कोरिया। कोरोना पर लगाम लगाने के लिए कोरिया में लाकडाउन लगाया गया है। लेकिन लाकडाउन का लोग पालन नहीं कर रहे हैं। लोग खुलेआम कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ रहे हैं। शहर के पटना में सड़क किनारे सब्जी और फलों की दुकानों लगाकर बेच रहे हैं, जबकि गली-मोहल्ले में ठेले से चलते बेचने का आदेश है। वहीं दूसरी ओर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उड़ रही है। कल ही पेट्रोल पंप में भी भीड़ उमड़ी थी, शिकायत के बाद पुलिस ने 5 हजार का जुर्माना लगाया था। कोरिया में 28 अप्रैल तक लाकडाउन लगाया गया है। लेकिन लोग लाकडाउन के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।
रायपुर, राजधानी के एक निजी अस्पताल में 2 लाख रुपए का भुगतान न मिलने पर मृतका के शव को दो रात रोक कर रखा। थक हार कर परिजनों ने मामले के शिकायत कलेक्टर कार्यालय में की। उन्होंने शिकायत में अस्पताल प्रबंधन सरकार के तय किए गए कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।
मृतका के परिजनों की शिकायत के अनुसार सोमलता मिश्रा को कोविड-19 पजिटिव होने के कारण 8 अप्रैल को राजधानी के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां वह 16 अप्रैल तक सामान्य वार्ड में भर्ती थीं। मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 16 अप्रैल को वेंटिलेटर शिफ्ट किया गया। 22 अप्रैल को मरीज की मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को 7 लाख 43 हजार 504 का बिल सौंपा। इसमें ₹5,50,000 अस्पताल को पहले ही भुगतान किया जा चुका है। अब अस्पताल द्वारा शेष 2,00,000 रुपए की मांग की जा रही है। इतना ही नहीं 2 दिन पहले मृत्यु होने के बाद भी परिवार को शव नहीं सौंपा गया।
शिकायत के बाद शुक्रवार की शाम को कलेक्टर के हस्तक्षेप करने पर अस्पताल प्रबंधन शव देने को तैयार हुआ। ओवर बिल के संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से कहा कि पहले आप बॉडी ले जाएं बाद में इस मामले को देखते हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में अपग्रेड करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि कोविड महामारी के कारण वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद छत्तीसगढ़ देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक रहा है।औद्योगिक मोर्चे पर राज्य के समृद्ध खनिज संसाधनों पर आधारित लोहा और इस्पात, सीमेंट, विद्युत और अन्य कोर क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद छत्तीसगढ़ विकास की और अधिक बेहतर संभावनाओं के लिए तैयार है।
पत्र में उल्लेखित है कि रायपुर में स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के 2012 में नए टर्मिनल की कमीशनिंग के कुछ ही वर्षों के बाद स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को दो बार गैर-मेट्रो श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे के रूप में मान्यता प्रदान की गई। हमें दृढ़ विश्वास है कि रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में अपग्रेड करने और कार्गो हब की उपलब्धता से राज्य के विकास की क्षमता को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही इससे छत्तीसगढ़ राज्य को देश के केंद्रस्थल में स्थित होने का बेहतर लाभ भी प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में उल्लेख किया है कि हम `नया रायपुर` को इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी / आईटीईएस और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए आदर्श निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किये जाने को बढ़ावा दे रहे हैं । अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इस इको-सिस्टम का अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। अंतरराष्ट्रीय उद्यमियों और निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के माध्यम से निवेश की गति को प्रोत्साहन मिलेगा। आजीविका की तलाश में राज्य से बाहर पलायन की स्थिति कम होगी। साथ ही रोजगार के अवसर उत्पन्न होने से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के विकास को गति मिलेगी। राज्य में निर्यात के लिए हमारी तैयारियों को प्रदर्शित करते हुए राज्य और जिलास्तरीय निर्यात संवर्धन समितियाँ पहले ही क्रियाशील हो गई हैं।
