स और सूरीनाम जैसे कैरीकॉम देशों को कोरोना वैक्सीन की डोज पहुंचाई थी। भारत की इस दरियादिली की इन देशों के पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने जमकर तारीफ की है। वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान विवियन रिचर्ड्स, रिची रिचर्डसन, जिमी एडम्स जैसे खिलाड़ियों ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। एक वीडियो संदेश में विवियन रिचर्ड्स ने कहा कि मैं एंटीगुआ और बारबाडोस के लोगों की तरफ से भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा कि उन्होंने हमें कोरोना वैक्सीन की खेप पहुंचाई। इससे हमारे रिश्ते और मजबूत होंगे। वहीं, रिची रिचर्ड्सन ने भी भारत की इस दरियादिली की खुले मन से तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मैं एंटीगुआ और बारबाडोस की सरकार और जनता की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताना चाहता हूं कि उन्होंने भारत में बनी कोरोना वैक्सीन की 40 हजार डोज हमें भेजी। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड में डायरेक्टर जिमी एडम्स ने भी कोरोना वैक्सीन भेजने के लिए भारत की सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत सरकार कैरीकॉम देशों को कोरोना वैक्सीन पहुंचा रही है। वो वाकई तारीफ का काम है। इससे मेरे अपने देश जमैका के लोगों को भी बहुत फायदा होगा।
गौरतलब है कि `कैरीकॉम`20 कैरेबियाई देशों का समूह है, जहां करीब 1.6 करोड़ लोग रहते हैं। भारत ने `टीका मैत्री` अभियान के तहत भूटान को 1.5 लाख, मालदीव, मॉरीशस और बहरीन को एक लाख, नेपाल को 10 लाख, बांग्लादेश को 20 लाख, म्यांमार को 15 लाख, सेशल्स को 50,000, श्रीलंका को पांच लाख कोविड-19 रोधी टीके की खुराकें मुहैया कराई हैं। इसके अलावा अनेक देशों को टीके की वाणिज्यिक आपूर्ति भी की गई है।
 

प्रेमी से शादी करने के लिए युवती ने मंगेतर की करा दी हत्या, जाने कहाँ की है यह खबर

प्रेमी से शादी करने के लिए युवती ने मंगेतर की करा दी हत्या, जाने कहाँ की है यह खबर

लखनऊ | मोहनलालगंज के बाबूखेड़ा में शहाबुद्दीन उर्फ मनीष की हत्या की साजिश उसकी मंगेतर हसमतुल निशां ने रची थी। शनिवार को हसमतुल निशां और उसके प्रेमी शाने अली समेत छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए यह जानकारी दी। मोहनलालगंज पुलिस की सजगता के चलते हत्या के आरोप में नामजद कराए गए हसमतुल निशां के भाइयों को क्लीनचिट मिल गई।

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डीसीपी दक्षिण रवि कुमार ने बतायाबंथरा निवासी शहाबुद्दीन और हसमतुल निशां की शादी 27 मई को होनी थी। मगर, युवती इससे खुश नहीं थी। वह पीजीआई कल्ली पश्चिम निवासी शाने अली से प्यार करती थी। लेकिन परिवार वालों के दबाव में वह शहाबुद्दीन से मिलती रही। इस बीच हसमतुल निशां ने प्रेमी शाने अली से मंगेतर को रास्ते से हटाने के लिए कहा।

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साजिश के तहत गुरुवार को शाने अली ने जन्मदिन के बहाने से शहाबुद्दीन को मिलने के लिए बुला लिया। रात 8.30 बजे करीब शने अली और उसके बाराबंकी निवासी अरकान, मोहनलालगंज निवासी संजू गौतम, अमन कश्यप और पीजीआई निवासी समीर मोहम्मद बाबूखेड़ा में जमा हुए। जहां आरोपियों ने शहाबुद्दीन पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। हमलावरों से बचने के लिए शहाबुद्दीन भिड़ा रहा। इस पर कुत्ते को बांधी जाने वाली जंजीर से आरोपियों ने उसका गला कस कर हत्या कर दी।

युवती की करतूत से परिवार हुआ शर्मसार
इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्र के मुताबिक, शुक्रवार को शहाबुद्दीन का शव मिलने के बाद उसके भाई अनीस ने हसमतुल निशां के दो भाइयों पर हत्या करने का शक जताया था। पुलिस संदेह के आधार पर पूछताछ कर रही थी। इस बीच हसमतुल निशां के शाने अली से संबंध होने की जानकारी मिली। जिसे आधार बनाते हुए हसमतुल निशां से बात की गई। पूछताछ के दौरान युवती टूट गई। उसने प्रेमी शाने अली संग मिल कर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल ली। जिसके आधार पर शाने अली और उसके चार दोस्तों को पकड़ा गया। वहीं, हसमतुल निशां के परिवार वाले बेटी की सच्चाई जानने के बाद से परेशान हैं।उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह शहाबुद्दीन के परिवार को क्या जवाब देंगे।
 
