रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नारायणपुर प्रवास के दौरान मलखंभ के खिलाडि़यों द्वारा रोमांचक प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाडि़यों का उत्साहवर्धन करते हुए अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मलखंभ का अनोखा प्रदर्शन किया गया था, जिसे देखने का अवसर मिला था। उन्होंने कहां कि मलखंभ अकादमी की स्थापना का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास विचाराधीन है। यहां के खिलाड़ी केवल नारायणपुर का ही नहीं, बल्कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रौशन कर रहे हैं। अबूझमाड़ के छोटे-छोटे बच्चों द्वारा मलखंभ का हैरत अंगेज प्रदर्शन देखकर लोगों ने दांतो तले उंगली दबा ली। मोक्षिका ने मलखंभ खिलाडि़यों के लिए आवश्यक सामग्री सहित अन्य सुविधाओं की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मलखंभ खिलाडि़यों के लिए डीएमएफ से बेहतर डाईट की व्यवस्था की जायेगी। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री तथा नारायणपुर जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, बस्तर सांसद दीपक बैज, हस्तषिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक चंदन कश्यप, अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनूप नाग सहित जिला एवं पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे। गौरतलब है कि मलखंभ प्रशिक्षक मनोज प्रसाद द्वारा वर्ष 2017 से क्षेत्र के बच्चों को मलखंभ का विशेष अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे यहां के बच्चे अन्य राज्यों में जाकर मलखंभ का बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, और अपने जिले एवं राज्य का नाम रौशन कर रहे हैं।
रायपुर । एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया 11 जनवरी सोमवार को दिल्ली से विमान के माध्यम से रवाना होकर सुबह 11:00 बजे नागपुर पहुंचेंगे। पीएल पुनिया नागपुर से वर्धा सड़क मार्ग से जाएंगे और सेवाग्राम वर्धा में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी 41 कार्यकारिणी सदस्यों, 36 जिला कांग्रेस अध्यक्षों, युवक कांग्रेसी एनएसयूआई महिला कांग्रेस और सेवादल चारों मोर्चा संगठनों के प्रदेश प्रमुखों, कांग्रेस संचार विभाग के प्रदेश प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी और मुख्यमंत्री जी के दो सलाहकार विनोद वर्मा और राजेश तिवारी सहित 85 प्रशिक्षणार्थियों के लिये आयोजित शिविर में 11 जनवरी से 14 जनवरी तक भाग लेंगे। इस प्रशिक्षण शिविर में एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी एल पुनिया और एआईसीसी के छत्तीसगढ़ के प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव भी भाग ले रहे हैं। डॉ चंदन यादव रायपुर से प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्यों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बस द्वारा सड़क मार्ग से प्रस्तुत सेवाग्राम के लिए प्रस्थान करेंगे।
बिलासपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपनी रेडियोवार्ता लोकवाणी की 14 वी कड़ी में आज युवाओं से रूबरू हुए। इसका प्रसारण आज सुबह 10.30 बजे से 11 बजे के बीच आकाशवाणी एवं क्षेत्रीय समाचार चैनलो के जरिए किया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं द्वारा रिकॉर्डेड संदेश के माध्यम से साझा किए गए विचारों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा कर युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षो में 46 हजार से अधिक युवाओं ने मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण में भाग लिया है। जिले की रतनपुर निवासी श्रीमती अन्नू शुक्ला ने भी श्री बघेल से बातचीत की और मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी रोजगारपरक योजना के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रीमती अन्नू शुक्ला ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत हेयर स्टाइलिस्ट का चार माह का प्रशिक्षण प्राप्त किया और वे आज आत्मनिर्भर हैं। श्रीमती शुक्ला ने कहा कि हम जैसे बेरोजगारों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 बहुत चुनौती पूर्ण था। छत्तीसगढ़ वासियों ने अपने कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवाभवना से कोरोना का मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि छ्तीसगढ़ के युवाओं ने हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने पहली बार छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के गठन का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता लोकवाणी को बिलासपुर के सरकंडा में भी युवाओं ने तन्मयता से सुना। श्री सुनील साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा युवाओं के लिए बहुत सी योजनाएं चलाई जा रही है जिससे उन्हें रोजगार मिल रहा है।
