रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज शाम महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शहीद दिवस के अवसर पर राजधानी के पुरानी बस्ती स्थित जैतूसाव मठ परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की चरखा चलाते हुए प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रतिमा के अनावरण पर कहा कि महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को एकता, समानता तथा मानवता का महान संदेश दिया है। उनका यह संदेश पूरी मानव जाति के कल्याण के लिए आज भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम में राजेश्री महंत रामसुदंरदास ने जैतूसाव मठ की ओर से छेरछेरा पर्व के अवसर पर एकत्र एक लाख 51 हजार रूपए का चेक मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को सौंपा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। उन्होंने इसी को हथियार बनाकर देश को आजादी दिलाने सहित पूरे समाज में समरसता भी कायम किया। छत्तीसगढ़ के रायपुर का जैतूसाव मठ आजादी के आंदोलन का एक प्रमुख केन्द्र रहा है, यह हमारे लिए गर्व का विषय है। गांधी जी ने यही से स्वतंत्रता के आंदोलनकारियों सहित समाज की एकता और उसे एक सूत्र में पिरोने के लिए अछूतोंद्धार तथा नारी उत्थान जैसे महत्वपूर्ण विषयों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैतूसाव मठ एक धार्मिक आस्था का केन्द्र ही नहीं अपितु इसकी राजनीतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी विशिष्ट पहचान है। यहां महात्मा गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू एवं श्रीमती इंदिरा गांधी तथा पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों का आगमन हुआ। इससे पता चलता है कि आजादी की लड़ाई और वैचारिक क्रांति जगाने में जैतूसाव मठ का कितना पुराना नाता रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने आज मानवता, प्रेम और भाईचारा का संदेश दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। वर्तमान दौर में गांधी जी की विचारधारा को खंडित करने की कोशिश हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए लड़ाई लड़ने का संकल्प लेने की जरूरत है। देश की एकता, उन्नति और विकास के लिए जरूरी है कि हम सब नफरत से दूर रहे। उन्होंने युवाओं से वैमनस्यता एवं अलगाव की भावना को दूर रहने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत रामसुदंरदास ने कहा कि जैतूसाव मठ छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता के आंदोलनकारियों का केन्द्र रहा है। इस परिप्रक्ष्य में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित राष्ट्रीय स्तर के अनेक नेताओं का आगमन यहां हुआ था। इसी मंच से गांधी जी ने आंदोलनकारियों में देश की आजादी का मंत्र दिया था। इसी परिसर में उन्होंने चरखा भी चलाया था। जहां उनकी चरखा चलाते हुए कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। गांधी जी की प्रतिमा से आने वाली पीढ़ी को उनकी विचारधारा को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम को विधायक एवं ट्रस्ट के उपाध्यक्ष श्री सत्यनारायण शर्मा ने समाज हित में मठ द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जैतूसाव मठ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं पर आधारित फोटो प्रदर्शनी अवलोकन किया। प्रदर्शनी का आयोजन जिला जनसंपर्क कार्यालय रायपुर द्वारा किया गया था। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ प्रवास, तीस जनवरी सन् उन्नीस सौ अड़तालिस तथा छत्तीसगढ़ मित्र मासिक पत्रिका के जनवरी अंक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने गांधी जी की प्रतिमा बनाने वाले भिलाई के पद्मश्री नेल्शन और ट्रस्ट के लिए उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले श्री व्यासनारायण अग्रवाल, श्री साखी गोपाल अग्रवाल, श्री विजय दानी, डॉ. रेवाराम यदु, श्री मानिक चन्द्राकर, श्री आर.के. गुप्ता, डॉ.व्ही.के. अग्रवाल, श्री अवनीन्द्र नाथ ठाकुर तथा श्री विरेन्द्र भूषण आदि को शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में नगर निगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर, सभापति श्री प्रमोद दुबे, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चन्द्राकर, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, ट्रस्ट के सचिव श्री महेन्द्र अग्रवाल, पार्षद श्री जितेन्द्र अग्रवाल, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री के.एल. वर्मा, छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष अजय दानी, केंद्रीय सचिव डॉ जे. पी. अग्रवाल, श्री रमेश यदु, श्री जे.एन. अग्रवाल, श्री रमेन्द्र मिश्र सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
