हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं हमारी संस्कृति व संस्कार है। हिन्दी बेहद समृद्ध भाषा होने के साथ ही बेहद सरल व भाषाई सौन्दर्य को अपने में समेटे है।यह हमारे गौरव व अस्मिता की प्रतीक है।
— Dr Raman Singh (@drramansingh) September 14, 2020
हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी भाषा के संरक्षण व संवर्धन के लिए हम अपने-अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास करें। pic.twitter.com/P8nqVE4bqC
रायपुर, कोरोना काल में जहाँ एक और शासन प्रशासन इसके इलाज के लिए मुस्तैद है, वहीं जिन व्यक्तियों की संक्रमण से मृत्यु हुई है उनके अंतिम संस्कार का जिम्मा भी प्रशासन पर है। केंद्र सरकार के आदेश व कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार तय नियमों के तहत किया जाता है। रायपुर में पिछले महीने से कोरोना संक्रमण से हुई मौत में मामलों में वृद्धि हुई है, अब रोजाना औसतन 20 मौतों का मामला दर्ज हो रहा है। ऐसे में मृतक संक्रमितों का अंतिमसंस्कार एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जिला प्रशासन को अधिकारी कर्मचारियों के लगातार कोरोना संक्रमित हो रहे मामलों को नजर अंदाज न करते हुए विभागीय रोस्टर के अनुसार कर्तव्य पर मुस्तैद करने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि सामान्यतः जिले में एक ही अधिकारी और कर्मचारी को कोरोना संक्रमितों की देखभाल से लेकर अंतिमसंस्कार तक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे कर्तव्य पर मुस्तैद अधिकारी-कर्मचारी संक्रमण की जद में आ रहे है। इसी संक्रमण की जद में आने से कुछ ही दिन पूर्व शहर में एक पंजीयन अधिकारी की मौत भी हो गई।
रायपुर के अतिरिक्त तहसीलदार अश्वनी कंवर ने चर्चा में बताया कि कोरोना काल के दौरान 10 दिनों में उन्होंने 64 संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार करवाया। कंवर यह जानते थे कि वे कभी भी कोरोना की जद में आ सकते है, उन्होने अपना कर्तव्य बखूबी निभाया। लेकिन आखिरकार संक्रमण ने उन्हें अपनी चपेट में ले ही लिया। फिलहाल वे अभी छुट्टी में है और अपना इलाज करवा रहे है। इस दौरान इस कार्य का बीड़ा उनके साथी अतिरिक्त तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू ने उठाया है। कंवर के संक्रमित होने के बाद उनके साथी कृष्ण कुमार साहू ने 4 सितंबर से अब तक 167 से ज्यादा संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार कराया है। इस दौरान वे सभी प्रकार की सावधानियों का पालन कर रहे है, लेकिन खतरा बना हुआ है।
इस तरह के माहौल को देखते हुए प्रशासन को तय करना चाहिए कि स्वास्थ्य कर्मियों की भांति प्रशासनिक अमले को भी संक्रमण की जद से बचने विभागीय रोस्टरानुसार अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया जाए, ताकि एक ही अधिकारी अथवा कर्मचारी पर संक्रमण का खतरा न बना रहे।
रायपुर, राजधानी के एक निजी अस्पताल में कोरोना मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया है। जानकारी के मुताबिक मृतक उमाशंकर घृतलहरे रायपुरा निवासी उम्र 45 वर्ष जो यूरिनल इन्फेक्शन से ग्रसित था, जिसका इलाज एक साल से रायपुरा स्थित ओम अस्पताल में चल रहा था। कोरोना काल मे परिजनों ने जब ओम अस्पताल में मरीज़ को भर्ती किया। उसके बाद मरीज में कोविड-19 के लक्षण पाए गए थे। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में 3 लाख रुपए दिए थे। और अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से 26 हज़ार बकाया है बोलकर शव न देने की बात कहीं। परिजनों का गंभीर आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन शव देने के लिए पैसे की मांग कर रहे हैं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। इससे पूर्व भी ओम अस्पताल पर इसी तरह के मामलों में शिकायत दर्जो चुकी है, वसूली को लेकर भी हंगामा हो चुका है। लेकिन प्रशासन ने इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
भिलाई , लड़की के नाम से फे्रन्ड रिक्वेस्ट भेजकर पैरामेडिकल छात्र के साथ लूट करने की रिपोर्ट भिलाईनगर थाने में धारा 392 के तहत लूट का मामला दर्ज की गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार समृद्धि अपार्टमेंट फ्लैट नंबर 504 अमलीडीह निवासी डाकेश कुमार साहु 21 वर्ष पिता तिलकराम साहु ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि एक सप्ताह पूर्व प्रार्थी ने साक्षी शर्मा के इंस्टाग्राम में फ्रेन्ड रिक्वेस्ट भेजा था,जिसे स्वीकार कर एक सप्ताह तक मैसेज के जरिये बात-चीत होता रहा। उसके बाद साक्षी शर्मा नामक आईडी धारक ने 12 सितंबर को मिलने पावर हाऊस बुलाया। वहां पर एक युवक जिसने अपना नाम अमित कुमार सोनखुसरे बताया व साक्षी शर्मा ने भेजा है कहकर मिलाने भिलाई सेक्टर 8 स्टील क्लब के पास ले जाकर अपने दो दोस्तों को बुलाया।
दोनों युवक एक काले रंग की स्प्लेंडर प्लस गाड़ी जिसका नं. एच. आर. 06 ए.ई. 5682 से आये। व तीनो लड़के मिलकर शाम 05.00 बजे से लेकर रात्रि 07.00 बजे तक लड़की से मिलाने के नाम से घुमाते रहे । रात्रि 08.00 बजे अमित नाम का लड़का बोला कि मै ही साक्षी शर्मा हुं । जो तुमसे मैसेज से बात करता था, और अमित ने चाकू टिकाकर बोले कि 1 लाख रुपये दो नही तो तुम्हे जान से मार देंगे। पीडि़त के द्वारा इतना पैसा नही है कहने पर तीनो मुझसे मारपीट करने लगे व बोले की पैसा मंगाओं तब अपने दोस्त राकेश जंघेल एवं ईश्वर पटेल से फ़ोन करके पैसे मंगवाया तो उन्होने मेरे खाते मे 8000-8000 रुपये डाले।