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सरकार द्वारा युवाओं की बेहतरी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। श्री समयदास मानिकपुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास को नए शिखर पर पहुंचाया है। श्री राजेन्द्र नरेश ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सुराजी गांव योजना सहित अन्य योजनओं से बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ा है। बिहान कार्यक्रम के तहत महिलाओं को भी आजीविका एवं स्वरोजगार से जोड़ा है। श्री संजू कश्यप ने कहा कि युवा प्रतिभाओं को हर क्षेत्र में आगे आने के अनेक अवसर सरकार द्वारा दिए गए हैं। इस दौरान श्री दिलीप कुमार यादव, श्री अमित शुक्ला, श्री सुनील साहू सहित अन्य लोगों ने भी लोकवाणी को सुना |
रायपुर | देश में कोरोना के टीकाकरण की तिथि घोषित होते ही वैक्सीन पर विवाद बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, को-वैक्सीन ने तीसरे चरण का ट्रायल पूरा नहीं किया है। ऐसे में सामान्य जनों को लगाने के लिए भारत बायोटेक की इस वैक्सीन को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
सिंहदेव ने कहा, अगर केंद्र सरकार इस वैक्सीन को छत्तीसगढ़ भेजेगी तो हम मना कर देंगे। टीएस सिंहदेव ने कहा, भारत में दो वैक्सीन को अनुमति मिली है। इसमें एक ऑक्सफोर्ड में विकसित वैक्सीन कोविशील्ड है। जिसका ट्रायल वहीं हुआ है। उसके ट्रायल के सभी आंकड़े मौजूद हैं। यहां सीरम इंस्टीट्यूट इसको बना रहा है।
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दूसरा भारत बायोटेक की देश में ही विकसित को-वैक्सीन है। इसके दो चरण के ट्रायल हुए हैं। आपातकालीन इस्तेमाल मिलने की तारीख तक इसके ट्रायल का तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ था। टीएस सिंहदेव ने कहा, अभी सामने आया है कि को-वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इससे वैक्सीन के सुरक्षित होने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
मंत्री सिंहदेव ने कहा, केंद्र सरकार को इस मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। देश में कम से कम 500 से 700 दिन तक वैक्सीनेशन चलना है। ट्रायल के नतीजों के आधार पर फैसला होगा तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, को-वैक्सीन को तीसरे ट्रायल में 28 हजार सैंपल लेने थे, लेकिन 23 हजार सैंपल ही लिए जा सके थे। ऐसे में उसके परिणाम संदिग्ध हैं। अगर बिना ट्रायल और सुरक्षा मापदंडों को पूरा किए वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति मिल गई तो दूसरी कंपनियां भी अधूरे ट्रायल के साथ अनुमति लेने आ जाएंगी।
दंतेवाड़ा | जिले के माई दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में एक काले सिर वाले दुर्लभ तक्षक नाग मिला। दंतेश्वरी मंदिर के शक्तिपीठ परिसर में स्थित टेंपल कमेटी के दफ्तर के पास काले सिर वाला सांप देखा गया।
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मंदिर के स्टाफ ने पहले तो इसे नाग का सपोला समझा और पकडऩे के लिए सर्प विशेषज्ञ को बुलाया गया। दंतेश्वरी मंदिर में सांप दिखने की सूचना पर स्नैक कैचर अक्षय मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने जब सांप को देखा तो वे भी दंग रह गए।
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रायपुर | छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में स्थित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्विद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह चल रहा है। इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद बोबडे और विवि के कुलपति व छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पी आर रामचन्द्र मेनन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधि मंत्री मोहम्मद अकबर, सुप्रीम कोर्ट के जज नवीन सिन्हा, हाई कोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा, पीपी साहू, मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और अन्य गणमान्य अतिथि वर्चुअल माध्यम से उपस्थिति हैं।
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र के सोनगंगा कॉलोनी में मां बेटी ने कीटनाशक पी का आत्महत्या कर ली है।
जानकारी के अनुसार जहर के सेवन से मां की मौत हो गई है वहीं बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया है, सुसाइड नोट में बीमारी की वजह से आत्महत्या करने का जिक्र किया गया है। सरकंडा थाना क्षेत्र की पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
भिलाई | पचास रुपये के लिए पति ने अपनी ही पत्नी को रॉड से वार कर उसे मौत की घाट उतारने का मामला प्रकाश में आया है। वही पति भी घटना को अंजाम देने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन उसे गंभीर अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध कायम किया है।
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जामुल पुलिस ने बताया कि शनिवार की शाम मंगल बाजार छावनी निवासी राजकुमार पटेल 42 वर्ष ने पत्नी अनीता पटेल 35 वर्ष 50 रुपये मांगे। लेकिन पत्नी ने रुपये देने से इनकार करने पर पति राजकुमार आक्रोश में आकर सामने पड़े रॉड से अपनी ही पत्नी अनिता को सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। उसके बाद पति मकान में फाँसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