हमारी नई औद्योगिक नीति में बागवानी और गौण वनोपजों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर विशेष फोकस है, जिसमे निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की प्रशासनिक मशीनरी ने भी इस क्षमता का उपयोग करने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 344 एकड़ भूमि अंतरराष्ट्रीय मानकों के लिए रनवे का विस्तार करने के लिए प्रदान की गई है। रनवे की लंबाई 7500 फीट तक बढ़ा दी गई है। पुराने टर्मिनल भवन को कार्गो हब में परिवर्तित करने की सैद्धांतिक मंजूरी पहले से ही प्रदान कर दी गई है। राज्य सरकार पुराने टर्मिनल को कार्गो हैंडलिंग फैसिलिटी के रूपांतरण में शामिल खर्च को वहन करने को तैयार हैं। स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करना महान संत विवेकानंद को एक श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्र के अंत मे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल को कार्गो हब और `स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट ` को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुनः अनुरोध किया है।
बीजापुर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने तीन दिन पहले अगुआ किये एएसआई की हत्या कर दी है। मारे गए एएसआई का नाम मुरली ताती है।
जवान को मारने के बाद शव को नक्सलियों ने नांदलूर के पास सड़क पर फेंक दिया है। वहीं शव के पास नक्सली पर्चा भी मिला है। पर्चे में लिखी बात अभी तक सामने नहीं आई है।
भिलाई। कोरोना काल में जहां एक ओर मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं अस्पताल की लापरवाही भी सामने आ रही है। ऐसे ही एक मामले में अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना मरीज को मृत घोषित कर दिया था। अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी थी, शमशान घाट में परिजनों ने मृतक को आखरी बार देखने की जिद की। जब उसका चेहरा पॉलिथीन से दिखाया गया तो वह व्यक्ति थोड़ा हिलता डुलता दिखा। परिजनों ने तुरंत ही उस व्यक्ति को पॉलिथीन से बाहर निकाला।
यह मामला कल शाम का है जब भिलाई स्थित हाईटेक हॉस्पिटल में कोरोना के इलाज के लिए भर्ती एक व्यक्ति को अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया था। कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी बीच परिजनों ने मृतक के अंतिम दर्शन करने की विनती की, जिसके बाद पॉलीथिन से उसका चेहरा दिखाया गया। परिजनों ने गौर किया कि मृतक के शरीर में हरकत हो रही है, और वह हिलडुल रहा है। इसके बाद फौरन उसे पॉलीथिन ने बाहर निकला गया तो वह व्यक्ति जीवित निकला।
इस घटना से गुस्साए परिजनों ने हाईटेक हॉस्पिटल पर घोर लापरवाही के आरोप लगाए और अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर अपने गुस्सा निकालते हुए जमकर तोड़फोड़ मचाई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद परिजनों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ। इस प्रकार एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करने पर अस्पताल प्रबंधन पर भी सवालिया निशान उठता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री की पहल पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के समस्त संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को नोवेल कोरोना वायरस के नये वेरियन्ट के संक्रमण पर नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य में आने वाले यात्रियों के लिए कोविड टेस्ट जांच के संबंध में दिशानिर्देश जारी किये गए है। जारी दिशानिर्देशों में उल्लेखित है