तीनों अमित सोनाखुसरे व युवक आनंद शुक्ला एवं लक्की उर्फ नवींदर ने चाकू की नोक पर जेब मे हांथ डालकर नगदी रकम 15 सौ रुपये और एसबीआई. एटीएम. कार्ड से ग्लोब चोंक के एटीएम. से 15 हजार रुपये निकलवा लिये। व मोबाईल ओप्पो कंपनी का जिसमे जियो का सिम लगा जिसका नं. 9399825924 है, एसबीआई. बैंक के एटीएम. कार्ड एवं मोटर सायकल स्प्लेंडर प्रो. को लुट लिये। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर आरोपियो की पता-साजी में जुटी हुई है।
रायपुर, कोविड 19 बीमारी चूंकि नई बीमारी है इसलिए इसके बारे में आम जनता में अनेक भ्रांतियां भी हैं। डॉ भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल के चिकित्सक डॉ सुंदरानी का कहना है कि कोरोना का पता लगाने के लिए किए जाने वाला टेस्ट रैपिड एंटिजेन टेस्ट यदि पॉजिटिव आता है तो मरीजों को दोबारा आर टी पी सी आर या टू नाट टेस्ट नही कराना चाहिए। उस टेस्ट का रिजल्ट आने का इंतजार करने में समय नहीं गंवाना चाहिए बल्कि कोरोना का इलाज तत्काल चिकित्सक की देखरेख में शुरू करना चाहिए। इससे मरीज के स्वस्थ होने की संभावना भी बढ़ेगी और अनावश्यक संसाधन भी खर्च नही होगा। उसके स्थान पर किसी गंभीर मरीज का टेस्ट हो जाएगा। उनकाा कहना है कि जब रैपिड टेस्ट का रिजल्ट निगेटिव आता है और फिर भी यदि मरीज में कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं तो ही आर टी पी सी आर कराना चाहिए। यह भी अत्यंत आवश्यक है कि टेस्ट कराने के बाद से रिजल्ट आते तक लोगों को घर पर ही रहना चाहिए। दूसरों से और घर के अन्य सदस्यों से भी मेल-जोल नही रखना चाहिए। तभी हम सब इस बीमारी के संक्रमण से बचे रहेंगे।
रायपुर, राजधानी रायपुर में तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। उतनी ही तेजी से अव्यवस्था के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला बूढ़ातालाब स्थित इंडोर स्टेडियम स्थित कोविड केयर सेंटर में आया है जहां मरीजों ने बदबूदार खाना व आवारा कुत्तों की शिकायत की। मरीजों के अनुसार उन्हें बदबूदार भोजन दिया जा रहा है। और सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाए तो सुरक्षा ऐसी है कि आवारा कुत्ते बेफिक्र होकर इस सेंटर में विचरण करते है, व इधर उधर मुँह मारते फिरते है। इनसे संक्रमण के साथ अन्य बिमारियों का भी खतरा है।
एक मरीज ने बताया कि इस सेंटर में योग या मनोरंजन की कोई एक्टिविटी नहीं कराई जा रही, खाने को लेकर समस्या बनी रहती है, सभी संक्रमित परेशान हैं, इम्यूनिटी बढ़ाने के नाम पर दाल और चावल दिया जाता है। दवाओं की व्यवस्था को लेकर मरीज ने संतुष्टि जाहिर की। शनिवार को इस सेंटर में व्यवस्था का जायजा लेने चीफ सेक्रेट्ररी आरपी मंडल, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ आए थे। लेकिन व्यवस्था जस की तस है।
खाने को लेकर एक मरीज ने बताया कि उन्हें बदबूदार पोहा नाश्ते के लिए दिया गया था, शिकायत करने पर प्रभारियों ने उन्हें बिस्किट के पैकेट पकड़ा कर अपना पल्ला झाड़ लिया।

एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें रायपुर के इसी इंडोर स्टेडियम के कोविड सेंटर में जहां कोरोना संक्रमित के बेड हैं वहां आवारा कुत्ता नजर आ आ रहा है। पड़ताल में पता चला कि रायपुर के एक मोहित नाम के फेसबुक यूजर ने इसे 22 अगस्त को पोस्ट किया था। मोहित ने कुत्ते की तस्वीर साझा करते हुए कोविड सेंटर का हाल बताने की कोशिश की थी। पूर्व में भी इसी सेंटर में अव्यस्था डॉक्टर ना मिलने जैसी शिकायतों के साथ वीडियो सामने आ चुके हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
रायपुर नगर निगम इंडोर स्टेडियम के इस कोविड सेंटर की व्यवस्था का जिम्मा लिए हुए है। 260 बिस्तरों वाले इस सेंटर में इस वक्त 113 के आस-पास संक्रमित अपना इलाज करवा रहे हैं। निगम के अपर आयुक्त पुलक भट्टाचार्य को बदबूदार नाश्ते और आवारा कुत्ते के बारे कहा कि अक्षय पात्रा नाम की संस्था यहां भोजन देती है, ऐसी किसी तरह की शिकायत अब तक नहीं आई है, फिर भी आपके कहने पर मैं इसे पता करूंगा और व्यवस्था में चूक मिली तो सुधार करेंगे। कोविड सेंटर में कुत्ते के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुमकिन नहीं। यहां 200 के आस-पास संक्रमित रहते हैं जो इलाज के बाद ठीक होकर वापस जा रहे हैं।
