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मां की ममता हुई शर्मसार! इस जिले में सुनसान जगह पर इस हालत में मिली नवजात

मां की ममता हुई शर्मसार! इस जिले में सुनसान जगह पर इस हालत में मिली नवजात

  उत्तर प्रदेश  : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आज मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जरवल थानाक्षेत्र के अंतर्गत कटी झील में एक कलयुगी मां ने अपनी नवजात बच्ची को फेंक दिया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई।  घटना जरवल पुलिस चौकी क्षेत्र में लखनऊ-बहराइच हाइवे स्थित कटी झील के पुल के नीचे हुई। राहगीरों ने पानी में तैरते हुए नवजात के शव को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

झील में मिला नवजात बच्ची का शव
सूत्रों के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही पुल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जरवल चौकी इंचार्ज देवेंद्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल संतोष प्रसाद, कांस्टेबल महेंद्र सिंह और महिला कांस्टेबल अनुराधा सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने नवजात के शव को पानी से बाहर निकाला और पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
प्रभारी निरीक्षक जरवलरोड रमेश रावत ने बताया कि नवजात बच्ची के शव को पोस्टमाटर्म के लिए भेजा जा रहा है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग कलयुगी मां की इस क्रूर हरकत की निंदा कर रहे हैं।

नए GST नियमों के तहत चोरी करना पड़ेगा भारी, 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे कड़े नियम

नए GST नियमों के तहत चोरी करना पड़ेगा भारी, 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे कड़े नियम

भारत सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स के नियमों में एक अहम बदलाव किया है। इसके तहत 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही वितरण सुनिश्चित करना है। इस सिस्टम के जरिए राज्य सरकारें उन शेयर्ड सर्विसेज पर उचित मात्रा में टैक्स वसूल करेंगी जो एक ही स्थान पर दी जा रही हैं।

ISD मैकेनिज्म का उद्देश्य 

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टैक्स रेवेन्यू का सही वितरण सुनिश्चित करना है। जब व्यवसाय कई राज्यों में काम कर रहे होते हैं तो यह सिस्टम उनके लिए फायदा पहुंचाता है। इस प्रणाली के तहत व्यवसाय अपनी एक हेडक्वार्टर में कॉमन इनपुट सर्विस के इनवॉइस को केंद्रीकृत कर सकते हैं। इससे उन शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट का सही तरीके से वितरण किया जा सकेगा जो शेयर्ड सर्विसेज का उपयोग करती हैं।

इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ 

इनपुट टैक्स क्रेडिट वह टैक्स होता है जो व्यवसाय अपनी खरीद पर चुकाते हैं। इस टैक्स को वे अपने आउटपुट टैक्स से घटा सकते हैं जिससे उनकी कुल जीएसटी देनदारी कम हो जाती है। नए नियमों के तहत ISD सिस्टम का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है ताकि ITC का सही वितरण हो सके।

नए नियमों की विशेषताएँ 

व्यवसायों के पास कॉमन ITC को अपने अन्य GST रजिस्ट्रेशन में आवंटित करने के लिए दो विकल्प थे - ISD मैकेनिज्म या क्रॉस-चार्ज मेथड लेकिन अब 1 अप्रैल 2025 से यदि कोई व्यवसाय ISD सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे रेसिपिएंट लोकेशन के लिए ITC नहीं दी जाएगी। इसके अलावा यदि ITC का गलत वितरण होता है तो टैक्स अथॉरिटी ब्याज सहित राशि वसूल करेगी और इसके लिए जुर्माना भी लगाया जाएगा। जुर्माना ITC की राशि के बराबर हो सकता है या 10,000 रुपए से अधिक हो सकता है।

नया जीएसटी सिस्टम 

माना जा रहा है कि यह बदलाव जीएसटी सिस्टम को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ISD सिस्टम न केवल राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही वितरण करेगा बल्कि व्यवसायों को भी अपनी टैक्स देनदारियों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद करेगा। इस कदम से टैक्स चोरी को रोकने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।

वहीं इस बदलाव के साथ व्यवसायों को अपनी टैक्स व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने और सही तरीके से टैक्स चुकाने में सहायता मिलेगी जिससे जीएसटी सिस्टम और भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा।

खाना बना दिया है गौरव खा लेना...घर लौटा पति तो इस हालत में मिली पत्नी की लाश

खाना बना दिया है गौरव खा लेना...घर लौटा पति तो इस हालत में मिली पत्नी की लाश

 गाजियाबाद : गाजियाबाद के वसुंधरा में 29 वर्षीय शिक्षिका अन्विता शर्मा की आत्महत्या का मामला सामने आया है, जिसने दहेज उत्पीड़न और वैवाहिक शोषण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अन्विता ने 16 मार्च को फांसी लगाकर जान दे दी,  पिता को मिले सुसाइड नोट में इस दुखद घटना के पीछे की वजह को भी उजागर किया। नोट में अन्विता ने अपने पति गौरव कौशिक के बारे में लिखा, "इस आदमी ने मेरी नौकरी से शादी की थी, मुझसे नहीं।" गौरव कौशिकएक निजी अस्पताल में डॉक्टर है। पुलिस ने गौरव और उसके पिता सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास मंजू शर्मा की तलाश जारी है।

सुसाइड नोट से हुआ बड़ा खुलासा
अन्विता शर्मा ने अपने पिता को भेजे मैसेज में अपने जीवन के संघर्षों को बयान किया था। मेरे पति के लिए मैंने सब किया, लेकिन हमेशा मुझमें ही कमी निकाली गई। हर लड़ाई में दोष मुझ पर ही आता, पूरा घर ताने मारता। इसके बाद मृतका ने लिखा, खाना बना दिया है गौरव कौशिक खा लेना।  इस आदमी ने मेरी नौकरी से शादी की थी मुझसे नहीं। मम्मी-पापा मेरे बच्चे का ख्याल रखना, सभी दोस्तों और परिचितों से माफी।

पति और ससुर गिरफ्तार, सास फरार
पुलिस ने पति गौरव कौशिक और ससुर सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है। सास मंजू शर्मा फरार है, और उसकी तलाश जारी है। अन्विता के पिता अनिल शर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि: शादी में 26 लाख रुपये खर्च किए गए थे, साथ ही एक कार भी दहेज में दी गई थी।  इसके बावजूद, ससुराल वाले और अधिक दहेज की मांग कर रहे थे।   अन्विता की चेकबुक और डेबिट कार्ड तक उसके पति और ससुरालवालों ने जब्त कर रखे थे। पुलिस ने इस मामले में दहेज हत्या (304B) और आत्महत्या के लिए उकसाने (306) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।  

नई नवेली दुल्हन ने दांतों से कर दिया कांड, तड़पता रहा पति, सामने आया खौफनाक मामला

नई नवेली दुल्हन ने दांतों से कर दिया कांड, तड़पता रहा पति, सामने आया खौफनाक मामला

 नेशनल डेस्क. झालावाड़ जिले के बकानी कस्बे में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नवविवाहिता ने अपने पति की जीभ काट दी। घटना ज्योति नगर में घटित हुई, जहां कन्हैयालाल सेन और उनकी पत्नी रवीना सेन रहते हैं।

जानकारी के अनुसार, कन्हैयालाल और रवीना का विवाह लगभग डेढ़ महीने पहले हुआ था। हाल ही में रवीना अपने मायके से लौटी थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि रवीना ने गुस्से में आकर कन्हैयालाल की जीभ काट दी।

घटना के बाद कन्हैयालाल को गंभीर हालत में बकानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झालावाड़ के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

वहीं घटना के बाद रवीना ने घर के अंदर खुद को बंद कर लिया और आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और समझा-बुझाकर शांत कराया।
घटना की सूचना मिलने पर बकानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने रवीना को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। अभी तक कन्हैयालाल के परिवार की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

Banks Holiday: अप्रैल में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी लिस्ट और निपटा लें जरूरी काम

Banks Holiday: अप्रैल में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी लिस्ट और निपटा लें जरूरी काम

 अप्रैल 2025 का महीना शुरू होने वाला है, और इस दौरान बैंकों में कई दिनों तक अवकाश रहेगा। अगर आपके बैंक से जुड़े कोई जरूरी काम हैं, तो पहले से ही इन्हें निपटा लेना बेहतर होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2025 को वार्षिक क्लोजिंग के चलते सभी कमर्शियल बैंकों में छुट्टी घोषित की है। इसके अलावा, महीने में कई त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के चलते भी बैंक बंद रहेंगे।

हालांकि, इन छुट्टियों के दौरान मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे। आइए, अप्रैल में बैंकों की छुट्टियों की पूरी लिस्ट पर एक नजर डालते हैं।

 अप्रैल 2025 में बैंकों की छुट्टियां

अवकाश का कारण तारीख दिन
वार्षिक खातों की क्लोजिंग / सरहुल 1 अप्रैल मंगलवार
बाबू जगजीवन राम जयंती 5 अप्रैल शनिवार
महावीर जन्मकल्याणक / महावीर जयंती 10 अप्रैल गुरुवार
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती / विशु / बिजू उत्सव / बुइसु उत्सव / महा विषुव संक्रांति / तमिल नववर्ष / बोहाग बिहू / चेराओबा 14 अप्रैल सोमवार
बंगाली नववर्ष / हिमाचल दिवस / बोहाग बिहू 15 अप्रैल मंगलवार
बोहाग बिहू (असम में छुट्टी) 16 अप्रैल बुधवार
गुड फ्राइडे 18 अप्रैल शुक्रवार
गरिया पूजा (अगरतला में अवकाश) 21 अप्रैल सोमवार
भगवान श्री परशुराम जयंती 29 अप्रैल मंगलवार
बसवा जयंती / अक्षय तृतीया 30 अप्रैल बुधवार

किन शहरों में कब रहेगा बैंक हॉलिडे?

अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग दिन बैंक बंद रहेंगे। नीचे प्रमुख शहरों के हिसाब से छुट्टियों की लिस्ट दी गई है:

शहर बैंक हॉलिडे (तारीखें)
अगरतला 1, 14, 15, 21
अहमदाबाद 1, 10, 14, 18
बेंगलुरु 1, 10, 14, 18, 29
भोपाल 1, 10, 18
कोलकाता 1, 10, 14, 15, 16, 18
दिल्ली 1, 10, 18
गुवाहाटी 1, 14, 15, 16
मुंबई 1, 10, 14, 18
लखनऊ 1, 10, 14, 18
पटना 1, 14, 18
रांची 1, 10, 14, 18
शिमला 15, 30

से करें जरूरी बैंकिंग काम?
-डिजिटल बैंकिंग – मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग से ट्रांजैक्शन करें।
-ATM सेवाएं – कैश निकालने और बैलेंस चेक करने की सुविधा चालू रहेगी।
-UPI और ऑनलाइन पेमेंट – PhonePe, GooglePay, Paytm जैसी सेवाओं का उपयोग करें।

बदल गया फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato का नाम, जानिए क्या हैं नया नाम ?

बदल गया फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato का नाम, जानिए क्या हैं नया नाम ?

 फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अपना नाम बदलकर”इटरनल लिमिटेड” कर लिया है। कंपनी ने इसे अपनी नई पहचान और भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा बताया है। सरकार ने 20 मार्च 2025 को इस नाम परिवर्तन को मंजूरी दी, जिसके बाद कंपनी ने आधिकारिक घोषणा की।

CEO दीपिंदर गोयल के अनुसार, यह कंपनी की दूसरी रीब्रांडिंग है। 2008 में इसे “फूडीबे” के नाम से शुरू किया गया था, जिसे 2010 में “जोमैटो” कर दिया गया। अब “इटरनल लिमिटेड” नाम के साथ कंपनी अपने बिजनेस को नई दिशा देना चाहती है।

इस बदलाव का एक बड़ा कारण कंपनी की ब्लिंकिट सर्विस को और मजबूत करना है। कंपनी की वेबसाइट अब “zomato.com” से बदलकर “eternal.com” हो जाएगी, और स्टॉक मार्केट में भी इसका नया टिकर आएगा।

जोमैटो का यह कदम ग्राहकों के लिए नई सेवाओं और बेहतर अनुभव लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

 
चौंकाने वाली घटना: यूट्यूब देखकर युवक ने खुद किया पेट का ऑपरेशन…फिर जो हुआ

चौंकाने वाली घटना: यूट्यूब देखकर युवक ने खुद किया पेट का ऑपरेशन…फिर जो हुआ

 उत्तर प्रदेश :- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन क्षेत्र के सुनरख गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 32 वर्षीय राजबाबू, जो बीबीए स्नातक और पेशे से किसान हैं, पिछले कुछ दिनों से पेट दर्द से परेशान थे। दर्द से निजात पाने के लिए उन्होंने यूट्यूब पर ऑपरेशन संबंधी वीडियो देखकर स्वयं ही अपना ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

राजबाबू ने मथुरा के एक मेडिकल स्टोर से ऑपरेशन के लिए आवश्यक उपकरण, जैसे ब्लेड, बेहोशी का इंजेक्शन और टांके लगाने की सुई खरीदी। बुधवार दोपहर को उन्होंने अपने घर पर ही पेट में लगभग 7 सेंटीमीटर लंबा चीरा लगाया और प्लास्टिक के धागे से 11 टांके लगा दिए। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने परिवार को सूचित किया। परिवारजनों ने उन्हें तुरंत जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, क्योंकि पेट में संक्रमण का खतरा था।

डॉ. शशि रंजन के अनुसार, राजबाबू का 15 साल पहले अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था। अब खुद से ऑपरेशन करने के कारण पेट के अंदर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है, और चीरा कितना गहरा है, यह भी स्पष्ट नहीं है। इसलिए उन्हें आगरा रेफर किया गया है।यह घटना आत्म-उपचार के खतरों को उजागर करती है और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता लेने के महत्व पर जोर देती है।

अब मरीजों को नहीं खरीदनी पड़ेंगी महंगी दवाएं, यहां पर मिलेंगी 70 फीसदी तक सस्ती दवाएं

अब मरीजों को नहीं खरीदनी पड़ेंगी महंगी दवाएं, यहां पर मिलेंगी 70 फीसदी तक सस्ती दवाएं

 लखनऊ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को महंगी दवाएं नहीं खरीदनी पड़ेंगी। उन्हें अस्पताल से ही जेनेरिक दवाएं बाजार से 50 से 70 फीसदी कम दाम पर उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए केंद्रों पर प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। शासन से अनुमति मिलने के बाद अफसरों ने नए केंद्र खुलवाने की कवायद तेज कर दी है।

राजधानी में सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है। यहां प्रसव से लेकर अन्य बीमारियों का भी इलाज मुहैया कराया जाता है। मरीजों की जरूरत कोदेखते हुए चिकित्सक अस्पताल से मिलने वाली मुफ्त दवाओं के साथ ही अन्य जरूरी दवाएं भी लिखते हैं। 

बाजार में इन दवाओं की कीमत अधिक होने के कारण कई बार डॉक्टर मरीज की आर्थिक स्थित को देखते हुए दवाएं लिखने से परहेज करते हैं। ऐसे में मरीज को जल्द स्वास्थ्य लाभ मिलने में दिक्कत होती है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया की 18 सीएचसी पर प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। यह केंद्र खुलने के बाद मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।

प्रदेश में 1000 नए केंद्र खुलेंगे

फार्मासियुक्टिकल एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया के नोडल अफसर नितिन सिंह का कहना है कि मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए सरकार प्रयासरत है। प्रदेश में जल्द ही 1000 नए जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। ताकि मरीजों को घर के नजदीक दवा और सर्जिकल सामान उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बताया मौजूदा समय में प्रदेश में 2662 जन औषधि केंद्र का संचालन हो रहा है। अकेले लखनऊ में जन औषधि केंद्र की संख्या 220 है। मरीजों को और आसानी से जेनेरिक दवाएं मिल सके इसके लिए 1000 जन औषधि केंद्र और खोले जाएंगे। इसमें लखनऊ में करीब 25 नए जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इनमें से 18 स्वास्थ्य केंद्रों पर खुलेंगे।

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 10 गुना बढ़ा जुर्माना, जानें e-Challan चेक करने का तरीका

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 10 गुना बढ़ा जुर्माना, जानें e-Challan चेक करने का तरीका

 e-Challan  : सरकार ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए चालान और सजा में बदलाव किया है। अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाला जुर्माना 10 गुना तक बढ़ा दिया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सख्त बनाने के लिए चौराहों पर कैमरे लगाए गए हैं, जो नियम तोड़ने पर स्वचालित रूप से ई-चालान जारी करते हैं।

क्या है e-Challan सिस्टम?

ई-चालान एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक चालान प्रणाली है, जिसमें ट्रैफिक पुलिस कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वालों की पहचान कर चालान जारी करती है। वाहन मालिक को चालान की सूचना SMS के जरिए मिल जाती है।

ऐसे करें ऑनलाइन ट्रैफिक चालान चेक

अगर आपको लगता है कि आपकी गाड़ी का चालान काटा गया है, तो आप इसे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं:

आधिकारिक ट्रैफिक वेबसाइट पर जाएं
“e-Challan” सेक्शन पर क्लिक करें
अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें
CAPTCHA भरकर “Submit” करें
अगर चालान जारी हुआ है, तो स्क्रीन पर पूरी जानकारी दिखेगी
“Pay Now” विकल्प पर क्लिक कर ऑनलाइन भुगतान करें

सरकार के इस फैसले का मकसद यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।

 
सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद अंतरिक्ष से धरती पर लौटीं, मुस्कान के साथ किया स्वागत

सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद अंतरिक्ष से धरती पर लौटीं, मुस्कान के साथ किया स्वागत

 Sunita Williams Return : अंतरिक्ष में नौ महीने बिताने के बाद प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री **सुनीता विलियम्स** सफलतापूर्वक धरती पर लौट आई हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर लंबे समय तक रहकर अनुसंधान करने के बाद, उन्होंने सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापसी की। उनकी वापसी पर वैज्ञानिक समुदाय और उनके प्रशंसकों ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया।

सुरक्षित लैंडिंग और मुस्कुराहट भरा स्वागत

सुनीता विलियम्स और उनके दल ने निर्धारित समय के अनुसार सुरक्षित लैंडिंग की। जैसे ही उन्होंने धरती की सतह को छुआ, उनके चेहरे पर मुस्कान थी, जो उनकी दृढ़ता और आत्मविश्वास को दर्शाती थी।

9 महीने का ऐतिहासिक सफर

इस दौरान, उन्होंने अंतरिक्ष में कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों और अनुसंधानों में भाग लिया। उनकी इस यात्रा को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उनकी वापसी पर नासा और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों ने उनके योगदान की सराहना की। भारत में भी उनके प्रशंसक और परिजन इस गौरवपूर्ण क्षण का जश्न मना रहे हैं।

दिल दहला देने वाली वारदात! 65 दिन बाद बोरे में बंद मिला महिला का कंकाल, पिता बोले- पति ने मां और बहन संग मिलकर…

दिल दहला देने वाली वारदात! 65 दिन बाद बोरे में बंद मिला महिला का कंकाल, पिता बोले- पति ने मां और बहन संग मिलकर…

 बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 65 दिन बाद एक महिला का कंकाल मिला है। महिला के पिता ने कपड़े और चूड़ी से बेटी की पहचान की है। बताया जा रहा है कि महिला के पति ने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की है।

बाइक और 2 लाख रुपए देने का दबाव बना रहा था पति
जानकारी के अनुसार, 16 मार्च यानि को बलिया थाना क्षेत्र के लाल दियारा स्थित गंगा किनारे एक बोरा में महिला का कंकाल मिला। इसके अगले दिन सोमवार को लाखो थाना क्षेत्र के पनसल्ला के रहने वाले भिखो यादव ने बोरे के पास से मिले चूड़ी, कपड़े और बालों से पहचान कर दावा किया कि यह मेरी बेटी है, जो 11 जनवरी से लापता थी। दरअसल, भिखो यादव ने 13 जनवरी 2025 को बलिया थाना में मामला दर्ज कराया था। इस एफआईआर में कहा गया था कि 2020 में बेटी रीता कुमारी की शादी सुशील कुमार हुई। वहीं पिछले 6 महीने से उसके पति की ओर से बुलेट बाइक और दो लाख रुपए देने का दबाव बनाया जा रहा था। ऐसा नहीं करने पर बेटी की हत्या की धमकी भी दी जा रही थी।

परिवार संग घर छोड़कर फरार हुआ पति
भिखो यादव ने बताया कि 12 जनवरी को हम लोग जब रीता के ससुराल पहुंचे तो वह वहां नहीं थी। वहीं ससुराल वालों पर दबाव डालने के बाद पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। वहीं पुलिस द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद भी बेटी का कुछ पता नहीं चल रहा था। उधर, रीता का पति और ससुराल वाले घर छोड़कर फरार हो गए। पिता ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि पति ने मां और बहन के साथ मिलकर उनकी बेटी की हत्या की है।

जांच के लिए भेजा गया कंकाल
इसी बीच शनिवार देर शाम पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि लाल दियारा के गंगा किनारे एक कंकाल पड़ा हुआ है, जिसके बाद उन लोगों ने मौके पर पहुंचकर कपड़ा और चूढ़ी के आधार पर बेटी की पहचान की। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच और डीएनए टेस्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि कंकाल रीता का है या नहीं। ट्रेनी आईपीएस-सह-बलिया थानाध्यक्ष साक्षी कुमारी ने बताया कंकाल जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई चल रही है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पीएम मोदी से मिले सीएम साय, बस्तर के विकास का रोडमैप सौंपा

पीएम मोदी से मिले सीएम साय, बस्तर के विकास का रोडमैप सौंपा

 नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

मुख्यमंत्री ने मुलाकात में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे है। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोडने की पहल की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।

प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौर की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।

Property : जमीन और जायदाद में क्या अंतर होता है ? आइए जाने दोनों का फर्क ?

Property : जमीन और जायदाद में क्या अंतर होता है ? आइए जाने दोनों का फर्क ?

 Property : जमीन-जायदाद के बीच क्या अंतर होता है इसको लेकर आज हम आपको अहम जानकारी देने जा रहें है। अक्सर आपने सुन होगा की जमीन-जायदाद का झगड़ा चल रहा है। लेकिन क्या आपने जानते है कि जमीन और जायदाद दो अलग-अलग चीजें है, न कि एक?

Zameen-and-Jaydaad जमीन, जैसा कि नाम से ही साफ है यह भूमि का एक या अधिक टुकड़े हो सकते हैं। यह एक अचल संपत्ति है, जिसका भूगोल, आकार और सीमा स्पष्ट तौर से निर्धारित होती है। जमीन में खेत, बाग, रिहायशी भूमि, व्यापारिक भूमि आदि शामिल हो सकती है। इसे खरीदा बेचा जा सकता है और लीज पर भी दिया जा सकता है।

जायदाद, इसे अंग्रेजी में प्रॉपर्टी या एसेट (Property/Assets) कहते हैं। जमीन के मुकाबले जायदाद व्यापक है। जायदाद में भूमि (जमीन) शामिल हो सकती है। इसमें चल संपत्तियां (जैसे वाहन, आभूषण, बैंक बैलेंस, शेयर, आदि) तो होती ही हैं, साथ ही में अचल संपत्तियां (जैसे भूमि, भवन, मकान, अपार्टमेंट, आदि) भी शामिल किए जाते हैं। Zameen-and-Jaydaad 

कानून के हिसाब से?

Zameen-and-Jaydaad भारतीय कानून में जायदाद (Property) के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की संपत्तियां आती हैं।

अचल संपत्ति : भूमि और उस पर बनी इमारतें (जैसे मकान, अपार्टमेंट, दुकानें, कमर्शियल परिसर आदि)। जमीन का स्वामित्व होता है, उसे खरीदा-बेचा जा सकता है और किराए पर भी दिया जा सकता है। Immovable Property में अन्य संपत्तियां भी शामिल हो सकती हैं जैसे कि जलाशय, पार्क, और वन भूमि आदि। Zameen-and-Jaydaad

चल संपत्ति : इसमें वाहन, बैंक बैलेंस, आभूषण, नगदी, शेयर, बॉन्ड्स, सामान आदि शामिल हैं। Movable Property वह संपत्ति होती है, जो स्थान बदल सकती है, जैसे कि वाहन, मशीनरी, या अन्य व्यक्तिगत चीजें। Zameen-and-Jaydaad

मैनेजमेंट और ऑनरशिप

भारत में जायदाद के मैनेजमेंट और ऑनरशिप को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न कानूनी व्यवस्थाएं हैं। भारतीय संपत्ति कानून इनमें से एक है। दूसरा हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, तीसरा मुस्लिम पर्सनल लॉ है। इसके अलावा राजस्व कानून और भूमि अधिग्रहण कानून, और संपत्ति अधिनियम 1993 भी हैं। 

Zameen-and-Jaydaad भारतीय संपत्ति कानून : Indian Property Law, भारतीय संपत्ति अधिनियम 1882 के तहत आता है, जो अचल संपत्ति के हस्तांतरण और संपत्ति संबंधित अन्य मामलों को नियंत्रित करता है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) और भारतीय अनुबंध अधिनियम (Indian Contract Act, 1872) भी संपत्ति के लेन-देन और अन्य कानूनी पहलुओं को नियंत्रित करते हैं।

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 (Hindu Succession Act, 1956): यह कानून हिंदू परिवारों में संपत्ति के वितरण के लिए लागू होता है। इसमें संपत्ति के स्वामित्व और उत्तराधिकार से संबंधित नियम निर्धारित किए गए हैं। Zameen-and-Jaydaad

भूमि के स्वामित्व और उसे सरकारी उद्देश्यों के लिए अधिग्रहण करने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून (Land Acquisition Act) और अन्य संबंधित कानून लागू होते हैं। Zameen-and-Jaydaad

संपत्ति का हस्तांतरण अधिनियम, 1993 (The Transfer of Property Act, 1882): यह कानून संपत्ति के हस्तांतरण, बिक्री, किराए पर देने, लीज पर देने, और अन्य संबंधित मामलों को नियंत्रित करता है।

BREAKING : कैबिनेट मंत्री ने दिया इस्तीफा, हुए भावुक...विस बजट सत्र में की थी विवादित टिप्पणी…

BREAKING : कैबिनेट मंत्री ने दिया इस्तीफा, हुए भावुक...विस बजट सत्र में की थी विवादित टिप्पणी…

 उत्तराखण्ड  : उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया। उन्होंने रविवार शाम को शासकीय आवास पर आनन-फानन बुलाई गई पत्रकार वार्ता में रुंधे गले से इसकी घोषणा की और फिर मुख्यमंत्री आवास जाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना इस्तीफा सौंपा।

पिछले माह 21 फरवरी को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में विपक्ष की कार्यस्थगन की सूचना का जवाब देते समय संसदीय कार्यमंत्री का दायित्व निभा रहे अग्रवाल के बयान में उपयोग किए गए शब्द को विपक्ष ने मुद्दा बनाया था। यद्यपि, तब अग्रवाल ने इसके लिए माफी मांग ली थी, लेकिन राज्य में विरोध प्रदर्शन का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा था। नतीजतन, सरकार व संगठन दोनों को असहज होना पड़ा। ऐसे में अग्रवाल की मंत्री पद से विदाई तय मानी जा रही थी। रविवार को कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस्तीफा दिया है। उन्‍होंने कहा कि जिस प्रकार से वातावरण बनाया गया। आज साबित करना पड़ रहा है कि उत्तराखंड के लिए योगदान दिया। राज्य आंदोलन में लाठियां खाईं। ऐसे व्यक्ति को टारगेट बनाया जा रहा है। आहत हूं, ऐसे में मुझे इस्तीफा देना पड़ रहा है।

बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष की ओर से राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया जा रहा था, तब द्वाराहाट के विधायक बिष्ट और मंत्री अग्रवाल के बीच हुई तीखी नोकझोंक चर्चा के केंद्र में रही थी।

सदन में शून्यकाल के दौरान संसदीय कार्यमंत्री अग्रवाल, कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी की कार्यस्थगन की सूचना का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान विधायक बिष्ट ने साथी विधायकों से बातचीत में कथित तौर पर क्षेत्रवाद से संबंधित टिप्पणी की। मंत्री अग्रवाल ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया। फिर तो सदन में काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति रही।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस घटनाक्रम पर सख्त लहजे में कहा कि सदन की कार्यवाही को पूरा देश देख रहा है। देश से पहले विदेश से टिप्पणी आने लगती है कि आपके सदन में क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड के लोग हैं। ऐसा व्यवहार न करें। राज्य के लिए सबने लड़ाई लड़ी। ऐसी टिप्पणी लोकतंत्र के मंदिर में होगी तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

इसके बाद उत्‍तराखंड में प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक पुतला दहन और विरोध किया गया। नारेबाजी करते हुए प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद से हटाने की मांग की गई

BREAKING : मारा गया भारत का सबसे बड़ा दुश्मन ‘अबु’, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का था करीबी

BREAKING : मारा गया भारत का सबसे बड़ा दुश्मन ‘अबु’, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का था करीबी

  Pakistan News: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की सर्द रात में, झेलम की गलियों में एक अनजानी हलचल थी। शनिवार की रात, करीब आठ बजे, जब आम लोग अपने घरों में गर्माहट की तलाश में थे, तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट ने सन्नाटे को चीर दिया। यह कोई मामूली घटना नहीं थी। इस गोलीबारी का शिकार था भारत का नंबर-1 दुश्मन, लश्कर-ए-तैयबा का कुख्यात आतंकी अबु कताल सिंधी। अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, और देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं। एक ऐसा आतंकी, जिसके नाम से भारत की सुरक्षा एजेंसियां सालों से परेशान थीं, जिसके हाथ अनगिनत बेगुनाहों के खून से रंगे थे, आखिरकार मौत की नींद सो गया।

 

 

आतंक का दूसरा नाम: अबु कताल

अबु कताल कोई साधारण आतंकी नहीं था। वह मुंबई के 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का दाहिना हाथ था। हाफिज ने उसे लश्कर-ए-तैयबा का चीफ ऑपरेशनल कमांडर बनाया था, और उसकी हर साजिश को हकीकत में बदलने की जिम्मेदारी अबु के कंधों पर थी। पीओके के झेलम में बैठकर वह जम्मू-कश्मीर में आतंक की आग भड़काता था। उसकी एक आवाज पर आतंकी संगठन के गुर्गे भारत की शांत वादियों को खून से लाल करने निकल पड़ते थे। रियासी हो या राजौरी, हर बड़े हमले के पीछे उसका दिमाग काम करता था।
 
9 जून की वह काली रात अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब रियासी के शिव-खोड़ी मंदिर से लौट रही तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकियों ने हमला बोला था। गोलियों की बौछार और चीख-पुकार के बीच कई मासूम जिंदगियां छिन गई थीं। इस हमले का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, अबु कताल ही था। वह सिर्फ हमले की साजिश नहीं रचता था, बल्कि आतंकियों को हथियार, भोजन और आश्रय जैसी हर मदद मुहैया करवाता था। उसकी शातिराना चालों ने उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शीर्ष पर ला खड़ा किया था।

 

 

राजौरी की दर्दनाक यादें

साल 2023 की शुरुआत भी अबु कताल के आतंक की गवाह बनी थी। 1 जनवरी को राजौरी के ढांगरी गांव में आतंकियों ने मासूम नागरिकों को निशाना बनाया। घरों में सोते हुए लोगों पर गोलियां बरसाई गईं, और अगले दिन एक आईईडी विस्फोट ने और तबाही मचाई। सात लोग मारे गए, कई घायल हुए। इस हमले की साजिश के तार भी अबु कताल से जुड़े थे। एनआईए की चार्जशीट में उसका नाम साफ तौर पर दर्ज था। जांच में पता चला कि अबु ने आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। तीन महीने तक उसने अपने गुर्गों को हर तरह की मदद पहुंचाई, ताकि वे सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों पर हमले कर सकें। चार्जशीट में लश्कर के तीन बड़े हैंडलर्स का जिक्र था—सैफुल्ला, मोहम्मद कासिम और अबु कताल—जिन्होंने मिलकर जम्मू-कश्मीर में आतंक का जाल बिछाया था।

 

 

हाफिज का भरोसेमंद सिपहसालार

अबु कताल और हाफिज सईद का रिश्ता सिर्फ आतंकी संगठन तक सीमित नहीं था। वह हाफिज का बेहद करीबी था, जिसे हर बड़ी साजिश का जिम्मा सौंपा जाता था। 26/11 के मुंबई हमले ने भारत को हिलाकर रख दिया था, और उस हमले की सफलता के बाद हाफिज ने अबु को अपने सबसे भरोसेमंद सिपहसालार के रूप में चुना। कश्मीर में आतंक फैलाने की हर योजना में अबु की अहम भूमिका होती थी। वह न सिर्फ हमलों की साजिश रचता था, बल्कि नए आतंकियों की भर्ती और उनकी ट्रेनिंग का भी इंतजाम करता था। उसकी शातिर चालों ने उसे सेना और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना दिया था।

 

 

आखिरी सांस और अनसुलझा रहस्य

शनिवार की उस रात जब अबु कताल अपनी गाड़ी में सवार था, शायद उसे अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसाईं, और कुछ ही पलों में आतंक का यह सरगना धराशायी हो गया। लेकिन सवाल यह है कि उसे मारने वाले ये हमलावर कौन थे? क्या यह किसी पुरानी दुश्मनी का नतीजा था, या फिर कोई बड़ा खेल खेला जा रहा था? उसकी मौत की खबर ने जहां भारत में राहत की सांस पैदा की, वहीं कई सवाल भी छोड़ दिए।
अबु कताल की मौत के साथ ही एक खतरनाक आतंकी का अंत हो गया, लेकिन क्या यह आतंक के खिलाफ जंग की जीत है, या फिर सिर्फ एक अध्याय का अंत? हाफिज सईद अभी भी जिंदा है, और उसका आतंकी नेटवर्क फैला हुआ है। अबु की मौत से लश्कर को झटका जरूर लगा होगा, लेकिन क्या यह आतंक की जड़ को खत्म करने के लिए काफी है? यह सवाल अभी अनसुलझा है, और वक्त ही इसका जवाब देगा।
फिलहाल, भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस खबर को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रही हैं। अबु कताल जैसा दुश्मन, जिसने न जाने कितने परिवारों को तबाह किया, आखिरकार मारा गया। लेकिन इस कहानी का अंत अभी बाकी है, क्योंकि आतंक का साया अभी पूरी तरह मिटा नहीं है।
होली की ड्यूटी कर रहे टीआई की मौत, दबंग अफसरों में होती थी संजय की गिनती

होली की ड्यूटी कर रहे टीआई की मौत, दबंग अफसरों में होती थी संजय की गिनती

 मध्य प्रदेश  : के इंदौर में टीआई की मौत हो गई. होली की ड्याटी के दौरान अचानक उनकी मौत होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. मामला इंदौर के बेटमा का है. इस घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई. मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और डीजीपी ने इनकी मौत पर गहरा दुख जताया है.

 ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबियत
दरअसल 14 मार्च शक्रवार को होली का त्योहार मनाया गया. इस बीच इंदौर पुलिस ने सुरक्षा के चाक-चौबंध प्रबंध किए थे. कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी आईजी कार्यालय में पदस्थ टीआई संजय पाठक संभाल रहे थे. इस बीच अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई. पुलिस कर्मियों की मदद से उन्हें फौरन इंदौर के बॉम्बे अस्पताल लाया गया. जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. संजय पाठक की गिनती एक दबंग पुलिस अधिकारी में होती थी.
BIG BREAKING: बागेश्वर धाम जा रहे परिवार की कार पलटी, 3 लोगों की दर्दनाक मौत!

BIG BREAKING: बागेश्वर धाम जा रहे परिवार की कार पलटी, 3 लोगों की दर्दनाक मौत!

 छतरपुर : जिले के झांसी-खजुराहो नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में ग्वालियर के तीन लोगों की मौत हो गई है। घायलों को ग्वालियर के लिए रेफर किया गया। ग्वालियर से परिवार के लोग बागेश्वर धाम दर्शन करने जा रहे थे।

जानकारी के अनुसार हादसा छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र के बसारी के समीप सुबह करीब पांच बजे ग्वालियर का सोलंकी परिवार एमपी 07 सीडी 6161 चार पहिया वाहन से बागेश्वर धाम में होली मिलन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। हादसे में अमरीश पुत्र डोंगर सोलंकी उम्र 46 साल गीता सोलंकी पत्नी अमरीश उम्र 38 साल और उनकी बेटी देवांशी सोलंकी उम्र 16 साल की मौत हो गईं है।

हादसे में विकास पुत्र डोंगर सोलंकी उम्र 30 साल, नेहा पुत्री अमरीश सोलंकी उम्र 10 साल और पारी पिता अमरीश सोलंकी उम्र 12 साल घायल हुए हैं। सभी लोग निवासी थाना माधवगंज जिला ग्वालियर के रहने वाले हैं। कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण कार डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई।

Holi 2025 Skincare Tips : होली के पक्के रंगों से पाएं छुटकारा, आजमाएं ये घरेलू तरीके

Holi 2025 Skincare Tips : होली के पक्के रंगों से पाएं छुटकारा, आजमाएं ये घरेलू तरीके

 Holi 2025 Skincare Tips : होली का त्योहार रंगों की मस्ती और उमंग लेकर आता है, लेकिन इसके बाद चेहरे और दाढ़ी से रंग हटाना एक चुनौती बन जाता है। खासतौर पर सफेद दाढ़ी और बालों से पक्के रंगों को निकालना मुश्किल होता है, जिससे चेहरे की शक्ल अजीब लग सकती है। लेकिन कुछ आसान और घरेलू उपायों की मदद से इन जिद्दी रंगों को आसानी से हटाया जा सकता है।

रंग हटाने के आसान घरेलू उपाय

1. तेल का इस्तेमाल करें:

नारियल तेल, जैतून का तेल या बादाम तेल को दाढ़ी और चेहरे पर अच्छी तरह लगाएं। हल्के हाथों से मसाज करें और कुछ समय बाद गुनगुने पानी से धो लें। इससे रंग धीरे-धीरे हटने लगेगा और त्वचा को नमी भी मिलेगी।

2. नारियल तेल और शक्कर का मिश्रण:

नारियल तेल में शक्कर मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे दाढ़ी पर हल्के हाथों से स्क्रब करें। शक्कर डेड स्किन हटाने और रंग निकालने में मदद करता है, साथ ही त्वचा को मुलायम भी बनाए रखता है।

3. दूध और गुलाब जल का मिश्रण:

गुलाब जल और दूध को मिलाकर चेहरे और दाढ़ी पर 10-15 मिनट तक लगाएं। फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह मिश्रण त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ रंग हटाने में भी मदद करता है।

4. बेसन और हल्दी का पैक:

बेसन, हल्दी और दूध मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे चेहरे और दाढ़ी पर लगाएं। जब यह सूख जाए, तो हल्के हाथों से रगड़कर हटा लें। इससे रंग निकल जाएगा और त्वचा में निखार भी आएगा।

5. फेस वॉश का इस्तेमाल करें:

अगर तेल या घरेलू उपायों से रंग पूरी तरह नहीं हटता, तो माइल्ड फेस वॉश का इस्तेमाल करें। नेचुरल इंग्रीडिएंट्स वाले फेस वॉश का चुनाव करें ताकि त्वचा और बालों को नुकसान न पहुंचे।

6. पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल करें:

पेट्रोलियम जैली (वेसलीन) को दाढ़ी और चेहरे पर लगाकर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गीले कपड़े से पोंछ लें। यह त्वचा पर रंग चिपकने से बचाने में भी मदद करता है।

चेन छीनी..मुंह पर पेशाब किया, वकील ने पुलिसवालों पर लगाया आरोप, जमकर हुआ हंगामा

चेन छीनी..मुंह पर पेशाब किया, वकील ने पुलिसवालों पर लगाया आरोप, जमकर हुआ हंगामा

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस के द्वारा वकील के साथ अभद्रता का आरोप लगा है. वकील किसी साथी वकील की पैरवी के लिए पहुंचा था, जहां उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसकी सोने की चैन छीन ली गई. पीड़ित वकील ने आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने उसे जबरन पेशाब पिलाई. मामला विभूति खंड थाने का हैं, जिसके बाद वकीलों ने बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए और जमकर हंगामा किया. उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान चौराहे पर ट्रैफिक जाम कर दिया.

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पीड़ित वकील सौरभ वर्मा का आरोप हैं कि शुक्रवार को वो होली मनाने के बाद घर पर बैठा था तभी उनके दोस्त वकील अमित गुप्ता का फोन आया, उन्होंने बताया कि वो एक मामले की पैरवी के लिए विभूति खंड पुलिस थाने आए हैं, जहां पुलिसवालों के द्वारा उनके साथ अभद्रता की जा रही है. जिसके बाद सौरभ एक और साथी वकील राहुल पांडे के साथ थाने पहुंच गए.

पुलिसवालों ने की वकील से अभद्रता
सौरभ ने बताया कि जब वो थाने पहुंचे तो वहां कई पुलिस वाले बैठे थे, जिनमें से कुछ ने वर्दी पहनी थी और कुछ बिना वर्दी के थे. इन पुलिसकर्मियों ने उन दोनों के साथ भी बदसलूकी और अभद्रता करनी शुरू कर दी. जब उन्होंने बताया कि वो वकील है तो उनके साथ और गाली गलौज की गई. पुलिस वालों ने होली के नाम पर उनके गले में पहनी सोने की चैन भी छीन ली. और मुंह पर पेशाब की.
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में वकील पुलिस थाने पहुंच गए, जिसके बाद उन्होंने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की. वकीलों ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चौराहे को जाम कर दिया, जिसकी वजह से वहां लंबा जाम लग गया. हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए, जिसके बाद किसी तरह मामले को शांत किया गया.

वकील सौरभ वर्मा की शिकायत पर 9 पुलिसकर्मियों पर नामज़द और कुछ अज्ञात पुलिसवालों पर विभूतिखंड थाने में ही मुकदमा दर्ज किया गया है.  

पेपर लीक व्यवस्थागत विफलता है, इससे 85 लाख बच्चों का भविष्य खतरे में : राहुल गांधी

पेपर लीक व्यवस्थागत विफलता है, इससे 85 लाख बच्चों का भविष्य खतरे में : राहुल गांधी

 नयी दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक एक ‘व्यवस्थागत विफलता’ है और इसका खात्मा तब ही होगा जब सभी राजनीतिक दल एवं सरकारें मतभेद भुलाकर तथा मिलकर कदम उठाएंगे। उन्होंने यह दावा भी किया कि पेपर लीक होने से छह राज्यों में 85 लाख बच्चों का भविष्य खतरे में है।

राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘छह राज्यों में 85 लाख बच्चों का भविष्य ख़तरे में – पेपर लीक होना हमारे युवाओं के लिए सबसे खतरनाक “चक्रव्यूह” बन गया है। पेपर लीक मेहनती छात्रों और उनके परिवारों को अनिश्चितता और तनाव में धकेल देता है, उनके परिश्रम का फल उनसे छीन लेता है। साथ ही यह अगली पीढ़ी को गलत संदेश देता है कि बेईमानी, मेहनत से बेहतर हो सकती है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’’

उन्होंने कहा कि अभी एक साल भी नहीं हुआ, जब ‘नीट’ के पेपर लीक ने देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे विरोध के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार ने नए कानून के पीछे छुप कर उसे समाधान बताया, लेकिन इतने सारे हालिया लीक ने उसे भी विफल साबित कर दिया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह गंभीर समस्या एक व्यवस्थागत विफलता है। इसका खात्मा सभी राजनीतिक दलों और सरकारों द्वारा मतभेद भुलाकर, मिलकर कड़े कदम उठाने से होगा। इन परीक्षाओं की गरिमा बनी रहे, यह हमारे बच्चों का अधिकार है और इसे हर हाल में सुरक्षित रखना होगा।’’