कि राज्य में हवाई मार्ग, रेल अथवा सड़क मार्ग से आने वाले सभी यात्रियों की 72 घंटे के भीतर की कोविड निगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट निगेटिव होने पर छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे यात्री जिनकी निगेटिव कोविड रिपोर्ट है और कोविड-19 के लक्षण नहीं है, उन्हे स्वास्थ्य विभाग के एसओपी अनुसार होमक्वारेंटीन होने के निर्देश दिया जाए। ऐसे यात्री जिनके पास निगेटिव कोविड रिपोर्ट है और उन्हें कोविड-19 के लक्षण है, ऐसे सभी व्यक्तियों की पुनः कोविड-19 जांच की जाए। जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के एसओपी अनुसार ईलाज हेतु कार्यवाही की जाए। कोविड लक्षण वाले परंतु जांच में निगेटिव यात्रियों को चिकित्सीय सलाह अनुसार उपचार दिया जाए तथा सलाह अनुसार आयसोलेट/क्वारेंटीन किया जाए। ऐसे सभी व्यक्ति जिनके पास कोविड निगेटिव रिपोर्ट नहीं है, उनके एयरपोर्ट,
रेलवे स्टेशन एवं सीमावर्ती राज्य से आने वाले सड़क मार्ग पर ही सीमा पर स्थित बैरियर/चौकी में टेस्टिंग किओस्क बनाकर स्वास्थ्य परीक्षण सहित आवश्यक कोविड जांच की व्यवस्था की जाए। जांच का व्यय यात्री द्वारा स्वयं वहन किया जायेगा।
कोविड-19 जांच उपरान्त पॉजीटिव पाये गये व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार होमआईसोलेशन/कोविड केयर सेंटर/डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में उपचार हेतु तत्काल भेजा जाए। कोविड लक्षण वाले परंतु जांच में निगेटिव यात्रियों को चिकित्सीय सलाह अनुसार उपचार दिया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग के एसओपी अनुसार आयसोलेट/क्वारेंटीन किया जाए। अन्य राज्य के निवासियों को जिन्हें क्वारेंटीन किया जाना हो, उनके लिए व्यय यात्रियों को स्वयं वहन किया जाना होगा। उपरोक्तानुसार कोविड जांच की व्यवस्था हेतु रैपिड एण्टीजन जांच के लिए निजी क्षेत्र के पैथोलैब को भारत सरकार एवं आई.सी.एम.आर. जारी दिशा-निर्देश के अनुरूप तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित दरों पर जांच की अनुमति दी जाए। तदनुसार टेस्टिंग किओस्क स्थापित किया जाए। ऐसे सभी व्यक्ति जिनके पास कोविड निगेटिव रिपोर्ट नहीं है एवं टेस्टिंग किओस्क सकरिंग उपरान्त उनमें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं पाए गए, उन्हें स्वास्थ्य विभाग के एसओपी अनुसार संस्थागत क्वारेंटीन किया जाए। इस हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं शहरी क्षेत्रों में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा यात्रियों को क्वारेंटीन (पेड/फ्री) किए जाने हेतु पूर्व में जारी दिशा-निर्देश के अनुसार व्यवस्था की जाए।
छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए क्वारेंटीन व्यवस्था पूर्व निर्देशानुसार एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं सीमावर्ती राज्य से आने वाले सड़क मार्ग के जांचकेन्द्रों में कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे- मास्क लगाना, दो गज की दूरी, हैंड हाईजीन इत्यादि का पालन किया जाए। सीमा पर स्थित बैरियर/जांच चौकी में अस्थाई रूप से यात्रियों के रूकने के लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाए ताकि सोशल, फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उनका स्वास्थ्य परीक्षण/कोविड जांच की जा सके। इनमें पीने के पानी एवं आवश्यकतानुसार भोजन व्यवस्था, छांव की व्यवस्था की जाए। जिन यात्रियों के पास परिवहन सुविधा न हो उनके लिए कोविड केयर सेंटर/ डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल/क्वारेंटीन सेंटर तक पहुंचने हेतु परिवहन की व्यवस्था किया जावें। क्वारेंटीन सेंटर एवं परिवहन व्यवस्था इत्यादि हेतु राशि की व्यवस्था पूर्व वित्तीय वर्ष अनुसार विभिन्न मदों से की जा सकेगी।