घटना की सूचना पुलिस को पड़ोसियों ने बताया। जामुल पुलिस मौके पर पहुंचकर घायल राजकुमार पटेल को अस्पताल में उपचार बीके लिए दाखिल किया। मौके पर सीएसपी विश्वास चन्द्राकर और जामुल थाना प्रभारी विशाल सोन समेत टीम पहुची थी।
मासूम बेटी रहती है चाचा के घर :
जामुल पुलिस ने बताया कि दोनों पति-पत्नी मजदूरी का काम करते थे। मूलत: पाटन निवासी पटेल परिवार है। दोनो की एक बेटी भी है। जो अपने चाचा के यह रहती है। फिलहाल माँ की मौत की खबर सुन मासूम बेटी का रो रोकर बुरा हाल है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान शनिवार को डीआरजी पुलिस बल के जवानों से मुलाकात कर उन्हें नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनका कुशलक्षेम पूछा तथा अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी हौसला आफजाई की। श्री बघेल ने पुलिस बल को नक्सल समस्या खत्म करने, नवयुवकों को मुख्यधारा में लाने, शिविर लगाकर ग्रामीणों को समझाईश देने, सहित अन्य विषयों पर चर्चा की।

जिले के पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने पुलिस बल द्वारा किये जा रहे कार्यो, उपलब्धियों एवं नक्सल उन्मूलन अभियान आदि के संबंधित संक्षिप्त उद्बोधन भी दिया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, राज्य सभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, विधायक नारायणपुर एवं छ.ग. हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चन्दन कश्यप, अंतागढ़ विधायक श्री अनूप नाग, कमिश्नर बस्तर संभाग श्री जी.आर. चुरेन्द्र, आईजी (इंटेलीजेंस) श्री आनंद छाबड़ा, बस्तर आईजी श्री पी सुंदरराजन, कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राहुल देव, जिला पुलिस बल, जिला महिला पलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, आईटीबीपी, बीएसएफ सहित जिले के अन्य सुरक्षा बल भी उपस्थित थे।

रायपुर | रास्ता घेर कर खड़े होने की बात पर विवाद में गाली-गलौच कर मारपीट करने की रिपोर्ट पर उरला पुलिस ने दोनों पक्ष के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज की है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपनी रेडियोवार्ता लोकवाणी की 14वीं कड़ी में आज युवाओं से रूबरू हुए। रेडियोवार्ता की यह कड़ी युवाओं को समर्पित रही। मुख्यमंत्री ने युवाओं द्वारा रिकार्डेड संदेश के माध्यम से साझा किए गए विचारों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की और युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने इस कड़ी में युवाओं को नए वर्ष की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की तरूणाई नई अंगड़ाई लेकर उठ खड़ी हुई है। जो हम सबके सुरक्षित और सुखद भविष्य का संकेत है।

श्री बघेल ने युवाओं को उनके उज्जवल भविष्य के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि युवाओं की प्रतिभा को संवारने और उन्हें आजीविका के बेहतर अवसर दिलाने के राज्य सरकार के अभियान में किसी तरह की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ी युवा हर मंच पर छत्तीसगढ़ का झण्डा गाड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 12 जनवरी को स्वामी विवेकानन्द की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उनकी प्रेरणादायक शिक्षाओं और सीख की चर्चा भी युवाओं के साथ की।

उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के शब्दों को उद्यत करते हुए युवाओं से कहा कि ’एक विचार उठाओ, उसे अपना जीवन बना लो’ यह सफलता का मार्ग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को देखकर यही लगता है कि उन पर गांधी-नेहरू-स्वामी विवेकानन्द का असर है। उन्होंने कहा कि बेहतर खेल अधोसंरचनाओं के विकास से खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के जरिए युवा साहित्यकारों और कलाकारों को सही मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलेगा।
छत्तीसगढ़वासियों ने अपने कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भावना से किया कोरोना का मुकाबला
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में कहा कि पिछला साल बड़ी चुनौतियों के साथ बीता है। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण दुनिया में अनेक परिवारों को अपने प्रियजनों से बिछड़़ना पड़ा। नौकरी, व्यापार, व्यवसाय तथा भिन्न-भिन्न आजीविका के साधनों पर कोरोना महामारी का बहुत घातक आघात रहा। छत्तीसगढ़वासियों ने अपने कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भावना से कोरोना का मुकाबला किया। आप सबकी बदौलत ही छत्तीसगढ़ ने कोरोना काल में भी बहुत उपलब्धियां हासिल कीं, जिसके कारण राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को ख्याति मिली। हमारी उपलब्धियों के पीछे एक बहुत बड़ी ताकत हमारी युवा शक्ति है।
स्वामी विवेकानंद ने भारत को दुनिया में सर्वोच्च प्रतिष्ठा दिलाई
