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राहुल गाँधी ढोल ले कर थिरके आदिवासी थाप पे, जाने पूरी खबर

राहुल गाँधी ढोल ले कर थिरके आदिवासी थाप पे, जाने पूरी खबर

रायपुर | छत्तीसगढ़ में तीन दिनों तक होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आज भव्य आगाज हुआ। इस कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्री भी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान सबसे हसीन पल वो रहा जब मंच पर आसीन राहुल गांधी डांस के मैदान में उतर आए और उन्होंने आदिवासी थाप पर कलाकारों के साथ नाचने लगे। इस दौरान राहुल गांधी ने बस्तर के आदिवासियों की पहचान मुकुट को अपने सिर पर लगा रखा था। वे ढोल लेकर आदिवासी थाप पर डांस कर रहे थे।

रायपुर के साइंस कॉलेज में राहुल गाँधी ने भरी हुंकार, कहा हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी के बारे में, जाने पूरी खबर

रायपुर के साइंस कॉलेज में राहुल गाँधी ने भरी हुंकार, कहा हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी के बारे में, जाने पूरी खबर

दंतेवाड़ा में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों का प्रतिशत चार वर्षों में राष्ट्रीय औसत से कम लाकर रहेंगे-भूपेश बघेल

रायपुर । जब तक देश के हर धर्म, हर जाति की आवाज विधानसभा और लोकसभा में सुनाई नहीं देगी। जब तक सबको लेकर नहीं चलेंगे तब तक हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी को सुधारा नहीं जा सकता है। उक्त बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के शुभारंभ समारोह में कहीं।
राहुल गांधी आज मुख्य अतिथि के रूप में इस महोत्सव में शामिल हुए। महोत्सव का शुभारंभ करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनसे मुलाकात कर आदिवासियों के इस महोत्सव में शामिल होने का न्यौता देते हुए पूछा कि क्या वे महोत्सव में शामिल होने आयेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि जहां आदिवासियों की बात आती है तो उनसे पूछने की जरूरत नहीं है। वे दो मिनट में ही उस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच जाते है। 
राहुल गांधी ने कहा कि आज आदिवासियों के इस महोत्सव में हम अलग-अलग राज्यों व देशों का नाच व गाना देखेंगे और सुनेंगे। इसे देखकर व सुनकर हम आदिवासियों के इतिहास के बारे में थोड़ा समझने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता हूं कि आज सिर्फ हम महोत्सव में आवाज सुने और नाच देखे, बल्कि मैं चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ चलाने में सरकार आपके विचारों को शामिल करें।  उन्होंने कहा कि आज दूर-दूर से हिन्दुस्तान के अलग-अलग प्रदेशों से आदिवासी भाई-बहन यहां आये हुए है। ये पहला और बहुत अच्छा कदम है। इस कदम और और तेजी व मजबूरी से आगे ले जाना चाहिए। 
राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों के सामने बहुत समस्याएं है। उनकी समस्याएं छत्तीसगढ़ सरकार को सुनाई दे रही है। तेंदूपत्ता की बात हो या जमीन वापस देने की बात। प्रदेश सरकार आपके साथ मिलकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुझे जानकारी दी कि यहां पहले जो हिंसा हुआ करती थी उसमें कमी आई है। हिंसा में कमी क्यों आई है, क्योंकि यहां की सरकार लोगों की आवाज सुनती है और विधानसभा में सबकी आवाज सुनाई देती है। 
श्री गांधी ने कहा कि आज देश के हालात किसी से छिपे नहीं है, अन्य प्रदेशों में क्या हो रहा है, किसानों की समस्या, आत्महत्या, बेरोजगारी व अर्थव्यवस्था की हालत दोहराने की जरूरत नहीं है। मगर मैं एक बात जरूर कहना चाहता हूं कि बिना सबको लिए, हर धर्म, हर जाति, पिछड़ा वर्ग अन्य के बिना हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था नहीं चलायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक देश के सब लोगों की आवाज विधानससभा और लोकसभा में सुनाई नहीं देगी तब तक बेरोजगार और अर्थव्यवस्था को सुधारा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को देश के किसान, मजदूर व आदिवासी चलाते है। नोटबंदी करो, गलत जीएसटी लागू करोगेे तो हिन्दुस्तान ना ही चल सकता है और ना ही यहां रोजगार पैदा होगा। 
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री श्री बघेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री बघेल सबको साथ लेकर, मिलकर प्रदेश को आगे ले जा रहे है , जिससे यहां फर्क दिखता है, हिंसा कम हुई, अर्थव्यवस्था को आगे ले जा रहे है। उन्होंने कहा कि भाई को भाई से लड़ाकर देश का फायदा कभी नहीं हो सकता। आज जो महोत्सव यहां हो रहा है अनेकता में एकता की सोच को देखकर किया जा रहा है। इस महोत्सव में अगल-अलग राज्यों व देशों के सभी लोगों को एक मंच पर नाचने व गाने का मौका मिलेगा। अपना-अपना इतिहास व कल्चर को दिखाने का मौका मिलेगा, क्योंकि कल्चर व आवाज सुनकर ही एकता बनती है। उन्होंने कहा कि अनेकता में ही एकता है। 
राहुल गांधी ने इस महोत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ लोककला पर आधारित कैलेण्डर का लोकार्पण भी किया। 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में 40 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है, वहीं देश में 22 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है, जबकि छत्तीसगढ़ के सिर्फ दंतेवाड़ा में इसका प्रतिशत देखे तो यहां 60 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है। 
श्री बघेल ने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में मनरेगा योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना से देश के 14 करोड़ लोगों को रोजगार देकर उन्हें गरीबी रेखा के जीवन से बाहर निकाला गया। श्री बघेल ने कहा कि मैं संकल्प लेता हूं कि अपने कार्यकाल के बाकी चार वर्षों में वे दंतेवाड़ा के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 प्रतिशत को राष्ट्रीय औसत 22 प्रतिशत से भी कम लाकर रहेंगे।
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में आज राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा भारत में यूनाइटेड नेशन मिशन की चीफ यूएन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर रेनाटा लोक डेसालियन, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत, विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया,  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, संस्कृति मंत्री अमरजीत सिंह, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, स्कूल शिक्षा मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम, परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सांसद दीपक बैज सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे।
 
