रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए पुन: स्कूलों को बंद रखने का फैसला करते हुए बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देने का आदेश जारी किया है। यह आदेश शासकीय स्कूलों के साथ निजी स्कूलों के लिए भी है, लेकिन निजी स्कूलों द्वारा शासन के इस आदेश का न केवल विरोध कर रहे है, बल्कि फरमान भी जारी कर दिया है कि साल भर की फीस का भुगतान करने के बाद ही बच्चों को जनरल प्रमोशन देंगे। शासन के जनरल प्रमोशन आदेश जारी करने से जहां बच्चों के पालकों में खुशी की लहर देखी जा रही थी, वहीं निजी स्कूलों द्वारा फरमान जारी होने के बाद उनकी खुशी निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के प्रति आक्रोश में तब्दील हो गयी है।
रायपुर, रायपुर जिले के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा एक आदेश जारी किया गया हैजिसके तहत
होली मिलन या अन्य किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं रहेगी, होलिका दहन के दौरान सैनिटाइजर, फिजिकल डिस्टेंस एवं मास्क का उपयोग करना होगा और अधिकतम 5 लोग ही उपस्थित हो सकेंगे.
इसके अलावा जिला रायपुर अंतर्गत सभी पर्यटन स्थलों को आम जनता के प्रवेश के लिए आगामी आदेश तक प्रतिबंधित किया गया है.
समस्त प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम, त्यौहार, सामाजिक सांस्कृतिक, राजनीतिक, खेलकूद, मेला, समारोह तथा अन्य किसी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा.
धार्मिक स्थल में केवल व्यक्तिगत पूजा के लिए खुले रहेंगे. किसी भी प्रकार का सामूहिक आयोजन नही किया जाएगा. विवाह अंत्येष्टि दशगात्र अथवा उससे संबंधित कार्यक्रम में अधिकतम 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई है. किसी भी प्रकार की सभा, धरना, रैली, जुलूस अथवा सार्वजनिक प्रदर्शन आगामी आदेश तक प्रतिबंधित रहेंगे.
डीजे नगाड़ा किसी ने प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग आगामी आदेश तक प्रतिबंधित है.
अन्य राज्यों से हवाई यात्रा, रेल अथवा सड़क मार्ग से जिले में प्रवेश करने वाले सभी लोगो को 7 दिन का क्वॉरेंटाइन रहना जरूरी होगा.
देखें संपूर्ण आदेश


रायपुर. स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राज्य स्तरीय कोविड-19 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में कोरोना टीकाकरण और इसके नियंत्रण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर मरीजों के इलाज के लिए माना कोविड अस्पताल को जल्द दोबारा शुरू करने कहा। श्री सिंहदेव ने कोरोना टीकाकरण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिदिन औसतन एक लाख लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य पूरा करने कहा।
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव विगत 7 मार्च को कोरोना संक्रमित होने के बाद 23 मार्च तक 17 दिनों के होम आइसोलेशन में थे। होम आइसोलेशन की अवधि के खत्म होने के बाद आज पहले ही दिन उन्होंने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की मैराथन समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में उपलब्ध सुविधाओं, होम आइसोलेशन व्यवस्था, विभागीय भर्ती, पदोन्नति, प्रशिक्षण, परिवार कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों और सीजीएमएससी (Chhattisgarh Medical Service Corporation) के कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक श्री नीरज बंसोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला भी बैठक में मौजूद थीं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने रोजाना ज्यादा आवाजाही वाले शहरों एवं जिलों में कोरोना नियंत्रण पर विशेष जोर देने कहा। राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर जिले में महाराष्ट्र से या वहां से होकर बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन आना-जाना करते हैं। इन तीनों ही जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कोविड-19 के गंभीर संक्रमितों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर्याप्त संख्या में आक्सीजन सुविधा, आईसीयू और एचडीयू बिस्तरों का इंतजाम करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 87 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना से बचाव के लिए पहला टीका और 55 प्रतिशत को दूसरा टीका लगाया जा चुका है। वहीं 82 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहला और 39 प्रतिशत को इसकी दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक के पांच लाख 54 हजार 934 नागरिकों को तथा 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के एक लाख 40 हजार 524 कोमोरबिडिटी पीड़ितों को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगाया जा चुका है। अभी प्रदेश भर में 1200 से अधिक जगहों पर कोरोना के टीके लगाए जा रहे हैं। इनमें 1069 शासकीय और 132 निजी क्षेत्र के अस्पताल हैं।
प्रदेश में अभी सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर रोजाना कोविड जांच की क्षमता 40 हजार है। इनमें तीनों तरह की जांच आरटीपीसीआर, ट्रूनाट और रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल हैं। विगत सप्ताह 15 मार्च से 21 मार्च के दौरान प्रतिदिन औसत 35 हजार 984 सैंपलों की जांच की गई है। ज्यादा से ज्यादा कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए जांच की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। 23 मार्च को कुल 39 हजार 619 सैंपलों की जांच की गई है। कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए अभी प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों तथा कोविड केयर सेंटरों में 16 हजार 383 बिस्तर उपलब्ध हैं। इनमें 2621 आक्सीजन सुविधा वाले, 746 एचडीयू और 965 आईसीयू बिस्तर शामिल हैं।
रायपुर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा के जजों का बड़े पैमाने पर तबादला किया है। बुधवार शाम जारी आदेश के अनुसार 8 डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, 59 एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, 59 फस्र्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज तथा 6 स्पेशल जज अंडर एससी एंड एसटी (पीए) को तबादला करते हुए इधर से उधर किया गया है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने दुर्ग में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज की जिम्मेदारी संभाल रहीं गरिमा शर्मा का तबादला करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर तैनाती दी है, जबकि रायगढ़ में पदस्थ फस्र्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज देवेंद्र कुमार को हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी बिलासपुर का सचिव बनाया गया है।
रायपुर, कोरोना संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है। यदि आपको सर्दी, खांसी, बुखार, साँस लेने में कठिनाई या स्वाद व सूंघने की क्षमता का अभाव हो, तो तत्काल कोरोना की निःशुल्क जाँच कराएं। छत्तीसगढ़ के रायपुर में पिछले कुछ दिनों में कोरोना का नया लक्षण सामने आया है। इसमें प्रभावित व्यक्ति को एकाएक बेहद कमजोरी लगती है लेकिन उन्हें सर्दी यह बुखार आदि नहीं आता है, ऐसे में व्यक्ति कोरोना की जांच नहीं कराता और स्थिति एकदम गंभीर होने पर जांच या ईलाज के लिए आता है।
रायपुर जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ मीरा बघेल ने बताया कि रायपुर जिले में 23 मार्च को ऐसे दस केस सामने आए जिसमें अत्यंत गंभीर स्थिति पाए जाने के कारण तीन मरीजों को बचाया जाना संभव नहीं हुआ। उन्हांेने कहा अगर किसी भी व्यक्ति इस तरह अगर एकाएक बेहद कमजोरी लगती है तो उन्हें भी तत्काल जांच करानी चाहिए। कलेक्टर डाॅ.एस. भारतीदासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने नागरिको से अपील की है कि किसी को कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं, तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाएं अथवा निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर -104 पर संपर्क कर सकते है।
कोरोना जाँच से तत्काल शुरू हो सकेगा ईलाज, दूसरों भी बचेंगे कोरोना से
कोरोना जाँच का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर किसी को कोरोना पॉजिटिव आता है तो वह समय पर अपना ईलाज शुरू कर सकता है। समय पर ईलाज शुरू होने से उसके जल्दी स्वस्थ्य होने तथा शरीर पर कम से कम हानि होंने की रहती है। इसका दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि प्रभावित व्यक्ति दूसरों को कोरोना नहीं फैलाएंगे और उसके परिवार के सदस्य, मित्र, पड़ोसी, रिश्तेदार तथा संपर्क में आए हुए व्यक्ति स्वस्थ्य बने रहेंगे इससे कोरोना की चेन तोड़ने में भी मदद मिलेगी। यह भी बेहद जरूरी है कि कोरोना से बचाव के लिए हर संभव प्रयास करें और मास्क लगाने के साथ 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखे और कोविड अनुरूप व्यवहार को अपनाए।
टीकाकरण केन्द्रों में दस्तावेज लाकर वैक्सीन लगवाई जा सकती है
कोरोना पाॅजिटिव आने की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति डॉक्टर की सलाह से घर या अस्पताल में भर्ती हो पायेंगे। आपातकालीन की स्थिति में आक्सीजन या वेंटिलेटर के लिये नहीं भटकेंगे। इस तरह चिकित्सीय खर्चे से भी बचेंगे। उल्लेखनीय है कि एम्स, मेडिकल काॅलेज, जिला चिकित्सालाय, सहित माना, लालपुर और आर्युवेदिक काॅलेज हास्पिटल आदि में कोरोना के ईलाज की व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। कोरोना जाँच नहीं कराने और आधी-अधूरी दवा खाने पर बीमार बने रहने की स्थिति रहेगी तथा आपातकालीन स्थिति में ऐसे मरीज को आॅक्सिजन/वेंटिलेटर के लिये भटकते रहेंगे। उन्हें इलाज में भी लम्बा समय लगेगा। ऐसे में फेफड़े क्षतिग्रस्त होने की भी संभावना रहती है।
कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी संबंधितों से अपील है कि वे अपना फोटो पहचान पत्र दिखाकर किसी भी कोविड टीकाकरण केन्द्र में कोविड टीकाकरण लगवा सकते हैं। रायपुर जिले में 58 चिकित्सालय और केन्द्रों में कोरोना के जांच और निःशुल्क वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह जिले के 58 निजी चिकित्सालयों में कोरोना के सःशुल्क वैक्सीन लगाने की व्यवस्था है।
60 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ नागरिक के अलावा 45 वर्ष से अधिक आयु के गंभीर मरीजों का कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। 45 वर्ष से 59 वर्ष के मध्य वाले नागरिकों को न्यूनतम एम.बी.बी.एस वाले डाक्टर का निर्धारित प्रारूप में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। 1 अप्रेल से अब 45 साल के सभी नागरिकों को टीकाकरण लग सकता है। ऐसे नागरिक आधार कार्ड, वोटर आई डी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस,एन.पी.आर कार्ड, पेंशन दस्तावेज में कोई एक दस्तावेज लाकर टीकाकरण करवा सकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए इस नं 7869019063 में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज, 24 मार्च को शास्त्री चौक स्थित आयोग कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए आयोग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर चर्चा की।
डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में राज्य महिला आयोग की स्थापना 24 मार्च 2001 को हुई थी। विगत 20 वर्षों से आयोग छत्तीसगढ़ में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिये निरंतर कार्यरत है। छत्तीसगढ़ में 2018 में नई सरकार के गठन के बाद से महिलाओं की समस्याओं के समाधान में काफी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि बतौर आयोग अध्यक्ष उनके संक्षिप्त कार्यकाल में लॉकडाउन में भी पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने में महिला आयोग पूरे देश में अव्वल रहा है, इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की तारीफ की और सम्मानित भी किया।
55 जन-सुनवाई में 1068 प्रकरणों की सुनवाई और 346 मामलों का निराकरण
19 अगस्त 2020 से 17 मार्च 2021 तक प्रदेश के 25 जिलों में कुल 55 बार जन-सुनवाई हो चुकी है। इसमें अब तक 1068 मामलों की सुनवाई हो चुकी है जिनमें से 346 मामलों में अंतिम निराकरण किया जा चुका है। रायपुर जिले में कुल 21 जन-सुनवाई हो चुकी है जिसमें 409 प्रकरण में से 83 निराकृत हो चुके है। दुर्ग जिले में 4 जन-सुनवाई में 104 प्रकरण रखे गये थे और 47 निराकृत किये गये। बिलासपुर जिले में कुल 5 जन-सुनवाई में 106 मामले रखे गये थे जिसमें 40 मामले निराकृत हुये। इसके अतिरिक्त शेष 22 जिलों में एक-एक बार जन-सुनवाई हुई।
व्हाट्सएप कॉल सेंटर का गठन: महिलाओं को व्हाट्सएप नम्बर 9098382225 पर शिकायत की सुविधा
महिलाओं के विरूद्ध साइबर अपराध रोकने और उनकी डिजिटल अवेयरनेस बढ़ाने की कोशिश
8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के समाधान के लिये एक नयी पहल की गई जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत करने की सुविधा देने के लिये व्हाट्सएप कॉल सेंटर का गठन किया गया, जिसका नम्बर 9098382225 है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था। महिलाओं के विरूद्ध साइबर अपराध रोकने के लिये और डिजिटल अवेयरनेस की दिशा में भी काम किया जायेगा।
9100 वर्ग फुट की विशाल रंगोली के लिए गोल्डन वर्ल्ड ऑफ बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज
11 वर्ग फीट का पोर्टेªट बनाकर खड़ा किया गया था। आयोग के इस कार्यक्रम ने विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्डन वर्ल्ड ऑफ बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया जिसका प्रमाण पत्र भी महिला आयोग को प्राप्त हुआ है।राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर विगत 17 दिसम्बर को आयोग द्वारा महिलाओं की ओर से विशाल रंगोली बनाकर बधाई दी गई थी। 9100 वर्ग फुट की विशाल रंगोली में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फोटो को ‘‘लार्जेस्ट ग्लू रंगोली पोर्टेªट‘‘ कैटेगिरी में 12
राज्य शासन के छः लाख रूपये प्रतिवर्ष किराए की बचत
महिला आयोग ने राज्य शासन के खर्च में कटौती करने के लिये अपने किराये के भवन से शासकीय भवन में महिला आयोग कार्यालय को स्थानांतरित किया जिसके माध्यम से महिलाओं की समस्या के लिये शहर के सहज और सुगम हृदय स्थल पर कार्यालय स्थानांतरित कर शासन के छः लाख रूपये प्रतिवर्ष का बचत किया। इस कार्यालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 1 मार्च को किया गया।
पुरूषों और महिलाओं के सामन्जस्य के साथ आगे बढ़ने की पहल
महिलाओं के प्रति समानता भरी सोच लाने की दिशा में नये थीम साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में पुरूषों और महिलाओं के तालमेल से आगे बढ़ने की रणनीति पर बात की गई। इस प्रकार आयोग द्वारा चर्चा के माध्यम से बेटा-बेटी में समानता लाने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की प्रत्येक महिला तक पहुंचेगा मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ
अप्रैल 2021 से चालू होने वाले वित्तीय वर्ष में महिला आयोग द्वारा कार्याें को विस्तार देते हुए प्रत्येक महिला तक पहुंच की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए जिलों में ‘‘मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ‘‘ निकाला जायेगा। महतारी न्याय रथ के माध्यम से महिलाओं की हर तरह की समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया जायेगा, साथ ही महिलाओं की समस्याओं, कानूनी अधिकारों से संबंधित विषयों पर वीडियो, ऑडियो क्लीपिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार किये जाने की योजना है। महिला अधिवक्ताओं को इम्पैनल किया जायेगा जो कि हर जिलों में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिये उन्हें आयोग द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर और अन्य स्टाफ, नवा बिहान के संरक्षण अधिकारीगणों को कानूनी जानकारी के लिये और महिलाओं के समस्याओं के समाधान के त्वरित जांच के लिये भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।
महिलाओं और बालिकाओं को सीखाए जाएंगे आत्मरक्षा के गुर
महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा में प्रशिक्षित करने की दिशा में भी आयोग एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर रही है, जिससे पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में आंगनबाड़ी, मितानिन, स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों, कामकाजी महिलाओं और घरेलू महिलाओं के समूहों को भी स्वयं की आत्मरक्षा हेतु पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस तरह महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा कर उन्हें कानूनी जानकारियों और आत्मरक्षा दोनों ही क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
कार्यालयों में लैंगिक उत्पीड़न रोकने आंतरिक परिवाद समिति के गठन पर कड़ाई
छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी संस्थान एवं उद्योगों में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न को रोके जाने बाबत् आंतरिक परिवाद समिति का कड़ाई से लागू किया जायेगा और महिलाओं के मामले पुलिस थाने में दर्ज किये जाने बाबत् महिला पुलिस डेस्क की अनिवार्यता की दिशा में भी प्रयास किया जायेगा। विभिन्न जिलों में कार्यरत महिला संगठनों को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जायेगा ताकि हर वर्ग, हर समाज की महिलाओं को जोड़ा जा सकें और छत्तीसगढ़ को महिला प्रताड़ना से मुक्त करने की दिशा में कार्यवाही किया जायेगा।
कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोरबा गेवरा रोड रेल सेक्शन में आज सुबह हुई घटना में एक युवक की मौत हो गई। उसकी पहचान राजेश सिंह के रूप में की गई है। कोतवाली पुलिस ने मौके का मुआयना करने के साथ मर्ग कायम किया है। मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
गरियाबंद। कोविड को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा दिये गये दिशा निर्देश के अनुसार जिले के संस्थान/कारखाने/ उपक्रम में नियोजित श्रमिकों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु कलेक्टर श्री निलेश क्षीरसागर द्वारा निम्नानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
राजनांदगांव, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए कलेक्टर ने नई गाइडलाइन जारी की है. धरना-प्रदर्शन, जुलुस, रैली और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम पर पूरी तरह से रोक रहेगी. धार्मिक आयोजन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. वहीं शादी, अंत्योष्ठि और दशगात्र में अधिकतम 50 व्यक्ति ही शामिल हो सकते हैं. होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, कालोनी और अन्य सार्वजनिक जगहों पर होली मिलन पर भी रोक लगा दी गई है. गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
देखे आदेश:-


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नारायणपुर में नक्सलियों द्वारा जवानों से भरी बस को ब्लास्ट से उड़ाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस दुखद घटना में एक वाहन चालक सहित डीआरजी के 4 जवानों की शहादत पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने शहीद जवानों और वाहन चालक के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि सुरक्षा बलों की लगातार की जा रही कार्रवाई से नक्सलियों के पैर उखड़ने लगे हैं। यह घटना नक्सलियों की हताशा का परिणाम है। नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान और तेज होगा। मुख्यमंत्री ने इस घटना में घायल जवानों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं, साथ ही उन्होंने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी को घटना की पूरी जानकारी लेकर सभी आवश्यक कदम शीघ्र उठाने के निर्देश दिए हैं।
नारायणपुर में नक्सलियों द्वारा जवानों से भरी बस को ब्लास्ट से उड़ाने की घटना की मैं कड़ी निंदा करता हूँ।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 23, 2021
इस दुखद घटना में एक वाहन चालक सहित डीआरजी के 4 जवानों की शहादत बेहद दुखद है।
मैं शहीद जवानों और वाहन चालक के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ।
ज्ञातव्य है कि डीआरजी बल के जवान नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियान के बाद जिला मुख्यालय नारायणपुर लौट रहे थे। इस दौरान कन्हारगांव - कड़ेनार रोड में एक आईईडी विस्फोट में एक वाहन चालक और चार जवान शहीद हो गए। इस घटना में दो जवानों के गंभीर रूप से घायल तथा 12 अन्य जवानों को मामूली चोट आयी है। घटना स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है तथा घायल जवानों को उपचार के लिए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया जा रहा है।









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