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जनजातीय गौरव दिवस पर समूचे प्रदेश में 1 से 15 नवम्बर तक मनाया जाएगा “जनजातीय गौरव पखवाड़ा

जनजातीय गौरव दिवस पर समूचे प्रदेश में 1 से 15 नवम्बर तक मनाया जाएगा “जनजातीय गौरव पखवाड़ा

 जनजातीय गौरव दिवस पर समूचे प्रदेश में 1 से 15 नवम्बर तक मनाया जाएगा “जनजातीय गौरव पखवाड़ा”

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर होंगे विशेष आयोजन

रायपुर - भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार इस वर्ष 15 नवम्बर 2025 को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में समूचे देश में “जनजातीय गौरव दिवस” भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक “जनजातीय गौरव पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं प्रभारी सचिवों की उपस्थिति में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय समारोह में जनजातीय संस्कृति, लोककला, व्यंजन, हस्तशिल्प और विकास प्रदर्शनी के साथ-साथ भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

कार्यक्रमों में शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव एवं उत्तर छत्तीसगढ़ जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही आश्रम-छात्रावासों, शासकीय संस्थानों और जनजातीय ग्रामों में प्रभातफेरी, जन-जागरूकता यात्राएँ, वृक्षारोपण, निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। जनजातीय नायक-नायिकाओं के जीवन और योगदान पर संगोष्ठियाँ भी होंगी।

इस पखवाड़े के दौरान विशेष लाभार्थी संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, सिकल सेल जांच, स्वास्थ्य परीक्षण, जाति प्रमाणपत्र वितरण, पीएम किसान सम्मान निधि एवं किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।

जिले के “आदि सेवा केन्द्रों” में भी गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, जनजातीय समुदाय के प्रमुखों, प्रतिभावान बच्चों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही पी.एम. जनमन, आदि कर्मयोगी तथा धरतीआबा योजनाओं से संबंधित लघु फिल्में प्रदर्शित की जाएँगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का संदेश-पाठ (पाती वाचन) भी किया जाएगा।

जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर यह आयोजन प्रदेश के आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, संघर्ष और गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर बनेगा।

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती हम सबके लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस, संघर्ष और त्याग से जनजातीय समाज को स्वाभिमान और स्वतंत्रता का संदेश दिया। जनजातीय गौरव पखवाड़ा न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत के उत्सव का प्रतीक है, बल्कि यह आदिवासी समाज के उत्थान, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। मैं सभी प्रदेशवासियों से आग्रह करता हूँ कि वे इस पखवाड़े में उत्साहपूर्वक भाग लें और हमारी जनजातीय संस्कृति, परंपरा एवं मूल्यों को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।”- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल : बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान के लिए चिन्हित व्यक्तियों को मिलेगी प्रति वर्ष 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल : बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान के लिए चिन्हित व्यक्तियों को मिलेगी प्रति वर्ष 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि

 मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल : बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान के लिए चिन्हित व्यक्तियों को मिलेगी प्रति वर्ष 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि

रायपुर-  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ के चिन्हित व्यक्तियों को प्रति वर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना को ‘मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना (अनुसूचित जनजाति) वर्ष 2025’ के नाम से जाना जाएगा। योजना के संबंध में 6 नवम्बर को आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विस्तृत अधिसूचना जारी की गई है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत रूप से वनौषधीय चिकित्सा संबंधी कार्यों में संलग्न बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ लोगों की परंपरागत वनौषधीय चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने और उनके सेवा एवं योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से, जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर 2024 के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रति चिन्हित व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन निधि प्रदान करने की घोषणाकी गई थी।

आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में उल्लेखित है कि ‘मुख्यमंत्री बैगा, गुनिया-हड़जोड़ सम्मान योजना’ का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के अंतर्गत परंपरागत रूप से वनौषधियों के ज्ञान में दक्ष बैगा, गुनिया और हड़जोड़ व्यक्तियों के पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना, उसे आगामी पीढ़ियों तक हस्तांतरित करना और उनके वनौषधीय चिकित्सकीय अनुभवों का अभिलेखीकरण कर उनकी आजीविका एवं सेवा को सुदृढ़ बनाना है।

अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनजाति समाजों में वनौषधीय चिकित्सा संबंधी अनुभव परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं। अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में ऐसे बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ व्यक्ति जो विगत तीन वर्षों से वनौषधीय चिकित्सा सेवा कार्य में संलग्न हैं, उन्हें संरक्षित करने और सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्त्री, पुरुष एवं तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) व्यक्ति, जो बैगा, गुनिया या हड़जोड़ के रूप में कम से कम 30 वर्षों से अपने स्थानीय क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं तथा जिनके परिवार में कम से कम दो पीढ़ियों से वनौषधीय चिकित्सा का ज्ञान स्थानांतरित हुआ है, पात्र माने जाएंगे। साथ ही, जो व्यक्ति पादप औषधि बोर्ड, आयुष विभाग, वन विभाग या लघु वनोपज संघ जैसी पंजीकृत संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, उनका चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ग्राम स्तर पर किया जाएगा।

ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत द्वारा प्रेषित नामों की अनुशंसा ग्राम स्तर पर ग्राम सचिव, सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन तथा प्राथमिक अथवा माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक द्वारा अनुमोदित की जाएगी। इस अनुशंसा के आधार पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास स्तर पर गठित समिति — जिसमें संबंधित जनपद अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक जनपद सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं मंडल संयोजक शामिल होंगे — द्वारा अनुशंसित नामों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापित सूची आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास कार्यालय को प्रेषित की जाएगी। समिति द्वारा किसी मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त सदस्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा।

ग्राम सभा/ग्राम पंचायत से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तथा जनपद स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा के उपरांत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास द्वारा कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त कर प्रस्ताव आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास को भेजा जाएगा। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार जिलों को आवश्यक धनराशि का आबंटन किया जाएगा। तत्पश्चात सहायता राशि का वितरण जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा तथा सम्मान निधि प्राप्त व्यक्तियों की सूची संबंधित ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़ी जाएगी।

*”छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएं हमारे सांस्कृतिक वैभव और प्राचीन ज्ञान का जीवंत प्रतीक हैं। बैगा, गुनिया और हड़जोड़ हमारे समाज के वे सम्मानित जन हैं, जिन्होंने सदियों से वनौषधीय चिकित्सा की लोकपरंपरा को जीवित रखा है। उनकी इस अनमोल सेवा और ज्ञान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना” प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से हम न केवल उनके योगदान को मान्यता दे रहे हैं, बल्कि उनकी परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प भी निभा रहे हैं।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी

वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 रायपुर : ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक दिन को छत्तीसगढ़ में भी बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस अवसर पर सभी ने “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ आज़ादी की राष्ट्रीय चेतना का पुण्य स्मरण किया और अमर बलिदानियों को नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए और प्रधानमंत्री का उद्बोधन भी सुना।

मुख्यमंत्री ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली हुए शामिल

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान का एक प्रवाह, एक लय और एक तारतम्य हृदय को स्पंदित कर देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का मूल भाव मां भारती है — यह भारत की शाश्वत संकल्पना, स्वतंत्र अस्तित्व-बोध और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आज़ादी का उद्घोष था, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने और स्वाधीन भारत के स्वप्न को साकार करने की प्रेरणा दी। स्वतंत्रता आंदोलन में यह गीत क्रांतिकारियों की आवाज़ बना और यह केवल प्रतिरोध का स्वर नहीं, बल्कि आत्मबल जगाने वाला मंत्र बन गया। श्री मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ में भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और समृद्धि की कहानी समाहित है। विदेशी आक्रमणों और अंग्रेज़ों की शोषणकारी नीतियों के बीच ‘वंदे मातरम्’ ने समृद्ध भारत के स्वप्न का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के नए स्वरूप का उदय देख रही है, जो अपनी परंपरा, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के समन्वय से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था, और यह गीत सदैव हमारे हृदयों में अमर रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह गीत मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम, कृतज्ञता और राष्ट्रधर्म की भावना का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर मातृभूमि की वंदना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव का आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रव्यापी शुभारंभ इस कालातीत रचना के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण अध्याय है। इस अवसर पर वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ ही माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा स्मारक सिक्के का जारी होना एक ऐतिहासिक स्मृति है। श्री बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा है, जिसने सदैव राष्ट्रीय गौरव, एकता और आत्मसम्मान की ज्योति प्रज्वलित की है। यह मातृभूमि की शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक है, साथ ही भारत की एकता और आत्मगौरव की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इस कालजयी रचना की सृष्टि की थी, जिसे बाद में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंद मठ’ में शामिल किया गया। मातृभूमि की स्तुति में रचा गया यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा बना। अनेक क्रांतिकारियों ने “वंदे मातरम्” कहते हुए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1905 में बंगाल विभाजन के समय ‘वंदे मातरम्’ ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक यह गीत सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का मंत्र बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सुनते ही हृदय में ऊर्जा, गर्व और देशभक्ति का संचार होता है। यह गीत हमें स्मरण कराता है कि हमारी भूमि, जल, अन्न और संस्कृति ही हमारी जीवनदायिनी शक्ति हैं। उन्होंने कहा, “यूरोप में भूमि को ‘फादरलैंड’ कहा जाता है, लेकिन भारत में हम अपनी भूमि को ‘मातृभूमि’ कहते हैं।” यह भाव रामायण के श्लोक “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” में प्रकट होता है। ‘वंदे मातरम्’ भी इसी भाव से जन्मा हमारा ध्येय-वाक्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से भावी पीढ़ी को हमारे अतीत के संघर्षों और ‘वंदे मातरम्’ जैसी अमर रचनाओं की आज़ादी की लड़ाई में भूमिका के बारे में जानने का सुंदर अवसर मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें और इसे भारत माता तथा छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित करें।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा चरडोंगरी, खड़ौदा खुर्द एवं रघ्घुपारा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हुए शामिल

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा चरडोंगरी, खड़ौदा खुर्द एवं रघ्घुपारा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हुए शामिल