जो यात्री सड़क मार्ग से अन्य प्रदेशों के लिए जा रहे है उनके वाहनों पर इस आशय का स्टीकर लगाना सुनिश्चित किया जाये ताकि वह यात्री राज्य के भीतर न रूक सकें। यह निर्देश 27 अप्रैल से लागू होंगे। सीमावर्ती जिले जारी दिशा निर्देशों के अनुपालन हेतु आवश्यक व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए हैं।
दुर्ग। प्रदेश में कोविड संकट को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यक स्थिति के चलते एस्मा एक्ट लागू है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मरीजों के इलाज एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं हेतु विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी 21 अप्रैल से चंदूलाल चंद्राकर हास्पिटल में लगाई गई थी। इनमें 8 चिकित्सा अधिकारिया को अब तक उपस्थिति नहीं देने के कारण कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने शो काज नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने इन्हें प्रदेश में प्रभावी एस्मा एक्ट के अंतर्गत ड्यूटी में तत्काल उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं अन्यथा की स्थिति में महामारी एक्ट के अंतर्गत इनका पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में 15 अप्रैल से एस्मा एक्ट लागू है जिसके तहत समस्त स्वास्थ्य सुविधाएं तथा डाक्टर, नर्स एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक सेवाओं में शामिल किया गया है।
रायपुर । नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के विक्रय के संबंध में जानकारी संधारित करने के निर्देश सभी सहायक औषधि नियंत्रकों/औषधि निरीक्षकों तथा रेमडेसिविर इंजेक्शन के समस्त सी एण्ड एफ एवं स्टॉकिस्ट/डिस्ट्रीब्यूटरों को दिए हैं। जारी आदेश में उल्लेखित है कि राज्य में कोरोना (कोविड-19) से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। राज्य में आवश्यक जीवन रक्षक औषधि रेमडेसिविर इंजेक्शन का वितरण उपलब्धता के अनुसार, समस्त प्राइवेट सेंटर/अस्पतालों में किया जा रहा है। विभिन्न समाचार माध्यमों से रेमडेसिविर इंजेक्शन के नकली व काला-बाजारी से संबंधित सूचना प्राप्त रही है, जिसे रोकने हेतु रेमडेसिविर औषधि के वितरण की जानकारी संधारित करना अति आवश्यक है। अतः सी एण्ड एफ से स्टॉकिस्ट/डिस्ट्रीब्यूटर/कोविड सेंटर को विक्रय किए गए तथा स्टॉकिस्ट/डिस्ट्रीब्यूटर से कोविड सेंटर/अस्पतालों को विक्रय किए गए औषधि रेमडेसिविर इंजेक्शन की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संकलित करें।
आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि कोविड अस्पतालों को शासन के निर्देशानुसार औषधि का वितरण सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के नियम 65 के प्रावधानों के तहत एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। राजधानी जैसे जगह में जब कोई बड़ी आगजनी होती है, तब-तब हर बार फायर ऑडिट का जिन्न जांच के नाम पर बाहर आता है, लेकिन जांच के बाद रिपोर्ट किस बास्ते में दफन होती है, यह बता पाना विभाग के लिए भी मुश्किल होता है। रायपुर में सालों पहले हुए गोलबाजार के तुलसी होटल आगजनी में 6 व्यापारियों ने अपनी जान से हाथ गंवाई थी, जिसके बाद विभाग ने पूरे शहर के होटलों और अस्पतालों की फायर ऑडिट की, लेकिन 6 व्यापारियों के जान जाने का कारण अब तक सामने नहीं आया। और न ही विभाग ने ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की।
इसी तरह एक बार फिर जब राजधानी के एक निजी अस्पताल में आगजनी हुई, जिसमें 6 कोरोना संक्रमित मरीजों की जान चली गई तब एक बार फिर रायपुर कलेक्टर डॉ एस भारततीदासन ने जिले के चिकित्सालय भवनों और अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा के मापदण्डों का कड़ाई से पालन करने के लिए फायर ऑडिट, अग्नि सुरक्षा एवं अन्य मानको की जांच करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन एक बात सभी की समझ से परे है कि किसी हादसे के बाद होश में आने वाला जिन्न आखिर जाता कहाँ है ये किसी को पता नहीं चलता।
