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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कबीर जयंती समारोह एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कबीर जयंती समारोह एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अभनपुर विकासखंड के सोनपैरी गांव में आयोजित कबीर जयंती महोत्सव एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को कबीर जयंती की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुकुल भवन के लिए 20 लाख रुपये, प्रदेश में गौशाला का नाम ‘गौधाम’ करने तथा सोनपैरी स्कूल में बाउंड्री वाल निर्माण की घोषणाएँ कीं। साथ ही सामुदायिक भवन निर्माण, भुताही पारा से आश्रम तक नाली निर्माण एवं सोनपैरी से खिलोरा मुख्य मार्ग से आश्रम तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि धन्य है, जहाँ कबीर साहेब जी की वाणी का गहरा प्रभाव रहा है। संत कबीर हमेशा जीव दया का उपदेश देते थे। प्रदेश के संस्कारों के निर्माण में न केवल कबीरपंथ के अनुयायियों का योगदान है, बल्कि उन लोगों का भी, जिनके जीवन में कबीर साहेब जी की निर्मल वाणी ने गहरा असर डाला है।

उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने अपना पूरा जीवन जनजागरण को समर्पित किया। उन्होंने अपने उपदेशों से समाज को लगातार सही राह दिखाई। कबीर जी अपने दोहों में जनजागरण की बात करते थे और यह मानते थे कि जीवन अत्यंत अमूल्य है तथा इसका सार्थक उपयोग किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री सोनपैरी में आयोजित कबीर जयंती समारोह एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन कार्यक्रम में  हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में संत कबीर के मानवतावादी विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया और गौसेवा व सामाजिक एकता पर बल दिया। उन्होंने गौ ग्राम जनजागरण रैली में शामिल गौशालाओं के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह एक अत्यंत सार्थक प्रयास है। श्री साय ने कहा कि गौ-अभयारण्य की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में चावल उत्पादन, स्टील, सीमेंट, एल्युमिनियम और बिजली तथा कोयला आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

कैबिनेट मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि कबीर, तुलसीदास जैसे संतों ने समाज को नई दिशा दिखाई। हम आर्थिक रूप से चाहे जितनी भी प्रगति कर लें, लेकिन समाज को दिशा और मूल्य संत परंपरा ही दे सकती है। श्री चौधरी ने कहा कि कबीर के विचारों ने समाज को नई दिशा दी और आज के भौतिकवादी युग में भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं।

कबीरपंथी जगतगुरु श्री असंग देव जी ने कबीर साहेब की वाणियों के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, गोसेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, अभनपुर विधायक श्री इंद्रकुमार साहू, विधायक श्री किरण देव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

आम की खेेती किसानों की आय बढ़ाने में मददगार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आम की खेेती किसानों की आय बढ़ाने में मददगार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का किया शुभारंभ

आम महोत्सव के आयोजन से फलों और उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए किसान होंगे प्रोत्साहित

रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि आम की खेती किसानों की आय बढ़ाने की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। किसान जितने ज्यादा आम के पौधे लगाएंगे, उतना ज्यादा फायदा होगा। आम और उद्यानिकी फसलों की खेती से हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेेगी।

मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मण्डपम् में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐेसे उत्सवों से फलों और उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की।

इस अवसर पर विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कृषि वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से आये आम उत्पादक किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के ‘न्यूज लेटर‘ का विमोचन किया। आयोजकों द्वारा अतिथियों का उन्नत किस्म के आम के ग्राफ्टेड पौधे देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और विशेषकर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में आम का विशेष महत्व है। छत्तीसगढ़ में सभी मांगलिक एवं धार्मिक कार्यां में आम के पत्तों, फलों एवं अन्य अंगों का उपयोग किया जाता है तथा आम के पेड़ को बहुत ही शुभ माना जाता है। श्री साय ने कहा कि भारत में आम की समृद्ध जैवविविधता देखने को मिलती है और यहां आम की सैकड़ों प्रजातियां पाई जाती हैं जो अपने विशिष्ट स्वाद, सुगंध और गुणों के कारण दुनिया भर में बहुत लोकप्रिय हैं। आम के इन्ही विशिष्ट गुणों के कारण इसे फलों का राजा भी कहा जाता है।

साय ने कहा कि इस भव्य और वृहद आम महोत्सव में छत्तीसगढ़ वासियों को आम की सैकड़ों विशिष्ट एवं दुर्लभ प्रजातियां देखने का अवसर प्राप्त हुआ। साय ने कहा कि आज यहां उन्हें स्वयं आम की अनेकों दुर्लभ किस्में देखने को मिली जो उन्होंने अपने जीवन में इससे पूर्व नहीं देखी थी। इनमें से एक प्रजाति बीजापुर की हाथीझुल किस्म है जिसका एक-एक फल दो किलो से लेकर चार किलो तक वजन का होता है। साय ने आशा व्यक्त की कि आगामी वर्षों में यहां आम महोत्सव और भी भव्य एवं वृहद स्तर पर आयोजित किया जाएगा जिससे रायपुर को एक नई पहचान मिलेगी।

शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि आम महोत्सव में लगी आम प्रदर्शनी में 2 इंच से लेकर 15 इंच आकार तक के आम के फल देखने को मिल रहे हैं जो रायपुर वासियां के लिए एक सुखद एवं अनोखा अनुभव है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास करना होना चाहिए की रायपुर शहर से अधिक से अधिक लोग आम महोत्सव में पहुंच कर आम की इन किस्मों को देख सकें।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राष्ट्रीय आम महोत्सव के बारे में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों को जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 200 से अधिक किस्मों एवं आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस आम महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के 450 से अधिक किसानों द्वारा विभिन्न किस्मों के 1200 से अधिक आमों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही आमों से बने 56 उत्पादों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए आम उत्पादकों द्वारा आम के विभिन्न किस्मों के फलों तथा पौधों का विक्रय भी किया जा रहा है।

डॉ. चंदेल ने मुख्यमंत्री साय को प्राकृतिक रूप से पके आमों की विभिन्न प्रजातियों से भरी टोकरी भेंट की। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मास मीडिया एवं पब्लिकेशन सेल द्वारा प्रकाशित न्यूज लेटर का विमोचन भी किया गया। कुलपति डॉ. चंदेल ने इस अवसर पर घोषणा की कि आम महोत्सव में नागरिकों के उत्साह एवं मांग को देखते हुए राष्ट्रीय आम महोत्सव की अवधि एक दिन और बढ़ायी जा रही है अब आम महोत्सव का समापन सोमवार 9 जून, 2025 को होगा। कार्यक्रम के अंत में कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी द्वारा अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया गया।

छत्तीसगढ़ के अफसरों का दिल्ली में सम्मान, केंद्रीय गृहमंत्री बोले-नक्सल ऑपरेशन को सफल बनाने वाले जवानों से भी जल्द छत्तीसगढ़ आकर मिलूंगा...

छत्तीसगढ़ के अफसरों का दिल्ली में सम्मान, केंद्रीय गृहमंत्री बोले-नक्सल ऑपरेशन को सफल बनाने वाले जवानों से भी जल्द छत्तीसगढ़ आकर मिलूंगा...

