रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री को जानकारी दी है कि राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को नि:शुल्क वैक्सीन दी जाएगी।
भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से 4 जानकारी मांगी है, उन्होंने लिखा है कि निशुल्क वैक्सीनेशन के लिए यह जानकारी राज्य सरकार के पास होना आवश्यक है। पत्र के माध्यम से भूपेश बघेल ने भारत सरकार की ओर से प्रदान किये जाने वाले वैक्सीन के डोज की जानकारी मांगी है। मुख्यमंत्री ने सीरम इंस्ट्यूट और भारत बायोटेक की ओर से माहवार राज्य को उपलब्ध कराई जाने वाली वैक्सीन अनुमानित संख्या और दर की जानकारी भी मांगी है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की है कि केंद्र और राज्य सरकार से वैक्सीन की समान दरें ली जाये। इसका तर्क देते हुए भूपेश बघेल ने कहा. केंद्र और राज्य सरकार के आय का जरिया नागरिकों से मिलने वाला कर ही है, और भारत बायोटेक ने केंद्र सरकार के सहयोग से वैक्सीन विकसित की है, इसलिए भारत बायोटेक द्वारा वैक्सीन की कीमत सीरम से कम होनी चाहिए।
बिलासपुर। नशे का इंजेक्शन तथा टेबलेट बेचने की सूचना पर पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके से बड़ी मात्रा में नशीला टेबलेट एवं इंजेक्शन जब्त की है।
जगदलपुर। बीमार पत्नि को इलाज करवाने के नाम पर कोंडागांव से यहां लाकर अपनी प्रेमिका को लेकर भाग जाने वाले पति की तलाश पुलिस कर रही है। महिला फूलबती ने बताया कि तब से वह यहां से वहां भटक रही है, उसके पास कोंडागांव जाने के लिए किराया के पैसे भी नहीं है। फूलबती को डायल 112 ने सुरक्षित घर पहुंचने लिए जीवन ट्रैवल्स बस में बैठा कर रवाना किया है।
कोरबा। जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए 27 अप्रैल तक लागू पूर्ण तालाबंदी अवधि के दौरान लोगों की सहूलियत के लिए किराना दुकानों से लोगों को सुबह सात बजे से 11 बजे तक घरेलू आवश्कता की चीजों की होम डिलीवरी की जाएगी। इस संबंध में जिला दण्डाधिकारी श्रीमती किरण कौशल ने जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए हैं। होम डिलीवरी के लिए दुकान संचालकों की सूची तैयार करने का जिम्मा शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों को और ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायतों के सीईओ को दिया गया है। नगरीय निकाय और जनपद पंचायत अपने-अपने क्षेत्र में होम डिलीवरी करने के इच्छुक किराना दुकानों और उनके संचालकों के मोबाइल नंबर सहित सूची तैयार करेंगे। जिसकी जानकारी आमजनों तक पहुंचाई जाएगी। किराना दुकान संचालक होम डिलीवरी के लिए आमजनों से ऑर्डर फोन, व्हॉट्स एप्प या अन्य एप्प के माध्यम से लेंगे। किराना दुकान संचालकों को सामान की आपूर्ति केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही करने की अनुमति होगी। दुकान संचालक किराना सामान की आपूर्ति दुकान खोलकर सीधे नागरिकों को नहीं कर सकेंगे। दुकान खोलकर सीधे ग्राहकों को सामान बेचते पाए जाने पर दुकान संचालक विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भिलाई। पूरे देश और प्रदेश में फैले कोरोना की इस महामारी में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाला पत्रकार भी इन दिनों कोरोना की चपेट में आते जा रहा है। दुर्ग जिला में जहां एक ओर इलाज के दौरान कोरोना की बीमारी से दो पत्रकारों की मौत हो गई, जिसमें जितेन्द्र साहू, युवा पत्रकार नरेन्द्र साहू एवं वरिष्ठ पत्रकार गुरपेज खैरे (हार्टअटैक) से हो चुकी है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक पत्रकार और मार्केटिंग और प्रेस की दुनिया में काम करने वाले लोग, व कम्प्यूटर ऑपरेटर भी आज हॉस्पिटल एवं घर में होम आइसोलेशन में घर में बिस्तर में पड़े हुए है। सत्ताधारी दल हो या विपक्ष हो, इन तमाम नेताओं को हिरो और जीरो बनाने वाला पत्रकार आज आर्थिक तंगी की मार तों झेल ही रहा है साथ ही भारी भरकम इलाज के बोझ से दबते चला जा रहा है।