वैसे इस बार कलेक्टर रायपुर डॉ. भारतीदासन ने डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डधिकारी पूनम शर्मा को नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 1, डिप्टी कलेक्टर एवं कार्यपालक दण्डाधिकारी मुकेश कोठारी रायपुर को जोन क्र. 2, डिप्टी कलेक्टर एवं क्षेत्रिय उपायुक्त भू अभिलेख गीता दीवान को जोन क्र. 03, संयुक्त कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी रायपुर राजीव पांडेय को जोन क्र. 04, संयुक्त कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी (नगर) रायपुर संदीप कुमार अग्रवाल को जोन क्र. 05, डिप्टी कलेक्टर एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी रायपुर विकास प्राधिकरण नवीन ठाकुर को जोन क्र. 06, डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगर जगन्नाथ वर्मा को जोन क्र. 07, संयुक्त कलेक्टर एवं महाप्रबंधक छ.ग.पा.पु.नि. रायपुर अरविन्द पाण्डेय को जोन क्र. 08, डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक संचालक संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग रायपुर अवंती गुप्ता को जोन क्र. 09, तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी रायपुर अमित वेग को जोन क्र. 10 में रखा गया है।
इन दलों में अन्य विभागों जैसे नगर निगम, नगर एवं ग्राम निवेश, नगर सेना, लोक निर्माण विभाग, विद्युत मंडल, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल है। इसी तरह अनुविभागीय दण्डाधिकारी, रायपुर नगर पालिक निगम रायपुर के क्षेत्र को छोड़कर शेष रायपुर अनुभाग के अन्तर्गत आने वाले अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी अभनपुर और आरंग अपने अनुभाग क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे। इन दलों के द्वारा रायपुर जिला क्षेत्र अन्तर्गत स्थित चिकित्सालय भवनों और अस्पतालों में अपनी सुरक्षा मानकों की जांच करेंगें और निर्धारित प्रारूप में प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
रायपुर। कोरोना संक्रमण बढ़ते देख सकल जैन समाज रायपुर ने जैनम मानस भवन में सर्व सुविधायुक्त कोविड सेंटर प्रारम्भ किया जा रहा है। जिसमे पैरामेडिकल स्टाफ की निगरानी में संक्रमित लोगो की पूरी तरह देखभाल की जाएगी लगभग 100 बेड की व्यवस्था इस भवन में की जाएगी साथ ही उनके भोजन और जरूरी उपचार की संपुर्ण व्यवस्था भी की जाएगी। राजेश मूणत के मार्गदर्शन के साथ ही साधर्मिक बंधुओ के सहयोग से ये कोविड सेंटर प्रारम्भ किया जा रहा है। जिसमे 40 ऑक्सीजन बेड के साथ सामान्य बेड भी रहेंगे।
दंतेवाड़ा। कोविड-19 से प्रभावित प्रदेश के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के माह अप्रैल के वेतन से एक दिन की राशि कटौती के संबंध में वित्त विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से 22 अप्रैल को मंत्रालय से सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, अध्यक्ष राजस्व मंडल, विभागाध्यक्ष, बजट नियंत्रण अधिकारी, समस्त कार्यालय प्रमुख, आहरण संवितरण अधिकारी और कोषालय अधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है। परिपत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की ओर से कोविड-19 से प्रभावित प्रदेश के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए 13 अप्रैल 2021 को शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों से मुख्यमंत्री सहायता कोष अंश दान देने की अपील की है। इसके अनुक्रम में राज्य के आईएएस एसोसिएशन, राज्य प्रशासनिक सेवा के सदस्यों, राजपत्रित अधिकारी संघ और अन्य विभिन्न संगठनों की ओर से अधिकारियों-कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन से एक दिन के वेतन की कटौती करते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराने का अनुरोध किया गया है।
