रायपुर। छत्तीसगढ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने कंटेनमेंट जोन के बाहर धार्मिक और अन्य कार्यक्रम आयोजन के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। प्रशासन ने 30 नवंबर को लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा पर मेला के लिए निर्देश भी जारी किये हैं।
विभाग से जारी गाइडलाइन के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर्व 30 नवंबर को महादेवघाट में आयोजित होबे वाले सभी कार्यक्रम मंदिर परिसर के भीतर ही सम्पन्न होंगे। पूजा स्थल पर केवल पूजा करने वाले ही व्यक्ति शामिल होगे। अनावश्यक भीड एकत्रित न होने देने की जिम्मेदारी मेला प्रबंधन समिति/पूजा कमेटी की होगी। मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालु पंक्तिवद्ध तरीके से लाईन में खडे होगे एवं उनके बीच एक श्रद्धालु रो दूसरे श्रद्धालु के बीच दो गज की दूरी होगी। श्रद्धालु के खडे होने के लिए मंदिर प्रबंधन मेला समिति,”नगर निगम के द्वारा सफेद गोले बनाया जावे।
कार्तिक पूर्णिमा के दौरान पूजा स्थल पर जुलसू, रैली, सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं करेगें। पूजा स्थल महादेवघाट में पान, गुटका इत्यादि खाकर थुकना प्रतिबंधित रहेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर द्वारा कार्तिक पूर्णिमा महादेवघाट रायपुर में आयोजित पर्व के दौरान एम्बुलेंस, डॉक्टर, चिकित्सकीय स्टाफ एवं दवाई की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

कार्तिक पूर्णिमा स्थल महादेवघाट में किसी भी प्रकार के बाजार, मेला, दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी। महादेवघाट पूजा स्थल में ध्वनि विस्तारक यंत्रो के उपयोग एवं प्रसाद वितरण की अनुमति नही होगी। महादेवघाट पूजा स्थल में छोटे बच्चे एवं वृद्ध को जाने की अनुमति नहीं होगी। खारून नदी, महादेवघाट के गहरे पानी में जाकर पूजा,/स्नान करने की अनुमति नही होगी। नगर निगम रायपुर /गेला समिति, आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पीने का पानी की व्यवस्था, गोताखोर एवं नाव की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी तथा मेले के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करेगें।
नगर निगम रायपुर/मेला प्रबंधन समिति महादेवघाट मे आयोजित कार्तिक पूर्णिमा पर्व में आने वाले श्रद्धालुओं एवं अन्य व्यक्तियों को सेनेटाईज करने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी एवं समय-समय पर सेनेटाईजर से मंदिर परिसर (मंदिर प्रबंधन समिति) को सेनेटाईज करना सुनिश्चित करेगें। आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए मास्क,/सोशल एवं फिजीकल डिस्टेसिंग का पालन एवं समय-समय पर सेनेटाईजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। मेला परिसर स्थित विभिन्नं सामाजिक भवनों /धर्मशालाओं में किसी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति नहीं दी जावेगी। सामाजिक भवनों की साफ-सफाई एवं सेनेटाईज करने की जिम्मेदारी संबंधित समाज प्रमुखों की होगी।
नगर निगम रायपुर / मेला प्रबंधन समिति कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए भारत सरकार एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ शासन द्वारा समय-समय पर कोरोना महामारी से सुरक्षा के लिए दिये जा रहे निर्देशों का अनिवार्यतः कडाई से पालन करेगें।
रायपुर, छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के ग्राम धरमपुरा में जैतखाम से लगे निर्माणाधीन सामाजिक धर्म-भवन को बलपूर्वक तोड़े जाने के मामले में जनता कांग्रेस छग के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने जिला कलेक्टर को बर्खास्त करने व दोषियों पर कार्रवाई सहित सात मांग शासन से की है।