हमें क्या पता था सहरा नहीं अर्थी सजा रहे हैं
हसमतुल निशां और शहाबुद्दीन का रिश्ता तय होने से दोनों परिवार के लोग खुश थे। 27 मई को होने वाली शादी के लिए तैयारियां चल रहीं थीं।शुक्रवार सुबह शव मिलने के बाद से शहाबुद्दीन के घर पर मातम पसरा हुआ है। भाई अनीस के मुताबिक उसे हसमतुल निशां के भाइयों पर शक था। मगर, पुलिस की जांच में जो हकीकत सामने आई। उसे सुनकर हम हैरान है। हमें नहीं पता था कि जिसे लड़की को बहू बना कर घर लाना चाहते हैं। वहीं लड़की मेरे भाई की अर्थी सजाने की तैयारी कर रही है। इतना कहते हुए अनीस फफक पड़े।
 
LOCKDOWN BREAKING : इस देश में तीन दिन के लिए इस तारीख से लगेगा लॉकडाउन, प्रधानमंत्री ने की घोषणा

LOCKDOWN BREAKING : इस देश में तीन दिन के लिए इस तारीख से लगेगा लॉकडाउन, प्रधानमंत्री ने की घोषणा

रोम | यूरोपीय देश में इटली में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी की नई लहर के प्रकोप को देखते हुए अधिकारियों ने दुकानें, रेस्तरां और स्कूल बंद करने की घोषणा की है।

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इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी ने कोरोना की नई लहर की चेतावनी जारी करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ईस्टर पर 3-5 अप्रैल को तीन दिनों के लिए देश भर पूर्ण लॉकडाउन रहेगा।

 
उन्होंने कहा कि इटली में एक वर्ष पहले कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के चलते पहली बार देशभर में लॉकडाउन लगाया था। एक बार फिर संक्रमण के तेजी से प्रसार को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीमारी के कारण देश में एक लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
देश के इस क्षेत्र में बिना कपड़ों के पूरी तरह न्यूड होकर साइकिलिंग के लिए निकले महिलाएं और पुरुष, जाने ऐसा क्यों किया

देश के इस क्षेत्र में बिना कपड़ों के पूरी तरह न्यूड होकर साइकिलिंग के लिए निकले महिलाएं और पुरुष, जाने ऐसा क्यों किया

केपटाउनकुछ न्यूड लोगों ने शनिवार को वर्ल्ड नेक्ड बाइक राइड इंटरनेशन मूवमेंट में हिस्सा लेते हुए केपटाउन की सड़कों पर साइकिलिंग की। साइकिलिंग की इस राइड का आयोजन साउथ अफ्रीका के केपटाउन में किया गया। 

इस तरह की राइड का आयोजन दुनिया भर में किया जाता है, जिससे लोगों को सुरक्षित तरीके से साइकिल चलाने, साइकिल को ट्रासपोर्ट के रुप में इस्तेमाल करने और दुनियाभर में इस्तेमाल हो रहे जीवाश्म-ईंधन के प्रयोग को रोकने के लिए जागरुक किया जाता है।

इस रैली में लोग मस्ती में नजर आ रहे हैं। खुशी से एक-दूसरे के साथ इस रैली शामिल होते दिखाई दे रहे हैं। इस साइकिल रैली में पुरुष और महिलाओं ने मिलकर हिस्सा लिया और दुनियाभर के लोगों को साइकिल के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने की कोशिश की।  इस साइकिल रैली की तस्वीरें देखकर लोग चौक रहे हैं। लोग तस्वीरें देखकर हैरान है कि आखिर ऐसी कौन-सी रैली है, जिसमें लोग न्यूड होकर हिस्सा ले रहे हैं। साइकिल रैली ये तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं।

  चीन की नई पंचवर्षीय योजना, भारत ने घोषित चार बांधों पर अपनी चिंता व्यक्त की

चीन की नई पंचवर्षीय योजना, भारत ने घोषित चार बांधों पर अपनी चिंता व्यक्त की

चीन ने औपचारिक रूप से 11 मार्च, 2021 को 2021-2025 के लिए अपनी 14वीं पंचवर्षीय योजना को मंजूरी दे दी है। नेशनल पीपल्स कांग्रेस द्वारा मसौदा रूपरेखा पारित कर दिया गया है। नई पंचवर्षीय योजना में कई प्रमुख रणनीतिक परियोजनाओं पर प्रकाश डाला गया है, जिसे देश प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाएगा। इस परियोजना में शामिल है: ब्रह्मपुत्र या यारलुंग ज़ंगबो के निचली क्षेत्र पर तिब्बत में पहले जलविद्युत बांध का निर्माण।यह खंड भारत में प्रवेश करने से ठीक पहले तिब्बत में नदी के एक हिस्से को संदर्भित करता है।