इस ओर शासन प्रशासन के अलावा किसी भी समाजसेवी या बडे राजनैतिक दलों या बड़ व्यक्ति का ध्यान पत्रकारों की ओर नही दिया जाना, काफी चिंतनीय विषय है। उल्लेखनीय है कि जनप्रतिनिधियों की हर बात को मुखर होकर समाज के आगे लाने वाला ये पत्रकार ही होता है। लेकिन किसी का भी कोई भी ध्यान मीडिया जगत के इन पत्रकारों की ओर नही दिया जाना बड़ा ही चिंतनीय विषय है और पत्रकारों के जीवन के लिए ये बड़ा ही चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। एक ओर स्थानीय शहर सरकार के मुखिया को चाहिए कि वे पत्रकारों की पीड़ा को राज्य सरकार के उच्च स्तर के पटल पर रखे ताकि पत्रकारों का भला हो सके। चूंकि आज मार्केट में समाज के लोगों को जागरूक करने का कार्य ये मीडियाकर्मी ही फं्रट लाईन में रह कर कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि जिस तरह वह लॉकडाउन लगाने का निर्णय कलेक्टरों पर थोप देते है, और कलेक्टर साहब इस बीमारी को लेकर लॉकडाउन लगाने का काम बखूबी करते हेैँ। निश्चित रूप से ये काबिले तारीफ है लेकिन प्रदेश के मुखिया श्री बघेल को चाहिए कि हर जिले के कलेक्टर को वह निर्देशित करे कि कोरोना महामारी में फिल्ड मे ंकार्य करने वाले पत्रकारों का बीमा सरकार को करना चाहिए ताकि कोरोना या सडक हादसे में पत्रकारों की मौत होने पर उनके परिवार को आर्थिक लाभ मिल सके। वहीं सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड भी कुछ प्रतिशत पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए आरक्षित किया जाये। साथ ही उनको या तो उनके पूरे बिल में छूट मिल सके या नही तो पचास प्रतिशत बिल माफ हो। अब चूकि कोरोना के महामारी में परिवार वाले भटकाव की स्थिति में ना रहे, ऐसे मामले में एजूकेशन हब कहलाने वाले इस भिलाई में बडे बडे नामचीन अस्पताल है, वहंा पर वेन्टीलेकर,आईसीयू,ऑक्सीजन, में पत्रकारों को या उनके परिवार के लोगों को तुरंत भर्ती के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्ति करेंऔर एक हेल्प लाईन नंबर जारी करे। जिससे पत्रकारों को निजी तौर पर इसका लाभ मिल सके। पत्रकार और उसके परिवार भटकाव की स्थिति में ना रहे। कई नामचीन अखबार, साप्ताहिक अखबार और सांध्य दैनिक अखबार और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार भी कोरोना के चपेट में है। स्थानीय युवा विधायक से भिलाई के पत्रकारों को काफी उम्मीदे हैं कि वह इन सारी बातों और मांगों को राज्य के मुखिया के समक्ष रखकर इसे जल्द लागू करायेगे। चूंकि अधिकांशतर मौत से दुनिया को अलविदा कहने वाले युवा वर्ग के ही पत्रकार है। ऐसे में समाजसेवा का दंभ भ्ररने वाले समाजसेवियों को भी आगे आकर पत्रकारों की इस पीड़ा मे सहयोगकर और अपना बडा योगदान देना चाहिए। वहीं विपक्ष के नेता एवं अन्य क्षेत्रीय दल को तो मानो जैसे सांप सूंध गया हो, कोई भी मीडिया जगत के लोगों का पूछ परख करने वाला नजर नही आ रहा है।
रायपुर, स्वास्थ्य विभाग ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण कर चुके डॉक्टरों से शासकीय/ग्रामीण सेवा के अनुबंध के अनुसार पदस्थापना के बाद पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान करने के संबंध में सूचना जारी की है। राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 28 मई 2020 और 5 फरवरी 2021 को दो अलग-अलग आदेश जारी कर एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम उत्तीर्ण डॉक्टरों को शासकीय/ग्रामीण सेवा के अनुबंध के निष्पादन के लिए दो वर्ष की संविदा सेवा पर पदस्थ किया गया था। शासन द्वारा 28 मई 2020 को जारी आदेश के परिपालन में 31 डॉक्टरों द्वारा और 5 फरवरी 2021 को जारी आदेश के परिपालन में 23 डॉक्टरों द्वारा आज पर्यंत अपने पदस्थापना स्थलों में पदभार ग्रहण नहीं किया गया है। विभाग ने ऐसे सभी डॉक्टरों को पांच दिनों के भीतर पदभार ग्रहण करने कहा है।
