मुंबई। एक बार फिर पुलिस ने सेक्स रैकेट का पर्दाफास किय है। देश में आय दिन कही न कही से देह विप्र के धंदे का भंडाफोड़ पुलिस कर रही ही अब इसी कड़ी में महाराष्ट्र की राजधानी में मुंबई के एक आलीशान होटल में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। फिल्मों, वेब सीरिज और विज्ञापनों में काम दिलाने के बहाने मुंबई में बड़ा सेक्स रैकेट चल रहा था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसी सेक्स रैकेट में तीन लोगों को मुंबई के पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया है। सीनियर इंस्पेक्टर सचिन वझे के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक संदीप इंगले नामक कास्टिंग डायरेक्टर भी है , जो खुद को फिल्म प्रोड्यूसर भी बताता है। यह सरगना प्रेम उर्फ नाम से यह सेक्स रैकेट चला रहा था। होटल से 8 लड़कियां रेस्क्यू कराई गई हैं। क्राइम ब्रांच का कहना है कि इन लड़कियों ने कुछ फिल्मों, वेव सीरिज में छोटे-बड़े रोल किए हैं। कुछ ने कई विज्ञापन के लिए मॉडलिंग भी की है।
रायसेन | रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील के देवनगर कस्बे में निजी स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा ने फीस जमा करने का दबाव बनाने और प्रताडि़त करने पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। छात्रा को गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया है।
पुलिस और मजिस्ट्रियल बयान दर्ज कराए गए हैं, जिनमें उसे प्रताडि़त किए जाने की पुष्टि हुई है। छात्रा अनुष्का धाकड़ के अनुसार उसके पिता किसी कारण से लंबे समय से ऑल सेंट चिल्ड्रन एकेडमी की फीस जमा नहीं कर पाए थे। इसी वजह से प्रबंधन लगातार दबाव बना रहा था।
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हालांकि स्कूल के प्राचार्य गौरव दुबे ने कहा कि छात्रा से काफी समय से फीस लेना शेष है, किन्तु दबाव बनाने की बात गलत है। हमने प्रताडि़त नहीं किया।
वाशिंगटन | वैश्विक महामारी कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित अमेरिका में संक्रमण के मामले 2.40 करोड़ से अधिक हो गये हैं।
दिल्ली, 3 Idiots फिल्म तो आपने देखी होगी. उसमें आमिर खान यानि Rancho ने जो किया, कुछ वैसा ही सुनील प्रजापति नाम के एक शख्स के साथ असल ज़िंदगी में घटा. उन्होंने चलती ट्रेन में एक महिला यात्री की डिलीवरी करायी. अब बच्चा और मां दोनों स्वस्थ हैं.
मामला शनिवार रात का है. जब सुनील ट्रेन से सागर, मध्यप्रदेश जा रहे थे. उनके कंपार्टमेंट में एक गर्भवती महिला किरण भी यात्रा कर रही थीं. उनके साथ उनका भाई और 6 साल की छोटी बेटी थी. दिल्ली के निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से मध्य प्रदेश संपर्क क्रांति रवाना होने के कुछ ही देर बाद किरण को लेबर पेन शुरू हो गया. फिर क्या हुआ ये आगे पढ़िए.
जान की चिंता
महिला का लेबर पेन और उसकी और उसकी कोख में पल रहे मासूम की चिंता सभी यात्रियों को होने लगी. लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी चलती ट्रेन में उस महिला यात्री किरण तक कोई सहायता समय पर नहीं पहुंच पाई. ऐसे में सुनील ने दोनों की जान बचाने के लिए खुद ही किरण की डिलीवरी करने का फैसला किया और उसकी डिलीवरी करा दी. किरण और उसका नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं. सुनील दिव्यांग हैं और दिल्ली में लैब टेक्नीशियन के तौर पर काम करते हैं. उन्हें ऑपरेशन का कोई अनुभव नहीं है.
सर्द अंधेरी रात में ट्रेन आगे बढ़ती जा रही थी और...
सुनील बताते हैं रात 8 बजे फरीदाबाद क्रॉस करने के बाद किरण को लेबर पेन शुरू हो गया. महिला की तकलीफ और उसकी जान की चिंता में सुनील भी परेशान हो उठे. बाकी यात्रियों को तो कुछ सूझ नहीं रहा था. लेकिन सुनील ने हिम्मत जुटाई. हालांकि मेडिकल के पेशे से जुड़े रहने के कारण उन्हें थोड़ी आसानी हुई. सुनील ने भी वही तरीका अपनाया जो रेंचो ने 3 इडियट्स में अपनाया था. दिल्ली में वो जिस अस्पताल में काम करते हैं वहां की डॉक्टर सुपर्णा सेन से उन्होंने फोन पर संपर्क किया. डॉक्टर सेन ने वीडियो कॉल पर सुनील को बताया कि डिलीवरी कैसे करनी है. सुनील ने उसके बाद मथुरा स्टेशन आने से पहले सहयोग के लिए TTE सहित एक अन्य महिला यात्री को भी बुला लिया.
