मध्य प्रदेश : के इंदौर में टीआई की मौत हो गई. होली की ड्याटी के दौरान अचानक उनकी मौत होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. मामला इंदौर के बेटमा का है. इस घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई. मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और डीजीपी ने इनकी मौत पर गहरा दुख जताया है.
छतरपुर : जिले के झांसी-खजुराहो नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में ग्वालियर के तीन लोगों की मौत हो गई है। घायलों को ग्वालियर के लिए रेफर किया गया। ग्वालियर से परिवार के लोग बागेश्वर धाम दर्शन करने जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार हादसा छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र के बसारी के समीप सुबह करीब पांच बजे ग्वालियर का सोलंकी परिवार एमपी 07 सीडी 6161 चार पहिया वाहन से बागेश्वर धाम में होली मिलन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। हादसे में अमरीश पुत्र डोंगर सोलंकी उम्र 46 साल गीता सोलंकी पत्नी अमरीश उम्र 38 साल और उनकी बेटी देवांशी सोलंकी उम्र 16 साल की मौत हो गईं है।
हादसे में विकास पुत्र डोंगर सोलंकी उम्र 30 साल, नेहा पुत्री अमरीश सोलंकी उम्र 10 साल और पारी पिता अमरीश सोलंकी उम्र 12 साल घायल हुए हैं। सभी लोग निवासी थाना माधवगंज जिला ग्वालियर के रहने वाले हैं। कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण कार डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई।
Holi 2025 Skincare Tips : होली का त्योहार रंगों की मस्ती और उमंग लेकर आता है, लेकिन इसके बाद चेहरे और दाढ़ी से रंग हटाना एक चुनौती बन जाता है। खासतौर पर सफेद दाढ़ी और बालों से पक्के रंगों को निकालना मुश्किल होता है, जिससे चेहरे की शक्ल अजीब लग सकती है। लेकिन कुछ आसान और घरेलू उपायों की मदद से इन जिद्दी रंगों को आसानी से हटाया जा सकता है।
रंग हटाने के आसान घरेलू उपाय
1. तेल का इस्तेमाल करें:
नारियल तेल, जैतून का तेल या बादाम तेल को दाढ़ी और चेहरे पर अच्छी तरह लगाएं। हल्के हाथों से मसाज करें और कुछ समय बाद गुनगुने पानी से धो लें। इससे रंग धीरे-धीरे हटने लगेगा और त्वचा को नमी भी मिलेगी।
2. नारियल तेल और शक्कर का मिश्रण:
नारियल तेल में शक्कर मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे दाढ़ी पर हल्के हाथों से स्क्रब करें। शक्कर डेड स्किन हटाने और रंग निकालने में मदद करता है, साथ ही त्वचा को मुलायम भी बनाए रखता है।
3. दूध और गुलाब जल का मिश्रण:
गुलाब जल और दूध को मिलाकर चेहरे और दाढ़ी पर 10-15 मिनट तक लगाएं। फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह मिश्रण त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ रंग हटाने में भी मदद करता है।
4. बेसन और हल्दी का पैक:
बेसन, हल्दी और दूध मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे चेहरे और दाढ़ी पर लगाएं। जब यह सूख जाए, तो हल्के हाथों से रगड़कर हटा लें। इससे रंग निकल जाएगा और त्वचा में निखार भी आएगा।
5. फेस वॉश का इस्तेमाल करें:
अगर तेल या घरेलू उपायों से रंग पूरी तरह नहीं हटता, तो माइल्ड फेस वॉश का इस्तेमाल करें। नेचुरल इंग्रीडिएंट्स वाले फेस वॉश का चुनाव करें ताकि त्वचा और बालों को नुकसान न पहुंचे।
6. पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल करें:
पेट्रोलियम जैली (वेसलीन) को दाढ़ी और चेहरे पर लगाकर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गीले कपड़े से पोंछ लें। यह त्वचा पर रंग चिपकने से बचाने में भी मदद करता है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस के द्वारा वकील के साथ अभद्रता का आरोप लगा है. वकील किसी साथी वकील की पैरवी के लिए पहुंचा था, जहां उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसकी सोने की चैन छीन ली गई. पीड़ित वकील ने आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने उसे जबरन पेशाब पिलाई. मामला विभूति खंड थाने का हैं, जिसके बाद वकीलों ने बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए और जमकर हंगामा किया. उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान चौराहे पर ट्रैफिक जाम कर दिया.
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पीड़ित वकील सौरभ वर्मा का आरोप हैं कि शुक्रवार को वो होली मनाने के बाद घर पर बैठा था तभी उनके दोस्त वकील अमित गुप्ता का फोन आया, उन्होंने बताया कि वो एक मामले की पैरवी के लिए विभूति खंड पुलिस थाने आए हैं, जहां पुलिसवालों के द्वारा उनके साथ अभद्रता की जा रही है. जिसके बाद सौरभ एक और साथी वकील राहुल पांडे के साथ थाने पहुंच गए.
पुलिसवालों ने की वकील से अभद्रता
सौरभ ने बताया कि जब वो थाने पहुंचे तो वहां कई पुलिस वाले बैठे थे, जिनमें से कुछ ने वर्दी पहनी थी और कुछ बिना वर्दी के थे. इन पुलिसकर्मियों ने उन दोनों के साथ भी बदसलूकी और अभद्रता करनी शुरू कर दी. जब उन्होंने बताया कि वो वकील है तो उनके साथ और गाली गलौज की गई. पुलिस वालों ने होली के नाम पर उनके गले में पहनी सोने की चैन भी छीन ली. और मुंह पर पेशाब की.
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में वकील पुलिस थाने पहुंच गए, जिसके बाद उन्होंने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की. वकीलों ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चौराहे को जाम कर दिया, जिसकी वजह से वहां लंबा जाम लग गया. हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए, जिसके बाद किसी तरह मामले को शांत किया गया.
वकील सौरभ वर्मा की शिकायत पर 9 पुलिसकर्मियों पर नामज़द और कुछ अज्ञात पुलिसवालों पर विभूतिखंड थाने में ही मुकदमा दर्ज किया गया है.
नयी दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक एक ‘व्यवस्थागत विफलता’ है और इसका खात्मा तब ही होगा जब सभी राजनीतिक दल एवं सरकारें मतभेद भुलाकर तथा मिलकर कदम उठाएंगे। उन्होंने यह दावा भी किया कि पेपर लीक होने से छह राज्यों में 85 लाख बच्चों का भविष्य खतरे में है।
राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘छह राज्यों में 85 लाख बच्चों का भविष्य ख़तरे में – पेपर लीक होना हमारे युवाओं के लिए सबसे खतरनाक “चक्रव्यूह” बन गया है। पेपर लीक मेहनती छात्रों और उनके परिवारों को अनिश्चितता और तनाव में धकेल देता है, उनके परिश्रम का फल उनसे छीन लेता है। साथ ही यह अगली पीढ़ी को गलत संदेश देता है कि बेईमानी, मेहनत से बेहतर हो सकती है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’’
उन्होंने कहा कि अभी एक साल भी नहीं हुआ, जब ‘नीट’ के पेपर लीक ने देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे विरोध के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार ने नए कानून के पीछे छुप कर उसे समाधान बताया, लेकिन इतने सारे हालिया लीक ने उसे भी विफल साबित कर दिया।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह गंभीर समस्या एक व्यवस्थागत विफलता है। इसका खात्मा सभी राजनीतिक दलों और सरकारों द्वारा मतभेद भुलाकर, मिलकर कड़े कदम उठाने से होगा। इन परीक्षाओं की गरिमा बनी रहे, यह हमारे बच्चों का अधिकार है और इसे हर हाल में सुरक्षित रखना होगा।’’
फाल्गुन पूर्णिमा की रात हर साल होलिका दहन की परंपरा निभाई जाती है। इस बार 13 मार्च की रात को होलिका दहन किया जाएगा, लेकिन इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा, जिससे शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
होलिका दहन का सही मुहूर्त
होलिका दहन हमेशा फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर किया जाता है, लेकिन भद्रा काल में इसे वर्जित माना जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 13 मार्च की सुबह 10:36 से 14 मार्च की दोपहर 12:23 तक रहेगी। वहीं, भद्रा काल 13 मार्च की रात 11:26 तक रहेगा। ऐसे में भद्रा के समाप्त होने के बाद ही, यानी 13 मार्च की रात 11:27 बजे के बाद होलिका दहन किया जाना उचित रहेगा।
होलिका दहन से पहले की तैयारी
पूजा की थाली में जल, रोली, हल्दी, काले तिल, नारियल, उपले और कलावा रखें।
होलिका दहन स्थल पर जाकर भूमि को प्रणाम करें और जल अर्पित करें।
वहां दीपक जलाकर, गोबर के उपले, हल्दी और तिल अर्पित करें।
होलिका की तीन परिक्रमा कर कलावा बांधें और सूखा नारियल चढ़ाएं।
घर के सभी सदस्यों को हल्दी या रोली का तिलक लगाएं।
कैसे करें होलिका दहन?
होलिका दहन के लिए किसी वृक्ष की शाखा को जमीन में गाड़कर उसके चारों ओर लकड़ियां और उपले रखे जाते हैं। शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित कर उसमें गेहूं की बालियां, उपले और उबटन डालने की परंपरा है। यह प्रक्रिया रोग, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों के नाश का प्रतीक मानी जाती है।
होलिका दहन के लाभ
हिंदू मान्यता के अनुसार, होलिका दहन से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन की गई पूजा से—
- आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
- रोग और शारीरिक कष्टों में राहत मिलती है।
- शत्रु बाधा से मुक्ति पाई जा सकती है।
- घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
होलिका दहन की राख को घर लाकर तिलक लगाने की भी परंपरा है, जिसे शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। इस बार भद्रा का ध्यान रखते हुए सही समय पर होलिका दहन करें और इसका संपूर्ण लाभ प्राप्त करें।
दिल्ली: आज होली का त्योहार है और होलिका दहन है। आज मौसम विभाग ने देश के करीब 24 राज्यों में बारिश होने का अलर्ट दिया है। दिल्ली-NCR में घने काले बादल छाए हैं। वहीं देश में गर्मी भी अपना असर दिखाने लगी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में बीता दिन साल 2025 का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। कल अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक रहा। आज दिल्ली में बादल छाए रहने और रात में बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान में लगातार दूसरे दिन बाड़मेर का अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री ज्यादा 41.2 डिग्री रहा। दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु में 2 दिन से लगातार बारिश हो रही है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के समुद्री तटों पर चक्रवाती हवाएं 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 16 मार्च तक बारिश होने का अनुमान है। आइए जानते हैं कि दिल्ली-NCR समेत पूरे भारत में आज अगले 4 दिन मौसम कैसा रहने वाला है?
इन राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आज और कल 14 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के सभी 8 राज्यों मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, असम, मेघालय, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान निकोबाद में आज और कल 14 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आंधी तूफान आ सकता है। 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आज से 16 मार्च तक 4 दिन मौसम ऐसा ही रहेगा।
देश में ताजा मौसमी परिस्थितियां
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी अफ़गानिस्तान और आस-पास के इलाकों में समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आस-पास के इलाकों में समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी बांग्लादेश और निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर बना हुआ है। दूसरा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी असम और उसके आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ है। पश्चिमी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे मालदीव क्षेत्र पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। पूर्वी दिशा में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन तमिलनाडु तट से दूर बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम तक बना हुआ है।
इन राज्यों में लू चलने का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आज गुजरात और कोंकण में अलग-अलग स्थानों पर लू चलने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, विदर्भ, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगीय मैदानी इलाकों में भी 16 मार्च तक लू चल सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर रात में गर्म मौसम रहने की संभावना है। 15 और 16 मार्च को ओडिशा, तटीय कर्नाटक में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की संभावना है।
देश पर होली का खुमार चढ़ चुका है और सियासत भी जमकर हो रही है. इस बार होली का त्योहार मुस्लिमों के पवित्र रमजान के महीने में पढ़ रहा है, तो उस दिन शुक्रवार भी है. ऐसे में होली के त्योहार पर सियासी रंग भी खूब पक्का किया जा रहा है. होली के रंग का उत्सव और जुमे की नमाज के बीच संतुलन बैठाने की कोशिश में प्रशासन लगा हुआ है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मुसलमान होली मनाने से क्यों बचते हैं और क्या रंग खेलना उनके लिए इस्लाम में हराम करार दिया गया है?
ल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एक बयान जारी कर कहा कि इस्लाम में होली खेलना जायज नहीं है. मुबारकबाद देना एक अलग चीज है. मुसलमानों को होली में नहीं जाना चाहिए और न ही रंग खेलना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस्लाम में होली खेलना हराम है. इस्लाम में क्या वाकई होली का रंग खेलने के लिए मना किया गया.
इस्लाम में होली खेलना क्या हराम है?
होली में रंग खेलने को लेकर इस्लामी नजरिए पर हमने मौलाना जिशान मिस्बाही से विस्तार से बातचीत किया. मौलाना मिस्बाही बताते हैं कि हर धर्म के अपने-अपने नियम और त्योहार व पर्व होते हैं. होली हिंदुओं का त्योहार हैं, जिसमें हिंदू समाज के लोग रंग खेलते हैं. होली पर हिंदू समाज के लोग एक दूसरे को रंग लगाकर होली त्योहार की मुबारकबाद देते हैं. होली की मुबारकबाद देना मुसलमानों के लिए मना नहीं है, लेकिन रंग खेलने की मना किया गया है.
मौलाना जिशान मिस्बाही कहते हैं कि इस्लाम सादगी और संजीदा धर्म है. इस्लाम रंग खेलने और पटाखे फोड़ने जैसे चीजों से रोकता है. होली के मौके पर रंग खेला जाता है, कुछ लोग हुड़दंग करते हैं. नाच-गाना होता है. इसीलिए होली पर रंग खेलने से मुस्लिम समाज के लोग परहेज करते हैं. हिंदुस्तान में अलग-अलग धर्म के लोग रहते हैं. सामाजिक सद्भावना के लिए मुस्लिम हिंदू भाई से होली पर गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दे सकते हैं, लेकिन रंग खेलने और नाच-गाना करने से मना है.
डा. मिस्बाही कहते हैं कि होली पर लोग खुद को और दूसरों को अलग-अलग रंगों से रंगते हैं जब तक कि उनका रूप बहुत ही घृणित नहीं हो जाता और उसके बाद रंगीन कपड़े फेंक दिए जाते हैं क्योंकि उन्हें साफ करना और उन्हें उनकी मूल स्थिति में बहाल करना बहुत मुश्किल होता है. इस्लाम में कपड़े को खराब कर और रंग में रंगकर फेंक देने को गलत माना है.
इस्लाम में हुड़दंग और रंग की गुंज्जाइश नहीं
मौलाना ओसामा नदवी कहते हैं कि होली हिंदू धर्म का त्योहारा है और हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है. हिंदू धर्म के लोग होली खेलते हैं. होली हिंदू धर्म के त्योहार होने के चलते मुसमलानों को मनाने से मना किया गया है. आखिर नबी मोहम्मद साहब ने किसी दूसरे धर्म के क्रिया कलापों को मनाने से मना किया है. यही वजह है कि इस्लाम के मानने वाले लोग होली नहीं मनाते हैं. इस्लाम सादगी और संजीदा धर्म है इसीलिए इस्लाम मजहब में रंग खेलने की कोई गुंजाइश नहीं है. मुसलमान इसलिए रंग खेलने से बचते हैं.
नदवी कहते हैं कि इस्लाम किसी भी तरह के हुड़दंग और शोर-शराबे से रोकता है इसलिए इस्लाम में कोई भी त्योहार ऐसा नहीं है, जिसमें रंग खेला जाए या फिर हुड़दंग की गुंजाइश हो. इस्लाम धर्म में पहचान को काफी अहमियत की दी है, जिसके चलते ही नबी ने मना किया है कि दूसरे धर्म के त्योहार को न मनाए क्योंकि उनके मनाने से आपकी शिनाख्त नहीं रह जाएगी और उनमें और आपमें कोई फर्क नहीं रह जाएगा. कुरान में एक आयत है कि लकुम दीनुकुम वालिया दीन, इसका मतलब साफ है कि तुम्हें तुम्हारा दीन मुबारक और मुझे अपना दीन. तुम अपने रास्ते चलो, मैं अपने रास्ते. इस तरह से हम होली के त्योहार का सम्मान तो कर सकते हैं, लेकिन मना नहीं सकते हैं
सूफी और मुगल क्यों खेलते थे होली?