छत्तीसगढ़ चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा स्नातक प्रवेश नियम के तहत अनुबंधित डॉक्टरों को एम.बी.बी.एस. प्रवेश के समय निष्पादित अनुबंध के अनुसार संविदा आधार पर दो वर्ष की शासकीय सेवा करना अनिवार्य है। बंध-पत्र (Bond) के उल्लंघन पर बंध-पत्र की राशि की वसूली, विश्वविद्यालय से अंतिम डिग्री प्रदान नहीं किए जाने और राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं किए जाने के साथ ही पाठ्यक्रम अवधि के दौरान शासन द्वारा भुगतान की गई संपूर्ण छात्रवृत्ति/शिष्यवृत्ति की राशि की वसूली भू-राजस्व के बकाया के रूप में किए जाने का प्रावधान है। शासन द्वारा पूर्व में भी इन अनुपस्थित डॉक्टरों को अपने पदस्थापना स्थान में उपस्थिति देने के लिए निर्देशित किया गया था। शासन ने अब तक अनुपस्थित डॉक्टरों को सूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर अपने पदस्थापना स्थान में कार्यभार ग्रहण किया जाना सुनिश्चित करने कहा है। निर्धारित समय-सीमा में पदांकित स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने या कार्यभार ग्रहण करने के बाद दो वर्ष की अनिवार्य शासकीय सेवा पूर्ण नहीं करने पर अनुबंध की राशि की वसूली भू-राजस्व के बकाया राशि की तरह की जाएगी। साथ ही राज्य मेडिकल बोर्ड में पंजीयन रद्द करने की कार्यवाही भी की जाएगी।
रायपुर, मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने जिले में आने वाले सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा और ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण कर उसे चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कलेक्टर अगले कुछ दिनों में यह सुनिश्चित करे की उनके जिले में अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी सावधानियों का पालन हो रहा हैं । इसी तरह जिन अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था हैं वहां भी निरीक्षण करे ताकि आपूर्ति में कोई तकनीकी कमी हो तो उसे समय रहते दूर किया जा सके।
रायपुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ एस भारतीदासन ने सम्पूर्ण जिले में लागू कंटेनमेंट जोन की कंडिका में आंशिक परिवर्तन किया है। उल्लेखनीय है कि आदेश क्रमांक 407 दिनांक 17 अप्रैल द्वारा दण्ड प्रकिया सहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम सहपठित एपिडेमिक एक्ट द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये रायपुर जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इस आदेश में आंशिक संशोधन करते हुये आदेश की कंडिका 5 के पूर्व में दर्शित शब्दों एवं वाक्यांशों के स्थान पर नवीन कंडिका 5 अंतःस्थापित की गई है।
नई कंडिका के तहत सभी प्रकार की मंडियाँ तथा थोक /फुटकर ग्रॉसरी दुकाने बंद रहेगी किन्तु सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक फल, सब्जी, अंडा और किराना सामग्री/ग्रॉसरी की होम डिलीवरी केवल स्ट्रीट वेण्डर्स/ठेले वालों/ पिक-अप/मिनी ट्रक/अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। इसके लिए प्रयुक्त वाहन पर बैनर या बड़ा स्टिकर प्रदर्शित करना होगा। आम जनता के लिए दुकान खोले बिना किराना दुकानों के आसपास के क्षेत्र में दुकानदार द्वारा स्वयं या डिलीवरी बॉय के माध्यम से उपरोक्त समयावधि में होम डिलीवरी की जा सकेगी।
