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BIG BREAKING : राजधानी रायपुर में डोर-टू-डोर फल-सब्जी बेचने वालों को मिली अनुमति, राज्य सरकार ने कलेक्टर को दिए निर्देश

BIG BREAKING : राजधानी रायपुर में डोर-टू-डोर फल-सब्जी बेचने वालों को मिली अनुमति, राज्य सरकार ने कलेक्टर को दिए निर्देश

रायपुर | राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है | प्रदेश सरकार ने राजधानी रायपुर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। खबर मिली है कि राज्य सरकार ने राजधानी रायपुर में लॉकडाउन में सब्जी और फल विक्रेताओं को छूट दे दी है। सरकार का यह फैसला राजधानीवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब स्ट्रीट वेंडर्स कालोनी- मोहल्लों में जाकर फल और सब्जी बेच सकेंगे। बताया जा रहा है कि सीएम भूपेश बघेल ने जिला कलेक्टर एस भारतीदासन को निर्देश दिया है। इससे पहले सरकार ने राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में शासकी उचित मूल्य की दुकानों को खोलने की छूट दे दी है। इस संबंध में खाद्य विभाग ने निर्देश जारी कर दिया है।

 

 

लॉकडाउन रायपुर : इस तारीख तक बढ़ सकता है रायपुर में लॉकडाउन, पढ़ें पूरी खबर

लॉकडाउन रायपुर : इस तारीख तक बढ़ सकता है रायपुर में लॉकडाउन, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण फिर से अपने चरम स्तर पर पहुँच गया है | रोजाना प्रदेश में 15 हजार से अधिक मरीजों की पहचान हो रही है | राजधानी रायपुर में भी कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है | इसी बीच राजधानी रायपुर से लॉकडाउन बढ़ाने को ले कर संकेत मिल रहे है | सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी में लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है | 
26 अप्रैल तक बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन
जिला प्रशासन के सूत्र बताते हैं कि राजधानी में बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जा सकता है | रायपुर में लॉकडाउन एक सप्ताह बढ़ सकता है | यानी 26 अप्रैल तक राजधानी लॉक हो सकता है | 

बैंक खोलने की मिल सकती है अनुमति
सूत्र ये भी बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान थोड़ी रियायत दी जा सकती है | इस दौरान बैंक को खोलने की अनुमति मिल सकती है | हालांकि ये आम नागरिकों के लिए नहीं होगा, केवल 10 से 15 प्रतिशत बैंकिंग स्टाफ को ही जाने की अनुमति दी जा सकती है |

ठेलों में बिक सकती है सब्जियां-फल
वहीं अभी सब्जी-फल की दुकानों को खोलने की मंशा नहीं है | लेकिन आम जनता की परेशानियों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठेले के जरिए कॉलोनियों में जाकर सब्जी-फल बेचने की अनुमति दी जा सकती है |

जिले के इन चिन्हित क्षेत्रों को किया गया कन्टेनमेंट जोन घोषित, कहीं आप भी तो नहीं इस कन्टेनमेंट जोन में

जिले के इन चिन्हित क्षेत्रों को किया गया कन्टेनमेंट जोन घोषित, कहीं आप भी तो नहीं इस कन्टेनमेंट जोन में

कोरबा | कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अधिक संख्या में कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए जाने वाले क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन बनाकर वायरस के संक्रमण को संक्रमित क्षेत्र से असंक्रमित क्षेत्र तक फैलने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में तहसील दर्री के तीन गांवो के कुछ संक्रमित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कटघोरा के एसडीएम अभिषेक शर्मा ने इस संबंध मे जरूरी आदेश भी जारी कर दिए हैं। तहसील दर्री अंतर्गत ग्राम नगोईखार सिंचाई विभाग काॅलोनी क्षेत्र में कुल 11 कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के कारण काॅलोनी क्षेत्र में दो कंटेनमेंट जोन बनाया गया हैं। तहसील दर्री के ही ग्राम लाटा बलगी रोड में 11 कोरोना संक्रमित एवं ग्राम मड़वामौहा उपरपारा बस्ती में सात कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर उपरोक्त क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।


माइक्रो कंटेनमेंट जोन की सीमा ग्राम नगोईखार ऐरिगेशन काॅलोनी क्षेत्र में उत्तर में सिंचाई विभाग ए टाइप के अन्य क्वाटर, दक्षिण में सिंचाई विभाग एच टाइप के अन्य क्वाटर, पूर्व में कूलिंग टावर एवं पश्चिम में दर्री पुलिस स्टेशन तक निर्धारित की गई है। नगोईखार में ही एक और कंटेनमेंट जोन बनाया गया है जिसकी सीमा उत्तर में सिंचाई विभाग ए टाइप के क्वाटर, दक्षिण में खेल मैदान, पूर्व में खाली मैदान एवं पश्चिम में अन्य मकान तक निर्धारित की गई है। ग्राम लाटा बलगी रोड में उत्तर में खाली प्लाॅट, दक्षिण में पुष्प पल्लव काॅलोनी, पूर्व में खाली प्लाॅट एवं पश्चिम में खाली प्लाॅट को शामिल करते हुए चारों दिशाओं में लगभग 20-20 मीटर परिधि कोे कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इसी प्रकार ग्राम मड़वामौहा में उत्तर में खाली स्थान, दक्षिण में खाली स्थान, पूर्व में केंवट पारा नीचे पारा एवं पश्चिम में खाली स्थान तक के क्षेत्र को शामिल करते हुए क्षेत्र के 20-20 मीटर की परिधि को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।


कोरोना संक्रामक महामारी की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती किरण कौशल द्वारा अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपनेे अधिकार क्षेत्र में परिस्थितियों के अनुसार कन्टेनमेंट जोन घोषित करने अधिकृत किया गया है। घोषित माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश, निकास के लिए केवल एक द्वार होगा जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिंग करते हुए मेडिकल इमरजेंसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज करेंगे। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, आफिस एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगे। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तु की आपूर्ति उचित दरों पर की जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंद रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी छोड़कर अन्य किसी कारण से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी उत्तरदायी होंगे। खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच आदि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कंटेनमेंट जोन में घरों के एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई किट इत्यादि उपलब्ध कराने तथा बायो मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के बीएमओ को दी गई है।

बड़ी खबर : एंटीजन के नतीजे बता रहे जिले में एक हफ्ते में 16 प्रतिशत घटा संक्रमण, लॉकडाउन हुआ कारगर, पढ़ें पूरी खबर

बड़ी खबर : एंटीजन के नतीजे बता रहे जिले में एक हफ्ते में 16 प्रतिशत घटा संक्रमण, लॉकडाउन हुआ कारगर, पढ़ें पूरी खबर

दुर्ग | राज्य सरकार की पहल से दुर्ग जिले में बीते एक हफ्ते में कोरोना संक्रमण 16 फीसदी घट गया है इसकी जानकारी मिली है एंटीजन टेस्ट के आँकड़ों के विश्लेषण से। 10 अप्रैल को लगभग 2596 लोगों के एंटीजन टेस्ट किये गए, इनमें 1259 पाजिटिव आये। यह कुल आँकड़ों का 48 प्रतिशत थे। 15 अप्रैल यानी गुरुवार को 2723 लोगों की टेस्टिंग एंटीजन के माध्यम से हुई। इनमें 879 पाजिटिव आये। यह कुल आँकड़ों का 32 प्रतिशत है। बीते चार दिनों के आँकड़े देखें तो संक्रमण का दर क्रमशः 36, 33, 30 एवं 32 प्रतिशत रहा है। इस तरह एंटीजन टेस्ट में हुई क्रमशः गिरावट यह साबित करती है कि लाकडाउन जिले में प्रभावी हुआ है और कोरोना संक्रमण पर इससे रोकथाम लगी है। चूँकि एंटीजन टेस्ट के रिजल्ट मौके पर ही मिल जाते हैं इसलिए इनके नतीजे हर दिन के संक्रमण की स्थिति स्पष्ट रूप से बयान करती है। 