 रायपुर/ नई दिल्ली । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से आज नई दिल्ली में भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।

गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट कर लिखा…

गृह मंत्री ने X पर किए गए एक पोस्ट में कहा, “हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी। इन अभियानों को अपनी बहादुरी से सफल बनाने वाले जवानों से भी मिलने के लिए उत्सुक हूँ और जल्द ही छत्तीसगढ़ आकर उनसे भेंट करूँगा। मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के निर्देशन में माओवादी विरोधी अभियानों का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में 18.05.2025 से 21.05.2025 तक छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा (जिसमें जिला नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव एवं बीजापुर पुलिस के डीआरजी बल शामिल थे) संचालित अभियान में 21.05.2025 को ग्राम बोटेर के जंगलों में हुए मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) के महासचिव व पोलित ब्यूरो सदस्य बसवाराजू उर्फ गगन्ना सहित 27 नक्सली मारे गये तथा भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारूद बरामद हुए।

इस अभियान में शामिल छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान/ एसआईबी/ एसटीएफ) विवेकानंद, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव और नक्सल मुक्त जिला बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिंह को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो के निदेशक तपन डेका सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को चुकाना होगा ज्यादा बिल, FPPAS सरचार्ज फिर लागू, कितना होगा जेब पर असर, पढ़ें पूरी खबर

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को चुकाना होगा ज्यादा बिल, FPPAS सरचार्ज फिर लागू, कितना होगा जेब पर असर, पढ़ें पूरी खबर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को इस महीने महंगाई को झटका लगने वाला है। मई के बिल में फ्यूल पॉवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) दोबारा लागू होने से उपभोक्ताओं को ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा। इसके साथ ही, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए टैरिफ बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी सामने आया है, हालांकि इसका अंतिम फैसला राज्य विद्युत नियामक आयोग को करना है।

अप्रैल में राहत, मई में सरचार्ज की वापसी

अप्रैल 2024 में उपभोक्ताओं को FPPAS शुल्क से राहत मिली थी, जब एनटीपीसी लारा से ली गई बिजली की पुरानी देनदारी समाप्त होने के कारण यह शुल्क माइनस में चला गया था। इससे उपभोक्ताओं को 12.61% तक की राहत मिली थी। लेकिन मई 2025 के बिल में यह राहत खत्म हो गई है। अब 7.32% FPPAS शुल्क के हिसाब से राशि जोड़ी जा रही है, जो अप्रैल की खपत पर आधारित है। इसका असर जून के बिलों में दिखेगा।

कंपनी का कहना है कि FPPAS शुल्क उत्पादन लागत के अंतर पर निर्भर करता है, इसलिए आने वाले महीनों में यह शुल्क बढ़ या घट सकता है। VCA की जगह FPPAS फॉर्मूला पहले लागू वेरिएबल कॉस्ट एडजस्टमेंट (VCA) की जगह अब FPPAS फॉर्मूला लागू किया गया है, जो बिजली की उत्पादन लागत पर आधारित है। यह फॉर्मूला अप्रैल 2023 से प्रभावी है और तब से उपभोक्ताओं को हर महीने इस शुल्क का भुगतान करना पड़ रहा है।

अप्रैल 2024 में पहली बार इस शुल्क से राहत मिली थी, लेकिन उत्पादन लागत में बदलाव के कारण मई में यह फिर से लागू हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक लागत में अंतर रहेगा, यह शुल्क उपभोक्ताओं पर बोझ डालता रहेगा।

टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना

छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को नया टैरिफ प्रस्ताव सौंपा है। इसमें कंपनी ने अनुमान लगाया है कि वह 24,652 करोड़ रुपये की बिजली बिक्री करेगी, जबकि खर्च 23,082 करोड़ रुपये तक सीमित रहेगा। इससे कंपनी को 1,570 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है।

CG News: हालांकि, 2023-24 में कंपनी को 6,130 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। प्रस्तावित लाभ को घटा देने पर 4,560 करोड़ रुपये का अंतर रह जाता है। इस घाटे को पाटने के लिए कंपनी ने टैरिफ बढ़ाने की मांग की है। विद्युत नियामक आयोग जल्द ही इस पर फैसला लेगा, लेकिन संकेत हैं कि टैरिफ में बढ़ोतरी तय है।

CG – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया बड़ा ऐलान, आबकारी विभाग में 200 आरक्षकों और 90 SI की होगी भर्ती

CG – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया बड़ा ऐलान, आबकारी विभाग में 200 आरक्षकों और 90 SI की होगी भर्ती

 रायपुर। प्रदेश सरकार आबकारी विभाग में आरक्षकों के 200 और उप निरीक्षक के 90 पदों पर भर्ती करने जा रही है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में दी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शराब घोटाले में पूर्व मंत्री अंदर हैं. 2000 करोड़ का घोटाला हुआ है, इससे शर्म की बात और क्या हो सकती है। कांग्रेस सरकार में नकली होलोग्राम और नकली शराब की बिक्री हुई। हमारी सरकार में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा। नए अध्यक्ष के पदभार के बाद विश्वास है कि राजस्व की बढ़ोतरी होगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने माहौल को हल्का करते हुए कहा कि कॉरपोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी का ड्रेस देखकर पता चलता है कि यह शराब छूते तक नहीं हैं। इससे कारपोरेशन स्ट्रांग होगा और काम अच्छे से होगा।

पदभार ग्रहण कार्यक्रम में मौजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने शराब की बिक्री में करीब 2000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया था। इसलिए इस बार एक ईमानदार व्यक्ति को नियुक्त किया गया है।

CG - कांग्रेस को बड़ा झटका : ब्लॉक अध्यक्ष समेत 31 कांग्रेसियों ने थामा भाजपा का दामन, इस वजह से छोड़ी पार्टी…

CG - कांग्रेस को बड़ा झटका : ब्लॉक अध्यक्ष समेत 31 कांग्रेसियों ने थामा भाजपा का दामन, इस वजह से छोड़ी पार्टी…

 गरियाबंद। देवभोग मुख्यालय से 31 कर्मठ कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रवेश कर लिया है। नगर पंचायत से भाजपा की प्रत्याशी रही अनिता विकास उपाध्याय, पार्षद प्रतिमा सोनी, देवकी यदु के नेतृत्व में आज कांग्रेसी नेता भाजपा जिला कार्यालय पहुंचकर भाजपा प्रवेश किया। भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, राजिम विधायक रोहित साहू, वरिष्ठ नेता गोवर्धन मांझी, कुंज बिहारी बेहेरा समेत देवभोग मंडल अध्यक्ष एवं भाजपाइयों ने सभी नवप्रवेशियों का स्वागत किया।

इन्होंने किया भाजपा में प्रवेश

श्याम लाल सोनी (4 बार के ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष ), सूरज शर्मा ( जिला मंत्री गरियाबंद), बिलभद्र यादव (सेवा दल अध्यक्ष देवभोग), परमानंद यदु, राजेंद्र सोनी, ओमप्रकाश ठाकुर, ललित यदु, नरेंद्र सोनी, लक्ष्मण सोनी,जयराम यदु,छबि राम मांझी,कुलेश्वर यदु,सिरवाली यदु,हीराबाई यदु, बेलमतीमाझी,सुजाता यदु,उर्मिलामाझी,कुंतुला यदु,तिरोबाईयदु,रुकमणि यदु,प्रेमलता यदु,वसुला माझी, नमिता सोनी, नीलेन्द्री सोनी, जनकसुता सोनी , कालेन्द्री सोनी ,जीरा बाई सिन्हा ,जयंती माझी, सावेत्रि सिन्हा,सुखी निषाद,मालती निषाद शामिल हैं।

इस वजह से छोड़ी पार्टी…

भाजपा प्रवेश की वजह पूछने पर श्याम लाल सोनी एवं सूरज शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में चुनाव के समय ही पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की पूछ परख होती है। नेता बन जाने के बाद कार्यकर्ताओं को भूल जाने की परिपाटी है। इसके विपरीत भाजपा अपने संगठन को कार्यकर्ताओं का संगठन मानती है। भाजपा और भाजपा सरकार की रीति-नीति से प्रभावित होकर कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया है।

TRANSFER : पुलिस महकमे में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 100 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला

TRANSFER : पुलिस महकमे में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 100 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला

 जांजगीर-चांपा : जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा पुलिसिंग को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। इस कार्रवाई के तहत जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ करीब 100 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं।

यह तबादले जिले की आंतरिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और थानों में कर्मियों के कार्यकाल, आचरण, दक्षता एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। स्थानांतरित किए गए पुलिसकर्मियों में आरक्षक, प्रधान आरक्षक सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें जिले के अलग-अलग थानों, चौकियों और रक्षित केंद्रों में नई पदस्थापना दी गई है।

बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान, दो महिला समेत पांच नक्सली ढेर, कुल सात शव बरामद

बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान, दो महिला समेत पांच नक्सली ढेर, कुल सात शव बरामद

 बीजापुर : नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों समेत कुल पांच नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। इस प्रकार, बीते चार दिनों में मारे गए कुल सात नक्सलियों के शव अब तक बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, 4 जून से इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें राज्य पुलिस की विशेष कार्य बल (STF), जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की विशिष्ट इकाई कोबरा बटालियन के जवान शामिल हैं।

अभियान के दौरान 5 जून को माओवादियों के एक शीर्ष नेता सुधाकर उर्फ गौतम का शव बरामद किया गया। उस पर ₹40 लाख का इनाम घोषित था। इसके बाद 6 जून को तेलंगाना स्टेट कमेटी के सदस्य भास्कर, जिन पर ₹45 लाख का इनाम था, का शव मिला।

शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात को हुई मुठभेड़ में तीन और नक्सलियों को मार गिराया गया, जबकि शनिवार को दो अन्य नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मारे गए सात में से पांच नक्सलियों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इनकी शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिसमें दो AK-47 राइफलें भी शामिल हैं। यह सफलता नक्सली संगठन की ताकत को कमजोर करने में अहम मानी जा रही है।

इस अभियान के दौरान कुछ सुरक्षाकर्मियों को सांप के काटने, मधुमक्खी के डंक, डिहाइड्रेशन और अन्य कारणों से चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है और सभी खतरे से बाहर हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अभी भी सघन सर्च ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन अभियान जारी है, ताकि नक्सली गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

गौरतलब है कि हाल ही में, 21 मई को बस्तर के नारायणपुर-बीजापुर सीमा पर हुई मुठभेड़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (70) को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया था, जिसे नक्सल आंदोलन की सबसे बड़ी कमरतोड़ कार्रवाई माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने  मद्दी को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि  मद्दी सामाजिक रूप से लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके पास विभिन्न पदों पर कार्य करने का गहरा अनुभव है। मुझे विश्वास है कि उनका यह अनुभव स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के कार्यों को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होगा।  साय ने कहा कि हमारी सरकार अनेक नवाचारों के माध्यम से शासकीय कार्यों में पारदर्शिता ला रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना और विकास के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ हम बस्तर में अधोसंरचना और पर्यटन विकास के कार्यों को गति दे रहे हैं, ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकें। हमने हाल ही में दुधारू पशु योजना के माध्यम से आदिवासी परिवार को दो अच्छी नस्ल की गाय प्रदान करने की शुरुआत की है, जिससे प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से हुई मुलाकात में प्रदेश के विकास को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से बस्तर में सिंचाई परियोजनाओं और इंद्रावती एवं महानदी को जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल के बारे में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के साथ-साथ यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि श्री श्रीनिवास के सामाजिक जीवन के लंबे अनुभव का लाभ निश्चित ही बेवरेजेस कॉर्पोरेशन को मिलेगा। उन्हें पहले भी वन विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का मौका मिला था और उन्होंने बेहतर ढंग से दायित्व का निर्वहन किया। इस अवसर पर नई जिम्मेदारियों के लिए उन्होंने श्री मद्दी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव ने भी संबोधित किया एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद रूपकुमारी चौधरी, सांसद महेश कश्यप, सांसद भोजराज नाग, विधायक राजेश मूणत, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक आशाराम नेताम, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक विनायक गोयल, विधायक धरमलाल कौशिक, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्याम धावड़े, आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के संबंध में की चर्चा

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के संबंध में की चर्चा

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण के संबंध में विस्तार से चर्चा की है ।

उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, इसी वजह से संभाग सिंचाई साधनों के विकास में पिछड़ गया है, संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और चहुमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि बस्तर क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्णायक परियोजना साबित होगी। यह परियोजना, लंबे समय से इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है। इंद्रावती, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक नदी है। गोदावरी जल विवाद अभिकरण के वर्ष 1980 के अवॉर्ड में भी अन्य योजनाओं के साथ इस परियोजना का उल्लेख है। इस अवॉर्ड में उल्लेखित अन्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन दूसरे राज्यों द्वारा किया जा चुका है परंतु दूरस्थ अंचल में होने एवं नक्सल समस्या के कारण इस परियोजना को प्रारंभ नहीं किया जा सका।

बस्तर के विकास की रफ्तार होगी डबल

बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से संभाग में सिंचाई साधनों का दायरा बढ़ने के साथ ही बस्तर के विकास को डबल रफ्तार मिलेगी। इस परियोजना से 125 मेगावाट का विद्युत् उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3,78,475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मि.घ.मी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा। वही इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बस्तर को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

क्या है बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना ?

बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है। राज्य में इन्द्रावती नदी कुल 264 कि. मी. में प्रवाहित होती है। यह परियोजना दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड एवं तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 कि.मी. एवं जगदलपुर शहर से लगभग 100 कि. मी. दूरी पर प्रस्तावित है।

परियोजना की विशेषताएं

दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49000 करोड़ रूपए है। जिसमें इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना की लागत लगभग 20 हजार करोड़ रूपए एवं बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए की लागत संभावित है। जिसमें हाइड्रोपावर इलेक्ट्रोमैकेनिकल कार्य, सिविल कार्य (सिंचाई) भी शामिल हैं। इस परियोजना में उपयोगी जल भराव क्षमता 2009 मि.घ.मी, कुल जल भराव क्षमता 2727 मि.घ.मी, पूर्ण जल भराव स्तर पर सतह का क्षेत्रफल 10440 हेक्टेयर सम्भावित है।

इन जिलों का होगा लाभ

बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जिले के 269 गांवों को बड़ा लाभ होगा। जबकि इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेकों गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हो सकेगा। बस्तर संभाग को विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

पर्यावरण चैंपियन पुरस्कार 2025: सुनीता चंसोरिया को मिला सम्मान

पर्यावरण चैंपियन पुरस्कार 2025: सुनीता चंसोरिया को मिला सम्मान

रायपुर :- पर्यावरण चैंपियन पुरस्कार 2025: सुनीता चंसोरिया भारतीय वन्य जीव संस्था राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से प्रायोजित यह पुरस्कार विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय वन्य जीवन संस्थान देहरादून में विशेष समारोह में दिया गया यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए प्रदान किया गया यह पुरस्कार पांच कैटेगरी में से चैंपियन इंस्टीट्यूशन फॉर नेचर समग्र उत्कृष्ट श्रेणी में प्रदान किया गया इस पुरस्कार के लिए महाविद्यालय श्रेणी में दुर्गा महाविद्यालय का चयन किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अनूप नौटियाल एवं विशिष्ट अतिथि चिपको आंदोलन की अंतिम जीवित कड़ी सुदेश देवी रही कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ संगीता अंगों म वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं समन्वयक वन्य जीव संस्था एवं एनएमसीजी मैं अपने वक्तव्य में चैंपियंस अवार्ड की पूरी जानकारी दी एवं सभी अतिथियों का कार्यक्रम में आने के लिए आभार व्यक्त किया विशिष्ट अतिथि सुदेश देवी ने अपने संघर्ष शील जीवन को बड़े ही सरल तरीकों से रेखांकित किया उन्होंने बताया कि वह उसे जमाने की चौथी पास है जब लड़कियों को घर से नहीं निकलने दिया जाता था एवं शिक्षा से वंचित रखा जाता था आज के समय का जो सर्कुलर इकोनामी का मॉडल को उन्होंने बड़े सरल तरीके से समझाया उसे जमाने में यह प्रचलन में भी नहीं था उसे जमाने में पेड़ों को राखी बांधकर यह माना जाता था कि यह पेड़ ही हमारी रक्षा करेंगे जंगल से घास और घास से चार जानवरों के लिए वहीं से गोबर और फिर खेती खेती से अनाज हमारा भरण पोषण इसलिए पेड़ों को न काटने के लिए वह चिपको आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा पर जब जेल से आई तो उन्होंने यह बात बताई कि वहां पर हम लोग बड़े शांति से रहते थे वहां में कोई काम नहीं करना पड़ता था और बदले में हमें रोटी दाल सब्जी मिलती थी और हमें भजन सीखने को भी मिला पर जब हम जेल से बाहर आए तो हमें गांव वालों ने गांव से दूर रखा एवं समाज से हमें दूर रखा गया कि यह महिलाएं जेल में रहकर आई है इसलिए इनके साथ नहीं उठना बैठना सुदेश देवी आज भी लड़कियों की शिक्षा के लिए कार्य कर रही हैं मुख्य अतिथि के रूप में श्री अनूप नौटियाल ने कहा कि यह उत्तराखंड राज्य का गठन हुए भी 25 वर्ष पूरे  हो रहे हैं इसलिए हमें इस राज्य के लिए विकास कैसे हो विकास के नीतियां क्या हो कैसे परिवर्तन हो विकास और पर्यावरण के बीच कैसे संतुलन बन क्योंकि पिछले 8 वर्षों में अगर पर्यावरण दिवस की थीम प्लास्टिक को लेकर रखी गई है इसका मतलब यह है की समस्या सिर्फ प्लास्टिक नहीं है समस्या सिंगल युस प्लास्टिक है क्योंकि वैश्विक स्तर पर अगर हम देखें तो 60 से 65 किलो प्रति व्यक्ति प्लास्टिक का उपयोग प्रतिवर्ष करता है कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से से 15 लोगों को सम्मानित किया गया आभार प्रदर्शन डॉक्टर सोफिल मलिक ने कियाकार्यक्रम में हेमलता मैडम जोशी मैडम डॉ सोफिल मलिक एवं वन्य जीव संस्थान की पूरी टीम वन्य जीव संस्थान नमामि गंगे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारी एवं सहयोगी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे

राशन वितरण में शिकायत आने पर तत्काल कार्यवाही करें: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल

राशन वितरण में शिकायत आने पर तत्काल कार्यवाही करें: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल

 रायपुर। खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री बघेल ने बैठक में कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी राशनकार्ड धारियों को माह जून से अगस्त तक तीन माह का एकमुश्त चावल देने का निर्णय लिया है। राज्य के सभी 13965 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को एक जून से चावल वितरण प्रारंभ हो गया है। उन्होंने चावल वितरण में तेजी लाने के साथ ही सभी राशनकार्ड धारियों को आगामी तीन माह का एकमुश्त चावल मिले इस पर विशेष रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चावल वितरण में गड़बड़ी की शिकायत आने पर तत्काल कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने उचित मूल्य के दुकानों में चावल भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली।

खाद्य मंत्री बघेल ने बैठक में वर्ष 2022-23 से वर्ष 2024-25 के स्टॉक सत्यापन की कार्यवाही की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सितम्बर 2022 की स्थिति में भौतिक सत्यापन उपरांत कम पाए गए खाद्यान्न की वसूली तेजी के साथ किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 335 उचित मूल्य के दुकानों में लगभग 124 करोड़ के राशन सामग्री कम पाए गए थे, जिसमें से 119 करोड़ रूपए की वसूली की जा चुकी है। पांच करोड़ रूपए की वसूली शेष है, जिस पर कार्यवाही की जा रही है। वहीं 27 उचित मूल्य दुकान संचालकों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गई थी। मंत्री बघेल ने शेष वसूली भी शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री ने चना वितरण एवं भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली।

खाद्य मंत्री श्री बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 और 2024-25 में मिलर्स द्वारा केन्द्रीय और राज्य पुल में चावल जमा की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि मिलर्स द्वारा 2023-24 के शेष 0.88 लाख मीट्रिक टन चावल को जमा करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है। इसी प्रकार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 25.43 लाख मीट्रिक टन चावल जमा किया जाना है। जिसके विरूद्ध 14.86 लाख मीट्रिक टन उपार्जित कर लिया गया है, जो चावल जमा का 58.43 प्रतिशत है। शेष चावल की जमा करने की कार्यवाही तेजी गति से चल रही है। मंत्री बघेल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के चावल जमा करने की तिथि 30 जून के पश्चात समय में वृद्धि नही करने और तेजी के साथ चावल जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की तैयारी, समितियों में खरीदी व्यवस्था की तैयारी सहित संग्रहण केन्द्र में धान की भौतिक स्थिति, मिलर्स को प्रोत्साहन राशि का भुगतान, न्यायालयीन प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की।

खाद्य मंत्री श्री बघेल ने कहा कि रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शीघ्र भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने वित्त विभाग से अनुमति ले चुके पदों के लिए पीएससी और व्यापंम को भर्ती प्रस्ताव भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता आयोग राज्य एवं जिला स्तर पर अध्यक्षों और सदस्यों के रिक्त पदों पर विधिसम्मत भरने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने आयोग में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया। मंत्री बघेल ने विधिक मापविज्ञान विभाग की प्रगति की समीक्षा की। नाप तौल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024-25 में नाप तौल के सत्यापन एवं मुद्रांकण से 13.5 करोड़ रूपए की राजस्व प्राप्ति हुई है। वहीं 2.21 लाख नाप तौल उपकरणों का सत्यापन किया गया है। मंत्री बघेल ने कहा कि माप तौल प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। वहीं लायसेंस प्रदान करने की समय सीमा भी कम की जाए।

बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक किरण कौशल, मार्कफेड के प्रबंध संचालक रमेश शर्मा, विधिक मापविज्ञान विभाग के संचालक देवेन्द्र भारद्धाज सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़: पति और दो मासूम बच्चों को छोड़ प्रेमी संग भागी महिला, ‘नीला ड्रम’ जैसा कांड करने की दी धमकी

छत्तीसगढ़: पति और दो मासूम बच्चों को छोड़ प्रेमी संग भागी महिला, ‘नीला ड्रम’ जैसा कांड करने की दी धमकी

 कोरबा - छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां सात साल पहले प्रेम विवाह करने वाली एक महिला अपने पति और दो छोटे बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई। विरोध करने पर उसने पति को जान से मारने और चर्चित नीला ड्रम कांड जैसी वारदात को अंजाम देने की धमकी तक दे डाली। मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र का है।

सात साल पहले हुआ था प्रेम विवाह

संजय जांगड़े (26), जो SECL की एक आउटसोर्सिंग कंपनी में ड्राइवर के तौर पर काम करता है, ने 2017 में रुखसाना बानो (24) से लव मैरिज की थी। दोनों के दो छोटे बच्चे एक बेटा (6 वर्ष) और बेटी (4 वर्ष) हैं। कुछ महीनों से रुखसाना का व्यवहार बदलने लगा, जिससे संजय को शक हुआ।

कॉल डिटेल्स से प्रेम संबंध का खुलासा

संजय ने जब पत्नी की कॉल डिटेल निकलवाई, तो पता चला कि उसका अफेयर सूरज महतो नाम के युवक से चल रहा है, जो मूलतः बिहार का निवासी है और कोरबा में एक दुकान में काम करता है।

नीले ड्रम हत्याकांड की धमकी

जब संजय ने इसका विरोध किया तो रुखसाना ने चेतावनी दी कि यदि उसे रोका गया तो वह पति और बच्चों को जान से मार देगी। उसने उत्तर प्रदेश के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड का हवाला देते हुए वही दोहराने की धमकी दी, जिसमें एक महिला ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कर शव को ड्रम में छुपा दिया था।

संजय ने 1 से 3 अप्रैल तक रुखसाना को समझाने की भरपूर कोशिश की। लेकिन आखिरकार 6 जून को वह खुद मानिकपुर चौकी पहुंची और प्रेमी सूरज के साथ रहने का ऐलान कर बच्चों को पीछे छोड़ दिया। मां के इस फैसले से बच्चों को गहरा मानसिक आघात लगा है। संजय ने कहा, बच्चों की हालत देखकर दिल फट जाता है। मैं यही कहना चाहूंगा कि लव मैरिज मत करना, बहुत महंगी पड़ सकती है।

