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Ganga Dussehra 2024: गंगा दशहरा पर्व आज, इस तरह करें पूजा, होगा फायदा जानें विधि

Ganga Dussehra 2024: गंगा दशहरा पर्व आज, इस तरह करें पूजा, होगा फायदा जानें विधि

 Ganga Dussehra 2024: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। अपने पूर्वजों की आत्मा के उद्धार के लिए भागीरथ गंगा को पृथ्वी पर लेकर आए थे। गंगा दशहरा के दिन स्नान-दान करने का विशेष महत्व होता है। गंगा दशहरा पर हर साल गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं। ऐसा कहते हैं कि इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी तरह के पाप मिट जाते हैं। इस बार गंगा दशहरा 16 जून, रविवार को है

गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त
इस बार गंगा दशहरा 16 जून, रविवार को मनाया जाएगा। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 16 जून को रात 02 बजकर 32 मिनट से शुरू होगी और दशमी तिथि का समापन 17 जून को सुबह 04 बजकर 34 मिनट पर होगा। साथ ही इस दिन पूजन का समय सुबह 7 बजकर 08 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

गंगा दशहरा स्नान-दान मुहूर्त
इस साल गंगा दशहरा पर स्नान दान का समय रविवार, 16 जून को सुबह 04 बजकर 03 मिनट से लेकर 04 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
गंगा दशहरा पर शुभ संयोग
ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि गंगा दशहरा पर इस साल तीन शुभ संयोग बन रहे हैं। गंगा दशहरा पर रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इस दिन सूर्योदय के साथ ही रवि योग शुरू हो जाएगा। इस शुभ योग में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों को करना बहुत ही शुभ माना जाता है। गंगा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में धरती पर उतरी थी। इस बार हस्त नक्षत्र 15 जून को सुबह 8 बजकर 14 मिनट से लेकर 16 जून को सुबह 11 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

गंगा दशहरा पूजन विधि
गंगा दशहरा के दिन पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने का विधान है। यदि आप गंगा के तट पर नहीं में असमर्थ हैं तो आस-पास के तालाब या नदी में भी मां गंगा का नाम लेकर डुबकी लगाई जा सकती है। डुबकी लगाते समय ‘ऊँ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नमः’ मंत्र का उच्चारण जरूर करें।

आप चाहें तो घर में नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। गंगा दशहरा के दिन दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन दान-धर्म के कार्य करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन 10 चीजों का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। पूजन सामग्री में भी 10 चीजों का इस्तेमाल करें। 10 प्रकार के ही फल और फूल का इस्तेमाल करें।

 
नए मंत्रियों में हुआ विभागों का बंटवारा, सीएम ने अपने पास रखा गृह विभाग...देखें क‍िसे म‍िला कौन सा महकमा

नए मंत्रियों में हुआ विभागों का बंटवारा, सीएम ने अपने पास रखा गृह विभाग...देखें क‍िसे म‍िला कौन सा महकमा

 ओडिशा :- ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार (12 जून) को नए सीएम के तौर पर शपथ ली. ओडिशा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम मोहन चरण माझी और दो उपमुख्यमंत्री के तौर पर कनक वर्धन सिंह देव और प्रवति परीडा ने भी शपथ ली।

ओडिशा के मनोनीत सीएम मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर के जनता मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद बीजेपी नेता कनक वर्धन सिंह देव ने भुवनेश्वर के जनता मैदान में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसी कड़ी में ओडिशा की मनोनीत उपमुख्यमंत्री प्रवति परीडा ने भुवनेश्वर के जनता मैदान में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके अलावा ओडिशा के सीएम मोहन माझी की कैबिनेट में सुरेश पुजारी, रविनारायण नाइक, नित्यानंद गोंड, कृष्ण चंद्र पात्रा ने मंत्रियों के तौर पर शपथ ली.

सीएम माझी ने लिए ये विभाग

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी – गृह, लोक प्रशासन और लोक शिकायत, सूचना और जनसंपर्क, जल संसाधन, योजना और समन्वय विभाग, (अन्य विभाग आवंटित नहीं)

उपमुख्यमंत्रियों को दिए गए ये विभाग

1) कनक वर्धन सिंह देव – कृषि एवं किसान सशक्तिकरण एवं ऊर्जा

2) प्रभाती परिडा – महिला एवं बाल विकास, मिशन शक्ति एवं पर्यटन

किस कैबिनेट मंत्री को मिला कौन-सा विभाग

1) सुरेश पुजारी – राजस्व एवं आपदा प्रबंधन

2) रवि नारायण नायक – ग्राम विकास,  पंचायतराज एवं पेयजल

3) नित्यानंद गंड- स्कूल सार्वजनिक शिक्षा, अनुसूचित जाति और जनजाति विकास और पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अधिकारिता

4) कृष्णचंद्र पात्र – खाद्य आपूर्ति और शिविर कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी

5) पृथ्वीराज हरिचंदन – कानून, पुत्र और अबकारी

6)डॉ.  मुकेश महालिंग – स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, संसदीय कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी

7) विभु भूषण जेना – व्यापार और परिवहन, इस्पात और खनन

8)डॉ. कृष्णचंद्र महापात्र – आवास और शहरी विकास, सामान्य शिकायत राज्य मंत्री स्वतंत्र

9) गणेश राम सिंह खुंटिया – वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम एवं रोजगार राज्य बीमा

10) सूर्यवंशी सूरज – उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामले, ओरध्य भाषा साहित्य और संस्कृति

11) प्रदीप बलसामंत – सहकारिता, हस्तशिल्प, कपड़ा और हस्तशिल्प

12) गोकुलानंद मल्लिक – मत्स्य पालन और पशुधन विकास, सूक्ष्म और खाद्य और मध्यम उद्यम