रायपुर, होम आइसोलेशन में रहकर इलाज ले रहे कोविड-19 के मरीजों को होम आइसोलेशन की अवधि पूरी होने पर उनके स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा होम आइसोलेशन की समाप्ति के संबंध में प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। मरीज के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉक्टर द्वारा होम आइसोलेशन की अवधि पूरी होने और मरीज के ठीक होने की जानकारी कंट्रोल रूम को देने के बाद सीएमएचओ कार्यालय द्वारा होम आइसोलेशन की समाप्ति के लिए प्रमाण पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश में होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे 798 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा होम आइसोलेशन में मरीजों के इलाज के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दस दिनों के होम आइसोलेशन की अवधि पूरी करने के बाद मरीज को अगले सात दिनों तक ऐहतियातन पूरी सावधानी बरतते हुए घर पर ही रहना है। मरीज की निगरानी कर रहे डॉक्टर द्वारा 17 दिनों के बाद कंट्रोल रूम को उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा होम आइसोलेशन की समाप्ति के संबंध में कार्यवाही की जाएगी।
रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमितों की पहचान के लिए रायपुर जिले में 29 केंद्रों पर सैंपल संकलित कर जांच की जा रही है। कोविड-19 के संभावित मरीज या कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए लोग इन केंद्रों में सैंपल देकर निःशुल्क जांच करा सकते हैं। रायपुर शहर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों खोखोपारा, लाभांडी और उरला के साथ ही शंकर नगर से विधानसभा जाने वाले मार्ग में स्थित बाल आश्रयस्थल, गुढ़ियारी के भारत माता चौक स्थित सियान सदन, चंगोराभाठा सांस्कृतिक भवन और भनपुरी बाजार चौक में मितानिन भवन में कोविड-19 की पहचान के लिए स्वाब सैंपलों की जांच की जा रही है। इन केंद्रों में सवेरे दस बजे से दोपहर दो बजे तक जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। जिला अस्पताल पंडरी, कालीबाड़ी टीबी अस्पताल और बिरगांव शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। संदिग्ध मरीज सवेरे दस बजे से शाम पांच बजे तक इन सेंटरों में पहुंचकर जांच करवा सकते हैं।

रायपुर और बिरगांव के साथ ही जिले के माना सिविल अस्पताल तथा अभनपुर, आरंग, धरसीवां एवं तिल्दा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोरोना की जांच के लिए सैंपल संकलित किए जा रहे हैं। मंदिरहसौद, चंदखुरी, रीवां, फरफौद, कुरूद, कुटैला, मानिकचौरी, चंपारण, खोरपा, तोरला, मांढर, दोंदेकलां, सिलयारी और खिलौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कोविड-19 की पुष्टि हेतु जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। इन सभी केन्द्रों पर सवेरे दस बजे से दोपहर दो बजे तक सैंपल दिए जा सकते हैं।
महासमुंद, कॉलेज रोड आश्रम काम्प्लेक्स के पास महासमुन्द के एक मकान में जिस्मफरोशी करने वाली 6 महिला समेत एक ग्राहक को पकड़ा गया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने छापा मार कर सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जिस्मफरोशी का काम होमगार्ड की एक महिला द्वारा कराया जा रहा था।
महासमुन्द डीएसपी नारद सूर्यवंशी का कहना है कि जिले में तुमगांव में ही पीटा एक्ट अधिसूचित है। इसलिए पकड़े गए लोगों के विरुद्ध 151के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। मोहल्लेवासियों ने संदिग्ध गतिविधियों की पुलिस को सूचना दी थी। दबिश देकर पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा। गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में अवैधानिक गतिविधियां और अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।
रायपुर , अवैध शराब के साथ तीन युवकों को अलग-अलग थाना क्षेत्र से पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से 94 पाव देशी शराब जब्त किया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को कोतवाली पुलिस ने ग्राम जोरा ओव्हरब्रिज के नीचे मुखबीर की सूचना पर पुलिस ने संकल्प कालोनी ब्लॉक नंबर 4 तेलीबांधा निवासी रुपेश निषाद 20 वर्ष पिता गजानंद निषाद को एक सफेद रंग की बोरी लेकर खड़े होने पर घेराबंदी कर बोरी की तलाशी लेने पर उसमें 34 पाव देशी प्लेन मदिरा जब्त किया है। आरोपी से पुछताछ पर पता चला कि वह अवैध मदिरा बेचने के लिये ले जा रहा था। इसी तरह छत्तीसगढ़ नगर टिकरापारा में मुखबीर के द्वारा बताये गये हुलिये के अनुसार एक युवक को घेराबंदी कर पकडऩे पर पुछताछ के दौरान शौचालय में शराब छुपाकर रखने की बात कहने पर उसके द्वारा बताये गये स्थान से 35 पाव देशी शराब जब्त किया गया है। वहीं तिल्दा नेवरा में बिक्री के लिये गांव लेकर जा रहे युवक को घेराबंदी कर पकडऩे पर उसके पास से बोरी में रखा 25 पाव देशी शराब जब्त किया गया है। आरोपी से पुछताछ के दौरान उसने अपना नाम ईश्वर कुमार वर्मा 37 वर्ष पिता स्व0 नंद कुमार वर्मा निवासी ग्राम धनसुली वार्ड क्र0 9 खदान के पास थाना खरोरा बताया। तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाही किया गया है।
रायपुर | छत्तीसगढ़ में बड़ी तेजी से कोरोना बढ़ता जा रहा है | राजधानी रायपुर में भी तेजी से सक्रमण बढ़ रहा है राजधानी रायपुर में इन इलाकों से बीती रात में 764 पॉजिटिव मिले समता कॉलोनी से 13, सिविल लाइन से 11, देवेंद्र नगर से 10, बीएसएफ के 8, श्रीनगर से 7, कुकुरबेड़ा आमानाका से 5, सदर बाजार से 4, एम्स से 2 मरीज शामिल है। ये सभी मरीज आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराए जा रहे हैं।
