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कांग्रेस कैसे करेगी अपनी पार्टी को मजबूत क्या कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन कार्यक्रम से आयेगी पार्टी में एकजुटता

कांग्रेस कैसे करेगी अपनी पार्टी को मजबूत क्या कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन कार्यक्रम से आयेगी पार्टी में एकजुटता

 रायपुर:- कांग्रेस देश में अपने संगठन मजबूत और कार्यकर्ताओं को एक जुट करने के लिए एक के बाद एक लगातार बैठक कर रही है। इसी बीच कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन इस बार अहमदाबाद में 8 से 9 अप्रैल को होने जा रहा है। इस अधिवेशन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस अधिवेशन में प्रमुख रूप से राजनीतिक चुनौतियों और भारतीय राजनीति के भविष्य की दिशा पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूरे देश से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पहुंच रहे अहमदाबाद कार्यक्रम में शामिल होने

इस दौरान इस अधिवेशन कार्यक्रम में अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल मेमोरियल में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक आयोजित की गई है साथ ही महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम में सभा करने से लेकर 8 और 9 अप्रैल को दो दिवसीय अखिल भारतीय कांग्रेस समिति,(AICC) का सत्र गुजरात में पटेल की विरासत को रेखांकित करता है। बता दे 8 अप्रैल की शाम को कांग्रेस के शीर्ष नेता साबरमती आश्रम में मुलाकात करेंगे बता दे यह आश्रम गांधीजी का घर था और 1917 और 1930 के बीच भारत की स्वतंत्रता आंदोलन के वक्त स्वतंत्रता के लिए मीटिंग करने का केंद्र था। दिन भर चलने वाला AICC सत्र 9 अप्रैल, 2025 को साबरमती नदी के किनारे होगा। जिसमें कांग्रेस अपनी पार्टी के संबंधित तमाम विषयों पर वरिष्ठ नेता विस्तार से चर्चा करेंगे।

भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में EOW की एंट्री, 220 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की जांच तेज़

भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में EOW की एंट्री, 220 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की जांच तेज़

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत सामने आए बड़े मुआवजा घोटाले की जांच अब राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कर रही है। यह पहली बार है जब राज्य में किसी भूमि मुआवजा विवाद की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार, EOW ने इस मामले से जुड़े लगभग 500 पन्नों की रिपोर्ट प्रशासन से मंगवाई है और कई अहम दस्तावेज पहले ही जुटा लिए हैं। अब जल्द ही इस मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

शुरुआती जांच में सामने आया था कि कुछ सरकारी अधिकारियों, भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों ने मिलीभगत कर लगभग 43 करोड़ रुपये का फर्जी मुआवजा हासिल किया था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह आंकड़ा बढ़कर 220 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गया है। जांच एजेंसी को अब तक करीब 164 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड मिल चुके हैं। 

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस मामले को विधानसभा बजट सत्र 2025 के दौरान जोर-शोर से उठाया था। इसके बाद सरकार ने इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने 6 मार्च को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।

क्या है घोटाले की पूरी कहानी?

भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक 950 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण की योजना है। इसमें दुर्ग से आरंग तक सिक्स लेन और शेष हिस्से में फोरलेन सड़क निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए बड़ी संख्या में किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के तहत किसानों को जमीन की बाजार कीमत के साथ-साथ ‘सोलेशियम’ (मुआवजा का अतिरिक्त हिस्सा) भी दिया जाना था। लेकिन जांच में खुलासा हुआ है कि मूल मुआवजा जहां 35 करोड़ रुपये के आसपास होना था, वहीं अधिकारियों ने इसे बढ़ाकर 248 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया।

दिल्ली से दबाव के बाद खुला मामला

यह मामला तब सामने आया जब कुल 248 करोड़ रुपये के मुआवजे के बाद 78 करोड़ रुपये के और क्लेम आ गए। इसके बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी के चीफ विजिलेंस ऑफिसर ने रायपुर कलेक्टर से जांच कराने को कहा था। लंबे समय तक जांच फाइलों में दबे रहने के बाद जब दिल्ली से दोबारा दबाव पड़ा, तब जाकर रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कुल 300 करोड़ रुपये तक का घोटाला हुआ है।

जल्द हो सकती हैं गिरफ्तारियां

EOW ने कई बिंदुओं पर गुप्त जांच पूरी कर ली है और अब दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारी हो सकती है। यह छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा भूमि मुआवजा घोटाला माना जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाती है या राज्य की एजेंसी ही इसे अंजाम तक पहुंचाएगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन में इस घोटाले की गूंज और तेज़ होगी।

 ACCIDENT NEWS : बारात से लौट रही कार हादसे का शिकार, दो लोगों की मौत, पसरा मातम

ACCIDENT NEWS : बारात से लौट रही कार हादसे का शिकार, दो लोगों की मौत, पसरा मातम

 कोरबा : जिले में सड़क हादसा हुआ। जिसमें कार में सवार दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल गए हैं। घटना दीपका कुचेना मार्ग पर शक्ति नगर मुख्य मार्ग पर घटना घटी है। बताया जा रहा है कि रात लगभग 12 बजे की है।

बताया जा रहा है कि कार पर चार लोग सवार थे। सेंट जेवियर स्कूल कोरबा के शिक्षक और स्टाफ थे। जो शादी कार्यक्रम में बरात दीपका शक्तिनगर गए हुए थे। देर रात वापस लौटते समय सड़क किनारे पेड़ से कार जा टकराया। जहां इस हादसे में दो लोगों की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
 
वहीं दो लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई। इसकी सूचना दीपका थाना पुलिस को दिए गई। जहां आगे की कार्यवाही शुरू की गई। बताया जा रहा है कि कोरबा के खरमोरा निवासी 31 वर्षीय हिमांशु सिंह और एमपी नगर निवासी सुभम दीप 30 वर्षीय की घटनास्थल पर मौत हो गई। वहीं उनके दो साथी चंद्रभान और सत्यदेव गंभीर रूप से घायल हो गए।

जिन्हें कोरबा की निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि तेज की रफ्तार काफी तेज थी। जिसके चलते यह हादसा हुआ है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही स्कूल के स्टाफ समेत परिजन और उनके शुभचिंतक मौके पर पहुंचे।

दीपका थाना में पदस्थ एएसआई खगेश राठौर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी लेते हुए आगे की कार्यवाही की गई। वहीं शव का पंचनामा कर उनके परिजन के सुपुर्द किया जाएगा।

Board Exam : बदला नियम! अब फेल होने पर भी मिलेगा इन कक्षाओं के बच्चों को अगली क्लास में प्रमोशन

Board Exam : बदला नियम! अब फेल होने पर भी मिलेगा इन कक्षाओं के बच्चों को अगली क्लास में प्रमोशन

 रायपुर। आज से 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया है। करीब 15 साल बाद इन दोनों कक्षाओं के लिए केंद्रीकृत मूल्यांकन प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। रायपुर ज़िले के चार विकासखंडों में 24 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5वीं के 26 हजार 584 और 8वीं के 28 हजार 232 छात्रों की कॉपियों की जांच की जा रही है। डीईओ विजय खंडेलवाल के मुताबिक इस बार छात्र अगर फेल भी होते हैं, तो उन्हें अगली कक्षा में प्रमोशन दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, धरसींवा में 7, तिल्दा में 6, अभनपुर में 5 और आरंग में 6 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। सभी विकासखंड से बीईओ द्वारा शिक्षकों के लिए ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। पांचवीं-आठवीं का अध्यापन कार्य कराने वाले शिक्षक ही इन कक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करेंगे। जानकारी के अनुसार, 5वीं, 8वीं बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले स्टूडेंट सप्लीमेंट्री परीक्षा दे सकेंगे। अगर कोई स्टूडेंट इस सप्लीमेंट्री परीक्षा में भी फेल हो जाता है, तो भी उसे अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाएगा।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मूल्यांकन संबंधित दिशा-निर्देश के अनुसार, 5वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले शिक्षक को एक उत्तरपुस्तिका के लिए 2 रुपए का भुगतान किया जाएगा। वहीं, 8वीं कक्षा की एक उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन करने वाले को 3 रुपए मिलेंगे। दोनों ही कक्षाओं के मूल्यांकनकर्ता एक दिन में अधिकतम 40 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकते हैं। इस तरह से 5वीं की कॉपियां जांचने वाले शिक्षक को एक दिन में अधिकतम 80 रुपए और 8वीं की कॉपियां जांचने वाले शिक्षक को 120 रुपए मिल सकेंगे।

नवरात्र के चलते बढ़ाई गई मूल्यांकन की तारीख

शिक्षकों द्वारा नवरात्र के चलते मूल्यांकन की तारीख बढ़ाने की मांग विभाग में की गई थी। जिसके कारण नवरात्र के अष्टमी और नवमी को देखते हुए पांचवीं का 30 मार्च से और आठवीं का 4 अप्रैल से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य को आगे बढ़ाकर 7 अप्रैल कर दिया गया। मूल्यांकन 15 अप्रैल तक पूरा किया जाएगा। वहीं, 28 अप्रैल तक विकासखंड शिक्षा कार्यालयों के माध्यम से अंकसूची स्कूलों को प्रेषित करनी होगी। साथ ही स्कूलों द्वारा 30 अप्रैल तक परिणाम घोषित किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द, कल रायपुर आएंगे संगठन मंत्री और प्रदेश प्रभारी, इन नामों को लेकर हो रही चर्चाएं

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द, कल रायपुर आएंगे संगठन मंत्री और प्रदेश प्रभारी, इन नामों को लेकर हो रही चर्चाएं

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में साय सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होने वाला है, नए मंत्रियों की घोषणा कभी भी हो सकती है। मंत्रिमंडल का विस्तार पिछले साल से रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि भाजपा के संगठन मंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश प्रभारी नीतीन नबीन कल 8 अप्रैल को रायपुर पहुंच रहे हैं।

 सूत्रों के अनुसार दोनों नेता मंत्रियों का नाम का लिफाफा लेकर आएंगे। बता कि पिछले सप्ताह सरकार ने मंडल और निगम में नियुक्ति कर दी है। जिसके बाद से कैबिनेट विस्तार की बात इसी सप्ताह में होने की सुगबुगाहट जोर पकड़ने लगी है।

दो मंत्रियों की जगह खाली 

साय कैबिनेट का जब गठन हुआ तो मुख्यमंत्री सहित 12 मंत्री थे हैं। प्रदेश में हमेशा 13 मंत्रियों को कैबिनेट में रखा जाता रहा है। तो पहले से ही एक खाली था। लोकसभा चुनाव के समय बृजमोहन ने इस्तीफा दिया तो 11 मंत्री बचे। कुल मिलाकर दो मंत्रियों की जगह साय कैबिनेट में इस वक्त खाली है।

इन नामों को लेकर चर्चाएं तेज 

विष्णुदेव कैबिनेट विस्तार में पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, विधायक गजेंद्र यादव, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, जेसीसी छोड़कर बीजेपी में विधायक धर्मजीत सिंह, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के नाम शामिल हैं। हालांकि ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बस्तर से किसी को मौका मिल सकता है। वहीं किसी नए चेहरों को मौका देकर बीजेपी फिर चौंका सकती है।

मुख्यमंत्री साय ने बगिया में 72 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड लाउन्ज का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने बगिया में 72 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड लाउन्ज का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांसाबेल विकास खंड के ग्राम बगिया में 72 लाख 30 हजार की लागत से निर्मित हेलीपेड लाउन्ज का लोकार्पण किया। सर्व सुविधायुक्त युक्त लाउन्ज में दो कमरा ,एक हाल एक किचन और स्टडी रूम की भी सुविधा दी है। इसमें पायलट एवं उनके टेक्निकल स्टाफ के लिए रुकने की सुविधा की गई है।

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, सरपंच बगिया श्रीमती राजकुमारी साय, पीसीसीएफ श्री अरुण पांडेय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री जितेन्द्र उपाध्यक्ष, आईएफएस श्री निखिल अग्रवाल, सर्वश्री रामप्रताप सिंह, भरत सिंह, सुनील गुप्ता सहित अधिकारीगण और जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

बस्तर सांसद महेश कश्यप व विधायक चैतराम अटामी ने घायल ग्रामीणों का कुशलछेम जाना

बस्तर सांसद महेश कश्यप व विधायक चैतराम अटामी ने घायल ग्रामीणों का कुशलछेम जाना

 दंतेवाड़ा। जिले के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के ग्राम पोटाली एवं समेली के 44 ग्रामीण संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शामिल होने दंतेवाड़ा के लिए रवाना हुए, जिस पिकअप वाहन में ग्रामीण सवार थे, वह वाहन पालनार में अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। जिसकी जानकारी मिलते ही वन मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं दंतेवाड़ा विधायकचैतराम अटामी ने तत्काल प्रशासन को निर्देशित किया एवं लगातार संपर्क कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस, एम्बुलेंस तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्राथमिक उपचार हेतु तत्काल घटनास्थल पर दिशा निर्देश देते हुए भेजा गया एवं उन्हें प्रशासन की मदद से बेहतर उपचार हेतु जिला अस्पताल लाया गया जिनका उपचार जारी है।
बस्तर पंडुम कार्यक्रम के समापन के पश्चात बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी जिला अस्पताल दंतेवाड़ा पहुंचकर घायल ग्रामीणों का कुशलछेम जाना एवं बेहतर उपचार हेतु डॉक्टरों को निर्देश दिया। घायल 44 ग्रामीणों में से 32 का उपचार जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में हो रहा है एवं गंभीर रूप से घायल 12 ग्रामीणों को बेहतर उपचार हेतु मेडिकल कालेज डिमरापाल जगदलपुर रेफर किया गया है जो खतरे से बहार है। विधायक चैतराम अटामी ने घायल ग्रामीणों के परिजनों से भी बातचीत की एवं यथा संभव मदद का आश्वासन दिया। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने भी दंतेवाड़ा जिला अस्पताल एवं मेडिकल कालेज डिमरापाल जगदलपुर पहुंच घायल ग्रामीणों का कुशलछेम जाना एवं बेहतर उपचार हेतु डॉक्टरों को निर्देशित किया। इस दौरान भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राहुल असरानी, पूर्व युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष महावीर महेश्वरी, मंडल अध्यक्ष जय भंसाली, जनपद अध्यक्ष कुआकोंडा सुकालू मुड़ामि, राजेश बोरबन, नारायण, गौतम भाटी, शंभु वट्टी सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

15 वर्ष बाद ताड़मेटला नक्सली वारदात के बलिदानी 76 जवानों की शहादत हुई विस्मृत

15 वर्ष बाद ताड़मेटला नक्सली वारदात के बलिदानी 76 जवानों की शहादत हुई विस्मृत

 00 पिछले 15 महीने में 400 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने से भयभीत बडें कैडर के नक्सली अंडरग्राउण्ड हुए 

जगदलपुर। बस्तर संभाग के लिए नासूर बन चुके नक्सलवाद का पदार्पण 1980 के दशक में हुआ, बस्तर में पहली नक्सली वारदात 4 अप्रेल 1991 को बीजापुर के मरईगुडा-गोलापल्ली में जवानों के वाहन को आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया गया, जिसमें 19 जवान बलिदान हुए थे, दूसरी नक्सली वारदात एक वर्ष बाद 6 जून 1992 को नारायणपुर के छोटेडोंगर में हुई, इसके बाद नक्सली वारदात का सिलसिला चल पड़ा । वहीं आज से ठीक 15 वर्ष पूर्व नक्सल इतिहास की सबसे बड़ी नक्सली वारदात 6 अप्रैल 2010 को सुकमा जिले के ताड़मेटला गांव में हुई थी। चिंतलनार कैंप से लगभग पांच किमी दूर ताड़मेटला गांव में सीआरपीएफ के 75 और जिला बल के एक जवान बलिदान हो गए थे। नक्सलियों ने 76 जवानों का कत्लेआम कर दिया, ऐसी घटना की इतिहास अनदेखी नहीं कर सकता, लेकिन आज 15 वर्ष बाद ताड़मेटला नक्सली वारदात के बलिदानी 76 जवानों की शहादत को लगभग विस्मृत कर दिया गया है। ताड़मेटला के बलिदानी 76 जवानों को लेकर सरकार से लेकर किसी भी संगठन के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी याद तक नही करना, अनुचित ही नही दुखद है। 

यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस की सरकारें नक्सलियों की पोषक थी।भाजपा की 15 महिने की सरकार ने जैसे ही नक्सली खात्में के लिए आगे बढ़ी तो इसका परिणाम हम सबके सामने है। यदि कांग्रेस की सरकार नक्सलियों के खात्में का इरादा रखती तो बस्तर में नक्सली समस्या इतनी बड़ी होता ही नही। बस्तर में बदलते हालात के बीच नक्सलियों की मांद में सुरक्षा कैंप स्थापित होने से नक्सलियों को अपना आधार क्षेत्र छोड़कर भागना पड़ा है। बस्तर में नक्सलियों के सफाए का अभियान जारी है, 15 वर्ष पहले ताड़मेटला की वारदात और पिछले 15 महीने मेंअलग-अलग मुठभेडों 400 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने का नक्सली संगठन की स्वीकार्यता के बाद भयभीत बडें कैडर के नक्सली अपने गढ़ को छोड़कर भाग खड़े हुए हैं । अब बस्तर में सक्रिय नक्सल संगठन में कोई बड़ा नेतृत्व नहीं बचा है। नेतृत्व के अभाव में नक्सलियों के पीएलजीए कैडर के नक्सली लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं। जंगलों में भटक रहे निचले स्तर के लड़ाके जो आत्मसमर्पण नहीं कर पा रहे हैं, वे मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं। पिछले डेढ वर्ष में बस्तर संभाग के सातों.जिलों में 800 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अश्चर्य तो तब होता है, जब नक्सलियों के द्वारा झीरम कांड में कांग्रेस के 25 से अधिक नेताओं को नक्सलियों ने मौत की नींद सुला दिया था, इसके बाद भी कांग्रेस ने नक्सलियों के खात्में के लिए कोई कदम नहीं उठाया यदि कांग्रेस की सरकार, उस दौर में भी नक्सलियों के खात्में के लिए प्रयास करती तो आज बस्तर में नक्सलियों की इतनी बड़ी समस्या खड़ी ही नहीं होती।

नक्सली संगठन के जिस टेक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) माह में सुरक्षाबलों पर हमलाकर अपनी ताकत का अहसास करवाते थे, उसी टीसीओसी माह में स्वयं नक्सली सुरक्षाबलों के हांथों मारे जा रहे हैं। सुरक्षाबलों के आक्रमक अभियान में बचे बस्तर में आतंक का पर्याय रहे एक करोड़ के ईनामी हिड़मा, गणेश उइके और गुडसा उसेंडी जैसे बड़े लीडर आंध्र, तेलंगाना और ओडिशा भाग चुके हैं। इनसे नीचे के कैडर के बड़े नक्सली बीते 15 महीने में मारे गए हैं। बड़े कैडर के नक्सली, बचे-खुचे लड़ाकों को अपने हाल पर छोड़कर स्वयं अंडरग्राउंड हो चुके है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार गणेश उइके उर्फ पी हनुमंता जो नक्सलियों के सैंट्रल कमेटी का सदस्य और दण्कारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इंचार्ज था, वह इस वक्त ओडिशा में सक्रिय है। वहां किसी सुरक्षित स्थान पर वह छिपा हुआ है। इसी तरह रमन्ना की मौत के बाद दण्कारण्य स्पेशल जोनल कमेटी में सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहा केसीआर रेड्डी उर्फ वकील साहब तेलंगाना में कहीं छिपा हुआ है। महाराष्ट्र का इंचार्ज नक्सली कोसा कभी अबूझमाड़ में बड़ा नाम था, वह अब महाराष्ट्र में सक्रिय है। गुडसा उसेंडी तेलगाना और एक करोड़ का ईनामी हिडमा के हैंदराबाद में होने की जानकारी सामने आ रही है। देवा बारसे, पारा राव और , दमोदर जैसे नक्सली अपनी जान बचाने अंडरग्राउण्ड हो गये हैं। 

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार नक्सलवाद से अति प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर मात्र 6 रह गई है। इनमें छत्तीसगढ़ के 4 जिले बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा और झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम और महाराष्ट्र का गढ़चिरौली जिला नक्सल प्रभावित बचा है। सरकार ने मार्च 2026 तक इस समस्या से मुक्ति का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ में लगातार ऑपरेशन से हालात यह है कि नक्सलियों का कैडर मामूली रह गया है, बड़े नक्सली नेता दूसरे राज्यों में जाकर छिप गए है, और मध्यम स्तर के नक्सली जंगलों में भटक रहे हैं।
उल्लेखनिय है कि नक्सली गर्मी में टेक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) चलाते हैं। इस दौरान जंगल में पतझड़ का मौसम होता है, जिससे दूर तक देख पाना संभव होता है। नदी-नाले सूखने के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाना भी आसान होता है। नक्सली साल भर अपनी मांद में दुबककर साथियों की मौत, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण को चुपचाप देखते हैं। बाद में टीसीओसी में पलटवार करते हैं। अभी उनका टीसीओसी का सीजन ही चल रहा है। इस दौरान उन्होंने नारायणपुर में ब्लास्ट कर पांच जवानों की हत्या की। तर्रेम में घात लगातार 22 जवानों की हत्या की। टीसीओसी के दौरान 15 मार्च 2008 को बीजापुर के रानीबोदली कैंप में हमला किया जिसमें 55 जवान शहीद हुए। 2013 में 25 मई को झीरम में कांग्रेस के काफिले पर हमला कर 31 लोगों की हत्या की। 2017 में 25 अप्रैल को सुकमा के बुरकापाल में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हुए। 23 मार्च 2020 को मिनपा में 17 जवान शहीद हुए। यह सूची काफी लंबी है, इसी टीसीओसी के दौरान हुए ताड़मेटला की वारदात भयावह थी।

बस्तर आईजी सुदरराज पी का भी कहना है कि बस्तर में नक्सलियों का जनााधार खत्म हो गया हैं। जनता सुरक्षाबल के साथ हैं, वह बस्तर में विकास चाहती है। अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा कैंप खुलने से नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना खत्म हो गया है। कई बड़े कैडर के नक्सली इसी खौफ से इलाका छोड़कर भाग गये हैं। जो बचे हैं, उनमें से भी कई अंडरग्राउंड हो चुके है। उन्होने कहा कि नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होना होगा अन्यथा मरना होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने 25 लाख की लागत से सड़क, पुलिया निर्माण का किया भूमिपूजन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने 25 लाख की लागत से सड़क, पुलिया निर्माण का किया भूमिपूजन

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक किरण देव श्रीरामनवमी के शुभ अवसर पर आज रविवार को हल्बा कचोरा पहुंचकर माता मंदिर में कुंवारी पूजन में शामिल होकर आशीर्वाद लिया। चैत्र नवरात्र एवं श्रीरामनवमी के पावन अवसर की प्रदेश वासियों एवं बस्तर वासियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। वहीं हल्बा कचोरा पंचायत में पुलिया, सडक, नाली निर्माण के लिए 12.73 लाख एवं हल्बा कचोरा में विभिन्न स्थानों में सीसी. सडक निर्माण लागत 12 लाख रूपए की राशि कुल 24.73 लाख का भूमिपूजन किया। 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में जनता के मांग के अनुरूप विकास कार्य होंगे। वहीं हल्बा कचोरा गंगादई माता गुड़ी में शेड व बाउंड्री वॉल की मांग पर विधायक किरण देव ने जनमानस के मांग को पूरा करते हुए गंगादई माता गुड़ी में शेड व बाउंड्रीवाल का जल्द निमार्ण करने की घोषणा किया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष पदलाम नाग, जनपद सदस्य श्रीमति शर्मा, सरपंच जयमनी कश्यप, मनोहर तिवारी, राजेश श्रीवास्तव, प्रदीप देवांगन, राजेश शर्मा, हरि साहू, मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सेठिया, राधे पदे्, रूपेश समरथ व अन्य जनप्रतिनिधि व जनमानस मौजूद थे।

बस्तर के आदिवासी श्रीराम को अपना रक्षक मानते हुए अपने नाम के साथ जोड़ते हैं, राम

बस्तर के आदिवासी श्रीराम को अपना रक्षक मानते हुए अपने नाम के साथ जोड़ते हैं, राम

 जगदलपुर। आज पूरा देश श्रीरामनवमी का पर्व मना रहा है, आदिवासी बाहूल्य बस्तर में भी श्रीरामनवमी का उल्लास देखा जा सकता है। वर्तमान बस्तर संभाग व तत्कालीन दण्डकारण्य काे प्रभु श्रीराम का पड़ाव स्थल श्रीराम वन गमन पथ से जाेड़ा गया है, यहां पर बस्तर के ग्रामीण आज भी प्रभु श्रीराम को अपना रक्षक मानते हैं, और अपने नाम के साथ राम नाम भी जोड़ते हैं। जैसे सुबाहुराम, बैदूराम, बलिराम, आशाराम, हुंगाराम, अंतूराम, भुरसूराम आदि। यह ऐतिहासिक तथ्य है कि बस्तर का पुराना नाम दंडकारण्य है, जहां भगवान श्रीराम ने वनवास के दैरान दुष्टों का नाश किया था। इस उपकार को आदिवासी समाज भूला नहीं है, इसलिए आज भी अपने नाम के साथ राम जोड़ते हैं। 