जेसीसीजे के वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह और प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी धरमपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने समाज के लोगों से मुलाकात की और कहा कि गांव में 5 एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा है लेकिन कारवाई सिर्फ समाज विशेष पर की जा रही है। यह सरकार एक वर्ग विशेष के अस्तित्व को खत्म करना चाहती है। इसके अलावा उन्होंने कलेक्टर को बर्खास्त करने और दोषियों पर कड़ी कारवाई की मांग की है।
अमित जोगी ने कहा कि परम पूज्य गुरु बाबा घासीदास किसी समाज विशेष के नहीं अपितु सभी समाज के पथ प्रदर्शक हैं। उनकी आस्था के केंद्र बिंदु सतनाम भवन और गुरुद्वारा को ध्वस्त कर न केवल सतनामी समाज बल्कि छत्तीसगढ़ के सभी समाज को आघात हुआ है। धरमपुरा जाने के पश्चात धर्मजीत सिंह और अमित जोगी कबीरधाम के मिनीमाता चौक में चक्का जाम में भी सम्मिलित हुए। अमित जोगी ने जनता कांग्रेस की ओर से प्रमुख रूप से राज्य सरकार से ये 7 मांग की हैं जिनमें क्रमश: जिला कलेक्टर को तत्काल बर्खास्त किया जाए, समाज को जमीन वापस की जाए, समाज के लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाए, कम से कम 5 करोड़ की लागत में नया सतनाम भवन बनाया जाए, लाठीचार्ज और सतनाम भवन धवस्तिकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की जाए, दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए एवं आरक्षण बहाल किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्री परिषद की बैठक में 30 नवम्बर को सेवानिवृत्त हो रहे राज्य के मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल को बिदाई दी गई। मुख्यमंत्री श्री बघेल सहित मंत्री परिषद के सदस्यों ने श्री मण्डल को उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि श्री मण्डल के मार्गदर्शन में राज्य ने विकास के अनेक महत्वपूर्ण सोपान तय किए। कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के चुनौती भरे कार्य मे उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में संक्रमण की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में नियंत्रण में रही।
रायपुर, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत समस्त प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित मंत्रीपरिषद के सभी सदस्यों ने छत्तीसगढ़ी में अपनी बात रखी। चर्चा की शुरूआत मुख्यसचिव ने छत्तीसगढ़ी में की। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1- आई.टी.आई के अंतिम परीक्षा में सम्मिलित होने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण पूर्ण कराने, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को खोले जाने का निर्णय लिया गय, ताकि आई.टी.आई. के अंतिम वर्ष के प्रशिक्षणार्थी अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में शामिल हो सकें।
2- कृषि विभाग ने गोधन न्याय योजना के तहत संचालित राज्य शासन के विभागों के शासकीय संस्थानों , गौठानों से उत्पादित जैविक खाद का शासन के अन्य विभागों में सीधे क्रय किया जा सकेगा।
3- छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि प्रबंधन नियम 2015 में निरस्त भूखंड पुर्नस्थापना और अन्य सुसंगत प्रावधानों में संशोधन का अनुमोदन किया गया।
4- छत्तीसगढ़ राज्य में लघु वनोपजो के प्रसंस्करण के लिए दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव में लघुवनोपज की केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई की स्थापना का अनुमोदन किया गया। लघुवनोपज के अंतर्गत आयुर्वेदिक दवाएं, जड़ी बूटी, शहद , लाख, चिरौंजी, महुआ, बेल, इमली, बांस इत्यादि का प्रसंस्करण होगा।
5- छत्तीसगढ़ राज्य में लाख पालन को कृषि का दर्जा देने और लाख उत्पादन को कृषि फसलों के अनुरूप अल्प कालीन कृषि ऋण और ब्याज अनुदान दिए जाने का निर्णय लिया गया।
6- छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
7-खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान और मक्का के उपार्जन, कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया। धान की खरीदी नगद और लिंकिंग में 1 दिसंबर से 31 जनवरी 2021 तक , मक्का की खरीदी 1 दिसंबर से 31 मई 2021 तक की जाएगी।
8- छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के नियम 7 के प्रावधानों के अनुसार वाहनों के निष्प्रयोज्य में रखे जाने के एवज में, अग्रिम देय मासिक कर जमा किए जाने की छूट अवधि को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
9- छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग के अंतर्गत स्थानीय निधि संपरीक्षा के स्थान पर अब राज्य संपरीक्षा किए जाने के सबंध में संशोधन करने की अनुसंशा की गई।
10- नगर पालिका निगम रायपुर को गोल बाजार स्थित पूर्व से पट्टे पर आबंटित भूमि को आबंटित किया जाए। दर का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति से की जाएगी।
11- श्रम विभाग ने प्रस्तुत छत्तीसगढ़ राज्य प्रवासी श्रमिक नीति का अनुमोदन किया गया।
12- छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया।
13- नवा रायपुर अटल नगर में रोजगार निवेश, बसाहट को प्रोत्साहन देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र के भूखंडों की वर्तमान प्रीमियम दर को 50 प्रतिशत कम किए जाने का निर्णय लिया गया।
14- कोविड -19 के संक्रमण की स्थिति में प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भौतिक रूप से शिक्षण प्रारंभ किए जाने के संबंध में, उच्च शिक्षा से स्नातकोत्तर कक्षाएं 10 दिसंबर, स्नातक कक्षाएं 15 दिसंबर से और समस्त कक्षाएं 1 जनवरी 2021 से प्रारंभ किए जाने के सुझाव पर चर्चा की गई।
रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश की कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ में यूनवर्सिटी और कॉलेज खोलने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भौतिक रूप से शिक्षण प्रारंभ किए जाने के संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी मार्गदर्शिका तथा छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा द्वारा स्नातकोत्तर कक्षाएं 10 दिसंबर तथा स्नातक कक्षाएं 15 दिसंबर 2020 से एवं समस्त कक्षाएं एक जनवरी 2021 से प्रारंभ किए जाने के सुझाव पर चर्चा की गई।
वहीं आईटीआई के अंतिम परीक्षा में सम्मिलित होने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण पूर्ण कराने हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को खोले जाने का निर्णय लिया गया ताकि आईटीआई के अंतिम वर्ष के प्रशिक्षणार्थी अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा ( एन.सी.व्ही.टी.) में शामिल हो सकें।
हालांकि अभी स्कूल को खोलने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। राज्य सरकार पहले ही इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य नहीं होगी, तब स्कूल की कक्षाएं नहीं शुरू होगी।
रायपुर, मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से 8वें छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय के सभागार में आयोजित गोष्ठी का वर्चुअल शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ी राजभाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्य सृजन और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदेश की 9 विभूतियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ी में सम्बोधित करते हुए कहा कि नई सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ी राजभाषा, छत्तीसगढ़ी तीज-त्यौहारों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। राज्य सरकार ने