बच्चा रोया नहीं...
सुनील बताते हैं कि डॉ किरण ने उन्हें तुरंत ब्लेड का इंतेज़ाम करने के लिए कहा. सुनील ने एक यात्री से ब्लेड लिया और अपने शॉल के टैग काटकर बच्चे को मां से जोड़ने वाली अम्बिलिकल कॉर्ड से बांधकर कॉर्ड काटी. सुनील बताते हैं कि उन्होंने रिस्क लेकर डिलीवरी तो करा दी लेकिन उनकी सांस अटक गयी जब जन्म के बाद बच्चा रोया नहीं. वो घबरा गए. उन्होंने तुरंत बच्चे को कंधे से चिपकाया. बच्चे की पीठ पर थपथपाया तो बच्चे ने किलकारी मारना शुरू कर दिया.
सुनील डर गए थे
सुनील प्रजापति भरी वो रात याद करके बताते हैं कि एक बड़ा चैलेंज था. महिला और उसके बच्चे की जान बचाना थी. एक यात्री के पास से एक ब्लेड मिल गया था.मेरे पास एक नया शॉल था.उसके टैग का मैंने प्रयोग किया. लेकिन डिलीवरी के बाद बच्चे का न रोना मेरे लिए डर का मसला बन गया था. लेकिन कहते हैं न कि अंत भला तो सब भला. जब तक डिलीवरी हुई मथुरा स्टेशन आ चुका था. नये शॉल में बच्चे को लपेटकर मथुरा स्टेशन पर RPF के जवानों को सौंपा. फिर उनकी मदद से महिला को स्थानीय मेडिकल सहायता प्रदान की गई. सुनील सोमवार को बच्चे के परिवार से मिलने सागर गए. वो नवजात को देखकर भावुक हो गए और उसे गोद में उठाकर गले से लगा लिया.
मुंबई । क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नवजात शिशुओं को बेचने और खरीदने का काम करते थे. इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 7 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों में से एक डॉक्टर, एक नर्स तो एक लैब टेक्नीशियन भी हैं। क्राइम ब्रांच की यूनिट एक के अधिकारी योगेश चव्हान ने बताया कि कैसे ये गिरोह बच्चों के जन्मदाताओं से बच्चों को 60 हजार रुपये से डेढ़ लाख रुपये तक में खरीदता था और फिर इसे ढाई लाख से साढ़े तीन लाख रुपये तक में उन जोड़ों को बेच देता था, जो बच्चों के लिए तरस रहे होते हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम रुपाली वर्मा (30), निशा अहिरे (38), गुलशन खान (34), गीतांजलि गायकवाड़ (38)(यह एक अस्पताल में नर्स है), आरती सिंह (29) (यह एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है) और धनंजय बोगे (58) (यह एक बीएचएमएस डॉक्टर है, जिनका लोवर परेल में क्लिनिक है) हैं. पुलिस ने तीन आरोपियों के नाम गुप्त रखे हैं, क्योंकि उनमें से दो आरोपी बच्चों के जन्मदाता हैं, तो एक आरोपी जिसने बच्चे को खरीदा है और उसका पालन पोषण कर रहा है।मामले का खुलासा करते हुए चव्हान ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि बांद्रा के खेरवाड़ी इलाके में कुछ लोगों ने बच्चे बेचे हैं तो किसी ने बिकवाने में मदद की है, जिसके बाद हमने वहां ट्रैप लगाकर तीन लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ की. पूछताछ में इस पूरे गिरोह के बारे में जानकारी मिली.