वित्त विभाग की ओर से अधिकारियों-कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन से एक दिन के वेतन की राशि कटौती कर बजट शीर्ष में जमा कराने की सुविधा ई-पेरोल सॉफ्टवेयर युटिलिटीज मेन्यू के अंतर्गत रिलीफ फंड अपडेट ऑप्शन में मुख्य शीर्ष 8443 सिविल जमा राशियां, लघु शीर्ष 800 अन्य जमा राशियां और योजना क्रमांक 0001 मुख्यमंत्री राहत कोष उपलब्ध कराई गई है। परिपत्र में कहा गया है कि अप्रैल माह के वेतन से एक दिन की राशि का कटौती सुनिश्चित करते हुए वेतन देयक तैयार कर कोषालय में प्रस्तुत करने का उत्तरदायित्व संबंधित कार्यालय प्रमुख-आहरण और संवितरण अधिकारी को होगा। तदनुसार कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
बेमेतरा। स्वास्थ्य विभाग ने एमबीबीएस उत्तीर्ण 296 नए डॉक्टरों की पदस्थापना की है। इन नए डॉक्टरों को प्रदेश के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला चिकित्सालयों, मातृ और शिशु अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ किया गया है। प्रदेश भर में बड़ी संख्या में इन डॉक्टरों की नियुक्ति से वर्तमान कोविड-19 संकट के दौरान संक्रमितों के इलाज और प्रबंधन में मदद मिलेगी। नवपदस्थ सभी डॉक्टरों को दस दिनों के भीतर अपने-अपने पदस्थापना वाले अस्पतालों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ चिकित्सा और दंत चिकित्सा स्नातक प्रवेश नियम के तहत इनकी पदस्थापना एम.बी.बी.एस. प्रवेश के समय निष्पादित शासकीय ग्रामीण सेवा के अनुबंध के अनुसार संविदा आधार पर दो वर्ष के लिए की गई है।
छत्तीसगढ़ चिकित्सा व दंत चिकित्सा स्नातक प्रवेश नियम के तहत अनुबंधित डॉक्टरों को एम.बी.बी.एस. प्रवेश के समय निष्पादित अनुबंध के अनुसार संविदा आधार पर दो वर्ष की शासकीय सेवा करना अनिवार्य है। बंध-पत्र (ड्ढशठ्ठस्र) के उल्लंघन पर बंध-पत्र की राशि की वसूली, विश्वविद्यालय से अंतिम डिग्री प्रदान नहीं किए जाने और राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं किए जाने के साथ ही पाठ्यक्रम अवधि के दौरान शासन की ओर से भुगतान की गई संपूर्ण छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति की राशि की वसूली भू-राजस्व के बकाया के रूप में किए जाने का प्रावधान है। अति आवश्यक संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 (एस्मा एक्ट, 1979) एवं एपिडेमिक एक्ट, 1897 के कण्डिका-03 में निहित प्रावधानों के तहत नवपदस्थ डॉक्टरों की ओर से निर्धारित समय-सीमा में अपने पदस्थापना स्थान में कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने पर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उनसे अनुबंध की राशि की वसूली भू-राजस्व के बकाया राशि की भांति करने के साथ राज्य मेडिकल बोर्ड में पंजीयन रद्द करने को कार्यवाही भी की जाएगी।
जांजगीर-चांपा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र प्रेषित कर राशन कार्ड धारकों को माह मई तथा जून 2021 के लिए चावल का एकमुश्त वितरण किये जाने के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किये गए हैं। कोविड -19 के संक्रमण के प्रबंधन के अंतर्गत निर्णय लिया गया है कि राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अन्त्योदय, प्राथमिकता, निःशक्तजन, एकल निराश्रित एवं अन्नपूर्णा श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को माह मई 2021 तथा जून 2021 के लिए चावल का एकमुश्त वितरण किया जाए। माह मई एवं जून, 2021 के लिए अन्त्योदय, प्राथमिकता, निःशक्तजन, एकल निराश्रित, अन्नपूर्णा एवं सामान्य (एपीएल) के राशन कार्डो के लिए चावल का आबंटन जारी कर एकमुश्त भण्डारण कर वितरण माह मई, 2021 में कराया जाए। प्रत्येक उचित मूल्य दुकान में लगभग 1 सप्ताह से 15 दिन तक चावल की बड़ी मात्रा रखने के लिये पर्याप्त व्यवस्था ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन या अन्य शासकीय भवन में की जाए। आवश्यतानुसार स्थान का चयन कर लिया जावे एवं खाद्यान्न के सुरक्षित रखरखाव के लिए समुचित व्यवस्था की जावे।
