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इस राज्य के मुख्यमंत्री ने कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को हर माह 1,500 रुपये प्रति माह देने का एलान किया

इस राज्य के मुख्यमंत्री ने कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को हर माह 1,500 रुपये प्रति माह देने का एलान किया

पटनाः कोराना वायरस से हर दिन मौतें हो रही हैं. कई घर ऐसे भी हैं जहां एक ही परिवार के कई लोगों की मौत हो गई है. ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को हर माह 1,500 रुपये प्रति माह देने का एलान किया है. इसके अलावा उनकी शिक्षा का भी पूरा ख्याल रखा गया है.


कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका में होगा दाखिला


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा “वैसे बच्चे-बच्चियों जिनके माता पिता दोनों की मृत्यु हो गई, जिनमें कम से कम एक की मृत्यु कोरोना से हुई हो, उनको 'बाल सहायता योजना' अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 18 वर्ष होने तक 1500 रू प्रतिमाह दिया जाएगा. जिन अनाथ बच्चे-बच्चियों के अभिभावक नहीं हैं, उनकी देखरेख बालगृह में की जाएगी. ऐसे अनाथ बच्चियों का कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में प्राथमिकता पर नामांकण कराया जाएगा.”


बाल सहायता योजना के तहत की जाएगी मदद


गौरतलब है कि कोरोना की वजह से ऐसे कई घर हैं तो तबाह हो चुके हैं. ऐसे में कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह कदम उठाया है. यह राशि 'बाल सहायता योजना' की ओर से दी जाएगी. ऐसे बच्चों को मदद पहुंचाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं. मदद की राशि बच्चों के खाते में जाएगी. यह राशि 18 वर्ष तक ही मिलेगी. लाभ लेने के लिए आवेदन देना होगा.

 

वुहान लैब में ही तैयार हुआ कोविड-19 जैसा खतरनाक वायरस, मिला यूनिक फिंगरप्रिंट

वुहान लैब में ही तैयार हुआ कोविड-19 जैसा खतरनाक वायरस, मिला यूनिक फिंगरप्रिंट

बीजिंग/नई दिल्ली । आखिर कहां से आया कोरोना वायरस, क्या इसे इंसान ने बनाया या यह प्राकृतिका आपदा है। यह सवाल बार दुनियाभर के वैज्ञानिकों और नेताओं के मन में उठ रहे है। लेकिन अब एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है कि ये कोरोना प्राकृतिक रूप नहीं पनपा है बल्कि इसे वुहान लैब में विकसित किया गया है। हालांकि, चीन पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं कि ये वायरस वुहान लैब से ही निकला है।
इस नई स्टडी में हुए खुलासे से चीन का सच सबके सामने आ सकता है। सूत्रों के अनुसार स्टडी में दावा किया गया है कि चीनी वैज्ञानिकों ने वुहान लैब में ही कोविड19 जैसा खतरनाक वायरस तैयार किया है और फिर इसके बाद इस जानलेवा वायरस को रिवर्स-इंजीनियरिंग वर्जन से इसे ढकने की कोशिश की, जिसे लगे कि कोरोना वायरस चमगादड़ से प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ है।