13) संपद स्वाईं -उद्योग, कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा

 
ईपीएफओ ने इस सुविधा पर लगाया फुलस्टॉप...अब नहीं निकाल पाएंगे पैसा

ईपीएफओ ने इस सुविधा पर लगाया फुलस्टॉप...अब नहीं निकाल पाएंगे पैसा

 नईदिल्ली। प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी को ईपीएफओ की तरफ से कई सुविधाएं मिलती हैं। एक खास सुविधा को ईपीएफओ ने बंद करने का फैसला किया है। इस सुविधा को कोरोना काल के दौरान शुरू किया गया था। अब ये लाभ ईपीएफ सदस्यों को नहीं मिलेगा। ईपीएफओ ने 12 जून को नोटिफिकेशन जारी किया। जिसमें कहा कि कोविड-19 महामारी अब नहीं है। ऐसे में कोविड एडवांस की सुविधा बंद की जा रही है। इसे कोरोना महामारी के समय आर्थिक मदद देने के लिए शुरू किया गया था। अब इससे बंद करने का फैसला लिया गया है। ईपीएफओ ने इस सुविधा की शुरुआत कोरोना की पहली लहर के दौरान किया था। दूसरी लहर के दौरान 31 मई 2021 को एडवांस रकम निकालने की अनुमति दी थी। तब ईपीएफ खाताधारक एंडवास के तौर पर कोविड-19 के कारण दो बार पैसा निकाल सकते थे।

किन चीजों के लिए पैसा निकाल सकते हैं

कर्मचारी पीएफ खाते से एडवांस के तौर पर होम लोन, बीमारी, नौकरी जाने पर, विवाह, एजुकेशन और प्राकृतिक आपदा पर पैसा निकाल सकते हैं।

संसद का मॉनसून सत्र 22 जुलाई, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी पूर्ण बजट, तैयारी शुरु

संसद का मॉनसून सत्र 22 जुलाई, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी पूर्ण बजट, तैयारी शुरु

 नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद नई सरकार का गठन हो चुका है। संसद का मॉनसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होने वाला है। इस सत्र के 9 अगस्त तक चलने की संभावना है। सरकार मॉनसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए पूर्ण बजट भी पेश कर सकती है। वित्त मंत्रालय में बजट की तैयारी शुरु हो गई है।

 बता दें कि चुनाव से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में एक अंतरिम बजट पेश किया था। अब खबर यह भी आ रही है वित्त मंत्रालय 17 जून तक विभिन्न मंत्रालयों के साथ बजट को लेकर बैठकें शुरू कर देगा। इस सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष का भी चुनाव होगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ इस सत्र की शुरुआत होगी। इसके बाद 22 जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ होगा।

बारूद फैक्ट्री में हुआ विस्फोट, 5 लोगों की मौत...अफरा-तफरी का माहौल…!!

बारूद फैक्ट्री में हुआ विस्फोट, 5 लोगों की मौत...अफरा-तफरी का माहौल…!!

 नागपुर। शहर के हिंगना थाना क्षेत्र के ग्राम धामना के चामुंडी एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में बारूद बनाने का काम किया जाता है। जहां आज दोपहर फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। इस ब्लास्ट में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं। जिसमें से तीन की हालत गंभीर हैं। घटना की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच रही है।

घटनास्थल पर मौजूद एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने बताया कि धामना गांव के पास बारूद बनाने वाली फैक्ट्री में विस्फोट की यह घटना हुई है। फैक्ट्री के मैनेजर और मालिक फरार हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। एक्सप्लोसिव डिपार्टमेंट की एक टीम मौके पर तैनात है और मामले की जांच जारी है।

राशनकार्ड धारकों के ल‍िए सबसे बड़ी खुशखबरी, बेरोकटोक म‍िलता रहेगा फ्री राशन

राशनकार्ड धारकों के ल‍िए सबसे बड़ी खुशखबरी, बेरोकटोक म‍िलता रहेगा फ्री राशन

13 मई 2024 Aadhaar-Ration Card Link:- अगर आपके पास भी राशन कार्ड है और आप सरकार से म‍िलने वाली मुफ्त राशन योजना या सस्‍ती दर वाले राशन का फायदा लेते हैं तो यह खबर आपके ल‍िए है. मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है. सरकार की तरफ से आधार और राशन कार्ड जोड़ने (Aadhaar-Ration Card Link) की आख‍िरी तारीख को एक बार फ‍िर से बढ़ा द‍िया गया है. इस बार सरकार की तरफ से इसमें तीन महीने का एक्‍सटेंशन द‍िया गया है. पहले आधार और राशन कार्ड को ल‍िंक कराने की अंत‍िम तारीख 30 जून थी. ज‍िसे अब बढ़ाकर 30 स‍ितंबर कर द‍िया गया है. खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की तरफ से इसको लेकर नोटीफिकेशन जारी क‍िया गया है.

 आधार और राशनकार्ड को लिंक कराना जरूरी?

आपको बता दें जब से सरकार की तरफ से ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ का ऐलान किया है तब से राशन कार्ड को आधार से ल‍िंक कराना अन‍िवार्य कर द‍िया गया है. सरकार को खबर म‍िली है क‍ि लोग एक से ज्‍यादा राशन कार्ड रखकर अलग-अलग जगह से इस पर मुफ्त राशन का फायदा ले रहे हैं. ऐसे में इस पर रोक लगाने के मकसद से राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने पर जोर द‍िया जा रहा है.

इसके अलावा कई मृत लोगो के राशन कार्ड पर भी राशन का फायदा ल‍िया जा रहा है. सब चीजों पर रोक लगाने के ल‍िए सरकार ने इसे आधार से ल‍िंक कराना जरूरी कर द‍िया गया है. दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से बीपीएल परिवारों को राशन कार्ड के माध्‍यम से सस्ते में अनाज और कैरोसिन ऑयल देती है. ज‍िन लाभार्थ‍ियों के पास एक से ज्‍यादा राशन कार्ड हैं वो ज्‍यादा राशन ले लेते हैं और जरूरतमंद इससे वंच‍ित रह जाते हैं.

पहले भी कई बार बढ़ी है अंत‍िम त‍िथ‍ि

 आधार और राशन कार्ड को ल‍िंक करके सरकार की तरफ से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर लगाम लगाने की कोश‍िश की जा रही है. बता दें कि राशन कार्ड को आधार से लिंक करवाने की तारीख को सरकार की तरफ से इससे पहले भी कई बार आगे बढ़ाया जा चुका है. अब इसे फिर से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है. आधार और राशन कार्ड लिंक होने से सरकार के लिए यह सुन‍िश्‍च‍ित करना आसान हो जाएगा कि सभी जरूरतमंदों को उसके हिस्से का खाद्यान्‍न मिल रहा है या नहीं.