महासमुंद । राज्य शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार जिला महासमुन्द में उपभोक्ता फोरम में अनारक्षित सदस्य के पद पर (राज्य आयोग और जिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए अर्हता, भर्ती की पध्दति, नियुक्ति की प्रक्रिया, कार्यकाल, पद से त्यागपत्र और हटाना) नियम 2020 के तहत् नियुक्ति किया जाना है। अर्हताओं को पूर्ण करने वाले ईच्छुक व्यक्तियों से उक्त अनारक्षित सदस्य की नियुक्ति के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित हैं। ईच्छुक अर्हताओं को पूरा करने वालें अभ्यर्थियों जिनकी उम्र कम से कम 35 वर्ष हो, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त हो और क्षमतावान, सत्यनिष्ठापूर्ण और प्रतिष्ठित व्यक्ति हो और उपभोक्ता मामले, विधि, लोक मामले, प्रशासन, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, उद्योग, वित्त प्रबंधन, अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी, लोक स्वास्थ्य अथवा औषधि में विशेष ज्ञापन और कम से कम 15 वर्ष का अनुभव रखता हो। योग्यता रखने वाले ऐसे ईच्छुक व्यक्ति कार्यालय कलेक्टर (खाद्य शाखा) जिला महासमुन्द में 09 फरवरी 2021 तक कार्यालयीन अवधि में निर्धारित प्रारूप परिशिष्ट अ एवं सत्यापित दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अपूर्ण तथा निर्धारित अवधि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जावेगा। विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाईट mahasamund.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है।
जशपुर । जशपुर के कद्दावर नेता और पूर्व संसदीय सचिव लक्ष्मण राम की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को उनका निधन हो गया।
मिली जानकारी के मुताबिक अविभाजित मध्यप्रदेश में पंडित रविशंकर शुक्ल के साथ राजनीति में उतरे लक्ष्मण राम का शनिवार को निधन हो गया है। 83 साल की उम्र में लक्ष्मण राम का निधन हुआ। बताया जा रहा है कि उनकी तबियत तकरीबन 12 दिन पहले बिगड़ी थी। तबीयत बिगड़ने के बाद राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनका इलाज जारी था। शनिवार की सुबह एक बार फिर उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और दोपहर में उनका निधन हो गया। पूर्व संसदीय सचिव लक्ष्मण राम कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे है। पूर्व संसदीय सचिव लक्ष्मण राम के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। वही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भी उनके निधन पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। गौरतलब है कि कांग्रेस के कद्दावर नेता लक्ष्मण राम पंडित रविशंकर शुक्ल के दौर के राजनीति के दिगज्जों में से एक रहे है। उन्होंने मध्यप्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ला के नेतृत्व में संसदीय सचिव पूर्व संसदीय सचिव जिम्मेदारी निभाई थी। वहीं कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं में से एक माने जाने वाले नामों में लक्ष्मण राम का भी नाम मजबूती से लिया जाता है।
दुर्ग । राज्य शासन के द्वारा आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास के माध्यम से जवाहर आदिम जाति उत्कर्ष योजना क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के लाभ हेतु राज्य शासन द्वारा संचालित मान्यता प्राप्त शाला में कक्षा पाचवीं में नियमित अध्ययनरत हो तथा चैथीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये जाने के साथ पालक की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य शासन आदिम जाति व अनुसूचित जाति विभाग के माध्यम से जिला स्तरीय उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ रहने खाने व सामान्य चिकित्सा का व्यय शासन द्वारा किया जायेगा। ग्राम पंचायत, जनपद तथा नगर पंचायत क्षेत्र के शालाओं में ही अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। चयनित विद्यार्थियों को योजनांतर्गत उत्कृष्ट शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बारहवीं परीक्षा तक ही निर्धारित लाभ की पात्रता होगी। इच्छुक छात्र निर्धारित आवेदन पत्र पूर्ण कर अध्ययनरत संस्था में ही 19 फरवरी 2021 तक जमा करें। आवेदन पत्र शाला प्रमुख द्वारा प्रमाण पत्रों की जांच कर 25 फरवरी 2021 तक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जायेगा। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी 27 फरवरी 2021 तक समस्त आवेदनों की सूची तैयार कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कार्यालयीन समय तक जमा किया जाएगा। परीक्षा 7 मार्च 2021 को आयोजित की जाएगी।
जांजगीर-चांपा । राजस्व अनुविभाग जांजगीर के अंतर्गत विकासखंड बलौदा के ग्राम नवापारा (ब) में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु 11 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु इच्छुक आम जन, स्व-सहायता समूह, ग्राम पंचायत, सेवा सहकारी समिति आदि से आवेदन आमंत्रित किया गया है। इच्छुक समूह निर्धारित तिथि तक आवेदन राजस्व अनुविभाग कार्यालय जांजगीर में जमा कर सकतें है। समयावधि के पश्चात प्राप्त आवेदन पर कोई विचार नही किया जाएगा। विस्तृत जानकारी एसडीएम कार्यालय जांजगीर एवं ग्राम पंचायत नवपारा (ब) कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा की गई है।
रायपुर । सुरक्षा, शांति एवं कानून व्यवस्था के मद्देनजर 30 जनवरी को नगर पुलिस अधीक्षक उरला पारूल अग्रवाल ने अपने अनुभाग के थाना क्षेत्रो के गुण्डा एवं निगरानी बदमाशों को तलब कर उनकी परेड ली गई। जिसमें थाना गुढ़ियारी क्षेत्र के 14 गुण्डा एवं 08 निगरानी बदमाश, थाना उरला क्षेत्र के 03 गुण्डा एवं 07 निगरानी बदमाश तथा थाना खमतराई क्षेत्र के 02 गुण्डा हाजिर थे। पारूल अग्रवाल ने गुण्डा एवं निगरानी बदमाशों को समझाईश दी गई कि वे अपराधों से दूर रहकर शांति पूर्वक अपने परिवार के साथ जीवन यापन करें। पुलिस ने जब भी उन्हें उपस्थित होने कहा जाता है तो वे तत्काल उपस्थित होवें तथा क्षेत्र में सुरक्षा, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस का सहयोग करें।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था के कारण खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में कुल पंजीकृत किसानों में से रिकार्ड 95.38 प्रतिशत किसानों ने धान बेचा। धान बेचने वाले किसानों की संख्या इस साल सबसे अधिक है। इस वर्ष पंजीकृत 21 लाख 52 हजार 475 किसानों में से 20 लाख 53 हजार 483 किसानों ने अपना धान बेचा है।
छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या, कुल पंजीकृत रकबा, बेचे गए धान के रकबे, धान बेचने वाले किसानों के प्रतिशत के साथ-साथ कुल उपार्जित धान की मात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में राज्य गठन के 20 वर्षों में इस वर्ष छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया कीर्तिमान बना है।
राज्य में यदि पिछले 6 वर्षों में धान बेचने वाले किसानों की संख्या को देंखे तो वर्ष 2015-16 में 13 लाख 17 हजार 583 पंजीकृत किसानों में से 11 लाख 5 हजार 556 किसानों ने अपना धान बेचा है, जो कुल पंजीकृत किसानों का 83.9 प्रतिशत है। इसी प्रकार 2016-17 में कुल पंजीकृत 14 लाख 51 हजार 88 किसानों में से 13 लाख 27 हजार 944 किसानों ने धान बेचा, जिसका प्रतिशत 91.5 है। वर्ष 2017-18 में पंजीकृत 15 लाख 77 हजार 332 किसानों में से 12 लाख 6 हजार 264 किसानों ने धान बेचा, जो 76.4 प्रतिशत है। वर्ष 2018-19 में पंजीकृत 16 लाख 96 हजार 765 किसानों में से 15 लाख 71 हजार 414 किसानों ने धान बेचा, जो 92.6 प्रतिशत है। इसी तरह वर्ष 2019-20 में पंजीकृत 19 लाख 55 हजार 544 किसानों में से 18 लाख 38 हजार 593 किसानों ने अपना धान बेचा है, जो 94.02 प्रतिशत होता है। इन वर्षो की तुलना में इस वर्ष 2020-21 में धान बेचने वाले किसानों का प्रतिशत 95.38 जो राज्य निर्माण के बाद अब तक का सर्वाधिक है।
