रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनकी धर्मपत्नी मुक्तेश्वरी बघेल और अन्य सहयोगियों का कोरोना टेस्ट कराया गया था जिसकी रिपोर्ट आज आयी है ।
नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारियों और सुरक्षा अधिकारियों के टेस्ट भी नेगेटिव आये है ।
मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता से अपील की है कि वे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये अनिवार्य रूप से मास्क लगाये, थोड़ी थोड़ी देर में हाथ धोते रहे तथा भीड़भाड़ में जाने से बचे ।
रायपुर, राजधानी रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र स्थित टंडन डेयरी में दुध की कालाबाजारी की शिकायत पर निगम अमला ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम अमले ने डेयरी को सील कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार शंकर नगर स्थित टंडन डेयरी में दुध की कालाबाजारी को लेकर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थी। बताया जाता है कि डेयरी में रविवार को कमरछट के दिन दोपहर तक दो सौ रूपए लीटर दुध बेचा जा रहा था जो शाम तक तीन सौ रूपए बेचा जाने लगा। शिकायत मिलने पर निगम की टीम ने ग्राहक बनकर टंडन डेयरी से दूध खरीदा तो 320 रुपये लीटर में दूध दिया। निगम की टीम ने तत्काल मुनाफ़ख़ोरी और नियम का उल्लंघन करने पर डेयरी को सील कर संचालक को चेतावनी दी है। अभी जुर्माना की कार्रवाई नहीं की गई है। नियमानुसार जो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर, कंपनी में काम करने के दौरान मजदूर का मशीन में हाथ फसने से चार अंगुली कट जाने की रिपोर्ट धरसींवा थाने में दर्ज की गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नं. 6 ग्राम तिवरैया धरसींवा निवासी लखन लाल साहु 52 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थी का छोटा भाई दानेश्वर साहु 49 वर्ष फिल्ड आपरेट के पद पर एक्युपायर नकोड़ा कंपनी फेस-2 सिलतरा में कार्यरत है। आज दोपहर 2 बजे छोटे भाई ने कॉल करके बताया कि सुबह 8.30 बजे कंपनी में काम करने के दौरान कोल इंजेक्टर मशीन में हाथ फंस जाने की वजह से 4 अंगुली कट गया है, इलाज के लिये उसे अग्रसेन हास्पिटल समता कालोनी में भर्ती किया गया है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने कंपनी संचालक के खिलाफ लापरवाही पूर्वक काम कराने के जुर्म में अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
रायपुर | घर के सामने पड़ोसी महिला के साथ वॉक करते समय मोबाईल छपटकर एक्टीवा सवार युवक फरार हो गये। घटना की रिपोर्ट तेलीबांधा थाने में दर्ज की गई है। तेलीबांधा निवासी कशीष मेघानी आयु 19 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थिया अपना निर्माणधीन मकान देखने रात गई थी वापस आते समय पड़ोसी आंचल आहुजा के साथ घर के बाहर टहल रही थी तभी एक्टीवा सवार दो युवक अचानक वीवो कंपनी वाई 95 कीमत 9 हजार रुपये का मोबाईल झपटकर फरार हो गये। जिसके बाद पीडि़ता ने कुछ दूर तक आरोपियों का स्कूटी से पीछा किया लेकिन वे पंडरी बस स्टैण्ड की ओर भाग गये। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के अंदर चल रहे गुटबाजी और धन पिशाचों की लड़ाई पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रदेश भाजपा में लगातार विधानसभा 2014 के पूर्व ही गुटबाजी की जंग छिड़ी हुई है जिसके कारण डॉ रमन सिंह और धरमलाल कौशिक के नेतृत्व में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया और वह मात्र चौदह सीटों पर सिमट गई वहीं दूसरी ओर प्रदेश में नगर निगम,नगर पालिका और पंचायत के चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया राज्य में सम्पूर्ण दो विधानसभा के उपचुनाव में भी रमन सिंह और धरमलाल के चेहरे पर भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा लगातार डॉ रमन के चेहरे पर हो रही हार से भारतीय जनता पार्टी का एक बहुत बड़ा धड़ा नाराज,परेशान और कुंठित है युवा नेताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और धर्म लाल कौशिक भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई को अपनी जागीरदारी बना डाले हैं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह इतनी बड़ी हार के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी और अपने समर्थित विधायक धरमलाल कौशिक को नेता प्रतिपक्ष बनाने में सफल हो गये वहीं कुछ महीने पूर्व प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नंदकुमार साय जिन्हें भारतीय जनता पार्टी के नेता रमन सिंह की गाय कहते हैं उन्हें भी पद दिलाने में डॉक्टर रमन सिंह सफल रहे।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज विश्व आदिवासी दिवस पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा करते हुए क्षेत्र की मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली तथा त्वरित रूप से क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्याें की स्वीकृति भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि हमने 15 अगस्त 2019 को गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के गठन की घोषणा की गई थी और 10 फरवरी 2020 को इस जिले का गठन किया गया।
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जिले के गठन के साथ ही शासन का यह प्रयास रहा है कि जिले का सर्वांगीण विकास तेजी से हो। उन्होंने कहा कि जिले के गठन उपरांत क्षेत्र के विकास की गति तीव्र हुई है। उन्होंने कहा कि नव-गठित जिले में सभी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द यहां सारी प्रशासनिक सेवाएं काम करने लगेंगी। इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधियों ने नए जिले के गठन और मरवाही में एसडीएम कार्यालय प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने की घोषणा की। उन्होंने नव-गठित अनुविभाग मरवाही में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस की नियुक्ति की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जिले की आठ प्रमुख सड़कों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रूपए तथा 16 मौजूदा सड़कों के संधारण हेतु 9 करोड़ रूपए की राशि की स्वीकृति दी। उन्होंने जिले में दो इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ करने की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ 90 लाख रूपए की 11 नई सड़कों के निर्माण की भी स्वीकृति दी। श्री बघेल ने जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर विगत चार वर्षाें से लंबित पेन्ड्रा बायपास सड़क का निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने, पेन्ड्रा-बसंतपुर-बिलासपुर मार्ग, मरवाही-सिवनी मार्ग का निर्माण करने की स्वीकृति भी दी।
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मुख्यमंत्री श्री बघेल ने गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले में पूर्णकालिक महिला एवं बाल विकास अधिकारी की नियुक्ति की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री ने जिले की एनीमिक महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत गर्म पौष्टिक आहार प्रदान करने की स्वीकृति दी। उन्होंने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के लिए अतिरिक्त चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाप, एम्बुलेंस की भी स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने पेन्ड्रा पतगंवा मार्ग, पतगंवा झाबर बारी उमरांव मार्ग, भदौरा सरवानी खोडरी मार्ग, सपनी से डोंगरिया मार्ग, भर्रीडांड पीपरडोल मार्गद्व मनेन्द्रगढ़ मेन रोड बगरार मार्ग, चंगेरी मोड़ से भेड़वानाला मार्ग, सिवनी से धरहर गुर्जरटोला मार्ग तथा गौरेला जलेश्वर मार्ग नवीनीकरण के कार्याें की स्वीकृति दी है।
जिले के उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के लिए पात्र अभ्याथियों के साक्षात्कार 17 अगस्त से प्रारंभ
दुर्ग | दुर्ग जिला के अंतर्गत कुल 06 उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालन समितियों के द्वारा शिक्षक (संविदा) में अस्थायी नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। जिसमें आवेदकों के आवेदन के स्क्रूटनी उपरांत पात्र एवं अपात्र अभ्यार्थियों की सूची प्रकाशित की गई है। पात्र आवेदकों का विषयवार साक्षात्कार दिनांक 17 अगस्त से प्रारंभ किया जा रहा है।
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व्याख्याता के पात्र आवेदकों के लिए साक्षात्कार शा.प्रा.शा. कसारीडीह एवं शिक्षक तथा सहायक शिक्षक के साक्षात्कार शा.बहु.उ.मा. विद्यालय दुर्ग में रखा गया है। साक्षात्कार का समय सारिणी एवं पात्र अपात्रों की सूची जिले के वेबसाईट DURG.GOV.IN में अपलोड किया गया है तथा कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। पात्र आवेदक निर्धारित तिथि एवं समय में अपनी उपस्थिति निर्धारित स्थल में देवे।
रायपुर | राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में कल शाम से ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, वहीं आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के आसार बने हुए हैं।
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महासमुंद | बुंदेली पुलिस ने बाइक से गांजा परिवहन कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 10 किलो गांजा बरामद की गई है। जानकारी के मुताबिक बुंदेली चौकी प्रभारी विकास शर्मा को सूचना मिली कि बुंदेली क्षेत्र मं0 कुछ लोग गांजे का अवैध परिवहन कर रहे हैं। उक्त सूचना पर सादे वर्दी में रास्तों पर पुलिस की टीम तैनात की गई।
टीम ने मोटरसाइकिल सवारों को घेराबंदी कर पकड़ा। बाइक सवारों ने अपना नाम-पता आजाद चौक बुड़ेरा थाना खरोरा जिला रायपुर निवासी लोकेश्वर धीवर पिता बसंत धीवर (38), ग्राम बाना थाना खरोरा जिला रायपुर निवासी ओमप्रकाश बंजारे पिता सुकालू बंजारे (28) बताया। पूछताछ में बताया कि वे ओडि़शा से गांजा लेकर खरोरा जा रहे हैं, उनके पास से 10 किलो गांजा और एक मोटर साइकिल जब्त कर धारा 20 (बी) एनडीपीसी एक्ट के तहत कार्रवाई की। उक्त कार्रवाई में तेंदूकोना थाना प्रभारी कमला पुसाम, बुंदेली चौकी प्रभारी विकास शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक विजय मिश्रा, प्रधान आरक्षक महेश डहरिया,आरक्षक द्रोण सत्यम,युवराज ठाकुर आदि का योगदान रहा।
रायपुर | कोरोना संक्रमण के मद्देनजर रायपुर रेलवे स्टेशन में यात्रियों के अलावा अन्य व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर जहां यात्री व उनके परिजन हलाकान हो रहे हैं तो वहीं अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को खासी दिक्कत हो रही है।
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कुछ इसी तरह का प्रकरण शुक्रवार को रायपुर रेलवे स्टेशन में नजर आया। रायपुर से रायगढ़ जाने के लिए एक बुजुर्ग महिला को छोडऩे आए उसके एक परिजन को अधिकारियों के कोप का भाजन बनना पड़ा। रायपुर जिले में लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जब यह वृद्धा जनतशताब्दी ट्रेन पकडऩे अपने परिजन के साथ रेलवे स्टेशन पहुंची तो यहां युवक को रोक दिया गया। युवक को प्लेटफार्म में जाने ही नहीं दिया गया।
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युवक से सीधे कह दिया गया कि उसे अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके बाद वृद्धा घबरा गई कि वह अकेले टे्रन में कैसे बैठ पाएगी। इसके बाद अधिकारियों ने उक्त युवक को यहां तक कह दिया कि उसे किसी भी कीमत पर अंदर जाने नहीं दिया जाएगा। इसके बाद यहां के एक कुली को करीब 100 रूपए देकर युवक ने बुजुर्ग को टे्रन में बिठाने की व्यवस्था की। रेलवे स्टेशन में सुरक्षा का आलम यह है कि यहां यात्रियों के अलावा किसी को भी जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
रायपुर | घर से निकले की बात कहकर सौतेले बेटे व बहू की पिटाई से महिला का हाथ फैक्चर हो गया। घटना की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बैरनबाजार गौलीपारा कोतवाली निवासी आशा यादव 70 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थिया की जिससे शादी हुई उस व्यक्ति की पत्नी का देहान्त हो चुका था व एक 4 साल का बेटा था। शादी के बाद पीडि़ता की दो बेटी है,जिनकी शादी हो चुकी है।
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सौतेले बेटा गोलू यादव की शादी 4 वर्ष पूर्व कोमल यादव से हुई है ,शादी होने के बाद से ही बटो और बहु लगातार गाली -गलौज कर झगड़ा करते है एवं घर छोड़ कर चले जाने को बोलते हैं। पति विगत 7 वर्षों से गंभीर बीमारी से पीडित हैं एवं बिस्तर पर ही रहता है। इस वजह से बेटे व बहु के द्वारा किये जा रहे अत्याचार को वह सहन कर रही थी।
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बैरन बाजार स्थित घर पर बेटा गोलू और बहु कोमल ने गाली-गलोच करते हुये घर से निकालने लगे,नही निकलने पर कपड़ा धोने वाले लकड़ी के डंडे से पिटाई कर दिया। जिसके चलते दोनो हाथ फैक्चर हो जाने से उसे देवर व दामाद ने अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की रिपोर्ट पर शनिवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
महासमुंद , छत्तीसगढ़ के महासमुंद से बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक- 53 में टेका गांव के पास खड़े ट्रक से तेज रफ़्तार सूमो जा भिड़ी। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है. वही 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताये जा रहे हैं. हादसा इतना भयंकर था कि सूमो वाहन के परखच्चे उड़ गए।
मिली जानकारी के मुताबिक सूमो वाहन पंश्चिम बंगाल से मजदूरों को लेकर महाराष्ट्र जा रही थी। घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिथौरा लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर मेकाहार रेफर किया गया है. सूमो चालक को झपकी आने के कारण हादसा होने की बात कही जा रही है। मामला पिथौरा थानाक्षेत्र का है।
भिलाई, छत्तीसगढ़ के भिलाई चरोदा डी केबिन के करीब एक प्रेमी जोड़े ने मालगाड़ी के आगे कूदकर जान देने की कोशिश की। जिसमें नाबालिग प्रेमिका की मालगाड़ी से कटकर मौत हो गई। वहीं प्रेमी को गंभीर हालत में रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना रविवार सुबह लगभग 6 बजे की है। भिलाई तीन जीआरपी पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की की लाश को पीएम के लिए भेज दिया गया है।
चरोदा डी केबिन के पास मालगाड़ी के आगे कूदने वाले प्रेमी जोड़े के बारे में पुलिस ने बताया कि उरला निवासी नाबालिग लड़की शनिवार रात से ही घर से गायब थी। वहीं देवभोग में ड्राइवर का काम करने वाला 18 वर्षीय रितिक भी घर पर नहीं था। दोनों उरला के ही निवासी हैं। घटना की सूचना दोनों के परिजनों की दे दी गई है।
जीआरपी सूत्रों ने बताया कि घटना आज सुबह की है। ट्रेक में लाश मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। वहां नाबालिग लड़की मृत मिली। वहीं लड़के की सांसें चल रही थी। जिसे पहले उपचार के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला भेजा गया। बाद में उसे जिला अस्पताल दुर्ग और फिर रायपुर मेकाहारा उपचार के लिए भेजा गया है।
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज अपनी रेडियो वार्ता लोकवाणी की नवीं कड़ी के माध्यम से आम जनता से रूबरू हुए। उन्होंने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस और विश्व आदिवासी दिवस का विशेषरूप से उल्लेख करते हुए इनके महत्व की चर्चा की। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। श्री बघेल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आज के ही दिन वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरु करने की घोषणा की और ‘करो या मरो’ का नारा दिया। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़ साबित हुई।
‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’
मुख्यमंत्री ने रेडियो श्रोताओं के साथ ‘न्याय योजनाएं, नई दिशाएं’ की व्यापक अवधारणा और स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान दौर में इसके क्रमशः विकास और आदिवासियों, किसानों, मजदूरों, जरूरतमंदों सहित सभी वर्गाें के लिए न्याय योजना को धरातल पर उतारने के राज्य सरकार के संकल्प को साझा करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि हमारी आजादी की लड़ाई का हर दौर न्याय की लड़ाई का दौर था। भारत की आजादी ने न सिर्फ भारतीयों की जीवन में न्याय की शुरूआत की, बल्कि दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र की स्थापना और जन-जन के न्याय का रास्ता बनाया। भारत माता को फिरंगियों की गुलामी से मुक्त कराना ही न्याय की दिशा में सबसे बड़ी सोच और सबसे बड़ा प्रयास था। दुनिया ने देखा है कि किस प्रकार हमारा संविधान समाज के हर समुदाय को न्याय देने का आधार बना। आम जनता को समानता के अधिकार, अवसर और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने के सिद्धांत के आधार पर अन्याय की जंजीरों से मुक्ति दिलाई गई।
श्री बघेल ने कहा कि आज जब कोरोना संकट के कारण देश और दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में है तब ‘न्याय’ की यही अवधारणा संकटग्रस्त लोगों के जीवन का आधार बन गई है, जिससे लोगों की जेब में सीधे धन राशि जाए और जो ऋण के रूप में नहीं, बल्कि उन्हें सीधे मदद के रूप में हो। श्री राहुल गांधी जी ने देश और दुनिया के विख्यात अर्थशास्त्रियों से विचार-विमर्श करते हुए ‘न्याय’ की इस अवधारणा को प्रतिपादित किया और इसे जमीन पर उतारने का आह्वान किया। मुझे यह कहते हुए खुशी होती है कि छत्तीसगढ़ में हमने इस न्याय योजना के विविध आयामों पर कार्य करना और एक-एक कर उन्हें जमीन पर उतारना शुरू किया है।
किसानों को 2500 रूपए प्रति क्विंटल भुगतान कर वादा निभाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 दिसम्बर 2018 को सरकार बनते ही हमने, पहले दिन से वादा निभाने की शुरूआत कर दी थी। हमने किसानों को 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से तत्काल प्रभाव से भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी। वर्षों से लंबित 17 लाख 82 हजार किसानों का 8 हजार 755 करोड़ रू. कृषि ऋण माफ कर दिया गया। हमने 244 करोड़ रू. का सिंचाई कर माफ कर दिया था। लोहंडीगुड़ा में 1700 से अधिक आदिवासी किसानों की 4200 एकड़ जमीन वापिस कर दी। हमने तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रू. प्रति मानक बोरा कर दिया।
वनवासियों के लिए न्याय का व्यापक स्वरूप: 31 वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और निरस्त वन अधिकार पट्टों की समीक्षा का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनांचल में रहने वाले लोगों को कोरोना संकट काल में राहत देने के लिए प्रदेश में 7 से बढ़कर 31 वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। और हमारा अनुमान है कि आगे चलकर 2500 करोड़ रू की राशि आदिवासियों तथा अन्य वन आश्रित परिवारों को साल भर में मिलेगी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी -वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम-2006 एक मील का पत्थर था। लेकिन छत्तीसगढ़ में 12 वर्षों में इसकी जो उपेक्षा की गई वह किसी से छिपी नहीं है। निरस्त दावों का पहाड़ लगा दिया गया था। हमने न्याय को बहुत व्यापक रूप से समझा और पूर्व सरकार द्वारा निरस्त वन अधिकार पट्टों की समीक्षा का फैसला लिया। इस प्रकार अब बड़ी संख्या में व्यक्तिगत तथा सामुदायिक वन अधिकार पट्टे दिये जा रहे हैं।
सामाजिक न्याय देने जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की मुक्ति का निर्णय
श्री बघेल ने कहा कि सामाजिक न्याय देने के लिए हमने जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की मुक्ति का निर्णय लिया। झीरम घाटी में हुए हत्याकांड में शहीद परिवारों को न्याय दिलाने का फैसला लिया और इस फैसले को अंजाम तक पहुंचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस तरह हमने समाज के हर वर्ग को शोषण और अन्याय से मुक्त कराने की दिशा में कार्य किया है।
किसानों को अन्याय से बचाने ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ की शुरूआत
मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में कहा कि पहले साल धान के किसानों को 2500 रूपए प्रति क्ंिवटल का दाम देने के बाद जब दूसरा साल आया तो एक बड़ी बाधा सामने आ गई। हमने करीब 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर एक नया कीर्तिमान बनाया, इन किसानों को 2500 रू. की दर से भुगतान किया जाना था लेकिन केन्द्र सरकार ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। ऊपर से यह कहा गया कि यदि हमने केन्द्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से अधिक दर दी तो सेन्ट्रल पूल के लिए खरीदी बंद कर दी जायेगी। इस तरह फिर एक बार हमारे किसान अन्याय की चपेट में आ जाते। ऐसी समस्या के निदान के लिए हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने की घोषणा की। हमारी मंशा थी कि किसानों को कर्ज से नहीं लादा जाये बल्कि उनकी जेब में नगद राशि डाली जाए। इस तरह समग्र परिस्थितियों पर विचार करते हुए हमने सिर्फ धान ही नहीं बल्कि मक्का और गन्ना के किसानों को भी बेहतर दाम दिलाने की बड़ी सोच के साथ ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू की।
हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी है ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’
श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी कहा करते थे, यदि किसान कमजोर हो जायेगा तो देश अपनी आत्मनिर्भरता खो देगा। किसानों के मजबूत होने से ही देश की स्वतंत्रता भी मजबूत होती है। इस तरह से देखिए तो एक बार फिर स्वतंत्रता, स्वावलंबन और न्याय के बीच एक सीधा रिश्ता बनता है। निश्चित तौर पर यह एक बड़ी योजना है, जिसके माध्यम से धान, मक्का और गन्ना के 21 लाख से अधिक किसानों को 5700 करोड़ रूपए का भुगतान उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जाना है। हमने तय किया 5700 करोड़ रू. की राशि का भुगतान 4 किस्तों में करेंगे। जिसकी पहली किस्त 1500 करोड़ रू. 21 मई को किसानों की खाते में डाल दी गई है। 20 अगस्त को राजीव जी के जन्म दिन के अवसर पर दूसरी किस्त की राशि भी किसानों के खाते में डाल दी जायेगी। इस तरह राजीव गांधी किसान न्याय योजना हमारी न्याय दिलाने की विरासत से सीधी तौर पर जुड़ जाती है। उन्होंने कहा कि हमने ‘भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ की घोषणा की है ताकि ऐसे ग्रामीण परिवारों को भी कोई निश्चित, नियमित आय हो सके, जिनके पास खेती के लिए अपनी जमीन नहीं है।
गोधन न्याय योजना ग्रामीणों की आजीविका और समृद्धि का माध्यम
मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के संबंध में रेडियोवार्ता में कहा कि हमने न्याय योजनाओं के क्रम में गोधन न्याय योजना को ग्रामीण जन-जीवन, लोक आस्था ही नहीं बल्कि सीधे आजीविका और समृद्धि का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी अगर छत्तीसगढ़ की चिन्हारी है तो गौ माता हमारी भारतीयता की, भारतीय संस्कृति की, भारतीय लोक आस्था की और हमारी एकता तथा सद्भाव की भी चिन्हारी है। जब हमने गोबर को गोधन बनाने का फैसला किया तो कथित विशेषज्ञों और राजनेताओं के एक वर्ग ने इसका पुरजोर विरोध किया। गोबर से तो हमारे घर आंगन लीपे जाते हैं, गोबर को अपने घर की दीवारों पर थापकर हम कंडे बनाते हैं। गोबर से बेहतर जैविक खाद और कोई नहीं है। गौ मूत्र और गौ माता के उपकारों का मोल तो हो ही नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना को हमने छत्तीसगढ़ के हर गांव में गौठान बनाने की योजना के साथ जोड़ा है। हरेली से प्रदेश में गोधन न्याय योजना की शुरूआत करने का अपना विशेष महत्व है। किसानों से गोबर खरीदने की सरकारी दर 2 रूपये प्रति किलो तय की गई है। गौठानों को गोबर खरीदी के लिए सुविधा सम्पन्न बनाया जायेगा। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तथा लैम्प्स के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट को 8 रू. प्रति किलो की दर से किसानों को बेचा जायेगा। अल्पकालीन कृषि ऋण के अंतर्गत सामग्री घटक में जैविक खाद के रूप में वर्मी कम्पोस्ट शामिल करने का निर्णय लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमने हर गांव में गौठान बनाने का संकल्प लिया है। अभी तक 5300 गौठान स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से लगभग 2800 गौठानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। गोधन न्याय योजना से गौ पालन, गौ सुरक्षा, खुली चराई पर रोक, जैविक खाद का उपयोग, इससे जमीन की उर्वरता और पवित्रता में वृद्धि, रसायन मुक्त खाद्यान्न के उत्पादन में तेजी, गोबर संग्रह में तेजी से स्वच्छता का विकास, जैसे अनेक लक्ष्य हासिल होंगे। संग्रहित गोबर से जैविक खाद के अलावा अन्य रसायन मुक्त उपयोगी सामग्रियों के निर्माण से ग्रामीण अंचल की विभिन्न प्रतिभाओं को नवाचार का अवसर मिलेगा। साथ ही पर्यावरण के प्रति दुनिया की बहुत बड़ी चिंता और समस्या का समाधान भी हमारी गोधन न्याय योजना करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हमारे वेद-पुराणों ने, महात्मा गांधी, पं. नेहरू, डॉ. अम्बेडकर जैसे मनीषियों ने हमारी विरासत, हमारी संस्कृति को साथ लेकर सर्वधर्म-समभाव के साथ देश को आगे बढ़ाने का सपना देखा था, वह सपना, हमारी ‘गोधन न्याय योजना’ से पूरा होगा।
हमारे किसान भाई, बहन अर्थव्यवस्था के संचालक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान भाई, बहन तो अर्थव्यवस्था के संचालक हैं, संवाहक हैं, उन्हें बिना वजह ही अर्थव्यवस्था में बाधक कहकर बदनाम किया गया था। हमारे गांव के लोगों में बड़ी उदारता होती है वे जानते हैं कि उन्हें मिले पैसे सन्दूक में बंद करके रखने के लिए नहीं हैं। वे जानते हैं कि उन्हें मिली राशि समाज के अन्य वर्गों तक किस तरह पहुंचती है, इसलिए वे संग्रह नहीं करते बल्कि जरूरी चीजों पर खर्च करते हैं। किसानों, ग्रामीणों के पैसे से गांव के बहुत से काम-धंधे चलते हैं, हमारी इस सोच और विश्वास को देश के बड़े-बड़े विद्वानों, अर्थशास्त्रियों, स्वतंत्र संस्थाओं ने प्रमाणित किया है। जो लोग पहले किसानों पर, आदिवासियों पर, ग्रामीणों पर, हमारे द्वारा किये जा रहे खर्च पर आश्चर्य जताते थे, वे अब इस बात पर आश्चर्य जता रहे हैं कि अर्थव्यवस्था का यह मॉडल पहले क्यों नहीं सूझा था। अब तो यह प्रमाणित हो गया है कि गांवों से निकली राशि से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बचाया और बढ़ाया जा सकता है।
कुपोषण मुक्ति, कोरोना काल में 8 माह निःशुल्क अनाज का इंतजाम, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी और रोजगार की पहल से जरूरतमंदों को मिला न्याय
मुख्यमंत्री ने कहा है कि लॉकडाउन के दौर में जहां देश और दुनिया में बेरोजगारी भयंकर बढ़ी है। तालेबंदी के कारण अर्थव्यवस्था ध्वस्त है वहीं छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 की तुलना में जीएसटी का संग्रह 22 फीसदी बढ़ा है। 2019 की तुलना में भूमि का पंजीयन 17 प्रतिशत बढ़ा है। वाहनों की खरीदी अलग-अलग महीनों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के समय कृषि और संबंधित कार्यों में तेजी बनी रही। लघु वनोपज उपार्जन का मामला हो या मनरेगा के तहत काम देने का, लघु वनोपज संग्रह के लिए पारिश्रमिक देने का मामला हो या मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी भुगतान का, हर मामले में छत्तीसगढ़ आगे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी जनहितकारी और जन न्याय देने वाली योजनाओं के कई आयाम हैं। कुपोषण मुक्ति, मलेरिया नियंत्रण, हाट बाजार में इलाज, कोरोना काल में लगभग 8 माह तक निःशुल्क अनाज देने का इंतजाम, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी तथा उनको रोजगार प्रदाय आदि हर पहल से अलग-अलग तरह से न्याय मिला है। इस तरह यह साबित होता है कि किसानों और गांवों का भला करने से सबका भला होता है।
कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं, बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी
मुख्यमंत्री ने रेडियोवार्ता में प्रदेशवासियों को कोरोना संकट से आगाह करते हुए कहा कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है, इससे बचाव के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी है। कोरोना, कोविड-19 नियंत्रण के मामले में छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है, घर से निकलते समय फेस मास्क, फेस कव्हर, फेस शील्ड आदि जो संभव हो, वह साधन अपनाएं। फिजिकल दूरी का पालन करें, भीड़ से बचें, साबुन से हाथ धोने, बिना वजह घर से बाहर नहीं निकलने से बचें और सुरक्षा के हर संभव उपाय करें।
बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को दिया निर्णायक मोड़: अगस्त क्रांति दिवस पर की ‘भारत छोड़ो आंदोलन‘ शुरू करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त क्रांति दिवस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीयों द्वारा अंग्रेजों का साथ देने के बाद भी, जब अंग्रेजों ने आजादी देने में हील-हवाला किया, तब अहिंसा के पुजारी, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 9 अगस्त 1942 से न सिर्फ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करने की घोषणा की, बल्कि ‘करो या मरो’ का नारा भी दिया। 8 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुम्बई सत्र में बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक मोड़ देते हुए कहा था-‘‘भारत अर्थात् मानवता के इस विशाल सागर को संसार की मुक्ति के कार्य की ओर तब तक कैसे प्रेरित किया जा सकता है, जब तक कि उसे स्वयं स्वतंत्रता की अनुभूति नहीं हो जाती ? यदि भारत की आंखों की चमक को वापस लाना है, तो स्वतंत्रता को कल नहीं बल्कि आज ही आना होगा। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि हमारी आजादी की लड़ाई का हर दौर न्याय की लड़ाई का दौर था। इसने भारत की आजादी और दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र की स्थापना और जन-जन के न्याय का रास्ता बनाया।
पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देखा था हर एक के लिए न्याय सुनिश्चित करने का सपना
श्री बघेल ने आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के 14 अगस्त की मध्य रात्रि और 15 अगस्त 1947 की पहली घड़ी में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि - पंडित नेहरू ने आजादी की पहली किरण के साथ कहा था-‘‘ये हमारे लिए एक सौभाग्य का क्षण है, एक नये तारे का उदय हुआ है, पूरब में स्वतंत्रता का सितारा। एक नयी आशा कभी धूमिल न हो। हम सदा इस स्वतंत्रता में आनंदित रहें। भविष्य हमें बुला रहा है। हमें किधर जाना चाहिए और हमारे क्या प्रयास होने चाहिए, जिससे हम आम आदमी, किसानों और कामगारों के लिए स्वतंत्रता और अवसर ला सकें। हम गरीबी, अज्ञानता और बीमारियों से लड़ सकें। हम एक समृद्ध, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील देश का निर्माण कर सकें और हम ऐसी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संस्थाओं की स्थापना कर सकें, जो हर एक आदमी-औरत के लिए जीवन की परिपूर्णता और न्याय सुनिश्चित कर सके।
मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में कहा कि इसलिए आज जब हम न्याय की बात करते हैं, तब एक पूरी पृष्ठभूमि हमारी नजरों के सामने आती है। हमारे पुरखों का त्याग और बलिदान हमें याद रहता है, जो न्याय की बुनियाद है। इसी हफ्ते हम अपनी देश की आजादी की 73वीं सालगिरह मनाने वाले हैं। ये 73 साल, जन-जन को न्याय दिलाने के लिए उठाये गये कदमों के साक्षी हैं। 9 अगस्त को हम आदिवासी समाज के विकास के संकल्पों के लिए भी याद करते हैं। 9 अगस्त 1982 को संयुक्त राष्ट्रसंघ ने ‘विश्व आदिवासी’ दिवस घोषित किया था। इसके माध्यम से 38 वर्ष पहले आज के दिन दुनिया में अनुसूचित जनजाति के सम्मान और विकास के लिए नए लक्ष्य तय किये गए थे। अब यह देखने और समीक्षा करने का अवसर भी है कि आदिवासी समाज के उत्थान की दिशा और दशा कैसी है। इस ओर कैसे तेजी से प्रगति हो। इस तरह 9 अगस्त हमें न्याय के अनेक स्वरूपों से जोड़ता है। इस दिन के लिए मैं प्रदेश की जनता और विशेष रूप से आदिवासी समाज को बधाई देता हूं।
रायपुर, टिम्बर ट्रेडर्स कंपनी के मुंशी ने 4 लाख 60 हजार रुपये की लूट की झुठी रिपोर्ट लिखाकर कर रुपये हड़पने की योजना बनाई थी। आरोपी ने अपने भांजे व दोस्त की मदद से रुपये गांव भेज लूट होने की झूठी शिकायत कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।
पुछताछ के दौरान आरोपी के बयान पर संदेह होने के बाद कड़ाई से पुछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगानगर शिव मंदिर निवासी कुलेश्वर साहु 30 वर्ष पिता मुकुंद साहु ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि शनिवार को प्रार्थी को टिम्बर ट्रेडर्स का मालिक भरत पटेल बोला ने 4 लाख 60 हजार रूपये पेमेंट लाने अंकित ट्रेडर्स से 300000/- रूपये तथा बाकी 160000/- रूपये ईश्वर फर्नीचर से लाने भेजा था।
पीडि़त अपने टीवीएस एक्सल सी.जी 04 एल.जे 9938 मे सवार होकर अंकित ट्रेडर्स शुक्ला बाडा फाफाडीह व ईश्वर फर्नीचर फाफाडीह से पेमेन्ट लेकर काले रंग के हैण्ड बैंग मे रख कर टीबीएस एक्सल की डिक्की में रखकर आनंद टिम्बर भनपुरी में मालिक को देने आ रहा था तभी रास्ते में वाल्टीयर गेड पार करने के बाद करीबन 05.45 बजे शाम को डीआरएम ऑफिस के पास वाले ब्रीज के ऊपर पहुंचा था कि पीछे से मोटर सायकल में दो लोग आये तथा एक आदमी जो सफेद शर्ट तथा काला पेंट पहना था चलते हुए मोटर सायकल से उतर कर मेरे टीवीएस एक्सल मोटर सायकल वाहन के पीछे में आकर बैठ गया तथा मेरे पीछे कुछ चीज टीकाकर बोला हल्ला करेंगा तो जान से मार दुंगा बोलकर डिक्की में रखा नगदी रकम 460000 /- रूपये को निकाल लिया।

घटना की रिपोर्ट पर पुलिस पीडि़त के द्वारा दिये गये बयान के दौरान बार-बार अपना बयान बदलने पर पुलिस को शंक हुआ व जिसके बाद आरोपी के द्वारा बताये गये स्थान पर लगे सीसी टीवी केमरा का फुटेज खंगालने पर मुंशी टीवीएस जूपिटर से अकेला जाते एक जगह दिखाई दे रहा। इस पर कड़ाई से पुछताछ करने पर पुलिस को लूट की फर्जी जानकारी देने की बात कबूल लिया। आरोपी अपने भांजे व दोस्त के साथ मिलकर रुपये को गबन करने का प्लान बना लूट की झुठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। भांजे को रुपये देकर ग्राम मोहल्ला भेज दिया था। जिसके बाद भांजे ने उसके दोस्त के पास रुपये रखवा दिया था। आरोपी को हिरासत में लेकर मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पुलिस गिरफ्तारी में जुटी हुई है।
रायपुर, राजधानी रायपुर में अविनाश बिल्डर्स के घर व कार्यालय पर आईटी टीम ने दबिश दी है।
बता दें कि इनकम टैक्स की टीम ने अविनाश बिल्डर्स के सभी ठिकानों पर रेड मार कार्यवाही शुरू कर दी है ।
सूत्रों के मुताबिक डिपार्टमेंट को पिछले काफी समय से टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थी जिसको लेकर आज राजधानी रायपुर में टीम ने छापामार कार्यवाही चालू की है।



























