


रायपुर | छत्तीसगढ़ में कोरोना का भय मंत्रालयीन कर्मचारियों-अधिकारियों में भी बनाए हुआ है। संघ ने मंत्रालय (महानदी भवन) को 14 दिन तक कन्टेनमेंट जोन बनाकर बंद रखने की मांग की है। छत्तीसगढ़ मंत्रालय शीघ्रलेखक संघ के अध्यक्ष देवलाल भारती ने शासन को एक पत्र लिखा है।
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पत्र में कहा गया है कि महानदी भवन मंत्रालय में लगभग 1500 अधिकारी कर्मचारी कार्यरत हैं और कोरोना काल में अधिकारी एवं कर्मचारी लगाकर मंत्रालयीन कार्य कर रहे हैं। महानदी भवन मंत्रालय नवा रायपुर में शहर के विभिन्न हिस्सों से कर्मचारी, अधिकारी कार्यालय बसों में आते-जाते हैं।
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रायपुर शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है तथा आस-पास के रहवासी इलाकों में भी कोरोना मरीजों एवं मौतों की संख्या में लगातार बढ़ती जा रही है।

1 सितंबर से 6 सितंबर के बीच में विधि विभाग के दो कर्मचारी, गृह विभाग का एक निज सचिव, वित्त विभाग का एक भृत्य की अकाल मौत हो चुकी है। वैश्विक महामारी पर गम्भीरता पूर्वक विचार करते हुए महानदी भवन मंत्रालय के अधिकारी, कर्मचारी की कोरोना से सुरक्षा के लिए 14 दिनों तक बंद करने की मांग करते हैं।
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संघ अनुरोध करता है कि महानदी भवन में कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों की कोरोना से सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाया जाए। अन्यथा महानदी भवन मंत्रालय में जान का खतरा मंडरा रहा है, इसलिए सामुहित अवकाश पर जाने मजबूर होंगे।
रायपुर | राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है | राजधानी में भारी संख्या में कोरोना मरीज मिल रहे है | खबर मिली है कि कबीर नगर थाना में 4 जवान कोरोना संक्रमित पाए गए है | आपको बता दें कि 2 दिन पहले यहाँ के ASI की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई थी |
रायपुर | प्रदेश के राजनितिक गलियारों में कोरोना संक्रमण बढ़ते ही जा रहा है | इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही हैं | खबर है कि प्रदेश के एक और संसदीय सचिव कोरोना संक्रमित पाए गए है | जानकारी के अनुसार बेमेतरा जिले के नवागढ़ से विधायक व संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं |
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मिली जानकारी के अनुसार विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे के स्टाफ के 7 सदस्य भी पॉजिटिव पाए गए हैं | श्री बंजारे के परिवार के 11 सदस्यों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी हैं | बताया जा रहा है कि सारे संक्रमित लोग जिसमे श्री बंजारे के परिवार भी शामिल हैं वे सभी होम आइसोलेट हो गए हैं |
रायपुर। शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन जारी है। आज बूढ़ातालाब स्थित धरनास्थल में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर निर्णय लिया कि अपनी मांगों को लेकर पहले मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। इसके बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी।
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प्रदर्शन स्थल पर अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। यदि कोरोना काल में प्रशासन द्वारा किसी तरह रोक लगाई जाती है तो सभी अभ्यर्थी अपने घर के बाहर अपने क्षेत्र के तहसीलदार व एसडीएम को सूचित कर हड़ताल पर बैठेंगे।
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छत्तीसगढ़ डीएलएड संघ के प्रांतीय सचिव सुभाष धरई ने बताया जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, हम अनिश्चितकालीन हड़ताड़ पर बैठेंगे। यदि हमें पुलिस प्रशासन रोक लगता है तो हम हमारे साथियों के साथ अपने-अपने तहसीलदार व एसडीएम को सूचित करके अपने घर के बाहर बैठेंगे। हम सरकार के द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुरूप ही प्रदर्शन करेंगे।
