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प्यार से शुरू खून पर खत्म! पत्नी की हत्या कर 3 दिन शव के पास सोता रहा दरिंदा पति और फिर जो हुआ...

प्यार से शुरू खून पर खत्म! पत्नी की हत्या कर 3 दिन शव के पास सोता रहा दरिंदा पति और फिर जो हुआ...

 आगरा : - आगरा के सुंदरपाड़ा इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां एक ई-रिक्शा चालक ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पति का आरोप है कि उसने यह कदम अवैध संबंधों के शक में उठाया था। वहीं पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पत्नी को था रील बनाने का शौक 

शक्ति का कहना था कि उसकी पत्नी को रील बनाने का शौक था और वह अक्सर दूसरों से इस बारे में बात करती थी। इसके अलावा पार्वती अकेले बाहर भी घूमने जाती थी जिससे उसके पति को शक होने लगा था। इन सब बातों ने शक्ति को मानसिक तनाव में डाल दिया और अंत में उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

बता दें कि हत्याकांड से कुछ दिन पहले भी पत्नी बाहर गई हुई थी। जिसके बाद वह नाराज हो गया और उसने पत्नी का मुंह कपड़े से कसकर बांधने के बाद चाकू से गला रेत दिया। उसकी जान नहीं बच पाए इसलिए हाथों की नसें भी ब्लेड से काट दीं। इस घटना के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए वह माैके की तलाश में था। वह रोज रात में शव के साथ ही कमरे में सोता था और दिन में पड़ोसियों से भी आराम से बात करता था ताकि किसी को शक न हो पाए। 

अनजान नंबरों से बढ़ा पत्नी पर शक

इस मौके पर डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि आरोपी शक्ति ने पुलिस से कहा कि उसकी पत्नी पार्वती उर्फ शिवानी के फोन पर रोज़ अनजान नंबरों से मैसेज आते थे और वह कई बार उन नंबरों से बात करती थी। इसी वजह से शक्ति को शक होने लगा था। जब उसने पत्नी से इस बारे में पूछा तो वह हमेशा झगड़ा करती थी। 20 दिन पहले भी एक बार झगड़ा हुआ और पार्वती भोपाल चली गई। शक्ति ने उसे मनाकर घर वापस लाया लेकिन पत्नी ने फिर बिना बताए अपनी भतीजी के साथ कैला देवी के दर्शन के लिए चली गई। शक्ति भी वहां पहुंच गया और उसे वापस घर लाया। इस बार फिर झगड़ा शुरू हो गया और एक दर्दनाक घटना का कारण बन गया।

हत्या के बाद पत्नी का मोबाइल पड़ोसी को बेचा 

वहीं पुलिस के पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पत्नी की हत्या के बाद उसने अपनी पत्नी का मोबाइल पड़ोसी को बेच दिया था। मोबाइल बेचकर जो पैसे उसे मिले उनसे शराब पी और फिर घर वापस आ गया। वह शव के पास ही कमरे में सोता रहा और दिन में बाहर जाकर पड़ोसियों से बात करता था ताकि किसी को शक न हो। वहीं आरोपी शव को ठिकाने लगाने का मौका ढूंढ़ रहा था लेकिन तभी पत्नी की बहन गीता घर आई और उसने चारपाई पर पड़े शव को देख लिया। गीता के आने के बाद आरोपी घर से फरार हो गया।

पुलिस ने बताया कि परिवार के जिन आरोपियों के नाम सामने आएंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी अब जेल बंद है।

Strong Winds: 6, 7, 8 अप्रैल तक हीटवेव की चेतावनी जारी, इन राज्यों में 5 अप्रैल तक भारी बारिश का अलर्ट

Strong Winds: 6, 7, 8 अप्रैल तक हीटवेव की चेतावनी जारी, इन राज्यों में 5 अप्रैल तक भारी बारिश का अलर्ट

  दिल्ली :- भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए मौसम का ताजा अपडेट जारी किया है, जिसमें कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, गुजरात के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बन सकती है। IMD के अनुसार, आगामी मौसम में विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ सकता है। IMD के अनुसार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, IMD ने छत्तीसगढ़, कर्नाटका और तेलंगाना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां तेज हवाएं, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, गुजरात में हीटवेव की चेतावनी भी जारी की गई है।

क्या है IMD का नया अपडेट?

IMD ने 3 अप्रैल को अपने ताजा अपडेट में बताया कि 3 अप्रैल 2025 की दोपहर से लेकर रात तक छत्तीसगढ़, कर्नाटका और तेलंगाना में गरज के साथ बिजली, तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे) और ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को गंभीर बताते हुए इस दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

सागर और बंगाल की खाड़ी से बारिश का अलर्ट

IMD ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाएं तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटका में 5 अप्रैल तक भारी बारिश का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा, केरल में 6 अप्रैल तक बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जिससे मौसम में कुछ राहत भी मिल सकती है।

गुजरात में लू का अलर्ट

गुजरात में 6 से 8 अप्रैल तक हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। IMD के अनुसार, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना है। इसी तरह, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी 5 से 8 अप्रैल के बीच लू का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव राजस्थान में बादल और बारिश का कारण बन सकता है।

बदलते मौसम के साथ तापमान में वृद्धि

देश के विभिन्न राज्यों में गर्मी का स्तर बढ़ने के कारण लोगों को अधिकतम तापमान का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात में भी अब गर्मी का प्रभाव साफ दिखने लगा है। IMD ने इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर निगरानी रखने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

किसे रहना होगा सावधान?

