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शिक्षक की मौत : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई कार, घायल शिक्षक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम……

शिक्षक की मौत : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई कार, घायल शिक्षक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम……

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में एक युवक और एक शिक्षक की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों घटनाएं कटघोरा थाना क्षेत्र की है। एक घटना में कार सवार शिक्षक की मौत हो गई। वहीँ दूसरी घटना में बाइक सवार युवक की एक्सीडेंट में जान चले गई।

पहली घटना

कटघोरा थाना क्षेत्र के सीताराम चौक के चकचकवा पहाड़ के पास की है। बताया जा रहा है कि ऐतमा नगर निवासी 25 वर्षीय शिपाल पोर्ते बाइक पर सवार होकर काम से निकला था। इसी बीच चकचकवा पहाड़ के पास सड़क पर गिट्टी-मिट्टी के ढेर की वहज से उसकी बाइक टकरा गई और अनियंत्रित होकर गिर गया। घटना में युवक के सिर, हाथ, पैर में गंभीर चोट लगी। राहगीरों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उपचार के दौरान डाॅक्टरों ने उसके मौत की पुष्टि की।

दूसरी घटना

पोड़ी उपरोड़ा निवासी शिक्षक जय पांडेय वैगनआर कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बरपाली के पास उनकी तेज रफ़्तार कार अंधेरे की वजह से अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गए, वहीं शिक्षक जय पांडेय को गंभीर हालत में उपचार के लिए सामुदायिक केंद्र कटघोरा लाया गया, जहां से उन्हें कोरबा रेफर किया गया था। अस्पताल में उपचार के दौरान डाॅक्टरों ने शिक्षक को मृत घोषित कर दिया।

अलग-अलग क्षेत्रों में हुई दो घटनाओं में दो लोगों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, ग्रामीणों ने सड़कों पर लाइट बंद और जगह जगह मलबा होने को लेकर आक्रोश जताया है।

CG : बड़ी संख्या में प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के तबादले, एसपी ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट

CG : बड़ी संख्या में प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के तबादले, एसपी ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट

 गरियाबंद।  जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश जारी किया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए इस फेरबदल में इकाई में पदस्थ प्रआर./आर. को आगामी आदेश पर्यंत उनके नाम के सम्मुख दर्शित नवीन पदस्थापना पर अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर पदस्थ किया गया है और उन्हें शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग के इस निर्णय को कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

CG : भिलाई स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिरने से ठेका मजदूर की दर्दनाक मौत

CG : भिलाई स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिरने से ठेका मजदूर की दर्दनाक मौत

 दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-4 में शुक्रवार को ठेका मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। खोमलाल वर्मा (49), निवासी पहंडोर (पाटन), करीब 30 फीट ऊंचाई पर काम कर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगडऩे से नीचे गिर पड़े। सहकर्मियों ने तत्काल उन्हें बीएसपी के मेन मेडिकल पोस्ट पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सेक्टर-नौ अस्पताल रेफर किया गया।

अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मजदूर की हालत गंभीर बनी रही और देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गिरने से उनके पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। घटना के बाद शव को अस्पताल की मरच्यूरी में रख दिया गया है।

इससे पहले नवंबर 2025 में भी देवेंद्र चंद्राकर की इसी तरह काम के दौरान गिरने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सुरक्षा मानकों के पालन में कहीं न कहीं कमी रह जा रही है।

ठेका श्रमिकों की सुरक्षा पर फोकस जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचाई पर काम करते समय सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होता है। इसके साथ ही सुपरवाइजर की मौजूदगी और सुरक्षित कार्य प्रक्रिया (एसडब्ल्यूपी) का सख्ती से पालन जरूरी है। मौजूदा हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन सभी नियमों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था।

मजदूर संगठनों और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था, तो हादसा कैसे हुआ। वहीं, यदि लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेका एजेंसी पर कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच के बाद तय होगी जवाबदेही

प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है और क्या इस बार जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं। लगातार हो रहे हादसों के बीच श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

 
CG : 12 साल बाद मिला PF, हाईकोर्ट ने दिया 8% ब्याज सहित भुगतान के आदेश

CG : 12 साल बाद मिला PF, हाईकोर्ट ने दिया 8% ब्याज सहित भुगतान के आदेश

 CG News : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में देरी को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी को भविष्य निधि यानी पीएफ की देरी से हुई भुगतान राशि पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाए।

मामले में याचिकाकर्ता जगन्नाथ सिंह वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उनके पीएफ की कुल राशि में से करीब 1 लाख 55 हजार रुपए 12 साल बाद 24 जनवरी 2023 को जारी किए गए। यह देरी विभागीय पासबुक में एंट्री नहीं होने के कारण हुई, जिसे कोर्ट ने प्रशासनिक चूक माना।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ कर्मचारी का अधिकार हैं, कोई उपहार नहीं। कोर्ट ने अक्टूबर 2011 से जनवरी 2023 तक की अवधि के लिए 8 प्रतिशत ब्याज देने और चार महीने के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए।