मिला यूनिक फिंगरप्रिंट
सूत्रों के मुताबिक एचआईवी वैक्सीन पर सफल काम चुके ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्गलिश और नॉवे के वैज्ञानिक डॉ बिर्गर सोरेनसेन ने साथ मिलकर यह स्टडी की है। जब ये दोनों वैक्सीन बनाने के लिए कोरोना के सैंपल्स का अध्ययन कर रहे थे दौरान उन्हें वायरस में एक यूनिक फिंगरप्रिंट मिला था।
उस समय उन्होंने कहा था बिना लैब में छेड़छाड़ किए ऐसा नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी स्टडी की फाइंडिंग्स को जर्नल में प्रकाशित करना चाहा तो कई बड़े साइंटिफिक जर्नल ने इसे खारिज कर दिया, क्योंकि उस समय लग रहा था कि कोरोना वायरस चमगादड़ या जानवरों से इंसानों में प्राकृतिक रूप से आया है।
इतना ही नहीं, यूनिक फिंगरप्रिंट की बात सामने आने के बाद इसे फेक न्यूज बता कर खारिज कर दिया था। लेकिन कोरोना के एक साल भी फिर से आवाज तेज होने लगी है कि कोरोना कहां से आया क्या सच में इसे लैब में बनाया गया। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इसे लेकर खुफिया एजेंसियों से 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
आपको बता दें कि ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्गलिश लंदन में सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी में कैंसर विज्ञान के प्रोफेसर हैं तो नार्वे के वैज्ञानिक डॉ सोरेनसेन एक महामारी विशेषज्ञ हैं और इम्यूनर कंपनी के अध्यक्ष हैं, जो कोरोना की वैक्सीन तैयार कर रही है, जिसका नाम है बायोवैक-19 है।
वुहान लैब में डेटा से छेड़छाड़ संभव
इस स्टडी में चीन पर सनसनीखेज और हैरान करने वाले आरोप लगाए गए हैं। इस स्टडी में दावा किया गया है कि चीन ने वुहान लैब में जानबूझकर प्रयोग से जुड़े डेटा को नष्ट किया गया, छिपाया गया और छेड़छाड़ किया गया।
इसमें कहा गया है कि जिन वैज्ञानिकों ने इसे लेकर अपनी आवाज उठाई, उन्हें कम्युनिस्ट देश चीन ने या तो चुप करा दिया या फिर गायब कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस स्टडी को जल्दी ही आने वाले कुछ दिनों में छापा जाएगा।
 बाइडन ने कहा कि वायरस वुहान लैब से निकला या नहीं, 90 दिन में रिपोर्ट दें
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को खुफिया एजेंसियों को कोविड-19 (कोरोना वायरस) महामारी का जन्म स्थान तलाशने के लिए दोगुने प्रयास करने को कहा।
बाइडन ने एजेंसियों को कहा है कि 90 दिन के भीतर वायरस के जन्मस्थान का पता करके रिपोर्ट दें। उन्होंने कहा, यह निष्कर्ष निकालने के अपर्याप्त साक्ष्य हैं कि क्या यह किसी संक्रमित जानवर के मानवीय संपर्क से उभरा है या एक लैब दुर्घटना ने इस महामारी को जन्म दिया है।
बाइडन ने कहा, खुफिया समुदाय के ज्यादातर लोग इस पर यकीन नहीं करते हैं कि एक बात के दूसरी की तुलना में सही होने का आकलन करने के लिए पर्याप्त जानकारी मौजूद है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को जांचकर्ताओं की मदद करने का निर्देश दिया और चीन से अंतरराष्ट्रीय जांचों में सहयोग करने की अपील की।
डब्ल्यूएचओ पर दबाव बना रहे हैं अमेरिका और ब्रिटेन
अमेरिका और ब्रिटेन कोविड-19 की संभावित उत्पत्ति की गहराई से जांच करने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर लगातार दबाव बना रहे हैं। दोनों देशों का मानना है कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए डब्ल्यूएचओ की टीम को चीन का नए सिरे से दौरा करना चाहिए।
डब्ल्यूएचओ और चीनी विशेषज्ञों ने गत मार्च में एक रिपोर्ट जारी करके इस महामारी के उत्पन्न होने की चार संभावनाओं के बारे में जानकारी दी थी।
