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लॉकडाउन के बीच पुलिस ने किया लाठीचार्ज, पिटाई से शख्स की मौत

लॉकडाउन के बीच पुलिस ने किया लाठीचार्ज, पिटाई से शख्स की मौत

कोलकाता, कोरोना वायरस से बचने के लिए लॉकडाउन के बीच हावड़ा में एक शख्स की मौत का मामला सामने आया है. मगर ये मौत पुलिस पिटाई के कारण बताई जा रही है. घटना संकराइल इलाके में बुधवार रात की है. परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया है. जबकि पुलिस ने आरोप का खंडन करते हुए उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है.

लॉकडाउन में पुलिस पिटाई से शख्स की मौत

परिजनों ने बताया कि लाल स्वामी अपने बच्चों के लिए घर से बाहर दूध खरीदने निकले थे. इसी बीच लोगों की भीड़ को हटाने के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें इतना मारा कि जमीन पर गिर पड़े. घायल अवस्था में शख्स को अस्पताल ले जाया गया जहां थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गयी. हालांकि पुलिस का कहना है कि उनकी मौत पुलिस पिटाई से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है.


विरोध में लोगों ने किया हंगामा और नारेबाजी

पुलिस की पिटाई से हुई मौत की जानकारी लगने पर लोग घरों से बाहर निकल गए. फिर विरोध में उन्होंने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी. हालांकि थाने का घेराव करने पहुंचे लोगों की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया. गुस्साए लोगों को प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों ने समझा बुझाकर शांत कराया. लॉकडाउन में देश के कई जगहों से लोगों को डंडे से पुलिस पिटाई का वीडियो लगातार सामने आ रहा है. जिससे पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

 

डब्ल्यूएचओ ने कहा कोरोना से निपटने की जबर्दस्त क्षमता है भारत में ,पहले भी दो बड़ी महामारी को दी है शिकस्त

डब्ल्यूएचओ ने कहा कोरोना से निपटने की जबर्दस्त क्षमता है भारत में ,पहले भी दो बड़ी महामारी को दी है शिकस्त

वॉशिंगटन, कोरोना वायरस को हराने में भारत समेत सभी देशों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी निदेशक माइकल जे रेयान ने मंगलवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस की महामारी से निपटने की जबरदस्त क्षमता है, क्योंकि इसके पास दो महामारी स्मॉल पॉक्स और पोलियो को खत्म करने का अनुभव है।
रयान ने कोविड-19 महामारी पर एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, जहां कोरोना के मामलों में बढ़त देखी जा रही है, वहां लैब्स की जरूरत है। भारत एक बहुत अधिक आबादी वाला देश है और इस वायरस का भविष्य बहुत अधिक और घनी आबादी वाले देशों में हो सकता है।
रायन ने कहा कि भारत ने दो मूक हत्यारों- स्मॉल पॉक्स और पोलियो के उन्मूलन में दुनिया का नेतृत्व किया और इन दोनों बीमारियों को हराया। भारत में जबरदस्त क्षमता है। जब समुदायों और समाजों को जुटाया जाता है, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। बता दें कि भारत ने पोलियो से लंबी लड़ाई लड़ी और कुछ साल ही में भारत पोलिया मुक्त हो गया है।
बता दें कि भारत में अभी कोरोना वायरस के 471 मामले सामने आए हैं। भारत में अभी यह महामारी सिर्फ दूसरे चरण तक पहुंची है। हमारी यह कोशिश है कि यह तीसरे चरण यानि कम्युनिटी ट्रांसमिशन (जहां पता ही नहीं चलता कि वायरस किसकी वजह से किसी शख्स में आया) तक नहीं पहुंच है। भारत पूरी ताकत के साथ कोरोना वायरस के साथ जंग लड़ रहा है और डब्ल्यूएचओ समेत सभी इसकी तारीफ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, कोई आसान जवाब नहीं है। यह महत्वपूर्ण है कि भारत जैसे देश दुनिया को रास्ता दिखाते हैं जैसा उन्होंने पहले किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया भर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 3,30,000 को पार कर गई है, जबकि मौतों की संख्या 14,000 से अधिक हो गई है।
 

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, आगे भी जनता कर्फ्यू के लिए तैयार रहें

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, आगे भी जनता कर्फ्यू के लिए तैयार रहें

लखनऊ, दुनिया में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है. इसको लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से आज जनता कर्फ्यू के तहत घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता कर्फ्यू को लेकर बड़ा बयान दिया है.


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि आगे भी भी जनता को जनता कर्फ्यू के लिए तैयार रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जरूरी सामानों की जमाखोरी करने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि यूपी में कोरोना वायरस को 27 मरीज थे, जिनमें से 11 पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं. बाकी मरीजों में तेजी से सुधार हो रहा है.


उन्होंने कहा, '' हमरा प्रयास होना चाहिए हम ये संख्या किसी भी स्थिति में ना बढ़ने दें और इसके लिए हमें जनता कर्फ्यू जैसे कार्यक्रमों के लिए तैयार रहना होगा. मैं पूरे प्रदेश से अपील करता हूं कि जनता कर्फ्यू को लेकर साथ दें.'' उन्होंने कहा कि जो लोग फ्रंट फुट पर कोरोना को लड़ने के प्रयास कर रहे हैं वह अभिनंदनीय है.


योगी आदित्यनाथ ने कहा, '' लोग घबनाएं नहीं, पूरी तरह से इससे लड़ें. कोरोना वायरस की फ्री जांच की जा रही है. साथ ही संक्रमित लोगों का फ्री इलाज किया जा रहा है. हमारे पास 2 हजार से ज्यादा आइसोलेशन बेड हैं और हम आगामी दो दिनों में आइसोलेशन बेड की संख्या को 10 हजार तक करने का प्रयास कर रहे हैं.''


उन्होंने कहा, '' किसी भी अवाश्यक समान को जमा करने की जरूरत नहीं है.'' उन्होंने दुकानदारों से जमाखोरी का बढ़ावा ना देने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि चीजों पर एमआरपी से ज्यादा पैसे ना लें. वरना संबंधित व्यक्ति पर उचित कार्रवाई की जाएगी. आगे उन्होंने कहा कि देश की इस लड़ाई में हर नागरिक की सहभागिता आवश्यक है. जनता कर्फ्यू में जनता की सहभागिता स्वागत योग्य है.