उचित मूल्य दुकानों में नागरिक आपूर्ति निगम ने भंडारित खाद्यान्न भौतिक सत्यापन निगरानी समिति से कराई जावे तथा खाद्यनिरीक्षक एवं सहायक खाद्य अधिकारी से पुष्टि करा लिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि भंडारित खाद्यान्न का किसी प्रकार से अफरा-तफरी एवं व्यपवर्तन न हो।
राशनकार्डधारियों को 2 माह का खाद्यान्न एकमुश्त वितरण करने के संबंध में सूचना के लिए जानकारी अंकित कर उचित मूल्य दुकान में सूचना पटल में प्रदर्शित की जावे तथा संचार माध्यमों एवं मुनादी के माध्यम से पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाए। राशनकार्डधारक अपनी सुविधा अनुसार 1 या 2 माह का चावल प्राप्त कर सकेगा। उसे 2 माह का चावल एकमुश्त उठाव करने की बाध्यता नहीं होगी। राजस्व, खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों के माध्यम से 2 माह के चावल भण्डारण एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित कराया जाए। उचित मूल्य दुकानों से वितरण के समय कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए उपयुक्त व्यवहार के संबंध में शासन ने दिये गए दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जिले के सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों से माह मार्च, 2021 का घोषणा-पत्र एवं माह मई, 2021 में 2 माह का चावल एवं अन्य राशन सामगी उठाव के लिए डिमाण्ड ड्राफ्ट 30 अप्रैल, 2021 तक प्राप्त कर विभागीय वेबसाईट में डेटा एन्ट्री पूर्ण करा लिया जाए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, साहित्य और इतिहास के प्रामाणिक और प्राथमिक स्त्रोत को एकत्रित और सुरक्षित करते हुए इंटरनेट के माध्यम से सर्वसुलभ बनाने की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का वेब अभिलेखागार बनाया जाना है। छत्तीसगढ़ वेब अभिलेखागार में छत्तीसगढ़ी , हिंदी , अंग्रेजी तथा अन्य भाषा बोली की पुराणी पुष्टकेँ को अब सहज उपलब्ध नहीं है। शासकीय पत्राचार रिपोर्ट प्रतिवेदन शोधपत्र डायरियां व् अन्य निजी पत्र जैसी सामग्री को डिजिटाइज कर नेट पर उपलोड किया जाना है।

रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज पं. जवाहर लाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के कोविड-19 टीकाकरण केंद्र पहुंचकर कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़वासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी पात्र लोग कोरोना वैक्सीन अवश्य लगवाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगवाने से शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी जिससे हमें कोरोना को हराने में मदद मिलेगी। कोरोना का टीका लगाने के बाद भी मास्क अवश्य लगाएं और कोविड-19 के बचाव के सारे उपायों का पालन करें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस वक्त सबसे ज्यादा डिमांड डिमांड किसी चीज की है तो वह ऑक्सीजन और दूसरा रेमडेसिविर इंजेक्शन है। कोरोना मरीजों की सेहत और जिंदगी दोनों ही इन दोनों चीजों पर मानो निर्भर हो गई हैं, जिसकी वजह से पूरे देश में इस समय इन दोनों ही चीजों की किल्लत रह रह कर सामने आ रही है तो आपूर्ति को लेकर बाधाएं भी निर्मित हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में फिलहाल इस बात का शुक्र माना जा सकता है कि रेमडेसिविर के 15,000 वायल्स हवाई मार्ग के जरिए रायपुर पहुंचे हैं। सीजीएमएससी के जरिए जरूरतमंद मरीजों के लिए इनकी तत्काल प्रदेश के अस्पतालों में आपूर्ति की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने रायपुर एयरपोर्ट पर रेमडेसिविर के इंजेक्शन की खेप पहुंचने की तस्वीर जारी करते हुए ट्वीट किया कि 15 हजार रेमडेसिविर के वायल्स रायपुर पहुंच गए हैं। सीजीएमएससी के गोदाम में ले जाने के बाद इनकी गिनती और स्टोरेज किया जाएगा, जहां से कोरोना मरीजों के लिए तत्काल अस्पतालों को भेजा जाएगा।
रायपुर, राजधानी रायपुर के महापौर एजाज ढेबर ने अनोखी मिशाल पेश की है। उनकी इस कार्य की प्रशंसा करीबी तो करीबी विरोधी भी कर रहे हैं। अपने तरह का यह अनोखा कार्य है। अभी तक किसी भी राजनेता द्वारा इस तरह की पहल नहीं की गई थी। उन्होंने पीपी कीट पहनकर राजधानी रापयुर के इंडोर स्टेडियम में बनाए गए कारोना वार्ड में मरीजों का हाल जाना एवं उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। उनके इस कार्य की पूरे प्रदेश में खूब प्रशंसा हो रही है। उन्होंने इसके माध्यम से मुश्किल घड़ी में मरीजों को सकारात्मक रहकर, मजबूती से लड़ने का संदेश दिया है। साथ ही विश्वास दिलाया कि वे शीघ्र ही स्वस्थ होकर अपने घर लौटे।
साथ ही उन्होंने विपक्षी दल बीजेपी को भी संदेश देने का प्रयास किया है कि आप कोविड अस्पताल जाकर भर्ती मरीजों से मिलें ताकि उनका हौसला अफजाई हो सके।
सोशल मीडिया में लगातार मरीजों की स्थिति को जानने व उनका मनोबल बढ़ाने राजनेताओं से मांग किया जाता रहा है। जिस पर कदम उठाते हुए राजधानी रायपुर के महापौर एजाज ढेबर ने इंडोर स्टेडियम में मरीजों का हाल जाना। साथ ही उन्हें आश्वत किया की ईलाज के दौरान किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस कार्य की राजधानी सहित पूरे प्रदेश में खूब चर्चा हो रही है। कांग्रेस के महापौर के धूर विरोधी कहलाने वाले भाजपाई भी आज उनकी तारीफ करने से नहीं चूक रहे हैं। भाजयुमो के प्रदेश मंत्री अमित मैशेरी ने तो बाकायदा फेसबुक में उन्हें शाबासी दी है।
इस मौके पर निगम कमिश्नर सौरभ कुमार एवं शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला भी मौजूद रहे। इस दौरान इंडोर स्टेडियम कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से वेंटिलेटर और ब्लड टेस्ट की सुविधा का प्रबंध करने का आश्वासन दिलाया गया है।
आपको बता दें कि इसके पहले गुरुवार को महापौर ढेबर ने इंडोर स्टेडियम कोविड सेंटर से स्वस्थ होकर घर जाने वाले 24 मरीजों का पुष्प गुच्छ से सम्मान किया था। मरीजों ने अच्छी व्यवस्था और सहीं देखभाल के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और महापौर एजाज ढेबर का धन्यवाद भी किया है।
रायपुर। कोविड-19 से प्रभावित प्रदेश के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के चालू माह अप्रैल के वेतन से एक दिन की राशि कटौती के संबंध में वित्त विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
इस संबंध में वित्त विभाग ने 22 अप्रैल को मंत्रालय से सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, अध्यक्ष राजस्व मण्डल, विभागाध्यक्ष, बजट नियंत्रण अधिकारी, समस्त कार्यालय प्रमुख, आहरण संवितरण अधिकारी एवं कोषालय अधिकारियों को परिपत्र जारी किया।
परिपत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा कोविड-19 से प्रभावित प्रदेश के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए 13 अप्रैल को शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों से मुख्यमंत्री सहायता कोष अंश दान देने की अपील की है। इसके अनुक्रम में राज्य के आईएएस एसोसिएशन, राज्य प्रशासनिक सेवा के सदस्यों, राजपत्रित अधिकारी संघ एवं अन्य विभिन्न संगठनों द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन से एक दिन के वतेन की कटौती करते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराने का अनुरोध किया गया है।
वित्त विभाग द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन से एक दिन के वेतन की राशि कटौती कर बजट शीर्ष में जमा कराने की सुविधा ई-पेरोल सॉफ्टवेयर युटिलिटीज मेन्यू के अंतर्गत रिलीफ फंड अपडेट ऑप्शन में मुख्य शीर्ष 8443 सिविल जमा राशियां, लघु शीर्ष 800 अन्य जमा राशियां और योजना क्रमांक 0001 मुख्यमंत्री राहत कोष उपलब्ध कराई गई है। परिपत्र में कहा गया है कि अप्रैल माह के वेतन से एक दिन की राशि का कटौती सुनिश्चित करते हुए वेतन देयक तैयार कर कोषालय में प्रस्तुत करने का उत्तरदायित्व संबंधित कार्यालय प्रमुख-आहरण एवं संवितरण अधिकारी को होगा। तद्नुसार कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।




