जून के बाद बंद नहीं होगा राशन म‍िलना

सरकार की तरफ से पहले आधार और राशन कार्ड को ल‍िंक करने की अंत‍िम त‍िथ‍ि 30 जून 2024 तय की गई थी. मीड‍िया र‍िपोर्ट में कहा जा रहा था क‍ि तय त‍िथ‍ि त‍क आधार और राशन कार्ड ल‍िंक नहीं कराने पर 1 जुलाई से सस्‍ते राशन और मुफ्त राशन का फायदा लाभार्थ‍ियों को नहीं म‍िलेगा. लेक‍िन अब जब सरकार की तरफ से अंत‍िम त‍िथ‍ि को तीन महीने यानी 30 स‍ितंबर तक बढ़ा द‍िया गया है तो पात्र लाभार्थ‍ियों को राशन का फायदा भी म‍िलता रहेगा.

मुफ्त राशन योजना क्‍या है?

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्‍न योजना (PMGKY) को भारत सरकार की तरफ से कोव‍िड-19 महामारी के दौरान शुरू क‍िया गया था. यह सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना है. इस योजना का मकसद गरीब और कम आय वाले परिवारों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है. इसके तहत पात्र परिवारों को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया जाता है. इस योजना को साल 2023 में 31 द‍िसंबर 2028 तक बढ़ा द‍िया गया है. ऐसे परिवार जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत राशनकार्ड धारक हैं वे योजना के लिए पात्र हैं. विशेष रूप से कमजोर वर्गों, जैसे कि अंत्योदय, विधवा, विकलांग, और वर‍िष्‍ठ नागरिकों को शामिल किया गया है.

क्या दोबारा होंगे एग्जाम? NEET गड़बड़ी मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

क्या दोबारा होंगे एग्जाम? NEET गड़बड़ी मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

NEET 2024 :- के रिजल्ट में धांधली को लेकर छात्र काफी नाराज चल रहे हैं। अब NEET एंट्रेंस एग्जाम में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। नीट एग्जाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है कि नीट यूजी 2024 रिजल्ट को वापस लिया जाए और दोबारा एग्जाम लिया जाए।

रिजल्ट आने के बाद से ही कई दिनों से छात्र देश के कोनों-कोनों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस याचिका में रिजल्ट वापस लेने और दोबारा परीक्षा की मांग की गई है। वहीं, परीक्षा के रिजल्ट में धांधली की जांच की मांग की गई है। आगे कहा गया कि एनटीए ने मनमानी ग्रेस मार्क दिया है और ये सब पूर्वाग्रह से ग्रसित है। साथ ही एजेंसी पर आरोप लगाया कि कुछ स्टूडेंट को बैकडोर एंट्री देने के लिए किया है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताते हुए कहा कि यह तथ्य सामने आया है कि एक सेंटर विशेष पर एग्जाम दे रहे 67 स्टूडेंट्स को फुल मार्क्स 720 तक दिए गए हैं।

नीट काउंसलिंग पर रोक की भी मांग

ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के रहने वाले अब्दुल्लाह मोहम्मद फैज और शैंक रोशन मोहिद्दीन ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि छात्रों के हितों की खातिर यह याचिका दायर की गई है और सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि इस मामले में जब तक जांच होती है तब तक नीट यूजी 2024 की काउंसलिंग पर रोक लगाई जाए। जानकारी दे दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही दो याचिका पेंडिंग है और पेपर लीक के ग्राउंड पर एग्जाम कैंसिल कराने की गुहार लगाई जा चुकी है। गौरतलब है कि कोर्ट ने पहली याचिका पर सुनवाई करते हुए एनटीए को नोटिस भी जारी किया था

नई सरकार बनने के बाद संसद सत्र की शुरुआत 24 जून से, इस दिन होगा स्पीकर का चुनाव

नई सरकार बनने के बाद संसद सत्र की शुरुआत 24 जून से, इस दिन होगा स्पीकर का चुनाव

 दिल्ली :- 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से 3 जुलाई तक चलेगा. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होगा, जिसमें नवनिर्वाचित संसद सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी. इस सत्र के पहले तीन दिन में नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे तथा सदन के अध्यक्ष का चुनाव भी किया जाएगा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी और अगले पांच वर्ष के लिए नई सरकार के कामकाज की रूपरेखा पेश करेंगी. रीजीजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून 2024 से तीन जुलाई 2024 तक नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ, अध्यक्ष के चुनाव, राष्ट्रपति के अभिभाषण और उस पर चर्चा के लिए बुलाया जा रहा है.”

राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून से होगा शुरू

उन्होंने कहा कि राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून को शुरू होगा और तीन जुलाई को संपन्न होगा. समझा जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी 27 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में अपनी मंत्रिपरिषद के सदस्यों का परिचय देंगे. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आक्रामक विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश की जा सकती है.

ओडिशा और आंध्र के नए CM का शपथ ग्रहण आज, PM नरेंद्र मोदी समेत दिग्गज नेता होंगे शामिल

ओडिशा और आंध्र के नए CM का शपथ ग्रहण आज, PM नरेंद्र मोदी समेत दिग्गज नेता होंगे शामिल

 ओडिशा:- तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू आज आंध्र प्रदेश के सीएम पद की शपथ लेंगे. नायडू का विजयवाड़ा के केसरपल्ली आईटी पार्क में 11 बजकर 27 मिनट पर शपथ लेने का कार्यक्रम है. चंद्रबाबू नायडू चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे

शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा विजयवाड़ा पहुंच चुके हैं.नायडू के अलावा पवन कल्याण समेत 25 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. आंध्र प्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या (175) के अनुसार, मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 26 मंत्री हो सकते हैं. पवन कल्याण को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. इसमें चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकश भी शामिल हैं. आंध्र प्रदेश में टीडीपी-पवन कल्याण की जनसेना और बीजेपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था. NDA को 164 विधानसभा सीट मिली हैं. इनमें से टीडीपी को 135, जनसेना पार्टी को 21 और बीजेपी को 8 सीट मिली हैं

शपथ से पहले क्या बोले नायडू?

चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को NDA विधायकों को संबोधित किया. नायडू ने कहा कि उन्होंने दक्षिणी राज्य के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा है और इसके लिए ‘आश्वासन’ दिया गया है. उन्होंने संकल्प जताया कि अमरावती आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी होगी और पोलावरम परियोजना को पूरा किया जाएगा.इसके अलावा उन्होंने कहा कि बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम को आर्थिक राजधानी और एक उन्नत विशेष शहर के रूप में विकसित किया जाएगा. टीडीपी प्रमुख ने हाल के चुनावों के बारे में एनडीए की भारी जीत को अभूतपूर्व बताया. नायडू के अनुसार, उन्होंने पहले भी कई चुनावों की समीक्षा की है, लेकिन 2024 के चुनावों ने उन्हें सबसे अधिक संतुष्टि दी है.

शपथग्रहण में कौन-कौन होगा शामिल

  • पीएम मोदी
  • अमित शाह
  • जेपी नड्डा
  • नितिन गडकरी
  • राजमोहन नायडू
  • जीतन राम मांझी
  • जी किशन रेड्डी
  • चिराग पासवान
  • जयंत चौधरी
  • एकनाथ शिंदे
  • मोहन यादव
अब साल में दो बार दाखिला लेने का मिलेगा मौका, UGC ने दी मंजूरी..

अब साल में दो बार दाखिला लेने का मिलेगा मौका, UGC ने दी मंजूरी..

 नई दिल्ली। विदेशी विश्वविद्यालयों की तर्ज पर भारतीय विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थान भी अब साल में दो बार दाखिला ले सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसी साल से विश्वविद्यालयों को इस पर अमल की मंजूरी दी है।

मौजूदा समय में विश्वविद्यालयों सहित दूसरे सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के नियमित पाठ्यक्रमों में साल में एक बार यानी जुलाई-अगस्त के बीच ही दाखिला मिलता है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में साल में दो बार दाखिले को लेकर यह मंजूरी ऐसे समय दी है, जब इन उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।

यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार के मुताबिक विश्वविद्यालयों सहित दूसरे किसी भी उच्च शिक्षण संस्थानों में यह व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से यानी 2024-25 से ही शुरू हो जाएगी। लेकिन यह किसी के लिए अनिवार्य नहीं होगा। संस्थान छात्रों की मांग के आधार पर इसकी शुरुआत कर सकेंगे। इस दौरान दोनों सत्र में छात्रों को नियमित कोर्स में दाखिला दिया जाएगा। खत्म होगी ये दिक्कतें

इससे पूर्व भी यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को साल में दो बार दाखिला देने की अनुमति दी थी, लेकिन यह सिर्फ आनलाइन या फिर दूरस्थ शिक्षा के लिए था। यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर कुमार के मुताबिक इससे उच्च शिक्षण संस्थानों को छात्रों के दाखिले की दिक्कत खत्म हो जाएगी।

मौजूदा व्यवस्था के तहत यदि कोई छात्र जुलाई-अगस्त में दाखिला लेने से चूक जाता था, जो उसे पूरे साल भर तक का इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने इसे लेकर एक आकंड़ा भी जारी किया और बताया कि 2022 में आनलाइन कोर्स में साल में दो बार दाखिला देने की अनुमति के बाद जुलाई सत्र में जहां 19.73 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था, वहीं जनवरी सत्र में भी 4.28 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में छात्र बीमारी, रिजल्ट देरी से आने आदि कारणों से दाखिला लेने से वंचित रह जाते है। रैंकिंग, फीस सहित छात्रों से जुड़ी जानकारी करें प्रदर्शित

यूजीसी ने इस बीच विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वह रैंकिंग, फीस सहित छात्रों से जुड़ी जानकारी अनिवार्य रूप से अपने पोर्टल पर प्रदर्शित करें। यूजीसी का कहना है कि इससे छात्रों को संस्थान से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी और वह किसी धोखे में नहीं आएंगे। यूजीसी ने संस्थानों को यह निर्देश ऐसे समय दिया है, जब उनमें दाखिले का प्रक्रिया चल रही है।

बड़ा हादसा, घर के बाहर सो रहे परिवार पर पलटा बालू से भरा ट्रक, 8 की मौत..

बड़ा हादसा, घर के बाहर सो रहे परिवार पर पलटा बालू से भरा ट्रक, 8 की मौत..

 उत्तर प्रदेश :- के हरदोई जिले में बुधवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया. मल्लावां थाना क्षेत्र इलाके में घर के बाहर सो रहे परिवार पर बालू से भरा ट्रक पलट गया. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची घायल हुई है. इस हादसे के बाद आसपास के इलाके में कोहराम मच गया.

सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. पुलिस ने शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने JCB और हाइड्रा की मदद से ट्रक के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला.

मल्लावां थाना क्षेत्र के कटरा विल्हौर मार्ग पर चुंगी नंबर दो के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे उस परिवार को क्या पता था कि यह रात उनकी आखिरी रात होगी. वह खुशी-खुशी एक साथ खाना खाए और फिर घर के बाहर सो गए. तभी अचानक देर रात ओवरलोड बालू से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे घर के बाहर सो रहे परिवार के ऊपर पलट गया.

जिससे एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई. घटना से इलाके में कोहराम मच गया. घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी का रेस्क्यू शुरू किया.

वहीं जेसीबी और हाइड्रा की मदद से ट्रक के नीचे दबे सभी शवों को बाहर निकाला गया. घटना में सिर्फ एक मासूम बच्ची बच पाई, जो घायल हो गई थी जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया.

घटना की सूचना जिसने भी सुनी वह घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। पुलिस ने ट्रक के नीचे दबे सभी शवों को निकलवा कर पंचायतनामा की कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं मरने वालों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं

 
क्या आप भी उठा रहे है सरकार की फ्री राशन सुविधा का लाभ ! तो जल्द करें यह काम, वरना नहीं मिलेगा फायदा

क्या आप भी उठा रहे है सरकार की फ्री राशन सुविधा का लाभ ! तो जल्द करें यह काम, वरना नहीं मिलेगा फायदा

  Ration Card : क्या आप भी सरकार की फ्री राशन की सुविधा का फायदा उठा रहे हैं? अगर हां, तो आपको पता होगा कि इसके लिए राशन कार्ड का होना जरूरी है। बिना राशन कार्ड कोई भी राशन डीलर आपको मुफ्त में अनाज, चीनी या अन्य तरह का सामान नहीं देगा। ये ही नहीं राशन कार्ड धारकों के लिए कार्ड के साथ उसकी ई केवाईसी करवाना भी जरूरी है। इसके बिना क्या आपको मुफ्त राशन मिलेगा या नहीं? राशन कार्ड की ई-केवाईसी आप कहां से करा सकते हैं? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ई-केवाईसी के बिना राशन मिल सकता है या नहीं?

राशन कार्ड के जरिए अगर आप भी मुफ्त राशन लेने की सुविधा उठाते हैं लेकिन आपने अभी तक राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी प्रोसेस पूरी नहीं की है तो जल्दी ये काम करा लें। नियम के अनुसार परिवार के सभी सदस्यों के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी है। इसके लिए सभी सदस्यों का फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन जरूरी है। राशन कार्ड पर जिस-जिस सदस्य का नाम है उसकी ई-केवाईसी होना जरूरी है। अगर किसी सदस्य की ई-केवाईसी नहीं हुआ है तो उसका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा।

कैसे कराएं राशन कार्ड की ई-केवाईसी?

राशन कार्ड की ई-केवाईसी की सुविधा बिल्कुल मुफ्त है। इसके लिए आपको कहीं भाग दौड़ करने की जरूरत नहीं है और ना ही कहीं किसी को भुगतान करने की जरूरत है। आप बिल्कुल फ्री में ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए आपको उस राशन की दुकान जाना होगा जहां से आप राशन लेते हैं। यहां से आप ई-केवाईसी करा सकेंगे। POS मशीन से फिंगरप्रिंट लेकर दुकानदार ई-केवाईसी अपडेट कर देगा।

राशन कार्ड की ई-केवाईसी के लिए लास्ट डेट

अगर आप राशन कार्ड धारक हैं तो आपको 30 जून 2024 से पहले ई-केवाईसी करा लेनी चाहिए। दरअसल, विभाग की ओर से सभी राशन डीलरों के लिए 30 जून ई-केवाईसी के लिए लास्ट डेट तय की गई है। ऐसे में डील्स के पास राशन वितरण करते समय सिर्फ 30 जून तक का समय है जब वो ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप 30 तारीख से पहले अपने राशन कार्ड के जरिए मिलने वाले फायदे को उठाने के लिए ई-केवाईसी करा लें।

मोहन चरण माझी होंगे ओडिशा के नए CM , BJP विधायक दल ने 2 डिप्टी सीएम के नाम पर भी लगाई मुहर

मोहन चरण माझी होंगे ओडिशा के नए CM , BJP विधायक दल ने 2 डिप्टी सीएम के नाम पर भी लगाई मुहर

 ओडिशा :- ओडिशा में आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। मोहन चरण माझी को ओडिशा को ओडिशा के नए सीएम के रूप में चुना गया है। भाजपा आलाकमान की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और और भूपेंद्र यादव को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। मंगलवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद मोहन चरण माझी के नाम को मंजूरी दी गई है।

दो डिप्टी सीएम का भी ऐलान
भारतीय जनता पार्टी की ओर से ओडिशा के लिए मुख्यमंत्री के साथ ही एक उपमुख्यमंत्री यानी की डिप्टी सीएम का भी ऐलान किया गया है। पार्टी ने कणकवर्धन सिंह देव को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया है। इसके साथ ही प्रवती पारीदा के रूप में राज्य को एक महिला मुख्यमंत्री भी नमिली है।

क्या रहा था विधानसभा चुनाव का परिणाम?
हाल ही में हुए ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार बहुमत के साथ जीत हासिल की है। ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। 4 जून को आए परिणाम में भाजपा ने 147 में 78 सीटों को जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। नवीन पटनायक की बीजेडी को 51, कांग्रेस को 14, सीपीआईएम को 1 और अन्य को 3 सीटों पर जीत मिली है।

लड़की के इनरवियर उतारना या निर्वस्त्र होना, रेप की कोशिश नहीं है : हाईकोर्ट

लड़की के इनरवियर उतारना या निर्वस्त्र होना, रेप की कोशिश नहीं है : हाईकोर्ट

 राजस्थान : राजस्थान हाईकोर्ट ने 33 साल पुराने एक केस में बड़ा फैसला सुनाया है, हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की के सभी कपड़े उतार देना, उसे पूरी तरह निर्वस्त्र कर देना। खुद को भी पूरी तरह निर्वस्त्र कर देना, दुष्कर्म करने का प्रयास नहीं है। इसलिए आरोपी को राहत दी जाती है। हाईकोर्ट ने 1991 में दर्ज किए गए यौन शोषण के केस का निपटारा किया।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि लड़की के इनरवियर उतारना और खुद के भी कपड़े उतारकर बिल्कुल नंगा हो जाना दुष्कर्म करने का प्रयास करना नहीं माना जाएगा। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 और धारा 511 के तहत कोई अपराध भी नहीं है, बल्कि इसे धारा 354 के तहत महिला का शील भंग करने के लिए उस पर हमला करने का अपराध होगा।

जस्टिस अनूप कुमार ढांड की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाते हुए सिट्टू बनाम राजस्थान स्टेट केस का हवाला दिया। उस केस में जबरन कपड़े उतारकर लड़की को निर्वस्त्र किया गया। विरोध करने के बावजूद आरोपी ने लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। इस कृत्य को दुष्कर्म करने का प्रयास करने का अपराध माना गया।

इस केस में आरोपी ने महिला की साड़ी उतार दी थी, लेकिन वह शोर मचाने पर जुटी भीड़ को देखकर भागा गया था। इस मामले को दुष्कर्म करने का प्रयास करने का मामला नहीं माना गया। बल्कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत शील भंग करने को हमला करने का प्रयास माना गया। राजस्थान वाले केस में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने का प्रयास करने के आरोप लगे हैं।

पूरी हो चुकी साढ़े 3 साल की सजा
यह मामला साल 9 मार्च 1991 का है। आरोपी सुवालाल ने 25 साल की उम्र में 6 साल की बच्ची के सारे कपड़े उतार दिए थे। अपने भी सारे कपड़े उतार दिए थे। बच्ची ने शोर मचाया तो आरोपी फरार हो गया। टोंक की अदालत ने सुवालाल को दुष्कर्म का प्रयास करने का दोषी ठहराया। जिसके बाद वह ढाई महीने जेल में रहा।

निचली अदालत ने सुवालाल को 3 साल 6 महीने की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन अब 33 साल कानूनी लड़ाई के बाद सुवालाल को दोष मुक्ति मिली है।

परीक्षा की पवित्रता प्रभावित… नीट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें काउंसिलिंग पर क्‍या कहा?

परीक्षा की पवित्रता प्रभावित… नीट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें काउंसिलिंग पर क्‍या कहा?

 दिल्ली :- नीट यूजी 2024 को लेकर बड़ी खबर है. सुप्रीम कोर्ट ने नीट काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. हालांकि अदालत ने माना कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है. इस मामले में शीर्ष अदालत ने नेशनल टेस्टिंग को नोटिस जारी किया है. अदालत ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, हमें इस पर एनटीए से जवाब चाहिए.

कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस याचिका को दूसरी याचिकाओं के साथ जोड़ दिया. मामले पर अगली सुनवाई अब आठ जुलाई को होगी। बता दे नीट परीक्षा (NEET 2024) परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई थी।  याचिका में 1 हजार 563 उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देने के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है. नीट परीक्षा में एक साथ 67 स्टूडेंट्स ने टॉप किया है. इस परीक्षा में हुई धांधली को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया।

कोई पेपर नहीं हुआ लीक: एनटीए

इससे पहले एनटीए के डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह ने परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था,”हमारी समिति की बैठक हुई और उन्होंने केंद्रों और सीसीटीवी के सभी विवरणों का अध्ययन किया।उन्होंने आगे कहा कि एनटीए को पता चला कि कुछ केंद्रों पर समय बर्बाद हुआ और छात्रों को इसके लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। छात्रों की शिकायतों पर समिति विचार करेगी। वहीं, गड़बड़ियों का समाधान निकाला जाएगा।”

याचिकाकर्ता ने क्या दी दलील?

छात्रों की सहायता और फायदे के लिए काम करने वाले एक संगठन के दो सदस्यों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नीट के पेपर लीक की खबर ने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया है क्योंकि कई मेधावी छात्रों ने भविष्य में डॉक्टर बनने का अवसर खो दिया है।याचिका में आगे कहा गया है,”याचिकाकर्ता केवल पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से वर्तमान याचिका दायर कर रहे हैं, जिन्होंने अपने-अपने परिवार के सदस्यों की सहायता से अपना पूरा समय, गाढ़ी कमाई और ऊर्जा नीट, 2024 की तैयारी में लगाई थी, लेकिन उन्हें समान अवसर नहीं दिया गया।”याचिका के मुताबिक, कुछ छात्रों ने 718 और 719 अंक हासिल किए हैं, जो सांख्यिकीय रूप से संभव नहीं है। परीक्षा का पूरा संचालन विवेकहीन एवं मनमाने तरीके और छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश देने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया।

 
18 जून से शुरू हो सकता है लोकसभा का सत्र, 20 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव

18 जून से शुरू हो सकता है लोकसभा का सत्र, 20 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव

 नई दिल्ली: 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए 543 नवनिर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के लिए 18 जून से लोकसभा का सत्र शुरू हो सकता है। बताया जा रहा है कि सत्र के पहले दो दिनों के दौरान यानी 18 और 19 जून को नवनिर्वाचित सांसदों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई जा सकती है।

सांसदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद सदन को नए अध्यक्ष का भी चयन करना पड़ेगा। स्थापित राजनीतिक परंपरा के अनुसार, सरकार की तरफ से लोकसभा के अध्यक्ष के पद के लिए सांसदों में से ही एक सांसद का नाम प्रस्तावित किया जाएगा।

ऐसे में अगर विपक्ष, सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष के चयन के सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो फिर चुनाव की नौबत नहीं आएगी। अगर विपक्ष अपनी तरफ से भी उम्मीदवार खड़ा करता है तो फिर 20 जून को लोकसभा के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सदन में वोटिंग हो सकती है।

21 जून को हो सकता है राष्ट्रपति का संबोधन

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा, के संयुक्त सत्र को संबोधित कर सकती हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण के जरिए केंद्र की मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के एजेंडे को सदन और सांसदों के सामने पेश करेगी। सत्र की तारीखों को लेकर अभी औपचारिक घोषणा होनी है।

बता दें कि रविवार 9 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोमवार को सुबह कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया। उनके साथ ही 71 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित 30 नेताओं ने कैबिनेट मंत्री, 5 ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली।

Donald Trump फिर से जीते तो भारत पर होगा क्या असर? जान लीजिए सबकुछ

Donald Trump फिर से जीते तो भारत पर होगा क्या असर? जान लीजिए सबकुछ

 The Impact of Trump Win on India: करीब आठ महीने बाद अमेरिका को नया राष्ट्रपति मिल जाएगा. आज दुनिया में सबकुछ बाजार तय करता है. जिसका अधिकांश कारोबार डॉलर में होता है. यूएस (US) तो वैसे ही सुपररिच और सुपरपावर है. लिहाजा अमेरिकी संसद में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखना लाजिमी होता है. ग्लोबल इकोनॉमी के चार्ट में भारत टॉप 5 पर है. पीएम मोदी (PM Modi) अगले कार्यकाल में यानी (Modi 3.0)  में भारत को तीसरे पायदान पर लाने की बात कर चुके है. ऐसे में अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald  Trump) बनें या फिर जो बाइडेन (Joe Biden ) ही बने रहें, भारत - 'होए कोउ नृप हमें का हानि' की तर्ज पर चुप नहीं बैठ सकता है.

रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में बेसिक अंतर

ट्रंप जीते तो भारत पर क्या असर होगा? इस विश्लेषण से पहले हमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में बेसिक अंतर समझने की जरूरत पड़ेगी. यूं तो दोनों में बहुत अंतर है. गहराई से जाने के बजाए बेसिक अंतर की बात करें तो वो यह है कि 'डेमोक्रेट्स पार्टी' अपने नाम की तरह है. जो नीतियों में भी उदार मानी जाती है. इसके अधिकांश नेता दूसरे देश के निवासियों को वीजा देने का मामला हो या प्रवासियों/शर्णार्थियों की मदद ऐसे कामों के लिए उदारवादी रवैया रखते हैं. वहीं रिपब्लिकिन पार्टी दक्षिणपंथी पार्टी है, इसके नेता राष्ट्रवाद की बातें करते हैं और बाकी दुनिया के लिए उदार रवैया नहीं रखते हैं.

