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Sawan 2026 : इस साल सावन में बन रहे एक साथ 6 शुभ योग, शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, मिलेगा लाभ

Sawan 2026 : इस साल सावन में बन रहे एक साथ 6 शुभ योग, शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, मिलेगा लाभ

 नई दिल्ली। भगवान शिव को समर्पित सावन माह की शुरुआत इस वर्ष विशेष धार्मिक संयोगों के साथ हो रही है। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और इस दिन एक-दो नहीं, बल्कि छह शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इतने शुभ योगों का एक साथ बनना दुर्लभ माना जाता है, जिससे इस दिन की शिव आराधना का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा और पूरे महीने में कुल चार सोमवार आएंगे। इनमें पहला सोमवार सबसे खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन पूजा-पाठ और रुद्राभिषेक के लिए कई शुभ संयोग प्राप्त हो रहे हैं।

छह शुभ योगों का विशेष संयोग

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 3 अगस्त को प्रीति योग, आयुष्मान योग, सुकर्मा योग, शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग का निर्माण होगा। मान्यता है कि इन योगों में भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

पूजा के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त

सावन के पहले सोमवार शिव पूजन के लिए दिनभर शुभ रहेगा, लेकिन विशेष रूप से तीन मुहूर्त अत्यंत फलदायी माने गए हैं

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
  • संध्या मुहूर्त: शाम 7:11 बजे से रात 8:14 बजे तक

इन समयों में भगवान शिव का अभिषेक और पूजा-अर्चना करना विशेष पुण्यदायक माना गया है।

शिवलिंग पर क्या अर्पित करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के पहले सोमवार भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल या गाय के दूध से करना शुभ माना जाता है। इसके बाद तीन पत्तियों वाले बेलपत्र, शमी पत्र, भांग, धतूरा, मदार के पुष्प और चंदन अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि इन वस्तुओं से पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों को सुख, समृद्धि, आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

सावन 2026 के चार सोमवार

  • पहला सोमवार: 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
  • चौथा सोमवार: 24 अगस्त 2026

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बार पहले सोमवार पर बन रहे छह शुभ योग इसे और अधिक पावन एवं फलदायी बना रहे हैं। ऐसे में शिवभक्त इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

Lakshmi Yojana: रक्षा बंधन से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा, ‘लक्ष्मी योजना’ को मिली कैबिनेट की मंजूरी, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपए

Lakshmi Yojana: रक्षा बंधन से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा, ‘लक्ष्मी योजना’ को मिली कैबिनेट की मंजूरी, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपए

 नई दिल्ली।  रक्षाबंधन से पहले दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए एक बड़ी कल्याणकारी योजना को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।

सरकार के अनुसार, योजना का लाभ पूरी तरह पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल 1 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा, जहां पात्र महिलाएं अपना पंजीकरण कर सकेंगी। आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद योग्य लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर भेजने की तैयारी की गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने महिलाओं से किया गया अपना वादा पूरा किया है। उनके मुताबिक यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन से मिलेगी सुविधा

सरकार ने योजना के संचालन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे आवेदन, दस्तावेजों की जांच और लाभ वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पात्र महिलाओं को बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ मिल सकेगा।

किसे मिलेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं—

  • आवेदक महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • महिला या उसका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए।
  • यदि एक ही परिवार में एक से अधिक महिलाएं पात्र हों, तो परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को योजना का लाभ मिलेगा।

 दिल्ली सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। सरकार को उम्मीद है कि रक्षाबंधन से पहले पहली किस्त जारी होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।

अब जेब में आएंगे प्लास्टिक के नोट! 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी

अब जेब में आएंगे प्लास्टिक के नोट! 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी

 नई दिल्ली। देश में नोटों के इस्तेमाल का तरीका जल्द बदल सकता है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों का परीक्षण शुरू किया जाएगा। सफल रहने पर इन्हें आम चलन में शामिल किया जा सकता है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती चरण में 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट फील्ड ट्रायल के लिए जारी किए जाएंगे। इस परीक्षण में यह देखा जाएगा कि अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में ये नोट कितने टिकाऊ साबित होते हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुराने कागजी नोटों को बंद करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। पॉलीमर और कागजी नोट दोनों ही बाजार में चलते रहेंगे। आरबीआई के अनुसार, छोटे मूल्य के नोटों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है, जिससे वे जल्दी खराब हो जाते हैं। पॉलीमर नोट पानी, गंदगी और फटने जैसी समस्याओं के मुकाबले ज्यादा मजबूत होते हैं। इसके अलावा इनमें बेहतर सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में भारतीय करेंसी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Rule Change : LPG से लेकर बैंकिंग, रेलवे और GST तक, 1 अगस्त से बदलने वाले हैं ये नियम, जानें कितना पड़ेगा असर

Rule Change : LPG से लेकर बैंकिंग, रेलवे और GST तक, 1 अगस्त से बदलने वाले हैं ये नियम, जानें कितना पड़ेगा असर

 नई दिल्ली। 1st August Rule Change : जुलाई का महीना समाप्त होने के साथ ही 1 अगस्त से आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का असर घरेलू बजट, बैंकिंग सेवाओं, हवाई यात्रा, रेलवे टिकट बुकिंग और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं 1 अगस्त से लागू होने वाले प्रमुख बदलावों के बारे में।

LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव

हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी तेल विपणन कंपनियां घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी करेंगी। यदि कीमतों में बदलाव होता है तो इसका सीधा असर रसोई के खर्च और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत पर पड़ेगा।

हवाई ईंधन (ATF) के नए रेट होंगे जारी

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 1 अगस्त को एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों की भी समीक्षा करेंगी। एटीएफ महंगा या सस्ता होने का प्रभाव एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ सकता है, जिससे हवाई किराए में भी बदलाव संभव है।

बैंकिंग सेवाओं के शुल्क में संशोधन

कुछ बैंक 1 अगस्त से अपनी विभिन्न सेवाओं के शुल्क में बदलाव करने जा रहे हैं। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एसएमएस अलर्ट शुल्क में संशोधन की जानकारी दी है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक की नई शुल्क सूची और सेवा नियमों की जानकारी समय रहते प्राप्त कर लें।

तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव संभव

भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था में भी बदलाव लागू किए जा सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत टोकन वितरण और टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आरक्षण केंद्रों पर भीड़ कम हो सके और यात्रियों को सुविधा मिले।

GST नियमों में भी होंगे संशोधन

1 अगस्त से जीएसटी प्रणाली में भी कुछ बदलाव लागू हो सकते हैं। ई-इनवॉइस और ई-वे बिल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ नए प्रावधान लागू किए जाएंगे। इसके तहत कुछ लेन-देन में अतिरिक्त विवरण देना अनिवार्य हो सकता है। साथ ही कारोबारियों को ई-वे बिल से जुड़े कुछ नए विकल्प भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

Sawan 2026 Start Date : 30 जुलाई से भगवान शिव की भक्ति का महीना शुरू, जानें सोमवार व्रत के नियम और पूजा का सही तरीका

Sawan 2026 Start Date : 30 जुलाई से भगवान शिव की भक्ति का महीना शुरू, जानें सोमवार व्रत के नियम और पूजा का सही तरीका

 Sawan 2026 : भगवान शिव के भक्तों के लिए 30 जुलाई 2026 का दिन बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसी दिन से पवित्र सावन माह का शुभारंभ होगा। सावन शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा, शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भगवान भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगेगी। हिंदू धर्म में सावन केवल एक महीना नहीं, बल्कि शिव आराधना का महापर्व माना जाता है। मान्यता है कि, सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। पूरे सावन में आने वाले सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 का पहला सावन सोमवार कब पड़ेगा, शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और व्रत के प्रमुख नियम क्या हैं।

शुभ योग में शुरू होगा सावन 2026

पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई 2026 को रात 8:05 बजे से शुरू होगी और इसका समापन 30 जुलाई 2026 को रात 9:30 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर 30 जुलाई 2026, गुरुवार से सावन महीने की शुरुआत मानी जाएगी।

कब है सावन 2026 का पहला सोमवार ?

साल 2026 का पहला सावन सोमवार 3 अगस्त 2026 को है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा, जलाभिषेक और व्रत का अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से शिव आराधना करने से वैवाहिक सुख और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है। इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा तथा सुकर्मा योग का शुभ संयोग भी बनेगा, जिससे पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा।

सावन सोमवार 2026

पहला सावन सोमवार – 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार – 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार – 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार – 24 अगस्त 2026

पहले सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक

सावन सोमवार व्रत के नियम

सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें और शिवलिंग का अभिषेक करें।
महादेव को बेलपत्र, धतूरा और सफेद चंदन अर्पित करें।
इस दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से बचें।
व्रत के दौरान दिन में न सोएं और प्रदोष काल में भगवान शिव की विशेष पूजा अवश्य करें।
जरूरतमंदों को अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करें और किसी से भी विवाद या कटु वचन बोलने से बचें।
व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक आचरण अपनाएं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा बयान, बोलीं- ‘राष्ट्रहित सबसे ऊपर, यही है सच्ची राजनीति’

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा बयान, बोलीं- ‘राष्ट्रहित सबसे ऊपर, यही है सच्ची राजनीति’

 नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके फैसले को राष्ट्रहित और नैतिक मूल्यों से जुड़ा कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में हर जिम्मेदारी को ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है।

रेखा गुप्ता ने लिखा कि शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में कई सुधार हुए, भारतीय भाषाओं को बढ़ावा मिला, तकनीकी और उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए दिया गया उनका इस्तीफा सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

उधर, इस्तीफे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा इसे नैतिक निर्णय और जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बता रही है, जबकि विपक्ष इसे छात्र आंदोलनों के दबाव का परिणाम करार दे रहा है। देशभर में इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

प्रह्लाद जोशी ने संभाली शिक्षा मंत्रालय की कमान: कार्यभार ग्रहण करते ही अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

प्रह्लाद जोशी ने संभाली शिक्षा मंत्रालय की कमान: कार्यभार ग्रहण करते ही अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

 नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मंत्रालय की प्राथमिकताओं और लंबित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार बहस चल रही है।

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी और प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम तेज करने के निर्देश दिए।

प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी दायित्व संभाल रहे हैं। वे इससे पहले संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय जैसे अहम विभागों का नेतृत्व कर चुके हैं। नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, छात्रों का भरोसा मजबूत करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करना प्रमुख चुनौतियां मानी जा रही हैं। मंत्रालय की आगामी रणनीति पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

किसानों का कल्याण सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों का कल्याण सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव, दतिया से वर्चुअली खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव से जुड़े

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष- 2026 के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित की हैं। जहां वर्ष की प्रथम छमाही में कृषि उपकरणों की तकनीक, उन्नत कृषि के संबंध में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं दूसरी छमाही में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बलराम कृषि महोत्सव का यह सिलसिला 15 जुलाई को इंदौर से प्रारंभ किया गया है। इस क्रम में 23 जुलाई को आलीराजपुर में कृषि महोत्सव का आयोजन भी हुआ।

किसानों को हेलमेट वितरण का नवाचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को दतिया से खरगोन के कृषि महोत्सव में वर्चुअली जुड़कर संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। किसानों के लिए पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। यही नहीं कृषक कल्याण वर्ष में गांव से दो पहियों से दूध और सब्जियां लेकर शहरों तक आने-जाने वाले किसान भाईयों को जीवन रक्षा के लिए हेलमेट भी प्रदान किए गए हैं। यह किसानों के लिए नवाचार भी है और सुविधा भी।

आगामी 13 नवम्बर तक जिले-जिले में होंगे बलराम कृषि महोत्सव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक बलराम कृषि महोत्सव के साथ ही अन्य अनेक आयोजन होंगे। खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के समग्र विकास के संकल्प के साथ कार्य हो रहा है।

किसान उन्नत कृषि अपनाएं, लाभ बढ़ाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव में शामिल सभी किसान भाईयों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत कृषि को अपनाकर अपने लाभ में वृद्धि के प्रयास करें। किसानों को दिन और रात में भी पर्याप्त बिजली की पूर्ति की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि कल्याण वर्ष में 16 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की है, जिसके फलस्वरूप किसानों की आय वृद्धि के रोडमैप को क्रियान्वित किया जाएगा। खरगोन बलराम कृषि महोत्सव में बड़ी संख्या में किसानों के अलावा जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

कारगिल विजय दिवस समारोह में शामिल होने श्रीनगर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ

कारगिल विजय दिवस समारोह में शामिल होने श्रीनगर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ

 श्रीनगर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को कारगिल विजय दिवस समारोह में शामिल होने के लिए श्रीनगर पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रक्षा मंत्री का स्वागत किया।

अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय लद्दाख दौरे पर आए हैं, जहां वे 27वें कारगिल विजय दिवस समारोह में शामिल होंगे।

अधिकारियों ने अनुसार रक्षा मंत्री को हवाई मार्ग से सीधे द्रास पहुंचना था, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद रक्षा मंत्री सड़क मार्ग से द्रास के लिए रवाना हुए। द्रास में शनिवार से दो दिवसीय कारगिल विजय दिवस समारोह शुरू हो रहा है।

मप्र में बनेंगे 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट, 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मोहन यादव

मप्र में बनेंगे 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट, 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मोहन यादव

 - मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में की मीडिया से बातचीत

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्य प्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में) बनाये जायेंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में निराकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मध्य प्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्हाेंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्य प्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपिताें की गिरफ्तारियां भी की गईं, फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई।

उन्हाेंने कहा कि राज्य सरकार पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। उन्हाेंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्य प्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेज़ी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है।

विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। उन्हाेंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्वविद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।

गाैरतलब है कि पेपर लीक और परीक्षा धांधली से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का आदेश जारी किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत गठित ये अदालतें परीक्षा संबंधी मुकदमों की त्वरित सुनवाई कर दोषियों को सजा दिलाएंगी। इसके साथ ही, राज्य शासन के विधि विभाग को इस नई व्यवस्था को राज्य भर में तत्काल प्रभाव से लागू करने और आवश्यक ढांचागत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

इन विशेष अदालतों के अधिकार क्षेत्र में मुख्य रूप से पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत दर्ज परीक्षा धांधली के मामले आएंगे। राज्य या केंद्र सरकार की अधिकृत जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज और जांचे जा रहे सभी परीक्षा संबंधी अपराध अब सीधे इन्हीं अदालतों के दायरे में होंगे। प्रक्रियात्मक देरी को खत्म करने के लिए उच्च न्यायालय ने इन अदालतों को मामलों का सीधा संज्ञान लेने और शुरुआती न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए 'न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी' की शक्तियां भी सौंप दी हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कांग्रेस ने बताया छात्रों की जीत, राहुल बोले- अभी दो मांगें बाकी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कांग्रेस ने बताया छात्रों की जीत, राहुल बोले- अभी दो मांगें बाकी

 नई दिल्ली- नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में चले विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और युवाओं की जीत करार दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शिक्षा व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम है लेकिन संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा व्यवस्था के पतन का प्रतीक बन गए थे और उनका इस्तीफा एक महत्वपूर्ण तथा प्रतीकात्मक कदम है। उन्होंने देशभर के छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया, जिस पर उन्हें गर्व है। राहुल ने कहा कि अभी दो मांगें शेष हैं। पहली, जिन लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज, हिंसा और अन्य कार्रवाई की, उनके खिलाफ जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई हो। दूसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों और देश के भविष्य के सम्मान में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को भारत के युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अहिंसक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी और सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया, इसके बावजूद युवा पीछे नहीं हटे। प्रियंका ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की इच्छा सर्वोपरि होती है और कोई भी सरकार या नेता जनता की आवाज को हमेशा के लिए दबा नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते रहे हैं और कांग्रेस ने एनएसयूआई तथा युवा कांग्रेस के माध्यम से छात्रों के आंदोलन का लगातार समर्थन किया। प्रियंका ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि देश के छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों ने अपने संघर्ष के बल पर शिक्षा मंत्री को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया है। धर्मेंद्र प्रधान खराब शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार, पुलिस की कथित बर्बरता और सरकारी संवेदनहीनता का प्रतीक बन चुके थे।

पवन खेड़ा ने कहा कि लड़ाई केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरी व्यवस्था के खिलाफ है जिसने शिक्षा प्रणाली को संकट में डाल दिया। छात्रों पर हुई कथित हिंसा की जवाबदेही तय होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस और छात्र संगठन तब तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों की सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन से भारत ने रचा इतिहास, स्वदेशी तकनीक का सफल प्रदर्शन

हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन से भारत ने रचा इतिहास, स्वदेशी तकनीक का सफल प्रदर्शन

 भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को 17 जुलाई, 2026 को दिल्ली क्षेत्र के जींद–सोनीपत रेलखंड पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। शुरुआत के बाद से यह ट्रेन 1,200 किलोमीटर से अधिक की सफल यात्रा पूरी कर चुकी है, जिससे 3,200 लीटर से अधिक डीज़ल की बचत हुई है। यह ट्रेन शून्य टेलपाइप कार्बन उत्सर्जन के साथ केवल जलवाष्प छोड़ती है और भारतीय रेल के स्वच्छ एवं सतत परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बनती है बिजली

यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया के माध्यम से फ्यूल सेल के भीतर ही बिजली उत्पन्न करती है। इसी विद्युत ऊर्जा से ट्रेन संचालित होती है। इस पूरी प्रक्रिया में उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प निकलती है। न धुआँ निकलता है और न ही टेलपाइप से कार्बन उत्सर्जन होता है, जिससे यह वर्तमान रेल प्रणोदन तकनीकों में सबसे स्वच्छ विकल्प बनकर उभरी है।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार परियोजना

भारतीय रेल के नेतृत्व में विकसित यह परियोजना पूरी तरह स्वदेशी पहल है। 10 कोच वाली इस ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार लगाई गई हैं, जो संयुक्त रूप से 2,400 किलोवाट शक्ति प्रदान करती हैं। इसके अलावा ट्रेन में लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियां और हाइड्रोजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं, जो इसकी ऊर्जा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं।

जींद में बनी पहली हाइड्रोजन भंडारण सुविधा

इस परियोजना के तहत जींद में भारतीय रेल की पहली समर्पित हाइड्रोजन भंडारण सुविधा स्थापित की गई है। यहां 500 Bar तक के दाब पर ग्रीन हाइड्रोजन का भंडारण किया जा सकता है, जबकि 350 Bar के दाब पर ईंधन भरने की व्यवस्था उपलब्ध है। इस सुविधा की कुल भंडारण क्षमता लगभग 3,000 किलोग्राम है।

सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था

ट्रेन में हाइड्रोजन रिसाव, अधिक तापमान, आग और धुएँ का स्वतः पता लगाने वाली कई स्वतंत्र सुरक्षा प्रणालियां लगाई गई हैं। इसके साथ स्वचालित शट-ऑफ सिस्टम, निरंतर वेंटिलेशन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का अनुपालन तथा सभी आवश्यक परीक्षण और सत्यापन भी सुनिश्चित किए गए हैं। जींद–सोनीपत रेलखंड पर सफल परिचालन के बाद जल्द ही इसका परीक्षण दिल्ली मार्ग पर भी शुरू किया जाएगा।

स्वच्छ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भारत की हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वदेशी हाइड्रोजन रेल इकोसिस्टम की स्थापना की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। यह परियोजना सतत और शून्य-उत्सर्जन रेल परिवहन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा भविष्य में इसके व्यापक विस्तार और स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की मजबूत आधारशिला रखती है।

प्रधानमंत्री मोदी 26 जुलाई को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के प्रतिभागियों से करेंगे संवाद

प्रधानमंत्री मोदी 26 जुलाई को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के प्रतिभागियों से करेंगे संवाद

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जुलाई (रविवार) को शाम 4:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के प्रतिभागियों से बातचीत करेंगे। इस कार्यक्रम में देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 400 से अधिक युवा शामिल होंगे, जिनका चयन राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के जरिए किया गया था।

तीन लाख से अधिक युवाओं ने लिया चयन प्रक्रिया में हिस्सा

माय भारत के माध्यम से संचालित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 का आयोजन 4 जून से 30 जून तक दो चरणों में किया गया। कार्यक्रम के लिए आयोजित ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में तीन लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 400 से अधिक प्रतिभागियों का चयन किया गया।

74 सीमावर्ती गांवों से युवाओं को मिला जुड़ने का अवसर

इस कार्यक्रम के तहत लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 वाइब्रेंट सीमावर्ती गांवों को शामिल किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिवेश से जोड़ना तथा उन्हें इन गांवों के रणनीतिक महत्व से परिचित कराना था।

स्थानीय समुदायों के साथ रहकर किया अनुभव साझा

प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान स्थानीय समुदायों के साथ रहकर स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं पर जागरूकता अभियान, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, वृक्षारोपण अभियान, लघु पंचायत मॉडल सिमुलेशन, स्थानीय कारीगरों के साथ संवाद और रणनीतिक महत्व के संस्थानों का दौरा जैसी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।

सीमावर्ती गांवों को ‘देश के पहले गांव’ बनाने की पहल

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन पर आधारित है, जिसमें सीमावर्ती गांवों को “देश के पहले गांव” के रूप में विकसित करने और उन्हें विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया गया है। इस कार्यक्रम ने युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य, सांस्कृतिक विरासत और विकास संबंधी आकांक्षाओं का प्रत्यक्ष अनुभव देने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक भागीदारी और सीमावर्ती गांवों के महत्व की गहरी समझ विकसित करने का अवसर भी प्रदान किया। 

सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद के लिए प्रतिबद्ध : डॉ. जितेंद्र सिंह

सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद के लिए प्रतिबद्ध : डॉ. जितेंद्र सिंह

 केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि सरकार नियमित संवाद और रचनात्मक परामर्श के माध्यम से कर्मचारी संगठनों के साथ जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी, जवाबदेह और कर्मचारी-केंद्रित शासन के चलते लगभग 25 से 30 वर्षों से लंबित कई सेवा संबंधी मामलों का समाधान किया गया है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध भारतीय डाक कर्मचारी संघ (बीपीईएफ) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।

लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान पर दिया जोर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देते हुए वर्षों से लंबित सेवा संबंधी शिकायतों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरदायी शासन, समय पर निर्णय और निरंतर प्रशासनिक सुधारों के कारण शिकायत निवारण लोक प्रशासन का महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है, जिससे कर्मचारियों की समस्याओं का निष्पक्ष, नियम-आधारित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो रहा है।

डाक कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल से हुई चर्चा

भारतीय डाक कर्मचारी संघ (बीपीईएफ) के महासचिव अनंत कुमार पाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के डाक कर्मचारियों के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में सेवा संबंधी मामलों, कर्मचारी कल्याण, मान्यता से जुड़े मुद्दों और लंबित प्रशासनिक एवं कानूनी मामलों के शीघ्र समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई।

कर्मचारी संगठनों से सुझाव देने का किया आग्रह

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रत्येक वास्तविक अभ्यावेदन की जांच उसकी योग्यता और लागू नियमों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि कई मंत्रालयों और विभागों से जुड़े मामलों में व्यापक संस्थागत परामर्श की आवश्यकता होती है, ताकि कानूनी रूप से मजबूत, पारदर्शी और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कर्मचारी संगठनों से शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव और प्रतिक्रिया लगातार साझा करने का आग्रह किया।

प्रशासनिक सुधारों की प्रतिनिधिमंडल ने की सराहना

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रशासनिक सुधारों और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दशकों से लंबित कई सेवा संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे कर्मचारियों का व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ है। प्रतिनिधियों ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में निभाई जा रही भूमिका की भी प्रशंसा की।

कर्मचारी कल्याण और सुशासन को मजबूत करने का भरोसा

प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी संगठनों के साथ संवाद बनाए रखने के लिए डॉ. जितेंद्र सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार आगे भी कर्मचारियों के कल्याण, प्रशासनिक दक्षता और सुशासन को मजबूत करते हुए सेवा संबंधी वैध मांगों के समाधान की दिशा में कार्य करती रहेगी।

सरकार और सीजेपी में बनी सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने खत्म किया राष्ट्रव्यापी आंदोलन

सरकार और सीजेपी में बनी सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने खत्म किया राष्ट्रव्यापी आंदोलन

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच सहमति बन गई है। इसके बाद सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान किया। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

सरकार ने स्वीकार कीं प्रमुख मांगें

सीजेपी ने अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार ने उसकी सभी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें नीट परीक्षा पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने का फैसला शामिल है।

एफआईआर वापस लेने पर सहमति

पार्टी के अनुसार, केंद्र सरकार और एनडीए शासित राज्यों में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। साथ ही भविष्य में इस आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

परीक्षा सुधारों पर होगी आगे चर्चा

सीजेपी ने बताया कि सरकार उसके 5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर पर विचार करेगी। इन सुधारों को लेकर आगे की रणनीति तय करने के लिए पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ अलग से बैठक करेगा।

तीन दौर की वार्ता के बाद बनी सहमति

सरकार से बातचीत के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान पार्टी की तीन प्रमुख मांगें थीं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामलों व एफआईआर की वापसी तथा भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों पर कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाना।

मुआवजे की मांग का भी उल्लेख

रांका ने कहा कि पार्टी ने यह भी मांग रखी थी कि नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ उनकी पहली मांग पूरी हो गई है। वहीं, दूसरी मांग के तहत दिल्ली समेत सभी भाजपा और सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने इस पर सहमति जताई है और जल्द ही इन मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

BIG BREAKING : धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

BIG BREAKING : धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

 नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। जिस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नीट छात्र धरना प्रदर्शन दे रहे थे, उन्होंने आखिरकर इस्तीफा दे दिया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं का सम्मान

मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार प्रकट करता हूं।

सीबीटी मोड में परीक्षा कराने का लिया निर्णय

किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।

पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

मेधावी छात्रों को मिली सफलता

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।

यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।

जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र (इस्तीफा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

मैं प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।

प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।

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पेपर लीक संशोधन विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई; 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रस्ताव

पेपर लीक संशोधन विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई; 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रस्ताव

 नई दिल्ली। परीक्षा में पेपर लीक और संगठित नकल के मामलों पर सख्ती बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में धांधली करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ अधिक कठोर कानूनी प्रावधान लागू करना है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार इस विधेयक को संसद के मानसून सत्र में अगले सप्ताह पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा, ताकि मामलों का निपटारा निर्धारित समयसीमा में हो सके। प्रस्ताव है कि ऐसे मामलों में तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया जाए।

विधेयक में दोषियों के लिए अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को इस संशोधन विधेयक का नोडल मंत्रालय बनाया गया है, जो अपराध की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर दंड संबंधी प्रावधानों को लागू करेगा। वर्तमान में देश में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू है। इसके तहत व्यक्तिगत स्तर पर परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए 3 से 5 वर्ष तक की जेल और ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, संगठित गिरोहों के मामलों में 5 से 10 वर्ष तक की कैद और ₹1 करोड़ तक जुर्माने की व्यवस्था है। नए संशोधन के जरिए इन प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाने का प्रस्ताव है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा था कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तेज और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कानून को और मजबूत बना रही है।

NEET पेपर लीक प्रदर्शन: छात्रों पर कथित लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, 27 जुलाई को होगी सुनवाई

NEET पेपर लीक प्रदर्शन: छात्रों पर कथित लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, 27 जुलाई को होगी सुनवाई

 नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने इस संबंध में दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। दोनों मामलों पर 27 जुलाई को सुनवाई होगी। मामला वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान और गोपाल शंकरनारायणन की ओर से न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष उठाया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पीठ से अनुरोध किया कि दोनों याचिकाओं को शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। उन्होंने बताया कि दोनों याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं और उन्हें रजिस्ट्री द्वारा नंबर भी आवंटित कर दिए गए हैं।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले दो दिनों से यह दावा किया जा रहा था कि मामले में याचिका पहले ही दायर हो चुकी है, जबकि शुक्रवार सुबह तक केवल एक पत्र या अभ्यावेदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि औपचारिक याचिका बाद में दाखिल की गई। गौरतलब है कि 20 जुलाई को दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान पुलिस द्वारा कथित रूप से लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए, जिसके बाद इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी गई।

इस बीच, NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं।

NEET-CBSE विवाद: छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का देशव्यापी कैंडल मार्च और सत्याग्रह, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई

NEET-CBSE विवाद: छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का देशव्यापी कैंडल मार्च और सत्याग्रह, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई

 नई दिल्ली। NEET और CBSE से जुड़े विवादों को लेकर कांग्रेस अब देशभर में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने शनिवार, 25 जुलाई को सभी जिलों में कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का ऐलान किया है। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों और जिला इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं। पार्टी की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, जिला कांग्रेस समितियों के नेतृत्व में शनिवार शाम को कैंडल मार्च निकाला जाएगा, जिसका समापन महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास किया जाएगा।

कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं का सीधा असर छात्रों और युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। केसी वेणुगोपाल ने 24 जुलाई को जारी पत्र में प्रदेश कांग्रेस समितियों से अपने-अपने क्षेत्रों की जिला इकाइयों को कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश देने को कहा है। कांग्रेस के मुताबिक, यह कार्यक्रम पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है।

कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा से जुड़े मामलों में सरकार को छात्रों की चिंताओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए। एआईसीसी ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर की कांग्रेस समितियों के साथ-साथ पार्टी के सभी प्रकोष्ठों, विभागों और कार्यकर्ताओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। कांग्रेस ने छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के लोगों से भी कैंडल मार्च और सत्याग्रह में शामिल होने का आग्रह किया है।

450 करोड़ बैंक फ्रॉड केस में ईडी का बड़ा एक्शन, दिल्ली-पंजाब-यूपी के 8 ठिकानों पर छापेमारी

450 करोड़ बैंक फ्रॉड केस में ईडी का बड़ा एक्शन, दिल्ली-पंजाब-यूपी के 8 ठिकानों पर छापेमारी

 नई दिल्ली/लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 450 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की लखनऊ जोनल टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत संतोष ओवरसीज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज केस के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी ने बैंकों के कंसोर्टियम से करीब 450 करोड़ रुपये का कर्ज लिया और बाद में इस रकम को फर्जी कंपनियों, संदिग्ध लेनदेन और गलत दस्तावेजों के जरिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया।

ईडी ने शुक्रवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में कुल 8 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इन ठिकानों में कंपनी के प्रमोटर, संबंधित संस्थान और कथित सहयोगियों के परिसरों को शामिल किया गया है। एजेंसी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। इससे पहले भी ईडी फर्जी डिग्री और नकली शैक्षणिक दस्तावेज मामले में कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी ने उस केस में करोड़ों रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। फिलहाल 450 करोड़ बैंक फ्रॉड मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी।