कोरबा। कोरबा में एसईसीएल की गेवरा कोल परियोजना में एक ट्रेनी (प्रशिक्षु) मजदूर की मौत हो गई। 120 टन वजनी डंपर के सुधार कार्य के दौरान 30 वर्षीय प्रशिक्षु मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद सभी अप्रेंटिस कर्मी नेहरु शताब्दी अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया।
रायपुर | छत्तीसगढ़ के वरीष्ठ पत्रकार और देशबंधु अखबार के प्रधान संपादक ललित सुरजन नहीं रहे। जानकारी के अनुसार ललित सुरजन जी की कुछ दिनों से तबीयत ठीक नहीं थी, जिसके बाद उन्हें रायपुर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की रात करीब 8 बजे उनका निधन हो गया। प्रगितशील विचारक, लेखक, कवि और पत्रकार के रूप में चर्चित ललित सुरजन के निधन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वरिष्ठ पत्रकार और देशबंधु पत्र समूह के मुख्य संपादक श्री ललित सुरजन जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ करने के निर्देश प्रशासन को दिए है।
प्रगतिशील विचारक, लेखक, कवि और पत्रकार ललित सुरजन जी के निधन की सूचना ने स्तब्ध कर दिया है। आज छत्तीसगढ़ ने अपना एक सपूत खो दिया।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) December 2, 2020
सांप्रदायिकता और कूपमंडूकता के ख़िलाफ़ देशबंधु के माध्यम से जो लौ मायाराम सुरजन जी ने जलाई थी, उसे ललित भैया ने बखूबी आगे बढ़ाया। pic.twitter.com/wh5OWtc02W
बलरामपुर | छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बड़ी खबर आई है। खबर मिली है कि जिले के वाड्रफनगर पुलिस चौकी में कोरोना विस्फोट हुआ है। वाड्रफनगर पुलिस चौकी में चौकी प्रभारी समेत 20 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं ।
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जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमित सभी पुलिसकर्मियों को होम आइसोलेट कर दिया गया है। वहीं थाने में अब सिर्फ पांच से छह पुलिसकर्मी ही रह गए हैं, जो थाने का कामकाज संभालेंगे।
रायपुर | राजधानी रायपुर से सटे नवा रायपुर क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि नवा रायपुर के गानोद गांव में आज एक युवक की पेड़ पर पैर बंधी फांसी पर लटकी लाश मिली है | फांसी पर लटकी लाश की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया है ।
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जानकारी के अनुसार युवक की पहचान खिलेश्वर साहू उम्र 33 साल निवासी गनोद के रूप में हुई है। मृतक विवाहित है और 2 बच्चो का पिता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक टेंट हाउस कारोबारी है। फिलहाल मौके से कोई सुसाइडल नोट बरामद नही किया गया है। राखी थाना पुलिस टीम ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
भिलाई की शान में आज एक और सितारा जड़ा है। पंडित जवाहर लाल नेहरू के विजन इस भिलाई शहर की दुनिया भर में शान, मान और अभिमान है। पंडित नेहरू द्वारा आरंभ किये गए आईआईटी की यह श्रृंखला भिलाई तक पहुंची है। भिलाई देश का तेईसवां आईआईटी है। यह हमारा गौरव है। यह बात मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आईआईटी भिलाई के शैक्षणिक क्षेत्र कारिडोर के भूमिपूजन एवं विभिन्न भवनों की अधिरचना स्थापन कार्यक्रम के अवसर पर कही।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल में सबसे पहले सुपर स्ट्रक्चर पर ईंट रखी। यह ब्रिक लेयिंग सेरेमनी का हिस्सा होता है। इसके बाद कार्यक्रम स्थल से मुख्यमंत्री ने शिला पट्ट और थ्री-डी मॉडल का अनावरण किया। इस अवसर पर आईआईटी के फर्स्ट फेज के डिजाइन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आईआईटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, जो यहां लौह आधारित उद्योगों के लिए काफी उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि हम लोग छत्तीसगढ़ में धान आधारित एथेनाल उद्योग पर काम करने वाले हैं। आईआईटी में यदि इसकी कास्ट कटिंग पर कोई रिसर्च होता है तो इस उद्योग के लिए यह काफी उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले राज्यों के लिए आईआईटी इस तरह के रिसर्च माडल विकसित करे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आईआईटी परिसर का निर्माण 2022 तक पूरा हो जाएगा और यह संस्थान हर मायने में उपयोगी होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नालाजी अनेक तरीकों से जीवन बदलती है पहले एलुमीनियम काफी महंगी वस्तु होती थी अब यह सुलभ है। इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां काफी महंगी होती थी अब ये काफी सस्ती है। आईआईटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में भी विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि नेहरू जी ने भिलाई स्टील प्लांट की सौगात हमारे प्रदेश को दी। इससे तेजी से विकास के रास्ते खुले। आईआईटी भिलाई के माध्यम से भी छत्तीसगढ़ में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
इस मौके पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की नीतियों की वजह से कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही। उन्होंने कहा कि किसानों को खुशहाल करने के माध्यम से हर वर्ग को खुशहाल किया जा सकता है यह नीति सफल रही, इसका श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि आईआईटी जैसी संस्थाएं कास्ट कटिंग पर रिसर्च करें। छत्तीसगढ़ में जहां लौह उद्योग की संख्या काफी है। आईआईटी का यह रिसर्च वरदान साबित हो सकता है। पीएचई मंत्री श्री गुरु रुद्रकुमार ने कहा कि भिलाई आईआईटी के माध्यम से टेक्नालाजी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए नई संभावनाएं बनती रहेंगी। यह संस्थान हमारे प्रतिभाशाली छात्रों को सर्वोत्तम प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। आईआईटी के डायरेक्टर श्री रजत मूना ने संस्थान की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 18 लेक्चर हाल और क्लास रूम बनाए जाएंगे। इंजीनियरिंग और साइंस डिपार्टमेंट के साथ ही लाइब्रेरी और आईटीआईएल बिल्डिंग तथा आब्जर्वेटरी टावर भी बनाये जाएंगे। इसके साथ ही तीन हास्टल और तीन रेसीडेंशियल टावर भी बनेंगे। इस मौके पर राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडे, भिलाई विधायक एवं महापौर श्री देवेंद्र यादव, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, एसपी श्री प्रशांत ठाकुर एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
पूर्व सीएम रमन सिंह के खिलाफ लगी याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई से किया मना, जानें क्यों लगी थी याचिका
रायपुर, एक बड़ी खबर आ रही है कि पूर्व सीएम रमन सिंह को हाईकोर्ट से राहत मिली है। आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है।
उन्होंने ने इसी मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच ने निजी कारणों का हवाला देते हुए मामले में सुनवाई से इंकार कर दिया है। अब मामले को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच के पास भेजा जाएगा।
क्या है पूरा मामला ?
विनोद तिवारी का आरोप है कि रमन सिंह ने 2008-09 और 2013-14 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति से जुड़े ब्यौरे को छिपाया था। विनोद तिवारी ने रमन सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है।
विनोद तिवारी ने पूरे मामले में सीबीआई से मांग की थी। हालांकि जब मामला हाईकोर्ट के समक्ष आया तब सिंगल बेंच ने निजी कारणों का हवाला देते हुए सुनवाई से इंकार कर दिया। अब मामले को चीफ जस्टिस की डिविजन बेंच के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद चीफ जस्टिस तय करेंगे कि मामले को किस बेंच के पास सुनवाई के लिए भेजना है।


