2016-2020 ट्रंप का पहला कार्यकाल 

8 नवंबर, 2016 को हुए 58वें चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कैंडिडेट ट्रंप ने डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हराया था जबकि तमाम सर्वे हिलेरी क्लिंटन को भावी विजेता बता रहे थे. 9 नवंबर को पीएम मोदी ने ट्वीट करके ट्रंप को बधाई दी थी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा- 'हमें आपके साथ काम करने का इंतजार है. हम मिलकर भारत-अमेरिका द्विपक्षीय मुद्दों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे'. ये जनरल कर्टसी थी. जिसे भारत ने निभाया. लेकिन उधर से ट्रंप ने क्या किया आइए बताते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान, भारत को एक ऐसा राष्ट्र माना था जो 'टैरिफ किंग' है. यानी ट्रंप ने भारत को टैरिफ किंग कहा था. साल 2019 में उन्होंने अमेरिकी बाजारों में भारत की जमीनी पहुंच खत्म कर दी. तब ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत ने अमेरिकी कंपनियों को अपने विशाल बाजार में न्यायसंगत और उचित पहुंच नहीं दी. 

ट्रंप जीते तो भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो दोबारा राष्ट्रपति बनने की रेस में हैं, उन्होंने प्राइमरी शुरू होने के पहले ही एक बार फिर से 'अमेरिका फर्स्ट' की पॉलिसी पर जोर दिया है. उन्होंने नवंबर, 2023 में कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर भारत द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ यानी उच्च करों का मामला जोर शोर से उठाया था. हार्ले-डेविडसन बाइक ऐसा ही एक प्रोडक्ट है. ट्रंप ने कहा है कि अगर वो दोबारा चुने गए तब वो भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक कर लगाएंगे. यानी टिट फॉर टैट (जैसे को तैसा) की नीति अपनाएंगे। 

दिग्गजों को छोड़कर आखिर तोखन साहू को ही मोदी कैबिनेट में क्यों मिली जगह ? समझिये पूरा समीकरण

दिग्गजों को छोड़कर आखिर तोखन साहू को ही मोदी कैबिनेट में क्यों मिली जगह ? समझिये पूरा समीकरण

 छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लोकसभा चुनाव में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। नतीजतन, इस राज्य में बीजेपी ने केवल कोरबा लोकसभा सीट को छोड़कर 11 में से 10 सीटों पर कब्जा किया है।

इस चमकती हुई जीत के बाद, बीजेपी ने अपनी शक्ति को निरंतर बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ को नए नेतृत्व के साथ विकसित करने का वादा किया है। इसके साथ ही, राज्य के प्रमुख मंत्री तोखन साहू भी केंद्रीय मंत्री मंडल में शामिल हो गए हैं।

तोखन साहू ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों से ही जनता के बीच अपनी जगह बनाई है, और उनके संवेदनशील नेतृत्व ने उन्हें पार्टी के अध्यक्षता में उच्च स्थान दिलाया है। अब उन्हें केंद्रीय मंत्री के रूप में नेतृत्व करने का मौका मिला है, जिससे राज्य के विकास में और भी गति आ सकती है।

बिलासपुर से सांसद तोखन साहू मंत्री बन गए, शपथ भी हो गई। लेकिन हर किसी के जहन में यह सवाल जरूर है कि तोखन साहू को मंत्री क्यों बनाया गया? जबकि प्रदेश से सीनियर नेता भी सांसद बने हैं। इसके जवाब के लिए समीकरण समझना होगा। खबरों के अनुसार छत्तीसगढ़ की लगभग 1 करोड़ 35 लाख ओबीसी आबादी में साहू समाज का दबदबा सबसे ज्यादा माना जाता है। इसके बाद यादव समाज जो कि करीब 18 प्रतिशत होने का दावा करते हैं। वहीं, कुर्मी समाज की आबादी 6-7 फीसदी है। विधानसभा और लोकसभा को लेकर यह माना जाता है कि साहू समाज ने पिछले 2 दशकों में बीजेपी को ज्यादा समर्थन दिया है। साथ ही परंपरागत रूप से भाजपा को वोट दिया है। इसके पीछे की वजह यही मानी गई है कि भाजपा ने कांग्रेस की तुलना में समाज से अधिक उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, ज्यादा से ज्यादा मौका देने की कोशिश की।

सियासी गलियारों में चर्चा यही है कि साहू समाज को साधने के लिए ही तोखन साहू को मंत्री बनाया गया है। बात 2014 की हो तो साहू समाज से कुल 3 सांसद रहे हैं। जिसमें से बीजेपी से 2 और कांग्रेस से एक सांसद थे। 2019 में यह संख्या घटकर 2 रह गई। भाजपा से जुड़े दोनों सांसद बिलासपुर और महासमुंद लोकसभा सीटों से जीतकर आए थे। अगर बात 2018 के विधानसभा चुनाव की करें तो दोनों पार्टियों ने 22 साहू कैंडिडेट्स को टिकट दिया था। हालांकि बताया जा रहा है कि इस बार साहू समाज ने भाजपा से 2 उम्मीदवारों को मैदान में उतारना की मांग की, लेकिन पार्टी ने इनकार कर दिया। राजनीतिक विशेषज्ञ ने बताया कि बिलासपुर से केवल एक तोखन साहू को मैदान में उतारने से भाजपा के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया, यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समाज तक पहुंचे और धमतरी में अपने एक भाषण में उन्होंने दावा किया कि वह भी साहू समाज से हैं।

सरकार बनने के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग...जानिए कितनी बढ़ सकती है सैलरी

सरकार बनने के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग...जानिए कितनी बढ़ सकती है सैलरी

 नई दिल्ली : रविवार को राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। पीएम मोदी के साथ ही सारे मंत्रियों ने भी कैबिनेट पद की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह के बाद देश में अहम मुद्दों पर चर्चा होनी शुरू हो गई है। सूचना मिली है कि केंद्र सरकार जनवरी 2026 में 8वां वेतन आयोग लागू कर सकता है। हर 10 साल में केंद्र सरकार नया वेतन आयोग लागू करती है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनवरी, 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू किया था। ऐसे में नई सरकार जल्द ही नया वेतन आयोग लागू करने की योजना बना सकती है।

केंद्र सरकार में करीब एक करोड़ से भी ज्यादा सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारी है। इन कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के गठन होने का सबसे ज्यादा इंतजार है। 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के संबंध में सरकार को सिफारिश सौंपता है। जनवरी 2026 से कर्मचारियों की सिफारिशें 8वें वेतन आयोग को सौंपी जा सकती है। बता दें कि जनवरी, 1946 में पहले वेतन आयोग की स्थापना की गई थी।

सैलरी बढ़ने की उम्मीद

8वें वेतन आयोग का गठन होने के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को लाभ होगा। 8वें वेतन आयोग के गठन से कुल 49 लाख सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों की सैलरी में इजाफा हो सकता है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 3.68 गुना पर फिटमेंट फैक्टर सेट किया जा सकता है। जिन सरकारी कर्मचारियों का वेतन 18,000 है, उनकी सैलरी में फिटमेंट फैक्टर लगाने के बाद उनकी सैलरी 8,000 हजार रुपये से बढ़ सकती है और उनका कुल वेतन 26,000 रुपये हो सकता है।

जल्द होगा फैसला

नई सरकार आने के बाद से ही सरकार से नीतियों में बदलाव की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि अभी तक ऐसी कोई भी सूचना नहीं मिली है जिससे पता चले कि सरकार 8वां वेतन आयोग लागू करेगी। केंद्र सरकार ने पिछले दिसंबर को ही 8वें वेतन आयोग को लेकर अपने रुख को साफ कर दिया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नई सरकार काम संभालने के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर जल्द ही कोई फैसला ले सकती है।

7वें वेतन आयोग सैलरी में इजाफा

7वें वेतन आयोग के गठन से फिटमेंट फैक्टर 2.57 फीसदी बढ़ा था, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में 14.29 फीसदी की बढ़त हुई थी। कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी भी 18,000 रुपये कर दी गई थी। 8वें वेतन आयोग के गठन से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने वाले लाभ बढ़ जाएंगे।

BREAKING : केंद्रीय मंत्रियों के विभागों में बटवारा...जानिए किस सांसद को मिला कौन सा विभाग

BREAKING : केंद्रीय मंत्रियों के विभागों में बटवारा...जानिए किस सांसद को मिला कौन सा विभाग

 दिल्ली :- नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 की पहली कैबिनेट बैठक देश की राजधानी नई दिल्ली में शुरू हो गई है। नरेंद्र मोदी की सरकार में 30 कैबिनेट मंत्री, पांच राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्रियों को जगह दी गई है। नई सरकार में 32 नए चेहरे हैं। बात अगर महिला मंत्रियों की करें तो इस बार मोदी सरकार में सात महिलाओं को मंत्री बनाया गया है जबकि उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 11 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। वहीं बैठक में आज मंत्रियों को उनके विभाग का बटवारा किया गया है।

मोदी 3.0 में अमित शाह को फिर से गृह मंत्रालय दिया गया है,

वहीं नितिन गडकरी को सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया है। उनके साथ इस मंत्रालय के लिए दो राज्य मंत्री बनाए गए हैं. इनमें एक अजय टमटा और एक हर्ष मल्होत्रा शामिल होंगे।

रक्षा मंत्रालय राजनाथ सिंह के पास बना रहेगा।

मनोहर लाल खट्टर को ऊर्जा और शहरी विकास मंत्रालय,

शिवराज सिंह चौहान को कृषि और ग्रामीण विकास विभाग मिला है।

निर्मला वित्त बनी रहेगी – सूत्र

जतीन मांझी को

मोदी कैबिनेट मीटिंग लिया गया ये पहला फैसला

मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में जो फैसला सामने आया है, उसके अनुसार पीएम आवास योजना को और एक्सटेंड किया गया है. सामने आया है कि पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ नए घर बनवाए जाएंगे. इसके पहले 4.21 करोड़ घर बन चुके हैं. सोमवार को पीएम मोदी की कैबिनेट की पहली मीटिंग हुई, जिसके तहत ये फैसला लिया गया है.

कैबिनेट की पहली बैठक में योग्य परिवारों की संख्या में वृद्धि के कारण पैदा होने वाली आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को घर बनाने के लिए सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. इन घरों में टॉयलेट, बिजली और एलपीजी कनेक्शन भी मुहैया कराई जाएगी।

मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्री: राष्ट्रपति ने रविवार शाम राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, मनोहर लाल खट्टर, खट्टर कुमारस्वामी, जीतनराम मांझी, राजीव रंजन सिंह, सर्वानंद सोनोवाल, वीरेंद्र कुमार, प्रल्हाद जोशी, राम मोहन नायडु, गिरिराज सिंह, जुएल ओरांव, ज्योदिरादित्य सिंधिया, भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, अन्नपूर्णा देवी, हरदीप सिंह पुरी, किरण रिजीजू, चिराग पासवान, किशन रेड्डी, सीआर पाटिल को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

केंद्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार: राष्ट्रपति ने जिन सासंदों को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर शपथ दिलाई गई, उनमें अर्जुनराम मेघवाल, प्रतावराव जाधव, राव इंद्रजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, जयंत चौधरी शामिल हैं।

ये बनाए गए राज्यमंत्री – जितिन प्रसाद, श्रीपद नाईक, पंकज चौधरी, कृष्णपाल गुर्जर, रामदास अठावले, रामनाथ ठाकुर, नित्यानंद राय, अनुप्रिया पटेल, वी सोमन्ना, पी चंद्रशेखर, एसपी सिंह बघेल, शोभा करंदलाजे, बीएल वर्मा, कीर्ति वर्धन सिंह, शांतनु ठाकुर, सुरेश गोपी, एल मुरुगन, अजय टम्टा, बंदी संजय कुमार, कमलेश पासवान, भागीरथ चौधरी, सतीश चंद्र दुबे, संजय सेठ, रवनीत सिंह बिट्टू, दुर्गादास उड़के, रक्षा खडसे, सुकांत मजूमदार, सावित्री ठाकुर, टोकन साहू, राजभूषण चौधरी, श्रीनिवास वर्मा, नीमूबेन बामणिया, मुरलीधर मोहोल, जॉर्ज कुरियन, पबित्रा मार्गेरिटा।