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National Tourism Day 2026: जन्नत से कम नहीं हैं भारत की ये 6 जगहें, विदेश से भी पर्यटकों को खींच लाती है यहां की खूबसूरती

National Tourism Day 2026: जन्नत से कम नहीं हैं भारत की ये 6 जगहें, विदेश से भी पर्यटकों को खींच लाती है यहां की खूबसूरती

 Rashtriya Paryatan Divas 2026: पर्यटन देश को न केवल आर्थिक मजबूती देता है बल्कि उसके सांस्कृतिक और सामाजिक ताक़त को भी दर्शाता है। हर साल 27 सितंबर को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National Tourism Day 2026) मनाया जाता है। वहीं विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। पर्यटन दिवस साल में दो बार आता है।

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 की थीम ग्रामीण और समुदाय केंद्रित पर्यटन (Rural and Community Centric Tourism)’ है। देश में पर्यटन दिवस की नींव 1948 में रख दी गई थी, जब पर्यटन यातायात समिति का गठन हुआ। वर्ष 1998 में पर्यटन और संचार मंत्री के नेतृत्व में पर्यटन विभाग की स्थापना हुई। इसके बाद 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के रूप में चुना गया। यहां हम भारत की ऐसी 4 जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां देश ही नहीं विदेश भी पर्यटक घूमने आते हैं।

राजस्थान

टूरिज्म के मामले में राजस्थान बेहद पसंद की जाने वाली जगह है। यहां देशभर से लोग घूमने पहुंचते हैं। यहां की खूबसूरती विदेश से भी पर्यटकों को खींच लाती है। अपनी कला और संस्कृति के साथ-साथ यहां के किले अपने आप में अनूठे हैं। यहां फ्रांस और ब्रिटेन के पर्यटक भी घूमने आते हैं। जयपुर के अलावा जोधपुर, जैसलमेर, माउंट आबू और उदयपुर में सबसे ज्यादा लोग पहुंचते हैं।

आगरा

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आगरा का आता है। ये जगह अपने आप में ऐतिहासिक है। यहां खूबसूरत ताजमहल है, जहां न सिर्फ लोकल लोग बल्कि विदेशी नागरिकों का भी खूब जमावड़ा लगा रहता है। ये भारत के सबसे वीआईपी पर्यटन वाली जगहों में शामिल है। आगरा में ताज महल के अलावा, फतेहपुर सीकरी, अकबर का मकबरा और सिकंदर का किला जैसी जगहें हैं। ताजमहल की वेबसाइट के मुताबिक, हर साल 7 से 8 मिलियन पर्यटकों घूमने आते हैं।

दिल्ली

देश की राजधानी नई दिल्ली में भी पर्यटकों की रूची रहती है। लाल किला, इंडिया गेट, हुमायूं मकबरा, कुतुब मीनार और राष्ट्रपति भवन जैसी तमाम खूबसूरत जगहें हैं। ये जगहें विदेशी नागरिकों को भी खूब पसंद आती हैं।

ऋषिकेश

हर साल यहां बड़ी संख्या में देश ही नहीं विदेश से भी लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या से दूर अपने दिमाग को शांत करने और अध्यात्म को अपनाने के लिए योग की राजधानी ‘ऋषिकेश’ में आते हैं। इसके अलावा गंगा आरती के अलावा, वाटर फॉल और यहां बने आश्रम आकर्षण का केंद्र हैं।

कश्मीर

कश्मीर में गुलमर्ग, डल झील,परी महल, पहलगाम और नागिन झील की खूबसूरती देखते ही बनती है। यहां के नजारे लोगों को बहुत पसंद आते हैं। बर्फवारी के समय बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचते हैं।

लद्दाख

लद्दाख को बाइक से घूमकर देखने का मज़ा ही कुछ और है। यहां कई जगहें हैं जिनमें से अलग-अलग तरह के मठ, गांव, घाटियां, और ग्लेशियर हैं। लद्दाख पश्चिमी देशों के यात्रियों और पूर्वी देशों के आध्यात्मिक यात्रियों के बीच एक बहुत बड़ा आकर्षण है।

प्रयागराज: माघ मेला में फिर लगी आग, सेक्टर-6 में दो टेंट जलकर राख

प्रयागराज: माघ मेला में फिर लगी आग, सेक्टर-6 में दो टेंट जलकर राख

 नेशनल डेस्क: प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे श्रद्धालुओं और प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। शनिवार शाम तुलसी शिवाला मार्ग पर स्थित सेक्टर-6 में किशोरी मठ (चित्रकूट) के शिविर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने दो टेंटों को अपनी चपेट में ले लिया।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, हालांकि शिविर में लगे दो टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की चपेट में आने से वहां रखी रजाइयां, गद्दे और अन्य घरेलू सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गए।

माघ मेला शुरू होने के बाद यह आग लगने की लगभग पांचवीं घटना बताई जा रही है, जो अलग-अलग सेक्टरों में सामने आ चुकी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह अंगीठी से निकली चिंगारी मानी जा रही है। फिलहाल फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं, ताकि सटीक कारण का पता लगाया जा सके और आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आग लगते ही शिविर में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन दमकल कर्मियों की तत्परता से समय रहते हालात काबू में आ गए और बड़ा हादसा टल गया।

करीब 800 हेक्टेयर में फैले माघ मेला क्षेत्र को कुल सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। छोटे और सीमित अवधि के कल्पवासियों के लिए टेंट सिटी विकसित की गई है, जहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मेला क्षेत्र में प्रमुख व्यवस्थाएं

  • आवागमन: बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा
  • सुरक्षा व्यवस्था: 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
  • पार्किंग सुविधा: 42 अस्थायी पार्किंग स्थल, जहां करीब एक लाख वाहनों की क्षमता

लगातार हो रही आग की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सभी शिविर संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। माघ मेला में लाखों श्रद्धालु स्नान और कल्पवास के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।

UP Police पर गिरी गाज! एक साथ इतने पुलिसवाले सस्पेंड, चौंका देगी वजह, एक्शन से विभाग में मचा हड़कंप

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 लखनऊ : उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अदालत परिसर के अंदर से एक महिला को गिरफ्तार करने की कोशिश के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकरियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये पुलिसकर्मी वैवाहिक विवाद के कारण अपने ही पति को झूठे मामले में फंसाने की दो बार साजिश रचने वाली महिला को पकड़ने के लिए गये थे। पुलिस के मुताबिक, 14 जनवरी को पुलिस ने काकोरी क्षेत्र में एक ऑनलाइन पोर्टर वाहन को रोका और लगभग 12 किलो संदिग्ध गोमांस बरामद किया। 
पुलिस ने बताया कि इस गोमांस की आपूर्ति अमीनाबाद के एक व्यापारी वासिफ को की जानी थी, जिसने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और इसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान जांचकर्ताओं को संदेह हुआ कि खेप को जानबूझकर कारोबारी को फंसाने के लिए भेजा गया था। स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में वैवाहिक विवाद से जुड़ी एक कथित साजिश का पता चला, जिसमें कारोबारी वासिफ की पत्नी अमीना और उसके साथी अमान (भोपाल निवासी) की भूमिका का पता चला। 

पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी इस तरह का मामला सामने आया था, जिसके बाद अमान को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अमीना फरार है। पुलिस के मुताबिक, इस सप्ताह के शुरू में लखनऊ उच्च न्यायालय परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों ने अमीना को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, जिसके बाद उसके वकील ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। गोमती नगर के विभूति खंड थाने में नियमों के उल्लंघन का आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(3) (आपराधिक अतिक्रमण), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से उकसाना) का आरोप लगाया गया है।

लखनऊ पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि इस घटना के संबंध में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया, “कथित साजिश व निलंबित पुलिसकर्मियों की कार्रवाई दोनों की जांच जारी है और पुलिस मामले में नामजद महिला की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।”

रेत माफिया का खूनी हमला! चेक पोस्ट पर फायरिंग, एक की मौत, दो गंभीर घायल

रेत माफिया का खूनी हमला! चेक पोस्ट पर फायरिंग, एक की मौत, दो गंभीर घायल

 दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रेत माफिया का आतंक एक बार फिर बेखौफ नजर आया। सरसई थाना क्षेत्र के मुस्तरा गांव में देर रात रेत माफियाओं ने रेत कंपनी की चेक पोस्ट पर जानलेवा हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हमला और कट्टे से की गई फायरिंग में एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के मुताबिक, मुस्तरा गांव में शिवा कॉर्पोरेशन कंपनी को रेत खनन का ठेका मिला हुआ है। कंपनी द्वारा लगाए गए चेक पोस्ट पर रॉयल्टी की जांच की जाती है। बीती रात रेत माफिया बिना रॉयल्टी चुकाए ट्रैक्टरों से रेत निकालने की कोशिश कर रहे थे। जब कंपनी के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।

रेत माफियाओं ने चेक पोस्ट पर मौजूद कर्मचारियों और ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला किया और कट्टे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही सरसई पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एक नामजद और दो अज्ञात आरोपियों समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

एडीएसपी दतिया सुनील शिवहरे ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 
न एंबुलेंस मिली, न मदद, हाथ ठेले पर बीमार पत्नी को ढोता रहा पति, अस्पताल पहुंचने से पहले बुझ गई जिंदगी

न एंबुलेंस मिली, न मदद, हाथ ठेले पर बीमार पत्नी को ढोता रहा पति, अस्पताल पहुंचने से पहले बुझ गई जिंदगी

 सागर। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच सागर शहर से शनिवार को इंसानियत को झकझोर देने वाली एक तस्वीर सामने आई। यह तस्वीर विकास, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी -तीनों पर बड़ा सवाल छोड़ गई।

रेलवे स्टेशन क्षेत्र में किराए के कमरे में रहने वाला एक बुजुर्ग पति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को हाथ ठेले पर अस्पताल ले जाने को मजबूर था। उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचते ही शायद जान बच जाए, लेकिन दुर्भाग्य ऐसा कि रास्ते में ही पत्नी ने दम तोड़ दिया।

दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ।

सुबह करीब 10 बजे जब शहर की सड़कें लोगों से भरी थीं वही बुजुर्ग अब अपनी पत्नी के शव को उसी हाथ ठेले पर रखकर श्मशान घाट की ओर बढ़ता नजर आया। रोते-बिलखते वृद्ध ने अपना नाम पवन साहू बताया। पत्नी पार्वती साहू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की रहने वाली थीं। पिछले 12–13 वर्षों से दोनों सागर में सब्जी का ठेला लगाकर किसी तरह जीवन गुजार रहे थे।

पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ी तो पवन साहू के पास न एंबुलेंस थी, न कोई मदद। जानकारी के अभाव और मजबूरी में उसने वही ठेला चुना, जिससे रोज़ी-रोटी चलती थी। लेकिन वही ठेला पत्नी की अंतिम यात्रा का सहारा बन गया। सबसे पीड़ादायक दृश्य यह रहा कि सुबह का समय होने के बावजूद जहां सैकड़ों लोग आते-जाते रहे कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। लोग देखते रहे, लेकिन इंसानियत खामोश रही।

करीब दो किलोमीटर तक शव को ठेले पर ले जाते हुए जब वृद्ध मोतीनगर चौराहा पहुंचा, तब जाकर मोतीनगर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि और अन्य सामाजिक लोगों ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने तत्काल मदद कर अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई। यह घटना सिर्फ एक मौत की नहीं है - यह सिस्टम की नाकामी, समाज की संवेदनहीनता और विकास के खोखले दावों की आईना है।

 
डोली उठने से पहले उठीं अर्थियां! शादी समारोह में मौत का तांडव, अचानक ब्लास्ट से मच गया कोहराम, कई लोगों की मौत

डोली उठने से पहले उठीं अर्थियां! शादी समारोह में मौत का तांडव, अचानक ब्लास्ट से मच गया कोहराम, कई लोगों की मौत

 पाकिस्तान - पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के डेरा इस्माइल खान जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुए भीषण आत्मघाती हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना की पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

यह हमला शुक्रवार शाम को डेरा इस्माइल खान के कुरैशी मोड़ के पास स्थित एक घर में हुआ। जिस समय धमाका हुआ उस वक्त घर में शादी का जश्न चल रहा था और मेहमान ढोल की थाप पर नाच रहे थे। तभी एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। धमाका इतना जोरदार था कि कमरे की छत गिर गई जिससे मलबे के नीचे कई लोग दब गए।

शांति समिति के नेता को बनाया निशाना

खबरों के अनुसार यह हमला शांति समिति (Peace Committee) के प्रमुख सदस्य नूर आलम महसूद के घर को निशाना बनाकर किया गया था। मारे गए लोगों में एक प्रमुख नाम वहीदुल्लाह महसूद (जिगरी महसूद) का भी है जो शांति समिति के महत्वपूर्ण सदस्य थे। ये समितियां इलाके में आतंकवाद के खिलाफ स्थानीय स्तर पर काम करती हैं।

बचाव कार्य और अस्पताल की स्थिति

घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि मलबे से शवों और घायलों को निकालने के लिए आपदा राहत वाहनों और एंबुलेंस को तैनात किया गया है। घायलों को पास के जिला मुख्यालय अस्पताल (DHQ) में भर्ती कराया गया है जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दी गई है।

सरकार की प्रतिक्रिया

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक (IG) से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Bank Holidays : लगातार तीन दिन बंद रहेंगे बैंक! घर से निकलने से पहले जरूर चेक करें स्टेटस

Bank Holidays : लगातार तीन दिन बंद रहेंगे बैंक! घर से निकलने से पहले जरूर चेक करें स्टेटस

 नेशनल डेस्कः जनवरी के आखिरी हफ्ते में बैंक छुट्टियों का ऐसा मेल बन रहा है कि अगर आपने पहले से जानकारी नहीं ली, तो बैंक पहुंचकर सीधे बंद शटर देखने को मिल सकता है। खास तौर पर 24 जनवरी (शनिवार) को लेकर लोगों में सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन बना हुआ है। आइए विस्तार से समझते हैं कि बैंक कब बंद रहेंगे और कब खुलेंगे।

24 जनवरी को बैंक खुलेंगे या बंद? जानिए पूरा सच

24 जनवरी को शनिवार है और यह जनवरी महीने का चौथा शनिवार पड़ता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार और हर रविवार को देशभर के सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहते हैं।
इसलिए 24 जनवरी को पूरे भारत में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

बैंक छुट्टियां कैसे तय होती हैं?

भारत में बैंक छुट्टियों की आधिकारिक सूची RBI जारी करता है। इसमें शामिल होते हैं: राष्ट्रीय अवकाश (जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस), राज्य-विशेष त्योहार, सभी रविवार और हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार। इसी वजह से बैंक जाने से पहले अपने शहर और तारीख के अनुसार छुट्टी की जानकारी चेक करना बहुत जरूरी हो जाता है।

लगातार तीन दिन बंद रहेंगे बैंक

इस बार बैंक ग्राहकों को थोड़ी ज्यादा परेशानी हो सकती है, क्योंकि छुट्टियां लगातार पड़ रही हैं:

  • 24 जनवरी (शनिवार) – चौथा शनिवार, बैंक बंद

  • 25 जनवरी (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश

  • 26 जनवरी (सोमवार) – गणतंत्र दिवस, राष्ट्रीय अवकाश

यानी 24, 25 और 26 जनवरी को लगातार तीन दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। अब अगर कोई जरूरी काम है, तो वह सीधे 27 जनवरी (मंगलवार) को ही निपटाया जा सकेगा।

डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू

अच्छी खबर यह है कि भले ही बैंक शाखाएं बंद रहें, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। आप इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं: नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप, UPI से पैसे भेजना और लेना और ATM से कैश निकालना। हालांकि, इन कामों के लिए बैंक नहीं खुलेंगे- चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनवाना,पासबुक अपडेट और केवाईसी या अन्य दस्तावेजी काम। 

 पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल! इन 4 अफसरों के किए गए तबादले

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल! इन 4 अफसरों के किए गए तबादले

 पंजाब - पुलिस विभाग के सब-डिवीजन सुलतानपुर लोधी के अंतर्गत आने वाले चार पुलिस थानों के सभी एस.एच.ओ. अचानक बदल दिए गए हैं। एक साथ सभी एस.एच.ओ. के स्थानांतरण से पुलिस विभाग में हैरानी का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, जिला कपूरथला के एस.एस.पी. गौरव तूर के आदेश पर थाना फत्तूढींगा के एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह को थाना सुलतानपुर लोधी का नया एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया है। थाना तलवंडी चौधरी के एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर निर्मल सिंह को थाना कबीरपुर का एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया, थाना साइबर कपूरथला की एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर अमनदीप कौर को थाना फत्तूढींगा का एस.एच.ओ. बनाया गया, और पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर अनिल कुमार को थाना तलवंडी चौधरी का एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया। इसके अलावा, थाना सुलतानपुर लोधी की पहली एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर सोनमदीप कौर को थाना सदर फगवाड़ा का एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया।

Bomb Threat: नोएडा के इन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Bomb Threat: नोएडा के इन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

 नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 132 स्थित एक निजी स्कूल शिव नादर स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी का ई-मेल मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। पुलिस को शुक्रवार सुबह स्कूल को बम से उड़ाने धमकी मिलने की जानकारी के बारे में बताया।

स्कूल परिसर में की गई सघन जांच
सूचना मिलने पर उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स, बम स्क्वाड, फायर ब्रिगेड, खोजी स्वान और बीडीडीएस (बम डिस्पोजल) टीम द्वारा स्कूल परिसर में सघन जांच की गई। इसके साथ ही साइबर टीम को प्राप्त ई-मेल की तकनीकी जांच सौंपी गई है, ताकि धमकी भेजने वाले की पहचान की जा सके। एहतियातन स्कूल बसों को वापस भेज दिया गया है और बच्चों को तय ड्रॉप प्वाइंट पर उतारा जा रहा है। 

अभिभावकों से अपील
अभिभावकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर बच्चों को लें और बस स्टाफ के संपर्क में बने रहें। स्कूल की प्रिंसिपल अंजू सोनी ने अभिभावकों से सहयोग और समझदारी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है, मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जांच प्रक्रिया जारी है।   

Prayagraj Magh Mela: बसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में लगाई आस्था की डुबकी

Prayagraj Magh Mela: बसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में लगाई आस्था की डुबकी

 प्रयागराज: प्रयागराज में जारी माघ मेले में बसंत पंचमी स्नान पर्व पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात 12 बजे से ही लोगों का संगम क्षेत्र में आगमन व स्नान जारी है और शुक्रवार को बसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई। मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब मौजूद रहा। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन पर नजर रखी गई। 

बसंत पंचमी स्नान का होता है विशेष महत्व
पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक कैमरे क्रियाशील हैं। उन्होंने कहा कि साथ ही रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों की भी निगरानी की गई तथा सभी जगहों पर पुलिस प्रशासन के कर्मचारी अधिकारी तैनात हैं। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि बसंत पंचमी पर्व पर प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की अतिरिक्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 22 मेला विशेष गाड़ियों का संचालन किया गया। तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि चूंकि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का वास है, इसलिए यहां बसंत पंचमी स्नान का विशेष महत्व है। 

पीली वस्तुओं का दान करने का विधान
बसंत पंचमी पर पीला वस्त्र धारण करने, पीली वस्तुओं का दान करने का विधान है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन से ही ऋतु परिवर्तन का एहसास जनमानस को होने लगता है और लोग गुलाल आदि लगाकर इसे उत्सव के रूप में मनाते हैं। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बनाई गई है जहां ध्यान व योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग हैं जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। 

स्पेस टेक नीति-2026: MP बनेगा भारत का अगला अंतरिक्ष और AI हब, उज्जैन में खगोल विज्ञान R&D केंद्र का निर्माण

स्पेस टेक नीति-2026: MP बनेगा भारत का अगला अंतरिक्ष और AI हब, उज्जैन में खगोल विज्ञान R&D केंद्र का निर्माण

 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 राज्य की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत को  फ्यूचर रेडी टेक्नॉलोजिकल लीडरशिप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेगी। इससे मध्यप्रदेश भारत की नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में सशक्त भूमिका निभाएगा।

 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक जैसे उभरते सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करना, उच्च-कौशल रोजगार सृजित करना और मध्यप्रदेश को एक अग्रणी स्पेस टेक हब के रूप में स्थापित करना है। ऐतिहासिक रूप से “प्राचीन भारत का ग्रीनविच” कहे जाने वाले उज्जैन (डोंगला) की खगोलीय विरासत को आधुनिक विज्ञान और एआई तकनीक से जोड़कर राज्य को अंतरिक्ष अनुसंधान के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्पेस टेक नीति-2026

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 का शुभारंभ हाल ही में मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 में किया था। यह नीति राज्य को अंतरिक्ष और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्पेस टेक नीति-2026 एक समग्र और एंड-टू-एंड तकनीकी ढांचा प्रदान करती है, जिसमे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के अपस्ट्रीम, मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम सभी चरणों का विकास किया जाएगा। नीति में उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान निर्माण, प्रणोदन प्रणाली, एवियोनिक्स, उन्नत सामग्री, असेंबली-इंटीग्रेशन-टेस्टिंग,मिशन संचालन, ग्राउंड स्टेशन, स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस एवं एआई-आधारित उपग्रह डेटा विश्लेषण को शामिल किया गया है।

नीति में इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और अनुसंधान एवं विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत स्पेस टेक मैन्युफैक्चरिंग पार्क, पर्यावरणीय एवं ईएमआई/ईएमसी परीक्षण सुविधाएँ, प्रणोदन एवं वाइब्रेशन परीक्षण प्रयोगशालाएँ, क्लीन रूम तथा सैटेलाइट सिमुलेशन, एआई मॉडलिंग और बिग-डेटा एनालिटिक्स के लिए उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पात्र स्पेस-ग्रेड अधोसंरचना के लिए 40 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान और फोकस सेक्टर्स के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है।

नीति के अंतर्गत डिज़ाइन-लिंक्ड इंसेंटिव, प्रोटो टाइप विकास अनुदान, बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रतिपूर्ति सहायता और स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संरचित मैचिंग-फंड मॉडल शामिल किया गया है। इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष नीति और IN-SPACe सुधारों के अनुरूप निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति की विशेष उपलब्धि उज्जैन में खगोल भौतिकी एवं अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना है। इस केंद्र से उज्जैन की समृद्ध खगोलीय विरासत को आधुनिक विज्ञान और एआई तकनीक से जोड़ा जाएगा।

नीति का क्रियान्वयन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाएगा, जिसमें एमपीएसईडीसी नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी। निवेशकों, स्टार्ट-अप्स और अनुसंधान संस्थानों को सिंगल-विंडो सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित सुविधा प्रकोष्ठ भी स्थापित किया जाएगा। स्पेस टेक नीति से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी टियर-2 स्पेस टेक हब के रूप में उभरेगा।

गरीबों के पौने 2 करोड़ डकार गए कर्मचारी ! ‘गांव की बेटी छात्रवृति योजना’ घोटाले का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार

गरीबों के पौने 2 करोड़ डकार गए कर्मचारी ! ‘गांव की बेटी छात्रवृति योजना’ घोटाले का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार

 बैतूल : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सामने आए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आज तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रकाश बंजारे जेएच कॉलेज बैतूल में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था। ये घोटाला ‘गांव की बेटी योजना' के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि में 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये के गबन से जुड़ा है। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेश डहेरिया और सहायक ग्रेड-3 रिंकू पाटिल को गिरफ्तार कर चुकी है। यह मामला अगस्त-सितंबर 2024 में महालेखाकार ग्वालियर की ऑडिट जांच के दौरान सामने आया था। जांच के बाद 17 दिसंबर 2024 को तत्कालीन प्राचार्य विजेता चौबे ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और बिल बनाकर छात्रवृत्ति की राशि 95 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की। इन खातों में करीब 3240 बार लेनदेन किया गया, जो आरोपियों के रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर थे। पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। एसडीओपी सुनील लाटा ने बताया कि दो पूर्व प्राचार्य भी आरोपी हैं, जिनकी गिरफ्तारी अभी शेष है। जांच जारी है।

पुलिस कांस्टेबल हत्याकांडः नैनीताल हाईकोर्ट ने दोषी की सजा घटाई... जानिए क्या है पूरा मामला

पुलिस कांस्टेबल हत्याकांडः नैनीताल हाईकोर्ट ने दोषी की सजा घटाई... जानिए क्या है पूरा मामला

 नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिले की मुखानी पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की हत्या के दोषी राजेंद्र कुमार आर्य की आजीवन कारावास की सजा को घटाकर 'जेल में पहले ही बिताई जा चुकी अवधि' तक कर दिया है। अदालत ने इस मामले को हत्या की धारा 302 के बजाय हत्या की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या मानते हुए कहा कि आरोपी को केवल उतने समय के लिए दंडित किया जाना चाहिए जो वह पहले ही जेल में बिता चुका है। आर्य, मई 2014 से लगभग 11 वर्षों से जेल में है। इस मामले की सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति रविंद्र मैंठाणी और न्यायमूर्ति आलोक माहरा की अवकाशकालीन पीठ ने आर्य की तत्काल रिहाई के आदेश दिए।

इस मामले के अनुसार, 28 मई 2014 को आर्य को चोरी के एक मामले में हल्द्वानी के मुखानी पुलिस चौकी में हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, सुबह होने से पहले आर्य ने हिरासत से भागने की कोशिश की और जब ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आर्य ने वहीं पड़ी लोहे की एक छड़ से उनकी छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट के कारण कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वर्ष 2017 में, हल्द्वानी स्थित प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने राजेंद्र कुमार आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और हिरासत से भागने की कोशिश के लिए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी ने हथकड़ी खोलने के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन उच्च न्यायालय ने इस पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस यह साबित करने में विफल रही है कि आरोपी को चाबियां कहां से मिलीं। अदालत का मानना था कि शायद आरोपी को हथकड़ी नहीं लगाई गई थी। उच्च न्यायालय ने माना कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी। आरोपी केवल भागने की कोशिश कर रहा था और हाथापाई के दौरान उसने पास में पड़ी एक छड़ उठाकर कांस्टेबल पर वार कर दिया।

न्यायालय ने कहा कि यह मामला अचानक हुए झगड़े के दौरान हुई घटना की श्रेणी में आता है। इसी के अनुरूप, न्यायालय ने दोषसिद्धि को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 से बदलकर धारा 304 कर दिया। चूंकि आरोपी 28 मई 2014 से लगातार जेल में है, इसलिए न्यायालय ने उसे जेल में बिता चुके समय के बराबर सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल रिहा कर दिया जाए। आर्य पर निचली अदालत द्वारा लगाया गया जुर्माना बरकरार रखा गया है।

आज खरगे-राहुल की हाईलेवल मीटिंग, केरल से बिहार तक कांग्रेस की सियासत पर होगा बड़ा मंथन!

आज खरगे-राहुल की हाईलेवल मीटिंग, केरल से बिहार तक कांग्रेस की सियासत पर होगा बड़ा मंथन!

 दिल्ली: कांग्रेस पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूती देने और आने वाले चुनावों की तैयारी को धार देने में जुट गई है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी भारत तक अपनी राजनीतिक रणनीति को धार दे रही है। इसी कड़ी में 23 जनवरी (शुक्रवार) को कांग्रेस के लिए बेहद अहम दिन माना जा रहा है, जब पार्टी दो बड़े और निर्णायक कार्यक्रमों को अंजाम देने जा रही है।

केरल विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में मंथन

केरल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को कांग्रेस बेहद अहम मान रही है। पार्टी का आकलन है कि राज्य में माहौल उसके पक्ष में है और सही रणनीति के साथ सत्ता में वापसी संभव है। 23 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे दिल्ली में खरगे और राहुल गांधी केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस मीटिंग में चुनावी रोडमैप, संगठनात्मक मजबूती, सीटों की रणनीति और गठबंधन की दिशा पर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक के बाद केरल कांग्रेस के नेता सीधे मैदान में उतरकर प्रचार अभियान को तेज करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में पश्चिम बंगाल में संभावित गठबंधन, खासकर TMC के साथ तालमेल को लेकर भी अनौपचारिक चर्चा हो सकती है, जिस पर कांग्रेस नेतृत्व का रुख अहम माना जा रहा है।

बिहार में कांग्रेस की सियासी चिंता: विधायकों को दिल्ली तलब

बिहार में कांग्रेस की स्थिति पहले से ही कमजोर मानी जा रही है। विधानसभा में पार्टी के केवल 6 विधायक हैं, जिनके पार्टी छोड़ने की अटकलों ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। चर्चाएं हैं कि ये विधायक JD(U) या NDA का रुख कर सकते हैं, जिससे बिहार विधानसभा में कांग्रेस की मौजूदगी खत्म हो सकती है। पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी 6 विधायकों को दिल्ली बुलाया है। 23 जनवरी शाम 4:30 बजे राहुल गांधी दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में विधायकों से सीधे बातचीत करेंगे। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में शामिल होने वाले विधायकों में मनोहर प्रसाद सिंह, अवधीर रहमान, कमरुल होदा, सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, अभिषेक रंजन और मनोज विश्वास शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक एकता बनाए रखने, असंतोष दूर करने और भविष्य की रणनीति तय करने पर फोकस करेगा।

24 जनवरी को मनाया जाएगा यूपी दिवस, प्रदेशभर में गूंजेगा जन जागरण का स्वर, नुक्कड़ नाटकों के जरिये होगा जनता से सीधा संवाद

24 जनवरी को मनाया जाएगा यूपी दिवस, प्रदेशभर में गूंजेगा जन जागरण का स्वर, नुक्कड़ नाटकों के जरिये होगा जनता से सीधा संवाद

 लखनऊ : उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर इस वर्ष 24 जनवरी को राज्य के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। बयान के मुताबिक इसका उद्देश्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों को एक सरल, प्रभावी और संवादात्मक माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना है। 

चौबीस जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नामित ‘ए' श्रेणी के नुक्कड़ नाटक दलों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में व्यापक स्तर पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस पर यह सांस्कृतिक पहल न केवल प्रदेश की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा को सशक्त करेगी, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का सेतु भी बनेगी। नुक्कड़ नाटक जैसे प्रभावी माध्यम के जरिए जनजागरण का यह अभियान उप्र दिवस को एक अर्थपूर्ण, जीवंत और जनभागीदारी से जुड़ा उत्सव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

बयान के मुताबिक, प्रदेश के सभी 18 मंडलों के अंतर्गत चयनित जनपदों में यह अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक मंडल में तीन-तीन स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा जिससे कुल 54 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। इन नाटकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूकता, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। 

संतों का अपमान हुआ तो सपा साथ खड़ी रहेगी: अखिलेश यादव

संतों का अपमान हुआ तो सपा साथ खड़ी रहेगी: अखिलेश यादव

 लखनऊ: छोटे लोहिया के नाम से विख्यात समाजवादी विचारक डॉ. जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र पार्क जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में साधु-संतों के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी साधु-संत का अपमान होगा तो समाजवादी पार्टी उनके सम्मान की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।        

'सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है'
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। जनेश्वर मिश्र ने जो सिद्धान्त, जो आंदोलन दिया, उसे आगे बढ़ने का हम संकल्प लेते हैं।  अखिलेश यादव ने नोएडा में इंजीनियर की मौत के प्रकरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भी सरकारी तंत्र समय रहते पीड़ति की जान नहीं बचा सका। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कई घंटे तक इसलिए कारर्वाई नहीं की गई क्योंकि यह कहकर टाल दिया गया कि पानी ठंडा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि सरकार बताए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं सम्भल प्रकरण में सीओ समेत अन्य पर केस दर्ज कराने का आदेश देने वाले जज के ट्रांसफर पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि 'सच्चाई को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।' 

'सरकार सच सामने आने से घबराती है'
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार सच सामने आने से घबराती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पूंजीवादी ताकतें हावी हो रही हैं। ऐसे में समाजवादियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे जनेश्वर मिश्र, डॉ. लोहिया, बाबा साहब और नेताजी के विचारों को आगे बढ़ाकर समाजवादी आंदोलन को मजबूती दें। इस दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा कि हम सभी ने देखा है कि जब वह योग कर रहे थे तो एक टांग पर लड़खड़ा रहे थे, क्या आप लोग उन्हें योगी कहेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग, वे लोग हैं जब उन्हें लगता है कि धर्म के आधार पर वोट नहीं मिल सकता है, सनातन के रास्ते से वोट नहीं मिल सकता है तो इस तरह का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन का रास्ता सत्य का रास्ता है, धर्म का रास्ता, न्याय का रास्ता है। हम सबको साथ लेकर चले, वही सनातनी रास्ता है। हमारे साधु संत और जितने भी पूजनीय लोग हैं उनका सम्मान करें। उनके पास समय-समय पर जाकर राय मशविरा करें। यही सनातन है।        

'सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं'
इस दौरान सतुआ बाबा के बारे में पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं, हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। सतुआ बाबा को देखा है, वह हमारे आजम साहब से कान में क्या कहते थे मुझे पता है। तमाम साधु संतों से कहूंगा कि सरकार को ना भड़काएं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने तंज कसा कि उप मुख्यमंत्री को 'दंडवत होकर माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने प्रेरणा स्थल का नाम लिए बिना कहा कि 'तीन प्रतिमाओं की तरह खड़ा होना पड़ेगा न हिलो, न डुलो।'उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार में वह डिप्टी सीएम हैं, वहां उन्हें कई बार 'डपट' भी पड़ जाती है।  

दावोस में बड़ी डील: CM मोहन की मौजूदगी में मप्र और DP World के बीच ऐतिहासिक MOU

दावोस में बड़ी डील: CM मोहन की मौजूदगी में मप्र और DP World के बीच ऐतिहासिक MOU

 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बुधवार को दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

MP में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी, 500 शिक्षकों का अटैचमैंट खत्म, दफ्तरों में बाबूगिरी पर लगाम

MP में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी, 500 शिक्षकों का अटैचमैंट खत्म, दफ्तरों में बाबूगिरी पर लगाम

भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी हुए हैं। इन निर्देशों के तहत शिक्षकों की बाबूगिरी पर ब्रेक लगेगी और वो अपने मूल काम कि और लौटेंगे।दरअसल जिला शिक्षा विभाग ने राजधानी में पांच सौ शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म कर दिया है। इससे अब ये शिक्षक स्कूलों का रुख करेंगें।

दरसअल शिक्षकों की कमी के बीच दफ्तरों में शिक्षक तैनात होने का मामला काफी जोर-शोर से उठा था, क्योंकि  ये अपने काम के बजाय दूसरे और कामों में लगे हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी और कक्षाएं खाली है। बच्चों ने भी इस संबंध में शिकायत की थी और इसका हवाला दिया था। इसी के बाद यह कार्रवाई की गई है।

स्कूलों मे पढ़ाई कराने की बजाय दफ्तरों में बाबूगिरी कर रहे ये शिक्षक  अब स्कूलों में लौटेंगे और बच्चों को पढ़ाएंगे। दरअसल अगले महीने स्कूलों में परीक्षा हैं और शिक्षकों की काफी कमी है। इसकी के चलते ये निर्देश जारी हुए हैं। परीक्षा में दो लाख से ज्यादा स्टूडेंट हिस्सा लेंगे।

गौर करने वाली बात है कि  परीक्षाओं का समय पास है और इस समय शिक्षकों की काफी जरुरत है। जिसके चलते निर्देश दिए गए हैं  कि दूसरी जगह संलग्न शिक्षक  स्कूलों में वापिस  लौटें। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं

आपको बता दें कि बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होगी। पांचवीं और आठवीं की परीक्षा इसी माह कराई जा रही है। राजधानी में साढ़े तीन हजार शिक्षक हैं। ये पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई करा रहे है। लिहाजा शिक्षा विभाग के इस निर्देश से स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बड़ा हादसा, खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान शहीद, 10 घायल

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बड़ा हादसा, खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान शहीद, 10 घायल

 जम्मू-कश्मीर- जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक भयावह घटना घटी है. यहां से गुजरते हुए सेना की कैस्पर गहरी खाई में गिर गई, जिसकी वजह से 10 जवान शहीद हो गए और 10 अन्य घायल हुए हैं. सेना का ये कैस्पर डोडा में भद्रवाह चंबा रोड से जा रहा था, जिसकी हालत पहले से काफी खस्ता है. कैस्पर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर खाई में गिरा है. जवानों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है और रेस्क्यू टीम अपना काम तेजी से कर रही है.

एक अधिकारी ने बताया कि अज्ञात कारणों से गाड़ी सड़क से फिसल गई. घटना के तुरंत बाद, बचाव और राहत टीमों को मौके पर भेजा गया. घायल सैनिक को दुर्घटनास्थल से निकालकर पास के मेडिकल सेंटर में ले जाया गया है. सेना का वाहन एक ऊंची पहाड़ी पोस्ट की ओर जा रहा था, तभी ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और गाड़ी सड़क से फिसल गई, जिसके बाद वह 200 फुट गहरी खाई में गिर गई.

 हादसे पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तरफ से कहा गया है कि डोडा में हुए दुखद सड़क हादसे में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने से बहुत दुख हुआ है. हम अपने बहादुर सैनिकों की बेहतरीन सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. इस गहरे दुख की घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है. 10 घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल पहुंचाया गया है. उनका सबसे अच्छा इलाज हो इसका निर्देश दिया गया है. उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं.

संवेदनशील बने हुई डोडा की स्थिति

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सुरक्षा की स्थिति हाल में संवेदनशील बनी हुई है. यहां हाल के दिनों में आतंकवादी गतिविधियों और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन बढ़े हुए हैं. डोडा जिले में आतंकवादियों की मौजूदगी की आशंका बनी हुई है, खासकर पहाड़ी और जंगली इलाकों में. खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक डोडा और पड़ोसी किश्तवाड़ जिले में 30-35 पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी सक्रिय हो सकते हैं, जो जंगल में छिपे हुए हैं.

Uttarakhand : 23 जनवरी को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि होगी घोषित !

Uttarakhand : 23 जनवरी को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि होगी घोषित !

 टिहरीः उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक माने जाने वाले श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने का निर्णय बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 23 जनवरी को लिया जाएगा। कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण नरेंद्रनगर स्थित ऐतिहासिक टिहरी राज दरबार में पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए आयोजित होने वाला यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्वाह्न 10:30 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में टिहरी राजपरिवार के प्रतिनिधि, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी, राजपुरोहित, धर्माचार्य एवं पंचांग गणना करने वाले विद्वान शामिल होंगे। वैदिक मंत्रोच्चार और पंचांग के आधार पर शुभ तिथि और समय की घोषणा की जाएगी। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। इसके साथ ही प्रशासन, मंदिर समिति और पर्यटन विभाग की तैयारियां भी तेज हो जाती हैं।

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के लिए बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में कपाट खुलने की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। गौरतलब है कि परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल में बंद रहते हैं और बसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त तय कर ग्रीष्मकालीन यात्रा का मार्ग प्रशस्त किया जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक द्दष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।