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रायपुर: इस थाना के 12 स्टाफ मिले कोरोना संक्रमित, मचा हडकंप

रायपुर: इस थाना के 12 स्टाफ मिले कोरोना संक्रमित, मचा हडकंप

रायपुर। राजधानी के गुढ़ियारी थाने में पदस्थ 12 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, इनमें 11 सिपाही और 1 हवालदार शामिल है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में आज 10521 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे में 5707 मरीज स्वस्थ हुए हैं। वहीं दूसरी ओर 122 मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रदेश में अब तक 4899 कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है।
आज 10521 नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि होने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4 लाख 43 हजार 297 संक्रमित हो गई है। छत्तीसगढ़ में अब तक 3 लाख 48 हजार 121 मरीज स्वस्थ हुए हैं। नए मरीज मिलने और डिस्चार्ज होने के बाद अब सक्रिय मरीजों की संख्या 90277 हो गई है।
 

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बीएसपी बना करोना का बड़ा हॉट स्पॉट, श्रमिकों की जान है हथेली में

बीएसपी बना करोना का बड़ा हॉट स्पॉट, श्रमिकों की जान है हथेली में

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र भी वर्तमान में कोराना का बड़ा हॉट स्पॉट बना हुआ है। कोरोना के इस दूसरी लहर में भी कई कई बउे अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक निपट गये है। इसके कारण यहां के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। पिछले साल जैसे रोस्टर सिस्टम लागू कर काम लिये जाने की मांग बीएसपी के कर्मचारी कर रहे है, लेकिन बीएसपी के कान में जू तक नही रेंग रहा है और बीएसपी प्रबंधन के लोग उत्पादन के चक्कर में कोरोना रूपी भट्टी में झोंक रहे हैं। इन सभी स्थितियों को देखते हुए छतीसगढ़ चेम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन. प्रदेश उपाध्यक्ष भिलाई महेश बंसल,प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्ग प्रकाश सांखला, प्रदेश मंत्री मनोज बक्त्यानी ने जिला कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर भूरे को पत्र लिखकर रोस्टर सिस्टम लागू करते हुए अतिआवश्यकतानुसार दस से 15 प्रतिशत वर्करों की डयूटी लगाकर उत्पादन का कार्य कराये जाने की मांग की है। इन्होंने कहा है कि भिलाई सम्पूर्ण व्यापार को लाक डाउन किया गया है , वहीँ भिलाई स्टील प्लांट को कोरोना महामारी के प्रसार को कम करने के लिए व्यापक राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए, डीएम दुर्ग को बीएसपी प्रबंधन को बीएसपी के सभी उपकरणों को बंद करने का आदेश देना चाहिए या सभी 4 शिफ्टों में अधिकतम 10 से 15 प्रतिशत श्रमशक्ति के साथ काम करना चाहिए। तत्काल प्रभाव से कम से कम 30 दिन इससे बीएसपी कर्मचारी द्वारा किए जाने वाले संक्रमण की श्रृंखला को तुरंत तोड़ा जा सकेगा। भसीन ने इस्पात सचिव के पत्र और एस्मा अधिनियम के सीएल नंबर 2 (1) के संबंध में, हालांकि इस्पात उद्योग एस्मा के तहत आ रहा है, फिर भी बड़े राष्ट्रीय हित के लाभ के लिए समान कोयला, इस्पात, बिजली और उर्वरक एस्मा के तहत नहीं आएंगे । शुरुआत में अधिनियम की परिभाषा में इसका उल्लेख असेंबली द कॉन्टेक्ट ओरेविज आवश्यकताएँ के रूप में किया गया है। अब देश के लिए आवश्यक समय यानी मानव जाति की जान को बचाना है, जो सबसे बड़ा नियंत्रण है जो अन्य लोगों के लिए उपयुक्त है।
इस संबंधत में इसलिए स्टील उद्योग को अन्य प्रकार से बंद करने या काम करने के लिए सोचा जा सकता है, यानी 10 से 15प्रशित मैन पावर; संयंत्र के अंदर 85 से 90 प्रशित तक लॉकडाउन को सच्ची भावना के साथ लागू करना।
इससे डीएम, दुर्ग द्वारा मौजूदा घोषित लाक डाउन हो सकती है। क्योंकि, अब भिलाई स्टील प्लांट में न तो कोई लॉकडाउन या सोशल डिस्टेंस लागू किया जा रहा है, न ही शब्द और न ही आत्मा में। यह लॉकडाउन केवल प्लांट परिसर के बाहर सड़क और बाजारों पर लागू किया जाता है। एवं भिलाई स्टील प्लांट अपने अधिकतम कर्मचारियों के साथ चलाया जा रहा है इस कारण से बीएसपी कोरोना महामारी की वर्तमान गंभीरता का मुख्य केंद्र बन गया है। अजय भसीन ने बताया की यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कई मामले प्लांट कर्मचारी या उसके पति या पत्नी से आ रहे हैं, जहां कोरोना वायरस संक्रमण का वाहक स्वयं कर्मचारी है, जो व्यक्ति अधिकतम बाहर जाता है, वह संक्रमण का वाहक होता है, जो अपने परिवार के सभी लोगों को प्रभावित उसके प्रतिरक्षा शक्ति के अनुसार संक्रमित करता है।
इसी कड़ी में चेंबर के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश बंसल एवं प्रकाश सांखला ने बताया की आप इसे कुछ कर्मचारी मामलों में देखेंगे जहां बीएसपी के 9 अस्पताल के सेकेंडरी अस्पताल में कोई इलाज या इनडोर प्रवेश या विशेष कोविड अस्पताल नहीं है। भिलाई में बहुत से कर्मचारियों के फ्लैट्एड मकान बहुत सटे हुए है, जिसके कारण से संक्रमित अपने घर में रहने के बावजूद पड़ोसी को संक्रमित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता , बाद के चरण में अस्पताल जाते हैं। आगे उन्होंने कहा की भिलाई स्टील प्लांट को तत्काल अलग अलग जगहों पर कोविड सेंटर बनाया जाना चाहिए जहाँ कर्मचारियों के साथ साथ व्यापारियों एवं आम जन मानस को रखा जा सके एवं अभी जब तक स्थिति नहीं संभलती तब तक भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों को रोस्टर प्रणाली के तहत काम करने हेतु बुलाया जान समय की मांग है नहीं तो वर्तमान स्थिति से भी भयंकर स्थिति का सामना हम सभी को करना पड़ सकता है एवं लाक डाउन खुलने की स्थिति में पुन: संक्रमण फैलने नहीं रोका जा सकता। भिलाई स्टील प्लांट को करोना के बचाव हेतु प्लांट के अंदर जन जाग्रति पोस्टर, पंपलेट, लाउड स्पीकर के माध्यम से लानी होगी इस हेतु भिलाई इस्पात संयंत्र चाहे तो व्यापारियों एवं व्यापारिक संगठनों का सहयोग भी प्राप्त कर सकता है।
 

छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन: बस्तर को छोड़ सभी जिलों में...

छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन: बस्तर को छोड़ सभी जिलों में...

रायपुर। कोरोना संक्रमण के चलते छत्तीसगढ़ में बस्तर छोड़कर लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन लौट आया है। एक-एक कर प्रदेश के सभी जिले लॉक होते जा रहे हैं। कवर्धा में जहां आंशिक लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। वहीं, 20 जिलों में टोटल लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। जहां पर प्रशासन की सख्ती पहले से ज्यादा होगी।
यहां सिर्फ मेडिकल स्टोर को छोड़कर सभी दुकानों को बंद रखने का ऐलान किया गया है। सब्जी, किराना और शराब दुकानें भी लॉकडाउन के दौरान बंद हैं। मेडिकल इमरजेंसी के लिए अस्पताल खुले हैं। साथ ही वैक्सीनेशन का भी काम जारी है।
 

लॉकडाउन : एक के बाद एक जिलों में हो रही है घोषणा अब हुआ यहाँ देखे कब से कब तक है

लॉकडाउन : एक के बाद एक जिलों में हो रही है घोषणा अब हुआ यहाँ देखे कब से कब तक है

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने आज जिले के संपूर्ण क्षेत्र को कन्टेनमेंट ज़ोन घोषित करते हुए 14 से 21 अप्रैल तक लॉक डाउन की घोषणा कर दी है।
लॉकडाउन की अवधि में केवल मेडिकल दुकानों को अपने निर्धारित समय पर खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे।
पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा केवल शासकीय वाहन/शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन, ए.टी.एम, कैश-वैन,अस्पताल/मेडिकल इमरजेन्सी से संबंधित निजी वाहन/एंबुलेंस, एल.पी.जी. परिवहन की अनुमति है। एयरपोर्ट/रेल्वे स्टेशन/अन्तर्राज्यीय बस स्टैंड से संचालित ऑटो/टैक्सी, विधिमान्य ई-पास वालों की अनुमति रहेगी।
इसके अलाव एडमिट कार्ड/कॉल लेटर दिखाने पर परीक्षार्थी/उनके अभिभावक, परिचय पत्र दिखाने पर मीडियाकर्मी/प्रेस वाहन/न्यूज पेपर हॉकर, दुग्ध-वाहन तथा छत्तीसगढ़ में नहीं रूकते हुए एक राज्य से सीधे अन्य राज्य जाने वाले वाहनों को पी.ओ.एल. प्रदान किया जाएगा।


 

BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पुनिया के घर हुआ कोरोना विस्फोट, जाने कितने लोग हुए संक्रमित

BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पुनिया के घर हुआ कोरोना विस्फोट, जाने कितने लोग हुए संक्रमित

रायपुर | छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पुनिया के घर में कोरोना विस्फोट हुआ है | प्रभारी पुनिया ने ट्विट कर जानकारी दी कि सार्वजनिक दिनचर्या होने के कारण उन्होंने अपने परिवार वालों की कोरोना जांच करवाई जिसमे उनकी धर्मपत्नी, तनुज एवं पुत्रवधु संक्रमित पाए गए हैं | प्रभारी पुनिया ने खुद को आइसोलेट कर लिया है | 

BIG BREAKING : कोरोना नियंत्रण के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 50 करोड़ रू.की मंजूरी

BIG BREAKING : कोरोना नियंत्रण के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 50 करोड़ रू.की मंजूरी

रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में कोरोना संक्रमण से रोकथाम के प्रयासों में और तेजी लाने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से पचास करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है जो  इस मद में पूर्व में दी गई 192.37 करोड़ रुपये के अतिरिक्त है ।

