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 रायपुर में कोरोना की तीसरी लहर: बच्चों में लगातार बढ़ रहा कोरोना और डेंगू का संक्रमण

रायपुर में कोरोना की तीसरी लहर: बच्चों में लगातार बढ़ रहा कोरोना और डेंगू का संक्रमण

रायपुर। राजधानी रायपुर में बच्चों में कोरोना और डेंगू का संक्रमण के मामले सामने आने लगे है। जानकारी के मुताबिक सरकारी और निजी लैबों में एंटीबॉडी टेस्ट करवाने वाले बच्चों में इसके लक्षण मिले है। इसे देखते हुए तीसरी लहर में बच्चों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका बलवती होने लगी है। आशंका से ग्रस्त अभिभावक अपने बच्चों का टेस्ट करवा रहे है ताकि समय पर उन्हें सही इलाज मिल सके। कई बच्चों में कोरोना और डेंगू जैसे लक्षण दिखने लगे है। रोजाना काफी बड़ी संख्या में लोग कोरोना की जांच करवा रहे है। कोरोना का कहर अब तो मासूम बच्चों पर भी पडऩे लगा है। रायपुर में बच्चों में कोरोना संक्रमण के मामले सर्वाधिक सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार कोरोना पर लगाम लगाने में लगा है, रोजाना तेज़ी से वेक्सिनेशन भी किया जा रहा है। लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही और कोताही बच्चों की ओर संक्रमण को खींचता जा रहा है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग के साथ बच्चों के सरकारी अस्पताल और निजी अस्पताल भी तेज़ी से काम कर रहा है।  
  मानसून की द्रोणिका सक्रिय होने से आज राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में होगी भारी बारिश, अलर्ट जारी

मानसून की द्रोणिका सक्रिय होने से आज राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में होगी भारी बारिश, अलर्ट जारी

रायपुर। मानसून की द्रोणिका एवं निम्र दाब का क्षेत्र मजबूत चक्रवात होने के कारण आज प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। पिछले चार दिनों से सावन की झड़ी के साथ ही मूसलाधार वर्षा जारी है। जिसके चलते नदी नाले उफ ान पर है। वहीं आज भी मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं बीते 3 दिनों में प्रदेश भर में अब तक 52.8 मिमी बारिश हुई है।

प्रदेश भर में बारिश को लेकर जारी हुआ अलर्ट
सुकमा जिले में सर्वधिक 981.6 मिमी बारिश, जो कि 86 फीसदी अधिक है। प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। वहीं 6 जिलों में सामान्य से अधिक और 5 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। आज भी प्रदेश भर में बारिश को लेकर अलर्ट जारी है। अधिकाशं जिलों में हल्की बारिश की संभावना ।

1 जून से अब तक राज्य में 542.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज
राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक 1 जून 2021 से अब तक राज्य में 542.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 1 जून से आज 29 जुलाई तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सुकमा जिले में सर्वाधिक 851.7 मिमी और बालोद जिले में सबसे कम 396.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।
 न्यू जलाराम स्वीट्स सहित नाली पर मलबा डालने वालों से निगम ने वसूला जुर्माना

न्यू जलाराम स्वीट्स सहित नाली पर मलबा डालने वालों से निगम ने वसूला जुर्माना

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत नाली पर मलबा डालने, कचरा डालने, अतिक्रमण करने या नाली पर रैम्प, चबूतरा एवं अन्य प्रकार के निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। नाली सफाई में बाधा बन रहे स्थानों पर तोडफ़ोड़ कर नाली को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर सभी जोन कार्यालय की टीम अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। नाली में कचरा फेंकने या मलबा डालकर नाली पाटने वालों को चिन्हित कर ऐसा करने वालों से जुर्माना लिया जा रहा है, साथ ही नाली से मलबा हटाया जा रहा है, ताकि सफाई कार्य में कोई बाधा न आए और पानी प्रवाहित होता रहे। आज नाली पर मलबा डालने वालों से 9 हजार रूपए जुर्माना वसूल किया गया।

जोन 02 वैशाली नगर जोन आयुक्त पूजा पिल्ले के निर्देश पर नाली को कब्जा मुक्त करने तथा नाली सफाई अभियान के तहत आज दूसरे दिन वैशालीनगर अंतर्गत कैलाश नगर में कार्यवाही की गई। वार्ड क्रमांक 16 कैलाश नगर में न्यू जलाराम स्वीट्स के समीपस्थ दुकानों के निर्माण हो रहे हैं उनके द्वारा ट्रक से निर्माण से संबंधित सामग्री लाने ले जाने के लिए नाली में मलबा डाल दिया गया था, जिससे नाली जाम होने पर पानी निकासी नहीं हो पा रहा था। स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह ने बताया कि आस पास के नागरिकों से शिकायत प्राप्त होने पर टीम मौके पर पहुंची और नाली से मलबा निकालकर सफाई कराई गई जिससे पानी बिना अवरोध के निकल सके।

नाली में मलबा डालने वाले 6 लोगों से जुर्माना के रूप में अर्थदण्ड भी वसूला गया, और समझाईश दी गई कि दोबारा ऐसा न करे। नाली में मलबा डालने वाले कुरूद के प्रदीप शर्मा से 2000 हजार रूपए, न्यू जलाराम स्वीट्स से 1000 हजार रूपए, बनारसी स्वीट्स से 1000 हजार रूपए, दीपेश शर्मा से 2000 हजार रूपए, मनोज वर्मा से 2000 हजार रूपए सहित कुल 9000 हजार रूपए जुर्माना वसूल किया गया। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व जवाहर मार्केट में नाली पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही की गई थी।
 
BIG BREAKING : आज रायपुर में मिले सिर्फ इतने मरीज, 19 हुए स्वस्थ, देखे पुरे जिले की स्थिति

BIG BREAKING : आज रायपुर में मिले सिर्फ इतने मरीज, 19 हुए स्वस्थ, देखे पुरे जिले की स्थिति

रायपुर | राजधानी रायपुर में आज 05 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है। वही हॉस्पिटल से 08 और होम आइसोलेशन से 11 कुल 19 मरीज स्वस्थ हुए है। जबकि आज किसी मरीज की मौत नहीं हुई, इस प्रकार मौत का कुल आकड़ा 3138 हुआ, साथ ही अब रायपुर में एक्टिव मरीज 124 है। आज तक रायपुर में 157658 मरीजो की पहचान हुई है और 154396 मरीजों ने कोरोना से जंग जीती है।
आपको बता दे छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 130 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला जांजगीर- चाम्पा से सर्वाधिक 14 मरीज मिले है| आज प्रदेश में कुल 270 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना की जंग जीत कर स्वस्थ्य हुए है | राज्य में आज कुल 00 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 2086 है | आज प्रदेश में 40501 टेस्ट हुए है |

 

मायूस किसानों के लिए खुशी बन कर आई 24 घंटे की सावन की झड़ी, अब इस काम में आई तेजी

