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राजधानी के क्वींस क्लब गोलीकांड मामले में दो और आरोपी हुए गिरफ्तार, पढ़ें पूरी खबर

राजधानी के क्वींस क्लब गोलीकांड मामले में दो और आरोपी हुए गिरफ्तार, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर क्वींस क्लब फायरिंग मामले में तेलीबांधा पुलिस ने और दो आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अमित धवल और युवति राजवीर सिंह कौर शामिल है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाने में 188, 269, 270, एवं महामारी एक्ट अधिनियम 1897 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस दोनों आरोपियों से इस मामले में पूछताछ कर रही। साथ ही तेलीबांधा पुलिस ने क्वींस क्लब के पूर्व संचालकों को भी नोटिस देकर थाने में उपस्थित होने को कहा है।

पढ़ें : धमतरी जिले में कोरोना से आज फिर 2 लोगों की मौत, जाने धमतरी जिले में कहां-कहां बना कंटेंनमेंट जोन

27 सितम्बर की देर रात राजधानी के व्हीआईपी रोड स्थित क्वींस क्लब में गोली चली थी। हवाई फ़ायर करने वाले युवक को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार किया था। घटना को लेकर पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि क्वींस क्लब में बर्थडे पार्टी का आयोजन था। आरोपी अमित धवल के नाम से होटल का कमरा नंबर 206 बुक कराया गया था।

 बड़ी खबर: सांसद पीएल पुनिया गिरफ्तार, हाथरस में हुई हैवानियत को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन

बड़ी खबर: सांसद पीएल पुनिया गिरफ्तार, हाथरस में हुई हैवानियत को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन

रायपुर। राज्यसभा सदस्य व छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया सहित कांग्रेसजनों को दिल्ली पुलिस ने राजीव चौक में गिरफ्तार किया है।  सांसद पीएल पुनिया के साथ पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो, पूर्व सांसद उदित राज और दिल्ली महिला कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष अमृता धवन के नेतृत्व में कांग्रेस का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारी दी गई। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेताओं को मंदिर मार्ग थाने में लाया गया। सारे गिरफ्तार कांग्रेसी नेता इस समय मंदिर मार्ग थाने में मौजूद रहे।
 

पढ़िए पूरी खबर-
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में 14 सितंबर को गांव के ही कुछ ऊंची जाति के युवाओं ने एक दलित युवती को हवस का शिकार बनाया था। इस दौरान उन्होंने पीड़िता को जान से मारने की भी कोशिश की, आरोपियों ने पीड़िता की चीभ काट दी और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी इसके अलावा पीड़िता को गला दबाकर मारने की भी कोशिश की गई थी। जिसके बाद गंभीर हालत में पीड़िता को इलाज के लिए दिल्ली लाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में कांग्रेस आज दिल्ली में प्रदर्शन कर रही थी। 
 धमतरी जिले में कोरोना से आज फिर 2 लोगों की मौत, जाने धमतरी जिले में कहां-कहां बना कंटेंनमेंट जोन

धमतरी जिले में कोरोना से आज फिर 2 लोगों की मौत, जाने धमतरी जिले में कहां-कहां बना कंटेंनमेंट जोन

धमतरी। कोरोना महामारी संक्रमण से मरने वालों की संख्या थम नहीं रही है। प्रतिदिन 1-2 मरीजों की मौत होती जा रही है। यह आंकड़ा धमतरी जिले के लिए बेहद डरावना है। इसलिए लोगों को समय के रहते कोरोना से बचने के लिए सुरक्षा के साथ चलने की जरूरत है।

 
जिले में कोरोना वायरस का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। अब तक 25 हजार 313 लोगों ने परीक्षण कराया है। जिसमें आरटीपीसीआर 7616, टर्नेट 1310, रैपिड इंटीजन किट से 16787 सेम्पल का जांच किया गया है। जिसमें से 2347 धनात्मक मरीजों की पहचान की गई है। जिसमें से अब तक कुल 1467 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 844 मरीज सक्रिय हैं। 28 सितम्बर को 106 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान की गई। जिसमें धमतरी ग्रामीण ब्लाक से 12, कुरूद ब्लाक से 32, मगरलोड ब्लाक से 6, नगरी ब्लाक से 3, धमतरी शहर से 53 मरीज धनात्मक पाया गया है। पॉजिटिव पाए गए मरीजों की अस्पताल और होम आईसोलेशन की प्रक्रिया चल रही है।
 
 
धमतरी शहर में 53 कोरोना केस मिले हैं जिसमें रामबाग, सदर बाजार, मराठापारा, हटकेशर, पुराना बस स्टैंड, टिकरापारा, कोष्टापारा, आमातालाब रोड, आमापारा, सोरिद, देवश्री टाकीज रोड, विवेकानंद नगर, महालक्ष्मी कालोनी, मकेश्वर वार्ड, नवागांव, शिव चौक, डिपोपारा, ग्रामीण क्षेत्र में रूद्री, मोंगरागहन, तेलीनसत्ती, जिला पंचायत खपरी, रावां, राधास्वामी सत्संग के पास, सेहराडबरी, भानपुरी, मुजगहन के मरीज शामिल हैं। 
 
 मुख्यमंत्री की आज शाम मंत्रियों के साथ बैठक, कई मुद्दों पर चर्चा कर बनेगी रूप रेखा

मुख्यमंत्री की आज शाम मंत्रियों के साथ बैठक, कई मुद्दों पर चर्चा कर बनेगी रूप रेखा

रायपुर। केंद्रीय निर्वाचन चुनाव आयोग के ऐलान के बाद मरवाही विधानसभा सीट में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गया है। जिससे आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाम मरवाही चुनाव में जीत की रणनीति बनाने सहित अन्य अहम मुद्दों को लेकर मंत्रियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में केंद्र सरकार के नए कृषि विधेयक बिल को लेकर भी चर्चा होगी। इस बैठक में पीसीसी चीफ मोहन मरकाम भी शामिल होंगे। मोदी सरकार के कृषि कानून का विरोध करना तेज कर दिया है। प्रदेश स्तर महारैली और हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। साथ ही अन्य कई मुद्दों चर्चा कर रूप रेखा बनेगी।
 
 86 वर्षीय दादी पुनई बाई ने मजबूत इरादों से जीती कोरोना से जंग

86 वर्षीय दादी पुनई बाई ने मजबूत इरादों से जीती कोरोना से जंग

नारायणपुर। ग्राम खड़ीबहार की बुजुर्ग महिला पुनई बाई ध्रुव जो 86 वर्ष की है उन्होंने अपने मजबूत इरादों से बीते माह कोरोना से जंग जीती है। बुजुर्ग महिला ने अपनी हिम्मत और बुलंद हौसले से कोरोना से जंग जीतकर समाज को संदेश दिया कि कोरोना से डरे नहीं, अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। हिम्मत और मजबूती के साथ कोरोना का सामना करें, जीत अवश्य मिलेगी। बातचीत करने पर दादी ने स्थानीय बोली में बताया कि उन्होंने 86 साल के जीवन काल में पहली बार ऐसी भयानक बीमारी देखी है, जिसकी कोई दवाई नहीं है। दवाई अगर है, तो व्यक्ति के पास ही है। इसके बचाव के लिए लोगों को मास्क का उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, साबुन या सैनेटाइजर से हाथों को साफ रखना और इम्युनीटि बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा का सेवन जरूरी है। इन सभी उपायों की जानकारी उन्हें कोविड केयर सेंटर से चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ ने बतायी गई। 

