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पीएम मोदी 8 अगस्त को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को करेंगे संबोधित

पीएम मोदी 8 अगस्त को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को करेंगे संबोधित

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 8 अगस्त को सुबह 11 बजे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पीएम मोदी इस दौरान 3000 से अधिक ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को संबोधित भी करेंगे, जिनमें 587 पीएचडी स्कॉलर्स भी शामिल हैं। समारोह के दौरान इन छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।

मेधावी छात्रों को दिए जाएंगे संस्थान के सर्वोच्च सम्मान

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी बेहतरीन शैक्षणिक प्रदर्शन को देखते हुए मेधावी छात्रों को IIT दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेंगे। इनमें प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल, डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल, शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल शामिल हैं।

सोनीपत कैंपस में होगा ‘परम प्रज्ञा’ सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन

अत्याधुनिक रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के भारत के संकल्प को और मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित AI-संचालित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन भी करेंगे। उम्मीद है कि यह आधुनिक सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और अंतर-विषयक अनुसंधान के क्षेत्रों में संस्थान की क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी।

शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी: RSS प्रमुख मोहन भागवत

शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी: RSS प्रमुख मोहन भागवत

 मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा केवल सरकार या शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की भी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर शिक्षा की जिम्मेदारी है, उन्हें अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभानी चाहिए। यदि कहीं कमी है तो उसमें सुधार होना चाहिए, लेकिन समाज को भी यह सोचना होगा कि वह बच्चों की शिक्षा के लिए क्या योगदान दे सकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारे बच्चों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए समाज को इसके आर्थिक और सामाजिक पक्षों के प्रति सक्रिय रहना चाहिए। यदि शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयास जन-आंदोलन का रूप लें, तो सुधार की गति और तेज हो सकती है।

FSSAI ने Old Monk, McDowell, बैगपाइपर, रॉयल चैलेंज की बिक्री पर आखिर क्यों लगाई रोक ?

FSSAI ने Old Monk, McDowell, बैगपाइपर, रॉयल चैलेंज की बिक्री पर आखिर क्यों लगाई रोक ?

 नई दिल्ली: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इनमें ओल्ड मोंक, मैकडॉवेल्स, बैगपाइपर, एंटीक्विटी ब्लू और रॉयल चैलेंज जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने बिना अनुमति वाले फ्लेवरिंग तरीकों का इस्तेमाल किया। साथ ही शराब की एज से जुड़े भ्रामक दावे करके फूड सेफ्टी और लेबलिंग नियमों का उल्लंघन हुआ।

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक फूड रेगुलेटर ने कहा कि जांच और लैब टेस्टिंग में पाया गया कि कुछ कंपनियां रम और व्हिस्की में बाहरी फ्लेवर मिला रहे थे। नियमों के मुताबिक उन्हें कच्चे माल, फर्मेंटेशन, डिस्टिलेशन और मैच्योरेशन के जरिए प्राकृतिक रूप से स्वाद और खुशबू विकसित होने देनी चाहिए थी।

रम या फ्लेवर्ड स्पिरिट

FSSAI का कहना है कि ऐसे उत्पादों को स्टैंडर्ड रम या व्हिस्की के तौर पर बेचा जा रहा है, जबकि ये मुख्य रूप से न्यूट्रल अल्कोहल या एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से बने होते हैं। इनमें ड्रिंक्स का असली स्वाद नहीं होता। अथॉरिटी ने कहा कि इन उत्पादों को रम-फ्लेवर्ड स्पिरिट या व्हिस्की-फ्लेवर्ड स्पिरिट के तौर पर लेबल किया जाना चाहिए ताकि उनकी असलियत पता चल सके।

अथॉरिटी ने एक बयान में कहा, “कुछ कंपनियां बाहरी फ्लेवर मिलाते हैं जो उत्पाद की असली खुशबू और स्वाद की नकल करता है। कंपनियां फिर इसे स्टैंडर्ड उत्पाद के तौर पर बेचती हैं, जिससे ग्राहक गुमराह होते हैं। कंपनियां प्राकृतिक रूप से स्वाद विकसित करने के लिए मैच्योरेशन या शीरा, माल्ट या अंगूर जैसे बेस मटीरियल का यूज नहीं करती हैं। ये कंपनियां मुख्य रूप से स्पिरिट/न्यूट्रल अल्कोहल का इस्तेमाल करती हैं। इनमें कोई खास स्वाद नहीं होता और इसलिए फ्लेवर मिलाते हैं।”

