— Raipur (@RaipurDist) April 26, 2021
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के परिप्रेक्ष्य में 17 अप्रैल 2021 को रायपुर स्थित राजधानी सुपर स्पेश्यलिटी हॉस्पिटल, पचपेड़ी नाका रायपुर में घटित आगजनी की घटना में 6 मृतको के परिजनों के लिए प्रत्येक मृतक परिवार को 4 लाख के मान से कुल 24 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार में भी लॉकडाउन 6 मई तक बढ़ा दिया गया है, जो कि 6 मई को सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा, इस दौरान फल, सब्जी विक्रेताओं को सुबह 6 से दोपहर 2 बजे डोर टू डोर जाकर बेचने की अनुमति होगी। कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने आदेश जारी किया है।
घातक होती कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए कलेक्टर ने पूर्व में जारी लाकडाउन के आदेश को विस्तारित करते हुए जरूरी सहूलियतों के साथ जारी कर दिया है। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला अंतर्गत सभी केंद्रीय, शासकीय, सार्वजनिक, अर्द्धसार्वजनिक व निजी कार्यालय के अलावा समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लीनिक एवं पशु चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे।
फल, सब्जी, अंडा, पोल्ट्री, मटन, मछली व किराना सामग्री व ग्रासरी की होम डिलीवरी। केवल स्ट्रीट वेंडर्स, ठेले वाले, पिकअप,मिनी ट्रक अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। इसके लिए प्रयुक्त वाहन पर बैनर या बड़ा स्टीकर प्रदर्शित करना होगा।
आम जनता के लिए दुकानें खोले बिना किराना दुकानों के आसपास के क्षेत्र में दुकानदार स्वयं या डिलीवरी ब्वाय के माध्यम से सामान की होम डिलीवरी कर सकते हैं।स्थानीय आनलाइन शाप तथा ई-कामर्स सेवाओं अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि से उक्त समयावधि में होम डिलीवरी की जा सकती है।
होटलों व रेस्टोरेंट्स से केवल स्विगी, जोमैटो जैसे आनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम होम डिलीवरी की अनुमति रहेगी। ग्राहकों के लिए इन हाउस डाइनिंग तथा टेक-अवे बंद रहेगा। नियमों का पालन नहीं करने पर 30 दिनों के लिए संस्थान को सील कर दिया जाएगा।
कोरबा। प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है. इस बीच दु:खद खबर कोरबा जिले से सामने आई है. मिली जानकारी के मुताबिक एसपी ऑफि स के डीएसबी शाखा में पदस्थ निरीक्षक सुमत राम सोनवानी की कोरोना वायरस से आज सुबह मौत हो गई. इससे पहले वह कटघोरा वन बाकीमोंगरा थाना के प्रभारी रह चुके थे. बाकीमोंगरा थाना के बाद उन्हें एसपी ऑफि स के डीएसपी शाखा में पदस्थ किया गया था।
दल्लीराजहरा। नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डाहरिया ने देश में बढ़ते कोरोना के भयावह स्थिति के लिए केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा की फरवरी 2021 में जब कोरोना अपने भयावह रूप में महाराष्ट्र और पंजाब के कुछ इलाकों में दस्तक दे रहा था तब पी एम मोदी पूरी दुनिया में कोरोना से मुक्तिदाता के रूप में प्रस्तुत हो रहे थे। कोरोना पार्ट वन गुजरते समय यह चेतावनी दे गया था कि देश के सभी 28 राज्यों और नौ केन्द्र शासित प्रदेशों में ऑक्सीजन व जीवनरक्षक दवाईयों के इंतजामात सुनिश्चित करने का संकेत दे दिया था। अभी हाल में ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति के जरिये व प्रेस कांफ्रेंस में बताया की देश में ऑक्सीजन की कमी बिल्कुल नही है केन्द्र के पास स्टॉक में 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन पड़ा हुआ है। आज हर राज्यों में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। ऑक्सीजन नही मिलने से कई संक्रमण मरीजों की मौत हो रही है ।इससे साफ प्रतीत होता है की केन्द्र सरकार इस बात को भी छिपाये रखा की देश में ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में है। मोदी सरकार हमेशा देश की जनता से कहती है की 70 साल में देश में सब सत्यानाश हुआ है मगर सात सालों में मोदी सरकार प्राणवायु का प्रबंधन सही ढंग से क्यों नही कर पाई इसका उत्तर जनता आज सबसे बड़ी आपदा के समय मांग रही है। उन्होने आगे कहा की कोरोना की दूसरी लहर में जवान मौतें जबरदस्त तादात में हुई है मगर केन्द्र का हट योग देश की जनता ने देखा वैक्सीन की उम्र सीमा 45 साल बांध रखी थी देशव्यापी हाहाकार मचने के बाद अब इसे 1मई 2021 से घटाकर 18 साल मोदी सरकार ने किया है, जो हजारों युवा इन गलत नीतियों से मारे गये उसे पी एम मोदी का मिस्टेक माने अथवा हत्या देश में हर दिन तीन लाख से ज्यादा मामले आ रहे हैं मोदी सरकार ने हालात की गंभीरता को नहीं समझा और देश में कोरोना की सुनामी खड़ी कर दी फिर भी मोदी सरकार को अपने ध्वस्त प्रबंधन में अफसोस नहीं है अब जाकर प्रधानमंत्री नये ऑक्सीजन प्लांट लगाने का कार्य कर रही है, यह सरकार जब आग लगे तब कुआं खोदो के सिध्दांत पर कार्य करने में अग्रसर होती है। मंत्री डाहरिया ने आगे कहा की आज बड़े बड़े राज्यों से संक्रमण की पहली लहर के जैसे श्रमिको का पलायन हो रहा है मोदी सरकार इन मेहनतकश श्रमिकों के तरफ ध्यान न देकर बंगाल में चुनावी रैली में मस्त है सिर्फ चित परिचित तरीके से अपने मन की बात देश से कह रहे हैं। अभी कुछ दिन पूर्व व आज कोरोना की स्थिति को लेकर मन की बात कही उसमें स्पष्ट नही किया गया की देश में कोविड मरीजों के उपचार के लिए वैक्सीन ऑक्सीजन की कमी क्यों है साथ ही पीएम केयर्स फंड के संबंध में देश को कुछ नहीं बताते की कोरोना की लड़ाई में इस फंड का इस्तेमाल किस तरह से हो रहा है। देश करीब डेढ़ साल से इस महामारी से जूझ रहा है लेकिन केन्द्र सरकार इससे निपटने कोई राष्ट्रीय नीति तैयार नही की अनुसूचित जाति के प्रदेश महामंत्री शंकर पिपरे ने कहा की नेतृत्व क्षमता की संवेदनाओं की मृत्यु के बाद ही आम आदमी की मृत्यु होती है।केन्द्र सरकार इतनी अंहकारी हो गई है की इन्हे विपक्ष की सही बात भी बर्दाशत नही होती है मोदी सरकार कोरोना की दूसरी लहर का पूर्वोनुमान लगाने में पूर्णत: असफल रही और यह भी भूला दिया, कि कोविड-19 की दूसरी लहर बच्चों और युवाओं को भी प्रभावित कर सकती है साथ ही पिपरे ने यह भी कहा की भाजपा अपने ही नीति एक देश एक बाजार के खिलाफ जाकर कोरोना वैक्सीन के दाम अलग अलग रखा है, उन्होने केन्द्र सरकार से मांग किया है कि वैक्सीन की कीमत पूरे देश में एक समान हो साथ ही सभी 18 साल से अधिक युवक युवतियों को 1 मई से शुरू हो रही टीकाकरण केन्द्र में जाकर वैक्सीन लगवाने की अपील भी किये हैं।
रायपुर। पश्चिम विधानसभा के गुडयारी बाजार में अचानक से आग लगने की सूचना मात्र से विधायक विकास उपाध्याय स्वयं अग्निशामक दमकल लेकर मौके पर पहुँचे। जब तक आग नहीं बुझाई गई तब तक मौके पर लगे रहे। इस आगजनी से आर्थिक नुकसान तो हुआ है ज्ञातव्य है कि शहर में ऐसे अनेक बाजार में जो सकरी गलियों में स्थित है। समय पर विधायक अग्निशमन वाहन लेकर घटना स्थल नहीं पहुंचते तो अनेक लोग आग में जलकर मर सकते थे। विधायक विकास उपाध्याय की सजगता व तत्परता से किसी की जान पर कोई खतरा नहीं आया।
भिलाई। काम बंद कर प्रदर्शन करने वाले कर्मियों के खिलाफ भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रबंधन ने 4 कर्मियों के खिलाफ एफआईआर के लिए भट्टी थाने में शिकायत पत्र दिया है। वहीं 13 कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसी प्रकार 19 को शोकाज नोटिस जारी किया है। ये कर्मचारी शनिवार से हड़ताल पर थे। बिना किसी यूनियन का समर्थन लिए कर्मचारियों ने एक होकर URM, BRM, और ब्लास्ट फर्नेस-,8 जैसी महत्वपूर्ण पांच इकाइयों में उत्पादन को पूरी तरह ठप कर दिया था। वायर राड मिल और मर्चेट मिल जैसी कुछ मिलों में भी हड़ताल का आंशिक असर देखा गया।
भिलाई स्टील प्लांट के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन 2 में 24 अप्रैल को करीब 7.00 बजे, PBC- 2 प्लांट के कुछ कार्मिकों ने STG-4 के कंट्रोल रूम के अंदर ज़बरदस्ती व अनाधिकृत रूप से घुस कर स्टीम टर्बो जेनेरटर-4 इकाई का पूरा ऑपरेशन ज़बरदस्ती बंद कर दिया। इससे बॉयलर प्रेशर बढ़ जाने की वजह से स्टीम टर्बो जनरेटर शट डाउन हो गया। और इसके सभी सेफ्टी वाल खुल गए जिसके कारण 22.5 मेगा वाट पावर जनरेशन बंद हो गया।
सुबह 7.10 बजे पर शिफ्ट इंचार्ज को जब यह मालूम हुआ कि STG-4 को जबरदस्ती बंद कर दिया गया है। उसने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए SPG-4 को फिर चालू करने की प्रक्रिया प्रारंभ किया। STG-4 के बंद होने से संयंत्र के ऑक्सीजन प्लांट में विद्युत आपूर्ति बंद हो जाती और ऑक्सीजन उत्पादन ठप हो जाता। भिलाई इस्पात संयंत्र से संपूर्ण देश के विभिन्न अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई किया जा रहा है। इस लापरवाही से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो सकती थी। आज राष्ट्रीय विपदा में ऑक्सीजन संकट को उत्पन्न करना, निश्चित ही एक राष्ट्रद्रोह है।
उत्पादन की क्षति सिर्फ बीएसपी या सेल की क्षति नहीं है ,बल्कि यह राष्ट्रीय क्षति है। इसमें पब्लिक का पैसा लगा हुआ है। इस प्रकार की हरकत को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वह भी उस वक्त जब जिला और पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा हो, जिले में एस्मा लगा हो, लॉकडाउन चल रहा हो ऐसे वक्त पर कार्य बंद करना सर्वथा गलत है। सेल-बीएसपी प्रबंधन ने इन हरकतों को संज्ञान में लेते हुए 13 कार्मिकों को निलंबित कर दिया है और 19 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
भिलाई स्टील प्लांट में शनिवार को हड़ताल हुई। बिना किसी यूनियन का समर्थन लिए कर्मचारियों ने स्वस्फूर्त होकर URM, BRM और ब्लास्ट फर्नेस 8 जैसी महत्वपूर्ण 5 इकाइयों में उत्पादन को पूरी तरह ठप कर दिया। वायर राड मिल और मर्चेंट मिल जैसी कुछ मिलों में भी हड़ताल का आंशिक असर रहा। हड़ताल की शुरुआत शुक्रवार की शाम वेज रिवीजन को लेकर NJCS सदस्य यूनियनों और प्रबंधन के बीच बैठक बिना नतीजे समाप्त होने के बाद ही हो गई थी। रात करीब 11:15 बजे URM के 35 कर्मचारियों ने टूल डाउन करते हुए हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल का व्यापक असर दूसरे दिन यानी शनिवार को देखने को मिला। एक एक कर बाकी मिल और शॉप्स में भी कर्मचारी टूल डाउन करते हुए हड़ताल पर चले गए। जिसकी वजह से उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
रायपुर, 1 मई से शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान की तैयारियां लगभग पूरी होने को है। लेकिन इस टीकाकरण में लगभग 1000 करोड़ रूपए का अनुमानित खर्चा आ रहा है। इस पर प्रदेश के कांग्रेस विधायकों ने पूरी विधायक निधि कोरोना टीकाकरण के लिए देने का निर्णय लिया है। उक्त फैसला कांग्रेस दल की वर्चुअल बैठक में लिया गया। बैठक में विधायकों ने विधायक निधि की राशि को खर्च करने का अधिकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंप दिया है।
छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके सभी लोगों को कोरोना की फ्री वैक्सीन लगाने में 1000 करोड़ रुपए का अनुमानित खर्च है। सरकार ने इस राशि को जुटाने की कोशिश शुरू की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसमें कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सामने आई चुनौतियाें पर चर्चा हुई।
कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल के सदस्यों की वर्चुअल बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और इसकी रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। विधायकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप एक मई से राज्य में शुरू होने जा रहे नि:शुल्क कोरोना टीकाकरण महाअभियान में अपनी सहभागिता निभाने का संकल्प लिया। विधायकों ने इस साल की अपनी विधायक निधि की राशि को टीकाकरण महा अभियान में खर्च किए जाने की सहमति दी।
कांग्रेस विधायकों ने राज्य में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नि:शुल्क टीका लगाए जाने के फैसले का स्वागत किया। कांग्रेस विधायक दल का यह मानना है कि कोरोना टीकाकरण से काफी हद तक इस महामारी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
70 विधायक, 2 करोड़ की सालाना निधि
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 70 विधायक हैं। एक विधायक को सालाना 2 करोड़ की विधायक निधि मिलती है। यह राशि उन्हें विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिये मिलता है। वित्तीय वर्ष अभी शुरू ही हुआ है। इसलिये निधि का बड़ा हिस्सा अभी बचा हुआ है। माना जा रहा है कि इस राशि से टीकाकरण के वित्तपोषण की बड़ी समस्या हल हो जाएगी।
रायपुर, देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते केंद्र सरकार ने एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना टीका लगाने के अभियान की घोषणा की है। इस बीच 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन में टीके की किल्लत का सामना कर रहे राज्यों की चिंता और बढ़ गई है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया है कि वैक्सीन उत्पादक कंपनियां समय से वैक्सीन उपलब्ध कराने को तैयार नहीं हैं। अगर समय से वैक्सीन नहीं मिली तो हमारे पास टीकाकरण अभियान चलाने का कोई तरीका नहीं है।
सिंहदेव ने कांग्रेस शासित राज्यों राजस्थान, पंजाब और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रियाें के साथ कोरोना के हालात पर चर्चा की। कांग्रेस की ओर से बुलाई गई वर्चुअल बैठक में सिंहदेव ने कहा, इस समय में देश में 7 करोड़ वैक्सीन का उत्पादन हो रहा है। जो प्रक्रिया तय हुई है कि उसके मुताबिक इस वैक्सीन में से 3.5 करोड़ तो केंद्र सरकार लेगी। शेष बचे आधे हिस्से में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निजी अस्पतालों को भी वैक्सीन लेना है। ऐसे में राज्यों को हर रोज 20 हजार से 50 हजार डोज वैक्सीन ही मिल पाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अभी हमारे पास टीकाकरण के 3 हजार केंद्र हैं। यहां 7 हजार वैक्सीनेटर तैनात हैं। इन केंद्रों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है, लेकिन वैक्सीन ही नहीं मिलेगी तो वैक्सीनेशन कैसे होगा। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री बघेल ने `केंद्र सरकार के सिस्टम` पर लगाया लूट का आरोप, कहा- आपदा भी जनता झेले और आपदा से बचने का आर्थिक बोझ भी
एक महीने तक नहीं उपलब्ध करा सकती कंपनी
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, उन्हें जानकारी मिली है कि असम ने सीरम इंस्टीट्यूट से वैक्सीन की आपूर्ति के लिये संपर्क किया था। उन्हें बताया गया, एक महीने तक वे कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं करा पाएंगे। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया, कंपनी ने उन्हें बताया है कि 15 मई से पहले वे आपूर्ति नहीं कर पाएंगे। ऐसे में वैक्सीनेशन कैसे होगा।
50 लाख डोज का पहला ऑर्डर देगी छत्तीसगढ़ सरकार
स्वास्थ्य मंत्री ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि हम केंद्र सरकार से मूल्य और आपूर्ति की सुगमता आदि पर बातचीत कर रहे हैं। एक-दो दिनों में सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड वैक्सीन के 50 लाख डोज का पहला ऑर्डर भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा, भारत बायोटेक ने वैक्सीन का दाम 600 रुपए प्रति डोज तय किया है। इसको खरीदने के बारे में हमें नये सिरे से विचार करना होगा। राज्य सरकार ने सभी नागरिकों को फ्री में वैक्सीन उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
बिलासपुर। कलेक्टर ने आदेश जारी कर लाकडाउन की अवधि बढ़ा दी है। 6 मई तक जिले में लाकडाउन को प्रभावी कर दिया है। इस दौरान जिले की सीमाएं सील रहेंगी। जिले से बाहर आने जाने वालों को पोर्टल के जरिये ई पास बनवाना होगा।
घातक होती कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए कलेक्टर ने पूर्व में जारी लाकडाउन के आदेश को विस्तारित करते हुए जरूरी सहूलियतों के साथ जारी कर दिया है। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला अंतर्गत सभी केंद्रीय, शासकीय, सार्वजनिक, अर्द्धसार्वजनिक व निजी कार्यालय के अलावा समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लीनिक एवं पशु चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे।
शासकीय उचित मूल्य दुकानों को खाद्य नियंत्रक, बिलासपुर द्वारा निर्धारित समयावधि में टोकन व्यवस्था के साथ खुलने की अनुमति होगी।
सभी बैंक शाखाएं प्रात: 10.00 बजे से अपरान्ह 1.00 बजे तक ही संचालित हो सकेंगी। पोस्ट आफिस के माध्यम से आवश्यक दवाओं की डिलीवरी उपरोक्त समयावधि में की जा सकेगी।
फल, सब्जी, अंडा, पोल्ट्री, मटन, मछली व किराना सामग्री व ग्रासरी की होम डिलीवरी। केवल स्ट्रीट वेंडर्स, ठेले वाले, पिकअप,मिनी ट्रक अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। इसके लिए प्रयुक्त वाहन पर बैनर या बड़ा स्टीकर प्रदर्शित करना होगा।
आम जनता के लिए दुकानें खोले बिना किराना दुकानों के आसपास के क्षेत्र में दुकानदार स्वयं या डिलीवरी ब्वाय के माध्यम से सामान की होम डिलीवरी कर सकते हैं।स्थानीय आनलाइन शाप तथा ई-कामर्स सेवाओं अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि से उक्त समयावधि में होम डिलीवरी की जा सकती है।
होटलों व रेस्टोरेंट्स से केवल स्विगी, जोमैटो जैसे आनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से सुबह छह बजे से रात्रि आठ बजे तक होम डिलीवरी की अनुमति रहेगी। ग्राहकों के लिए इन हाउस डाइनिंग तथा टेक-अवे बंद रहेगा। नियमों का पालन नहीं करने पर 30 दिनों के लिए संस्थान को सील कर दिया जाएगा।
खरसिया। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर चरमराई हुई हैं, इसका जीता जागता उदाहरण आज केआई टी कोविड केयर हॉस्पिटल रायगढ़ ने प्रस्तुत कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सोनबरसा निवासी श्रीमती हरिवंश कुंअर 45 वर्ष इस अस्पताल में भर्ती है। वहीं जिंदा भी है, जबकि 25 अप्रैल रविवार को अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मृत घोषित करते हुए डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। साथ ही कहा है कि कल सुबह 11:00 बजे तक डेड बॉडी लेकर चले जाना!
ऐसे में स्वयं महिला सहित उनके अटेंडर एवं परिवार सकते में आ गए हैं। वहीं उन्होंने मृत बताई हुई महिला का वीडियो बनाकर हमें भेजा है, जिसे हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। अब आपको समझना होगा कि जिन डाक्टरों को हम भगवान मानते हैं, वे भी प्रदेश एवं जिले की चरमराई हुई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर किस कदर पगला गए हैं। लगता है वैश्विक महामारी ने सीधे इनके दिमाग पर असर डाल दिया है।



















