BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
अयोध्या में 31 दिसंबर का रहस्य! राम मंदिर बंद या खुला? प्रतिष्ठा द्वादशी पर होगा भगवान राम का भव्य अभिषेक—जानिए पूरा सच!

अयोध्या में 31 दिसंबर का रहस्य! राम मंदिर बंद या खुला? प्रतिष्ठा द्वादशी पर होगा भगवान राम का भव्य अभिषेक—जानिए पूरा सच!

 Ayodhya News: प्रभु राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर में प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर 28 दिसंबर से 2 जनवरी तक 5 दिवसीय सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम भगवान राम के मंदिर में विराजमान होने की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार, प्रभु राम का विराजमान पौष शुक्ल द्वादशी तिथि को हुआ था। पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई गई थी। इस वर्ष दूसरी वर्षगांठ 31 दिसंबर 2025 को पड़ रही है। इस अवसर पर राम भक्तों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई है।

दर्शन और अभिषेक की जानकारी
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, 31 दिसंबर को प्रातः 9:30 बजे भगवान राम का अभिषेक होगा। इस दिन राम भक्त मंदिर परिसर में आकर प्रतिदिन की तरह दर्शन कर सकते हैं। यदि किसी कारणवश भक्त अयोध्या नहीं आ पाते हैं, तो घर बैठे भी दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण के माध्यम से भगवान राम का अभिषेक और श्रृंगार देख सकेंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और कलाकारों की भागीदारी
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर राम मंदिर के निकासी मार्ग यानी अंगद टीला पर विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देशभर के बड़े कलाकार भी शामिल होंगे। मालिनी अवस्थी और अनूप जलोटा जैसे प्रसिद्ध गायक भजन प्रस्तुत करेंगे और राम भक्तों के लिए वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि इस पांच दिवसीय महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु न केवल भगवान राम के दर्शन और अभिषेक का लाभ उठा पाएंगे, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग ले सकेंगे। इस प्रकार, प्रतिष्ठा द्वादशी का यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि अयोध्या को सांस्कृतिक रूप से भी जीवंत बनाए रखता है।

 बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल! एक साथ 7 IAS और 22 PCS अधिकारियों का ट्रांस्फर, ​​​​​​​मिली नई जिम्मेदारी; कौन क्या बना- यहां देखें पूरी लिस्ट

बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल! एक साथ 7 IAS और 22 PCS अधिकारियों का ट्रांस्फर, ​​​​​​​मिली नई जिम्मेदारी; कौन क्या बना- यहां देखें पूरी लिस्ट

 लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सात आईएएस और 22 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस क्रम में देवरिया के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रत्यूष पांडेय को समन्वय विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें यूपी डास्प (उत्तर प्रदेश विविध कृषि सहायता परियोजना) में अपर परियोजना समन्वयक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं, सुल्तानपुर के सीडीओ अंकुर कौशिक को सीईओ, उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूपीआरआरडीए) बनाया गया है।


प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में शनिवार को ये बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। योगी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से कई जिलों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अचानक हुए इन तबादलों को सरकार की प्रशासनिक सख्ती और कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार की तरफ़ से जारी की गई सूची इस प्रकार है :- 

IAS अफसरों का तबादला 

PunjabKesari

PCS अधिकारियों का ट्रांस्फर

PunjabKesari

PunjabKesari

सुंदर लड़की की फोटो आई… फिर खाते से उड़ गए पैसे! MP में बड़ा शादी स्कैम बेनकाब

सुंदर लड़की की फोटो आई… फिर खाते से उड़ गए पैसे! MP में बड़ा शादी स्कैम बेनकाब

 ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस ने फर्जी मैरिज कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 2 संचालिकाओं समेत 20 युवतियों को हिरासत में लिया है। यह गिरोह गूगल से सुंदर लड़कियों की फोटो निकालकर लोगों को शादी का सपना दिखाता था और फिर मेंबरशिप के नाम पर लाखों की ठगी करता था।

कहां चल रहा था ठगी का खेल?

थाठीपुर इलाके के मयूर प्लाजा के पीछे द्वारकाधीश मंदिर के सामने ,इन दो ठिकानों पर बाकायदा ऑफिस सेटअप कर फर्जी मैरिज कॉल सेंटर चलाए जा रहे थे।

ऐसे फंसाते थे शिकार को

mypartnerindia.com और uniquerishtey.com नाम की वेबसाइट रजिस्ट्रेशन करते ही ग्राहक का डेटा पहुंचता था कॉल सेंटर महिला कर्मचारी कॉल कर बात करती। गूगल से डाउनलोड की गई सुंदर लड़की की फोटो WhatsApp पर भेजी जाती जाति, उम्र और इनकम के अनुसार रिश्ता दिखाकर मेंबरशिप लेने का बनाया जाता था दबाव।

मेंबरशिप के बाद शुरू होता था ‘खेल’

मेंबरशिप लेते ही ग्राहक को लड़की का नंबर दिया जाता असल में वही कॉल सेंटर की युवतियां लड़की बनकर बात करती, कभी मिलने का झांसा, कभी शादी की बात अलग-अलग “सर्विस चार्ज” के नाम पर लगातार पैसे वसूले जाते थे।

1500 लोग बने शिकार, लाखों की कमाई

अब तक करीब 1500 लोगों से ठगी

हर महीने 3 लाख रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई

प्यार और शादी की आड़ में साइबर फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क

क्या-क्या बरामद हुआ?

45 मोबाइल फो

12 ATM कार्ड

2 कंप्यूटर

सिम कार्ड और कई अहम दस्तावेज

कौन गिरफ्तार, कौन फरार?

गिरफ्तार संचालिकाएं: राखी गॉड और शीतल चौहान

मास्टरमाइंड तिलेश्वर पटेल फरार

पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटीं

 पुलिस की अपील

ऑनलाइन मैरिज साइट्स पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच करें, किसी भी अनजान नंबर या वेबसाइट को पैसे भेजने से बचें।

CM मोहन के नवविवाहित बेटा-बहू पहुंचे ओंकारेश्वर, मां नर्मदा की पावन परिक्रमा का लिया संकल्प,भक्ति में दिखे लीन

CM मोहन के नवविवाहित बेटा-बहू पहुंचे ओंकारेश्वर, मां नर्मदा की पावन परिक्रमा का लिया संकल्प,भक्ति में दिखे लीन

 खंडवा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नवविवाहित पुत्र अभिमन्यु अपनी धर्मपत्नी इशिता ओंकारेश्वर पहुंचे हैं। इस मौके पर पति और पत्नी धार्मिक आस्था में रंगे नजर आए हैं। 

डाक्टर अभिमन्यु और उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने माँ नर्मदा की पावन परिक्रमा का लिया संकल्प

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नवविवाहित पुत्र डॉ अभिमन्यु एवं उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने माँ नर्मदा की पावन परिक्रमा का संकल्प लिया। परिक्रमा आरंभ करने से पूर्व दोनों ने संत विवेक गुरुजी से आशीर्वाद प्राप्त किया।

दोनों ने दर्शन करके विधिवत पूजा-अर्चना की

इसके बाद दोनों ने  परिवारजनों के साथ भगवान के दर्शन करके विधिवत पूजा-अर्चना की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह उपरांत धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में अभिमन्यु यादव एवं डॉ. इशिता यादव ने माँ नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ करने का संकल्प लिया।

बोले- यात्रा में नर्मदा जी को समझने का मौका मिलेगा

इस संकल्प के लिए नवदंपति यहां पहुंचे है । इस अवसर पर पारिवारिक शुभचिंतकों ने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डाक्टर अभिमन्यु एवं उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने बताया कि धर्म में आस्था रखते हुए उन्होंने यात्रा का संकल्प लिया है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से इसे पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहे है। इस यात्रा में नर्मदा जी को समझने का मौका मिलेगा।

निकल पड़ा ISRO का ‘बाहुबली’, LVM3 से दुनिया का सबसे भारी कमर्शियल सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक लॉन्च

निकल पड़ा ISRO का ‘बाहुबली’, LVM3 से दुनिया का सबसे भारी कमर्शियल सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक लॉन्च

 श्रीहरिकोटा।  LVM3:भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अंतरिक्ष की दुनिया में भारत का परचम लहराते हुए अपने शक्तिशाली रॉकेट LVM3 से अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल के दुनिया के सबसे भारी कमर्शियल संचार सैटेलाइट ब्लूबर्ड को सफलतापूर्वक लो अर्थ ऑर्बिट में लॉन्च कर दिया।

LVM3-M6 मिशन के तहत किया गया यह लॉन्च इस रॉकेट की छठी ऑपरेशनल उड़ान है और अब तक का सबसे भारी पेलोड माना जा रहा है, जिसने ISRO की हेवी-लिफ्ट क्षमता को वैश्विक मंच पर मजबूती से साबित किया है। न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड और AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते के तहत इस मिशन को अंजाम दिया गया, जिसके जरिए करीब 600 किलोमीटर ऊंचाई पर ब्लूबर्ड सैटेलाइट को स्थापित किया गया है।

यह सैटेलाइट सीधे सामान्य स्मार्टफोन को स्पेस से हाई-स्पीड 4G और 5G ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे दूरदराज के इलाकों, समुद्रों और पहाड़ी क्षेत्रों तक भी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच संभव होगी।

विशाल फेज्ड-एरे एंटीना से लैस यह सैटेलाइट प्रति कवरेज क्षेत्र में 120 एमबीपीएस तक की डेटा स्पीड देने में सक्षम है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ISRO ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल स्पेस मार्केट में अपनी साख और मजबूत की है, बल्कि भारत को भविष्य की वैश्विक स्पेस कम्युनिकेशन क्रांति का अहम केंद्र भी बना दिया है।

Traffic fines: खुशखबरी! माफ होगें सभी ट्रैफिक चालान, इस राज्य की सरकार ला रही नई स्कीम

Traffic fines: खुशखबरी! माफ होगें सभी ट्रैफिक चालान, इस राज्य की सरकार ला रही नई स्कीम

 दिल्ली - दिल्ली सरकार ट्रैफिक चालानों को लेकर एक बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। सरकार एमनेस्टी स्कीम के तहत दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट द्वारा कटे पुराने चालानों को माफ करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव से जुड़ी फाइल उपराज्यपाल (LG) के पास मंजूरी के लिए भेजी जा चुकी है और जल्द ही इसे दिल्ली कैबिनेट की बैठक में रखा जा सकता है। अगर कैबिनेट से हरी झंडी मिलती है, तो लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिल सकती है।

सरकार का मानना है कि लंबे समय से लंबित ट्रैफिक चालान न केवल आम लोगों के लिए बोझ बन चुके हैं, बल्कि सिस्टम पर भी दबाव डाल रहे हैं। एमनेस्टी स्कीम के माध्यम से एक ही बार में पुराने मामलों का निपटारा किया जा सकता है, जिससे लोग नियमों का पालन करते हुए सिस्टम में दोबारा लौट सकें।

क्या है एमनेस्टी स्कीम
दिल्ली की एमनेस्टी स्कीम एक प्रस्तावित सरकारी योजना है, जिसके तहत पुराने ट्रैफिक चालानों को माफ किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन लाखों पेंडिंग चालानों का बोझ खत्म करना है, जो सालों से सिस्टम में अटके हुए हैं और जिनकी वसूली लगभग नामुमकिन हो चुकी है। इस योजना के तहत आम लोगों को पुराने चालान क्लियर करने का मौका मिलेगा, बिना अतिरिक्त जुर्माना भरे या सीमित शर्तों पर। इससे न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकार अपने रिकॉर्ड को भी साफ कर सकेगी। फिलहाल यह प्रस्ताव फाइल स्तर पर है और इसे उपराज्यपाल और दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जा सकता है।

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा बनी सांसों पर आफत, प्रदूषण के डर से राजधानी छोड़ने को मजबूर हुए लोग

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा बनी सांसों पर आफत, प्रदूषण के डर से राजधानी छोड़ने को मजबूर हुए लोग

 दिल्ली :- राजधानी दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण एक चिंता विषय बन गया है। यहां का AQI 400 के आसपास बना हुआ है, जो ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस स्तर पर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा खांसी, आंखों में जलन और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

8 साल तक घट सकती है लोगों की उम्र

दिली एन.सी जार में वायु प्रदूषण अब सिर्फ सर्दियों को स्मॉग तक सीमित नहीं रहा किसने गंभीर समस्या बन चुका है। एक की की एक नई स्टडी में बताया गया है कि खराब हवा लोगों के स्वास्थ्य के लिए, शिक्षा और शहर में रहने की क्षमता पर गहरा असर डाल रही है। इस स्टडी के लिए 17,000 लोगों का किया गया जिसमें 40% लोगों ने कहा कि वे प्रदूषित हवा और इससे होने वाली बीमारियों के कारण दिल्ली छोड़ना चाहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिकक यह शहर के भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से दिल्ली के लोगों की औसत 8.2 साल तक कम हो सकती है।

लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर
वाय प्रदूषण से स्ट्रोक, दिल की बीमारी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों के अनुसार ज्यादा प्रदूषण वाले महीनों में स्ट्रोक के मामले साफ तौर पर बढ़ जाता है।
डाँकारों ने यह भी चेतावनी दी कि वायु प्रदूषण का असर दिमाग पर पड़ रहा है, जिससे डिमेंशिया और आपदमा जैसी बीमारियो का खतरा बढ़ सकता है। स्मॉग के समय अस्पतालों में सांस और दिल की बीमारी से जुड़े मरीजों की संख्या करीब 25% तक बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि तथा में मौजूद बहुत बारीक कण बिना दिखाई दिए शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं।

हर साल अरबों डॉलर का नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण से भारत की हर साल अरबों डॉलर का नुकसान होता है। केवल दिल्ली में ही इससे सालाना करीब 64,250 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। जो शहर की सकल घरेलू उत्पाद यानि जी.डी.पी. का लगभग 6% है। प्रदूषण के कारण लोगों का बाहर निकलना कम हो जाता है जिससे रिटेल, दुरिजम और होटल कारोबार प्रभावित होते हैं। हर साल गंभीर प्रदूषण के कारण 10 से 15 दिन तक स्कूल बंद करने पड़ते हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और माता पिता पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

PunjabKesari


दिल्ली की बनावट कटोरे जैसी, ठंडी हवा फंस जाती है नीचे
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली की बनावट कहारे जैसी है। सदियों में ठंडी हवा नीचे फेस जाती है और ऊपर गर्म हाउस के बहुत पास रहता है। इससे गंदी हवा बाहर नहीं जा पाती। सर्दी के महीनें में प्रदूषण जमीन के बहुत पास रहता है। हवा कम चलती हैं और नमी भी बहुत कम होती है जिससे प्रदूषण और बढ़ता है। हाल ही में दीवाली के समय दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की इजाजत दी गई थी।  

 

इससे सदियों में प्रदूषण और बढ़ने का खतरा है। इसके अलावा अरावली पहाड़ियों को लेकर नए फैसले से ज्यादातर हिस्से से हट गई है। इससे खनन बढ़ सकता है और हरियाली कम हो सकती है। अरावली पहाड़ियां रेगिस्तान की धूल और प्रदूषण को रोकने में मदद करती हैं। इनके नुक्सान से दिल्ली की हवा और खराब हो सकती है। आज स्थिति यह है कि स्थानीय प्रदूषण और खराब मौसम मिलकर लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं और जलवायु बदलान का असर भी बढ़ा रहे हैं।


दिल्ली में प्रदूषण के बड़े कारण   
वाहन- 32%,  निर्माण कार्य और सड़क की धूल 28%, उद्दयोग 17%, पराली जलाना 9%, थर्मल पावर प्लांट 8%, घरेलू स्त्रोत 6% हैं।
समाधान की जरुरत
इन्हीं स्थायी कारणों की वजह से केवल आपातकालीन कदम जैसे ग्रैप, पूरी तरह असरदार नहीं हो पा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली को लंदन बीजिंग और पेरिस जैसे शहरों से सीख लेनी चाहिए। निष्कर्ष यह है कि अब अस्थायी उपाय काफी नहीं है। दिल्ली के लोगों को साफ हवा में सांस दिलाने के लिए साल भर चलने वाले ठोस और स्थायी सुधार जरुरी हैं।

दो पक्षों में खूनी संघर्ष: पुरानी रंजिश व जमीन विवाद को लेकर आपस में भिड़े दो परिवार, जांच शुरु

दो पक्षों में खूनी संघर्ष: पुरानी रंजिश व जमीन विवाद को लेकर आपस में भिड़े दो परिवार, जांच शुरु

 सिंगरौली : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में लगभग आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष के लोग एक दूसरे पर लाठी डंडे से वार करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस मामला दर्ज कर लिया है।

PunjabKesari

घटना सोमवार को दो साकेत परिवार के बीच हुई। शासन चौकी प्रभारी संदीप नामदेव ने जानकारी देते हुए बताया कि डायल 112 पर दो पक्षों में विवाद होने की सूचना प्राप्त हुई थी जिसके बाद मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के घायलों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले मामला शांत हो चुका था।

PunjabKesari

चौकी प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्ष के लोगों को मारपीट में चोटें आई हैं। सिटी स्कैन रिपोर्ट के मुताबिक आवश्यक धाराएं जोड़ी जाएंगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना की वजह जमीनी विवाद और पुरानी रंजिश है। पुलिस दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है।

 
मोहन कैबिनेट के एक फैसले ने मचाई सनसनी, 3 लाख से ज्यादा आउटसोर्ट कर्मचारियों और अधिकारियों की उड़ी नींद

मोहन कैबिनेट के एक फैसले ने मचाई सनसनी, 3 लाख से ज्यादा आउटसोर्ट कर्मचारियों और अधिकारियों की उड़ी नींद

 (भोपाल): सीएम मोहन यादव कैबिनेट के एक फैसले के बाद वित्त विभाग का नया आदेश जारी हुआ है, इसमें आउटसोर्स श्रेणी पर निर्देश दिए गए हैं।कैबिनेट के फैसले के बाद वित्त विभाग ने नया आदेश जारी कर दिया है।

नए नियमों और दिशा-निर्देशों में आउट सोर्स कर्मचारी श्रेणी को खत्म करने का जिक्र

इस आदेश के तहत  इसमें राज्य सरकार के कर्मचारियों, अधिकारियों, अस्थायी, संविदा, आउटसोर्स, कार्यभारित, आकस्मिकता निधि और अंशकालिक श्रेणियों में बांटा गया है। नए नियमों और दिशा-निर्देशों में आउट सोर्स कर्मचारी श्रेणी को खत्म करने का जिक्र है आउटसोर्स श्रेणी को मार्च 2027 तक समाप्त करने की तैयारी है।

सरकार के इस फैसले से आउटसोर्स अधिकारियों, कर्मचारियों में खलबली मच गई है और विरोध के सुर भी उभरने लग गए हैं। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों की कई श्रेणिया हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इसे दूर करने के लिए प्रदेश में कर्मचारियों की श्रेणी तय करने का फैसला लिया था।

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ये है नया नियम

आदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कहा गया है कि उनके लिए कोई पद सृजित नहीं माना जाएगा। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसियों के माध्यम से होगी । इसके साथ ही आउट सोर्स सेवाएं चरणबद्ध तरीके  से मार्च 2027 तक समाप्त कर दी जाएंगी। अगर जरूरत हुई तो इनके स्थान पर नियमित कर्मचारियों की ही भर्ती की जाएगी।  गौर करने वाली बात है कि प्रदेश के अधिकतर विभागों में आउट सोर्स कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति रेगुलर पोस्टों को खिलाफ ही की गई है।

फैसले का विरोध शुरु

वही कैबिनेट के इस फैसले का आउटसोर्स अधिकारी और कर्मचारी संगठनों ने विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी तक दे दी है।

मध्य  प्रदेश में विभिन्न विभागों में 3 लाख से ज्यादा हैं आउटसोर्स कर्मचारी

वहीं गौर करने वाली बात है कि मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी और अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं। लाजमी है कि कैबिनेट के इस फैसले जहां हलचल बढ़ गई है वहीं ये विरोध के सुर भी उठने लग गए हैं

Air Pollution: सांस लेना हुआ मुश्किल! दिल्ली की हवा फेफड़ों के लिए कितनी घातक, एक्सपर्ट्स ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Air Pollution: सांस लेना हुआ मुश्किल! दिल्ली की हवा फेफड़ों के लिए कितनी घातक, एक्सपर्ट्स ने किया चौंकाने वाला खुलासा

 दिल्ली - में रिकॉर्ड स्तर पर वायु प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के आसपास बना हुआ है, जो ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस स्तर पर सांस लेना मुश्किल हो जाता है, खांसी, आंखों में जलन और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। भले ही सरकार यह कह रही हो कि AQI और फेफड़ों की बीमारियों के बीच सीधा संबंध साबित करने वाले ठोस आंकड़े नहीं हैं, लेकिन मेडिकल और वैज्ञानिक रिपोर्ट्स इस दावे को पूरी तरह खारिज करती हैं।

रिपोर्ट्स क्या कहती हैं?
मेडिकल जर्नल ऑफ एडवांस्ड रिसर्च इंडिया के मुताबिक खराब हवा फेफड़ों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है। वहीं, द लैंसेट और ICMR की 2019 की रिपोर्ट ‘इंडिया स्टेट-लेवल डिजीज बर्डन इनिशिएटिव’ बताती है कि भारत में उस साल हुई कुल मौतों में करीब 18 प्रतिशत यानी लगभग 16.7 लाख मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी थीं। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2024 के आंकड़े और भी चिंताजनक हैं, जिनके अनुसार भारत में हर साल करीब 21 लाख लोगों की मौत का कारण वायु प्रदूषण बन रहा है।

उम्र पर भी पड़ रहा है असर
वायु प्रदूषण सिर्फ बीमारियां ही नहीं बढ़ा रहा, बल्कि लोगों की उम्र भी कम कर रहा है। ICMR के आंकड़ों के अनुसार औसत भारतीय की उम्र लगभग 1.7 साल घट रही है। शिकागो यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट इससे भी आगे जाती है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रदूषण के कारण औसत भारतीय की उम्र 3.5 साल तक कम हो सकती है। दिल्ली-NCR में रहने वालों पर इसका असर सबसे ज्यादा है, जहां लोगों की औसत आयु 7.8 से 10 साल तक घटने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के चलते भारत को अपनी GDP का करीब 1.36 प्रतिशत आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

सरकारी आंकड़े और जमीनी हकीकत
हालांकि पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का कहना है कि प्रदूषण और फेफड़ों की बीमारियों के बीच संबंध पर ठोस डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े अलग कहानी बताते हैं। 3 दिसंबर को राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच दिल्ली के छह बड़े सरकारी अस्पतालों में सांस से जुड़ी बीमारियों के 2,04,758 मामले सामने आए। इनमें से करीब 35 हजार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, और मंत्रालय ने वायु प्रदूषण को इसका प्रमुख कारण माना है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स की चेतावनी
हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इस खतरे को लेकर आगाह कर रहे हैं। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप शर्मा का कहना है कि प्रदूषण धीरे-धीरे फेफड़ों को खराब कर रहा है और इससे जीवन प्रत्याशा 5 से 10 साल तक कम हो सकती है। वहीं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीतू जैन बताती हैं कि अब सिर्फ बीमार लोग ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है और दिल्ली में रहने वालों के फेफड़े लगातार कमजोर हो रहे हैं।

सरकार की कोशिशें, लेकिन सवाल बरकरार
दिल्ली भले ही गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंच गई हो और अस्पतालों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की भीड़ बढ़ गई हो, फिर भी सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रयास करती दिख रही है। हाल के दिनों में उठाए गए कुछ कदमों से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन ये प्रयास कितने कारगर साबित होंगे, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, विशेषज्ञों की राय साफ है। दिल्ली की हवा फेफड़ों और जिंदगी दोनों के लिए बेहद खतरनाक बन चुकी है।

युवाओं ने निभाई देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

युवाओं ने निभाई देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  इंदौर में रविवार को गाँधी हाल में आयोजित मालवा के सांस्कृतिक कार्यक्रम लिट चौक टॉक शो में शामिल हुए। टॉक-शो में चर्चा का विषय था – “मोहन का धर्म : राजधर्म”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ पत्रकार और एंकर श्री अनंत विजय द्वारा कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा जन मुख्यमंत्री की हाजिर जवाबी और विषय विशेषज्ञता के कायल हो गये। 'लिट चौक' के आयोजक श्री निखिल दुबे और सुश्री धरा पाण्डे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया।

एंकर श्री अनंत विजय ने सबसे पहला सवाल किया कि आपकी नजर में कुटुम्ब प्रबोधन क्या है? इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संयुक्त परिवार भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। संयुक्त परिवार में अमरता होती है। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि संयुक्त परिवार में रहने से आपसी प्रेम, सहयोग और संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के सभी जीव, पेड़-पौधे सभी संयुक्त परिवार ही हैं, जो एक-दूसरे के सहारे अपना जीवन यापन करते हैं। जिस प्रकार पेड़ हमसे कार्बन डाईऑक्साइड लेते हैं और हमें ऑक्सीजन देते हैं, उसी तरह प्रकृति में सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त परिवार में बड़ों से संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों की सीख मिलती है। उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली को समाज को जोड़ने वाली परंपरा बताते हुए इसे बनाए रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और एंकर श्री अनंत विजय के मध्य सवाल-जवाबों का सिलसिला लगातार चलता रहा। श्री अनंत ने मुख्यमंत्री से अपने बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में करने, प्रदेश में सिनेमा नीति और रंगमंच को लेकर किये जा रहे कार्य, राजनीति में युवाओं की भूमिका, युवाओं में देशभक्ति की भावना, विकास में युवाओं से अपेक्षाएं जैसे कई विषयों पर सवाल किये। जिनके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेबाकी से जवाब दिये।

रोजगार मांगने वाले नहीं,  देने वाले बनें युवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि युवा अपनी कर्मठता, क्षमता और बुद्धिमता के बल पर जिस क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, आगे बढ़े और प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें। प्रदेश में औद्योगिक विकास युवाओं को नौकरी देने वाला युवा बनाने की दिशा में किया जा रहा है। प्रदेश सरकार हर कदम युवाओं के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्वरोजगार, उद्योग स्थापना के लिये सहयोगी हैं। शिक्षा वही जो भविष्य को संवारे, इसलिये नीति में कौशल ज्ञान को संवारने के सभी प्रबंध किये गये हैं, क्योंकि स्वाभिमान के साथ जीवन जीना सबका हक है।

राजनीति में युवाओं को आगे आने की जरूरत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज युवाओं से पूछने पर हर कोई कहता है कि वह डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर बनना चाहता है, परंतु कोई यह नहीं कहता कि वह राजनीति में आना चाहता है। देश को आजादी दिलाने में सबसे अधिक युवाओं ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का उदाहरण देते हुए बताया कि वे पहले युवा थे जिन्होंने आईएएस की परीक्षा प्रावीण्य सूची में उत्तीर्ण की थी। इसके बाद भी उन्होंने देशसेवा को चुना। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि राजनीति में युवाओं को आना पड़ेगा, तभी देश के लोकतंत्र को मजबूत और सुरक्षित रखा जा सकता है।

कोई भी कार्य आनंद और निडरता से करें

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि जो भी काम करें, उसे पूरी ईमानदारी और तन्मयता से करें, उस कार्य में डूब जायें। किसी भी काम को आनंद लेकर किया जाये तो निश्चित ही सफलता मिलती है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह श्रीकृष्ण ने निडरता और आनंद के साथ कालिया नाग को परास्त किया था।

मित्र के लिये जीवन भर रखना चाहिये समान भाव

इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मित्रता का भी अद्भुत उदाहरण बताकर युवाओं को मित्रता के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मित्र के लिये जीवन भर सम्मान भाव रखना चाहिये। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं परंतु मित्र की हमेशा मदद करना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण के लिये द्वारका, मथुरा का महत्व है, उसी तरह भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित प्रदेश में स्थित समस्त स्थलों को श्रीकृष्ण पाथेय के नाम से तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है।

फिल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

सिनेमा नीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से राज्य में सिनेमा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सिनेमा नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से शूटिंग की अनुमतियाँ सरल और समयबद्ध रूप से प्रदान की जा रही हैं। शूटिंग स्थलों पर प्रशासनिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे फिल्म निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आये। उन्होंने कहा कि सरकार फिल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी फिल्म निर्माण स्थलों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में आज भारत ने वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ आर्थिक नीतियों, सतत सुधारों और समावेशी विकास के परिणामस्वरूप भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो गया है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने जापान जैसे विकसित देश को भी पीछे छोड़ दिया है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और मजबूत शासन व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के आह्वान पर “यह देश है वीर जवानों का, अलबेलों का, मस्तानों का” गीत गाकर युवाओं को देशभक्ति के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे।

 

रेलवे ने बढ़ाया किराया, लंबी दूरी की यात्रा महंगी : AC और मेल-एक्सप्रेस के टिकट के दामों में भी बढ़ोत्तरी

रेलवे ने बढ़ाया किराया, लंबी दूरी की यात्रा महंगी : AC और मेल-एक्सप्रेस के टिकट के दामों में भी बढ़ोत्तरी

  नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों बड़ा झटका दिया है। नए साल से ठीक पहले भारतीय रेलवे ने अपने किराए में बढ़ोत्तरी का एलान किया है। रेलवे के इस घोषणा के तहत जनरल, मेल/एक्सप्रेस और एसी (AC) श्रेणियों के टिकट महंगे हो जाएंगे।

भारतीय रेलवे द्वारा जारी घोषणा के अनुसार, किराए की ये बढ़ी हुई दरें 26 दिसंबर 2025 से लागू कर दी जाएंगी। हालांकि, रेलवे ने राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि लोकल ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट (MST) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

26 दिसंबर से किराए में होने वाले बढ़ोत्तरी का असर लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ेगा। साधारण श्रेणी में 215 किमी तक किराया नहीं बढ़ाया गया। लेकिन उससे अधिक की दूरी पर 1 पैसा और मेल-एक्सप्रेस व एसी में 2 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त बढ़ोत्तरी की गई है।

वहीं, 500 किमी की नॉन-एसी यात्रा करने वाले यात्रियों को 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इस बदलाव से अनुमानित राजस्व लाभ 600 करोड़ रुपये होगा। रेलवे द्वारा किराए में बढ़ोत्तरी का फैसला सीधे तौर पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के बजट को प्रभावित करेगा।

रेलवे को होगी 600 करोड़ की अतिरिक्त कमाई

गौरतलब है कि फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य रेलवे की आय में वृद्धि करना है, किराए में होने वाली इस बढ़ोत्तरी से भारतीय रेलवे को 600 करोड़ की अतिरिक्त कमाई होगी। यह राशि रेलवे के परिचालन और रखरखाव के खर्चों को संतुलित करने में मदद करेगी।

इसमें रेलवे स्टेशन की सुविधाएं, कोचों का रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। पिछले दस वर्षों में, रेलवे ने अपने नेटवर्क और ऑपरेशन को काफी बढ़ाया है और देश के दूर-दराज के कोनों तक भी पहुंच गया है।

47 करोड़ का फ्लाईओवर बना ‘गड्ढों का ट्रैक’, 6 महीने में ही उखड़ा!

47 करोड़ का फ्लाईओवर बना ‘गड्ढों का ट्रैक’, 6 महीने में ही उखड़ा!

 इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर, राऊ सर्कल में कुछ महीने पहले ही खुले फ्लाईओवर की हालत देखकर कोई विश्वास नहीं करेगा कि इसकी लागत 47 करोड़ रुपये थी। सिर्फ 6 महीने में ही डामर उखड़ चुका था और फ्लाईओवर अब गड्ढों की सड़क बन गया है।

गाड़ियां मुश्किल में:

फ्लाईओवर पर चलते हुए वाहन मालिक डर के मारे रुकते हैं।

बीच-बीच में गहरे गड्ढे, जो सीधे हादसों का कारण बन रहे हैं।

पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें एक युवक की मौत हो चुकी है।

PunjabKesari

दोनों तरफ खस्ता हाल:

इंदौर से पीथमपुर महू की ओर जाने पर फ्लाईओवर की शुरुआत में ही डामर उखड़ चुका है।

बीच में छोटे और बड़े गड्ढे मौजूद हैं, जिन्हें पहले भरा गया था लेकिन फिर से उखड़ गया।

पीथमपुर महू से आने वाली दिशा में भी स्थिति इतनी बुरी है कि वाहन चालक रुक-रुक कर चलने को मजबूर हैं।

कांग्रेस ने की सीधी शिकायत:

कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की है कि:

फ्लाईओवर पर हुए गड्ढों की निष्पक्ष जांच की जाए। निर्माण करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

पृष्ठभूमि:

यह फ्लाईओवर NHAI ने 8 अप्रैल 2022 को रीवा की एक कंपनी को बनवाने का ठेका दिया था। उद्देश्य था राऊ सर्कल पर लगने वाले ट्रैफिक जाम और हादसों को कम करना, लेकिन घटिया निर्माण के चलते फ्लाईओवर अब खतरनाक साबित हो रहा है।

हकीकत:

महंगे फ्लाईओवर के सपने पर पानी फिर गया और इंदौर के लोग अब गड्ढों में फंसी जिंदगी जी रहे हैं। सड़क इतनी खराब कि कई वाहन मालिक रास्ता बदलने को मजबूर हैं। लोग सोशल मीडिया पर फ्लाईओवर की हालत की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर सरकार पर दबाव डाल रहे हैं।

कुल मिलाकर:

47 करोड़ की लागत वाला फ्लाईओवर अब सिस्टम और निर्माण की नाकामी की पहचान बन चुका है। क्या यह सिर्फ इंदौर की समस्या है, या पूरे देश में ऐसे घटिया निर्माण प्रोजेक्ट्स आम हो रहे हैं? कांग्रेस और नागरिकों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसे हादसे रोके जाएं।

MP में हैरान कर देने वाला मामला: ट्रेन की चपेट में आने से गाय के हुए टुकड़े, पेट में से जिंदा निकला बछ़ड़ा और 15 किलो पॉलिथीन

MP में हैरान कर देने वाला मामला: ट्रेन की चपेट में आने से गाय के हुए टुकड़े, पेट में से जिंदा निकला बछ़ड़ा और 15 किलो पॉलिथीन

 सिवनी  : सिवनी–नागपुर रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर आज सुबह एक ऐसा दर्दनाक दृश्य सामने आया, जिसने हर संवेदनशील व्यक्ति को भीतर तक झकझोर दिया। ट्रेन की चपेट में आने से एक गाय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। लेकिन इस हृदयविदारक हादसे के बीच एक मार्मिक और चौंकाने वाला दृश्य भी सामने आया। मृत गाय के पेट में मौजूद उसका बछड़ा जीवित था। मौके पर मौजूद लोगों ने साहस और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए तुरंत उसे सुरक्षित बाहर निकाला। मौत के सन्नाटे के बीच जीवन की यह हल्की-सी सांस हर आंख को नम कर गई।

PunjabKesari

गाय के पेट से निकला पॉलिथीन का गुच्छा

इसी दौरान एक और भयावह सच्चाई उजागर हुई कि मृत गौमाता के पेट से करीब 10 से 15 किलो पॉलिथीन का गुच्छा निकला। यह वही पॉलिथीन है, जिसे हम रोज़ाना लापरवाही से सड़कों, बाजारों और नालियों में फेंक देते हैं—यह जाने बिना कि यही कचरा निरीह पशुओं के लिए मौत का कारण बन रहा है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है,यह हमारे व्यवहार पर कठोर सवाल है। यह हमारी स्वच्छता व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी की परीक्षा है।

घटना की जानकारी मिलते ही गौभक्त धनराज माना ठाकुर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही वार्ड पार्षद पं. विजय मिश्रा (गोलू पंडित) भी वहां मौजूद रहे। नगर पालिका के संसाधनों से विधिवत गड्ढा खुदवाया गया और गौमाता का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया।.

यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है—

  • क्या हम अब भी नहीं समझेंगे?
  • क्या एक और ऐसी मौत का इंतजार करेंगे?

आज यह गौमाता थी, कल कोई और निर्दोष जीव हो सकता है।

अब समय आ गया है कि हम— पॉलिथीन का बहिष्कार करें, बेसहारा पशुओं के प्रति संवेदनशील बनें और अपने शहर और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाएं। कभी-कभी एक घटना, एक तस्वीर या एक दृश्य पूरी सोच बदलने के लिए काफी होता है।

 
कांग्रेस में बगावत की लपटें! एक साथ 30 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा...

कांग्रेस में बगावत की लपटें! एक साथ 30 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा...

 जावद : मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर खुली बगावत देखने को मिली है। जहां जावद विधानसभा में ब्लॉक अध्यक्षों की हाल ही में हुई नियुक्तियों के विरोध में 30 से अधिक ब्लॉक, नगर और बूथ स्तर के पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिए हैं। इतना ही नहीं व्ह्ट्स एप पर नियुक्तियों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नियुक्तियों पर एतराज नहीं लेकिन किसी बाहरी कार्यकर्ता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुल मिलाकर स्थानीय कार्यकर्ता बनाम बाहरी नेतृत्व में सीधा टकराव देखने को मिल रहा है।

दरअसल, कांग्रेस ने रतनगढ़ में शंभू चारण और सिंगोली में सत्तूलाल धाकड़ सहित जिले में 11 ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए। लेकिन रतनगढ़ और सिंगोली में विरोध देखने को मिला ऐसे में 30 पदाधिकारियों ने एक साथ इस्तीफा सौंप दिया। जिनमें नगर अध्यक्ष, किसान कांग्रेस पदाधिकारी, बीएलए-2, बूथ प्रभारी आदि नेता मौजूद हैं। उनका कहना है कि 'हमें नियुक्तियों से विरोध नहीं है, लेकिन जावद पर बाहर से नेतृत्व थोपना मंजूर नहीं।'

नाराज पदाधिकारियों का कहना है कि कांग्रेस जावद में 22 साल का सूखा झेल रही है। ऐसे में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती की जरूरत है लेकिन इसके विपरीत बाहरी नेता को जावद के फैसले लेने की राजनीति ने पुराने और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को हाशिये पर धकेल दिया। पूरे मामले मे सबसे ज्यादा विरोध समंदर पटेल और रतनगढ़ में शंभू चारण का हो रहा है। नेताओं का कहना है कि जिन लोगों पर विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए काम करने के आरोप लगे, उन्हें ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया। संगठन में निष्ठा और संघर्ष की जगह पैसा और सिफारिश को तरजीह दी जा रही है। नाराज पदाधिकारियों का कहना है कि भले ही हमारे दादा-परदादा ने आजादी की लड़ाई में झंडा उठाया था, लेकिन झंडे उठाने का मतलब गुलामी नहीं,कि कोई बाहर से आकर राजनीति करे और हम चुपचाप माला पहनाते रहें।'

वहीं पूरे मामले में कांग्रेस नेता समंदर पटेल ने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कोई नाराजगी नहीं है। जिन लोगों को पद नहीं मिला, वही लोग इस्तीफा दे रहे हैं। संगठन में उत्साह है। राजनीति में पद सीमित होते हैं, लेकिन चाह सभी की होती है। इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।' वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने भी इसे 'मामूली नाराजगी' बताया है। उन्होंने बैठक के जरिए समाधान निकालने की बात कही है।

खुशखबरी! शादी का सर्टिफिकेट अब मोबाइल से बनेगा, जानें 4 आसान स्टेप

खुशखबरी! शादी का सर्टिफिकेट अब मोबाइल से बनेगा, जानें 4 आसान स्टेप

 भोपाल। शादी का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अब नगर निगम के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भोपाल नगर निगम ने विवाह पंजीयन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब दूल्हा-दुल्हन घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन ही डाउनलोड कर पाएंगे।

इस व्यवस्था को लागू करने को लेकर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन की अध्यक्षता में बैठक भी हो चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन विवाह पंजीयन की प्रक्रिया को जल्द और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

ऑनलाइन ही होगा पूरा प्रोसेस

भोपाल नगर निगम की इस नई व्यवस्था में आवेदक को शादी से जुड़े सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर संबंधित वार्ड का नगर निगम कर्मचारी ऑनलाइन पंचनामा तैयार करेगा।

इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और सत्यापन पूरा होते ही डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा, जिसे कहीं से भी डाउनलोड किया जा सकेगा।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन (4 आसान स्टेप)

 सबसे पहले निगम की वेबसाइट www.bmconline.gov.in
 पर जाएं।

 होमपेज पर Citizen Services विकल्प पर क्लिक करें।

 Marriage Registration Form भरें और जरूरी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करें।

 दस्तावेज अपलोड के बाद ₹1100 का ऑनलाइन भुगतान करें।

जरूरी दस्तावेज

दूल्हा-दुल्हन, माता-पिता और गवाहों के आधार कार्ड

शादी संपन्न होने के स्थान का प्रमाण पत्र

 शादी का कार्ड

मैरिज शाखा के अधिकारी केवल दूल्हा-दुल्हन को कार्यालय बुलाएंगे।

 जोनल अधिकारी और AHO द्वारा घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

Supreme Court ने ECI को SIR विस्तार याचिकाओं पर 31 दिसंबर तक फैसला करने का दिया आदेश

Supreme Court ने ECI को SIR विस्तार याचिकाओं पर 31 दिसंबर तक फैसला करने का दिया आदेश

 भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को ECI को निर्देश दिया कि वह केरल और उत्तर प्रदेश में चल रहे SIR की समय सीमा बढ़ाने की याचिकाओं पर 31 दिसंबर 2024 तक निर्णय ले। मुख्य CJI सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची की पीठ ने उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिनमें मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई थी।

अदालती कार्यवाही के मुख्य बिंदु

सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह निर्देश याचिकाकर्ताओं और चुनाव आयोग को दिया। इसमें SIR की समय सीमा बढ़ाने के लिए प्राप्त अभ्यावेदन पर फैसला करने का आदेश दिया गया है। इस पर आयोग को 31 दिसंबर तक फैसला लेना है, जबकि अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी। यह मामला मुख्य रूप से केरल और उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों से संबंधित है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि केरल में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं और प्रक्रिया में समय की कमी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सीधे आयोग के पास अपनी मांग रखने की अनुमति दी है।

केरल और यूपी को लेकर गंभीर आरोप

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि केरल में पुनरीक्षण के दौरान लगभग 25 लाख नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने विसंगतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई मामलों में पति का नाम सूची में है लेकिन पत्नी का नाम हटा दिया गया है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने उत्तर प्रदेश के संदर्भ में सवाल उठाया कि जब वहां विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, तो इतनी जल्दबाजी में गहन पुनरीक्षण (SIR) करने की क्या आवश्यकता है?

डेटा सुरक्षा पर रुख

सुप्रीम कोर्ट ने उस अलग याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि मतदाता गणना के दौरान नागरिकों का गोपनीय डेटा निजी स्वयंसेवकों (Volunteers) के साथ साझा किया जा रहा है। कोर्ट ने फिलहाल मुख्य ध्यान समय सीमा और प्रक्रिया की शुद्धता पर केंद्रित रखा है।

NIA का खौफनाक खुलासा! इन देशों में बेचे जा रहे भारतीयों के अंग, जानिए कौन है इस पीछे का मास्टरमाइंड?

NIA का खौफनाक खुलासा! इन देशों में बेचे जा रहे भारतीयों के अंग, जानिए कौन है इस पीछे का मास्टरमाइंड?

 केरल में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित अंग तस्करी गिरोह का खुलासा किया है। एजेंसी के मुताबिक, यह गिरोह अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के लिए भारत से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विदेश भेज रहा था। ईरान के अलावा वर्ष 2025 में ओडिशा के दो लोगों को ताजिकिस्तान भेजे जाने की भी पुष्टि हुई है, जहां उनकी किडनी अमीर लोगों में प्रतिरोपित की गई। एनआईए ने केरल की एक विशेष अदालत में दाखिल हलफनामे में यह जानकारी दी और मुख्य आरोपी मधु जयकुमार की हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की। जयकुमार केरल के पलारिवट्टोम का निवासी है और लंबे समय से फरार चल रहा था।

कोच्चि एयरपोर्ट से शुरू हुई जांच
यह मामला 18 मई 2024 को सामने आया था, जब सबिथ नामक व्यक्ति को कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने रोका। उस पर एक संगठित अंग तस्करी गिरोह से जुड़े होने का संदेह था। इसके बाद की जांच में साजिथ और विजयवाड़ा निवासी बेलमकोंडा राम प्रसाद की गिरफ्तारी हुई। आरोप है कि ये लोग अवैध अंग प्रतिरोपण के लिए दानदाताओं और प्राप्तकर्ताओं को ईरान के अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था करते थे।

27 ट्रांसप्लांट और 11 डोनर्स की पुष्टि
एनआईए के अनुसार, एक साल से अधिक समय तक फरार रहे जयकुमार को 7 नवंबर को नई दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने उन 27 लोगों के नाम उजागर किए, जिन्होंने ईरान में किडनी ट्रांसप्लांट कराया था। इसके अलावा 11 किडनी दानदाताओं की पहचान भी सामने आई है।

ताजिकिस्तान तक फैला नेटवर्क
हलफनामे में कहा गया है कि केस दर्ज होने के बाद भी गिरोह की गतिविधियां नहीं रुकीं। वर्ष 2025 में ओडिशा के दो व्यक्तियों को ताजिकिस्तान भेजा गया, जहां आरोपियों के जरिए उनकी किडनी अमीर मरीजों में प्रतिरोपित की गई। एनआईए अब इस अवैध अंग व्यापार से जुड़े पैसों की ट्रेल की जांच कर रही है।

हिरासत बढ़ाने की मांग
एनआईए ने अदालत को बताया कि जयकुमार से अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले बैंक खातों के विवरण, तस्वीरों और वीडियो के संबंध में गहन पूछताछ की जरूरत है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसका संबंध अन्य अंतरराष्ट्रीय किडनी तस्करी गिरोहों से तो नहीं है। अदालत ने 15 दिसंबर को जयकुमार को तीन दिन की एनआईए हिरासत में भेजा था, जो 18 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के उन दो दानदाताओं की तलाश जारी है, जिन्हें ताजिकिस्तान भेजा गया था।

गरीबों को लालच, वादा पूरा नहीं
एनआईए के आरोपपत्र में कहा गया है कि दानदाता अधिकतर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से थे, जिन्हें मोटी रकम का लालच दिया गया। लेकिन विदेश पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और उन्हें वह पैसा भी नहीं दिया गया, जिसका वादा किया गया था। यह मामला अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी नेटवर्क की गंभीरता और गरीबों के शोषण की भयावह तस्वीर पेश करता है, जिस पर अब जांच एजेंसियां शिकंजा कस रही हैं।

इस फेमस बॉलीवुड अभिनेत्री के घर इनकम टैक्स ने मारा छापा, जानें क्या है पूरा मामला

इस फेमस बॉलीवुड अभिनेत्री के घर इनकम टैक्स ने मारा छापा, जानें क्या है पूरा मामला

 नेशनल डेस्क: बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को इनकम टैक्स विभाग ने शिल्पा शेट्टी के घर पर छापेमारी की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उनके बैस्टियन रेस्टोरेंट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और टैक्स में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। विभाग ने शिल्पा के घर के अलावा उनसे जुड़े कई अन्य ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया है।

दरअसल, आयकर विभाग ने शिल्पा शेट्टी के घर पर छापा मारने से एक दिन पहले मुंबई के दादर स्थित बैस्टियन रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की थी। बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को IT विभाग के अधिकारियों ने कई घंटों तक रेस्टोरेंट में छानबीन की। विभाग को शक है कि होटल और रेस्टोरेंट बिजनेस में निवेश, आय और टैक्स भुगतान से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां हुई हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

शिल्पा शेट्टी की बैस्टियन हॉस्पिटैलिटी कंपनी मुंबई के अलावा पुणे, बेंगलुरु और गोवा में भी बैस्टियन नाम से क्लब और रेस्टोरेंट संचालित करती है। आयकर विभाग की जांच का दायरा अब इन सभी ठिकानों तक फैलता नजर आ रहा है। इसी बीच बेंगलुरु में बैस्टियन रेस्टोरेंट से जुड़े एक मामले में केस दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।

छापेमारी की कार्रवाई के बीच शिल्पा शेट्टी ने अपने एक नए रेस्टोरेंट की घोषणा भी कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए अपने नए रेस्टोरेंट ‘अम्माकाई’ के लॉन्च का ऐलान किया, जो चर्चा का विषय बन गया।

गौरतलब है कि शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा लंबे समय से विभिन्न विवादों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। इनमें 60.40 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर रही है। इस केस में हाल ही में नई धाराएं जोड़ी गई हैं और इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी जुटाए गए हैं। अब यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में भी आ चुका है, जिससे आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

एक पल में उजड़ गया पूरा परिवार… हाईवे पर बजरी से भरे डंपर ने ली 4 सगे भाइयों की जान

एक पल में उजड़ गया पूरा परिवार… हाईवे पर बजरी से भरे डंपर ने ली 4 सगे भाइयों की जान

 राजस्थान - राजस्थान के बूंदी जिले में नेशनल हाईवे नंबर-52 पर दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। सिलोर पुलिया के पास बजरी से भरे एक अनियंत्रित डंपर ने सामने से आ रही कार को कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में कार सवार चार सगे भाइयों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

टायर फटते हीमच गया कहर

जानकारी के मुताबिक, हादसा सदर थाना क्षेत्र में हाईवे-52 पर हुआ। सिलोर पुलिया के पास बजरी से भरे डंपर का अचानक टायर फट गया। इसके बाद चालक डंपर पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित वाहन पहले एक क्रेन से टकराया और फिर डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड में जा पहुंचा। उसी दौरान सामने से आ रही कार डंपर की चपेट में आ गई। डंपर कार के ऊपर पलट गया, जिससे कार पूरी तरह बजरी के नीचे दब गई।

रेस्क्यू में लगीं क्रेन और जेसीबी

हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए दो क्रेन और एक जेसीबी की मदद ली गई। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबी कार से चारों घायलों को बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जन्मदिन से लौटते वक्त टूटा परिवार

पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवक आपस में सगे भाई थे। वे टोंक में अपनी मौसी के पोते के जन्मदिन समारोह में शामिल होकर कोटा लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद खुलवाया। पुलिस ने बजरी से भरे डंपर को जब्त कर लिया है। चारों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।