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प्रदर्शन में शामिल तरुण ने कहा कि पिछली बार हमने 22 अगस्त को धरना दिया था और सरकार को 1 सितंबर तक अल्टीमेटम दिया था कि यदि वे हमारी मांगों को नहीं मानती है तो हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठना पड़ेगा और आज उसका पहला दिन है। पहले दिन में हम मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे और सरकार फिर भी नहीं मानती है तो हम अनिश्चितकाल तक हड़ताल में बैठेंगे।
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शेष नारायण ताम्रकार ने कहा कि हम यही चाहते थे कि हमारा समयावधि सितंबर तक समाप्त हो जाना चाहिए, लेकिन सरकार ने 1 साल तक बढ़ाकर हमें और दु:ख में डाल दिया। हम विवश हो गए हैं और हमें आज मुख्यमंत्री निवास का घेराव करना है।
रायपुर। देश को रिया नहीं बल्कि किसानों को यूरिया और युवाओ को नौकरिया की जरूरत है| जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने आज एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनके एक मित्र ने उन्हें एक नेक सुझाव भेजा है जिसे वे अन्य लोगों से साझा करना अपना फर्ज समझते है।
एक बुद्धिजीवी मित्र ने सुबह सुबह मुझे एक बेहद नेक सुझाव भेजा जिसे मैं आप के साथ साझा करना अपना फ़र्ज़ समझता हूँ: pic.twitter.com/XvlG77N2Sk
— Amit Ajit Jogi (@amitjogi) September 7, 2020
गरियाबंद, मामला विकासखंड फिंगेश्वर के ग्राम पंचायत सुरसा बांधा का है जहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरसा बांधा में पदस्थ एक कंपाउंडर ने कोविड-19 कोरोना वायरस के जांच के नाम पर गर्भवती महिला से दुष्कर्म किया ।राजीम पुलिस से जानकारी अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिला के परिवार में जांच के लिए पहुंचा था । जिस पर कंपाउंडर ने महिला को अलग से कमरे में जांच के लिए ले गया और गर्भवती महिला के साथ दुष्कर्म किया इस प्रकार इसने दो घटना को अंजाम दिया था। जिसकी जानकारी विभाग के अधिकारी तक पहुंची तो खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ हिरोंदिया के द्वारा राजिम थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई उसके बाद आरोपी शत्रुघ्न सेन को गिरफ्तार किया गया । राजीम पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार आरोपी शत्रुघ्न सेन द्वारा इस गांव के देवरानी और जेठानी दोनों महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया था इस प्रकार कोरोना वायरस के भय के बीच कैसे एक स्वास्थ्य कर्मी का नियत बिगड़ गया और महिला के साथ ही दुष्कर्म कर बैठे ।पहले तो 2 सितंबर और फिर 4 सितंबर को दो अलग-अलग समय में दोनों महिलाओं के घर में जाकर कोरोना टेस्ट के बहाने दरवाजा अंदर से बंद कर इस घटना को अंजाम दिया घटना पर राजीम पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 160/ 20 धारा 376 ,( ख)450 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन पर आरोपी शत्रुहन लाल सेन निवासी कोपरा को घेराबंदी कर गिरफ्तार करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया । इस कार्यवाही में थाना प्रभारी राजीम आरके साहू ,उ नि, रामेश्वरी बघेल , रामलाल ध्रुव ,सलीका, राकेश रोशन वर्मा राजेश ध्रुव पवन कुमार सेन मनोज निषाद आदि मौजूद रहे ।
जिला स्तर पर अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने तथा निजी अस्पतालों में इलाज के लिए दर निर्धारण के निर्देश
बिना लक्षण या कम लक्षण वाले कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन
कोरोना मरीजों के परिजनों को प्रॉफिलैक्टिक ड्रग किट का होगा वितरण
होम आइसोलेशन की शर्तं की गई शिथिल, अब 3 बीएचके अनिवार्य नहीं
राज्य में वर्तमान में कोरोना पीड़ितों के लिए 22 हजार 606 बेड रिक्त
कोरोना की रोकथाम के संबंध में जनजागरूकता के लिए करें व्यापक प्रचार-प्रसार
संक्रमण की स्थिति के अनुसार कंटेनमेंट जोन का निर्णय लेंगे कलेक्टर
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने मंत्रि-मंडलीय सहयोगियों के साथ ही जिला के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं चिकित्सा अधिकारियों से राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति और इसकी रोकथाम के उपायों के संबंध में विस्तार से चर्चा की और उनसे सुझाव प्राप्त किए।
मुख्यमंत्री ने मंत्रीगणों एवं अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जनसामान्य विशेषकर मरीजों के मन में भय का वातावरण बन गया है। इसको दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कोरोना के मरीजों के मनोबल को बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति की पड़ताल एवं मरीजों को सलाह देने के लिए नियमित रूप से वार्डों में चिकित्सकों का राउंड सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए टेलीमेडिसीन अथवा वीडियो/व्हाटसअप कॉलिंग के जरिए भी मरीजों को आवश्यक परामर्श दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना से पीड़ितों को मदद पहुंचाने एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी के सहयोग से उल्लेखनीय काम हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना की आधी लड़ाई हम सफलतापूर्वक जीत चुके हैं। अभी संक्रमण का पीक पीरियड है। ऐसी स्थिति में हमें बिना थके, बिना रूके इस लड़ाई को जीतना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य एवं सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त प्रयास से कोरोना संक्रमण पर विजय प्राप्त करने में हम जरूर सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को कोरोना के मरीजों के बेहतर उपचार के लिए जिला स्तर पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुरूप जिला स्तर पर स्थित निजी अस्पतालों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए दर का निर्धारण करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना लक्षण एवं कम लक्षण वाले मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में रखकर किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इसके लिए मरीजों को प्रेरित करने के साथ ही उन्हें आवश्यक सलाह देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे परिवार जहां एक-दो लोग यदि कोरोना पॉजीटिव पाए जाते हैं तो उस परिवार के सभी सदस्यों को यथासंभव उसके नजदीकी सम्पर्क में आने वाले लोगों को बिना कोरोना जांच के एहतियात के तौर पर प्रॉफिलैक्टिक ड्रग किट दी जाने चाहिए और इस किट में कोरोना के रोकथाम के लिए उपलब्ध दवाओं के सेवन के साथ ही एसओपी के पालन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना लक्षण एवं कम लक्षण वाले मरीजों का होम आइसोलेशन के जरिए इलाज सुनिश्चित किए जाने से अस्पतालों में दबाव कम होगा। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के मार्गदर्शन के लिए टेलीमेडिसीन व्हाटसअप कॉलिंग के जरिए चिकित्सक, उनकी स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए उन्हें दवाओं के बारे में आवश्यक परामर्श दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कोरोना से संक्रमित एवं गंभीर रोगों जैसे हार्ट, किडनी, लिवर, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर आदि से पीड़ित मरीजों को अनिवार्य रूप से चिकित्सालय में भर्ती कर उनके इलाज की बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना एवं गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था एवं उपाय सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरोना के संक्रमण से बचने के उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के साथ ही कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कंटेनमेंट जोन का निर्धारण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में जागरूकता लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पॉम्पलेट, हैंडबिल के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पॉम्पलेट एवं हैंडबिल में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि बिना लक्षण वाले एवं कम लक्षण वाले मरीजों को कौन-कौन सी दवाएं कब लेनी है और क्या एहतियात बरतना है। मुख्यमंत्री ने प्रॉफिलैक्टिक ड्रग किट में दी जाने वाली दवाओं के बारे में भी जन सामान्य को जानकारी देनी की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के इलाज को लेकर जिलों से बड़ी संख्या में मरीज रायपुर आ रहे हैं। यह स्थिति ठीक नही है। उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों को ही इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रिफर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबको यह प्रयास करना चाहिए कि मरीजों के मन का भय दूर हो और उन्हें यह विश्वास हो कि वह अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे हैं तो उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को कोरोना पीड़ित मरीजों के भोजन का बेहतर प्रबंध सुनिश्चित करने के साथ ही वार्डों एवं टॉयलेट आदि की नियमित रूप से साफ-सफाई की मॉनिटरिंग के लिए सभी सरकारी अस्पतालों के लिए एक-एक अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों के भोजन, पेयजल एवं अन्य प्रकार की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि राज्य में लाखों की संख्या में आए प्रवासी श्रमिकों के भोजन, इलाज एवं उनके क्वारेंटाइन किए जाने की बेहतर व्यवस्था आप सबने स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित की थी। वर्तमान में पूरे राज्य में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 20 हजार है। इनके लिए भोजन, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं का प्रबंध कोई मुश्किल काम नही है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के इलाज के लिए जिलों में पर्याप्त व्यवस्था एवं बेड उपलब्ध है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि लोगों के मन में यह विश्वास पैदा हो कि बीमार होने की स्थिति में उन्हें इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिला स्तर पर चिकित्सालयों में रिक्त बेडों की संख्या के बारे में प्रतिदिन जानकारी प्रसारित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों एव स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं एवं उपकरण की मेडिकल दुकानों में उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा इनकी कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले वनौषधियों से निर्मित काढ़ा चूर्ण का वितरण करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से संक्रमित ऐसे मरीज जिन्हें सांस लेने में तकलीफ हो, उसकी जांच -पड़ताल के लिए स्थानीय स्तर पर सीटी स्कैन की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि संक्रमण की स्थिति का पता लगाकर उसके अनुरूप इलाज किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे किसी मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो उसे इलाज के लिए हॉस्पीटल में भर्ती किए जाने की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना बुलेटिन जारी करते वक्त मृतकों की संख्या के साथ मृत्यु के कारण की जानकारी स्पष्ट रूप से उल्लेखित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हार्ट, किडनी, लिवर, हाईब्लड प्रेशर, शुगर के गंभीर रोगी यदि कोरोना पीड़ित होते हैं तो इनकी मृत्यु का कारण कोरोना की वजह से हुई अथवा पूर्व की बीमारी से, इसको स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि राज्य में लॉकडाउन खुलने के बाद से कोरोना संक्रमण की स्थिति बढ़ी है, जो स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आवागमन बढ़ने और शादी एवं अन्य आयोजनों में लोगों के शामिल होने से संक्रमण में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि अभी कंटेनमेंट जोन अथवा ऐसे स्थान जहां कोरोना के मरीज पाए गए हैं, वहां बड़े पैमाने पर कोरोना टेस्टिंग होने से संक्रमितों के आंकड़े में वृद्धि हुई है, जबकि स्थिति ऐसी नही है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि आने वाले समय में कोरोना संक्रमण की स्थिति थमेगी और उसके बाद उसमें कमी भी आएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही लोगों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने की सलाह दी।

कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के संबंध में कई उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि एसिमटोमेटिक एवं माइल्ड सिमटोमेटिक मरीजों का इलाज होम आइसोशन के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्राम सभा के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का भी सुझाव दिया। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने भी राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के संबंध में कई उपयोगी सुझाव दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी पिल्लै ने बताया कि राज्य में कोरोना से प्रभावित मरीजों की संख्या लगभग 41 हजार है, जिसमें से 20 हजार मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 20 हजार 968 एक्टिव मरीज हैं। उन्होंने बताया कि देश में कोरोना के मरीजों के मृत्यु का प्रतिशत 1.73 है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह मात्र 0.84 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में कोरोना पीड़ितों के लिए 22 हजार 606 बेड रिक्त हैं। लगभग 25 सौ लोग होम आइसोलेशन में हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू, स्वास्थ्य संचालक श्री नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर, छत्तीसगढ़ पैरेट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दिया है कि मा. उच्च न्यायालय बिलासपुर ने केस क्रमांक डब्ल्युपीसी/1040/2020, 9 जुलाई 2020 में यह स्पष्ट निर्णय दिया है कि इस वर्ष 2020-21 और बीते वर्ष 2019-20 का सिर्फ ट्युशन फीस की लिया जाए और ट्यूशन फीस के अलावा औैर कोई फीस नहीं लिया जाए और जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाता तब तक फीस में वृद्धि नहीं किया जाए, जो पालक फीस देने की स्थिति में नहीं है वे स्कूल में आवेदन दे और स्कूल इस पर विचार करे। मा. उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णय 1040/2020 दिनांक 9 जुलाई 2020 में यह उल्लेख नहीं है कि यदि पालक ट्यूशन फीस जमा नहीं करता है तो उसके बच्चे को ऑनलाईन क्लासेस से वंचित कर दिया जाएगा।
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श्री पॉल का कहना है कि छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशनए रायपुर के द्वारा मा. उच्च न्यायालय के 1040/2020 दिनांक 9 जुलाई 2020 का गलतढंग से परिभाषित कर तिथि निर्धारित कर बच्चों को ऑनलाईन क्लासेस से वंचित कर देने की धमकी देकर दबावपूर्वक फीस वसूलने का प्रयास किया जा रहा है। कई बड़े दैनिक अखबारों में दिनांक 6 सिंतबर 2020 को विज्ञप्ति जारी कर 9 सिंतबर तक फीस जमा कर देने और फीस नहीं जमा करने की स्थिति में ऑनलाईन क्लासेस से वंचित करने की बात प्रकाशित किया गया है, जो मा. उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णय दिनांक 9 जुलाई 2020 और निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 16 का स्पष्ट उल्लघंन है।
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श्री पॉल का कहना है कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है, कोई भी प्रायवेट स्कूल किसी भी प्रवेशित बच्चे को किसी भी परिस्थिति में शिक्षा से वंचित नहीं कर सकता है। यदि कोई भी प्रायवेट स्कूल बच्चों को किसी भी प्रकार से जान-बुझकर प्रताड़ित करता है, जान-बुझकर अनावश्यक मानसिक कष्ट देता है, किसी प्रकार से जान-बुझकर उसकी उपेक्षा करता है तो यह किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 (अधिनियम क्रमांक 2 सन् 2016) की धारा 75 और 86 के अंतर्गत गंभीर प्रवृति का अपराध है।
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श्री पॉल का यह भी कहना है कि छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशन, रायपुर के इस प्रकार की धमकी-चमकी से प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, जिसको लेकर सीटी कोतवाली रायपुर में छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशनए रायपुर के अध्यक्ष मुकेश शाह और सचिव राजीव गुप्ता पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग किया गया है।
धमतरी/भखारा। प्रदेश में अनलॉक होते ही सड़क हादसों में इजाफा होता नजर आ रहा है।आय दिन सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। इसी कड़ी में नगरपंचायत भखारा से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर है कि सिलघट कौही मार्ग में आज आमने-सामने दो बाइक में जबरदस्त भिड़ंत हो गई, जिसमे एक युवक की मौत हो गई है।

पढ़िए पूरी खबर-
मिली जानकारी के अनुसार एक बाइक सवार अपने गांव पाटन से रोशन धीवर (35) वर्ष अपने पत्नी सुनीता धीवर के साथ नहावन कार्यक्रम में दोनर गांव जा रहे थे। वहीं एक बाइक सवार किर्तन साहू कौही के तरफ जा रहा था। इस दौरान सिलघट कौही मार्ग में दोनों बाइक की टक्कर हो गई। घटना इतनी जबरदस्त थी कि एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को धमतरी ले जाया गया, जहां भखारा निवासी किर्तन साहू की मौत हो गई है।
जांजगीर | छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के बलौदा क्षेत्र के जावलपुर गांव में पुरानी रंजिश पर घर में सो रहे पति, पत्नी और उसके बेटे पर धारदार हथियार से हमला किया गया। देर रात 1 बजे हुए हमले से तीनों की हालत गम्भीर है और बलौदा अस्पताल से बिलासपुर रेफर किया गया है. घटना के बाद आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है ।
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बलौदा थाने के टीआई विनोद मंडावी ने बताया कि जावलपुर गांव के रामचरण पाटले, उसकी पत्नी रमा बाई और 16 साल का बेटा संजय पाटले घर में सोए थे, तभी देर रात गांव का साहेब लाल सूर्यवंशी पहुंचा और धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले से तीनों लहूलुहान हो गए. इस बीच डायल 112 को सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बलौदा अस्पताल लेकर आई. यहां तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया गया. मामले में आरोपी साहेब लाल सूर्यवंशी के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है. आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है. पुरानी रंजिश में हमले करने की बात सामने आई है।
रायपुर | राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ते जा रहा है | कल भी राजधानी रायपुर में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिले है | रायपुर सहित आसपास की बस्तियों-कॉलोनियों से बीती रात तक में 609 पॉजिटिव मिले। इसमें तेलीबांधा से 19, देवेंद्र नगर से 13, बीएसएफ के 7, एम्स व समता कॉलोनी, ऑफिसर्स कॉलोनी से 4-4 मरीज शामिल है।
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जिन जगहों से कोरोना मरीज मिले हैं, उसकी सूची निम्नानुसार है-पीजी ब्यॉज हॉस्टल, शास्त्री चौक, आरडीए कॉलोनी, रावतपुरा कॉलोनी, महावीर नगर (5 लोग), न्यू राजेंद्र नगर, नया तालाब-गुढिय़ारी, पंचशील नगर, तेलीबांधा (19 लोग), संजय नगर, राजीव लोचन आवास-कचना, त्रिवेणी विहार, न्यू रायपुर, गांधी चौक-देवपुरी, देवेंद्र नगर (13 लोग), चौरसिया कॉलोनी-देवेंद्र नगर, बिरगांव, शीतला चौक-मठपारा, बीएसयूपी कॉलोनी, गीतांजली नगर, डीडी नगर (4 लोग), आमापारा, फॉरेस्टा कॉलोनी-माना, शुकवारी बाजार-गुढिय़ारी, संतोषी नगर, बोरिया-गोदावरी नगर |
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जय श्री मारूति सोसायटी, एचएम हाउस-सिविल लाइन, गोपाल नगर, अर्जुन चौक-राजातालाब, आजाद चौक, गुढिय़ारी (6 लोग), अमर चौक-राजातालाब, सेजबहार, कबीर नगर, टाटीबंध, गंजपारा, नगर निगम कॉलोनी, सुभाष नगर, हीरापुर, बीएसयूपी-सोनडोंगरी, राजेंद्र नगर, अनंत सांई हॉस्पिटल, श्री नगर, बिरगांव, एम्स (4 लोग), कोटा कॉलोनी-भवानी नगर, अश्विनी नगर, वीर सावरकर नगर, शांति नगर, भनपुरी, चंगोराभाठा, आदर्श नगर, विकास नगर-गुढिय़ारी, दलदल सिवनी-मोवा, पचपेड़ी नाका, प्रोफेसर कॉलोनी (6 लोग), पेंशन बाड़ा, अवधपुरी-भाठागांव, बैरनबाजार, लोहार चौक, चौरसिया कॉलोनी के पास-अलफा पब्लिक स्कूल |
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चौबे कॉलोनी (4 लोग), आरडीए कॉलोनी-टिकरापारा (4 लोग), संजय नगर, सुंदरी पारा-मोवा, लालपुर (6 लोग), पुरानी बस्ती, चंगोराभाठा, दलदल सिवनी, कचना, रावतपुरा कॉलोनी, पुरैना इंदिरा नगर-तेलीबांधा, सिविल लाइन (6 लोग), सिग्नेचर होम (11 लोग), स्टेशन रोड, मोमिनपारा, धरसींवा, ऑफिसर्स कॉलोनी-देवेंद्र नगर (4 लोग), हनुमान नगर-लाखे नगर (12 लोग), टिकरापारा, सोनकर पारा-पुरानी बस्ती, एकता चौक-सड्डू 2, रमन मंदिर-फाफाडीह, स्वर्णभूमि, कुंदरा पारा-एकता हॉस्पिटल, शांति नगर, फूल चौक-देवरी, अशोक नगर-पुरानी बस्ती, गोवर्धन नगर-तिल्दा, धनेली-धरसींवा, बीएसएफ-पालौद आरंग (7 लोग), चरोदा, वृंदावन गार्डन-टैगोर चौक |
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अनुपम नगर, मौदहापारा-सुभाष नगर, शंकर नगर (13 लोग), जय जवान चौक-तेलीबांधा, एनएचएमएमआई, शिवानंद नगर, खम्हारडीह, डीडीयू नगर, बैरन बाजार, नर्सिंगपुर-पिथौरा, महेश कॉलोनी, सुंदर नगर, गोकुल नगर, कृष्णा नगर, चिल्फी आपर्टमेंट, भाठागांव, नूरानी चौक, अशोक टॉवर-लोधीपारा, सिविल लाइन-शंकर नगर, संत कृपा भवन टिंबर मार्केट-भनपुरी, महात्मा गांधी वार्ड-पंडरी, कबीर नगर, श्रीनगर-गुढिय़ारी, सूर्या नगर, विधानसभा रोड-सड्डू, सीएम हाउस प्रोजेक्ट-नया रायपुर, प्रगति कॉलेज, कलपतरू कॉलोनी, शैलेंद्र नगर (7 लोग), सुंदर नगर (10 लोग), रामसागरपारा, मोती नगर, श्याम नगर |
लक्ष्मी नगर, शिवानंद नगर-खमतराई, सक्ति रानी सागरपारा-जांजगीर चांपा, विवेकानंद नगर, फरिश्ता नर्सिंग होम-कटोरा तालाब, प्रियर्दशनी नगर, बलौदाबाजार, कुम्हारपारा, गांधी नगर, पारस नगर, फाफाडीह, नहरपारा, जनता कॉलोनी-तिलक नगर, गोकुल नगर-शिव मंदिर, पुलिस कैंप-राजभवन, श्याम नगर, सिटी ऑफ ड्रीम्स-कचना, अंबेडकर नगर-गुढिय़ारी, बजरंग चौक-उपरवारा, श्रीराम नगर, बनियापारा-पुरानीबस्ती, न्यू शांति नगर-विहार कॉलोनी, अविनाश, रामसागरपारा, ब्रम्हपुरी, अनुप मेडिकल शॉप-सदर बाजार, श्याम नगर, उरला-अछोली, विंधवासिनी कुटीर, बढ़ईपारा, नगर निगम कॉलोनी-अग्रसेन चौक , नेहरू नगर |
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वैभव निवास-कर्मचारी कॉलोनी-कुशालपुर, हाउसिंग बोर्ड-पुलिस लाइन, अवंति विहार, माना कैंप, यश विहार कॉलोनी, अशोका रतन, न्यू सुभाष नगर, वंदना राज भवन सर्कल, काशीराम नगर (4 लोग), पंडरी, कचना, जेल विहार कॉलोनी, कटोरा तालाब, स्टेशन चौक, महावीर नगर, सिरगिट्टी-बिलासपुर, एकता कॉलोनी, मेडिकल कॉलेज हॉस्टल-धरसींवा, आरोग्य सोसायटी, टैगोर नगर, सिंधी कैंप-तिल्दा 3, नेवरा-तिल्दा, गांधी मिल-तिल्दा, मांढर, न्यू राजेंद्र नगर, वीआईपी रोड, सतनाम चौक, गोगांव-सीता नगर, उरकुरा-बजरंग नगर, दोंदेखुर्द, उरला, अशोक नगर-भनपुरी, चंदखुरी-आरंग, बजरंग नगर, विधानसभा रोड |
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रामेश्वर नगर-भनपुरी, शिवानंद नगर,आरंग (11 लोग), गणेश टिंबर-स्टेट बैंक बिलासपुर रोड, न्यू बस्ती-राजातालाब, रेलवे कॉलोनी, बाजारपारा-तिल्दा, देवपुरी, भिलाई नगर-दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, टिल्लू चौक-लाखे नगर, शाही भवन अंबेडकर नगर-गुढिय़ारी, आरोग्य सोसायटी, समता कॉलोनी (4 लोग), एनक्लेव-डंगनिया, आनंद नगर-आनंद विहार, वॉलफोर्ड सिटी, गांधी नगर-बिरगांव (14 लोग), सरोरा, नागेश्वर नगर-बिरगांव, शांति विहार कॉलोनी-डंगनिया, इश्वरी चौक-पुरानी बस्ती, सांई विला कॉलोनी-भाठागांव, अमलेश्वर, महादेवघाट |
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चंगोराभाठा, न्यू शांति नगर, बस स्टैंड-आरंग, महात्मा गांधी नगर-अमलीडीह, बोरियाखुर्द, प्रेम नगर, भनपुरी, लाभांडी, देवपुरी, मठपुरैना, नवा रायपुर, डुंडा, विजेता कॉम्पलेक्स-न्यू राजेंद्र नगर, हर्ष विहार कॉलोनी, नया पारा, मोहबाबाजार, चांदनी चौक-नेहरूनगर, मौदहापारा, कैलाशपुरी, सिमरन सिटी, कालीबांड़ी, साइंस कॉलेज कैंपस, डंगनिया, ब्रम्हपुरी, प्रगति विहार कॉलोनी, पुलिस ग्राउंड, सीआरपीएफ-अवंति विहार, राठौर चौक, कल विहार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, आरंग-खरोरा रोड, मठपुरैना (6 लोग), डुंडा, शास्त्री बाजार, सत्य सांई हॉस्पिटल-नया रायपुर।
रायपुर | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की समीक्षा कर रहे है। मुख्यमंत्री निवास में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चल रही समीक्षा बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी,जिला पंचायतों के सीईओ, नगर निगम के आयुक्तों और मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों से बैठक में जिलेवार अस्पतालों, कोविड सेंटर और आइसोलेशन केंद्रों में उपलब्ध और ओक्यूपाइड बिस्तरों की संख्या, सिंप्टोमेटिक और एसिंप्टोमेटिक मरीजों की संख्या, जिलेवार प्रतिदिन औसत टेस्ट क्षमता, जांच रिपोर्ट में लगने वाले समय, रैपिड टेस्ट और आर टी पी सी आर टेस्ट की संख्या, पिछले 7 दिनों का दैनिक विवरण, दोनों प्रकार के टेस्टों के परिणामों, ऑक्सीमीटर की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, आईसीयू और वेंटिलेटर की उपलब्धता, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की जानकारी ले रहे है।