    एंटीजन टेस्ट के नतीजों की समीक्षा से स्पष्ट है कि लॉकडाउन का सकारात्मक परिणाम आया। दुर्ग जिले में 6 अप्रैल को लॉकडाउन लगाया गया। इस दिन 2659 टेस्ट हुए और 529 पाजिटिव हुए थे। यह कुल मरीजों का 20 प्रतिशत था। अगले दिन यह आँकड़ा 34 प्रतिशत रहा, फिर इसके बाद दो दिनों तक 40 और 41 प्रतिशत रहा फिर अगले दो दिन 48 प्रतिशत तक रहा। इससे यह पता चलता है कि संक्रमण किस तेजी से बढ़ रहा था। लाकडाउन ने इसकी गति पर रोक लगाई। यदि लाकडाउन नहीं लगाया जाता तो यह प्रतिशत कई गुना बढ़ जाता। यह प्रश्न मन में उभर सकता है कि लाकडाउन के दो-तीन दिनों में ही बेहतर नतीजे एंटीजन टेस्ट में क्यों नहीं दिखे। इसका कारण यह है कि कोरोना वायरस संक्रामक बीमारी है और इसके लक्षण दो-तीन दिनों तक उभरते हैं अतएव एकदम से लाकडाउन के बाद संक्रमण नहीं रूकता, इसमें थोड़ा समय लगता है। इसके साथ ही कारण यह भी है कि इस वेव में पूरे परिवार पर संक्रमण का असर देखा गया है। परिवार के एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर थोड़ा भी ध्यान नहीं रखने पर पूरे परिवार के संक्रमण की आशंका बनती है। अधिकतर मामलों में यही हुआ। इन आँकड़ों से साफ जाहिर है कि लाकडाउन की टाइमिंग बिल्कुल सही थी और इसके नतीजे प्रभावी रहे हैं।

रायपुर : रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर घबराहट न फैलाएं- कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार ही करें उपयोग : डाॅ सुंदरानी

रायपुर : रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर घबराहट न फैलाएं- कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार ही करें उपयोग : डाॅ सुंदरानी

रायपुर | डाॅ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के क्रिटिकल केयर विषेषज्ञ डाॅ ओ पी सुंदरानी ने कहा कि हर कोविड पॉज़िटिव मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन की आवश्यकता नही होती है । इस से  केवल मॉडरेटली सीवियर और सीवीयर कोविड मरीजों को लाभ हो  सकता है-पर यह भी दावे से नही कह सकते कि  रेमडेसिविर लगाने से मरीज ठीक ही हो जाएगा या नही लगेगा तो ठीक नही होगा । ऐसा किसी रिसर्च में प्रमाणित नही हुआ है। बिना रेमडेसिविर के भी बहुत मरीज़ ठीक होते हैं और रेमडेसिविर लगा कर भी कई मरीज ठीक नही हो पाते हैं। इसलिए इस इंजेक्शन को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नही है। इस दवाई से कुछ मरीजों में रिकवरी तेज हो जाती है यह पता चला है- पर ऐसा कुछ ही मरीज़ों में हुआ है। उन्होने कहा कि मरीज़ अपनी मर्जी से यह इंजेक्शन न लगाएं,यह चिकित्सक के ऊपर छोड़ दें, जो उन्हे बेहतर इलाज लगेगा वे करेंगे।
     डॉ प्रणीत फटाले -सब रिजनल टीम लीडर विश्व स्वास्थ्य संगठन -एन पी एस पी का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन का उपयोग कोविड 19 के मरीजों पर कितना प्रभावी होता है और किन मरीजों पर इसका असर सकारात्मक होता है , इसका कोई प्रमाण नही मिला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कराए गए परीक्षण में यह पाया गया कि इस इंजेक्शन के उपयोग से मरीजों की मृत्यु दर,मेकेनिकल वेंटीलेशन ,क्लिनिकल सुधार ,अस्पताल में रूकने की अवधि आदि पर भी कोई महत्वपूर्ण परिणाम नही दिखा है। उपलब्ध डाटा के आधार पर यह नही कहा जा सकता कि यह मरीज की संपूर्ण स्थिति में सुधार लाता है।ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी एक स्टडी अनुसार कोविड-19 के उपचारों के सम्बंध में किए गए सबसे बड़े ट्रायल में भी रेमडेसिविर से बीमारी के दौरान या मृत्यु पर कोई परिमेय प्रभाव देखने को नहीं मिला है
    केन्द्र शासन ने भी हाल ही में इस दवाई के अंधाधुध उपयोग पर चिंता जताई और कहा कि डॉक्टरों को इसका उपयोग नैशनल कोविड प्रोटोकाल के अनुसार एवं केवल आक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों पर सोच-समझ कर करना चाहिए। यह एक इंवेस्टिगेशनल दवाई है।

स्वास्थ्य सचिव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र, जाने क्या है मांग

स्वास्थ्य सचिव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र, जाने क्या है मांग

रायपुर । राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मद्देनजर केन्द्र सरकार से 285 वेन्टिलेटर जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।राज्य की अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने 12 अप्रैल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय केन्द्र सरकार के सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ को भारत सरकार से पिछले वर्ष 230 वेन्टिलेटर प्राप्त हुए थे। राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों में ऑक्सीजनयुक्त बेड और आईसीयू की सुविधावृद्धि के लिए समुचित उपाय कर रहा है।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने पत्र में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कोविड-19 के अपेक्षित मामलों की अनुमानित संख्या को देखते हुए अप्रैल के अंत में प्रत्येक कोविड अस्पताल में वेन्टिलेटर की आवश्यकता का आकलन किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान में राज्य में 285 वेन्टिलेटर की अतिरिक्त आवश्यकता है। इसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
 

LOCKDOWN BREAKING : छत्तीसगढ़ के एक और जिले में लगा 10 दिन का लॉकडाउन, देखें विस्तृत आदेश

LOCKDOWN BREAKING : छत्तीसगढ़ के एक और जिले में लगा 10 दिन का लॉकडाउन, देखें विस्तृत आदेश

दंतेवाड़ा | प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते प्रदेश में लॉकडाउन का सिलसिला चालू है। एक के बाद एक जिलों में संक्रमण की चेन तोड़ने लॉक डाउन लगाया जा रहा है। लगभग आधा छत्तीसगढ़ लॉक हो चुका है, और कई जिलों में लॉक डाउन की प्रक्रिया चालू है। इसी बीच दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में भी कलेक्टर ने पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया है। केवल मेडिकल दुकानों को निर्धारित समय में खोलने की अनुमति मिली है।

दंतेवाड़ा जिले में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए 18 से 27 अप्रैल तक लॉकडाउन लगा दिया गया है। 18 अप्रैल की सुबह 6 बजे से 27 अप्रैल रात 12 बजे तक जिला लॉक रहेगा। जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी ने आदेश जारी किया है।

 

 

निर्धारित माप से कम पेट्रोल देने सहित कई अनियमितताओं के आरोप में अग्रवाल पेट्रोल पम्प सील, पढ़ें पूरी खबर

निर्धारित माप से कम पेट्रोल देने सहित कई अनियमितताओं के आरोप में अग्रवाल पेट्रोल पम्प सील, पढ़ें पूरी खबर

बलौदाबाजार । जिला मुख्यालय में स्थित मेसर्स अग्रवाल फ्यूल को पूरा दाम लेने के बाद भी निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल देने सहित कई अनियमितताओं के आरोप में सील कर दिया गया है। कलेक्टर सुनील जैन के निर्देश पर खाद्य विभाग के अफसरों ने आज यह कार्रवाई की है। मेसर्स अग्रवाल फ्यूल संस्था के मालिक के विरुद्ध छात्तीसगढ़ एम.एस.एच. एस डी (अनुज्ञापन एवं नियंत्रण ) आदेश 1980 की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का मामला बनाया गया है। पेट्रोल पंप एचपीसीएल कंपनी द्वारा संचालित है।
अपर कलेक्टर व एडीएम राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि मेसर्स एचपीसीएल कंपनी की ओर से संचालित अग्रवाल फ्यूल के विरुद्ध पिछले कुछ दिनों से कई शिकायतें मिल रही थी। शिकायत के आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने छापामार शैली में पेट्रोल पम्प पर दबिश दी और विस्तृत रूप से जांच की। कार्रवाई फ़ूड अफसर चित्रकान्त ध्रुव के नेतृत्व में की गई। खाद्य विभाग की ओर से जिला कलेक्टर को प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार पंप मालिक द्वारा बिक्री पंजी संधारित नहीं की गई है। डीजल और पेट्रोल के भूमिगत टैंकों के स्टॉक एवं रजिस्टर में मात्रात्मक रूप से अंतर पाया गया। डीजल डिलीवरी के दोनों नोज़ल पहले से ही बंद बताया गया, जिसकी सूचना विभाग को नहीं दी गई है। पेट्रोल डिलीवरी का भी एक नोजल खराब है, जिसकी सूचना भी आज पर्यंत नहीं दी गई। संस्था की ओर से डिफेक्ट रजिस्टर भी संधारित नहीं किया गया है और डिफेक्टेड उपकरण की शिकायत दर्ज कराने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। पेट्रोल के दूसरे नोज़ल पर 5 लीटर की धारिता में 3 बार माप लिया गया। जिसमें क्रमश: 420 मिली, 160 मिली और 140 मिली पेट्रोल कम पाया गया है। मुफ्त हवा उपलब्ध कराने की मशीन भी खराब पाई गई और ग्राहकों के लिए शुद्ध पेयजल का इंतजाम भी नहीं था।
 

जिले में 16 अप्रैल को शाम 6 बजे से 26 अप्रैल को सुबह 6 बजे तक सभी मदिरा दुकानें बंद, जाने वजह

जिले में 16 अप्रैल को शाम 6 बजे से 26 अप्रैल को सुबह 6 बजे तक सभी मदिरा दुकानें बंद, जाने वजह

बीजापुर । कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी रितेश कुमार अग्रवाल की ओर से कोरोना वायरस के पॉजीटिव्ह प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण संक्रमण से आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए सम्पूर्ण बीजापुर जिले को 16 अप्रैल को शाम 6 बजे से 26 अप्रैल को सुबह 6 बजे तक के लिए कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
उक्त अवधि में जिले की समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानें तथा एफएल-7 सैनिक कैंटीन पूर्णत: बंद रहेंगी। इस दौरान समस्त देशी मदिरा दुकानों सीएस-2 (घघ), विदेशी मदिरा दुकानों एफएल-1 (घघ) और सैनिक कैन्टीनों एफएल-7 में मदिरा विक्रय, परोसना एवं परिवहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। उक्त आदेश का कड़ाई से परिपालन सुनिश्चित किये जाने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गए हैं।
 

बेटे ने की थी मां की गला दबाकर हत्या गिरफ्तार

बेटे ने की थी मां की गला दबाकर हत्या गिरफ्तार

विश्रामपुर। दिन पहले एक महिला के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने उसके बड़े बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बेटे ने ही गला घोंटकर मां की हत्या की थी और थाने में उसके अज्ञात कारण से मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब जांच की तो सच्चाई सामने आई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मां का चाल-चलन ठीक नहीं था तथा वह घर बेचने नहीं दे रही थी। इस कारण से उसने 12 अप्रैल को नए घर में सोते समय उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।
बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मणपुर कुम्दा निवासी सितंबर राजवाड़े ने 12 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी मां अमरेश बाई पति स्व. रामदयाल 55 वर्ष मृत हालत में घर में पड़ी है। उसकी कैसे मौत हुई यह पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव का पीएम कराया तो गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
पुलिस ने मृतिका के पड़ोसियों से जब पूछताछ की तो उन्होंने बड़े बेटे सितंबर के साथ विवाद की बात बताई। इस पर पुलिस ने सितंबर राजवाड़े को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने 12 अप्रैल की रात करीब 1 बजे मां की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई सूरजपुर एसपी के निर्देश पर की गई।
कार्रवाई में विश्रामपुर थाना प्रभारी सुभाष कुजूर, एएसआई लक्ष्मी गुप्ता, केडी बनर्जी, उमेश सिंह, प्रधान आरक्षक आनंद सिंह, संजय सिंह यादव, आरक्षक अकरम मोहम्मद, अखिलेश पाण्डेय, देवनंदन राजवाड़े, अजय प्रताप सिंह, संजय राजपूत, रविशंकर पाण्डेय, नागेश नाहक, रौशन सिंह व महिला सैनिक उर्मिला पटेल सक्रिय रहे, पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां लक्ष्मणपुर कुम्दा बस्ती स्थित नए घर में अकेले रहकर शराब बनाकर पीती और लोगों को भी पिलाती थी। मोहल्ले में घूमती रहती थी तथा उसका चाल-चलन भी ठीक नहीं था। इस कारण उसकी बदनामी हो रही थी।
उसने मां को पुराने घर में साथ रहने कहा था लेकिन वह नहीं मानी। वहीं उसके छोटे भाई के नाम से सड़क दुर्घटना के एक प्रकरण में कोर्ट द्वारा 3 लाख रुपए बतौर जुर्माना भरने नोटिस भी आया था। रुपए की व्यवस्था के लिए वह और उसका भाई नए घर को 4 लाख में बेचना चाह रहे थे लेकिन मां ने यह कहते हुए मना कर दिया था कि उसके पिता की निशानी है। मां के चाल-चलन से हो रही बदनामी और घर बेचने देने में रोड़ा बन रही मां की उसने हत्या की योजना बनाई। प्लान के अनुसार 12 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वह पुराने घर से मुर्गा बनाकर मां को खिलाने लाया। जब जाने लगा तो उसने दरवाजे को खुला छोड़ दिया था। बेटे के जाने के बाद मां मुर्गा-शराब पीने-खाने के बाद सो गई। इधर रात करीब 1 बजे सितंबर राजवाड़े चोरी-छिपे घर में घुसा ओर सो रही मां का गला दबा दिया। जब वह जमीन पर गिरकर छटपटाने लगी तो वहीं रखे गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी और फरार हो गया। फिर पुलिस को गुमराह करने उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
 

इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक दुकान संचालकों ने आवेदन देकर दुकान खोलने की मांगी अनुमति

इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक दुकान संचालकों ने आवेदन देकर दुकान खोलने की मांगी अनुमति

धमतरी । लॉक डाउन के दौरान गर्मी में लोगों को होने वाली परेशानी का हवाला देकर इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक फर्नीचर एसोसिएशन ने कलेक्टर को आवेदन देकर दुकान खोलने की अनुमति मांगी है।
संरक्षक रमेश मिन्नी, अध्यक्ष प्रकाश थारवानी, उपाध्यक्ष श्याम लच्छवानी ने आवेदन देकर कहा कि लॉकडाउन का निर्णय उचित है। लेकिन इस गर्मी के सीजन में लोगों को कूलर, एसी की आवश्यकता है। लोगों के घरों के पंखे, कूलर खराब हो रहे हैं जिसे सुधारना भी आवश्यक है।
इस वजह से लॉकडाउन के दौरान उनकी भी दुकानों को कुछ घंटों के लिए छूट प्रदान की जाए ताकि जनता की होने वाली परेशानियों को दूर किया जा सके। ज्ञात हो कि 12 से 26 अप्रैल तक लगे डॉकडाउन में किराना, जनरल, मिल्क पार्लर, सब्जी, फल दुकानों को सुबह 8 से 10 बजे तक खोलने की अनुमति दी।
 

 छत्तीसगढ़ में कोरोना टेस्टिंग की संख्या में हुआ इजाफा, प्रतिदिन जांच का औसत देश के औसत से ज्यादा

छत्तीसगढ़ में कोरोना टेस्टिंग की संख्या में हुआ इजाफा, प्रतिदिन जांच का औसत देश के औसत से ज्यादा

रायपुर। राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम, संक्रमित मरीजों की पहचान और उपचार के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। राज्य में वर्तमान में रोजाना 47 हजार से अधिक लोगों की कोरोना टेस्टिंग की जा रही है। मार्च माह में टेस्टिंग की संख्या प्रतिदिन औसतन 30 हजार थी, जो अप्रैल माह में बढ़कर 47 हजार से अधिक हो गई है। माह जनवरी 2021 में रोजाना औसत टेस्टिंग 22 हजार 761 थी, इस लिहाज से देखा जाए तो कोरोना टेस्टिंग की संख्या में लगभग 3 गुना का इजाफा हुआ है। राज्य का प्रतिदिन टेस्ट 1620 (प्रति 10 लाख जनसंख्या के मान से) है, जबकि देश का औसत 1018 है। राज्य में 31 शासकीय तथा 5 निजी लैब्स में टू्र नाट जांच की सुविधा उपलब्ध है। राज्य के 7 शासकीय लैब एवं ५ निजी लैब में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी रेपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में हो रही कुल कोविड जांच में आरटीपीसीआर जांच के प्रतिशत में अक्टूबर 2020 की तुलना में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल माह में आरटीपीसीआर की जांच का प्रतिशत 40 हो गया है। महासमुन्द, कांकेर और कोरिया में 4 नई शासकीय आरटीपीसीआर लैब की स्थापना की जा रही है। प्रत्येक जिले में अतिरिक्त मशीन प्रदाय कर टू्र नाट लैब की जांच क्षमता बढ़ाई जा रही है। 

वर्तमान में राज्य में कोरोना के कुल 1 लाख 18 हजार 636 एक्टिव केस है, जिनमें से अधिकांश केस रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, बिलासपुर, महासमुन्द, कोरबा और बेमेतरा जिले में है। राज्य में अब तक 63 लाख 62 हजार 947 कोरोना जांच में 4 लाख 86 हजार 244 कोरोना के चिन्हित प्रकरण मिले जिसमें से 3 लाख 62 हजार 301 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं, शेष इलाजरत है। राज्य में वर्तमान में कोरोना संक्रमण को देखते हुए 604 कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं, अधिकांश कंटेनमेंट जोन रायपुर, राजनांदगांव, कोरबा एवं गरियाबंद जिले में है, जहां घर-घर जाकर एक्टिव सर्विलेंस एवं टेस्टिंग की जा रही है। 

राज्य में 6 मेडिकल कॉलेज और एम्स रायपुर सहित 36 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल एवं 137 कोविड केयर सेंटर तैयार किए गए हैं। राज्य के प्रत्येक जिले में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल स्थापित किया गया है। शासकीय डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 4686 बेड तथा कोविड केयर सेंटर में 14,608 बेड स्थापित किए गए हैं। शासकीय डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 510 आईसीयू, 504 एचडीयू एवं इसके अतिरिक्त 1915 ऑक्सीजन युक्त बिस्तर है। इसी तरह शासकीय कोविड सेंटर में 1787 ऑक्सीजन युक्त बिस्तर तैयार किए गए हैं। निजी कोविड अस्पतालों में कुल उपलब्ध 3,082 बेड, 832 आईसीयू, 381 एचडीयू के अलावा 1232 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध है। राज्य में शासकीय अस्पतालों में 514 तथा निजी चिकित्सालयों में 301 इस प्रकार कुल 815 वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। 

राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए चिकित्सा सुविधा एवं ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। राज्य में 14 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं। 10 ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना प्रक्रियाधीन है, जो आगामी एक सप्ताह में ऑक्सीजन जनरेशरन शुरू कर देंगे। रायपुर मेडिकल कॉलेज में एक विशेष टेली कन्सलटेशन हब स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से बीते एक वर्ष से कॉलेज के विषय-विशेषज्ञों द्वारा सभी शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पर्क स्थापित कर टेली कन्सलटेशन की सुविधा प्रदाय की जा रही है। 

राज्य में अब तक 2.5 लाख से अधिक लोगों को होम आईसोलेशन प्रदाय किया गया, जिसमें से 90 प्रतिशत मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। होम आईसोलेटेड मरीजों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन औसतन 2.13 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। राज्य में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं सहित 45 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को मिलाकर कुल 46.44 लाख लोगों को कोरोना का प्रथम एवं द्वितीय डोज का टीका लगाया जा चुका है। 45 वर्ष से अधिक 36.47 लाख नागरिकों को प्रथम डोज तथा 1.11 लाख लोगों को द्वितीय डोज का टीकाकरण किया जा चुका है।
 
 लॉकडाउन: 4 प्रतिष्ठानों में 22 हजार रुपए का वसूला जुर्माना

लॉकडाउन: 4 प्रतिष्ठानों में 22 हजार रुपए का वसूला जुर्माना

धमतरी। कोविड- 19 संक्रमण से बचाव के लिए कलेक्टर ने आगामी 26 अप्रैल रात 12 बजे तक जिले में लॉकडाउन घोषित किया है। विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने, अधिक मूल्य पर सामग्री बेचने तथा कोविड 19 के नियम- नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासनिक शिकंजा कसने व निगाह रखने के लिए कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने दल गठित किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त टीम ने गुरूवार को भी विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई। कुल चार प्रतिष्ठानों में दबिश देकर 22 हजार 300 रूपए का जुर्माना दुकान संचालकों से वसूला। इसमें धमतरी शहर के रूद्री रोड स्थित कान्हा किराना स्टोर्स, जय अम्बे किराना स्टोर्स में मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने और अधिक मूल्य में सामग्री बेचने पर क्रमशरू 1500 रूपए और 800 रूपए जुर्माना वसूला गया। 

वहीं सिहावा रोड स्थित बादशाह बीड़ी उद्योग मे लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 18 हजार रूपए की वसूली गई। यहां कार्यरत 25 कर्मचारी मास्क नहीं लगाए थे और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसी तरह शहर से लगे ग्राम कोलियारी स्थित मेसर्स दिनेश ट्रेडर्स मे लॉकडाउन समयावधि के बाद भी दुकान खोलकर जर्दायुक्त गुटखा, तम्बाखू, गुडाखू अधिक दाम में बेचे जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जर्दायुक्त गुटखा का सैम्पल लिया गया और ग्राम पंचायत सचिव से 2000 रुपए की चालानी कार्रवाई की।
आम हो या खास कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई : एसपी संतोष सिंह

आम हो या खास कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई : एसपी संतोष सिंह

खरसिया। तेजी से फैल रही कोरोना महामारी को भी लोग हल्के में ले रहे हैं। वहीं पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ संक्रमण की चैन तोड़ने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान बेवजह बाहर घूम रहे 126 लोगों पर चालानी कार्रवाई की गई। वहीं लॉकडाउन के उल्लंघन को लेकर 7 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।


बता दें पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के निर्देश पर खरसिया पुलिस प्रशासन ने कार्रवाईयां तेज कर दी हैं। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने वाले हर किसी पर कार्रवाई कर यह संदेश दिया जा रहा है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह आम हो या खास। प्रदेश में संक्रमण की स्थिति बेकाबू होती जा रही है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखें, ताकि आपके परिवार सहित देश-प्रदेशवासियों को सुरक्षित रखा जा सके।


एसपी संतोष सिंह ने सड़कों पर घूमने वाले हर किसी से पूछताछ कर परमिटेड पर्सन तथा इमरजेंसी में बाजार आने वालों के अलावा हर किसी पर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में एसडीओपी पीम्ताबर पटेल की टीम भोर से देर रात तक गली मोहल्लों और नगर के प्रवेश द्वार पर डटी देखी जा रही है। वहीं पुलिस जवानों ने चौबिसों घंटे चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

 सायबर सेल की सक्रियता से ऑनलाइन ठगी के लाखों रुपये मिले वापस

सायबर सेल की सक्रियता से ऑनलाइन ठगी के लाखों रुपये मिले वापस

रायगढ़। एसपी संतोष सिंह की पहल पर ठगी का शिकार हुए रिटायर्ड एएसआई के बैंक खाते में 4.69 लाख रूपए पेमेंट गेट वे PayTM से वापस कर दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार पिछले साल माह सितम्बर 2020 को रिटायर्ड एएसआई फकीर चंद सिदार को अज्ञात कॉलर से पेंशन के संबंध में जानकारी देने का झांसा देकर उनसे ए.टी.एम. कार्ड का नम्बर पूछकर 2 और 3 सितंबर 20 को 6 लाख 44 हजार रूपए और उनकी पत्नी के खाते से 3,78,000 का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया गया था। पत्नी का बैंक खाता ज्वाइंट एकाउंट था। 

इस प्रकार एएसआई फकीरचंद सिदार से कुल 10,22,000 की ऑनलाइन ठगी हुई थी। घटना के संबंध में थाना पुसौर में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया गया था। पुसौर पुलिस और सायबर सेल संदिग्धों के मोबाइल कॉल रिकॉर्डध् सीडीआर, एनालिसिस कर झारखंड से संदेही खिरोधर महतो उर्फ मिथुन पिता महरु महतो उम्र 22 वर्ष, श्रवण कर्मकार पिता झगरू कर्मकार 28 वर्ष और अपचारी बालक सभी निवासी ग्राम ठाकुरचक थाना निनियाघट जिला गिरिडीह झारखंड को पूछताछ कर रायगढ़ लाया गया। आरोपियों से प्रात कबूल कर इनके गिरोह का मुखिया आरोपी लक्ष्मण मंडल को बताया, जो गिरफ्तारी के भय से लगातार लुकछिप रहा है। पुसौर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का चालान न्यायालय प्रस्तुत किया जा चुका है।

अपराध कायमी के बाद से पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने सायबर सेल को अज्ञात आरोपियों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में जितने पेमेंट गेट-वे का उपयोग कर रूपए प्राप्त किये हैं, उन्हें होल्ड कराने और फाल्स ट्रांजेक्शन होने का लेटर सभी गेट-वे को लिखकर रूपए वापस करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। 

सायबर सेल से पुलिस अधीक्षक ने बैंक व पेमेंट गेट को लेटर ई-मेल किया गया। पेमेंट गेट-वे PayTM से एफआईआर व पुलिस जांच के आवश्यक दस्तावेजों की मांग की गई। जिसे सायबर सेल ने उपलबध कराया, अपनी पूरी जांच के बाद PayTM गेट-वे से भी ट्रांजेक्शन को फाल्स पाए और फरवरी 2021 को पीड़ित एएसआई के खाते में उस गेट-वे से ट्रांजेक्शन हुए 4,69,000 रूपए वापस कर दिया गया है। अन्य गेट-वे अपनी जांच प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। रिटायर्ड एएसआई फकीरचंद सिदार ने बताया कि उनको खाते में रूपए आने का मैसेज नहीं आया था तो जानकारी नहीं हुई। अप्रैल माह में जानकारी होने पर सायबर सेल जाकर पता किया। फकीरचंद सिदार ने यह भी बताया कि पुलिस अधीक्षक से उन्हें बैंक लोकपाल में शिकायत करने की सलाह दिये थे। जिस पर वे वकील के माध्यम से बैंक लोकपाल, रायपुर व उपभोक्ता फोरम रायगढ़ में शिकायत किए हैं, जहां जांच प्रक्रियाधीन है।

 

 छत्तीसगढ़: भाजपा नेत्री का कोरोना की चपेट में आने से निधन

छत्तीसगढ़: भाजपा नेत्री का कोरोना की चपेट में आने से निधन

धमतरी।  कोरोना से एक और बीजेपी महिला नेत्री की मौत हो गयी है। मृतिका नेत्री का नाम संतोषी देवी साहू था, जो मगरलोड की पूर्व सभापति और भारतीय जनता पार्टी जिला की कार्यकारणी सदस्य थी। महिला नेत्री की इस दुखद खबर के बाद धमतरी बीजेपी में शोक का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक संतोषी साहू (45 वर्ष) की कुछ दिनों पहले ही अचानक तबीयत खराब हो गयी थी, जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया थ। ईलाज के दौरान आज उनकी मौत हो गयी। बीजेपी नेत्री संतोषी देवी साहू की मौत की खबर के बाद भाजपा महिला मंडल धमतरी में मातम पसरा हुआ है। मौत की खबर मिलने के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों दल के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजली दी है।

वहीं मगरलोड बीजेपी मंडल अक्ष्यक्ष होरीलाल साहू ने बताया कि, संतोषी देवी साहू काफी मिलनसार थी। आम जनता में भी काफी लोकप्रिय थी। साथ ही सभी कार्य में अग्रणी भी थी। उनका यूं ही हम सब को छोड़कर चले जाना भाजपा मंडल के लिए बहुत बडी क्षति है।
 लॉकडाउन रायपुर में खुले आम बिक रही फल सब्जियां, कोरोना स्पे्रड को बढ़ाएंगी

लॉकडाउन रायपुर में खुले आम बिक रही फल सब्जियां, कोरोना स्पे्रड को बढ़ाएंगी

रायपुर।  कोरोना संक्रमित मामलों में लगातार वृद्धि के चलते कलेक्टर रायपुर डॉ. आर. भारती दासन द्वारा 9 अप्रैल से 19 अप्रैल के मध्य कड़ा लॉक डाउन लगाया गया है। रायपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या गत 24 घंटे में 3438 पार होने के बावजूद भाठागांव चौक से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता महाविद्यालय जाने वाले मार्ग पर बीच में पडऩे वाले अनेक फ ार्महाउसों के भीतर/ बाहर सब्जियां बेधड़क दुकान लगा कर वहां पहुंचने वाले लोगों को एवं गली मुहल्ले में बेचने वाले कोचियों को बेची जा रहीं है। सब्जियों के साथ अन्य वस्तुएँ भी महंगी कीमत में उपलब्ध हो रहीं है! शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों का हुजूम वहां पहुँच रहा है। क्या जिला प्रशासन को यह मालूम नही है ? अगर मालूम नही है तो, चौक -चौराहों के किनारे टेंट गाड़ कर, सड़कों को बाधित कर बैठे पुलिस के जवानों/अधिकारियों को हटा देना चाहिए और खोल देना चाहिए फ ल, फ़्रूट, किराना, समेत पूरे बाजार को। लॉक डाऊन करने की भी क्या जरूरत है । ऐसा विचार अनेक नागरिकों ने व्यक्त करते हुए कलेक्टर रायपुर से लॉक डाउन का उल्लंघन करने वाले लोगों को रोकने के लिए डयूटी में तैनात प्रशासनिक जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग की है। जहां एक ओर जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए दिन रात विभिन्न निजी एवं शासकीय चिकित्सा संस्थानो ंके जरिये युद्ध स्तरीय प्रयास कर रहा है। वहीं लॉक डाउन का उल्लंघन कर सब्जी फल बेचने वाले कोरोना संक्रमण को कम करने के बजाय स्प्रेड करने का काम ही कर रहे हैं। 

 राजधानी में शादी का झांसा देकर कॉलेज की छात्रा से दुष्कर्म, मामला दर्ज

राजधानी में शादी का झांसा देकर कॉलेज की छात्रा से दुष्कर्म, मामला दर्ज

रायपुर। कॉलेज छात्रा से रायपुर में रहने के दौरान शादी करने का झांसा देकर उसके साथ अनेक बार शारीरिक संबंध स्थापित करने और बाद में शादी से मुकर जाने वाले युवक की तलाश रायपुर पुलिस कर रही है। उसके विरूद्ध थाना कबीर नगर रायपुर में दुष्कृत्य का मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार मूलत: कांकेर निवासी युवती रायपुर के टिकरापारा में रहकर एक कॉलेज में अध्ययनरत थी। 12 मार्च 2020 से 6 मार्च 2021 के मध्य मूलत: बालको में निवासरत मनीष शुक्ला नामक युवक ने उसके साथ प्रेम बढ़ाया और शादी का प्रलोभन देकर अपने और युवती के किराए के मकान में कई बार शारीरिक संबंध स्थापित किया। मोबाइल के इंस्ट्राग्राम के माध्यम से युवती की पहचान मनीष शुक्ला से हुई थी। जो पहले दोस्ती और फिर प्यार में बदल गयी। आरोप के अनुसार युवक 12 मार्च को कबीर नगर स्थित अपने मकान में युवती को ले गया और माता-पिता से मिलाने की बात कही लेकिन माता-पिता से नहीं मिलवाया और झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। युवक ने इस दौरान अश्लील फोटो व वीडियो भी मोबाइल पर बना लिया। इसके दूसरे दिन मंदिर जाकर युवती की मांग में सिंदूर भरा और हवन कुण्ड में 7 फेरा भी ले लिया। माता-पिता को समझाकर आर्य समाज में शादी कर लेने की बात कहता रहा और अगस्त 2020 से बतौर पति-पत्नी रखकर संबंध बनाता रहा। 6 मार्च को नाना की तबियत खराब होने की बात कह अपने घर बालको के डी.1 वार्ड 33 हाउसिंग बोर्ड कालोनी में आ गया और फिर वापस नहीं लौटा। फोन करने पर गाली-गलौच कर अश्लील फोटो व वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देने लगा और नंबर भी ब्लाक कर दिया। पीडि़त ने शिकायत में बताया कि मनीष की मां से फोन पर संपर्क किया गया तो अभद्र व्यवहार किया गया। 14 मार्च 2021 को मनीष शुक्ला पिता शैलेष कुमार शुक्ला के बालको स्थित घर पहुंची तो लांछन लगाकर भगा दिया गया। पीडि़ता ने रायपुर वापस लौटकर घटना स्थल क्षेत्र के थाना में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। बहरहाल धारा 376, 506 भादवि का जुर्म दर्ज कर आरोपी की तलाश में रायपुर पुलिस जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि वहां की पुलिस 2 बार बालको आकर बैरंग लौट गई और युवक फरार बताया जा रहा है। रायपुर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
 छत्तीसगढ़: जिले में आज शाम 6 बजे से 26 प्रात: 6 बजे तक रहेगा लॉकडाउन, जिले की सीमाएं होंगी सील

छत्तीसगढ़: जिले में आज शाम 6 बजे से 26 प्रात: 6 बजे तक रहेगा लॉकडाउन, जिले की सीमाएं होंगी सील


बीजापुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रितेश कुमार अग्रवाल द्वारा जिले में संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया है। यह लॉकडाउन 16 अप्रैल को शाम 6 बजे से तत्काल प्रभावशील होने के साथ ही 26 अप्रैल को प्रात: 6 बजे तक लागू रहेगी। इस अवधि में अत्यावश्यक सेवाओं को जारी रखा जायेगा। हालांकि यह सेवाएं भी सीमित अवधि के लिए ही जारी रहेगी। इस दौरान मेडिकल दुकानें, दुग्ध पार्लर , दुग्ध वितरण एवं समाचार पत्र वितरण सहित पेट्रोल पम्प इत्यादि का संचालन सीमित समय के लिए किया जा सकेगा। सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक आयोजन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। विवाह एवं अंत्येष्ठि के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। जिसमें 20 लोगों की उपस्थिति के साथ ही आयोजन किया जा सकेगा।

 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  रितेश कुमार अग्रवाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार के गाईड लाईन अनुसार कोविड-19 नियंत्रण के सम्बन्ध में अधिकांश प्रतिबंधों पर समय-समय पर सशर्त छूट प्रदान की गयी थी। उपरोक्त आंशिक प्रतिबंधों की समीक्षा की गयी, जिसमें वर्तमान में कोरोना वायरस पॉजीटिव्ह प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के फलस्वरूप जिला प्रशासन के द्वारा प्रत्येक स्तर पर पूर्व में अधिरोपित प्रतिबंधों-शर्तों का कड़ाई से पालन कराना एवं परिस्थिति के अनुरूप युक्तियुक्त प्रतिबंध अधिरोपित 25 मार्च 2021 को जारी किये गये हैं। वर्तमान में जिला बीजापुर के अंतर्गत कोविड प्रकरणों में लगातार वृद्धि होने के कारण उत्पन्न परिस्थितियों पर कड़े प्रतिबंध अधिरोपित किया जाना आवश्यक है। अत: दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 30, 34 सहपठित एपिडेविक एक्ट 1987 यथासंशोधित 2020 के तहत् लागू अधिकांश प्रतिबंधों की समीक्षा के पश्चात अधिरोपित प्रतिबंधों एवं शर्तों का कड़ाई से पालन कराना एवं परिस्थिति अनुरूप युक्तियुक्त प्रतिबंध अधिरोपित मेें आंशिक संशोधन करते हुए संपूर्ण बीजापुर जिले को 16 अप्रैल 2021 को शाम 6 बजे से 26 अप्रैल 2021 को प्रात: 6 बजे तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाता है। उक्त अवधि में जिले की सभी सीमाएं पूर्णत: सील रहेगी। इस अवधि में केवल मेडिकल दुकानों को निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाई की होम डिलिवरी को प्राथमिकता देगें। पेट्रोल पम्प संचालकों द्वारा केवल शासकीय वाहन, शासकीय कार्य मेंं प्रयुक्त वाहन, एटीएम कैश हेतु प्रयुक्त वाहन, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं अंतर्राज्यीय बस स्टेण्ड के संचालित ऑटो, टैक्सी, विधिमान्य ई-पास धारित करने वाले वाहन, एडमिट कार्ड या कॉल लेटर दिखाने पर परीक्षार्थी एवं उनके अभिभावक, परिचय पत्र दिखाने पर मीडियाकर्मी, प्रेस वाहन, न्यूज पेपर हॉकर, दुग्ध वाहन तथा छत्तीसगढ़ में नहीं रूकते हुए एक राज्य से सीधे अन्य राज्य जाने वाले वाहनों को पीओएल प्रदान किया जायेगा। अन्य सभी वाहनों को पीओएल प्रदान करना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। दुग्ध पार्लर व दुग्ध वितरण तथा न्यूज पेपर हॉकर द्वारा समाचार पत्रों के वितरण की समयावधि प्रात: 6 बजे से प्रात: 8 बजे तक तथा संध्या 5 बजे से 7 बजे तक ही होगी। दुग्ध व्यवसाय हेतु कोई भी दुकान या दुग्ध पार्लर नहीं खोले जायेगे। केवल दुकान एवं पार्लर के सामने मास्क का उपयोग एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उक्त अवधि में दुग्ध विक्रय की अनुमति होगी। पैट शॉप एवं एक्वेरियम को केवल पशुचारा देने हेतु प्रात: 6 बजे से 8 बजे तक तथा संध्या 5 बजे से साढ़े 6 बजे तक शॉप खोलने की अनुमति होगी। एलपीजी गैस सिलेण्डर की एजेंसी केवल टेलीफोनिक या ऑनलाइन आर्डर लेगें तथा ग्राहकों को सिलेण्डरों की घर पहुंच सेवा उपलब्ध करायेगें। औद्योगिक संस्थाओं एवं निर्माण ईकाईओं को अपने कैम्पस के भीतर श्रमिकों को रखकर व अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुए उद्योग संचालन में निर्माण कार्यो की अनुमति होगी। कंटेनमेंट जोन घोषित अवधि के दौरान सम्पूर्ण जिला अंतर्गत समस्त दुकानें बंद रहेगी। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णत: बंद रहेंगे। उक्त अवधि में जिले के अंतर्गत सभी केन्द्रीय, शासकीय, सार्वजनिक, अद्र्धशासकीय एवं निजी कार्यालय बंद रहेंगे तथापि टेलीकॉम, रेल्वे एवं एयर पोर्ट संचालन व रख-रखाव से जुड़े कार्यालय, वर्कशॉप, रेक प्वाइंट पर लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य, खाद्य सामग्री के थोक परिवहन, धान मिलिंग हेतु परिवहन एवं शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेगी। किंतु अस्पताल एवं एटीएम पूर्ववत् चालू रहेंगे। सभी प्रकार की सभा, जुलूस, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। विवाह इत्यादि प्रयोजन हेतु पूर्व में अधिकतम 50 व्यक्तियों को शामिल होने की अनुमति प्रदान की गयी थी। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर विवाह इत्यादि प्रयोजन हेतु पूर्व मेें प्रदत्त समस्त अनुमति को निरस्त किया जाता है। विवाह कार्यक्रम वर अथवा वधु के निवास गृह में ही आयोजित करने की शर्त के साथ आयोजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की जाती है। इसी प्रकार अंत्येष्ठि, दशगात्र इत्यादि संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 20 निर्धारित की जाती है। कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु जिले में समस्त कार्य कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आईसोलेशन, दवाई वितरण आदि पूर्वानुसार चलते रहेंगे। इन कार्यो में संलग्न सभी शासकीय कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्ववत अनिवार्य होगी। कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार संचालित रहेंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों में बीजापुर जिले से अन्यत्र आने-जाने वाले यात्रियों को ई-पास के माध्यम से पूर्वानुमति लेना अनिवार्य होगा तथापि प्रतियोगी एवं अन्य परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों हेतु उनका प्रवेश पत्र तथा टेलीकॉम संचालन एवं रख-रखाव कार्य या हॉस्पिटल अथवा कोविड-19 ड्यूटी में संलग्न चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की दशा में नियोक्ता द्वारा जारी आईडी कार्ड ई-पास के रूप में मान्य किया जायेगा। उक्त अवधि में बस स्टैण्ड पर आने-जाने वाले यात्रियों को ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी। इन यात्रियों को निवास या स्टेशन तक आने-जाने के लिए उनके पास उपलब्ध यात्रा टिकट ही उनका ई-पास माना जायेगा। कोविड-19 टीकाकरण हेतु पंजीयन, कोविड-19 जांच हेतु मेडिकल दस्तावेज या आधार कार्ड, विधिमान्य परिचय पत्र दिखाने पर कोविड-19 टीकाकरण केन्द्र, अस्पताल या पैथोलॉजी लैब आने-जाने की अनुमति होगी किंतु अनावश्यक भ्रमण सख्त प्रतिबंधित रहेगा। आपात स्थिति में यात्रा के दौरान चार पहिया वाहनों में ड्रायवर सहित चार व्यक्तियों, ऑटो में ड्रायवर सहित अधिकतम 3 व्यक्तियों एवं दुपहिया वाहनों में अधिकतम दो व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति होगी। बस स्टैण्ड, हॉस्पिटल आवागमन हेतु ऑटो एवं टैक्सी परिचालन की अनुमति होगी किंतु अन्य प्रयोजन हेतु पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। इस निर्देश का उल्लंघन करने पर 15 दिवस के लिए वाहन जप्त कर चालानी एवं अन्य कानूनी कार्यवाही की जावेगी। मीडियाकर्मी यथासंभव वर्क फ्राम होम द्वारा कार्य सम्पादित करेंगे। आवश्यक स्थिति में कार्य के लिए बाहर निकलने पर अपना आईकार्ड साथ रखेंगे तथा मास्क का उपयोग एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग के निर्देशों का कड़ाई के साथ अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश कार्यालय कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं पुलिस चैकी पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित अधिकारी, विद्युत, पेयजल आपूर्ति एवं नगरपालिका की सेवाएं सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल तथा अग्निशमन सेवाओं से संचालन हेतु संलग्न अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालय संचालन एवं आवागमन की अनुमति होगी। किंतु इन शासकीय कार्यालयों में उक्त अवधि के दौरान आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। राज्य शासन के विशेष आदेश द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सेवा के संचालन की अनुमति होगी। अंतर्राज्यीय लोक वाहनों का जिले में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा एवं निजी वाहनों के लिए वैध पास अनिवार्य होगा तथा आपातकालीन वाहनों को अनुमति होगी।
इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या प्रतिष्ठान पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत विधि के अनुसार कड़ी कार्यवाही की जावेगी। यह आदेश अल्प समयावधि में लागू किया जाना आवश्यक है। वर्तमान परिस्थितियों में इस आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को सम्यक समय में तामिल किया जाना संभव नहीं होने के कारण उक्त आदेश को एकपक्षीय रूप से पारित किया जाता है । यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
 लॉकडाउन छत्तीसगढ़: बार्डर की सीमा पर सख्ती, नाकाबंदी कर आने जाने वालों की जांच के बाद ही दे रहे प्रवेश