  रायपुर : उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान विभिन्न ग्रामों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ आत्मीयता पूर्वक सीधे संवाद किया। इस दौरान वे ग्राम चरडोंगरी, खड़ौदा खुर्द एवं रघ्घुपारा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। जहां उन्होंने अपने सरल सहज अंदाज में लोगों से आत्मीय भेंट की।

ग्राम चरडोंगरी पहुँचकर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनके हाल-चाल जाने। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी मांगों, समस्याओं और शिकायतों को विस्तार से सुना तथा उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार का उद्देश्य हर ग्राम तक विकास की रोशनी पहुँचाना है और शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सुनिश्चित करना है।

इसके पश्चात उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्राम खड़ौदा खुर्द पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वर्गीय लोकनाथ साहू के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवारजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद उन्होंने ग्राम रघ्घुपारा में आयोजित स्वर्गीय श्री लक्ष्मण दास पटेल जी के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होकर दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित कर परिजनों को ढांढस बंधाया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामीण उपस्थित थे।

राजभवन में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर सामूहिक गायन

राजभवन में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर सामूहिक गायन

  रायपुर : भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्‘‘ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज राजभवन, रायपुर में भावपूर्ण सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नई दिल्ली से किया गया, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ किया। राजभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा और एक स्वर में “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया।

राजभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने राष्ट्रीय भावना और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना के साथ राष्ट्रीय गीत का सामूहिक रूप से गायन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

शर्मनाक हरकत : नौकरी के बदले वार्ड बॉय ने महिला से की संबंध बनाने की मांग, विरोध करने पर किया अभद्र व्यवहार

शर्मनाक हरकत : नौकरी के बदले वार्ड बॉय ने महिला से की संबंध बनाने की मांग, विरोध करने पर किया अभद्र व्यवहार

 धमतरी - धमतरी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला से नौकरी के बदले शारीरिक संबंध बनाने की मांग की गई। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बताया जा रहा है एक महिला ने जिला अस्पताल धमतरी में जीवन दीप समिति में वार्ड आया पद के लिए आवेदन फार्म भरा था। इसके बाद जीवन दीप समिति के वार्ड बॉय राहुल इलमकर का महिला को फोन आया, जिसमें उसने महिला को मिलने के लिए बुलाया। जब महिला उससे मिलने कार्यालय पहुंची तो आरोपी ने कहा कि वार्ड आया की नौकरी के लिए 30–40 हजार रुपये देने होंगे या फिर शारीरिक संबंध बनाना होगा।

 जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ अशोभनीय एवं अभद्र व्यवहार किया। जिसके बाद महिला ने एसपी से शिकायत की। शिकायत पर थाना प्रभारी कोतवाली को सूक्ष्मता से जांच कर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जिस पर थाना प्रभारी सिटी कोतवाली द्वारा शिकायत पर प्राप्त तथ्यों की सूक्ष्मता एवं गंभीरता से जांच की गई। जांच में तथ्य सत्य पाए जाने पर थाना में मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ बनेगा मध्य भारत का टेक्नोलॉजी और नवाचार हब, सीएम ने किया ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ बनेगा मध्य भारत का टेक्नोलॉजी और नवाचार हब, सीएम ने किया ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ

  रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है और आज राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का भी ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों और ट्रिपल आईटी परिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा, एकता और औद्योगिक विकास को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह मिशन न केवल बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार को प्रोत्साहन देने का भी कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है— मोबाइल, सैटेलाइट, रक्षा प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी इससे जुड़े हैं। ऐसे में ‘मेक इन सिलिकॉन’ जैसी पहल भारत की चिप क्रांति को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुशल मानव संसाधन, सुदृढ़ औद्योगिक ढांचा, निर्बाध बिजली आपूर्ति और तकनीकी विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का भूमिपूजन हो चुका है, जिससे युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आईटी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य का ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ सतत विकास पर केंद्रित है, जिसमें सेमीकंडक्टर को प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इज ऑफ डूइंग बिज़नेस के साथ अब स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस पर भी बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को लाभ मिलेगा। उन्होंने आह्वान किया कि “हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बनाएं तथा भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में सक्रिय योगदान दें।”

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब मैं पढ़ाई कर रहा था, तब छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था। किंतु पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के कारण आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू, एम्स, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हुए हैं। इन संस्थानों ने राज्य को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान दी है।

चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और तकनीकी विकास की अपार संभावनाएँ हैं। आज का युग टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इकोनॉमी का है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर डाउन होने से विश्वभर में जिस प्रकार कार्य प्रभावित हुए, उससे स्पष्ट है कि पावर टेक्नोलॉजी आज जीवन, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रणाली को किस हद तक प्रभावित करती है। इसलिए हमें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अभी से तैयार रहना होगा।

उन्होंने कहा कि नवाचार, कौशल और काबिलियत ही भविष्य में आपकी वास्तविक उपयोगिता सिद्ध करेंगे। बड़ी उपलब्धियाँ वही व्यक्ति प्राप्त करता है, जो अपनी क्षमता को निरंतर तराशता है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि परिवर्तन हमेशा दृष्टिकोण, संकल्प और निरंतर प्रयास से आता है। साउथ कोरिया के तकनीकी परिवर्तन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “हमें भी उसी प्रकार शिक्षा, तकनीक और शोध में निवेश बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा।”

वित्त मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी दक्षता, शोध और रचनात्मक सोच को अपने जीवन का आधार बनाएं, क्योंकि आने वाला समय उन्हीं का होगा जो ज्ञान और नवाचार को अपनी शक्ति बनाएंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर और औद्योगिक क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप शैक्षणिक संस्थान सेमीकंडक्टर क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि “आपका नवाचार और आपका संकल्प भारत की तकनीकी पहचान को नई ऊँचाई देगा।”

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने अतिथियों को संस्थान की 10 वर्षों की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान में विकसित भारत की अवधारणा के अनुरूप शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण एवं उद्योग आधारित परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. मुकुल सुतावणे, आईआईटी इंदौर के प्रो. संतोष विश्वकर्मा, मनोज कुमार मजूमदार सहित शिक्षाविद् एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।

उल्लखेनीय है कि ‘मेक इन सिलिकॉन’ – स्वदेशी सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी – ट्रिपल आईटी नया रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी (ECE) विभाग के माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और वीएलएसआई डिजाइन समूह द्वारा आयोजित की जा रही है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन शिक्षा जगत, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त मंच है, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके।

संगोष्ठी में वीएलएसआई डिजाइन और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उन्नत तकनीक, जैसे नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स, एमईएमएस, क्वांटम डिवाइस, तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इन क्षेत्रों में प्रगति न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करेगी बल्कि भारत के अनुसंधान और औद्योगिक विकास के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य भी करेगी।

 राष्ट्रीय मिशन के तहत यह पहल सेमीकंडक्टर उपकरण, पैकेजिंग और फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता एवं नवाचार को गति देने का प्रयास है। संगोष्ठी में नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स की सहभागिता से कौशल विकास, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है। यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत मिशन की भावना के अनुरूप भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर नवाचार और निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी ठंड! अगले तीन दिन तापमान में होगी गिरावट, जानें मौसम का हाल

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी ठंड! अगले तीन दिन तापमान में होगी गिरावट, जानें मौसम का हाल

 CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जाएगा। हालांकि, पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है।

आने वाले दिनों में बढ़ेगी ठंड

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, शुष्क और ठंडी हवाओं के चलते रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी। उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। वहीं, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी अगले तीन दिनों तक मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहेगा। इससे यह स्पष्ट है कि प्रदेश में फिलहाल ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा और आने वाले दिनों में सर्दी और गहराएगी।

आज का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, 8 नवंबर को पूरे छत्तीसगढ़ में आसमान साफ रहेगा और दिन के समय हल्की धूप रहेगी। रायपुर शहर में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह और रात के समय हल्की सिहरन महसूस की जा सकती है।

अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूखा मौसम जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट बनी रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में सर्दी का असर और गहराने की संभावना है।

सीएम विष्णु देव साय का गुजरात दौरा: अहमदाबाद में होंगे ‘छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में शामिल

सीएम विष्णु देव साय का गुजरात दौरा: अहमदाबाद में होंगे ‘छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में शामिल

  रायपुर: छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 10 और 11 नवंबर को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे अहमदाबाद में आयोजित निवेशक सम्मेलन में शामिल होंगे, जहां उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर राज्य में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री साय का यह दौरा छत्तीसगढ़ में नए निवेश और रोजगार सृजन को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान वे गुजरात के सफल औद्योगिक मॉडल से सीख लेते हुए, राज्य में उद्योगों के अनुकूल माहौल और नीतिगत सुधारों को प्रस्तुत करेंगे।

गुजरात प्रवास के पहले दिन मुख्यमंत्री नर्मदा जिले के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद अगले दिन वे अहमदाबाद पहुंचकर ‘छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

यह कार्यक्रम पहले जुलाई-अगस्त में होना तय था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह आयोजन निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और संभावित साझेदारी के अवसरों को समझने का सुनहरा मौका साबित होगा।

छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास का केंद्र बनाना है। सीएम विष्णु देव साय का यह गुजरात दौरा, राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

 
 
Breaking : रायपुर से दिल दहला देने वाली घटना, मेकाहारा के गेट पर मिला नवजात का शव

Breaking : रायपुर से दिल दहला देने वाली घटना, मेकाहारा के गेट पर मिला नवजात का शव

 रायपुर। राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, मेकाहारा के गेट पर सुबह एक नवजात शिशु का शव पॉलीथिन में मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात को जन्म के तुरंत बाद पॉलीथिन में डालकर फेंक दिया है।

CCTV फुटेज खंगाले जा रहे

जानकारी के अनुसार, ये मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र का है। सुबह राहगीरों ने पॉलीथिन में बच्चे का शव देखा तो तुरंत अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी। डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति की जांच की। अस्पताल और आस-पास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहें है। पुलिस ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नवजात को जन्म के तुरंत बाद पॉलीथिन में फेंका गया है।

फिलहाल पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

 
Breaking : छत्तीसगढ़ में शीतकालीन छुट्टी का नोटिफिकेशन जारी, जानिए कितने दिन बंद रहेंगे स्कूल