हरेली, तीजा-पोरा,करमा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस की छुट्टी घोषित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय सभागार में राजभााषा दिवस पर आयोजित गोष्ठी में बहिनीमन छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में आई हैं। पहले छत्तीसगढ़ी में बोलने में संकोच करते थे। अब जब छत्तीसगढ़ी लोग मिलते हैं, तो अपनी भाषा छत्तीसगढ़ी में गर्व से बात करते हैं। उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ी, हिंदी, अवधी और बृज भाषाएं समकालीन हैं, लेकिन अन्य भाषाओं में छत्तीसगढ़ी भाषा की तुलना में ज्यादा साहित्य सर्जन का काम हुआ है। छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास और छत्तीसगढ़ी भाषा में साहित्य सृजन की काफी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोंडी, हल्बी, कुड़ुख, सरगुजिया जैसी भाषाओं में भी बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस की बधाई दी।
मुख्यमंत्री इस अवसर पर जिन छत्तीसगढ़ी राजभाषा सेवियों को सम्मानित किया। उनमें नंदकिशोर शुक्ला बिलासपुर, वैभव पाण्डेय बेमेतरिहा, रायपुर, डॉ. चितरंजन कर रायपुर, डॉ. परदेशीराम वर्मा भिलाई, रामेश्वर वैष्णव रायपुर, संजीव तिवारी दुर्ग अधिवक्ता, डॉ. राजन यादव खैरागढ़, देवेश तिवारी रायपुर और सुधा वर्मा रायपुर शामिल हैं।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री रुद्र गुरू, संसदीय सचिव शिशुपाल शोरी, संस्कृति विभाग के सचिव अंबलगन पी., संचालक अमृत विकास तोपनो इस अवसर पर उपस्थित थे।
रायपुर, कँवलेसेन्ट प्लाज्मा मध्यम लक्ष्णोंवाले कोविडरोगियों के लक्ष्णोंमें राहत लाने के लिए प्लाज्माथेरेपी काफी प्रभावी साबित हुई है। जब तक टीका जारी नहीं हो जाता, तब तक प्लाज्माथेरेपी से लाखों लोगों को लाभ होता रहेगा।मध्य भारत का सबसे बड़ा एवं आधुनिक कैंसर अस्पताल, बालकोमेडिकल सेंटर, जो कोविडपरीक्षण शुरू करने के लिए राज्य और एन ए बीएलकी अनुमति प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला निजी अस्पताल भी था ने गैर-लाभकारी संगठनों, राउंडटेबल169 और रायपुर लेडीजसर्कल 90के साथ मिलकर एक "प्लाज्मा दान शिविर" का आयोजन करके कोविड के खिलाफ अपनी लड़ाई को सामुदायिक स्तर पर ले गए।बालकोमेडिकल सेंटर, छत्तीसगढ़ में पहला अस्पताल था, जहां पर प्लाज्माथेरेपी शुरू की गई थी और वर्तमान में, यह कोविड परीक्षण और उपचार का संपूर्ण सरगम प्रदान करता है।
बालको मेडिकल सेंटर छत्तीसगढ़ के कुछ अस्पतालों में से एक है जिनके पास एक उन्नत एफेरेसिस मशीन है और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के तकनीकी रूप से उन्नत विभाग ने अब तक सैकड़ों प्लाज्मा फेरेसिस दान का संचालन करके कोविडके खिलाफ युद्ध को मजबूती से लड़ा है।
डॉ. नीलेश जैन, कंसल्टेंटट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और प्रभारी ब्लड बैंक, जिन्होंने पूरे प्लाज्मा फेरेसिस डोनेशन कैंप का नेतृत्व किया, ने बताया, “यह राउंडटेबल इंडिया 169 और रायपुर लेडीज़ सर्कल 90 द्वारा लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित करने के लिए वास्तव में एक बड़ी पहल है जिससे कोविड रोगी, जो अभी भी इस घातक संक्रमण से जूझ रहे हैं, उन्हें मदद मिलेगी। हम रायपुर के लोगों के शुक्रगुजार हैं, जो इस नेक काम के लिए दान देने के लिए बड़ी संख्या में आगे आए हैं। इसने एक बार फिर मानवता में विश्वास पैदा किया है।”