 

देश के 5 लाख रेस्टोरेंट 31 मार्च तक रहेंगे बंद, कोरोना के चलते एनआरएआई का निर्णय

देश के 5 लाख रेस्टोरेंट 31 मार्च तक रहेंगे बंद, कोरोना के चलते एनआरएआई का निर्णय

नई दिल्ली | कोरोना वायरस का खौफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी कोरोना के प्रकोप को देखते हुए बंद करने का फैसला किया है. देश में 5 लाख रेस्टोरेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन (एनआरएआई) ने 18 मार्च से 31 मार्च तक रेस्टोरेंट बंद करने की एडवाइजरी जारी की है. इससे देश में तकरीबन 5 लाख रेस्टोरेंट बंद रह सकते हैं. हालांकि यह रेस्टोरेंट के मालिक के ऊपर निर्भर करता है कि वो बंद करने का फैसला लेंगे या नहीं. इससे सबसे ज्यादा वो लोग प्रभावित होंगे जो बाहर भोजन करते हैं.

एनआरएआई अपने जारी किए गए बयान में कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हमें ऐसा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इससे हमारे बिजनेस पर असर पड़ेगा. लेकिन ग्राहकों, कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है. एनआरएआई कहा कि हमारे ज्यादातर कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं. इस दौरान इन कर्मचारियों को कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा है. ऐसे में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को ऑपरेशन बंद करने की सलाह दी है.
कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार के साथ निजी कंपनियां भी ऐतिहात बरत रही हैं. कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की सुविधा मुहैया कराई है. ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कर्मचारी बच सकें. इसके अलावा राज्य सरकारों ने कई कदम उठाए हैं. जिसमें स्कूल-क़लेज बंद करने का फैसला लिया गया है. साथ ही कई परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं.
देश के कई राज्यों से कोरोना वायरस के कंफर्म पेशेंट्स सामने आए हैं. देश में कुल संक्रमितों की संख्या 172 हो गई है. केरल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के संक्रमित मिले हैं.
 
पेट्रोल पंप पर चली गोलियों से पुलिस अफसर समेत पांच की मौत, जाने कहा की है ये खबर

पेट्रोल पंप पर चली गोलियों से पुलिस अफसर समेत पांच की मौत, जाने कहा की है ये खबर

मिसौरी | अमेरिका के मिसौरी राज्य में फायरिंग की खबर है जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक पुलिस अधिकारी और एक बंदूकधारी भी शामिल है। मामले संबंधित जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी पेट्रोल पंप पर पहुंचे और उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी।  इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई जिसमें पुलिस का एक अधिकारी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई में बंदूकधारी को ढेर कर दिया गया। 

मारे गए पुलिस अधिकारी की पहचान क्रिस्टोफर वॉल्श के रूप में हुई है। वह पुलिस में सेवा देने से पहले अमेरिकी सेना में भी सेवा दे चुके थे। स्प्रिंगफील्ड पुलिस के चीफ पॉल विलियम्स ने बताया कि मरने वालों में तीन नागरिक भी शामिल है। उन्होंने बताया कि हम गोलीबारी की आवाज सुनकर पेट्रोल पंप पर पहुंचे और देखा कि एक कार के भीतर से गोलियां चलाई जा रही है। इसके बाद हमने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को मार गिराया।
 
कोरोना वाइरस: कई बड़ी कंपनियों में शुरू हुआ वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्टप

कोरोना वाइरस: कई बड़ी कंपनियों में शुरू हुआ वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्टप

करीब 4 हजार 623 लोगों की मौत। 1,25,841 लोग संक्रमित। और दुनिया के करीब 115 देशों के कोरोना की चपेट में आने के बाद अब एक नई मुश्‍किल आ गई है।

दरअसल कोरोना से दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था को काफी नुकसान हो रहा है। एप्‍पल, गूगल, ट्वीटर और अमेजॉन समेत दुनिया की कई कंपनियां इससे प्रभावित हुई हैं, ऐसे में भारत समेत कई मल्‍टीनेशनल कंपनियों ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ का कॉन्‍सेप्‍ट चुना है। यानी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से ही काम करने की सलाह दी है। ट्विटर ने तो ‘वर्क फ्रॉम होम’ को अपने कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया है। बता दें कि ट्विटर में करीब 5,000 लोग काम करते हैं।

ट्विटर ने कहा है कि सभी तरह के इंटरव्यू अब ऑनलाइन होंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए जरिए इंटरव्यू लिए जाएंगे, साथ ही चयनित कर्मचारियों को भी घर से काम करने की अनुमति दी जा रही है। उधर संक्रमण से बचने के लिए एप्‍पल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और फेसबुक जैसी कंपनियों ने अपने कई इवेंट कैंसल कर दिए हैं।

वहीं ऐसे टूल्‍स चलन में आ गए हैं, जो घर से काम करने में कर्मचारियों को असिस्‍ट करते हैं। वीडियो कॉन्‍फ्रेन्‍सिंग, फाइल शेयरिंग, टास्‍क मैनेजमेंट, नोट्स रखने एप्‍प स्‍काइप चैट और वीडियो कॉन्‍फ्रेंन्‍सिंग शामिल हैं। कंपनियों ऐसे मददगार एप्‍प का प्रमोशन कर रही हैं।

ट्विटर पर हैशटैग ‘स्‍टे होम’ ट्रेंड कर रहा है। इसमें वर्क फ्रॉम होम के फायदे और नुकसान हो लेकर बहस चल रही है। कोई इसके फायदों के बारे में बता रहा है तो कोई इसके नुकसान गिना रहा है। ‘वर्क फ्रॉम होम’ के कई तरह के मीम्‍स बनाए जा रहे हैं।