Breaking : छत्तीसगढ़ में शीतकालीन छुट्टी का नोटिफिकेशन जारी, जानिए कितने दिन बंद रहेंगे स्कूल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस आदेश के तहत प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ डी.एड., बी.एड. और एम.एड. महाविद्यालयों में त्योहारों और मौसम के अनुसार अवकाश निर्धारित किए गए हैं।

ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई से 15 जून तक
वहीं, ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई से 15 जून 2026 तक घोषित किया गया है। लगभग डेढ़ महीने तक चलने वाली इस छुट्टी के दौरान स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह बंद रहेगी, और शिक्षक भी इस दौरान अपने परिवार के साथ विश्राम कर सकेंगे।

पहले ही जारी हुआ था प्रारंभिक नोटिफिकेशन
शिक्षा विभाग ने इस अवकाश व्यवस्था से संबंधित प्रारंभिक नोटिफिकेशन सितंबर 2025 में ही जारी कर दिया था। इसे प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को भेज दिया गया था, ताकि किसी भी जिले में भ्रम या असमंजस की स्थिति न बने।

शिक्षा विभाग का उद्देश्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, छुट्टियों की पूर्व घोषणा से स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और अभिभावक सभी अपने कार्यक्रम पहले से तय कर सकेंगे। इससे शैक्षणिक सत्र की नियमितता और परीक्षा कार्यक्रम पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

CG News : झाड़ियों में मिली युवक की अधजली लाश, बेरहमी से हत्या कर जलाने की कोशिश

CG News : झाड़ियों में मिली युवक की अधजली लाश, बेरहमी से हत्या कर जलाने की कोशिश

 बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ के न्यायधानी में एक बार फिर अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा सब्जी मंडी के पास झाड़ियों में शुक्रवार सुबह एक युवक का अधजला शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हत्या कर शव को जलाने की आशंका जताई जा रही है।

फॉरेंसिक टीम जाँच में जुटी 

शुक्रवार सुबह तिफरा सब्जी मंडी के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने झाड़ियों से धुआं उठते देखा। पास जाकर जांच करने पर उन्हें एक अधजला शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची… पुलिस ने वहां से जले हुए कपड़ों के टुकड़े, अन्य सामान और साक्ष्य जब्त किए हैं। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया ताकि घटनास्थल से सटीक सबूत जुटाए जा सकें। पुलिस का मानना है कि युवक की बेरहमी से हत्या कर शव को जलाने की कोशिश की गई, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

क्षेत्र में दहशत का माहौल

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस मृतक की पहचान के प्रयास में जुटी है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही इंदिरा सेतु पुल के नीचे भी एक अधजली लाश मिली थी। लगातार मिल रही अधजली लाशों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सिरगिट्टी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

मातृभूमि की स्तुति में रचा गया ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

मातृभूमि की स्तुति में रचा गया ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर।  ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक दिन को छत्तीसगढ़ में भी बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस अवसर पर सभी ने “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ आज़ादी की राष्ट्रीय चेतना का पुण्य स्मरण किया और अमर बलिदानियों को नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए और प्रधानमंत्री का उद्बोधन भी सुना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान का एक प्रवाह, एक लय और एक तारतम्य हृदय को स्पंदित कर देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का मूल भाव मां भारती है — यह भारत की शाश्वत संकल्पना, स्वतंत्र अस्तित्व-बोध और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आज़ादी का उद्घोष था, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने और स्वाधीन भारत के स्वप्न को साकार करने की प्रेरणा दी। स्वतंत्रता आंदोलन में यह गीत क्रांतिकारियों की आवाज़ बना और यह केवल प्रतिरोध का स्वर नहीं, बल्कि आत्मबल जगाने वाला मंत्र बन गया। मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ में भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और समृद्धि की कहानी समाहित है। विदेशी आक्रमणों और अंग्रेज़ों की शोषणकारी नीतियों के बीच  ‘वंदे मातरम्’ ने समृद्ध भारत के स्वप्न का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के नए स्वरूप का उदय देख रही है, जो अपनी परंपरा, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के समन्वय से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था, और यह गीत सदैव हमारे हृदयों में अमर रहेगा।

Breaking : भारी हथियार के साथ 7 इनामी नक्सली करेंगे सरेंडर

Breaking : भारी हथियार के साथ 7 इनामी नक्सली करेंगे सरेंडर

 गरियाबंद।  जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। उदन्ती एरिया कमेटी से जुड़े सात सक्रिय नक्सलियों ने शुक्रवार को गरियाबंद में आत्मसमर्पण करने जंगल से निकले है। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और गरियाबंद पुलिस की लगातार अपील से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं।

सूत्रों के मुताबिक,  नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लिया है। समर्पण के लिए जाने वाले के उदंती एरिया कमांडर सुनील, सचिव एरिना जिन पर 8-8 लाख के इनाम घोषित है। इनके साथ कमेटी मेंबर लुद्रों, विद्या, नंदिनी, मलेश जिन पर 5-5 लाख के इनाम घोषित है। इसके अलावा 1 लाख इनामी कांती समर्पण के लिए निकले हैं। इनके पास 1 एस एल आर, 3 इंसास, एक सिंगल शॉट हुथियार मौजूद है।