श्री बघेल ने लोकवाणी में कहा कि मैं स्वामी विवेकानंद जी को, उनके जन्मदिन के अवसर पर, प्रदेश की जनता की ओर से नमन करना चाहूंगा। स्वामी विवेकानंद का मन मानव जाति की सेवा में रमा। बहुत छोटी-सी आयु में ही वे स्वामी रामकृष्ण परमहंस के शिष्य बन गए और वेदांत तथा आध्यात्मिक ज्ञान के शिखर की ओर बढ़ चले। 11 सितम्बर 1893 को शिकागो की धर्मसंसद में स्वामी विवेकानंद के व्याख्यान ने स्वयं उन्हें तथा भारत को दुनिया में सर्वोच्च प्रतिष्ठा दिलाई। स्वामी विवेकानंद को युवाओं का आदर्श माना गया। मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व का अनुभव हो रहा है कि भारत में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ का आयोजन 12 जनवरी 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल में शुरू हुआ।
स्वामी विवेकानंद ने मानव उत्थान की सीख दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विभिन्न धर्मों की आपसी प्रतियोगिता व वैमनस्यता के खिलाफ कड़ा रूख अपनाया था। उन्होंने आडम्बरों का मुखर विरोध किया। वे अपनी सारी चेतना और शक्ति को मानव के उत्थान में ही लगाने में विश्वास करते थे और इसी की सीख दिए। शिकागो की प्रसिद्ध विश्व धर्मसंसद में स्वामी जी ने कहा था कि उन्हें ऐसे धर्म पर गर्व है, जिसने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति दोनों सिखाई है। हम सभी धर्मों को सच मानते हैं। उन्हें एक ऐसे देश से संबंधित होने पर गर्व है, जिसने सभी धर्मों और पृथ्वी के सभी देशों के पीडि़तों और शरणार्थियों को शरण दी है। उन्होंने कहा वास्तविक शिक्षा वह है, जो किसी को अपने दम पर खड़ा करने में सक्षम बनाती है। छात्रों को चरित्र और मानवीय मूल्य सिखाती है। आज मैं स्वामी जी के शब्दों में ही युवाओं का आह्वान करता हूं-‘एक विचार उठाओ, उसे अपना जीवन बना लो। उसके बारे में सोचो, उसके सपने देखो, उस विचार पर जियो।
छत्तीसगढ़ के युवाओं ने हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम किया रोशन
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में बताया कि रामकृष्ण मिशन, स्वामी विवेकानंद, स्वामी आत्मानंद मेरे मन में बचपन से बसे थे। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था कि यदि भारत को जानना है तो स्वामी विवेकानंद को पढि़ए। पंडित जवाहर लाल नेहरू कहते थे कि युवाओं को चाहिए कि वे विवेकानंद को बार-बार पढं़े, उनकी बुद्धिमत्ता, जोश और विवेक से नई पीढ़ी को काफी मदद मिलेगी। स्वामी विवेकानंद जी का छत्तीसगढ़ प्रवास हमें उस यश और गौरव से जोड़ता है, जो उन्होंने मात्र 39 वर्ष की उम्र में ही कमा लिया था। यही वजह है कि हम रायपुर में स्वामी जी की यादों को सहेजने का काम कर रहे हैं। हाल के दो वर्षों की बात करूं तो ऐसा पहली बार हुआ है कि हमारी बस्तर की एक बेटी नम्रता जैन यूपीएससी में देश में बारहवें स्थान पर रही हैं। बिलासपुर के वर्णित नेगी तेरहवें स्थान पर रहे। भिलाई की सिमी करण सहित उमेश गुप्ता, आयुष खरे, योगेश पटेल, प्रसून बोपचे जैसे युवाओं ने एक सिलसिला बना दिया है। वर्ष 2020 में दुर्ग के कल्पित अग्रवाल गेट की परीक्षा में टॉपर रहे तो रायपुर के तनय राज ने नीट में परचम लहराया।
‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद’ के माध्यम से युवा साहित्यकारों,
कलाकारों को मिलेगा सही मंच, मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने पहली बार छत्तीसगढ़ में ‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद’ के गठन का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत साहित्य अकादमी, कला अकादमी, आदिवासी और लोककला अकादमी, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग, छत्तीसगढ़ सिंधी अकादमी आदि संस्थाएं काम करेंगी। हमारा प्रयास है कि यह काम जल्दी से आगे बढ़े ताकि आप लोगों को सही मंच, मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन मिल सके। इसके अलावा साहित्यकारों, कलाकारों और उनके परिवारजनों को सहायता देने के अनेक प्रावधान भी हैं। हमने स्थानीय कला-संस्कृति को महत्व देते हुए यह कोशिश की है कि हमारे स्थानीय कलाकारों को भरपूर अवसर मिले।
‘खेलबो-जीतबो-गढ़बो-नवा छत्तीसगढ़‘
मुख्यमंत्री ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी दीपेश कुमार सिन्हा, शिखर सिंह, आकर्षि सहित अन्य सभी खिलाडि़यों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैंने नारा दिया था, ‘खेलबो-जीतबो-गढ़बो-नवा छत्तीसगढ़।’ हमें पता है कि विरासत में हमें बेहद कमजोर खेल अधोसंरचना मिली है, वहीं खिलाडि़यों को भी बहुत से अभावों से जूझना पड़ता था। इसलिए हमने ‘छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण’ का गठन किया। हॉकी, फुटबाल, बैडमिंटन, तीरंदाजी, वालीबॉल, कबड्डी आदि खेलों के निःशुल्क प्रशिक्षण की सुविधा दी गई है। अब ‘खेलो इंडिया योजना’ के तहत रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की आवासीय हॉकी अकादमी तथा बिलासपुर में तीरंदाजी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। बिलासपुर में तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स की राज्य स्तरीय अकादमी, जगदलपुर में फुटबॉल तथा रनिंग सिंथेटिक टर्फ ग्राऊंड, अम्बिकापुर इंडोर हॉल की मंजूरी प्राप्त की गई है।