जिन जगहों से कोरोना मरीज मिले हैं, उसकी सूची निम्नानुसार है- दलदल सिवनी-मोवा (16 लोग), शंकर नगर (19 लोग), तेलीबांधा (17 लोग), रामसागरपारा, टैगोर नगर (4 लोग), विजय चौक-चंगोराभाठा (9 लोग), अग्रसेन चौक-तेलघानी नाका, सुंदर नगर (13 लोग), अमलीडीह (9 लोग), राजातालाब-पंडरी (7 लोग), फाफाडीह (3 लोग), सिविल लाइन (11 लोग), भाठागांव (6 लोग), धरसींवा (5 लोग), अभनपुर (16 लोग), समता कॉलोनी (13 लोग), देवपुरी (7 लोग), अश्विनी नगर 3, पीएस सिटी-चंगोराभाठा, रायपुरा चौक, खमतराई, डीडी नगर (3 लोग), रोहणीपुरम, हीरापुर-सिलतरा, पालौद, छोटापारा, गुरू घासीदास वार्ड, पुलिस स्टाफ-तिल्दा (7 लोग), तिल्दा (10 लोग), चंद्रशेखर नगर, कमल विहार, आदर्श नगर, एम्स (2 लोग), टाटीबंध (5 लोग), शक्ति नगर, गंजपारा, डीडीयू नगर (5 लोग), श्याम नगर (3 लोग), पंचशील नगर (3 लोग), पुरानी बस्ती (10 लोग), महावीर नगर (7 लोग), देवेंद्र नगर (10 लोग), वीआईपी रोड, न्यू राजेंद्र नगर (9 लोग), शांति चौक, सीआरपीएफ कैंप-तेलीबांधा, राजेंद्र नगर, मठपुरैना, राजभवन, जवाहर नगर, समोदा-आरंग, शैलेंद्र नगर (6 लोग), अवंति विहार (8 लोग), आनंदम वल्र्ड सिटी, शांति रेसीडेंसी, सदर बाजार (4 लोग), शांति विहार कॉलोनी, गुढिय़ारी (9 लोग), अग्रसेन चौक, राठौर चौक, टिकरापारा, बंजारी मंदिर चौक, नहरपारा, भनपुरी, मधुनगर-कुशालपुर, महादेवघाट, बसंत विहार कॉलोनी, विनायक कॉलोनी-कोटा, धनेली, डंगनिया, ईदगाहभाठा, चौबे कॉलोनी (4 लोग), कुशालपुर (5 लोग), कचना, कैलाशपुरी, सरोरा, कबीर नगर, विनायक विहार कॉलोनी (3 लोग), विकास नगर-गुढिय़ारी (7 लोग), उदय सोसायटी, रवि नगर, ब्राम्हणपारा, यश विहार, वॉलफोर्ड एनक्लेव, रावाभाठा, बिरगांव (5 लोग), रावतपुरा (5 लोग), कैलाशनगर, रामकुंड, आरंग, विशाल नगर, नंदी चौक-टिकरापारा, नूरानी मस्जिद-राजातालाब, श्रीनगर, ढेबर सिटी, हांडीपारा, माना कैंप, कटोरा तालाब, दुबे कॉलोनी, भीम नगर, रामकुंड पारा, कुकरीपारा, महादेव नगर, हनुमान नगर-लाखे नगर (4 लोग), गांधी चौक, एकता चौक, पचपेड़ी नाका, बोरिया, नेहरू नगर-भिलाई, प्रोफेसर कॉलोनी, मोहबाबाजार, शक्ति नगर, गोलाबाजार, संजय नगर, कोटा, ऑफिसर कॉलोनी, बीएसयूपी कॉलोनी-सड्डू, हीरापुर, एकता नगर-चौक, थानौद, गीतांजली नगर, नेहरू नगर, लिली चौक, शिव विहार कॉलोनी, सतनामी पारा, पुलिस लाइन (2 लोग), तिलक नगर वार्ड, कोतवाली कॉलोनी-छोटापारा, शुकवारी बाजार, जनता कॉलोनी, ज्ञायत्री नगर, परमेश्वरी नगर, लोधीपारा, बाजार चौक-सरोरा, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी-भनपुरी, खमतराई, खरोरा, कुकुरबेड़ा-आमानाका (5 लोग), गोंदवारा, वल्लभ नगर, दोंदेखुर्द, गणेश नगर, श्रीनगर (7 लोग), शिवानंद नगर, मुकुट नगर, वीर सावरकर नगर, दीनदयाल उपाध्याय नगर, सिंचाई विभाग (3 लोग), न्यू चंगोराभाठा (7 लोग), विधानसभा रोड, परशुलडीह-धरसींवा (3 लोग), हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, आमानाका, अग्रोहा कॉलोनी (4 लोग), राजीव नगर, स्टेशनरोड, विमल एन्केल्व-भनपुरी, भावना नगर, वृंदावन कॉलोनी, लाभांडी, मुजगहन-सेजबहार, सेमरिया-नरदहा, अवधपुरी, रामनगर, सेंट्रल जेल, मंदिरहसौद, कैलाशपुरी-बूढ़ातालाब, हीरापुर, शास्त्री नगर, बीएसएफ-चंदखुरी (8 लोग), आरंग (10 लोग)।
महासमुंद | जिले में कोविड-19 वायरस संक्रमण के रोकथाम के लिए हर स्तर पर व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने ग्राम बड़ेसाजापाली तहसील बसना जिला महासमुंद के संदिग्ध मरीजों की सैम्पल जॉच रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने ग्राम बड़ेसाजापाली को कन्टेंनमेंट जोन घोषित किया हैं। इसके अलावा उक्त कन्टन्टमेंट जोन के अलावा 3 किलोमीटर की परिधि को बफर जोन घोषित किया गया हैं।
उक्त क्षेत्रों में सभी दुकानें और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त बंद रहेंगे। प्रभारी अधिकारी उक्त क्षेत्र में घर पहुॅच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तु की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर के बाहर निकलना प्रतिबंधित होगा। स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप व्यवस्था के लिए पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार आवश्यक सर्विलांस कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और सैम्पल जांच आदि की कार्रवाई की जाएगी।
कन्टेनमेंट जोन में तत्काल कार्रवाई के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए है, इनमें सम्पूर्ण प्रभार कुणाल दूदावत अनुविभागीय दण्डाधिकारी सरायपाली को दिया गया हैं। दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आवागमन पर प्रतिबंध कराने का प्रभार विकास पाटले अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) को सौंपा गया हैं।
इसी तरह केवल एक प्रवेश और निकास की व्यवस्था के लिए बेरिकेटिंग का प्रभार कार्यपालन लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.आर. सिन्हा को, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए सिविल सर्जन डॅा. आर.के परदल को प्रभार सौंपा गया हैं। पर्यवेक्षण अधिकारी तहसीलदारबसना ललिता भगत, इसी प्रकार प्रवेश सहित क्षेत्र की सैनिटाईजिंग व्यवस्था के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी.डी.सोनवानी को, स्वास्थ्य टीम को आवश्यक दवा, मॉस्क, पी.पी.ई किट उपलब्ध कराने का प्रभार खंड चिकित्सा बसना डा जयप्रकाश प्रधान को, घरों का एक्टिव सर्विलांस का प्रभार महिला और बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक दिक्षा बारीक को,खण्ड स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष में व्यवस्था के लिए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जे.आर.डहरिया को नियुक्त किया गया हैं।
इसके अलावा कंटेनमेंट जोन के लिए गूगल मैप तैयार करने का प्रभार जिला विज्ञान और सूचना अधिकारी आनंद सोनी, ई-जिला प्रबंधक, सीजी स्वान भूपेन्द्र अंम्बिलकर और भू-अभिलेख शाखा के सहायक अधीक्षक आदित्य कुंजाम को सौंपा गया हैं।
रायपुर | घरेलू विवाद में पत्नी की पिटाई करने पर पति के खिलाफ खम्हारडीह थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय नगर गली-2 खम्हारडीह निवासी ए ललिता राव 41 वर्ष पति ए.कृष्णा राव ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थिया का पति शनिवार को घरेलू विवाद के चलते गाली-गलोच करते हुये जान से मारने की धमकी देकर बस्ते से मारकर चोट पहुंचाया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
भिलाई | भिलाई के सेक्टर 7 निवासी आबकारी विभाग के मुख्य आरक्षक तेखूदास साहू का बीती रात श्रीशंकराचार्य कोविड अस्पताल जूनवानी में निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार तेखूदास साहू की अचानक तबीयत शनिवार शाम को खराब हुई जिसके बाद परिजनों ने उन्हें शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती किया। बीती रात करीब 12 बजे उनका निधन हो गया। चिकित्सकों ने इस दौरान उनकी जांच की जिसमें वे कोरोना संक्रमित पाया गया। श्रीसाहू के निधन विभाग में शोक की लहर फैल गई। बताया जाता है कि लंबे समय तक रायपुर आबकारी नियंत्रण कक्ष में सेवा देकर पिछले महीने उनका स्थानांतरण प्रमोशन के साथ दुर्ग जिले के आबकारी उडऩ दस्ता में बतौर मुख्य आरक्षक के तौर पर हुआ था।
रायपुर | रोड एक्सीडेन्ट में बाईक सवार युवक की मौत हो जाने की रिपोर्ट खरोरार थाने में दर्ज की गई है।
रायपुर। अधेड़ किशोरी को जान से मारने की धमकी देकर कई महीनों से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। गर्भ ठहर जाने पर परिजनों ने घटना की रिपोर्ट पण्डरी थाने में दर्ज करायी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पण्डरी क्षेत्र में अधेड़ संतोष साहु 49 वर्ष ने पड़ोस में रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी को चाकलेट का लालच देकर अपने घर बुलाया था,उसके बाद से ही आरोपी बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। आरोपी के दो बच्चे है इसी का बहाना बनाकर बच्ची को अपने घर खेलने बुलाया व उसके बाद से उसे डरा-धमका कर दुष्कर्म करने लगा। पिछले एक वर्ष से नाबालिग से दुष्कर्म किये जाने वह गर्भवती हो गई। किशोरी की तबियत खराब होने पर परिजनों ने जब डॉक्टर से चेक कराया तब उसके गर्भवती होने का पता चला उसके बाद पीडि़ता ने घटना की सच्चाई घर वालों को बताया। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी को देररात गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पास्कों एक्ट सहित बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे यहां अपने निवास परिसर से कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिए रायपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम के तहत ’कोरोना विजय रथ’ को ध्वज दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर आम जनता से कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव की गाइड लाइन का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें, मास्क लगाएं, सेनेटाइजर साबुन से हाथ धोएं, भीड़ में जाने से बचें। राज्य सरकार पूरी ताकत से इस लड़ाई में जुटी है, सामाजिक और औद्योगिक संगठनों के जुड़ने से हमारी ताकत बढ़ गई है। सभी के सहयोग से हम कोरोना के खिलाफ यह जंग अवश्य जीतेंगे।
रोटरी व जेसीस क्लब जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाएं इस जागरूकता कार्यक्रम का संचालन कर रही हैैं। इसके अंतर्गत रायपुर के विभिन्न वार्डों और आवासीय बस्तियों, मोहल्लों में 6 कोरोना विजय रथ का संचालन इन संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा।
इस रथ के माध्यम से आम लोगों को मास्क पहनने, सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने, भीड़-भाड़ से बचने, व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के संदेश के साथ सर्दी, खांसी, बुखार, फ्लू, स्वाद व गंध का पता न लगना जैसे लक्षणों पर चिकित्सकों से परामर्श व दवा के संबंध में अवगत कराया जाएगा। कोरोना मुक्ति रथ के माध्यम से जरूरी जानकारियों से संबंधित पाम्प्लेट्स भी वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, नगरनिगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर, पूर्व रोटरी प्रेसीडेंट श्री राकेश चतुर्वेदी, रोटेरियन आई.जी.पी.डी. श्री रंजीत सिंह सैनी, जे.सी.आई सुपर चेप्टर के संस्थापक श्री राजेश अग्रवाल, रोटरी प्रेसिडेंट श्री दिलीप मोहंती, सेक्रेटरी रोटेरियन श्री राजेन्द्र जैन, नीको के सी.ई.ओ. श्री एम.पी. सिंह, नीको प्रेसिडेंट श्री आशीष अग्रवाल भी उपस्थित थे.
मुंगेली | मुंगेली के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और एल्डरमैन शीतल दुबे का निधन शनिवार देर रात हो गया। उनकी मृत्यु हृदयाघात से हुई है, हालांकि वे कोरोना पॉजिटिव भी थे। 5 सितंबर को उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था, जिसके बाद उन्हें मुंगेली के जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। वहां सही इलाज ना होने पर परिजन उन्हें बिलासपुर के निजी अस्पताल आर बी अस्पताल ले गए थे, जहां इलाज के दौरान शनिवार रात करीब 1:00 बजे उनकी सांसे थम गई ।शीतल दुबे 66 वर्ष के थे। कई दशकों तक उन्होंने कांग्रेस के लिए राजनीति की। उनके निधन से मुंगेली कांग्रेस में शोक का वातावरण है, तो वहीं उनके परिजनों ने उनकी मौत के लिए जिला अस्पताल की अव्यवस्था को जिम्मेदार बताया है । कोरोना संक्रमित होने के कारण सरकारी गाइडलाइन के तहत ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा ,जिसमें परिवार के गिनती के लोग शामिल होंगे।
रायपुर | प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आज ग्राम बस्तीबगरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नवगठित जिला बड़ी तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले के सर्वांगीण विकास हेतु शासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवगठित जिले के विकास की जिम्मेदारी हम सभी की है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज प्रसारित अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी की दसवीं कड़ी में ‘समावेशी विकास-आपकी आस’ विषय पर श्रोताओं के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, डॉ. अम्बेडकर, शास्त्री, आजाद, मौलाना जैसे हमारे नेता जिस न्याय की बात करते थे, उसी साझी विरासत से हमें विकास का छत्तीसगढ़ी मॉडल मिला है। समावेश का सरल अर्थ होता है- समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना, सभी की भागीदारी, सबके विकास की व्यवस्था। उन्होंने कहा कि किसान को जब हम अर्थव्यवस्था की धुरी मान लेंगे तो समझ लीजिए कि समावेशी विकास की धुरी तक पहुंच गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को अर्थव्यवस्था के केन्द्र में रखा है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था में किसान, ग्रामीण, अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के गंभीर प्रयास करते हुए राज्य सरकार सबसे विकास की व्यवस्था कर रही है।
‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के वेदवाक्य में है समावेशी विकास की भावना
मुख्यमंत्री ने ‘समावेशी विकास-आपकी आस’ विषय पर आपने विचार रखते हुए कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश और प्रदेश की आर्थिक- सामाजिक समस्याओं का समाधान, समावेशी विकास से ही संभव है। हम अपने राज्य में समावेशी विकास की अलख जगा रहे हैं और इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के वेदवाक्य में भी यही भावना है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत है। सवाल उठता है कि प्रचलित व्यवस्था में किसका समावेश नहीं है? कौन छूटा है? तो सीधा जवाब है कि जिसे संसाधनों पर अधिकार नहीं मिला, जिसके पास गरिमापूर्ण आजीविका का साधन नहीं है, विकास के अवसर नहीं हैं या जो गरीब है। वही वर्ग तो छूटा है। हमारी प्रचलित अर्थव्यवस्था में किसान, ग्रामीण, अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं की भागीदारी बहुत कम रही है। ऐसा नहीं है कि प्रयास शुरू ही नहीं हुए बल्कि यह कहना उचित होगा कि वह मुहिम कहीं भटक गई, कहीं जाकर ठहर गई। थोड़ा पीछे जाकर देखें तो महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, डॉ. अम्बेडकर, शास्त्री, आजाद, मौलाना जैसे हमारे नेता जिस न्याय की बात करते थे, उसी साझी विरासत से हमें छत्तीसगढ़ी मॉडल मिला है। नेहरू जी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में पंचवर्षीय योजनाओं का सिलसिला शुरू किया था। उसी की बदौलत भारत की बुनियाद हर क्षेत्र में, विशेष तौर पर आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में मजबूत हुई थी। उन्होंने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना काल (2007 से 2012) में भारत की अर्थव्यवस्था में ‘समावेशी विकास’ की अवधारणा को काफी मजबूती के साथ रखा गया था। उस समय यूपीए की सरकार थी और प्रधानमंत्री थे श्री मनमोहन सिंह अर्थात देश की बागडोर कुशल अर्थशास्त्री के हाथों में थी। लक्ष्य था कि देश की जीडीपी अर्थात सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक लाना है। यह भी तय हुआ था कि विकास दर को लगातार 10 प्रतिशत तक बनाए रखना है ताकि वर्ष 2016-17 तक प्रति व्यक्ति आय को दोगुना किया जा सके। 12वीं पंचवर्षीय योजना काल 2012 से 2017 के लिए भी जीडीपी को 9 से 10 प्रतिशत के बीच टिकाए रखने का लक्ष्य रखा गया था। आज भारत की विकास दर 3 प्रतिशत के आसपास है। वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में देश की विकास दर में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो दुनिया में सर्वाधिक गिरावट है। कोरोना की समस्या तो पूरी दुनिया में है। अमेरिका के सर्वाधिक कोरोना प्रभावित होने के बावजूद वहां की जीडीपी मात्र 10 प्रतिशत गिरी है। जबकि भारत की जीडीपी दुनिया में सर्वाधिक 24 प्रतिशत गिरी है। इस हालात को समझना होगा।
सभी की आजीविका और बेहतर आमदनी की व्यवस्था समावेशी विकास का मूलमंत्र
मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास की अवधारणा को छत्तीसगढ़ में लागू किया करने के संबंध में कहा कि समाज के जो लोग चाहे वे छोटे किसान हों, गांव में छोटा-मोटा काम-धंधा करने वाले लोग हों, खेतिहर मजदूर हांे, वनोपज पर आश्रित रहने वाले वन निवासी तथा परंपरागत निवासी हों, चाहे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार की महिलाएं हों, ग्रामीण अंचलों में परंपरागत रूप से काम करने वाले बुनकर हांे, शिल्पकार हांे, लोहार हों, चर्मकार हों, वनोपज के जानकार हों, सभी के पास कोई न कोई हुनर है, जो उन्हें परंपरागत रूप से मिलता है। समय की मार ने उनकी चमक, उनकी धार को कमजोर कर दिया है। उनके कौशल को बढ़ाया जाए, उनके उत्पादों को अच्छा दाम मिले, अच्छा बाजार मिले तो वे बड़ा योगदान कर सकते हैं। ऐसे सभी लोगों की आजीविका और बेहतर आमदनी की व्यवस्था करना ही समावेशी विकास का मूलमंत्र है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि हर परिवार के पास आजीविका का साधन हो। मुख्यतः अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को राज्य के संसाधन और उनकी आय के साधन सौंपकर हम आर्थिक विकास के लाभों के समान वितरण का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। दिसम्बर 2018 से छत्तीसगढ़ में हमने जिस तरह की नीति-रीति अपनाई है, उसे देखकर समावेशी विकास को समझा जा सकता है।
किसानों को माना अर्थव्यवस्था की धुरी
मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता के श्रोताओं से कहा कि किसान को जब हम अर्थव्यवस्था की धुरी मान लेंगे तो समझ लीजिए कि समावेशी विकास की धुरी तक पहुंच गए हैं। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ से प्रदेश के 19 लाख किसानों को लाभ मिल रहा है। दो किस्तों में 3 हजार करोड़ का भुगतान हो चुका है। अब जल्दी ही पूरे 5700 करोड़ रू. भुगतान का वादा भी पूरा हो जाएगा। हमने न सिर्फ धान के किसानों को 2500 रूपए प्रति क्विंटल देने का वादा पूरा किया है, बल्कि मक्का, गन्ना के साथ छोटी-छोटी बहुत सी फसलों का भी बेहतर दाम देंगे। राज्य सरकार ने कर्ज माफी की, सिंचाई कर माफ किया और अब न्याय योजनाओं का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। गोधन न्याय योजना के चालू होते ही गौठान निर्माण में तेजी आई है। हर 15 दिन में हम खरीदे गए गोबर का भुगतान कर रहे हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं गोबर खरीदकर, वर्मी कम्पोस्ट बना रही हैं। इस तरह से ग्रामीण जनता ही नहीं, बल्कि अनेक संस्थाओं को भी अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिला। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गांव के सभी वर्गों का एकजुट होना, मेरे ख्याल से सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति भी है। जिस तरह से कुछ लोग गाय और शिक्षा प्रणाली को लेकर सिर्फ बातें करते थे, करते कुछ नहीं थे। उन्हें यह देखना चाहिए कि हमारे 40 नए इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश भी अब सम्मान का विषय बन गया है। ‘पढ़ाई तुंहर दुआर’ ‘पढ़ाई तुंहर पारा’, जैसे लोक अभियानों से हमने बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें वरिष्ठ सांसद राहुल गांधी जी ने ही न्याय योजना शुरू करने, हर ब्लॉक में फूडपार्क खोलने जैसे व्यावहारिक उपाय बताए थे। हमने 200 फूडपार्क खोलने की योजना बना ली है और इनमें से 100 से ज्यादा के लिए जमीन का इंतजाम भी हो गया। औद्योगिक विकास को ब्लॉक स्तर पर पहुंचाने वाली नई औद्योगिक नीति लागू कर दी है। मुख्यमंत्री को श्रोताओं ने बताया कि आमचो बस्तर, आमचो ग्राम, आमचो रोजगार योजना के माध्यम से उन्हें लाभ मिलना शुरू हो गया है। इसी तरह पंचायत में लगाए सर्वर से भी लोगों को लाभ मिल रहा है। राजनांदगांव जिले के गर्रापार के श्री मानवेन्द्र साहू ने नरवा-गरवा -घुरवा- बारी के माध्यम से समावेशी विकास और रोजगार के संबंध में मुख्यमंत्री से जानकारी चाही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुराजी गांव योजना को आप लोगों ने जिस तरह से हाथों-हाथ लिया है, उससे मैं बहुत उत्साहित हूं। यह योजना वास्तव में ग्रामवासियों को ही चलानी है। नरवा का पानी सिंचाई के लिए भी जरूरी है और अन्य कार्यों के लिए भी। गरवा, गौठान, गोधन न्याय योजना सब एक दूसरे से जुड़ गए हैं। जैविक खाद भी बन रही है और मूर्तियां भी। हर गौठान में समिति भी हैं और इनके साथ महिला स्व-सहायता समूह भी बन रहे हैं। सब मिलकर अपने गांव की जमीन को उपजाऊ भी बना रहे हैं और रोजगार का नया-नया साधन भी अपना रहे हैं। गौठान, गोधन, बाड़ी, जैविक खाद निर्माण विपणन आदि के माध्यम से लाखों लोगों के लिए रोजगार के रास्ते बन रहे हैं। गांव के संसाधन को जब गांव के लोग अपना समझकर उसे आर्थिक उन्नति के लिए उपयोग में लाते हैं, तो यह समावेशी विकास का सबसे अच्छा उदाहरण बन जाता है। मेरा पूरा विश्वास है कि आप सब लोग मिलकर गांवों को सचमुच में चमन बना देंगे और यही छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत होगी।
छत्तीसगढ़ ने साबित किया: समावेशी विकास ही सर्वांगीण विकास का रास्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने यह साबित किया है कि समावेशी विकास ही सर्वांगीण विकास का रास्ता है। उन्होंने कहा कि हमने यह देखा कि किसी भी तरह किसानों, ग्रामीणों, आदिवासियों, महिलाओं, युवाओं की जेब में नगद राशि डाली जाए। यह राशि डेढ़ साल में 70 हजार करोड़ रू. तक पहुंच गई। इस तरह प्रदेशवासियों को मान-सम्मान के साथ उनके स्वावलंबन का रास्ता बनाया है। हमारी योजनाओं से हर तबके को लाभ मिला। बिजली बिल हाफ, छोटे भू-खंडों की खरीदी-बिक्री, गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत कमी, पंजीयन शुल्क में कमी, राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा, भूमिहीनों को भूमि प्रदाय और ऐसे अनेक सुधार किए जिसके कारण आम आदमी का जीवन आसान हुआ। इस तरह लाखों लोगों के हाथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को संभालने में मददगार बने। हमने कोरोना संकट के बीच, एक ओर जहां सरकारी कर्मचारियों का वेतन यथावत् रखा, कोई कटौती नहीं की, वहीं प्रवासी मजदूरों सहित उद्योग, व्यापार और कारोबार जगत पर विश्वास किया। किसानों से लेकर व्यापारियों तक, सबके बीच हमारा विश्वास का रिश्ता बना है, उसी के कारण खेती भी चली और उद्योगों के पहिये भी चले। हमारी नीतियों से गांवों से लेकर शहरों तक वित्तीय तरलता बनी रही जिससे लोगों को रोजगार मिला और बेरोजगारी की दर घटी। हमने यूपीए सरकार की महात्मा गांधी नरेगा योजना की विरासत को संजोया और उसमें प्राण फूंके, जिससे देश में मनरेगा के तहत काम और मजदूरी देने वाले अग्रणी राज्य बने। तेंदूपत्ता की संग्रहण मजदूरी 4 हजार रू. करके ही चुप नहीं बैठे, बल्कि लघु वनोपजों की खरीदी 7 से बढ़ाकर 31 वस्तुओं तक पहुंचा दी। जो महुआ 17 रू. में बिकता था उसे 30 रू. किलो में खरीदा। ऐसे तमाम काम जनता की जरूरतें और दुख-दर्द को समझने वाली सरकार ही कर सकती है। अपनी संस्कृति से लेकर जनता की आर्थिक स्थिति तक से सीधा जुड़ाव, उनकी स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर, हर परिस्थिति में शिक्षा-दीक्षा के इंतजाम, पोषण और प्रगति के इंतजाम करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य रहा है। लॉकडाउन के बीच भी पीडीएस, आंगनबाड़ी, मध्याह्न भोजन योजना, कुपोषण मुक्ति अभियान पूरी गति से चलता रहा, जिसके कारण कुपोषण की दर में भी कमी आई। ऐसे सभी प्रयास जो आम जनता या कमजोर तबकों को सीधे मदद करते हैं, ये सब समावेशी विकास के प्रयास ही हैं। जिसका नतीजा राज्य के सर्वांगीण विकास के रूप में मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने यह साबित किया है कि समावेशी विकास ही सर्वांगीण विकास का रास्ता है।
राजमेरगढ़ और कबीर चबूतरा में सात करोड़ रूपए की लागत से विकसित किए जाएगा ईको रिसार्ट और कैफेटेरिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला गठन के 6 माह के अंदर, वहां करीब 100 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है। कई कार्य प्रगति पर हैं। मरवाही अनुभाग, मरवाही नगर पंचायत, सरकारी अंग्रेजी माध्यम शाला तथा महंत बिसाहूदास उद्यानिकी महाविद्यालय, एक के बाद एक नई-नई उपलब्धियां नए जिले के खाते में जुड़ती जा रही हैं। नए जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं को साकार किया जाएगा। साथ ही इसे ग्रामीण विकास के रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में ही घोषणा करते हुए कहा कि राजमेरगढ़ और कबीर चबूतरा की प्राकृतिक छटा और ऐतिहासिक महत्व का सम्मान करते हुए यहां ईको रिजॉर्ट, कैफेटेरिया तथा अन्य पर्यटन अधोसंरचनाओं का विकास तेजी से किया जाएगा। फिलहाल इसके लिए 7 करोड़ रू. की लागत से विकास कार्य शीघ्र शुरू होंगे।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए किए जा रहे हर संभव उपाय
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना संकट से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि मार्च 2020 की स्थिति में केवल एम्स रायपुर में ही कोविड टेस्टिंग की सुविधा थी, जिसे बढ़ाना एक बड़ी चुनौती थी। आज की स्थिति में राज्य के सभी 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज, 4 निजी लैब में आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट, 30 लैब में ट्रू नॉट टेस्ट तथा 28 जिला अस्पतालों सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट की व्यवस्था कर दी गई है। मार्च 2020 में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार की सुविधा केवल एम्स रायपुर में थी, लेकिन राज्य शासन ने सुनियोजित कार्ययोजना से अब तक 29 शासकीय, 29 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल, 186 कोविड केयर सेन्टर की स्थापना कर दी है। 19 निजी अस्पतालों को भी उपचार हेतु मान्यता दी गई है। मार्च 2020 की स्थिति में 54 आईसीयू बिस्तर तथा 446 जनरल बेड उपलब्ध थे, जिसमें बढ़ोतरी करते हुये अब 776 आईसीयू बेड्स तथा 28 हजार 335 जनरल बेड उपलब्ध करा दिए गए हैं, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सुविधा हेतु 148 वेन्टिलेटर थे। जो अब बढ़कर 331 हो गए हैं। श्री बघेल ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे है।
एसिम्टोमेटिक मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा: टेलीमेडिसिन परामर्श केन्द्र से उपचार हेतु मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत है कि सब लोग मिलकर हिम्मत का परिचय दें। सावधानी और साहस से यह दौर भी निकल जाएगा। राज्य में ज्यादातर व्यक्ति एसिम्टोमेटिक श्रेणी के आ रहे हैं। इसको लेकर भी भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन फेस मास्क और फेस शील्ड के महत्व को समझें। हाथ साफ करने के लिए साबुन-पानी, सेनेटाइजर का उपयोग करें। भीड़ से बचें। एसिम्टोमेटिक मरीजों के होम आइसोलेशन की सुविधा भी नियमानुसार उपलब्ध है। लगातार समीक्षा और सुधार से स्थितियों को बेहतर किया जा रहा है। टेलीमेडिसिन परामर्श केन्द्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी, उपचार हेतु मार्गदर्शन व दवाईयॉ उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी है। संकट अभी टला नहीं है। सावधानी जरूरी है।
रायपुर, राज्य में कोविड मरीजों के लिए कुल 30 हजार से अधिक बेड हैं जहां उनका समुचित इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कुल 29 कोविड अस्पताल और 186 कोविड केयर सेंटर है । अस्पतालों में 3551 बेड और कोविड केयर सेंटर में 25560 बेड उपलब्ध हैं। राज्य के 19 निजी चिकित्सालय भी कोविड मरीजों का इलाज कर रहे है जिनमें 1304 बेड हैं। कोविड अस्पतालों में 2775 जनरल, 406 आई सी यू और 370 एच डी यू बेड हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विभाग ने बेड की उपलब्धता बढ़ाना और चिकित्सकों को प्रशिक्षण देना मार्च से ही शुरू कर दिया था। मार्च में जहां 54 आई सी यू बेड थे जिसे मई मे 247 और जून में 406 तक बढ़ाया गया। एच डी यू हाई डिपेंन्डेन्सी बेड मार्च में नही थे जिसे मई में 100 किया गया,जून मे 296 और अगस्त में 370 किया गया। मार्च में जनरल बेड केवल 446 थे जिसे मई में 2596, जून 11703 ,जुलाई में 21256 और अगस्त में 28335 किया गया जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। इस प्रकार मार्च में जहां प्रदेश में 500 बेड उपलब्ध थे जिसे बढाकर अगस्त में 29111 किया गया और सभी अस्पतालों में मरीजों का समुचित उपचार किया जा रहा है और देखभाल की जा रही है।
रायपुर, प्रदेश में तीन आईपीएस अफसर को विशेष पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। आज गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
संजय पिल्ले को जेल प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं आरके विज को योजना एवं प्रबंध में ही विशेष पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। इसी तरह अशोक जुनेजा को एसआईबी और नक्सल ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई है।