इसके अलावा डॉ जैन ने पात्रता मानदंड और प्लाज्मा दान प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है। कोई भी व्यक्ति जिसकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच है, हीमोग्लोबिन> 12.5 ग्राम, वजन> 55 किलोग्राम और उसे कोविड-19 संक्रमण था और अब कम से कम 28 दिनों के लिए लक्षण-रहित है, वह प्लाज्मा दान कर सकते है। प्लाज्मा दान किसी अन्य एफेरेसिस दान की तरह एक बहुत ही सरल प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया एफेरेसिस / सेल सेपरेटर नामक मशीन द्वारा की जाती है और क्योंकि इसमें केवल प्लाज्मा एकत्र किया जाता है, इसे प्लास्मफेरेसिस कहा जाता है। एक दाता से कुल 400-500 मिलीलीटर प्लाज्मा एकत्र किया जाता है, जो एक ही बैठक में लिया जाता है। पहले दान के दो सप्ताह बाद इसे फिर से दान किया जा सकता है।
“कोरोना एक ऐसा वायरस है जो हम सभी को प्रभावित करता है। कोई भी सुरक्षित नहीं है, लेकिन अगर हम एक साथ आते हैं और एक-दूसरे के लिए निस्वार्थ भाव से काम करते हैं, तो हम इस महामारी को तेजी से पार कर सकते हैं।
मैं सभी से आग्रह करती हूँ की आगे आएं एवं दूसरों को वह दान करें जो अभी सिर्फ व्यक्तिगत रूप से हमारी रक्षा कर रहा है। दूसरों को भी हमारे एंटीबॉडी द्वारा संरक्षित किया जा सकता है। आगे आएं एवं निस्वार्थ भाव से प्लाज्मा दान करें”, श्रीमती अंकिता अग्रवाल, चेयरपर्सन, रायपुर लेडीज सर्कल 90 ने कहा।
आपको बता दे राउंडटेबल और लेडीज़ सर्कल इंडिया गैर -लाभकारी संगठन हैं। पिछले 22 वर्षों से, उनका प्रयास शिक्षा के माध्यम से सच्ची स्वतंत्रता लाना है। जून 2020 तक उन्होंने 78 लाख से अधिक वंचित बच्चों को शिक्षित करते हुए 7141 कक्षाओं का निर्माण किया है।उनके पूरे भारत में 4500+ सदस्य हैं जो समाज के उत्थान और जरूरतमंदों की मदद के लिए एक साझा उद्देश्य से बंधे हैं।लेडीजसर्कल रायपुर ने बालकोमेडिकल सेंटर में ब्लड कैंसर से पीड़ित छोटे बच्चों के इलाज के लिए भी अपना सहयोग दिया है।
रायपुर। बेटी के घर गई महिला के घर का ताला तोड़कर किसी ने आलमारी में रखे सोने चांदी के जेवरात व नगदी रुपयें चोरी कर लिया। घटना की रिपोर्ट मुजगहन थाने में दर्ज की गई है।
रायपुर। रायपुर जिले में जुआ एवं सट्टा पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अजय कुमार यादव द्वारा रायपुर पुलिस के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को कार्य योजना तैयार कर इस पर अधिक से अधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। जिस पर समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्र में मुखबीर लगाकर लगातार पेट्रोलिंग व सूचना संकलन कर जुआ एवं सट्टा खेलने/खिलाने वालों के संबंध में सूचना एकत्रित की जा रही थी।

भिलाई। पुलिस कंट्रोल रूम में डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज आई जी विवेकानंद सिन्हा, एसपी प्रशांत ठाकुर सहित पुलिस के तमाम राजपत्रित अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा बैठक ली। इस दौरान डीजीपी अवस्थी ने राजधानी सहित बस्तर संभाग के बाद दुर्ग संभाग के प्रत्येक जिलों में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक कर कानून व्यवस्था की स्थिति का नब्ज टटोल रहे हैं। जिसमें दुर्ग जिला की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि आज की समीक्षा बैठक में यह जानकार प्रसन्नता हुई कि दुर्ग जिले में अपराध का ग्राफ बढा नही बल्कि घटा है। दुर्ग पुलिस अच्छा काम कर रही है। उन्होंने एक चुटकी लेेते हुए कहा कि दुर्ग पुलिस में और अ अधिक चमक लाने और अपराध को लेकर सजग रहने की जरूरत है। थाने आने वाले जो भी व्यक्ति हो चाहे महिला पुरूष जो भी उन्हें राहत मिले और गुण्डों मवालियों में पुलिस का खोैफ हमेशा बना रहना चाहिए। जनता का विश्वास पुलिस अर्जित कर सके पुलिस को नियमित ऐसा कार्य करना चाहिए। जिससे जनता से सीधे जुड़ाव हो और आम जनता और पुलिस के बीच की दूरिया कम हो। एस पी सारे मामलों की समीक्षा स्वयं करें। इस संबंध में दुर्ग एसपी श्री ठाकुर को भी इसके लिए निर्देशित किया है। पुलिस में अनुशासनहीनता व कदाचरण की जगह नही है, ऐसे मामलों में पुलिस वालों पर कड़ी कार्यवाही करने से हम जरा भी नही चुकेंंगे।


