  • तेज हवाएं और ओलावृष्टि: छत्तीसगढ़, कर्नाटका, तेलंगाना के कुछ इलाकों में।

  • भारी बारिश: तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटका और केरल में।

  • हीटवेव: गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और राजस्थान में।

देशभर में मौसम के बदलाव के साथ IMD ने लोगों से सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

Mystery virus: तेजी से फैल रहा ये वायरस, लोगों को रही है खून की खांसी, एंटीबायोटिक्स भी असरदार नहीं हो रहे

Mystery virus: तेजी से फैल रहा ये वायरस, लोगों को रही है खून की खांसी, एंटीबायोटिक्स भी असरदार नहीं हो रहे

 डेस्क: हाल ही में रूस से एक रहस्यमय वायरस के फैलने की खबर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य अधिकारियों और लोगों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस वायरस से संक्रमित लोगों को तेज बुखार के साथ-साथ खूनी खांसी हो रही है, जो एक गंभीर लक्षण है। आश्चर्यजनक रूप से, कोविड-19 और फ्लू जैसे सामान्य परीक्षणों के परिणाम नेगेटिव आ रहे हैं, जिससे यह वायरस और भी रहस्यमय बन गया है।

वायरस की पहचान में कठिनाई
वायरस की पहचान करना डॉक्टरों के लिए मुश्किल हो रहा है, क्योंकि इसका इलाज करने के लिए दिए जा रहे एंटीबायोटिक्स भी असरदार नहीं हो रहे हैं। अब तक किए गए परीक्षणों में फ्लू, कोविड या अन्य सामान्य वायरस का कोई संकेत नहीं मिला है, और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह स्थिति इस वायरस को और भी खतरनाक बना देती है, क्योंकि इसका इलाज मुश्किल हो रहा है।

वायरस के लक्षण
रूस में फैला यह वायरस शुरू में फ्लू जैसे लक्षण देता है, लेकिन धीरे-धीरे यह स्थिति गंभीर हो जाती है। इसके कुछ प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

-शरीर में तेज दर्द और अचानक तबीयत का बिगड़ना
-लगातार खांसी, जो खून के साथ हो सकती है
-खांसी के कारण मरीजों का असहज होना और मानसिक स्थिति पर असर पड़ना

रेलवे स्टेशन पर एक युवती के साथ 2 लोगों ने किया दुष्कर्म, रिश्तेदार के साथ जा रही थी खाना लेने

रेलवे स्टेशन पर एक युवती के साथ 2 लोगों ने किया दुष्कर्म, रिश्तेदार के साथ जा रही थी खाना लेने

 बिहार : बिहार की एक मजदूर के साथ दो लोगों ने कथित रूप से दुष्कर्म किया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

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क्या कहती है पुलिस?
पुलिस ने बताया कि यह घटना बुधवार तड़के केआर पुरम रेलवे स्टेशन के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आशिफ नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा संदिग्ध फरार है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता केरल के कट्टप्पना कस्बे में काम कर रही थी, लेकिन काम से खुश न होने के कारण उसने घर लौटने का निर्णय किया। उसने मंगलुरु का टिकट लिया, लेकिन उसी टिकट से वह बेंगलुरु पहुंच गई।
रिश्तेदार के साथ खाना लेने जा रही थी पीड़िता
पुलिस ने बताया कि शहर में अपने रिश्तेदार को सूचित करने के बाद पीड़िता रात करीब एक बजकर 13 मिनट पर केआर पुरम रेलवे स्टेशन पहुंची। वह अपने रिश्तेदार के साथ खाना लेने के लिए महादेवपुरा की ओर जा रही थी, तभी दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने कथित तौर पर पीड़िता के रिश्तेदार पर हमला किया और एक ने पीड़िता को एक सुनसान इलाके में ले जाकर उसका यौन उत्पीड़न किया।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पीड़िता की चीख पुकार सुनकर कुछ राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे, जिससे हमलावर भाग गए। हालांकि, लोगों ने आशिफ को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 
पूनम गुप्ता बनीं RBI की नई डिप्टी गवर्नर, PM मोदी से भी अधिक होगी इनकी सैलरी

पूनम गुप्ता बनीं RBI की नई डिप्टी गवर्नर, PM मोदी से भी अधिक होगी इनकी सैलरी

 दिल्ली । केंद्र सरकार ने पूनम गुप्ता को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा और वह माइकल डी. पात्रा की जगह लेंगी जो जनवरी 2023 में इस पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। पूनम गुप्ता की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब 7 से 9 अप्रैल के बीच मौद्रिक नीति समिति की बैठक होने वाली है। इस नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था एवं मौद्रिक नीति के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जानिए पूनम गुप्ता कौन हैं?