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु के कार्यक्रम में आंशिक परिवर्तन, जाने पूरी खबर

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु के कार्यक्रम में आंशिक परिवर्तन, जाने पूरी खबर

रायपुर | उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु द्वारा आज 27 दिसम्बर, 2019 (शुक्रवार) को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर में भारतीय आर्थिक संघ के 102वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को शाम 4.00 बजे संबोधित किया जाना था । इसमें आंशिक परिवर्तन किया गया है, अब उपराष्ट्रपति महोदय अपराह्न 02.30 बजे उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।

 
तेज रफ्तार अनियंत्रित ऑइल टैंकर पलटा, ग्रामीणों ने टैंकर पर धावा बोला, जाने कहा की है ये घटना

तेज रफ्तार अनियंत्रित ऑइल टैंकर पलटा, ग्रामीणों ने टैंकर पर धावा बोला, जाने कहा की है ये घटना

ग्रामीण हुए इकठ्ठा -तेल ले जाने मची होड़

लौदाबाजार भाठापारा । गिधौरी से बलौदाबाजार जाने वाली मुख्य मार्ग के कुम्हारी गांव के पास आयल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। जिसके कारण घटनास्थल पर ऑयल फैल गया और बहने लगा। लेकिन इसी बीच ग्रामीणों ने आयल टैंकर मे धावा बोल दिया। और लोग दौड़ दौड़कर के टैंकर आयल इकठ्ठा करने लगे। हालांकि लोगों का यह रवैया किसी बड़ी घटना को आमंत्रण देने जैसा लगा। सूचना के बाद मौके पर गिधौरी पुलिस पहुंच चुकी है। हादसे के बाद टैंकर के चालक -परिचालक मौके से फरार हो गए है।
 
शादी का प्रलोभन देकर बनाया शारीरिक संबंध, पुलिस ने किया मामला दर्ज, जाने कहा की है खबर

शादी का प्रलोभन देकर बनाया शारीरिक संबंध, पुलिस ने किया मामला दर्ज, जाने कहा की है खबर

रायपुर | शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाने की रिपोर्ट टिकरापारा थाने में दर्ज की गई है। मिली जानकारी के अनुसार टिकरापारा श्रीराम चौक साहू मोहल्ला निवासी युवती 24 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि 28 अगस्त 2016 से 19 अगस्त 2019 के मध्य पटेल चौक टिकरापारा निवासी अमित यादव पिता स्व. अमर यादव ने प्रार्थियां को शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा। शादी करने की बात करने पर शादी से इंकार कर धमकी दिया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 506 के तहत बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है। 

 
मौसम में हुए बदलाव के चलते ठंड में हुआ इजाफा, जाने क्या है मौसम परिवर्तन का कारण

मौसम में हुए बदलाव के चलते ठंड में हुआ इजाफा, जाने क्या है मौसम परिवर्तन का कारण

रायपुर | गुजरात में आए चक्रवाती तूफान के चलते छत्तीसगढ़ में भी बुधवार गुरुवार को बदली बारिश का मौसम रहा। गुरुवार को दिन भर छाये कोहरे के चलते वाहन चालकों को दिन में भी गाड़ी की लाइट जलाकर आवाजाही करनी पड़ी। रात में जमकर ठंड पडऩे से सुबह की सैर वाले भी आज सिर से पांव तक गर्म कपड़ों में घूमते हुए नजर आए। बादल छंटते ही मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार जमकर ठंड पड़ेगी। वहीं आज उत्तराखंड में जमकर ठंड एवं बर्फबारी पडऩे के कारण स्कूल कॉलेजों में शासन द्वारा छुट्टी दी गई। राष्ट्रीय मौसम विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार ठंड में उत्तरी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी के चलते अगर सिस्टम नहीं बनता है तो आने वाले समय में मध्य भारत के अंतर्गत आने वाले महाराष्ट्र मध्यप्रदेश ओडिशा छत्तीसगढ़ झारखंड बिहार आदि क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। 

 
दलदल में फंसे हाथी का रेस्क्यू, जेसीबी मशीन के जरिए बाहर निकालने की कवायद जारी

दलदल में फंसे हाथी का रेस्क्यू, जेसीबी मशीन के जरिए बाहर निकालने की कवायद जारी

कोरबा, छत्तीसगढ़। कोरबा के केंदई वनपरिक्षेत्र के वनखेता गांव में पिछले 48 घंटों से ज्यादा वक्त से हाथी दलदल में फंसा है। गुरुवार रात होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। आज सुबह फिर से ये रेस्क्यू शुरू किया गया है। जेसीबी मशीन के सहारे हाथी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। रातभर इलाके में हाथियों के चिंघाड़ गूंजती रही।

बता दें गुरुवार को ग्रमीणों की नजर हाथी पर पड़ी, जेसीबी की मदद से उसे बाहर निकालने की कोशिश की गई पर सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा कि कटघोरा वनमंडल के केन्दई वनपरीक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुल्हरीया के आश्रित मोहल्ला बनखेता पारा में एक दलदल नुमा खेत में मंगलवार से हाथी फंसा है। मंगलवार को कुछ ग्रामीणों ने हाथी को देखा था।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची उड़नदस्ता की टीम ने फंसे हाथी को निकालने का प्रयास किया । दलदल होने के कारण जेसीबी मशीन का घटनास्थल तक नही पहुंच सकी। हाथी को निकालने दो जेसीबी मशीन लेकर वन अमला पहुंची थी । इस इलाके में पिछले कुछ दिन से 40 से 50 हाथियों का दो झुंड घूम रहा । शाम ढलते ही फंसे हुए हाथी के आसपास पूरा समूह मंडराने लगता है, ऐसे परिस्थिति रेस्क्यू में लगी टीम पर भी खतरा मंडरा रहा है ।

    

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का हुआ आगाज, मुख्यमंत्री बघेल ने राहुल गांधी को पहनाई माड़िया सींग

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का हुआ आगाज, मुख्यमंत्री बघेल ने राहुल गांधी को पहनाई माड़िया सींग

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार से शुरू हुए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचे कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिना सबको लिए हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को नहीं चलाया जा सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि भाई से भाई को लड़ाकर देश को फायदा नहीं हो सकता है। सबको साथ लेकर ही चलना होगा। 