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गौरतलब है कि राज्य में विषम परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। बारदानों की कमी को दूर करने अनेक वैकल्पिक व्यवस्थाएं के माध्यम से बारदानों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित की गई। किसानों को भुगतान निरंतर किया गया। कस्टम मीलिंग के साथ ही संग्रहण केन्द्रों में धान का उठाव भी निरंतर जारी है। प्रदेश में धान खरीदी का काम शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ है।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी का एक नया रिकार्ड बना है। राज्य में बीते दो सालों में खेती-किसानी के रकबे और किसानों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते धान की खेती के पंजीयन का रकबा 27 लाख हेक्टेयर से अधिक और पंजीकृत किसानों की संख्या 21 लाख 52 हजार तक जा पहुंची है। यह भी अपने-आप में एक रिकार्ड है।
पिछले 6 वर्षों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पंजीकृत रकबे और कुल उपार्जित धान की मात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है वर्ष 2015-16 में 21 लाख 26 हजार हेक्टेयर रकबे का पंजीयन हुआ था और 59 लाख मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई थी। वर्ष 2016-17 में पंजीकृत रकबा 23 लाख 42 हजार हेक्टेयर था और 69 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वर्ष 2017-18 में पंजीकृत रकबा 24 लाख 46 हजार हेक्टेयर था और 56 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वर्ष 2018-19 में पंजीकृत रकबा 25 लाख 60 हजार हेक्टेयर था और 80 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वर्ष 2019-20 में पंजीकृत रकबा 26 लाख 88 हजार हेक्टेयर था और 83 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी।
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कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्ध हो रही खेती-किसानी के लिए यह एक सुखद भविष्य का संकेत है। राज्य में खेती-किसानी को एक सम्बल मिला। कृषि छोड़ चुके लोग फिर कृषि की ओर लौटे हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की कृषि आदान सहायता राशि मिलने से किसानों का उत्साह बढ़कर दोगुना हो गया। इस योजना के तहत राज्य के किसानों को 5750 करोड़ रूपए की सीधी मदद दी जा रही है। तीन किश्तों की राशि किसानों के खातों में अंतरित भी कर दी गई है और चौथी भी किश्त की राशि मार्च तक अंतरित की जाएगी।
बलरामपुर । जिला शिक्षा अधिकारी बी. एक्का ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में पहले से ही यह नीति है कि कक्षा 1ली से कक्षा 8वीं तक के बच्चों को परीक्षा के आधार पर पिछली कक्षा में नहीं रोका जाता हैै। कक्षा 1ली से 8वीं तक के समस्त बच्चों को सामान्य रूप से अगले शिक्षा सत्र में अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। सभी विद्यालयों में बच्चों की अकादमिक उपलब्धियों का सतत् मूल्यांकन किया जाता है और उसके आधार पर सभी बच्चों को आवश्यक शिक्षण देने की व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष भी कक्षा 1ली से 8वीं तक के लिए यही नीति लागू रहेगी। पढ़ई तुंहर दुआर में विभिन्न विधियों से ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं साथ ही बच्चों का एसेसमेण्ट कर पोर्टल में अपलोड किया जा रहा है। विविध तरीकों से किये गये आंकलन के आधार पर विद्यार्थियों को प्रगति पत्र प्रदान किया जायेगा।
रायपुर, लक्की ड्रा में डेल कंपनी का लेपटॉप गिफ्ट मिलने का झांसा देकर युवक से ऑनलाईन 48318 रुपये की ठगी कर लेने की रिपोर्ट राखी थाने में दर्ज की गई है।
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मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर 27 नवारायपुर निवासी पंकज शर्मा 26 वर्ष ने थाने में शिकायत दर्ज करायी है कि प्रार्थी पढ़ाई कर रहा है । 29 जनवरी को शाम 4 से 5 बजे के मध्य प्रार्थी के मोबाईल पर अज्ञात व्यक्ति ने मोबाईल नंबर 834209472 से कॉल करके अमेजन बात करने की जानकारी देते हुये उसे लक्की ड्रा में डेल कंपनी का लेपटॉप गिफ्ट मिलने की जानकारी दिया एवं कॉल करने वाले ने प्रार्थी के द्वारा पूर्व में किये गए ऑनलाईन शापिंग एड्रेस सहित पूरा विवरण दिया व 5 हजार रुपये की खरीदी करने पर लेपटॉप हासिल करने की बात कही। शापिंग करने के बाद जीएसटी के नाम पर 9772 रुपये जमा करने को कहा पैसे भेजने के बाद फिर कुछ गलती बताकर फिर से 9772 रुपये गुगल पे से भेजने बोला। इस तरह से रिफन्ड के नाम पर 40318 रुपये की ऑनलाईन ठगी कर लिया। आरोपी ने पेटीएम बैंक के एकाउन्ट नंबर 919838037423 में भेजने बोला था। घटना की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मोबाईल नंबर के आधार पर धारा 420 के तहत ठगी का मामला दर्ज कर लिया है।
रायपुर । मतदाता का मोबाइल नंबर यदि मतदाता सूची में एपिक के साथ दर्ज है तो कुछ स्टेप्स के माध्यम से मतदाता ई-एपिक कर इसे डाउनलोड कर सकते हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रायपुर ने बताया कि इसके लिए सबसे पहले https://nvsp.in पर जाये एवं खुद को मोबाइल नंबर अथवा एपिक के माध्यम से रजिस्टर कर यूजर आईडी एवं पासवर्ड की सहायता से लॉग इन करें। पूर्व से रजिस्टर होने की दशा में सीधे यूजर आईडी एवं पासवर्ड की सहायता से लॉग इन कर सकते हैं। लॉग इन करने के पश्चात पेज के आप्शन डाॅउनलोड ई-इपिक ( e-EPIC ) पर क्लिक करें। इसके बाद पेज ओपन होगा जहां पर अपना एपिक नंबर एवं राज्य सेलेक्ट कर डाटा सर्च करना है। डाटा सर्च होने एवं मोबाइल नंबर पूर्व से दर्ज होने पर सेण्ट ओटीपी का आप्शन आएगा जिस पर क्लिक कर रजिस्टर मोबाइल नंबर पर ओटीपी आयेगा। इसके वेरीफाई करने पर आप अपना डिजिटल वोटर आईडी ई-एपिक डाउनलोड कर सकते हैं।
यदि आपका मोबाइल नंबर मतदाता सूची में एपिक के साथ दर्ज नहीं है तो निम्नानुसार ज्ञल्ब् स्टेप्स के माध्यम से आप अपना मोबाइल एपिक के साथ लिंक कर ई-एपिक डाउनलोड कर सकते है। इसके लिए सर्वप्रथम सबसे पहले https://nvsp.in पर जाये एवं खुद को मोबाइल नंबर अथवा एपिक के माध्यम से रजिस्टर कर यूजर आईडी एवं पासवर्ड की सहायता से लॉग इन कर ज्ञल्ब् आप्शन पर जाए अथवा https://kyc.eci.gov.in पर जाये। अपना एपिक नंबर डाले एवं फेस मैचिंग पास करने के पश्चात अपना मोबाइल नंबर एपिक के साथ अपडेट करें। मोबाइल अपडेट करने के पश्चात उपरोक्तानुसार स्टेप्स से ई-एपिक डाउनलोड कर सकते हैं।
कोंडागांव। जिला मुख्यालय से 58 किमी दूर ग्राम टेकानार में पुलिस मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों ने धनोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एम्बुलेंस चालक जयलाल बघेल की हत्या कर दी है। ज्ञात हो कि मृतक के परिवार को आठ वर्ष पहले नक्सलियों ने ग्राम कसोली से बेदखल कर दिया था, जिसके बाद पीडि़त परिवार धनोरा में आकर बस गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम टेकानार मुर्गा बाजार से लौट रहे महतारी एंबुलेंस के ड्राइवर जयलाल बघेल पिता कमलू बघेल और उसके भाई पिलदास को अगवा कर अपने साथ ले गए थे। नक्सलियों ने एंबुलेंस चालक जयलाल बघेल को मौत के घाट उतार दिया है, वहीं मृतक का भाई नक्सली चंगुल से भागकर आने में सफल रहा है।
मृतक एंबुलेंस के ड्राइवर के भाई पिलदास ने बताया कि शुक्रवार को मुर्गा बाजार से दोनों भाई घर आ रहे थे। रास्ते में बंदूकधारी आधा दर्जन नक्सलियों के द्वारा घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। जिसके बाद मेरे भाई के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया। लहूलुहान भाई के जमीन में गिरते ही नक्सली पुलिस मुखबिरी की सजा देने की बात कहते हुए मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। उन्होंने बताया कि इसी दौरान मौका पाकर वह नक्सलियों के चंगुल से भागकर जंगल जाकर पेड़ में चढ़कर छिप गया था, रात भर पेड़ में छिपकर रहने के बाद शनिवार की सुबह गांव पहुंचकर घटना की जानकारी लोगों को देने के बाद पुलिस थाना आए हैं।
धनोरा थाना प्रभारी गणेश यादव ने बताया कि मृतक के भाई पिलदास का बयान दर्ज कर लिया गया है। नक्सलियों की धरपकड़ के लिए फोर्स को रवाना कर दिया गया है।
