ग्राहकों को कैसे किया गुमराह?
FSSAI ने कहा कि ऐसे उत्पाद न केवल घटिया क्वालिटी के होते हैं बल्कि स्टैंडर्ड कैटेगरी के नामों का इस्तेमाल करके उन्हें गलत तरीके से बेचा जाता है। उन्हें रम-फ्लेवर्ड स्पिरिट या व्हिस्की-फ्लेवर्ड स्पिरिट आदि के तौर पर पहचाना जा सकता है। साथ ही पैक में उत्पाद की असलियत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है।

रेगुलेटर ने ओल्ड मोंक XXX रम के एक वेरिएंट पर 7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड के दावे को भी गुमराह करने वाला पाया। जांच में पाया गया कि इस रम का मुख्य घटक न्यूट्रल स्पिरिट है जबकि मैच्योर रम स्पिरिट इसका बहुत छोटा हिस्सा है। जांच के नतीजों के अनुसार यह 5% से भी कम पाया गया। यह मौजूदा नियमों का भी साफ उल्लंघन है। नियमों के मुताबिक स्पिरिट की उम्र का दावा मिश्रण में मौजूद सबसे कम उम्र की स्पिरिट के आधार पर होना चाहिए।

किन-किन पर लगी रोक?
लैब रिपोर्ट के आधार पर अथॉरिटी ने मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर के ओल्ड मोंक वेरिएंट्स, यूनाइटेड स्पिरिट्स के मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम, एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की, इनब्रू बेवरेजेज के बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की और ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम और एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज के सेंट्रल प्रोविंस व्हिस्की और मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन मैच्योर XXX रम की बिक्री पर रोक लगा दी है।

छत्तीसगढ़ के बाद अब गुजरात में एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर पर पूरी तरह प्रतिबंध, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के बाद अब गुजरात में एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर पर पूरी तरह प्रतिबंध, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

 अहमदाबाद। खाद्य सुरक्षा को लेकर गुजरात सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्यभर में एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कई स्थानों पर मानकों के अनुरूप न पाए गए उत्पाद मिलने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके साथ ही होटल, रेस्तरां, डेयरी पार्लर, सुपरमार्केट और अन्य खाद्य कारोबारियों को केवल मानक के अनुरूप बने वास्तविक डेयरी उत्पादों का उपयोग और बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद गुजरात का बड़ा फैसला

इससे पहले छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सरकार भी एनालॉग डेयरी उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं। अब गुजरात ऐसा कदम उठाने वाला तीसरा राज्य बन गया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।

जांच में सामने आईं अनियमितताएं

फूड सेफ्टी विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों से पनीर, चीज़ और बटर के नमूने एकत्र कर प्रयोगशालाओं में जांच कराई। जांच के दौरान कई उत्पाद ऐसे पाए गए जिन्हें डेयरी उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा था, लेकिन वे निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पूरे राज्य में तत्काल प्रतिबंध लागू कर दिया।

क्या होते हैं एनालॉग डेयरी उत्पाद?

एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर देखने में पारंपरिक डेयरी उत्पादों जैसे लगते हैं, लेकिन इन्हें दूध की बजाय अन्य वसा और वैकल्पिक सामग्री से तैयार किया जाता है। ऐसे उत्पादों को यदि असली डेयरी उत्पाद बताकर बेचा जाए, तो इससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे न केवल ग्राहकों के हित प्रभावित होते हैं, बल्कि डेयरी उद्योग और पशुपालकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

कानूनी प्रावधानों के तहत जारी हुआ आदेश

राज्य सरकार ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके तहत मानकों के अनुरूप न बनने वाले एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

सरकार ने सभी खाद्य उत्पाद निर्माताओं, व्यापारियों, होटल और रेस्तरां संचालकों, कैटरिंग व्यवसायियों तथा अन्य खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि वे केवल प्रमाणित और मानक के अनुरूप डेयरी उत्पादों का ही उपयोग करें। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

PM मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात

PM मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात

 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में देश के शीर्ष नेतृत्व ने राष्ट्रपति आवास पर एक औपचारिक बैठक के लिए मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक X अकाउंट ने इस मुलाकात की जानकारी दी और साथ ही बैठक की तस्वीरें भी साझा कीं।पोस्ट में लिखा था, “प्रधानमंत्री श्री @narendramodi ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।”इससे पहले आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की चौथी विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक संकट का आकलन करना और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा करना था।