दरअसल, दुनिया में कोरोना के लगातार फैलते प्रकोप के कारण लोगों को भीड से बचने की सलाह दी जा रही है, ऐसे में ऑफिस में आकर काम करने में भी संक्रमण का खतरा सामने आ रहा है। इसी के चलते कर्मचारियों को ऑफिस न आकर घर से ही काम करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

 

डालमिया ग्रुप ने किया कोरोना वायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल लॉन्च

डालमिया ग्रुप ने किया कोरोना वायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल लॉन्च

देहरादून , कोविड-19 से सुरक्षा के लिए डालमिया ग्रुप हर्बल कंपोजिशन ''डीएचएल कोरोना वायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल लॉन्च कर रहा है। यह दवाई 16 मार्च, 2020 को लॉन्च की जाएगी तथा सभी फार्मेसीज पर मिलेगी। यह भारत में ऑनलाईन रिटेल प्लेटफॉर्म, डालमिया बेस्ट प्राईज पर भी मिलेगी। इस दवाई के 60 कैप्सूल के पैक का मूल्य 480 रु. है। डालमिया ग्रुप ऑफ कम्पनीज के चेयरमैन संजय डालमिया का कहना है कि डीएचएल कोरोनावायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल एक पॉलिहर्बल कॉम्बिनेशन है, जो कोरोना वायरस से सुरक्षा देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रतिरोधी शक्ति को मजबूत करता है और ब्रोंकोडाईलेटर, डिकॉन्जेस्टेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी एवं लंग डिटॉक्सिफायर के रूप में काम करता है। इससे संक्रमण को कम करने और एलर्जिक रिएक्शंस को ठीक करने में मदद मिलती है। यह श्वसन नली के म्यूकोसा तथा फेफड़ों में वायुमार्ग का निर्माण करने वाली मांसपेशियों की दीवारों पर काम करता है। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रभाव है जो फेफड़ों के अंदर सूजन एवं रुकावट को कम करता है। इसके निरंतर उपयोग से फेफड़ों एवं मांसपेशियों को होने वाला नुकसान कम होता है तथा उनके कार्य में सुधार होता है।डालमिया सेंटर फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (डीसीआरडी) ने कई सालों की विस्तृत शोध के बाद 15 औषधियों का एक पॉलिहर्बल कॉम्बिनेशन विकसित किया है, जिसे आस्था-15 का नाम दिया गया है। हमने इसी कंपोजिशन तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति में वर्णित सभी महत्वपूर्ण जड़ीबूटियों से डीएचएल कोरोनावायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल बनाया है। डीएचएल कोरोनावायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल पर स्पेशियल्टी गवर्नमेंट हॉस्पिटल फॉर थोरेसिक मेडिसीन, चेन्नई, भारत में रैंडमाईज्ड डबल ब्लाईंड, प्लेसेबो कंट्रोल्ड अध्ययन किया गया, जो अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेस्पिरेटरी फिजिशियंस के निर्देशन में हुआ। इसके बाद समीक्षकों ने नैतिक रूप से अनुमोदित क्लिनिकल प्रोटोकॉल का पालन कर आधुनिक दवाईयों की तुलना में डीएचएल कोरोनावायरस की प्रभावशीलता की जाँच की।
डीएचएल कोरोनावायरस में मौजूद 15 जड़ीबूटियों का अद्वितीय मिश्रण व्यक्ति की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है। यह ब्रोंकोडाईलेटर, डिकॉन्जेस्टैंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी एवं लंग डिटॉक्सिफायर के रूप में काम करता है। डीसीबीटी4567- डीएचएल कोरोनावायरस के उपयोग पर डबल-ब्लाईंड अध्ययन में यह पाया गया कि इस दवा की इस्तेमाल करने वाले मरीजों में डिस्पनिया, सूखी खांसी, बलगम वाली खांसी, विकलांगता एवं नींद की अनियमितता में काफी कमी (95 प्रतिशत) आई। ब्रांड आस्था-15 से निर्मित डीएचएल कोरोनावायरस के अभी तक कोई साईड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं, जो आम तौर पर एलोपैथिक दवाईयों के होते हैं। कोविड-19 यानि कोरोनावायरस दुनिया में 87,000 से ज्यादा लोगों को प्रभावित कर चुका है। इसके लक्षण फ्लू की तरह होते हैं, जिनमें नाक का बहना, कफ, बुखार, शरीर में दर्द एवं सांस फूलना शामिल हैं। फेफड़ों में प्रतिदिन लगभग 7000 लीटर हवा पहुंचती है। ये वायरस हवा से फैलने के कारण सांस के साथ फेफड़ों में पहुंच जाते हैं, जहां ये सैल मशीनरी पर हमला करते हैं और तेजी से विस्तार करने लगते हैं, जिससे व्यक्ति की प्रतिरोधी शक्ति कम हो जाती है और उसके शरीर में फ्लू के लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं। वायरस के कारण सांस फूलने लगती है, जो एलवियोलर सैल्स की लाईनिंग को हुए नुकसान की वजह से होता है। जड़ी बूटियों और पौधों में आम तौर पर अनेक एक्टिव कैमिकल्स होते हैं, इसलिए इन स्रोतों से बनाई गई दवाईयों से मरीज के स्वास्थ्य को अनेक फायदे होते हैं। फाईटोमेडिसींस में अनेक एक्टिव कंपाउंड्स की मौजूदगी के कारण, ये विविध सिस्टम को प्रभावित करने वाली इन्फ्लेमेटरी डिजीज एवं अन्य लक्षणों के इलाज के लिए सर्वोत्तम हैं।

 

हाईकोर्ट ने कहा सीएए पर हिंसा के आरोपियों के पोस्टर लगाना प्राइवेसी में गैरजरूरी दखल, सभी पोस्टर 16 मार्च से पहले हटाने के दिए निर्देश

हाईकोर्ट ने कहा सीएए पर हिंसा के आरोपियों के पोस्टर लगाना प्राइवेसी में गैरजरूरी दखल, सभी पोस्टर 16 मार्च से पहले हटाने के दिए निर्देश