गिरोह ऐसे करता था काम
पुलिस की माने तो गिरफ्तार डॉक्टर, नर्स और लैब टेक्नीशियन इस गिरोह के मुख्य सदस्य हैं. ये ऐसे लोगों का पता लगाते थे जो लंबे वक्त से बच्चे की चाहत में होते थे, लेकिन उन्हें बच्चा नहीं हो रहा होता था. इसके अलावा ये ऐसे लोगों का भी पता लगाते थे, जिन्हें बच्चा हुआ है, लेकिन वो उसे पालने में समर्थ नहीं हैं. इन बातों का पता लगाने के बाद ये इसकी जानकारी अपने गिरोह के दलालों को देते थे और फिर दलाल दोनों ही जोड़ों को बच्चा बेचने और खरीदने के लिए मनाना शुरू कर देते थे। ये दलाल बच्चे के लिए परेशान जोड़ों से ढाई लाख से तीन लाख रुपये की मांग करते थे और जिसे बच्चा पैदा हुआ है, उसे बच्चा बेचने के बदले 60 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक का ऑफर देते थे और बची हुई रकम ये लोग आपस में काम के आधार पर बांट लेते थे. प्राथमिक जांच में तीन बच्चों का पता क्राइम ब्रांच ने लगा लिया है, जिन्हें अवैध रूप से इस गिरोह के माध्यम से खरीदा गया थ। जांच में पता चला कि ये गिरोह पिछले 6 साल से इस काम को कर रहा था और अकेले गीतांजलि जो कि नर्स है, उसमे 6 बच्चों को अब तक बिकवाया. पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उसे फ़ॉरेंसिक लैब भेजा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इन लोगों ने अबतक कितने बच्चों की इसी तरह से डीलिंग की है।
बच्चों के साथ क्या होता था
क्राइम ब्रांच के सूत्रों की माने तो इस गिरोह के झांसे में वही जोड़े आए जो लोग संतान प्राप्ति के लिए सालों से हर वो काम जैसे कि दवा, पूजा कर रहे थे, पर संतान सुख पाने में विफल हो जा रहे थे. एक अधिकारी ने बताया कि वे लोग इन बच्चों को इतने प्यार से पाल रहे थे मानों उन्हीं की कोख से जन्में हो. एक परिवार की तीन पीढ़ियों में कभी लड़की पैदा नहीं हुई थी, जिसके बाद उन लोगों ने इस गिरोह की मदद से लड़की खरीदी और उसे बड़े ही नाज़ों पाला करते थे और उसकी हर मांग पूरी करते थे, जो कि शायद इनके असली माता पिता भी नहीं कर पाते. पुलिस ने एक मामले में ये भी पाया कि एक परिवार ने अपने रिश्तेदारों से उधार लेकर बच्चा खरीदा और उसे हर वक्त सीने से लगाए रखते हैं.
बच्चा गोद लेने के लिए क्या है लीगल रास्ता
केन्द्र सरकार ने बच्चा गोद लेने को लेकर एक सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी यानी कि CARA नाम की संस्था गठित की है, जो कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है. यह संस्था नोडल बॉडी की तरह काम करती है, जिसके माध्यम से अनाथ, छोड़ दिए गए और आत्मसमर्पण करने वाले बच्चों के अडॉप्शन का काम किया जाता है।
नई दिल्ली, नार्थ दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जिसके निशाने पर सिर्फ महिलाएं होती थीं. ये शातिर ठग महिलाओं को अपनी आंखों से सम्मोहन के जरिए जाल में फंसाता और फिर उनके साथ ठगी की वारदात को अंजाम देता. पुलिस का कहना है कि आरोपी दिल्ली में सड़क पर घूम रही अकेली महिलाओं को अपने रडार पर लेकर उनके कीमती सामान गायब कर देता था.
दिल्ली पुलिस के शिकंजे में शातिर ठग
दरअसल, 12 जनवरी को दिल्ली के बुराड़ी पुलिस स्टेशन में एक महिला ने शिकायत की. उसने बताया कि घर से बाहर निकलने के दौरान रिक्शे का इंतज़ार कर रही थी. तभी उसके पास एक लड़का आया और उसने कहा कि उसके पास बैग में एक लाख रुपये है. उस लड़के ने महिला को अपने जाल में फंसा लिया. महिला के मुताबिक उस लड़के ने अपनी आंखों से उसे सम्मोहित कर दिया और अपने बैग के बदले उसने महिला की सोने की ज्वैलरी ले ली.
सम्मोहित कर महिलाओं को बनाता था निशाना
सोने के जेवर लेते ही शातिर लड़का मौके से रफूचक्कर हो गया. लड़के के जाने के बाद जब महिला ने बैग खोला तो उसमें नोट की जगह कागज का बंडल था. तब उसे समझ में आया कि उसके साथ ठगी हो गई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. डीसीपी नार्थ ने उस शातिर ठग को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई. टीम को मुखबिर से जानकारी मिली कि शातिर ठग अपने दूसरे शिकार की तलाश में बैंक ऑफ बडौद के पास खड़ा है.
पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने अपना नाम पंकज बताया है. आरोपी गाजियाबाद के साहिबाबाद का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है. उसने ठगी के काम को एक साथी की मदद से करने की बात कही है. फिलहाल, सम्मोहन के जरिए महिलाओं से ठगी करनेवाले दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस जुट गई है.
जयपुर, कोरोना के कारण लंबे समय से रात्रिकालीन कर्फ्यू की जद में जकड़े राजधानी जयपुर समेत अन्य सभी शहर अब जल्द ही उससे मुक्त होंगे. सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को कोविड-19 समीक्षा बैठक में यह बड़ा फैसला किया है. सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट इसकी जानकारी दी है.
अपने ट्वीट में सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में रात्रिकालीन कर्फ्यू समाप्त करने और कुछ छूट चरणबद्ध रूप में देने का निर्णय लिया है. परन्तु हैल्थ प्रोटोकॉल्स को अपनाना जरूरी होगा. अन्यथा संक्रमितों की संख्या पुनः बढ़ सकती है. यह नौबत नहीं आनी चाहिए कि फिर से सख्ती करनी पड़े.
निवास पर कोविड-19 समीक्षा बैठक में प्रदेश में रात्रिकालीन कर्फ्यू समाप्त करने एवं कुछ छूट चरणबद्ध रूप में देने का निर्णय लिया है परन्तु हैल्थ प्रोटोकॉल्स को अपनाना आवश्यक होगा अन्यथा पुनः संक्रमित संख्या बढ़ सकती है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) January 18, 2021
यह नौबत नहीं आनी चाहिए कि पुनः सख्ती करनी पड़े। pic.twitter.com/qou0phirhJ
व्यापारी लगातार इसकी मांग कर रहे थे
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के ग्राफ में गिरावट आने के बाद भी जयपुर समेत 13 शहरों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू था. हाल में इसकी अवधि की बढ़ाया गया था. लेकिन इससे व्यापारी वर्ग काफी परेशान था. व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल लगातार सरकार से मांग कर रहे थे कि रात्रिकालीन कर्फ्यू को हटाया जाये. क्योंकि कर्फ्यू के कारण व्यापारियों को दुकानें शाम आठ बजे ही बंद करनी पड़ रही हैं. इससे उन्हें रोजना जबर्दस्त घाटा उठाना पड़ रहा है.
इन शहरों में लगा हुआ था कर्फ्यू
राज्य सरकार ने ऐहतियात के तौर पर जयपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, नौगार, पाली, टोंक, सीकर और गंगानगर जिले के शहरी इलाकों में नाइट कर्फ्यू लगा रखा था. राज्य सरकार का कहना था कि कोरोना संक्रमण को और बढ़ने से रोकने के लिए नाइट कर्फ्यू जरुरी है. लेकिन यह कर्फ्यू व्यापारियों के लिये गले की फांस बना हुआ था.
लखनऊ, पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम सियासी दल अपनी तैयारी में जुटे है. बंगाल का सियासी दंगल काफी रोचक होने वाला है. इस बीच समाजवादी पार्टी ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. सपा ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए ममता बनर्जी के समर्थन का एलान कर दिया है.
ममता बनर्जी का समर्थन करेगी सपा
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि हम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी का समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी नफरत फैलाकर बंगाल में विधानसभा चुनाव जीतना चाहती है. 2017 में भी, उन्होंने (बीजेपी) उत्तर प्रदेश में नफरत का प्रचार करके जीत हासिल की थी.
We will support Mamata Banerjee in the West Bengal Assembly elections to defeat BJP who wants to win by spreading hatred. In 2017 as well, they won in Uttar Pradesh by propagating hatred: Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav pic.twitter.com/rMMY4rvtIX
— ANI (@ANI) January 18, 2021
बीजेपी पर किया सियासी वार
बता दें कि, हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्य्क्ष और पूर्व मुख्यरमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का दावा करते हुए कहा था कि किसान बीजेपी सरकार को सड़क पर ले आएंगे और ये सरकार जाएगी तभी लोकतंत्र बचेगा.
बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी
गौरतलब है कि, बिहार विधानसभा में जीत हासिल करने के बाद अब बीजेपी का पूरा ध्यान पश्चिम बंगाल को फतह करने पर है. अभी से ही बीजेपी के बड़े नेताओं ने जोर लगाना शुरू कर दिया है. साल 2016 के विधानसभा चुनाव में जहां तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी और बीजेपी को 10.16 फीसदी वोट के साथ सिर्फ 3 सीटें ही मिली थीं. वहीं, 2019 आते-आते परिस्थितियां बदल गईं और लोकसभा चुनाव में बीजेपी पश्चिम बंगाल की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.
रोचक होने वाला है चुनाव
गौरतलब है कि, बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट का गठबंधन है. टीएमसी ने वाम मोर्चा और कांग्रेस से बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का साथ देने की अपील की थी लेकिन दोनों दलों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी जोर-शोर के साथ चुनावी तैयारियों में जुटी है. शिवसेना भी इस सियासी संग्राम में भाग लेने जा रही है जिसके बाद चुनावी माहौल रोचक नजर आ रहा है.
ओस्लो | कोरोना वायरस का प्रकोप दुनियाभर में जारी रहा है। इस बीमारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए दुनिया के कई देशों में वैक्सीनेशन की शुरुआत हो गई है, लेकिन नॉर्वे में वैक्सीन लगाए जाने के बाद लोगों की होने वाली मौत ने वहां की सरकार की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
वैक्सीन लगाए जाने के बाद अब तक नॉर्वे में 29 लोगों की मौत हो चुकी है। लोग अब वैक्सीन पर ही सवाल उठा रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक नॉर्वे में वैक्सीन लगाए जाने के बाद फिर 6 लोगों की मौत हुई और यह आंकड़ा अब कुल 29 तक पहुंच चुका है। वैक्सीन की वजह से ज्यादातर बुजुर्गों की मौत हो रही है जिनकी उम्र 75-80 साल के बीच थी। यह भी साफ नहीं है कि जब इन लोगों को वैक्सीन लगाई गई तो यह कोरोना वायरस को रोकने में सक्षम थी या नहीं।
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नॉर्वे में लगभग 42,000 लोगों को की कम से कम एक खुराक दी गई है जिसे बुजुर्गों सहित अन्य लोगों के लिए जोखिम भरा माना जा रहा है। नॉर्वे मेडिसिन एजेंसी ने शनिवार को ब्लूमबर्ग को एक लिखित जवाब में कहा कि तक सिर्फ फाइजर और बायोएनटेक एसई द्वारा उत्पादित वैक्सीन नॉर्वे में उपलब्ध थी और सभी मौतें इन्हीं वैक्सीन से जुड़ी हुई हैं।
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एजेंसी ने कहा, 13 मौतों का आकलन किया गया है, और हम 16 अन्य मौतों के बारे में जानते हैं, जिनका वर्तमान में आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गंभीर बीमारी वाले बुजुर्ग लोगों से संबंधित सभी मौतें हुई हैं। अधिकांश लोगों ने टीका के अपेक्षित दुष्प्रभावों का अनुभव किया है, जैसे कि मतली और उल्टी, बुखार। इंजेक्शन स्थल पर स्थानीय प्रतिक्रियाएं, और उनकी अंतर्निहित स्थिति बिगड़ती जा रही है।
उमरिया | मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है | खबर मिली है कि उमरिया जिले में एक 13 साल की नाबालिग बच्ची का 9 लोगों ने 3 दिन तक लगातार बलात्कार किया है | मिली जानकारी के अनुसार पहले दो लोगों ने गैंगरेप किया फिर बारी-बारी से दूसरे उसे अपनी हवस का शिकार बनाते रहे| बच्ची ने जिससे भी मदद मांगी, उसी ने फायदा उठाया | परिजन के साथ थाने पहुंची किशोरी ने जब हालात बयां किए, तो सुनकर पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए | पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है|
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची के पिता जबलपुर में सरकारी नौकरी पर हैं | वह पिता के साथ ही रहकर वहां पढ़ाई करती है | 9वीं की यह छात्रा लॉकडाउन में मां के पास उमरिया आई थी | 11 जनवरी की दोपहर बच्ची किशोरी नगर सब्जी मंडी गई थी | इस दौरान यहां उसे दो आरोपी राहुल कुशवाहा और आकाश सिंह मिले | दोनों उसे एक दुकान में ले गए और बहला-फुसलाकर मोबाइल नंबर लिया और इसके बाद घुमाने के बहाने बाइक पर साथ ले गए|
दोनों आरोपी राहुल कुशवाहा और आकाश सिंह बच्ची को लेकर शहर से लगे भरौला-छटन के जंगल पहुंचे | यहां उन्होंने बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया | इसके बाद उसे एनएच 43 किनारे पर मौजूद ढाबे पर ले गए | रात में उसे वहीं बंधक बनाकर रखा | यहां आरोपी आकाश व राहुल के अलावा ढाबा संचालक पारस सोनी व साथियों मानू केवट, ओंकार राय, ईतेंद्र सिंह व रजनीश चौधरी ने उसके साथ दुष्कर्म किया | इसके बाद दोनों आरोपी उसे छटन बस्ती के जंगल में भी ले गए, जहां उसके साथ दरिंदगी की |
पुलिस के अनुसार रेप के दूसरे दिन 12 जनवरी की सुबह बच्ची ने आरोपियों से बड़े पापा के पास कटनी भेजने की मिन्नतें की | आरोपियों ने ट्रक ड्राइवर रोहित यादव के साथ उसे ट्रक में बिठा दिया | रास्ते में इस ट्रक चालक ने भी बालिका के साथ दुष्कर्म किया | बाद में उसे विलायत कला- बड़वारा के समीप टोल नाके पर छोड़ दिया | यहां बालिका ने फिर से वापस उमरिया आने के लिए ट्रक चालक से लिफ्ट मांगी | उस ट्रक चालक ने भी बेबसी का फायदा उठाते हुए बच्ची के साथ दुष्कर्म किया | बाद में उसे उमरिया के पास छोड़कर भाग गया |
प्रयागराज। माफियाओं और हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ ऑपरेशन माफिया के तहत कार्रवाई लगातार जारी है. इसी ऑपरेशन के तहत शनिवार को हिस्ट्रीशीटर अजय पाल उर्फ नन्ना के घर भी प्रशासन का बुलडोजर चला. कौशांबी में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने अजय पाल के अवैध आलीशान मकान को मिनटों में ध्वस्त कर दिया. हिस्ट्रीशीटर नन्हा पाल ने पिपरी थाना क्षेत्र के गौसपुर कटाहुला में बिना इजाजत के 800 वर्ग गज में लगभग 10 करोड़ का आलीशान मकान बनाया था. गौरतलब है कि योगी सरकार ने माफियाओं और अपराधियों का साम्राज्य खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया है. इसके तहत प्रयागराज में अब तक 45 माफियाओं और बड़े अपराधियो के आलीशान मकानों को विकास प्राधिकरण ने जमीदोज कर दिया है. इसी कड़ी में कौशांबी के पिपरी इलाके में अतीक के खास शूटर और हार्ड कोर अपराधी अजय पाल के लगभग 10 करोड़ के आलीशान मकान को 3 बुलडोजर लगाकर चारो तरफ से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
ग्राम प्रधान रह चुका है अजय पाल
अजय पाल अपराध की सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही साल 2010 में प्रधान बना था. उसके ऊपर पिपरी सहित प्रयागराज के धूमनगंज थाना में हत्या, लूट, रंगदारी के तमाम मुकदमें दर्ज हैं. अभी हाल ही में धूमनगंज में दुल्हन के अपहरण में भी इसके गुर्गों का नाम आया था. माफिया अतीक अहंमद गैंग से जुड़ने के बाद इसने कई वारदातों को अंजाम देकर प्रॉपर्टी बनाई थी. अजय पाल के दो भाई कई साल पहले पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं. कहा जाता है कि नन्हा पहले विधायक राजू पाल के साथ था, लेकिन उनकी हत्या के बाद ये अतीक अहंमद गैंग से जुड़कर काम करने लगा।
नई दिल्ली । पीएमओ ने कहा कि इन रेलवे स्टेशनों को स्थानीय विशेषताओं और आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया गया है. केवड़िया देश का पहला स्टेशन है जिसे हरित इमारत होने का प्रमाण पत्र मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने के लिए 8 ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी आज गुजरात में विभिन्न रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक देश के विभिन्न भागों से लोगों की आवाजाही सुगम बनाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आठ रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाएंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के मुताबिक ये रेलगाड़ियां केवड़िया को वाराणसी, दादर, अहमदाबाद, हजरत निजामुद्दीन, रीवा, चेन्नई और प्रतापनगर से जोड़ेंगी। वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित होने वाले इस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री दभोई-चांचोड़ आमान परिवर्तन, चांचोड़-केवड़िया आमान परिवर्तन नवनिर्मित प्रतापनगर-केवड़िया खंड के विद्युतिकरण और दभोई, चांचोड़ और केवड़िया स्टेशनों की नई इमारतों का उद्घाटन भी करेंगे। गुजरात में रेल से जुड़ी इन परियोजनाओं के उद्घाटन के मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहेंगे. पीएमओ ने कहा कि इन रेलवे स्टेशनों को स्थानीय विशेषताओं और आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया गया है. केवड़िया देश का पहला स्टेशन है जिसे हरित इमारत होने का प्रमाण पत्र मिला है। पीएमओ ने कहा, 'इन परियोजनाओं से निकटवर्ती जनजातीय इलाकों में विकास कार्यों को गति मिलेगी. नर्मदा नदी के तटों पर स्थित महत्वपूर्ण धार्मिक और प्राचीन तीर्थस्थलों तक संपर्क कायम किया जा सकेगा. घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह क्षेत्र के समूचे सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. इसके साथ-साथ इससे नए रोजगार और व्यावसायिक अवसरों के विकास में भी मदद मिलेगी.
नई दिल्ली । देशभर में शनिवार का दिन खास रहा। इस तरह कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 1,65,714 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया और अच्छी बात यह है कि इसके टीकाकरण के बाद अस्पताल में भर्ती होने का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है। शनिवार शाम 6 बजे तक एक भी व्यक्ति को वैक्सीन के साइड इफेक्ट की सूचना नहीं मिली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने शनिवार शाम को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन अभियान के दौरान पूरे देश में 3351 सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें 16,755 लोगों की भागीदारी से अभियान चलाया गया।
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— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) January 16, 2021
In the world's largest #COVID19 vaccination program, 191,181 beneficiaries were vaccinated across the country today. pic.twitter.com/elw6s32fja
स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र से 2182 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। पहले दिन कुछ शिकायतें भी आईं। इनमें वैक्सीन लगवाने वाले लाभार्थियों का डेटा साइट पर देरी से उपलब्ध होना शामिल था। इसके अलावा जिनका वैक्सीनेशन हुआ उनमें से कुछ का शेड्यूल नहीं था। लेकिन शुरू के तीन करोड़ हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर का को-विन पर रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं है। आंतरिक रजिस्ट्रेशन और राज्य सरकारों की सूची के अनुरूप ही लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में शुरूआत होने के दौरान मनीष कुमार नाम के एक सफाईकर्मी को राष्ट्रीय राजधानी में पहला टीका लगाया गया।
एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया को भी टीका लगाया गया। इसके बाद नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने भी टीका लगवाया। मनीष कुमार अपनी मां लक्ष्मी के साथ एम्स में काम करते हैं। कुमार ने कहा कि वह बिल्कुल भी घबराये हुए नहीं थे और उन्हें ``गर्व है कि उन्होंने टीका लगवाया।`` हर्षवर्धन ने कहा कि दोनों टीके भारत बायोटेक के स्वदेश विकसित कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड--इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक `संजीवनी` हैं। टीकाकरण अभियान की शुरुआत के बाद हर्षवर्धन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ``ये टीके महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमारी `संजीवनी` हैं। हमने पोलियो के खिलाफ लड़ाई जीती है और अब हम कोविड के खिलाफ युद्ध जीतने के निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं। मैं इस अवसर पर अग्रिम मोर्चे के सभी कर्मियों को बधाई देता हूं।`` वहीं, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में एक सुरक्षा गार्ड को पहला टीका लगाया गया। उसे कोवैक्सीन लगाया गया। साथ ही, सफदरजंग अस्पताल में भी एक सुरक्षा गार्ड को पहला टीका लगाया गया।
चंडीगढ़ । पहाड़ी इलाकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है और इसका श्रेय चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी को जाता है। यहां के दो विभागों के प्रोफेसरों ने एक सेंसर का निर्माण किया है, जो बता देगा कि पहाड़ से पत्थर गिरने वाला है। यह चेतावनी कुछ घंटे पहले मिल जाएगी, जिससे जनहानि को टाला जा सकेगा। केंद्र सरकार की ओर से रिसर्च का यह पायलट प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों को दिया गया था। सेंसर लगाने की शुरुआत हिमालच प्रदेश के कुल्लू जिला स्थित मणिकर्ण से होगी। यहां पूरी तरह सफलता मिलने के बाद सरकार अन्य पहाड़ी इलाकों में इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएगी। इसका लाभ हिमाचल प्रदेश के अलावा जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान और दक्षिण भारत को भी मिलेगा।
धार्मिक स्थल मणिकर्ण से होगी शुरुआत
केंद्र सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) की ओर से लैंड स्लाइड फॉर वार्निंग सिस्टम धार्मिक स्थल मणिकर्ण का यह प्रोजेक्ट पीयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रोफेसर महेश ठाकुर को मिला। उन्होंने इस प्रोजेक्ट से इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. नवीन अग्रवाल और प्रो. सुखबीर सिंह को जोड़ा। सबसे पहले उन्होंने कुल्लू जिले के मणिकर्ण स्थित पर्वत की थ्री डी मॉडलिंग (चट्टान का आकार व कितना उछलेगी और कहां तक जाएगी) तैयार की और उसके बाद सेंसर तैयार किया। मनीकर्ण में रॉकफॉल अधिक है। इसे चट्टानों का जंप करना भी कहते हैं। इन वैज्ञानिकों ने एक सेंसर तैयार किया और उसका ट्रायल किया जो प्रथम चरण में सफल रहा। अब मणिकर्ण स्थित बड़ी चट्टानों पर यह सेंसर लगने जा रहा है। यहां प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल होने के बाद यह अन्य बड़े पहाड़ों की ओर बढ़ेगा। इसका लाभ कई राज्यों को मिल सकेगा।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो युवकों को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों मामले मस्तुरी थाना क्षेत्र के हैं। आरोपियों की एक महिला और एक युवती से जान-पहचान हुई थी, जिसमें से महिला तलाकशुदा है।
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जान-पहचान होने के बाद आरोपियों से शादी का झांसा देकर संबंध बनाने लगे और जब शादी के लिए दबाव बनाया तो दोनों मोबाइल बंद कर फरार हो गये। एक मामले में 26 वर्षीय पेंड्रा निवासी योगेश रजक को गिरफ्तार किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, साल 2018 में एक रिश्तेदार के घर युवती और योगेश रजक की जान-पहचान हुई थी। दोनों में मोबाइल पर बातें भी होने लगीं। आरोप है कि योगेश ने उससे शादी करने की बात कही और शारीरिक संबंध बनाता रहा। कुछ दिन पहले लड़की ने शादी का दबाव बनाया तो युवक ने बातचीत बंद कर दी। युवती की शिकायत पर आरोपी युवक को पेंड्रा से गिरफ्तार कर लिया है।
पीलीभीत | उत्तरप्रदेश के पीलीभीत जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि पीलीभीत जिले में हजारा थाना क्षेत्र के भुर्जगुनिया गाँव में दो सगी नाबालिग बहनों के साथ में एक 65 वर्षीय शख्स ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है |
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जानकारी मिली है कि इस मामले में पुलिस ने लापरवाही दिखाते हुये मामला दर्ज करने में ढिलाई बरती है लेकिन एसपी के पास शिकायत पहुंचने पर आरोपी सतनाम सिंह उर्फ कारमेट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है | वहीं, एसपी ने पीड़िता की सुनवाई न करने वाले आरोपी थानाध्यक्ष के खिलाफ़ भी जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं |
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जानिए क्या है पूरा मामला :-
मिली जानकारी के अनुसार थाना हजारा क्षेत्र की रहने वाली दोनों नाबालिग लड़कियां अपने परिवार के साथ आरोपी सतनाम सिंह के घर रहकर मजदूरी कर अपना पालन पोषण करती थीं | जिनका आरोप है कि 65 वर्षीय आरोपी मकान मालिक एक साल से उसकी बड़ी बहन के साथ दुष्कर्म करता रहा, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई | उसके बाद छोटी बहन के साथ भी आरोपी ने रेप किया | जिसको लेकर जानकारी होने पर पीड़ित परिवार ने थाने पर मामले की शिकायत की |
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पीड़ित परिजनों का आरोप है कि दो महीने से लगातार न्याय के लिए थाने के चक्कर काटने के बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत तहसील दिवस में की थी | जिसके बाद सात दिनों की चली जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने आरोपी के खिलाफ थाने में गम्भीर धाराओं में केस दर्ज करवा कर रिपोर्ट न लिखने वाले थानाध्यक्ष के खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई की बात कही है |
एसपी ने मानी लापरवाही की बात
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने बताया कि थाना हजारा के अन्तर्गत एक प्रार्थना पत्र के आधार पर 376 का अभियोग पंजीकृत किया गया है | इस प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी पूरनपुर द्वारा की जा रही थी | जांच के दौरान यह पता चला कि, बच्चियों द्वारा समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया था | जिसको लेकर मामले में सभ्रांत व्यक्तियों द्वारा घटना का समझौता भी करवा दिया गया था, जो कि गलत था | थानाध्यक्ष को पीड़िता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करके जांच करनी चाहिए थी, जो उसने नहीं किया | फिलहाल मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है, और लापरवाह थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय जांच करवा करवाकर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी |
नई दिल्ली, कभी अगर आपसे कोई कहे कि आपने किसी कुत्ते को आर्शीवाद देते देखा है तो आप कहेंगे कैसी बात कर रहे हो लेकिन इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि लोग मंदिर के बाहर कुत्ते से आशीर्वाद ले रहे हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक कुत्ता महाराष्ट्र के सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर बैठा हुआ है और दर्शन करके लौट रहे भक्तों को आशीर्वाद देता हुआ नजर आ रहा है. इस वीडियो को @arunlimadia नाम के एक यूजर ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपलोड किया है.
सिर्फ इतना ही नहीं, वह भक्तों से हाथ मिलाता हुआ भी नजर आ रहा है.वीडियो में देखा जा सकता है कि एक आदमी मंदिर से बाहर आता है और कुत्ते के सामने झुक जाता है. कुत्ता अपने हाव-भाव से उसे आशीर्वाद देकर उसके इशारे का जवाब देता है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं.