श्री बघेल ने वर्ष 2021- 22 के लिए प्रावधानित राशि में  से उपरोक्त पचास करोड़ रुपये की राशि तत्काल स्वीकृत कर स्वास्थ्य विभाग को देने का निर्णय लेते हुये यह  निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग कोविड संक्रमण की रोकथाम हेतु नमूनों के संकलन , स्क्रीनिंग ,  नवीन प्रयोग शालाओं की स्थापना , कोविड अस्पतालों में आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिये किया जायेगा ।

उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व विभिन्न मदों से विगत एक वर्ष में 853 करोड़ रुपये से अधिक राशि का आबंटन श्री बघेल के निर्देश पर कोविड नियंत्रण से संबंधित विभिन्न कार्यो के लिए किया जा चुका है , जिसमें जांच एवं उपचार के साथ ही विभिन्न स्तरों पर अधोसंरचना का विकास शामिल हैं। श्री बघेल ने समस्त जिला कलेक्टरों और विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं कि आर्थिक तथा विभिन्न संसाधनों की किसी भी हालत में कोई कमी न होने दी जाए । मुख्य सचिव तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव से निरंतर मॉनीटरिंग के लिए कहा गया है ।

अब जिले में शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में, कलेक्टर ने दिए निर्देश

अब जिले में शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में, कलेक्टर ने दिए निर्देश

धमतरी | धमतरी जिले में कोरोना मरीजों के बढ़ते प्रकरण के मद्देनजर उनके कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में अब शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बताया कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में स्वास्थ्य अमला के सहयोग के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है, जिससे कि जल्द से जल्द ट्रेसिंग में सहूलियत हो। उन्होंने सभी शिक्षकों से पंचायत, स्वास्थ्य विभाग के अमले से समन्वय स्थापित कर इस विपदा के समय में आवश्यक सहयोग करने की अपेक्षा भी की है।

BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ के एक और जिले में लॉकडाउन आदेश हुआ जारी, देखें आदेश

BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ के एक और जिले में लॉकडाउन आदेश हुआ जारी, देखें आदेश

बलरामपुर | छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते आज कलेक्टर श्याम धावडे ने लॉकडाउन का आदेश जारी कर दिया है | जारी आदेश के अनुसार बलरामपुर जिले में 14 अप्रैल शाम 6:00 बजे से 25 अप्रैल रात्रि 12:00 बजे तक बलरामपुर रामानुजगंज जिले में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। लॉक डाउन की अवधि में बलरामपुर रामानुजगंज जिले के संपूर्ण सीमाएं सील रहेंगे साथ ही आपातकालीन एवं मेडिकल सेवाओं को खुली रखने की अनुमति रहेगी।

देखें विस्तृत आदेश :-

बड़ी खबर रायपुर : अब रेल यात्रा करने से पहले रेलवे स्टेशन में होगी कोरोना की जाँच, दिशा-निर्देश हुआ जारी

बड़ी खबर रायपुर : अब रेल यात्रा करने से पहले रेलवे स्टेशन में होगी कोरोना की जाँच, दिशा-निर्देश हुआ जारी

रायपुर |  छत्तीसगढ़ में रेलयात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों हेतु कोविड टेस्ट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इस संबंध में राज्य के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

जारी दिशानिर्देशानुसार नोवेल कोरोना वायरस के नये वेरियन्ट के संक्रमण पर नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में रेलयात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले सभी ट्रेनों के सभी यात्रियों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने से पूर्व 72 घंटे के भीतर कराये गये कोरोन जांच टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा। जारी दिशा-निर्देश के अनुसार ऐसे यात्री जिनके पास निर्धारित समयावधि की कोरोना जांच टेस्ट रिपोर्ट नहीं होगी, उनकी कोविड टेस्ट जांच रेलवे स्टेशन पर की जाएगी। कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एसओपी अनुसार संस्थागत क्वारेंटीन, कोविड केयर सेन्टर, अस्पताल में रखा जाएगा। रेलयात्रा में पॉजीटिव यात्री के कान्टेक्ट ट्रेसिंग हेतु निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
 
इन शहरों में स्थापित होंगे विद्युत शवदाहगृह, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने दिए निर्देश

इन शहरों में स्थापित होंगे विद्युत शवदाहगृह, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने दिए निर्देश

रायपुर। महामारी के कारण हो रही अधिक मौतों और मुक्तिधाम में शव जलाने में उत्पन्न हो रही कठिनाइयों से निपटने के लिए विद्युत शवदाहगृह स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने मुक्तिधामों में मौत के बाद शव जलाने में लम्बा इंतजार और लोगों को आ रही कठिनाइयों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर,कोरबा,भिलाई और रिसाली नगर निगम में विद्युत शवदाहगृह स्थापित करने आवश्यक निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और भिलाई और दुर्ग,रिसाली नगर निगम आयुक्त को इस संबंध में अल्पकालीन निविदा/ ईओआई जारी करने 7 दिवस की अनुमति प्रदान की गई है। रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, कोरबा में विद्युत शवदाहगृह के लिए पूर्व में ही अनुमति दी जा चुकी थी जबकि रिसाली और दुर्ग के लिए अधोसंरचना मद से अलग अलग 47 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। विभाग ने आयुक्तों को शीघ्र ही विद्युत शवदाहगृह स्थापित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

माओवादियों ने वाहनों में की आगजनी, वाटर फिल्टर प्लांट निर्माण में लगे थे वाहन

माओवादियों ने वाहनों में की आगजनी, वाटर फिल्टर प्लांट निर्माण में लगे थे वाहन

बीजापुर, वाटर फिल्टर प्लांट के निर्माण कार्य मे लगे वाहनों को दिन दहाड़े नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया है । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल घटना स्थल की ओर रवाना हो गई है ।
एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि नैमेड थाना क्षेत्र के मिनगाचल नदी में बीजापुर नगर में पानी की आपूर्ति के लिए वाटर फिल्टर प्लांट का निर्माण किया जा रहा है । इस कार्य मे लगे वाहनों को नक्सलियों ने चालको को वाहन से उतार कर आग के हवाले कर दिया है । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल को घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया गया है ।

 

भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव पर जयपुर पैर बांटे

भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव पर जयपुर पैर बांटे

रायपुर। भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव पर आयोजित निःशुल्क जयपुर पैर शिविर में लॉकडाऊन के पहले सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के सहयोग से 4 विकलांगों को जयपुर पैर बांटे गए।
ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर की उपस्थिति में चंद्रा धरसींवा, शत्रुघ्न अर्जुनी , जमुना केशकाल ,रूप चंद रायपुर को कृत्रिम पैर लगाकर बिना सहारे चलते हुए घर भेजा गया । भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेन्द्र कोचर व महासचिव चन्द्रेश शाह ने बताया कि इस वर्ष 100 विकलांगों को जयपुर पैर देने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन कोरोना की वजह से अभी वर्कशॉप बन्द कर दिया गया है । अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि भगवान महावीर स्वामी के बताए मार्ग के अनुसार जन्मकल्याणक के कार्यक्रम तय किए गए हैं जिसे सकल जैन समाज के भाई बहन उत्साहपूर्वक घर घर में मनाएंगे ।
18 अप्रैल से 25 अप्रैल तक के कार्यक्रम जारी किए गए हैं। समिति के मुख्य सलाहकार विजय चोपड़ा व कोषाध्यक्ष सुशील कोचर ने बताया कि, आसपास के सारे जैन संघों से सम्पर्क किया जा रहा है कि, सम्पूर्ण जैन समाज इस जन्मकल्याणक महोत्सव को कोरोना संकट के समय सावधानी पूर्वक उत्साह के साथ मनाएं। इस महोत्सव के लिए धर्म करो भव से तरो की थीम पर सभी कार्यक्रम तय किए गए हैं ।
 

सुबह से लगी रही हजारों लोगों की लाइन, रेमिडेसिविर की आई सिर्फ 70 वाइल, खाली हाथ मायूस होकर लौटे लोग

सुबह से लगी रही हजारों लोगों की लाइन, रेमिडेसिविर की आई सिर्फ 70 वाइल, खाली हाथ मायूस होकर लौटे लोग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण इन दिनों चरम पर है, इस वक्त उपचार के लिए उपयोग में लाइ जाने वाली दवा रेमिडेसिविर के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग के उपसंचालक ने रायपुर में इंजेक्शन मिलने वाली दुकानों की सूची जारी की है। जारी आदेश के अनुसार यह सूची 27 मार्च की है। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि सूचीबद्ध सभी दवा दुकानों में उपरोक्त इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं है। रायपुर के एक ही दवा दुकान कुमार मेडिकल में यह दवाई मिल रही है, जहां मरीजों के परिजनों को सुबह से लेकर शाम तक लाइन में खड़े होकर दवाई का इन्तजार करना पड़ रहा है। बता दें कि आज राजधानी के कुमार मेडिकोज में रविवार को 70 वायल पहुँची, लेकिन इसे लेने सुबह 8 बजे से ही लगभग 500 से 700 लोग लाइन में खड़े हो गए थे। 
उल्लेखीय है कि सूची में मौजूद नामों में मेडिकल काम्प्लेक्स की 8 दुकानें हैं, जिनमें सिर्फ एक ही दुकान में इंजेक्शन उपलब्ध है, जिस कारण मरीजों के परिजनों को दवाई के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है। आज रविवार होने के बाद भी लोग सुबह से ही कतार बढ़ होकर दवाई का इन्तजार कर रहे हैं, लेकिन दोपहर 2 बजे तक दवाई दुकान ही नहीं खुली है।
इसके साथ ही शेष दुकानों में स्टॉक नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसी में आज राजधानी में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 4 हजार के पार पहुँच गयी है। ऐसे में पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ही 11 हजार के पार प्रति मरीज यह दवाई 6 वाइल की जरुरत है, ऐसे में प्रदेश में एक दिन में लगभग 12 हजार वाइल की जरुरत प्रतिदिन है, लेकिन यह दवाई प्रतिदिन 300 से 400 वाइल राजधानी पहुँच रही है, इसके साथ ही जनऔषधी केंद्र में 900 रूपये में मिलने वाली एक वाइल बाजार में 5000 से 5400 रूपये प्रति वाइल मिल रही है।
ऐसे में राज्य सरकार को इंजेक्शन के पर्याप्त इंतजाम की व्यवस्था करने की दिशा में विचार करना चाहिए साथ ही आपदा के वक्त को अवसर बना कर लाभ कमाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई करने की दिशा में विचार करने की जरुरत है।
 

दंतेवाड़ा में फिर हुआ पुलिस-नक्सली मुठभेड़, इस बार इनामी नक्सली हुआ ढेर

दंतेवाड़ा में फिर हुआ पुलिस-नक्सली मुठभेड़, इस बार इनामी नक्सली हुआ ढेर

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में डीआरजी और कटेकल्याण एरिया कमेटी के नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी नक्सली ढेर हो गया है। जवानों ने नक्सली का शव बरामद कर लिया है। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर हो गया है। नक्सली का नाम वेट्टी हुंगा है। जवान पहले से ही नक्सली की तलाश कर रहे थे। आखिरकार नक्सली मुठभेड़ में ढेर हो गया।
डीआरजी के जवानों ने मारे गए नक्सली से एक 8mm पिस्टल, 1 देसी कट्टा, 2 किलो की एक आईईडी, नक्सली साहित्य, पिठ्ठू सहित अन्य नक्सल सामग्री भी जावनों ने बरामद किया है।
 

BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ के एक और जिले में लगा लॉकडाउन, जाने कब से कब तक है और क्या क्या सुविधाए रहेंगी चालू

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गरियाबंद, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार द्वारा नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के रोकथाम/नियंत्रण के संबंध में जारी गाइड लाइन अनुसार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री निलेश कुमार क्षीरसागर द्वारा गरियाबंद जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को 13 अप्रैल प्रातः 06:00 बजे से 23 अप्रैल 2021 प्रातः 06:00 बजे तक कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इस आशय का आदेश आज जारी किया गया ।

आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में कोविड-19 प्रकरणों संख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुये जिला गरियाबंद में सार्वजनिक आवागमन एवं अन्य गतिविधियों पर कडे प्रतिबंध अधिरोपित किया जाना अत्यावश्यक हो गया है। अतएव दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30, 34 सहपठित ऐपिडेमिक एक्ट 1897 यथासंशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस कार्यालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक 1458/एडीएम/2021 गरियाबंद दिनांक 25.03 2021 एवं आदेश कमांक 1557/एडीएम/2021 गरियाबंद दिनांक 31.03.2021 में आंशिक संशोधन करते हुये मैं निलेशकुमार क्षीरसागर, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, गरियाबंद निम्नलिखित आदेश प्रसारित करता हूँ।

 

गरियाबंद जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को दिनांक 13 अप्रैल 2021 प्रातः 06:00 बजे से 23 अप्रैल 2021 प्रातः 06:00 बजे तक कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जाता है।
उपरोक्त दर्शित अवधि में गरियाबंद जिले की सभी सीमाएँ पूर्णतः सील रहेगी। उपरोक्त अवधि में केवल मेडिकल दुकानों को अपने निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक दवाओं की होम डिलवरी व्यवस्था को प्राथमिकता देगें। पेट्रोल पंप संचालको द्वारा केवल शासकीय वाहनों व शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहनों,अस्पताल/मेडिकल से इमरजेन्सी से संबंधित निजी वाहन/एम्बुलेंस तथा एल.पी.जी परिवहन कार्य में प्रयुक्त वाहन, बस स्टैण्ड से संचालित ऑटो/टैक्सी, विधिमान्य, एडमिट कार्ड/कॉल लेटर दिखाने पर परीक्षार्थी/ उनके अभिभावक, परिचय पत्र दिखाने पर मीडियाकर्मी/प्रेस वाहन/न्यूज पेपर हाकर, दुग्ध-वाहन तथा छत्तीसगढ़ में नही रूकते हुऐ अन्य राज्य से सीधे अन्य जाने वाले वाहन को पी.ओ.एल. प्रदान किया जायेगा। अन्य सभी वाहनों हेतु पी.ओ.एल. प्रदान करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

दुग्ध पार्लर व दुग्ध-वितरण तथा न्यूज होकर द्वारा सामाचार पत्रों के वितरण की समयावधि का निर्धारण प्रातः 06 00 बजे से प्रात: 08:00 बजे तक एवं संध्या 05:00 बजे से सध्या 06.30 बजे तक होगी। साथ ही यह स्पष्ट किया जाता है कि दुग्ध व्यवसाय हेतु कोई दुकान /पार्लर नही खोले जायेगे। केवल दुकान/पार्लर के सामने फिजिकल डिस्टेसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए उपरोक्त समयावधि में केवल दुग्ध विक्रय की अनुमति होगी। पैट शॉप/एक्वेरियम को केवल पशुओं को पशुचारा देने हेतु प्रातः 06 बजे से प्रात: 08 बजे तक एवं संख्या 05 बजे से 06: 30 बजे तक खोलने की अनुमति होगी।
एल.पी.जी. गैस सिलेन्डर की एजेसियों केवल टेलिफोनिक या ऑनलाईन ऑर्डर लेंगे तथा ग्राहको को सिलेन्डरों की घर पहुँच सेवा उपलब्ध करायेंगे। जिले के अंतर्गत लगने वाले समस्त साप्ताहिक बाजार/हाट बंद रहेगे। औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण इकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर (Onsite) मजदूरों को रखकर द अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुए उद्योगों के संचालक व निर्माण कार्यो की अनुमति होगी। उक्त अवधि के दौरान सम्पूर्ण जिला अन्तर्गत संचालित समस्त शराब दुकाने बंद रहेगी। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे। उपरोक्त अवधि में गरियाबंद जिले अन्तर्गत सभी केन्द्रीय/शासकीय/अशासकीय/ निजी कार्यालय एवं बैंक बंद रहेंगे। तथापि टेलीकॉम के संचालन व रख-रखाव से जुड़े कार्यालय वर्कशाप, रेक पाइंट पर लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य खाद्य सामाग्री के थोक परिवहन, धान मिलिंगहेतु परिवहन एवं शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधिया बंद रहेगी, किन्तु अस्पताल एवं एटीएम पूर्ववत संचालित रहेगी।
सभी प्रकार की सभाएँ. जुलुस, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन इत्यादि पूर्णत प्रतिबंधित रहेगे। कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु जिले में समस्त कार्य जैसे कांटैक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आइसोलेशन, दयाई वितरण आदि पूर्वानुसार चलते रहेंगे। इन कार्य में संलग्न सभी कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्वानुसार अनिवार्य होगी। कोविड केयर सेन्टर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार संचालित रहेंगे।

गरियाबंद जिले में प्रतियोगी/अन्य परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थीयों हेतु उनका एडमिट कार्ड मान्य होगा तथा रेलवे, टेलीकॉम का संचालन रख-रखाव का कार्य या हास्पिटल या कोविड-19 ड्यूटी में संलग्न कर्मचारियों/चिकित्सकों की दशा में नियोक्ता द्वारा जारी आई कार्ड, ई-पास के रूप में मान्य किया जायेगा। अपरिहार्य परिस्थितियों में गरियाबंद जिले से अन्यत्र आने-जाने वाले यात्रियों को ई-पास के माध्यम से पूर्व अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। कोविड-19 टीकाकरण हेतु पजीयन, कोविङ-19 जाच हेतु मेडिकल दस्तावेज या आधार कार्ड/विधिमान्य परिचय पत्र दिखाने पर कोविड-19 टीकाकरण केन्द्र अस्पताल/पैथालॉजी लैब अथवा आने-जाने की अनुमति होगी, किन्तु अनावश्यक भ्रमण सख्त प्रतिबंधित रहेगा। आपात स्थिति में यात्रा के दौरान 04 पहिया वाहनों में ड्राईवर सहित अधिकतम 03 ऑटो में ड्राईवर सहित अधिकतम 03 एवं दो पहिया वाहन में केवल 02 व्यक्तियों की यात्रा की अनुमति होगी। बस स्टैण्ड, हास्पिटल आवागमन हेतु ऑटो/टैक्सी परिचालन की अनुमति रहेगी,किन्तु अन्य प्रयोजन हेतु पूर्णत प्रतिबंध रहेगा। इस निर्देश का उल्लंघन किये जाने पर 15 दिवस हेतु वाहन जप्त करते हुए चालानी व अन्य कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

विवाह इत्यादि प्रयोजन हेतु पूर्व में अधिकतम 50 व्यक्तियों के शामिल होने हेतु अनुमति प्रदान की गई थी, किंतु कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के दृष्टिगत विवाह इत्यादि प्रयोजन हेतु पूर्व में प्रदाय की गई समस्त अनुमतियों को निरस्त किया जाता है। विवाह कार्यकम वर अथवा वधू केनिवास-गृह में ही आयोजित करने की शर्त के साथ आयोजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की जाती है। इसी प्रकार अंत्येष्टि, दशगात्र, इत्यादि मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की जाती है।
मीडिया कर्मी यथासंभव वर्क फाम होम द्वारा कार्य सम्पादित करेंगे। अत्यावश्यक स्थिति में कार्य हेतु बाहर निकलने पर अपना आई-कार्ड साथ रखेगें तथा फिजिकल डिस्टेसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश कार्यालय पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, होम गार्ड, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं पुलिस चौकी पर लागू नही होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित पदाधिकारी एवं बिजलीकर्मी, पेयजल आपूर्ति एवं नगरपालिका सेवायें जिसमें सफाई, सिवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाएं संचालन हेतु संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय संचालन एवं आवागमन की अनुमति होगी, किन्तु इन शासकीय कार्यालयों में उपरोक्त अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। राज्य शासन के विशेष आदेश द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सेवा के संचालन की अनुमति होगी।

उपरोक्त बिन्दुओं को छोड़कर जिले मे समस्त गतिविधियाँ पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/समूह / प्रतिष्ठान भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एवं 270, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 एवं महामारी नियंत्रण अधिनियम 1897 यथा संशोधित 2020 के तहत् तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही के भागी होंगे। यह आदेश अल्प समयावधि में लागू किया जाना अति आवश्यक है। वर्तमान परिस्थितियों में इस आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को सम्यक समय में तामिली संभव नही होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया जाता है।
यह आदेश 13 अप्रैल 2021 समय प्रातः 06:00 बजे से 23 अप्रैल 2021 को प्रातः 06:00 बजे तक प्रभावशील होगा। 

रेमडेसीवीर की आपूर्ति करने छत्तीसगढ़ के अधिकारी जायेंगे हैदराबाद और महाराष्ट्र

रेमडेसीवीर की आपूर्ति करने छत्तीसगढ़ के अधिकारी जायेंगे हैदराबाद और महाराष्ट्र

रायपुर। मुख्यमंत्री ने हवाई मार्ग के साथ रेल मार्ग से अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट की 72 घंटे के भीतर की निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने बिना निगेटिव रिपोर्ट के आने वाले यात्रियों की जांच और उन्हें एसओपी के अनुसार क्वारेंटिन, कोविड केयर सेंटर या अस्पताल में रखने की व्यवस्था भी करने कहा। उन्होंने प्रदेश में रेमडेसीवीर इंजेक्शन की सुचारू आपूर्ति के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि इस दवाई का उत्पादन करने वाली कम्पनियों के साथ समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को हैदराबाद और महाराष्ट्र भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष से चर्चा कर उनसे अन्य राज्यों से रेमडेसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों पर चिकित्सा विशेषज्ञों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से चर्चा के बाद ये निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल संचालकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कोविड-19 के इलाज में आ रही दिक्कतों, ऑक्सीजन और जरूरी दवाईयों की आपूर्ति के संबंध में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मरीजों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। इस चुनौती का यदि हम योजनाबद्ध तरीके से सामना करेंगे तो अवश्य सफल होंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ की महाराष्ट्र से लगने वाली सभी सीमाओं पर यात्रियों की कड़ाई से जांच की जाए। एयरपोर्ट के साथ ही रेलवे स्टेशनों में भी छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों की जांच की व्यवस्था की जाए। आवश्यकतानुसार यात्रियों को क्वारेंटाईन सेंटर और आईसोलेशन में रखने की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार गांवों में भी संक्रमण फैल रहा है। इसे रोकने के लिए प्रदेश के बाहर से आने वालों की जांच कराना आवश्यक है। गांवों में क्वारेंटाईन सेंटर स्थापित करने के लिए राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्राईवेट अस्पतालों के संचालकों से कहा कि कोरोना मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज करें। इसके लिए राज्य सरकार भी जरूरी सहयोग देगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला और नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के.डी. कुंजाम भी उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के अनेक चिकित्सा विशेषज्ञ, तीनों जिलों के कलेक्टर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और ड्रग एसोसिएशन के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस से चर्चा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ टेंिस्ंटग के मामले में बड़ी आबादी वाले कई राज्यों से आगे है। प्रदेश में रोज 40 से 50 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने वाला राज्य भी है। यहां की 13 प्रतिशत आबादी को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्दी ही चार और जिलों में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे रोजाना सेम्पल जांच की संख्या बढ़ने के साथ ही जांच रिपोर्ट भी जल्दी मिलने लगेगी। उन्होंने कहा कि आरटीपीसीआर के साथ एंटीजन टेस्ट भी करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले संयंत्रों को पहले छत्तीसगढ़ के शासकीय और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निजी क्षेत्र के कुछ नये उद्योगों को भी मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन की अनुमति दी गई है। इससे प्रदेश के सभी अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना मरीजों को इलाज में कम से कम आर्थिक बोझ पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निजी क्षेत्र के अस्पतालों से चर्चा कर इलाज की दरों को पुनरीक्षित करें। उन्होंने कहा कि कोरोना के इलाज को भी डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना से सम्बद्ध करें। उन्होंने जरूरत के मुताबिक नये अस्पतालों को भी इलाज की अनुमति प्रदान करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के कलेक्टरों को ऑक्सीजन और आईसीयू सुविधा वाले बिस्तरों तथा वेन्टीलेटर की संख्या बढ़ाने के लिए विधायकों से विधायक निधि की राशि के माध्यम से सहयोग करने का आग्रह करने कहा। उन्होंने औद्योगिक घरानों से भी इसके लिए सहायता लेने कहा।
एम्स के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर, डॉ. अजय बेहरा, रामकृष्ण केयर अस्पताल के डॉ. संदीप दवे, नारायणा अस्पताल के डॉ. सुनील खेमका, श्रीबालाजी अस्पताल के डॉ. देवेन्द्र नायक, डॉ. शशांक गुप्ता, आईएमए के डॉ.राकेश गुप्ता, डॉ. विकास अग्रवाल, ड्रग एसोसिएशन के विनय कृपलानी, दुर्ग के डॉ. प्रतीक कौशिक, डॉ. आशीष मित्तल, डॉ. अरविंद प्रकाश सावंत, डॉ. खेरूल, बिलासपुर के डॉ. अखिलेश देवरस, डॉ. मनोज राय, सिम्स के डॉ. रवि शेखर, डॉ. श्रीकांत गिरी, डॉ. आशुतोष तिवारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
 

राज्य में नहीं होगी आक्सीजन की कमीं, मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश...

राज्य में नहीं होगी आक्सीजन की कमीं, मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश...

रायपुर, राज्य में उत्पादित होने वाली आक्सीजन का 80 प्रतिशत अब मेडिकल आक्सीजन गैस के रूप में राज्य के अस्पतालों को प्रदान किया जायेगा। राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में आक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी अधिनियम के तहत इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी हैं।
आदेश में यह भी कहा गया हैं कि अत्यंत आवश्यक स्थिति में उद्योगों को प्रदान की जाने वाली 20 प्रतिशत आक्सीजन भी अस्पतालों को प्रदान की जायेगी। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव सी आर प्रसन्ना द्वारा जारी आदेश में कहा गया हैं कि समस्त आक्सीजन गैस उत्पादन करने वाली संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि आक्सीजन गैस का उत्पादन निरंतर बिना रुकावट के अपनी पूर्ण क्षमता के साथ फैक्ट्री में किया जाए। राज्य के सभी संभाग आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को इसे लागू करने के लिए सक्षम प्राधिकारी बनाया गया हैं।
 

रायपुर: होम आइसोलेशन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित, मरीज दिए गए नंबर पर कर सकते है संपर्क

रायपुर: होम आइसोलेशन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित, मरीज दिए गए नंबर पर कर सकते है संपर्क

रायपुर। कलेक्टर डॉ एस. भारतीदासन के निर्देश पर रायपुर जिले में होम आईसोलेशन के दौरान किसी भी सहायता के लिए संपर्क करने कंट्रोल रुम स्थापित किया गया है। यहा का फोन नं- 7880100313,7880100314, 7880100315, 7566100284, 7566100283, 7566100285 है।
होम आइसोलेशन वाले मरीजों को आपात स्थिति में हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था के लिए सहायक नोडल अधिकारी ए.ओ. लॉरी उप संचालक रोजगार फोन नं- 94063-46840, श्री डी.के. सिंह उप संचालक मत्स्य पालन विभाग फोन नं- 88397-78979 बनाया गया है।
इसी तरह कुन्दन सिंह डी.पी.एम., फोन नं- 86760-56184 सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक, विक्रम सिंह, डी.पी.एम फोन नं- 91791-13793, शिवेन्द सिंह डी.पी.एम., फोन नं- 98930-61946 ,दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक, एच.आर. देवांगन, सहा. मत्स्य अधि.रायपुर फोन नं-83193-82779, अनुभूति देवांगन, सहा. मत्स्य अधि.रायपुर फोन नं- 86691-22430, सोनल सोनी, शिक्षक, फोन नं- 88399-24004, प्रकाश दीवान, व्याख्याता, फोन नं- 98271-75990,शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक, सी.एल शर्मा सहा. परियोजना अधि. साक्षर भारत फोन नं- 98279-58846, लोकेश वर्मा प्रभारी पढ़ना बढ़ना अभियान फोन नं- 9977-451981, समर अब्बासी, सहायक शिक्षक, फोन नं-90396-58761,रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम के प्रभारी डॉक्टर से फोन नं-75661-00283, 75661-00284, 75661-00285 से संपर्क किया जा सकता है।
 

राजधानी में सिर्फ इस  दुकान में मिल रहा रेमिडेसिविर इंजेक्शन, एक-एक वाइल के मोहताज हो रहे लोग...

राजधानी में सिर्फ इस दुकान में मिल रहा रेमिडेसिविर इंजेक्शन, एक-एक वाइल के मोहताज हो रहे लोग...

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण इन दिनों चरम पर है, इस वक्त उपचार केलिए उपयोग में लाइ जाने वाली दवा रेमिडेसिविर के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग के उपसंचालक ने रायपुर में इंजेक्शन मिलने वाली दुकानों की सूची जारी की है। जारी आदेश के अनुसार यह सूची 27 मार्च की है। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि सूचीबद्ध सभी दवा दुकानों में उपरोक्त इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं है। रायपुर के एक ही दवा दुकान कुमार मेडिकल में यह दवाई मिल रही है, जहां मरीजों के परिजनों को सुबह से लेकर शाम तक लाइन में खड़े होकर दवाई का इन्तजार करना पड़ रहा है।
उल्लेखीय है कि सूची में मौजूद नामों में मेडिकल काम्प्लेक्स की 8 दुकानें हैं, जिनमें सिर्फ एक ही दुकान में इंजेक्शन उपलब्ध है, जिस कारण मरीजों के परिजनों को दवाई के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है। आज रविवार होने के बाद भी लोग सुबह से ही कतार बढ़ होकर दवाई का इन्तजार कर रहे हैं, लेकिन दोपहर 2 बजे तक दवाई दुकान ही नहीं खुली है।
इसके साथ ही शेष दुकानों में स्टॉक नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसी में आज राजधानी में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 4 हजार के पार पहुँच गयी है। ऐसे में पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ही 11 हजार के पार प्रति मरीज यह दवाई 6 वाइल की जरुरत है, ऐसे में प्रदेश में एक दिन में लगभग 12 हजार वाइल की जरुरत प्रतिदिन है, लेकिन यह दवाई प्रतिदिन 300 से 400 वाइल राजधानी पहुँच रही है, इसके साथ ही जनऔषधी केंद्र में 900 रूपये में मिलने वाली एक वाइल बाजार में 5000 से 5400 रूपये प्रति वाइल मिल रही है।
ऐसे में राज्य सरकार को इंजेक्शन के पर्याप्त इंतजाम की व्यवस्था करने की दिशा में विचार करना चाहिए साथ ही आपदा के वक्त को अवसर बना कर लाभ कमाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई करने की दिशा में विचार करने की जरुरत है।
 

 कोरोनावायरस में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन के मूल्य पर सरकार का कंट्रोल नहीं-राठी

कोरोनावायरस में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन के मूल्य पर सरकार का कंट्रोल नहीं-राठी

रायपुर। चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार राठी ने कहा कि कोरोना के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी होने से शहर की जनता को भटकना पड़ रहा है। राठी ने बताया कि गंभीर मरीजों को दिन में कई बार इस इंजेक्शन देने की जरूरत होती है ऐसे में अस्पताल प्रशासन द्वारा परिजनों को इंजेक्शन लाने कहा जा रहा है जबकि स्टॉक में इंजेक्शन नहीं होने के कारण परिजनों को अनेक प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है एवं सैकड़ों मरीज का जीवन संकट में आ गया है।

राठी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल रेमडेसिविर इंजेक्शन सभी मेडिकल स्टोर में उपलब्ध कराई जाए ताकि कोरोना के इलाज में कारगर इस इंजेक्शन के चलते हो रही मौतों पर लगाम लगाया जा सके एवं इंजेक्शन का एक निर्धारित मूल्य जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाए जिससे अलग-अलग रेट से आम जनता को छुटकारा मिल सके |
 लॉकडाउन 2021: छत्तीसगढ़ का एक और जिला बिलासपुर में भी हुआ लॉक डाउन का ऐलान, जाने कब से कब तक

लॉकडाउन 2021: छत्तीसगढ़ का एक और जिला बिलासपुर में भी हुआ लॉक डाउन का ऐलान, जाने कब से कब तक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ का एक और महत्वपूर्ण जिले बिलासपुर में भी लाकडाउन होने जा रहा है। प्रदेश में अब तक 12 जिलों में लाॅकडाउन लग चुका है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर कलेक्टर अब सख्त कदम उठाने जा रहा है। 

कोराना प्रकरण के पाॅजिटिव मरीज की संख्या में लगातार वृद्धि होने कारण बिलासपुर जिला में सार्वजनिक आवागमन और अन्य गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध किए जाने की आवश्यकता हो गया है। जिसके तहत कलेक्टर ने 14 अप्रैल सुबह 6 बजे से 21 अप्रैल रात्रि 12 बजे तक कन्टेनमेंट घोषित किया है। 13वें जिले के रूप में अब बिलासपुर में लाॅकडाउन लग गया है। इस दौरान संपूर्ण जिला 8 दिनों के लिए बंद रहेगा। हालांकि अन्य जिलों से आमलोगों को यहां थोड़ी राहत होगी। बंद के दौरान सिर्फ अति आवश्यक जैसे पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, दूध, अखबार बांटने की ही छूट रहेगी। शनिवार की रात इस संबंध में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक के बाद आज रविवार को लाकडाउन पर विस्तृत गाइडलाइन जारी किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले कलेक्टर ने बाजारों के वक्त में बदलाव कर और नाईट कर्फ्यू के जरिए कोरोना को कंट्रोल करने की कोशिश की थी, लेकिन कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा था। आलम यह रहा कि रोज कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या इस साल में सबसे ज्यादा बढ़ रही है।
 
 लॉकडाउन: छत्तीसगढ़ के इस जिले में हुआ 13 से 23 तक लॉकडाउन का आदेश जारी

लॉकडाउन: छत्तीसगढ़ के इस जिले में हुआ 13 से 23 तक लॉकडाउन का आदेश जारी

सरगुजा। दुर्ग, रायपुर, बेमेतरा, राजनांदगांव व कोरिया जिले के बाद अब सरगुजा जिले में भी लॉकडाउन  लगाने का निर्णय लिया गया है। कलक्टर सरगुजा ने एक आदेश जारी कर 13 अप्रैल से 23 अप्रैल तक सख्त लॉकडाउन के निर्देश दिए हैं।

इस दौरान सरगुजा जिले के सभी सीमाएं सील होंगीं। 13 अप्रैल की सुबह 6 बजे से 23 अप्रैल की रात 12 बजे तक यह लॉकडाउन होगा। आवश्यक सेवाओं की दुकानों को छोड़कर सब बंद रहेंगे।

छत्तीसगढ़ में कोरोना भयावह रूप लेता जा रहा है। यहां हर दिन 10 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इसी कड़ी में सरगुजा में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या में हर दिन इजाफा होता जा रहा है।

यहां 200 से अधिक मरीज रोजाना मिल रहे हैं। संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सरगुजा कलक्टर संजीव कुमार झा ने 10 दिन का सख्त लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। इसके तहत 13 अप्रैल से सुबह 6 बजे से 23 अप्रैल की रात 12 बजे तक आवश्यक सेवाओं व दुकानों को छोड़कर अंबिकापुर शहर समेत पूरा जिला बंद रहेगा।

मेडिकल व पेट्रोल पंप को बंद से मुक्त रखा गया है। पेट्रोल पंप पर शासकीय वाहन व अति आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही पेट्रोल मिल पाएगा।

कलेक्टर ने जारी किया ये आदेश-
1. सरगुजा जिला  अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्र को 13 से 23 अप्रैल तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। ऐसी स्थिति में जिले की सभी सीमाएं सील रहेंगीं।
2. सिर्फ मेडिकल दुकानों को निर्धारित अवधि में खुलने की अनुमति होगी, मेडिकल दुकान संचालक मरीजों को दवा की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे।
3. पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा केवल शासकीय व शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन, एटीएम कैश वैन, अस्पताल-मेडिकल व इमरजेंसी से संबंधित वाहन, दुग्ध वाहन तथा परिचय पत्र दिखाने पर मीडियाकर्मी/प्रेस वाहन/न्यूज पेपर हॉकर को ही पीओएल प्रदान किया जाएगा।
4. जिले के सभी साप्ताहिक व हाट-बाजार बंद रहेंगे।
5. दुग्ध पार्लर व दुग्ध वितरण, पेट शॉप, एक्वेरियम समेत न्यूज पेपर के हॉकरों को सुबह 6 से 8 बजे तथा शाम 5 से 6.30 बजे तक ही वितरण की अनुमति होगी।
6. एलपीजी गैस सिलेंडर की एजेंसियां फोन पर बुकिंग करने के बाद घर पहुंच सेवा देंगे।
7. इस दौरान समस्त शराब दुकानें बंद रहेंगीं तथा औद्योगिक संस्थानों व निर्माण इकाइयों को कैंपस के भीतर आवश्यक व्यवस्था करते हुए संचालन की अनुमति हेागी।
8. सभी धार्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णत: बंद रहेंगे। वहीं सभी प्रकार की सभा जुलूस व सामाजिक-राजनीतिक आयोजन भी बंद रहेंगे।
9. जिले के सभी केंद्रीय, शासकीय, अद्र्धशासकीय, सार्वजनिक, निजी कार्यालय एवं बैंक बंद रहेंगे।
10. शादी एवं दशगात्र में मात्र 20 व्यक्तियों के शामिल होने की ही अनुमति होगी। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
11. आपात की स्थिति में फोरव्हीलर वाहन में ड्राइवर समेत 4, ऑटो में ड्राइवर समेत 3 तथा बाइक में 2 व्यक्तियों को बैठने की अनुमति होगी
 छत्तीसगढ़ का बजट न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ का बजट न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला : भूपेश बघेल

उत्तर बस्तर कांकेर। मुख्यमंत्री ने लोकवाणी की 17वीं कड़ी में कहा कि छत्तीसगढ़ का बजट न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला है। इसमें कोरोना काल के सबक ग्लोबल इंसानियत तथा लोकल संसाधनों से स्थानीय लोगों के सशक्तीकरण पर जोर दिया गया है। ‘नया बजट-नए लक्ष्य’ विषय पर श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस वर्ष सभी वर्ग के लोगों के हित को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना का उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न फसल लेने वाले किसान भाइयों को किसी न किसी तरीके से सशक्त बनाना है। पहले साल हमने 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान किया। दूसरे साल समर्थन मूल्य पर खरीदी के नि यम के अनुसार समर्थन मूल्य का भुगतान किया और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, मक्का, गन्ना आदि फसल लेने वाले लगभग 19 लाख किसानों को 5 हजार 628 करोड़ का भुगतान किया गया। इस साल हमने 20 लाख 53 हजार किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की है, जो प्रदेश के इतिहास में धान खरीदी का सबसे बड़ा कीर्तिमान है।इस वर्ष भी हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को नगद सहायता देने के लिए 5 हजार 703 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा है। इसके अलावा चिराग योजना के तहत 7 आदिवासी बहुल जिलों और मुंगेली जिले के 14 विकासखण्डों में पोषण सुरक्षा व किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 150 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। किसानों को बिना ब्याज ऋण देने के लिए इतिहास में सबसे बड़ा लक्ष्य 5 हजार 900 करोड़ रूपए ऋण वितरण का रखा है, जिसके लिए बजट प्रावधान किया गया है। किसानों को रियायती तथा निःशुल्क बिजली देने के लिए 2 हजार 500 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। वहीं सिंचाई पम्पों के ऊर्जीकरण पर लगभग 1000 करोड़ रूपए खर्च होंगे। सोलर पम्पों के लिए 530 करोड़ रूपए का प्रावधान है तो लगभग 35 हजार लंबित सिंचाई पम्प कनेक्शन देने का काम भी पूर्ण किया जाएगा, जिसमें करीब 350 करोड़ रूपए खर्च होंगे। उद्यानिकी फसलों के विकास के लिए अनुदान सहायता पर 495 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। किसानों की जेब में जो पैसा डाला जा रहा है, वह उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलम्बन और खुशहाली में लगे। इस तरह किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए हमारी सरकार कृत-संकल्पित है। 

भूमिहीन श्रमिकों को नियमित आय से जोड़ने नवीन न्याय योजना : 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों की सहायता हेतु नवीन न्याय योजना का उद्देश्य भूमिहीन श्रमिकों को नियमित आय सुनिश्चित करना है। हमने न्याय को जरूरतमंद तबकों की आय से जोड़ा है क्योंकि एक निश्चित आय मिलने से ही किसी व्यक्ति का जीवन संवारा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत 2 रूपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदने का काम जारी रहेगा। गोबर खरीदी पर हमने राज्य सरकार की तरफ से हालांकि लगभग 90 करोड़ रूपए का भुगतान किया है, लेकिन मुझे यह कहते हुए खुशी है कि गौठानों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों ने वर्मी खाद उत्पादन तथा बिक्री, गोबर दीया निर्माण आदि कार्यों से लगभग 950 करोड़ रूपए की आय प्राप्त की है। वैसे तो हमारा प्रयास है कि स्वावलम्बी गौठानों का विकास तेजी से हो, लेकिन गौठान योजना के लिए बजट में 175 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिससे गौठानों की गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित होती रहें। 

मुख्यमंत्री ने बीजापुर में नक्सली हिंसा में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि : 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर में नक्सली हिंसा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना में सीआरपीएफ तथा राज्य पुलिस बल के हमारे साथी हताहत हुए हैं। जिन वीर जवानों की शहादत हुई है, उन्हें मैं अपनी ओर से तथा राज्य की 2 करोड़ 80 लाख जनता की ओर से सादर श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। हमारे सुरक्षा बल के जवान बहुत ही बहादुरी के साथ नक्सलवादियों से लड़े और वीर गति को प्राप्त हुए। हमारा संकल्प है कि इन अमर शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने के लिए भारत सरकार की मदद से निर्णायक अभियान जारी रखा जाएगा। मैं आप सबसे अपील करता हूं कि नक्सलवादी हिंसा में शहीद हुए हमारे वीर जवानों के परिवारों के दुःख में सहभागी बनें। राज्य सरकार ने प्रत्येक शहीद के परिवार को 80 लाख रूपए की आर्थिक सहायता तथा उनके आश्रितों को नौकरी दिलाने की पहल की है। यह कर्त्तव्य निर्वाह का एक छोटा सा प्रयास है। हम महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर विश्वास करते हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों, सिद्धांतों और तौर तरीकों पर विश्वास करते हैं। नक्सलवादी हिंसा के खिलाफ लड़ाई में आप सबके सहयोग और समर्थन की अपील करता हूं। 

वैश्विक महामारी से निपटने संयम, धीरज, सावधानी तथा कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत : 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना या कोविड-19 की दूसरी लहर के देश-दुनिया और प्रदेश में बढ़ते प्रकोप के विषय में मेरा मानना है कि इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए हमें बहुत संयम, धीरज, सावधानी तथा कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा स्थिति का मुकाबला करने के लिए जांच, उपचार, टीकाकरण तथा जागरूकता अभियान चलाने जैसी सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। सावधानी बरतने में कोताही करने से न सिर्फ व्यक्ति बल्कि उसका परिवार और उसके संपर्क में आने वाले अनेक लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इसलिए मैं आप सबसे अपील करता हूं कि जितना अधिक संभव हो उतना अधिक घर पर रहें। अलग-अलग जिलों में जिस तरह से नियंत्रण के प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं, उसमें सहयोग प्रदान करें। पात्रता के अनुसार टीका लगाने में किसी भी तरह का भ्रम नहीं रखें। बिल्कुल स्पष्ट मानें कि टीकाकरण एक सुरक्षित उपाय है और पात्रता अनुसार सभी को अनिवार्य रूप से टीका लगवाना है। जिन्होंने पहला डोज ले लिया है, वे दूसरे डोज का ध्यान रखें और किसी भी स्थिति में दूसरे डोज की अवहेलना न करें। टीका लगाने से संक्रमण की तीव्रता तथा क्षति में कमी आती है, पर पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए टीका लगाने के बाद भी सुरक्षा उपायों का पालन करते रहें। मास्क लगाना, साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोना, हाथों को सेनेटाइजर से साफ करना, अपनी निजी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डॉक्टरों के परामर्श से विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक का उपयोग, गर्म पानी के गरारे करना, भाप लेना आदि उपाय करते रहें। भीड़ में जाने से बचें अर्थात फिजिकल डिस्टेनसिंग नियमों का पालन करें। विभिन्न समाजों तथा संगठनों के प्रमुख लोगों, विशेषज्ञों से परामर्श के बाद जिला प्रशासन द्वारा अपने-अपने जिलों में लॉकडाउन की कार्यवाही की जा रही है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा जो भी उपाय किए जा रहे है, वे सब आपकी सुरक्षा के लिए हैं। इन सभी उपायों को पूरी गंभीरता के साथ अपनाएं। पिछले दौर में आपने देखा है कि आप सबके सहयोग तथा सुरक्षा उपायों को अपनाने से कोरोना संक्रमण में काफी हद तक कमी आई थी। हम सब मिलकर एक बार फिर पूरी गंभीरता से सुरक्षा के उपाय करें तो हम फिर कोरोना से निजात पा सकते हैं। यह समय किसी भी तरह से दहशत अथवा गलत जानकारी फैलाने का नहीं है बल्कि समझदारी से मानवता की सेवा करने का है। आप अपना ध्यान रखकर बेहतर तरीके से यह काम कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आपका पूरा सहयोग मिलेगा। 

लोकवाणी में अनेक श्रोताओं ने नए बजट में किए गए प्रावधानों को काफी महत्वपूर्ण बताया। श्रोताओं ने मुख्यमंत्री धरसा योजना, 11 नई तहसील, 5 एसडीएम ऑफिस खोलने, 3 नए मेडिकल कॉलेज, 6 नवीन महाविद्यालय एवं बस्तर संभाग के सभी जिलों में बस्तर टाइगर के नाम से विशिष्ट पुलिस बल का गठन, छात्रावास आश्रमों में महिला एवं गार्ड की भर्ती, स्वच्छता दीदीयों का मानदेय बढ़ाकर 6000 करने, मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा देने के प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। 

आदिवासी समाज सहित परंपरागत वन निवासियों को भी उनके अधिकार दिलाने का सिलसिला शुरू : 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में बदलाव की सबसे बड़ी जरूरत वहां के लोगों के स्वाभिमान को वापस लौटाने व स्वावलम्बन दिलाने की थी। आदिवासी समाज की जिंदगी को समझने की थी। सारे संसाधन उनके आसपास होते हुए भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिसकी शुरूआत हमने की। दो साल पहले तक मात्र 7 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर होती थी। हमने उसे बढ़ाकर 52 तक पहुंचा दिया। तेंदूपत्ता संग्रहण को उनकी आय का मुख्य जरिया बताया जाता था। लेकिन वर्ष 2018 तक मात्र 2500 रू. प्रति मानक बोरा मजदूरी दी जाती थी। हमने आते ही इसे बढ़ाकर 4 हजार रूपये प्रति मानक बोरा कर दिया। बहुत बड़े पैमाने पर वन अधिकारों के दावे खारिज करते हुए बहुत बड़ी आबादी को बहुत बुनियादी अधिकारों से वंचित किया गया था। हमने निरस्त दावों की समीक्षा कराई और बहुत बड़े पैमाने पर वन अधिकार पट्टे दिए। इस तरह आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि परंपरागत वन निवासियों को भी उनके अधिकार दिलाने का सिलसिला शुरू हुआ। हमने वनों की तरह ही ग्रामीण अंचलों में भी परंपरागत रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया। हमने दो सालों में एक ऐसी संरचना बना ली है, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी सहित आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को तत्काल सहायता मिले। उनकी जेब में नकद राशि जाए, जो उनकी क्रय शक्ति के साथ उनका स्वावलम्बन बढ़ाए, साथ ही उनके भीतर उद्यमशीलता का विकास करे। हमारे प्रदेश में विभिन्न प्रकार के खाद्यान्न, वनोपज तथा हाथ की कला से बहुत ही उम्दा, वस्तुएं बनाने की परिपाटी है। परंपरागत ज्ञान के रूप में ये चीजें आज भी जनमानस में है जिसे बढ़ाने के लिए हमने कुछ नए फैसले लिए हैं। 

नए बजट में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना का प्रावधान : 
शहरी क्षेत्रों में पौनी-पसारी योजना की तर्ज पर एक कदम और आगे बढ़ते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना का प्रावधान नए बजट में किया गया है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे ढेकी का कूटा चावल, घानी से निकला खाद्य तेल, कोदो, कुटकी, मक्का से लेकर सभी तरह की दलहन फसलें, विविध वनोपज जैसे इमली, महुआ, हर्रा, बहेरा, आंवला, शहद एवं फूलझाडू इत्यादि व वनोपज से निर्मित उत्पाद तथा टेराकोटा, बेलमेटल, बांसशिल्प, चर्मशिल्प, लौहशिल्प, कोसा सिल्क तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसी सभी सामग्रियों को एक ही छत के नीचे विपणन की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए राज्य एवं राज्य के बाहर सी-मार्ट स्टोर की स्थापना की जाएगी, जो विशिष्ट छत्तीसगढ़ी ब्राण्ड के रूप में मशहूर होंगे। योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को अधिक लाभांश दिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी। 

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज क्रय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ प्रथम 
मुख्यमंत्री ने कहा कि चालू सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 112 करोड़ की लागत के 4 लाख 74 हजार क्विंटल लघु वनोपज का संग्रहण किया गया है। ट्राईफेड नई दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज क्रय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान है। नए बजट में हमने घोषित किया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी एवं रागी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अन्य लघु वनोपज की भांति उपार्जित किया जाएगा। इसके अलावा 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को आकस्मिक मृत्यु अथवा दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ प्रारंभ की गई है। वर्ष 2021-22 के बजट में इस हेतु 13 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित स्थानीय विकास कार्यक्रमों हेतु 359 करोड़ तथा आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु 170 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। 

छत्तीसगढ़ में मछली पालन और लाख पालन को मिला कृषि का दर्जा : 
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में कहा कि मछली पालन और लाख पालन को कृषि के समकक्ष दर्जा देने से इस क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों को संबल मिलेगा। कृषि का दर्जा मिलने से इन्हें ब्याज रहित ऋण तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकता है। हमने राज्य में उपलब्ध जल क्षेत्रों में से 95 प्रतिशत जल क्षेत्र का उपयोग 2 लाख से अधिक मछुवारा परिवारों को बेहतर आय दिलाने के लिए किया है। परंपरागत मछली पालन करने वालों के अलावा नए लोग तथा युवा अब इस काम से जुड़कर अपना भविष्य बना सकते हैं। तेलघानी विकास बोर्ड, चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड तथा रजककार विकास बोर्ड के माध्यम से परंपरागत कर्मकारों के कल्याण के कदम उठाए जाएंगे। 

कांकेर, कोरबा और महासमुन्द में नए मेडिकल कॉलेज और चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग का होगा शासकीयकरण : 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पूरा जोर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयन पर है। वहां आधुनिक सुविधाओं के विकास पर है। सरकारी क्षेत्र में हम 4 मेडिकल कॉलेज ला रहे हैं। तीन मेडिकल कॉलेज कांकेर, कोरबा और महासमुन्द में नए खुलेंगे तो चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग का शासकीयकरण किया जाएगा। रामानुजगंज में 100 बिस्तर, नवा रायपुर में 50 बिस्तर, ग्राम सन्ना (जिला-जशपुर), शिवरीनारायण (जिला जांजगीर-चांपा) रिसाली (जिला दुर्ग) में 30-30 बिस्तर के अस्पताल खोलने तथा 37 स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिक योजना, हमर लैब योजना आदि के माध्यम से हम जन-जन तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और सुविधाओं में विस्तार के हमारे प्रयासों को शिक्षाविद् करीब से देख रहे हैं। 

00 जल-जीवन मिशन के माध्यम से 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों में दिए जाएंगे नल कनेक्शन : 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सजावटी और दिखावटी अधोसंरचनाओं पर विश्वास नहीं करते बल्कि सुविधा विहीन अंचल का अभाव जल्दी से जल्दी दूर करने पर विश्वास करते है। जवाहर सेतु योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना के साथ ही राम वन गमन परिपथ का विकास, नदी तट वृक्षारोपण, विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना, सड़क सुरक्षा निर्माण योजना आदि के लिए हमने बजट प्रावधान रखा है। जल-जीवन मिशन के माध्यम से 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन, नगरीय क्षेत्रों में जल आवर्धन योजना, मिनीमाता अमृतधारा नल योजना के माध्यम से गौठानों में नलकूप खनन के लिए पर्याप्त प्रावधान रखा गया है। 5 वर्षों में सिंचाई क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, स्काडा योजना, शहरी विद्युतीकरण योजना, मुख्यमंत्री मजरा टोला विद्युतीकरण योजना के लिए पर्याप्त प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी अधोसंरचना हर क्षेत्र के निवासियों को उपलब्ध हो जाए। प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी अधोसंरचना, ऑनलाइन सेवाओं के विकास के लिए बहुत से कदम उठाए जा रहे हैं। इनके लिए बजट प्रावधान भी किया गया है। मैं चाहूंगा कि हमारे युवा स्वयं को शिक्षण व प्रशिक्षण के माध्यम से तैयार रखें। आपके रोजगार व स्वरोजगार के सारे रास्ते खोलने के लिए हम पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। इसमें स्थानीय उद्योगों का भी सहयोग लेने की रणनीति अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमने जिन योजनाओं का उल्लेख किया है, उसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान भी किया है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर शासन और प्रशासन पूरा ध्यान दे रही हैं। जन-जन का विकास हमारा मुख्य ध्येय है।
 
लॉकडाउन Breaking: प्रदेश के इन जिलों में भी लॉक डाउन का ऐलान

लॉकडाउन Breaking: प्रदेश के इन जिलों में भी लॉक डाउन का ऐलान

रायपुर। बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों ने राज्य शासन की चिंताएं बढ़ा दी है। कोरोना से निपटने जिला ने प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसके बावजूद भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही है। संक्रमण की रोकथाम के लिए जिलों में नाईट कर्फ्यू लागू किया गया था। लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए अब प्रदेश के कई जिलों में टोटल लॉकडाउन लगाया जा रहा है। दुर्ग जिला लॉकडाउन लगाने वाला पहला जिला है, जिसके बाद राजधानी रायपुर, धमतरी, कोरबा, रजनांदगांव समेत कई जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं अब बिलासपुर, रायगढ़, सरगुजा और सूरजपुर में भी अब लॉकडाउन की तैयारियां शुरू हो गई है। 


जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कलेक्टर सारांश मित्तर ने जिले में सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला ले लिया है। जानकारी के मुताबिक, जिले में 14 से 21 अप्रैल तक यानी कि 8 दिनों का सख्त लॉकडाउन लगाया जाएगा जिसका आदेश कुछ ही देर में जारी हो जाएगा।

वहीं रायगढ़ में भी कलेक्टर भीम सिंह ने 14 से 22 अप्रैल तक के लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। 
इसी प्रकार सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा ने भी लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने भी लॉक डाउन की घोषणा कर दी है।

सरगुजा और सूरजपुर में आगामी तेरह अप्रैल से लॉकडॉउन प्रभावी होगा। यह लॉकडाउन दस दिनों का होगा। दोनों ही जिलों में अब से कुछ देर बाद लॉकडाउन को लेकर विस्तृत आदेश जारी होगा।
 
लोकवाणी: छत्तीसगढ़ के नये बजट में सभी वर्ग के लोगों का हित शामिल- भूपेश बघेल

लोकवाणी: छत्तीसगढ़ के नये बजट में सभी वर्ग के लोगों का हित शामिल- भूपेश बघेल

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी की 17वीं कड़ी में कहा कि छत्तीसगढ़ का बजट न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला है। इसमें कोरोना काल के सबक ग्लोबल इंसानियत तथा लोकल संसाधनों से स्थानीय लोगों के सशक्तीकरण पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ‘नया बजट-नए लक्ष्य’ विषय पर श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इस वर्ष सभी वर्ग के लोगों के हित को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना का उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न फसल लेने वाले किसान भाइयों को किसी न किसी तरीके से सशक्त बनाना है। पहले साल हमने 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान किया। दूसरे साल समर्थन मूल्य पर खरीदी के नियम के अनुसार समर्थन मूल्य का भुगतान किया और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, मक्का, गन्ना आदि फसल लेने वाले लगभग 19 लाख किसानों को 5 हजार 628 करोड़ का भुगतान किया गया। इस साल हमने 20 लाख 53 हजार किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की है, जो प्रदेश के इतिहास में धान खरीदी का सबसे बड़ा कीर्तिमान है। इस वर्ष भी हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को नगद सहायता देने के लिए 5 हजार 703 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा है।
इसके अलावा चिराग योजना के तहत 7 आदिवासी बहुल जिलों और मुंगेली जिले के 14 विकासखण्डों में पोषण सुरक्षा व किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 150 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। किसानों को बिना ब्याज ऋण देने के लिए इतिहास में सबसे बड़ा लक्ष्य 5 हजार 900 करोड़ रूपए ऋण वितरण का रखा है, जिसके लिए बजट प्रावधान किया गया है। किसानों को रियायती तथा निःशुल्क बिजली देने के लिए 2 हजार 500 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। वहीं सिंचाई पम्पों के ऊर्जीकरण पर लगभग 1000 करोड़ रूपए खर्च होंगे। सोलर पम्पों के लिए 530 करोड़ रूपए का प्रावधान है तो लगभग 35 हजार लंबित सिंचाई पम्प कनेक्शन देने का काम भी पूर्ण किया जाएगा, जिसमें करीब 350 करोड़ रूपए खर्च होंगे। उद्यानिकी फसलों के विकास के लिए अनुदान सहायता पर 495 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। किसानों की जेब में जो पैसा डाला जा रहा है, वह उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलम्बन और खुशहाली में लगे। इस तरह किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए हमारी सरकार कृत-संकल्पित है।

भूमिहीन श्रमिकों को नियमित आय से जोड़ने नवीन न्याय योजना

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों की सहायता हेतु नवीन न्याय योजना का उद्देश्य भूमिहीन श्रमिकों को नियमित आय सुनिश्चित करना है। हमने न्याय को जरूरतमंद तबकों की आय से जोड़ा है क्योंकि एक निश्चित आय मिलने से ही किसी व्यक्ति का जीवन संवारा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत 2 रूपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदने का काम जारी रहेगा। गोबर खरीदी पर हमने राज्य सरकार की तरफ से हालांकि लगभग 90 करोड़ रूपए का भुगतान किया है, लेकिन मुझे यह कहते हुए खुशी है कि गौठानों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों ने वर्मी खाद उत्पादन तथा बिक्री, गोबर दीया निर्माण आदि कार्यों से लगभग 950 करोड़ रूपए की आय प्राप्त की है। वैसे तो हमारा प्रयास है कि स्वावलम्बी गौठानों का विकास तेजी से हो, लेकिन गौठान योजना के लिए बजट में 175 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिससे गौठानों की गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित होती रहें।


मुख्यमंत्री ने बीजापुर में नक्सली हिंसा में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बीजापुर में नक्सली हिंसा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना में सीआरपीएफ तथा राज्य पुलिस बल के हमारे साथी हताहत हुए हैं। जिन वीर जवानों की शहादत हुई है, उन्हें मैं अपनी ओर से तथा राज्य की 2 करोड़ 80 लाख जनता की ओर से सादर श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। हमारे सुरक्षा बल के जवान बहुत ही बहादुरी के साथ नक्सलवादियों से लड़े और वीर गति को प्राप्त हुए। हमारा संकल्प है कि इन अमर शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने के लिए भारत सरकार की मदद से निर्णायक अभियान जारी रखा जाएगा। मैं आप सबसे अपील करता हूं कि नक्सलवादी हिंसा में शहीद हुए हमारे वीर जवानों के परिवारों के दुःख में सहभागी बनें। राज्य सरकार ने प्रत्येक शहीद के परिवार को 80 लाख रूपए की आर्थिक सहायता तथा उनके आश्रितों को नौकरी दिलाने की पहल की है। यह कर्त्तव्य निर्वाह का एक छोटा सा प्रयास है। हम महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर विश्वास करते हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों, सिद्धांतों और तौर तरीकों पर विश्वास करते हैं। नक्सलवादी हिंसा के खिलाफ लड़ाई में आप सबके सहयोग और समर्थन की अपील करता हूं।

वैश्विक महामारी से निपटने संयम, धीरज, सावधानी तथा कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना या कोविड-19 की दूसरी लहर के देश-दुनिया और प्रदेश में बढ़ते प्रकोप के विषय में मेरा मानना है कि इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए हमें बहुत संयम, धीरज, सावधानी तथा कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा स्थिति का मुकाबला करने के लिए जांच, उपचार, टीकाकरण तथा जागरूकता अभियान चलाने जैसी सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। सावधानी बरतने में कोताही करने से न सिर्फ व्यक्ति बल्कि उसका परिवार और उसके संपर्क में आने वाले अनेक लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इसलिए मैं आप सबसे अपील करता हूं कि जितना अधिक संभव हो उतना अधिक घर पर रहें। अलग-अलग जिलों में जिस तरह से नियंत्रण के प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं, उसमें सहयोग प्रदान करें। पात्रता के अनुसार टीका लगाने में किसी भी तरह का भ्रम नहीं रखें। बिल्कुल स्पष्ट मानें कि टीकाकरण एक सुरक्षित उपाय है और पात्रता अनुसार सभी को अनिवार्य रूप से टीका लगवाना है। जिन्होंने पहला डोज ले लिया है, वे दूसरे डोज का ध्यान रखें और किसी भी स्थिति में दूसरे डोज की अवहेलना न करें। टीका लगाने से संक्रमण की तीव्रता तथा क्षति में कमी आती है, पर पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए टीका लगाने के बाद भी सुरक्षा उपायों का पालन करते रहें। मास्क लगाना, साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोना, हाथों को सेनेटाइजर से साफ करना, अपनी निजी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डॉक्टरों के परामर्श से विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक का उपयोग, गर्म पानी के गरारे करना, भाप लेना आदि उपाय करते रहें। भीड़ में जाने से बचें अर्थात फिजिकल डिस्टेनसिंग नियमों का पालन करें। विभिन्न समाजों तथा संगठनों के प्रमुख लोगों, विशेषज्ञों से परामर्श के बाद जिला प्रशासन द्वारा अपने-अपने जिलों में लॉकडाउन की कार्यवाही की जा रही है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा जो भी उपाय किए जा रहे है, वे सब आपकी सुरक्षा के लिए हैं। इन सभी उपायों को पूरी गंभीरता के साथ अपनाएं। पिछले दौर में आपने देखा है कि आप सबके सहयोग तथा सुरक्षा उपायों को अपनाने से कोरोना संक्रमण में काफी हद तक कमी आई थी। हम सब मिलकर एक बार फिर पूरी गंभीरता से सुरक्षा के उपाय करें तो हम फिर कोरोना से निजात पा सकते हैं। यह समय किसी भी तरह से दहशत अथवा गलत जानकारी फैलाने का नहीं है बल्कि समझदारी से मानवता की सेवा करने का है। आप अपना ध्यान रखकर बेहतर तरीके से यह काम कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आपका पूरा सहयोग मिलेगा।
लोकवाणी में अनेक श्रोताओं ने नए बजट में किए गए प्रावधानों को काफी महत्वपूर्ण बताया। श्रोताओं ने मुख्यमंत्री धरसा योजना, 11 नई तहसील, 5 एसडीएम ऑफिस खोलने, 3 नए मेडिकल कॉलेज, 6 नवीन महाविद्यालय एवं बस्तर संभाग के सभी जिलों में बस्तर टाइगर के नाम से विशिष्ट पुलिस बल का गठन, छात्रावास आश्रमों में महिला एवं गार्ड की भर्ती, स्वच्छता दीदीयों का मानदेय बढ़ाकर 6000 करने, मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा देने के प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। रायपुर के बुलाकी वर्मा ने कहा कि जब से प्रदेश में आपकी सरकार बनी है, तब से हम किसान भाई और हमारे परिवार के सदस्य चिंतामुक्त हो गए हैं। आर्थिक मंदी और कोरोना संकट के दौर में भी आपने जिस तरह से हम किसानों को आर्थिक सहायता दी वह बहुत साहस का काम था, इसके लिए आपको साधुवाद।

आदिवासी समाज सहित परंपरागत वन निवासियों को भी उनके अधिकार दिलाने का सिलसिला शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में बदलाव की सबसे बड़ी जरूरत वहां के लोगों के स्वाभिमान को वापस लौटाने व स्वावलम्बन दिलाने की थी। आदिवासी समाज की जिंदगी को समझने की थी। सारे संसाधन उनके आसपास होते हुए भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिसकी शुरूआत हमने की। दो साल पहले तक मात्र 7 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर होती थी। हमने उसे बढ़ाकर 52 तक पहुंचा दिया। तेंदूपत्ता संग्रहण को उनकी आय का मुख्य जरिया बताया जाता था। लेकिन वर्ष 2018 तक मात्र 2500 रू. प्रति मानक बोरा मजदूरी दी जाती थी। हमने आते ही इसे बढ़ाकर 4 हजार प्रति मानक बोरा कर दिया। बहुत बड़े पैमाने पर वन अधिकारों के दावे खारिज करते हुए बहुत बड़ी आबादी को बहुत बुनियादी अधिकारों से वंचित किया गया था। हमने निरस्त दावों की समीक्षा कराई और बहुत बड़े पैमाने पर वन अधिकार पट्टे दिए। इस तरह आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि परंपरागत वन निवासियों को भी उनके अधिकार दिलाने का सिलसिला शुरू हुआ। हमने वनों की तरह ही ग्रामीण अंचलों में भी परंपरागत रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया। हमने दो सालों में एक ऐसी संरचना बना ली है, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी सहित आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को तत्काल सहायता मिले। उनकी जेब में नकद राशि जाए, जो उनकी क्रय शक्ति के साथ उनका स्वावलम्बन बढ़ाए। साथ ही उनके भीतर उद्यमशीलता का विकास करे। हमारे प्रदेश में विभिन्न प्रकार के खाद्यान्न, वनोपज तथा हाथ की कला से बहुत ही उम्दा, वस्तुएं बनाने की परिपाटी है। परंपरागत ज्ञान के रूप में ये चीजें आज भी जनमानस में है जिसे बढ़ाने के लिए हमने कुछ नए फैसले लिए हैं।

नए बजट में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना का प्रावधान

शहरी क्षेत्रों में पौनी-पसारी योजना की तर्ज पर एक कदम और आगे बढ़ते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना का प्रावधान नए बजट में किया गया है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे ढेकी का कूटा चावल, घानी से निकला खाद्य तेल, कोदो, कुटकी, मक्का से लेकर सभी तरह की दलहन फसलें, विविध वनोपज जैसे इमली, महुआ, हर्रा, बहेरा, आंवला, शहद एवं फूलझाडू इत्यादि व वनोपज से निर्मित उत्पाद तथा टेराकोटा, बेलमेटल, बांसशिल्प, चर्मशिल्प, लौहशिल्प, कोसा सिल्क तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसी सभी सामग्रियों को एक ही छत के नीचे विपणन की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए राज्य एवं राज्य के बाहर सी-मार्ट स्टोर की स्थापना की जाएगी, जो विशिष्ट छत्तीसगढ़ी ब्राण्ड के रूप में मशहूर होंगे। योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को अधिक लाभांश दिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज क्रय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ प्रथम

मुख्यमंत्री ने कहा कि चालू सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 112 करोड़ की लागत के 4 लाख 74 हजार क्विंटल लघु वनोपज का संग्रहण किया गया है। ट्राईफेड नई दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज क्रय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान है। नए बजट में हमने घोषित किया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी एवं रागी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अन्य लघु वनोपज की भांति उपार्जित किया जाएगा। इसके अलावा 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को आकस्मिक मृत्यु अथवा दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ प्रारंभ की गई है। वर्ष 2021-22 के बजट में इस हेतु 13 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित स्थानीय विकास कार्यक्रमों हेतु 359 करोड़ तथा आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु 170 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

छत्तीसगढ़ में मछली पालन और लाख पालन को मिला कृषि का दर्जा

मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में कहा कि मछली पालन और लाख पालन को कृषि के समकक्ष दर्जा देने से इस क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों को संबल मिलेगा। कृषि का दर्जा मिलने से इन्हें ब्याज रहित ऋण तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकता है। हमने राज्य में उपलब्ध जल क्षेत्रों में से 95 प्रतिशत जल क्षेत्र का उपयोग 2 लाख से अधिक मछुवारा परिवारों को बेहतर आय दिलाने के लिए किया है। परंपरागत मछली पालन करने वालों के अलावा नए लोग तथा युवा अब इस काम से जुड़कर अपना भविष्य बना सकते हैं। तेलघानी विकास बोर्ड, चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड तथा रजककार विकास बोर्ड के माध्यम से परंपरागत कर्मकारों के कल्याण के कदम उठाए जाएंगे।
लोकवाणी के लिए रिकॉर्डेड संदेश में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक ने कहा कि आपने एक के बाद एक, ऐसे अनेक फैसले लिए हैं, जिनसे महिलाओं को घर चलाने में मदद मिली और आर्थिक मजबूती भी मिली। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में महिलाओं की सेहत का ध्यान रखा। 2 वर्षो में शिक्षा कर्मियों का नियमितीकरण किया। सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण से लेकर हाफ बिजली बिल योजनाओं से महिलाओं को काफी मदद मिली है। नये बजट में आपने दूसरी संतान बेटी होने पर कौशल्या योजना के माध्यम से 5000 रूपए आर्थिक मदद की नयी पहल की है। इंडियन मेडिकल एसोसियेशन, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. महेश सिन्हा ने स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ अंचल तक ले जाने वाली योजनाओं की सराहना की। शिक्षाविद् डॉ. जवाहर सूरी सेट्टी ने अंग्रेजी मीडियम स्कूल प्रारंभ करने की योजना को अच्छी पहल बताया।

कौशल्या मातृत्व योजना का लाभ 24 हजार प्रसूता बहनों को मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कौशल्या मातृत्व योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना में जो भी पात्र हितग्राही हैं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। हमने यह देखा कि प्रथम संतान यदि बेटा-बेटी हो तो उसके लिए तो योजना है। लेकिन दूसरी संतान बेटी होने पर ऐसी कोई योजना नहीं थी, जिससे बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन मिले। इसलिए हमने माता कौशल्या के नाम से योजना बनाई। छत्तीसगढ़ से भगवान राम और माता कौशल्या के अटूट रिश्ते को याद करते हुए योजना का नामकरण किया गया। इस योजना से करीब एक वर्ष में 24 हजार प्रसूता बहनों को लाभ मिलेगा।

कांकेर, कोरबा और महासमुन्द में नए मेडिकल कॉलेज और चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग का होगा शासकीयकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पूरा जोर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयन पर है। वहां आधुनिक सुविधाओं के विकास पर है। सरकारी क्षेत्र में हम 4 मेडिकल कॉलेज ला रहे हैं। तीन मेडिकल कॉलेज कांकेर, कोरबा और महासमुन्द में नए खुलेंगे तो चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग का शासकीयकरण किया जाएगा। रामानुजगंज में 100 बिस्तर, नवा रायपुर में 50 बिस्तर, ग्राम सन्ना (जिला-जशपुर), शिवरीनारायण (जिला जांजगीर-चांपा) रिसाली (जिला दुर्ग) में 30-30 बिस्तर के अस्पताल खोलने तथा 37 स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिक योजना, हमर लैब योजना आदि के माध्यम से हम जन-जन तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और सुविधाओं में विस्तार के हमारे प्रयासों को शिक्षाविद् करीब से देख रहे हैं।

जल-जीवन मिशन के माध्यम से 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों में दिए जाएंगे नल कनेक्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सजावटी और दिखावटी अधोसंरचनाओं पर विश्वास नहीं करते बल्कि सुविधा विहीन अंचल का अभाव जल्दी से जल्दी दूर करने पर विश्वास करते है। जवाहर सेतु योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना के साथ ही राम वन गमन परिपथ का विकास, नदी तट वृक्षारोपण, विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना, सड़क सुरक्षा निर्माण योजना आदि के लिए हमने बजट प्रावधान रखा है। जल-जीवन मिशन के माध्यम से 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन, नगरीय क्षेत्रों में जल आवर्धन योजना, मिनीमाता अमृतधारा नल योजना के माध्यम से गौठानों में नलकूप खनन के लिए पर्याप्त प्रावधान रखा गया है। 5 वर्षों में सिंचाई क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, स्काडा योजना, शहरी विद्युतीकरण योजना, मुख्यमंत्री मजरा टोला विद्युतीकरण योजना के लिए पर्याप्त प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी अधोसंरचना हर क्षेत्र के निवासियों को उपलब्ध हो जाए। प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी अधोसंरचना, ऑनलाइन सेवाओं के विकास के लिए बहुत से कदम उठाए जा रहे हैं। इनके लिए बजट प्रावधान भी किया गया है। मैं चाहूंगा कि हमारे युवा स्वयं को शिक्षण व प्रशिक्षण के माध्यम से तैयार रखें। आपके रोजगार व स्वरोजगार के सारे रास्ते खोलने के लिए हम पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। इसमें स्थानीय उद्योगों का भी सहयोग लेने की रणनीति अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमने जिन योजनाओं का उल्लेख किया है, उसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान भी किया है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर शासन और प्रशासन पूरा ध्यान दे रही हैं। जन-जन का विकास हमारा मुख्य ध्येय है।