इसके लिए होम डिलीवरी के दौरान मास्क धारण करना एवं फिजिकल डिस्टेंसिग का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। किसी दुकान में/होम डिलीवरी के दौरान भीड़-भाड़ होने पर एपिडेमिक एक्ट 1897 के अधीन चालान/ अर्थदण्ड अधिरोपित करने के साथ-साथ दुकान को 30 दिवस के लिए सील किया जावेगा। संबंधित नगरीय/ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी उनके क्षेत्र में स्थित प्रोविजन स्टोर/किराना दुकानो से सम्पर्क के लिए उनके मोबाईल नंबर/पोर्टल की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करेगें।
इन निर्देशों के उल्लंघन की दशा में दुकान को सील करने/ठेले को जब्त करने/अर्थदण्ड या चालान की कार्यवाही की जावेगी।
बलौदाबाजार । जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित आनंद अस्पताल को कोविड मरीजों के इलाज के लिए पूर्व में दी गई अनुमति निरस्त कर दी गई है। अस्पताल प्रबंधन अब कोविड के नए मरीजों की भरती कर इलाज नहीं कर पाएगा। लेकिन पूर्व में भर्ती किये गए मरीजों का डिस्चार्ज होते तक पूरा इलाज किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी बलौदाबाजार ने अस्पताल को दी गई अनुमति का निरस्तीकरण आदेश आज जारी किया है। गौरतलब है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इलाज में आईसीएमआर और राज्य शासन की ओर से कोविड मरीजों के उपचार संबंधी जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। जिला अधिकारियों की टीम ने अस्पताल का कुछ दिनों पूर्व निरीक्षण कर उन पर जुर्माना भी लगाए थे। बड़ी संख्या में कोविड मरीजों के सामने आने पर आपातकालीन इलाज के लिए आनंद अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमति प्रदान की गई थी।
रायपुर । प्रदेश में कोरोना का संक्रमण जंगल की आग की तरफ फ़ैल रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोग कोरोना से बचाव के लिए तरह तरह के उपाय कर रहे हैं। इस बीच पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने बताया कि कोरोना सिर्फ गर्म पानी पीने से नही जाता है। वह वायरस नाक के पीछे अंदर पैरा नेज़ल साइनस में जा कर चिपक जाता है और 4-5 दिन तक वहीं रहता है। इसके बाद फेफड़ों में प्रवेश कर गंभीर परिणाम देता है। इसके लिए दिन में दो बार हर घर का हर व्यक्ति सिर्फ 5 मिनट भाप ले तो हम कोरोना को मात दे सकते हैं। कोरोना वायरस 50 डिग्री तापमान में पैरालाइज हो जाता है और 60 डिग्री में शक्तिहीन हो कर हमारी इम्युनिटी से लड़ने लायक नही रहता।
उन्होंने कहा कि इसलिए क्यों न हम `भाप सप्ताह` मनाएं और इसे एक देशव्यापी आंदोलन का रूप दें। डॉ. बाफना ने कोरोना से बचने का यह एक सहज और बिना खर्च का कारगर तरीका अपनाने की सभी से अपील की है।
रायपुर । राज्य के नगर निगम क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के संबंध में विचार विमर्श के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर और नगर निगम आयुक्तों की वर्चुअल बैठक का आयोजन 22 अप्रैल को दोपहर 12 बजे किया जायेगा।
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्चुअल रूप से आयोजित होने वाली इस बैठक में राज्य के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं टीकाकरण हेतु उठाये गए कदमों की समीक्षा की जाएगी और कोरोना से बचाव के तरीकों के सम्बन्ध में जरूरी दिशानिर्देश दिए जाएंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम सम्बोधन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉकडाउन पर कहे गए बातों का समर्थन किया है। उन्होंने ने कहा प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन जो सलाह राज्यों को दी है वह अपने पूर्व के अनुभवों के आधार पर दी है। लॉकडाउन से गरीब व्यक्ति का जीना मुश्किल हो जाता है, रोटी की समस्या आ जाती है।
डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जनता को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा नहीं देने का आरोप लगाया। डॉ. रमन ने कहा कि पूरे राज्य में कहीं पर भी न तो दवाई का इंतजाम है और न ही कोरोना टेस्टिंग का। राज्य के दूसरे जिलों में अब तक टेस्टिंग किट नहीं पहुंची है, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कहीं पर भी आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं है, प्रदेश में विस्फोटक स्थिति का यही मुख्य कारण है। राज्य में मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं है।
रायपुर | प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं द्वारा स्थानीय स्वशासन में आईसीटी (Information & Communication Technology) के बेहतर उपयोग के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ई-पंचायत पुरस्कारों में दूसरा स्थान मिला है। केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों की पंचायतों में आईसीटी और ई-एप्लीकेशन के प्रभावी उपयोग का मूल्यांकन कर बेहतर प्रदर्शन करने वालों राज्यों को ई-पंचायत पुरस्कार प्रदान किया जाता है। तीन अलग-अलग वर्गों में दिए जाने वाले इस पुरस्कार में छत्तीसगढ़ को प्रथम वर्ग (Category-I) में असम के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार द्वारा पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही के लिए आईसीटी के उपयोग को बढ़ावा देने हर वर्ष ई-पंचायत पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सूचना एवं संचार की नई तकनीकों और ई-एप्लीकेशन ने सरकार और पंचायतों की बीच सूचना के प्रवाह को आसान व तेज बनाया है। विभिन्न शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में भी यह बहुत मददगार है। पंचायतों में जनोपयोगी रिकॉर्ड और डॉटा के संकलन और संधारण को भी सूचना प्रौद्योगिकी ने सुविधाजनक बनाया है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को निशुल्क कोरोना वैक्सीन लगाया जाएगा। 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के कोरोना के टीकाकरण का भुगतान राज्य सरकार करेगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अपने नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कोविड टीकाकरण के लिए पात्र सभी हितग्राहियों से अपील भी की है कि उन्होंने अगर अब तक टीकाकरण नहीं कराया है तो ज़रूर करा लें, जिससे वे संक्रमण से होने वाली गम्भीर बीमारी से बच सकें।
उल्लेखनीय है कि 45 वर्ष से अधिक आयु समूह को कोविड 19 वैक्सीन की प्रथम डोज़ देने में छत्तीसगढ़ राज्य का स्थान पूरे देश में चौथा है। यदि साठ वर्ष और उससे अधिक आयुवर्ग की बात करें तो छत्तीसगढ़ पूरे देश में लद्दाख, राजस्थान, सिक्किम और त्रिपुरा के बाद पाँचवें स्थान पर है। 88 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर, 92 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर को भी वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है ।छत्तीसगढ़ में अब तक 51 लाख 25 हज़ार 640 कोरोना वैक्सीन की डोज़ का उपयोग किया गया है। प्रदेश में अब तक पहला और दूसरा डोज मिलाकर कुल 50 लाख 55 हजार 698 डोज लगाए जा चुके हैं।
रायपुर। राजधानी रायपुर में मंगलवार को दिनदहाड़े राजातालाब इलाके के गरबा मैदान के पास चाकू से गोदकर युवक की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक के भतीजे मनोज हरपाल की शिकायत पर पुलिस ने विकास सिंह ठाकुर उर्फ गोलू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मनोज ने बताया कि उसके चाचा मृतक प्रवीण हरपाल कल यादवपारा के पास गरबा मैदान में मोहोल्लेवासियो के साथ बैठे थे, इसी दौरान विकास ने पीछे से आकर प्रवीण के पेट के बाएं हिस्से में चाकू से वार कर दिया और मौके से फरार हो गया।इसके बाद 108 संजीवनी आने के पहले ही प्रवीण ने दम तोड़ दिया। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की और हत्यारे को पकडऩे टीम रवाना किया। आरोपी विकास को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।
