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: गोद लेने वाली माताओं को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश, नहीं किया जा सकता भेद

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: गोद लेने वाली माताओं को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश, नहीं किया जा सकता भेद

 बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसले में स्पष्ट किया है कि बच्चों को गोद लेने वाली महिला कर्मचारी भी चाइल्ड केयर, दत्तक अवकाश और मातृत्व अवकाश की पूर्ण हकदार हैं। न्यायमूर्ति विभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने कहा कि यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर मां का मौलिक अधिकार है कि वह अपने नवजात शिशु को मातृत्वपूर्ण देखभाल और स्नेह प्रदान कर सके – चाहे मातृत्व जैविक हो, सरोगेसी से हो या गोद लेने के माध्यम से प्राप्त हुआ हो।

कोर्ट ने साफ कहा कि मातृत्व लाभों को लेकर जैविक, गोद लेने वाली या सरोगेट माताओं के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। मातृत्व अवकाश केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि एक ऐसा अधिकार है जो महिला को अपने परिवार और नवजात की देखभाल के लिए आवश्यक है।

इस मामले में याचिकाकर्ता ने बताया कि उनकी नियुक्ति 2013 में आईआईएम रायपुर में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर हुई थी। उन्होंने 20 नवंबर 2023 को दो दिन की बच्ची को गोद लिया और 180 दिन के अवकाश के लिए आवेदन किया। हालांकि, संस्थान ने छुट्टी देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि उनकी HR नीति में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता 1972 के नियमों के तहत 180 दिन की गोद लेने की छुट्टी की अधिकारी हैं। चूंकि उन्हें मातृत्व लाभ अधिनियम, 2017 के अंतर्गत पहले ही 84 दिन की छुट्टी दी जा चुकी है, शेष अवधि को समायोजित किया जाए।

फैसले में कोर्ट ने यह भी कहा कि मां बनना एक महिला के जीवन की सबसे स्वाभाविक घटना है। ऐसे में नियोक्ता को संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाते हुए महिला की शारीरिक और मानसिक आवश्यकताओं को समझना चाहिए, विशेषकर जब वह एक कामकाजी महिला हो।

कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 38, 39, 42 और 43 का हवाला देते हुए कहा कि गोद लेने वाली माताएं भी जैविक माताओं की तरह ही अपने बच्चों के प्रति गहरा स्नेह रखती हैं। इसलिए उन्हें भी समान मातृत्व अधिकार मिलने चाहिए।

अंत में कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की भागीदारी कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है, जिसे हर हाल में सम्मान और संरक्षण मिलना चाहिए।

रायपुर समेत देशभर के ईदगाह में हजारों लोगों ने अदा की ईद-उल-अजहा की नमाज, मुल्क की सलामती और अमन-चैन की मांगी दुआएं

रायपुर समेत देशभर के ईदगाह में हजारों लोगों ने अदा की ईद-उल-अजहा की नमाज, मुल्क की सलामती और अमन-चैन की मांगी दुआएं

  रायपुर। देशभर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया, जहां लाखों लोग एकजुट होकर मुल्क की सलामती और अमन-चैन की दुआएं मांग रहे हैं। वहीं राजधानी में भी बकरीद पर मस्जिदों और ईदगाह में नमाज अदा की गई। नमाज़ के बाद एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

मुस्लिम भाई नमाज़ के बाद घर जाकर अपने – अपने बकरों की कुर्बानी देकर अल्लाह के हुक्म को पूरा करते है। फिर कुर्बानी का गोश्त तीन हिस्सों में बांटा जाता है, एक हिस्सा अपने लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों में बांटा जाता है।

 
दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जारी किया बयान, मंत्रिमं​डल के विस्तार को लेकर कही ये बड़ी बात…

दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जारी किया बयान, मंत्रिमं​डल के विस्तार को लेकर कही ये बड़ी बात…

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को दिल्ली दौरे से रायपुर लौट आए, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनके दौरे के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज़ हो गई थीं, लेकिन लौटते ही सीएम साय ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि कैबिनेट विस्तार “समय आने पर” किया जाएगा।

सीएम साय ने दिल्ली से लौटने के बाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बात की। इस दौरान सीएम साय ने बताया कि दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान प्रदेश की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की बदली हुई तस्वीर को साझा करने का अवसर मिला यह सौभाग्य की बात है। इस दौरान बोध घाट परियोजना, रिवर इंटरलिंकिंग पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बोध घाट परियोजना के बनने से 125 मेगावर्ट बिजली पैदा होगी। इन दोनों परियोजनाओं से कई हेक्टेयर में सिंचाई संभव होगी।

सीएम साय ने आगे बताया कि हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद से लड़ रहे हैं इस पर पीएम मोदी को अवगत कराया। PM मोदी के हमें नक्सलवाद पर लड़ाई को लेकर बधाई दी है। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हमने भी बधाई दी है। सीएम साय ने फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं किया है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पीएम मोदी से क्या चर्चा हुई है। उन्होंने कैबिनेट विस्तार को लेकर कहा कि समय आने पर वो भी हो जाएगा।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कैबिनेट मंत्री और विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया था। सांसद अग्रवाल के पद छोड़ने के बाद से साय कैबिनेट में दो मंत्रियों का पद खाली है। साय कैबिनेट में बृजमोहन अग्रवाल को शिक्षा महकमे की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनके इस्तीफे के बाद से खुद सीएम साय इस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

CM विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, देखें आज का शेड्यूल

CM विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, देखें आज का शेड्यूल

 रायपुर  :- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दिल्ली दौरे से लौट रहे हैं। वे सुबह 8:45 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पहुंचेंगे। राजधानी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे और जनसमूह को संबोधित करेंगे।

उनके कार्यक्रमों की शुरुआत छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में भाग लेने से होगी, जहां वे नव नियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं देंगे और निगम के भावी कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे संत कबीर की जयंती के अवसर पर आयोजित कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे, जहां वे संत कबीर के विचारों और उनके समाज सुधारक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालेंगे।

मुख्यमंत्री इसके पश्चात गौ ग्राम जन जागरण यात्रा समापन समारोह में भाग लेंगे। यह यात्रा प्रदेश में गौ सेवा, ग्रामीण जागरूकता और जैविक खेती के प्रचार-प्रसार को लेकर चल रही थी, और इसका समापन समारोह राजधानी में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर गौ संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण को लेकर सरकार की नीतियों को साझा करेंगे।

दिन के अंत में मुख्यमंत्री राष्ट्रीय आम महोत्सव में शिरकत करेंगे, जहां देशभर से आए आम उत्पादकों और आम प्रेमियों से संवाद करेंगे। इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ के आमों की विविध किस्मों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। मुख्यमंत्री यहां किसानों को संबोधित करते हुए कृषि उत्पादों के ब्रांडिंग और विपणन के महत्व पर भी बात करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह व्यस्त दौरा राजधानी में राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 
CG NEWS : शराब दुकान में 6.96 लाख की गड़बड़ी उजागर, प्रभारी आबकारी अधिकारी निलंबित

CG NEWS : शराब दुकान में 6.96 लाख की गड़बड़ी उजागर, प्रभारी आबकारी अधिकारी निलंबित

 महासमुंद : जिले के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी निधीश कुमार कोष्टी को शासन ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्य में अनियमितता, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब विक्रय, स्टॉक में कमी, और बिक्री राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी पाए जाने के बाद की गई है।

औचक निरीक्षण में खुली पोल

यह कार्रवाई 29 मई को रायपुर मुख्यालय की उड़नदस्ता टीम द्वारा महासमुंद के घोड़ारी स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में किए गए औचक निरीक्षण के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान विक्रेता को तय कीमत से अधिक पर शराब बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

भौतिक सत्यापन में बड़ा स्टॉक घोटाला

दुकान के स्टॉक के भौतिक सत्यापन में अंग्रेजी और देशी दोनों मदिरा ब्रांड्स में काफी कमी पाई गई। जांच में सामने आया कि दुकान में कुल ₹6,96,000 की वित्तीय अनियमितता है, जिसमें बिक्री राशि में हेराफेरी भी शामिल है।

