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शराब प्रेमियों के लिए अलर्ट! 5 दिन नहीं मिलेगी शराब, बिक्री पर रहेगा पूरी तरह बैन, पुलिस रखेगी कड़ी नजर

शराब प्रेमियों के लिए अलर्ट! 5 दिन नहीं मिलेगी शराब, बिक्री पर रहेगा पूरी तरह बैन, पुलिस रखेगी कड़ी नजर

 नेशनल डेस्क: दिल्ली में रहने वाले शराब पीने वालों के लिए यह खबर जानना बेहद जरूरी है। राजधानी में आने वाले महीनों में कुछ खास दिनों पर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने 26 जनवरी से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल 5 दिन ड्राई डे घोषित किए हैं। इन तारीखों पर दिल्ली की सभी शराब की दुकानें, ठेके और वेंड पूरी तरह बंद रहेंगे। सरकार ने यह फैसला त्योहारों, धार्मिक अवसरों और राष्ट्रीय पर्वों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया है।

आबकारी विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ड्राई डे के दिन पूरे शहर में शराब की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी। इन दिनों किसी भी दुकान या विक्रेता को शराब बेचने की इजाजत नहीं होगी।

 ये हैं ड्राई डे की तारीखें:
26 जनवरी – गणतंत्र दिवस
15 फरवरी – महाशिवरात्रि
21 मार्च – ईद-उल-फितर
26 मार्च – राम नवमी
31 मार्च – महावीर जयंती

होटलों को मिली सीमित छूट
सरकार ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ होटलों को आंशिक राहत दी गई है। एल-15 लाइसेंस वाले होटल केवल अपने यहां ठहरे विदेशी मेहमानों और होटल में रुके ग्राहकों को उनके कमरों में शराब परोस सकेंगे। हालांकि, होटल के बार, रेस्तरां या बाहरी लोगों को शराब पिलाने या बेचने की अनुमति नहीं होगी।

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई दुकान, बार या वेंड ड्राई डे के दिन चोरी-छिपे शराब बेचता पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इन दिनों पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें पूरे शहर में कड़ी निगरानी रखेंगी। दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

प्रेम विवाह का खौफनाक अंत ! 6 माह की गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़ा... और फिर जो हुआ..

प्रेम विवाह का खौफनाक अंत ! 6 माह की गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़ा... और फिर जो हुआ..

 देहरादूनः उत्तराखंड के देहरादून में से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक 6 माह की गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़कर उसका पति फरार हो गया है। बताया गया कि दोनों में 2024 में प्रेम विवाह किया था। इस दौरान महिला सेहत संबंधी और खान-पान की परेशानी से अकेली जूझ रही है। पीड़िता ने वसंत विहार थाना पुलिस में आरोपी पति और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि वह वसंत विहार क्षेत्र में किराए के कमरे में रहती है। उसकी शादी मूल निवासी खटीमा ऊधम सिंह नगर मोहम्मद शैफ से सितंबर 2024 में हुई थी। दोनों ने प्रेम विवाह किया था। बताया गया कि शादी के बाद दोनों कुछ समय के लिए खटीमा में ही रहे। जबकि बाद में देहरादून में आकर एक किराए के कमरे में रहने लगे। तभी वह गर्भवती हो गई।

आरोप है कि मोहम्मद शैफ की मां 10 जून 2025 को देहरादून आई थी। इस दौरान युवक की मां ने बहू के साथ झगड़ा किया और बेटे को साथ ले गई। पति भी उसे किराए के कमरे में अकेला छोड़कर चला गया। महिला ने बताया कि अब वह 6 माह 23 दिन की गर्भवती है। उसे सेहत संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही खान-पान में भी मुश्किल आ रही है।  

इस पूरी घटना की जानकारी पर वसंत विहार थाना पुलिस ने आरोपी पति व सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच के बाद केस ऊधम सिंह नगर थाने को स्थानांतरित किया गया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

 वंदे भारत एक्सप्रेस के टाइम में बदलाव, 9 मार्च से लागू होगी नई Timing

वंदे भारत एक्सप्रेस के टाइम में बदलाव, 9 मार्च से लागू होगी नई Timing

 फिरोजपुर : रेलवे विभाग ने यात्रियों की सुविधा और कुछ जरूरी संचालन कारणों को मुख्य रखते हुए दिल्ली-फिरोजपुर रूट पर चलने वाली मशहूर वंदे भारत एक्सप्रेस के फरीदकोट स्टेशन पर रुकने के समय में बदलाव किया गया है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार यह बदलाव 19 मार्च 2026 से लागू होगा। टाइम टेबल में किए गए बदलाव की नई जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 26461 (दिल्ली जंक्शन-फिरोजपुर कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस) अब अपने पुराने समय की बजाय कुछ मिनट पहले फरीदकोट स्टेशन पर पहुंचेगी।  

उन्होंने बताया कि ट्रेन के फरीदकोट स्टेशन रुकने का पुराना समय रात 10.03 बजे था जो अब 9.58 बजे होगा और रवागनी का पुराना समय रात 10.05 बजे था जो अब रात 10 बजे का है। इस दौरान ट्रेन फरीदकोट स्टेशन पर पहले की तरह 2 मिनट रुकेगी पर इसके आने-जाने का समय 5 मिनट पहले कर दिया गया है।

रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वह अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इस नए समय का खास ध्यान रखें। खासकर वे यात्री जो फरीदकोट से फिरोजपुर जाने के लिए इस ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब तय समय से पहले स्टेशन पहुंचना होगा ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि ज्यादा जानकारी के लिए यात्री रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट या पूछताछ नंबर 139 का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पंजाब में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, आदेश तुरंत प्रभाव से लागू

पंजाब में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, आदेश तुरंत प्रभाव से लागू

 पंजाब डेस्क : पंजाब सरकार द्वारा आई.ए.एस. अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। बता दें कि 3 आई.ए.एस. अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस दौरान अनिंदिता मित्रा को पंजाब की मुख्य चुनाव अफसर नियुक्त किया गया है। इन आदेशों को तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है। जिन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं उनकी सूची निम्न है।

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Prayagraj Magh Mela: मौनी अमावस्या पर उमड़ा सैलाब, त्रिवेणी में 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

Prayagraj Magh Mela: मौनी अमावस्या पर उमड़ा सैलाब, त्रिवेणी में 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

 प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार शाम पांच बजे तक चार करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु त्रिवेणी में पावन डुबकी लगा चुके थे। कल सुबह चार बजे से ही मौनी अमावस्या का स्नान शुरू हो गया था। जैसे जैसे सूरज निकला उसी रफ़्तार से श्रद्धांलुओं की भीड़ भी बढ़ने लगी भीड़ क़ा आलम ये था कि 11 बजे सुबह तक ही एक करोड़ लोगो ने स्नान कर लिया था। श्रद्धालुओं की भीड़ क़ो देखते हुए पुलिस ने भी अपनी योजना मे बदलाव करते हुए दूसरे रास्ते से स्नान घाट तक पहुंचाया। 

श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा
मौसम ने भी श्रद्धालुओं का साथ दिया और खिली खिली धूप मे लोग स्नान करते रहें। प्रशासन की तरफ से बताया गया कि कल शाम पांच बजे तक चार करोड़ से ज्यादा लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान करने वाले लोगो पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। मौनी अमावस्या का स्नान सबसे बड़ा स्नान पर्व होता हैं। मेला प्राधिकरण का अनुमान था कि आज के दिन तीन से साढ़े तीन करोड़ लोग स्नान करेंगे, लेकिन दो बजे तक ही तीन करोड़ लोगो नें स्नान कर लिया था। लिहाज़ा ये आकड़ा और बढ़ेगा, श्रद्धालुओं की भीड़ क़ो देखते हुए पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार कल देर रात 12 बजे से ही घाट पर डटे रहें और खुद ही पूरी व्यवस्था की निगरानी करते रहे।   

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 
श्रद्धालुओं की भीड़ एक जगह एकत्र न हो, शहर के अंदर भी पुलिस ने खास इंतज़ाम किये हैं। जानसेन गंज चौराहे से रेलवे स्टेशन जाने वाली रोड क़ो बंद कर दिया गया था। बिजली घर से सिविल लाइन्स जाने वाले रास्ते पर भी बैरिकेटिंग की गई हैं। इसके अलावा सिविल लाइन्स रेलवे स्टेशन साइड पर पैदल ही श्रद्धालुओं क़ो जाने दिया जा रहा हैं। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार और उनकी टीम ने जिस तरह से ट्रैफ़िक प्लान तैयार किया हैं उससे काफी अच्छा असर पड़ा है। श्रद्धालु स्नान कर रहें हैं और शहर मे जाम भी नही लगा।

बड़ी वारदात! 4 मर्डर से दहला राज्य, दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या, ईंटों से कुचलकर मार डाला

बड़ी वारदात! 4 मर्डर से दहला राज्य, दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या, ईंटों से कुचलकर मार डाला

 Etah News : एटा जिला मुख्यालय के कोतवाली नगर क्षेत्र में सोमवार को कथित रूप से हमला करके एक ही परिवार की तीन महिलाओं समेत चार सदस्यों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार कोतवाली नगर थानाक्षेत्र के सुनहरी नगर नगला प्रेमी मोहल्ले में अज्ञात हत्यारों ने एक घर में घुसकर तीन महिलाओं समेत चार लोगों को ईंटों से कुचलकर मार डाला। वैसे यह घटना कब और कैसे हुई इसका रहस्य बना हुआ है। बाद में मौके पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान गंगा सिंह (70), उनकी पत्नी श्यामा देवी (65) और उनकी बेटी ज्योति (23) तथा कमल सिंह की पत्नी रत्ना सिंह के रूप में हुई है। 

पुलिस का कहना है कि हमले में रत्ना सिंह गंभीर रूप से घायल हो गई और एटा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय निवासी अभिलाख सिंह ने बताया कि गंगा सिंह कैंसर से पीड़ित थे। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्वेताभ पांडे ने बताया कि कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंचीं और इलाके को सुरक्षित कर लिया, जबकि फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने ईंट से हमला कर वारदात को अंजाम दिया लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पायेगी। 

एएसपी ने बताया कि घटना स्थल के सीसीटीवी कैमरे के सहारे हत्यारों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों की तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि हत्यारों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। एएसपी के मुताबिक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है एवं शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। 

मुझे नोबेल नहीं दिया, अब शांति मेरी जिम्मेदारी नहीं......ग्रीनलैंड चाहिए, ट्रंप की चिट्ठी हो गई लीक

मुझे नोबेल नहीं दिया, अब शांति मेरी जिम्मेदारी नहीं......ग्रीनलैंड चाहिए, ट्रंप की चिट्ठी हो गई लीक

 वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी नाराजगी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे को लिखे पत्र में जाहिर की है। पत्र के लीक होने से पता चला कि ट्रंप ने लिखा कि नोबेल पुरस्कार न मिलने के बाद अब उन्हें दुनिया में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी महसूस नहीं होती। उन्होंने साफ किया कि शांति महत्वपूर्ण है, लेकिन अब उनकी प्राथमिकता अमेरिका का हित होगा। ट्रंप ने स्वीकार किया कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की उनकी कोशिश इसी झुंझलाहट से प्रेरित है।
नॉर्वे के पीएम को लिखे पत्र में ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क, जिसका ग्रीनलैंड स्वायत्त क्षेत्र है, रूस या चीन से इस क्षेत्र को सुरक्षित नहीं रख सकता, इसलिए उनके पास इस पर मालिकाना हक क्यों है। उन्होंने कहा, “सैकड़ों साल पहले नावें वहां पहुंचीं, लेकिन अमेरिकी नावें भी पहुंची थीं।” ट्रंप ने अपने पत्र में संकेत दिया कि नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने के बाद उनका वैश्विक दृष्टिकोण बदल गया है और अब वे अमेरिका के रणनीतिक हितों पर अधिक ध्यान देने वाले है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे ने पत्र की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब्ब के साथ मिलकर ट्रंप को एक पत्र भेजा था जिसमें नॉर्वे और अन्य देशों पर टैरिफ लगाने का विरोध किया गया था। ट्रंप के पत्र को उन्होंने उसी संदर्भ में प्राप्त किया। इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने इस तरह के पत्र कई यूरोपीय राजदूतों को भी भेजे हैं। ट्रंप ने कई बार कहा कि वे ग्रीनलैंड पर अमेरिकी स्वामित्व के अलावा किसी और विकल्प को स्वीकार नहीं करने वाले है। उन्होंने डेनमार्क पर आर्कटिक क्षेत्र में कथित “रूसी खतरे” से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया। ट्रंप ने लिखा कि नाटो ने पिछले 20 वर्षों से डेनमार्क को ग्रीनलैंड में सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा, लेकिन डेनमार्क कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक वे यूरोपीय सहयोगियों पर बढ़ते टैरिफ लगाएंगे। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप के रुख को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और इस अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना है। यूरोपीय अधिकारी इस बात पर भी जोर देते हैं कि ग्रीनलैंड पहले से ही नाटो की सामूहिक रक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। ट्रंप का तर्क है कि चीन और रूस की बढ़ती उपस्थिति के कारण ग्रीनलैंड अमेरिकी सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन डेनमार्क और यूरोप इसे बेचने या हस्तांतरण की अनुमति देने को तैयार नहीं हैं। पत्र से यह भी पता चलता है कि ट्रंप की वैश्विक नीतियों में व्यक्तिगत प्रेरणाएँ और पुरस्कारों की उम्मीदें भी प्रभाव डालती हैं। नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने की प्रतिक्रिया में उन्होंने सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय विवाद और रणनीतिक संपत्ति पर अमेरिकी दबाव की बात की। यह घटनाक्रम अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव को दर्शाता है और दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक मामलों में अपने दृष्टिकोण को कैसे व्यक्तिगत महत्व और राष्ट्रीय हितों के आधार पर आकार देता है।

नवाज शरीफ की बहू ने पहने इंडियन फैशन डिजाइनर के कपड़े, पाक में हो रही आलोचना

नवाज शरीफ की बहू ने पहने इंडियन फैशन डिजाइनर के कपड़े, पाक में हो रही आलोचना

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी नेता मरियम नवाज़ के बेटे और पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के पोते जुनैद सफदर की शादी की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ दुल्हन शांजेह अली रोहेल के ब्राइडल आउटफिट्स की खूब तारीफ हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी फैशन कंटेंट क्रिएटर और स्टाइलिस्ट मोईद शाह ने दुल्हन की आलोचना की है। उन्हें इंडियन फैशन डिजाइनर के कपड़े पहनने के लिए खरी खोटी सुनाई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोईद ने अपने कैप्शन में लिखा- तो बारात के लुक्स सामने आ गए और मैं कन्फ्यूज हो गया... उनके लिए मुख्य दिक्कत यह थी कि शांज़ेह ने अपनी बारात के लिए तरुण तहिलियानी की साड़ी चुनी थी। स्टाइलिस्ट ने निराशा जताई कि दुल्हन ने एक ऐसी लाल साड़ी चुनी जो पहले ही एक इंडियन सेलिब्रिटी पहन चुकी थी। वीडियो में उन्होंने समझाया- दुल्हन, शांज़ेह अली रोहेल का यह लुक बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा,। यह फीका पड़ गया। इसमें वाह फैक्टर की कमी थी। हमें कुछ अलग, कुछ यादगार उम्मीद थी। और हमें क्या मिला? दोहराव और बोरियत? शांज़ेह ने तरुण तहिलियानी की साड़ी पहनी थी, जिसे अनन्या पांडे पहले ही किसी इवेंट में पहन चुकी हैं।
मोईद ने तर्क दिया कि इतनी बड़ी शादी के लिए नवाज शरीफ और शेख रोहेल असगर के परिवारों के बीच एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मिलन फैशन दोहराव वाला होने के बजाय यादगार होना चाहिए था। शांज़ेह के वेडिंग लुक के रीसायकल एस्थेटिक के अलावा, मोईद ने पाकिस्तानी कारीगरी को नज़रअंदाज़ करने के फैसले की भी आलोचना की है। यह देखते हुए कि शांज़ेह ने अपनी मेहंदी में पहले ही एक इंडियन डिज़ाइनर के कपड़े पहने थे, उन्होंने शादी के दिन लोकल रिप्रेजेंटेशन की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बारात के लिए मुझे सच में लगा कि किसी पाकिस्तानी डिजाइनर के कपड़े पहने जा सकते थे, यह इस सीजन की सबसे बड़ी पॉलिटिकल शादी है, लाखों लोग इसे देश और विदेश में देख रहे हैं। आप कम से कम लोकल फैशन को तो प्रमोट कर सकते थे।
मोईद ने शांज़ेह के शादी के फंक्शन में दिखने के एक जैसेपन की भी आलोचना करते हुए कहा कि उनकी मेहंदी और बारात के लुक में कोई फर्क नहीं था। वही बाल, वही ग्लैमर, वही एनर्जी... मूड बदलने के लिए कुछ भी नहीं था। बारात में दुल्हनों को सबसे ज़्यादा करने की छूट होती है। मोईद ने कहा कि दूल्हे की मां ने दुल्हन को पूरी तरह से फीका कर दिया। पाकिस्तानी डिज़ाइनर इक़बाल हुसैन के गोल्डन सूट में सजी मरियम नवाज़ की पाकिस्तानी शादी की पारंपरिक भावना को अपनाने के लिए तारीफ़ हुई। नवाज शरीफ के पोते जुनैद सफदर और शानज़े अली रोहेल की शादी सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति जानने का सशक्त माध्यम : मंत्री सारंग

जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति जानने का सशक्त माध्यम : मंत्री सारंग

 भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति से एक-दूसरे को अवगत कराने का सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इसके जरिए एक-दूसरे की ऐतिहासिक धरोहर, संस्कार, जनजाति, विरासत आदि को युवा जान सकेंगे। सोमवार को भोपाल में गृह मंत्रालय भारत सरकार प्रायोजित एवं माय भारत भोपाल (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय) के तत्वावधान में विगत 7 दिवस से आयोजित कार्यक्रम के समापन समारोह को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने संबोधित किया।

मंत्री सारंग ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा युवाओं को देश की मुख्य धारा से जुड़कर कार्य करने की अपील की एवं युवाओं को रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी द्वारा जनजाति वर्ग के युवाओं को अपने नेतृत्व क्षमता एवं अपने कॅरियर बनाने की अपील की गई। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं विजेताओं को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी पीयूष दुबे उपस्थित थे।

कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिला अधिकारी माय भारत भोपाल प्राजंल अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन 13 से 19 जनवरी तक हुआ। कार्यक्रम में 5 राज्यों झारखंड, उड़ीसा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के कुल 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इन्हें सीआरपीएफ, बीएसएफ एवं आईटीबीपी के एस्कॉर्ट द्वारा अपने नेतृत्व में कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। कार्यक्रम में जनजाति वर्ग के युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। साथ ही इन्हें भोपाल के ऐतिहासिक स्थल जैसे ट्रॉइबल म्यूजियम, भारत भवन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग, सीआरपीएफ प्रदेश मुख्यालय भोपाल की बड़ी लेक एवं अन्य स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसके अलावा समय-समय पर अतिथि विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तित्व विकास, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता विकास, ग्रुप डिस्कशन, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, योग, भाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और उत्साह का सृजन करना और देश की मुख्य धारा से जुड़कर देश हित में कार्य करना है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्तकें करें तैयार : मंत्री सिंह

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्तकें करें तैयार : मंत्री सिंह

 भोपाल : स्‍कूल शि‍क्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को अरेरा हिल्‍स स्थित उद्यमिता भवन, भोपाल में आयोजित पांच दिवसीय पाठ्यपुस्तक लेखन कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि पाठ्य पुस्‍तकें विद्यार्थियों के भविष्‍य का निर्माण करती हैं। इसलिए हमारा दायित्‍व है कि हम ऐसी पाठ्य पुस्‍तकों का निर्माण करें जो भविष्‍य के प्रति समर्पित हों। राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्‍कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्‍तकें तैयार करें।

मंत्री सिंह ने कहा कि, मैं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने हमें मैकाले की शिक्षा पद्धति से बाहर निकालकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया और भारतीय शिक्षा को नई दिशा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना अनुसार संस्‍कृत, वैदिक, यौगिक, आयुर्वेदिक एवं अन्य ज्ञानपरक विषयों से जुड़े संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण बौद्धिक, नैतिक एवं शारीरिक विकास सुनिश्चित हो सके।

मंत्री सिंह ने स्‍थानीय और आचंलिक ज्ञान पर जोर देते हुए कहा कि हमें डॉ. हरिसिंह गौर, महाराजा सूरजमल, परमार वंश के शासक राजा भोज सहित अन्य महान हस्तियों को आज के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी को भारत के समृद्ध इतिहास, सामाजिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान की सही जानकारी मिल सके। कार्यशाला गुणवत्तापूर्ण एवं समकालीन पाठ्यपुस्तकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

23 जनवरी तक होगा कार्यशाला का आयोजन

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्‍य में पाठ्यपुस्‍तकों के पुर्ननिर्माण की दिशा में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला 23 जनवरी तक संचालित होगी। कार्यशाला में कक्षा 1, 3, 5 एवं 7 की नवीन पाठ्य पुस्‍तकों के निर्माण के लिए विचार विमर्श किया जाएगा।

कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् गोविंद प्रसाद शर्मा, फीस नियामक आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. रवींद्र कान्हेरे, मध्‍यप्रदेश पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के अध्यक्ष अल्केश चतुर्वेदी, पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के सदस्य एवं म.प्र. माध्यमिक शिक्षा मंडल के पूर्व उपाध्यक्ष भागीरथ कुमरावत, पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. प्रकाश बरतुनिया, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह सहित पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के सदस्यगण, राज्य शिक्षा केन्द्र के विषय समन्वयक, विषय शिक्षक एवं लेखकगण भी उपस्थित रहे।

BREAKING : कौन हैं नितिन नबीन? निर्विरोध चुने गए बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

BREAKING : कौन हैं नितिन नबीन? निर्विरोध चुने गए बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

 नई दिल्ली। नितिन नबीन निर्विरोध बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। उनके समर्थन में 37 नामांकन दाखिल हुए। भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के अंतर्गत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। संगठन चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण के अनुसार, 36 में से 30 राज्यों की संगठनात्मक प्रक्रिया के बाद केवल नितिन नबीन का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित हुआ। उन्हें 37 नामांकन और देशभर से मिले विश्वास और समर्थन के साथ निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

कौन हैं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन?

सियासी परिवार से संबंध रखने वाले नितिन नबीन के पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के बड़े नेता थे। वह पटना वेस्ट विधानसभा सीट से चार बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए। नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची में हुआ था। उन्होंने साल 1996 में पटना के एक CBSE स्कूल से दसवीं की पढ़ाई की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आगे गए। उन्होंने दिल्ली के एक स्कूल से 1998 में 12वीं पास की।

नितिन नबीन के परिवार में कितने लोग?

नितिन नबीन की पत्नी का नाम दीपमाला श्रीवास्तव है और इनके दो बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी।

BJP में नया युग: Nitin Nabin ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरा नामांकन, निर्विरोध चुनाव की संभावना

BJP में नया युग: Nitin Nabin ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरा नामांकन, निर्विरोध चुनाव की संभावना

 नई दिल्ली:  बिहार के युवा नेता और पूर्व मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin nomination news) ने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आज अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और जेपी नड्डा भी मौजूद रहे।

BJP के हेडक्वार्टर में चल रही नामांकन प्रक्रिया के तहत अगले 24 घंटे में कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन पत्र जमा किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय समेत अन्य राज्य इकाइयों के अध्यक्ष और सांसदों ने भी नितिन नवीन का समर्थन किया।

नामांकन कार्यक्रम में जेपी नड्डा, हरदीप पुरी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सांसद और पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

नितिन नबीन ही राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार हैं। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। कल यानी 20 जनवरी को बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा।

BJP के वरिष्ठ पदाधिकारी और राज्य इकाईयों के अध्यक्षों ने नितिन नबीन के कर्तव्यनिष्ठ और युवा नेतृत्व की तारीफ की और उनका समर्थन किया। बिहार के लिए यह गौरव की बात है कि पहली बार कोई बिहार का नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहा है।

Nitin Nabin आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरेंगे नामांकन, PM मोदी, गृहमंत्री रहेंगे मौजूद

Nitin Nabin आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरेंगे नामांकन, PM मोदी, गृहमंत्री रहेंगे मौजूद

 नई दिल्ली / पटना:  बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज (सोमवार, 19 जनवरी) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नितिन नबीन ने 15 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभाला था और अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का मार्ग तय माना जा रहा है। यह बिहार के लिए गौरव की बात है, क्योंकि पहली बार किसी बिहार के नेता का चयन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में हो सकता है।

बीजेपी ने इस जिम्मेदारी के लिए 45 वर्षीय युवा नेता नितिन नबीन को चुना है। नितिन नबीन (Nitin Nabin Bihar leader) के नामांकन समारोह में बीजेपी के सभी मुख्यमंत्री, राज्य इकाई अध्यक्ष और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह समेत शीर्ष नेताओं ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद शाम 4 से 5 बजे के बीच नामांकन की जांच होगी, और 5 से 6 बजे तक नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बता दें कि नितिन नबीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और उनकी राजनीतिक यात्रा काफी सशक्त मानी जाती है।

रिश्ते हुए शर्मसार : पिता ने नाबालिग बेटी से मिटाई हवस, गिरफ्तार

रिश्ते हुए शर्मसार : पिता ने नाबालिग बेटी से मिटाई हवस, गिरफ्तार

 गुना : समाज में पिता का साया बेटी के लिए सबसे सुरक्षित ढाल माना जाता है, लेकिन गुना जिले के बमोरी थाना क्षेत्र से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है जिसने बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। एक कलयुगी पिता ने अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बना डाला।

पुलिस सूत्रों से जानकारी सामने आई है कि पीड़िता बमौरी थाना क्षेत्र निवासी है। 15 जनवरी को उसका पिता उसे यह कहकर अपने साथ ले गया कि जमीन के कुछ रुपयों के सिलसिले में उन्हें गुना जाना है। पिता पर अटूट विश्वास कर मासूम बेटी उसके साथ चल दी। उसे क्या पता था कि जिस हाथ को थामकर उसने चलना सीखा, वही हाथ आज उसकी मयार्दा छीनने के लिए आगे बढ़ेंगे। आरोपी पिता बेटी को गुना ले जाने के बजाय रास्ते में एक सुनसान जंगल की ओर ले गया। वहां उसने डरा-धमका कर अपनी ही मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया।

इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने लोक-लाज और पुलिस के डर से पीड़िता को कंचनपुरा में एक रिश्तेदार के घर छोड़ दिया और फरार हो गया। हताश और डरी हुई पीड़िता ने पूरी आपबीती अपनी मां और मामा को सुनाई। मामा ने बिना देर किए साहस दिखाया और पीड़िता को लेकर कैंट थाने पहुंचे।

वही मामले की गंभीरता को देखते हुए शून्य पर ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की गई। मामला दर्ज होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और एफआईआर दर्ज होने के महज 6 घंटे के भीतर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और पीड़िता को उचित संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

 
100 से अधिक लोगों की मौत... दक्षिणी अफ्रीका में भारी बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही

100 से अधिक लोगों की मौत... दक्षिणी अफ्रीका में भारी बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही

नेशनल डेस्क: दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक और जिम्बाब्वे में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि दक्षिणी अफ्रीका के कई देशों में मौसम के और खराब होने की आशंका है। दक्षिण अफ्रीका में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के बाद उसके उत्तरी प्रांतों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई।

पड़ोसी देश मोजाम्बिक में आपदा प्रबंधन संस्था ने बताया कि देश में अब तक बारिश के कारण 103 लोगों की मौत हो चुकी है। उसने बताया कि ये मौतें बिजली गिरने, बाढ़ में डूबने, बुनियादी ढांचे के ढहने और हैजा से हुईं। विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार, मोजाम्बिक में सबसे भीषण बाढ़ मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में आई है, जहां दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि साल की शुरुआत से भारी बारिश के कारण 70 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

Delhi Accident 2025: सड़क हादसों में 1600 से अधिक लोगों ने गंवाई जान, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

Delhi Accident 2025: सड़क हादसों में 1600 से अधिक लोगों ने गंवाई जान, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

 दिल्ली - पिछले वर्ष दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में 1,600 से अधिक लोगों की जान चली गई, जो पिछले सात वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज की गई मौतों की सबसे अधिक संख्या है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। पिछले वर्ष 31 दिसंबर तक संकलित सड़क दुर्घटना आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली में 2025 में 1,578 घातक दुर्घटनाओं में 1,617 मौतें दर्ज की गईं।

यह 2019 के बाद से सबसे अधिक मृत्यु की संख्या है और 2024 की तुलना में स्पष्ट बढ़ोतरी को दर्शाती है, जब 1,504 घातक दुर्घटनाओं में 1,551 लोगों की मौत हुई थी। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो, पिछले वर्ष की तुलना में घातक दुर्घटनाओं में 4.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मौत की संख्या में 4.26 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

आंकड़ों से पता चला कि सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या में 0.57 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई, जो 2024 के 5,657 से बढ़कर 2025 में 5,689 हो गई। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की संख्या 2024 के 5,224 से बढ़कर 2025 में 5,314 हो गई, जो 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसके विपरीत, ऐसी दुर्घटनाएं जिसमें किसी को चोट नहीं लगी, उसमें 27.4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जो 2024 में 84 मामलों से घटकर 2025 में 61 रह गईं। मामूली चोट लगने वाली दुर्घटनाओं में भी 0.5 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई, जो 4,069 मामलों से घटकर 4,050 मामले हो गईं।

सड़क सुरक्षा के रुझानों के दीर्घकालिक विश्लेषण से पता चलता है कि 2025, 2019 के बाद से दिल्ली की सड़कों पर सबसे घातक वर्ष के रूप में उभरा है। वर्ष 2019 में 1,433 घातक दुर्घटनाओं और 1,463 मौतों के बाद, कोविड-19 लॉकडाउन के कारण 2020 में आंकड़ों में गिरावट आई, जिसमें दिल्ली में 1,163 घातक दुर्घटनाएं और 1,196 मौतें दर्ज की गईं - जो लगभग दो दशकों में सबसे कम थी। तब से, घातक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

वर्ष 2021 में घातक दुर्घटनाओं की संख्या 1,206 थी, जो 2022 में बढ़कर 1,428 और 2023 में 1,432 हो गई। इसके बाद, यह संख्या 2024 में बढ़कर 1,504 हो गई और 2025 में 1,578 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसी प्रकार, मौतों की संख्या 2021 में 1,239 से बढ़कर 2022 में 1,461, 2023 में 1,457, 2024 में 1,551 और अंततः 2025 में 1,617 हो गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती मृत्यु दर यातायात घनत्व में वृद्धि, वाहनों की औसत गति में वृद्धि और शराब पीकर गाड़ी चलाना, ओवरस्पीडिंग, लाल बत्ती जंप करना और हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने जैसे लगातार उल्लंघनों को दर्शाती है। 

SBI ग्राहकों को बड़ा झटका, अब ATM से पैसा निकालना होगा महंगा और बैलेंस चेक करने पर लगेगी इतनी फीस

SBI ग्राहकों को बड़ा झटका, अब ATM से पैसा निकालना होगा महंगा और बैलेंस चेक करने पर लगेगी इतनी फीस

 नेशनल डेस्क : अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं, तो आपके लिए महत्वपूर्ण खबर है। बैंक ने अपने ATM ट्रांजैक्शन चार्जेस में बदलाव किया है। अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद पैसे निकालने और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (जैसे बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट) पर शुल्क बढ़ा दिया गया है।

नए चार्जेस कितने हैं?

  • दूसरे बैंक के ATM से कैश निकालने पर फ्री लिमिट के बाद अब 23 रुपये (GST समेत) देना होगा।
  • बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए 11 रुपये (GST समेत) लगेंगे।

पहले यह शुल्क क्रमशः 21 रुपये और 10 रुपये था।

कौन से अकाउंट्स पर लागू नहीं होंगे बदलाव?

बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट, SBI ATM का इस्तेमाल करने वाले SBI डेबिट कार्ड होल्डर्स और किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट पर यह नया चार्ज लागू नहीं होगा।

बदलाव क्यों किए गए?

SBI ने यह कदम इंटरबैंक एक्सचेंज फीस में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के कारण उठाया है। नए नियमों के तहत, SBI के सेविंग्स अकाउंट धारकों को पहले की तरह दूसरे बैंकों के ATM पर हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते रहेंगे। इस लिमिट के बाद हर कैश विदड्रॉल पर 23 रुपये और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये देना होंगे।

ग्राहकों के लिए असर

जो लोग अक्सर ATM का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब अधिक शुल्क देना पड़ सकता है। बैंक ने लंबी कतारों से बचने और सुविधाजनक ट्रांजैक्शन के लिए ATM इस्तेमाल बढ़ाने वालों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया है। ऐसे में, SBI ग्राहक अपनी ATM ट्रांजैक्शन लिमिट और शुल्क के बारे में पहले से जागरूक रहें।

Railway New Trains: पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च, 4 अमृत भारत ट्रेनें भी शुरू, इन 7 राज्यों को फायदा- PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी

Railway New Trains: पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च, 4 अमृत भारत ट्रेनें भी शुरू, इन 7 राज्यों को फायदा- PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी

 नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज का दिन बेहद खास है। 17 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व भारत को बड़ी सौगात देते हुए वंदे भारत स्लीपर और 4 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा में इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह स्लीपर वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी और लंबी दूरी के यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी।

रेलवे बोर्ड के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में RAC की कोई व्यवस्था नहीं होगी। ट्रेन में यात्रियों के लिए एसी-1, एसी-2 और एसी-3 श्रेणियों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही 1 जनवरी 2026 से हावड़ा–गुवाहाटी मार्ग पर इन श्रेणियों के लिए संभावित किरायों की जानकारी साझा की थी।

अमृत भारत एक्सप्रेस: आम आदमी के लिए 'हाई-टेक' सफर

अमृत भारत ट्रेनें विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए डिजाइन की गई हैं जो बिना एसी (Non-AC) के किफायती दाम में लंबी दूरी तय करना चाहते हैं।

इन 4 नए रूट्स पर चलेंगी ट्रेनें:

  1. न्यू जलपाईगुड़ी — नागरकोइल: यह ट्रेन बंगाल को सीधे तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले से जोड़ेगी।

  2. न्यू जलपाईगुड़ी — तिरुचिरापल्ली: उत्तर बंगाल और दक्षिण भारत के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

  3. अलीपुरद्वार — SMVT बेंगलुरु: आईटी राजधानी बेंगलुरु जाने वाले छात्रों और पेशेवरों के लिए बड़ी राहत।

  4. अलीपुरद्वार — मुंबई (पनवेल): उत्तर बंगाल और बिहार के लोगों के लिए सपनों के शहर मुंबई का सफर आसान होगा।

प्रमुख विशेषताएं:

  • 7 राज्यों को फायदा: इन ट्रेनों से पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

  • पुश-पुल तकनीक: ट्रेन के दोनों सिरों पर इंजन होने से यह जल्दी रफ्तार पकड़ती है और समय बचाती है।

  • आधुनिक सुविधाएं: यात्रियों को झटके रहित सफर के लिए सेमी-सील्ड गैंगवे, सीसीटीवी कैमरे, सेंसर वाले नल और चार्जिंग पॉइंट्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

 देश की पहली 'वंदे भारत स्लीपर' का आगाज

आज एक बड़ा मील का पत्थर तब स्थापित हुआ जब पीएम मोदी ने हावड़ा और गुवाहाटी के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

  • कम समय में सफर: 958 किलोमीटर की दूरी अब मात्र 14 घंटे में तय होगी।

  • कोच और क्षमता: इसमें कुल 16 कोच हैं (1 फर्स्ट एसी, 4 सेकंड एसी और 11 थर्ड एसी), जिनमें 823 यात्री सफर कर सकते हैं।

  • किराया: लंबी दूरी के हिसाब से किराया ₹2,300 से ₹3,800 के बीच रहने की उम्मीद है।

 बंगाल में अन्य बड़े रेल प्रोजेक्ट्स

ट्रेनों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया गया है:

  • नई रेल लाइन: बालुरघाट से हिली के बीच नई पटरी बिछाने का काम शुरू।

  • मेंटेनेंस हब: न्यू जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी में ट्रेनों के रखरखाव के लिए आधुनिक सेंटर बनाए गए हैं।

  • कनेक्टिविटी: राधिकापुर और बालुरघाट से बेंगलुरु के लिए दो नई एलएचबी (LHB) कोच वाली ट्रेनें भी शुरू की गई हैं।

7 साल की बच्ची से भयानक दुष्कर्म, प्राइवेट पार्ट में डाली थी 5 इंच लोहे की रॉड; कोर्ट ने को सुनाई फांसी की सजा

7 साल की बच्ची से भयानक दुष्कर्म, प्राइवेट पार्ट में डाली थी 5 इंच लोहे की रॉड; कोर्ट ने को सुनाई फांसी की सजा

 Rajkot rape case: गुजरात के राजकोट जिले में 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में विशेष अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी का नाम रामसिंह तेरसिंह दुडवा (30) है, और वह मध्य प्रदेश का निवासी है। बता दें कि युवक ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए बच्ची के प्राइवेट पार्ट में 5 इंच लंबी रॉड डाल दी थी।

जानें पूरा मामला 

दरअसल, यह दर्दनाक घटना 4 दिसंबर 2025 को कानपार गांव, अटकोट, राजकोट में हुई। दोपहर के समय बच्ची अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी। तभी आरोपी मोटरसाइकिल पर आया और बच्ची को उठाकर पास के पेड़ के पास ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ भयानक दुष्कर्म किया और उसके शरीर में लोहे की छड़ डाल दी। 

बच्ची की चीखें सुनकर उसकी चाची दौड़ी, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो गया। बच्ची की हालत गंभीर थी और खून बह रहा था। उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में राजकोट जनाना अस्पताल में इलाज हुआ। डॉक्टरों ने कड़ी मेहनत करके बच्ची की जान बचाई। 

पुलिस ने आरोपी को पकड़ा 

बच्ची के पिता ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को शक के आधार पर आरोपी रामसिंह को गिरफ्तार किया। जांच में पुलिस को घटनास्थल से खून से सनी लोहे की छड़ और आरोपी के बाल मिले। DNA जांच में साबित हुआ कि आरोपी ने ही यह अपराध किया था।

अदालत का फैसला 

पुलिस ने 11 दिनों में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की। 12 जनवरी 2026 को अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। इसके बाद 17 जनवरी 2026 को राजकोट विशेष अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह अपराध बहुत ही गंभीर और अमानवीय है, इसलिए आरोपी को सबसे कड़ी सजा दी गई।

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरुरी: योगी

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरुरी: योगी

 वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है कि हमारी न्यायपालिका उतनी ही सशक्त हो। आम आदमी को सरलता और सहजता के साथ न्याय प्राप्त हो, इसके लिए उतना ही उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर भी आवश्यक है। सरकार के पास न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कोई भी कार्य आते हैं तो व्यवस्था में कोई देर नहीं लगती।

उन्होंने कहा, 'मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि भेज दी है। डिजाइन स्वीकृत हो चुका है तथा सभी औपचारिकताएँ पूरी हो चुकी हैं। आज मुख्य न्यायाधीश द्वारा जैसे ही भूमि-पूजन हो जाएगा, वैसे ही एलएंडटी जैसी विश्व-विख्यात संस्थाओं द्वारा निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।'

मुख्यमंत्री ने कहा, ' एक छत के नीचे कोटर् कॉम्प्लेक्स तो होगा ही, साथ ही अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, स्पोट्र्स सुविधा, पाकिर्ंग और कैंटीन की व्यवस्था भी होगी। अब ऐसा नहीं होगा कि न्याय के लिए संघर्ष करने वाले हमारे अधिवक्ता दिन की रोशनी में भी चैंबर में सूरज के दर्शन करते रहें। टूटे-फूटे चैंबर नहीं, बल्कि बेहतरीन सुविधाओं वाला एकीकृत कॉम्प्लेक्स होगा।'

उन्होंने कहा कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया-इन छह जनपदों के एकीकृत न्यायालय परिसर का शुभारंभ आज होगा। शेष चार अन्य जनपदों की सभी औपचारिकताएँ कुछ ही महीनों में पूरी कर ली जाएँगी। भारत के न्यायिक इतिहास में यह कार्य स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। इसकी शुरुआत मुख्य न्यायाधीश के कर-कमलों से आज होने जा रही है।