CG : सिहावा पहाड़ी पर मिली अधेड़ की लाश, मचा हड़कंप, जताई जा रही यह आशंका

CG : सिहावा पहाड़ी पर मिली अधेड़ की लाश, मचा हड़कंप, जताई जा रही यह आशंका

 धमतरी।  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी सिहावा पहाड़ी पर लाश मिलने से हड़कंप मचा हुआ है, बताया जा रहा यहां सिहावा थाना क्षेत्र में सिहावा पहाड़ी पर एक अधेड़ व्यक्ति का विघटित शव पड़ा हुआ मिला है, इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी है, फिलहाल मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय ग्रामीण किसी काम से पहाड़ी के तरफ गए हुए थे, इस दौरान उन्हें बदबू आने लगा,जब पास जाकर देखें तो लाश को पड़ा हुआ देख लोग हैरान रह गए, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई, मामले में पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक लाश कुछ दिन पुरानी है जिसकी पहचान केरेगांव थाना इलाके दरगहन निवासी जगन्नाथ पिता मयाराम साहू उम्र 49 वर्ष के रूप में हुई है, बताया जा रहा है मृतक बीते 13 जनवरी से मॉर्निंग वॉक पर जा रहा हूं बोलकर निकले थे, लेकिन घर वापस नहीं लौटे इस दौरान परिजनों ने अपने स्तर पर तलाश शुरू की लेकिन फिर उसका कहीं पता चला ऐसे में परेशान परिजनों ने केरेगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

जिसके बाद पुलिस मृतक की लगातार तलाश कर रही थी,जिसका शव आज सिहावा पहाड़ी पर मिला है, पुलिस के मुताबिक मौके पर 505 कीटनाशक की बोतल पड़ा हुआ मिला है, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह उसी का सेवन सुसाईड किया होगा, इस घटना ने अपने पीछे कई सवाल खड़े कर दिए है?मृतक घर से टहलने निकला था तो यहां इतने दूर क्या अकेले आया था या फिर किसी के साथ? ये अभी जांच का विषय है,फिलहाल पुलिस ने मामले की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है।

कत्थक नृत्यांगना सुश्री निधि टंडन संस्कृति मंत्री के हाथों हुए सम्मानित

कत्थक नृत्यांगना सुश्री निधि टंडन संस्कृति मंत्री के हाथों हुए सम्मानित

 रायपुर :- कुंवरगढ़ महोत्सव धरसीवां में आज भिलाई के बेटी सुश्री निधि टंडन जी ने कथक नृत्य में भगवान रामचंद्र एवं केवटराज के कथा को कत्थक नृत्य के साथ प्रतुति किए हजारों दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल माननीय विधायक  अनुज शर्मा, सौरभ साहब डॉ राजेंद्र रंगीला मिलन रंगीला विख्यात कलाकारों सहित अनेक जनप्रतिनिधि हजारों  के तादाद में दर्शक मौजूद रहे !

‘मोर गांव मोर पानी महाभियान’ से जन-जन जुड़ा, दुर्ग बना जल संरक्षण का मॉडल….

‘मोर गांव मोर पानी महाभियान’ से जन-जन जुड़ा, दुर्ग बना जल संरक्षण का मॉडल….

 रायपुर: दुर्ग जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश ही नहीं, देश के लिए भी एक मिसाल पेश की है। कलेक्टर  अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाभियान” अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित आवासों में मात्र 15 दिनों के भीतर 32,058 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कर जिले ने एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नेतृत्व में यह अभियान सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ाया गया। “एकेच गोठ, एकेच बानी, बूंद-बूंद बचाबो पानी 2.0” थीम के साथ 13 मार्च 2025 को इसकी शुरुआत हुई। अभियान के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों के घरों में मात्र दो घंटे के भीतर 1,764 सोक पिट का निर्माण कर गोल्डन बुक में नाम दर्ज कराया गया। यह उपलब्धि अपने आप में प्रशासनिक समन्वय और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनी।

द्वितीय चरण में 08 दिसंबर को 12,418 सोक पिट का निर्माण किया गया, जिससे कुल 14,182 सोक पिट स्वप्रेरणा से तैयार हुए। इसके साथ ही “मोर गांव मोर पानी” अभियान के अंतर्गत 23,889 कंटूर ट्रेंच एवं वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण भी पूर्ण किया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से इन कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 32,058 जल संरक्षण संरचनाओं की एंट्री पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है।

दुर्ग बना जल संरक्षण का मॉडल

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान किया। यही कारण है कि यह पहल केवल एक सरकारी योजना तक सीमित न रहकर जन आंदोलन के रूप में स्थापित हो गई है। प्रत्येक प्रधानमंत्री आवास में निर्मित रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं न केवल वर्तमान जल आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि भविष्य की जल सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही हैं।

अभियान के तहत विभिन्न प्रकार की जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इनमें कम लागत के 24 कार्य, 15 बोरवेल रिचार्ज, 03 चेकडैम, 5,875 कंटूर ट्रेंच, 07 गली प्लग, 03 नाला बंड, 18 ओपन वेल रिचार्ज (डगवेल), 07 परक्यूलेशन तालाब, 537 रिचार्ज पिट, 05 रिचार्ज शाफ्ट, 817 रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं, 6,676 सोक पिट, 09 टैंक, 48 ग्राम तालाब तथा 18,014 वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच शामिल हैं।

इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर भूजल स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाकर इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि “हर घर जल संचय” का लक्ष्य साकार हो सके।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से गांव-शहर की दूरी हुई कम, दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में पहुंच रही बस, सफर हुआ आसान…..

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से गांव-शहर की दूरी हुई कम, दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में पहुंच रही बस, सफर हुआ आसान…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ने ग्रामीण अंचलों में परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित बस सेवा योजना अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय गांवों को जिला एवं विकासखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली 4 नई बस सेवाओं की शुरुआत की गई है।

पहले कई गांव ऐसे थे जहाँ नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं थी। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए लंबी दूरी, पैदल या महंगे निजी साधनों से तय करनी पड़ती थी। किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई होती थी। लेकिन बस सेवाओं के संचालन से ग्रामीणों को सुरक्षित, सुलभ परिवहन सुविधा मिल रही है। विद्यार्थी अब समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंच पा रहे हैं। किसान अपनी उपज सीधे बाजार तक ले जा पा रहे हैं। श्रमिकों और व्यापारियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। राजपुर, रामानुजगंज, शंकरगढ़, वाड्रफनगर के अनेक गांव अब सीधे बस सेवा से जुड़ गए हैं। इससे ग्रामीणों के समय की बचत हो रही है।

दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में पहुंच रही बस, सफर हुआ आसान

रामानुजगंज से मर्मा जा रही नगोई बाई अपने पुराने दिनों को साझा करते हुए बताती है कि पहले कही जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था या महंगे साधन लेना पड़ता था। अब बस सेवा से परिवहन करना आसान हो गया है। राजपुर से नरसिंहपुर जा रही महिला श्यामा ने कहा कि अब अस्पताल, बाजार या अन्य जरूरी कामों के लिए हमें किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। बस सेवा से हमारी जिंदगी काफी आसान हो गई है।

रामानुजगंज से लोधा जा रहे दशरथ मरावी का कहना है कि पहले परिवहन सुविधा न होने के कारण गांव से बाहर जाने में परेशानी होती थी। लेकिन अब बस संचालन से हम आसानी से विकासखण्ड एवं जिला मुख्यालय तक पहुंच जाते हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। योजना के माध्यम से उन्हें निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो गई है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत जिले में 4 बस सेवाएं प्रदान की गई है। सुदूर वंनांचलों में रहने वाले लोगों के आवागमन सुविधा से सहुलियत मिल रही है। इसके लिए जिले में 4 मार्गों का चयन किया गया है। जिसके अंतर्गत राजपुर से नरसिंहपुर (व्हाया, राजपुर, परसागुड़ी, चिलमा कला, नरसिंहपुर)।

दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में पहुंच रही बस, सफर हुआ आसान

इसी प्रकार रामानुजगंज से भीतरचुरा (व्हाया रामचन्द्रपुर, बाहरचुरा, चरगढ़, चेरवाडीह, भीतरचुरा) एवं शंकरगढ़ से पटना (व्हाया पटना, जगिमा, डीपाडीहखुर्द, हरगावां, घुघरीखुर्द, चलगली, शंकरगढ़) तथा रामानुजगंज से वाड्रफनगर (व्हाया छतवा, लोधा, डाटम, बाहरचुरा, विमलापुर, डिण्डो, सलवाही, कसरईया, गोबरा, फुलीडुमर) में बस परिवहन सेवा शुरू की गई। ग्रामीण बस सेवा शुरू होने से यात्रा करने वाले ग्रामीणों को अब अधिक सुगम, सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ने गांव और शहर के बीच की दूरी कम कर सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। जो समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है और ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को नई गति मिल रही है और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना अंतर्गत ग्रामीण परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ होने से गांव और शहर के बीच की दूरी कम हुई है और लोगों का जीवन आसान हुआ है।

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा के साथ बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा के साथ बारिश के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज आने वाले दिनों में बदलने वाला है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे मौसम सुहावना तो होगा लेकिन सतर्कता भी जरूरी रहेगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। खासकर मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में वृद्धि होने के संकेत हैं। इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है।

बीते 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई है। पेंड्रारोड में सबसे अधिक 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रही।

तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो अपेक्षाकृत ठंडा रहा।

मुख्यमंत्री साय के सुशासन का असर: छत्तीसगढ़ ने खनिज राजस्व में दर्ज की 14% की रिकॉर्ड वृद्धि; ₹16,625 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त

मुख्यमंत्री साय के सुशासन का असर: छत्तीसगढ़ ने खनिज राजस्व में दर्ज की 14% की रिकॉर्ड वृद्धि; ₹16,625 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सुदृढ़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है।

खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में ₹16,625 करोड़ का खनिज राजस्व अर्जित कर लक्ष्य का 98 प्रतिशत प्राप्त किया है, जो सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था का प्रत्यक्ष परिणाम है।यह उपलब्धि न केवल प्रभावी प्रशासनिक रणनीति का परिणाम है, बल्कि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाती है।

 छोटी क्लिनिक से लंदन संसद तक: डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी का सफर बना प्रेरणा

छोटी क्लिनिक से लंदन संसद तक: डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी का सफर बना प्रेरणा

Holistic Medicine Conference 2026 में आमंत्रित, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जाने-माने होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में शामिल होने का अवसर मिला है। यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नीति-निर्माता, संसद सदस्य, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति भी रहेगी।

संघर्ष और सफलता की कहानी

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी का सफर एक छोटी सी क्लिनिक से शुरू होकर आज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। अपने समर्पण और मेहनत के बल पर उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को समाज में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का विश्वास जीता है।


कोरोना काल में सराहनीय योगदान

कोरोना महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं चुनौतीपूर्ण थीं, तब डॉ. त्रिवेदी ने लगातार मरीजों का उपचार किया और होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सेवाओं को समाज में व्यापक सराहना मिली।


अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखेंगे भारत का पक्ष

लंदन में आयोजित इस सम्मेलन में डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभावशीलता और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गौरव का विषय है।


प्रदेश के लिए गर्व का अवसर

डॉ. त्रिवेदी की यह सफलता यह दर्शाती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है।

रायपुर ग्रामीण समेत चार जिलों के एसपी ट्रेनिंग पर रवाना, इन अफसरों को बनाया गया प्रभारी एसपी……

रायपुर ग्रामीण समेत चार जिलों के एसपी ट्रेनिंग पर रवाना, इन अफसरों को बनाया गया प्रभारी एसपी……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर अस्थायी बदलाव किए गए हैं। चार जिलोें के एसपी को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। इनमें रायपुर ग्रामीण, कोंडागांव, जांजगीर-चांपा और गरियाबंद जिला के एसपी शामिल है। यह ट्रेनिंग 6 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगी।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार जांजगीर जिला के एसपी विजय पाण्डेय, कोंण्डागांव एसपी पंकज चंद्रा, गरियाबंद जिला एसपी वेदव्रत सिरमौर, रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता सिंहा का नाम शामिल है।

वहीं, जिन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, उनमें जांजगीर चांपा छसबल में पदस्थ विमल कुमार बैस को जांजगीर चापां जिले का एसपी बनाया गया है।

दुर्ग एसटीएम बघेरा में पदस्थ पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल को कोण्डागांव एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

पुलिस मुख्यालय में एसआईए के पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर को गरियाबंद एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

महासमुंद 20वीं वाहिनी छसबल में पदस्थ मनीषा ठाकुर को रायपुर ग्रामीण एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

देखें लिस्ट…

Weather Update: छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी

Weather Update: छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। अगले 5 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल बरस सकते हैं। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है।

अगले 5 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी या तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक गर्मी थोड़ी बढ़ सकती है। उसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) में तापमान फिलहाल स्थिर बना रहेगा।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई। पेंड्रारोड में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राजनांदगांव में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

00 हेल्पलाइन, मातृ-शिशु देखभाल, सर्पदंश प्रबंधन से लेकर आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे तक-हर स्तर पर मिल रहा लाभ
रायपुर।
सुदूर वनांचल एवं अनुसूचित जिला जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के उद्देश्य से संचालित “आरोग्य जशपुर अभियान” एक व्यापक और प्रभावी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। भौगोलिक चुनौतियों एवं सीमित संसाधनों के बावजूद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक सुव्यवस्थित रोडमैप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुंच रही हैं, बल्कि नवाचारों को राज्य स्तर पर भी सराहना मिल रही है। जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में नियमित रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा भी करते है।

स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन एक कॉल पर स्वास्थ्य सेवाएं -

जिले में शुरू की गई स्वास्थ्य मितान हेल्पलाईन 07763-299030 आमजन के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस निःशुल्क सेवा के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 3180 से अधिक कॉल प्राप्त कर सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें 5 मिनट के भीतर रिस्पांस दिया जाता है और प्रत्येक कॉल पर 1 से 3 फॉलोअप सुनिश्चित किया जाता है। ओला-उबर की तर्ज पर एम्बुलेंस ट्रैकिंग लिंक उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।

पहाड़ी कोरवा हेल्पडेस्कः विशेष पिछड़ी जनजाति तक पहुंच -
पीवीटीजी समुदायों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए बगीचा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष पिछड़ी जनजाति सहायता केन्द्र स्थापित किया गया है। आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित हेल्पडेस्क स्थानीय भाषा में संवाद कर जागरूकता बढ़ा रहा है। इस पहल से 1450 से अधिक मरीजों को ओपीडी, 900 से अधिक को आईपीडी सेवाएं तथा 140 से अधिक सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से दूरस्थ बसाहटों में नियमित स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वस्थ महतारी सबकी जिम्मेदारी मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस -
रिचिंग एवरी डिलीवरी (रेड) कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। अब तक 44,000 से अधिक कॉल के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित की गई है। इससे संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है और उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान एवं उपचार संभव हुआ है।
सर्पदंश प्रबंधनः जीवन बचाने की प्रभावी पहल -
जिले के सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वर्ष में 626 सर्पदंश मामलों में से 616 का सफल उपचार किया गया है। गूगल शीट के माध्यम से केस-टू-केस मॉनिटरिंग, व्हाट्सएप ग्रुप द्वारा विशेषज्ञ परामर्श, तथा स्थानीय बैगा-गुनिया को प्रशिक्षित कर त्वरित अस्पताल भेजने की पहल से मृत्यु दर में कमी आई है।

रक्त उपलब्धता डैशबोर्ड समय पर जीवन रक्षक सुविधा-
जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव, कुनकुरी, बगीचा, फरसाबहार, कांसाबेल और दुलदुला में रक्त भंडारण इकाइयों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही जिला जशपुर के अधिकारिक वेबसाइट एनआईसी पोर्टल पर रियल टाइम डैशबोर्ड विकसित किया गया है। इससे आम जनों को स्वास्थ्य केंद्रों में रक्त की उपलब्धता की सटीक जानकारी मिल रही है, जिससे आपात स्थिति में समय पर उपचार संभव हो पा रहा है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तारः मजबूत हो रहा नेटवर्क -
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कई नई संस्थाओं की स्वीकृति एवं संचालन किया जा रहा है। इनमें 220 बिस्तरीय अस्पताल कुनकुरी, नवीन एमसीएच, 3 नए सीएचसी, 7 नए पीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, एनआरसी, क्रिटिकल केयर ब्लॉक, बीपीएचयू, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। साथ ही 50 सीटों का मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है। आरोग्य जशपुर अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में आई यह व्यापक सुधार न केवल जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यह पहल स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है।

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

 रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार रक्षा और आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाए रखा।दूसरे हॉफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए छत्तीसगढ़ की कप्तान किरण पिस्दा ने एक महत्वपूर्ण गोल किया और 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद टीम ने अपनी इस बढ़त को अंत तक बनाए रखा।
अंततः छत्तीसगढ़ ने झारखंड को 1-0 से हराकर महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार खेल कौशल और टीमवर्क का परिचय दिया।
फाइनल मुकाबला पूरे समय दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी फाइनल मैच में मौजूद थीं।

छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि, नई दरें 1 अप्रैल से लागू

छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि, नई दरें 1 अप्रैल से लागू

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रमायुक्त  हिम शिखर गुप्ता द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नई परिवर्तनशील महंगाई भत्ता और न्यूनतम वेतन की दरें निर्धारित कर दी गई हैं । लेबर ब्यूरो शिमला से प्राप्त जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के मध्य औद्योगिक सूचकांक में हुई 11.28 अंकों की औसत वृद्धि के आधार पर 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 226 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है । 

कृषि नियोजन के श्रमिकों हेतु सूचकांक में 34 अंकों की वृद्धि होने से उनके भत्ते में 170 रुपये प्रतिमाह तथा अगरबत्ती उद्योग के श्रमिकों हेतु 8.53 रुपये प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण के मान से वृद्धि की गई है। यह संशोधित दरें 01 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी होंगी।

नया वेतनमान निर्धारित होने के बाद, 45 अनुसूचित सामान्य नियोजन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन जोन श्अश् के लिए 11,402.00 रुपये, जोन श्बश् के लिए 11,142.00 रुपये और जोन श्सश् के लिए 10,882.00 रुपये तय किया गया है। 
इसी क्रम में अर्द्धकुशल श्रमिकों हेतु वेतन क्रमशः 12,052.00 रुपये (जोन अ), 11,792.00 रुपये (जोन ब) और 11,532.00 रुपये (जोन स) निर्धारित है। कुशल श्रमिकों को जोन ‘अ‘ में 12,832.00 रुपये, श्बश् में 12,572.00 रुपये और श्सश् में 12,312.00 रुपये प्राप्त होंगे, जबकि उच्च कुशल श्रमिकों के लिए यह दरें क्रमशः 13,612.00 रुपये, 13,352.00 रुपये और 13,092.00 रुपये प्रतिमाह होंगी। 

दैनिक वेतन की बात करें तो यह श्रेणी और जोन के अनुसार 419 रुपये से लेकर 524 रुपये के मध्य देय होगा। विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट https://shramevjayate.cg.gov.in/ या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से प्राप्त की जा सकती है

वन विभाग की बड़ी उपलब्धि : बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद

वन विभाग की बड़ी उपलब्धि : बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद

 रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के रामपुर ग्रासलैंड में काले हिरण (ब्लैकबक) की संख्या बढ़ाने के लिए शुरू किया गया प्रयास सफल रहा है। अब यह क्षेत्र फिर से इन सुंदर और दुर्लभ वन्यजीवों की चहल-पहल से जीवंत हो गया है।

वन विभाग की बड़ी उपलब्धि

 


वन मंत्री  केदार कश्यप की मंशा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में काले हिरणों के पुनर्स्थापन का लक्ष्य तय किया गया था। इसी के तहत फरवरी माह के पहले सप्ताह में 30 काले हिरणों को रामपुर ग्रासलैंड में छोडऩे का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे स्वीकृति मिलते ही योजना पर तेजी से काम शुरू किया गया।
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत वैज्ञानिक प्रबंधन के उद्देश्य से अनुमति प्राप्त होने के बाद, वन विभाग की टीम ने विशेषज्ञों की निगरानी में हिरणों को सुरक्षित रूप से उनके नए आवास में छोड़ा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि हिरणों को किसी भी प्रकार का तनाव न हो। मुक्त किए गए काले हिरण अब वहां पहले से मौजूद हिरणों के समूह के साथ सहज रूप से घुल-मिल गए हैं। एक समय प्रदेश से लगभग विलुप्त हो चुके ये हिरण अब फिर से अपने प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व और खुशी की बात है।

 

बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद

 


इस अभियान को मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर सतोविशा समाजदार और वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार  धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसमें बारनवापारा अभयारण्य के अधिकारियों, फील्ड स्टाफ, जीव वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वर्तमान में वन विभाग की टीम इन हिरणों की नियमित निगरानी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक सुधार होगा और जैव विविधता को और मजबूती मिलेगी। यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि योजनाबद्ध प्रयास, विशेषज्ञों की देखरेख और समर्पित टीमवर्क से विलुप्तप्राय वन्यजीवों को फिर से जीवन दिया जा सकता है।

महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले जैन रत्न अलंकरण से सम्मानित

महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले जैन रत्न अलंकरण से सम्मानित

00 दादाबाड़ी में हुए भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में किया गया अभिनंदन
रायपुर।
 दादाबाड़ी तीर्थ में आयोजित भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी अजय मधुकर काले को जैन रत्न अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया गया। काले को यह सम्मान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों प्रदान किया गया। इस अवसर पर समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को भी जैन रत्न अलंकरण से सम्मानित किया गया। समारोह में रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत व समाजसेवी लोकेश कावडिय़ा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

काले को समाजसेवा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। बताते चलें कि 1989 में महाराष्ट्र मंडल की सदस्यता लेने के बाद मंडल के सभी प्रकल्पों और महाराष्ट्र मंडल ट्रस्ट के विभिन्न पदों पर समर्पण भाव से काम किया। उसी का नतीजा है कि सन 2010 से लेकर 2024 तक आठ बार निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वे मंडल के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से लगातार समाजसेवा में जुटे हैं। करीब 69 बार रक्तदान कर चुके अजय काले ने सन् 1985 में ही देहदान और नेत्रदान का फॉर्म भरकर इसकी घोषणा कर दी थी।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और परमार्थ के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अनुकरणीय है। ऐसे आयोजन समाज को जोडऩे, प्रेरित करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कुंवरगढ़ महोत्सव में छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति की धूम, कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक

कुंवरगढ़ महोत्सव में छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति की धूम, कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक

 रायपुर। ऐतिहासिक कुंवरगढ़ महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी लोक कला, संगीत एवं हास्य का मनमोहक संगम देखने को मिला। विभिन्न कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने पूरे पंडाल को तालियों की गडग़ड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा की ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों में उत्साह का संचार किया। इसके पश्चात लोक गायिका गरिमा दिवाकर ने भक्ति एवं लोक संगीत का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। उभरती कलाकार चम्पा निषाद ने भी अपने मधुर गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया।


सांस्कृतिक संध्या में हास्य कलाकार पप्पू चंद्राकर ने अपनी प्रस्तुति से विशेष आकर्षण बटोरा। उन्होंने दैनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों पर हास्य व्यंग्य प्रस्तुत कर दर्शकों को खूब गुदगुदाया।महोत्सव के तीसरे एवं अंतिम दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ख्यातिप्राप्त कलाकार अनुराग शर्मा, छाया चंद्राकर, कंचन जोशी, शैलेश साव एवं रेखा जलक्षत्ररी अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिसे लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह है।


कुंवरगढ़ महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा एवं कला को प्रोत्साहन मिल रहा है तथा बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन से जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, धरसीवां विधायक  अनुज शर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।

यात्रियों को मिलेगी राहत, 20 अप्रैल से पटरी पर दौड़ेगी समर स्पेशल ट्रेन

यात्रियों को मिलेगी राहत, 20 अप्रैल से पटरी पर दौड़ेगी समर स्पेशल ट्रेन

 रायपुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश में ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने इसी माह से प्रमुख शहरों के लिये समर स्पेशल ट्रेन शुरू की घोषणा की है। जिसके चलते लोकमान्य तिलक टर्मिनल (एलटीटी) - सांतरागाछी के मध्य 13 फेरों के लिये 21 अप्रैल से तथा हटिया-एलटीटी-हटिया के मध्य 9 फेरों के लिये 20 अप्रैल से समर स्पेशल पटरी पर दौड़ेगी। रेलवे जनसंपर्क कार्यालय द्वारा दोनों समर स्पेशल ट्रेन के बारे विस्तृत जानकारी दी गई है। 

लोकमान्य तिलक टर्मिनस - सांतरागाछी - लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन (01001/01002) चलाई जा रही है। यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए 21 अप्रैल से 16 जुलाई तक संचालित की जा रही हैं। गाड़ी संख्या 01001 लोकमान्य तिलक टर्मिनस संतरागाछी समर स्पेशल 21 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक 13 फेरों के लिए प्रत्येक मंगलवार को 20:15 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलकर नासिक भुसावल के रास्ते होते हुए 10:15 बजे नागपुर, 1153 बजे गोंदिया, 14:10 बजे दुर्ग, 1450 बजे रायपुर, 1635 बजे बिलासपुर झारसुगुड़ा राउरकेला चक्रधरपुर टाटानगर खड़कपुर होते हुए गुरुवार को सुबह 05:00 बजे सांतरागाछी पहुंचेगी।

 

 
 
 
 
 
 
 

गाड़ी संख्या 01002 सांतरागाछी - लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) समर स्पेशल ट्रेन दिनांक 23 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक 13 फेरों के लिए प्रत्येक गुरुवार दोपहर 15:50 बजे सांतरागाछी से प्रस्थान कर खड़कपुर टाटानगर चक्रधरपुर राउरकेला झारसुगुड़ा होते हुए 3:50 बजे बिलासपुर, 05:35 बजे रायपुर, 6:30 बजे दुर्ग, 08:33 बजे गोंदिया 10:50 बजे नागपुर होते हुए भुसावल, नासिक, कल्याण के रास्ते शुक्रवार को 23.45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) पहुंचेगी।स्टॉपेज : ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, अकोला, बडनेरा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर और खडग़पुर।
कोच: 22 एलएचबी कोच के साथ जिसमें एसी 2-टीयर के दो कोच, एसी 3-टीयर इकोनॉमी के 10 कोच, स्लीपर क्लास के 04 कोच, और सामान्य द्वितीय श्रेणी के 04 कोच और दो पावर कार रहेगी। 

 

इसी प्रकार से हटिया-एलटीटी-हटिया के मध्य 9-9 फेरों के लिए समर स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। गाड़ी संख्या 08609 हटिया-एलटीटी स्पेशल ट्रेन हटिया से 20 अप्रैल से 15 जून तक प्रत्येक सोमवार को 9 फेरे के लिए चलेगी 7 इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08610 एलटीटी-हटिया होली स्पेशल ट्रेन एलटीटी से 22 अप्रैल से 17 जून प्रत्येक बुधवार को 9 फेरे के लिए चलेगी।
गाड़ी संख्या 08609 हटिया-एलटीटी समर स्पेशल ट्रेन हटिया से सोमवार को शाम 16.20 बजे रवाना होगी तथा मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये दूसरे दिन मंगलवार को बिलासपुर में आगमन 01.15 बजे, प्रस्थान 01.25 बजे, रायपुर आगमन 02.55 बजे, प्रस्थान 03.00 बजे, दुर्ग आगमन 03.55 बजे, प्रस्थान 04.00 बजे, गोंदिया आगमन 05.48 बजे, प्रस्थान 05.50 बजे तथा बुधवार को 00.40 बजे एलटीटी स्टेशन पहुंचेगी।

गाड़ी संख्या 08610 एलटीटी-हटिया स्पेशल ट्रेन एलटीटी से बुधवार को 05.00 बजे रवाना होगी तथा मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये दूसरे दिन गुरुवार को गोंदिया स्टेशन आगमन 03.08 बजे, प्रस्थान 03.10 बजे, दुर्ग आगमन 05.20 बजे, प्रस्थान 05.25 बजे, रायपुर आगमन 06.00 बजे, प्रस्थान 06.05 बजे, बिलासपुर में आगमन 07.45 बजे, प्रस्थान 08.00 तथा 18.00 बजे हटिया स्टेशन पहुंचेगी ।
कोच: इन स्पेशल ट्रेनों में 01 एसएलआरडी, 04 जनरल, 06 स्लीपर, 07 एसी-ढ्ढढ्ढढ्ढ, 02 एसी-ढ्ढढ्ढ, 01 एसी द्य, तथा 01 जनरेटर कार सहित कुल 22 कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी ।

 

 
 
 
 
 
 
 

स्टॉपेज :- रास्ते में ये गाडियाँ दोनों दिशाओं में राऊरकेला, झारसुगुड़ा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया नागपुर, वर्धा, बडनेरा, अकोला, शेगांव, मलकापुर, भुसावल, पचोरा, चालीसगाँव, मनमाड, नासिक रोड, इगतपुरी, कल्याण, ठाणे स्टेशनों पर रुकेगी।

 

जग्गी हत्याकांड : अमित जोगी को बड़ा झटका, तीन हफ्ते में करना होगा सरेंडर, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

जग्गी हत्याकांड : अमित जोगी को बड़ा झटका, तीन हफ्ते में करना होगा सरेंडर, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी करार दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच ने यह अहम फैसला सुनाया है।

इससे पहले कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस पूरे मामले को हाईकोर्ट में रीओपन किया गया। मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई ने कोर्ट में 11 हजार पन्नों की रिपोर्ट पेश की थी। इसी विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर अमित जोगी पर भी चार्ज लगाए गए थे और आज अंतिम सुनवाई के बाद उन्हें दोषी माना गया है। अब उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करना होगा, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मामले की सुनवाई के दौरान स्व. रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता की हत्या एक राजनीतिक साजिश थी। सीबीआई ने 11 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें हत्या से जुड़े पर्याप्त सबूत शामिल हैं। इधर हाईकोर्ट के फैसले पर अमित जोगी ने कहा कि कोर्ट ने बिना पूरी सुनवाई का मौका दिए उन्हें दोषी करार दिया, जो उनके लिए अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है।

2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या

4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया।

जानिए कौन थे रामावतार जग्गी

कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था।

ये पाए गए थे दोषी 

जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।

छत्तीसगढ़ को मिली 15वें वित्त आयोग की 404 करोड़ की राशि, नगरीय निकायों में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

छत्तीसगढ़ को मिली 15वें वित्त आयोग की 404 करोड़ की राशि, नगरीय निकायों में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

 रायपुर. वित्तीय वर्ष के आखिरी 48 घंटों में छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने एक शानदार रिकॉर्ड कायम किया है. विभाग ने मिशन मोड में काम करते हुए राज्य के नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग की 404.66 करोड़ रुपये की बड़ी राशि प्राप्त कर दिखाया.

दरअसल, लगातार प्रयासों से वित्तीय वर्ष खत्म होने के ठीक पहले 30 मार्च 2026 को भारत सरकार से 202.33 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुई. उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग द्वारा सभी निकायों को तुरंत राशि अंतरित की गई, और अगली किश्त की पात्रता के लिए GTC तैयार कर त्वरित मांग प्रस्तुत किया गया. नियमानुसार ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट समय सीमा में प्रस्तुत होने से केंद्र से अगले किस्त की राशि की पात्रता प्राप्त कर ली गई और कुछ ही घंटों में राशि भी प्राप्त हो गई.

​महज 24 घंटे में हुआ पूरा प्रोसेस

मात्र एक दिन के भीतर कोषालय ट्रेजरी से राशि निकाली गई, निकायों को ट्रांसफर की गई और ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट’ GTC तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया.

​तुरंत मिली दूसरी किश्त

इस त्वरित कार्रवाई और केंद्र सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ बेहतरीन समन्वय का नतीजा यह रहा कि बिना समय गंवाए 202.33 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी तुरंत मंजूर हो गई. ​इस प्रकार मान उप मुख्यमत्री जी के लगातार मानिटरिंग एवम केंद्र से बेहतर समन्वय से कुल 404.66 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए प्राप्त कर ली गई. इस फंड के आने से अब प्रदेश के नगरीय निकायों में विकास कार्यों, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को एक नई रफ्तार मिलेगी.

जहां कभी नक्सलवाद का था बोलबाला, वहां अब खेलो का हो रहा उदय

जहां कभी नक्सलवाद का था बोलबाला, वहां अब खेलो का हो रहा उदय

खेल उस क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आया, जिसकी पहचान कभी संघर्ष से होती थी': युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे

खडसे ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के दौरान जगदलपुर का दौरा किया और 2500 से अधिक आदिवासी एथलीटों को 'भविष्य का ओलंपियन' बताया

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में अस्मिता लीग के पूर्व छात्रों ने हॉकी, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल और तैराकी में पदकों पर अपना दबदबा बनाया

रायपुर- युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के दौरान बुधवार को रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां के माहौल को ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर बताया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एथलीटों, स्थानीय समुदाय और इस क्षेत्र के लोगों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है।

खेल उस क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आया, जिसकी पहचान कभी संघर्ष से होती थी': युवा मामले और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,500 से ज्यादा एथलीट अलग-अलग खेलों में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे हैं। खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए एक मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह खेल एक नई उम्मीद हैं और यह संकेत कि उनकी काबिलियत को पहचाना जा रहा है और उस पर सबसे ऊंचे स्तर पर निवेश किया जा रहा है।

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री ने कहा, '' एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, और यहां के लोगों को एक पिछड़ा समुदाय माना जाता था। आज, मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा खुल रही है। नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है और खेल के माध्यम से, इस धरती के युवा अब अपनी ऊर्जा और क्षमता को सामने ला सकते हैं और देश के लिए खेल सकते हैं।''

खेल राज्य मंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 को एक ऐतिहासिक पहल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, गृह मंत्री  अमित शाह (जिन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की है), कैबिनेट मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और पूरी साई टीम को दिया। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इन खेलों में हिस्सा लेने वाले कई एथलीट आगे चलकर ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पदक जीतेंगे।

युवा मामले और खेल राज्य मंत्री, रक्षा खडसे ने 'अस्मिता लीग' के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। इस लीग को 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के उस विज़न के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में लाना और उन्हें एक पहचान व अवसर प्रदान करना है।

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री, रक्षा खडसे ने कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में, नतीजे ज़बरदस्त रहे हैं। हॉकी, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां ‘अस्मिता लीग’ खेल चुकी हैं और पदक जीत चुकी हैं। इनमें अंजली मुंडा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी शामिल हैं। तैराकी में जीते गए सभी पांचों स्वर्ण पदक भी ‘अस्मिता लीग’ की खिलाड़ियों ने ही हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, '' हमारा प्रयास जारी है कि हम ‘अस्मिता लीग’ को और भी निचले स्तर तक यानी के गांवों तक ले जाएं ताकि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे।''

एक दूसरे राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर - राज्यपाल डेका

एक दूसरे राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर - राज्यपाल डेका

140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान - मुख्यमंत्री साय

लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस

रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि यह अवसर इन राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाना है जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है। 

राज्यपाल  रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज लोकभवन में 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे। 

एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह मेंa राज्यपाल  डेका ने मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन दीव, बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

राज्यपाल ने मिजोरम और अरूणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संुदरता और जनजातीय संस्कृति, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव की पर्यटन एवं औद्योगिक विशेषताओं, बिहार के लोगों का अर्थव्यवस्था एवं विकास में योगदान,  ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत, राजस्थान के लोगों के व्यापारिक उन्नति और शौर्य परंपरा तथा ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत समानताएं हैं। राज्यपाल  डेका ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है। भाषा, वेशभूषा, खान-पान में भले ही हम अलग अलग है लेकिन अनेकता में एकता हमारी देश की विशेषता हैं। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम इसी भावना को दर्शाता है। 

छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी बेटी के संबंध, राजस्थान के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं उद्योग की उन्नति में योगदान सहित अन्य राज्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत हम लोग विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं।  

समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार  भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राज्यपाल ने उनका सम्मान किया। इसी तरह राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू ने देहदान का निर्णय लिया है, जिसकी सराहना करते हुए  डेका ने उन्हें भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विधायक  पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक…..

पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक…..

रायपुर: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए पुरुष हॉकी फाइनल मुकाबले में ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच की शुरुआत में झारखंड ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पहले क्वार्टर में 1-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, दूसरे क्वार्टर में ओडिशा ने जोरदार वापसी करते हुए दो गोल दागे और 2-1 से बढ़त हासिल कर ली।

पुरुष हॉकी फाइनल में ओडिशा ने जीता स्वर्ण पदक

तीसरे क्वार्टर तक मुकाबला रोमांचक बना रहा, लेकिन ओडिशा ने अपना दबदबा कायम रखते हुए स्कोर 3-1 कर लिया। अंतिम क्वार्टर में भी ओडिशा ने एक और गोल कर बढ़त मजबूत की और अंततः मैच 4-1 से जीत लिया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन ओडिशा की सधी हुई रणनीति और बेहतर तालमेल ने उसे जीत दिलाई। इस जीत के साथ ओडिशा ने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि झारखंड को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।