भारत के साथ सीमा के पास सिचुआन-तिब्बत रेलवे लाइन का निर्माण
यह योजना उभरते हुए उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सहित आत्मनिर्भरता प्राप्त करने पर जोर देती है।
इस योजना में G219 राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख सीमा राजमार्गों तक पहुंच को खोलने पर जोर दिया गया है जो शिनजियांग और तिब्बत क्षेत्र में भारत-चीन सीमा के साथ लगता है।


भारत की चिंता
चीन ने ऊपरी और मध्य क्षेत्र पर चार बांधों को भी मंजूरी दी थी। तिब्बत में हाइड्रोपावर बांध ब्रह्मपुत्र के निचले क्षेत्र का पहला बांध होगा। हालांकि, भारत ने ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरी और मध्य क्षेत्र पर पहले से घोषित चार बांधों पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

सिचुआन-तिब्बत रेलवे
पंचवर्षीय योजना में यह भी बताया गया है कि सिचुआन में यान से तिब्बत के निंगची तक रेलवे एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना है। चीन ने तिब्बत-नेपाल सीमा के साथ तिब्बत में Xigaze से रेलवे लाइन बनाने के लिए कार्य को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया है। 

इस कंपनी के कोरोना टीके से खून के थक्के जमने की शिकायत, इन देशों ने इस्तेमाल पर लगाई रोक

इस कंपनी के कोरोना टीके से खून के थक्के जमने की शिकायत, इन देशों ने इस्तेमाल पर लगाई रोक

डेनमार्क ने ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्रेजेनेका की ओर से विकसित कोविड-19 टीके के इस्तेमाल पर दो हफ्ते के लिए रोक लगा दी है। वहां की सरकार ने टीकाकरण के कुछ लाभार्थियों में खून के थक्के जमने (क्लॉटिंग) की शिकायत सामने आने के बाद यह कदम उठाया है। इनमें से एक लाभार्थी के क्लॉटिंग के चलते दम तोड़ने की भी खबर है।
डेनमार्क के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यूरोपीय देशों में एस्ट्राजेनेका के कोविड टीके से गंभीर साइडइफेक्ट उभरने की बात सामने आई है। ऑस्ट्रिया ने टीकाकरण के बाद खून का थक्का जमने से एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों में रक्त प्रवाह संबंधी विकार पैदा होने के मद्देनजर एस्ट्राजेनेका के टीके की एक खेप का इस्तेमाल ही रोक दिया है।
डेनमार्क के स्वास्थ्य मंत्री मैगनस ह्युनिक ने कहा, ‘मौजूदा समय में इस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा कि खून के थक्के जमने का संबंध एस्ट्राजेनेका के टीके से है। हम मामले के विश्लेषण में जुटे हैं। फिलहाल वैक्सीन के इस्तेमाल पर 14 दिनों का प्रतिबंध लगा दिया गया है।’ इस बीच, एस्ट्राजेनेका ने स्पष्ट किया कि मानव परीक्षण में टीके की सुरक्षा की पुष्टि हुई थी। वैज्ञानिक प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान भी वैक्सीन से कोई गंभीर साइडइफेक्ट नहीं उभरने की बात सामने आई थी। टीके का असर या दुष्प्रभाव उत्पादन की गुणवत्ता पर निर्भर करता है।

 

अमृत ​​महोत्सव 75 स्थानों पर 75 सप्ताह तक आयोजित किया जाएगा

अमृत ​​महोत्सव 75 स्थानों पर 75 सप्ताह तक आयोजित किया जाएगा

नईदिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च, 2021 को सभी सांसदों और जन प्रतिनिधियों से ‘अमृत महोत्सव’ में हिस्सा लेने का आग्रह किया। ब्रिटिश शासन से भारत की आजादी के 75 वर्षों को चिह्नित करने के लिए 12 मार्च, 2021 से अमृत महोत्सव शुरू होगा। यह गुजरात में साबरमती आश्रम से शुरू होगा। यह महोत्सव पूरे देश में 75 सप्ताह के लिए 75 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। MyGov ने हाल ही में अमृत महोत्सव के लिए एक लोगो डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए, कलाकारों को शासन, विकास, प्रौद्योगिकी, सुधार, प्रगति और नीति से लेकर विषयों पर लोगो डिजाइन करने के लिए कहा गया था। यह लोगो प्रतियोगिता केवल भारत के नागरिकों के लिए खुली थी। इस प्रतियोगिता के लिए प्रवेश नि: शुल्क था और सरकार द्वारा कोई योग्यता निर्धारित नहीं की गई है। इसके लिए प्रवेश 28 फरवरी, 2021 को बंद कर दिया गया था 28 फरवरी तक प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन चयन समिति द्वारा किया जाएगा जो इस उद्देश्य के लिए गठित की गई थी। यह समिति प्रविष्टियों को शॉर्टलिस्ट करेगी और यदि कोई प्रविष्टि उपयुक्त पाई गई तो विजेता का फैसला किया जायेगा। इन प्रविष्टियों को मौलिकता, रचनात्मकता, तकनीकी उत्कृष्टता, रचना, सरलता, दृश्य प्रभाव, कलात्मक योग्यता के आधार पर आंका जाएगा। यह समिति एक विजेता, दो उपविजेता का निर्णय करेगी। विजेता को 1 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा, जबकि दो उप-विजेताओं को क्रमशः 50,000 रुपये और 25,000 रुपये मिलेंगे। 