प्रदेश के सभी नगरीय-निकायों तथा पंचायतों में ‘राजीव युवा मितान क्लब’ का गठन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से युवाओं के सर्वांगीण विकास का कार्य किया जाएगा। हमारी योजना है कि प्रत्येक जिले में स्थानीय विशेषता के अनुसार प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएं और उसमें उद्योगों की मदद भी ली जाए। मुझे तो विगत वर्ष मनाए गए युवा महोत्सव की याद आ रही है, जिसमें ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक युवाओं ने भाग लिया था और हजारों युवा साथी राज्य स्तरीय प्रदर्शन के लिए रायपुर आए थे। इस वर्ष कोरोना के कारण वैसा आयोजन नहीं हो पा रहा है, लेकिन हम प्रयास करेंगे कि भविष्य में कोई बड़ा आयोजन हो।
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में आइफा अवार्ड विजेता सरगुजा के दो युवाओं युवा संगीतकार सौरव गुप्ता और वैभव सिंह सेंगर तथा इंडिया बेस्ट डांसर टीव्ही शो में फस्ट रनरअप मुकुल गाइन को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके माध्यम से मैं उन सभी युवा प्रतिभाओं को बधाई देता हूं जिन्होंने छत्तीसगढ़ का नाम ऊंचा किया है। मैं चाहता हूं कि आप लोग इसी तरह लगातार काम करते रहें और सफलताएं हासिल करते रहें, इसके लिए मेरी शुभकामनाएं।
दो वर्षों में 46 हजार से अधिक युवाओं ने मुख्यमंत्री कौशल प्रशिक्षण योजना से बने हुनरमंद
लोकवाणी में कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अनेक युवाओं ने अपने बारे में संदेश रिकॉर्ड करवाए जिसमें उन्होंने इस योजना को युवाओं के लिए उपयोगी बताते हुए इसे जारी रखने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। श्री बघेल ने इन युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के तहत स्कूल, कॉलेज, कोचिंग तथा अन्य प्रशिक्षण संस्थानों पर रोक लगाई गई थी। कौशल विकास योजना को बेहतर ढंग से चलाने के लिए हमने नई गाइडलाइन जारी की, जिसके तहत बाजार की मांग और आधुनिक तकनीकी पर आधारित प्रशिक्षण शुरू किया गया। मुझे खुशी है कि दो वर्षों में 46 हजार से अधिक युवाओं ने प्रशिक्षण लिया है, जिसमें से लगभग 23 हजार युवाओं ने अपना काम शुरू कर दिया है। आपकी सहूलियत के लिए हमने ‘रोजगार संगी मोबाइल एप’ शुरू किया, जो प्रशिक्षित युवा और नियोक्ता के बीच पुल का काम कर रहा है। कोरोना के कारण जो प्रवासी श्रमिक वापस लौटे उनमें से 2 लाख 14 हजार लोगों की स्किल मैपिंग करके उनके प्रशिक्षण और रोजगार की व्यवस्था की जा रही है। जैसे ही कोरोना का असर कम होगा या इसकी गाइडलाइन इजाजत देगी, वैसे ही हम जल्दी से जल्दी कौशल प्रशिक्षण शुरू करने की व्यवस्था करेंगे।
युवाओं की प्रतिभा को संवारने और आजीविका के बेहतर अवसर दिलाने के अभियान में नहीं होगी कोई कमी
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने जिन पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं दी हैं, उनमें कहीं कोर्ट केस या प्रक्रियागत बाधाओं के कारण तकलीफें थीं, जिनका उचित ढंग से निराकरण किया जा रहा है। बहुत से प्रकरणों में तो मामला वेरीफिकेशन तक पहुंच गया है, हमारा प्रयास है कि जितनी जल्दी हो सके, नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएं। इस संबंध में मैंने विभिन्न विभागों को निर्देश दे दिए हैं। साथियों, मैं एक बार फिर यह कहना चाहूंगा कि आप लोगों ने जिस तरह से धैर्य बनाए रखा है, वह काबिले-तारीफ है। छत्तीसगढ़ में युवाओं का भविष्य उज्ज्वल है। मैं चाहूंगा कि आपकी प्रतिभा को संवारने और आपको बेहतर आजीविका दिलाने के हमारे अभियान में कहीं कोई कसर नहीं रहेगी।
दो वर्ष में 22 प्रतिशत से घटकर 2 से 4 प्रतिशत के बीच हुई बेरोजगारी दर
नए उद्योगों में ही 15 हजार लोगों को मिला रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जमाना गया जब सिर्फ सरकारी नौकरी को ही रोजगार माना जाता था। अब तो बहुत से काम और बहुत सी नौकरियों को सरकारी नौकरी से बेहतर माना जाता है। यही वजह है कि हमने प्रदेश में ऐसे विकास कार्यों या योजनाओं को अपनाया है, जिसमें युवाओं की भागीदारी बड़े पैमाने पर हो। कृषि, वानिकी, इनके उत्पादनों का प्रसंस्करण, नई उद्योग नीति आदि के माध्यम से हमने सर्वांगीण विकास और चौतरफा विकास की रणनीति अपनाई है, ताकि छोटे-बड़े हर स्तर पर लोगों को काम मिले। अब देखिए कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, सुराजी गांव योजना के कारण भी गांव-गांव में रोजगार के नए अवसर बने हैं। मुझे यह देखकर खुशी होती है कि हम एक रास्ता बनाते हैं तो उसमें से दस रास्ते लोग अपनी सोच, समझदारी और प्रतिभा से बना लेते हैं। गोबर हमारी पूरी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केन्द्र में तो आ ही गया है, लेकिन अब इससे बनने वाले कलात्मक उत्पादों के लिए राज्य से लेकर दिल्ली तक मार्ट खुल जाना एक नई तरह की क्रांति है। क्योंकि ऐसा कोई भी काम होता है, तो उसमें रोजगार के अवसर समाहित रहते हैं। नई उद्योग नीति से नए उद्योग लगने की पहल हो रही है तो उसमें भी करीब 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना बन गई है। सिर्फ नए उद्योगों में ही लगभग दो साल में 15 हजार लोगों को रोजगार मिल गया है। गांव से लेकर सरकारी नौकरी और उद्योगों तक, जब हम समग्र रूप में देखते हैं तो पाते हैं कि प्रदेश की बेरोजगारी दर देश की बेरोजगारी दर की आधी भी नहीं है। दो वर्ष में 22 प्रतिशत से घटकर बेरोजगारी दर 2 से 4 प्रतिशत के बीच रही है।
बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने ई-श्रेणी पंजीयन योजना की शुरूआत