इस्लाम में अगर होली हराम है तो फिर इतिहास के पन्ने पलटने पर पाते हैं कि पुराने वक्त में खासकर मुगलों के दौर में होली हिंदुओं के साथ मुसलमान भी जोर-शोर से खेलते थे. इतिहासकारों ने मुगलकालीन होली के बारे में खूब जिक्र किया है. मुगल बादशाह अकबर से लेकर शाहजहां के दौर में मुस्लिमों के होली का रंग खेलने के सबूत मिलते हैं. इतना ही नहीं, होली के मौके पर दिल्ली स्थित निजामुद्दीन औलिया की दरगाह हो या फिर यूपी के बाराबंकी के देवा शरीफ में हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर हिन्दू-मुस्लिम मिलकर गुलाल उड़ाते नजर आते हैं.
होली खेलने की परंपरा हाजी वारिस अली शाह के जमाने से ही शुरू हुई थी, जो आज भी कायम है. होली के दिन यहां देश के कोने-कोने से सभी धर्म के लोग यहां आते हैं और एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर मुबारकबाद देते हैं. निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर हर साल बसंत के मौके पर होली खेली जाती है.
अजमेर की ख्वाजा गरीब नवाज के दरगाह पर बसंत के मौके पर गुलाल उड़ते नजर आते हैं. इतना ही नहीं होली के पावन मौके पर ख्वाजा गरीब नवाज की दुआएं लेने पहुंचे थे. मुसलमानों का होली से नाता आज का नहीं बल्कि सदियों का है. दिल्ली सल्तनत और मुगलिया दौर के मुस्लिम सूफी संत और कवियों ने होली पर कई बेहतरीन रचनाएं गढ़ी हैं. सूफी अमीर खुसरो हजरत निजामुद्दीन औलिया से मुरीद होली के दिन ही हुए थे. होली पर अमीर खुसरो ने कई कलाम लिखे हैं. आज रंग है ऐ मां, रंग है री, मोरे ख्वाजा के घर के रंग है री, आज सजन मिलावरा मोरे आंगन में, आज रंग है ऐ मां, रंग है री, मोहे पीर पायो निजामुद्दीन औलिया…
सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह की होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. यह मजार एक मिसाल है, इस बात की कि रंगों का कोई मजहब नहीं होता, बल्कि रंगों की खूबसूरती हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है. यही वजह है कि हर साल की तरह इस बार भी यहां गुलाल व गुलाब से सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ होली खेली. लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर फूलों से होली खेली और आपसी भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश करते हैं.
देवा शरीफ के सूफी संत हाजी वारिस अली शाह ने यह संदेश भी दिया कि जो रब है वही राम है. शायद इसीलिए केवल होली ही नहीं, बल्कि मजार के निर्माण काल से ही यह स्थान हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश देता आ रहा है. इस मजार पर मुस्लिम समुदाय से कहीं ज्यादा संख्या में हिन्दू समुदाय के लोग आते हैं. होली पर हिंदू ही नहीं बल्कि मुसलमान, सिख के साथ और भी दूसरे धर्मों के लोग पहुंचे थे. यहां हर कोई रंगों में सराबोर रहता है.
दरगाहों पर क्यों खेली जाती होली?
सूफी और मुगलों के होली खेलने को लेकर मौलाना जिशान मिस्बाही कहते हैं कि जिन मुगल बादशाहों ने होली खेली है, वो सत्ता पर विराजमान थे और अपनी जनता की भावनाओं को देखते हुए होली खेली है. अकबर हों या फिर शाहजहां, उन्होंने अपनी आवाम के साथ मोहब्बत का पैगाम देने के लिए खेली है. इसके अलावा सूफियों के दरगाहों पर जो होली खेलने की बात है, तो वो कब शुरू और कैसे शुरू हुई, इसका कोई पुख्ता तारीख नहीं मिलती है. सूफीवाद का पूरा सिद्धांत ही मोहब्बत पर कायम है.
हजरत निजामुद्दीन से लेकर हाजी वारिस पिया तक हिंदू-मुस्लिम सामाजिक सद्भावना के लिए काम करते थे. मुगल काल में सूफियों ने ही हिंदू-मुस्लिम के बीच एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है, क्योंकि उनका पैगाम ही मोहब्बत के लिए था. मोहब्बत के रिवायत में ही होली खेली है. इसीलिए इसे इस्लाम धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
मौलाना नदवी कहते हैं कि सूफियों और मुगलों के होली मनाने की बात सिर्फ भारत में ही दिखती है और दुनिया के किसी भी हिस्से में नहीं. जिन सूफी और मुगलों की आप बात कर रहे हैं उन्होंने भारत में आकर ही रंग खेला है और होली मनाई है. भारत में आने से पहले उनके ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिलते हैं. रंग का भले ही कोई धर्म न हो, लेकिन रंग खेलने वालों का धर्म तो है और वो अपने धार्मिक लिहाज से रंग खेलते है इसलिए इस्लाम से जोड़ना सही नहीं है.
