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MP पुलिस को हाईटेक बनाने की तैयारी, AI और टेक्नोलॉजी पर CM मोहन यादव का जोर

MP पुलिस को हाईटेक बनाने की तैयारी, AI और टेक्नोलॉजी पर CM मोहन यादव का जोर

 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुलिस बल में नवाचार और सामाजिक सरोकार से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए पुलिस फोर्स को बधाई दी और इस अभियान में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री पुलिस मुख्यालय में आयोजित पुलिस महानिदेशक–महानिरीक्षक सम्मेलन-2025 को संबोधित कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियाँ इस तरह संचालित हों कि भविष्य में नक्सलवाद दोबारा पनप न सके। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण शुरू करने के निर्देश दिए। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया को वर्तमान समय की बड़ी शक्ति और चुनौती दोनों बताया। उन्होंने कहा कि अफवाहों और भ्रामक सामग्री पर समय रहते त्वरित व प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। साथ ही, पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक दक्ष बनाकर पीड़ितों को तुरंत सहायता उपलब्ध करानी होगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस की छवि भय नहीं, भरोसे की होनी चाहिए। अपराधियों में डर और आमजन में सुरक्षा की भावना विकसित करना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा और मीडिया के माध्यम से बेहतर संवाद पर विशेष ध्यान देने की बात कही। सड़क सुरक्षा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने ब्लैक स्पॉट की पहचान, सख्त यातायात निगरानी, शराब पीकर वाहन चलाने पर कड़ी कार्रवाई और राहवीर योजना के व्यापक प्रचार के निर्देश दिए। उन्होंने 108 एंबुलेंस चालकों के निजी अस्पतालों से गठजोड़ पर सख्त नजर रखने और चालकों की आंखों की जांच के लिए विशेष शिविर लगाने की आवश्यकता बताई।

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महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नशे के खिलाफ अभियान को और सख्त बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया। सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि यह बैठक रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक–महानिरीक्षक सम्मेलन के निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित की गई है। बैठक में कानून व्यवस्था, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, सिंहस्थ-2028, फॉरेंसिक साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह शिवशेखर शुक्ला सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

प्रेमी के प्यार में पागल युवती घर छोड़कर 8 दिन उसके घर रही, 9वें दिन पत्नी, बच्चा मायके से लौटे तो पता चला प्रेमी शादीशुदा है

प्रेमी के प्यार में पागल युवती घर छोड़कर 8 दिन उसके घर रही, 9वें दिन पत्नी, बच्चा मायके से लौटे तो पता चला प्रेमी शादीशुदा है

 (खंडवा): मध्यप्रदेश के खंडवा से बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आय़ा है। यहां एक युवती के साथ ऐसा धोखा हुआ है कि कोई भी हिल जाए। दरअसल एक युवती प्रेमी की बातों में आकर अपना घर छोड़कर उसके साथ 8 दिन  लिव इन रिलेशन में रही। प्रेमी के झूठ का खुलासा 9वें दिन हुआ। जिस प्रेमी ने खुद को कुंआरा बताया था वो शादीशुदा निकला और युवती के होश फाख्ता हो गए। प्रेमी ने लड़की को धोखा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पोल खुलने के बाद युवती वापस अपने घर लौट आई है और प्रेमी के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया है।

खुद को कुंवारा बताकर शादी कार्यक्रम में हुई थी युवती से दोस्ती

जानकारी के मुताबिक आरोपी युवक लवलेश महाजन ने खुद को कुंवारा बताकर लड़की से दोस्ती की थी। युवक बुरहानपुर के खकनार का रहने वाला है।  युवती के मुताबिक उसकी मुलाकात लवलेश से कुछ महीने पहले मामा के घर शादी के दौरान हुई थी। उन्होंने एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए और फिर  फोन पर बात होने लगी।

लवलेश ने शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाए

लड़की को फांसने के लिए लवलेश ने खुद के शादीशुदा होने की बात उससे छिपाई। शादी करने का वादा करके युवती के साथ संबंध बना लिए । युवती लवलेश की बातों में इस कदर आ गई कि अपना घर बार छोड़कर  घर से भाग गई।

दिलचस्प है कि लवलेश उसे लेने गांव आया और वहां से दोनो बुरहानपुर चले गए। लवलेश ने युवती को अपने घर पर रखा। पीड़ित लड़की का कहना है कि लवलेश ने 8 दिन तक उसे अपने घर रखा,  शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाए।

मायके से पत्नी और बच्चे के लौटने के साथ ही सच आया सामने

पीड़ित लड़की का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने तब आई जब लवलेश के घर पर एक महिला और बच्चा आ पहुंचे। जब लड़की ने महिला और बच्चे के बारे में जानना चाहा तो लवलेश की पत्नी ने ही युवती को बताया कि लवलेश ने उससे 3 साल पहले लव मैरिज की थी। इस खुलासे के बाद युवती और उसके बीच काफी कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने के बाद लड़की अपने घर लौटी और घरवालों को सच्चाई बताई। लिहाजा पुलिस मामले में जांच कर रही है

MP में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया नायब तहसीलदार, तहसील कार्यालय में ही ट्रैप

MP में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया नायब तहसीलदार, तहसील कार्यालय में ही ट्रैप