पूनम गुप्ता वर्तमान में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च में महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं। इसके साथ ही वह नीति आयोग की विकास सलाहकार समिति का भी हिस्सा रही हैं और भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान मैक्रोइकॉनॉमिक्स और व्यापार पर बनी टास्क फोर्स की अध्यक्षता कर चुकी हैं।

वर्ल्ड बैंक और IMF में भी कर चुकी हैं कार्य

पूनम गुप्ता ने अपने करियर में कई प्रमुख संस्थानों में सेवाएं दी हैं। वह पहले विश्व बैंक में प्रमुख अर्थशास्त्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा उनका कार्यकाल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस में प्रोफेसर के रूप में भी रहा है। वह NIPFP और ग्लोबल डेवलपमेंट नेटवर्क (GDN) के बोर्ड में भी कार्यरत हैं साथ ही विश्व बैंक के ‘गरीबी और समानता’ और ‘विश्व विकास रिपोर्ट’ सलाहकार समूहों की सदस्य भी हैं।

शैक्षणिक योग्यता और उपलब्धियां

पूनम गुप्ता ने अर्थशास्त्र में पीएचडी और मास्टर डिग्री अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से भी अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की है। 1998 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में अपने डॉक्टरेट शोधकार्य के लिए एक्जिम बैंक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

आरबीआई में डिप्टी गवर्नर की भूमिका

आरबीआई में कुल चार डिप्टी गवर्नर होते हैं जिनमें से दो सेवारत अधिकारी होते हैं एक मौद्रिक नीति विभाग की देखरेख करने वाला अर्थशास्त्री और चौथा वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र से आता है। पूनम गुप्ता की नियुक्ति से पहले इस पद को दो महीने तक खाली रखा गया था।

पूनम गुप्ता की सैलरी

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर की मासिक सैलरी 2.25 लाख रुपये होती है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैलरी 1.66 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा उन्हें कई अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। 2022 में एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने यह जानकारी साझा की थी।

वहीं कहा जा सकता है कि पूनम गुप्ता की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति के संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

New 50 Rupee Note: RBI इस महीने जारी करेगा 50 रुपये का नया नोट, जानें पुराने नोटों का क्या होगा…

New 50 Rupee Note: RBI इस महीने जारी करेगा 50 रुपये का नया नोट, जानें पुराने नोटों का क्या होगा…

  दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 50 रुपए के नए नोट को लेकर एक अहम घोषणा की है, जिससे इस नोट को लेकर जनता में हलचल मच गई है। नए 50 रुपए के नोट में गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे, और इसे जल्द ही सर्कुलेशन में लाया जाएगा। RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले जारी किए गए सभी 50 रुपए के नोट वैध बने रहेंगे, यानी पुराना नोट चलन से बाहर नहीं होगा।

साथ ही, यह नया नोट महात्मा गांधी (NEW) सीरीज के डिज़ाइन के अनुरूप होगा, जो पहले से जारी किए गए 50 रुपए के नोटों जैसा ही होगा। नए नोट का आकार और डिज़ाइन भी पहले जैसे होंगे, जिसमें फ्लोरोसेंट नीला रंग और हम्पी के रथ का चित्र शामिल होगा, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है।

क्या है नए नोट की खासियत?- इस नोट के पीछे हम्पी के रथ का चित्र है, जो भारतीय संस्कृति की समृद्धि और इतिहास को प्रदर्शित करता है। महात्मा गांधी (नई) सीरीज में जारी होने वाले इस नोट में कुछ नई सुरक्षा विशेषताएं भी होंगी, जो इसे और अधिक सुरक्षित बनाएंगी।

पुराने नोट भी रहेंगे वैध- RBI ने यह भी कहा कि पुराने 50 रुपए के नोट जो पहले जारी किए गए थे, वे वैध मुद्रा बने रहेंगे और उनका कोई भी असर नए नोट पर नहीं पड़ेगा।
2000 रुपये के नोट की वापसी का अपडेट- वहीं, 2000 रुपए के नोटों को लेकर भी हाल ही में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। रिजर्व बैंक ने बताया कि 31 जनवरी 2025 तक 98.15% 2000 रुपए के नोट वापस बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं, और अब भी कुछ पुराने नोट लोगों के पास हैं।

नए नोट के जारी होने से पहले, यह एक अहम वक्त है जब जनता को पुराने और नए नोटों के बीच अंतर समझने और उनका इस्तेमाल सही तरीके से करने की आवश्यकता है।

BSNL ने इन भारतीय शहरों में शुरू की 5G नेटवर्क टेस्टिंग, जानें कहां मिलेगा फास्ट इंटरनेट!

BSNL ने इन भारतीय शहरों में शुरू की 5G नेटवर्क टेस्टिंग, जानें कहां मिलेगा फास्ट इंटरनेट!

  भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने अपने 5G नेटवर्क की टेस्टिंग भारत के विभिन्न शहरों में शुरू की है। इन परीक्षणों का उद्देश्य उच्च गति वाले इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करना है।​

टेस्टिंग के लिए चुने गए शहर और स्थान:

दिल्ली:

कनॉट प्लेस​

संचार भवन​

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) कैंपस​

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली​

इंडिया हैबिटेट सेंटर​

बेंगलुरु:

सरकारी इनडोर कार्यालय​

अन्य सरकारी कार्यालय​

चेन्नई:

इंडिया हैबिटेट सेंटर​

गुरुग्राम:

चयनित स्थान​

हैदराबाद:

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हैदराबाद​

इन परीक्षणों के सफल समापन के बाद, BSNL इन शहरों में 5G सेवाओं का व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने की योजना बना रहा है। यह पहल देश में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को उच्च गति की इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।​

यदि आप इन शहरों में रहते हैं और BSNL की 5G सेवाओं का उपयोग करना चाहते हैं, तो अपने निकटतम BSNL कार्यालय से संपर्क करके अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव, नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा

बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव, नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा

 पटना : कांग्रेस पार्टी ने बिहार में संगठन को मजबूती देने के लिए नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए किए गए इस फेरबदल का उद्देश्य (ग्रासरूट) स्तर पर पार्टी की पकड़ को मजबूत बनाना और संगठन को अधिक प्रभावी बनाना है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव के जरिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय और प्रभावी नेतृत्व को आगे लाने की कोशिश की गई है। नए ज़िला अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों और रणनीतियों को ज़मीन पर उतारने की ज़िम्मेदारी दी गई है, ताकि कार्यकर्ताओं को संगठित कर कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत किया जा सके।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह नई टीम पार्टी को बिहार में नई ऊर्जा देगी और आगामी चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि यह बदलाव कांग्रेस की जनाधार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी भीषण आग, 18 मजदूरों की मौत, 3 की हालत गंभीर

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी भीषण आग, 18 मजदूरों की मौत, 3 की हालत गंभीर

  अहमदाबाद :- देश के किसी न किसी हिस्से से आए दिन पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की खबर आती रहती है। ताजा हादसा गुजरात के बनासकांठा से सामने आया है। यहां डीसा में मंगलवार सुबह 8 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों की मौत हो गई। 3 की हालत गंभीर है। वहीं, 5 मजदूर मामूली रूप से घायल हैं।

फैक्ट्री डीसा तहसील के धुनवा रोड पर है। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। विस्फोट के वक्त मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूरों के शरीर के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेत में कुछ मानव अंग भी मिले हैं। आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को 5 से 6 घंटे लग गए। हादसे के शिकार सभी लोग 2 दिन पहले ही काम पर आए थे।

दो दिन पहले ही आए थे मजदूर

सभी मृतक और घायल मजदूर मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया गांव के रहने वाले हैं। फैक्ट्री से मिली जानकारी के अनुसार सभी 2 दिन पहले ही काम के लिए यहां आए थे और पटाखे बनाने का काम कर रहे थे। फिलहाल मृतकों की पहचान की जा रही है।

3 लोग गंभीर रूप से घायल

3 लोग 40 प्रतिशत से ज्यादा जले डीसा एसडीएम नेहा पांचाल ने बताया कि घटना में घायल हुए सभी लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल 3 लोगों का इलाज चल रहा है। वे 40 प्रतिशत से ज्यादा जल गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन हादसे की जांच कर रहा है।

दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह इस फैक्ट्री में विस्फोटक लाकर पटाखे बनवाता था। हालांकि अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी मालिक के पास सिर्फ पटाखे बेचने का लाइसेंस है, बनाने का नहीं, इसलिए स्थानीय पुलिस आगे की जांच में जुटी है।

जिंदा बचे मजदूर ने बयां की दास्तां

घटना की कहानी बताते हुए घायलों ने कहा कि हम फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक धमाका हुआ। हमें पता ही नहीं चला कि क्या हुआ, बहुत तेज धमाका हुआ और हम बेहोश हो गए। जब ​​आंख खुली तो चारों तरफ आग लगी हुई थी। हम किसी तरह जली हुई हालत में फैक्ट्री से बाहर भागे।

हादसा : तेज हवा की वजह से विशालकाय पेड़ गिरा, 6 लोगों की हुई मौत

हादसा : तेज हवा की वजह से विशालकाय पेड़ गिरा, 6 लोगों की हुई मौत

 कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण में रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया। गुरुद्वारा के नजदीक तेज हवा चलने से एक बड़ा पेड़ गिर गया। उसकी चपेट में आए छह लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यहां पर गाड़ियों का लंबा जाम था। इसी दौरान बड़ा पेड़ गाड़ियों पर गिर गया।जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में तीन महिला समेत छह लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कायल का एक पेड़ तेज हवा के चलते गिर गया है। नीचे जाम के कारण खड़ी गाड़ियों पर पेड़ गिरने से यह हादसा हो गया है।

सूचना मिलते ही कुल्लू से प्रशासन की टीम, पुलिस दमकल विभाग की टीमें घटना स्थल पर पहुंची हैं। तुरंत राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। बता दें कि इस स्थान पर रेहड़ी-पटरी भी लगाई जाती थी। जिस कारण अक्सर यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में नव संवत के दिन कुछ समय तेज तूफान चला और गुरुद्वारा जाने वाले स्थान के पास गाड़ियों का लंबा जाम लगा हुआ था।

जंगल में आग लगने से पेड़ हो गया था कमजोर

यह पेड़ कुछ समय पहले जंगल में लगाई गई आग के कारण खोखला हो चुका था। जिस कारण वह गिर गया और उसकी चपेट में 11 से अधिक लोग आ गए। इनमें से छह की मौत हो गई, जिसमें एक रेहड़ी संचालक महिला के अलावा वाहन चालक शामिल है। हादसे के बाद घायलों को कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में भेजा गया है।

 
मां ब्रह्मचारिणी की शक्ति से पूरी होंगी आपकी मनोकामनाएं...पढ़ें नवरात्रि के दूसरे दिन की व्रत कथा!

मां ब्रह्मचारिणी की शक्ति से पूरी होंगी आपकी मनोकामनाएं...पढ़ें नवरात्रि के दूसरे दिन की व्रत कथा!

 Maa Brahmacharini Vrat Katha: आज, 31 मार्च 2025 को नवरात्रि का दूसरा दिन है. दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है. मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है. उनकी सच्चे मन की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. 

मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान और बुद्धि प्रदान देवी मानी जाती हैं. उनकी पूजा करने विद्यार्थियों और ज्ञान के साधकों को खास फायदा होता है. मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों में तप और संयम की बढ़ती है. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की कथा पढ़ना का खास महत्व है. चलिए मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा के बारे में जानते हैं. 

मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, मां ब्रह्मचारिणी का जन्म पर्वतराज हिमालय के घर हुआ था. मां ब्रह्मचारिणी ने नारद मुनि के प्रेरित होकर भगवान शिव को पति के रूप पाने के लिए खूब तपस्या की थी. उनकी कठोर तपस्या के वजह से उन्हें ब्रह्मचारिणी कहते हैं. तपस्या से पहले उन्होंने हजार साल सिर्फ फल और फूल खाकर बिताए थे फिर सो साल जमीन पर सब्जी खाकर बिताए थे. उन्होंने बारिश और धूप की बिना परवाह किए तपस्या की. कई सालों तक बस टूटे हुए बिल्वपत्र खाए और भगवान शिव की पूजा की. आखिर में उन्होंने बिना खाए-पिए तपस्या की. कठोर तपस्या के कारण उनका शरीर कमजोर हो गया. 

ऋषि और मुनि हुए प्रसन्न

जब उन्होंने पत्ते खाने छोड़ दिए तो उनका नाम  अपर्णा पड़ा. मां ब्रह्मचारिणी की प्रसन्न होकर ऋषि, मुनि प्रसन्न हो गए और प्रणाम कर उन्हें कहा, 'हे देवी आपको इस कठोर तपस्या का फल जरूर मिलेगा और भागवान शिव आपको पत्नी के रूप में स्वीकार करेंगे.' मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा और तप इतनी शानदार है कि भक्तों को कता सुनकर  तप करने की प्रेरणा और मनोबल प्राप्त होता है.

ईद उल फितर 2025 : आज पूरे देश में ईद की धूम...जानें इसका महत्व...इतिहास और पूजा विधि!

ईद उल फितर 2025 : आज पूरे देश में ईद की धूम...जानें इसका महत्व...इतिहास और पूजा विधि!

 Eid Ul Fitr 2025: आज देशभर में ईद-उल-फितर मनाया जा रहा है. रमजान के दौरान लगभग एक महीने तक उपवास के बाद ईद मनाई जाती है. मीठी ईद का दूसरा नाम ईद-उल-फितर है. इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, यह हर साल शव्वाल के दसवें दिन की पहली तारीख को मनाया जाता है. सऊदी अरब में, इस साल ईद-उल-फितर 30 मार्च को मनाया गया. वहीं, भारत में 30 मार्च की रात में चांद दिखा, इसलिए यहां आज ईद मनाई जाएगी. 

चांद के दिखने से ईद के जश्न का सही दिन निर्धारित होता है. चांद का दिखना इस्लामी कैलेंडर पर आधारित होता है और सऊदी अरब में चांद दिखने का इंतजार किया जाता है जिससे अगले दिन, भारत में इसे मनाया जाता है. इसी तरह, कश्मीर राज्य के ग्रैंड मुफ्ती त्योहार की शुरुआत की घोषणा करने भी चांद दिखने के समय पर निर्भर करती है. 

ईद अल फितर का इतिहास: 

ईद उल फितर को इस्लाम में सिद्धांतों का पालन करने के लिए सबसे अहम त्योहारों में से एक माना जाता है. इनमें उपवास, आस्था, जकात, हज यात्रा और नमाज अदा करना शामिल हैं. माना जाता है कि ईद पहली बार 624 ईस्वी में मनाई गई थी. एक महीने के उपवास के बाद, रमजान का अंत आत्म-नियंत्रण, प्रतिबद्धता और आध्यात्मिक विकास का सम्मान करने का समय होता है. 

लोग अल्लाह के उपकारों के लिए उनका आभार प्रकट करते हैं और जाने-अनजाने में की गई सभी गलतियों के लिए क्षमा मांगते हैं. ईद से पहले दान किया जाता है जिसे जकात के तौर पर जाना जाता है. माना जाता है कि पैगंबर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई जीती थी. पैगंबर की उपलब्धि पर अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए, लोग इस पवित्र दिन पर मिठाइयां बांटते हैं और कई तरह के खाने तैयार करते हैं. 

मीठी ईद हर साल बकरीद से पहले मनाई जाती है. इस दिन, मुसलमान कुरान के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और रमजान के समापन का जश्न मनाते हैं. 

सऊदी अरब में हुआ चांद का दीदार, जानें भारत में कब मनाई जा रही है ईद

सऊदी अरब में हुआ चांद का दीदार, जानें भारत में कब मनाई जा रही है ईद

 सऊदी अरब :- मुसलमानों के लिए ईद-उल-फितर का त्योहार बेहद खास होता है, जो रमजान के महीने के समाप्त होने पर मनाया जाता है। रमजान में मुसलमान अपने धार्मिक कर्तव्यों के तहत रोजे रखते हैं और रातभर इबादत करते हैं, ताकि अल्लाह की कृपा प्राप्त हो सके। इस समय, सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होता है कि ईद कब मनाई जाएगी, और इसके लिए मुसलमानों की नजर चांद पर होती है। 

चांद पर निर्भर है ईद की तारीख 
ईद की तारीख का निर्धारण चांद के दीदार पर निर्भर करता है। जब रमजान महीने का अंत होता है और शव्वाल महीने की शुरुआत होती है, तब चांद दिखाई देता है। जिस दिन चांद नजर आता है, उस दिन से अगले दिन ईद मनाई जाती है। इसलिए, हर साल ईद की तारीख बदलती रहती है, और यह चांद की दिखावट पर आधारित होता है। 

सऊदी अरब और भारत में ईद की तारीख 
इस साल, सऊदी अरब में ईद का चांद 29 मार्च को दिखाई दिया, और वहां ईद 30 मार्च 2025 (रविवार) को मनाई जाएगी। सऊदी अरब में मस्जिद अल हरम में ईद की नमाज 30 मार्च को सुबह 6:30 बजे अदा की जाएगी।

वहीं, भारत में 30 मार्च को चांद दिखने की संभावना है, और इस प्रकार ईद-उल-फितर भारत में 31 मार्च 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि हर साल सऊदी अरब में ईद भारत से एक दिन पहले मनाई जाती है। इसका कारण यह है कि सऊदी अरब में रमजान का महीना भारत से एक दिन पहले शुरू हुआ था। सऊदी अरब में रमजान 1 मार्च को शुरू हुआ था, जबकि भारत में यह 2 मार्च से शुरू हुआ था। 

चांद का दीदार क्यों जरूरी है? 
इस्लामिक कैलेंडर चांद के हिसाब से चलता है, और हर हिजरी महीने की शुरुआत चांद के दीदार से तय होती है। रमजान का महीना, शव्वाल का महीना और ईद की तारीख सभी चांद के दिखने पर निर्भर करते हैं। चांद का दीदार इसलाम के अहम धार्मिक कृत्यों में से एक है, और इस पर ही ईद का आयोजन निर्धारित होता है। ईद-उल-फितर शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाई जाती है, और हर साल यह तारीख चांद के अनुसार बदलती है। इस्लामिक जानकार और धर्मगुरु चांद देखकर ही ईद की तारीख तय करते हैं, ताकि धार्मिक नियमों का पालन किया जा सके। 

ईद के चांद का पहला दीदार कहां होता है? 
ईद के चांद का पहला दीदार हमेशा सऊदी अरब में होता है, क्योंकि इस्लाम का सबसे पवित्र स्थान, मक्का और मदीना, यहीं स्थित हैं। इसलिए, सऊदी अरब में चांद दिखाई देने के बाद, ईद की तारीख तय होती है। इसके बाद, कई मुस्लिम देशों, जैसे पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश और अन्य देशों में उसी तारीख के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है। हालांकि, कुछ देशों में, जैसे ईरान, जहां शिया मुसलमानों की आबादी अधिक है, सरकार द्वारा ईद की तारीख निर्धारित की जाती है। इस तरह, ईद की तारीख हर साल चांद के दीदार पर आधारित होती है, और इस्लामिक दुनिया भर में एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक बनकर मनाई जाती है।

बुआ को घर बुलाकर भतीजा बार बार करता था ये डिमांड, पूरा न होने पर कर दिया ये कांड

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 उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक 32 वर्षीय युवक ने अपनी 90 साल की दादी और 60 साल की बुआ की बेरहमी से हत्या कर दी। वजह थी—ऑटो खरीदने के लिए पैसे न मिलना। आरोपी ने हथौड़े से वार कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया। मुरादाबाद की रेलवे हरथला कॉलोनी में रहने वाला साहिल शर्मा बेरोजगार था। उसके माता-पिता की मौत के बाद उसकी दादी सरोज शर्मा और बुआ वंदना ही उसकी देखभाल कर रही थीं। लेकिन साहिल को उनकी देखभाल से ज्यादा संपत्ति और पैसे की चिंता थी। साहिल आए दिन नई-नई मांगें करता था। इस बार उसने ऑटो खरीदने की जिद पकड़ ली थी। वह चाहता था कि दादी उसकी संपत्ति उसके नाम कर दें। जब दादी और बुआ ने इंकार किया, तो साहिल ने खौफनाक कदम उठा लिया।

खून से सनी सुबह—कैसे दिया वारदात को अंजाम?

घटना वाली सुबह साहिल उठा और सीधे दादी के कमरे में गया। उसने पैसे मांगे, लेकिन दादी ने मना कर दिया। गुस्से में आकर साहिल ने हथौड़ा उठाया और बुआ पर 6 वार किए। बुआ की मौके पर ही मौत हो गई। बेटी को बचाने के लिए जब दादी आगे आईं, तो साहिल ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। उसने इतनी जोर से वार किया कि दादी ने भी दम तोड़ दिया। हत्या के बाद साहिल ने घर बंद किया और बरेली में अपनी बहन-बहनोई के पास चला गया। वहां उसने अपने जुर्म की पूरी कहानी बताई।

रिश्तेदारों के दबाव में किया सरेंडर

जब साहिल ने अपनी बहन और बहनोई को पूरी घटना बताई, तो उन्होंने उसे सरेंडर करने की सलाह दी। साहिल मुरादाबाद वापस आया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दरवाजा खोला, तो दोनों की खून से सनी लाशें पड़ी थीं। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और सबूत जुटाए गए। आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि साहिल ने पहले से इस वारदात की योजना बनाई थी या नहीं।

UPI के नए नियम 1 अप्रैल से होंगे लागू, जरूर कर लें ये काम, वरना नहीं कर पाएंगे यूपीआई का इस्तेमाल

UPI के नए नियम 1 अप्रैल से होंगे लागू, जरूर कर लें ये काम, वरना नहीं कर पाएंगे यूपीआई का इस्तेमाल

 नई दिल्ली :-  यूपीआई आने के बाद देश के डिजिटल ट्रांजैक्शन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। यूपीआई ने लेनदेन की प्रक्रिया को काफी आसान और सुविधाजनक बनाया है। इसी वजह से देशभर में करोड़ों लोग यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं लगातार यूपीआई यूजर्स की संख्या में इजाफा भी देखने को मिल रहा है। देश को कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर यूपीआई एक बड़ा कदम है। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में भी यूपीआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अगर आप यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर खास आपके लिए है। नए वित्त वर्ष 1 अप्रैल से यूपीआई से जुड़ा एक जरूरी नियम बदलने जा रहा है। अगर आप बदलने जा रहे इस नियम का पालन नहीं करते हैं तो 1 अप्रैल से आपका यूपीआई बंद हो सकता है। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –

राष्ट्रीय पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई द्वारा 1 अप्रैल, 2025 से ऐसे नंबरों को बंद कर दिया जाएगा, जो लंबे समय से इनएक्टिव हैं। अगर आपके बैंक अकाउंट से कोई पुराना नंबर लिंक्ड है, जो लंबे समय से बंद है तो आपको 1 अप्रैल, 2025 से पहले बैंक अकाउंट से नया नंबर लिंक करा लेना चाहिए।
 
अगर आप 1 अप्रैल, 2025 से पहले इस काम को नहीं करते हैं तो इस स्थिति में आपको यूपीआई से लेनदेन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस कारण आपको यह काम जल्द से जल्द करा लेना चाहिए।
 
भारत की डिजिटल इकोनॉमी को गति देने में यूपीआई एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। यूपीआई का संचालन राष्ट्रीय पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई द्वारा किया जाता है।
 
आज के समय हर महीने अरबों के संख्या में डिजिटल लेन देन यूपीआई के जरिए किये जा रहे हैं। यूपीआई की मदद से आप रियल टाइम मनी ट्रांसफर कर सकते हैं।
म्यांमार-थाईलैंड में भूकंप से हाहाकार : 10 हजार लोगों की मौत की आशंका ! अब तक 1000 लोगों की गई जान

म्यांमार-थाईलैंड में भूकंप से हाहाकार : 10 हजार लोगों की मौत की आशंका ! अब तक 1000 लोगों की गई जान

 नई दिल्ली : म्यांमार और पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर 1000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी ने 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के अधिकारियों ने बताया है कि विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह बढ़कर 1000 हो गई है, जबकि 2300 लोग घायल हुए हैं। हालांकि बैंकॉक के अधिकारियों ने शुक्रवार को थाईलैंड में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब कम कर दी है। थाईलैंड ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट रिपोर्ट दी है, जिसमें 6 लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई है। वहीं 22 लोगों को घायल और 101 लोगों को लापता बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को मरने वालों का आंकड़ा 10 था।

हालांकि थाईलैंड की राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। जबकि म्यांमार की तानाशाह सेना ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश की सरकारी टेलीविजन पर कहा है कि उन्होंने “किसी भी देश” को मदद और दान देने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा उन्होंने भी आशंका जताई है की भूकंप की वजह से भारी संख्या में लोगों की जान गई होगी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किमी थी। USGS ने आज सुबह अपनी ताजा रिपोर्ट में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई है।

चश्मदीदों ने भयानक भूकंप को लेकर क्या बताया?

भूकंप को लेकर चश्मदीदों ने बताया है कि अचानकर इमारतें जोर-जोर से हिलने लगी और अफरा-तफरी मच गई। हजारों लोग सड़क पर आ गये। सभी लोग बदहवाश थे। बैंकॉक में लोग अपने अपने दफ्तरों, घरों और मॉल से बाहर निकल आए। छतों पर बने पूल से पानी बह रहा था और लोग बुरी तरह से डरे हुए थे। उस वक्त भूकंप के झटके लगातार आ रहे थे। बैंकॉक में एक स्कॉटिश पर्यटक ने कहा कि “अचानक पूरी इमारत हिलने लगी। लोग चीख-चिल्ला रहे थे और इधर-उधर भाग रहे थे।” सोशल मीडिया पर म्यांमार के मांडले से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें टूटे घर और टूटी इमारतें देखी जा सकती हैं। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के कारण मौतों का असली आंकड़ा शायद पूरी तरह से कभी सामने नहीं आ पाए। इसके अलावा गृहयुद्ध ने राहत-बचाव कार्यों को और भी मुश्किल बना दिया है।

इसके अलावा बीबीसी की रिपोर्ट में जेल अधिकारियों के एक करीबी सूत्र के बताया है कि म्यांमार की जेल में बंद नेता आंग सान सू पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भूकंप का उनपर कोई असर नहीं पड़ा है और वे राजधानी नेपीडा की जेल में ही हैं। आपको बता दें कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से आंग सान सू को गिरफ्तार कर लिया गया था और अलग अलग मामलों में उन्हें 50 सालों से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चीन ने कहा है कि उसने 37 लोगों की एक आपदा प्रतिक्रिया टीम को म्यांमार में राहत और बचाव कार्य में सहायता करने के लिए म्यांमार में भेज दिया है। चीनी शहर युन्नान से भेजी गई यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल सैटेलाइट सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर आई है।

5 देशों में भूकंप के शक्तिशाली झटके, कई इलाकों में तबाही…इमारतें जमींदोज-सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें

5 देशों में भूकंप के शक्तिशाली झटके, कई इलाकों में तबाही…इमारतें जमींदोज-सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें

28 मार्च 2025 :-  म्यांमार में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके झटके थाईलैंड, बांग्लादेश, भारत और चीन सहित पांच देशों में महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार के मांडले के निकट था, जिससे वहां महत्वपूर्ण क्षति हुई। म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ और मांडले सहित छह क्षेत्रों में आपातकाल घोषित किया गया है।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप के प्रभाव से एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग मलबे में फंसे हुए हैं। थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनवात्रा ने शहर में आपातकाल की घोषणा की है। ​

बांग्लादेश, भारत और चीन के युन्नान और सिचुआन प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, हालांकि इन क्षेत्रों से अब तक बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

म्यांमार की सैन्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है, और भारत ने तुरंत मदद की पेशकश की है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन संचार और परिवहन प्रणालियों को हुए नुकसान के कारण चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

यह आपदा क्षेत्र में इमारतों के कमजोर निर्माण मानकों और भूकंप सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है, जिससे नुकसान की तीव्रता बढ़ गई है।

Medicine Price Hike : 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी जरूरी दवाइयां, जेब पर पड़ेगा बोझ!

Medicine Price Hike : 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी जरूरी दवाइयां, जेब पर पड़ेगा बोझ!

 Medicine Price Hike :- अगर आप नियमित रूप से एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक या डायबिटीज की दवाइयां खरीदते हैं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि 1 अप्रैल 2025 से दवाओं के दाम बढ़ने वाले हैं। सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में वार्षिक बदलाव के आधार पर आवश्यक दवाओं की कीमतों में 1.74% की वृद्धि की अनुमति दी है।

 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी जरूरी दवाइयां

दर्द निवारक और एंटीबायोटिक्स भी महंगे
औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने बताया कि पैरासिटामोल, एजिथ्रोमाइसिन, एनीमिया रोधी दवाएं, विटामिन और मिनरल्स युक्त दवाइयों समेत लगभग 1000 आवश्यक दवाओं के दाम बढ़ेंगे। यह वृद्धि औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश 2013 के तहत की जा रही है, जिसमें निर्माता थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर दाम बढ़ा सकते हैं।

दवा निर्माताओं की मांग और बढ़ते दामों की वजह
फार्मा उद्योग के अनुसार, पिछले दो सालों में मामूली वृद्धि हुई थी, लेकिन इस साल इनपुट लागत में भारी बढ़ोतरी के चलते दवाओं के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है। पैरासिटामोल की कीमत में पिछले कुछ वर्षों में 130% तक का उछाल आया है, वहीं ग्लिसरीन और प्रोपलीन ग्लाइकॉल जैसे सॉल्वैंट्स में भी 175% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

पिछले वर्षों में कितना बढ़ा था दाम?
2022 में – 10% वृद्धि

2023 में – 12% वृद्धि

फार्मा अधिकारियों का कहना है कि इस बार भी दामों में वृद्धि अपरिहार्य है। दवा निर्माताओं के संगठन ने सरकार से अनुसूचित दवाओं में 10% की वृद्धि की मांग की थी, जिसे आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।

जनता पर पड़ेगा सीधा असर
जरूरी दवाइयों के महंगे होने से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बढ़ती महंगाई ने पहले ही लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, ऐसे में यह वृद्धि और अधिक चिंताजनक है।

 ब्रेकिंग: कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, जानिये अब कितना मिलेगा कर्मचारियों डीए, कैबिनेट में लिया गया फैसला

ब्रेकिंग: कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, जानिये अब कितना मिलेगा कर्मचारियों डीए, कैबिनेट में लिया गया फैसला

 DA Hike : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। लंबे समय से महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि कर दी है, जिससे अब DA 55% हो गया है। इससे पहले जुलाई 2024 में सरकार ने 3% की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद यह 50% से 53% हुआ था।

शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को हुई केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। इस बढ़ोतरी का फायदा करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को होगा।

1 जनवरी 2025 से लागू होगा नया DA नई दरें 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होंगी। हालांकि, चूंकि इसकी घोषणा में देरी हुई है, इसलिए अप्रैल के वेतन में जनवरी से मार्च 2025 तक के तीन महीनों का एरियर भी दिया जाएगा।

सरकारी कर्मचारियों की मांग और अनुमानित वृद्धि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से मांग थी कि महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी की जाए। हालांकि, इस बार सरकार ने 2% की ही वृद्धि की है। आमतौर पर महंगाई भत्ते में 3 से 4% तक की बढ़ोतरी होती है, लेकिन मौजूदा आर्थिक स्थितियों को देखते हुए सरकार ने इस बार 2% की ही वृद्धि की है।

महंगाई भत्ते की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

  • जुलाई 2024: 3% वृद्धि (50% से 53%)
  • जनवरी 2025: 2% वृद्धि (53% से 55%)

यह फैसला 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले आया है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। महंगाई दर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा सीधा फायदा इस बढ़ोतरी का लाभ केंद्र सरकार के लगभग 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। इससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति में सुधार होगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

बड़ा हादसा, कपड़ा फैक्ट्री में बॉयलर फटा...तीन मजदूरों की मौत ,छह घायलों की हालत गंभीर

बड़ा हादसा, कपड़ा फैक्ट्री में बॉयलर फटा...तीन मजदूरों की मौत ,छह घायलों की हालत गंभीर

 गाजियाबाद। गाजियाबाद जनपद में भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव दतेड़ी स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री में बॉयलर फट गया। इस घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि छह लोग घायल हो गए हैं। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस अभी घटनास्थल पर जांच कर रही है। अभी यह पता नहीं चल सका है कि बॉयलर कैसे फटा है। लेकिन जांच की जा रही है। बताया गया कि शवों को पोस्टमॉर्टम भिजवाने की तैयारी चल रही है और सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया दिया गया है। फिलहाल सभी घायलों का उपचार चल रहा है।
बताया गया कि बॉयलर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग भी दहल उठे।