मुख्यमंत्री निवास से मुख्य सचिव आर पी मंडल , मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्लई, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सुश्री सौम्य चौरसिया शामिल हुई।
रायपुर | राजधानी रायपुर सहित राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बाद एक बार फिर से जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोरोना जांच में किसी भी तरह से लापरवाही न बरती जाए। वहीं उन्होंने आमजनों से भी अपील की है कि वे स्वस्र्फूत होकर अपनी कोरोना जांच कराएं।
कोरबा | जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने 9 सितंबर तक अपने पुत्र के साथ बंधक बनाकर मारपीट करने वाले देवेंद्र पांडे और शुभम पांडे को गिरफ्तार नहीं करने पर 10 सितंबर से रायपुर में सीएम हाउस के सामने बे मुद्दत भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना रायपुर और कोरबा जिला प्रशासन को दी है।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में सबसे वरिष्ठ विधायक और प्रदेश के कद्दावर आदिवासी नेता ननकीराम कंवर ने अपने सूचना पत्र में लिखा है कि गत 26 अगस्त को उनका पुत्र और जिला पंचायत सदस्य संदीप कंवर सृष्टि मेडिकल इंस्टिट्यूट में सदस्यता के लिए दिए गए 20 लाख रुपयों को सदस्यता नहीं मिलने पर वापस मांगने के लिए देवेंद्र पांडे के घर गए हुए थे। संदीप कवर के साथ विश्वनाथ यादव भी था। देवेंद्र पांडे और उनके पुत्र शुभम पांडे ने विश्वनाथ यादव को मुख्य द्वार के बाहर ही रोक दिया और संदीप कवर को खींच कर घर के भीतर ले गए। जहां उसे बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई। घटना की जानकारी विश्वनाथ यादव ने मोबाइल पर श्री ननकीराम कंवर को दी। तब उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को फोन पर इसकी जानकारी दी।
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रायगढ़ | छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है, प्रदेश में रोजाना हजारों की सख्या में नए संक्रमितों की पुष्टि हो रही है। इसी बीच रायगढ़ एसपी संतोष सिंह कोरोना पॉजिटिव पाए गए है।
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उन्होंने ट्वीट कर कहा- आज मेरा कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आया हैं। मैं ठीक हूं और कोई लक्षण नही हैं। पिछले दिनों संपर्क में आए व्यक्तियों से अनुरोध आवश्यकतानुसार कोरोना टेस्ट करवा लें । सभी अपना ध्यान रखें।
Tested Covid positive today. I am fine and asymptomatic. Home isolating. Request all to be vigilant who were in my recent contacts.
— Santosh K Singh (@SantoshSinghIPS) September 5, 2020
मेरा कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। पिछले दिनों मेरे संपर्क में आए व्यक्तियों से अनुरोध हैं कि आवश्यकतानुसार सावधानी अपनाएं व अपना ध्यान रखें।
बिलासपुर | बीती शाम एक महिला और उसके 11 साल के बेटे की हत्या कर दी गई। घटना सकरी स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है। यहां एक मकान से मां-बेटे की लाश बरामद की गई। किसी ने धारदार हथियार से दोनों को मार डाला। महिला का पति जब घर पहुंचा तो उसने लाशें देखी और पुलिस को फोन पर हत्या की जानकारी दी। कोठाकोनी देवरीखुर्द निवासी 35 साल के रामेश्वर कौशिक यहां किराए से मकान लिया हुआ है।
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घटना में उनकी पत्नी सरिता कौशिक और बेटे अरमान को मारा गया है। रामेश्वर नगर निगम जोन क्रमांक एक में बिजली से जुड़ा काम करते हैं। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मकान के भीतर महिला का शव बेड और उसके बेटे की लाश जमीन पर पड़ी थी। आस-पास बिखरे खून के छींटे वारदात के भयावह होने की कहानी कह रहे थे। पुलिस ने बताया कि महिला का मोबाइल घर पर नहीं मिला है। कॉल करने पर उसमें रिंग बज रही है। पुलिस को अंदेशा है कि हत्या करने के बाद कोई फोन अपने साथ ले गया या फोन को फेंक दिया गया है। हत्या किसने और क्यों कि इसका जवाब महिला के पति ने भी नहीं दिया, फि लहाल इस मामले की जांच जारी है।