सड़क किनारे झाड़ियों में युवती का जलता हुआ शव देख दहल गए ग्रामीण, दहशत में हैं लोग

सड़क किनारे झाड़ियों में युवती का जलता हुआ शव देख दहल गए ग्रामीण, दहशत में हैं लोग

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. सड़क किनारे झाड़ियों में एक अज्ञात युवती का शव जलता हुआ देख इलाके में दहशत फैल गई. ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटना स्थल की गहनता से जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. आशंका जाहिर की जा रही है कि युवती की हत्या के बाद बदमाशों ने शिनाख्त मिटाने के लिए शव को जला दिया. घटना कल्यानपुर थाना क्षेत्र के कंसपुर गुगौली गांव के पास की है.


इलाके में दहशत

कल्यानपुर थाना इलाके में उस वक्त दहशत फैल गई जब कंसपुर गुगौली गांव के पास सड़क किनारे झाड़ियों में लोगों ने एक अज्ञात युवती की जलती हुई लाश देखी. ग्रामीणों ने जलती हुई लाश की सूचना पुलिस को दी. आनन-फानन भारी पुलिस फोर्स और फोरेंसिक टीम के साथ एसपी सतपाल अंतिल मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटना स्थल की गहनता के साथ जांच पड़ताल की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.


जल्द होगा खुलासा
मामले को लेकर एसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि सुबह कल्यानपुर थाना क्षेत्र के कंसपुर गुगौली गांव के पास युवती की जली हुई लाश मिलने की सूचना प्राप्त हुई. जिसके बाद डीएम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया. फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. शव की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है. घटना का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें लगाई गई हैं. जल्द ही घटना का खुलास कर कार्रवाई की जाएगी.

 

ब्राजील में P.1 नामक Covid-19 का नया संस्करण, दूसरी लहर अधिक संक्रामक और घातक

ब्राजील में P.1 नामक Covid-19 का नया संस्करण, दूसरी लहर अधिक संक्रामक और घातक

ब्राजील / 212 मिलियन की आबादी वाला देश ब्राजील कोविड-19 की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। वर्ष 2020 में महामारी ने ब्राज़ील को बुरी तरह प्रभावित किया था। अब, ब्राज़ील में पहले की तुलना में अधिक कोविड मौतें और मामले सामने आ रहे हैं। ब्राज़ील के अस्पताल कोरोनोवायरस के ब्राजील वैरिएंट से संक्रमित मरीजों से भर गये हैं। ब्राजील में P.1 नामक Covid-19 का नया संस्करण है। वायरस का यह प्रकार अधिक संक्रामक और घातक है। बढ़ते मामलों के बीच, ब्राज़ील में टीके की आपूर्ति में बड़ी कमी हो रही है। इसके अलावा, बढ़ते मामलों के कारणों में से नीति अनिश्चितता एक प्रमुख कारण है। उदाहरण के लिए, ब्राज़ील के तीन अलग-अलग शहरों बॉरू, सेराना और अरारक्कारा में 140 किमी के भीतर कोविड-19 मामलों में अचानक वृद्धि से लड़ने के लिए पूरी तरह से अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। इससे भ्रम और अनिश्चितता और बढ़ गई है। अरारक्का में, पूर्ण रूप से लॉकडाउन है, जबकि बॉरू में कोई लॉकडाउन नहीं है और न ही मास्क पहनने पर कोई नीति है। दूसरी ओर, सेराना में टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है।

चिंताएं
विभिन्न राज्यों में मामलों की बढ़ती संख्या उनके सार्वजनिक और निजी अस्पताल प्रणालियों को प्रभावित कर सकती है। यह भी चिंता का कारण है कि मौजूदा वैक्सीन का इस संस्करण पर कोई प्रभाव पड़ रहा है या नहीं।

भारत की सहायता
वैक्सीन मैत्री पहल के तहत, भारत ने ब्राजील को टीकों की एक बड़ी खेप प्रदान की थी।

वेरिएंट P.1
SARS-CoV-2 के इस वेरिएंट को कंसर्न 202101/02 या ब्राजीलियन वेरिएंट के रूप में भी जाना जाता है। इसे लीनिएज P.1 भी कहा जाता है और इसमें 17 अद्वितीय अमीनो एसिड परिवर्तन शामिल हैं। इस वैरिएंट को पहली बार जनवरी, 2021 में जापान के राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान (NIID) द्वारा खोजा गया था। इस वेरिएंट के लिए जापान के चार लोग, जो ब्राज़ील गए थे, का सकारात्मक परीक्षण किया गया था। 

इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी के मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस ने रविंदर को किया गिरफ्तार

इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी के मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस ने रविंदर को किया गिरफ्तार

नईदिल्ली।  जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) गुरुग्राम जोनल यूनिट (जीजेडयू), हरियाणा ने नई दिल्ली निवासी  रविंदर कुमार (उर्फ रविंदर) को इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। उस पर जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां बनाने और चलाने का आरोप है। इन कंपनियों का उपयोग बिना वास्तविक रसीद के और वस्तु और सेवा की सप्लाई के बगैर इनपुट टैक्स क्रेडिट पर लाभ उठाने में किया गया अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि रविंदर कुमार ने हरियाणा, नई दिल्ली और झारखंड में अनेक स्वामित्व वाली, साझेदारी वाली और प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को सिर्फ कागज पर बना रखा था। रविंदर जांच से बचता रहा और अनेक अवसर पर समन जारी किए जाने के बावजूद जांच अधिकारियों के सामने हाजिर नहीं हुआ। रविंदर फरार था और अपनी जगह बदलता रहा। अधिकारियों ने उसकी जगह बदलने पर नजर रखी और सक्रिय चौकसी के कारण उसे पकड़ने में सफल रहे। उसने दो प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां, एक पार्टनरशिप फर्म और अनेक स्वामित्व की फर्में बनाने की बात कबूल की है। इन कंपनियों ने बिना सामान के 237.98 करोड़ रुपए का फर्जी बिल बनाया और फर्जी आईटीसी पर 43 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की हेराफेरी की। दिल्ली और हरियाणा के कई स्थानों पर जांच की गई और दस्तावेजी साक्ष्य तथा दर्ज किए गए बयान से यह साबित हुआ कि रविंदर कुमार जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियों का रैकेट चलाने वाला प्रमुख व्यक्ति है। रविंदर कुमार को 9 मार्च, 2021 को गिरफ्तार किया गया और नई दिल्ली के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले में आगे की जांच जारी है। 

सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर

सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर

श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षा बलों ने आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। अनंतनाग में हुए एनकाउंटर में अब तक दो आतंकियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि आतंकियों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस के मुताबिक, इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।  24 फरवरी को 4 आतंकी मारे थे इससे पहले 24 फरवरी को अनंतनाग में ही आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर में चार आतंकी मारे गए थे। आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकी मारे गए थे।
 5 दिन पहले 3 आतंकी मारे गए थे हीं, 18 फरवरी की रात से 19 फरवरी की सुबह तक शोपियां में चले एनकाउंटर में तीन आतंकी मारे गए थे। शोपियां में मारे गए तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के लोकल आउटफिट अल बद्र से जुड़े थे।
 

इस राज्य में मिला दक्षिण अफ्रीका वेरियंट का पहला कोरोना केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट...

इस राज्य में मिला दक्षिण अफ्रीका वेरियंट का पहला कोरोना केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट...

बंगलूरू । कर्नाटक में एक नए वेरिएंट का पहला मामला दर्ज किया गया है। यह वेरिएंट दक्षिण अफ्रीका का बताया जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। हाल ही में यूनाइटेड किंगडम से वापस लौटे 64 लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया है। यह आंकड़ा दस मार्च तक का है। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में इन 64 लोगों को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दस मार्च तक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के किए टेस्ट के परिणामों के मुताबिक, एक शख्स में दक्षिण अफ्रीका के वेरिएंट वाला कोरोना संक्रमण पाया गया। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 का एक म्यूटेशन पाया गया था, जिसके बारे में दिसंबर 2020 में जानकारी दी गई थी। इससे पहले सितंबर 2020 में यूके वेरिएंट वाला कोरोना संक्रमण दुनिया के सामने आया था। कर्नाटक में अब तक यूके स्ट्रेन वाले कोरोना वायरस से 29 मरीज पाए गए हैं। वहीं कोरोना के 760 नए मामले दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के कुल सक्रिय मामले 7,456 हैं और और दस मार्च की शाम तक राज्य में कोरोना के मामले 9,56,801 हो गए हैं। बचा दें कि अब तक राज्य में 12,379 मरीजों की मृत्यु हो गई है।
 

प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च किया भगवद गीता का किंडल वर्जन

प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च किया भगवद गीता का किंडल वर्जन

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वामी चिद्भवानंद की भगवद गीता का किंडल वर्जन लॉन्च किया है। इस लॉन्च के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवद गीता हमें विचार करने के लिए प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गीता हमें कुछ नया करने की प्रेरणा देती है। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि भगवद गीता उन विचारों का संयुक्त रूप है जो आपको विषाद से लेकर विजय तक ले जाता है। उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी हो या लोकमान्य तिलक, हर कोई भगवद गीता से प्रभावित रहा है। अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि गीता आपको ताकत देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एक आर्टिकल में भगवद गीता से कोरोना काल को जोड़कर देखा गया। इसमें डॉक्टरों को अर्जुन बताया गया और अस्पतालों को युद्धस्थली के तौर पर दर्शाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं देश के युवा से अपील करता हूं कि वो गीता को पढ़ें। गीता आपको जिंदगी में मुश्किलों से जूझने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब दुनिया को दवाई चाहिए थी, तब भारत ने उतना किया, जितना वो कर सकता था। भारत पर इस बात पर गर्व करना चाहिए कि स्वदेशी वैक्सीन दुनियाभर में भेजी जा रही हैं। यही हमें गीता सिखाती है। हम समझते हैं कि आत्मनिर्भर भारत दुनिया के लिए अच्छा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के उपदेश भी लोगों को इसी तरह प्रभावित करते थे। बता दें कि तमिलनाडु के श्री रामकृष्ण तपोवनम आश्रम के फाउंडर स्वामी चिद्भवानंद के भक्तों की संख्या बहुत ज्यादा है। उनकी 186 से ज्यादा किताबें अलग-अलग फॉर्मेट में छप चुकी हैं।
 

देश भर में 2.4 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन लगाई गई

देश भर में 2.4 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन लगाई गई

नईदिल्ली।  देश के विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में आज सुबह सात बजे तक प्राप्त अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार 3,39,145 सत्रों द्वारा 2.43 करोड़ (2,43,67,906) से अधिक कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इनमें 71,30,098 एचसीडब्ल्यू (पहला डोज), 38,90,257 एचसीडब्ल्यू (दूसरा डोज), 69,36,480 एफएलडब्ल्यू (पहला डोज) और 4,73,422 एफएलडब्ल्यू (दूसरा डोज), 8,33,526 लाभार्थी जिनकी आयु 45 वर्ष से अधिक है और वे अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं (पहला डोज) और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 51,04,123 लाभार्थी (पहला डोज) शामिल हैं। 

न्यूजीलैंड अपने पहले बड़े टीकाकरण क्लिनिक का उद्घाटन किया

न्यूजीलैंड अपने पहले बड़े टीकाकरण क्लिनिक का उद्घाटन किया

न्यूजीलैंड ने कोविड-19 महामारी से लोगों को बचाने के प्रयासों को बढ़ाने के लिए अपने पहले बड़े टीकाकरण क्लिनिक का उद्घाटन किया। यह क्लिनिक दक्षिण ऑकलैंड में खोला गया था और यह शुरू में सीमा कार्यकर्ताओं के घर के सदस्यों को लक्षित करेगा। यह सीमा कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को भी किसी भी संक्रामक यात्रियों से बीमारी को पकड़ने के लिए सबसे अधिक संवेदनशील मानता है। न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य महानिदेशक, एशले ब्लूमफील्ड के अनुसार, क्लिनिक में प्रति दिन लगभग 150 लोगों को शुरू में टीका लगाया जाएगा। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी आने वाले हफ्तों में ऑकलैंड में दो और क्लिनिक खोलने की योजना बनाई है। न्यूजीलैंड टीकाकरण के लिए फाइजर वैक्सीन का उपयोग करेगा। यह 2021 के अंत तक अपने टीकाकरण कार्यक्रम को पूरा करेगा। इस वैक्सीन को ब्रांड नाम Comirnaty के तहत बेचा जाता है। यह एक mRNA आधारित COVID-19 वैक्सीन है। जर्मन कंपनी बायोटेक ने शुरुआत में इस वैक्सीन को विकसित किया था, बाद में इसे फाइजर के साथ नैदानिक ​​परीक्षणों, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण का समर्थन करने के लिए भागीदारी की। चीन में फोसुन को विनिर्माण लाइसेंस दिया गया है। इसे तीन सप्ताह के अंतराल के साथ दो खुराक की आवश्यकता होती है। यह पहला COVID-19 वैक्सीन है जो आपातकालीन उपयोग के लिए कड़े विनियामक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत किया गया था। इस टीके को पहली बार दिसंबर 2020 में यूनाइटेड किंगडम द्वारा आपातकालीन उपयोग के लिए अधिकृत किया गया था। 