मायूस किसानों के लिए खुशी बन कर आई 24 घंटे की सावन की झड़ी, अब इस काम में आई तेजी

अंबिकापुर। सुख रहे खेतों को देख मायूस हो रहे किसानों के के चेहरों पर एक बार फिर खुशी की लकीरें झलक ने लगी सावन के महीने मेंंं 26 घंटे कीी वर्षा की छड़ी खेती- किसानी मैं तेजी ला दी है। किसााान उत्साहित हो रूपा लेवा की खेतीी में जोर-शोर से जुट गए हैं। सरगुजा संभाग में बढ़ती उमस से आम लोग और सूख रहे खेतों से परेशान किसानों के लिए सावन माह में बारिश का आंकड़ा भले ही कम है। मगर इसकी वजह से खेतों में रोपा-बियासी के काम में तेजी आ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे में रायपुर में 35.7 मिमी. तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई है। अगले चौबीस घंटे में मध्यम बारिश के आसार हैं। भारी वर्षा पूर्वी हिस्से में होने का अनुमान है।
मंगलवार को सुबह से काले बादल छाए हुए थे, जो दोपहर 1 बजे बरसना शुरु हुआ। कुछ देर तक हल्की से मध्यम वर्षा के बाद बूंदा-बांदी शुरु हुई, जो अनवरत 26 घंटे यानी बुधवार को दोपहर 3 बजे तक चलती रही। इस बारिश की वजह उमस पूरी तरह गायब हो गई है। तापमान में गिरावट आने के बाद मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। रायपुर समेत प्रदेशभर में दिनभर इसी तरह का माहौल बना रहा।
वहीं गुरुवार को भी बारिश सुबह से ही अनवरत जारी है, जो शाम तक निरंतर बनी हुई । पिछले चौबीस घंटे में कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की स्थिति बनी रही। विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश से आंकड़ों में विशेष अंतर नहीं हुआ मगर यह उमस और खेती-किसानी के लिए राहत बनकर आई। बारिश नहीं होने की वजह से खेत सूखने की स्थिति में आ गए थे। इस वर्षा से मिट्टी गीली होने के साथ फसल के लिए भी फायदेमंद साबित हुई है। गुरुवार को भी लगातार बारिश की स्थिति और बादल छाए रहने की वजह से आज सूर्यदर्शन नहीं हुए। सुबह से बारिश होने की वजह से जनजीवन प्रभावित नजर आया। दोपहर 3 बजे के आसपास जब बारिश थमी तो सड़कों पर आवाजाही बढ़ गई। मौसम बदलने की वजह से दिन के तापमान में सामान्य से काफी गिरावट दर्ज की गई। रायपुर का अधिकतम पारा 25.5 तक पहुंचा जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम था।
खेती किसानीी में आई जान
कृषि विशेषज्ञ जीएल शर्मा तथा डॉ. संकेत ठाकुर के मुताबिक बारिश नहीं होने की वजह खेत सूख रहे थे, जिसकी वजह से यह वर्षा काफी फायदेमंद है। इससे कृषि कार्य मेंंं जान फूंकने कि काम की है। विशेषज्ञों के मुताबिक अभी हो रही बारिश वास्तव में मानसूनी बारिश है और यह धान की फसलों के साथ सब्जियों की खेती के लिए भी लाभकारी है। तेज बारिश का पानी बह जाता है। हल्की वर्षा का पानी जमीन के भीतर तक पहुंचता है, जो फसलों के लिए फायदेमंद है।
अगले दिन भी हल्की और मध्यम वर्षा बनी रहने की संभावना
मानसून द्रोेणिका के पूर्व से पश्चिम की ओर आगे बढ़ने की वजह प्रदेश में अगले दिन भी हल्की से मध्यम वर्षा के आसार है। विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र यानी रायगढ़, कोरबा, जांजगीर, महासमुंद इलाके में इसका असर अधिक रहने के आसार है। पिछले चौबीस घंटे में भैयाधान में 16, मरवाही में 13, कोरबा में 10 सेमी., बिलासपुर में लगभग 9, पेंड्रा, अंबिकापुर में 4 सेमी. तक बारिश हुई।
 

जिले में मंगलवार को बाजार व व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखना अब ऐच्छिक

जिले में मंगलवार को बाजार व व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखना अब ऐच्छिक

बालोद । कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि विभिन्न व्यापारिक संगठनों की मांग पर प्रति सप्ताह मंगलवार को बाजार व व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अनुमति दी गई थी। वतर्मान में कोरोना संक्रमण के दर में कमी को देखते हुए मंगलवार को बाजार व व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने को ऐच्छिक किया गया है। व्यापारी अपनी सुविधा व इच्छानुसार बाजार और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रख सकेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।  

कमर्चारी सहित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी

कमर्चारी सहित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी

अम्बिकापुर । स्कूल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर एक कमर्चारी सहित 3 शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी जारी जारी नोटिस में कहा गया है कि 26 जुलाई 2021 सहायक परियोजना के अधिकारी की ओर से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जिसमें सहायक शिक्षक विज्ञान एलबी सरिता टोप्पो, व्यायाम शिक्षक एलबी माला रोशलीन लकड़ा, सहायक शिक्षक विज्ञान एलबी सरिता गुप्ता व सहायक ग्रेड-02 परमेश्वर राजवाड़े अनुपस्थित पाए गए। संस्था से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित व कर्तव्य विमुख्ता अनुशासनहीनता के श्रेणी के तहत आता है और यह कृत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उप नियम 3 व उपनियम 7 के सवर्था प्रतिकूल है। अनुपस्थितों को 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है, कि अनाधिकृत अनुपस्थित पर अनुपस्थित दिवस का अवैतनिक स्वीकृत किया जाकर जांचोपरांत आगामी एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से क्यों न रोक दी जाएं।
 

चिटफंड से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे अगस्त की इतनी तारीख तक, नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

चिटफंड से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे अगस्त की इतनी तारीख तक, नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ शासन गृह, जेल विभाग मंत्रालय के निर्देशानुसार जनसामान्य एवं निवेशकों से चिटफंड से संबंधित आवेदन 2 अगस्त से 6 अगस्त तक लिया जाएगा। इस कार्य हेतु जिला स्तर पर नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर के जारी आदेशानुसार संयुक्त कलेक्टर अंशिका पाण्डेय को नोडल अधिकारी और दोमनिक खाखा क्षेत्रीय सहायक अल्प बचत जिला कार्यालय बिलासपुर को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। निवेशकों ने कलेक्टर को चिटफंड से संबंधित आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा। 