विदित हाे कि बस्तर पंडुम 2025 महोत्सव के आयाेजन में प्रख्यात कवि एवं श्रीराम कथा वाचक डाॅ. कुमार विश्वास के द्वारा ’’बस्तर के श्रीराम’’ पर काव्य पाठ करते हुए उन्हाेने कहा था कि हमें कैकई माता का आभारी होना चाहिए कि उनके कारण भगवान राम के चरण इस दंडकारण्य में पड़े। कई बार शाप वरदान बन जाता है, कैकई का हठ दंडकारण्य और जन सामान्य के लिए वरदान बन गया। श्रीराम ने दंडकारण्य बस्तर आकर वनवासी और नगरीय सभ्यता का भेद खत्म कर दिया। यहां बस्तर आकर उन्होंने भील, कोल, किरात को गले लगाया। अगर चित्रकूट से राम लौट जाते तो हमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम नहीं मिलते। श्रीराम को जगतपति मर्यादा पुरुषोत्तम इसी बस्तर दंडकारण्य की मिट्टी ने बनाया। यह भी विदित हाे कि भगवान श्रीराम अपने वनवास के चौथे चरण में बस्तर के दंडकारण्य पहुंचे थे। भगवान श्रीराम धमतरी से कांकेर, कांकेर से रामपुर, जुनवानी, केशकाल घाटी शिव मंदिर, राकसहाड़ा, नारायणपुर, चित्रकोट शिव मंदिर, तीरथगढ़ जलप्रपात, सीताकुंड, रामपाल मंदिर, कोटी माहेश्वरी, कुटुंबसर गुफा और ओडिशा के मलकानगिरी गुप्तेश्वर और सुकमा जिले के रामाराम मंदिर समेत कोंटा में श्रीराम ने वनवास के दिनों में यहां से होकर दक्षिण भारत के लिए प्रस्थान किया था।

 
भाजपा के स्थापना दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा का ध्वज फहराकर कार्यकर्ताओं को बधाई व शुभकामनाएं दी

भाजपा के स्थापना दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा का ध्वज फहराकर कार्यकर्ताओं को बधाई व शुभकामनाएं दी

 जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर आज रविवार को भाजपा जिला कार्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने भाजपा का ध्वज फहराया और भाजपा के कार्यकर्ताओं को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की। भाजपा स्थापना दिवस के कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये कहा कि कार्यकर्ताओं के कठोर व अथक परिश्रम का ही सुखद परिणाम है कि आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, और पार्लियामेंट से लेकर पंचायत तक देश में भाजपा की सरकार है। राष्ट्र की सेवा भाजपा का मूलमंत्र है, जिसको आत्मसात करते हुये भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देश व संगठन को मजबूत करने सेवा में लीन है। उन्हाेने कहा कि शीर्ष पर स्थापित होने के बाद वहां कायम रहना सबसे कठिन कार्य है। उन्हाेने कहा कि हम उन पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को न भूलें, जिनकी अनवरत तपस्या व बलिदान से ही भाजपा का यह गौरवमय समय आया है।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि मां भारती की सेवा का संकल्प लेकर भाजपा के ऊर्जावान कार्यकर्ता कार्य करते हैं। पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सफलता की नई दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। संगठन सशक्त हो, राष्ट्र उत्तरोत्तर उन्नति करें, इस संकल्प को सिद्ध करने भाजपा का हर कार्यकर्ता सदैव तत्पर रहे।

भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुये संगठन को सशक्त बनाने व समर्पित भाव से सौंपे गये दायित्वों को पूरा करने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया। छग राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष श्रीनिवास राव ने आभार व्यक्त करते हुये कहा कि कार्यकर्ता ही भाजपा का बल हैं, जनता से सीधे जुड़ कर देश व दल को सशक्त बनाने का अतुलनीय कार्य भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता ही करते हैं

कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री नरसिंह राव ने किया, इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, बस्तर सांसद महेश कश्यप, छग राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, पूर्व विधायक सुभाऊ राम कश्यप, पूर्व जिला अध्यक्ष विद्याशरण तिवारी, निगम अध्यक्ष खेम सिंह देवांगन, जिला उपाध्यक्ष योगेन्द्र पाण्डेय, श्रीधर ओझा, नगर मण्डल अध्यक्ष प्रकाश झा, अश्विन सरडे, उमाकांत सिंह, मोहन सिंह, दंतेश्वर राव, रजनीश पाणिग्रही, आर्येन्द्र सिंह आर्य, सुरेश गुप्ता, आलोक अवस्थी, सफीरा साहू, सुधा मिश्रा, अविनाश श्रीवास्तव, संग्राम सिंह राणा, राजपाल कसेर, राणा घोष, शशिनाथ पाठक, ललिता बघेल, राजेश श्रीवास्तव, संतोष त्रिपाठी, सुधीर शर्मा, त्रिवेणी रंधारी, नेहा ध्रुव, लक्ष्मण झा, हरीश पारेख, पंकज आचार्य, विक्रम यादव, विनय राजू, दिनेश केजी, प्रकाश रावल इत्यादि कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कन्या पोटाकेबिन कुटरू की अधीक्षिका निलंबित

कन्या पोटाकेबिन कुटरू की अधीक्षिका निलंबित

 बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ विकासखण्ड के कुटरू में संचालित कन्या पोटाकेबिन कुटरू का बीते दिनों संयुक्त संचालक शिक्षा ने दौरा कर वहां बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में जली हुई चांवल, दाल बेहद कम मात्रा में तथा काफी पतली थी, सब्जी भी कम मात्रा व गुणवत्ताविहीन थी। वहीं, निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संस्था में संचालित किए जाने वाले अभिलेखों में त्रुटि पाये जाने पर अधीक्षिका शान्ती कश्यप को समझाइश व चेतावनी दी गई थी। बावजूद उनके कार्यशैली में सुधार नहीं पाये जाने पर अधीक्षिका शान्ती कश्यप को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, स्पष्टीकरण सन्तोषजनक नही पाया गया। संयुक्त संचालक शिक्षा ने उपरोक्त कृत्य छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 में निहित प्रावधानों के होने के कारण अधीक्षिका शान्ती कश्यप को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भैरमगढ़ नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

हत्या की वारदात में शामिल 5 लाख का ईनामी नक्सली गिरफ्तार

हत्या की वारदात में शामिल 5 लाख का ईनामी नक्सली गिरफ्तार

 बीजापुर। जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत थाना बासागुड़ा से कोबरा 210, 201,202, 205 एवं 206 की संयुक्त टीम अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान चिलकापल्ली के जंगल से प्रतिबंधित नक्सली संगठन का 5 लाख का ईनामी प्लाटून नम्बर 9 के पीपीसीएम बारसे जोगा पिता स्व.गंगा उम्र 36 वर्ष निवासी पोलमपल्ली ओड़सापारा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सली के कब्जे से विस्फोटक टिफिन बम, कार्डेक्स वायर, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, माओवादी साहित्य एवं लोहे का चाकूनुमा हथियार बरामद किया गया। वहीं पूछताछ एवं थाने के रिकार्ड जांच करने पर गिरफ्तार नक्सली 29 अगस्त 2024 को थाना बासागुड़ा क्षेत्रान्तर्गत पुतकेल के ग्रामीण दिनेश पुजारी की मुखबिरी के आरोपी में धारदार हथियार से हमलाकर हत्या करने की वारदात में शामिल रहा। 2 जून 2024 को पुतकेल कैम्प पर देशी बीजीएल एवं स्वचलित हथियारों से हमला करने की वारदात में शामिल रहा। 31 नंवंबर 2022 को थाना उसूर क्षेत्रान्तर्गत नेल्लाकांकेर नाला के पास पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने की वारदात में शामिल रहा। 5 मार्च 2025 को गुंजेपर्ती कैम्प के पास आईईडी लगाने की वारदात में शामिल रहा। थाना बासागुड़ा में वकार्यवाही उपरान्त आज रविवार काे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया।

BIG NEWS : कन्या भोज खाने निकली 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या !  इलाके में तनाव का माहौल

BIG NEWS : कन्या भोज खाने निकली 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या ! इलाके में तनाव का माहौल

 दुर्ग :-  एक कार के अंदर झुलसा हुआ मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बच्ची की मौत के बाद से इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है।

महक यादव अपने माता-पिता के साथ दादी के घर के पास ही रहती थी। घटना वाले दिन महक सुबह 8:30 बजे के करीब कन्या भोज में जाने की तैयारी कर रही थी और इसके बाद वह दादी मीना यादव के घर चली गई। दादी के अनुसार, सुबह 10:30 बजे तक महक घर पर थी, लेकिन उसके बाद वह अचानक नंगे पांव कहीं चली गई। परिवार को लगा कि वह किसी पड़ोसी के यहां भोज के लिए गई होगी, लेकिन जब दोपहर 2 बजे तक वह घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।काफी खोजबीन के बाद भी जब महक का कोई पता नहीं चला, तो परिजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस और मोहल्ले के लोगों ने मिलकर तलाश शुरू की। इस दौरान एक युवक ने दादी के घर के पास खड़ी एक कार के अंदर झांका, तो वहां महक का शव दिखाई दिया। कार का दरवाजा खोलते ही देखा गया कि बच्ची का शरीर झुलसा हुआ और अकड़ा हुआ था। परिजनों का कहना है कि महक के शरीर पर चोट के निशान थे, जिससे अंदेशा है कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसे कार में बंद कर फरार हो गए।घटना से आक्रोशित लोगों ने उस व्यक्ति के घर में तोड़फोड़ की, जिसकी कार में शव मिला था। गुस्साई भीड़ ने घर में आग लगा दी, जिससे एक बाइक और एयर कंडीशनर जलकर खाक हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।

मोहन नगर थाना प्रभारी शिव चंद्रा ने बताया कि महक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और उसकी रिपोर्ट से ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। इस मामले में फिलहाल 3 से 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में पर्यावरण वाटिका का किया लोकार्पण: 28 हेक्टेयर में 53 लाख रूपए की लागत से बनाई गई पर्यावरण वाटिका…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में पर्यावरण वाटिका का किया लोकार्पण: 28 हेक्टेयर में 53 लाख रूपए की लागत से बनाई गई पर्यावरण वाटिका…

 रायपुर: अगर आप प्रकृति के बीच स्वच्छ वातावरण में अपने परिवार के साथ समय बिताने आना चाहें तो बगिया में बनी पर्यावरण वाटिका आपका इंतजार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में स्थित अपने गृहग्राम बगिया में पर्यावरण वाटिका का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाटिका परिसर में नारियल, सुपाड़ी और सीता अशोक का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

सुरम्य प्राकृतिक परिवेश में 53 लाख रुपए की लागत से 28 हेक्टेयर में निर्मित पर्यावरण वाटिका में एडवेंचर जोन, औषधीय गुणों से भरपूर पौधे, चिल्ड्रन पार्क, वाटर फॉल, मेडिटेशन हट, तितलियों के जीवन चक्र को प्रदर्शित करता तितली जोन और कई निर्माण कराए गए हैं, जो लोगों को प्रकृति के और भी करीब ले जाकर आनंदमय अनुभव कराती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद ग्रामीणों से कहा कि इसके बन जाने से यहां पर रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।

वाटिका में लगाये गए हैं औषधीय गुणों से भरपूर पौधे :-

पर्यावरण वाटिका में जंगल ट्रेल का निर्माण किया गया है। जहां योग जोन, आरोग्य वन पथ, जंगल जिम, तितली जोन, मोगली एडवेंचर जोन, ऑक्सीजन बूथ, पैगोडा, गजराज जोन, तालाब, नेचुरल झूले, किड्स प्ले जोन बनाया गया है। यहां पर औषधीय गुणों से भरपूर हर्रा, गिलोय, बेली बांस, सर्पगंधा, अश्वगंधा, बारबाडोस लिली, पुदीना, लेमन ग्रास, पत्थरचट्टा, आंवला आदि अनेक प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं।

वाटिका में निर्मित तितली जोन में तितली के पर्यावरण में योगदान को प्रदर्शित करते हुए तितली के सम्पूर्ण जीवन चक्र को दर्शाया गया है। यहां पर जशपुर में पाई जाने वाली सभी तितलियों की प्रजातियों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य तितलियों के बारे में लोगों को जानकारी देने के साथ उनके संरक्षण के महत्व के बारे में भी बताना है।

मोगली एडवेंचर जोन में बच्चों के लिए हैं विभिन्न साहसिक खेल :-

वाटिका में बने किड्स प्ले जोन में बच्चों के लिए आकर्षक झूले लगाए गए हैं। जिसमें प्राकृतिक झूले भी बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के मनोरंजन के लिए मोगली एडवेंचर जोन बनाया गया है। जहां कमांडो नेट, टायर वॉक, बैलेंस ब्रिज, टायर क्लाइम्बिंग, रोप वॉक, इंक्लाइंड लॉग, कार्गाे नेट, सिंगल लाइन ब्रिज, बर्मा ब्रिज आदि बनाये गए हैं

वाटिका में सरई छांव प्राकृतिक पैगोडा का निर्माण किया गया है। जहां परिवार के साथ प्रकृति का आनंद लिया जा सकता है। यहां पर आदिम कलाकारों द्वारा आदिम संस्कृति को प्रदर्शित करती कास्ट मूर्तियां भी लगाई गई हैं। इस वाटिका में पर्यावरण के प्रति जागृति दिखाते हुए बांस के बने आकर्षक डस्टबिन भी लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री बच्चों से पूरी आत्मीयता से मिले, दिए फल और ड्राई फ्रूट्स :-

मुख्यमंत्री जब भी बच्चों से मिलते है पूरे वात्सल्य भाव से मिलते हैं। आज जब मुख्यमंत्री पर्यावरण वाटिका का अवलोकन कर रहे थे, तब उन्होंने वहां खेल रहे बच्चों को अपने पास बुलाया और उनसे प्रेम भाव से बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें फल और ड्राय फ्रूट्स भेंट किए। प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले दीपांशु यादव, नीतू देवार, भीम विश्वकर्मा, रितेश राम सहित अन्य बच्चे मुख्यमंत्री से मिलने के बाद काफी खुश नजर आए।

इस अवसर पर विधायक और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, पीसीसीएफ श्री अरुण पांडेय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री जितेन्द्र उपाध्याय, आईएफएस श्री निखिल अग्रवाल, सर्वश्री रामप्रताप सिंह, भरत सिंह, सुनील गुप्ता सहित अधिकारीगण और जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

CG – छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में 3 की मौत, कई की हालत गंभीर…..

CG – छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में 3 की मौत, कई की हालत गंभीर…..

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में अलग-अलग तीन सड़क हादसों में 3 लोगों के जान चली गई। वहीं इन हादसों में तीन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जिन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

कार और बाइक का हुआ भिड़ंत

पहली दुर्घटना सूरजपुर से सामने आई है, जहां कार और बाइक के बीच आमने-सामने से भिड़ंत हो गई। दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना चांदनी बिहरपुर क्षेत्र के नवडीहा के पास हुई है।

मंदिर से लौटते वक्त हादसे में हुई मौत कुदरगढ़ देवी धाम से लौट रहा था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। उसकी तेज रफ्तार बाइक और कार की भिड़ंत हो गई। हादसे में घायल को स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

सड़क हादसे ने छीनी एक और आरक्षक की जिंदगी

छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे ने एक और आरक्षक की जिंदगी छीन ली। बिलासपुर में मंदिर दर्शन करने निकले पुलिस आरक्षक रामनारायण सिंह को अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी और उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन के साथ फरार हो गया। रविवार की सुबह सेंदरी बाईपास रोड पर यह दुर्घटना हुई है। घटना बिलासपुर-रतनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में सेंदरी के पास हुई। मामले में कोनी पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी हुई है।

तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौत

बलरामपुर में रफ्तार का कहर देखने को मिला है। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौत हो गई। हादसे से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने वाड्रफनगर रामानुजगंज मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। मामला त्रिकुंडा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, वह किसी काम से सुबह घर से बाइक में निकला था, जहां से लौटने के दौरान रामानुजगंज की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रेलर एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन लेकर ट्रेलर चालक भाग निकला। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने फरार ट्रेलर के चालक को पकड़ने के साथ ही वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर निर्माण करवाने की मांग रखी है।

दो ट्रकों की भिड़ंत

बालोद के पुरुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-30 पर आज सुबह दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिसमें दोनों ट्रकों के चालक घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ जब तेल से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर सामने से आ रहे दूसरे ट्रक से जा टकराया।

हादसे में दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। भारी मात्रा में तेल सड़क पर बहने लगा। पुरुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।

क्रेडा अध्यक्ष पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम साय और विधायक अनुज शर्मा

क्रेडा अध्यक्ष पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम साय और विधायक अनुज शर्मा

 रायपुर : आज छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के नवनियुक्त अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सवन्नी को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में यह सेक्टर रोजगार, पर्यावरण और आर्थिक सशक्तिकरण का बड़ा आधार बनेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सौर ऊर्जा और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है वही धरसींवा विधायक शर्मा ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में क्रेडा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि सवन्नी जी के नेतृत्व में राज्य में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और यह क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