संघर्ष से कई क्षेत्रों में संभावित चुनौतियों को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने सरकार के सभी विभागों के मिलकर काम करने वाले “whole-of-government” (सरकार के सभी अंगों के सम्मिलित प्रयास) दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा के उपायों में तेजी लाने और राष्ट्रीय आर्थिक हितों की रक्षा के लिए एक एकीकृत और समन्वित निगरानी तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया।कैबिनेट सचिव ने CCS को मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने LNG/LPG और उर्वरकों सहित पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि LPG की खरीद के स्रोतों में पहले ही विविधता लाई जा चुकी है और प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का कुल स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति पर्याप्त बनी हुई है।कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSE) की रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर पा रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन लगातार जारी है। पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप PNG कनेक्शन में काफी वृद्धि हुई है।

सरकार नेशनल गैस ग्रिड के विस्तार, LNG आयात और री-गैसीफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार और ‘पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर, 2026’ के तहत समयबद्ध तरीके से पाइपलाइन और ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ की मंजूरी के माध्यम से LPG के औद्योगिक विकल्प को भी बढ़ावा दे रही है।बैठक के दौरान, आगामी रबी सीजन के लिए उर्वरकों की जरूरतों का आकलन किया गया और उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जाएं।

संघर्ष वाले क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने समुद्री यात्रियों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आपातकालीन सहायता और काउंसलिंग देने के लिए एक सिस्टम बनाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को इस संघर्ष के असर से बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जानी चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए सोलर एनर्जी और दूसरे नॉन-फॉसिल-फ्यूल स्रोतों सहित रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों पर ज़ोर दिया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार के सभी विभागों को मिलकर काम करने का तरीका अपनाना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सही उपायों को तेज़ी से लागू करने और सभी घटनाक्रमों पर लगातार नज़र रखने के लिए एक एकीकृत और समन्वित सिस्टम बनाया जाना चाहिए।

तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बदलेगा मिड-डे मील मेन्यू: बच्चों को मिल सकती है हफ्ते में एक दिन चिकन बिरयानी

तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बदलेगा मिड-डे मील मेन्यू: बच्चों को मिल सकती है हफ्ते में एक दिन चिकन बिरयानी

 

  रायपुर। आगामी गणेशोत्सव को लेकर छत्तीसगढ़ बजरंग दल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए भगवान गणेश की प्रतिमाओं को उनके मूल स्वरूप में ही स्थापित करने की मांग की है। संगठन ने फिल्मों और काल्पनिक पात्रों जैसे बाहुबली, कटप्पा, क्यूट गणेश और AI आधारित आदि के रूप में गणेश प्रतिमाएं बनाने पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताया है।

 

बजरंग दल के प्रांत संयोजक विजेंद्र वर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि गणेश प्रतिमाओं का निर्माण और स्थापना धार्मिक परंपराओं के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।

 

उन्होंने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान कई पंडालों में डीजे पर अश्लील और आपत्तिजनक गीत बजाए जाते हैं, जो धार्मिक माहौल के अनुकूल नहीं हैं। इसे देखते हुए इस वर्ष पंडालों में बजाए जाने वाले उपयुक्त भक्ति गीतों की सूची भी जारी की जाएगी।

 

बजरंग दल ने पंडालों की आड़ में जुआ खेलने की शिकायतों पर भी प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर बिजली कनेक्शन काटने और संबंधित पंडालों को बंद कराने जैसी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

 

विजेंद्र वर्मा ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव की शुरुआत हिंदू समाज को संगठित करने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और जनजागरण के उद्देश्य से की थी। इसलिए गणेशोत्सव को प्रतिस्पर्धा का मंच बनाने के बजाय आस्था, सामाजिक समरसता और जनसेवा का माध्यम बनाए रखना चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

 

 

बता दें कि पिछले वर्ष रायपुर के लाखेनगर में गणेश प्रतिमा को लेकर काफी विवाद हुआ था। प्रतिमा को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुए थे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसी का हवाला देते हुए बजरंग दल ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में समय रहते कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद या तनाव पैदा न हो।

 

कब मनाया जायेगा गणेशोत्सव

14 सितंबर 2026 से देशभर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव (गणेश चतुर्थी) की शुरुआत होगी। भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना के साथ भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। यह पर्व 23 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी) तक मनाया जाएगा, जब गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। देशभर में इस दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, माहे श्रेणी के सातवें पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मछलीपटनम’ का शुभारंभ

भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, माहे श्रेणी के सातवें पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मछलीपटनम’ का शुभारंभ