आयुष्मान कार्ड बनवा सकते है अब इस तारीख तक

आयुष्मान कार्ड बनवा सकते है अब इस तारीख तक

कांकेर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य फिर से शुरू हो गया है। पात्र हितग्रहियों जिले के च्वाईस सेंटरों में आयुष्मान कार्ड बनाने निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंजीयन कार्य 31 अगस्त तक चलेगी। उन्हांने बताया कि जिले के सामाजिक, आर्थिक एवं जातीय जनगणना वर्ष 2011 (एस.ई.सी.सी.) के पात्र परिवारों, अन्त्योदय, प्राथमिकता एवं ए.पी.एल. राशन कार्डधारी परिवारों का आयुष्मान कार्ड च्वाईस सेंटरों के माध्यम से निःशुल्क बनाया जा रहा है, जिन्होंने आज तक आयुष्मान कार्ड पंजीयन नही करवाया है, ऐसे हितग्राही अपना राशन कार्ड एवं आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी च्वाईस सेंटर में जाकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपातकालीन अथवा जरूरत के आधार पर हितग्राही जिले, राज्य एवं राज्य के बाहर पंजीकृत अथवा सूचीबद्ध शासकीय अथवा निजी अस्पतालों में भर्ती होकर 50 हजार या 5 लाख रूपये तक प्रतिवर्ष पात्रतानुसार ईलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. उइके ने बताया कि कांकेर जिले में अब तक 4 लाख 86 हजार 965 हितग्राहियों ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पंजीयन कराया जा चुका है। अंतागढ़ विकासखंड में 37,043 हितग्राही, भानुप्रतापपुर विकासखंड में 57,636, चारामा विकासखंड में 69,065, दुर्गूकोंदल विकासखंड में 39,384, कांकेर विकासखंड में 65,636, कोयलीबेड़ा विकासखंड में 1,04,728 और नरहरपुर विकासखंड में 71,277 हितग्राही एवं शहरी क्षेत्रां में 42,196 हितग्राहियों ने आयुष्मान कार्ड के लिए पंजीयन करवाया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उइके ने जिले के नागरिकों से अपील किया है, कि जिन्होंने अभी तक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अपना पंजीयन नहीं करवाया है वे अपने क्षेत्र के नजदीकी च्वाईस सेंटरों में जाकर अपना तथा अपने परिवार का आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
 

ई-कॉमर्स नियमों से बना रहेगा ऑनलाइन-ऑफलाइन बाजारों का सह-अस्तित्व : कैट

ई-कॉमर्स नियमों से बना रहेगा ऑनलाइन-ऑफलाइन बाजारों का सह-अस्तित्व : कैट

रायपुर। कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल से ई-कॉमर्स नियमों को तत्काल लागू करने की पुरजोर मांग करते हुए एक पत्र भेजा है। कैट ने पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के प्रस्तावित ई-कॉमर्स नियम निश्चित रूप से ई-कॉमर्स व्यवसाय को कुछ बड़ी कंपनियों के चंगुल से न केवल मुक्त करेंगे, बल्कि बड़ी संख्या में छोटी और बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को व्यापार के समान अवसर भी देते हुए ई-कॉमर्स परिदृश्य को बिल्कुल तटस्थ बना देंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन में एक बड़ी निर्णायक भूमिका भी निभाएंगें। वहीं यह नियम बाजार की दुकानों और ऑनलाइन व्यापार के सह-अस्तित्व के लिए भी एक सामंजस्यपूर्ण वातावरण भी बनाएंगे जिससे देश के आम ग्राहक को फायदा होगा। कैट ने श्री गोयल को भेजे पत्र में यह भी कहा है, कि पिछले अनुभवों के आधार पर ई-कॉमर्स नियमों के कार्यान्वयन में देरी नहीं होनी चाहिए या किसी अन्य तंत्र को अब बीच में नहीं लाना चाहिए। क्योंकि इस स्तर पर नियमों का कार्यान्वयन बहुत महत्वपूर्ण है। देश के ई-कॉमर्स व्यापार में कुछ बड़ी कंपनियों के क़ानून एवं नियमों के खिलाफ व्यापार करने के कारन देश भर में एक लाख से अधिक छोटी दुकानें बंद हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप अधिक बेरोजगारी भी हुई है।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने कहा कि अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट द्वारा नीति और कानून के बार-बार उल्लंघन के मद्देनजर, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने दोनों कंपनियों के खिलाफ कठोर टिप्पणियां करने और जल्द ही राखी से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन का अपहरण ये बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां न कर सकें। इसके लिए यह आवश्यक है की ई-कॉमर्स के नियमों को जल्द से जल्द लागू किया जाए। जिससे एक निष्पक्ष एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए एक समान स्तर का व्यापारिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

दिसंबर, 2020 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने अमेज़ॅन को एफडीआई नियमों का उल्लंघन करने के लिए एक आदेश में जिम्मेदार माना था। और अब कर्नाटक उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने 23 जुलाई को दिए एक फैसले में अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के बिज़नेस मॉडल पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा की यदि वे दोनों किसी भी वैधानिक प्रावधान के उल्लंघन में शामिल नहीं हैं, तो उन्हें जांच का सामना करने में शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। बल्कि उन्हें सीसीआई जांच का स्वागत करना चाहिए। अदालत ने तह भी कहा कि इन दोनों की दायर रिट अपील सीसीआई द्वारा की जाने वाली जांच की कार्रवाई को रोकने का एक प्रयास है। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों जानबूझकर जांच में भाग नहीं ले रहे हैं, और जांच को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं। उच्च न्यायालय ने यह भी नोट किया कि बाजार की गतिशीलता कुछ महीनों में भी बदल सकती है, इसलिए कोई भी पिछला मामला जहां फ्लिपकार्ट/अमेज़ॅन को सीसीआई द्वारा दोषमुक्त किया गया हो, कोई असर नहीं पड़ता। यह सिर्फ एक जांच है और हाई कोर्ट ने कई जगहों पर दोहराया कि अपीलकर्ता एक जांच को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं और अब अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट ने कर्नाटक उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच द्वारा पारित आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील की है। उपरोक्त अवलोकन और दोनों कंपनियों का एक साथ आचरण इस तथ्य को स्थापित करता है कि निश्चित रूप से उनके व्यापार मॉड्यूल में कुछ गड़बड़ है जो प्रचलित कानून या नीति के खिलाफ है।

श्री पारवानी और श्री दोशी ने आगे कहा कि कुछ निहित स्वार्थ वाले लोगों द्वारा एक गलत धारणा बनाने में का प्रयास कर रहे हैं की ई-कॉमर्स नियम कुछ विशेष ईकॉमर्स कंपनियों के खिलाफ हैं जो एक खुला झूठ है। उन्होंने कहा की ये ई-कॉमर्स नियम उन सभी व्यापार पर लागू होते हैं, चाहे वे भारतीय हों या विदेशी मूल, जो ई-कॉमर्स के किसी भी माध्यम से अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। कैट ने उम्मीद जताई है, कि सरकार जल्द ही ई-कॉमर्स नियमों को अधिसूचित करेगी।

महिला के पेट में मिला सात महीने का दुर्लभ स्टोन बेबी

महिला के पेट में मिला सात महीने का दुर्लभ स्टोन बेबी

रायपुर: गरियाबंद निवासी एक 26 वर्षीय महिला कुछ दिनों पूर्व पेट में दर्द और पेट में पानी भरने के कारण होने वाले सूजन एसाइटिस की समस्या के साथ पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती हुई। जांच में महिला के पेट में दुर्लभ लिथोपेडियन का पता चला जिसे स्टोन बेबी भी कहा जाता है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. ज्योति जायसवाल के नेतृत्व में स्टोन बेबी को बाहर निकालने के लिये पेट की सर्जरी की गई जिसमें करीब सात महीने के विकसित दुर्लभ स्टोन बेबी (मृत) को बाहर निकाला गया। सर्जरी के बाद महिला के पेट की परेशानी खत्म हो गई इसलिए अब वह डिस्चार्ज लेकर घर जाने को तैयार है। विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल के मुताबिक बच्चेदानी के बाहर पेट यानी एब्डोमन में भ्रूण का विकास होकर स्टोन बेबी में बदल जाने की स्थिति बहुत ही दुर्लभ है। इस प्रकार के केस का प्रकाशन (पब्लिकेशन) भी मेडिकल जर्नल में बहुत ही कम देखने को मिलता है।

डॉ. ज्योति जायसवाल के अनुसार लिथोपेडियन या स्टोन बेबी तब बनता है जब गर्भावस्था, गर्भाशय के बजाय पेट में (एब्डामिनल प्रेगनेंसी) होती है। जब यह गर्भावस्था अंततः विफल हो जाती है और भ्रूण के पास पर्याप्त रक्त की आपूर्ति नहीं होती है तो शरीर के पास भ्रूण को बाहर निकालने का कोई तरीका नहीं होता है। नतीजन, शरीर अपनी स्वयं की प्रतिरक्षा प्रक्रिया का उपयोग करके भ्रूण को पत्थर में बदल देता है जो शरीर को किसी भी ऐसी विदेशी वस्तु से बचाता है जिससे शरीर को कोई नुकसान न हो। ऊतकों का इस प्रकार का कैल्सिफिकेशन मां को संक्रमण से बचाता है। कई बार इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता लेकिन कई बार इसके पेट के अंदर रहने के कारण दूसरी समस्याएं भी जन्म लेने लगती हैं।

कैल्सीफिकेशन : कैल्सीफिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर के ऊतकों में कैल्शियम का निर्माण होता है, जिससे ऊतक सख्त हो जाते हैं। यह एक सामान्य या असामान्य प्रक्रिया हो सकती है।

गरियाबंद में महिला की 15 दिन पहले नॉर्मल डिलीवरी हुई थी जिसमें महिला ने लगभग साढ़े सात महीने के एक अत्यंत कम वजनी एवं अपरिपक्व जीवित शिशु को जन्म दिया था। शिशु उपचार उपरांत भी नहीं ठीक हो पाया और उसकी मृत्यु हो गई। इस प्रकार महिला के पेट में दो बेबी थे। एक जो बच्चेदानी (यूट्रस) के अंदर सामान्य शिशुओं की तरह पल रहा था एवं जीवित जन्म लिया और दूसरा बच्चेदानी के बाहर एवं पेट (आंत व आमाशय के आसपास) के अंदर स्टोन (मृत) में तब्दील हो चुका था।

26 वर्षीय इस महिला को राजधानी के एक अन्य अस्पताल से सोनोग्राफी की रिपोर्ट के साथ रेफर किया गया था। सोनोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर इस बात की जानकारी मिली कि महिला के पेट के अंदर लगभग सात महीने का स्टोन बेबी है जो गर्भाशय के बाहर पेट में स्थित है और कैल्शियम के जमाव से पत्थर (लिथोपेडियन) में तब्दील हो चुका है।

डॉ. ज्योति जायसवाल ऑपरेशन के संबंध में जानकारी देती हुई बताती हैं कि स्त्री रोग विभाग में भर्ती होने के बाद महिला का एक्स रे, सीटी एंजियो, एम. आर. आई. कराया गया। स्टोन बेबी का पता लगने पर वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों से ओपिनियन लिया गया। साथ ही इस केस की जानकारी भी दी गई कि यदि बच्चा आमाशय और आंत की नसों से चिपका होगा तो सर्जरी के समय वैस्कुलर सर्जन की जरूरत पड़ सकती है। सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को भी ऑपरेशन के दौरान इस संभावना के अंतर्गत साथ में रखा गया कि यदि बच्चेदानी के बाहर बच्चा अंतड़ियों और ओमेंटम के बीच में लिपटा हुआ होगा तो सर्जन की भी जरूरत पड़ेगी। बीते शुक्रवार को सुबह ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के दौरान देखा गया कि स्टोन बेबी का आंवल बाहर था। आंवल यूट्रस के बाहर रूडीमेंटरी हार्न के टिश्यू से ब्लड सप्लाई ले रही थी। रूडीमेंटरी हार्न को काट करके स्टोन बेबी के साथ निकाल दिया गया। ऑपरेशन में ज्यादा दिक्कतें नहीं आई क्योंकि पेट के अंदर बेबी ने आस-पास के अंगों को प्रभावित नहीं किया था। इस ऑपरेशन में डॉ. ज्योति जायसवाल के साथ डॉ. रुचि गुप्ता, डॉ. स्मृति नाईक और डॉ. प्रियांश पांडे, एनेस्थीसिया से डॉ. मुकुंदा शामिल रहे।


शरीर अपने बचाव के लिये अनुकूलन कर लेती है :
डॉ. ज्योति बताती हैं बतौर डॉक्टर मैंने मेडिकल कॉलेज रायपुर में यह तीसरा केस देखा है। इससे पहले जब मैं पी. जी. स्टूडेंट थी तब 22 साल पहले एक केस देखा था। उसके बाद कुछ सालों पूर्व एक और केस यहां आया था। संभवतः यह तीसरा केस है। इस केस में संभवतः दोनों प्रेगनेंसी एक साथ हुई हो और करीब एक डेढ़ महीने पहले उसका विकास बंद हो गया हो इसलिए गर्भाशय का जीवित बच्चा जिसने जन्म लिया वह साढ़े सात महीने का और यह करीब सात महीने का दिखाई दे रहा है। एब्डॉमिनल प्रेगनेंसी में पेट के अंदर बहुत कम बच्चे जीवित रह पाते हैं। ऐसा भी नहीं होता कि बच्चा पेट के अंदर इतना बड़ा हो गया हो कि डिलीवरी का टाइम आ गया हो और मरा नहीं। यह भी दुर्लभ है। पुराने मेडिकल लिटरेचर में ऐसे रेयर केस मिले हैं जिसमें एब्डॉमिनल प्रेगनेंसी जीवित पैदा हुई हो लेकिन ऐसे केस में आंवल कहीं न कहीं से ब्लड सप्लाई ले रही होती है। सामान्य प्रेगनेंसी में आंवल, बच्चेदानी के दीवार के अंदर से चिपकी होती है और वहां से खून लेकर बच्चे को बड़ा करती है। इस केस में बच्चा बच्चेदानी के रूडीमेट्री हार्न के अंदर से ब्लड सप्लाई ले रही थी। शरीर स्वयं को बचाने के लिये यह अनुकूलन कर लेती है ताकि स्टोन में तब्दील हो जाने से मां के शरीर को कोई नुकसान न हो।


अपने आप में बेहद दुर्लभ एवं जटिल किस्म के इस केस को मेडिकल जर्नल में प्रकाशन के लिये मरीज के परिजनों से स्वीकृति ले ली गई है। मेडिकल कॉलेज में भविष्य में चिकित्सा छात्रों के अध्ययन के लिए भी परिजनों की स्वीकृति पर स्टोन बेबी को सुरक्षित रख लिया गया है।

एसीबी में फंसे शिक्षा विभाग के बंजारे की पत्नी ने कलेक्टर से रिहाई की मांग

एसीबी में फंसे शिक्षा विभाग के बंजारे की पत्नी ने कलेक्टर से रिहाई की मांग

बिलाईगढ़। विगत दिवस विकास खंड बिलाईगढ़ के शिक्षा विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 के बाबू रथ राम बंजारे को एसीबी की टीम ने घूस लेने के जुर्म में गिरफ्तार की है।बंजारे बाबू की पत्नी लक्ष्मीन बंजारे पिपरभवना निवासी ने अपने पति पर की गई कार्यवाही का विरोध करते हुए उन्हें फंसाने की साजिश की गई है कहा। उन्होंने कहा की मेरे पति बेकसूर हैं उन्हें फंसाया गया है। उन पर की गई कार्यवाही पर नाराजगी जताते हुए कार्यवाही को निरस्त करने की मांग बलौदाबाजार जिला कलेक्टर से की है।

शिक्षा अधिकारी बिलाईगढ में सह.ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ थे।उनके कार्यकाल में आज पर्यन्त तक कभी भी किसी प्रकार का लेन-देन, अनिमियता, नोटिस की शिकायत प्राप्त नहीं हुआ है। जिन्हें 23 जुलाई को स्वाधीन शर्मा पिता स्व.पि.के.शर्मा षडयंत्र रचना रच कर ऐ.सी.बी.रायपुर के व्दारा गिरफ्तार करवाकर उपजेल बलौदाबाजार भेजवा दिया है। कुछ दिन पहले कोवीड19 कोरोना के मरीज थे। जिसे बड़ी मुश्किल से प्रकोप से उपचार करवाकर बचाई गयी। उनका बी.पी./शुगर का इलाज चल रहा है। मैं स्वयं गंभीर गर्भाशय संबंधी बिमारी से जूझ रही हूं मेरा इलाज वी.वाय हास्पिटल रायपुर में चल रहा है। मेरे पति 54 वर्ष के बुजुर्ग व्यक्ति हैं यदि उन्हें या मुझे कुछ भी होता है तो इसका संम्पुर्ण जिम्मेदार स्वाधीन शर्मा पिता स्व.पि.के.शर्मा राजमहल पारा सरईपाली जिला महासमुन्द (छ.ग.) रहेंगे। हम अनुसूचित जाति होने के नाते हमारे साथ अन्याय,अत्याचार कर शोषण किया जा रहा है।

मिडिया समाचार पत्र में कहीं भी रिश्वत लेते रंगे हाथ से रकम मेरे पति के पाकैट ,हाथ,दराज, टेबल आदि पर बरामद नहीं हुआ है।जबरन डरा-धमकाकर बन्द कमरे में बल पूर्वक पहले से रखें हुए दुसरे प्रभार के कर्मचारी के अलमारी से नोट को निकलवाकर उनपर फर्जी मनगढ़ंत रूप से अपराध अधिरोपित कर जेल अभिरक्षा में भेजा है। जिसे जांच कर मेरे निर्दोष पति को जेल से मुक्त कर रिहा किया जावे।ममाले में झूठा आरोप करने वाले स्वाधीन शर्मा के विरुद्ध न्यायासंगत उचीत कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की कृप्पा करेंगे।

 छत्तीसगढ़: ऑटो के अनियंत्रित होकर पलटने से डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत

छत्तीसगढ़: ऑटो के अनियंत्रित होकर पलटने से डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत

जगदलपुर। जिले के ग्राम टलनार निवासी एक परिवार अपने बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए देवड़ा मंदिर ऑटो से निकला था। नगरनार पुलिस थाने के समीप ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस थाना के जवान एवं आसपास के ग्रामीणों ने सभी घायलों को महारानी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन ऑटो में बैठे मासूम की गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कालेज रिफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान एक डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई तथा 03 वर्षीय बालक भी घायल हुआ है। नगरनार टीआई शिव शंकर गेंदले ने बताया कि ऑटो चालक वाहन से नियंत्रण खो दिया था, जिससे आटो पलट गई। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर सभी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पूरी दुर्घटना सीसीटीवी में कैद है। 
 कोरियर कंपनी के दफ्तर से ले गए अज्ञात चोर लखों रुपए नगदी रकम सहित 70 हजार के सामान

कोरियर कंपनी के दफ्तर से ले गए अज्ञात चोर लखों रुपए नगदी रकम सहित 70 हजार के सामान

महासमुंद। सरायपाली से भंवरपुर रोड स्थित एक दफ्तर के पिछले हिस्से की खड़ी तोड़कर में अज्ञात चोरों ने प्रवेश किया और नगदी रकम सहित सामान चोरी कर ले गया। खिड़की की ऊंचाई करीब 15 फीट है। चोरों ने दफ्तर में घुसने के लिए लकड़ी की सिढ़ी का सहारा लिया और खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया। चोर इतना शातिर है कि सीसीटीवी कैमरे में तस्वीर कैद न हो इसलिए उसने दुकान के अंदर हेलमेट पहनकर प्रवेश किया। हालांकि चेहरा कैद नहीं हुआ, लेकिन हुलिया से पुलिस इसका जल्द ही पता लगा लेगी। इधर, चोरी की वारदात को देखकर पुलिस को शंका हो रही है कि चोरी की घटना को अंजाम देने में कहीं न कहीं दफ्तर के कर्मचारी का हाथ जरुर होगा, इसलिए दफ्तर के सभी कर्मचारियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके अलावा हुलिया की पहचान में टीम जुट गई है।

थाना प्रभारी वीणा यादव ने बताया कि 25-26 जुलाई की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने वार्ड क्रमांक 1 भंवरपुर मार्ग स्थित डेल्हीवेरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दफ्तार में अज्ञात चोरों ने पिछले की खिड़की से प्रवेश किया और आलमारी ने रखे नगदी रकम 1 लाख 92 हजार 552  रुपए, 01 लैपटॉप कीमत 30 हजार व 40 हजार 703 रुपए के 25  पार्सल कुल 2 लाख 63 हजार 255 रुपए चोरी हो गया है। कंपनी के मैनेजर दीपक कुमार भारद्वाज जब 26 जुलाई सुबह दफ्तर पहुंचे तो देखा कि आलमारी खुला हुआ था और सारे सामान बिखरे पड़े थे। आलमारी में रखे नगदी रुपए सहित लैपटॉप व पार्सल नहीं थे। इसके बाद उसने थाने में आकर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही टीम घटना स्थल पहुंची जहां एक सिढ़ी बरामद हुआ और खिड़की के टूट हुए सामान नीचे पड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि दफ्तर प्रथम तल में है। जमीन से खिड़की की ऊंचाई लगभग 15 फीट है। 

आलमारी का ताला खोलकर निकाला नगदी, कर्मचारी पर संदेह 
थाना प्रभारी ने कहा कि चोरी की वारदात को देखकर शंका हो रही है कि इस घटना में दफ्तर का कोई न कोई कर्मचारी जरुर संलिप्त है, क्योंकि नगदी रकम आलमारी में था और दूसरे आलमारी में चॉबी थी। चोरों को मालूम था कि आलमारी की चॉबी है दूसरे आलमारी में रखी होती है, इसलिए बड़ी सावधानी से आलमारी की चॉबी के सहारे नगदी रकम वाले आलमारी को खोला और चोरी कर ले गए। पुलिस ने शक के आधार पर कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी तक इस मामले में कुछ सुराग नहीं मिले है, लेकिन जांच चल रही है। 

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुलिया के सहारे आरोपी तक पहुंचने का प्रयास 
अज्ञात चोरों ने दफ्तर में प्रवेश करने के लिए सामने का दरवाजा तोडऩे के बजाए पीछे से सिढ़ी के सहारे प्रवेश किया, क्योंकि सामने दफ्तरो में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। दफ्तर के अंदर भी सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन यहां आरोपी हेलमेट पहनकर घुसा था, ताकि पहचान न हो सकें। इधर, पुलिस भले ही चेहरे की पहचान नहीं कर पा रही है, लेकिन हुलिया के सहारे आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आसपास क्षेत्रों में उस हुलिया के व्यक्ति को ढूंढ रही है।
 
जिले में बढ़ी चोरी की वारदात,  जुलाई तक 105 अपराध दर्ज 
जिले में नकबजनी व चोरी की वारदात एकदम से बढ़ गई है। जनवरी में 23, फरवरी में 12, मार्च में 23, अप्रैल में 9, मई में 13 जून में 25 व जुलाई में 33 प्रकरण दर्ज की गई है। पुलिस विभाग से मिले आंकड़े पर यदि नजर डाले तो जनवरी,  मार्च, जून व जुलाई में सर्वाधिक नकबजनी व चोरी की वारदात हुई है। लॉकडाउन में अप्रैल व मई में कम है। क्योंकि इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। अनलॉक के साथ चोरी की वारदात भी बढ़ी है।  
 बड़ी खबर : रायपुर में बेहोशी की हालत में युवती को कार से फेंक कर भागे आरोपी

बड़ी खबर : रायपुर में बेहोशी की हालत में युवती को कार से फेंक कर भागे आरोपी

रायपुर। राजधानी रायपुर में सुबह एक युवती को कार से बाहर फेंककर एक युवक तेजी से कार भगाकर फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्काल डायल 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को इस घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद फौरन पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और युवती को एंबुलेंस से इलाज के लिए अंबेडकर अस्पताल भिजवा दिया।

पुलिस ने बताया कि उरला थाना क्षेत्र में यह संगीन अपराध हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे के आस-पास एक युवती को महामाया स्टील कंपनी के पास उरला-सरोरा रोड के बीच में एक युवक कार से फेंक कर तेजी से कार भगाकर वहां से फरार हो गया। किसी ने भी कार का नंबर नहीं देखा। हालांकि, कार सवार आरोपित के फरार होते ही वहां पहुंचे लोगों ने युवती को बेहोशी की हालत में देखकर तत्काल पुलिस को फोन किया। उसकी हालत खराब लग रही थी।

तत्काल घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलवाई और युवती को इलाज के लिए तत्काल आंबेडकर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान पुलिस की टीम ने भी युवती से उसका नाम-पता जानने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थी। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि युवती की उम्र तकरीबन 19 वर्ष है। पुलिस ने बताया कि उरला का यह इलाका सूनसान पड़ता है, जहां कोई रिहायशी क्षेत्र नहीं है और मजदूर वर्ग के लोग ही यहां रहते हैं। लिहाजा, इसी वजह से आरोपित या आरोपितों ने इस जगह को चुना होगा। प्रथम दृष्टि यह अपहरण सहित अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देने का मामला नजर आ रहा है। हालांकि, वास्तविक तस्वीर तो युवती के होश में आने के बाद ही साफ हो सकेगी।
तेंदुए की ख़ाल के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

तेंदुए की ख़ाल के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर: ग्राम टेमरी के पास वीआईपी रोड से पुलिस ने तेंदुए की खाल की तस्करी करते हुए 2 कारोबारियों को गिरफ्तार किया। आरोपी माना इलाके में खाल बेचने आए थे। मुखबिरों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी करके इन्हें पकड़ा। आरोपियों से जब्त खाल की कीमत 10 लाख से ज्यादा आंकी गई है। दोनों ने रायपुर के एक कारोबारी से खाल खरीदने की बात कबूल की है।

पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने आरोपियों को खाल दिया। इस बीच, घटना की जानकारी मिलने के बाद रात में ही वन विभाग के अधिकारी भी जांच के लिए पहुंचे। पुलिस जांच कर रही है कि तेंदुए की खाल कहां से लाई गई है? आरोपियों ने खुद तेंदुआ को मारकर खाल निकाला है या फिर दूसरे राज्य से मंगाए हैं। माना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माना इलाके में तेंदुए की खाल के साथ सरसींवा के मनीष अग्रवाल और आनंद नगर, रायपुर के निखिल कुमार सिंह को गिरफ्तार किया।

उनसे खाल को लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों खाल लेकर माना इलाके में घूम रहे थे। दोनों ने कोरिया के मनोज कुशवाहा उर्फ विक्रम से खाल खरीदना बताया। पुलिस उसकी तलाश की जा रही है।

BIG BREAKING : आज रायपुर में आज कल से ज्यादा मिले मरीज, 16 हुए स्वस्थ, देखे पुरे जिले की स्थिति

BIG BREAKING : आज रायपुर में आज कल से ज्यादा मिले मरीज, 16 हुए स्वस्थ, देखे पुरे जिले की स्थिति

रायपुर | राजधानी रायपुर में आज 15 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है। वही हॉस्पिटल से 07 और होम आइसोलेशन से 09 कुल 16 मरीज स्वस्थ हुए है। जबकि आज किसी मरीज की मौत नहीं हुई, इस प्रकार मौत का कुल आकड़ा 3138 हुआ, साथ ही अब रायपुर में एक्टिव मरीज 138 है। आज तक रायपुर में 157653 मरीजो की पहचान हुई है और 154377 मरीजों ने कोरोना से जंग जीती है।
आपको बता दे छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 164 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला जांजगीर- चाम्पा से सर्वाधिक 18 मरीज मिले है| आज प्रदेश में कुल 327 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना की जंग जीत कर स्वस्थ्य हुए है | राज्य में आज कुल 01 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 2226 है | आज प्रदेश में 36208 टेस्ट हुए है |


 

19 वर्षीया नव विवाहिता लापता, पति ने दर्ज कराई शिकायत...