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि सीएए हिंसा के आरोपियों के बैनर-पोस्टर 16 मार्च से पहले हटाए जाएं। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपियों के पोस्टर लगाना उनकी निजता में सरकार का गैरजरूरी दखल है। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने कहा कि यूपी सरकार हमें यह बता पाने में नाकाम रही कि चंद आरोपियों के पोस्टर ही क्यों लगाए गए, जबकि यूपी में लाखों लोग गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। बेंच ने कहा कि चुनिंदा लोगों की जानकारी बैनर में देना यह दिखाता है कि प्रशासन ने सत्ता का गलत इस्तेमाल किया है।
राज्य सरकार ने 19 दिसंबर को लखनऊ में हुई हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने के लिए 57 लोगों को दोषी माना था और रिकवरी के लिए इनके पोस्टर लगाए थे। कोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था और रविवार को भी सुनवाई की थी।
पोस्टर लगाना सरकार के लिए भी अपमान की बात- हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने रविवार को सुनवाई के दौरान कहा था- कथित सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के पोस्टर लगाने की सरकार की कार्रवाई बेहद अन्यायपूर्ण है। यह संबंधित लोगों की आजादी का हनन है।ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाना चाहिए, जिससे किसी के दिल को ठेस पहुंचे। पोस्टर लगाना सरकार के लिए भी अपमान की बात है और नागरिक के लिए भी। किस कानून के तहत लखनऊ की सड़कों पर इस तरह के पोस्टर लगाए गए? सार्वजनिक स्थान पर संबंधित व्यक्ति की इजाजत के बिना उसका फोटो या पोस्टर लगाना गलत है। यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है।

यूपी सरकार ने 57 लोगों को 88 लाख की रिकवरी का नोटिस भेजा था
19 दिसंबर, 2019 को जुमे की नमाज के बाद लखनऊ के चार थाना क्षेत्रों में हिंसा फैली थी। ठाकुरगंज, हजरतगंज, कैसरबाग और हसनगंज में तोड़फोड़ करने वालों ने कई गाड़ियां भी जला दी थीं। राज्य सरकार ने नुकसान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से कराने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने फोटो-वीडियो के आधार पर 150 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजे। जांच के बाद प्रशासन ने 57 लोगों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी माना। उनसे 88 लाख 62 हजार 537 रुपए के नुकसान की भरपाई कराने की बात कही गई। लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा था- अगर तय वक्त पर इन लोगों ने जुर्माना नहीं भरा, तो इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
होर्डिंग में शामिल लोग बोले- मॉब लिंचिंग का खतरा
जिन लोगों की तस्वीरें होर्डिंग में लगाई गई हैं उनमें पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी, एक्टिविस्ट सदफ जफर और दीपक कबीर भी शामिल हैं। कबीर ने कहा- सरकार डर का माहौल बना रही है। होर्डिंग में शामिल लोगों की कहीं भी मॉब लिंचिंग हो सकती है। दिल्ली हिंसा के बाद माहौल सुरक्षित नहीं रह गया है। सरकार सबको खतरे में डालने का काम कर रही है।

 

होली के बाद बनेगी भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम

होली के बाद बनेगी भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम

नईदिल्ली, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा होली के बाद कर सकते हैं। यह जानकारी हाल ही में पार्टी सूत्रों से मिली है। अमित शाह की पुरानी टीम से नड्डा की नई टीम कितनी अलग होगी, किन नए चेहरों को इसमें मौका मिलेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
वैसे तो फरवरी के आखिरी सप्ताह में ही नई टीम के गठन की संभावना थी। लेकिन नड्डा के अपने बेटे की शादी समारोह व कुछ अन्य व्यस्तताओं के चलते नई टीम का गठने नहीं हो सका। पार्टी सूत्रों का कहना है कि,10 मार्च को होली बीतने के बाद नड्डा राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर सकते हैं।
जेपी नड्डा 20 जनवरी 2020 को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। अमूमन हर राष्ट्रीय अध्यक्ष संगठन के संचालन में अपनी सुविधा के लिए नई राष्ट्रीय टीम बनाता है। इस फेरबदल के क्रम में जहां राष्ट्रीय टीम में पहले से मौजूद कुछ सदस्यों की जिम्मेदारियां बदलतीं हैं, वहीं कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जाता है।
आने वाले समय में बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत सात से नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बताया जा रहा है कि नड्डा एक रणनीति के तहत इन राज्यों के कुछ नए चेहरों को राष्ट्रीय टीम में मौका दे सकते हैं।
सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के कोटे से राष्ट्रीय टीम में तीन पद पहले से ही खाली हैं। मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने से पहले तक श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह, पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा थे। इस प्रकार श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ के स्थान पर यूपी से दो चेहरों को जगह मिलना तय माना जा रहा।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम की घोषणा हो जानी चाहिए थी। मगर कुछ कारणों से ऐसा नहीं हो सका है। लिहाजा अब मार्च में नई राष्ट्रीय टीम घोषित हो जाने की संभावना है। हो सकता है कि होली बीतने के कुछ ही दिनों में नई टीम के सदस्यों की सूची जारी हो जाए।
 

राष्ट्रपति के रिश्तेदार को फोन पर मिली धमकी

राष्ट्रपति के रिश्तेदार को फोन पर मिली धमकी

कानपुर , कल्याणपुर क्षेत्र के गूबा गार्डन में रहने वाले राष्ट्रपति के रिश्तेदार राजीव कुमार को फोन पर उनके कथित रिश्तेदार ने गालीगलौज कर धमकी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। राजीव कुमार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बड़े भाई रामप्यारे की बड़ी बहू दीपा कोविंद के भाई हैं।
साथ ही नमो सेना इंडिया, अखिल भारतीय कोली समाज के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को उनके फोन पर बड़े मामा का दामाद बताने वाले एक युवक ने कॉल की। गालीगलौज करते हुए धमकी दी। राजीव ने कल्याणपुर पुलिस को ऑडियो क्लिप सौंपी है।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
राजीव को पहले भी आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। 28 नवंबर को राष्ट्रपति के कानपुर आगमन से पहले पाकिस्तान के नंबर से धमकी भरा फोन आया था। इसकी विवेचना चल रही है। वहीं शासन की ओर से स्थानीय पुलिस को पीडि़त के खर्च पर गनर देने के निर्देश दिए गए थे,लेकिन अभी तक कोई सुरक्षा नहीं मिली।
 