 सतना। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त की सख्ती लगातार जारी है। बावजूद इसके, कुछ अधिकारी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे। ताजा मामला सतना जिले से सामने आया है, जहां रीवा लोकायुक्त की टीम ने रामपुर बाघेलान तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।

तहसील कार्यालय में ली जा रही थी रिश्वत

गुरुवार को लोकायुक्त रीवा की टीम ने नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह जायसूर को तहसील कार्यालय में ही 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। आरोपी खैरा निवासी आशुतोष सिंह से जमीन से जुड़े काम के बदले यह रकम ले रहा था।

शिकायत, सत्यापन और फिर कार्रवाई

फरियादी आशुतोष सिंह ने 15 दिसंबर को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पिता चंद्रशेखर सिंह के नाम दर्ज पुस्तैनी भूमि के बंटवारे, सीमांकन और नामांतरण आदेश के एवज में नायब तहसीलदार ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान आरोपी ने 10 हजार रुपये ले भी लिए। इसके बाद 18 दिसंबर को गठित टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तहसील कार्यालय में कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया।

आगे की कार्रवाई जारी

लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि रिश्वतखोरी पर लोकायुक्त की नजर है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

MP में ई-अटेंडेंस को लेकर सख्ती, 134 शिक्षकों पर कार्रवाई, नोटिस जारी

MP में ई-अटेंडेंस को लेकर सख्ती, 134 शिक्षकों पर कार्रवाई, नोटिस जारी

गुना। मध्यप्रदेश में स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। गुना जिले में ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले 134 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने उन्हें नोटिस जारी किए हैं।

यह कार्रवाई शिक्षा पोर्टल 3.0 से प्राप्त ऑनलाइन डाटा के आधार पर की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन की इस अनिवार्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

75% शिक्षक कर रहे पालन, 2300 अब भी लापरवाह

गुना जिले में शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों सहित कुल 9477 कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से करीब 75 प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं, जबकि लगभग 2300 शिक्षक अब भी इस प्रणाली का पालन नहीं कर रहे। पहले चरण में उन शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है, जिन्होंने एक बार भी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की। ऐसे सभी 134 शिक्षकों को तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

“लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त” – डीईओ

जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोयल ने कहा कि ई-अटेंडेंस शासन की अनिवार्य व्यवस्था है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

रोजाना हो रही निगरानी, आगे भी चलेगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग द्वारा रोजाना पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शेष शिक्षकों की पहचान कर चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुचारु और पारदर्शी बनी रहे।

तकनीकी दावों की होगी जांच

कई शिक्षकों ने नेटवर्क समस्या, मोबाइल या ऐप से जुड़ी तकनीकी खराबी का हवाला दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभागीय दल गठित किए जाएंगे, जो स्कूलों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। तकनीकी खामी पाए जाने पर मौके पर ही सुधार की कार्रवाई की जाएगी।

 

CRIME : कलयुगी बेटे का खौफनाक कांड—पिता का गला घोंटा, मां को आरी से काटा, शव बोरियों में भरकर नदियों में फेंके

CRIME : कलयुगी बेटे का खौफनाक कांड—पिता का गला घोंटा, मां को आरी से काटा, शव बोरियों में भरकर नदियों में फेंके

 उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां अंबेश नाम के युवक ने पैसों और शादी के विवाद में अपने ही माता-पिता की नृशंस हत्या कर दी।

अहमदपुर गांव में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में आरोपी ने पहले लोहे के लोढ़े से माता-पिता के सिर पर हमला किया, फिर तड़पते पिता श्याम बहादुर का रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और मां बबिता के शव को आरी से टुकड़ों में काट डाला। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने दोनों शवों को छह सीमेंट की बोरियों में भरकर कार की डिक्की में रखा और रात के अंधेरे में गोमती व सई नदी में फेंक दिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कोलकाता में दूसरे धर्म में शादी की थी और पत्नी द्वारा मेंटेनेंस मांगने को लेकर विवाद चल रहा था। बहन को गुमराह कर उसने माता-पिता के लापता होने की कहानी गढ़ी, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने एक बॉडी पार्ट बरामद कर लिया है, जबकि बाकी अंगों की तलाश जारी है।

नदियों को जोड़कर बाढ़ से लड़ने की तैयारी, बिहार में लिंक योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

नदियों को जोड़कर बाढ़ से लड़ने की तैयारी, बिहार में लिंक योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

 पटना : बिहार में बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई विस्तार और जल प्रबंधन को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। कोसी-मेची लिंक और बागमती-बेलवाधार-बूढ़ी गंडक लिंक योजना के बाद अब राज्य में करीब एक दर्जन से अधिक नदी जोड़ परियोजनाओं पर काम शुरू होने वाला है। इनमें गंडक-छाड़ी-दाहा-घाघरा लिंक, गंडक-माही-गंगा लिंक, त्रिशुला-बलान लिंक और फल्गु-पैमार लिंक जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं।

इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य नदियों के जल का संतुलित उपयोग कर बाढ़ के खतरे को कम करना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और भूजल स्तर को बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई मौकों पर नदी जोड़ योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम कर रही है।

हाल ही में कोसी-मेची लिंक परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि बागमती-बेलवाधार-बूढ़ी गंडक लिंक योजना का काम लगभग पूरा हो गया है। नदी जोड़ योजनाओं के तहत नदियों को आपस में जोड़ने से बाढ़ के समय अतिरिक्त पानी का बेहतर बंटवारा होगा। इससे एक ओर जहां बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा फायदा राज्य के लगभग आधे हिस्से के किसानों को मिलने की संभावना है, जिससे फसल उत्पादन में भी इजाफा होगा।

बागमती-बेलवाधार-बूढ़ी गंडक लिंक योजना से किसानों को राहत
बागमती-बेलवाधार-बूढ़ी गंडक लिंक योजना पर करीब 130.88 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस परियोजना से शिवहर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण जिले के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना के तहत बागमती धार (बेलवा–मीनापुर लिंक चैनल) को पुनर्जीवित किया गया है। चैनल के दोनों ओर तटबंध का निर्माण कर बेलवा स्थित हेड रेगुलेटर के माध्यम से बागमती नदी का पानी बूढ़ी गंडक नदी में पहुंचाया जाएगा।

इस परियोजना के माध्यम से लगभग 1.43 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल खेती को संजीवनी मिलेगी, बल्कि बाढ़ और सूखे दोनों से निपटने में राज्य को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त: 35 साल का लाल आतंक खत्म, विकास को नई उड़ान

मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त: 35 साल का लाल आतंक खत्म, विकास को नई उड़ान

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने लगभग 35 साल नक्सलवाद का दंश झेला। यह एक बड़ी चुनौती थी, पर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और नक्सल विरोधी अभियान में शामिल जवानों की प्रतिबद्धता से 11 दिसंबर 2025 को नक्सलवाद प्रदेश के नक्शे से पूरी तरह मिटा दिया गया। यह दिन प्रदेश में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को समूल खत्म करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। नक्सलवाद और लाल आतंक देश के हर हिस्से में विकास आधारित गतिविधियों में बाधक था। इससे आम नागरिकों में इसके कारण भय का माहौल होता था। ऐसे में नक्सलियों और नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। 

पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने बालाघाट में अंतिम दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया और मध्यप्रदेश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया। अब इससे प्रभावित क्षेत्रों में विकास को एक नई दिशा और एक नई रफ्तार मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में विकास को गति देने के लिए मध्यप्रदेश में दशकों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से खत्म करना अति आवश्यक था। मध्यप्रदेश ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय डेडलाइन से करीब साढ़े तीन महीने पहले ही यह ऐतिहासिल उपलब्धि हासिल कर ली है। नक्सलवादियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) में 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने समर्पण कर विकास की धारा से जुड़ना स्वीकार किया है। वहीं, प्रदेश में वर्ष 2025 में 10 हार्डकोर माओवादियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता का श्रेय राज्य के बहादुर पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षाबलों को दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष योजना बनाई है। साथ ही प्रदेश में अब एक ऐसा तंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिससे दोबारा मध्यप्रदेश की धरती पर नक्सलवादी या अन्य अतिवादी मूवमेंट खड़े न हो पाएं। इसके लिए सभी पड़ोसी राज्यों के साथ भी जरूरी समन्वय किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में वर्ष 1988-90 से नक्सली गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। 

नक्सलियों ने आम नागरिकों को डरा-धमकाकर परेशान किया और सरकार के विकास कार्यों में भी रुकावटें डालीं। नक्सली पुलिस की बसों को भी आग के हवाले कर देते थे। नक्सलियों ने विपक्षी दल की सरकार में मंत्री रहे श्री लिखीराम कावरे की बालाघाट जिले में उनके घर से निकालकर सरेआम हत्या कर दी थी। प्रदेश में 35 सालों के लंबे समय तक नक्सलियों से संघर्ष जारी रहा, जिसमें कई आम नागरिक और पुलिस व सुरक्षाबलों के जवानों को अपने प्राण गंवाने पड़े।

नक्सलवाद उन्मूलन अभियान के कुछ प्रमुख तथ्य
 
मध्यप्रदेश में वर्ष 1988 से 1990 के बीच नक्सल गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में  मंडला, डिंडौरी और बालाघाट नक्सल प्रभावित जिले रहे।

राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के लिए विशेष सहयोगी  दस्ते के 850 पद स्वीकृत किए।

नक्सलियों को हथियार डालकर जीवन से जुड़ने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने 'पुनर्वास  से पुनर्जीवन' अभियान प्रारंभ किया।

सरकार की इसी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दिसंबर 2025 में करीब 2.36 करोड़ रुपए की इनामी राशि वाले 10 नक्सलियों ने पुलिस लाईन, बालाघाट में सरेंडर कर दिया।

11 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश ने 35 वर्षों से चले आ रहे लाल आतंक को समाप्त कर नक्सल मुक्त बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

वर्ष 2025 में नक्सल विरोधी अभियानों में 16 मुठभेड़ों/एक्सचेंज ऑफ फायर में 13 हार्डकोर नक्सली मारे गए और एक की गिरफ्तारी हुई।

जून 2025 में बालाघाट में हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए, इनमें 3 महिलाएं शामिल थीं। इनके  कब्जे से ऑटोमैटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया     गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट पहुंचकर नक्सलियों का खात्मा करने वाले पुलिस के सिपाहियों और अधिकारियों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया।

नक्सल विरोधी अभियान में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य     साहस और वीरता का प्रदर्शन कर नक्सलवाद की दशकों से चली आ रही समस्या का सफाया कर दिया।

कौन हैं नितिन नबीन? जिन्हें BJP ने बनाया अपना नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

कौन हैं नितिन नबीन? जिन्हें BJP ने बनाया अपना नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

  नई दिल्ली/पटना। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति संगठन के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। नितिन नबीन लंबे समय से पार्टी और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उन्हें एक अनुभवी, जमीनी नेता के रूप में जाना जाता है।

नितिन नबीन बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। युवावस्था से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा से जुड़े रहे। संगठन में लगातार सक्रिय रहने के कारण वे पार्टी नेतृत्व की नजर में आए और धीरे-धीरे बड़ी जिम्मेदारियां संभालते चले गए।

कई बार रह चुके बिहार विधानसभा के सदस्य

नितिन नबीन कई बार बिहार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। वे पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उन्होंने शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और जनसमस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई है।

सरकार में रहते हुए नितिन नबीन को मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। वे बिहार सरकार में अलग-अलग विभागों का नेतृत्व कर चुके हैं। मंत्री रहते हुए उन्होंने सड़क, शहरी विकास, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक सुधारों पर काम किया। उनकी कार्यशैली को तेज, अनुशासित और परिणाम देने वाली माना जाता है।

संगठन के स्तर पर भी नितिन नबीन का अनुभव काफी व्यापक है। वे भाजपा के प्रदेश संगठन में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है जो संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाकर काम करना जानते हैं। यही कारण है कि उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आगामी चुनावी रणनीतियों में अहम योगदान

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद नितिन नबीन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। अब वे पार्टी के राष्ट्रीय संगठन को मजबूत करने, राज्यों के साथ समन्वय बनाने और आगामी चुनावी रणनीतियों में अहम योगदान देंगे। माना जा रहा है कि उनका प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक समझ पार्टी के लिए फायदेमंद साबित होगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने यह नियुक्ति संगठन को और अधिक सक्रिय व मजबूत बनाने के उद्देश्य से की है। नितिन नबीन को मेहनती, अनुशासित और नेतृत्व क्षमता वाला नेता माना जाता है। उनकी छवि एक ऐसे नेता की है जो बिना विवादों में आए काम पर फोकस करते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नितिन नबीन की नियुक्ति से बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी भाजपा को मजबूती मिलेगी। खासतौर पर संगठनात्मक ढांचे को जमीन स्तर तक मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

कुल मिलाकर, नितिन नबीन का सफर छात्र राजनीति से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तक का रहा है। यह नियुक्ति न सिर्फ उनके राजनीतिक करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भाजपा के लिए भी एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

 
 
CG -10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या : घर में फांसी लगाकर दी जान, परिवार में छाया मातम

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दिल्ली- भारतीय रेलवे देश की लाइफलाइन है और रोजाना करोड़ों यात्री इस पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में ट्रेन छूट जाना एक आम लेकिन बेहद परेशान करने वाली स्थिति है। अक्सर यात्रियों का पहला सवाल होता है कि क्या छूटी हुई ट्रेन के टिकट से किसी दूसरी ट्रेन में यात्रा की जा सकती है।

रेलवे नियमों के अनुसार, रिजर्व टिकट लेकर दूसरी ट्रेन में सफर करना संभव नहीं है। अगर किसी अन्य ट्रेन में यात्रा करते समय पकड़े जाते हैं, तो जुर्माना लगाया जा सकता है। दूसरी ट्रेन में सफर करने के लिए जनरल कोच का टिकट होना जरूरी है और यह भी ट्रेन की कैटेगरी पर निर्भर करता है। वंदे भारत, राजधानी और सुपरफास्ट जैसी ट्रेनों में जनरल टिकट स्वीकार्य नहीं है। इसलिए सफर से पहले टिकट और ट्रेन की कैटेगरी जरूर जांच लें।

अगर आपकी ट्रेन छूट जाए, तो सबसे सुरक्षित तरीका है टिकट कैंसिल कराना और रिफंड लेना। इसके लिए टीडीआर (TDR) फाइल करना होता है। IRCTC ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करके टिकट के ऑप्शन में जाकर टीडीआर फाइल किया जा सकता है। कारण भरने और सबमिट करने के बाद प्रोसेस शुरू हो जाती है। 

रिफंड सीधे उसी बैंक अकाउंट में भेजा जाता है, जिससे टिकट बुक किया गया था, और आमतौर पर 60 दिनों के भीतर राशि प्राप्त हो जाती है। इसलिए ट्रेन छूटने के बाद बिना नियमों को देखे दूसरी ट्रेन पकड़ना जोखिम भरा साबित हो सकता है। सुरक्षित विकल्प है टिकट कैंसिल कर रिफंड लेना और फिर वैध टिकट से यात्रा करना।

CRIME : शादी के दबाव में होटल में खूनी वारदात, प्रेमी ने प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या की

CRIME : शादी के दबाव में होटल में खूनी वारदात, प्रेमी ने प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या की

लुधियाना।  लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में एक होटल में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्रेमी युगल के बीच शादी को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, महिला ने अपने साथी अमित निषाद पर शादी का दबाव बनाया, बहस बढ़ने पर महिला ने कथित तौर पर धारदार हथियार से उसके गुप्तांगों पर हमला कर दिया, जिससे अमित गंभीर रूप से घायल हो गया और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।

इसके बाद गुस्से में आकर अमित ने महिला का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया। मृतका दो बच्चों की मां थी और पति से तलाक की प्रक्रिया में थी, इसी दौरान उसकी मुलाकात अमित से हुई थी।

लुधियाना के डीसीपी रुपिंदर सिंह ने पुष्टि की कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और गंभीर चोटों के चलते उसे इलाज के लिए चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

 
MP FSO Exam 2025: एमपी खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा-2025 आज, 42000 अभ्यर्थी होंगे शामिल, 4 शहरों में बनाए गए एग्जाम सेंटर

MP FSO Exam 2025: एमपी खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा-2025 आज, 42000 अभ्यर्थी होंगे शामिल, 4 शहरों में बनाए गए एग्जाम सेंटर

 MP Food Safety Officer Exam 2025: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की ओर से खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा 2025 (MP Food Safety Officer)  रविवार, 14 दिसंबर को आयोजित की जा रही है. परीक्षा एक शिफ्ट में दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक संपन्न होगी. इस परीक्षा में मध्य प्रदेश के 42 हजार अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे. इसके लिए प्रदेशभर में 111 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. 

राजधानी भोपाल में 29 परीक्षा केंद्र, इंदौर में 44, जबलपुर में 23 और ग्वालियर में 15 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर 42 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. बता दें कि इंदौर में 17 हजार 72 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई है.

कब मिलेगी परीक्षा केंद्र में एंट्री

खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा 2025 एक शिफ्ट में दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक संपन्न होगी. हालांकि अभ्यर्थियों को सुबह 11.15 बजे से ही परीक्षा केंद्र में एंट्री दी जाएगी. अगर कोई अभ्यर्थी सुबह 11.45 बजे के बाद परीक्षा सेंटर पर पहुंचते हैं तो उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी. बता दें कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को सहलेखन लेने पर 1 घंटे का एक्स्ट्रा टाइम दिया जाएगा.

परीक्षा केंद्र पर अपने साथ ले जाए ये आवश्यक वस्तुएं

एमपीएससी की ओर से साझा की गई डिटेल के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को अपने साथ केवल ई-प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, स्वयं का फोटोग्राफ, पेन, पानी की पारदर्शी बॉटल लाने की अनुमति रहेगी.

परीक्षा केंद्र पर भूलकर भी न ले जाएं ये चीजें

परीक्षा केंद्र पर कुछ वस्तुएं को ले जाने पर मनाही है. ऐसे में यहां पूरि लिस्ट देख सकते हैं.

  • पेंसिल
  • रबर
  • व्हाइटनर
  • स्केल
  • बैग्स
  • पठन सामग्री
  • मोबाइल फोन
  • पेनड्राइव
  •  केलकुलेटर
  • ब्लूटूथ
  • हैंड फ्री
  • डिजिटल घड़ी
  • स्मार्ट घड़ी या एनालॉग घड़ी
  • कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य कोई ऐसे उपकरण जो संचार उपकरण के रूप में उपयोग किए जाते है प्रतिबंधित रहेंगे.
  • बालों को बांधने वाले क्लचर/ बक्कल, हाथ के बैड/हाथ में पहने जाने वाले मेटेलिक बैंड / चमड़े के बैंड, कमर में पहने जाने वाले बैल्ट, कफलींक धूप का चश्मा पर्स / वॉलेट, टोपी.
  • चाबी, लाइटर्स/ माचिस बॉक्स
  • किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, शार्पनर ब्लेड और अन्य कोई कीमती सामान प्रतिबंधित रहेंगे.
  • परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश निषिद्ध रहेगा.
MP की तीन महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को मिलेंगे 25-25 लाख रुपये, CM मोहन ने कहा- कोच को भी मिलेगा इतना पैसा

MP की तीन महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को मिलेंगे 25-25 लाख रुपये, CM मोहन ने कहा- कोच को भी मिलेगा इतना पैसा

 Madhya Pradesh : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की. खिलाड़ियों में सुनीता सराठे, सुषमा पटेल और दुर्गा येवले शामिल हैं. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए तीनों खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 10-10 लाख रुपये नगद और 15-15 लाख  फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों और तीनों कोच का ट्राफी और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान किया. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का नाम रोशन करने वाली तीनों खिलाड़ियों की आगामी पढ़ाई और कोचिंग आदि की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला खिलाड़ियों के कोच सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की.

ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी

भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 के फाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की ये  तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं. इनमें ऑलराउंडर केटेगरी में खेलने वाली सुनीता सराठे नर्मदापुरम, सुषमा पटेल दमोह और बेट्समेन और विकेटकीपर के रूप में खेलने वाली दुर्गा येवले बैतूल से हैं.

स्टेट हाईवे बना जानलेवा, अतिक्रमण और तेज रफ्तार ने ली 22 वर्षीय युवक की जान

स्टेट हाईवे बना जानलेवा, अतिक्रमण और तेज रफ्तार ने ली 22 वर्षीय युवक की जान

 मधेपुरा : जिले में स्टेट हाईवे-91 एक बार फिर मौत का कारण बन गया. अतिक्रमण, सीमित दृश्यता और तेज रफ्तार के घातक मेल ने एक युवा की जिंदगी छीन ली. कोल्हयपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या तीन निवासी 22 वर्षीय बिट्टू राम उर्फ बीटल की शनिवार को भेलाही मोड़ के पास सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई. यह हादसा उस जगह हुआ, जिसे स्थानीय लोग पहले से ही “दुर्घटना संभावित क्षेत्र” मानते हैं.

जानकारी के अनुसार बिट्टू राम अपनी न्यू पल्सर मोटरसाइकिल से जा रहा था, तभी सामने से आ रहे छह चक्का ट्रक से आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन जब्त कर थाना ले गई.

हादसे के बाद फूटा आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए. बेटे का शव देखकर पिता बदहवास हो गए. गुस्साए लोगों ने शव को हाईवे पर रखकर सड़क जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. स्कूल और कार्यालय जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे. बाद में पंचायत के मुखिया और पुलिस के समझाने पर जाम हटाया गया.

अतिक्रमण और अव्यवस्था बना खतरा
स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए सड़क किनारे फैले अतिक्रमण को जिम्मेदार ठहराया. ग्रामीणों का कहना है कि भेलाही मोड़ पर मकान की दीवार सड़क के काफी पास है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है. इसके अलावा सड़क पर गिट्टी-बालू, पुआल, धान की बोरियां और मकई के डंठल रखे जाने से हादसे की आशंका बनी रहती है. कुहासे के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है.
पुलिस की कार्रवाई
थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. अभी तक कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

फोन कर बुलाया, फिर चाकू से गोदकर गला रेता, 25 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या

फोन कर बुलाया, फिर चाकू से गोदकर गला रेता, 25 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या

 मोतिहारी : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रामगढवा गांव में शुक्रवार की रात एक युवक की बेहद नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई. बदमाशों ने पहले फोन कर युवक को घर से बाहर बुलाया, फिर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर उसका गला रेत दिया. हत्या की यह वारदात इतनी क्रूर थी कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई.

मृतक की पहचान 25 वर्षीय मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से चकिया बाजार निवासी विजय पासवान का पुत्र था. मनीष के मामा विनोद पासवान मुफस्सिल थाने में चौकीदार हैं. बताया गया कि विजय पासवान पिछले करीब 25 वर्षों से अपने परिवार के साथ रामगढवा में ही रह रहे थे.

फोन कॉल बना मौत का कारण
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात मनीष को किसी ने फोन कर बुलाया था. वह फोन करने वाले के पास पहुंचा ही था कि पहले से घात लगाए बदमाशों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिया. गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी हमलावरों ने उस पर रहम नहीं किया और गला रेतकर उसकी हत्या कर दी.

प्रेम-प्रसंग और पुराना विवाद जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग की आशंका जताई जा रही है. परिजनों ने बताया कि मनीष का एक युवती से प्रेम संबंध था. करीब एक वर्ष पहले उसकी शादी हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसका संपर्क बना हुआ था. इसी बात को लेकर पहले भी विवाद हुआ था, जिसे पंचायत के माध्यम से सुलझाया गया था. पुलिस जमीन विवाद के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.

बिहार में नए विभागों का बंटवारा, नागरिक उड्डयन मुख्यमंत्री नीतीश के पास

बिहार में नए विभागों का बंटवारा, नागरिक उड्डयन मुख्यमंत्री नीतीश के पास

 पटना : बिहार में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवगठित विभागों के कार्यभार का बंटवारा कर दिया है। हालांकि, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नागरिक उड्डयन विभाग का प्रभार उन्होंने अपने पास ही रखा है। यह जानकारी 12 दिसंबर को जारी आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है।

गौरतलब है कि बिहार मंत्रिमंडल ने 9 दिसंबर को तीन नए विभाग—युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग—के गठन को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही तीन मौजूदा विभागों के नामों में भी बदलाव किया गया था, ताकि उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों को अधिक स्पष्ट किया जा सके।

मंत्रियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारियां
अधिसूचना के अनुसार, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का कार्यभार संजय सिंह ‘टाइगर’ को सौंपा गया है। वे पहले से ही श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। राज्य सरकार के रोजगार लक्ष्य को देखते हुए इस विभाग को अहम माना जा रहा है।

वहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को नवगठित उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार दिया गया है। सरकार का मानना है कि अलग विभाग बनने से उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध और नवाचार को नई दिशा मिलेगी।

नागरिक उड्डयन मुख्यमंत्री के पास क्यों
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नागरिक उड्डयन विभाग अपने पास रखा है। हाल में ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए उन्होंने बताया था कि राज्य में कई नए हवाई अड्डों का निर्माण कार्य चल रहा है और उड़ान योजना के तहत भविष्य में और भी हवाई अड्डे प्रस्तावित हैं। ऐसे में नागरिक उड्डयन विभाग का गठन और उसका प्रत्यक्ष नेतृत्व राज्य में औद्योगिक वातावरण सुधारने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और निर्यात को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

विभागों के नाम में भी बदलाव
सरकार ने प्रशासनिक स्पष्टता के लिए कुछ विभागों के नाम भी बदले हैं। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग अब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग कहलाएगा। श्रम संसाधन विभाग का नाम बदलकर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग कर दिया गया है। वहीं, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग अब कला एवं संस्कृति विभाग के नाम से जाना जाएगा।

एक करोड़ रोजगार के लक्ष्य से जुड़ा फैसला
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वर्ष 2025–30 के बीच राज्य में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके लिए युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ना जरूरी है। नए विभागों का गठन और उनका कार्यभार आवंटन इसी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, बड़े पैमाने पर IAS अधिकारियों का तबादला, राजीव रौशन बने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, बड़े पैमाने पर IAS अधिकारियों का तबादला, राजीव रौशन बने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव

 Bihar IAS Transfer 2025: बिहार सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा फेरबदल करते हुए छह आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना ने साफ कर दिया है कि राज्य शासन आने वाले महीनों में नौकरशाही के माध्यम से कामकाज की गति बढ़ाने की तैयारी में है।

सबसे अहम परिवर्तन 2010 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव रौशन को लेकर किया गया है, जो अब तक सारण प्रमंडल, छपरा के आयुक्त थे। उन्हें स्थानांतरित करते हुए उच्च शिक्षा विभाग, बिहार के सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य में उच्च शिक्षा सुधार और नई नीतियों के कार्यान्वयन को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजीव रौशन के पास पहले भी कई महत्वपूर्ण विभागों का अनुभव रहा है।

इसी क्रम में 2010 बैच के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी कौशल किशोर, जो दरभंगा प्रमंडल में आयुक्त थे, को युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, पटना का सचिव बनाया गया है। बिहार में युवाओं के कौशल विकास, नौकरी उपलब्धता और रोजगारोन्मुख योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे में कौशल किशोर की नई तैनाती को सरकार की प्राथमिकता वाले एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है।

मधेपुरा, भागलपुर, मुंगेर और तिरहुत प्रमंडलों में भी बदलाव किए गए हैं। मुंगेर के आयुक्त अवनीश कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार के साथ भागलपुर प्रमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि हिमांशु कुमार राय को भागलपुर से दरभंगा स्थानांतरित किया गया है। इस बदलाव से प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने और जिला स्तर पर विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने का प्रयास झलकता है।

इधर, राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में भी सुधार के संकेत दिए हैं। आदेश के अनुसार, 2005 बैच के आईएएस अधिकारी अजय यादव को उनके सभी वर्तमान दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है।

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, 90 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, 90 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

  दिल्ली - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह लातूर में निधन हो गया। 90 वर्षीय पाटिल ने सुबह करीब 6:30 बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और घर पर ही उपचार चल रहा था। उनके निधन से महाराष्ट्र सहित राष्ट्रीय राजनीति में शोक की लहर है। शांत, संयत और कार्यकुशल नेतृत्व के लिए वे भारतीय राजनीति में विशिष्ट पहचान रखते थे।

शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 को लातूर जिले के चाकुर में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने आयुर्वेद का अध्ययन किया और फिर मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की। उनका राजनीतिक सफर 1967 में लातूर नगर पालिका से शुरू हुआ, जो आगे चलकर एक लंबी और प्रभावशाली राजनीतिक यात्रा में बदल गया।

1980 में वे पहली बार लातूर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और इसके बाद सात बार इस सीट से जीत दर्ज की। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में पाटिल ने रक्षा, वाणिज्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

1991 से 1996 तक वे लोकसभा अध्यक्ष रहे। अपने कार्यकाल के दौरान लोकसभा के आधुनिकीकरण, कंप्यूटरीकरण, कार्यवाही के सीधा प्रसारण और नई लाइब्रेरी भवन के निर्माण जैसे कई महत्त्वपूर्ण बदलावों को गति दी, जिसे संसदीय सुधारों का अहम दौर माना जाता है।

2004 में लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया। हालांकि 2008 मुंबई आतंकी हमलों के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पाटिल को पंजाब का राज्यपाल और चंडीगढ़ का प्रशासक नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने 2010 से 2015 तक सेवाएं दीं। शिवराज पाटिल को एक शांत, विचारशील और सिद्धांतवादी राजनेता के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

BREAKING : चुनाव आयोग ने बढ़ाई SIR की डेट, 6 राज्यों के लिए नया शेड्यूल जारी

BREAKING : चुनाव आयोग ने बढ़ाई SIR की डेट, 6 राज्यों के लिए नया शेड्यूल जारी

 नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की समयसीमा बढ़ा दी है। आयोग ने संशोधित एसआईआर का नया शेड्यूल जारी किया है। कई राज्यों के सीईओ ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि 11 दिसंबर को खत्म हो रहे एसआईआर के लिए समयसीमा को आगे बढ़ा दिया जाए, जिसके बाद गुरुवार को चुनाव आयोग ने इसे बढ़ाने का फैसला किया। चुनाव आयोग ने यूपी, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के वोटर्स को राहत दी है। लेकिन पश्चिम बंगाल में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश में 26 दिसंबर (शुक्रवार) तक रिवाइज्ड एन्यूमरेशन और 31 दिसंबर (बुधवार) तक पब्लिकेशन की तारीख कर दी गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार में अब 18 दिसंबर तक रिवाइज्ड एन्यूमरेशन और 23 दिसंबर (मंगलवार) को पब्लिकेशन होगा। चुनाव आयोग के अनुसार, तमिलनाडु में अब 14.12.2025 (रविवार) तक रिवाइज्ड एन्यूमरेशन की तारीख को बढ़ाया गया है, जबकि पब्लिकेशन की डेट 19.12.2025 (शुक्रवार) हो गई है। गुजरात में 14 दिसंबर (रविवार) तक रिवाइज्ड एन्यूमरेशन और 19 दिसंबर (शुक्रवार) को पब्लिकेशन हो सकेगा।

गरुड़ पुराण में वर्णित हैं मृत्यु के ये 4 चौंकाने वाले रहस्य, जानकर कांप उठेगी रूह

गरुड़ पुराण में वर्णित हैं मृत्यु के ये 4 चौंकाने वाले रहस्य, जानकर कांप उठेगी रूह

 सनातन धर्म के 18 प्रमुख पुराणों में से एक गरुड़ पुराण भगवान विष्णु को समर्पित है। यह पुराण न केवल जीवन के धर्म और कर्म की जानकारी देता है, बल्कि मृत्यु और उसके संकेतों के बारे में भी महत्वपूर्ण बातें बताता है।

जीवन और कर्म

गरुड़ पुराण में बताया गया है कि व्यक्ति की मृत्यु उसके कर्मों पर निर्भर करती है। अच्छे कर्म करने वाले व्यक्ति का अंत शांतिपूर्ण होता है, जबकि अधर्मी और दुष्कर्मी व्यक्ति को दर्दनाक मृत्यु का सामना करना पड़ सकता है। पुराण के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में सात चक्र होते हैं, और ये चक्र पूरा होने पर मृत्यु और मोक्ष का मार्ग तय होता है।

मृत्यु के 4 निकट लक्षण

गरुड़ पुराण में मृत्यु के कुछ प्रमुख लक्षण बताए गए हैं:

1. शारीरिक कमजोरी – अचानक खाने-पीने में रुचि न होना और शरीर में कमजोरी महसूस होना मृत्यु का संकेत हो सकता है।

2. बिना सोचे-समझे बोलना – व्यक्ति अचानक कुछ भी बोलने लगता है या हंसने लगता है, मस्तिष्क में रक्त संचार कम होने लगता है।

3. हल्का महसूस होना – शरीर हल्का और अस्वस्थ महसूस होने लगता है, और मृत्यु की ओर मानसिक तैयारी होती है।

4. दुनिया से दूरी बनाना – अंतिम क्षणों में व्यक्ति मोह-माया और सांसारिक चीजों से अलग होने लगता है, और आध्यात्मिक चेतना बढ़ जाती है।

गरुड़ पुराण के अनुसार, ये संकेत व्यक्ति के अंतिम समय की ओर इशारा करते हैं और उन्हें आत्मा की यात्रा की तैयारी करनी चाहिए। इस तरह गरुड़ पुराण न केवल मृत्यु की वास्तविकता को बताता है, बल्कि जीवन में अच्छे कर्म और धर्म के महत्व को भी उजागर करता है।

Heavy Rain Alert: 11, 12, 13 दिसंबर तक होगी भीषण बारिश, IMD ने इन राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट

Heavy Rain Alert: 11, 12, 13 दिसंबर तक होगी भीषण बारिश, IMD ने इन राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट

 इस साल मानसून (Monsoon) के सीज़न में पिछले सालों की तुलना में कई राज्यों में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई। मानसून के दौरान मौसम सुहावना रहा और कुछ राज्यों में बारिश का दौर अब भी जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11, 12 और 13 दिसंबर के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और ठंड का अलर्ट जारी किया है।

केरल में मौसम का हाल

मानसून ने सबसे पहले केरल में दस्तक दी थी। अब भी केरल में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने 11 से 13 दिसंबर तक केरल में जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान धूल भरी आंधी की संभावना भी है।

तमिलनाडु में मौसम

तमिलनाडु में भी मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई थी और अब मौसम में बदलाव के साथ झमाझम बारिश की संभावना है। 11 से 13 दिसंबर तक तेज हवा और भारी बारिश का अलर्ट है।

अन्य राज्यों में मौसम अलर्ट

कर्नाटक के कुछ जिलों, पुडुचेरी, कराईकल, माहे और अंडमान-निकोबार में 11 से 13 दिसंबर तक रुक-रुक कर भारी बारिश का अलर्ट है।

राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर

राजस्थान और दिल्ली में मानसून के बाद मौसम बदल चुका है। इन राज्यों में 11 से 13 दिसंबर तक तेज़ ठंड पड़ने की संभावना है। राजस्थान के कुछ जिलों और दिल्ली में सुबह और रात के समय शीतलहर की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि तेज बारिश और ठंड के दौरान सतर्क रहें और जरूरी सावधानियां बरतें।