स्नातक इंजीनियर, डिग्रीधारी, डिप्लोमाधारी राजमिस्त्री को भी रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने यह व्यवस्था की है कि बेरोजगार युवा यदि स्नातक इंजीनियर हैं तो इन्हें ई-श्रेणी में एकीकृत पंजीयन कर ब्लॉक स्तर पर 20 लाख तक के कार्य दिए जाएं। इन्हें एक वर्ष में अधिकतम 50 लाख रू. तक के कार्यों की पात्रता होगी। वहीं अनुसूचित क्षेत्रों में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण युवाओं को भी ई-पंजीयन की सुविधा दी गई है, ताकि वे भी निर्माण कार्यों में सीधी भागीदारी निभा सकें। इसके अलावा बेरोजगार डिग्रीधारी/डिप्लोमाधारी/राज मिस्त्री को भी आसानी से रोजगार दिलाने के लिए पृथक से निविदा प्रक्रिया की व्यवस्था की गई है। जिसके तहत स्नातक इंजीनियरों को एक बार में 50 लाख तक और वर्ष में 2 करोड़ रू. तक का दिया जाएगा। डिप्लोमाधारी इंजीनियरों को एक बार में 25 लाख रू. तक तथा वर्ष में अधिकतम एक करोड़ रू. तक के कार्यों की पात्रता होगी। राज मिस्त्रियों को एक बार में 15 लाख रू. तथा वर्ष में अधिकतम 60 लाख रू. तक के कार्यों की पात्रता होगी।
महासमुंद । साली के प्रेम में जीजा ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। मौत को स्वाभाविक मौत बताकर श्मशान घाट में दफना भी दिया। मृतिका के परिजनों ने कुछ गलत होने का अंदेशा जताते हुए इसकी शिकायत एसडीएम से की। मामले की जांच में जुटी पुलिस के सामने मौत के राज से एक-एक पर्दा उठा। पुलिस ने 19 दिन बाद कब्र खुदवाकर महिला का शव निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा, रायपुर भिजवाया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। धारा-302, 201, 203 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जीजा-साली के प्यार के बीच आ रही पत्नी को पति ने हटाने का मन बना लिया और 19 दिसंबर की दोपहर 3:30 बजे गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। टीआई ने कहा कि अंतिम संस्कार से पहले शव को नहलाया जाता है। नहलाने के दौरान ही परिवार वालों ने मृतिका के शरीर पर चोट के कई निशान दिखे। साथ ही उसके कान और मुंह में खून निकला हुआ था। गले पर भी दबाने के कारण नीला निशान बन गया था। इस पर परिजनों को बेटी के साथ कुछ गलत होने का अंदेशा हुआ। हालांकि उस दिन उन्होंने कुछ भी नहीं बोला। संस्कार कार्यक्रम खत्म होने के बाद मृतिका की मौसी नेहरू चौहान ने एसडीएम से इसकी शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी। एसडीएम के आदेश के बाद पुलिस इसकी जांच कर रही थी। शक गहरा होने पर 6 जनवरी को महिला का शव कब्र खोदकर निकला गया था।
रायपुर । युवाओं के पारंपरिक चेतना केंद्र के रूप में प्रसिद्ध, किंतु अब लुप्त हो रही बस्तर की घोटुल परंपरा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा से पुनर्जीवन मिलने की उम्मीद बंधी है। आज नारायणपुर में श्री बघेल ने जिले में इस साल 100 घोटुलों के निर्माण की घोषणा की। साथ ही साथ उन्होंने यहां की सभी 104 पंचायतों में 9-9 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ियों का विकास करने की भी घोषणा की। अपने नारायणपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री बघेल द्वारा घोटुलों और देवगुड़ियों के संबंध में की गई घोषणाओं को बस्तर के सांस्कृतिक संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्री बघेल ने कहा बस्तर की घोटुल परंपरा को देखने समझने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। घोटुल हमारे युवाओं की सामाजिक गतिविधियों के केंद्र रहे हैं, वहां बैठकर वे अपने गांवों और क्षेत्र के विकास की चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि नारायणपुर प्रवास के दौरान कुछ लोगों ने उनसे कहा कि शासन को घोटुलों का निर्माण भी करना चाहिए, साथ ही इस साल 50 घोटुल के निर्माण मांग भी की। मुख्यमंत्री ने इस मांग से सहमति प्रकट करते हुए कहा कि मैं इस साल 100 घोटुल के निर्माण की घोषणा करता हूं, इसमें चाहे 10 लाख रुपए लग जाए या 12 लाख, पैसों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नये घोटुलों का स्ट्रक्चर भले ही पक्का हो, लेकिन उसकी डिजाइन और साज-सज्जा परंपरागत ही होनी चाहिए, ताकि हमारी प्राचीनता की पहचान बनी रहे। श्री बघेल ने जिले की सभी पंचायतों में देवगुड़ियों के विकास की घोषणा करते हुए कहा इन स्थलों पर शौचालय का निर्माण और पेयजल व्यवस्था भी की जाएगी।