निलंबन के बाद मुख्यालय अटैचमेंट

इन गंभीर गड़बड़ियों के चलते प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी निधीश कुमार कोष्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें आबकारी आयुक्त कार्यालय, रायपुर में अटैच किया गया है।

युवतियों को फ्री में शराब परोसने वालों की खैर नहीं : एसएसपी ने होटलों, बार और क्लब संचालकों को दिए सख्त निर्देश

युवतियों को फ्री में शराब परोसने वालों की खैर नहीं : एसएसपी ने होटलों, बार और क्लब संचालकों को दिए सख्त निर्देश

 रायपुर. राजधानी में नशा परोसने वाले होटलों, बार और क्लब संचालकों के पुलिस ने कान खड़े कर दिए हैं. रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने सख्त लहजे में क्लब, होटल और बार संचालकों को चेतावनी दी है. रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने कहा, शहर में नशे की पार्टियों पर कड़ाई से रोक लगाई जाए. पुलिस के नियम कायदे और कानूनों का पूरा पालन किया जाए. उन्होंने होटल और क्लबों की पार्टियां रात्रि 12 बजे तक बंद करने के निर्देश दिए.

एसएसपी ने कहा, बुधवार रात युवतियों को फ्री में शराब न परोसी जाए. क्लबों में आने वाले हिस्ट्रीशीटरों की एंट्री बेन करे और विवादित तत्वों पर कड़ी निगरानी की जाए. होटलों में अवैध हथियारों की चेकिंग की जाए, संदिग्ध गतिविधि लगने पर पुलिस को तत्काल जानकारी दी जाए. ऐसी गलती पाए जाने पर क्लब और होटल संचालकों के ख़िलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

दरअसल, शहर में नशे की पार्टियों में होने वाले विवाद और शहर के माहौल बिगड़ने की शिकायत मिलने के बाद एसएसपी रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह ने आज सिविल लाइन स्थित सी-4 में बड़ी बैठक बुलाई थी. इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम संदीप मित्तल, विवेक शुक्ला, डीएसपी क्राईम संजय सिंह समेत शहर के सभी होटल, बार, कैफे और क्लबों के सैकड़ों संचालक मौजूद रहे. पुलिस अफसरों ने सभी कैफे और क्लब संचालकों को दो टूक कहा, अवैध रूप से शराब न परोसी जाए. अवैध गतिविधि में संलिप्त होटलों और कैफे संचालकों की लंबी लिस्ट तैयार है. ऐसी शिकायत मिलने पर तत्काल पुलिस कार्रवाई की जाएगी.

WEDNESDAY गर्ल्स नाइट का ट्रेंड

महानगरों के क्लबों में वेडनस डे मिड वीकेंड के नाम पर गर्ल्स नाईट आयोजित की जाती है. इन आयोजनों में लड़कियों को मुफ्त एंट्री, ड्रिंक्स, और फ़ूड में बड़े कॉम्बो ऑफर दिए जाते हैं. इसी तरह रायपुर शहर के होटलों और क्लबों में बुधवार की शाम गर्ल्स नाईट चल रहा है. क्लबों में होटलों में और कैफे में युवतियों को आकर्षित करने तरह-तरह के ऑफर्स दिए जाते हैं. इसके चलते बड़ी संख्या में क्लबों में युवतियों की भीड़ होती है. इन ऑफरों में फ़्री एंट्री, टकीला शॉट्स, कॉम्प्लीमेंट्री कॉकटेल्स के नाम पर नशा परोसा जाता है. महिलाओं की बढ़ती संख्या को देख युवक और पुरुष बड़ी तादाद में क्लबों में पहुँचते हैं, जो देर रात तक संचालित की जाती है. क्लबों के बाद पर्सनल विला या होटलों के हॉल में आफ्टर पार्टी संचालित की जाती है, जिसे पूरे तरीके से अवैध माना जाता है. देर रात तक शराब पिलाना, सुबह तक पार्टी चलाई जाती हैं.

क्लबों की पार्टी में विवादित माहौल

इतना ही नहीं ऐसे आयोजनों पर अनगिनत विवाद भी सामने आते रहे हैं. इस तरह के विवाद शहर में बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं. क्लबों में ज्यादातर मामलों में नशे और वर्चस्व की लड़ाई कारण बनते हैं. बीते दिनों वीआईपी रोड के हाईपर क्लब में हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और सटोरिए विक्की अग्रवाल के बीच विवाद में गोली चल गई थी. नवा रायपुर के आईपी क्लब में दो पक्षों में जमकर विवाद हुआ था. छेरीखेड़ी स्थित होटल और क्लब में वर्चस्व की लड़ाई के बीच दो पक्षों में जमकर मारपीट का मामला सामने आया था. विधानसभा स्थित क्लब में मारपीट की घटना होते आई है. होटल ऑन द रॉक्स और जूक जैसी जगहों पर लगातार विवाद सामने आया है. अभी हाल ही में रोहित तोमर और उसके बाउंसरों ने कारोबारी को वीआईपी रोड स्थित होटल में जमकर पीटा था. महादेव घाट इलाके में युवतियों की मारपीट की घटना सामने आई थी. वो युवतियां भी हाईपर क्लब से पार्टी कर लौट रही थी.

होटल, क्लब और बार संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है : एसएसपी

रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने बताया कि होटल, कैफे, क्लब और बार संचालकों की बैठक बुलाई गई थी. सभी को नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. क्लब में होने वाली पार्टियों की जानकरी पुलिस तक देने के निर्देश दिए गए हैं. बुधवार रात फ्री शराब परोसने वाले लोगों को तत्काल इसे बंद करने की सख्त हिदायत दी गई है. ऐसे किसी भी होटल या क्लबों में अवैध नशा, शराब या संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Weather Update : बस्तर में ठहरा मानसून, अगले 4 दिनों में 2-4 डिग्री तक चढ़ेगा पारा

Weather Update : बस्तर में ठहरा मानसून, अगले 4 दिनों में 2-4 डिग्री तक चढ़ेगा पारा

 रायपुर. छत्तीसगढ़ में कहीं बारिश तो कहीं उमस भरी गर्मी का मौसम है. तय समय से पहले मानसून ने एंट्री ले ली. कई हिस्सों में बारिश हुई और फिर अचानक मानसूनी गतिविधि कमजोर हो गई. अगले 5 दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और बादल गरजने की संभावना जताई है. इसके साथ ही प्रदेश में दिन के तापमान में वृद्धि के आसार बने हुए हैं.

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. इस दौरान दिन में सबसे तापमान राजनांदगांव में 40.5 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. 

सिनोप्टिक सिस्टम

1) मॉनसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, सैंडहेड द्वीप और बालुरघाट से होकर गुज़र रही है।

2) उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और उससे सटे मराठवाड़ा और तेलंगाना पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर स्थित है।

3) ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में स्थित है और समुद्र तल से 1.5  किमी ऊपर तक फैला हुआ है. 

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ 55 डिग्री पूर्व में स्थित है. आज प्रदेश में कल दिनांक 7 जून को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने के साथ गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने और वज्रपात होने की भी संभावना है. उन्होंने जानकारी दी कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा के पैटर्न में बदलाव होता है, जिसके कारण अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाएं कमजोर है. अगले 4-5 दिनों तक यही स्थित बने रहने की संभावना है. ऐसे में तापमान में वृद्धि का दौर जारी रहने के आसार हैं.   

राजधानी में आज का मौसम 

राजधानी रायपुर में आज मौसम विभाग ने आकाश में आंशिक मेघमय रहने की संभावना है. अधिकतम 41°C और न्यूनतम तापमान और 28°C के आसपास रहने की संभावना है. 