 भारतीय नौसेना के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) में निर्मित माहे श्रेणी के सातवें उथले जल में चलने वाले पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी) ‘मछलीपटनम’ का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव वाइस एडमिरल अतुल आनंद की उपस्थिति में श्रीमती गुलरुख आनंद ने जहाज का औपचारिक शुभारंभ किया। समारोह में भारतीय नौसेना, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।

ऐतिहासिक बंदरगाह शहर के नाम पर रखा गया जहाज

‘मछलीपटनम’ का नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में स्थित ऐतिहासिक बंदरगाह शहर मछलीपटनम के नाम पर रखा गया है। यह शहर भारत के पूर्वी तट पर अपनी समृद्ध समुद्री विरासत और ऐतिहासिक व्यापारिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह युद्धपोत उसी गौरवशाली विरासत का प्रतीक होने के साथ भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

आधुनिक युद्ध क्षमताओं से लैस है युद्धपोत

मछलीपटनम को समुद्र के भीतर निगरानी, पनडुब्बी रोधी अभियान (एएसडब्ल्यू), निम्न तीव्रता वाले समुद्री अभियान (एलआईएमओ) और बारूदी सुरंगों का पता लगाने तथा उन्हें निष्क्रिय करने जैसे महत्वपूर्ण अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की तटीय सुरक्षा को और मजबूत करेगा तथा समुद्री क्षेत्र में निगरानी और जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी मजबूती

मछलीपटनम का शुभारंभ एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी परियोजना के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने का भी प्रतीक है।

80% से अधिक स्वदेशी सामग्री से हुआ निर्माण

इस परियोजना में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो भारतीय जहाज निर्माण उद्योग की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। इस श्रेणी के युद्धपोत भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को बढ़ाने के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा को और सशक्त बनाएंगे।

समुद्री सुरक्षा में निभाएगा महत्वपूर्ण योगदान

भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद ‘मछलीपटनम’ समुद्री सुरक्षा, तटीय रक्षा और पनडुब्बी रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके शामिल होने से नौसेना की परिचालन तैयारियों को और मजबूती मिलेगी तथा देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और प्रभावी होगी।

प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि का सम्मान हमारे अस्तित्व के मूल में है : पीएम मोदी

प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि का सम्मान हमारे अस्तित्व के मूल में है : पीएम मोदी

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए देशवासियों को भारतीय संस्कृति के गूढ़ दर्शन, पर्यावरण संरक्षण और सनातन परंपराओं से जुड़ने का एक खास संदेश दिया है। संस्कृत श्लोकों (सुभाषित) और उनके मर्मस्पर्शी हिंदी अर्थों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने प्रकृति के प्रति सेवाभाव और कृतज्ञता व्यक्त करने की बात कही। उन्होंने लिखा, “प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि का सम्मान हमारे अस्तित्व के मूल में है। आइए, हम इनके प्रति पूरी कृतज्ञता और सेवाभाव के साथ एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनें।”

इससे पहले बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पीएम मोदी ने गुरु-शिष्य परंपरा को नमन करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुसंस्कारित भी करते हैं।

इससे पूर्व बीते दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से सुभाषित शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा गया था, “प्रकृति के संरक्षण और सम्मान में ही मानवता का कल्याण निहित है। हमारी परंपरा भी हमें इसी धर्मसम्मत आचरण की प्रेरणा देती है।” उन्होंने संस्कृत श्लोक, “लोकपालाश्च ते सर्वे वासवप्रमुखास्तथा। ऋतवः षट् च ते सर्वे मासाः संवत्सराः क्षपाः ॥ दिनानि च मुहूर्ताश्च स्वस्ति कुर्वन्तु ते सदा। श्रुतिः स्मृतिश्च धर्मश्च पातु त्वां पुत्र सर्वतः ॥” भी साझा किया था।

जिसका हिंदी अर्थ है कि प्रकृति और धर्म के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन ही सुख, सुरक्षा और मंगल का आधार है। अतः दिशाओं के रक्षक देवता, इंद्र आदि प्रमुख देवगण, छह ऋतुएं, सभी मास, वर्ष, रात्रियां, दिन और शुभ मुहूर्त सदैव कल्याणकारी हों। वेद, स्मृतियां और धर्म भी सभी प्रकार से सर्वत्र सबकी रक्षा करें।

सावन माह के शुभारंभ के साथ महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, ‘जय महाकाल’ जयघोष से गूंजा मंदिर

सावन माह के शुभारंभ के साथ महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, ‘जय महाकाल’ जयघोष से गूंजा मंदिर