एमएसपी पर धान की 14.26 प्रतिशत अधिक खरीद की गई

एमएसपी पर धान की 14.26 प्रतिशत अधिक खरीद की गई

नईदिल्ली।  सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार ही जारी है, जिस प्रकार से विगत सत्रों में होती रही है। खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है। 8 मार्च 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 673.53 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 589.46 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी। इस वर्ष में अब तक की गई धान की खरीद में पिछले वर्ष के मुक़ाबले 14.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज देखी गई है। 673.53 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन है, जो कि कुल खरीद का 30.11 प्रतिशत है। लगभग 98.55 लाख किसानों को अब तक खरीदे गए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,27,164.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा, प्रदेशों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 94.39 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और कोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके। मौजूदा खरीफ सत्र में 8 मार्च 2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 3,12,421.02 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तुअर, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है। इस खरीद से खरीफ सत्र 2020-21 और रबी सत्र 2021 में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 1,69,704 किसानों को 1,681.70 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसी तरह से 5,089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए 8 मार्च 2021 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52.40 करोड़ रुपये की अदायगी की गई है। इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन तथा तिलहन फसलों के आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों से कपास की खरीद का कार्य भी सुचारु रूप से जारी है। दिनांक 8 मार्च 2021 तक 18,97,002 किसानों से 26,719.51 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर कपास की 91,86,678 गांठों की खरीद की जा चुकी है।

 

स्वदेशी पनडुब्बी निर्माण के साथ भारत ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम बढ़ाया

स्वदेशी पनडुब्बी निर्माण के साथ भारत ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम बढ़ाया

नईदिल्ली।  भारतीय नौसेना ने तीसरी स्टील्थ स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस करंज को आज नौसेना डॉकयार्ड मुंबई में औपचारिक कमीशनिंग समारोह में नौसेना के बेड़े में शामिल किया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल वीएस शेखावत पीवीएसएम, एवीएसएम, वीआरसी थे जो पुरानी करंज के कमीशनिंग क्रू का हिस्सा थे और बाद में 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान कमांडिंग ऑफिसर थे। फ्रांस के मेसर्स नेवल ग्रुप के सहयोग से मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) मुंबई द्वारा भारत में छह स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। आईएनएस करंज पश्चिमी नौसेना कमान के पनडुब्बी बेड़े का हिस्सा होगी और कमान के शस्त्रागार का एक और शक्तिशाली हिस्सा होगी । नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और भारतीय नौसेना व रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी कमीशनिंग समारोह के साक्षी बने साथ ही समारोह में अनेक गणमान्य लोगों भी शामिल थे। रूसी मूल की फॉक्सट्रॉट क्लास पनडुब्बी, जिसे 2003 में डी-कमीशन किया गया था, के चालक दल को भी समारोह के लिए विशेष आमंत्रित किया गया था। अपने संबोधन के दौरान नौसेना प्रमुख ने कहा कि "स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भर भारत पर दिया जा रहा ज़ोर भारतीय नौसेना की विकास गाथा एवं भविष्य की सामरिक क्षमताओं का मूलभूत तत्व है।" मुख्य अतिथि एडमिरल शेखावत ने भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए जा रहे भारत के कदमों को चिह्नांकित किया और कहा कि "हम एक ऐसे भारत में रहते हैं जो कई उपग्रहों का प्रक्षेपण कर रहा है, परमाणु पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है और दुनिया के लिए टीकों का निर्माण कर रहा है- नई करंज इसका एक और उदाहरण है ।" इस साल को 'स्वर्णिम विजय वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है जो 1971 के भारत-पाक युद्ध के 50 साल का प्रतीक है। तत्कालीन यूएसएसआर में रीगा में 04 सितंबर 1969 को कमीशन की गई पुरानी आईएनएस करंज ने भी तत्कालीन कमांडर वीएस शेखावत की देखरेख में युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाई थी। आईएनएस करंज की वीरतापूर्ण कार्रवाई के परिणामस्वरूप पनडुब्बी के चालक दल के सदस्यों तथा अन्य कर्मियों को अलंकृत किया गया था, जिनमें तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर कमांडर वीएस शेखावत को मिलने वाला वीर चक्र भी शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि पुरानी आईएनएस करंज के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर कमांडर एम एन आर सामंत 1971 में नवगठित बांग्लादेश नौसेना के नौसेना प्रमुख बने। स्कॉर्पीन पनडुब्बियां दुनिया की सबसे उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियों में से एक हैं। ये प्लेटफॉर्म दुनिया की नवीनतम तकनीकों से लैस हैं। अपनी पूर्ववर्ती पनडुब्बियों की तुलना में यह पनडुब्बियां अधिक घातक और छिपकर, समुद्र की सतह के ऊपर या नीचे किसी भी खतरे को बेअसर करने के लिए शक्तिशाली हथियारों और सेंसरों से लैस हैं। करंज का शामिल होना भारतीय नौसेना के एक निर्माता नौसेना होने की दिशा में एक और कदम है, जो अपनी स्थिति को मजबूत करता है, साथ ही दुनिया के एक प्रमुख जहाज एवं पनडुब्बी निर्माण यार्ड के रूप में एमडीएल की क्षमताओं का परिचायक भी है। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में इस यार्ड की लगातार बनी महत्ता में प्रोजेक्ट 75 भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

 

 सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: पुलिस ने डॉक्टर के मकान में चल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर किया 4 लड़कियों को गिरफ्तार

सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: पुलिस ने डॉक्टर के मकान में चल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर किया 4 लड़कियों को गिरफ्तार