BREAKING : नेशनल पार्क इलाके में भास्कर के बाद 2 और नक्सली ढेर, ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद

BREAKING : नेशनल पार्क इलाके में भास्कर के बाद 2 और नक्सली ढेर, ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद

 बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ लगातार तीसरे दिन भी जारी है. नक्सल विरोधी अभियान में जुटे सुरक्षाबलों ने आज बड़ी कामयाबी हासिल की है. 45 लाख के इनामी भास्कर को ढेर करने के बाद आज 2 और नक्सली को मार गिराया है. शव के साथ ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं. बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है.

बता दें कि बीजापुर के नेशनल पार्क इलाके में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत अब तक बड़ी कामयाबी मिली है. इसी इलाके में जवानों ने एक करोड़ के इनामी नक्सली लीडर सुधाकर और 45 लाख के इनामी भास्कर को मार गिराया है. इसके अलावा दो अन्य नक्सली भी इस कार्रवाई में ढेर किए गए हैं. इस अभियान में दो टॉप कमांडरों समेत कुल चार नक्सली मारे जा चुके हैं.

सुरक्षाबलों का मनोबल ऊंचा, नक्सल संगठनों को गहरा झटका

सुरक्षाबलों के जवानों ने नेशल पार्क इलाके में जारी एंटी नक्सल ऑपरेशन में शुक्रवार को नक्सली लीडर भास्कर उर्फ मइलारापु अडेल्लू को ढेर किया था. मौके से शव के साथ  AK-47 राइफल सहित अन्य विस्फोटक, हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए थे. भास्कर तेलंगाना के आदिलाबाद जिले का निवासी था और सीपीआई (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति के मंचेरियल-कोमरम भीम (MKB) डिवीजन का सचिव भी था. मंडुगुला भास्कर राव तेलंगाना स्टेट कमेटी के स्पेशल जोनल कमेटी (SZC) का  सदस्य था. उनकी उम्र 45 वर्ष थी और वे ग्राम उरूमादला, जिला आदिलाबाद, तेलंगाना के रहने वाले थे. गौरतलब है कि इसी अभियान के दौरान 5 जून 2025 को केंद्रीय समिति सदस्य गौतम उर्फ सुधाकर का शव भी एक AK-47 राइफल के साथ बरामद किया गया था. लगातार मिल रही इन कामयाबियों से सुरक्षाबलों का मनोबल ऊंचा है, वहीं नक्सल संगठनों को गहरा झटका लगा है.

युक्तियुक्तकरण में BEO ने लगाई गलत युक्ति, कमिश्नर ने किया सस्पेंड,जानें क्या है मामला

युक्तियुक्तकरण में BEO ने लगाई गलत युक्ति, कमिश्नर ने किया सस्पेंड,जानें क्या है मामला

 जगदलपुर। बस्तर संभाग के स्कूलों में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गलत जानकारी देने वाले जगदलपुर के विकास खंड शिक्षा अधिकारी एमएस भारद्वाज को कमिश्नर डोमन सिंह ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलंबन आदेश प्रभारी कलेक्टर प्रतीक जैन ने जारी किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जगदलपुर निर्धारित किया गया है।

बता दें कि बस्तर जिले में शैक्षणिक कर्मचारियों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया चल रही है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नगरनार में, कनिष्ठ शिक्षकों को गलत तरीके से वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षकों को कनिष्ठ के रूप में सूचीबद्ध किया गया। इसके अलावा सेजेस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद, जगदलपुर (हिन्दी माध्यम), जो कि ई-संवर्ग का स्कूल है, को गलत तरीके से टी-संवर्ग और ई-संवर्ग दोनों में रिक्त पदों की जानकारी दी गई।

युक्तियुक्तकरण के लिए ब्लॉक-स्तरीय जानकारी में वरिष्ठता निर्धारण में भारी गलतियां और स्वीकृत एवं रिक्त पदों की असंगत जानकारी जिला समिति को दी गई। बीईओ एम.एस. भारद्वाज की कार्रवाई को राज्य शासन के दिशा-निर्देशों और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन मानकर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में आवास क्रांति का नया इतिहास….. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अब तक 9,41,595 आवासों की स्वीकृति

छत्तीसगढ़ में आवास क्रांति का नया इतिहास….. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अब तक 9,41,595 आवासों की स्वीकृति

 रायपुर -  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में इन दोनों ग्रामीण विकास एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में चल रही ग्रामीण आवास क्रांति का ही यह परिणाम है कि अब  गांवों में विशेषकर पिछड़े और गरीब तबके की बस्तियों में मिट्टी के जीर्णशीर्ण घरों और बांस-बल्ली के सहारे टिकी घास-फूंस की झोपड़ी की जगह अब साफ-सुथरे पक्के मकान बने हुए अथवा बनते दिखाई देने लगे हैं। राज्य के मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर वनांचल का कोई ऐसा गांव अथवा मजरा- टोला नहीं, जहां 8-10 पक्के घर, प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए हाल- फिलहाल में न बने हों। यह योजना न केवल लाखों गरीब परिवारों को छत दे रही है, बल्कि रोजगार, व्यापार और उद्योगों को भी गति प्रदान कर रही है। इससे सीमेंट, ईट, सरिया और निर्माण सामग्री से जुड़े व्यवसाय में तेजी आयी है। यह जनकल्याण और आर्थिक विकास का एक संतुलित मॉडल है। छत्तीसगढ़ राज्य को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए कुल 11,50,315 ग्रामीण आवासों का लक्ष्य प्रदान किया गया है, जिसमें से अब तक 9,41,595 आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है।  केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ प्रवास  दौरान राज्य को अतिरिक्त 3 लाख आवासों की स्वीकृति देने से यह प्रयास और भी व्यापक हो गया है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी ग्रामीण आवासीय पहल है।

‘मोर दुवार-साय सरकार’ से मिल रहा घर

छत्तीसगढ़ सरकार एक अभिनव अभियान मोर दुवार-साय सरकार के माध्यम से गरीब, वंचित और आवासहीन परिवारों के यहां दस्तक देकर उन्हें सम्मान के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर का अधिकार देने में जुटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर के घाटपदमपुर ग्राम से इस अभियान की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री आवास योजना का तेजी से और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बात को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री का पद संभालने के दूसरे दिन ही कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख परिवारों को आवास की स्वीकृति प्रदान कर स्पष्ट कर दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास देने के अपने संकल्प को पूरा कर रही है। राज्य सरकार समाज के सभी वर्ग के पात्र परिवारों के साथ-साथ बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, अबूझमाड़िया एवं बिरहोर विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध करा रही है। महासमुंद जिले के धनसुली गांव की कमार बस्ती में 15 से अधिक कमार परिवारों को पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इससे इन जनजातीय परिवारों के जीवन में स्थायित्व आया है और वे शासन की अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं।

नक्सल पीड़ितों के लिए 15,000 विशेष आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना के अतिरिक्त, राज्य में जरूरत मंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है। राज्य सरकार की विशष पहल पर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ितों परिवारों के लिए 15,000 विशेष आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनका निर्माण कराया जा रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए 42,326 आवास के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब तक 27,778 आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसमें से 6,482 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। नियद-नेल्ला-नार योजना के अंतर्गत अब तक 477 आवास पूर्ण कराए गए हैं।

तीन चरणों में चलाया आवास अभियान

राज्य सरकार इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और संकल्पित है। छत्तीसगढ़ सरकार का मोर दुवार-साय सरकार अभियान 30 अप्रैल तक तीन चरणों में चलाया, जिसमें पात्र हितग्राहियों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना और ग्राम सभाओं के माध्यम से सूची का वाचन और शत-प्रतिशत पात्र परिवारों का कवरेज सुनिश्चित करने के साथ ही सर्वेक्षण पूर्ण करने वाले कर्मियों का सार्वजनिक सम्मान किया गया। इस अभियान को जन अभियान का स्वरूप देने के लिए जनप्रतिनिधियों, जनसेवियों और स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। पीएम आवास पंचायत एम्बेसडर के रूप में नामित व्यक्तियों द्वारा भी लोगों को प्रेरित किया गया। गृह पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता एवं जानकारी की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की गई। मोर दुवार- साय सरकार महाअभियान शासन की संवेदनशीलता, नीति की पारदर्शिता और जनता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह अभियान केवल योजना की सफलता नहीं, बल्कि एक मजबूत, सशक्त और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

महतारी वंदन योजना: विष्णु सरकार का वंदनीय प्रयास…. महिलाओं की आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही सरकार

महतारी वंदन योजना: विष्णु सरकार का वंदनीय प्रयास…. महिलाओं की आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही सरकार

 रायपुर :-  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की महिलाओं की आत्मनिर्भरता एवं स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। महिलाओं के स्वाभिमान और सम्मान के प्रतीक के रूप में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की है। इससे महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास जगा है और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। महिलाएं घर-परिवार की देखभाल, प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अपनी छोटी-मोटी बचत का उपयोग ज्यादातर परिवार और बच्चों के पोषण में खर्च करती हैं। इसके बावजूद भी आर्थिक मामलों में उनकी सहभागिता अभी भी बहुत कम है। इसे देखते हुए राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक सहभागिता बढ़ाने के लिए काम कर रही है। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महीने की पहली तारीख को क्लिक कर प्रदेश की 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि जो अंतरित करते हैं। यह राशि पहली तारीख को इसलिए दी जाती है क्योंकि यह दिन नये महीने की बजट की शुरुआत का होता है। यह अतिरिक्त राशि गृहिणी के खाते में जुड़ती है और स्वाभाविक रूप से इसे खर्च करने का पूरा विवेक उसका होता है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं भी अपने प्रदेश के चहुंमुखी और तेज विकास में पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुई हैं। घर-परिवार की देखभाल में तो महिलाएं अव्वल हैं ही,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पर्यवेक्षक, महिला समूह सहित अनेक रूपों में महिलाएं राज्य के भविष्य नन्हें-मुन्हें बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल के साथ उन्हें प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने का काम कर रही हैं।

हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हमेशा राज्य के विकास में महिलाओं की भूमिका की सराहना की है। वे महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के पक्षधर हैं। उन्होंने महिलाओं की काबिलियत को समझा और उन्हें हर क्षेत्र में आगे आने का मौका दिया है। उनके नेतृत्व में प्रदेश में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। वैसे तो पहले से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बराबर हिस्सेदारी रही है। खेती-किसानी के कार्यों में यहां की महिलाएं निपुण हैं ही, अब महिलाएं सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर उद्यम एवं व्यवसाय भी तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। प्रदेश में राशन दुकान, कपड़ा दुकान, सिलाई दुकान, श्रृंगार दुकान, होटल, थोक में बड़ी, पापड़, अचार और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की बिक्री तथा ब्यूटी पार्लर जैसे लाभकारी व्यवसाय उनके लिए आत्मनिर्भरता की सीढ़ी बन चुके हैं। छत्तीसगढ़ में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के संचालन और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने का कार्य भी महिलाओं को ही दिया गया है। प्रदेश के  आंगनबाड़ी केन्द्रों और मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए नाश्ता और गर्म पके हुए भोजन तैयार करने का काम भी महिला समूह की महिलाएं कर रही हैं। राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत सीटों में आरक्षण प्रदान कर प्रदेश के विकास में उनकी भूमिका सुनिश्चित कर दी है। कुपोषण मुक्ति अभियान में महिलाओं की सक्रियता से ही आज राज्य में कुपोषण दर में लगातार कमी आ रही है।

16 महीने में दिए 10433.64 करोड़ रुपए

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आज दो तारीख को माह जून 2025 की सोलहवीं किश्त का भुगतान जारी कर दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश की 69.30 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 648.24 करोड़ रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। अब तक लगातार 16 माहों में 10433.64 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की महिलाओं को प्रदाय की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

मुश्किल वक्त का बनी सहारा

प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें हर तरह से सबल एवं सक्षम बनाने हेतु शुरू की गई महतारी वंदन योजना राज्य के महिलाओं के लिए हर तरह से उपयोगी एवं अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रही है। राज्य की महिलाएं इस योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग इलाज, घरेलु कार्य एवं अन्य जरूरी कार्यों के लिए करने के साथ-साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलाने में भी कर रहीं है। राज्य शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना बालोद जिले के आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खलारी की ग्रामीण महिला मंजूलता एवं ग्राम बनगांव निवासी सविता टेकाम के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बन गई है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत इन दोनों महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग उनके बच्चों के उच्च शिक्षा के अध्ययन के लिए शुल्क जमा करने में मददगार साबित होकर यह योजना उनके बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दिलाने की दिशा में संजीवनी साबित हो रहा है। इन दोनों महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है। इसी तरह राज्य शासन की इस योजना की सराहना डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम बनगांव सविता टेकाम ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों पढ़ाई-लिखाई के लिए सहारा बन कर मेरे एवं मेरे परिवार के सपनों को पंख देने एवं संबल प्रदान करने का कार्य कर रहा है। इस योजना से मिले राशि का उपयोग अपनी पुत्री कुमारी सुधा टेकाम के हेल्थ केयर प्रशिक्षण के शुल्क जमा करने में किया है। इस तरह से यह योजना मेेरी पुत्री सुधा के पढ़ाई-लिखाई के लिए वरदान साबित होकर उनके सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कैबिनेट विस्तार इसी महीने ! चार मंत्री ले सकते हैं शपथ, 13 से 15 जून के बीच हो सकता है शपथ

कैबिनेट विस्तार इसी महीने ! चार मंत्री ले सकते हैं शपथ, 13 से 15 जून के बीच हो सकता है शपथ

 रायपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट के विस्तार की अटकलेंं एक बार फिर तेज है। सब कुछ ठीक रहा, तो इसी महीने कैबिनेट विस्तार हो सकता है। खबरें मिल रही है कि हरियाणा पैटर्न पर ही छत्तीसगढ़ में कैबिनेट का विस्तार होगा, यानी कैबिनेट में 12 की जगह 13 मंत्री होंगे। लेकिन, सूत्र चार मंत्रियों के शपथ ग्रहण का दावा कर रहे हैं। अगर चार मंत्री शपथ लेते हैं, तो जाहिर है मौजूदा मंत्रिमंडल में से किसी एक को ड्राप करना होगा? लेकिन मंत्रिमंडल से बाहर होने वाला चेहरा कौन होगा? इस पर सस्पेंस बना हुआ है।

15 जून तक हो सकता है शपथ

जानकारी के मुताबिक 15 जून तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो जायेगा। 13 से 15 जून के बीच शपथ ग्रहण की तारीख हो सकती है। 13 जून को राज्यपाल वापस रायपुर लौटेंगे। उसके बाद शपथ ग्रहण राजभवन में हो सकता है। अगर संभावित मंत्रियों की बात करें तो अमर अग्रवाल को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी तय है।

चार मंत्री ले सकते हैं शपथ

इसके अलावे बस्तर को मजबूत करने के लिए लता उसेंडी को मंत्रिमंडल में जगह दिया जा सकता है। अभी लता उसेंडी बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष है। लता उसेंडी पहले भी मंत्री पद की दावेदारों में रही थी, लेकिन सरकार गठन की फाइनल लिस्ट में लता उसेंडी का नाम नहीं था। दुर्ग संभाग से गजेंद्र यादव का नाम इस बार भी मंत्री की लिस्ट में देखा जा रहा है। गजेंद्र यादव पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर आये हैं। वहीं उत्कल समाज के प्रतिनिधि के तौर पर रायपुर संभाग से पुरंदर मिश्रा को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

किसे किया जायेगा ड्राप?

लेकिन अगर चार मंत्रियों का शपथ हुआ, तो फिर किस एक मंत्री को ड्राप किया जायेगा? इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह से साफ तो नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि सरगुजा से किसी मंत्री को ड्राप किया जा सकता है। सरगुजा से एक मंत्री घटाकर, बस्तर में प्रतिनिधित्व बढ़ाया जायेगा। फिलहाल अटकलें तेज है, लेकिन दावा यही किया जा रहा है कि इस बार मंत्रियों का शपथ जून महीने में ही हो जायेगा।