 भगवान शिव को समर्पित सावन मास के शुभारंभ के साथ आज गुरुवार को उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सावन के पहले दिन तड़के आयोजित बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। देर रात से ही भक्त दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर ‘जय महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

बाबा महाकाल का विशेष पूजन-अर्चन किया गया

परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल का विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद पंचामृत अभिषेक, दिव्य शृंगार और भोग की प्रक्रिया संपन्न हुई। भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। आरती का अलौकिक दृश्य देखकर भक्तों ने इसे जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि सावन के पहले दिन भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए महाकाल का विशेष आशीर्वाद है।

बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन होना उनके जीवन का सबसे अनमोल उपहार

भस्म आरती में पहली बार शामिल हुए एक श्रद्धालु ने बताया कि वह स्वयं को बेहद सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन होना उनके जीवन का सबसे अनमोल उपहार है। उन्होंने इस दिव्य अनुभव को शब्दों से परे बताते हुए कहा कि महाकाल की कृपा से उन्हें आत्मिक शांति की अनुभूति हुई।

पंजाबी गायक दीप मनी भी महाकाल मंदिर पहुंचे

इस दौरान पंजाबी गायक दीप मनी भी महाकाल मंदिर पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। उन्होंने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए बाबा महाकाल के दर्शन को बेहद शांतिपूर्ण और दिव्य अनुभव बताया। सावन के पहले दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर महाकाल मंदिर की धार्मिक महत्ता और भक्तों की अटूट आस्था को उजागर किया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं, जिससे दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम सुचारु रूप से चलता रहा।

मंदिर के दरवाज़े सुबह 3 बजे खुले

एक भक्त ने कहा कि यह सदियों पुरानी परंपरा है। मंदिर के दरवाज़े सुबह 3 बजे खुले और बाबा महाकाल की विशेष पूजा और पंचामृत अभिषेक (दही, दूध, शहद, चीनी और घी से) किया गया, जिसके बाद केसर से स्नान कराया गया। भस्म आरती से पहले बाबा को भांग से विशेष रूप से सजाया गया। एक भक्त ने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कहा कि आज से सावन की शुरुआत हो रही है, जो भगवान शिव का प्रिय महीना है। महाकाल के भक्तों के लिए ऐसा लग रहा है जैसे कोई बड़ा त्योहार शुरू हो गया हो। बाबा महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए और ऐसा महसूस हुआ मानो वे स्वयं हमारे बीच मौजूद हों।

यूएस- ईरान तनाव से तेल बाजार में हलचल: कच्चा तेल 88 डॉलर के करीब पहुंचा, जानें आगे क्या होगा

यूएस- ईरान तनाव से तेल बाजार में हलचल: कच्चा तेल 88 डॉलर के करीब पहुंचा, जानें आगे क्या होगा

 वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी, हूती हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4 फीसदी उछलकर 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इससे पहले लगातार तीन दिनों तक गिरावट के बाद तेल कीमतों में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बाजार की नजर अब पश्चिम एशिया की स्थिति और तेल आपूर्ति पर बनी हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बातचीत के बाद कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया गया है। हालांकि, क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, जिससे निवेशकों की चिंता बनी हुई है। तेल बाजार में सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, क्योंकि दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक कीमतों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंध, सुरक्षा हालात और तेल सप्लाई की स्थिति तय करेगी कि कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ेंगी या राहत मिलेगी। बढ़ते तनाव से महंगाई और ईंधन कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

ब्रेकिंग: राज्यसभा में पास हुआ ‘वंदे मातरम्’ बिल, जानिए क्या बदल जाएगा नया कानून लागू होने के बाद

ब्रेकिंग: राज्यसभा में पास हुआ ‘वंदे मातरम्’ बिल, जानिए क्या बदल जाएगा नया कानून लागू होने के बाद

 नई दिल्ली। राज्यसभा ने बुधवार को ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी। इस विधेयक के पारित होने के बाद राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में महत्वपूर्ण बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करना है। इस संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े प्रावधानों को भी कानून में शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार, नए नियम राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाएंगे और उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाएंगे।

सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने अपनी-अपनी राय रखी। सरकार ने इसे राष्ट्रीय गौरव और सम्मान की भावना से जुड़ा कदम बताया, जबकि कुछ विपक्षी नेताओं ने इसके कुछ प्रावधानों पर सवाल भी उठाए। अब यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून के रूप में लागू होगा। इस विधेयक के लागू होने के बाद राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों में संशोधित कानूनी प्रावधान प्रभावी हो जाएंगे।