देश की हालत, किसानों की समस्या, आत्महत्या, अर्थव्यवस्था की हालत, बेरोजगारी की हालत आप जानते हो, दोहराने की जरूरत नहीं है।

साइंस कॉलेज मैदान में शुरू हुए तीन दिवसीय नृत्य महोत्सव में राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार आपके साथ मिलकर काम कर रही है। जो पहले यहां हिंसा हुआ करती थी, उसमें कमी आई है। यह सरकार लोगों की आवाज सुनती है। विधानसभा में सबकी आवाज सुनाई देती है। सरकार चलाने में आपके विचारों को शामिल किया जा रहा है। तेंदुपत्ता, सुपोषण, जमीन वापसी को लेकर सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां दूर-दूर से आदिवासी भाई आए हैं। यह पहला कदम है, बहुत अच्छा कदम है।

आदिवासियों के सामने देश में बहुत समस्याएं हैं। मैं एक बात कहना चाहता बिना सबको लिए हर धर्म, जातीआदिवासी, दलितों को लिए बिना हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था नहीं चलाई जा सकती। जब तक इस देश को जोड़ेंगे नहीं, यह देश आगे नहीं बढ़ेगा। मैं हर भाषण में कहता हूं कि अर्थव्यवस्था को आदिवासी-किसान चलाते हैं। अगर आप पूरा पैसा कुछ लोगों को दे दोगेनोटबंदी करोगे, गलत जीएसटी लागू करोगे तो अर्थव्यवस्था नहीं चल सकती है। 

39 जनजातियों के कलाकारों के दल 43 से अधिक नृत्य शैलियों में प्रस्तुति देंगे

इससे पहले आदिवासी कला और संस्कृति के रंग में सजे राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव का आगाज हुआ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माड़िया गौड़ सींग पहनाकर राहुल गांधी का स्वागत किया। छत्तीसगढ़ में पहली बार राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसने अब अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव का रूप ले लिया है। तीन दिवसीय इस नृत्य महोत्सव में देश के 25 राज्य और केंद्र शासित राज्यों के साथ ही 6 देशों के करीब 1350 से अधिक कलाकार अपनी जनजातीय कला संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।

इस महोत्सव में 39 जनजातीय प्रतिभागी दल 4 विभिन्न विधाओं में 43 से अधिक अपनी नृत्य शैलियों का प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव में भारतीय राज्यों के अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, यूगांडा, बेलारूस और मालदीव के कलाकार भी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा जारी प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार महोत्सव के प्रथम दिन की शुरुआत विवाह और  अन्य संस्कार, पारंपरिक त्यौहार व अनुष्ठान, फसल कटाई व कृषि और अन्य पारंपरिक विधाओं पर नृत्य प्रतियोगिताएं होंगी। असम के कलाकारों द्वारा बागरूंगा नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। तेलंगाना के कलाकारों द्वारा कोया नृत्य, झारखण्ड के कलाकारों द्वारा छाऊ नृत्य, ओड़िसा के कलाकारों द्वारा सिंगारी नृत्य और गुजरात के कलाकरों द्वारा सिद्दी नृत्य प्रस्तुत की जाएगी।

कारगिल के हीरो की अंतिम विदाई,जानिए उसके अंतिम सफ़र की कहानी

कारगिल के हीरो की अंतिम विदाई,जानिए उसके अंतिम सफ़र की कहानी

नई दिल्ली। 1999 कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने के साथ ही भारतीय वायुसेना में 3 दशक से अधिक समय तक सेवा में रहने वाले लड़ाकू विमान मिग-27 ने शुक्रवार को जोधपुर एयरबेस से आखिरी बार उड़ान भरी। इस विमान को बहादुर हीरो के नाम से भी जाना जाता है।

स्विंग-विंग लड़ाकू विमान वायुसेना में कई दशकों तक 'ग्राउंड-अटैक' बेड़े में अहम भूमिका में रहे हैं। भारतीय वायुसेना के 7 विमानों के अपने स्क्वॉड्रन को जोधपुर एयरबेस से विदाई ली।

इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि स्विंग-विंग फ्लीट का उन्नत संस्करण 2006 से वायुसेना के स्ट्राइक फ्लीट का गौरव रहा है। अन्य सभी संस्करण जैसे मिग-23 बीएन और मिग-23 एमएफ और विशुद्ध मिग-27 वायुसेना से पहले ही रिटायर हो चुके हैं।

मंत्रालय ने कहा कि इस बेड़े ने ऐतिहासिक कारगिल युद्ध के दौरान गौरव हासिल किया था, जब इसने दुश्मन के ठिकानों पर रॉकेट और बम सटीकता से गिराए थे। इस बेड़े ने 'ऑपरेशन पराक्रम' में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

स्क्वॉड्रन की स्थापना 10 मार्च 1958 को वायुसेना स्टेशन हलवारा में ओरागन (तूफानी) विमान से की गई थी। वर्षों तक स्क्वॉड्रन को कई तरह के विमानों से लैस किया गया जिसमें मिग-21 टाइप 77, मिग-21 टाइप 96, मिग-27 एमएल और मिग-27 अपग्रेड शामिल हैं।

आज दिनांक 27 दिसम्बर  का राशिफल,कैसा रहेगा आपका आज का दिन

आज दिनांक 27 दिसम्बर का राशिफल,कैसा रहेगा आपका आज का दिन

आज 27 दिसम्बर का राशिफल

 इसके अलावा हम जल्द आप लोगो के लिए ज्योतिष सम्बन्धी सवाल के जवाब देने का भी कार्य करने जा रहे है जिसमे आपके द्वारा पूछे गए सवालो का जवाब हम आपको देंगे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य के द्वारा

मेष:

आज आप जनता के प्रिय बनेंगे। आपमें एक विशेष आकर्षण रहेगा। जमीन जायदाद से संबंधित क्षेत्रों में उत्तम लाभ मिलेगा। आपको अपने पिता के आशीर्वाद से शासन द्वारा सम्मानित किए जाने की संभावना रहेगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

वृषभ:

अपने क्षेत्र में होने से शत्रुओं को बल देगा। मकर राशि का चन्द्रमा दशम भाव में शनि के घर का होकर आपके अन्दर निर्भीकता का भाव संचार करेगा, इसलिए आप निर्भयता से अपने कार्यों को सम्पन्न कराने में सक्षम रहेंगे। जीवनसाथी के साथ आज बहुत मधुर संबंध रहेंगे।

मिथुन:

आज आप इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आपकी कोई बात सामने वाले को बुरी ना लग जाए। यदि आपका धन कहीं रूका हुआ है तो आज मिल सकता है। बुद्धि विवके से लिए गए निर्णय लाभप्रद रहेंगे। सायंकाल से रात्रि का समय मंगलमय आयोजन में व्यतीत होगा।

कर्क:

आज आपको अकारण छोटे भाई-बहनों के असहयोग का भागी बनना पड़ सकता है। आप अपने स्वभाव के प्रति गंभीर रहें, कड़ी मेहनत से ही अपने कार्यों में सफल हो सकेंगे। भौतिक सुख साधनों पर खर्चा अधिक होगा।

सिंह:

आपके अंदर परोपकार एवं दान पुण्य की भावना बढऩे लगेगी। आज आपका अधिक समय धार्मिक अनुष्ठानों में व्यतीत होगा। आत्मविश्वास के बल पर किए गए प्रयासों में सफलता मिलेगी। पुराने रूके हुए कार्य थोड़ा खर्च करने से बन सकते हैं। नई योजनाओं पर आज काम शुरू हो जाएगा।

 

कन्या:

भाग्य की दृष्टि से आज का दिन अच्छा रहेगा। संतान से शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं। भतीजे का सहयोग मिलने की संभावना बनी रहेगी। वाणी पर संयम रखें, आप अपनी कार्यकुशलता से सर्वत्र विजय, विभूति, सफलता प्राप्त करेंगे।

तुला:

यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपकी शैक्षणिक दिशा में परिवर्तन होगा। शिक्षा की ओर आपकी रूचि बढ़ेगी। नए कार्य सीखने में सफल होंगे। आप अपनी बातों को सत्य साबित करने में सफल रहेंगे। माता-पिता, गुरू के प्रति निष्ठा, भक्तिभाव प्रतिष्ठा वृद्धि में सहायक होगा।

वृश्चिक:

आज आमदनी में ज्यादा खर्च की स्थिति रहेगी। संतान के द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों से आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी। आप अपने धैर्य तथा प्रतिभा से शत्रु पक्ष पर विजय प्राप्त करने में सफल रहेंगे। सैर सपाटे व मौज मस्ती में समय व्यतीत होगा।

धनु:

विद्या बुद्धि ज्ञान की वृद्धि होगी। आपके कठिन प्रयासों से इच्छा की पूर्ति होगी। बृहस्पति शासन का प्रतिनिधि है, इसलिए शासन द्वारा आपको सम्मानित किए जाने की प्रबल संभावना है। शुभ व्यय कीर्ति की वृद्धि होगी।

मकर:

आज आपको पूर्वजों से धन मिलने की संभावना है। तंत्र-मंत्र साधना में भी आपकी रूचि बढ़ सकती है। बिना मांगे किसी को सलाह न दें उस पर उल्टा ही असर होगा। रात्रि के समय पुण्य कार्य में लगेंगे, जिससे आपका मन शान्त और प्रसन्न रहेगा।

कुंभ:

आमदनी की बढ़ोतरी के लिए किए गए प्रयास शत प्रतिशत सफल रहेंगे। भाग्य की दृष्टि से आज का दिन अच्छा रहेगा। आज आपको हर क्षेत्र में लाभ की प्राप्ति होगी। आपको मित्रों का सहयोग मिलेगा एवं नये अच्छे मित्र भी मिलेंगे।

मीन:

आज आपकी अपनी संपत्ति में वृद्धि होगी। आपको ननिहाल से भी मान सम्मान मिलेगा। आपको पत्नी पक्ष एवं पत्नी की ओर से पूर्ण सहयोग मिलेगा। नौकरी में गुप्त शत्रु चुगली करेंगे जिससे सायंकाल के समय परेशानी हो सकती है।

 उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू आगवानी के लिए एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भूपेश सहित कई बड़े नेता मौज़ूद, जाने पूरी खबर...

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू आगवानी के लिए एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भूपेश सहित कई बड़े नेता मौज़ूद, जाने पूरी खबर...

रायपुर। 27 दिसम्बर, 2019 शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर में भारतीय आर्थिक संघ के 102वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू की आगवानी के लिए रायपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राज्यपाल अनुसुईया उईके, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ,कृषि मंत्री रविंद्र चौबे मौजूद हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एयरपोर्ट पहुंचे हैं। एयरपोर्ट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 
सुशासन की कसौटी पर खरा उतरा छत्तीसगढ़, एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल

सुशासन की कसौटी पर खरा उतरा छत्तीसगढ़, एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल

 गुड गवर्नेंस इंडेक्स में चौथे स्थान पर प्रदेश कार्मिक मंत्रालय ने जारी की सूची

रायपुर/नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी सुशासन सूचकांक (गुड गवर्नेंस इंडेक्स) में बड़े राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ को चौथा स्थान दिया गया है। यह सूचकांक राज्यों को सुशासन की कसौटी पर कसने के लिए जारी किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की स्थिति सुशासन के प्रदर्शन में काफी बेहतर है। सुशासन दिवस पर जारी इस सूचकांक में मुख्यतौर पर 10 क्षेत्रों के हालात पर गौर किया गया है। इनमें कृषि और संबद्ध क्षेत्र, वाणिज्य और उद्योग, मानव संसाधन विकास, जनस्वास्थ, सार्वजनिक ढांचा और सुविधाएं, आर्थिक शासन, समाज कल्याण व विकास, न्यायिक और लोक सुरक्षा, पर्यावरण और नागरिक केंद्रित शासन के क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी 10 क्षेत्रों को 50 बिंदुओं के आधार पर मापा गया है। इस सूचकांक में छत्तीसगढ़ को 5.05 अंक दिये गए हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में किए जा रहे विकास कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। हाल ही में प्रदेश को मनरेगा, आजीविका मिशन, आवास योजना और पीएमजीएसवाई में उत्कृष्ट कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से 22 पुरस्कार दिये गए हैं। वहीं इन विकास कार्यों से छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है। सुशासन सूचकांक का उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सुशासन की स्थिति की तुलना करने के लिए मात्रात्मक डाटा उपलब्ध कराना, शासन में सुधार के लिए उचित रणनीति बनाने और लागू करने में उन्हें सक्षम बनाना और उनके यहां परिणाम उन्मुख दृष्टिकोण और प्रशासन की स्थापना करना है।
रिटर्निंग ऑफिसर को निर्वाचन कर्तव्यों और दायित्वों की विस्तृत समझ आवश्यक - कलेक्टर

रिटर्निंग ऑफिसर को निर्वाचन कर्तव्यों और दायित्वों की विस्तृत समझ आवश्यक - कलेक्टर

रिटर्निंग ऑफिसर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर का प्रशिक्षण

गरियाबंद। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  श्याम धावड़े ने आज पंचायत निर्वाचन अंतर्गत जिले के सभी पंचायतों में सुचारू निर्वाचन के लिए रिटर्निंग ऑफिसर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के प्रशिक्षण में कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर को निर्वाचन से संबंधित बहुआयामी कर्तव्यों और दायित्वों की विस्तृत समझ आवश्यक है। निर्वाचन अधिकारी स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आदर्श आचरण संहिता का निर्वहन करने के निर्देश भी दिये। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर  के.के. बेहार, सभी अनुविभागीय अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मास्टर ट्रेनर मौजूद थे। 

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर द्वारा पंचायत निर्वाचन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को पावर पाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने के लिए सूचना के प्रकाशन की तारीख या उसके बाद अंतिम तिथि में किसी भी दिन प्रस्तुत कर सकता है। नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने के लिए जिला पंचायत के सदस्य जिला मुख्यालय, जनपद के सदस्य खण्ड मुख्यालय में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्राप्त किया जायेगा। वहीं पंचायतों में केवल विकासखण्ड मुख्यालय पर करने के बजाय क्लस्टर में भी किया जायेगा। वार्ड पंच के लिए 50 रूपये, सरपंच के लिए एक हजार, जनपद सदस्य के लिए दो हजार रूपये एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए चार हजार रूपये निक्षेप राशि जमा करना होगा। एक ही पद के लिए कोई भी अभ्यर्थी अधिकतम दो नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रशिक्षण में बताया गया कि काई भी अभ्यर्थी किसी एक विशिष्ट पद के लिए एक से अधिक वार्ड या निर्वाचन क्षेत्र के लिए खड़ा नहीं हो सकता लेकिन पंच के साथ-साथ सरपंच या सरपंच के साथ-साथ जनपद सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य के लिए खड़ा हो सकता है। प्रशिक्षण में मतदान केन्द्र, निर्वाचन सामग्री, मतदान पूर्व की तैयारी, सेक्टर अधिकारी आदि संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। 
छत्तीसगढ़ की दो बालिकाओं कांति और भामेश्वरी को मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

छत्तीसगढ़ की दो बालिकाओं कांति और भामेश्वरी को मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

रायपुर। जनवरी-2020 में नई दिल्ली में नन्हीं सी उम्र में अपने साहस का परिचय देने वाले देश के बच्चों को जब भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2019 से सम्मानित किया जाएगा, तब उस पंक्ति में छत्तीसगढ़ की दो बच्चियां भी खड़ी होंगी। दोनों साहसी बच्चियों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा अनुशंसा की गई थी। ये बच्चियां हैं धमतरी जिले की भामेश्वरी निर्मलकर और सरगुजा जिले की कांति सिंग। इन्होंने अपनी सूझबूझ से न केवल किसी की जान बचाई, बल्कि छोटी सी उम्र में ही अपने साहस का परिचय देकर अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रौशन किया है। इन बच्चियों ने अपने अदम्य साहस से साबित कर दिखाया कि इंसानियत को समझने के लिए उम्र नहीं, बल्कि मन में कुछ कर दिखाने का जज्बा होना चाहिए फिर चाहे अपनी जान ही जोखिम में क्यों न डालनी पड़े।


तैरना नहीं आने के बाद भी दो बच्चियों की जान बचाई-
धमतरी जिले के कानीडबरी गांव में रहने वाली भामेश्वरी निर्मलकर (पिता  जगदीश निर्मलकर) ने 12 साल की उम्र में ही अपनी बहादुरी का परिचय देकर गांव की दो बालिकाओं को तालाब में डूबने से बचाया। कक्षा सातवीं की छात्रा भामेश्वरी ने 17 अगस्त 2019 में यह साहसिक कारनामा कर दिखाया। यह घटना उसे अक्षरश: याद है और बात करते समय पूरा घटनाक्रम जैसे उसकी आंखों के सामने से गुजरता चला जाता है। वह बताती है कि गांव की दो बालिकाएं सोनम और चांदनी स्कूल से छुट्टी होने के बाद गांव के तालाब में नहाने गई थीं। वे दोनों खेलते-खेलते तालाब की गहराई से अंजान आगे बढ़ती गई और डूबने लगी। भामेश्वरी ने बताया कि वह तालाब में कपड़ा धोने के लिए पहुंची थी। दोनों बच्चियों को तालाब में न देखकर उसका मन आशंका से भर उठा और बिना इस बात की परवाह किए कि उसे तैरना तक नहीं आता है, उसने तालाब में छलांग लगा दी। किसी तरह वह उन्हें खींचकर बाहर ले आई। जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त तालाब के आस-पास कोई और नहीं था। भामेश्वरी कहती है कि उस समय उसे कुछ सूझा नहीं, उसके मन में केवल दोनों बच्चियों की जान बचाने का ख्याल आया था। बाद में गांव की ही एक महिला की मदद से भामेश्वरी अचेत पड़ी उन बच्चियों की जान बचाने में सफल हो गई। गांव वालों की सहायता से सोनम और चांदनी को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

भामेश्वरी के इस साहस के लिए गांव वालों से लेकर स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकों और अन्य बच्चों ने भी उसकी जमकर तारीफ की। घटना की जानकारी मिलने पर जिले के कलेक्टर ने खुद राज्य वीरता पुरस्कार और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भामेश्वरी के नाम की अनुशंसा की। आखिरकार भारतीय बाल कल्याण परिषद, नई दिल्ली ने भामेश्वरी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुन लिया गया है। इस बात से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
 
हाथियों को चकमा देकर बहन की जान बचाई राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुने जाने वालों में सरगुजा जिले के मोहनपुर गांव की रहने वाली 7 साल की बालिका कांति सिंग (पिता  विनोद सिंह) का नाम भी शामिल है। चौथी कक्षा में छात्रा कांति ने पिछले साल मात्र 6 साल की उम्र में अपनी जान की परवाह किये बगैर जंगली हाथियों के हमले से अपनी 3 साल की छोटी बहन की जान बचाई थी। सरगुजा जिले का यह गांव काफी समय से जंगली हाथियों के आतंक से पीडि़त क्षेत्र है। आए दिनों यहां हाथी पहुंचते हैं और पूरे घरों के साथ-साथ खड़ी फसल को तहस-नहस करके चले जाते हैं।  हाथी मवेशियों के अलावा लोगों पर भी हमला कर देते हैं और उन्हें मार डालते हैं। 17 जुलाई, 2018 को ऐसा ही नजारा गांव में देखने को मिला, जब जंगली हाथियों का एक बड़ा सा झुंड वहां पहुंच गया। गांव वाले जान बचाने के लिए अपने घरों से निकल कर भागने लगे। हाथी खोराराम कंवर के घर को तोड़ते हुए उसकी बाड़ी तक पहुंच कर वहां मक्के की फसल को बर्बाद करने लगे। हाथियों के डर से पूरा परिवार बाहर भागने लगा, इस दौरान वे घर पर 3 साल की मासूम बच्ची को ले जाना भूल गए। बाद में उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, लेकिन किसी की हिम्मत घर वापस जाने की नहीं हो रही थी। ऐसे में कांति ने न आव देखा न ताव, बस घर की तरफ दौड़ लगा दी। कांति जंगली हाथियों के बगल से फुर्ती से निकलती हुई घर पहुंची और अपनी छोटी बहन को हाथियों की नजरों से बचते-बचाते उसे परिवार वालों तक पहुंचाने में सफल हो गई। उस रात हाथियों ने उसके पूरे घर के साथ-साथ आस-पास के घरों को काफी नुकसान पहुंचाया। कांति ने इस तरह अपनी सूझबूझ से अपनी बहन की जान बचा ली। उसने इस बात की भी परवाह नहीं कि उसके साथ कुछ अनहोनी भी हो सकती थी। पूरे गांव के लोगों ने इस साहस के लिए कांति की पीठ थपथपाई और कलेक्टर ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए उसके नाम की अनुशंसा की। कांति को अब यह सम्मान मिलने जा रहा है।

राज्य वीरता पुरस्कार भी मिल चुका है-
वर्ष 2019 में कांति के इस साहसिक कदम की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी प्रशंसा कर चुके हैं। पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ शासन के महिला और बाल विकास विभाग द्वारा कांति को राज्य वीरता पुरस्कार 2018 से सम्मानित किया गया। इसका क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा किया गया था। 26जनवरी 2019 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांति को यह सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार के रूप में कांति को प्रमाण पत्र, मैडल के साथ ही 15 हजार की राशि का चेक प्रदान किया गया। कांति को आगे की पढ़ाई के लिए राज्य शासन की ओर से स्कालरशिप भी दी जाएगी।
एचडीएफसी एर्गो ने किसानों के लिये लागू किया प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जाने पूरी खबर...

एचडीएफसी एर्गो ने किसानों के लिये लागू किया प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जाने पूरी खबर...

कबीरधाम। निजी क्षेत्र में भारत की तीसरी सबसे बड़ी गैर.जीवन बीमा प्रदाता एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योऱेंस कंपनी को छत्तीरसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ;पीएमएफबीवायद्ध लागू करने के लिये अधिकृत किया गया है। यह बीमा योजना जशपुरए बलरामपुरए जांजगिर.चम्पाीए मुंगेली और कबीरधाम जिलों में कर्जदार और गैर.कर्जदार किसानों के लिये रबी सीजन 2019 के लिये उपलब्धा कराई जायेगी। इस स्कीम को छत्तीगसगढ़ सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत अधिसूचित फसलों के लिये इन जिलों में लागू किया जायेगा। नीचे की तालिका में फसलों और कवर प्राप्तै करने की अंतिम तारीख के बारे में उल्लेंखित किया गया है।  


जिले का नाम -
फसल
बीमित राशि ;रूपये प्रति हेक्टे यरद्ध
प्रीमियम ;रूपये प्रति हेक्टेहयरद्ध
अंतिम तारीख 

जशपुर-
चना 18ए300 274ण्5 31 दिसंबर 2019 
अलसी 9ए100 136ण्5 31 दिसंबर 2019 
सरसों 11ए315 169ण्725 31 दिसंबर 2019 
सिंचित क्षेत्र का गेहूं-   8ए100 271ण्5 31 दिसंबर 2019 

असिंचित क्षेत्र का गेहूं-
13ए800 207 31 दिसंबर 2019 

बलरामपुर-
चना  27ए000   405 31 दिसंबर 2019 
अलसी  10ए000  150 31 दिसंबर 2019 
सरसों  18ए000  270 31 दिसंबर 2019 

सिंचित क्षेत्र का गेहूं 25ए000 375 31 दिसंबर 2019 
असिंचित क्षेत्र का गेहूं 15ए000 225 31 दिसंबर 2019 

जांजगिर.चम्पा-
चना 14ए000 210 31 दिसंबर 2019 
अलसी 17ए000 255 31 दिसंबर 2019 
 सरसों 17ए000 255 31 दिसंबर 2019 
सिंचित क्षेत्र का गेहूं  13ए000 195 31 दिसंबर 2019 

मुंगेली-
चना 14ए000 210 31 दिसंबर 2019 
अलसी 17ए000 255 31 दिसंबर 2019 
सरसों 17ए000 255 31 दिसंबर 2019 
सिंचित क्षेत्र का गेहूं 13ए000 195 31 दिसंबर 2019 
असिंचित क्षेत्र का गेहूं 10ए000 150 31 दिसंबर 2019 

कबीरधाम-
चना 31ए500 472ण्5 31 दिसंबर 2019 
अलसी 12ए500 187ण्5 31 दिसंबर 2019 
सरसों 20ए000 300 31 दिसंबर 2019 
सिंचित क्षेत्र का गेहूं   33ए000 495 31 दिसंबर 2019 
असिंचित क्षेत्र का गेहूं   20ए000 300 31 दिसंबर 2019 


पीएमएफबीवाई स्कीम सूखाए बाढ़ए शुष्क कालए भूस्खलनए चक्रवातए तूफानए कीट एवं बीमारियों और कई अन्य जैसे बाहरी जोखिमों से फसल को होने वाले नुकसान के लिए किसानों का बीमा करती है। उपज में हुए नुकसान का निर्धारण करने के उद्देश्य सेए राज्य सरकार इस योजना के लिए अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों पर फसल काटने के प्रयोग ;क्रॉप कटिंग एक्सपीरिमेंट्स.सीसीईद्ध के लिए योजना बनाएगी और उसका क्रियान्वयन करेगी। यदि सीसीई के आधार पर उपज डेटा कम हो जाता हैए तो किसानों को उनकी उपज में कमी का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए किसानों को दावों का भुगतान किया जाएगा।   

यह योजना फसल चक्र के सभी चरणों के लिए बीमा कवर प्रदान करती हैए जिसमें बुआई के पहले से लेकर कटाई और कटाई के बाद के जोखिम शामिल है। पीएमएफबीवाई योजना के तहत सभी उत्पादों को कृषि विभाग द्वारा अनुमोदित किया जाता है। जशपुरए बलरामपुरए जांजगिर.चम्पााए मुंगेली और कबीरधाम जिलों के किसान उपरोक्त फसलों के लिए पीएमएफबीवाई योजना के तहत बीमा कवर प्राप्त करने के लिए जिले में अपने संबंधित बैंकोंए आम सेवा केंद्रों ;सीएससीद्ध तक पहुंच सकते हैं या अधिकृत एचडीएफसी एर्गो एजेंटों से संपर्क कर सकते हैं। बीमा कवर प्राप्त करने के लिए वैधता अवधि का विवरण किसानों के लिए कृषि विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। 
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 राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव शुभारंभ समारोह में देश भर के कलाकार देंगे रंगारंग प्रस्तुति

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव शुभारंभ समारोह में देश भर के कलाकार देंगे रंगारंग प्रस्तुति

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 27 दिसम्बर को सुबह 10 बजे होगा। शुभारंभ अवसर पर लदख, कर्नाटक, अरूणाचल प्रदेश, बेलारूस और छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी।

 

संस्कृति विभाग द्वारा जारी प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार महोत्सव के प्रथम दिन 27 दिसम्बर को 11.45 बजे से विवाह एवं अन्य संस्कार, पारंपरिक त्यौहार एवं अनुष्ठान, फसल कटाई व कृषि तथा अन्य पारंपरिक विधाओं पर नृत्य प्रतियोगिताएं होंगी। असम के कलाकारों द्वारा बागरूंगा नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। तेलंगाना के कलाकारों द्वारा कोया नृत्य, झारखण्ड के कलाकारों द्वारा छाऊ नृत्य, ओडि़सा के कलाकारों द्वारा सिंगारी नृत्य और गुजरात के कलाकरों द्वारा सिद्दी नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। दोपहर 3 बजे से राजस्थान के कलाकरों द्वारा सहरिया स्वांग, जम्मू का गुजर नृत्य, हिमाचल प्रदेश का घुरई नृत्य, लद्दाख का लद्दाखी नृत्य, उत्तराखण्ड का झांझी नृत्य, केरल का तैयम नृत्य, महाराष्ट्र का तड़पा नृत्य, तेलंगाना का गुसाड़ी नृत्य, मध्यप्रदेश का भगोरिया नृत्य, अरूणाचल प्रदेश का रेह नृत्य, आंध्रप्रदेश का लम्बाड़ी नृत्य और उत्तरप्रदेश का गरद नृत्य का आयोजन होगा। रात्रि आठ से नौ बजे तक  थाईलैण्ड, बांग्लादेश, बेलारूस, मालदीव एवं युगंाडा देशों से आमंत्रित कलाकारों द्वारा गैर प्रतियोगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

 

महोत्सव के दूसरे दिन 28 दिसम्बर को सवेरे नौ बजे से दोपहर 12.50 बजे तक गुजरात का वसावा नृत्य, आंध्रप्रदेश का ढिमसा नृत्य, त्रिपुरा का ममिता नृत्य, झारखण्ड का पायका नृत्य, तमिलनाडु का टोडा नृत्य, आरूणाचल प्रदेश का आदि नृत्य, राजस्थान का गवरी नृत्य, छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव का हुल्की नृत्य सहित असम और मध्यप्रदेश राज्य का नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। दोपहर 12.50 बजे से 1.40 बजे तक लंका, थाईलैण्ड एवं मालदीव देशों से आमंत्रित कलाकारों द्वारा गैर प्रतियोगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक गुजरात के कलाकारों द्वारा राठवा नृत्य, हिमांचल प्रदेश का किन्नौरा नृत्य, पश्चिम बंगाल का संथाली नृत्य का आयोजन होगा। शाम 5 बजे से 7.30 बजे तक ओडि़सा का दुरवा नृत्य, बिहार का करमा नृत्य, अण्डमान निकोबार का निकोबारी नृत्य, तेलंगाना का माथुरी नृत्य, त्रिपुरा का होजागिरी नृत्य, उत्तराखण्ड का हारूल नृत्य, मणिपुर का थांगकुल नृत्य, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के कलाकारों द्वारा दंडामि माडिय़ा नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। 7.30 बजे से 8.15 बजे तक अतिथियों के आगमन पर मंचीय कार्यक्रम होगा। रात्रि 8.15 बजे से 9 बजे तक बंाग्लादेश, युगांडा एवं बेलारूस देशों से आमंत्रित कलाकारों द्वारा गैर प्रतियोगी सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत की जाएगी।

 

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन 29 दिसम्बर को उत्तराखण्ड के कलाकारों द्वारा लाष्पा नृत्य, जम्मू का बकरवाल नृत्य, मध्यप्रदेश का भड़म नृत्य, हिमाचल प्रदेश का गद्दी नृत्य, कर्नाटक और सिक्किम का नृत्य, झारखण्ड का दमकच नृत्य, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की दंडामी नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। दोपहर 12.50 बजे से 1.40 बजे तक लंका, थाईलैड एवं मालदीव देशों से आमंत्रित कलाकारों द्वारा गैर प्रतियोगी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की जाएंगी। दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक तेलंगाना, लद्दाख का नृत्य, उत्तरखण्ड का मुखौटा नृत्य, गुजरात और सिक्किम का नृत्य, केरल का मरायूराट्टम नृत्य, त्रिपुरा का संगराई नृत्य, मध्यप्रदेश का करमा नृत्य और छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव का गौर मार नृत्य का आयोजन होगा। शाम 6 बजे से 7 बजे तक बांग्लादेश, युगांडा एवं बेलारूस देशों के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की जाएगी। शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक समापन समारोह, पुरस्कार वितरण और सम्मान का कार्यक्रम रखा गया है।

 जिला निर्वाचन अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना अवकाश पर रोक, जाने पूरी खबर...

जिला निर्वाचन अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना अवकाश पर रोक, जाने पूरी खबर...

त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2019-20
धमतरी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन कार्यक्रमों की घोषणा कर दी गई है। आसन्न पंचायत निर्वाचन को दृष्टिगत करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  रजत बंसल ने जिले में पदस्थ समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आदेशित किया है कि बिना उनकी पूर्वानुमति के कोई भी अधिकारी-कर्मचारी न तो अवकाश पर जा सकेंगे और न ही मुख्यालय छोड़ सकेंगे। अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुला रखने के आदेश जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए हैं।
2010 से अलग और खतरनाक है नया एनपीआर, चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरा

2010 से अलग और खतरनाक है नया एनपीआर, चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरा

नईदिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून का हंगामा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी)और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर घमासान तेज हो गया है. केंद्र सरकार की ओर से एनपीआर को मंजूरी मिलने के बाद से बढ़े विवाद पर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की है|


चिदंबरम ने कहा है कि बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार के पास एक बड़ा और भयावह एजेंडा है. यही कारण है कि उनके द्वारा अनुमोदित एनपीआर, 2010 के एनपीआर और उसके टेक्स्ट से बहुत ही अलग और खतरनाक है.
चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए कहा, मुझे खुशी है कि बीजेपी ने 2010 में एनपीआर के लॉन्च का एक वीडियो क्लिप जारी किया है. कृपया वीडियो सुनें, हम देश के सामान्य निवासियों की गणना कर रहे थे. जोर रेजीडेंसी पर था न कि नागरिकता पर. उन्होंने कहा कि प्रत्येक सामान्य निवासी को अपने धर्म या जन्म स्थान से बेपरवाह होना चाहिए. एनपीआर ने 2011 की जनगणना की तैयारी का समर्थन किया. एनआरसी का कोई उल्लेख नहीं था.
 
चिदंबरम ने कहा, अगर बीजेपी की मंशा ईमानदार है, तो सरकार बिना शर्त बताएं कि वो 2010 के एनपीआर फॉर्म और डिजाइन का समर्थन करती हैं और इसे विवादास्पद एनआरसी से जोडऩे का कोई इरादा नहीं है| गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को मंजूरी दे दी हैं. केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में अब सवाल उठाए जाने लगे हैं. हालांकि, केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि एनआरसी और एनपीआर के बीच कोई संबंध नहीं है|
कोहरे के कारण 25 ट्रेनें चल रही हैं 2 से 6 घंटे लेट

कोहरे के कारण 25 ट्रेनें चल रही हैं 2 से 6 घंटे लेट

उत्तरी भारत में कड़ाके ठंड

नईदिल्ली। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से उत्तरी भारतीयों लोगों को ठंड से कंपकपी छूट रही हैं। कोहरे के कारण लोगों को यातायात से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। ऐसे में रेल और हवा यातायात सेवा भी प्रभावित हो रही है। दिल्ली में गुरुवार को काफी कोहरा छाया हुआ है।पारा गिरने के कारण ठंड भी काफी बढ़ गई है। आज राजधानी का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया है। गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर कोहरे की सफेद चादर में घिरी हुई नजर आई। कई क्षेत्रों में विजिबिलीटी 200 मीटर से नीचे पहुंच गया है। कोहरे के कारण दिल्ली में आ रही 25 ट्रेनें लेट चल रही है। इसमें कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस, समेत कई ट्रेनें शामिल हैं। यह ट्रेनें 2 घंटे से लेकर 6 घंटे तक लेट चल रही है। इसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। दिल्ली में बुधवार सुबह का तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में 1997 के बाद से अब तक दिसंबर के महीने में सबसे लंबी अवधि वाले और बेहद ठंडे दिन रिकॉर्ड किए गए।
 एलओसी पर पाक की नापाक हरकत का भारत ने दिया करारा जवाब

एलओसी पर पाक की नापाक हरकत का भारत ने दिया करारा जवाब

दो पाकिस्तानी सैनिक ढेर
नईदिल्ली। भारतीय सेना को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सेना ने पाकिस्तान के दो सैनिकों को ढेर कर दिया है। दरअसल, बीती रात लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन करते हुए फायरिंग की गई थी। भारतीय सेना ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान सेना ने दो पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया। पाकिस्तान ने भी इस बात को कबूल किया है कि सीजफायर तोडऩे के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई में 2 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। बताते चलें कि बुधवार से ही जारी पाकिस्तान की इस कायराना हरकत पर भारतीय सेना ने भारी गोलाबारी करते हुए करारा जवाब दिया। भारत की ओर से दागे गए मोर्टार और भारी गोलाबारी में पाकिस्तानी ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है। पाकिस्ता ने माना है कि पीओके के देवा सेक्टर में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। भारतीय सेना के एक सूबेदार भी शहीद हो गए हैं।

इससे पहले बुधवार को पाकिस्तान की ओर से उरी के हाजीपीर में सुबह करीब 11 बजकर 30 मिनट पर गोलीबारी शुरू की गई। गोलीबारी में भारतीय सेना के एक जेसीओ शहीद हो गए। पाकिस्तान की सेना ने रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया। इसकी वजह से आम नागरिक चपेट में आ गए है। चुरुंदा गांव में नसीमा नाम की एक महिला की मौत हो गई तो एक अन्य जख्मी हो गई है। पाकिस्तानी सेना ने बारामुला जिले के कई सेक्टरों में कई नागरिक और रक्षा ठिकानों को हल्के हथियारों से भी निशाना बनाया। तोपों से हुई गोलाबारी के कारण नियंत्रण रेखा के इस पार भीतरी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में खौफ का माहौल पैदा हो गया। बता दें, पाकिस्तान ने तनाव ऐसे माहौल में बढ़ाया है, जब भारत सरकार ने दो दिन पहले ही कश्मीर से 7 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को वापस बुलाया है। इन्हें अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने से पहले तैनात किया गया था।