पदभार ग्रहण के उपरांत भूपेंद्र सवन्नी ने मुख्यमंत्री सहित सभी विशिष्ट अतिथियों और आमंत्रितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस दायित्व को पूर्ण निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा जी,संगठन मंत्री पवन साय, वन मंत्री केदार कश्यप , कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायकगण पद्मश्री अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, संपत अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश राणा, तथा अन्य निगम-मंडलों के नवनियुक्त अध्यक्षगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बीजेपी स्थापना दिवस: सीएम साय ने फहराया पार्टी का झंडा, बोले- बनेगा कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण भवन

बीजेपी स्थापना दिवस: सीएम साय ने फहराया पार्टी का झंडा, बोले- बनेगा कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण भवन

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के 46वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी का ध्वज फहराया और स्मृति मंदिर में संस्थापकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी सहित सभी संस्थापकों को नमन किया और कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

सीएम साय ने बताया कि उन्होंने पार्टी कार्यालय के विस्तार के लिए भूमि पूजन किया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के लिए एक नया प्रशिक्षण भवन बनाया जाएगा, जिससे संगठनात्मक मजबूती को बढ़ावा मिलेगा।

बस्तर पंडुम देशभर के जनजातीय क्षेत्रों में फैलेगा

सीएम साय ने बस्तर में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में एक बड़ा संकेत है। उन्होंने कहा, “बस्तर अब बदलाव चाहता है। पिछली बार बस्तर ओलंपिक हुआ और अब पंडुम महोत्सव ने जनजातीय समाज को एकजुट किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि बस्तर पंडुम को देश के अन्य जनजातीय क्षेत्रों में भी फैलाया जाएगा।”

उन्होंने यह भी दोहराया कि नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।

शाह की रणनीति अद्भुत: डिप्टी सीएम शर्मा

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने एलडब्ल्यूई (वामपंथी उग्रवाद) पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई बैठक को ‘फलदायक’ बताया। उन्होंने कहा कि शाह की रणनीतियां बेहद प्रभावशाली होती हैं और उनके नेतृत्व में विकास की गति तेज होगी।

बस्तर में जल्द ही और भी भव्य आयोजन होंगे और गांव-गांव तक विकास पहुंचेगा। कांग्रेस द्वारा शाह के दौरे को लेकर पूछे गए सवालों पर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए, फिर सवाल उठाने का अधिकार है।

CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवनियुक्त निगम-मंडलों के अध्यक्षों ने सौजन्य मुलाकात की…

CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवनियुक्त निगम-मंडलों के अध्यक्षों ने सौजन्य मुलाकात की…

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी स्थित उनके निवास कार्यालय में नवनियुक्त निगम-मंडलों के अध्यक्षों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने सभी अध्यक्षों को नवीन दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के प्रति संकल्पबद्ध है। निगम-मंडलों के माध्यम से शासन की अनेक योजनाएँ और हितग्राहीमूलक कार्यक्रम ज़मीनी स्तर तक पहुँचते हैं। उन्होंने सभी अध्यक्षों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ करें तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा एवं छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू उपस्थित थे।

WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, कुछ इलाकों में बारिश की संभावना

WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, कुछ इलाकों में बारिश की संभावना

 रायपुर : मौसम खुलते ही राजधानी में 24 घंटे में अधिकतम तापमान साढ़े 4 डिग्री बढ़ गया। इससे गर्मी बढ़ गई। अधिकतम तापमान 40 डिग्री पर पहुंच गया, जो शुक्रवार को 35.6 डिग्री पर था। रविवार को भी मौसम शुष्क रहेगा और पारा 40 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के करीब रहेगा।

दूसरी ओर, जहां मध्य व उत्तर छत्तीसगढ़ में पारा चढ़ा। वहीं, बस्तर संभाग में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर गया। शनिवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रायपुर रहा। सोमवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं पर बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में पारा चढ़ेगा। द्रोणिका व ऊपरी हवा के चक्रवात बना है, लेकिन ज्यादा असर नहीं है। सोमवार को इसका असर बस्तर संभाग में पड़ेगा।
 
एक तरह से अप्रैल का पहला हफ्ता बादल व बारिश में गुजर रहा है। तापमान 40 डिग्री तक जरूर पहुंचा है, लेकिन मार्च के ट्रेंड को देखते हुए लग रहा था कि कहीं लू के थपेड़ों से लोग परेशान न हो। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और बदले हुए मौसम में लोगों को भीषण गर्मी व लू से राहत मिली है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गर्मी बढ़ने की संभावना है।

बस्तर संभाग में चार दिन बारिश

बस्तर संभाग के जिलों में 7 से 10 अप्रैल तक हल्की बारिश, तेज आंधी (CG Weather Update) और बादलों की गरज के आसार हैं। 7 अप्रैल को बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, 8-9 अप्रैल को बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

छत्‍तीसगढ़ में हीटवेव का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल का तीसरा और चौथा सप्ताह काफी गर्म (CG Weather Update) रह सकता है, जिस दौरान हीटवेव की स्थिति बन सकती है। दिन का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री अधिक रहने की संभावना है और कई इलाकों में पारा 43-44 डिग्री तक पहुंच सकता है। तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचने पर हीटवेव का अलर्ट रहता है।

पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है हमारा छत्तीसगढ़ : CM साय

पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है हमारा छत्तीसगढ़ : CM साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रामनवमी के शुभ अवसर पर अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ी पारिवारिक फिल्म सुहाग का ट्रेलर लॉन्च किया। उन्होंने फिल्म के अभिनेता, विधायक और पद्मश्री से सम्मानित अनुज शर्मा सहित पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एक पारिवारिक फिल्म दर्शकों के बीच आ रही है, जो परिवार, संस्कृति, परंपरा और रिश्तों की भावनात्मक गहराइयों को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म हमारी पारंपरिक जीवनशैली और मूल्यों को सजीव रूप से प्रस्तुत करती है, जो दर्शकों को न केवल भावनात्मक रूप से जोड़ती है, बल्कि उन्हें अपने सामाजिक परिवेश से भी जोड़ती है।

साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। यहाँ लगातार फिल्में और वेब सीरीज़ बन रही हैं। प्रदेश सरकार फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने हेतु कृतसंकल्पित है, जिससे इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं को नए अवसर मिल सकें।

विधायक व अभिनेता अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री साय को फिल्म की थीम और संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि फिल्म 18 अप्रैल से प्रदेशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को फिल्म देखने के लिए  आमंत्रित भी किया। फिल्म के निर्माता चंद्रशेखर तिवारी, वत्सला सौरभ शर्मा, सह-निर्माता लोकनाथ दीवान, लेखक व निर्देशक राहुल थवाईत तथा सिद्धांत भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि फिल्म सुहाग – “वचन में बंधे मया के कहानी” – एक संवेदनशील पारिवारिक कथा है, जिसमें छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सुपरस्टार अनुज शर्मा और अभिनेत्री अनिकृति चौहान पहली बार साथ नज़र आएँगे। अनुज शर्मा का अभिनय इस फिल्म में भी अपनी सहजता, गहराई और भावनात्मक प्रभाव के लिए सराहा जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, उपाध्यक्ष चंद्रकांति वर्मा तथा छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू भी उपस्थित थे।

CG : साहित्य अकादमी के अध्यक्ष की नियुक्ति, आदेश जारी, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी

CG : साहित्य अकादमी के अध्यक्ष की नियुक्ति, आदेश जारी, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी

 रायपुर : सरकार ने साहित्य अकादमी के अध्यक्ष पद पर शशांक शर्मा की नियुक्ति कर दी है। पहले उनकी नियुक्ति छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष के पद पर की गई थी, अब आदेश को संशोधित किया गया है।

शशांक शर्मा हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक भी रह चुके हैं। सरकार ने 36 निगम-मंडल अध्यक्षों की सूची जारी की थी जिसमें शशांक का नाम छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद अध्यक्ष पद पर था। मगर परिषद के अध्यक्ष सीएम होते हैं, और इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में अब उनके आदेश को संशोधित कर साहित्य अकादमी का अध्यक्ष बनाया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री का ऐलान: हर नक्सल मुक्त गांव को मिलेगी 1 करोड़ रुपए की विकास निधि

केंद्रीय गृह मंत्री का ऐलान: हर नक्सल मुक्त गांव को मिलेगी 1 करोड़ रुपए की विकास निधि

 रायपुर: जनजातीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक बस्तर पंडुम 2025 आज दंतेवाड़ा में भव्य समापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ।

बस्तर पण्डुम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का संकल्प

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने उद्बोधन में बस्तर पण्डुम को अगले वर्ष से राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देशभर के आदिवासी जिलों के कलाकारों को इस महोत्सव में आमंत्रित किया जाएगा, और बस्तर की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम उत्सव में अपने उद्बोधन में जनजातीय आराध्य देवताओं को नमन किया। साथ ही महाराजा प्रवीर चंद भंजदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने जल, जंगल, जमीन और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबू जगजीवन राम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित कर दिया।

47000 कलाकारों की भागीदारी, 5 अप्रैल तक चला आयोजन

उन्होंने कहा कि बस्तर पण्डुम में 1850 ग्राम पंचायतों, 12 नगर पंचायतों, 8 नगर परिषदों, और एक नगर पालिका के कुल 47000 कलाकारों ने भाग लिया। यह उत्सव 12 मार्च से 5 अप्रैल तक चला और इस वर्ष 7 श्रेणियों में आयोजित किया गया। अगले वर्ष इसे 12 श्रेणियों में विस्तारित किया जाएगा।

संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संजोने का आह्वान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर की बोलियां, वाद्य यंत्र, भजन और परंपराएं केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें संरक्षित रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।

विकास की नई योजना: नक्सलमुक्त गांवों को मिलेगा 1 करोड़ रुपये

केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें “नक्सली मुक्त गांव” घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विकास निधि दी जाएगी। उन्होंने अपील की कि ग्राम सभा कर गांवों को सरेंडर की प्रक्रिया में आगे लाएं।

5500 रुपये में सीधे तेंदूपत्ता की खरीदी, बिचौलियों का अंत

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब तेंदूपत्ता 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से सीधे सरकार खरीद रही है, और राशि सीधे आदिवासियों के खाते में जा रही है। इससे लाल आतंक से जुड़े लोगों का नियंत्रण समाप्त होगा।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मिलेगा पुनर्वास

केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो नक्सली हथियार छोड़ देंगे, उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लाया जाएगा। लेकिन जो हथियार नहीं डालेंगे, उनके विरुद्ध सुरक्षाबल कड़ी कार्रवाई करेगी।

हर गांव में स्कूल, दवाखाना, आधार और राशन कार्ड की व्यवस्था

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि हर गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए छोटे अस्पताल, स्कूल, आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

‘वोकल फॉर लोकल’ के अंतर्गत बस्तर के उत्पादों को बाजार उपलब्ध

केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर के बेल मेटल, टेराकोटा, लकड़ी शिल्प, गोदना और चित्रकला को वैश्विक मंच देने की योजना बताई। ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत इन उत्पादों को दिल्ली तक के बाजारों में पहुंचाया जाएगा।

आदिवासी नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार एक आदिवासी महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर आदिवासी समाज को ऐतिहासिक सम्मान देने का कार्य हमारी सरकार में किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने 10 साल में 4 करोड़ से अधिक घर बनाए, 11 करोड़ को गैस सिलेंडर, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 15 करोड़ घरों में नल से जल, और 70 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा दिया है।

बस्तर का नया सपना: सुकमा से सब-इंस्पेक्टर, कांकेर से कलेक्टर

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि असली विकास तब होगा जब बस्तर से डॉक्टर, कलेक्टर, बैरिस्टर और प्रशासनिक अधिकारी निकलेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि अब बस्तर को हथियार नहीं, कलम और कंप्यूटर की शक्ति से आगे ले जाना है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें “नक्सली मुक्त गांव” घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विकास निधि दी जाएगी। उन्होंने अपील की कि ग्राम सभा कर गांवों को सरेंडर की प्रक्रिया में आगे लाएं।

5500 रुपये में सीधे तेंदूपत्ता की खरीदी, बिचौलियों का अंत

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब तेंदूपत्ता 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से सीधे सरकार खरीद रही है, और राशि सीधे आदिवासियों के खाते में जा रही है। इससे लाल आतंक से जुड़े लोगों का नियंत्रण समाप्त होगा।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मिलेगा पुनर्वास

केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो नक्सली हथियार छोड़ देंगे, उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लाया जाएगा। लेकिन जो हथियार नहीं डालेंगे, उनके विरुद्ध सुरक्षाबल कड़ी कार्रवाई करेगी।

हर गांव में स्कूल, दवाखाना, आधार और राशन कार्ड की व्यवस्था

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि हर गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए छोटे अस्पताल, स्कूल, आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

‘वोकल फॉर लोकल’ के अंतर्गत बस्तर के उत्पादों को बाजार उपलब्ध

केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर के बेल मेटल, टेराकोटा, लकड़ी शिल्प, गोदना और चित्रकला को वैश्विक मंच देने की योजना बताई। ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत इन उत्पादों को दिल्ली तक के बाजारों में पहुंचाया जाएगा।

आदिवासी नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार एक आदिवासी महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर आदिवासी समाज को ऐतिहासिक सम्मान देने का कार्य हमारी सरकार में किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने 10 साल में 4 करोड़ से अधिक घर बनाए, 11 करोड़ को गैस सिलेंडर, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 15 करोड़ घरों में नल से जल, और 70 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा दिया है।

बस्तर का नया सपना: सुकमा से सब-इंस्पेक्टर, कांकेर से कलेक्टर

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि असली विकास तब होगा जब बस्तर से डॉक्टर, कलेक्टर, बैरिस्टर और प्रशासनिक अधिकारी निकलेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि अब बस्तर को हथियार नहीं, कलम और कंप्यूटर की शक्ति से आगे ले जाना है।

बस्तर के लोग अब विकास की ओर : नक्सलवाद के खात्मे के साथ लौटेंगे बस्तर के सुनहरे दिन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर के लोग अब विकास की ओर : नक्सलवाद के खात्मे के साथ लौटेंगे बस्तर के सुनहरे दिन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है, और यह बदलाव स्थायी होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बस्तर के लोग अब नक्सलवाद से मुक्ति चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस जनभावना के प्रतीक हैं।

नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई: केंद्र और राज्य की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल के जवानों की मजबूत कार्रवाई के कारण निरंतर सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा जताई कि मां दंतेश्वरी की कृपा से यह संकल्प अवश्य पूरा होगा।

बस्तर: प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का संगम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर एक प्राकृतिक स्वर्ग है – यहां अनेक जलप्रपात और अबूझमाड़ के घने जंगल हैं। यहां फिर से देश-दुनिया के पर्यटक आएँगे और बस्तर को उसका गौरवमय स्थान मिलेगा। बस्तर पंडुम में 47 हजार कलाकारों और बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन की सबसे बड़ी गवाही है।

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक बना बस्तर पंडुम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार किया है। इस आयोजन में ओड़िशा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जैसे 6 पड़ोसी राज्यों के 47 हजार कलाकारों ने भाग लिया। इस उत्सव में आदिवासी संस्कृति, वेशभूषा, खानपान और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन हुआ।

डबल इंजन सरकार की योजनाएँ बदल रही हैं ज़िंदगी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों से राज्य में डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों से जुड़ी योजनाएँ, और 70 लाख माताओं और बहनों को हर महीने 1000 रुपए देने वाली महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से मोदी की गारंटी को पूरा किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना से आदिवासी समुदायों को नया जीवन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  द्वारा शुरू की गई पीएम जनमन योजना के माध्यम से अबुझमाड़िया, कोरवा, बिरहोर, पंडो जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों तक सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं पहुँचाई जा रही हैं।

धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना: 80,000 करोड़ की ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना  के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,500 जनजातीय गांवों में सर्वांगीण विकास होगा। यह योजना ग्रामीण समृद्धि और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है।

नियद नेल्लानार योजना: सुरक्षा से सेवा तक का सफर
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 100 से अधिक गांवों में सुरक्षा कैंप खोले जा चुके हैं। इन कैंपों के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, और स्कूल-अस्पताल जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले गोलियों की आवाज आती थी, अब वहां स्कूल की घंटी बज रही है।
छत्तीसगढ़ का भविष्य: समृद्धि, शिक्षा और शांति

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि जल्द ही छत्तीसगढ़ नक्सलवाद मुक्त होगा और एक विकसित, खुशहाल राज्य के रूप में प्रतिष्ठित होगा। हर घर में खुशहाली और समृद्धि आएगी।

बस्तर पंडुम: सांस्कृतिक समरसता का महोत्सव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम आयोजन 45 दिन चला और ब्लॉक से लेकर संभाग स्तर तक इसका आयोजन हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आयोजन में शामिल सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर बदल रहा है, और यह बदलाव  सरकार के प्रयासों के साथ ही जनता के विश्वास का परिणाम है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह केवल दिल्ली से नीतियाँ नहीं बनाते, वे बस्तर की पीड़ा को महसूस करने स्वयं यहां आते हैं, पीड़ितों से मिलते हैं, उनके साथ भोजन करते हैं। यह बस्तर के प्रति सच्ची संवेदना और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में बस्तर की मिट्टी से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में आज सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल टावर, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, सिंचाई जैसी सुविधाएं तीव्र गति से गांव-गांव पहुँच रही हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर पंडुम में जनजातीय समाज की वस्त्र, वाद्ययंत्र, भोजन, लोकगीत, पारंपरिक जीवनशैली की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान भी प्राप्त हुआ है। यह पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह दिन बस्तर के लिए इतिहास रचने का दिन है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में ही जनघोषणा पत्र के वादों को वास्तविकता में बदला जा रहा है और जनजातीय समाज को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सुकमा से कोई सब-इंस्पेक्टर, बस्तर से बैरिस्टर, दंतेवाड़ा से डॉक्टर और कांकेर से कलेक्टर बने – अमित शाह

सुकमा से कोई सब-इंस्पेक्टर, बस्तर से बैरिस्टर, दंतेवाड़ा से डॉक्टर और कांकेर से कलेक्टर बने – अमित शाह

 रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव ने जनजातियों के जल, जंगल, जमीन और संस्कृति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि यहां एक प्रजावत्सल राजा के रूप में उनकी लोकप्रियता तत्कालीन सरकार को सहन नहीं हुई और साज़िश के तहत उनकी हत्या कर दी गई थी। श्री शाह ने कहा कि आज जब पूरा बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने की कगार पर है और विकास के रास्ते पर चल चुका है, तब प्रवीर चंद्र जी की आत्मा जहां भी होगी बस्तरवासियों को अपना आशीर्वाद दे रही होगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अगले साल से बस्तर पंडुम के दौरान देश के हर आदिवासी ज़िले से कलाकारों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ख्याति दिलाने के लिए सभी देशों के राजदूतों को बस्तर का भ्रमण करवाकर यहां की परंपरा, संस्कृति और कला को पूरे विश्व तक पहुंचाने का काम मोदी सरकार कर रही है। श्री शाह ने कहा कि 1885 ग्राम पंचायतों, 12 नगर पंचायतों, 8 नगर परिषदों, एक नगरपालिका और 32 जनपदों के 47 हज़ार कलाकारों ने इस उत्सव में भाग लिया है। ज़िला प्रशासन और संस्कृति विभाग ने बस्तर पंडुम के लिए 5 करोड़ रूपए का आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि यह पंडुम स्थानीय और पारंपरिक कला, संस्कृति, शिल्पकला, तीज-त्यौहार, खानपान, बोली, भाषा, रीति रिवाज़, वेशभूषा, आभूषण, पारंपरिक गीत-संगीत और व्यंजन को मूल रूप में संवर्धित और संरक्षित करने का काम करेगा।

गृह मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं हमारे बस्तर का युवा सबसे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करे, विश्व के युवाओं के साथ हर मंच पर प्रतिस्पर्धा करे और दुनियाभर की समृद्धि प्राप्त करे लेकिन अपनी संस्कृति, भाषा, परंपराओं को कभी न भूले। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति, बोलियां, वाद्य यंत्र और भोजन सिर्फ छत्तीसगढ़ नहीं बल्कि पूरे भारत की संस्कृति का गहना हैं और हमें इसे संजोकर रखना है। श्री शाह ने कहा कि सात श्रेणियों में मनाए जा रहे बस्तर पंडुम उत्सव को अगले वर्ष 12 श्रेणियों में मनाया जाएगा और देशभर के आदिवासी इसमें शामिल होंगे। गृह मंत्री ने कहा कि भारत की ताकत अनेकता में एकता, अनेक प्रकार की संस्कृतियों, कलाओं, परंपराओं, भाषाओं, बोलियों और व्यंजनों का समागम है। उन्होने कहा कि हम दुनिया के साथ हर स्पर्धा में खड़े रहेंगे लेकिन हमारी संस्कृति और अन्य धरोहर को संरक्षित भी करेंगे और बस्तर पंडुम इसकी शुरूआत है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वह जमाना गया जब यहां पर गोलियां चलती थी और बम धमाके होते थे। उन्होंने सभी नक्सलसियों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियार डालकर मुख्यधारा में आ जाएं क्योंकि बस्तर विकास चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी बस्तर को सब कुछ देना चाहते हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब बस्तर में शांति हो। यहां के बच्चे स्कूल जाएं, माताओं के स्वास्थ्य की चिंता हो, आदिवासी और युवा कुपोषण से पीड़ित न हों, बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था हो, हर गांव में दवाखाना हो और तहसील में अस्पताल हो, तभी विकास संभव है। उन्होंने कहा कि यह सब तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि वे हर गांव को नक्सलवाद मुक्त बनाएंगे। श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषणा की है जो गांव सभी नक्सलियों से सरेंडर कराएगा उस गांव को नक्सलवाद मुक्त घोषित कर एक करोड़ रूपए की विकास राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई किसी को मारना नहीं चाहता, इसीलिए नक्सलियों को हिंसा छोड़कर मेनस्ट्रीम में आना चाहिए और उनका संरक्षण भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार करेगी। गृह मंत्री ने कहा कि नक्सली हथियार लेकर पूरे बस्तर का विकास नहीं रोक सकते।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वोकल फॉर लोकल का नारा दिया है और हर जिले के एक विशिष्ट उत्पाद को जीआई टैग से जोड़कर देशभर के बाजारों में उसकी मार्केटिंग की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे आदिवासी जननायकों को पूरे देश में सम्मान और श्रद्धा प्राप्त होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी जी ने बस्तर के नायक वीर गुंडाधूर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और 150वीं जयंती वर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष मनाने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने 75 साल तक गरीबी हटाओ का नारा तो दिया पर गरीबों के विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के करोड़ों गरीबों के लिए पिछले 10 साल में 4 करोड़ से अधिक घर बनाए, 11 करोड़ गैस कनेक्शन दिए, 12 करोड़ शौचालय बनाए, 15 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया और 70 करोड़ लोगों को 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज दिया है।

श्री अमित शाह ने कहा जो लोग यह समझ गये हैं कि विकास के लिए हाथ में बंदूक नहीं, कंप्यूटर चाहिए, IED और हथगोला नहीं बल्कि कलम चाहिए, उन सबने सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने कि दिशा में इस साल अब तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि 2024 में कुल 881 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। श्री शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि जो नक्सली हथियार छोड़ेंगे वे मुख्यधारा में शामिल होकर आगे बढ़ सकेंगे, लेकिन जो हथियार उठाकर हिंसा के रास्ते पर चलेंगे उनके साथ सुरक्षाबल सख्ती से निपटेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार, मार्च, 2026 तक पूरे देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने के प्रति कटिबद्ध है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब भय नहीं बल्कि भविष्य का पर्याय बन चुका है। पहले नक्सलियों के आतंक के कारण राजनेताओं को रैली और सभा करने से रोक लिया जाता था, लेकिन वक्त बदल चुका है। आज वे 50,000 आदिवासी भाई बहनों के सामने रामनवमी, अष्टमी और बस्तर पंडुम महोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब मशीनों की आवाज आती है, जहां गांव वीरान थे, अब वहां स्कूलों की घंटियां बजती हैं, जहां पहले सड़क एक स्वप्न होती थी, वहां राजमार्ग बन रहे हैं और जहां बच्चा स्कूल जाने से डरता था आज वहां का बच्चा कंप्यूटर के माध्यम से पूरे विश्व के साथ संपर्क स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास इसीलिए हो रहा है क्योंकि अब नक्सलवाद के साथ कोई नहीं जुड़ता।

श्री अमित शाह ने कहा कि विकास, विश्वास और विजय की लौ के साथ अब बस्तर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर गांव की सभा बुलाकर नक्सलियों को सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और विकास के रास्ते को खोलने में मदद की जानी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि विकास तब होगा जब सुकमा से कोई सब-इन्सपेक्टर बने, बस्तर से बैरिस्टर, दंतेवाड़ा से डॉक्टर और कांकेर से कलेक्टर बने, ऐसे ही बस्तर का विकास और निर्माण हमें करना है। उन्होंने कहा कि सभी को विकास के सपनों को सच करने के लिए निष्ठापूर्वक और निर्भीक होकर प्रयास करना चाहिए क्योंकि मोदी जी के शासन में किसी को डरने की ज़रूरत नहीं है।