रंग खेलना कैसे हराम तो दिखाएं सबूत
इतिहासकार राना सफवी कहती हैं कि जो लोग इस्लाम में रंग को हराम मानते हैं, मैं उनसे इस बात का सबूत मांगना चाहती हूं. इस तरह की गलत धारणाएं अज्ञान और पूर्वाग्रहों से ही पनपती हैं. वो कहती हैं कि इस्लाम में रंग हराम नहीं है बल्कि हमें बस इतना ध्यान रखना चाहिए कि नमाज पढ़ने के लिए जब हम वुज़ू करते हैं, तब हमारी त्वचा पर ऐसा कुछ भी नहीं लगा हो जो पानी को त्वचा के सीधे संपर्क में आने से रोके. ऐसे में हमें बस ये करना करना है कि जब हम वुज़ू करने जा रहे हों उससे पहले त्वचा पर लगे गुलाल को धो लिया जाए.
इतिहासकार मुंशी जकाउल्लाह ने अपनी 19वीं सदी के मध्य में लिखी किताब तारीख-ए-हिंदुस्तानी में रंगों के त्योहार का जिक्र करते हुए लिखा है,’कौन कहता है, होली हिंदुओं का त्योहार है. मैंने देश के तमाम दरगाहों पर होली खेलते हुए मुसलमानों को देखा है. इतिहास में अकबर का अपनी रानियों के साथ और जहांगीर का नूरजहां के साथ होली खेलने की बात भी कही गई है. अलवर संग्रहालय में एक ऐसी चित्र भी मौजूद है जहां जहांगीर को होली खेलते हुए दिखाया गया है. वो लिखते हैं कि कैसे बाबर हिंदुओं को होली खेलते देखकर हैरान रह गया था. बाबर को होली का ये त्योहार इतना पसंद आया कि उसने अपने नहाने के कुंड को पूरा का पूरा शराब से भरवा दिया.
इतिहासकारों की मानें तो शाहजहां के ज़माने में होली के नाम को अलग तरह से बोला जाता था. इस त्योहार को ईद-ए-गुलाबी या आब-ए-पाशी (रंगों की बौछार) कहा जाता था. अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर द्वितीय के बारे में ये किस्सा काफी मशहूर है कि होली पर वह अपने मंत्री को रंग लगाने जाया करते थे. ऐसे में लाल किले में यमुना नदी के तट पर मेले का आयोजन किया जाता था. इस दिन सभी लोग एक दूसरे पर रंग लगाते, गीतकार मुगल दरबारों में गाना गाकर सभी का मनोरंजन करते थे.
Big Accident: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर में दर्दनाक हादसा हो गया है। यहां एक बस के पलट जाने से 12 लोगों की मौत की खबर है। वही 45 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मौके पर पहुंचे पुलिस की टीम राहत बचाव कार्य में जुट गई है।
बस जोहान्सबर्ग के पूर्व में स्थित टाउनशिप कैटलहोंग से लोगों को ले जा रही थी। दुर्घटना स्थल से 9 पुरुषों और 3 महिलाओं के शव बरामद किए गए हैं। दुर्घटना में कोई अन्य वाहन शामिल नहीं था और अधिकारी अभी तक कारण का पता नहीं लगा पाए हैं। पुलिस जांच कर रही है।
देवरिया : क्रिकेट का जुनून भारतीयों के दिलों में गहराई तक समाया हुआ है, और जब बात विराट कोहली की हो, तो फैन्स की दीवानगी अपने चरम पर होती है। हाल ही में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में कोहली के जल्दी आउट होने के बाद एक दिल दहला देने वाली घटना घटी।
कक्षा आठवीं की छात्रा प्रियांशी पांडे, जो मैच का आनंद अपने परिवार के साथ ले रही थी, को कोहली के आउट होने के बाद गहरा सदमा लगा। कोहली ने 2 गेंदों पर सिर्फ एक रन बना कर रन आउट हो गए थे, जो कि उनके प्रशंसकों के लिए निराशाजनक पल था। जैसे ही कोहली आउट हुए, प्रियांशी को दिल का दौरा पड़ा और उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रियांशी के परिजनों के अनुसार, वह मैच के दौरान काफी खुश थी, खासकर जब रोहित शर्मा और शुभमन गिल शानदार बैटिंग कर रहे थे। लेकिन जैसे ही कोहली आउट हुए, उनका मनोबल टूट गया और उन्होंने महसूस किया कि कोहली का जल्दी आउट होना उनके लिए बहुत बड़ा आघात था। इस सदमे के कारण उन्हें हार्ट अटैक आया और उन्होंने अपनी जान गवा दी।
नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें शनिवार देर रात करीब 2 बजे एम्स के कार्डियक केयर यूनिट (CCU) में भर्ती किया गया।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी सेहत पर करीबी नजर रख रही है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, और चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच एवं उपचार जारी है।
सूत्रों के अनुसार, उपराष्ट्रपति को शुरुआती चिकित्सा परीक्षण के बाद एम्स में भर्ती करने का निर्णय लिया गया ताकि उनकी सेहत पर गहन निगरानी रखी जा सके। हालांकि, अब तक उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
Werewolf Syndrome: सिर के अलावा इंसान के शरीर पर थोड़े बहुत ही बाल होते है, जो एक नॉर्मल बात है. लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले 18 साल के लड़के ललित पाटीदार बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने चेहरे पर सबसे अधिक बाल होने के कारण गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guiness World Record) बना लिया है. अगर आप ये सोच रहे हैं, कि चेहरे पर इतने सार बाल कैसे हो सकते हैं, तो बता दें, लंबे समय से ललित हाइपरट्रिकोसिस (Hypertrichosis) नामक एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसे वेयरवोल्फ सिंड्रोम (Werewolf Syndrome) के नाम से भी जाना जाता है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस दुर्लभ बीमारी से देश और दुनिया में केवल 50 मामले ही दर्ज हैं, जिसके कारण चेहरे पर आम लोगों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक बाल उग आते हैं. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, पाटीदार के चेहरे पर प्रति वर्ग सेंटीमीटर 201.72 बाल हैं, जो उनके चेहरे के 95% हिस्से को पूरी तरह से ढक देते हैं.
कैसा है ललित का चेहरा
ललित की कद - काठी बिल्कुल वैसे ही जैसे एक आम युवक की होती है, लेकिन उनका चेहरा अन्य लोगों से अलग दिखता है, जिसका मुख्य कारण उनके चेहरे पर अधिक बालों का होना है. ललित के पूरे चेहरे पर बाल है और ये इतने घने हैं कि आंखों के अलावा उसके चेहरे पर कुछ और दिखाई नहीं देता है. गाल, नाक, माथे, ठुड्डी हर जगह सिर्फ बाल ही बाल है.
बता दें, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करना आसान नहीं था, क्योंकि उनकी शक्ल-सूरत को लेकर ज्यादातर अजनबी और स्कूल में क्लासमेट अलग- अलग टिप्पणी करते हैं, जो कई बार असहनीय भी हो जाती है.
उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (GWR) से कहा, " जो लोग मुझसे पहली बार मिलते है, वह मेरे चेहरे के बालों को देखकर डर जाता थे, लेकिन जब लोगों ने मुझे जानना चाहा और मुझसे बातचीत करनी शुरू की, तो उन्हें समझ में आ गया कि मैं एक साधारण व्यक्ति हूं और उनसे बिल्कुल भी अलग नहीं हूं. मैं सिर्फ बाहर से चेहरे के कारण अलग दिखाई देता हूं, लेकिन मैं अंदर से बिल्कुल भी अलग नहीं हूं. मेरा स्वभाव आम लोगों की तरह ही है.
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लोगों की टिप्पणी से प्रभावित नहीं होते ललित, चलाते हैं यूट्यूब चैनल
ललित लोगों की टिप्पणियों से खुद को प्रभावित नहीं होने देते. वे जानते हैं, भले ही चेहरे से वह आम लोगों की तरह नजर नहीं आते, लेकिन उनकी एक यूनिक आइडेंटिटी है, जिसे उन्हें स्वीकार करना चाहिए. बता दें, ललित एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिस पर वे अपने दिन-प्रतिदिन के डेली व्लॉग्स अपलोड करते हैं. लोगों को उनके व्लॉग्स काफी पसंद आते हैं.
इटली के मिलान पहुंचे थे ललित
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज होने से पहले ललित इटली के मिलान शहर में एक टीवी शो में दिखाई दिए थे. जहां आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड बनाने से पहले उनके चेहरे के बालों का मेजरमेंट लिया गया था, एक स्थानीय ट्राइकोलॉजिस्ट ने उनके चेहरे के बालों को मापने के लिए उनके चेहरे के छोटे-छोटे हिस्सों की शेविंग कर दी थी.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर ललित ने कहा, 'मैं स्पीचलेस हूं, मुझे नहीं पता कि अब क्या कहना चाहिए, क्योंकि मैं यह पहचान पाकर बहुत खुश हूं. जो लोग चाहते हैं कि मैं अपने चेहरे के बालों शेविंग कर पूरा हटा दूं, तो उनके लिए कहने को मेरे पास ज्यादा कुछ नहीं है. मैं उनसे कहता हूं कि मुझे अपना ये रूप काफी पसंद है और मैं किसी दूसरे व्यक्ति के लिए अपना रूप नहीं बदलना चाहता'
वेयरवोल्फ सिंड्रोम के लक्षण
- आमतौर पर यह बीमारी लोगों को जन्मजात होती है. जब बच्चा जन्म लेता है और उसके शरीर पर महीन बाल होते हैं, तो इस बीमारी के कारण ये बाल कुछ हफ्तों में गायब होने के बजाय धीरे - धीरे बढ़ने लगते हैं.
- अगर आपको लगता है वेयरवोल्फ सिंड्रोम होने से सिर्फ चेहरे के बाल में बढ़ोतरी होगी तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. बता दें यह ऐसी बीमारी है जो पूरे शरीर या फिर शरीर के किसी भी एक हिस्से को प्रभावित कर सकती है. इस बीमारी से महिला या पुरुष कोई भी पीड़ित हो सकता है.
- इस बीमारी के कारण असामान्य बाल की ग्रोथ जन्म से ही शुरू हो जाती है, जो व्यक्ति के पूरे जीवन में जारी रहती रहती है. बाल, आमतौर पर लंबे और घने होते हैं, जो व्यक्ति के चेहरे और शरीर को ढक देते हैं. वहीं कुछ मामलों में, बालों के एक से अधिक पैच मौजूद होते हैं.
- हाइपरट्रिकोसिस से महिलाएं भी पीड़ित हो सकती है, जिससे कारण महिलाओं के चेहरे, छाती और पीठ जैसे स्थानों पर काले, घने बाल उग सकते हैं.
Aaj Ka Mausam : देश में मौसम तेजी से बदल रहा है। ठंड की विदाई हो रही है तो फिर तपाने के लिए भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। कई राज्यों में तेज हवाएं चल रही हैं, लेकिन तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। इस बीच 9 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा, जिससे कई इलाकों में बर्फबारी के साथ तेज बारिश होने के आसार हैं। इसे लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 9 मार्च से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है, जिससे जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 9 से लेकर 14 मार्च तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और बर्फ भी पड़ेगी। पंजाब में 12 से 14 मार्च तक, हरियाणा में 13-14 मार्च को और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 14 मार्च को बादल बरसेंगे। दिल्ली एनसीआर समेत मैदानी इलाकों में 11-12 मार्च को 20-30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवाएं चलेंगी।
इन राज्यों में बरसेंगे बादल
मध्य असम के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन स्थित है, जिससे प्रभाव से अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में तेज आंधी चलेगी और बिजली गिरने के साथ बर्फबारी-बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश में 8-9 मार्च को जमकर बादल बरसेंगे। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तेज गरज के साथ बरसात होगी, जबकि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक में 10-11 मार्च को बारिश का अलर्ट जारी है।
जानें कहां कितना है पारा?
आईएमडी ने भीषण गर्मी और लू को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर पश्चिम भारत में अगले 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी, जबकि महाराष्ट्र समेत मध्य और पूर्वी भारत में अगले 5 दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस पारा बढ़ेगा। तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, गुजरात में अधिकतम तापमान 35-40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छतीसगढ़, गंगा के तटवर्ती पश्चिम बंगाल में 30-35 डिग्री सेल्सियस पारा है। उत्तर पश्चिमी भारत और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तापमान 25-30 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहा। गुजरात में अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आएगा। गोवा एवं कोंकण में 9-12 मार्च को भीषण गर्मी पड़ेगी और गुजरात, तटीय कर्नाटक, केरल में लू चलेगी।
दिल्ली एनसीआर में भी छाएंगे बादल
दिल्ली एनसीआर में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री और अधिकतम तापमान में 1 डिग्री तक वृद्धि हुई है। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 28 से 30 डिग्री और 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। तापमान में धीरे-धीरे उछाल ही देखने को मिलेगा। राजधानी और उससे आसपास के जिलों में 9-10 मार्च को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम 11 फरवरी को साफ रहेगा, लेकिन हवाएं 20-30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलेंगी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी का खास तोहफा….संभालेंगी सोशल मीडिया अकाउंट…जानिए इनके बारे में
दिल्ली :- महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सोशल मीडिया अकाउंट्स की जिम्मेदारी कुछ प्रेरणादायक महिलाओं को सौंपी। ये वे महिलाएं थीं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया और समाज में बदलाव लाने का काम किया।
कौन है ये महिलाएं?
- मालविका अय्यर – एक दिव्यांग कार्यकर्ता, जो दुर्घटना में अपने दोनों हाथ गंवाने के बावजूद आत्मनिर्भर बनीं और दिव्यांग अधिकारों के लिए काम कर रही हैं।
- स्नेहा मोहनदास – ‘फूड बैंक इंडिया’ की संस्थापक, जो जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के अभियान से जुड़ी हुई हैं।
- आरिफा जान – कश्मीरी हस्तशिल्प को पुनर्जीवित करने और स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
- कल्पना रमेश – जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाली एक समाजसेवी, जो वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता फैला रही हैं।
- विजया पवार – पारंपरिक बंजारा कढ़ाई को जीवित रखने वाली कलाकार, जो कई महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
- कलावती देवी – स्वच्छता अभियान से जुड़ीं, जिन्होंने अपने गांव में शौचालय निर्माण के लिए कई प्रयास किए।
- वीणा देवी – मशरूम की खेती के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं।
इस पहल का मकसद क्या था?
प्रधानमंत्री मोदी का उद्देश्य था कि इन महिलाओं के संघर्ष और सफलता की कहानियों को ज्यादा से ज्यादा लोग जानें और उनसे प्रेरणा लें। यह कदम समाज में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और उनकी उपलब्धियों को मान्यता देने की दिशा में उठाया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय रेलवे ने महिलाओं को विशेष सम्मान दिया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन पूरी तरह से महिला चालक दल द्वारा किया गया, जो देश में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश करता है
महिला लोको पायलट ने संभाली कमान
यह ऐतिहासिक यात्रा साईंनगर शिरडी वंदे भारत एक्सप्रेस में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से सुबह 6:20 बजे शुरू हुई। ट्रेन का संचालन एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव और सहायक लोको पायलट संगीता कुमारी ने किया। इसके अलावा, संचालन की निगरानी श्वेता घोने ने की।
महिला कर्मियों की पूरी टीम तैनात
इस ऐतिहासिक पहल के तहत, यात्रा के दौरान सभी प्रमुख जिम्मेदारियां महिलाओं ने निभाईं।
- मुख्य टिकट चेकर: अनुष्का केपी और एमजे राजपूत
- टीटीई टीम: सारिका ओझा, सुवर्णा पश्ते, कविता मराल और मनीषा राम
- कैटरिंग और ऑन-बोर्ड सेवाएं: पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित
इस तरह, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टिकट परीक्षक और ऑन-बोर्ड स्टाफ तक हर भूमिका में महिलाओं की मौजूदगी रही।
भारतीय रेलवे का महिला सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम
भारतीय रेलवे ने इस पहल को महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। रेलवे ने कहा कि यह पहल महिलाओं की शक्ति, समर्पण और नेतृत्व का प्रतीक है और इससे इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा मिलेगा।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व
हर साल 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों, नवाचार, नेतृत्व और समाज में उनके योगदान का उत्सव है। यह दिन उन महिलाओं को सम्मानित करता है जो समाज को प्रेरित कर रही हैं, सशक्त बना रही हैं और बदलाव की वाहक बनी हुई हैं।
नई दिल्ली। Mahila Samman Yojana : दिल्ली सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक शनिवार को होगी, जिसमें महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने वाली महिला समृद्धि योजना को मंजूरी दी जाएगी। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की ओर से आयोजित महिला दिवस कार्यक्रम में इसकी घोषणा की जाएगी। इसके बाद इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं का पंजीकरण शुरू किया जाएगा। महिलाओं के हित में अन्य घोषणाएं भी होने की उम्मीद है।
महिला दिवस पर इसकी शुरुआत की
भाजपा ने अपने विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैलियों में कहा था कि महिला दिवस पर इसकी शुरुआत की जाएगी।
दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस वादे को पूरा करने के लिए अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुकी हैं। योजना की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। महिला दिवस के मौके पर शनिवार सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक में चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी जाएगी।
कार्यक्रम में ये नेता रहेंगे मौजूद
उसके बाद महिला मोर्चा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की जाएगी। कार्यक्रम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा संबोधित करेंगे। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा की सह संयोजक अलका गुर्जर, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन, सांसद कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहेंगे।
इन महिलाओं को मिलेगा लाभ
जानकारी के मुताबिक, महिला दिवस कार्यक्रम में महिला समृद्धि योजना की घोषणा के साथ ही रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल तैयार किया गया है।
दिल्ली की मतदाता, 21 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र की महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन या किसी अन्य सरकारी वित्तीय योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
Holi 2025 Date: होली का त्यौहार पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। होली को देश के दूसरे हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे- फगुआ, होरी, धुलेंडी, दोल, धूलिवंदन आदि। तो आइए अब जानते हैं कि इस साल रंगों वाली होली का त्यौहार कब मनाया जाएगा।
होली 2025 कब मनाई जाएगी?
होली की तिथि को लेकर भी लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। होली की दो तारीख सामने आ रही है 14 और 15 मार्च। ऐसे में लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें होली किस दिन मनाना चाहिए। तो बता दें कि हर साल होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन ही मनाई जाती है।
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर होगा। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि का समापन 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर होगा। ऐसे में होली की सही तिथि 14 मार्च है तो इसी दिन रंग वाली होली मनाई जाएगी। 14 मार्च को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ होली का त्यौहार मनाया जाएगा।
होलिका 2025 दहन कब है?
इस वर्ष होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा। होलिका दहन के लिए शुभ रात 11 बजकर 26 मिनट से मध्यारात्रि 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में होलिका दहन करना उत्तम रहेगा।
यूपी के मुरादाबाद में बर्बरता की हदें पार कर दी गईं। यहां भगतपुर थाना क्षेत्र में दो माह पहले बाजार गई नाबालिग लड़की को कर सवार 4 युवकों ने अगवा कर लिया। आरोपियों ने एक घर में बंधक बनाकर पीड़िता के साथ गैंगरेप किया। उसे खाने में बीफ दिया और हाथ पर बना ॐ का टैटू तेजाब डाल कर मिटा दिया। मामले में पीड़िता की चाची की तहरीर पर पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सलमान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
थाना भगतपुर के एक गांव निवासी महिला के अनुसार, दो जनवरी को उसकी 14 वर्षीय नाबालिग भतीजी कपड़े सिलवाने के लिए बाजार वाले रास्ते से टेलर की दुकान पर जा रही थी। आरोप है कि बाजार के पास उन्हीं के गांव के चार युवक कार लिए रास्ते मे खड़े थे। चारों आरोपी खींच करके उसकी भतीजी को अपनी कार मे डाल कर अगवा कर लिए। आरोप है कि आरोपी उसे एक कमरे पर ले गये व नशीला पदार्थ देकर गैंगरेप किया। आरोपियों ने लड़की को काफी प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं भूख लगने पर उसे जबरन बीफ भी खिलाया।
पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने उसकी भतीजी के हाथ पर बना ॐ का चिन्ह भी तेजाब डाल कर मिटा दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि भतीजी के गायब होने के बाद से ही वे उसकी तलाश कर रहे थे। करीब दो माह बाद 2 मार्च को किशोरी बदहवास हालात में अपने घर पहुंची और परिजनों से आपबीती सुनाई। जिसके बाद परिजनों ने आरोपीयों के विरुद्ध भगतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएचओ भगतपुर संजय कुमार पांचाल ने बताया कि इस मामले में सलमान, जुबैर, राशिद और आरिफ के खिलाफ, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
लंदन। लंदन में खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर पर उस वक्त हमले करने की कोशिश की जब वह एक प्रोग्राम में शिरकत होने के बाद कार से निकल रहे थे। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति दौड़कर उनकी कार के पास पहुंचा और भारतीय झंडे को फाड़ दिया, हालांकि वहां मौजूद सिक्योरिटी कर्मचारी उसको पकड़ लेते हैं। बता दें कि जयशंकर 4 से 9 मार्च तक आधिकारिक दौरे पर ब्रिटेन गए हुए हैं।
Foreign Minister Jaishankar: इस दौरान वो ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है, जिसमें व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा सहयोग तथा आपसी संबंधों पर चर्चा होगी। ब्रिटेन के बाद जयशंकर 6 से 7 मार्च तक आयरलैंड जाएंगे, जहां वो विदेश मंत्री साइमन हैरिस से मिलेंगे और भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे।
चित्रकूट। चित्रकूट जिले में मजदूर सवार पिकअप गाड़ी को डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पिकअप सवार चार महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें छह की हालत गंभीर है। घटना भरतकूप थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे बरुआ गांव के पास हुई है।
सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि पिकअप गाड़ी में 20 से ज्यादा मजदूर सवार थे। सभी मजदूर प्रयागराज महाकुंभ में सफाई का कार्य करने गए थे। प्रयागराज से लौटते वक्त बड़ा हादसा हो गया। सूचना पर डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे हैं।






















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