"रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम"
— Dr Raman Singh (@drramansingh) August 5, 2020
सभी देशवासियों को ऐतिहासिक, गौरवमयी, अनंत आनंद के क्षण श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भूमिपूजन की हार्दिक शुभकामनाएं।
हमारे रोम रोम में राम हैं, राम हमारा अस्तित्व हैं, हमारे आराध्य हैं, हमारे प्राण हैं।#JaiShriRam pic.twitter.com/lamI0Ss7Gj
500 साल के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में रामलला का भव्य व दिव्य मंदिर का शिलान्यास आज प्रधानमंत्री श्री @narendramodi करने जा रहे हैं।
— Dr Raman Singh (@drramansingh) August 5, 2020
हम इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी होंगे इस आनंद के अवसर पर घरों को अयोध्या की तरह सजाएं, दीप जलाएं, भक्ति में डूब जाएं।
जय श्री राम!#RamMandir pic.twitter.com/S6fA48uG2j
महासमुंद। पिथौरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छिदौंली में करंट लगाकर शिकार करने की नीयत से शिकारियों द्वारा बिछाए गये जाल में फंसकर सोमवार को दो भालूओं की मौत हो गई। मामले में वन विभाग ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
महासमुंद। जिले की सीमा पर पुलिस ने गांजे की अब तक सबसे बड़ी खेप पकडऩे में सफलता हासिल की है। सब्जी गाड़ी से तस्करों से पुलिस ने करीब 90 लाख रुपए की गांजा जब्त की है।
रायपुर। राईस मिल के पास संदिग्ध हालत में बोलेरों वाहन खड़ी होने की सूचना पर पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच वाहन की तलाशी लिया उसमें 110 किलों 5 बोरी में गांजा भरा मिला। पुलिस ने गांजा व वाहन को जब्त कर लिया है। आजाद चौक पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार टेलिफोन पर सूचना मिली की एक संदिग्ध हालत में बोलेरों वाहन क्रमांक सीजी 07 एके 9332 नूतन किसान राईस मिल परिसर दुकान के पास खड़ी है। घटना स्थल पर पहुंच पुलिस ने वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 5प्लास्टिक की बोरी में सफेद रंग झिल्ली में गांजा भरा हुआ था। घटना स्थल पर गांजा का वजन कराने पर 5 बोरी में 110 किलों गांजा भरा हुआ था। गांजा की कीमत 6 लाख 66 हजार रुपयें पुलिस ने आंकी है। वाहन चालक गाड़ी खड़ी कर फरार है। पुलिस ने आस-पास लगे केमरों की सीसी टीवी फुटेज खलाल आरोपी की पता साजी कर रही है। वहीं वाहन नंबर के आधार पर वाहन मालिक का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत 20 बी में मामला दर्ज कर लिया है।
रायपुुर। राजधानी रायपुर मेंं लगातार चल रहे लॉकडाउन से अब व्यापार-व्यवसाय बर्बादी के कगार पर आ खड़ा हुआ है। इसे देखते हुए व्यापारी काफी सकते में आ गए हैं, पूरी तरह से बबा्रद हो रहे व्यापार को बचाने के लिए व्यापारी अब एकजुट हो गए हैं। कैट की एक आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि शासन-प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण रोकने सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा, किंतु अब लॉकडाउन का समर्थन नहीं किया जाएगा।
रायपुुर। छत्तीसगढ़ में मंगलवार 04 अगस्त का दिन प्रदेश के लिए अच्छा नहीं रहा। कोरोना संक्रमित जहां 8 लोगों की मौत हो गई, वहीं 280 नये मरीजों के मिलने के बाद प्रदेश में संक्रमितों का आकड़ा भी 10 हजार के पार हो गया है, जबकि मृतकों की संख्या 69 पहुंच गयी है। वर्तमान में एक्टिव मरीजों की संख्या 2427 है।
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आज ऋचा और मेरे जीवन का सबसे यादगार क्षण है।हमे माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बिना पापा के आज यह खुशी अधुरी है। अपने पोते की नन्ही आँखें खुलने के बस कुछ दिन पहले पापा की आँखें बंद हो गयी।लगता है मानो,पापा फिर से एक नया जीवन,नई उमंग के साथ,छतीसगढ़ महतारी की इस पावन 1/2 pic.twitter.com/3j8Z5Uc3bH
— Amit Ajit Jogi (@amitjogi) August 4, 2020
रायपुर, 12 वीं की छात्रा को इंस्टाग्राम एकाउन्ट से अश्लील मैसेज कर वीडियों कॉल पर गाली-गलोच करने की रिपोर्ट सिविल लाईन थाने में दर्ज की गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजातलाब गांधी चौक निवासी 12 की छात्रा ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि सोमवार को प्रार्थिया की मोबाईल इंष्टाग्राम पर 1.55 बजे किसी ने अश्लील मैसेज भेजा व सोमवार की रात 2.37 बजे फिर से मैसेज भेजकर अपना नाम फैजान बताकर अश्लील मैसेज किया व वीडियों कॉल करके अश्लील शब्द का प्रयोग कर एक फोटो भेजा जो फर्जी लग रहा है। कॉल करने वाले को वह नही जानती। युवती ने आरोपी के खिलाफ थाने में मैसेज का स्क्रीनशॉट चार कापी का सबूत के तौर पर पेश किया है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच में जुटी हुई है।
भिलाई, महिला पॉलिटेक्निक कालेज के प्राचार्य ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पीएम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से एक सुसायडल नोट भी मिला है।

जिसमें लिखा है, मैं अपनी इच्छा से मौत को गले लगा रहा हूं। मेरे परिवार वालों को जवाबदार न माना जाए। फिलहाल मामले में पुलिस विवेचना में जुटी हुई है। मृतक के दोनों पुत्र राज्य से बाहर रहते हैं। एक हैदराबाद तो दूसरा अमेरिका में है। मौत का कारण फिलहाल नही पता चल पाया है। मृतक महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज जगदलपुर में प्राचार्य के पद पर पदस्थ था। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।
रायपुर। रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को होने वाले भूमिपूजन के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में खुशी का माहौल है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित समस्त राम व हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। शहर के ऐतिहासिक बुढातालाब के पास हनुमान मंदिर में भी बुधवार को हनुमान जी की विशेष पूजा एवं चोला चढाने के साथ हनुमान चालिसा का पाठ का कार्यक्रम रखा गया है।
उपरोक्त जानकारी मंदिर के महंत श्री राजेश शर्मा जी ने दी | ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल अयोध्या में भगवान राम मंदिर के लिए भूमिपूजन करेंगे।
रायपुर, दो पक्षों के बीच आपसी विवाद में जमकर हाथ-मुक्का ,एवं लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी से एक दूसरे पर वार कर चोट पहुंचाने की रिपोर्ट आरंग थाने में दर्ज की गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार देवारपारा आरंग में रक्षा बंधन के दिन घर के सामने डांस करने की बात पर प्रार्थिया की लड़की को दीपक देवार,रामा देवार एवं प्रभु देवार ने थप्पड़ मार दिया। इसी बात पर आरोपियों के साथ अन्य लोगों ने डंडे व कुल्हाड़ी से मारकर चोट पहुंचाने की रिपोर्ट रानी देवार 45 वर्ष ने आरंग थाने में दर्ज करायी गई है। वहीं मंजू देवार 20 वर्ष पिता कुमार देवार ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि राखी बांधकर भाई दीपक के साथ आते समय बहन आस्ताना का बाल खीचकर कुंदन नामक युवक ने गिरा दिया तथा आरोपी के साथ अन्य लोग मिलकर गाली गलोच कर जान से मारने की धमकी देते हुए डंडा ,पत्थर, हांथ मुक्का से मारपीट किये तथा गोपी ने मेरे भाई कुल्हाडी से मारपीट किया जिससे सिर मे चोट लगने से खून निकलने लगा वही प्रार्थिया के मामा जेठू,अशी कुमार, रामा,शिव कुमार,भाई भोलिया,दीपक, मनोज, मौसा प्रेम कुमार , नानी अमरेखा, बडी मां चंदा, मामी जया को भी चोट आई है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ करीब 2 दर्जन से अधिक लोगों अलग-अलग धाराओं में अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में छत्तीसगढ़ से चयनित हुए 6 छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। छत्तीसगढ़ के इन छात्र-छात्राओं में सिमी करण को 31वां रैंक, उमेश प्रसाद गुप्ता को 162वां रैंक, सूथान को 209वां रैंक, आयुष खरे को 267 वां रैंक, जितेन्द्र कुमार यादव को 370वां रैंक और योगेश कुमार पटेल को 434वां रैंक मिला है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा में छत्तीसगढ़ से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) हेतु चयनित हुए छात्र-छात्राओं- सिमी करण (AIR 31), उमेश प्रसाद गुप्ता (AIR 162), सूथान (AIR 209), आयुष खरे (AIR 267) एवं योगेश कुमार पटेल (AIR 434) एवं उनके परिजनों को बहुत-बहुत बधाई।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) August 4, 2020
मुख्यमंत्री ने इन सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आपने अपने परिवार के साथ-साथ देश भर में प्रदेश का नाम रोशन किया है, यह सब आपकी मेहनत, लगन एवं आपके गुरूजनों के मार्गदर्शन का परिणाम है। देश सेवा हेतु अपनी नवीन जिम्मेदारी को आप सब कुशलता से निभाएंगे, इस विश्वास के साथ मैं आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।
रायपुर | नगर निगम रायपुर के जोन 5 के नगर निवेष विभाग की टीम द्वारा रायपुर जिला प्रशासन के आदेशानुसार नगर पालिक निगम प्रशासन के निर्देशानुसार लॉकडाउन अवधि में लॉकडाउन नियमों के व्यवहारिक परिपालन की वस्तुस्थिति का निरीक्षण जोन स्तर पर बाजारों में जोन 5 कमिश्नर श्री चंदन शर्मा के नेतृत्व एवं नगर निवेष उपअभियंता श्री सैय्यद जोहेब की उपस्थिति में किया एवं लॉकडाउन नियम का व्यवहारिक परिपालन प्रशासनिक तौर से पालन करवाना सुनिश्चित किया।
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रायपुर | छ्त्तीसगढ़ में भगवान राम के वनवास काल से संबंधित जिन स्थानों को पर्यटन-तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है, उनमें कोरिया जिले का सीतामढी-हरचौका तथा सरगुजा का रामगढ़ भी शामिल है। इनमें से रामगढ़ की प्रसिद्धि विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के लिए भी है। महाकवि कालिदास ने अपनी कालजयी कृति मेघदूतम् की रचना यहीं पर की थी।

वनवास के दौरान भगवान राम ने कोरिया जिले से ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। भरतपुर तहसील के जनकपुर में स्थित सीतामढ़ी-हरचौका को उनका पहला पडा़व माना जाता है। मवाई नदी के किनारे स्थित सीतामढ़ी-हरचौका की गुफा में 17 कक्ष हैं। इसे सीता की रसोई के नाम से भी जाना जाता है। वहां एक शिलाखंड हैै जिसे लोग भगवान राम का पद-चिन्ह मानते हैं। मवाई नदी तट पर स्थित गुफा को काट कर 17 कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें शिवलिंग स्थापित हैं। इसी स्थान को हरचौका (रसोई) के नाम से जाना जाता है।
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भगवान राम हरचौका से रापा नदी के तट पर स्थित सीतामढ़ी-घाघरा पहुंचे थे। यहां करीब 20 फीट ऊपर 4 कक्षों वाली गुफा है, जिसके बीच में शिवलिंग स्थापित है। आगे की यात्रा में वे घाघरा से निकलकर कोटाडोला होते हुए सरगुजा जिले की रामगढ़ पहाड़ी पहुंचे थे। यह अम्बिकापुर- बिलासपुर मार्ग पर स्थित है। इसे रामगिरि भी कहा जाता है। महाकवि कालिदास के मेघदूतम् में इसी स्थान के दृश्यों का अंकन हुआ है। वनवास के दौरान श्रीराम ने पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ यहां कुछ दिन बिताये थे। इसीलिए वहां स्थित गुफाएं लोक में उन्हीं के नाम से जानी जाती हैं। राम के तापस्वी वेश के कारण एक का नाम जोगीमारा, दूसरे का सीता बेंगरा एवं एक अन्य का लक्ष्मण गुफा पड़ गया।
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भगवान राम के वनवास काल से संबंधित स्थानों का पर्यटन-तीर्थ के रूप में विकास मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके लिए राम वन गमन परिपथ तैयार किया जा रहा है। शासन ने राम से संबंधित 75 स्थानों का चयन किया है। पहले चरण में इनमें से 9 स्थानों का सौंदर्यीकरण एवं विकास किया जा रहा है। इसके लिए 137 करोड़ 45 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। इस परिपथ में अच्छी सड़कों समेत विभिन्न तरह की नागरिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
रायपुर | राजिम को छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी के नाम से जाना जाता है। राजिम में महानदी के तट पर राजीव लोचन मंदिर परिसर से लगी सीताबाड़ी है। राजिम को धर्म नगरी और लोक कला संस्कृति का गढ़ कहा जाता है। राजिम में पैरी, सोंढूर और महानदी का पवित्र संगम स्थल त्रिवेणी है। इसी त्रिवेणी संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर है। कुलेश्वर महादेव के संबंध में किवदंती है कि 14 वर्ष के वनवास काल में माता सीता ने संगम स्थल में स्नान कर अपने कुल देवता की नदी के रेत से विग्रह बनाकर पूजा अर्चना की थी। इसी कारण उनका नाम कुलेश्वर महादेव है।
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राजिम छत्तीसगढ़ के लिए जन आस्था का केन्द्र है। यहां प्रतिवर्ष माघी पुन्नी मेला से महाशिवरात्रि तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यहां देश विदेश से साधु-संतों एवं दर्शनार्थियों का शुभागमन होता है। कुलेश्वर महादेव मंदिर के समीप लोमश ऋषि का आश्रम है। उसी के समीप एक माह तक लोग कल्पवास करते है। राजिम क्षेत्र को छत्तीसगढ़ की पंचकोशी परिक्रमा के नाम से भी जाना जाता है। पंचकोशी परिक्रमा में 5 स्वयंभू शिवलिंग की लोग साधना पूर्वक परिक्रमा करते हैं।
जिनमें प्रमुख श्री कुलेश्वर महादेव, राजिम, पठेश्वर महादेव, पटेवा, चम्पेश्वर महादेव, चंपारण, फणिकेश्वर महादेव, फिंगेश्वर और कोपेश्वर महादेव कोपरा है। राजिम पुरातत्वों एवं प्राचीन सभ्यता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ भगवान श्री राजीव लोचन की भव्य प्रतिमा स्थापित है। सीताबाड़ी में उत्खन्न कार्य किया रहा है। जिसमें सम्राट अशोक के काल का विष्णु मंदिर, मौर्य कालीन अवशेष, 14वीं शताब्दी का स्वर्ण सिक्का, अनेक मूर्तियाँ और सिंधुघाटी सभ्यता से जुड़ी अनेक कलाकृतियां मिल रही है। राजिम माघी पुन्नी मेला महोत्सव में पूरे छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति का दर्शन होता है।
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छत्तीसगढ़ का प्रयागराज राजिम जहां सोंढुर, पैरी और महानदी का संगम है। कहा जाता है कि राम वन गमन के दौरान भगवान श्री रामचन्द्र सीता और भाई लक्ष्मण के साथ लोमश ऋषि आश्रम में ठहरे थे। वे पंचकोशी धाम के स्थलों से भी गुजरे थे। वनवास काल में राम ने इस स्थान पर अपने कुलदेवता महादेव की पूजा-अर्चना की थी। त्रिवेणी संगम राजिम की पहचान पहले से ही आस्था, धर्म और संस्कृति नगरी के रूप में स्थापित हैं। राजिम नगरी की धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक मान्यता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राम वन गमन परिपथ को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।
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पर्यटन विभाग द्वारा इसके लिए लगभग 137 करोड़ रूपए का कॉन्सेप्ट प्लान बनाया गया है। प्रथम चरण के लिए चिन्हित 9 स्थलों में गरियाबंद जिले का प्रयागराज के नाम से विख्यात राजिम भी शामिल है। राजिम को पर्यटन की दृष्टि से बनाए गए प्लान में राम वन गमन पथ के लिए राजिम को चिन्हांकित किया गया है। कुलेश्वर मंदिर और राजीव लोचन मंदिर तथा लोमश ऋषि आश्रम का सौंदर्यकरण कर वहां जरूरी सुविधाएं विकसित करने योजना तैयार की गई है। इस योजना में राजिम के आस-पास 25 किलोमीटर परिधि में पंचकोशी धाम यात्रा के प्रमुख स्थलों में मूलभूत सुविधाएं- पेयजल, यात्री प्रतीक्षालय, पर्यटन सुविधा केंद्र सहित अनेक सुविधाएं विकसित की जाएगी।
















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