दुर्ग । जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में 03 जनवरी से 10 जनवरी तक वाहन चालन संबंधी विशेष जागरूकता अभियान, राजेन्द्र प्रसाद चौक दुर्ग मे पंडाल लगाकर चलाया जा रहा है, जिसके तहत 8 जनवरी तक कुल 2055 ऐसे वाहन चालक जो यातायात नियमों की अनदेखी करते पाए गए, उन्हें नियमों की जानकारी देते हुए बंधपत्र भरवाया गया, जिसमें विशेष रूप से श्रीमती प्रेरणा अहिरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग के द्वारा उन वाहन चालको को समझाईश दी जिन्हें नियमों के विरूद्व वाहन चालक का कार्य करते हुए पाया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग श्रीमती प्रेरणा अहिरे ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सडक पर वाहन चलाता है तो आपको यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है । यातायात नियमो का उल्लंघन करने पर वर्तमान में हजारों रूपये का चालान वाहन चालक पर या स्वामी के विरूद्ध कार्यवाही की जाती हैं । यदि कोई व्यक्ति यातायात के नियमों का उल्लंघन करेगा या आवश्यक वाहन संबंधित दस्तावेज नहीं होने पर भी ट्रैफिक पुलिस आपसे गलत व्यवहार नहीं कर सकता । मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत धारा 139 में यह प्रावधान है कि वाहन चालक को दस्तावेज पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जायेगा । अगर वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस के माॅगने पर तुरंत वाहन का आर.सी. बुक, बीमा , ड्रायविंग लायसेंस , परमिट , पी.यू.सी. नहीं दिखाते हैं तो यह अपराध नहीं है । अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि उक्त दस्तावेज उसके घर में है तो उसे उक्त दस्तावेज पेश करने के लिए समय दिया जायेगा । इसके बाद भी अगर पुलिस, दस्तावेज तत्काल नहीं दिखाने पर चालान की कार्यवाही करती है, तो कोर्ट में इसे खारिज कराने का विकल्प रहता है । सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 में प्रावधान किया गया है कि वाहन चालकोें के दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा ट्रैफिक पुलिस उसके विरूद्ध चालान की कार्यवाही नहीं कर सकती । अगर ट्रैफिक पुलिस गलत तरीके से चालानी कार्यवाही करती है तो उसका मतलब यह नहीं है कि, आपको चालान भरना ही पडेगा। ट्रैफिक पुलिस का चालान कोर्ट का आदेश नहीं है , इसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है । अगर कोर्ट को लगता है कि आपकेे पास सभी दस्तावेज है और आपको इसे पेश करने के लिए 15 दिन का समय नहीं दिया गया, तो वह कार्यवाही को निरस्त कर सकता है । ड्राईविंग लायसेंस की वैद्यता समाप्त होने पर ड्राईविंग लायसेंस के नवीनीकरण के लिए एक साल पहले या एक साल बाद नये लायसेंस के लिए आवेदन दी जा सकती है । यदि किसी वाहन चालक का ड्रायविंग लायसेंस की वैद्यता अवधि समाप्त हो गई हो (अर्थात एक्सपायर हो गया हो ) तो आपको दुबारा ड्रायविंग लायसेंस की परीक्षा पास करना पडेगा।
रायपुर । मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 104 एमओयू हुए हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार 714 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए 64 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ की नयी उद्योग नीति और कोरोना-काल में उद्योगों के हित में शासन द्वारा उठाए गए कदमों से राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हुआ है। कोरोना-संकट काल में पूरा देश आर्थिक मंदी से प्रभावित था, वहीं छत्तीसगढ़ में उद्योग जगत मंदी से अछूता रहा। लॉकडाउन के दौरान देश में सबसे पहले माह अप्रैल में छत्तीसगढ़ के उद्योगों में काम प्रारंभ हुआ। उद्योगों की कठिनाइयों को देखते हुए ही कई तरह की रियायतें और सुविधाएं दी गईं। कोर सेक्टर के उद्योगों को विद्युत शुल्क में छूट दी गई। कच्चे माल की आवक बनी रहे, और तैयार माल बाजार तक पहुंचता रहे, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए। दूसरे राज्यों से कच्चा माल आसानी से छत्तीसगढ़ आ सके, इसके लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। स्टील और सीमेंट उद्योग की गतिविधियां चलती रहें, इसके लिए सड़क और भवन निर्माण का काम जारी रखा गया। बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। नियम शर्तों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। राइस मिलों को ऊर्जा प्रभार में पांच प्रतिशत की छूट दी गई। उद्योगों को बिजली बिलों के भुगतान की अवधि में भी छूट दी गई। लॉकडाउन की अवधि में छत्तीसगढ़ में 27 लाख टन इस्पात का उत्पादन हुआ, जो दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा था। प्रदेश में नयी औद्योगिक नीति का निर्माण किया गया है। यह नयी नीति यहां के उद्योग धंधों के लिए संभावनाओं के नये दरवाजे तो खोल रही है साथ ही एग्रीकल्चर सेक्टर को भी मजबूत प्रदान कर रही है। राज्य सरकार की नयी उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। खनिज आधारित उद्योगों को हर तरह का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत अब इस्पात (स्पंज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज की व्यवस्था की गई है। मेगा निवेशकों के लिए इस पैकेज में अधिकतम 500 करोड़ रुपए तक निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बस्तर संभाग के लिए 1000 करोड़ का निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है। निवेशकों को सिर्फ छूट और सुविधा ही नहीं दी जा रही, बल्कि इस बात का भी खयाल रखा गया है कि वे प्रदेश में आसानी के साथ उद्योग स्थापित कर सकें। इसके लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन के लिए भू-प्रब्याजी में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। भू-भाटक में एक प्रतिशत की कमी की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में 10 एकड़ तक आवंटित भूमि को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के लिए नियम बनाए गए हैं। औद्योगिक भूमि और भवन प्रबंधन नियमों का सरलीकरण किया गया है। असामान्य परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में 464 स्टार्टअप शुरु करने में सफलता पाई है। 01 जनवरी 2019 से लेकर अब तक 104 एमओयू किए जा चुके हैं, जिनमें 42 हजार 714 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजी निवेश होगा। स्टील सेक्टर में 78 एमओयू हुए हैं, जिसमें 37306.39 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। सीमेंट सेक्टर में एक एमओयू हुआ, जिसमें 2000 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। एथेनॉल सेक्टर में 7 एमओयू हुए, जिनमें 1082.82 करोड़ का पूंजी निवेश होगा। फूड सेक्टर में 5 एमओयू के माध्यम से 283.61 करोड़, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 56.41 करोड़ रुपए, डिफेंस सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 529.50 करोड़ रुपए, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में 2 एमओयू के माध्यम से 30.76 करोड़ रूपए, सोलर सेक्टर में एक एमओयू के माध्यम से 245 करोड़ रूपए तथा अन्य सेक्टरों में 4 एमओयू के माध्यम से 1179.99 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे स्टील सेक्टर में 53,694, सीमेंट सेक्टर में 450, एथेनॉल सेक्टर में 986, फूड सेक्टर में 2,434, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 393, डिफेंस सेक्टर में 4494, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में 258, सोलर सेक्टर में 280 तथा अन्य सेक्टरों में 1,105 रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज नारायणपुर के केरलापाल गौठान का निरीक्षण किया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष और विधायक श्री चंदन कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के गौठान पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुमरी पहनाकर उनका स्वागत किया। श्री बघेल ने गौठान में महिला समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तथा समूहों द्वारा की जा रही आयमूलक कार्याें की जानकारी ली और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली।


रायपुर | मंत्री जी हम लोग गोठान में काम करते हैं। बाड़ी से सब्जी भी उगाते हैं। बाड़ी के लिए पानी की व्यवस्था करा दीजिए। मनरेगा में कनवर्जेंस करा दीजिए। हम लोग आपकों सब्जी खिलाएंगे। गांव की महिलाओं की इन बातों को सुनकर मंत्री जी मुस्कुराए और बोले, कौन से गांव के हो आप लोग? महिलाओं ने बताया आरंग विकासखण्ड के टेकारीकुण्डा के।
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मंत्री जी बोले मैं तो अक्सर अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा करता रहता हूं। सभी लोगों से मिलता रहता हूं। घर भी जाता रहता हूं। इतने दिन हो गए आप लोग गांव के आसपास ही मुझसे क्यों नहीं मिले ? मंत्री जी की बात सुन गांव की महिलाएं कुछ देर शांत हो गई, फिर एक ने कहा कि आपसे बहुत दिन से मिलने की सोच रहे थेेे, इसलिए आज आपके घर आ गए।
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मंत्री ने कहा चलो कोई बात नहीं आज आए हो तो चाय पीकर, खाना खाकर जाना, बाड़ी की सब्जी जब आपके गांव आऊंगा तो खिलाना। यह कहते हुए आखिरकार उन्होंने गांव के सरपंच और आरंग जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को फोन लगाया और गांव की महिलाओं की मांगों को पूरा करने के निर्देश दिए।
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दरअसल यह मामला नगरीय प्रशासन मंत्री व आरंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया के निवास का है। वैसे तो उनके सरकारी और निजी निवास में प्रतिदिन मंत्री डॉ. डहरिया से मिलने वालों की भीड़ लगी होती है। ऐसे ही मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या बताने आरंग विकासखण्ड के ग्राम टेकारीकुण्डा की एक दर्जन महिलाएं उनसे मिलने पहुची।
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राजलक्ष्मी और उन्नति स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती रहिमत धीवर, श्रीमती ममता वर्मा, शांता बघेल, संगीता वर्मा, मीना कोशले, रानू वर्मा, इंद्राणी वर्मा सहित अनेक महिलाओं ने बाड़ी, गोठान संचालन की जानकारी देते हुए बाड़ी में सिंचाई हेतु पानी की व्यवस्था और मनरेगा से जोड़कर गांव की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की मांग की। मंत्री डॉ.डहरिया से महिलाओं के साथ हुई छत्तीसगढ़ी में वार्तालाप के दौरान मंत्री ने उनसे गांव की स्थिति और उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने तत्काल गांव के सरपचं और जनपद के सीईओं को फोन लगाकर महिलाओं की मांगों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी को चाय पिलवाई और खाना खाने का भी निमंत्रण दिया। मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की इस तत्परता और चाय के साथ खाना के लिए पूछपरख पर गांव की महिलाएं बहुत खुश हुई। उन्होंने कहा कि गांव आने पर आपकों बाड़ी की सब्जी खिलाएंगे।














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