Breaking : छत्तीसगढ़ में अस्थायी योग प्रशिक्षकों की होगी बंपर भर्ती, ऐसे होगा सेलेक्शन, जानिए पूरी डिटेल्स

Breaking : छत्तीसगढ़ में अस्थायी योग प्रशिक्षकों की होगी बंपर भर्ती, ऐसे होगा सेलेक्शन, जानिए पूरी डिटेल्स

 रायपुर : कार्यालय छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा विभिन्न छात्रावास/आश्रमों में अस्थायी सेवा के लिए कुल 108 योग प्रशिक्षकों तथा 03 योग विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उक्त भर्ती दैनिक मानदेय पर की जानी है।

इच्छुक आवेदक अपने अर्हताधारी योग प्रमाणपत्र/प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां पंजीकृत डाक के माध्यम से योग भवन, मकान क्रमांक 184, गृह निर्माण मंडल आवासीय कॉलोनी, धरमपुरा, रायपुर 492015 पर भेज सकते हैं। आवेदन प्राप्ति की अंतिम तिथि 15 नवम्बर 2025, समय सायं 05.30 बजे निर्धारित की गई है।

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक आवेदक कार्यालय समय में +91-8839154331 एवं +91-6264203351 पर संपर्क कर सकते हैं। छात्रावास/आश्रमों की सूची, योग प्रशिक्षक/योग विशेषज्ञों के लिए वांछित अहर्ता एवं चयन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जिला रायपुर की वेबसाइट तथा दिए गए लिंक https://raipur.gov.in/ पर उपलब्ध हैं। संबंधित जानकारी का अवलोकन जिला बीजापुर कलेक्टर कार्यालय के सूचना पटल पर भी किया जा सकता है।

CG : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्यालय भवन का भूमि पूजन

CG : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्यालय भवन का भूमि पूजन

 रायपुर । स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव आज माध्यमिक शिक्षा मंडल, पेंशनबाड़ा कार्यालय परिसर में आयोजित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्यालय कार्यालय भवन के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंत्री यादव ने कहा कि “जिस भाव से स्काउट एंड गाइड्स की स्थापना की गई थी, वह भाव सदैव बना रहना चाहिए। स्काउट गाइड हमें आनंद के साथ जीना सिखाता है। राज्य के सभी प्रशिक्षण संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ एवं उत्कृष्ट बनाया जाएगा।

यादव ने यह भी आश्वासन दिया कि आज भूमि पूजन संपन्न हुआ है और अगले एक वर्ष के भीतर राज्य कार्यालय, भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित होकर स्काउट एवं गाइड आंदोलन के उद्देश्यों और युवा सशक्तिकरण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। अन्य विशिष्ट अतिथियों में माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की सचिव पुष्पा साहू, राज्य कोषाध्यक्ष मुरलीधर शर्मा तथा जी. स्वामी जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन राज्य सचिव, भारत स्काउट एंड गाइड्स जितेंद्र कुमार साहू, ने दिया

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी  हिमांशु भारती,  सरिता पांडे (राज्य प्रशिक्षण आयुक्त), राज्य के विभिन्न जिलों से आए स्काउट गाइड सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 
 
CG : हाईवे पर दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवार को कुचला—एक की मौके पर मौत

CG : हाईवे पर दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवार को कुचला—एक की मौके पर मौत

 कोरबा।  सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए किए जा रहे दावों के बीच लोगों की जान जोखिम में बनी हुई है। पाली थाना की चैतमा चौकी अंतर्गत एनएच-130 पर तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवार को बेरहमी से रौंद डाला। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ ही देर में बाइक सवार के शरीर से प्राण गायब हो गए।

मृतक की पहचान हरदी बाजार निवासी 35 वर्षीय पुजारी मरकाम के रूप में हुई है। हादसे के बाद राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची। चैतमा चौकी पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मिलेट्स क्वीन लहरी बैगा को सम्मानित किया

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मिलेट्स क्वीन लहरी बैगा को सम्मानित किया

 रायपुर । राज्योत्सव में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कृषि विभाग द्वारा लगाए गए मिलेट्स थीम आधारित स्टॉल का अवलोकन किया। स्टॉल में प्रदर्शित पारंपरिक मोटे अनाजों, प्रसंस्कृत उत्पादों और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी लेकर उन्होंने कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना की। विभागीय प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भारत की मिलेट्स क्वीन लहरी बाई बैगा रहीं। जिन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को मिलेट्स से बना आकर्षक गुलदस्ता भेंट किया। लहरी बाई मूल रूप से डिंडोरी जिले के ग्राम सीलपीडी की निवासी हैं और पिछले कई वर्षों से 150 से अधिक प्रकार के मोटे अनाजों का संरक्षण कर रही हैं। वे स्वयं के नेतृत्व में ‘मिलेट बैंक’ का संचालन करती हैं और देशभर में मिलेट्स के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही हैं।

उनके समर्पण और परंपरागत ज्ञान से प्रभावित होकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने उन्हें साड़ियाँ एवं 1100 रुपए की सम्मान राशि भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लहरी बाई जैसी महिलाएँ प्रदेश और देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने मोटे अनाजों की परंपरा को पुनर्जीवित किया और पोषण के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। कृषि विभाग के स्टॉल में कोदो, कुटकी, रागी, कंगनी, हरी कंगनी जैसे मोटे अनाजों से बने प्रसंस्कृत उत्पाद एवं पोहा का प्रदर्शन एवं विक्रय कृषक कल्याण समिति, धवईपानी द्वारा किया गया साथ ही विभाग द्वारा मिलेट्स की उन्नत तकनीकों, प्रसंस्करण यंत्रों और कृषि उपकरणों का भी प्रदर्शन किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और परंपरागत फसलों को बढ़ावा देने के लिए मिलेट्स मिशन के तहत ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने मिलेट्स को भविष्य का अनाज बताते हुए किसानों को इससे जुड़ने का आग्रह किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग का उद्देश्य मोटे अनाज से सशक्त किसान, स्वस्थ समाज की अवधारणा को साकार करना है। इस दिशा में विभाग मिलेट्स की खेती, प्रसंस्करण और विपणन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। राज्योत्सव में लगाए गए इस स्टॉल ने लोगों को मिलेट्स की विविधता, पोषण मूल्य और आर्थिक महत्व से अवगत कराया तथा स्थानीय किसानों और युवाओं में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्यपालकों को पिकअप वाहन की सौंपी चाबी

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्यपालकों को पिकअप वाहन की सौंपी चाबी

 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत महोत्सव के अवसर पर पीजी कॉलेज मैदान, कवर्धा में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों का उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और हितग्राहियों से संवाद भी किया। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा मत्स्य विभाग के स्टॉल पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दो हितग्राहियों को पिकअप वाहन की सौगात दी। इस योजना के अंतर्गत 10-10 लाख रूपए कोलागत से वाहनों का प्रदाय किया गया है, जिसमें हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान का लाभ प्राप्त होगा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के श्री रवि मल्लहा निवासी कवर्धा एवं श्री कुश विश्वकर्मा निवासी बोड़ला को पिकअप वाहन की चाबियाँ सौंपकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि मत्स्यपालकों की आय में भी वृद्धि होगी।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मत्स्य पालन जैसे आजीविका आधारित कार्यों को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण विकास की गति और तेज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाई जाए ताकि पात्र हितग्राही इनका लाभ ले सकें।

राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की विकास यात्रा और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुआ। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी विभागों की अभिनव पहल और योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की विकास गाथा में आमजन की सहभागिता ही वास्तविक शक्ति है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी को मिला तृतीय पुरस्कार

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी को मिला तृतीय पुरस्कार

 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 से 5 नवम्बर तक नवा रायपुर अटल नगर, तूता स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर मेला स्थल में राज्योत्सव का आयोजन किया गया। राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा “25 वर्षों की विकास यात्रा” थीम पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे जनता द्वारा काफी सराहना मिली। इस पांच दिवसीय राज्योत्सव के दौरान ज्यूरी समिति द्वारा मूल्यांकन उपरांत, वन विभाग की इस प्रदर्शनी को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह में उप राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के हाथों वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने विभाग की इस उपलब्धि पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता टीमवर्क, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण का परिणाम है। पुरस्कार मिलने से विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उत्साहित हैं। राज्योत्सव में आने वाले आगंतुकों ने इस स्टॉल को रोचक, आकर्षक और ज्ञानवर्धक बताया। यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ की हरित सोच, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सशक्त प्रतीक बनी।

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में 25 वर्षों की उपलब्धियों की जीवंत झलक वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, एवं हरित विकास से जुड़े मॉडल और योजनाओं की जानकारी आकर्षक रूप में दिखायी गई। राज्य स्थापना वर्ष 2000 से वर्ष 2025 तक लागू की गई विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभाव को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।

प्रदर्शनी में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में अब तक 6.41 करोड़ पौधारोपण का उल्लेख,शहरों में विकसित मियावाकी सूक्ष्म वन,ग्रीन गुफा परियोजना, घोटुल संस्कृति प्रदर्शन,गज संकेत ऐप एवं गजरथ यात्रा द्वारा मानव-हाथी संघर्ष में कमी को प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से वन उत्पादों का मूल्यवर्धन,राज्य के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों जैसे हांदावाड़ा जलप्रपात, कांगेर घाटी की कुटुमसर गुफा, बारनवापारा अभयारण्य की जानकारी भी दी गई। प्रदर्शनी में विशेष तौर पर यह प्रदर्शित किया गया कि राज्य में वन्य जीव संरक्षण प्रयासों के फलस्वरूप काला हिरण की संख्या 77 से बढ़कर 190 हुई। इसी तरह बाघों की संख्या वर्ष 2021 में 17 से बढ़कर अप्रैल 2025 में 35 पहुँची।

25 वर्षों की विकास यात्रा थीम पर बनी कृषि विभाग के प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार

25 वर्षों की विकास यात्रा थीम पर बनी कृषि विभाग के प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार

 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा नवा रायपुर, अटल नगर तूता स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर, मेला स्थल में 1 से 5 नवम्बर तक राज्योत्सव का आयोजन किया गया। इस मेला में कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा 25 वर्षों की विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल प्रदर्शनी लगाई गई। आम जनता द्वारा इस प्रदर्शनी को काफी प्रशंसा एवं सराहना मिली। 05 दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम में जुरी कमेटी द्वारा कृषि विभाग के प्रदर्शनी को द्वितीय स्थान के लिए चयनित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह के मौके पर उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने पुरस्कार ग्रहण किया। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विभाग की इस सफलता के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पुरस्कार मिलने से अधिकारी-कर्मचारी भी उत्साहित हैं। इस मौके पर कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि राज्योत्सव में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी तथा संवर्गीय विभाग -उद्यानिकी, पशु पालन, मछली पालन, कृषि अभियांत्रिकी, राष्ट्रीय जलग्रहण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर एवं कामधेनु विश्वविद्यालय तथा सम्बंधित संस्थाओं द्वारा इन 25 वर्षों के विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल का प्रदर्शन किया गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्थापना वर्ष 2000 से वर्ष 2025 तक 25 वर्षो में केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं के द्वारा हुए विकास का जीवंत प्रदर्शन करते हुए स्टॉल लगाया गया, जिसमें कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती, किसान सम्मान निधि, ड्रोन द्वारा उर्वरक छिड़काव, बीज वितरण व विपणन की नवीन व्यवस्था, भूमि संरक्षण द्वारा वर्षा जल संरक्षण आदि को प्रदर्शित किया गया।

उद्यानिकी विभाग द्वारा पुष्पों की प्रदर्शनी एवं सब्जियों तथा फलों की उन्नत किस्म का प्रदर्शन किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के उन्नत नस्ल एवं दुग्ध उत्पादन तथा मछली पालन विभाग द्वारा बायोफ्लॉक एवं केजकल्चर द्वारा मछलीपालन की नवीन तकनीक के साथ सजावटी मछलियों का प्रदर्शन किया गया। कृषि अभियांत्रिकी द्वारा कृषि में प्रयोग की जाने वाली उन्नत कृषि तकनीक से लैस कृषि यंत्रों को जनता के लिए प्रदर्शित किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के अनुकूल तथा अधिक उत्पादन देने वाली विभिन्न फसल किस्मों के साथ स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित जैविक उत्पाद का प्रदर्शन किया गया था।

छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में आगे बढ रहा है- राज्यपाल डेका

छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में आगे बढ रहा है- राज्यपाल डेका

 रायपुर- छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में आगे आगे बढ रहा है। उन्होंने कहा कि देखे, सोचे और अवसर का उपयोग करें। अपने लक्ष्य की प्राप्त करने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति होना जरूरी हैं। यह उद्गार राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज ऑफ्ट विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 65 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक सहित 324 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि अनुशासन और समय का पाबंद होना प्रबंधन का महत्वपूर्ण भाग है। अपने समय का सद्पयोग कर, अपनी क्षमता और योग्यता का विकास करें। अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें क्योकि शरीर स्वस्थ रहेगा तभी पूर्ण क्षमता से कार्य कर पायेंगे। उन्होंने सिनेमा, फोटोग्राफी, फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी विस्तृत संभावनाओं का उल्लेख किया। श्री डेका ने कहा कि सिनेमा वह माध्यम जिसके द्वारा हम संदेश दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस देश ने हमें बहुत कुछ दिया है, हमें भी इसके बारे में सोचना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी काल आपके जीवन का एक बहुत संदर पड़ाव है। जब आप कॉलेज से निकलते हैं उसके बाद ही आपका संघर्ष प्रारंभ होता है। जीवन में एक काम ऐसा करिये जो लाभ के लिए न हो बल्कि बदलाव के लिए हो। समाज आपकी ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है, उसके लिए काम करें। हमारा एक-एक प्रयास भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ाएगा।

राज्यपाल ने पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि हमेशा श्रेष्ठता की ओर बढ़ते रहें। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब वह व्यक्ति को दायित्व एवं नवाचार के लिए प्रेरित करती है। यह समारोह केवल उपाधियाँ प्रदान करने का अवसर नहीं है; यह कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प लेने और उत्कृष्टता का उत्सव है।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. संदीप मारवाह, विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमेन श्री वी. के. गोयल ने भी अपना संबोधन दिया। विश्वविद्यालय के संचालक प्रोफेसर श्रीमती शिखा वर्मा ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

वन्देमातरम 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए CM साय

वन्देमातरम 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए CM साय

 रायपुर । CM विष्णुदेव साय आज वन्देमातरम 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। गौरतलब है कि इस वर्ष वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। वंदे मातरम बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा अक्षय नवमी के शुभ अवसर पर सात नवंबर 1875 को लिखा गया था।

पीएम मोदी ने किया ट्वीट

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि देशवासियों के लिए ऐतिहासिक होने जा रहा है। हम वंदेमातरम् गान के गौरवशाली 150 वर्षों का उत्सव मनाने जा रहे हैं। यह वो प्रेरक आह्वान है, जिसने देश की कई पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत किया है। आगे बोले कि इस विशेष अवसर पर सुबह करीब 9:30 बजे दिल्ली में एक समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा। यहां एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया जाएगा। वंदेमातरम् का सामूहिक गायन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा!