रायपुर | पैसा कमाने के नाम पर अवैधानिक तरीके अपनाने में अपराधिक किस्म के लोगों को कोई संकोच नहीं होता आए दिन शिक्षित बेरोजगारों की तकलीफ को धोखाधड़ी कर नौकरी दिलाने के नाम पर काम करने वालों का सुनियोजित गिरोह बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की वारदातों में वृद्धि कर रहा है। आमानाका थाने से मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती प्रगति बाजपेयी आयु 32 वर्ष पति मोहित बाजपेयी निवासी पार्थिव नगर मोहबा बाजार को दीपक शर्मा पिता हरेंद्र शर्मा निवासी आडवानी नगर बिरगांव उरला द्वारा डीएमएफ एंड कंपनी में काम दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये किस्तवारी के नाम पर लेकर धोखाधड़ी की गई। उक्त मामले में आमानाका थाने ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला कायम किया है।
रायपुर | कोतवाली थाना अंतर्गत अखाड़ा बैजनाथपारा में रिश्तेदार के घर मेहमान बनकर आये एक शख्स ने अपने ही रिश्तेदार के घर में चोरी की घटना को अंजाम दिया है । जानकारी के अनुसार आरोपी 25 लाख रूपये चोरी करके भाग निकला । खबर मिली है कि अखाड़ा बैजनाथ पारा निवासी सैयद लियाकत अली के घर बुहाड धनपुरी शहडोल निवासी मोहम्मद अमीन पिता गुल मोहम्मद मेहमान बन कर आया था और उसके घर में रखे 25 लाख रूपये को चोरी कर भाग निकला । जानकारी के अनुसार सैयद लियाकत अली शेख अब्दुल्ला एण्ड कंपनी में काम करता है और कंपनी की वसूली का रकम 25 लाख रुपये को अपने घर में दीवान के अंदर रखा हुआ था जिसे आरोपी ने चोरी करके भाग निकला । प्रार्थी सैयद लियाकत अली ने कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया है पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ चोरी का अपराध दर्ज कर मामले की जाँच कर रही है।
रायपुर | स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए छह जिला चिकित्सालयों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा का शुभारंभ किया। ‘जीवन धारा’ नाम से शुरु हुई इस नई सुविधा के लिए राष्ट्रीय फ्री डायलिसिस कार्यक्रम के तहत जिला अस्पतालों में डायलिसिस मशीनें स्थापित की गई हैं। कांकेर, महासमुंद, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा और जशपुर में डायलिसिस की सुविधा शुरू होने से किडनी रोगों से पीड़ितों को इसके लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना वायरस के प्रकोप और इस संबंध में जारी एडवाइजरी के मद्देनजर सभी छह जिलों में इस सुविधा का शुभारंभ अपने निवास कार्यालय से चुनिंदा विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से किया। उद्घाटन के दौरान सभी जिला अस्पतालों में भी काफी सीमित लोग मौजूद थे। ‘जीवन धारा’ कार्यक्रम के तहत दुर्ग, कांकेर, कोरबा और जशपुर जिला चिकित्सालयों में पांच-पांच यूनिट, बिलासपुर में चार एवं महासमुंद में तीन डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत फेयरफैक्स इंडिया चैरिटेबल फाउंडेशन (ट्रस्ट), मुंबई द्वारा छत्तीसगढ़ में कुल 30 डायलिसिस मशीन निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
डायलिसिस सुविधा का लोकार्पण करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि किडनी रोगों से ग्रस्त मरीजों को लंबे समय तक बार-बार डायलिसिस कराना पड़ता है। इससे उन पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है। डायलिसिस की सुविधा राज्य में कुछ ही शहरों में है। लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छह जिला चिकित्सालयों में यह निःशुल्क सुविधा शुरू की जा रही है। इससे उन्हें अपने क्षेत्र में ही त्वरित इलाज मिलेगा। आने वाले समय में सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा शुरू की जाएगी।
श्री सिंहदेव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए चार जिला अस्पतालों में डायलिसिस मशीनों एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। ‘जीवन धारा’ कार्यक्रम के अंतर्गत डायलिसिस मशीनों के संचालन के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार निविदा के माध्यम से एसकैग (ESKAG) संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता का चयन किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विशेष सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री नीरज बंसोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला भी मौजूद थीं।
रायपुर | भारत के महा रजिस्टार कार्यालय नई दिल्ली के वेबपोर्टल (www.crsorgi.gov.in) के माध्यम से जन्म-मृत्यु और मृत जन्म का ऑनलाईन पंजीयन जनसाधारण अपने घर बैठे कर सकते हैं। पंजीयन के बारे में सूचनाएं ई-मेल तथा मोबाइल पर प्राप्त किया जा सकता है।
आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय नवा रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार वेबपोर्टल में उपयोगकर्ताओं को राज्य की क्षेत्रीय भाषा अथवा अंग्रेजी में रिपोर्टिंग फार्म भरने की सुविधा दी गई है। जनसाधारण को घर बैठे जन्म एवं मृत्यु पंजीयन करने के पश्चात पंजीयन की जानकारी मोबाइल, ई-मेल पर प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। प्रमाण पत्र पर मुद्रित क्यूआरकोड से प्रमाण पत्र की वैधता की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा तुरंत किया जा सकता है। वेबपोर्टल पर 21 दिनों के भीतर सूचना दिए जाने पर निःशुल्क पंजीयन तथा प्रमाण पत्र की प्रथम प्रति निःशुल्क मिलेगी।
महा रजिस्टार कार्यालय द्वारा लोगों की सुविधा के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु का प्रावधान किया गया है। सीएससी के माध्यम से घर या अन्य स्थानों रास्ते में, होटल, धर्मशाला आदि होने वाली घटनाओं की सूचना 21 दिनों के भीतर दी जा सकती है, परंतु सीएससी के माध्यम से संस्थागत घटनाओं तथा विलंबित घटनाओं की सूचना नही दी जा सकेगी। भरे गए पंजीयन फार्म का प्रिंटआउट लेकर सीएससी संबंधित रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) को अपेक्षित दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत अथवा दिए गए पते पर डाक द्वारा भेजना होगा ताकि रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) के द्वारा दस्तावेजों का मिलान, परीक्षण कर पंजीयन की कार्यवाही की जा सकेगी।
गौरतलब है कि भारत के महा रजिस्टार कार्यालय के मार्गदर्शन में मुख्य रजिस्टार जन्म-मृत्यु कार्यालय के निर्देशानुसार जन्म, मृत्यु और मृत जन्म का ऑनलाईन पंजीयन जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शुरू की गई है। जनवरी 2020 से नगरीय निकायों में भी प्रारंभ किया गया है। यदि जन्म-मृत्यु घर में हुई हो तो वेबसाइट (www.crsorgi.gov.in) पर लॉगिन पैनल के ठीक नीचे दिए गए जनरल पब्लिक साइन अप लिंक के माध्यम से 21 दिनों के भीतर घर के किसी सदस्य द्वारा ऑनलाइन रिपोर्ट किया जा सकता है। यदि जन्म, मृत्यु किसी निजी अस्पताल में (संस्थागत) हुई है, तो अस्पताल की यह जिम्मेदारी है कि वह उस घटना की सूचना उस क्षेत्र के रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) को 21 दिनों के भीतर ऑनलाइन या मैन्युअल रूप से दे। 21 दिनों के बाद सभी विलंबित घटनाओं को सीधे रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) के कार्यालय को सूचित किया जाता है। जनरल पब्लिक साइन अप, सीएससी, निजी संस्थानों द्वारा विलंबित घटनाओं की ऑनलाइन रिपोर्टिंग के लिए कोई प्रावधान नहीं हैं। विलंबित घटनाएं राज्य सरकार के द्वारा तय किए गए शुल्क के साथ तथा सक्षम प्राधिकारी (जिला रजिस्टार, अतिरिक्त जिला रजिस्टार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट) के आदेश के बाद रजिस्टार (जन्म-मृत्यु) को सूचित किया जाता है। इन घटनाओं को ऑनलाइन पंजीयन करने की जिम्मेदारी संबंधित रजिस्टार की है।
भिलाई | सिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर खुर्सीपार में आयोजित 56 वें 21 कुंडीय महायज्ञ एवं विशाल भंडारे के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने हवन में आहूतियां दी। इस विशेष मौके पर मंत्रोच्यार के साथ हुए हवन कार्यक्रम में प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने भी हिस्सा लिया और भोग का प्रसाद ग्रहण किया उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के नागरिकों के लिए सुख-समूद्धि एवं कोरोना वायरस से बचे रहने ईश्वर से प्रार्थना की और लोगों से सतर्कता पूर्वक सुरक्षित रहने की अपील की। इस महायज्ञ में रमेश सूरी, कांतिलाल शर्मा, विपिन ओझा, अनिल अग्रवाल, पतराम अग्रवाल, आशीष खंडेलवाल, सुनील अग्रवाल, तिलोक सिंह, पवन जैन, नानक छतिजा, अशोक अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, संतर अग्रवाल, विनय, अजय, एवं अशोक समेत हजारों श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

कोण्डागांव| आपको बता दे की छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की अपनी संस्कृति और परंपरा के लिए विश्वविख्यात है। यहॉ अनेक अवसरों पर होने वाली रिति-रिवाज व विधानों के साथ विभिन्न तरह के आयोजन सालभर चलते रहते है। ऐसा ही एक मौका होली के बाद पडऩे वाला पहले शनिवार को जिला मुख्यालय से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत लंजोड़ा के बाजार में देखने के मिला।
पारंपरिक साज-सज्जा और विधि-विधान के साथ खेलते है होली-
जानकारी के मुताबिक होली पर्व के बाद पडऩे वाले पहले शनिवार को आसपास के देवी देवतां इस बाजार परिसर में विशेषरूप से आंमत्रित होते है। इस धुरनी बाजार व होली पर देवी-देवता अपने पूरे पारंमपरिक साज-सज्जा के साथ यहॉ पहुंच विधि-विधान के साथ होली खेलते है।
देवगुड़ी परिसर में होता है आयोजित आयोजित-
आपको बता दे की इस धुरनी होली को देखने और इस आयोजन में शामिल होने लोग दूर-दूर से भी आते है। और देवताओं के साथ होली खेलते हुए उनका आशीर्वाद लेते है। इसे देवताओं का होली मिलन भी कहा जाता है यह पूरा विधान देवगुड़ी परिसर में आयोजित होता है। वही देवताओं के बाजार परिसर की परिक्रमा के साथ ही इस आयेजन का समापन होता है।
रायपुर | भूपेश बघेल के मंत्रिमंडल की बैठक 19 मार्च की शाम 5 बजे मुख्यमंत्री निवास सिविल लाईन में होगी। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में विधेयकों पर होगी चर्चा होगी, साथ ही विभागीय कार्ययोजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री रहेंगे मौजूद।
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित होने वाले मिलिए मंत्री से कार्यक्रम 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।




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