एंटी पेपर लीक बिल’: लोकसभा से पास हुआ सख्त कानून, पेपर लीक पर 10 साल की जेल और रु.10 करोड़ तक जुर्माना

एंटी पेपर लीक बिल’: लोकसभा से पास हुआ सख्त कानून, पेपर लीक पर 10 साल की जेल और रु.10 करोड़ तक जुर्माना

 नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पारित हो गया। विपक्ष के हंगामे के बीच यह विधेयक ध्वनि मत से मंजूर किया गया। इसके साथ ही पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में अधिकतम 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए लाया गया है। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा भी देखने को मिला।

विपक्ष ने सरकार पर कई सवाल उठाए, जबकि सरकार ने इस कानून को छात्रों के हित में बड़ा कदम बताया। अब लोकसभा से पारित होने के बाद विधेयक की आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कानून लागू होने के बाद पेपर लीक मामलों में पहले की तुलना में कहीं अधिक कड़ी कार्रवाई संभव होगी।

Sawan 2026 : इस साल सावन में बन रहे एक साथ 6 शुभ योग, शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, मिलेगा लाभ

Sawan 2026 : इस साल सावन में बन रहे एक साथ 6 शुभ योग, शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, मिलेगा लाभ

 नई दिल्ली। भगवान शिव को समर्पित सावन माह की शुरुआत इस वर्ष विशेष धार्मिक संयोगों के साथ हो रही है। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और इस दिन एक-दो नहीं, बल्कि छह शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इतने शुभ योगों का एक साथ बनना दुर्लभ माना जाता है, जिससे इस दिन की शिव आराधना का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा और पूरे महीने में कुल चार सोमवार आएंगे। इनमें पहला सोमवार सबसे खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन पूजा-पाठ और रुद्राभिषेक के लिए कई शुभ संयोग प्राप्त हो रहे हैं।

छह शुभ योगों का विशेष संयोग

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 3 अगस्त को प्रीति योग, आयुष्मान योग, सुकर्मा योग, शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग का निर्माण होगा। मान्यता है कि इन योगों में भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

पूजा के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त

सावन के पहले सोमवार शिव पूजन के लिए दिनभर शुभ रहेगा, लेकिन विशेष रूप से तीन मुहूर्त अत्यंत फलदायी माने गए हैं

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
  • संध्या मुहूर्त: शाम 7:11 बजे से रात 8:14 बजे तक

इन समयों में भगवान शिव का अभिषेक और पूजा-अर्चना करना विशेष पुण्यदायक माना गया है।

शिवलिंग पर क्या अर्पित करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के पहले सोमवार भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल या गाय के दूध से करना शुभ माना जाता है। इसके बाद तीन पत्तियों वाले बेलपत्र, शमी पत्र, भांग, धतूरा, मदार के पुष्प और चंदन अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि इन वस्तुओं से पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों को सुख, समृद्धि, आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

सावन 2026 के चार सोमवार

  • पहला सोमवार: 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
  • चौथा सोमवार: 24 अगस्त 2026

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बार पहले सोमवार पर बन रहे छह शुभ योग इसे और अधिक पावन एवं फलदायी बना रहे हैं। ऐसे में शिवभक्त इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

Lakshmi Yojana: रक्षा बंधन से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा, ‘लक्ष्मी योजना’ को मिली कैबिनेट की मंजूरी, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपए

Lakshmi Yojana: रक्षा बंधन से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा, ‘लक्ष्मी योजना’ को मिली कैबिनेट की मंजूरी, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपए

 नई दिल्ली।  रक्षाबंधन से पहले दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए एक बड़ी कल्याणकारी योजना को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।

सरकार के अनुसार, योजना का लाभ पूरी तरह पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल 1 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा, जहां पात्र महिलाएं अपना पंजीकरण कर सकेंगी। आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद योग्य लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर भेजने की तैयारी की गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने महिलाओं से किया गया अपना वादा पूरा किया है। उनके मुताबिक यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन से मिलेगी सुविधा

सरकार ने योजना के संचालन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे आवेदन, दस्तावेजों की जांच और लाभ वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पात्र महिलाओं को बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ मिल सकेगा।

किसे मिलेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं—

  • आवेदक महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • महिला या उसका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए।
  • यदि एक ही परिवार में एक से अधिक महिलाएं पात्र हों, तो परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को योजना का लाभ मिलेगा।

 दिल्ली सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। सरकार को उम्मीद है कि रक्षाबंधन से पहले पहली किस्त जारी होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।

अब जेब में आएंगे प्लास्टिक के नोट! 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी

अब जेब में आएंगे प्लास्टिक के नोट! 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी

 नई दिल्ली। देश में नोटों के इस्तेमाल का तरीका जल्द बदल सकता है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों का परीक्षण शुरू किया जाएगा। सफल रहने पर इन्हें आम चलन में शामिल किया जा सकता है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती चरण में 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट फील्ड ट्रायल के लिए जारी किए जाएंगे। इस परीक्षण में यह देखा जाएगा कि अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में ये नोट कितने टिकाऊ साबित होते हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुराने कागजी नोटों को बंद करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। पॉलीमर और कागजी नोट दोनों ही बाजार में चलते रहेंगे। आरबीआई के अनुसार, छोटे मूल्य के नोटों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है, जिससे वे जल्दी खराब हो जाते हैं। पॉलीमर नोट पानी, गंदगी और फटने जैसी समस्याओं के मुकाबले ज्यादा मजबूत होते हैं। इसके अलावा इनमें बेहतर सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में भारतीय करेंसी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Rule Change : LPG से लेकर बैंकिंग, रेलवे और GST तक, 1 अगस्त से बदलने वाले हैं ये नियम, जानें कितना पड़ेगा असर

Rule Change : LPG से लेकर बैंकिंग, रेलवे और GST तक, 1 अगस्त से बदलने वाले हैं ये नियम, जानें कितना पड़ेगा असर

 नई दिल्ली। 1st August Rule Change : जुलाई का महीना समाप्त होने के साथ ही 1 अगस्त से आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का असर घरेलू बजट, बैंकिंग सेवाओं, हवाई यात्रा, रेलवे टिकट बुकिंग और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं 1 अगस्त से लागू होने वाले प्रमुख बदलावों के बारे में।

LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव

हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी तेल विपणन कंपनियां घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी करेंगी। यदि कीमतों में बदलाव होता है तो इसका सीधा असर रसोई के खर्च और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत पर पड़ेगा।

हवाई ईंधन (ATF) के नए रेट होंगे जारी

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 1 अगस्त को एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों की भी समीक्षा करेंगी। एटीएफ महंगा या सस्ता होने का प्रभाव एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ सकता है, जिससे हवाई किराए में भी बदलाव संभव है।

बैंकिंग सेवाओं के शुल्क में संशोधन

कुछ बैंक 1 अगस्त से अपनी विभिन्न सेवाओं के शुल्क में बदलाव करने जा रहे हैं। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एसएमएस अलर्ट शुल्क में संशोधन की जानकारी दी है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक की नई शुल्क सूची और सेवा नियमों की जानकारी समय रहते प्राप्त कर लें।

तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव संभव

भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था में भी बदलाव लागू किए जा सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत टोकन वितरण और टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आरक्षण केंद्रों पर भीड़ कम हो सके और यात्रियों को सुविधा मिले।

GST नियमों में भी होंगे संशोधन

1 अगस्त से जीएसटी प्रणाली में भी कुछ बदलाव लागू हो सकते हैं। ई-इनवॉइस और ई-वे बिल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ नए प्रावधान लागू किए जाएंगे। इसके तहत कुछ लेन-देन में अतिरिक्त विवरण देना अनिवार्य हो सकता है। साथ ही कारोबारियों को ई-वे बिल से जुड़े कुछ नए विकल्प भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

Sawan 2026 Start Date : 30 जुलाई से भगवान शिव की भक्ति का महीना शुरू, जानें सोमवार व्रत के नियम और पूजा का सही तरीका

Sawan 2026 Start Date : 30 जुलाई से भगवान शिव की भक्ति का महीना शुरू, जानें सोमवार व्रत के नियम और पूजा का सही तरीका

 Sawan 2026 : भगवान शिव के भक्तों के लिए 30 जुलाई 2026 का दिन बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसी दिन से पवित्र सावन माह का शुभारंभ होगा। सावन शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा, शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भगवान भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगेगी। हिंदू धर्म में सावन केवल एक महीना नहीं, बल्कि शिव आराधना का महापर्व माना जाता है। मान्यता है कि, सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। पूरे सावन में आने वाले सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 का पहला सावन सोमवार कब पड़ेगा, शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और व्रत के प्रमुख नियम क्या हैं।

शुभ योग में शुरू होगा सावन 2026

पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई 2026 को रात 8:05 बजे से शुरू होगी और इसका समापन 30 जुलाई 2026 को रात 9:30 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर 30 जुलाई 2026, गुरुवार से सावन महीने की शुरुआत मानी जाएगी।

कब है सावन 2026 का पहला सोमवार ?

साल 2026 का पहला सावन सोमवार 3 अगस्त 2026 को है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा, जलाभिषेक और व्रत का अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से शिव आराधना करने से वैवाहिक सुख और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है। इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा तथा सुकर्मा योग का शुभ संयोग भी बनेगा, जिससे पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा।

सावन सोमवार 2026

पहला सावन सोमवार – 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार – 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार – 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार – 24 अगस्त 2026

पहले सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक

सावन सोमवार व्रत के नियम

सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें और शिवलिंग का अभिषेक करें।
महादेव को बेलपत्र, धतूरा और सफेद चंदन अर्पित करें।
इस दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से बचें।
व्रत के दौरान दिन में न सोएं और प्रदोष काल में भगवान शिव की विशेष पूजा अवश्य करें।
जरूरतमंदों को अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करें और किसी से भी विवाद या कटु वचन बोलने से बचें।
व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक आचरण अपनाएं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा बयान, बोलीं- ‘राष्ट्रहित सबसे ऊपर, यही है सच्ची राजनीति’

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा बयान, बोलीं- ‘राष्ट्रहित सबसे ऊपर, यही है सच्ची राजनीति’

 नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके फैसले को राष्ट्रहित और नैतिक मूल्यों से जुड़ा कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में हर जिम्मेदारी को ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है।

रेखा गुप्ता ने लिखा कि शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में कई सुधार हुए, भारतीय भाषाओं को बढ़ावा मिला, तकनीकी और उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए दिया गया उनका इस्तीफा सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

उधर, इस्तीफे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा इसे नैतिक निर्णय और जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बता रही है, जबकि विपक्ष इसे छात्र आंदोलनों के दबाव का परिणाम करार दे रहा है। देशभर में इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

प्रह्लाद जोशी ने संभाली शिक्षा मंत्रालय की कमान: कार्यभार ग्रहण करते ही अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

प्रह्लाद जोशी ने संभाली शिक्षा मंत्रालय की कमान: कार्यभार ग्रहण करते ही अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

 नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मंत्रालय की प्राथमिकताओं और लंबित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार बहस चल रही है।

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी और प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम तेज करने के निर्देश दिए।

प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी दायित्व संभाल रहे हैं। वे इससे पहले संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय जैसे अहम विभागों का नेतृत्व कर चुके हैं। नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, छात्रों का भरोसा मजबूत करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करना प्रमुख चुनौतियां मानी जा रही हैं। मंत्रालय की आगामी रणनीति पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

किसानों का कल्याण सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों का कल्याण सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव, दतिया से वर्चुअली खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव से जुड़े

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष- 2026 के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित की हैं। जहां वर्ष की प्रथम छमाही में कृषि उपकरणों की तकनीक, उन्नत कृषि के संबंध में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं दूसरी छमाही में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बलराम कृषि महोत्सव का यह सिलसिला 15 जुलाई को इंदौर से प्रारंभ किया गया है। इस क्रम में 23 जुलाई को आलीराजपुर में कृषि महोत्सव का आयोजन भी हुआ।

किसानों को हेलमेट वितरण का नवाचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को दतिया से खरगोन के कृषि महोत्सव में वर्चुअली जुड़कर संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। किसानों के लिए पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। यही नहीं कृषक कल्याण वर्ष में गांव से दो पहियों से दूध और सब्जियां लेकर शहरों तक आने-जाने वाले किसान भाईयों को जीवन रक्षा के लिए हेलमेट भी प्रदान किए गए हैं। यह किसानों के लिए नवाचार भी है और सुविधा भी।

आगामी 13 नवम्बर तक जिले-जिले में होंगे बलराम कृषि महोत्सव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक बलराम कृषि महोत्सव के साथ ही अन्य अनेक आयोजन होंगे। खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के समग्र विकास के संकल्प के साथ कार्य हो रहा है।

किसान उन्नत कृषि अपनाएं, लाभ बढ़ाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव में शामिल सभी किसान भाईयों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत कृषि को अपनाकर अपने लाभ में वृद्धि के प्रयास करें। किसानों को दिन और रात में भी पर्याप्त बिजली की पूर्ति की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि कल्याण वर्ष में 16 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की है, जिसके फलस्वरूप किसानों की आय वृद्धि के रोडमैप को क्रियान्वित किया जाएगा। खरगोन बलराम कृषि महोत्सव में बड़ी संख्या में किसानों के अलावा जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।