प्रधानमन्त्री मोदी ने कहा हुनर हाट में दिखा देश का हर रंग

प्रधानमन्त्री मोदी ने कहा हुनर हाट में दिखा देश का हर रंग

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। यह मन की बात की 62वां अंक है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे से पहले नरेन्द्र मोदी देश के लोगों से 'मन की बात' कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि हुनर हाट में देश का हर रंग दिखा। 3 लाख शिल्पकारों को अपना रोजगार का मौका मिला। हुनर हाट में देश का हुनर दिखा।

मोदी ने कहा कि हमारे देश की विविधता प्रेरणा देने वाली है। मैंने हुनर हाट में लिट्टी-चोखा का स्वाद भी लिया। मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि कच्छ से कोहिमा तक आपको नमस्कार करने का मौका मिला है।

 

बच्चे ने निगल लिया LED बल्ब, एक्सरे देख उड़े डॉक्टर के होश, फिर क्या हुआ पढ़े ....

बच्चे ने निगल लिया LED बल्ब, एक्सरे देख उड़े डॉक्टर के होश, फिर क्या हुआ पढ़े ....

फरीदाबाद, कई बार बच्चे खेल-खेल में ऐसी हरकत कर देते है जो उनके लिए परेशानी का सबब बन जाती है। आमतौर पर किसी भी बच्चे का मन खेलने में ही लगता है लेकिन खेल-खेल में ही कई बार ऐसी बच्चे ऐसी गलती कर बैठते हैं जिससे उनकी जान पर बन आती है।
ऐसा ही एक मामला हरियाणा के फरीदाबाद में देखने को मिला। जहां एक बच्चे ने खेलते वक़्त खिलौने में लगने वाले एलईडी बल्ब को ही निगल लिया। बल्ब निगलने के कुछ देर बाद ही उस बच्चे को गले और सीने में तेज दर्द होने लगा और उसे लगातार खांसी भी होने लगी।
बच्चे की परेशानी देख घरवाले उसे डॉक्टर के पास ले गए, पहले तो बच्चे को खांसी की आम दवा दे दी गई। लेकिन दवा देने के बाद भी बच्चे की खांसी नहीं रुकी और बच्चे ने सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की, जिसके बाद घरवाले बच्चे को फिर से अस्पताल लेकर गए।
इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने आपस में विचार-विमर्श किया। जिसके बाद बच्चे के सीने का एक्सरे किया गया। एक्सरे की रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों के होश उड़ गए। एक्सरे में पता चला कि बच्चे के सांस नली और फेफड़े के बीच कोई चीज फंसी हुई थी। जिस वजह से बच्चे को सीने में तेज दर्द हो रहा था।
इस तरह की समस्या होने पर डॉक्टर ऑपरेशन के जरिए उस चीज को बाहर निकाल देते हैं। लेकिन बच्चे की कम उम्र को देखते हुए ऐसा करना संभव नहीं था। इसके बाद टीम ने बच्चे को बेहोश कर एक खास उपकरण को उसके मुंह के रास्ते अंदर डाल फंसी हुए एलईडी बल्ब को बाहर निकाला।
जब डॉक्टरों ने बच्चे के फेफड़े से फंसी हुई चीज को बाहर निकाला तब जाकर उन्हें पता चला कि यह खिलौने में इस्तेमाल होने वाला एलईडी बल्ब था। जिसे खेलने के दौरान बच्चे ने गलती से निगल लिया था और उसे भी इस बात का अंदेशा नहीं था।

 

रनवे पर फिसलकर विमान तीन हिस्सों में टूटा, 3 की मौत 179 घायल, जाने कहा की है ये घटना

रनवे पर फिसलकर विमान तीन हिस्सों में टूटा, 3 की मौत 179 घायल, जाने कहा की है ये घटना

तुर्की | तुर्की के इस्तांबुल हवाईअड्डे में रनवे पर उतरते समय एक विमान फिसल गया, उसमें आग लग गई और वह तीन हिस्सों में टूट गया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 179 लोग घायल हो गए। तुर्की के टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में दिख रहा है कि कई लोग विमान के टूटे हुए हिस्से से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। तुर्की की किफायती विमानवाहक कंपनी पीगासस एयरलाइंस के उड़ान भरने वाले बोइंग 737 ने बुधवार को एगीन बंदरगाह शहर से इस्तांबुल के सबीहा गोकेन हवाईअड्डे के लिए बुधवार को उड़ान भरी थी।

दरअसल विमान तेज हवाओं और इस्तांबुल में हो रही भारी बारिश के चपेट में आ गया। तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फहरेत्तिन कोका ने पत्रकारों को बताया कि इस विमान दुर्घटना में तीन नागरिकों की मौत हो गई और 179 लोग घायल हो गए है। 
परिवहन मंत्री मेहमत काहित तुर्हान ने बताया कि कुछ यात्री खुद से विमान से बाहर निकल गए लेकिन अन्य लोग उसमें फंसे हुए हैं और हमारे बचावकर्ता उन्हें बाहर निकालने के काम में जुटे हुए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु ने बताया कि विमान में 177 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। 
 
अब इस देश में जाने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं मिलेगा वीजा, जाने कौन सा है वो देश

अब इस देश में जाने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं मिलेगा वीजा, जाने कौन सा है वो देश

वाशिंगटन । बच्चे को जन्म से ही अमेरिकी नागरिक बनाने की बनाने की प्लानिंग करना मां-बाप को भारी पड़ सकता है। पहले ऐसे कई मामले सामने आए थे जिसमें दुनिया में बहुत सारी गर्भवती महिलाएं महज इस कारण अपने बच्चे की डिलीवरी अमेरिका आकर कराती थीं, ताकि उनके बच्चे को अमेरिकी धरती पर जन्म लेने के कारण वहां की नागरिकता मिल जाए। लेकिन अब अमेरिका की सरकार ने इस मामले में कड़े कदम उठाए हैं। अमेरिकी सरकार ने ऐलान कर दिया है कि दूसरे मुल्कों से आने वालीं गर्भवती महिलाओं को टेंपररी विजिटर (बी-1/बी-2) वीजा नहीं दिया जाएगा। अमेरिका में बर्थ टूरिजम पर रोक लगाने के लिए ये पाबंदियां लगाई गई हैं।

पढ़ें : राजधानी के कारोबारी प्रवीण सोमानी के अपहरण मामले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, इसी ने दिया था छत्तीसगढ़ के बड़े कारोबारियों के नाम की लिस्ट

जानकारी के लिए आपको बता दें कि अमेरिकी संविधान के तहत वहां जन्म लेने वाले किसी भी बच्चे को नागरिकता का अधिकार स्वत: ही मिल जाता है। लेकिन नए वीजा नियमों के बाद बच्चे को इस तरह नागरिकता दिलाना संभव नहीं होगा। नई वीजा योजना से जुड़े दो अधिकारियों ने बताया कि नए नियमों के बाद गर्भवती महिला के लिए अमेरिका आने का पर्यटन वीजा हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। नए नियमों के मसौदे के मुताबिक, ऐसी महिलाओं के लिए वीजा हासिल करने की राह में एक अतिरिक्त बाधा जोड़ दी गई है। उन्हें काउंसलर अधिकारी को अमेरिका आने का कोई अन्य वैध कारण बताकर संतुष्ट करना होगा। दरअसल अमेरिकी प्रशासन आव्रजन के सभी रूपों को प्रतिबंधित कर रहा है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खासतौर पर जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। वह इसे बंद करने की धमकी देते रहे हैं। हालांकि विद्वानों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह इतना आसान नहीं होगा।

इसके तहत ऐसी महिलाएं जो बच्चों को जन्म देने के लिए अमेरिका आना चाहती थीं ताकि उनके बच्चों को अमेरिकी पासपोर्ट मिल जाए, अब नहीं आ पाएंगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नए नियमों का संबंध हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से भी है और इसमें 'बर्थ टूरिजम' के जरिए आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना भी शामिल है। नए नियम से प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए टूरिस्ट वीजा पर यात्रा करना बेहद कठिन होगा। कानून के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं को वीजा हासिल करने के लिए 'काउंसलर ऑफिसर' को समझाना होगा कि अमेरिका आने के लिए उनके पास कोई और भी वाजिब अहम वजह है। ट्रंप प्रशासन शुरुआत से ही इमीग्रेशन के सभी प्रारूपों पर बंदिश लगा रहा है, खासकर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 'जन्मजात नागरिकता' के मुद्दे पर कड़ा रूख अपनाया है। बता दें कि इमीग्रेशन नियमों के समर्थक ग्रुप सेंटर फॉर इमीग्रेशन स्टडीज का अनुमान है कि 2012 में करीब 36 हजार विदेशी महिलाएं बच्चों को जन्म देने अमेरिका आईं और फिर वापस चली गईं।

 
आम आदमी पार्टी आज जारी करेगी 'केजरीवाल का गारंटी कार्ड, होगी 5 साल की योजना

आम आदमी पार्टी आज जारी करेगी 'केजरीवाल का गारंटी कार्ड, होगी 5 साल की योजना

नईदिल्ली, दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रविवार को 'केजरीवाल का गारंटी कार्ड पेश करेगी। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल कार्ड पेश करेंगे, जो कि पार्टी के घोषणा पत्र से अलग होगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कार्ड में उन बिंदुओं का जिक्र किया जाएगा, जिसे चुनाव जीतने के बाद पार्टी आगामी पांच सालों में पूरा करेगी। सूत्रों ने कहा कि कार्ड के माध्यम से केजरीवाल अगले पांच सालों के काम के बारे में बताएंगे।
मुख्यमंत्री कार्ड में दिल्लीवासियों से किए जाने वाले प्रमुख वादों को सूचीबद्ध करेंगे। पार्टी ने कहा कि गारंटी कार्ड वादों को पूरा करने की उसकी क्षमता में विश्वास का एक पैमाना है। आप नेता गोपाल राय ने कहा कि 26 जनवरी के आस-पास हम अपना घोषणा पत्र भी प्रस्तुत करेंगे। इसे दो तरह से पेश किया जा रहा है - एक गारंटी कार्ड, इसके बाद एक विस्तृत घोषणा पत्र।
गारंटी कार्ड को घर-घर जाकर लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इसमें महिला सुरक्षा और जल आपूर्ति जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे। सूत्र ने बताया, इनके अलावा यमुना नदी की सफाई और परिवहन क्षेत्र में सुधार का मुद्दा भी शामिल होगा। पार्टी डोर टू डोर अभियान के तहत यह कार्ड शहर के करीब 35 लाख घरों में ले जाएगी।
 

INS Vikramaditya पर तेजस की अरेस्टेड लैंडिंग, यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान

INS Vikramaditya पर तेजस की अरेस्टेड लैंडिंग, यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने शनिवार को जंगी जहाज INS Vikramaditya पर सफलतापूर्वक अरैस्टेड लैंडिंग की। यह पहला मौका है, जब आईएनएस पर किसी स्वदेशी लड़ाकू विमान ने लैंडिंग की।
रक्षा शोध और विकास संगठन (DRDO) के अधिकारियों ने बताया कि कमांडर जयदीप मावलंकर ने यह लैंडिंग कराई। इस अरेस्टेड लैंडिंग के बाद नौसेना के लिए डबल इंजन तेजस विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
इससे पहले सितंबर में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) के अधिकारियों ने गोवा की तटीय टेस्ट फैसिलिटी में तेजस की अरेस्टेड लैंडिंग कराई की थी।
क्या होती है अरेस्टेड लैंडिंग : अरेस्टेड लैंडिंग के लिए विमानों के पीछे के हिस्से में स्टील वायर से जोड़कर एक हुक लगाया जाता है। लैंडिंग के दौरान पायलट को यह हुक युद्धपोत या शिप में लगे स्टील के मजबूत केबल्स में फंसाना होता है। जैसे ही प्लेन रफ्तार कम करते हुए डेक पर उतरता है, हुक तारों में पकड़कर उसे थोड़ी दूरी पर रोक लेता है।
क्यों होती है अरेस्टेड लैंडिंग : नौसेना में शामिल होने के लिए विमानों के हल्का होने के साथ ही उसे अरेस्टेड लैंडिंग में भी सक्षम होना चाहिए। युद्धपोत एक निश्चित भार ही उठा सकता है, इसलिए विमानों का हल्का होना जरूरी है। युद्धपोत पर बने रनवे की लंबाई निश्चित होती है। ऐसे में विमानों को लैंडिंग के दौरान रफ्तार कम करते हुए रनवे पर जल्दी रुकना पड़ता है। ऐसे में उसे अरेस्टेड लैंडिंग करना होती है।

 

बड़ी खबर इस देश में नये साल के स्वागत में नहीं होगी आतिशबाजी, जाने क्या है कारण

बड़ी खबर इस देश में नये साल के स्वागत में नहीं होगी आतिशबाजी, जाने क्या है कारण

कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया में जंगलों की आग के कारण राजधानी कैनबरा में नये साल की पूर्व संध्या पर आतिशबाजी का प्रदर्शन रद्द कर दिया है। ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र (एसीटी) ने बुधवार तक दावानल पर पूरी तरह नियंत्रण कर लेने की घोषणा की है लेकिन इससे पहले सोमवार और मंगलवार को तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इवेंट्स एसीटी ने नए साल का जश्न मनाने के लिए मंगलवार रात नौ बजे और 12 बजे कैनबरा में आतिशबाजी के प्रदर्शन की योजना बनायी थी लेकिन एसीटी आपातकालीन सेवा एजेंसी की आयुक्त जॉर्जिना व्हेलन द्वारा ऐसा नहीं करने की सलाह दिये जाने के बाद रविवार शाम को दोनों आतिशबाजी प्रदर्शन रद्द कर दिए गए।
सुश्री व्हेलन ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, च्च्यह हमारे लिए समझदारी भरा निर्णय होगा कि हम एसीटी में आतिशबाजी न करें। हजारों लोगों के आतिशबाजी देखने के लिए कैनबरा के केंद्रीय व्यापारिक जिले (सीबीडी) में पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन सुश्री व्हेलन ने कहा कि इसमें बहुत बड़ा जोखिम था। ईवेंट्स एसीटी ने बताया कि सीबीडी के आसपास आतिशबाजी के अलावा लाइव संगीत सहित अन्य कार्यक्रमों को भी खराब मौसम और वायु की खराब गुणवत्ता के कारण रद्द किया जा सकता है।
इवेंट्स एसीटी के जो वर्डन ने एक बयान में कहा कि वह एसीटी मौसम की स्थिति और धुंध की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि यह तय हो सके कि अन्य कार्यकम और लाइव संगीत आदि का आयोजन किया जा सकेगा या नहीं। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में पिछले 10 दिन में जंगलों में लगी आग ने भीषण रूप अख्तियार कर लिया है। इस आग के कारण कम से कम दो लोगों की मौत हो गयी है और बड़ी संख्या में लोगों को अपना घरबार छोडऩा पड़ा है। भीषण आग के कारण पूर्वी गिप्सलैंड क्षेत्र से सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे से पहले 30,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। बढ़ते तापमान और तेज़ हवाओं के कारण भीषण दावानल की लपटें फैलने की आशंका है जो पहले ही 130,000 हेक्टेयर जंगल लील चुकी हैं।
 

शशि थरूर ने अमित शाह के बंटवारे को लेकर दिए बयान पर कसा तंज , कहा-इतिहास की क्लास में नहीं दिया ध्याान

शशि थरूर ने अमित शाह के बंटवारे को लेकर दिए बयान पर कसा तंज , कहा-इतिहास की क्लास में नहीं दिया ध्याान

मुंबई, कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता शशि थरूर ने बंटवारे को लेकर संसद में दिए गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तंज कसा है. उन्‍होंने कहा कि अमित शाह ने इतिहास की क्‍लास में ध्‍यान से पढ़ाई नहीं की. उन्‍हें पता होना चाहिए कि कांग्रेस ने नहीं बल्कि हिंदू महासभा ने दो राष्‍ट्र के सिद्धांत का समर्थन किया था.' बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल 2019 पर लोकसभा में चर्चा के दौरान सोमवार को कहा था कि अगर कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का बंटवारा नहीं किया होता तो आज हमें ये नहीं करना पड़ता.


'
सभी के लिए मुक्‍त भारत का निर्माण करना चाहिए'

थरूर ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक देश के संविधान पर हमला है. हमें सभी के लिए मुक्‍त भारत का निर्माण करना चाहिए. हम देश को धर्म के आधार पर नहीं बांट सकते. उन्‍होंने विधेयक को लोकसभा में पेश किए जाने से पहले भी कहा था कि धर्म के आधार पर राष्‍ट्रीयता को तय करना पाकिस्‍तान का तरीका है. इस विधेयक में सिर्फ छह धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता प्राप्‍त करने का प्रावधान किया गया है. बाकी धर्मों को विधेयक में बाहर कर दिया गया है. यह धर्म के आधार पर भेदभाव है.

विपक्ष संसद के अंदर और बाहर कर रहा है विरोध
अमित शाह ने विधेयक पर चर्चा के दौरान सोमवार को कहा था कि हमें आज इस बिल की जरूरत क्‍यों पड़ी? अगर आजादी के बाद कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का बंटवारा नहीं किया होता तो हमें आज इस विधेयक की जरूरत ही नहीं पड़ती. कांग्रेस ने ही धर्म के आधार पर देश का बंटवारा किया था. इससे पहले कांग्रेस सांसदों ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा था कि प्रस्‍तावित कानून मुस्लिमों के खिलाफ है, जो संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ है. संसद और देश के विभिन्‍न शहरों में विरोध कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि विधेयक भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान का उल्‍लंघन करता है.

बीजेपी के चुनाव घोषणापत्र में शामिल था विधेयक
बीजेपी  का कहना है कि हमने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपने घोषणापत्र में नागरिकता संशोधन बिल को शामिल किया था. ऐसे में इस विधेयक को संसद में पेश करना जरूरी था. बीजेपी के लिए जरूरी है कि इसे दोनों सदनों से पारित कराकर कानून बनाए. बीजेपी का कहना है कि पाकिस्‍तान, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश में हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों का धर्म के आधार पर उत्‍पीड़न किया जा रहा है. इस विधेयक के कानून बनने के बाद इन तीनों देशों के अल्‍पसंख्‍यक धार्मिक उत्‍पीड़न के आधार पर भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर पाएंगे.

 

नर्स ने काट दी नवजात के हाथों  की अंगुलियां हो गयी बच्चे की मौत, पढ़े क्या है पूरा मामला..

नर्स ने काट दी नवजात के हाथों की अंगुलियां हो गयी बच्चे की मौत, पढ़े क्या है पूरा मामला..

हरदोई. उत्तर प्रदेश के हरदोई में सरकारी अस्पताल में नर्स ने एक नवजात की अंगुलियां काट दीं, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। दरअसल, सरकारी हॉस्पिटल में जन्मे एक नजवात के दोनों हाथों में 6-6 अंगुलियां थी। नर्स ने नवजात की एक-एक अंगुली काट दी, इसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसने दम तोड़ दिया। बच्चे के पिता ने महिला स्वास्थ्य कर्मी (दाई) विद्या देवी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 

जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात को बाढ़ करेंखा गांव निवासी लक्ष्मी नाम की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर बिलग्राम के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह लक्ष्मी ने पुत्र को जन्म दिया। नवजात के दोनों हाथों में पांच के बजाए छह-छह अंगुलियां थीं। लक्ष्मी के पति रविंद्र ने आरोप लगाया कि महिला स्वास्थ्यकर्मी विद्या देवी ने नवजात की एक-एक अंगुली काट दी। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र से प्रसूता और नवजात को डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल से बाहर आते ही नवजात ने दम तोड़ दिया।

 

दाई के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

 

 

हरदोई एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा- बच्चे के पिता पिता रविंद्र की तहरीर पर सीएचसी की दाई विद्या देवी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सीएमओ डॉक्टर एसके रावत ने कहा- बच्चे की अंगुलियां काटने के लिए परिजनों की सहमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

 

 

PM मोदी से बात करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इमरान खान को मिलाया फोन, कहा- संभल कर बोलें

PM मोदी से बात करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इमरान खान को मिलाया फोन, कहा- संभल कर बोलें

 वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से कश्मीर मामले में क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील की. साथ ही स्थिति को ‘गंभीर\\\\\\\' बताया. ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से सोमवार को फोन पर बात की और उन्हें भारत के खिलाफ संभल कर बयानबाजी करने को कहा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर करीब 30 मिनट बात करने के बाद उन्होंने खान से बात की. मोदी ने बातचीत के दौरान पाकिस्तानी नेताओं द्वारा ‘भारत विरोधी हिंसा के लिए उग्र बयानबाजी और उकसावे\\\\\\\' का मुद्दा उठाया.

ट्रम्प ने ट्वीट किया, ‘अपने दो अच्छे दोस्तों, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और सबसे अधिक महत्वपूर्ण भारत और पाकिस्तान के कश्मीर में तनाव कम करने को लेकर बात की. गंभीर स्थिति, लेकिन अच्छी बातचीत...\\\\\\\'

जम्मू कश्मीर: आर्टिकल 370 हटने के बाद लोगों का खर्चीली शादियों से परहेज, मेहमानों की सूची घटी, ज्वैलरी और मीट कारोबार पर असर 

बता दें, जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतम प्रावधान हटाए जाने पर पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपना रखा है. कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखते हुए खान ने रविवार को भारत सरकार को ‘फासीवादी\\\\\\\' और ‘श्रेष्ठतावादी\\\\\\\' करार दिया था और आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान और भारत में अल्पसंख्यकों के लिए खतरा है.

पीएम मोदी और खान से बातचीत करने के ट्रम्प के कदम का स्वागत करते हुए भारतीय अमेरिकी अटॉर्नी रवि बत्रा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका के सभी लोगों की ओर से उपमहाद्वीप के हमारे प्यारे मित्रों को आतंकवाद से दूर रहने, अच्छे पड़ोसियों की तरह रहने और अपने नागरिकों को कानून एवं व्यवस्था के साथ बेहतर कल देने को कहा.

कश्मीर पर सरकार के फैसले की नोबेल विजेता अमर्त्य सेन ने की आलोचना, बोले- \\\\\\\'भारतीय के रूप में इस पर गर्व नहीं\\\\\\\'

बता दें, जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने की भारत की घोषणा के बाद पहली बार शीर्ष स्तर पर हुए संवाद के तहत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से टेलीफोन पर वार्ता की. मोदी कहा कि इस क्षेत्र के कुछ नेताओं की तीखे बयानबाजी और भारत के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देना शांति के अनुकूल नहीं है.
कुछ नेताओं द्वारा तीखी बयानबाजी करने संबंधी मोदी की टिप्पणी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर स्पष्ट इशारा थी. खान पिछले कुछ दिनों से मोदी सरकार और भारत की कार्रवाई के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहे हैं.

पाकिस्तान के साथ कश्मीर पर जारी तनाव के बीच PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर की बात

प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार मोदी और ट्रंप के बीच आधे घंटे तक बातचीत चली. यह बातचीत ‘‘गर्मजोशी भरी और सौहार्दपूर्ण\\\\\\\'\\\\\\\' तरीके से हुई, जो दोनों नेताओं के बीच संबंधों को दर्शाती है. इस दौरान द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों पर बातचीत की गयी. बयान में कहा गया है, ‘क्षेत्रीय स्थिति के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में कुछ नेताओं द्वारा तीखी बयानबाजी और भारत के विरूद्ध हिंसा को भड़काना, शांति के अनुकूल नहीं है.\\\\\\\'