बलरामपुर। जनपद पंचायत बलरामपुर के सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण और करारोपण अधिकारी मोहर साय तिर्की के विरूद्ध जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की ओर से शासकीय कार्य में रूचि नहीं लेने, कार्यालय उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर चले जाने, नशे में रहने, सौंपे गये दायित्व को पूर्ण न करने व वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना करने के संबंध में जिला कार्यालय को शिकायत प्रेषित कर निलंबित करने की अनुशंसा की गई थी। मोहर साय तिर्की का उपरोक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में आता है। कलेक्टर श्याम धावड़े द्वारा उक्त कृत्य के लिए मोहर साय तिर्की को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के प्रावधानों के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय कार्यालय उप संचालक, पंचायत नियत किया गया है। निलंबन अवधि में तिर्की को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
रायपुर, ट्रेवल्स संचालक तीर्थ यात्रा कराने के नाम पर 11-11 हजार रुपये 10 लोगों लेकर फरार हो गया। घटना की रिपोर्ट खमतराई थाने में दर्ज की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार संतोषीनगर खमतराई निवासी पी श्रीधर राव 36 वर्ष ने थाने में शिकायत दर्ज करायी है कि प्रार्थी के घर के सामने पी.कृष्णा राव के मकान में रहने वाला किरायादार रोहित बाजपेयी पिता दिनेश चंद्र बाजपेयी जो संतोषीनगर सांई ट्रेवल्स के नाम से दुकान खोला था। रोहित बाजपेयी ने 11 हजार रुपये में बाम्बे सिद्धी विनायक, शिर्डी सांई बाबा, द्वारिकाधीश और गोवा घूमाने का झांसा देकर 05 फरवरी 21 को 11 हजार रुपये लिया व सांई टूर एण्ड ट्रेवल्स का रसीद दिया था। इसी तरह आरोपी ने 30 मार्च 21 को टूर पर रवाना होने की बात कहकर मोहल्ले के अन्य लोग के.पी.सरोजनी, पी रत्नम, पी.कृष्णा राव, श्रीमती सुनीला उईके, कुमारी शेफानी मिडडे, शरद कुमार उईके, सविता बाई धु्रव, गुरवारी पैकरा, संतोषी धु्रव सहित अन्य लोगों से करीब 1 लाख 10 हजार रुपये लेकर परिवार सहित फरार हो गया। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत ठगी का मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
रायपुर, जमीन बेचने का इकरारनामा तैयार कर 40 लाख रुपये लेने बाद जमीन रजिस्ट्री नही किया। घटना की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार सारिक मेमन पिता रसीद मेमन पता रमन मंदिर वार्ड रायपुर निवासी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करायी है कि जमीन बेचने के नाम पर पीडि़त से 40 लाख रुपये लेकर इकरारनामा करने के बाद रजिस्ट्री नही कर श्रीमती बिलकीस बेगम पति मो. असद उर्फ अरशद निवासी छोटापारा मस्जिद के पीछे रायपुर थाना कोतवाली ने धोखाधड़ी किया। पीडि़त से बिलकीस बेगम ने अपने स्वामित्व की आबादी भूमि निर्मित मकान भूमि जो कि बैजनाथपारा मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड क्रमांक- 41 प. ह नं. 106 अ- 46 रा. नि .मं. रायपुर तह. व जिला रायपुर में स्थित है जिसका आबादी खसरा नंबर 870 का भाग नगर निगम मकान नंबर 41/160 रकबा 2300 वर्ग फि ट जिसमें 1600 वर्ग फीट पर कच्चा कवेलू पोश खपरैलयुक्त लगभग 50 वर्ष पुराना रहवासी मकान है एवं 700 वर्ग फीट खुला आंगन है। उक्त संपत्ति को पीडि़त को 80 लाख रुपए में विक्रय करने का करार कर 40 लाख रुपए 08 जून 2017 को माध्यम से प्राप्त इकरारनामा 07 जून 2017 को रायपुर न्यायालय में किया गया था। उक्त संपत्ति जो कि मैग्मा हाउसिंग फ ाइनेंस में राशि जमा कराकर पीडि़त को 2 माह की अवधि में उक्त संपूर्ण राशि वापस किया जाना था। किंतु उनके ना राशि वापस किया न ही पीडि़त के पक्ष में उक्त वर्णित संपत्ति को बैनामा पंजीयन किया गया। किसी बहाने से टालमटोल कर तथा 5 - 6 माह पूर्व उपरोक्त इकरारशुदा संपत्ति पर निर्मित मकान को ध्वस्त कर दिया गया है । विक्रेता द्वारा प्रारंभ से षड्यंत्र रचते हुए उक्त संपत्ति मैग्मा फ ाइनेंस से फ ाइनेंस होने की बात कहकर मुझे क्षल एवं कपटपूर्वक 40,00,000/- रुपए प्राप्त करते हुए इकरारनामा कर उक्त राशि धोखाधड़ी पूर्वक प्राप्त कर लिया। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज क लिया है।
जगदलपुर । संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें रायपुर की ओर से बस्तर संभाग के लिए जारी 151 स्टॉफ नर्स के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए प्रमाण पत्रों का सत्यापन उपरान्त कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक की ओर से पात्र-अपात्र की सूची जारी कर दावा आपत्ति मंगाई गई थी, उक्त दावा आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम मेरिट सूची व चयन सूची का प्रकाशन किया गया है, जिसे विभागीय वेबसाईट व बस्तर जिले वेबसाईट पर देखा जा सकता है।
धमतरी। कुरुद ब्लॉक के भखारा क्षेत्र के कोलियारी स्कूल में 3 विद्यार्थी और एक शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. स्कूल को बंद कर दिया गया है. इसके पहले 3 स्कूलों में विद्यार्थी और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. अब फिर एक शिक्षक और तीन छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने आज दूसरे दिन आयोग कार्यालय में महिलाओं से सम्बंधित प्रकरणों की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में 10,000/- मासिक भरण-पोषण तय किया गया।
आज की कार्रवाई में महिला आयोग की पहल से एक जोड़े को पुनर्मिलन हुआ। दोनों पक्षों ने अपनी लिखित शर्तें बनाई है, जिसमें दोनों की सहमति स्वरूप अपने हस्ताक्षर किये है और महिला आयोग के प्रकरण में संलग्न किया गया है। दोनों को समझाइश दी गई कि वे राजीखुशी से अपना जीवन-यापन करें। परंतु प्रकरण को अभी समाप्त नहीं किया जा रहा है, इसे 2 माह की निगरानी के लिये रखा गया।
एक अन्य प्रकरण में आयोग ने टोल नं. 181 की प्रभारी को थाना सिविल लाईन के मार्फत तलब करने का निर्देश दिया। जिला पदाधिकारी यदि महिला आयोग में उपस्थित रहते है, तो ऐसी दशा में 181 की प्रभारी जो महिला आयोग के अधीनस्थ है और सुनवाई में जान बूझकर अनुपस्थित रही इसे गंभीरता से लिया गया और थाना प्रभारी सिविल लाईन को अवगत कराया गया है।
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय प्रकरण के मामले में आपसी राजीनामा से प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया और वही उपस्थित अधिकारियों को यह सुनिश्चित कराया गया कि विश्वविद्यालय में आंतरिक परिवाद समिति का गठन तत्काल करें। आंतरिक परिवाद समिति गठन पश्चात उसका पोस्टर अपने परिसर में आवश्यक रूप से लगवाये।
00 सेवा में निम्नता या स्थानांतरण और अनियमितता से बचने के लिये महिला आयोग न आएं : डॉ. नायक
एक प्रकरण में रोजगार सहायिका के पद पर कार्यरत है विभागीय सेवा में कमी होने पर या तबादला होने पर विभागीय प्रक्रिया के तहत उच्चाधिकारी को शिकायत किया जा सकता है। ऐसा न करते हुए आवेदिका ने महिला आयोग में शिकायत की है। महिला आयोग के अधिकार क्षेत्र का नहीं होने के कारण इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया है।
एक अन्य प्रकरण में दोनों पक्षों को समझाइश देने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोई गुंजाईश नहीं थी। सुनवाई के बाद आवेदिका को अनावेदक 10 हजार रूपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने को तैयार हुआ। 6 माह तक दोनों पक्षों को समय दिया गया है। बातचीत से सुलह का रास्ता निकालने और प्रतिमाह वेतन मिलने के बाद माह के दूसरे सप्ताह में भरण-पोषण राशि उसके बैंक एकाउंट में RTGS से भेजेंगे। 6 माह तक दोनों को निगरानी के लिये रखा गया।
एक अन्य प्रकरण में अनावेदक ने आवेदिका को भरण-पोषण देने के लिये मना कर दिया। अनावेदक स्वयं को बेरोजगार बताता है और पत्नी को 12 लाख के गहने दिये है। आज माता-पिता को लेकर नहीं आया। झूठ बोलने वाले अनावेदक को फटकार लगाई गई, और आगामी सुनवाई में व्यवहार सुधारने की समझाईश भी दी गई।
एक अन्य प्रकरण में अनावेदक सूचना के बावजूद जान-बूझकर अनुपस्थित रहा। सुनवाई 25 मार्च को थाना प्रभारी सिविल लाइन के माध्यम से अनावेदक को आवश्यक रूप से उपस्थित सुनिश्चित करने के निर्देश आयोग ने दिए।
एक अन्य प्रकरण में आरोपी को नहीं पकड़ने पर थाना प्रभारी बसना को प्रकरण में आहूत किया गया। अगस्त से सभी अपराधियों को अब तक नहीं पकड़ने पर प्रकरण को संज्ञान में लेकर थाना प्रभारी महासमुंद को पत्र भेजकर सभी अपराधियों को उपस्थित करें।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका के द्वारा अनावेदक के विरूद्ध थाना बसना में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बावजूद अब तक अपराधी को पकड़ा नहीं गया है। ऐसी स्थिति में थाना प्रभारी बसना को पत्र भेजकर उपस्थित कराने के निर्देश दिये गये।
रायपुर, पैदल आफिस जा रहे युवक से मोबाईल मांगा नही देने पर गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी देकर चाकू मारकर घायल कर दिया। घटना की रिपोर्ट राजेन्द्रनगर थाने में दर्ज की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम डोगरडुला नगरी जिला धमतरी निवासी प्रेमलाल प्रजापति 35 वर्ष ने थाने में शिकायत दर्ज करायी है कि 16 मार्च को रात 8.30 बजे प्रार्थी का दोस्त तेज प्रकाश तिवारी 21 वर्ष धमतरी से आरटीआई का परीक्षा देकर वापस बस से आकर पैदल पचपेड़ीनाका के पास आफिस जा रहा था। तभी डायमण्ड मार्बल के सामने पचपेड़ीनाका के पास खड़े मोनू, नाथल, भोकलू उर्फ कमल ने बात करने के लिये मोबाईल मांगा नही देने पर आरोपियों ने गाली-गलौचकर जान से मारने की धमकी देकर अपने हाथ में रखे चाकू से पैर,हाथ व पसली में मारकर चोट घायल कर दिया। जिसके बाद उसे एमएमआई अस्पताल लालपुर में भर्ती किया गया है। जहां उसका उपचार जारी है। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 294,324,34,506 के तहत अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
दुर्ग, सड़कों पर तेज रफ्तार मोटरसाइकिल चलाकर हुड़दंग करने वाले मनचले बाईकर्स के खिलाफ हुई कार्रवाई। 12 मोटरसाइकिल जब्त कर न्यायालय में नये मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाहीकी गई।
मिली जानकारी के अनुसार यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा मोडीफाई सायलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण एवं सड़कों में हुड़दंग करते हुये तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले 12 वाहनों को जप्ती कार्रवाही की गई है। इन सभी वाहन चालकों ड्रायविंग लायसेंस और वाहन के कोई भी कागजात नही पेश करने वाहन को जप्त कर न्यायालय पेश करने हेतु सुरक्षार्थ रखा गया था। जिसमें से 06 वाहनों को यशोदा नाग अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेड द्वारा वाहन चालकों पर नये मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 15 हजार रुपये,12 हजार एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने शहर के आम नागरिकों से अपील की है कि आप के आस पास ऐसे वाहन चालक जो शहर की व्यवस्था को बाधित करते है उनके वाहन नंबर यातयात वाट्सअप नंबर 94791-92029 पर भेजे। यातायात पुलिस दुर्ग सभी तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले वाहन चालको को चेतावनी दी जारी की है कि वे अगर वाहन तेज गति से चलाते पाये जायेंगे तो उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाही की जाएंगी।
रायपुर। नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्त मनोज कुमार त्रिवेदी एवं धनवेन्द्र जायसवाल ने कल छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में कार्यभार ग्रहण कर आज से आयोग में द्वितीय अपील के प्रकरणों की सुनवाई प्रारम्भ की।
राज्य सूचना आयुक्त मनोज कुमार त्रिवेदी सरगुजा, राजनांदगाँव, दुर्ग, कबीरधाम, कोरबा, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव और सुकमा जिले के द्वितीय अपील और शिकायत प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से करेंगे ।
इसी प्रकार राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल राज्य सूचना आयोग में रायगढ़ जिले से संबंधित द्वितीय अपील और शिकायत प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से करेंगे। श्री जायसवाल ने आज पांच प्रकरणों को निराकृत किया।
राज्य सूचना आयुक्त ए.के. अग्रवाल छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के विरूद्ध द्वितीय अपील और शिकायत प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से करेंगे । केवल रायपुर जिले और मंत्रालय, संचालनालय के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी प्रकरणों की सुनवाई एवं जवाब प्रस्तुत करने आयोग कार्यालय में उपस्थित हो सकते हैं ।
धमतरी । जवाहर नवोदय विद्यालय कुरूद में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए चयन परीक्षा 16 मई को आयोजित की जाएगी। प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय कुरूद ने बताया कि पूर्व में यह परीक्षा 10 अप्रैल को प्रस्तावित थी। जिसे अपरिहार्य कारणों से परिवर्तित कर अब 16 मई, रविवार को परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा धमतरी जिले के सभी विकासखण्डों में आयोजित की जाएगी।
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ समेत देश के अधिकांश राज्यों में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में मंगलवार को इस साल के सर्वाधिक 856 नए मरीज दर्ज किए गए। इस बीच एक चिंताजनक खबर यह भी है कि जिन्हें पहले कोरोना का संक्रमण हो चुका है, उनमें से कुछ लोगों को दोबारा संक्रमण भी हो रहा है। राजधानी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में कोविड 19 के आसीयू हेड डॉ. ओपी सुंदरानी ने बताया कि राजकीय अस्पताल मे अब तक 8-10 मरीज ऐसे आ चुके हैं। जिन्हें अगस्त या सितंबर माह में कोरोना हुआ था। हालांकि, बकौल डॉ. सुंदरानी अब तक दोबारा पॉजिटिव पाए गए ऐसे मरीजों में से किसी की हालत गंभीर नहीं थी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जिन्हें पहले कोरोना संक्रमण हो चुका है वे निश्चिंत हो जाए। दोबारा संक्रमण भी हो सकता है और ये किसे गंभीर प्रवृत्ति का हो जाए कहा नहीं जा सकता। इसलिए सभी को सावधानी बरतना जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग अपनानी चाहिए। मास्क का इस्तेमाल कर बार-बार हाथ धुलते रहना चाहिए। अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। वहीं एम्स के कोविड इंचार्ज डॉ. अजय के. बेहरा ने बताया कि एम्स में अब तक दोबारा पॉजिटिव होने महीनों के अंतराल बाद का कोई केस उनकी जानकारी में नहीं है। लेकिन एम्स में गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
रायपुर । पाठ्य पुस्तक निगम में बड़ी वित्तीय अनियमितता के खुलासे के बाद पापुनि के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रिंटर्स को बिना काम कराए 8 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घोटाला 2020 में हुआ है। उस वक्त पापुनि के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी थे। हैरत की बात ये है कि जब राजाराम प्रिंटर्स पहले से ब्लैक लिस्टेड है, तो उसको बिना काम कराए रकम कैसे मिल गया। इस करप्शन में कई तरह की बातें अभी निकल कर सामने आ रही हैं। शैलेश त्रिवेदी ने कहा कि पापुनि के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी बड़े जानकार व्यक्ति हैं। लेकिन उनके कार्यकाल में इतना बड़ा घोटाला हो गया, यह समझ से परे है। 8 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि कम नहीं है। ब्लैक लिस्टेड प्रिंटर्स को ये रकम कैसे भेज दी गई, इसका जवाब मांगा गया है।
शैलेष त्रिवेदी के मुताबिक कई अफसर इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं। जब राजाराम प्रिंटर्स से न कोई खरीदी हुई, न कोई काम हुआ, तो कैसे 8 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि बांट दी गई। उन्होंने कहा कि ये मामले का खुलासा ऑडिट के वक्त हुआ है। शैलेश नितिन त्रिवेदी के मुताबिक इस बड़े फर्जीवाड़े में पाठ्यपुस्तक निगम ने प्रकाशन से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि 2 जनवरी 2020 को इतनी बड़ी राशि ट्रांसफर की गई है। पाठ्य पुस्तक निगम के कई अधिकारियों को इस बात की भनक तक नहीं लगी है. उन्होंने कहा कि निगम ने प्लाई की गई सामग्री की जानकारी मांगी है।
रायपुर । नक्सलियों की ओर से शांति वार्ता के लिए सरकार के समक्ष रखे गए तीन प्रस्तावों पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सकारात्मक संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि मेरे तक पत्र नहीं पहुंचा है। सरकार की भी मंशा शांति स्थापित करने की है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की जाएगी। राज्य सरकार से शांति वार्ता की पहल करते हुए सशर्तों दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता के नाम से पत्र जारी किया गया है। इसमें तीन शर्ते रखी गई हैं, जिसमें पहला सुरक्षा बलों को हटाने, नक्सली संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने और जेलों में कैद नक्सली नेताओं को बिना शर्त रिहा करने की मांग की गई है।
नक्सलियों के इस शांति प्रस्ताव पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि सरकार की भी मंशा शांति स्थापित करना है। नक्सलियों के इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि क्या कदम उठाया जाएगा। यह एक दिन का मुद्ददा नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद आगे के कदमों को लेकर फ़ैसला लिया जाएगा।
हिंसा का औचित्य बताने में नक्सली नाकामयाब
वहीं बस्तर पुलिस आईजी सुंदर राज पी. ने नक्सलियों के प्रस्ताव पर कहा कि क्रांति के नाम पर की जा रही क्रूर हिंसक गतिविधियों का औचित्य बताने में अबतक माओवादी नेतृत्व असफल है। आम लोगों ने माओवादी विचारधारा और उनके कार्य करने के तरीकों पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिया है। वरिष्ठ माओवादी कैडर के खोखले दावों की असलियत भांपकर अब उनके अपने कैडर भी संगठन छोड़कर जा रहे हैं।
राज्य कहीं भी शुरू नहीं करता हिंसा
आईजी ने कहा कि राज्य कभी भी हिंसा की तैयारी या शुरुआत नही करता। वामपंथी-उग्रवाद से ग्रसित क्षेत्र में स्थानीय रहवासियों के जान माल की सुरक्षा ही क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों की प्राथमिकता है। अगर माओवादी अब वास्तव में स्थानीय जनमानस के कल्याण को लेकर चिंतन कर रहे हैं, तो पहले उन्हें स्थानीय लोगों के विरुद्ध की जा रही हिंसा को बंद करना चाहिए और अमानवीय एवं क्रूर गतिविधियों में संलिप्त नही होना चाहिए।
बीजापुर । माओवादी सरकार से तीन शर्तो पर शांति वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। बता दें, नक्ससलियों ने शस्त्र बलों को हटाने, माओवादी संगठन पर लगाये गए प्रतिबंध हटाने और जेलों में कैद माओवादी नेताओ को निशर्त रिहा करने की शर्त रखी है । सामाजिक कार्यकर्ता सुभ्रांशु चौधरी द्वारा किये गए दांडी मार्च-2 के बाद माओवादियों का बड़ा बयान सामने आया हैं| आपको बता दें, सिविल सोसायटी के लोगो से माओवादियों ने की अपील हैं की सरकारी साजिश का हिस्सा न बने। माओवादी संगठन DKSZC के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी किया हैं|
रायपुर । सुनीता देवी ने थाना मौदहापारा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह सांकरा थाना धरसींवा रायपुर की रहने वाली है। सुनीता देवी 9 नवंबर 2020 को अपने पति के बैंक खाता में 93,000 रूपए जमा करने के लिए स्टेट बैंक आफ इंडिय जय स्तंभ चैक ब्रांच में आई थी। बैंक के अंदर पैसा जमा करने के लिए 4 नंबर काउंटर में लाईन लगकर खडी थी। तभी एक व्यक्ति सुनीता देवी ने पास आकर बोला यहा भीड़ - भाड़ क्यों लगाए हो पैसा जमा करना है तो चलो बाहर बैंक के एटीएम में पैसा जमा कर देता हूं। जिस पर प्रार्थिया उसी व्यक्ति के साथ एटीएम रूम में गई। जहां उक्त व्यक्ति सुनीता देवी के हाथ में रखे बैंक की पर्ची और पैसों को ले लिया। एटीमए मशीन में डालकर थोडी देर बाद सुनीता देवी को एटीम की पर्ची दिया और बोला कि तुम्हारा पैसा जमा हो गया। तब प्रार्थिया उससे बोली कि बैंक की मुहर लगा दो तो बोला कि एटीएम पर्ची में मुहर नहीं लगाते। फिर सुनीता देवी ने अपने घर चली गई। घर जाकर अपने पति को पर्ची को दिखाई तब वह बोले कि यह तो दूसरे के खाते में पैसा जमा हो गया। उक्त अज्ञात व्यक्ति ने प्रार्थिया को अपने भरोसे में लेकर प्रार्थिया से नगदी 93,000 रूपए लेकर धोखाधड़ी किया गया। जिस पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ थाना मौदहापारा में अपराध दर्ज करवाया। उक्त ठगी की घटना को पुलिस उप महानिरीक्षक अजय यादव ने गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तार करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिस पर सायबर सेल और थाना मौदहापारा की संयुक्त टीम ने अज्ञात आरोपी का पतासाजी प्रारंभ कर घटना के संबंध में सुनीता देवी से विस्तृत पूछताछ किया गया। टीम के सदस्यों ने बैंक के अंदर व वाहर लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन कर अज्ञात आरोपी को चिन्हांकित करने के प्रयास करने के साथ ही मुखबीर भी लगाए गए। इसी दौरान आरोपी की उपस्थिति पुनः रायपुर में होना पाया जाने पर आरोपी की पतासाजी किया गया और अंततः आरोपी को रेलवे स्टेशन पास पकड़ने में सफलता मिली। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राज कुमार कर निवासी धनबाद झारखण्ड का होना बताया। आरोपी घटना के अलावा पूरे देश में घुम - घुम कर इस तरह के तरीका वारदात के आधार पर ठगी की घटनाओं को कारित करना बताया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नगदी 6,100 रूपए, आधार कार्ड, अलग - अलग बैंकों के 7 नग एटीएम कार्ड और 1 नग मोबाईल फोन जप्त किया। आरोपी के खिलाफ थाना मौदहापारा में अग्रिम कार्यवाही किया गया। आरोपी से इस तरह की अन्य घटना के संबंध में भी विस्तृत पूछताछ की जा रहीं है।

















