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‘शक्ति की सप्तधारा’ से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे: शिवराज सिंह

‘शक्ति की सप्तधारा’ से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे: शिवराज सिंह

 केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘शक्ति की सप्तधारा’ संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे तंत्र को विकसित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्ता, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात पर विशेष ध्यान देना होगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासामी समेत चारों विभागों के सचिव, अधिकारी, कर्मचारी, वैज्ञानिक, किसान, लखपति दीदियां, फूड प्रोसेसर, निर्यातक और एफपीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कृषि और फूड प्रोसेसिंग को बताया सप्तधारा की महत्वपूर्ण शक्ति

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का स्पष्ट मार्ग देश के सामने रखा है। कृषि और फूड प्रोसेसिंग इस सप्तधारा की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। भारत को उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और वैश्विक मानकों के अनुरूप कृषि उत्पाद तैयार करने होंगे, ताकि भारतीय किसानों के उत्पाद दुनिया के बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे परिवार का सामूहिक संकल्प है। किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और किसान उत्पादक संगठन इस अभियान के समान भागीदार हैं।

राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को स्थान देने और कर्तव्य को अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया है। सरकारी सेवा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश और जनता की सेवा का संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने विभागों के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, ठोस रोडमैप तैयार करने और पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं परिश्रम के साथ उसे लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प तभी पूरे होंगे, जब सभी उन्हें अपना संकल्प मानकर काम करेंगे।

खेत से वैश्विक बाजार तक किसानों की उपज पहुंचाने पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि को खेत से वैश्विक बाजार तक जोड़ना समय की आवश्यकता है। भारत में मिर्च, मसाले, फल, फूल, पारंपरिक खाद्य उत्पाद और विभिन्न कृषि उपजों की बड़ी विविधता है। गुणवत्ता में सुधार, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के माध्यम से किसानों की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसान, प्रोसेसर और निर्यातक एक-दूसरे से जुड़े हैं और इन सभी को एक मंच पर लाकर समन्वित तरीके से काम करना होगा। प्राकृतिक, जैविक और रसायन-मुक्त खेती से तैयार उत्पादों की देश और दुनिया में मांग बढ़ रही है। किसानों को इसके लिए तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार की जानकारी और बेहतर प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

राष्ट्रीय से लेकर जिला स्तर तक कृषि रोडमैप

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के साथ प्रत्येक राज्य और जिले के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जलवायु, मिट्टी, पानी और फसल की परिस्थितियां अलग हैं। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की योजनाएं तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के बाजार में किस फसल की कितनी मांग है, इसका वैज्ञानिक आकलन जरूरी है। इसी आधार पर किसानों को उपयुक्त फसलों, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक कृषि पद्धतियों के लिए प्रेरित किया जा सकता है। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य सरकारों और अन्य संस्थानों को मिलकर नई तकनीक किसानों तक पहुंचानी होगी।

तकनीक और एआई से बढ़ेगी कृषि उत्पादकता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तकनीक, मशीनीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बेहतर बीज और आधुनिक कृषि पद्धतियों का इस्तेमाल बढ़ाकर उत्पादन और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जा सकती हैं। कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक नवाचार और तकनीकी समाधान किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप होने चाहिए।

उत्पादन बढ़े, लागत घटे और उचित मूल्य मिले

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की प्राथमिकता उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना, गुणवत्ता सुधारना और किसानों को उचित मूल्य दिलाना है। किसानों को मौसम, बाजार और उत्पादन से जुड़ी सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, सिंचाई, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि आधारित आय के अन्य साधनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने एकीकृत कृषि प्रणाली और स्थानीय संसाधनों पर आधारित मॉडल विकसित करने की आवश्यकता बताई।

छह करोड़ लखपति दीदियों का नया लक्ष्य

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लखपति दीदी योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए चौहान ने कहा कि तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ नई लखपति दीदियों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार और उद्यमिता के अवसर दिए जा रहे हैं।

‘शी-मार्ट’ और ब्रांडिंग को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘शी-मार्ट’ और ब्रांडिंग जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा। हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, आयुर्वेदिक सामग्री, पारंपरिक वस्तुओं और अन्य उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे परिवार, गांव और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना विकसित भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण शर्त है।

विकसित भारत के लिए विकसित गांव जरूरी

चौहान ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण विकसित गांवों के बिना संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकान, सड़क, जल संरक्षण, रोजगार, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और कृषि आधारित गतिविधियों को गति दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयों के साथ-साथ क्षेत्र में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। जल सुरक्षा, नदियों के पुनर्जीवन, भूमि संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं को भी तेजी से लागू करना होगा।

सफलता के चार सूत्र बताए

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए सफलता के चार सूत्र बताए- ‘पांव में चक्कर, मुंह में शक्कर, सीने में आग और माथे पर बर्फ।’ उन्होंने कहा कि ‘पांव में चक्कर’ का अर्थ लगातार चलते रहना और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में जाकर काम की समीक्षा करना है। ‘मुंह में शक्कर’ का अर्थ सहयोगियों और आम लोगों के साथ मधुर व्यवहार करते हुए मजबूत टीम बनाना है। ‘सीने में आग’ लक्ष्य हासिल करने के जुनून और जज्बे का प्रतीक है, जबकि ‘माथे पर बर्फ’ कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है।

किसान, वैज्ञानिक और निर्यातक मिलकर बनाएंगे आत्मनिर्भर भारत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा। किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, एफपीओ और स्वयं सहायता समूह इस पूरी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार अनुसंधान और तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने चाहिए। खेत से बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला मजबूत होने से किसानों को बेहतर आय और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलेंगे।

किसानों और लखपति दीदियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में किसानों, लखपति दीदियों, निर्यातकों और एफपीओ सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए। ललिता ने लखपति दीदी और महिला सशक्तिकरण से जुड़े अनुभव रखे। विनोद कुमार सैनी ने कृषि उत्पादन, तकनीक और बाजार से जुड़े विषयों पर विचार रखे। मुकेश जैन ने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सुझाव दिए, जबकि प्रफुल्ल गोस्वामी ने एफपीओ और किसानों को बाजार से जोड़ने के संबंध में अपने विचार साझा किए।

चारों विभागों ने रखा रोडमैप

कार्यक्रम में चारों विभागों के सचिवों ने अपने विभागों का रोडमैप और प्राथमिकताएं प्रस्तुत कीं। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने कृषि अनुसंधान, नई तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार पर विचार रखे। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्र ने कृषि उत्पादन, किसानों की आय और गुणवत्ता सुधार से जुड़े विषयों पर बात रखी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने लखपति दीदी योजना, ग्रामीण आजीविका और विकसित गांवों से जुड़ी प्राथमिकताएं साझा कीं। भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने भूमि संरक्षण, जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विचार रखे।

‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित लोगों को सामूहिक संकल्प दिलाया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण और सामर्थ्य के साथ काम करेंगे। संकल्प में कृषि को समृद्ध बनाने, खाद्य उत्पादन को सशक्त करने, खाद्य प्रसंस्करण को व्यापक बनाने, भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने, किसानों की आय बढ़ाने और उनकी मेहनत को सम्मान दिलाने का संकल्प लिया गया।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसे संकल्प, सामर्थ्य और सफलता में बदलना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े सभी लोग मिलकर भारत को समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

विकसित भारत के लिए जल्द बनेगी बैंकिंग सुधारों पर उच्च-स्तरीय समिति: निर्मला सीतारामन

विकसित भारत के लिए जल्द बनेगी बैंकिंग सुधारों पर उच्च-स्तरीय समिति: निर्मला सीतारामन

 वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की ओर से आयोजित दो दिवसीय पीएसबी कॉन्फ्लुएंस 2026 के पहले दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों (पीएफआई), सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों ने बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। पहले दिन जमा जुटाना, युवाओं के लिए बैंकिंग, निवेश चक्र का समर्थन करना और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) चार प्रमुख विषय रहे।

बैंकिंग सुधारों पर जल्द बनेगी उच्च-स्तरीय समिति

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारामन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लिए बैंकिंग सुधारों पर उच्च-स्तरीय समिति की घोषणा जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और बैंकों से मिलने वाले निष्कर्ष प्रस्तावित समिति के लिए ठोस सुझाव उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।

ऐतिहासिक रूप से कम एनपीए से मजबूत स्थिति

सीतारामन ने बैंकिंग क्षेत्र, वित्तीय समावेशन और ऋण प्रवाह को आगे बढ़ाने के लिए सम्मेलन में चुने गए विषयों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से निम्न गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का स्तर बैंकिंग क्षेत्र को सुधारों के अगले चरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करता है।

युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप हो बैंकिंग

‘युवाओं के लिए बैंकिंग’ विषय पर वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग के भविष्य में भारत के युवाओं की आकांक्षाओं की झलक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की 29% आबादी 15 से 29 वर्ष की आयु के बीच है, इसलिए बैंकिंग सेवाओं और उत्पादों को युवाओं की वित्तीय जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप विकसित करना महत्वपूर्ण है।

सात विषयों पर रणनीति तैयार करने का लक्ष्य

सम्मेलन को सात प्रमुख विषयों के आधार पर संरचित किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक समाधान और रणनीतियां तैयार करना है, जिन्हें आगे लागू किया जा सके और विभिन्न संस्थानों में विस्तार दिया जा सके। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने, सफल कार्यप्रणालियों से सीखने और सामूहिक अनुभव के माध्यम से आर्थिक विकास के अगले चरण को समर्थन देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पहले दिन चार विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा

पहले दिन सात में से चार विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इनमें जमा जुटाना, युवाओं के लिए बैंकिंग, निवेश चक्र का समर्थन करना और वैश्विक क्षमता केंद्र शामिल रहे। चर्चा में ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव के माध्यम से जमा आधार मजबूत करने, युवाओं के लिए बेहतर बैंकिंग प्रस्ताव तैयार करने, बदलते निवेश चक्र के लिए वित्तपोषण समाधान विकसित करने और बढ़ते जीसीसी इकोसिस्टम में अवसरों का लाभ उठाने के उपायों पर मंथन किया गया।

निवेश और जीसीसी पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

निवेश चक्र के समर्थन पर जेएसडब्ल्यू के समूह मुख्य अधिकारी शेषगिरी राव एमवीएस ने अपने विचार रखे। वहीं, जीसीसी उद्यम परिवर्तन विशेषज्ञ तनाय केडियाल ने बदलते वैश्विक क्षमता केंद्र इकोसिस्टम और इससे जुड़े अवसरों पर चर्चा की।

एमवाई भारत के जरिए युवाओं तक पहुंच पर जोर

युवाओं के लिए बैंकिंग विषय पर चर्चा के दौरान युवा मामलों और खेल मंत्रालय के युवा मामलों के विभाग के राष्ट्रीय मंच ‘मेरा युवा भारत’ (एमवाई भारत) के जरिए व्यापक युवा सहभागिता की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। एमवाई भारत की सीईओ प्रियंका शुक्ला ने युवा संपर्क और वित्तीय जागरूकता बढ़ाने को लेकर अपने विचार साझा किए।

युवाओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने की संभावना

26 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं और व्यापक संपर्क नेटवर्क वाला एमवाई भारत युवाओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में उपयोगी मंच बन सकता है। इसके माध्यम से शिक्षा वित्त, उद्यमिता, इंटर्नशिप और वित्तीय क्षेत्र में करियर से जुड़े अवसरों के बारे में युवाओं की जागरूकता बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

दूसरे दिन तीन विषयों पर होगा मंथन

सम्मेलन के दूसरे दिन कृषि और बागवानी मूल्य श्रृंखला अवसंरचना, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण और क्रेडिट कार्ड कारोबार की पुनर्कल्पना जैसे तीन शेष विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद सभी सात विषयगत समूहों से सामने आने वाली व्यावहारिक रणनीतियों और नवीन समाधानों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

विकसित भारत के लिए बैंकिंग क्षेत्र को तैयार करने की पहल

पीएसबी कॉन्फ्लुएंस 2026 सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है। सम्मेलन का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र की अब तक की प्रगति को आगे बढ़ाना, संस्थागत क्षमताओं और प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना तथा उभरते अवसरों के लिए वित्तीय संस्थानों को तैयार करना है, ताकि वे भारत की बढ़ती विकास आकांक्षाओं और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में प्रभावी योगदान दे सकें।

भारत आज नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की करेगा मेजबानी

भारत आज नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की करेगा मेजबानी

 भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करने के तहत आज मंगलवार को नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा, जिसमें पर्यावरण सहयोग, जलवायु लचीलापन और सतत विकास एजेंडा प्रमुखता से शामिल होंगे।

इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे। इससे पहले ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की पर्यावरण कार्य समूह की बैठक और जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर संपर्क समूह की बैठकें होंगी।

ये चर्चाएं भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के व्यापक विषय, “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के अंतर्गत आयोजित की जाएंगी। उम्मीद है कि यह बैठक ब्रिक्स सदस्य देशों को पर्यावरण संबंधी गंभीर चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान करने, आम सहमति बनाने और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह के अंतर्गत केंद्रित भागीदारी के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना, वनरोपण, वन-अग्नि प्रबंधन और आपदा से निपटने की क्षमता, चक्रीय अर्थव्यवस्था और अनुकूलन शामिल हैं।

इन प्राथमिकताओं में पर्यावरण संरक्षण को सतत विकास और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलेपन से जोड़ने पर भारत का जोर झलकता है। उम्मीद है कि इन चर्चाओं से ब्रिक्स देशों के बीच नीतियों, प्रौद्योगिकियों, अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत हो रही इस बैठक का खास महत्त्व है। भारत इस मंच का इस्तेमाल विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए करना चाहता है। एजेंडे में जलवायु अनुकूलन, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, संसाधन दक्षता और आपदा प्रतिरोधक क्षमता जैसे विषय शामिल हैं।

मंत्रिस्तरीय विचार-विमर्श से वरिष्ठ अधिकारियों और कार्य समूहों के बीच चल रही चर्चाओं को आगे बढ़ाने और भारत की 2026 की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स के पर्यावरण एजेंडे को मजबूत करने की उम्मीद है।

इससे पहले सोमवार को, भारत ने बताया था कि ब्रिक्स गठबंधन एक आर्थिक संवाद से आगे बढ़कर पर्यावरण के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों के प्रति अपने दृष्टिकोण को परिभाषित करने के लिए एक तेजी से प्रभावशाली मंच के रूप में विकसित हो गया है, जिसमें बढ़ते प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे शामिल हैं।

भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह-वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने की, जिसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित ब्रिक्स सदस्य देशों ने भाग लिया। 

मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंगलवार को सुभाषित शेयर किया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने एक श्लोक, “उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्। अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥” साझा किया है। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए। सच्चा पुरुषार्थ और पराक्रम इसी में है कि व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता न करे, बल्कि सत्य, धैर्य और आत्मगौरव के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहे।

बीते दिन सोमवार को प्रधानमंत्री की ओर से सुभाषित शेयर करते हुए लिखा गया था, “सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है। यही भावना भारत की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव है।” उन्होंने एक श्लोक, “समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः। समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥” भी साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि हम सबके संकल्प एक समान होने चाहिए, हमारे मन एकता के भाव से जुड़े होने चाहिए, जिससे हम सभी परस्पर सहयोग तथा समान व्यवहार के साथ समाज की उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।

इससे पहले प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर 14 अगस्त को सुभाषित शेयर किया गया था। तब उन्होंने लिखा था, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।”

पीएम ने एक श्लोक, “उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः। कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥” भी साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि परिश्रम, उद्यम और पुरुषार्थ से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसलिए, मनुष्य को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

आतंकी गुट शहजाद भट्टी नेटवर्क का खात्मा, 200 से अधिक दहशतगर्द गिरफ्तार : अमित शाह

आतंकी गुट शहजाद भट्टी नेटवर्क का खात्मा, 200 से अधिक दहशतगर्द गिरफ्तार : अमित शाह

 नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले आईएसआई समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी बहु-राज्यीय कार्रवाई कर इस आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सीमा-पार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत 14 राज्यों में 253 लोग हिरासत में लिए गए हैं और नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआईआर और 200 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘एक्स पर पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आईएसआई समर्थित आतंकी समूह ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क को खत्म कर दिया और संगठन के 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार कर उसके खतरनाक हमलों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगह पर एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया, जो आतंकवाद के प्रति भारत की ‘जीरो-टॉलरेंस नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है।

अमित शाह ने कहा, “आईएसआई से फंड पाने वाले इस गुट के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें आईडी, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल थे। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।”

शाहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान स्थित आईएसआई द्वारा समर्थित आतंकी सिंडिकेट है, जो भारत में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम हमलों तथा टारगेटेड किलिंग में शामिल है। एसबीएन स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था और जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाता था।

स्वतंत्रता दिवस के आसपास एसबीएन से जुड़ी संभावित गड़बडिय़ों aको रोकने के लिए 12 अगस्त को राज्य पुलिस बलों के साथ रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने वाली प्रणाली के जरिए समन्वित बहु-राज्यीय अभियान चलाया गया। इसमें 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। उत्तर प्रदेश (62), हरियाणा (52), दिल्ली (51), पंजाब (44), राजस्थान (15), महाराष्ट्र (8), उत्तराखंड (5), कर्नाटक, गुजरात और बिहार (3-3) तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल(2-2) को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, दिल्ली और कर्नाटक में नई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।

अब तक शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआईआर और 200 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले यूएपीए, बीएनएस, आम्र्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज हैं। आईईडी , पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्टल, जिंदा कारतूस और जासूसी वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद हुए हैं। इससे नेटवर्क के सीधे सीमा-पार संबंध की पुष्टि होती है।

क्या महाराष्ट्र छोड़ दिल्ली की राजनीति में आएंगे सीएम देवेंद्र फडणवीस?अटकलें तेज

क्या महाराष्ट्र छोड़ दिल्ली की राजनीति में आएंगे सीएम देवेंद्र फडणवीस?अटकलें तेज

 नई दिल्ली। देश की सियासी गलियारों में इन दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल और भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन को लेकर हलचलें तेज हैं। इसी सियासी सरगर्मी के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बेहद अहम मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में यह अटकलें तेजी से तैरने लगीं कि क्या फडणवीस महाराष्ट्र की गद्दी छोड़कर केंद्र सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। हालांकि, इन तमाम चर्चाओं और कयासों पर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद बेबाक अंदाज में विराम लगाते हुए अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रीय राजनीति में जाने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि चाहे वे दिल्ली में रहें या मुंबई में, कुछ लोग हमेशा अटकलें लगाने में व्यस्त रहते हैं। फडणवीस ने कहा कि ऐसा लगता है कि कई लोगों के पास करने के लिए कोई काम नहीं है, इसलिए उन्हें मेरे नाम पर चर्चा करने में आनंद आता है, लिहाजा उन्हें मजे लेने देने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में दोहराया कि कई लोगों को भले ही लगता हो कि मुझे दिल्ली जाना चाहिए, लेकिन मैं सभी से यही कहना चाहता हूं कि मैं मुंबई में ही हूं और महाराष्ट्र की जनता व प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाता रहूंगा।

अपने दिल्ली दौरे के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह से महाराष्ट्र के विकास कार्यों और रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए थी। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान राज्य की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं, औद्योगिक विकास की संभावनाओं और केंद्र स्तर पर लंबित आवश्यक मंजूरियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि वे अभी बैठक से बाहर निकले हैं और पूरी सूची नहीं देख पाए हैं, लेकिन यदि उसमें महाराष्ट्र के नेताओं को स्थान मिला है तो यह राज्य के लिए बेहद खुशी की बात है

दरअसल, संसद के मॉनसून सत्र के समाप्त होते ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं चरम पर हैं। हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन के इस्तीफों के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कई अहम पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा नितिन नवीन की नई टीम में कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपे जाने और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले द्वारा शरद पवार गुट के सरकार में शामिल होने के संकेतों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। सबसे पहले शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि फडणवीस को केंद्र में लाया जा सकता है, लेकिन फडणवीस के ताजा बयान ने अब इन तमाम सियासी कयासों पर पूरी तरह से पूर्णविराम लगा दिया है।

BREAKING : BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, नितिन नबीन ने नए पदाधिकारियों के नामों का किया ऐलान

BREAKING : BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, नितिन नबीन ने नए पदाधिकारियों के नामों का किया ऐलान

 नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की है। नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।

वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा, तारिक मंसूर और मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

वहीं विनोद तावड़े और स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिवों में शामिल किया गया है। पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन ने जनवरी 2026 में पदभार संभाला था।

टीम में छत्तीसगढ़ को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिसमें महासमुंद सांसद रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, वहीं दीपक महस्के को सोशल मीडिया का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है।

मोर्चों की जिम्मेदारी

युवा मोर्चा: डॉ. तेजांग जोशी — गुजरात

महिला मोर्चा: रूप कुमारी चौधरी — छत्तीसगढ़

OBC मोर्चा: अमरपाल मौर्य — उत्तर प्रदेश

किसान मोर्चा: बंसीलाल गुर्जर — मध्य प्रदेश

SC मोर्चा: शिवेश कुमार राम — बिहार

ST मोर्चा: डॉ. मन्नालाल रावत — राजस्थान

अल्पसंख्यक मोर्चा: कुंवर बासित अली — उत्तर प्रदेश

  

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भीषण भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भीषण भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत

बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में करंट की अफवाह के बाद टूटी बैरिकेडिंग, मची चीख-पुकार

बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर (इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर) में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के महासंयोग पर भीषण भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह दर्दनाक हादसा आज सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच मंदिर के बाहरी परिसर में उस समय हुआ जब अचानक उमड़ी भारी भीड़ के कारण बैरिकेडिंग टूट गई और बिजली का तार गिरने से करंट फैलने की अफवाह उड़ गई। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भीषण भगदड़: 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत, दर्जनों घायल

पवित्र सावन मास के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन अवसर पर बिहार के लखीसराय जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के सुप्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, जिसे आम बोलचाल में ‘अशोकधाम मंदिर’ कहा जाता है, में सोमवार की सुबह तड़के जलाभिषेक के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस हादसे में 12 से अधिक कांवड़िए और श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में सभी महिलाएं बताई जा रही हैं, जो बाबा भोलेनाथ पर जल अर्पित करने के लिए कतार में खड़ी थीं।

कैसे हुआ हादसा: दो ट्रेनों का ठहराव और करंट की अफवाह

लखीसराय के जिला अधिकारी (डीएम) शैलेंद्र कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) शिवम कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात से ही मंदिर परिसर में करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। सुबह करीब 6:30 बजे से 6:45 बजे के बीच अशोकधाम हॉल्ट स्टेशन पर दो पैसेंजर ट्रेनें एक साथ आकर रुकीं। इन ट्रेनों से उतरे हजारों श्रद्धालु एक साथ मंदिर की ओर बढ़े, जिससे बाहरी परिसर में अचानक से भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। इसी दौरान, कतार के पास रास्ते में पहले से गिरे एक बिजली के पोल या टूटे हुए तार को लेकर भीड़ के बीच अचानक यह अफवाह फैल गई कि “गिरे हुए पोल में करंट आ गया है”। करंट फैलने की इस अफवाह के कारण कांवरियों और श्रद्धालुओं में अचानक चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

बैरिकेडिंग टूटी और एक-दूसरे पर गिरती चली गईं महिलाएं

अचानक मची इस अफरा-तफरी के कारण खेत की तरफ बांस-बल्ले से बनाई गई सुरक्षा बैरिकेडिंग भीड़ का दबाव नहीं झेल सकी और टूट गई। बैरिकेडिंग टूटते ही बाईं तरफ लगी महिलाओं की कतार में शामिल श्रद्धालु असंतुलित होकर एक-दूसरे के ऊपर गिरती चली गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते 20 से 25 महिलाएं भीड़ के पैरों के नीचे दब गईं और दम घुटने के कारण कई महिलाएं मौके पर ही बेहोश हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रेरणा कुमार मंदिर परिसर पहुंचीं और मोर्चा संभाला।

अस्पताल में चीख-पुकार, राहत कार्य जारी

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर मौजूद एम्बुलेंस, बाइक एम्बुलेंस और ऑटो एम्बुलेंस की मदद से पीड़ितों को लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल परिसर में इस समय चीख-पुकार मची हुई है और घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। DM शैलेंद्र कुमार खुद अस्पताल में मौजूद रहकर घायलों के इलाज की निगरानी कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लखीसराय के अशोकधाम में हुई इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सभी घायलों का मुफ्त और त्वरित बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) देने की घोषणा की है।फिलहाल मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि हादसे के सही कारणों और सुरक्षा में हुई चूक का पता लगाया जा सके।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, CM योगी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, CM योगी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

 Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। 16 अगस्त 2018 को निधन के बाद आज उनकी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया और उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को नमन किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने विचारों, मर्यादित आचरण और कर्मठ जीवन के जरिए भारतीय लोकतंत्र में शुचिता और राजनीति में नैतिकता के उच्च मानक स्थापित किए। योगी ने उनके जीवन को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का उदाहरण बताया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए उन्हें राष्ट्रवादी चिंतक, प्रखर वक्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा, सुशासन, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति अटल जी का समर्पण हमेशा देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का मजबूत प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी का विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रहित के प्रति समर्पण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने विचार और सिद्धांत आधारित राजनीति के उच्च मानक स्थापित किए। उनके नेतृत्व में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों को देश के सामर्थ्य और राष्ट्रहित से जोड़ते हुए उन्होंने उनके योगदान को याद किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अटल जी को राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीति में शुचिता का आदर्श बताया। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें भारतीय राजनीति का अजातशत्रु और कुशल राजनीतिज्ञ बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे और अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व शैली, लोकतांत्रिक सोच तथा राजनीतिक निर्णयों के लिए जाने जाते थे। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों और योगदान को याद किया।

रहेगी।

Independence Day: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को किया संबोधित

Independence Day: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को किया संबोधित

 नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। लाल किले पर आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महान सपूतों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज हर घर तिरंगा और हर मन तिरंगा है। देश नए उत्साह और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति और संकल्प के सामने इस लक्ष्य को हासिल करना असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने वाला नहीं है, बल्कि बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने पिछले एक दशक में देश में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने विकास की गति तेज की है। उनके मुताबिक, 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है और देश की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल व्यवस्था और उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ है।

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण को लेकर कहा कि जिस काम को पूरा करने में दशकों लग गए, उसे पिछले एक दशक में तेज गति से पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शुरू होने के करीब 90 वर्षों में लगभग 30 प्रतिशत नेटवर्क ही विद्युतीकृत हुआ था, जबकि पिछले 10 वर्षों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।

उन्होंने कहा कि इससे डीजल पर निर्भरता कम हुई है और पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है।

गैस कनेक्शन से डिजिटल ट्रांजेक्शन तक उपलब्धियां गिनाईं

पीएम मोदी ने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में पाइप से गैस पहुंचाने वाले शहरों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले करीब 70 शहरों में पाइप गैस की सुविधा थी, जबकि अब यह सुविधा करीब 700 शहरों तक पहुंच चुकी है।

उन्होंने इंटरनेट उपयोग, पेटेंट, डिजिटल ट्रांजेक्शन, नल से जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन, गरीबों के लिए शौचालय और आवास निर्माण में हुई प्रगति का भी जिक्र किया।

डिफेंस प्रोडक्शन और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत के रक्षा उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल फोन उत्पादन और आधुनिक रेलवे कोच निर्माण में भी देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

ऊर्जा सुरक्षा पर भी बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि चिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख किया।

उन्होंने समुद्री क्षेत्र को लेकर भी कहा कि देश के समुद्री तट के बड़े हिस्से को पहले नो-गो एरिया घोषित किया गया था, लेकिन अब संसाधनों के इस्तेमाल और विकास की दिशा में नए कदम उठाए गए हैं।

बाढ़ और भूस्खलन पीड़ितों के साथ खड़ा है देश

प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने इस आपदा में अपना नुकसान झेला है, उनके दुख को देश समझता है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम् की धुन

इस स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक खास बात यह रही कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की धुन और सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में हर दिल वंदे मातरम् के भाव से गूंज रहा है।

उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत को अपने संकल्प, सामर्थ्य और बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ना है।

 
 
राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन, परीक्षा सुधार से ऑपरेशन सिंदूर और नक्सलवाद तक कई मुद्दों पर रखी बात

राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन, परीक्षा सुधार से ऑपरेशन सिंदूर और नक्सलवाद तक कई मुद्दों पर रखी बात

 नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। अपने संदेश में उन्होंने देश की उपलब्धियों, युवाओं के भविष्य, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा, ऑपरेशन सिंदूर, नक्सलवाद के खात्मे और विकसित भारत के लक्ष्य जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

राष्ट्रपति ने सबसे पहले देशवासियों और विशेष रूप से पारसी समुदाय को नवरोज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरोज नई शुरुआत और नई उम्मीद का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह पर्व सभी नागरिकों को समावेशी और विकसित भारत के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने भारत के विकास में पारसी समुदाय के योगदान की भी सराहना की।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने सार्वजनिक परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य अनुचित साधनों पर रोक लगाना और युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ समाज की भी है।

युवा देश की बड़ी ताकत

राष्ट्रपति ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आज युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के मजबूत भविष्य के लिए जरूरी बताया।

 

राष्ट्रपति ने खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल युवाओं के विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की सराहना

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सटीक कार्रवाई करने की क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वे कहीं भी छिप जाएं, उन्हें अपने किए की सजा भुगतनी होगी। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ को भी याद किया।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को बड़ी उपलब्धि बताया

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने एक बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

राष्ट्रपति ने बस्तर ओलिंपिक और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों का भी जिक्र किया और कहा कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की भागीदारी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।

सभी को समय पर न्याय मिलने पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने न्याय व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने न्यायपालिका और उससे जुड़े सभी पक्षों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि आर्थिक या सामाजिक संसाधनों की कमी के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से वंचित वर्गों को सम्मान के साथ समय पर न्याय उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ की भूमिका को याद किया। उन्होंने इसे देशवासियों को एकजुट करने और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में ऊर्जा भरने वाला गीत बताया।

15 अगस्त पर लाल किले में क्या-क्या होगा? ध्वजारोहण से 21 तोपों की सलामी तक, जानिए पूरा कार्यक्रम

15 अगस्त पर लाल किले में क्या-क्या होगा? ध्वजारोहण से 21 तोपों की सलामी तक, जानिए पूरा कार्यक्रम

 नई दिल्ली- देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस वर्ष के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और ‘विकसित भारत @2047 में युवा शक्ति की भूमिका’ पर विशेष जोर रहेगा।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण, 21 तोपों की सलामी, वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से पुष्पवर्षा और प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन प्रमुख आकर्षण होंगे। इस बार करीब 5,000 विशेष अतिथियों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है।

लाल किले पर पहुंचते ही PM का भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री को सलामी स्थल तक ले जाया जाएगा, जहां इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी उन्हें जनरल सलामी देगी।

इसके बाद प्रधानमंत्री चारों सेनाओं और दिल्ली पुलिस की टुकड़ियों से बने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। गार्ड ऑफ ऑनर में थलसेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल होंगे।

तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी

गार्ड ऑफ ऑनर के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे। वहां सेना के वरिष्ठ अधिकारी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इस दौरान स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया जाएगा। यह पल स्वतंत्रता दिवस समारोह के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा।

पहली बार सामूहिक रूप से गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

इस साल के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष महत्व दिया गया है। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गीत की धुन बजाई जाएगी और समारोह में मौजूद लोग सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे।

इसके बाद राष्ट्रगान होगा। इस मौके पर भारतीय सेना का बैंड भी अपनी प्रस्तुति देगा।

आसमान से होगी फूलों की बारिश

ध्वजारोहण के साथ ही भारतीय वायुसेना के दो MI-17 हेलिकॉप्टर समारोह स्थल के ऊपर से उड़ान भरेंगे और पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलिकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा ध्वज लेकर उड़ेगा।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे।

PM के भाषण के बाद भी होगा खास कार्यक्रम

प्रधानमंत्री के संबोधन के समापन के बाद NCC कैडेट्स और MY Bharat वॉलंटियर्स मिलकर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का औपचारिक समापन होगा।

इस साल करीब 2,500 NCC कैडेट्स और MY Bharat वॉलंटियर्स समारोह में हिस्सा लेंगे। उन्हें लाल किले के सामने ज्ञानपथ पर बैठाया जाएगा। यहां ‘विकसित भारत @2047’ की थीम को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

5 हजार खास मेहमान बनेंगे समारोह का हिस्सा

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें किसान, महिला उद्यमी, युवा इनोवेटर्स, वैज्ञानिक, स्टार्टअप से जुड़े लोग, स्वच्छता कर्मी, नर्सिंग स्टाफ, टैक्सी-कैब ड्राइवर, कारीगर और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।

अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में आए 1,500 से अधिक लोगों को भी समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

VIP कल्चर से अलग होगा बैठने का इंतजाम

इस बार बैठने वाले घेरों को VIP नामों के बजाय देश की प्रमुख झीलों के नाम दिए गए हैं। इसका उद्देश्य समारोह में आमंत्रित लोगों के बीच समानता और अलग तरह का संदेश देना है।

मेहमानों की सुविधा के लिए क्लोक रूम, वॉलंटियर्स और व्हीलचेयर सहायता की भी व्यवस्था की गई है। मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में भी NCC कैडेट्स लोगों की मदद के लिए तैनात रहेंगे।

सुबह 4 बजे से चलेगी दिल्ली मेट्रो

15 अगस्त को लोगों की सुविधा को देखते हुए दिल्ली मेट्रो सेवा सुबह 4 बजे से शुरू की जाएगी। आमंत्रित मेहमानों के लिए मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा रहेगी और ई-निमंत्रण के साथ QR कोड भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पार्किंग और पैदल आवाजाही को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौसम को देखते हुए समारोह स्थल पर रेन पोंचो की व्यवस्था भी की गई है।

समारोह खत्म होते ही शुरू होगा सफाई अभियान

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लाल किले और आसपास के क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। NCC कैडेट्स और MY Bharat वॉलंटियर्स की मदद से प्लॉगिंग और कचरा हटाने का काम किया जाएगा।

बारिश की संभावना को देखते हुए लाल किले और आसपास की ड्रेनेज व्यवस्था को भी पहले से दुरुस्त किया जा रहा है।

यानी 15 अगस्त का समारोह सिर्फ ध्वजारोहण और प्रधानमंत्री के भाषण तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और ‘विकसित भारत @2047’ की थीम के साथ युवा शक्ति को केंद्र में रखकर स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम खास बनाने की तैयारी है।

चमोली टनल हादसा: छत्तीसगढ़ के दो मजदूर समेत 7 की मौत, 12 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी

चमोली टनल हादसा: छत्तीसगढ़ के दो मजदूर समेत 7 की मौत, 12 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी

  उत्तराखंड। चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किमी लंबी टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड के बाद पानी रिसने लगा। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर के मुताबिक मलबा और पानी भरने से अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चलता रहा। जिनमें से 19 को अब तक बचा लिया गया है। घायलों का इलाज गोपेश्वर, पिपलकोटी और श्रीनगर के अस्पतालों में चल रहा है।  हादसे में 7 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

मृतकों की सूची

1. प्रदीप पंवार — टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड

2. मुकेश सिंह — चमोली, उत्तराखंड

3. दुर्लभ शर्मा — उत्तर प्रदेश

4. विजय हंसदा — उत्तर प्रदेश

5. जितेंद्र कुमार — उत्तर प्रदेश

6. लोकेश्वर — छत्तीसगढ़

7. भुनेश्वर — छत्तीसगढ़

घायलों की सूची

1. सुनील दीवान — छत्तीसगढ़

2. हरविल गुड़िया — तपरा

3. निस्तर भिंगरा — झारखंड

4. विनोद रावना — झारखंड

5. दीना बेगरा — झारखंड

6. खेला राम बिसरा — झारखंड

7. सुबोग सिंह — पंजाब

8. तिलकराज — हिमाचल प्रदेश

9. चंदन कुमार — रोहतास, बिहार

10. पेन सिंह — छत्तीसगढ़

11. रोहित पांडे — बिहार

12. गोविन्दो मंडल — वेस्ट बंगाल

शाम 7 बजे हादसा, पानी रिसने के साथ लैंडस्लाइड

अधिकारियों के मुताबिक हादसा गुरुवार 13 अगस्त को शाम करीब 7 बजे हुआ। पीपलकोटी के मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में पानी का रिसाव और भू-स्खलन हुआ। वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए। टनल के अंदर पानी और मलबा भरने के कारण फंसे मजदूरों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। बचाव दल लगातार अंदर पहुंचकर मजदूरों को बाहर निकालने में जुटे हैं।

रेस्क्यू में सेना और ITBP की टीमें भी लगीं

जिलाधिकारी गौरव कुमारबचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। रात 9 बजे तक 22 पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ के 27, एसडीआरएफ के 42, डीआरएफ के 4 और फायर सर्विस के 9 लोग मौके पर तैनात थे। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें गौचर और जोशीमठ से भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।

5 साल पहले हुआ था तपोवन टनल हादसा

7 फरवरी 2021 को तपोवन टनल में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। चमोली जिले में आई भीषण बाढ़ ने तपोवन-विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की सुरंगों को भारी मलबे और पानी से भर दिया था।
ऋषिगंगा नदी के ऊपरी कैचमेंट में एवलांच के बाद पानी और मलबे का सैलाब आया। इससे ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा। सैलाब ने NTPC की निर्माणाधीन 520 MW तपोवन-विष्णुगाड हाइड्रोपावर परियोजना को बुरी तरह प्रभावित किया।

सरकारी रिकॉर्ड में कुल 204 लोगों के लापता होने का आंकड़ा दर्ज हुआ। 23 मार्च 2021 तक 80 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे, जिनमें 16 तपोवन टनल से मिले थे। टनल से मिले कुछ शवों की मेडिकल जांच में डूबने के कारण दम घुटना बताया गया; शवों के फेफड़ों और पेट में पानी तथा मलबा मिला था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज बड़वानी में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज बड़वानी में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में होंगे शामिल

 जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में जन शिकायतों के निराकरण की करेंगे समीक्षा

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को बड़वानी में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री यहां कलेक्टरेट सभागृह में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आम जनता की विभिन्न शिकायतों और आवेदनों के निराकरण की गहन समीक्षा करेंगे।

इस संपूर्ण कार्यवाही का संचालन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान करना, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, निरंतर मॉनिटरिंग और लोक सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में प्रदान करना है।

जनसम्पर्क अधिकारी प्रियंका रानी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरलाय का निरीक्षण करेंगे। यहाँ वे जिले के पहले मैथ्स पार्क, आईसीटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब और स्मार्ट क्लास का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। साथ ही, जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में उद्यमियों, प्रगतिशील कृषको एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से संवाद भी करेंगे।

प्रगतिशील कृषको से मुख्यमंत्री करेंगे चर्चा

संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषकों से चर्चा करेंगे। साथ ही जिले में एचडीपीएस तकनीक से लगाये गये कपास की खेती, कस्टम हायरिंग सेंटर, एफपीओ, शासन की विभिन्न योजना से ऋण लेकर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने वाले हितग्राही, दुग्ध उत्पादन, निमाड़ी गायो के संरक्षण, मछली बीज एवं मछली पालन पर किसानों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान संगठनों के पदाधिकारियों से भी ई-टोकन व्यवस्था सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा करेंगे।

उद्यमियों से भी होगा संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव संवाद कार्यक्रम में जिले में खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्रो इण्डस्ट्रीज, कपास एवं जिनिंग उद्योग, रिन्यूएबल उर्जा, वेस्ट मैनेजमेंट, इको फ्रेण्डली उत्पाद, विनिर्माण एवं नवाचार, स्टार्ट-अप के क्षेत्र में कार्य करने वाले सफल उद्यमियों से उनके कार्यक्षेत्र के संबंध में विस्तार से संवाद करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रात: 11.45 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर आएंगे। यहां से वे 11.50 बजे हेलिकॉप्टर द्वारा बड़वानी के लिए रवाना होंगे। वे बड़वानी जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम 5.35 बजे प्रस्थान कर इंदौर एयरपोर्ट आएंगे। यहां से वे शाम 6.20 बजे वायुयान द्वारा भोपाल के लिए रवाना होंगे।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त कर रहा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान : अमित शाह

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त कर रहा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान : अमित शाह

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने देश के नागरिकों से अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और अपने घरों पर तिरंगा फहराकर देशभक्ति का जश्न मनाने की अपील की। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान देशवासियों के मन में राष्ट्रप्रेम और गौरव की भावना को मजबूत कर रहा है।

तिरंगा एकता और गौरव का प्रतीक

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि तिरंगा देश के प्रति गर्व और एकता की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि करोड़ों देशवासी तिरंगे के साथ जुड़कर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त कर रहे हैं।

देशवासियों से अभियान में शामिल होने की अपील

गृह मंत्री ने देश के हर नागरिक से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में लाखों अन्य लोगों के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति का जश्न मनाएं और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को मजबूत करें।

सेल्फी अपलोड करने का भी आग्रह

अमित शाह ने नागरिकों से अभियान के तहत तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी लेकर उसे harghartiranga.com पर अपलोड करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़कर राष्ट्रप्रेम की भावना को व्यापक स्तर पर मजबूत किया जा सकता है।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब देशभर में नागरिकों की भागीदारी का माध्यम बन गया है। तिरंगे के साथ जुड़कर करोड़ों देशवासी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से अभियान को जनभागीदारी का व्यापक रूप देने का आह्वान किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र को करेंगी संबोधित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र को करेंगी संबोधित

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज (शुक्रवार, 14 अगस्त 2026) राष्ट्र को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति का संबोधन शाम 7 बजे से आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा। दूरदर्शन के सभी चैनलों पर राष्ट्रपति का संबोधन पहले हिंदी और उसके बाद अंग्रेजी में प्रसारित होगा।

क्षेत्रीय भाषाओं में भी होगा प्रसारण

दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद उसके क्षेत्रीय चैनलों के माध्यम से राष्ट्रपति के संबोधन को क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा। इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग अपनी-अपनी भाषाओं में राष्ट्रपति का संदेश सुन सकेंगे।

आकाशवाणी पर रात 9:30 बजे क्षेत्रीय संस्करण

आकाशवाणी भी अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात 9:30 बजे राष्ट्रपति के संबोधन के क्षेत्रीय भाषा वाले संस्करण प्रसारित करेगा। इस तरह राष्ट्रपति का स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या का संदेश राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधन

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन देश के लिए महत्वपूर्ण संदेश माना जाता है। इस संबोधन में राष्ट्रपति देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रख सकती हैं।

शिवराज सिंह चौहान और प्रल्हाद जोशी आज पंजाब-हरियाणा दौरे पर, CBDC आधारित DBT की करेंगे शुरुआत

शिवराज सिंह चौहान और प्रल्हाद जोशी आज पंजाब-हरियाणा दौरे पर, CBDC आधारित DBT की करेंगे शुरुआत

 केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय शिक्षा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी 14 अगस्त को पंजाब और हरियाणा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा किसान संवाद और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के साइलो के निरीक्षण के जरिए खाद्यान्न भंडारण, गुणवत्ता प्रबंधन और सप्लाई चेन की भी समीक्षा होगी।

चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT की शुरुआत

शिवराज सिंह चौहान 14 अगस्त को सुबह दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। सुबह 11 बजे टैगोर थिएटर में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में वह CBDC आधारित DBT व्यवस्था का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में प्रल्हाद जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया भी कार्यक्रम में शामिल होंगी।

PDS में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर

CBDC आधारित DBT व्यवस्था का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अनाज और अन्य लाभों से जुड़े भुगतान को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है। डिजिटल करेंसी आधारित व्यवस्था के जरिए लाभार्थियों तक सरकारी सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया में तकनीकी पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

अजीजपुर में किसानों से सीधा संवाद

चंडीगढ़ कार्यक्रम के बाद दोनों केंद्रीय मंत्री दोपहर 2 बजे अजीजपुर गांव में किसानों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान किसानों से खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों, सरकारी योजनाओं और उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर सीधे फीडबैक लिया जाएगा। केंद्र सरकार का उद्देश्य किसानों से मिले फीडबैक के आधार पर नीतियों और योजनाओं को अधिक व्यावहारिक एवं किसान-केंद्रित बनाना है।

हर राज्य में किसानों से संवाद पर जोर

शिवराज सिंह चौहान अपने विभिन्न राज्यों के दौरों के दौरान किसानों से सीधे संवाद करते रहे हैं। इस दौरान किसानों की स्थानीय जरूरतों, कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। अजीजपुर में होने वाले संवाद को भी इसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है।

धांड में FCI साइलो का निरीक्षण

दोपहर 4:30 बजे केंद्रीय मंत्री हरियाणा के कैथल जिले के धांड स्थित भारतीय खाद्य निगम (FCI) के साइलो का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान खाद्यान्न भंडारण क्षमता, अनाज की गुणवत्ता बनाए रखने की व्यवस्था और आधुनिक साइलो प्रणाली की समीक्षा की जाएगी। दोनों मंत्री खाद्यान्न की सप्लाई चेन की स्थिति का भी जायजा लेंगे।

वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस

FCI साइलो के निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न के आधुनिक और वैज्ञानिक भंडारण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही राज्यों में खाद्यान्न की आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज वितरण को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उपायों की समीक्षा की जाएगी। दौरे के दौरान भंडारण क्षमता और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। 

विभाजन विभीषिका अनगिनत लोगों के संघर्ष, साहस, त्याग और धैर्य की स्मृति है: राजनाथ सिंह

विभाजन विभीषिका अनगिनत लोगों के संघर्ष, साहस, त्याग और धैर्य की स्मृति है: राजनाथ सिंह

 रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज शुक्रवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह दिवस देश के विभाजन की उस भयावह त्रासदी की याद दिलाता है, जिसने लाखों परिवारों के जीवन को गहरे दुख, विस्थापन और अनिश्चितता से भर दिया था।

रक्षामंत्री ने कहा कि भारत का विभाजन केवल इतिहास का एक पीड़ादायक अध्याय नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत लोगों के संघर्ष, साहस, त्याग और धैर्य की भी स्मृति है, जिन्होंने उस कठिन दौर में अपना घर-परिवार, संपत्ति और अपने प्रियजनों को खो दिया। इसके बावजूद उन्होंने अपने जीवन को दोबारा संवारने और आगे बढ़ने का संकल्प दिखाया।

उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी में विस्थापित हुए लोगों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। अपने घर और जन्मभूमि से दूर जाकर उन्हें नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा। अनेक परिवारों ने अपनों को खोया, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और देश के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि इतिहास से सीख लेने का भी दिन है। इतिहास की पीड़ाओं को केवल स्मृति में संजोकर रखना पर्याप्त नहीं है। उनसे सबक लेकर ऐसा मजबूत, समरस और संवेदनशील भारत बनाना जरूरी है, जहां विभाजन जैसी त्रासदी का दंश भविष्य में किसी समाज को दोबारा न झेलना पड़े।

रक्षामंत्री ने देशवासियों से इतिहास के इस दुखद अध्याय को याद करते हुए एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनशीलता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उनका बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। साथ ही, अपनी जन्मभूमि और जड़ों से विस्थापित होने वाले अनगिनत परिवारों का संघर्ष भी भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राजनाथ सिंह ने कहा, “देश के विभाजन की विभीषिका में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात लोगों तथा अपनी जन्मभूमि और जड़ों से विस्थापित होने वाले अनगिनत परिवारों के प्रति मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।” विभाजन की पीड़ा को याद करना वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को यह समझने में मदद करता है कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। यह दिवस भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है, जहां विविधताओं के बावजूद समाज में आपसी विश्वास, भाईचारा और एकता कायम रहे।

उन्होंने कहा, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ हमें भारत के विभाजन की त्रासदी का स्मरण कराता है, जिसने लाखों परिवारों के जीवन को गहरे दुख, विस्थापन और अनिश्चितता से भर दिया। यह केवल इतिहास का एक पीड़ादायक अध्याय नहीं, बल्कि उन अनगिनत लोगों के संघर्ष, साहस, त्याग और धैर्य की स्मृति भी है, जिन्होंने अपना घर-परिवार, संपत्ति और स्वजनों को खोने के बावजूद, जीवन को पुन: संवारने का संकल्प दिखाया।

बाजार में आने वाले हैं 10 और 20 रुपये के ‘प्लास्टिक नोट, नई दिल्ली में होगी कागज के नोटों की छुट्टी सरकार ने दी हरी झंडी

बाजार में आने वाले हैं 10 और 20 रुपये के ‘प्लास्टिक नोट, नई दिल्ली में होगी कागज के नोटों की छुट्टी सरकार ने दी हरी झंडी

 नई दिल्ली । भारत में मुद्रा प्रणाली को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने 10 रुपए और 20 रुपए के पॉलीमर बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को संसद को दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार ने दोनों मूल्यवर्गों में एक-एक अरब (100 करोड़) पॉलीमर नोट जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश के आधार पर आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। इस प्रस्ताव में फील्ड ट्रायल के बाद सफल परिणाम मिलने पर इन मूल्यवर्गों में पॉलीमर नोटों को नियमित रूप से जारी करने की भी योजना शामिल है।
वित्त मंत्री ने कहा, सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आरबीआई के अनुसार, इन पॉलीमर बैंक नोटों को मौजूदा कागज आधारित नोटों के साथ समानांतर रूप से जारी करने का प्रस्ताव है

पॉलीमर नोटों की आयु कागजी नोटों की तुलना में अधिक होती है, जिससे बार-बार नोट छापने की आवश्यकता कम होती है। इसके अलावा इनमें उन्नत सुरक्षा विशेषताएं जोडऩा भी आसान होता है, जिससे नकली नोटों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
निर्मला सीतारमण ने संसद को बताया कि आरबीआई की ओर से सरकार को सूचित किया गया है कि इन नोटों के लिए आवश्यक खरीद प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए फिलहाल यह बताना संभव नहीं है कि पॉलीमर नोटों को आम जनता के बीच कब तक जारी किया जाएगा और इस पूरी परियोजना पर कितना खर्च आएगा।

इस महीने की शुरुआत में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पॉलीमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट अभी जारी है।

पॉलीमर नोटों पर अभी परीक्षण चल रहा है। बाजार में लाने से पहले इन नोटों की पूरी तरह जांच की जाएगी।
इस दौरान, आरबीआई गवर्नर ने यह भी संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक फील्ड ट्रायल के नतीजों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही व्यापक स्तर पर इनके प्रचलन को लेकर अंतिम फैसला करेगा।संजय मल्होत्रा के अनुसार, आरबीआई का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक पॉलीमर नोटों को प्रचलन में लाना है। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो यह भारतीय मुद्रा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का पल, राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होंगे 12 अधिकारी-कर्मचारी, देखें नाम

छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का पल, राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होंगे 12 अधिकारी-कर्मचारी, देखें नाम

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ पुलिस के 12 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा पदक और सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित करने की घोषणा की थी।

अब इन पदकों को 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय प्रदान करेंगे।

विशिष्ट सेवाओं के लिए रामावतार सिंह राजपूत, सहायक उप निरीक्षक, रक्षित केंद्र जिला धमतरी को राष्ट्रपति पदक प्रदान किया जाएगा। वहीं, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।

इन अधिकारियों को मिलेगा सराहनीय सेवा पदक

  • रामगोपाल गर्ग – पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज
  • शशिमोहन सिंह – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़
  • श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा – पुलिस अधीक्षक, रायपुर ग्रामीण
  • राजश्री मिश्रा – पुलिस अधीक्षक, एटीएस, पुलिस मुख्यालय रायपुर
  • निवेदिता पाल – सेनानी, 6वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़
  • मनीषा ठाकुर रावटे – सेनानी, 20वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद
  • तारकेश्वर पटेल – अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जिला पुलिस, मध्य पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय
  • उनैजा खातून अंसारी – अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय रायपुर
  • जयलाल मरकाम – सहायक सेनानी, प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई
  • हजारी लाल साहू – प्लाटून कमांडर, 20वीं वाहिनी छसबल, महासमुंद

राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में पदक प्रदान किए जाएंगे। रायपुर में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय उन्हें सम्मानित करेंगे। इन पदकों के जरिए पुलिस सेवा में विशिष्ट और सराहनीय योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों को सम्मान दिया जाएगा।