दुर्ग । बाल विकास परियोजना भिलाई-2 अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र जी केबिन-अ (वार्ड 35) एवं मोरिद-अ (वार्ड 39) के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विद्युतमंडल भिलाई 3 (वार्ड 10) एवं उमदा 2, भिलाई-3 (वार्ड 06) के लिए आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए है। आवेदक इच्छुक महिलाएं 15 मार्च तक बाल विकास परियोजना भिलाई-2 के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
जांजगीर-चांपा । समग्र शिक्षा की समावेशी शिक्षा अंतर्गत दिव्यांग बच्चों की देख-रेख के लिए जिले के सभी विकासखंडों में हेल्पर, आया और अटेंडेंट के एक-एक अस्थाई पद पर भर्ती के लिए चयन सूची जारी कर दी गई है। जिला मिशन समन्वयक ने बताया कि भर्ती के लिए रोजगार कार्यालय जांजगीर से प्राप्त पंजीकृत योग्यताधारी उम्मीदवारों के प्रमाण पत्रों का परीक्षण उपरांत चयन सूची जारी की गई है। निश्चित मानदेय 6000 रुपए मासिक के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। चयनित उम्मीदवारों को 10 मार्च तक जांजगीर के जिला समन्वयक समग्र शिक्षा कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित तिथि तक कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। सूची जिले की वेबसाईट पर अपलोड की गई है।
दंतेवाड़ा । नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में कटेकल्याण ब्लाक के सुरनार में पिछले माह भर में 8 बच्चे और 6 ग्रामीणों की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नहीं जागा है। सुरनार के 8 बच्चों में 2 की ही मौत की पुष्टि हो पाई है। मेडिकल काॅलेज में 2 बच्चों को निमोनिया होना बताया था बाकी बच्चों की मौत कैसे हुई यह परिजनों को भी मालूम नहीं है।
मृतक बच्चे के पिता बामन ने बताया सर्दी बुखार के लक्षण के बाद बच्चे की मौत हुई है। 24 जनवरी से अब तक सुरनार के गायतापारा में 4, डडापारा में 2, पटेलपारा में 2 और ओमेलपारा में 4 बच्चों की मौत हुई है। वहीं 6 ग्रामीणों में सोनू, भीमा, बुधराम , बामन , भूरिया की भी मौत हुई है। 6 ग्रामीणों में मरने वालों में 28 वर्ष से लेकर 48 वर्ष के ग्रामीण शामिल हैं। 6 ग्रामीणों में 2 की मौत शरीर मे सूजन से होना बताया जा रहा है। जबकि एक की मौत अचानक खेत में काम करने के दौरान होने की बात कही जा रही है। डेढ़ महीने में गांव में दर्जनों की मौत के बाद सुरनार के लोगों में दहशत का माहौल है। सुरनार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन यहां नियमित रूप से स्वास्थ्यकर्मी डॉक्टर नहीं पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने बताया स्वास्थ्यकर्मी के आने का कोई निश्चित समय भी नहीं है। सुरनार के सरपंच कृष कुमार ने बताया बच्चों की मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है। सुरनार में शिविर लगाकर जांच करने की मांग की गई है। सरपंच ने बताया डॉ. जगदंबा पंडा को हमने जानकारी दी है। इधर डॉ. जगदंबा पंडा ने बताया उनकी ड्यूटी कोरोना में जिला अस्पताल में लगी हुई है,। सुरनार से सूचना मिली थी जानकारी जिले के डॉक्टरों को दी गई है सुरनार में जल्द शिविर लगेगा। सीएचएमओ बीरेंद्र ठाकुर ने बताया सुरनार में बच्चों की मौत कैसे हुई इसकी जांच करवाएंगे साथ ही सुरनार में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करवाई जाएगी।
अम्बिकापुर । थाने में घुसकर आरक्षक के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सरगुजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं कांग्रेस पार्षद और अन्य अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पूरे मामले में 3 आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिनमे आयुष वैष्णव अर्पित मौर्य, अजय कुमार शामिल है। दरअसल पूर्व में इस मामले में कोतवाली थाने में घुसकर आरक्षक से मारपीट के मामले में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरगुजा रेंज के आईजी आर.पी.साय को ज्ञापन सौंपा था। बता दें कि 2 दिन पूर्व रात 9:30 बजे ट्रैफिक रूल के नियम तोड़ने को लेकर कुछ लोगों को कोतवाली पुलिस ने थाने ले आई थी। जहां कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया था और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव व नगर निगम के पार्षद दीपक मिश्रा सहित 9 लोगों के ऊपर शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे कई गंभीर धाराओं के तहत एफ आई आर दर्ज, की गई थी। वही मारपीट का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। मामले को लेकर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव व नगर निगम के पार्षद दीपक मिश्रा ने सरगुजा रेंज के आईजी आर.पी साय को एक ज्ञापन सौंपकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच करने की मांग की थी। वहीं आरक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आरक्षक नशे में धुत था और नशे की हालत में ट्रैफिक रूल के नियम तोड़ने वाले लड़कों के साथ मारपीट कर रहा था। जिसके बाद लड़कों के परिजन थाने पहुंचे। परिजनों के थाने पहुंचने के बाद आरक्षक ने परिजनों के साथ भी गाली गलौज सहित बदतमीजी की थी। वही ट्रैफिक रूल तोड़ने के आरोप में लाए गए युवकों के साथ आरक्षक ने मारपीट की थी जिससे युवक के कान में गंभीर चोट आई है। उसका उपचार लखनऊ के हॉस्पिटल में चल रहा है। साथ ही साथ आरक्षक ने वर्दी भी नहीं पहनी थी जिससे यह पहचान कर पाना मुश्किल था कि वह एक पुलिसकर्मी है। वही पार्षद के साथ जो अन्य लोग थे वह अभिषेक सिंह कांग्रेस सेवा दल सरगुजा के जिला उपाध्यक्ष के परिवार के सदस्य हैं। हालांकि कोतवाली थाने में घुसकर आरक्षक के साथ मारपीट गई थी जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। कोतवाली थाने में लगे सीसीटीवी में भी वह वीडियो जरूर होगा। आरक्षक के साथ मारपीट करने वाले युवक की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करते हुए 3 लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
बिलासपुर । मामला बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र का है। सकरी ट्रक लूट काण्ड का पर्दाफाश किया गया है। सकरी के अलावा हिरी क्षेत्र में भी लूट कि घटना को अंजाम दिया गया था। धारदार चाकू की नोक पर लूट करते थे। ग्रामीणो की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुची। लूटा गया ट्रक एवं नगदी 3000 रुपये, 2 नग मोबाईल कुल कीमती 25 लाख बरामद किया गया है।
जानकारी के मुताबिक 27 फरवरी को प्रार्थी अपनी मोटर सायकल मे विरेंद के साथ मेला से वापस आ रहे थे की रात्रि करीबन 11:30 बजे सरसेनी और सकरा के बीच हाईवा मे बैठे 3 अज्ञात लडके प्रार्थी के मोटर सायकल के सामने हाईवा को टिकाकर रोक दिया और उतरकर प्रार्थी से पैसा निकालो नही तो जान से मार डालेंगे बोलने लगे नही देने पर प्रार्थी और विरेंन्द्र को 2 लडके हाइवा मे बिठाया और एक लडके ने रामस्वरुप को मोटर सायकल में बैठा कर सकर्रा ले गए।
विरेंद का मोबाईल छीन लिये और पैसा का मांग करने लगे। प्रार्थी ने कहा पैसा नही है तो तीन लडके बेल्ट से मारने लगे और वही पर बंधक बनाकर रखा। और घर से पैसा मंगाने पर प्रार्थिया ने अपने परिजनो को बुलवाया। तब प्रार्थी का पिता 3000 हजार रुपये लेकर पहुंचे और पैसा लडको को दे दिया। फिर भी आरोपी और पैसा मांगने लगे। पैसा न देने पर मारपीट करने लगे और चाकू निकाल कर मारने लगे जिससे प्रार्थी के चेहरे पर सिर के पीछे मे चोट आयी।
विरेंद्र को बेल्ट से मारने पर सिर मे चोट आयी प्रार्थी और उसका साथी डरकर वहा से भाग गए।
पुलिस ने अलग अलग टीमे बनाकर आरोपी की पतासाजी में जुट गई। बताये हुलिए के अनुसार टीम ने अलग अलग स्थानो पर आरोपियो की पतासाजी प्रारंभ की। प्रार्थी के बताए अनुसार आरोपियो ने शराब का सेवन किया था, जिसके कारण वे अधिक नशे में थे। इसी आधार पर आरोपियों की उपस्थिति घटनास्थल के आसपास होने की संभावना भी पतासाजी के दौरान घटना में प्रयुक्त हाइवा ग्राम सकर्रा मे दुर्घटना होने का बात पता चली।
मौके पर उक्त वाहन को बरामद किया गया जो कि 25 फरवरी की रात्रि थाना सकरी क्षेत्रांतर्गत लूटा गया था। उक्त आरोपियो की तलाश की गई जिसके लिये ग्रामीणो का सहयोग लिया गया जिन्होने महत्वपूर्ण जानकारिया पुलिस को दी घटना कारित किये आरोपियो के हुलिए एवं घटनाये के आधार पर ग्राम सकरी के एक व्यक्ति के यहा सकरा व पिछले 02-03 दिन मे नशा किए हुए घुमने की बात पता चली जिसके आधार पर सकरी में दबिस दिया गया जो एक साथ में आरोपी जितेन्द सूर्यवंशी मिला जिसके साथ राकेश धूव व एक नाबालिक मिला जिससे पुछताछ करने पर स्वम को नि्दास होना बताया परंतु गवाहों के समक्षा तलाशी लेने पर लूट से छिना गया मोबाईल व पैसा तथा चाकनमा हथियार बरामद किया गया।
पुनः पुछताछ में आरोपियो ने जुर्ग स्वीकार किया ट्रक लूटने की घटना को भी स्वीकार किये तथा घटना का मास्टर माइंड 15 वर्षिय नबालिक था जिसे नशे के लत के चलते उनके पिता ने भी उसे घर से अलग कर दिया था। नाबालिक विशाखापटनम में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर रहा था परंतु नशे की लत के कारण लूट मारपीट जैसे गंभीर घटना को अंजाम देने लगे। अपने व्यक्तिगत प्रमाण का उपयोग कर पुराने राकेश धूप से और जितेन्द्र सुर्यवंशी से दोस्ती की और लूटपात का प्लान बनाकर घटना को अंजाम दिया।
आरोपियों को पुलिस ने सूचना पर फार रिएक्शन करते हुये रात मे ही 4-5 बजे के आसपास गिरफ्तार कर लिया। सकरी ट्रक लूट में मामले में भी लगातार पुलिस केस करने में लगी थी इस दौरान क्षेत्र में लगे सभी सीसीटव्ही कैमरों का अवलोकन कर लिया गया था जिससे यह स्पष्ट हो चुका था कि ट्रक लूट के बाद क्षेत्र से बाहर नही गई थी टीम सकिय होना के कारण ही उक्त आरोपी पकड मे आ सके।
रायपुर। प्रार्थी धीरज कुमार झा ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह सदर बाजार कोतवाली स्थित महावीर अशोक ज्वेलर्स का प्रबंधक है। दिनांक 22.02.2021 को लगभग 03ः30 बजे दुकान में तीन महिला ग्राहक खरीदी करने आई और बैंगल दिखाने बोली, दुकान का सेल्समेन उनको बैंगल दिखा रहा था। इसी दौरान एक महिला ने दो जोडी बैंगल जिसका वजन 106.00 ग्राम 22 कैरेट और मूल्य 550000/- (पांच लाख पचास हजार रूपये) है, को अपने पर्स में रख कर चोरी कर चले गये। जिस पर अज्ञात महिला आरोपियों के विरूद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमंाक 55/21 धारा 379, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कोरबा जिले ने अधोसंरचना विकास, पर्यटन, शिक्षा और अब चिकित्सा के क्षेत्र में भी विकास की नई दिशा पकड़ी है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि कोरबा जिला छत्तीसगढ़ का एक सुंदर, स्वस्थ और शिक्षित जिला बने। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार है जब एक साल में छत्तीसगढ़ को चार शासकीय मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहे हैं।
पढ़ें : लॉकडाउन: कोरोना रिटर्न के बाद इन जिलों में किया गया लॉकडाउन और स्कूल, कॉलेज 14 मार्च तक बंद
इनमें से एक साल में कोरबा, कांकेर और महासमुन्द में तीन नए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिली। इसके साथ ही साथ चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय को अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
पढ़ें : बड़ी खबर: पिता की मौत की खबर सुन बेटी ने किया आत्महत्या
मुख्यमंत्री श्री बघेल आज यहां विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष से कोरबा मेडिकल कॉलेज का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ और मेडिकल कॉलेज के नए भवन का भूमि पूजन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था तब रायपुर में एक मेडिकल कॉलेज था। इसके बाद बिलासपुर, रायगढ, अंबिकापुर, राजनांदगांव और जगदलपुर में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों की कमी हमेशा बनी रहती है।
डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदेशवासियों को उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार का प्रयास है कि हर लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज बने। आने वाले समय में जिला स्तर पर भी मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जांजगीर में भी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने के लिए प्रयास करेगी।
पढ़ें : बड़ी खबर: 13 लाख रुपये के नकली नोट के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार, लोगों को ऐसे दे रहे थे झांसा
श्री बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा कोरबा को एक्सप्रेशनल जिले के रूप में चिन्हित किया है। राज्य सरकार इसे विकसित जिला बनाने का प्रयास कर रही है। कोरबा के सतरेंगा को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में तीन नए मेडिकल कॉलेजों कोरबा, कांकेर और महासमुन्द के लिए बजट में 300 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। आगामी अप्रैल माह में इन मेडिकल कॉलेजों के लिए बजट आबंटन जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरबा की पहचान ऊर्जाधानी के रूप में है। आने वाले समय में इस जिले की पहचान चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में भी होगी।
पढ़ें : BIG NEWS : छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार एक साथ मिलेंगे चार नए शासकीय मेडिकल कॉलेज
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कोरबा अंचल के लोगों का यह सपना था कि यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो। जिससे यहां के बच्चे डॉक्टर बन सकें। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कुछ दिन पहले ही कोरबा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की थी। आज इसका शुभारंभ हो रहा है। यह जिले के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि चार माह की अल्पावधि में ही इस मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ हो रहा है।
इस मेडिकल कॉलेज के लिए धन राशि भी आबंटित कर दी गई है। कोरबा वनांचल के साथ कोयलांचल भी है। इसी अंदाज में यहां बेहतर से बेेहतर सुविधाओं का विकास हो जिसका लाभ अंचल के लोगों को मिले। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि आज का दिन हम सब के लिए गर्व और खुशी का दिन है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अगुवाई में प्रदेश में तीन नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति प्राप्त हुई, उसमें से कोरबा मेडिकल कॉलेज का आज शुभारंभ हो रहा है। छत्तीसगढ़ लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि जनहित में महत्वपूर्ण है।
स्कूल शिक्षा मंत्री और कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि कोरबा मेडिकल कॉलेज का भवन निर्माण लगभग 325 करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। इस मेडिकल कॉलेज में 100 सीट होंगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ होने पर जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा का मेडिकल कॉलेज इसी वर्ष से प्रारंभ हो रहा है। यहां के आईटी कॉलेज परिसर में मेडिकल कॉलेज बनेगा। इसके लिए 25 एकड़ जमीन आबंटित कर दी गई है।
पढ़ें : शहर में चार अलग-अलग जगहों पर हुई भीषण आगजनी की घटना: घटना में लाखों का सामान जलकर हुआ खाक
भवन निर्माण के लिए जल्द निविदा जारी होगी। उन्होंने कहा कि कोरबा जिला खनिज की सर्वाधिक रायल्टी देने वाला, रेल्वे को सर्वाधिक राजस्व देने वाला जिला है, यहां कोयला खदानें संचालित है। जिले के लोगों की यह मांग थी कि कोरबा में सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो। मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से आज इस मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ हुआ। लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत सहित मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम कंवर और एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सलाहकार मण्डल के अध्यक्ष श्री मोहित राम केरकेट्टा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
कोरबा में स्थापित होने वाले इस नए मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू करने के लिए तात्कालिक तौर पर झगरहा के आईटी कॉलेज के दो ब्लॉकों में पृथक व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन के लिए आईटी कॉलेज के पीछे 25 एकड़ भूमि चिन्हांकित कर ली गई है। इस भूमि पर मेडिकल कॉलेज भवन का भूमि पूजन किया गया।
भूमि पूजन समारोह में राजधानी से वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्री टी. एस. सिंहदेव जुड़े। कोरबा के कार्यक्रम स्थल पर प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और कोरबा लोकसभा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम कंवर, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के सलाहकार मण्डल अध्यक्ष श्री मोहित राम केरकेट्टा, कोरबा नगर निगम के महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर और नगर निगम के सभापति श्री श्याम सुंदर सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के लिए केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत तीन नए मेडिकल कॉलेज कोरबा, कांकेर और महासमुंद में खोले जाने है। कोरबा जिले में 325 करोड़ रूपए की लागत से एक सौ विद्यार्थी प्रति वर्ष प्रवेशित क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की कुल लागत में से 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। पहले साल में मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के दाखिले के बाद एनॉटोमी, फिजियोलॉजी, बायो-कैमेस्ट्री विषयों की पढ़ाई शुरू होगी।
रायपुर | प्रदेश के किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्थायी विद्युत कनेक्शन हेतु लंबित 35 हजार 161 कृषि पम्पों के ऊर्जीकरण करने की आज विधानसभा में घोषणा की।
मुख्यमंत्री की घोषणा उपरांत विद्युत कनेक्शन हेतु लंबित सभी कृषि पम्पों को वित्तीय वर्ष 2021-22 में स्थायी विद्युत कनेक्शन देने की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। इस वर्ष प्रदेश में 10 हजार 504 पम्पों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय किया गया है।
पढ़ें : लॉकडाउन: कोरोना रिटर्न के बाद इन जिलों में किया गया लॉकडाउन और स्कूल, कॉलेज 14 मार्च तक बंद
प्रदेश में किसानों द्वारा दो फसल लेने की शुरूआत की गई है, जिससे कृषि पम्पों के विद्युत कनेक्शन की मांग में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इसे दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने किसानों के हित में लंबित कृषि पम्पों के ऊर्जीकरण कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करने की घोषणा की।
रायपुर | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में आज सत्ता पक्ष के वरिष्ठ सदस्य सत्यनारायण शर्मा के प्र्रश्रों के लिखित में उत्तर में जानकारी दी कि राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में वर्ष 2020-21 से लेकर 31 जनवरी 2021 तक 276 अधिकारियों के विरूद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई।
पढ़ें : लॉकडाउन: कोरोना रिटर्न के बाद इन जिलों में किया गया लॉकडाउन और स्कूल, कॉलेज 14 मार्च तक बंद
रायपुर | वैसे तो अपने विधानसभा क्षेत्र आरंग में नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया आए दिन विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और लोगों के सुख-दुख वाले कार्यक्रमों में शिरकत करते रहते हैं। ऐसा कोई सप्ताह नहीं रहता, जिसमें उनका क्षेत्र में भ्रमण और कार्यक्रम न हो। भले ही भारी व्यस्तता हो, समय कम हो, रात ज्यादा हो जाए, वे किसी की परवाह न करते हुए हर दूसरे, तीसरे दिन अपने आरंग विधानसभा के किसी न किसी गांव में किसी न किसी के घर और कार्यक्रम में पहुंच ही जाते हैं।

आरंग के कार्यालय में जनदर्शन कार्यक्रम करते हैं। अपने क्षेत्र के लोगों से मिल रहे प्यार और स्नेह का नतीजा है कि वे लोगों को सौगात देना भी नहीं भूलते। मंत्री डॉ. डहरिया इस क्षेत्र में अक्सर कार में आते-जाते दिखते हैं, लेकिन आज जब क्षेत्र के लोगों ने मंत्री डॉ. डहरिया को कार की जगह स्कूटी चलाते हुए सादगी के साथ अपने घरों के सामने चलते हुए देखा तो सभी आश्चर्य चकित थे। अचानक से स्कूटी में चलते हुए अपने क्षेत्र के विधायक को पाकर लोगों ने उनकी खूब प्रशंसा की और कहा कि मंत्री हो तो शिवकुमार डहरिया जैसे। गौरतलब है कि मंत्री की पहल से आरंग विधानसभा क्षेत्र में 300 करोड़ से अधिक के विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

रायपुर जिले के आरंग विधानसभा के विधायक और प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने आरंग क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। गौरव पथ सहित अन्य कई विकास कार्यों का अवलोकन तो उन्होंने कार से ही किया, लेकिन नगर पालिका परिषद के ऐसे कई इलाके हैं, जिसमें कार का जा पाना संभव नहीं है। रामू पान ठेला से अग्रसेन चौक होते हुए उन्हें जब अन्य कुछ गलियों में होकर कांक्रीटीकरण और निर्माण कार्य आदि को पास से निहारना था और एक कार्यक्रम में जाना था तो उसके वाहन चालक ने संकरी गलियों को देखकर अपनी असमर्थता व्यक्त कर दी। इस बीच मंत्री डॉ. डहरिया कार से उतरे और कुछ दूर पैदल ही चलने लगे, वे कुछ कदम पैदल ही चले थे कि क्षेत्र के कुछ लोगों ने कार्यक्रम स्थल तक दूरी होने की जानकारी देते हुए अपने साथ बाइक में चलने का आग्रह किया। मंत्री जी मुस्कुराएं और पास ही एक पुरानी स्कूटी में सवार युवक से उनकी स्कूटी मांगी और अपने साथ नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर चंद्राकर को पीछे बैठाकर बोले। आज आप मेरे साथ बैठिए, आपका काम देखते हुए चलते हैं। वे संकरी गलियों में स्कूटी चलाने लगे। शाम ढ़लने का वक्त था, ऐसे में मुहल्ले की गलियों में बाहर बैठे अनेक लोगों ने मंत्री को स्कूटी में देखकर अभिवादन किया। मंत्री डॉ. डहरिया मुस्कुराते हुए चलते रहे और आरंग क्षेत्र की बस्तियों में घरों के आसपास की समस्याओं से स्कूटी में चलते हुए रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने वार्ड 12रामू पान ठेला से वार्ड 13 होते हुए वार्ड 9 पहुँचे। उन्होंने स्वच्छता, कांक्रीटीकरण, सामुदायिक भवन, लाइट, जिम सहित अन्य कार्यों का भी आंकलन किया और इसके बाद वे एक कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने पार्षद, एल्डरमैन और जनप्रतिनिधियों के साथ नगर के विकास को लेकर चर्चा की और देर रात्रि तक आमनागरिकों से मिलते रहें।