पुनई बाई ध्रुव जब कोविड-19 हॉस्पिटल से स्वस्थ होकर बाहर निकली तब उनका हौसला देखने लायक था। उन्होंने उत्साह के साथ अपने दोनों हाथों से मौजूद व्यक्तियों का अभिवादन किया। उन्होंने हॉस्पिटल में डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सेज ने की गई देखभाल की भी तारीफ की। उन्होंने राज्य शासन ने के मरीजों के लिए अस्पताल में की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। बातचीत में बताया कि हॉस्पिटल में उनके सहित सभी मरीजों का पूरा ख्याल रखा गया। चाय-नाश्ता, खाना, दवाईयां सभी समय-समय पर मिलती थी। स्टाफ का व्यवहार भी बेहद अपनत्व से भरा था, स्टाफ पूरे समय उनको दादी कहकर बुलाता रहा और मेरे मन में भी उन सबके लिए अपने बेटे, बेटियों, पोते, पोतियो जैसा अपनापन है। जिला प्रशासन नारायणपुर ने उनके और उनके परिवार का पूरा सहयोग किया। जिससे उन्हें कोविड केयर सेंटर में किसी प्रकार की समस्या नही हुई। बता देें कि नारायणपुर जिले मेें अब तक कुल 1260 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई है। जिनमें से 1004 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट आए हैं। 256 मरीजों का ईलाज कोविड केयर सेंटर में किया जा रहा है। 
 बड़ी खबर रायपुर: अस्पताल में पेट दर्द का बहाना बनाकर स्कूटी ले भागा युवक, मामला दर्ज

बड़ी खबर रायपुर: अस्पताल में पेट दर्द का बहाना बनाकर स्कूटी ले भागा युवक, मामला दर्ज

रायपुर। अस्पताल से परिचित युवक ने दवा लाने का बहाना बनाकर युवती से स्कूटी मांगकर ले गया। और वापस आकर कहा कि स्कूटी चोरी हो गई। घटना की रिपोर्ट गोलबाजार थाने में दर्ज की गई है।
 
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोकुलधाम सोसायटी अमलीडीह न्यू राजेन्द्रनगर रायपुर निवासी कुमारी तुलसी साहु 25 वर्ष पिता स्व.पुनितराम साहु ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थिया अपनी बहन प्रीती साहु को इलाज कराने डीकेएस सुपरस्पेस्लिट अस्पताल में भर्ती किया था। पीडि़ता व उसकी मम्मी बहन का देखभाल कर रही थी। इसी दौरान हसमुख जैन नाम के लड़के ने उनसे जान पहचान बढ़ाकर अपने किसी रिस्तेदार को अस्पताल में भर्ती होना बताया। 8 सितंबर को पेट दर्द होने का बहाना बनाकर प्रार्थिया से दवाई लाने के लिये जुपिटर स्कूटी क्रमांक सीजी 04 एलजेड  3025 को मांगकर ले गया। जब पीडि़ता ने रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही तब आरोपी कुछ दूर तक उनके साथ बाहर आया व फरार हो गया। आरोपी का मोबाईल क्रमांक 91796-81994 एवं 80856-47165 पर कॉल करने पर आरोपी कुछ भी कर लो स्कूटी नहीं मिलेंगा कहकर कॉल काट दे रहा है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है। 
 राजधानी में पूर्व विवाद को लेकर घर में घुसकर युवक के साथ मारपीट, मामला दर्ज

राजधानी में पूर्व विवाद को लेकर घर में घुसकर युवक के साथ मारपीट, मामला दर्ज

रायपुर। पूर्व विवाद को लेकर गाली-गलोचकर जान से मारने की धमकी देकर युवक को घर में घुसकर हाथ-मुक्का एवं धारदार औजार से मारकर चोट पहुंचाया। घटना की रिपोर्ट सरस्वतीनगर थाने में दर्ज की गई है। 

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार छोटा भवानीनगर कोटा सरस्वतीनगर निवासी देवा निषाद 23 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि सोमवार को विकाश निर्मलकर 22 वर्ष पिता शेर सिंह निर्मलकर ने पूर्व विवाद को लेकर घर में घुसकर गाली-गलोच व जान से मारने की धमकी देकर हाथ-मुक्का एवं धारदार औजार से मारकर चोट पहुंचाया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है। 
 राजधानी में जारी है कोरोना का प्रकोप: जाने संतोषी नगर, तात्यापारा सहित और कहां-कहां बना कंटेंटमेंट जोन

राजधानी में जारी है कोरोना का प्रकोप: जाने संतोषी नगर, तात्यापारा सहित और कहां-कहां बना कंटेंटमेंट जोन

रायपुर। विश्व में कोरोना संक्रमण लगतार बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है तो वही से बीती रात राजधानी रायपुर-आसपास की बस्तियों-कॉलोनियों से बीती रात में 530 पॉजिटिव मिले। 

अवंति विहार (5 लोग), मोहबाबाजार, कुम्हारी, कंकालीपारा, बालाजी फू्रट मार्केट-लालपुर, एम्स, बजरंग नगर, श्याम नगर, तेलीबांधा (4 लोग), कबीर नगर (2 लोग), हर्षित नगर (4 लोग), दुबे कॉलोनी, उदय सोसायटी-टाटीबंध (15 लोग), चौबे कॉलोनी (5 लोग), बड़े भावनी नगर-कोटा, कुकुरबेड़ा (5 लोग), डीडी नगर 2, खपराभट्टी-आमापारा (3 लोग), पुरानी बस्ती (5 लोग), देवेंद्र नगर (6 लोग), कुशालपुर (5 लोग), श्याम नगर, रेलवे कॉलोनी, श्रीनगर, सिंघानिया सरोवर, सुंदर नगर (7 लोग), शिवानंद नगर-खमतराई (8 लोग), श्याम विहार-रायपुरा, मेकाहारा, विकास नगर-गुढिय़ारी, चंगोराभाठा (6 लोग), सांई नगर, अमलीडीह (3 लोग), ब्राम्हणपारा, तात्यापारा (3 लोग), प्रगति विहार कॉलोनी-अमलेश्वर, डंगनिया (3 लोग), हाउसिंग बोर्ड-बोरियाकला, गांधी नगर, संतोषी नगर-हनुमान नगर (7 लोग), राजीव नगर, चौरसिया कॉलोनी (5 लोग), हीरापुर 2, रोहणीपुरम (4 लोग), सेमरिया 2, धरसींवा (16 लोग), आनंद नगर, पेंशन बाड़ा 2, राजबंधा मैदान, आमासिवनी, समता कॉलोनी (4 लोग), शंकर नगर (10 लोग), महामाया मंदिर-भनपुरी 2, कृष्णा नगर-करमा चौक 2, नवापारा-धमतरी, सिमरन सिटी-मठपुरैना, श्री नारायणा हॉस्टिपल (3 लोग), वेदांता सिटी-कांदूल, अशोक नगर-सड्डू, सिविल लाइन (3 लोग), माना कैंप 2, न्यू राजेंद्र नगर (3 लोग), विवेकानंद नगर, शांति निवास-लक्ष्मी नगर, सन्यासी पारा-खमतराई, बैरनबाजार 2, लाभांडी-जोरा, इंदिरा नगर, राजातालाब, शांति नगर (5 लोग), पचपेड़ी नाका, आजाद चौक-बिरगांव, प्रगति नगर-पंडरी, वी केयर हॉस्पिटल, कोटा, वेन्यू पेट्रोल पंप-बिरगांव, देवपुरी, शैलेंद्र नगर (4 लोग), स्वर्णभूमि 2, वालफोर्ड सिटी, आयुर्वेदिक कॉलेज, दोंदेखुर्द, मंदिरहसौद (40 लोग), आरंग, गोवर्धन नगर, रामकुंड, तिल्दा (24 लोग), महादेव घाट, वसुंधरा नगर, लोधीपारा (4 लोग), गोंदवारा (5 लोग), अविनाश आशियाना, भनपुरी, अभनपुर (5 लोग), एकता चौक-दलदल सिवनी, दुर्गापारा, श्याम नगर (3 लोग), बोरियाखुर्द, आरडीए कॉलोनी, स्टेशन-कचना, शुकवारी बाजार (3 लोग), विजय नगर-भनपुरी, फाफाडीह (3 लोग), प्रेम पार्क-महानंद नगर, चौरसिया कॉलोनी, सुभाष चौक, पुलिस लाइन 2, भाठागांव 2, टिकरापारा, निमोरा, पंचवटी नगर, वीआईपी सिटी-सड्डू, लालगंगा विहार, कमल विहार, एनएचएमएमआई, नवापारा (3 लोग), गीतांजली सिटी, मारूति विहार, अवंति बाई चौक, होम्योपैथिक कॉलेज-रामकुंड, छोटापारा, उरला, परसदा (12 लोग), जय हिंद चौक (3 लोग), बसंत विहार कॉलोनी-गोगांव, गांधी नगर-गुढिय़ारी, भारत माता चौक-विकास नगर, कृष्णा नगर, सड्डू, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी (5 लोग), इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, दलदल सिवनी (7 लोग), रामसागरपारा, काशीराम नगर, टिकरापारा, रामेश्वर नगर, बीएसएफ माना कैंप, कुरूद (7 लोग), दुबे कॉलोनी, परशुलडीह, खरोरा, अविनाश कैपिटल होम्स, महालक्ष्मी मार्केट पंडरी, आदर्श नगर, विजेता कॉम्पलेक्स, सीआरपीएफ कैंप, शिव नगर, पुलिस मुख्यालय, सक्ति नगर, काशी नगर, प्रिंस कॉलोनी, मुजगहन-सेजबहार (5 लोग), रावतपुरा, नर्मदा पारा बिरगांव।
जिन्दल स्टील एंड पावर के चेयरमैन ने कोविड 19 महामारी में अर्थव्यवस्था के सुधार हेतु सरकार को दिए सुझाव, पढ़ें पूरी खबर

जिन्दल स्टील एंड पावर के चेयरमैन ने कोविड 19 महामारी में अर्थव्यवस्था के सुधार हेतु सरकार को दिए सुझाव, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर | जिन्दल स्टील एंड पावर के चेयरमैन ने कोविड 19 महामारी के चंगुल से निकलने और अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने के प्रयासों में जुटी सरकार को दो महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

पढ़ें : राजधानी में जारी है कोरोना का प्रकोप: जाने संतोषी नगर, तात्यापारा सहित और कहां-कहां बना कंटेंटमेंट जोन 

चेयरमैन नवीन जिन्दल ने कहा कि उद्योग-व्यवसाय के लिए सामान्य शर्तों के तहत न्यूनतम क्रॉस सब्सिडी के साथ सीधे एक्सचेंज से बिजली खरीद की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए और उपभोक्ताओं को भी रियल टाइम बिजली दरों का लाभ मिलना चाहिए।
श्री जिन्दल ने ये सुझाव अपने ब्लॉग
https://medium.com/@naveen.jindal/unlock-the-power-sector-to-make-bharat-aatmanirbhar-e915752f69c5 में दिए हैं। श्री जिन्दल ने लिखा है कि पूरी दुनिया कोरोना वायरस के साथ जीना सीख रही है क्योंकि अभी तक इसका कोई टीका नहीं बना है। सभी देश अपनी आर्थिक स्थिति संभालने में जुट गए हैं। भारत ने भी आत्मनिर्भर बनने और देश को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांगों के अनुरूप विशाल निर्माण-हब में बदलने का सपना देखा है। ये सपना साकार हो सकता है लेकिन इसके लिए कुछ बुनियादी उपाय किए जाने की जरूरत है। खासकर बिजली क्षेत्र में क्योंकि वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। बिजली की दरें कम होंगी तो औद्योगिक उत्पादों की लागत कम होगी और तभी वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे।

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ब्लॉग के अनुसार बिजली उत्पादक कंपनियों को औसतन प्रति यूनिट 2.50 रुपये मिलते हैं जबकि बिजली वितरण कंपनियां यही बिजली उद्योगों और व्यवसायियों को 6 से 9 रुपये प्रति यूनिट बेचती हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जाती है और उसका भार कई गुना अधिक शुल्क के रूप में औद्योगिक-वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है। इसे क्रॉस सब्सिडी कहते हैं जो बाजार में नकारात्मक असर डालता है। क्योंकि भारी बिजली शुल्क से लागत बढऩे के कारण उद्योग लाचार हो जाते हैं और उनकी उत्पादकता पर गंभीर असर पड़ता है। कुटीर, लघु और मध्यम उद्योग तो 4-4.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदने की भी स्थिति में नहीं हैं। परिणाम यह होगा कि ये उद्योग भारी बिजली लागत के कारण बंद हो जाएंगे। जिसका असर सीधे पावर प्लांट पर पड़ेगा जो मांग घटने के कारण मंदी और बंदी की चपेट में चले जाएंगे और परिणामस्वरूप पूरी अर्थव्यवस्था का कचूमर निकल जाएगा।
श्री जिन्दल ने लिखा कि उद्योगों-व्यवसायों को सीधे एक्सचेंज से बिजली खरीदने की सुविधा देकर राहत पहुंचाई जा सकती है। एक सामान्य शर्त के तहत उनपर प्रति यूनिट 25 पैसे क्रॉस सब्सिडी का भार लादा जा सकता है। इसके बावजूद उन्हें औसतन 2.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली पड़ेगी, जिससे वे न सिर्फ प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे बल्कि पूरे देश की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकेंगे। हालांकि सरकार भी क्रॉस सब्सिडी कम करने के मुद्दे पर गंभीर है। सैद्धांतिक रूप से क्रॉस सब्सिडी हटाने पर सभी सहमत हैं। राष्ट्रीय शुल्क नीति-2016 में यह सीमा 20 फीसदी रखने की सिफारिश की गई है लेकिन कई राज्यों में 50 फीसदी से अधिक सब्सिडी है। नीति आयोग भी 20 फीसदी सीमा के पक्ष में है। नए विद्युत विधेयक के मसौदे में भी सिफारिश की गई है। सब्सिडी हटाकर लागत आधार पर बिजली शुल्क तय किया जाए। नई शुल्क नीति पर मंत्री समूह ने भी सिफारिश की है कि क्रॉस सब्सिडी घटाई जाए। इससे उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धा का माहौल पैदा होगा और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकेगा।
श्री जिन्दल ने दूसरा सुझाव यह दिया है कि सभी उपभोक्ताओं को रियल टाइम दरों का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बिजली उत्पादक कंपनी को स्पॉट एक्सचेंज में दिन भर में कई दरें मिलती हैं लेकिन उपभोक्ताओं को फिक्स दर पर भुगतान करना पड़ता है। इससे वे शुल्क में गिरावट का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। साथ ही साथ इससे मांग-आपूर्ति संतुलन भी प्रभावित होता है। सुखद यह है कि कुछ राज्यों ने टाइम ऑफ डे मीटरिंग के तहत औद्योगिक-व्यावसायिक उपभोक्ताओं को यह सुविधा देनी शुरू की है और कुछ राज्य इस पर प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह का जोर रियल टाइम दरों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने पर है इसलिए स्मार्ट प्री-पेड मीटर को इससे जोड़ा गया है। स्वीडन, स्पेन, ग्रेट ब्रिटेन, डेनमार्क और नॉर्वे में रियल टाइम शुल्क व्यवस्था लागू है जिसका लाभ वहां के सभी वर्गों को मिल रहा है।
ब्लॉग में कहा कि ये दोनों उपाय अपनाए गए तो न सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र की समस्याएं खत्म होंगी बल्कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत बढ़कर 3 किलोवाट से 5 किलोवाट हो जाएगी। जो देश की आम जनता की जीवन शैली में बड़े बदलाव लाने और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का पुख्ता आधार प्रदान करेंगे।

 नया कृषि कानून अन्नदाताओं का भविष्य पूंजीपतियों के पास गिरवी रखने की साजिश: मोहन मरकाम

नया कृषि कानून अन्नदाताओं का भविष्य पूंजीपतियों के पास गिरवी रखने की साजिश: मोहन मरकाम

रायपुर। केन्द्र सरकार के नए कृषि बिल के खिलाफ आज कांग्रेस ने राजधानी में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस मुख्यालय से राजभवन तक पैदल मार्च करते हुए कांग्रेसजनों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजभवन पहुंचकर कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण आदि उपस्थित थे। 
 
 
पीसीसी प्रमुख मोहन मरकाम के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में कई बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए इसे काला कानून निरूपित करते हुए कृषि बिल का जोरदार विरोध किया है तथा नए कानून को निरस्त करने की मांग की है। राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि-देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने कहा था, 'सब कुछ इंतजार कर सकता है पर खेती नहीं। मोदी सरकार ने देश के किसान, खेत और खलिहान के खिलाफ एक घिनौना शडयंत्र किया है। केंद्रीय भाजपा सरकार तीन काले कानूनों के माध्यम से देश की 'हरित क्रांति' को हराने की साजिश कर रही है। देश के अन्नदाता व भाग्य-विधाता किसान तथा खेत मजदूर की मेहनत को चंद पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने का शडयंत्र किया जा रहा है।
 
 
आज देश भर में 62 करोड़ किसान-मजदूर व 250 से अधिक किसान संगठन इन काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, पर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी व उनकी सरकार सब ऐतराज दरकिनार कर देश को बरगला रहे हैं। अन्नदाता किसान की बात सुनना तो दूर, संसद में उनके नुमाईंदो की आवाज को दबाया जा रहा है और सड़कों पर किसान मजदूरों को लाठियों से पिटवाया जा रहा है। संघीय ढांचे का उल्लंघन कर, संविधान को रौंदकर, संसदीय प्रणाली को दरकिनार कर तथा बहुमत के आधार पर बाहुबली मोदी सरकार ने संसद के अंदर तीन काले कानूनों को जबरन तथा बगैर किसी चर्चा व राय मशवरे के पारित कर लिया है। यहां तक कि राज्यसभा में हर संसदीय प्रणाली व प्रजातंत्र को तार-तार कर ये काले कानून पारित किए गए। कांग्रेस पार्टी सहित कई राजनैतिक दलों ने मतविभाजन की मांग की, जो हमारा संवैधानिक अधिकार है।
 
62 करोड़ लोगों की जिंदगी से जुड़े काले कानूनों को संसद के परिसर के अंदर सिक्योरिटी गार्ड लगाकर, सांसदों के साथ धक्का-मुक्की कर बगैर किसी मतविभाजन के पारित कर लिया गया। देश के किसान-खेत-मजदूर-मंडी के आढ़ती-मंडी मजदूर-मुनीम-कर्मचारी-ट्रांसपोर्टर व लाखों करोड़ों लोगों के ऐतराजात इस प्रकार हैं:-पहला, अनाज मंडी-सब्जी मंडी को खत्म करने से कृषि उपज खरीद व्यवस्था' पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। ऐसे में किसानों को न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेग और न ही बाजार भाव के अनुसार फसल की कीमत। इसका जीता जागता उदाहरण भाजपा शासित बिहार है। साल 2006 में अनाज मंडियों को खत्म कर दिया गया। आज बिहार के किसान की हालत बद से बदतर है। किसान की फसल को दलाल औने-पौने दामों पर खरीदकर दूसरे प्रांतों की मंडियों में मुनाफा कमा डैच् पर बेच देते हैं। अगर पूरे देश की कृषि उपज मंडी व्यवस्था ही खत्म हो गई, तो इससे सबसे बड़ा नुकसान किसान-खेत मजदूर को होगा और सबसे बड़ा फायदा मुठ्ठीभर पूंजीपतियों को। दूसरा, मोदी सरकार का दावा कि अब किसान अपनी फसल देश में कहीं भी बेच सकता है, पूरी तरह से सफेद झूठ है। आज भी किसान अपनी फसल किसी भी प्रांत में ले जाकर बेच सकता है। परंतु वास्तविक सत्य क्या है ? कृषि सेंसस 2015-16 के मुताबिक देश का 86 प्रतिशत किसान 5 एकड़ से कम भूमि का मालिक है। जमीन की औसत मल्कियत 2 एकड़ या उससे कम है। ऐसे में 86 प्रतिशत किसान अपनी उपज नजदीक अनाज मंडी-सब्जी मंडी के अलावा कहीं और ट्रांसपोट कर न ले जा सकता या बेच सकता है। मंडी प्रणाली नष्ट होते ही सीधा प्रहार स्वाभाविक तौर से किसान पर होगा। तीसरा, मंडियां खत्म होते ही अनाज-सब्जी मंडी में काम करने वाले लाखों-करोड़ों मजदूरों, आढ़तियों, मुनीम, ढुलाईदारों, ट्रांसपोर्टरों, शेलर आदि की रोजी रोटी और आजीविका अपने आप खत्म हो जाएगी। चौथा, किसान को खेत के नज़दीक अनाज मंडी-सब्जी मंडी में उचित दाम किसान के सामूहिक संगठन तथा मंडी में खरीददारों के आपस के कॉम्पटिशन के आधार पर मिलता है। मंडी में पूर्व निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य' किसान की फसल के मूल्य निर्धारण का बेंचमार्क है। यही एक उपाय है, जिससे किसान की उपज की सामूहिक तौर से प्राईस डिस्कवरीÓ यानि मूल्य निर्धारण हो पाता है। अनाज-सब्जी मंडी व्यवस्था किसान की फसल की सही कीमत, सही वजन व सही बिक्री की गरंटी है। अगर किसान की फसल को मुठ्ठीभर  कंपनियां मंडी में सामूहिक खरीद की बजाय उसके खेत से खरीदेंगे, तो फिर मूल्य निर्धारण, एमएसपी, वजन व कीमत की सामूहिक मोलभाव की शक्ति खत्म हो जाएगी। क्या फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया साढ़े पंद्रह करोड़ किसानों के खेतों से एमएसपी पर फसल खरीद सकती है ? अगर मुठ्ठीभर  पूंजीपतियों ने किसान के खेत से खरीदी हुई फसल का एमएसपी नहीं दिया, तो क्या मोदी सरकार एमएसपी की गारंटी देगी ? किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य आखिर मिलेगा कैसे ? स्वाभाविक तौर से इसका नुकसान किसान को होगा। पाँचवां, अनाज-सब्जी मंडी व्यवस्था खत्म होने के साथ ही प्रांतों की आय भी खत्म हो जाएगी। प्रांत मार्केट फीस व ग्रामाण विकास फंड के माध्यम से ग्रामीण अंचल का ढांचागत विकास करते हैं व खेती को प्रोत्साहन देते हैं। उदाहरण के तौर पर पंजाब ने इस गेहूँ सीजऩ में 127-45 लाख टन गेहूँ खरीदा। पंजाब को 736 करोड़ रु. मार्केट फीस व इतना ही पैसा ग्रामीण विकास फंड में मिला। आढ़तियों को 613 करोड़ रु. कमीशन मिला। इन सबका भुगतान किसान ने नहीं, बल्कि मंडियों से गेहूँ खरीद करने वाली भारत सरकार की एफसीआई आदि सरकारी एजेंसियों तथा प्राईवेट व्यक्तियों ने किया। मंडी व्यवस्था खत्म होते ही आय का यह स्रोत अपने आप खत्म हो जाएगा। छठवां, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अध्यादेश की आड़ में मोदी सरकार असल में शांता कुमार कमेटी की रिपोर्ट लागू करना चाहती है, ताकि एफसीआई के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद ही न करनी पड़े और सालाना 80,000 से 1 लाख करोड़ की बचत हो। इसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव खेत खलिहान पर पड़ेगा।
 
सातवां, अध्यादेश के माध्यम से किसान को ठेका प्रथा में फंसाकर उसे अपनी ही जमीन में मजदूर बना दिया जाएगा। क्या दो से पाँच एकड़ भूमि का मालिक गरीब किसान बड़ी बड़ी कंपनियों के साथ फसल की खरीद फरोख्त का कॉन्ट्रैक्ट बनाने, समझने व साईन करने में सक्षम है ? साफ तौर से जवाब नहीं में है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग अध्यादेश की सबसे बड़ी खामी तो यही है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी देना अनिवार्य नहीं। जब मंडी व्यवस्था खत्म होगी तो किसान केवल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर निर्भर हो जाएगा और बड़ी कंपनियां किसान के खेत में उसकी फसल की मनमर्जी की कीमत निर्धारित करेंगी। यह नई जमींदारी प्रथा नहीं तो क्या है ? यही नहीं कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के माध्यम से विवाद के समय गरीब किसान को बड़ी कंपनियों के साथ अदालत व अफसरशाही के रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है। ऐसे में ताकतवर बड़ी कंपनियां स्वाभाविक तौर से अफसरशाही पर असर इस्तेमाल कर तथा कानूनी पेचीदगियों में किसान को उलझाकर उसकी रोजी रोटी पर आक्रमण करेंगी तथा मुनाफा कमाएंगी। आठवां, कृषि उत्पाद, खाने की चीजों व फल-फूल-सब्जियों की स्टॉक लिमिट को पूरी तरह से हटाकर आखिरकार न किसान को फायदा होगा और न ही उपभोक्ता को। बस चीजों की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले मुठ्ठीभर लोगें को फायदा होगा। वो सस्ते भाव खरीदकर, कानूनन जमाखोरी कर महंगे दामों पर चीजों को बेच पाएंगे। उदाहरण के तौर पर कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की रबी 2020-21 की रिपोर्ट में यह आरोप लगया गया कि सरकार किसानों से दाल खरीदकर स्टॉक करती है और दाल की फसल आने वाली हो, तो उसे खुले बाजार में बेच देती है। इससे किसानों को बाजार भाव नहीं मिल पाता। 2015 में हुआ ढाई लाख करोड़ का दाल घोटाला इसका जीता जागता सबूत है, जब 45रु. किलो में दाल का आयात कर 200रु. किलो तक बेचा गया था। जब स्टॉक की सीमा ही खत्म हो जाएगी, तो जमाखोरों और कालाबाजारों को उपभोक्ता को लूटने की पूरी आजादी होगी। नौवां, अध्यादेशों में न तो खेत मजदूरों के अधिकारों के संरक्षण का कोई प्रावधान है और न ही जमीन जोतने वाले बंटाईदारों या मुजारों के अधिकारों के संरक्षण का। ऐसा लगता है कि उन्हें पूरी तरह से खत्म कर अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। दसवां, तीनों अध्यादेश संघीय ढांचे पर सीधे-सीधे हमला हैं। खेती व मंडियां संविधान के सातवें शेड्यूल में प्रांतीय अधिकारों के क्षेत्र में आते हैं। परंतु मोदी सरकार ने प्रांतों से राय करना तक उचित नहीं समझा। खेती का संरक्षण और प्रोत्साहन स्वाभाविक तौर से प्रांतों का विषय है, परंतु उनकी कोई राय नहीं ली गई। उल्टा खेत खलिहान व गांव की तरक्की के लिए लगाई गई मार्केट फीस व ग्रामीण विकास फंड को एकतरफा तरीके से खत्म कर दिया गया। यह अपने आप में संविधान की परिपाटी के विरुध्द है।
 
महामारी की आड़ में किसानों की आपदा को मुठ्ठीभर  पूंजीपतियों के अवसर में बदलने की मोदी सरकार की साजिश को देश का अन्नदाता किसान व मजदूर कभी नहीं भूलेगा। इसलिए आपसे विनम्र आग्रह है कि इन तीनों काले कानूनों को बगैर देरी निरस्त किया जाए।
 फैंस को बड़ा झटका: सुरेश रैना के लिए बंद हुए चेन्नई सुपर किंग्स के द्वार

फैंस को बड़ा झटका: सुरेश रैना के लिए बंद हुए चेन्नई सुपर किंग्स के द्वार

नई दिल्ली। आईपीएल 2020 के शुरु होने से पहले ही चेन्नई सुपर किंग्स से अपना नाम वापस लेकर फैंस व फ्रेंचाइजी को बड़ा झटका देने वाले चेन्नई के स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना को लेकर अब एक और बड़ी खबर सामने आई है। चेन्नई सुपर किंग्स की वेबसाइट पर से सुरेश रैना का नाम हटा दिया गया है। 

टीम के सेक्शन सभी खिलाडिय़ों के नाम हैं, लेकिन वहां रैना का नाम गायब है। इससे यह तो तय हो गया कि रैना इस सीजन में वापसी नहीं करने वाले हैं। शुक्रवार को चेन्नई की लगातार दूसरी हार के बाद सोशल मीडिया पर फैंस रैना की वापसी की मांग कर रहे थे। 

गौरतलब है कि आईपीएल 2020 से निजी कारणों की वजह से अपना नाम वापस लेकर सुरेश रैना ने प्रशंसकों के साथ ही क्रिकेट जगत को हैरत में डाल दिया था। पूर्व भारतीय बल्लेबाज आईपीएल टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से तैयार थे और चेन्नई में टीम के लिए लगाए गए एक हफ्ते के कैम्प में उन्होंने हिस्सा भी लिया था। वे टीम के अन्य सदस्यों के साथ यूएई आए थे, लेकिन सीएसके कैम्प में कोरोना पॉजिटिव के 13 मामले सामने आने के बाद वे भारत लौट गए।

इसके बाद भी उप-कप्तान ने वापसी के दरवाजे खोल रखे थे और कहा था कि अगर हालात बेहतर हुए तो वे वापसी कर सकते हैं। लेकिन चेन्नई सुपरकिंग्स की वेबसाइट से रैना का नाम हटने के बाद यह कन्फर्म हो गया है कि वे अब टीम के साथ नहीं जुड़ेंगे।

लेकिन फ्रेंचाइजी ने रैना का रिप्लेसमेंट नहीं लिया, जिसके चलते लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि रैना टीम में वापसी कर सकते हैं। लेकिन अब सीएसके ने मिस्टर आईपीएल यानी सुरेश रैना का नाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट से हटा दिया है।

वहीं, रैना ने शनिवार को, चेन्नई सुपर किंग्स को ट्विटर पर अनफॉलो कर दिया। शुक्रवार को चेन्नई की लगातार दूसरी हार के बाद, सोशल मीडिया पर रैना की वापसी की मांग दुबारा ट्रेंड करने लगी थी। खबरों के मुताबिक, इसी सोशल मीडिया कैम्पेनिंग से परेशान होकर रैना ने चेन्नई सुपर किंग्स को ट्विटर पर अनफॉलो कर दिया।
 मुंबई के खिलाफ सुपर ओवर में मिली रोमांचक जीत के बाद विराट कोहली ने अपनी टीम को लेकर दिया बड़ा बयान

मुंबई के खिलाफ सुपर ओवर में मिली रोमांचक जीत के बाद विराट कोहली ने अपनी टीम को लेकर दिया बड़ा बयान

दुबई। सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल) के 10वें मुकाबले में सुपर ओवर मैच में विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने रोहित शर्मा की मुंबई इंडियंस पर जीत दर्ज करके तीन मैचों में दूसरा मैच अपने नाम किया। 

आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर तीन विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। मुंबई ने इसके जवाब में आरसीबी के लचर फील्डिंग का फायदा उठाकर आखिरी चार ओवर में 80 रन जोड़कर पांच विकेट पर 201 रन बनाए और मैच को सुपर ओवर तक पहुंचाया। 

विराट कोहली ने मुंबई इंडियन्स के खिलाफ सुपर ओवर में मिली जीत के बाद कहा कि अगर उनकी टीम को आगे इस तरह की परिस्थितियों से बचना है तो क्षेत्ररक्षण में सुधार करना होगा और छोटी छोटी चीजों पर ध्यान देना होगा।

कोहली ने कहा, मेरे पास मैच को बयां करने के लिये शब्द नहीं है क्योंकि यह बहुत उतार चढ़ाव वाला रहा। हमने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की और 200 से अधिक का स्कोर बनाया और फिर गेंदबाजी में भी अच्छी शुरुआत की। उन्होंने बीच के ओवरों में संयम से काम लिया और ओस के प्रभाव का इंतजार करते रहे। 

उन्होंने कहा, क्षेत्ररक्षण ऐसा विभाग है जिस पर हमें काम करते रहना होगा। अगर हमने कैच नहीं छोड़े होते तो यह मैच इतना करीबी नहीं होता। जैसे मैंने कहा कि हमने छोटी छोटी चीजों का फायदा नहीं उठाया। हमें इस पर काम करना होगा। 

सुपर ओवर में विजयी चौका जडऩे वाले कोहली ने कहा, जसप्रीत (बुमराह) के साथ मुकाबला अच्छा रहा। लोग इस तरह का मैच देखना पसंद करते हैं। लेकिन हमें इस तरह के मैचों से सबक लेकर भविष्य में मैचों का बेहतर अंत करना होगा। 
 मप्र की चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीख का किया ऐलान, पढ़े इससे जुड़ी पूरी खबर

मप्र की चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीख का किया ऐलान, पढ़े इससे जुड़ी पूरी खबर

भोपाल। चुनाव आयोग की बैठक में उप चुनाव की तारीख पर मुहर लग गई है। केंद्रीय चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने 28 सीटों पर होने वाले मप्र उपचुनाव की तारीख की घोषणा करते हुए बताया कि 3 नवम्बर को वोटिंग होगी व 10 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग उम्मीदवार से नामांकन पत्र, शपथ पत्र और नामांकन को लेकर सिक्युदरिटी मनी ऑनलाइन ही जमा करा रहा है। 
 

28 सीटों पर उपचुनाव-
मध्य प्रदेश मैं 28 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं। प्रदेश मैं 10 मार्च को कांग्रेस के 22 विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार अल्पमत मैं गिर गई। सभी 22 विधायक कांग्रेस के बागी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक है।
 
 
2 जुलाई को बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक प्रदयुम्न सिंह लोधी और 7 जुलाई को नेपानगर से कांग्रेस विधायक सुमित्रा देवी कसडेकर ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ भाजपा ज्वाइन कर ली। 23 जुलाई को मांधाता विधायक ने भी कांग्रेस से दूरी बना ली। इस तरह अभी तक 25 विधायकों ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है. वहीं दो विधायकों का निधन हो गया है।
 BIG BREAKING: मरवाही विधानसभा उप चुनाव की तारीख का ऐलान, जाने कब होंगे चुनाव और कब आएंगे नतीजे

BIG BREAKING: मरवाही विधानसभा उप चुनाव की तारीख का ऐलान, जाने कब होंगे चुनाव और कब आएंगे नतीजे

रायपुर। चुनाव आयोग की बैठक में उप चुनावों की तारीखों पर मुहर लग गई है। केंद्रीय चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने मरवाही विधानसभा उप चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी है। चुनाव 3 नवंबर को होंगे व नतीजे 10 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
 
 
मरवाही उपचुनाव के लिए इस बार विधानसभा क्षेत्र में 49 मतदान केंद्र और बढ़ाए गए हैं, पूरे विधानसभा क्षेत्र में इस बाद 237 मतदान केंद्रों की जगह अब 286 मतदान केंद्र होंगे। कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव आयोग ने यह निर्णय लिया है। इस बार एक मतदान केंद्र में 1000 से अधिक मतदाता नहीं होंगे, एक हजार से अधिक मतदान वाले केंद्रों में 49 अतिरिक्त मतदान केंद्र बनेंगे।
 
 कलयुगी बेटे ने की कुदाली मारकर पिता की निर्मम हत्या, इलाके में फैली सनसनी

कलयुगी बेटे ने की कुदाली मारकर पिता की निर्मम हत्या, इलाके में फैली सनसनी

धमतरी। धमतरी जिले के मगरलोड थाना अंतर्गत ग्राम अमलीडीह में पुत्र द्वारा अपने पिता की हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। आरोपी पुत्र मौके से फरार हो  गया है।

टीआई विनोद कतलम ने बताया कि मंगलवार की सुबह 7.30 बजे ग्राम अमलीडीह निवासी चंदू राम निषाद पिता केजू राम निषाद उम्र 50 वर्ष अपने घर के आंगन में बैठा था। उसकी पत्नी व बेटी सब्जी सुधार रही थी। उसका बड़ा पुत्र रोशन निषाद उम्र 23 वर्ष आया और अपने पिता चंदू राम के सिर व कान पर कुदाली से वार कर फरार हो गया। उसकी पत्नी व बेटी की चीख पुकार रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी पहुँचे। चंदू राम लहूलुहान घायल अवस्था में पड़ा था। जिसे संजीवनी 108 वाहन से ईलाज के लिए शासकीय अस्पताल मगरलोड लाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। अभी तक आरोपी पुत्र पुलिस के गिरफ्त से बाहर आया।
 राजधानी के रावणभाठा के पास अस्थायी रूप से लगे सब्जी बाजार को निगम ने हटाया

राजधानी के रावणभाठा के पास अस्थायी रूप से लगे सब्जी बाजार को निगम ने हटाया

रायपुर। सप्ताहभर के लॉकडाउन के बाद राजधानी रायपुर के रावणभाठा के पास अस्थायी रूप से लगे सब्जी बाजार को आज नगर निगम ने हटाने की कार्यवाही की। इस कार्यवाही से सब्जी व्यवसायियों में भारी नाराजगी देखी गई। 
 
 
सप्ताह भर के लॉकडाउन के बाद रायपुर में आज से फिर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानें खुल गई। इनमें सब्जी बाजार भी शामिल है। शहर के निर्माणाधीन अंतर्राज्यीय बस स्टैंड रावणभाठा के पास विगत दिनों से अस्थायी रूप से सब्जी बाजार लगाया जा रहा था, इसकी इजाजत नगर निगम प्रशासन द्वारा ही दी गई थी। हालांकि सूत्रों के अनुसार 22 से 28 सितंबर तक लगाए गए लॉकडाउन के पूर्व नगर निगम ने एक और निर्देश जारी किया था जिसमें अंतर्राज्यीय बस स्टैंड के पास लगने वाले सब्जी बाजार को चालू सितंबर माह के अंत में यहां से हटाए जाने की बात कहीं थी। लेकिन माह को खत्म होने में आज मिलाकर दो दिन है।
 
 
लेकिन इससे पहले ही निगम प्रशासन ने यहां लगने वाले सब्जी बाजार को यहां से हटा दिया। अचानक सब्जी बाजार को हटाने पहुंचे निगम प्रशासन की इस कार्यवाही का सब्जी व्यवसायियों ने विरोध भी किया। कुछ सब्जी विक्रेताओं ने यहां तक कहा कि नगर निगम द्वारा सब्जी दुकानें यहां नहीं लगाने है इस संबंध में उन्हें कोई नोटिस नहीं दी। बिना नोटिस दिए उन्हें आज यहां से हटा दिया गया। सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि अगर उन्हें पहले से पता रहता तो वे आज ना ही मंडी से सब्जी खरीदते और ना ही इतनी दूर सब्जी बेचने यहां आते। ज्ञात हो कि यहां सब्जी बेचने वाले व्यवसायियों में कई लोग कई गांव से बेचने भी आते है जो पहले थोक सब्जी दुकानों में जाकर सब्जी खरीदते है और फिर यहां आकर चिल्हर में सब्जी बेचते है। 
 मुंबई में एक और नवोदित अभिनेता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मुंबई में एक और नवोदित अभिनेता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मुंबई। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से देश अभी उबरा भी नहीं था कि बिहार के एक नवोदित कलाकार की मुंबई में संदेहास्पद मौत हो गई है। मृतक कलाकार का नाम अक्षत उत्कर्ष है जो मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में कार्यरत थे। मृतक एक्टर का नाम अक्षत उत्कर्ष है जो मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में काम करता था।
 
 
सूत्रों के मुताबिक, अक्षत बॉलीवुड के नवोदित कलाकार थे। वह मूल रूप से मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर के रहने वाले थे। मृतक के परिजनों ने अक्षत उत्कर्ष की संदेहास्पद मौत के बाद हत्या का आरोप लगाया है।

सूत्री के मुताबिक मृतक के मामा रंजीत सिंह ने बयान देते हुए कहा कि रविवार की रात 9 बजे अक्षत की पिता से बात हुई थी, लेकिन इसके बाद देर रात उसकी मौत की खबर मिली। इसके साथ ही अक्षत के मामा ने मुंबई पुलिस पर भी सहयोग न करने का आरोप लगाया है। एक्टर का शव उनके घर पहुंच गया है।
 
 
खबर के मुताबिक अक्षत के परिजनों का आरोप है कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में किसी तरह का सहयोग नहीं किया है। साथ ही किसी भी तरह की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

फिलहाल इस घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं वहीं इससे पहले मुंबई में ही बिहार के रहने वाले बॉलीवुड के स्टार एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की भी संदेहास्पद मौत हो चुकी है जिसकी गुत्थी सुलझाने में तीन जांच एजेंसियां सीबीआई, ईडी और एनसीबी जुटी हुई हैं।
 छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने कृषि बिल के विरोध में राजभवन तक निकाला पैदल मार्च

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने कृषि बिल के विरोध में राजभवन तक निकाला पैदल मार्च

रायपुर। कृषि विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में राजभवन तक पैदल मार्च निकाला और राष्ट्रपति को संबांधित ज्ञापन राज्यपाल भवन में सौंपा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने किया। पूर्वान्ह करीब साढ़े दस बजे से ही प्रदेशभर से कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता रायपुर स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन पर पहुंचने लगे।
 
 
यहां से दोपहर करीब साढ़े 12 बजे प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान कृषि बिल के वरोध में नारेबाजी की। प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बताया कि यह विधेयक पूरी तरह से किसानों के विरोध में है। हम राष्ट्रपति से मांग करते हैं कि इस विधेयक को वापस किया जाये। 
 बड़ी खबर: ओडिशा से रायपुर ला रहे पौने तीन क्विंटल गांजा के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार

बड़ी खबर: ओडिशा से रायपुर ला रहे पौने तीन क्विंटल गांजा के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार

गरियाबंद। गांजा की अवैध तस्करी मामले में गरियाबंद के राजिम पुलिस ने आज बड़ी कार्रवाई की है। राजिम पुलिस ने 2 क्विंटल 70 किलो गांजा जब्त कर लिया है। जब्त गांजे की कीमत लगभग 30 लाख बताई जा रही है। राजिम पुलिस 2 तस्करों को गिरफ्तार कर मामले में विस्तृत विवेचना में जुट चुकी है। मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक गिरफ्त में आये दोनों आरोपी ओडिशा से पिकअप वाहन में गांजा छुपाकर रायपुर आ रहे थे। राजिम पुलिस ने श्यामाचरण शुक्ल चौक पर गाड़ी की तलाशी ली। तलाशी के दौरान गांजा तस्करी का खुलासा हो गया।
  सब इंस्पेक्टर ने खेला खुनी खेल: गर्लफ्रेंड और ससुर को पिस्टल से मारी गोली

सब इंस्पेक्टर ने खेला खुनी खेल: गर्लफ्रेंड और ससुर को पिस्टल से मारी गोली

नई दिल्ली। इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है की सब इंस्पेक्टर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। SI ने पहले अपनी गर्लफ्रेंड को गोली मार थी और फिर अपने ससूर को गोलियों से भून दिया था। हालांकि सब इंस्पेक्टर का इरादा अपनी पत्नी को गोली मारने का था, लेकिन वो मिली नहीं, जिसके बाद उसने अपने ससुर को ही गोली मार दी।

पढ़िए पूरी खबर-
जानकारी के अनुसार 27 सितंबर को अलीपुर इलाके के साईं बाबा मंदिर के पास हाईवा के किनारे अर्चना नाम की युवती खून से लथपथ हाल में मिली थी, दिल्ली पुलिस ने युवती को अस्पताल में दाखिला कराया। पुलिस ने जब युवती से पूछताछ की तो मालूम चला कि उसके प्रेमी SI संदीप दाहिया ने ही गोली मारी है। संदीप दहिया 2010 बैच का SI है। वर्तमान में संदीप लाहौरी गेट थाने में तैनात है।
 
 
खबर ये भी सामने आई है कि शनिवार रात से ही संदीप सरकारी पिस्टल के साथ ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था। बताया जाता है कि संदीप का अपनी पत्नी से तलाक को लेकर मुकदमा चल रहा है। एक साल पहले संदीप की मुलाकात निजी कंपनी में काम करने वाली अर्चना से हुई थी वे दोनों रविवार को घूमने जा रहे थे और इसी दौरान विवाद हो गया, इसी विवाद में महिला को गोली मार दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक सफेद रंग की डस्टर कार की फुटेज रिकॉर्ड हुई है। बताया जा रहा है कि यह संदीप दहिया के नाम पर ही है। 

 

 लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले ढाबा व मुर्गा दुकान संचालक के खिलाफ हुई कार्रवाई

लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले ढाबा व मुर्गा दुकान संचालक के खिलाफ हुई कार्रवाई

महासमुंद। सरायपाली पुलिस ने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले आठ लोगों पर काईवाई की है। ये लोग लॉकडाउन के बाद भी दुकान खोलकर व्यापार कर रहे थे। जिस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। 
 
 
जानकारी के अनुसार भोथलडीह में रामदेव ढाबा के मैनेजर तुलसा राम सियाग अपने ढाबा को खोलकर आम लोगों को खाना एवं अन्न सम्रागी उपलब्ध करा रहे थे। वे बिना मास्क लगाए ही आम लोगों को खाना एवं खाने-पीने की अन्न सामाग्री उपलब्ध करा रहे थे। तोरेसिंघा निवासी आशी मेहेर पिता गिरधारी मेहेर, बबलू मेहेर पिता गिरधारी मेहेर मुर्गा दुकान व जोगनीपाली में राजकुमार पिता अरछित साहू, सरायपाली में राजेश कुमार सतपति पिता संतोष, रामानुज प्रसाद गुप्ता, धनीराम बरिहा ढाबा खोलकर लोगों को भोजन खिला रहा था। जब इस बात की सूचना पुलिस की टीम को मिली तो, मौके पर पहुंचे जहां, देखा कि बिना मास्क के लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। जिस पर कार्रवाई की।
 
 
 
मिटिंग करने वाले पर भी कार्रवाई-
सरायपाली के ग्राम पलासापाली चौक के पास बिना मास्क लगाए एकत्रित होकर आम जगह पर मिटिंग कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले ग्राम पलसापाली के मोहन साहू पिता प्रेमराम साहू (50), सदाधर यादव पिता शिवलाल यादव (53), तुलाराम पिता गंगाराम डड़सेना (19), ग्राम केदुवा के विजय पटेल पिता तुलसीराम पटेल (37), श्रवण चौहान पिता नेहरू लाल चौहान (21), रमेश भोई पिता बंशीलाल भोई (45), सुदर्शन श्रीवास पिता गंगाधर श्रीवास (29) के खिलाफ कार्रवाई की है।
 शहर अनलॉक होते ही सब्जियों की कीमतों में आई गिरावट, लॉकडाउन में चोरी छिपे बिक रही थी महंगी सब्जियां

शहर अनलॉक होते ही सब्जियों की कीमतों में आई गिरावट, लॉकडाउन में चोरी छिपे बिक रही थी महंगी सब्जियां

रायपुर। शहर अनलॉक होते ही आज शहर के मुख्य बाजार शास्त्री बाजार, पुरानी बस्ती, आमापारा, रावण भाठा सहित पाश कालोनियों स्थित सब्जी बाजारों में लाकडाउन अवधि की तुलना में चोरी छिपे बिक रही महंगी सब्जियों के मुकाबले आज सब्जियों की कीमतों में गिरावट देखी गई। वहीं 21 सितंबर को लॉकडाउन लगने की सूचना के साथ ही आलू प्याज एवं अन्य हरी सब्जियों के दामों में आसमान में चढ़ी कीमतों के चलते लोगों को महंगी सब्जी का उपयोग करने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं आज शहर के बाजारों में आलू एवं प्याज 35 से 40 रुपये किलो बिकी।
 
 
टमाटर 40-60 रुपये किलो एवं अन्य सब्जियों के दाम भी 40 से 60 रुपये किलो की दर पर बिके। सब्जियों के दामों में बाहर से आवक बढऩे के साथ ही कीमतों में गिरावट आने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं मुनगा की दर में गिरावट नहीं आने के कारण आज बाजार में मुनगा 80 रुपये किलो बिका। कुंदरू 30-40, भटा 40, लौकी 30-40, बरबटी 40, करेला 60, गोभी 60, पत्ता गोभी 30-40, लालभाजी 50, चौलाई भाजी 50, शिमला 50 रुपये आदि रहा। 
 बड़ी खबर: झीरम घाटी केस की सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका खारिज

बड़ी खबर: झीरम घाटी केस की सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका खारिज

रायपुर। उच्चतम न्यायालय ने 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले में 29 लोगों की मौत के मामले में और गवाहों के परीक्षण की छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर 29 सितंबर को छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका पर सुनवाई की तिथि निर्धाति की थी। 29 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। बता दें 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग द्वारा अतिरिक्त गवाहों की जांच से इनकार किया गया था। राज्य सरकार ने मामले में अतिरिक्त गवाहों की जांच के लिए विशेष न्यायिक जांच आयोग को निर्देश देने की अपनी याचिका खारिज करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेशों को चुनौती दी थी।
 
 
25 मई 2013 को, नक्सलियों ने बस्तर जिले के दरभा इलाके में झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं के एक काफिले पर हमला किया था, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें तत्कालीन कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल शामिल थे। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह 29 सितंबर को मामले की सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और एम आर शाह की पीठ ने भी वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा कहा गया था कि आयोग ने छह महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही दर्ज करने के अनुरोध को खारिज कर दिया था और जांच बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि आयोग ने जंगल वारफेयर ट्रेनिंग स्कूल, कांकेर के निदेशक बी के पंवार को विशेषज्ञ के रूप में अपने साक्ष्य दर्ज करने के लिए बुलाने से इनकार कर दिया था और उनकी जांच करने और कार्यवाही बंद करने की राज्य की प्रार्थना को खारिज कर दिया।
 
 
सिंघवी ने कहा कि छह गवाहों की सूची में से किसी की भी आयोग द्वारा जांच नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आयोग के संदर्भ की अतिरिक्त शर्तें दी गई थीं और इसे सितंबर, 2019 में स्वीकार कर लिया गया था। सिंघवी ने कहा कि इन अतिरिक्त शर्तों का क्या हुआ पुराने गवाहों की परीक्षा जारी थी और तथ्य की खोज आयोग ने अतिरिक्त गवाहों की जांच नहीं की। पीठ ने कहा कि तथ्यों पर सिंघवी की दलीलें सही नहीं थीं और उन्होंने कहा, आपका तर्क कि आयोग ने सितंबर में काम करना शुरू किया है, सही नहीं है।
 कंपनियों को बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने कई योजनाओं की बढ़ाई समयसीमा

कंपनियों को बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने कई योजनाओं की बढ़ाई समयसीमा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से पैदा अड़चनों के बीच कंपनियों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने कई योजनाओं की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 कर दी है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनीज फ्रेश स्टार्ट स्कीम तथा एलएलपी निपटान योजना की अवधि बढ़ा दी है। इसके अलावा कंपनियों को असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बोर्ड बैठक इस साल के अंत तक वीडियो कॉन्फ्रेंस या इसी तरह के अन्य माध्यमों से करने की अनुमति दी है। इसके साथ ही कंपनी कानून, 2013 के तहत शुल्क के सृजन या संशोधन से संबंधित फॉर्म जमा कराने की समयसीमा में भी छूट दी गई है।
 
 
स्वतंत्र निदेशकों के लिए डेटा बैंक पर खुद का पंजीकरण कराने के समय को भी बढ़ाया गया है। पहले ये सभी समय सीमाएं 30 सितंबर को समाप्त हो रही थीं। वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय की ओर से ट्वीट कर बताया गया है कि कई योजनाओं की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2020 कर दिया गया है। ट्वीट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से पैदा हुई दिक्कतों तथा कारोबार सुगमता की स्थिति को बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
 
 हफ्ते भर बाद शहर हुआ अनलॉक, सुबह से ही मुख्य बाजारों में दुकान खुलते ही ग्राहकी हुई शुरू

हफ्ते भर बाद शहर हुआ अनलॉक, सुबह से ही मुख्य बाजारों में दुकान खुलते ही ग्राहकी हुई शुरू

रायपुर। 21 सितंबर की रात 12 बजे से लेकर 28 की रात 12 बजे तक लगे सख्त लॉकडाउन के बाद आज शहर अनलॉक होते ही सुबह से ही खरीददारों की भीड़ बाजार की ओर उमड़ पड़ी। ज्ञातव्य है कि सात दिनों से लोगों के घर में सब्जी एवं अन्य आवश्यक सामाग्री खत्म हो गई थी जिसके चलते अधिकांश लोगों के समक्ष परेशानी पैदा हो गई थी। सुबह दस बजे से शहर के मुख्य बाजारों गोल बाजार, सदर बाजार, मालवीय रोड, एमजी रोड, स्टेशन रोड, पुरानी बस्ती, रामसागर पारा एवं पाश कालोनियों में स्थित दुकानों में विक्रेता के दुकान में पहुंचते ही ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई। 

 
गौरतलब है कि शहर के मध्यम वर्गीय परिवारों में ऐसे परिवारों की संख्या ज्यादा है जो दैनिक सामाग्री प्रतिदिन क्रय करते हैं एकमुश्त अनाज, किराना सामान अथवा सप्ताह भर की सब्जी एवं फल खरीदने के लिए लोगों के पास पैसा नहीं होता है। अचानक लाकडाउन होने से ऐसे परिवारों को संभलने का अवसर नहीं मिला। वहीं फुटकर व्यापारियों की हालत लॉकडाउन के चलते बेहद खराब रही। आज सड़क पर दुकान लगाकर रोजी कमाने वाले भी आठ दिन बाद बाजार खुलने पर अच्छी ग्राहकी होने के कारण मुस्कुराते हुए दिखे। दशहरा, दीपावली करीब होने के कारण जानकार सूत्रों के अनुसार अब लॉकडाउन लगने की स्थिति प्रशासनिक सूत्रों द्वारा इंकार की गई है। वहीं नवरात्रि में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे अथवा दर्शनार्थियों के लिए खुलेंगे इस पर जिला प्रशासन ने अब तक निर्णय नहीं लिया है।