लॉकडाउन छत्तीसगढ़: बार्डर की सीमा पर सख्ती, नाकाबंदी कर आने जाने वालों की जांच के बाद ही दे रहे प्रवेश

महासमुंद। जिले में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 14 अप्रैल से लेकर 22 तक लॉकडाउन किया गया है । इसके लिए जिले की सीमा को सील कर दिया गया है, साथ ही न जगहों में बेरिकेट्स लगाकर जवानों को तैनात किया गया है । जिले की सीमा में करीब 17 जगहों पर चेकिंग प्वाईंट बने हैं, ताकि दूसरे राज्य व जिलों से अनाधिकृत्य रूप से न तो प्रवेश कर सके, नहीं बाहर जा सकें । केवल ई-पास वाले वाहनों को आने की अनुमति दी गई है । इसमें 12 स्थान अंतरराज्यीय बार्डर व 5 स्थान अंतर जिला के लिए स्थापित किए गए हैं । यहां चौबीसों घंटे पुलिस की चौकसी है। इनके बिना परमिशन के जिले में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है । इसके अलावा थाना व चौकी क्षेत्र में भी जगह- जगह पुलिस के जवान तैनात है, जहां अनावश्यक घुमने वालों को समझाईश दे रहे हैं । भास्कर की टीम ने अंतरराज्यीय बार्डर पर पुलिस व प्रशासन की व्यवस्था का पड़ताल करने पहुंची, जहां देखा कि पुलिस के जवान वहां तैनात है और वहां से गुजरने वाली वाहनों के अनुमति की जांच कर ही उन्हें चेकिंग प्वाईंट से गुजरने दिया जा रहा है।

ये है अंतरराज्यीय व जिला की सीमा, जहां पुलिस की चौबीसों घंटे है चौकसी
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 17 जगहों पर चेकिंग प्वाईंट बनाई गई हैं, जहां पुलिस व प्रशासन की टीम तैनात है । बागबाहरा व कोमाखान क्षेत्र में रेवा घाट, नर्रा नाका, खट्टी, लिलेसर, चरौदा, बसना क्षेत्र पलसापाली, साल्हेझारिया, सरायपाली क्षेत्र में सिरपुर नाका, लारीपुर, ढोरढोरकसा व रेहटीखोल ये अंतरराज्जीय सीमा है । जहां से छग व ओडिशा की सीमा लगी है । इसके साथ ही घोड़ारी, नवागढ़, डोंगरीपाली, टूहलू, बम्हनी ये अंतरजिला सीमा है । यहां से रायपुर, गरियाबंद व बलौदाबाजार की सीमा है ।

रेवा घाट से अवागमन बंद, सीमा सील
बागबाहरा थाना क्षेत्र के रेवा घाट पुल की  के पास पुलिस प्रशासन में बैरिकेट्स लगाई है । यह ओडिशा का बार्डर है । इस रास्ते से छत्तीसगढ़ व ओडिशा के लोग आवागमन करते हैं, लेकिन वर्तमान में यहां 14 अप्रैल से पुलिस व प्रशासन की टीम तैनात है । इस मार्ग से आवागमन बंद कर दिया गया है । कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस को देखते हुए किसी को भी इस मार्ग से गुजरने नहीं दिया जा रह है ।

नर्रा नाका में पुलिस के जवान तैनात
कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम नर्रा से ओडिशा की दूरी 3 से 4 किलोमीटर है । विगत 14 अप्रैल से नर्रा नाका में पुलिस के जवान तैनात है । पुल पर बेरिकेट्स लगा हुआ है । ओडिशा व छग के लोगों को आने जाने नहीं दिया जा रहा है । चौबीसों घंटे पुलिस के जवान ड्यूटी दे रहे हैं । यह सीमा ओडिशा से लगा हुआ है । संक्रमण न बढ़े इसलिए सीमा को सील कर दिया गया है ।

ओडिशा सीमा से लगे रेहटीखोल पर कर रहे चेकिंग
एनएच-53 जिले के अंतिम छोर सिंघोडा थाना के रेहटीखोल  पर अधिकारी व कर्मचारी की आने जाने वालों पर पैनी नजर है । इस स्थान से राज्य की सीमा बंद और ओडिशा की सीमा लगती है । यहां पर अधिकारी व कर्मचारी तैनात है। सीमा पर दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। सीमा के प्रभारी अधिकारी इंद्रराम चंद्रवंशी नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी सरायपाली हैं। ड्यूटी में तैनात राजस्व निरीक्षक कन्हैयालाल भोई, पटवारी जितेंद्र बाघ, तामेश्वर देवांगन, पुलिस विभाग से रमाकांत त्रिपाठी, सुशांत बेहरा, स्वास्थ्य कर्मचारी डॉ. अरुण कुमार साहू, शिक्षा विभाग से संदीप कुमार तिवारी एवं लेख रंजन पात्र ड्यूटी में तैनात है । ये ओडिशा से आने वाले लोगों एवं छत्तीसगढ़ से ओडिशा जाने वालों का आईडी कार्ड, ई-पास चेक कर गाड़ी नंबर नोट कर रहे है एवं साथ ही उनका कारण भी नोट कर रहे हैं । रात 10 से सुबह 6 बजे की पारी में उत्तर कुमार साहू राजस्व निरीक्षक, पटवारी तारेन पटेल, मजेश भोई की ड्यूटी लगी है । दूसरा शिफ्ट 18 से 22 अप्रैल 2021 तक है इसमें अन्य अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है । 
 शहर के युवा वॉलिंटियर्स की टीम गठित, पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर करेंगे चौक-चौबंद व्यवस्था में मदद

शहर के युवा वॉलिंटियर्स की टीम गठित, पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर करेंगे चौक-चौबंद व्यवस्था में मदद

रायपुर। बस्तर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बस्तर दीपक झा के नेतृत्व में शहर के युवा वॉलिंटियर्स की टीम गठित की गई है, जो कि शहर के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर चौक-चौबंद व्यवस्था में मदद करेंगे। शहर के ऐसे 20 युवाओं की टीम गठित की गई है। सभी युवा वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार शाम कलेक्टोरेट के आस्था हाल में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक अशोक पांडे व अन्य अधिकारियों ने ली। बैठक में युवा वॉलिंटियर्स को बताया गया कि शहर के प्रमुख चौक चौराहों में पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह सभी वॉलिंटियर्स पुलिस कर्मचारियों के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मालूम हो कि बस्तर जिले में है आज शाम 6:00 बजे से 22 अप्रैल के रात 12 बजे तक लॉक डाउन लगाई गई है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बस्तर जिला में भी लॉकडाउन लगाया गया है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन में लोग अपने घरों पर सुरक्षित रहें। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का उद्देश्य नहीं है कि वह लोगों को बेवजह परेशान करें।कोरोना का प्रकोप बस्तर जिला में भी बढ़ता जा रहा है इसलिए लॉकडाउन की स्थिति पैदा हुई है। सभी वॉलिंटियर्स सुबह व शाम तीन-तीन घंटा पुलिस कर्मचारियों के साथ अपनी सेवाएं देंगे। शहर के अनुपमा चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक, संजय मार्केट ,धरमपुरा, बस स्टैंड सहित अनेक चौक चौराहों में पुलिस कर्मचारियों की जहां ड्यूटी लगाई गई है यह सभी वॉलिंटियर्स वहां मौजूद रहेंगे। एसपी दीपक झा ने बताया कि बस्तर जिले में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है इसे लेकर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी किया है। प्रमुख चौक चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। बेवजह घर से बाहर निकलने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक लॉकडाउन के दौरान बस्तर पुलिस ने जगदलपुर शहर को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर संवेदनशील चौक चौराहों पर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 6 जगहों पर चिन्हांकित कर फिक्स पॉइंट बनाए हैं। इसके अलावा शहर में 4 पेट्रोलिंग पार्टी की व्यवस्था भी की गई है। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात हैं।
छत्तीसगढ़: 21 किलो अवैध गांजा के साथ दो अन्तर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: 21 किलो अवैध गांजा के साथ दो अन्तर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार

जगदलपुर। जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई चौक पर फिक्स पाइंट में वाहनों एवं राहगीरों की जांच के दौरान एक हीरो होण्डा ग्लैमर मोटर सायकल में 02 संदिग्ध भागने का प्रयास कर रहे थे जिन्हें ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक अभिलाषधर दीवान एवं हमराह आरक्षकों के द्वारा दौड़ाकर पकड़ा गया। आरोपियों ने अपना नाम गोपाल सिंह और शिवप्रसाद सिंह दोनो निवासी सोनभद्र उत्तरप्रदेश का होना बताये। जिनके पास रखे बैग की तलाशी लेने पर 21 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने इस एक मोटर सायकल हीरो होण्डा ग्लैमर बिना नम्बर का एवं 21 किलोग्राम अवैध गांजा जप्त किया गया है। मामले में दोनों आरोपियों के विरूद्व धारा-20 (बी) एनडीपीएस का अपराध पंजीबद्व किया गया है। 
 बड़ी खबर छत्तीसगढ़ : महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म, 2 की जन्म लेते ही हुई मौत

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है, हालांकि इसमें से दो बच्चों की जन्म लेते ही मौत हो गई। दो बच्चे अभी स्वस्थ्य हैंं, जिन्हें महासमुंद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बागबाहरा बीएमओ आर कुरवंशी ने बताया कि ग्राम चाराभाठा की महिला चंद्रिका पति हरि बीती को यहा एडमिट हुई, जिन्होंने चार बच्चों को जन्म दी, जिसमें से दो बच्चे जन्म लेने के साथ ही मृत हो गई। बच्चे का वजन 500 से 1 किलो ग्राम तक का था। चार बच्चों में तीन लड़की और एक लड़के है। महिला की यह तीसरी प्रेग्नेंसी थी।

उन्होंने बताया कि बागबाहरा में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दी। हालांकि डाक्टरों का कहना है कि बच्चे वजन बहुत कम होने के कारण दो बच्चों को बचाया नहीं जा सका। जन्म लेने के साथ ही मृत हो गए। हालाकिं दो बच्चाें को डाक्टरों ने सुरक्षित बचा लिया है। जच्चा, बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है. 2 बच्चे व महिला स्वस्थ हैं और डॉक्टर की टीम निगरानी कर रही है।
  सहायक शिक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित, जानिए क्या है कारण

सहायक शिक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित, जानिए क्या है कारण

जगदलपुर। कोरोना टीकाकरण में अनुपस्थित सहायक शिक्षक को कलेक्टर रजत बंसल ने निलंबित कर दिया है। बास्तानार ब्लॉक के बोदेनार माध्यमिक शाला में पदस्थ सहायक शिक्षक मनीराम नेताम की ड्यूटी 05 अप्रैल को टीकाकरण अधिकारी क्रमांक -02 के रुप में कोविड सेंटर प्री मेट्रिक बालक छात्रावास किलेपाल में लगाते हुए 06 अप्रैल तक तहसील के समक्ष अनिवार्य रुप से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। अपने इस दायित्व में उपस्थित नहीं होने पर सहायक शिक्षक को कलेक्टर द्वारा निलंबित कर दिया।
 शादी के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन, प्रशासन ने वसूला 10 हज़ार का जुर्माना

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बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद से कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर रात राजस्व विभाग की टीम ने ब्लॉक मुख्यालय के वंनांचल ग्राम भवरमरा में कार्रवाई की। 

पढ़िए पूरी खबर-
इस संबंध में डौंडीलोहारा एस डी एम तिवारी व तहसीलदार रामरतन दुबे ने बताया कि तहसील डौंडीलोहारा अंतर्गत ग्राम भंवरमरा में राजस्व विभाग की टीम को ग्राम कोटवार बसंता बाई की पुत्री के विवाह कार्यक्रम में कुल 30 लोग उपस्थित मिले। जबकि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत केवल 10 लोगों के लिए अनुमति है। निर्धारित संख्या से 20 लोग अधिक होने पर प्रति व्यक्ति 500 के हिसाब से चलानी कार्यवाही कर 10 हज़ार रुपए वसूले गए।