पटना। प्रदेश में एक बार फिर देह व्यपार का धंदा फैलने फूलने लगा है जिस पर पुलिस की कार्यवाई भी लगातार जारी है। इसी कड़ी में बिहार के नालंदा जिले में एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह सेक्स रैकेट एक डॉक्टर के मकान में चल रहा था। एसपी हरि प्रसाथ एस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के कागजी मोहल्ला में छापेमारी कर डॉक्टर के मकान से 4 सेक्स वर्करों (लड़कियों) को पकड़ा है। 

पढ़िए पूरी खबर-
इसके साथ ही पुलिस ने संचालक डॉ. उमेश कुमार सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। मकान के दूसरे तल्ले पर देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था। वहां से मिले आपत्तिजनक सामानों को जब्त कर लिया गया है। मकान मालिक ही इस धंधे का संचालक है। वह खुद को मेडिकल रिप्रजेंटेटिव व मेडिकल सप्लायर बताता है। अलग-अलग स्थानों की चार महिलाओं को मुक्त कराया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। मकान के दूसरे तल्ले को सील कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार उमेश कुमार ने आसपास के लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए अपने मकान के बाद डॉ. उमेश का नेम प्‍लेट लगा रखा था। पुलिस ने मोरल ट्रैफिकिंग एक्ट के तहत दो मंजिला मकान को सील करने की कार्यवाही की। पुलिस के मुताबिक उमेश कुमार वर्षों से मोहल्ले में जिस्‍मफरोशी का कारोबार चला रहा था। मकान से पुलिस को सेक्स वर्धक दवाइयां, ग्राहकों के फोन नंबर की सूची सहित कई अन्‍य  आपत्तिजनक चीजें मिली हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस को ग्राहकों की सूची में कई सफेदपोशों के नंबर मिले हैं। संचालक के मकान में पांच दरवाजे थे। पुलिस की भनक पाते ही उस वक्‍त मकान में मौजूद कई लोग फरार हो गए।
सावधान: फ्लाइट में इस नियम को नही  मानने पर डाल दिए जाओगे नो फ्लाई लिस्ट में

सावधान: फ्लाइट में इस नियम को नही मानने पर डाल दिए जाओगे नो फ्लाई लिस्ट में

फ्लाइट में यात्रा करने के दौरान मास्क न लगाने वालों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा कोलकाता-दिल्ली की एयर इंडिया की फ्लाइट में कोरोना नियमों का पालन न करने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए DGCA को निर्देश जारी किए हैं कि जो लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं या सही से मास्क नहीं लगा रहे हैं, उनके खिलाफ फौरन सख्त कार्रवाई की जाए. कोर्ट ने कहा कि ऐसे यात्रियों को प्लेन से फौरन उतार दिया जाए और उन्हें नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जाए. कोर्ट ने दिशा-निर्देश में ये भी कहा है कि ये भी सुनिश्चित किया जाए कि फ्लाइट में यात्री सही प्रकार से मास्क पहनें न कि सिर्फ खानापूर्ति के लिए.

कोर्ट ने DGCA को जारी किए दिशा-निर्देश

न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी स्थिति "पूरी तरह से बेहूदा" है जब देश में कोविड-19 मामलों में एक बार फिर से इजाफा देखा जा रहा है, ऐसे में जरूरी उपायों को और मजबूत बनाना होगा. उन्होंने एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा तत्काल अनुपालन के लिए सात दिशानिर्देश जारी किए, और आदेश दिया कि इस मामले को suu motu जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत किया जाए और 17 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए.


नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी

न्यायमूर्ति शंकर ने अपने आदेश में ये भी कहा कि कोरोना के पूरी तरह खत्म होने तक सभी नियमों का पालन करना हम में से प्रत्येक का कर्तव्य है. केंद्र और राज्य सरकारों पर उंगली उठाना, जिनके पास निपटने के लिए अनेकों कार्य हैं, उनके द्वारा जो भी किया जा रहा है उसका हमारी लापरवाही की वजह से कोई फायदा नहीं है. हम में से प्रत्येक, एक जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक के रूप में, कोरोना नियमों का पालन करने के प्रति संवेदनशील बने.


फ्लाइट में मास्क लगाने संंबंधी अनाउंसमेंट की जाए

न्यायालय ने अपने दिशानिर्देशों में डीजीसीए को निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट पर उन निर्देशों और प्रोटोकॉलों को प्रमुखता से रखे, जिनका पालन यात्रियों और घरेलू उड़ानों में फ्लाइट के चालक दल करते हैं. इसके साथ ही अदालत द्वारा एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वह यात्रियों को उड़ान में लिखित में निर्देश प्रदान करे और प्रोटोकॉल का पालन न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करें. इसके साथ ही फ्लाइट के भीतर भी मास्क लगाने संबंधी अनाउंसमेंट की जाए.