19 वर्षीया नव विवाहिता लापता, पति ने दर्ज कराई शिकायत...

लखनपुर । लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरजा नवापारा निवासी 19 वर्षीय विवाहिता महिला के लापता होने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोनिया राजवाड़े पति शनेश्वर राजवाड़े उम्र 19 वर्ष ग्राम कोरजा नवापारा निवासी जो 26 जुलाई कि रात 8:45 बजे से घर में बिन बताए कहीं चली गई है। पति सनेश्वर राजवाड़े ने अपनी पत्नी की खोजबीन रिश्तेदारों सहित आसपास क्षेत्रों में की, परंतु कुछ पता नहीं चला। सनेश्वर राजवाड़े पिता फेकू राम रजवाड़े अपने परिजनों के साथ लखनपुर थाना पहुच 27 जुलाई की शाम लगभग 7:00 बजे रिपोर्ट दर्ज कराई। लखनपुर पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर महिला के पतासाजी में जुटी है।  

जिला अस्पताल का होगा कायाकल्प, मरीजों व परिजनों की सुविधा के अनुरुप किए जाएंगे बदलाव

जिला अस्पताल का होगा कायाकल्प, मरीजों व परिजनों की सुविधा के अनुरुप किए जाएंगे बदलाव

सुकमा। आने वाले दिनों में सुकमा वासियों को जिला अस्पताल नए स्वरूप में दिखाई देगा। जिला प्रशासन की ओर से अस्पताल भवन व परिसर में नए बदलाव किए जाने वाले हैं। कलेक्टर विनीत नंदनवार ने आज आला अधिकारियों के साथ जिला अस्पातल का पूर्ण निरीक्षण किया और भवन में किए जाने वाले बदलाव की जानकारी ली। एसडीएम सुकमा व स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी अधिकारी नभ एल स्माईल ने प्रस्तावित फेदबदल से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर व भवन के भीतर मरीजों व उनके परिजनों को चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी हो, ऐसे आवश्यक फेरबदल किया जा रहा है।
प्रगतिरत आॅक्सिजन जनरेशन प्लांट का अवलोकन
कलेक्टर नन्दनवार ने जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन आॅक्सीजन जनेरेशन प्लांट का अवलोकन किया और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। आॅक्सीजन प्लांट स्थापित होने से कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के दौरान जिले के मरीजों को आॅक्सीजन आपूर्ति शीघ्र प्रदान की जा सकेगी। वहीं अन्य जिलों पर निर्भरता भी कम हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने आपात कक्ष, आॅपरेशन कक्ष, एक्स-रे कक्ष, पुरुष, महिला व शिशु वार्ड, सोनोग्राफी कक्ष सहित अन्य कक्षों का गहन अवलोकन किया और अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होने चिकित्सक आवास का भी मुआयना किया।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सीबीपी बन्सोड़, कार्यापालन अभियंता, अनिल राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर व अधिकारीगण उपस्थित रहे।
 

राज्य निर्वाचन आयोग ने तीन पार्षद प्रत्याशियों को किया निरर्हित

राज्य निर्वाचन आयोग ने तीन पार्षद प्रत्याशियों को किया निरर्हित

दुर्ग। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दुर्ग नगर निगम के तीन पार्षद प्रत्याशियों को निरर्हित घोषित किया है। इनमें सुष्मिता साहू, धरमराज व संतोष सागर शामिल हैं। आदेश पत्र तामिली के लिए प्रत्याशियों के पास प्रेषित कर दिया गया है। 

एकता महिला स्व-सहायता समूह की इन दीदीयों के हौसलों के आगे लोहा भी नरम पड़ गया, जानिए क्या है मामला

एकता महिला स्व-सहायता समूह की इन दीदीयों के हौसलों के आगे लोहा भी नरम पड़ गया, जानिए क्या है मामला

रायपुर । छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब पुरूषों का व्यवसाय माने जाने वाले कई क्षेत्रों को अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महासमुन्द जिले के विकासखंड बागबाहरा के अंदरूनी गाँव कोमाखान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिहान की दीदीयां लोहे की तार फेंसिंग के निर्माण कार्य से जुड़ी हैं। एकता महिला स्व-सहायता समूह की इन दीदीयों के हौसलों के आगे लोहा भी नरम पड़ गया है। बिहान समूह की दीदीयों ने कुछ माह में ही 169 बण्डल फेंसिंग तार का विक्रय कर एक लाख 90 हजार 365 रूपए की आमदनी अर्जित की है। इनके बनाए फेंसिंग तार की सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में बहुत माँग है।
आत्मनिर्भर बनकर ये महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहीं है, बल्कि दूसरों को भी रोजगार प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रही हैं। महिलाएं फेसिंग तार के साथ आचार, पापड़, निरमा, साबुन, फिनाइल का भी निर्माण करती हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि फेंसिंग तार का काम मुश्किल है, पर मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण देने से आसान लगने लगा।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत महिला एवं युवतियों को स्व-सहायता समूह के रूप में गठित कर उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महासमुंद जिले मंे 5 हजार 223 महिला स्व-सहायता समूह काम कर रही हैं। इनमें 55 हजार 910 महिलाएं मोमबत्ती, दीया, वाशिंग पाउडर, फिनॉयल, बाँस की टोकरी सहित अन्य सामग्रियां बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। इसके साथ ही बिहान दीदीयां सिलाई-कढ़ाई करने, जैविक खाद बनाने और खुद बनाए सामानों को बजार में बेचने का काम करती हैं।
 

अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में शिक्षकीय संवर्ग पर संविदा भर्ती के लिए आवेदन 10 तक

अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में शिक्षकीय संवर्ग पर संविदा भर्ती के लिए आवेदन 10 तक

कोण्डागांव। कार्यालय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालन प्रबंधन समिति कोण्डागांव ने जारी विज्ञप्ति अनुसार जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में राज्य शासन एवं लोक शिक्षण संचालनालय ने प्राप्त निर्देशानुसार सभी विकासखण्डों में शालावार रिक्त शिक्षकीय संवर्ग के पदों पर अस्थाई रूप से कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति की जानी है। इस के लिए विज्ञापन में निहित शर्तो के अंतर्गत योग्यताधारी आवेदकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र पंजीकृत डाक अथवा स्पीडपोस्ट के माध्यम से कार्यालयीन समय में मंगलवार 10 अगस्त को सायं 5ः30 बजे तक जिला शिक्षा कार्यालय कक्ष क्रमांक 101 कलेक्ट्रेट भवन प्रथम तल कोण्डागांव (छ.ग) पिन कोड 494226 के पते पर प्रेषित कर सकते हैं।  

 चरित्र शंका को लेकर पति ने पत्नी को लगाई आग, बेटी बचाने पहुंची तो दोनों को घर में बंद कर भागा पति

चरित्र शंका को लेकर पति ने पत्नी को लगाई आग, बेटी बचाने पहुंची तो दोनों को घर में बंद कर भागा पति

कोरबा। नानी के साथ रह रहे बेटे के बीमार होने पर देखने जा रही महिला पर शंका करते हुए पति ने उसकी पिटाई कर दी। फिर उसपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। दो दिन बाद परिचित घर पहुंची, तब महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जानकारी के अनुसार पाली थाना के ग्राम बहेराभांठा लाफा निवासी किशुन मरावी अपनी पत्नी संतोषी मरावी 28 के चरित्र पर शंका करता है। स्कूल बंद होने के कारण संतोषी ने अपने दो बच्चों में 8 वर्षीय पुत्र सत्येंद्र को अपने मायके में नानी के पास भेज दिया था। वहीं 10 वर्षीय पुत्र साधना को साथ में रखी थी। शुक्रवार को पुत्र सत्येंद्र की तबीयत खराब होने का पता चलने पर संतोषी उसे देखने मायके जाने के लिए तैयार हो रही थी। जिसे देखकर किशुन डंडे से मारने लगा। इसके बाद संतोषी पर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी। बेटी पहुंची तो वह मां को बचाने लग गई। तब किशुन उन दोनों को घर में बंद करके भाग गया। 2 दिन तक झुलसी हालत में महिला बेटी के साथ कमरे में बंद पड़ी थी। परिचित तिल कुंवर ने जब 2 दिन तक संतोषी को नहीं देखा तो उसके घर पहुंची तो मामले की जानकारी हुई। पुलिस ने आरोपी पति किशुन के खिलाफ  हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।

घायल संतोषी ने बताया कि शंका की वजह से पति किशुन ने उसे जान से मारने के लिए जलाया। बेटी बचाने पहुंची तो उसपर भी रहम नहीं आया। वह दोनों को घर में बंद करके भाग गया। घर में न तो खाने के लिए राशन था और न ही किसी को सूचना देने या मदद मांगने के लिए साधन। आग से शरीर में कई जगह जलने से वह चलने-फिरने में सक्षम नहीं थी। ऐसे में उसकी बेटी साधना और वह लाल चाय पी.पीकर जिंदा रहे।
छत्तीसगढ़: पुलिया से अनियंत्रित कार नाले में गिरी, हादसे में एक व्यापारी की मौत एक घायल

छत्तीसगढ़: पुलिया से अनियंत्रित कार नाले में गिरी, हादसे में एक व्यापारी की मौत एक घायल

नारायणपुर। जिले के नारायणपुर-कोंडागांव मुख्य मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर पुलिया से जा गिरी जिसमें एक व्यापारी की मौके पर मृत्यु हो गई, वहीं वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है।  


प्राप्त जानकारी के अनुसार मारुति कार क्रमांक सीजी 04 एमई 2701 ग्राम टिमनार पुलिया से अनियंत्रित होकर गिर गई। जिससे सवार हरेश कुमार निहचलानी मौके पर ही मौत हो गई तथा वाहन चालक गंभीर चोटे आई जिसकी सूचना थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग को मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर चालक को वाहन से बाहर निकाला व यातायात पुलिस व संजीवनी के सहयोग से उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। बताया गया कि मृतक रायपुर का निवासी है जो व्यापार की सिलसिले में नारायणपुर जा रहा था। थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग ने बताया आईपीसी की धारा 304ए के तहत मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया गया है।
 BIG BREAKING : रायपुर में गणेशोत्सव को लेकर कलेक्टर ने जारी की गाइडलाइन, इन 26 नियमों का करना होगा खास पालन

BIG BREAKING : रायपुर में गणेशोत्सव को लेकर कलेक्टर ने जारी की गाइडलाइन, इन 26 नियमों का करना होगा खास पालन

रायपुर। कोरोना संकट के बीच प्रदेश में गणेशोत्सव काफी सतर्कता के साथ मनेगा। राजधानी रापयुर में जिला प्रशासन की तरफ से इस बाबत सख्त गाइड लाइन जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने मूर्ती की ऊंचाई से लेकर पंडाल की साइज तक निर्धारित कर दिये हैं। जिला प्रशासन ने आयोजकों के लिए 26 तरीके से गाइडलाइन जारी किये हैं, जिसका इस्तेमाल किये बगैर गणेश प्रतिमा स्थापित नहीं किया जा सकेगा। अपर कलेक्टर से जारी आदेश में कहा गया है कि जो भी आयोजक शर्तों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
-मूर्ति की उंचाई एवं चौड़ाई 4x4 फिट से अधिक न हो। 
-मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15x15 फिट से अधिक न हो।
-पंडाल के सामने कम से कम 5000 वर्ग फिट की खुली जगह हो । 
-पंडाल एवं सामने 5000 वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। 
-मंडप / पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो, दर्शको एवं आयोजको के बैठने के लिए कुर्सी नहीं लगाये जायेगे।
-किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हो। 
-मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता मोबाइल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
-मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 04 सीसीटीवी लगायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
-10. मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा।
-मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाइजर थर्मल स्क्रिनिंग, आक्सीमीटर, हेंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी।थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी।
-व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिसटेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर कराया जायेगा।
-यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो ईलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति करेगा।
-कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी।
-मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी।
-मूर्ति स्थापना के समय स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चांत किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।
-मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी।
-मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटाएस (छोटाहाथी) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा।
-मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी।
-मूर्ति विसर्जन के लिए 04 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
-मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कही रोकने की अनुमति नहीं होगी।
-विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट मार्ग एव तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सामान्य रूप से सभी वाहन रिंग रोड के माध्यम से ही गुजरेगे । 
-विसर्जन के मार्ग में कही भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।
-सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।
-उपरोक्त शर्तों के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मुर्ति स्थापित किया जाता है तो कम से कम 7 दिवस पूर्व नगर निगम के संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी।
-इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन, रायपुर द्वारा समय समय पर जारी निर्देश / आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा।