रायपुर। इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत नयापारा स्थित सपना ट्रेडर्स के गोडाउन में आग लगने के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी है।
बीजापुर। आरक्षक ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आरोपी आरक्षक ने शव को जंगल में फेंककर फरार हो गया। पुलिस शव बरामद कर मामले की जांच में जुट गई है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने संवेदनशील पहल करते हुए कलेक्टरों को तात्कालिक आवश्यकतानुसार रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों की खरीदी की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने बालोद और मुंगेली में आरटीपीसीआर टेस्टिंग लैब की स्थापना की भी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में प्रदेश के 11 जिलों में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और उससे नियंत्रण के उपायों की समीक्षा के दौरान ये स्वीकृतियां प्रदान की। मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर जिलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में आज उन्होंने महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, कबीरधाम, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिले की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समीक्षा करते हुए कहा कि हमें बिना थके, बिना रूके कोरोना से लड़ाई जीतना है। सबके सहयोग और टीम भावना के साथ व्यवस्थित रूप से काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को जल्द से जल्द उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों के माध्यम से आवश्यक दवाईयों का किट तैयार करे और मितानिनों के माध्यम से इस किट के वितरण करने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टरों ने अपने स्तर पर बेहतर व्यवस्था की है। इसमें सतत निगरानी रखी जाए और कोरोना पर शीघ्रता से नियंत्रण के लिए जिलों में पॉजिटिविटी रेट 5 प्रतिशत से नीचे लाने का हर संभव प्रयास हो। उन्होंने कहा कि कलेक्टर यह भी ध्यान रखें कि लॉकडाउन के दौरान आम जनता को कोई परेशानी न हो तथा अनावश्यक रूप से आवाजाही करने वालों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप जरूरतमंदों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार भी उपलब्ध कराया जाए।
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— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 19, 2021
आज वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 11 जिलों में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और उससे नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। इन जिलों में महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, कबीरधाम, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया व बलरामपुर जिले शामिल हैं। pic.twitter.com/eusHXGJR3a
श्री बघेल ने कलेक्टरों से कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की रेल्वे स्टेशनों, बस स्टैण्डों तथा अंतर्राज्यीय सीमाओं के खासकर एंट्री प्वाइंट पर ही कड़ाई से टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए ताकि बाहर से आने वाला कोई भी व्यक्ति टेस्टिंग से न छूटे। बाहर से आने वाले लोगों का टेस्टिंग के उपरांत रिपोर्ट के आधार पर क्वॉरंटाईन सेंटर और आइसोलेशन केन्द्र में अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जाए। आइसोलेशन वालों की निगरानी भी की जाए। इसके लिए उन्होंने हर ग्राम पंचायतों में क्वॉरंटाईन सेंटर तथा आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्था के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमित मरीजों के घरों में पोस्टर की जगह स्टेंसिल पेंट कर सूचना प्रदर्शित की जाए। उन्होंने कहा कि घरों में लगाए जाने वाले पोस्टर अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। घर में प्रदर्शित की जाने वाली सूचना का संदेश सकारात्मक हो एवं प्रेरणादायी नारों से युक्त हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग संदेश का प्रारूप डिजाईन कर उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी जिलों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर वाले बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की सप्लाई चैन, ऑक्सीजन सिलेंडरों की उपलब्धता और रोटेशन, मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और उनकी भर्ती की प्रगति, रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा सीएसआर मद, औद्योगिक क्षेत्र और सामाजिक संगठनों के सहयोग से किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों का फालोअप किया जा रहा है। कलेक्टर, एसपी, सीएमएचओ, सीईओ और संभव हो तो जनप्रतिनिधि प्रतिदिन 10-10 मरीजों से टेलीफोन पर संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी लेकर उनके उपचार में सहायता करे।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, अपर मुुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, श्रम सचिव श्री अंबलगन पी., सम्बंधित संभाग के कमिश्नर, आई.जी., इन सभी 11 जिलों के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
रायपुर। राज्य शासन द्वारा लाकडाउन के दौरान बैंकों के संचालन के लिए दिशा निर्देश जारी किये गए हैं। ज़िला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया हैं कि बैंकों को हब बैंकिंग सिद्धांत के तहत काम करने की अनुमति दी जा सकती है। वे केवल सुबह 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक सीमित घंटों के लिए काम कर सकते हैं। बैंक आदेश द्वारा विशेष रूप से अनुमत कार्यों के अलावा कोई भी सामान्य लेनदेन नहीं कर सकते है। बैंकों को न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करना चाहिए, और यदि संभव हो तो उन्हें दैनिक आधार पर रोटेट किया जाना चाहिए। रुग्ण और गर्भवती कर्मचारियों को बैंकों द्वारा सक्रिय ड्यूटी से छूट दी जा सकती है। चिकित्सा उपकरण और चिकित्सा संबंधित लेनदेन, पेट्रोल/ डीजल पंप, एलपीजी संबंधित लेनदेन, पीडीएस लेनदेन, उद्योग/व्यवसाय लेनदेन और उनके श्रम भुगतान, चिकित्सा ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता / तरल ऑक्सीजन उत्पादक को लेनदेन की अनुमति दी जा सकती है।
रायपुर. केंद्र सरकार ने आज बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि अब 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भी कोरोना टीका लगेगा। केंद्र के इस फैसले का छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने स्वागत किया है।
ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख कर 18 वर्ष से अधिक की आयु के सभी वर्ग के लोगों को कोरोना टीका लगाने की सलाह दी थी। केंद्र की मोदी सरकार ने इस सुझाव को स्वीकारा और 1 मई से 18 वर्ष से अधिक की आयु के सभी लोगों को कोरोना टीकाकरण किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी इस फैसले का स्वागत करती है।
जांजगीर-चांपा । कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार ने बड़े आयोजनों पर पाबन्दी लगा दी है। शादी जैसे समारोह में भी सीमित सदस्यों के शामिल होने की अनुमति है। वहीं जिले के एक गांव में इस आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही थी, जहां प्रशासनिक अमले ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की।
दरअसल, नायब तहसीलदार सीता शुक्ला पिथमपुर गांव कोरोना के नियमों का पालन और निरीक्षण के लिए पहुंची थी। इस दौरान यहां प्रेमलाल साहू के घर में शादी समारोह के भोज कार्यक्रम में नियत संख्या 20 से अधिक लोगों का शामिल होना पाया गया। कंटेनमेंट जोन के नियमों का उल्लघंन करने पर घर के मुखिया प्रेमलाल साहू के खिलाफ कार्रवाई की गई और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
नायब तहसीलदार सीता शुक्ला के नेतृत्व में भ्रमण में निकली राजस्व टीम ने पिथमपुर गांव में शादी के बाद सामूहिक भोज की तैयारी में लगे प्रेमलाल साहू के यहां 5000 रुपए, सामान बेचते पाए जाने पर धूमदास के खिलाफ 200 रुपये, फूलचंद साहू के यहां शादी में आवश्यकता से अधिक लोग इकट्ठा होने पर 1000 रुपये और बिना मास्क लगाए घूमते पकड़े जाने पर गोवर्धन साहू से 200 रूपये का जुर्माना लिया गया है।
बता दें कि कलेक्टर यशवंत कुमार ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर संपूर्ण जांजगीर-चांपा जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। जिले में कंटेंनमेंट जोन के आदेश का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अमला ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार के अलावा राजस्व निरीक्षक अशोक साहू, ग्राम कोटवार शामिल थे।
कांकेर। बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार की दृृष्टि से जो लोग छत्तीसगढ़ राज्य या बस्तर संभाग से बाहर परिवार सहित या व्यक्तिगत रूप से गये थे, अब वे कोरोना संक्रमण की व्यापकता को देखते हुए अपने गृह ग्राम व जिला वापस आ रहे है। अतः ऐसी स्थिति में उन्हें नगरीय, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित क्वारिनटाइन सेन्टरों में ठहराने के लिए कलेक्टर चंदन कुमार ने जिले के सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और बीएमओ को निर्देशित करते हुए क्वारिनटाइन सेन्टरों में सम्पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा है कि प्रत्येक क्वारिनटाइन सेन्टर के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त कर उसी गांव में पदस्थ कर्मचारियों में से एक दल गठित किया जावे, जिसमें हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, ग्रामीण कृृषि विस्तार अधिकारी, वन रक्षक में से होंगे। यदि पूर्व में कोरोना बचाव दल गांव, नगरीय क्षेत्रों में गठित किया गया हो तो उस दल को भी क्वारिनटाइन सेन्टरों की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
क्वारिनटाइन सेन्टर में मजदूरों के निवास करने को दृृष्टिगत रखते हुए उनके सोने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, पंखे की व्यवस्था और जलपान भोजन इत्यादि की व्यवस्था सहित साफ-सफाई, स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया गया है। क्वारिनटाइन सेन्टरों में सेनेटाइजर व हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था रखने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
मगरलोड । जिले के करेली बड़ी पुलिस ने अपनी पत्नी को आत्महत्या करने के लिए उकसाने वाले पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। करेली बड़ी पुलिस चैकी प्रभारी एसआई संतोष साहू ने बताया कि ग्राम भेंडरी निवासी कामदेव साहू उर्फ बलराम पिता सियाराम साहू का विवाह 5 मई 2019 को कुरूद के कचना निवासी दीपा साहू के साथ हुआ था।
विवाह के 4 माह बाद आरोपी पति कामदेव साहू पत्नी को पसंद नहीं हो ,दहेज कम लाई हो, गाली गलौज कर प्रताडिघ्त करता था। वह अपनी पहली पत्नी को छोड़कर गांव की पूर्व प्रेमिका के साथ विवाह करूंगा, बोलकर कामदेव अपनी पत्नी दीपा साहू को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडिघ्त करता था। जिससे परेशान होकर पत्नी दीपा साहू ने 29 जुलाई 2020 को अपने ऊपर मिट्टी तेल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। दीपा को जली हुई गंभीर अवस्था में ईलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया था। बेहतर ईलाज के लिए रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ईलाज दौरान उसके पति ने 6 दिसंबर 2020 को गांव की प्रेमिका के साथ दूसरी शादी कर ली। जिसकी रिपोर्ट पहली पत्नी दीपा साहू ने 17 अप्रैल को करेली बड़ी चैकी में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पति कामदेव साहू ग्राम भेंडरी के लिए खिलाफ आत्महत्या करने के लिए उकसाने आईपीसी की धारा 498(क), 324,494 अपराध दर्ज कर जेल भेज दिया है। इस कार्यवाही में एएसआई मोहनलाल निषाद, हवलदार दिलेश्वर कुजूर, आरक्षक फगेन्द्र साहू, खिलेश्वर रावत, बलराम सिन्हा का सहयोग रहा।
रायपुर । लॉकडाउन की 10 अवधि दिन अवधि पूरी होने के बाद जिला प्रशासन ने आज से कुछ शर्तों के साथ ठेले के माध्यम से किराना सामान, फल व सब्जी बेचने की अनुमति दी गई लेकिन अधिकतर जगहों पर सब्जी के ठेले तो पहुंचे पर वह भी महंगे दामों में लेकिन किराना सामानों के ठेले नहीं पहुंच पाए क्योंकि यह संभव नहीं लग रहा हैं। इसी को देखते हुए रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने रायपुर कलेक्टर डॉ. एस.भारतीदासन को पत्र लिखकर किराना, अनाज, फल, सब्जी की दुकानों के साथ ही बैंकों को भी निर्धारित समय के लिए खोलने की अनुमति देने की मांग की ताकि आम लोगों को आसानी से सामान मिल सकें।
पत्र के माध्यम से अध्यक्ष मालू, पवन अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण लाहोटी, प्रहलाद सोनी व अनिल कुचेरिया ने कलेक्टर को बताया कि 10 दिन तक लॉकडाउन लगाया था जिसमें जरुरत की चीजों के साथ ही सभी प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, इसके बाद 7 दिन के लिए पुन: लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया और इसमें जरुरत की सामान आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकें इसके लिए किराना दुकानदारों को ठेलों के माध्यम से सामान बेचने की अनुमति दी गई, वहीं सब्जी वालों को भी। सब्जी तो अधिकतर गली और मोहल्लों में आसानी से पहुंच गया लेकिन किराना सामानों के ठेलों उनके घरों तक नहीं पहुंच पाई इसके कारण आम जनता को दैनिक उपयोग की वस्तुएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाई। वैसे भी ठेलों के माध्यम से किराना के सामान बेचा संभव दिखाई नहीं दे रहा क्योंकि जितना सामान दुकान में आता है इतना सामान ठेले में रखकर बेचना संभव नहीं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए किराना व अनाज की दुकानों को निर्धारित समय के लिए दुकान खोलने की अनुमति प्रदान की जाए ताकि आम जनता को दैनिक उपयोग की वस्तुएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही फल व सब्जी की दुकानों के साथ ही बैंकों को भी निर्धारित समय के लिए खोलने की अनुमति दिया जाए।
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राजधानी रायपुर साहित सम्पूर्ण राज्य में पत्रकारों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही कोरोना से मृत पत्रकारों के परिवार को आर्थिक सहायता उपलव्ध कराएं।
श्री आम्बेडारे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा कि कोरोना आपदा से जूझते कई पत्रकार साथियों का असमय निधन हो गया। इनके बेसहारा परिवार का सहारा आप ही हैं। अतः इनके परिवारों को विशेष संवेदनशीलता के साथ आर्थिक सहायता अपेक्षित है। राजधानी साहित सम्पूर्ण राज्य में बड़ी संख्या में पत्रकार साथी कोरोना आपदा काल में कर्तव्य निर्वहन करते हुए संक्रमित हो चुके हैं और लगातार संक्रमित हो रहे हैं। इनके त्वरित और समुचित उपचार भी अपेक्षित है। यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि पत्रकार अस्पताल में जगह न मिलने और रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। इस त्रासद स्थिति से बचाने स्पष्ट निर्देश देने का कष्ट करें। समूचे राज्य में सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों का प्राथमिकता के आधार पर बेहतर उपचार के लिए निर्देशित करने के साथ ही सभी साधन सम्पन्न निजी अस्पताल में पत्रकारों के लिए कम से कम 5 बेड एवम् समुचित उपचार शास्कीय व्यय पर कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
रायपुर। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप से अस्पतालोें में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। ऐसे कठिन समय में जिंदल स्टील एंड पाॅवर लिमिटेड ने एक बार फिर आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली है। चेयरमैन नवीन जिंदल ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में समूह के संयंत्रों से 50 से 100 टन मेडिकल ऑक्सीजन की रोजाना आपूर्ति करने की घोषणा की है। कंपनी महामारी की शुरूआत से ही अपने रायगढ़ संयंत्र से मेडिकल काॅलेज को ऑक्सीजन की नियमित आपूर्ति कर रही है। कोविड-19 महामारी के कहर के साथ ही देश में इसके मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इससे मेडिकल आक्सीजन की कमी हो गई है। संकट के इस समय में जेएसपीएल समूह ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ और ओडिशा में जरूरत पड़ने पर प्रतिदिन 50 से 100 टन मेडिकल आक्सीजन की आपूर्ति की घोषणा की हैै। शनिवार रात ही आपातकालीन स्थिति को देखते हुए रायगढ़ से 16-16 टन मेडिकल आक्सीजन की दो खेप रायपुर के लिए रवाना की गई। साथ ही जबलपुर के लिए भी 16-16 टन मेडिकल आक्सीजन के साथ दो वाहन रवाना किए गए। संयंत्र पहले से ही रायगढ़ मेडिकल काॅलेज को आक्सीजन की नियमित आपूर्ति कर रहा है। कोरोना वायरस की पहली लहर के समय से ही यहां लगातार आक्सीजन सिलेंडर भेजे जा रहे हैं। समूह के चेयरमैन नवीन जिंदल ने आक्सीजन की आपूर्ति की घोषणा करते हुए कहा कि संकट के समय समूह अपनी परंपरा के अनुसार देश के साथ खड़ा हुआ है। समूह की सोच हमेशा पीपल फर्स्ट की रही है और इस समय पहली प्राथमिकता आपातकालीन स्थिति में मरीजों तक आक्सीजन पहुंचाने की है। जेएसपीएल के सीओओ-छत्तीसगढ़ दिनेश कुमार सरावगी ने बताया कि महामारी को देखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए संयंत्र में कोरोना वायरस से बचाव के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। संयंत्र और काॅलोनी परिसर में कोविड प्रोटोकाॅल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।