इस संयुक्त टीम का मानना है कि इस बात की प्रबल आशंका है कि कोरोना वायरस चमगादड़ों से किसी अन्य जानवर के माध्यम से लोगों में प्रवेश कर गया। संयुक्त टीम ने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है कि यह वायरस किसी प्रयोगशाला में तैयार किया गया।
कई प्रमुख वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति के स्रोत का पता लगाने के अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से दिए गए आदेश का समर्थन किया है।
बाइडन के ताजा फैसले से कोरोना वायरस के चीनी प्रयोगशाला से लीक होने की धारणाओं को बल मिला है। अधिकतर शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस महामारी में चीन का संबंध होने से कोरोना वायरस की उत्पत्ति की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
येल यूनिवर्सिटी की प्रतिरक्षाविद अकीको इवासाकी का कहना है कि शुरुआत में महामारी फैलने को लेकर बहुत कम तार्किक चर्चा हो रही थी। ज्यादातर लोग इसे जानवरों से इंसान में आई बीमारी मान रहे थे तो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों को यह साजिश लग रही थी।
लेकिन फिर डब्ल्यूएचओ के साथ संयुक्त जांच के दौरान चीन के संदिग्ध व्यवहार से प्रयोगशाला वाले कोण को नजरअंदाज करना और मुश्किल होता गया। इस माह साइंस पत्रिका को लिखे पत्र में इवासाकी समेत 18 वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना के वुहान लैब से लीक होने के पहलू को खारिज नहीं किया जा सकता।
अब तक की जांच पर भरोसा नहीं
पत्र लिखने वाले वैज्ञानिकों में शामिल और फ्रेड हचिसन कैंसर रिसर्च सेंटर में वायरस की उत्पत्ति पढ़ाने वाले जेसी ब्लूम कहते हैं, कोरोना उत्पत्ति के मामले में जो कुछ हुआ है , उसे लेकर मैं बहुत आश्वस्त नहीं हूं। इस मामले में अब तक हुई जांच भरोसेमंद नहीं है।
 लीक का सुबूत न होना ही जांच की वजह
इवासाकी का कहना है कि वह पूरी तरह इसे लैब लीक का मामला नहीं मानतीं , लेकिन लैब से वायरस न निकलने के समर्थ में भी ज्यादा सुबूत नहीं हैं। वहीं, वैज्ञानिक लिपकिन के मुताबिक, लैब से वायरस प्रसार के सुबूत सामने न आना ही इसकी जांच की जरूरत साबित करते हैं।
ब्रिटिश-नार्वेजियन शोध का दावा-वुहान में बना वायरस
ब्रिटेन और नार्वे के वैज्ञानिकों के एक शोध में दावा किया गया है कि चीन की वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में ही कोविड -19 वायरस तैयार किया गया । इस अध्ययन में खुलासा हुआ कि चीनी वैज्ञानिकों ने वायरस तैयार करने के बाद रिवर्स इंजीनियरिंग इसका स्वरूप बदलने की कोशिश की, ताकि यह चमगादड़ से विकसित हुआ नजर आए है।
ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्गलिश व नॉर्वे के वैज्ञानिक वायरस के डॉ. बिर्गर सोरेन्सेन ने अध्ययन नमूनों पर मिले के बाद जारी अपनी रिपोर्ट में चीनी रिवर्स बताया, उनके पास एक साल इंजीनियरिंग से से ज्यादा समय से चीन में वायरस पर रेट्रो-इंजीनियरिंग जुड़े `फिंगरप्रिंट` के सुबूत हैं। डल्गलिश लंदन में सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी में कैंसर विज्ञान के प्रोफेसर हैं। वहीं, डॉ. सोरेनसेन एक वायरोलॉजिस्ट हैं।
 वुहान लैब ने नष्ट किया डाटा
जब डल्गलिश व सोरेनसेन ने वैक्सीन के विकास के लिए कोरोना नमूनों के अध्ययन में वायरस में एक खास फिंगरप्रिंट खोजा । वैज्ञानिकों का दावा है कि लैब में वायरस के साथ छेड़छाड़ से ही ऐसे चिह्न बनते हैं। अध्ययन के मुताबिक, वुहान लैब में डाटा नष्ट करके इसे छिपाने का प्रयास किया गया।
 

केंद्र सरकार ने नागरिकता के लिए आवेदन आमंत्रित किये

केंद्र सरकार ने नागरिकता के लिए आवेदन आमंत्रित किये

केंद्र सरकार ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारत में नागरिकता के लिए आवेदन करने के लिए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं, सिखों, जैनियों, बौद्धों, पारसियों और ईसाइयों को आमंत्रित किया है। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के कई प्रवासी गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ के 13 जिलों में रह रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत आदेश को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की है।

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 क्या है?
11 दिसंबर, 2019 को पारित अधिनियम ने “नागरिकता अधिनियम, 1955” में संशोधन किया। इसने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से सताए गए धार्मिक अल्पसंख्यकों (हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों या ईसाइयों) के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए रास्ता प्रदान किया। इसने इन प्रवासियों के लिए प्राकृतिककरण (naturalization) के लिए “निवास आवश्यकता” को 12 से 6 वर्ष तक कम कर दिया है।

नागरिकता के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से सताए अल्पसंख्यक जो पहले 31 दिसम्बर, 2014 से पहले भारत आ चुके हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो के रिकॉर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इससे 30,000 लोगों को लाभ मिलेगा। 

`मन की बात` पर  राहुल गांधी ने तंज कसा, पढ़े क्या कहा उन्होंने...

`मन की बात` पर राहुल गांधी ने तंज कसा, पढ़े क्या कहा उन्होंने...

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के `मन की बात` पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंज कसा है। उन्होंने देश में कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को लेकर पीएम मोदी पर निशान साधा है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, `कोरोना से लड़ने के लिए चाहिए- सही नीयत, नीति, निश्चय। महीने में एक बार निरर्थक बात नहीं!प्रधानमंत्री मोदी हर महीने रेडियो कार्यक्रम `मन की बात` के जरिए देश को संबोधित करते हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी कहती है कि पीएम मोदी अपने `मन की बात` तो करत हैं, लेकिन देश की जनता के मन की बात नहीं सुनते हैं। पीएम मोदी आज कोरोना की मौजूदा स्थिति पर बात करेंगे। राहुल गांधी ने इसी पर तंज कसा है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा है कि कोरोना से लड़ने के लिए चाहिए- सही नीयत, नीति, निश्चय की जरूरत हैं।

प्रधानमंत्री ने  रेडियो कार्यक्रम `मन की बात` के जरिए देश को संबोधित कर महामारी और आपदा के लिए कहा कि ...

प्रधानमंत्री ने रेडियो कार्यक्रम `मन की बात` के जरिए देश को संबोधित कर महामारी और आपदा के लिए कहा कि ...

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम `मन की बात` के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। यह उनका 77वां संबोधन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम में देश-विदेश के लोगों के साथ अपने विचार साझा कर सकते हैं। यह कार्यक्रम आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क तथा आकाशवाणी समाचार वेब साइट के साथ एप पर भी प्रसारित किया जा रहा है। इसके अलावा मन की बात कार्यक्रम आकाशवाणी, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना तथा प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी सीधे प्रसारण के माध्यम से देखा और सुना जा सकता है।
बीते 10 दिनों में दो बड़े चक्रवात का सामना किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडिया कार्यक्रम मन की बात में कहा कि अभी अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने फिर दो बड़े चक्रवात `तौकते` और पूर्वी तट पर चक्रवात यास। देश और देश की जनता इनसे पूरी ताकत से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी एक साथ मिलकर इस आपदा के सामने करने में जुटे हैं। मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने करीबियों को खोया है।


पहले एक टेस्टिंग लैब थी, अब 2500 से ज्यादा है
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यक्रम में जानकारी दी कि कोरोना की शुरुआत में भारत में मात्र एक टेस्टिंग लैब थी लेकिन आज ढाई हजार से ज्यादा टेस्टिंग लैब काम कर रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि शुरुआत में कुछ 100 टेस्ट होते थे लेकिन अब 20 लाख टेस्ट एक साथ होते हैं। अबतक देश में 33 करोड़ से ज्यादा लोगों का टेस्ट हो चुका है।
 

1 जून से अनलॉक होगा राज्य, मिलेंगी ये छूट...

1 जून से अनलॉक होगा राज्य, मिलेंगी ये छूट...

भोपाल । मध्यप्रदेश में एक जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होगी। पांच फीसद से अधिक व कम संक्रमण दर वाले शहरों के लिए अलग-अलग नियम होंगे। दुकानदारों के लिए नियम होगा कि वे खुद भी मास्क पहनें और ग्राहकों को भी पहनने को कहें। बिना मास्क पहने ग्राहक को सामान देने पर दुकान सील की जा सकेगी। गृह विभाग ने अनलाक में प्रतिबंध और छूट को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। ये नियम एक जून से 15 जून तक प्रभावशील रहेंगे।
टीकाकरण के सुझाव देने वाले मंत्री मंडल ने प्रस्ताव रखा है कि उन्हीं दुकानदारों को दुकानें खोलने की छूट दी जाए, जिन्हें टीका लग चुका है। इस प्रस्ताव पर आपदा प्रबंधन समिति में 30 मई को फैसला लिया जाएगा।
अंतिम संस्कार में 10 और विवाह में 20 से ज्यादा लोग नहीं हो सकेंगे शामिल।
सिनेमाघर, मॉल, स्वीमिंग पूल, पिकनिक स्थल, थियेटर, ऑडिटोरियम, सभागृह नहीं खुलेंगे।
सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन नहीं होंगे।
प्रदेशभर में रात दस से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू।
शनिवार रात दस से सोमवार सुबह छह बजे तक जनता कर्फ्यू रहेगा।
धार्मिक और पूजा स्थल पर एक समय में चार से अधिक लोग उपस्थित नहीं रहेंगे।
स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान नहीं खुलेंगे। ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।
अत्यावश्यक सेवाएं देने वाले कार्यालयों को छोड़ शेष कार्यालय 100% अधिकारियों व 50% कर्मियों के साथ संचालित हो सकेंगे।
यहां मिली राहत : प्रदेश में प्रतिबंध मुक्त रहेंगी ये गतिविधियां
औद्योगिक गतिविधियां चालू रहेंगी।
अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, स्वास्थ्य बीमा के कार्यालय सहित स्वास्थ्य से जुड़े संस्थान खुले रहेंगे।
मेडिकल, राशन दुकानें, किराना दुकानें, फल-सब्जियों, डेयरी, दुग्ध केंद्र, आटा चक्की, पशु आहार की दुकानें पूरे दिन के लिए खुली रहेंगी।
पेट्रोल पंप, गैस स्टेशन चालू रहेंगी।
सार्वजनिक परिवहन, निजी बसों, ट्रेनों से आवाजाही कोरोना गाइडलाइन के पालन की अनिवार्यता के साथ रहेगी।
आटो, ई-रिक्शा में दो सवारी, टैक्सी तथा निजी चार पहिया वाहनों में चालक व दो यात्री मास्क पहनकर यात्रा कर सकेंगे।
मोहल्लों, कालोनियों में दुकानें खुलेंगी।

होटलों के साथ कोरोना वैक्सीनेशन पैकेज दे रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो- केंद्र का निर्देश

होटलों के साथ कोरोना वैक्सीनेशन पैकेज दे रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो- केंद्र का निर्देश

नई दिल्ली, केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उन संस्थानों के खिलाफ कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई करने को कहा है जो होटलों के साथ साझेदारी में कोविड टीकाकरण का पैकेज दे रहे हैं. केंद्र का कहना है कि ये तय दिशानिर्देशों का उल्लंघन है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अवर सचिव मनोहर अगनानी ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा, 'मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि कुछ निजी अस्पताल कुछ होटलों के साथ मिलकर कोविड टीकाकरण के लिए पैकेज दे रहे हैं. ये राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के लिए जारी दिशानिर्देशों के खिलाफ है.'


पत्र में अगनानी ने लिखा है कि सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्र और निजी कोविड टीकाकरण केंद्र, कार्यस्थल, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर के पास कोविड टीकाकरण केंद्र के अलावा राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के तहत और किसी स्थान पर टीकाकरण नहीं किया जा सकता. इसलिए होटलों में टीकाकरण दिशानिर्देशों के खिलाफ है और इसे तत्काल रोका जाए. 

पत्नी की पिटाई से परेशान पति ने पुलिस से लगाई गुहार, कहा मुझे इससे बचा लें…

पत्नी की पिटाई से परेशान पति ने पुलिस से लगाई गुहार, कहा मुझे इससे बचा लें…

इंदौर में पत्नी से परेशान होकर पति ने पुलिस से गुहार लगाकर मदद मांगी. रोजाना पत्नी से लड़ाई और सवाल जवाब से परेशान होकर पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जिसके बाद पूरा मामला सामने आया है. पति ने बताया कि उसकी पत्नी हमेशा उसपर शक करती है और उसे मारती पीटती है.

पति का कहना है कि गुस्से में उसकी पत्नी ने उसपर गर्म दूध फेंक दिया था. पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़े का यह सिलसिला रोज चलता गया. और एक दिन थक कर पति ने जब उससे पूछा कि वह जब भी बाहर जाता है तो उसे बार-बार फोन क्यों करती है इतना शक क्यों करती है. इस पर पत्नी और भड़क गई दोनों के बीच झगड़ा और बढ़ गया.

इसके बाद जो हुआ उसकी कल्पना करना भी मुश्किल सा लगता है. पत्नी ने गुस्से में आकर पति के ऊपर गर्म दूध फेंक दिया. जिसके बाद मां और भाई पुरूष के बचाव में महिला के सामने खड़े हो गए. महिला इसके बाद भी नहीं रूकी और उसे धमकी दी कि इस बार वह अकेला नहीं था इसलिए बच गया .

यह कहकर महिला कमरे से निकल गई. पुरुष ने पुलिस से पूरी घटना बताई जिसके बाद महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है. लोगों के जीवन में इस तरह की घटना ना सिर्फ उन्हें शारीरिक रूप से प्रभावित करते हैं बल्कि इस सबका असर मनुष्य के दिमाग पर भी होता है.  

कोरोना ब्रेकिंग : राज्य में फिर कोरोना हुआ बेकाबू, 30 हजार से ज्यादा नए कोरोना मरीजों की हुई पहचान

कोरोना ब्रेकिंग : राज्य में फिर कोरोना हुआ बेकाबू, 30 हजार से ज्यादा नए कोरोना मरीजों की हुई पहचान

तमिलनाडु | भारत देश में कोरोना संक्रमण का कहर जारी है | देश के कई राज्यों में रोजाना हजारों की संख्या में नए कोरोना मरीजों की पहचान हो रही है | संक्रमण के चलते कई राज्यों में लॉकडाउन भी लगाया गया है | इसी बीच तमिलनाडु से एक बड़ी खबर आ रही है | खबर है कि राज्य में पिछले 24 घंटे में 30,016 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | इसी के साथ राज्य में पिछले 24 घंटे में 31759 मरीजों ने कोरोना से जंग जीता है | 

मौहल्ले की महिलाओं के बीच लोकप्रिय पति के प्राइवेट पार्ट को पत्नी ने कैंची से काटा, फिर हुए ये.......

मौहल्ले की महिलाओं के बीच लोकप्रिय पति के प्राइवेट पार्ट को पत्नी ने कैंची से काटा, फिर हुए ये.......

वियतमान | वियतमान से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है | खबर मिली है कि एक महिला ने अपने पति की गुप्तांग ही काट दी | अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं अपने प्रेमी या पति को लेकर बहुत संवेदनशील होती है। पति किसी की तरफ देख ले या पति से कोई महिला प्यार से बात कर ले तो पत्नी बर्दाश नहीं कर पाती। लेकिन जलन में एक पत्नी ने अपने पति का प्राइवेट पार्ट ही काट डाला।
घटना वियतनाम की बताई जा रही है, जहां पत्नी ने सोते हुए पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया। और फिर खुद ही अपने पति को अस्पताल ले गई। चो रे अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर गुयेन थान तुआन ने बताया कि उनकी टीम को लिंग के बराबद हिस्से को फिर से जोड़ने के लिए कहा गया था।
डॉ. तुआन ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। क्योंकि प्राइवेट पार्ट को कैंची से काटा गया था, इसलिए पहले पीड़ित के घाव का इलाज करना पड़ा और संक्रमण से बचने के लिए उसके कटे हुए हिस्से को अच्छी तरह से धोना पड़ा।
बताया जा रहा है कि पत्नी ने महिलाओं के बीच अपने पति की लोकप्रियता के कारण ये कदम उठाया। उसे अपने पति पर शक होने लगा था कि वो उसे छोड़ देगा। इससे पहले भी अमेरिका से एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां एक पति ने पत्नी के प्रेमी के प्राइवेट पार्ट को कैंची से काट दिया था।
अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ़ यूरोलॉज के डॉ न्गुयेन थान्ह तुआन ने कहा कि टीम लगातार इस मामले की निगरानी कर रही है। टीम ने प्राइवेट पार्ट को वापस जोड़ तो दिया लेकिन इन्फेक्शन का खतरा भी इसमें काफी ज्यादा था। हालांकि, अभी शख्स की हालत बेहतर है और वो रिकवर कर रहा है।

 

नई नवेली दुल्‍हन ने आधी रात को ब्वॉयफ्रेंड को बुलाया घर, पति सोता रहा, कैमरे ने खोल दी पोल

नई नवेली दुल्‍हन ने आधी रात को ब्वॉयफ्रेंड को बुलाया घर, पति सोता रहा, कैमरे ने खोल दी पोल

उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर के तुर्कमानपुर मोहल्ले से शादी के एक महीने के अंदर ही एक दुल्हन अपने दोस्त और एक अन्य युवक के साथ नकदी सहित 15 लाख रुपए के कीमत के गहने लेकर फरार हो गई। दुल्हन के फरार होने की घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। परिवारजनों को खबर लगते ही 112 नम्बर पर सूचना दी। परिजनों ने राजघाट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र के तुर्कमान पुर पटवारी टोला के रहने वाले मनीष कुशवाहा की शादी 27 अप्रैल 2021 को तिवारीपुर इलाके के जाफरा बाजार स्थित युवती से हुई थी। लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए मनीष गाजे-बाजे के साथ बारात ले लेकर अधियारी बाग स्थित मैरेज हाउस पहुंचे। बारात पहुंचने के बाद हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पहले द्वारपूजा उसके बाद जयमाल और फिर दूल्हा दुल्हन ने सात फेरे लिए। 29 अप्रैल को मनीष के बहुभोज का कार्यक्रम उनके घर पर ही संपन्न हुआ। बीच में दुल्हन पहली विदाई के तहत मायके गई। अभी चार दिन पहले ही दुल्हन वह अपनी ससुराल लौटी थी।


लेकिन बीते 27 मई की रात में वह अपने दोस्त और एक अन्य युवक के साथ रात में 12 बजे के बाद चुपके से गहने और नकदी लेकर फरार हो गई। इस बारे में दुल्हन के पति मनीष कुशवाहा ने बताया कि रात का वक़्त था सारे लोग सोए थे। लेकिन जब सुबह नींद खुली तो पत्नी गायब थी। जिसकी सूचना हम लोगों ने तत्काल डायल 112 नम्बर को दी मौके पर पीआरवी के पुलिसकर्मी भी पहुंचे सीसीटीवी कैमरे देखा तो सारी घटना सामने आई। मनीष ने बताया कि घर से कैश, जेवरात, कपड़े और अन्य सामान सहित कुल करीब 15 लाख रुपए के सामान लेकर वह फरार हुई है। राजघाट पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

बैठक विवाद पर ममता की सफाई, पीएम मोदी पैर छूने को भी कहेंगे तो तैयार हूं, लेकिन....

बैठक विवाद पर ममता की सफाई, पीएम मोदी पैर छूने को भी कहेंगे तो तैयार हूं, लेकिन....

भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर 'बदले की राजनीति' का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को बुलाने के फैसले को वापस ले और वरिष्ठ नौकरशाह को कोविड-19 संकट के दौरान लोगों के लिए काम करने की इजाजत दे।

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनकी सरकार के लिए हर कदम पर मुश्किल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे अब भी विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार को पचा नहीं पाए हैं। बनर्जी ने आगे कहा कि अगर बंगाल की वृद्धि और विकास के लिए उनसे मोदी के चरण छूने को कहा जाएगा तो वह इसके लिए तैयार हैं।


उन्होंने कहा, क्योंकि आप (मोदी और शाह) भाजपा की हार (बंगाल में) पचा नहीं पा रहे हैं, आपने पहले दिन से हमारे लिए मुश्किलें खड़ी करनी शुरू कर दी। मुख्य सचिव की क्या गलती है? कोविड-19 संकट के दौरान मुख्य सचिव को वापस बुलाना दिखाता है कि केंद्र बदले की राजनीति कर रहा है।

चक्रवात से हुए नुकसान पर प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में मौजूद नहीं रहने के कारण हो रही आलोचना के बारे में बनर्जी ने कहा, यह बैठक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली थी। भाजपा नेताओं को इसमें क्यों बुलाया गया? उन्होंने दावा किया कि बीते कुछ दिनों के दौरान चक्रवात का सामना करने वाले राज्यों गुजरात और ओडिशा में हुई ऐसी ही समीक्षा बैठकों में विपक्ष के नेताओं को शामिल नहीं किया गया था।  

लड़की ने फेसबुक फ्रेंड बनाया, खट्टी-मीठी बातें की और मिलने बुलाकर किया ये कांड

लड़की ने फेसबुक फ्रेंड बनाया, खट्टी-मीठी बातें की और मिलने बुलाकर किया ये कांड

वाराणसी, साइबर फ्रॉड के मामलों के साथ वर्चुअल धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. वाराणसी में एक लड़के के साथ भी दोस्ती के नाम पर ठगी हो गई. फेसबुक पर एक लड़की से दोस्ती हुई. वहीं चैटिंग में खूब खट्टी-मिठी बातें की गईं इसके बाद लड़की ने लड़के को मिलने बुलाया लेकिन जैसे ही वह पहुंचा तो वहां जो हुआ उसके होश ही उड़ गए. लड़की के दोस्तों ने उससे पैसे छीन लिए. साथ ही पैसों की डिमांड करते हुए वीडियो और चैंटिंग वायरल करन की धमकी भी दे डाली.
लड़के को फेसबुक की दोस्ती इतनी महंगी पड़ जाएगी इसका अंदाजा नहीं था. लड़के ने पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने लड़की और उसके साथियों के खिलाफ रंगदारी का केस दर्ज किया है.
वाराणसी में एक युवक की दोस्ती कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक लड़की से हुई. वहीं दोनों में खूब बातें हुईं. लड़की ने जब लड़के को पूरी तरह से जाल में उतार लिया तो उसने लड़के को मकबूल आलम रोड पर मिलने बुलाया. यहां वह अपने कुछ दोस्तों के साथ पहुंची और लड़के से कैश छीन लिया.
यही नहीं लड़के को ब्लैकमेल कर अगले दिन भी पैसे लेकर बुलाया. लड़की ने वीडियो और चैटिंग वायरल करने की धमकी दी. जिसके बाद लड़का पुलिस थाने गया और पूरी घटना की जानकारी दी. लड़के के शिकायत पर यूपी पुलिस ने महिला और उसके दो साथियों के खिलाफ रंगदारी में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
 

RAW और IB के प्रमुखों के कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया

RAW और IB के प्रमुखों के कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया

हाल ही में केंद्र सरकार ने रॉ (R&AW) के प्रमुख सामंत कुमार गोएल और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख अरविन्द कुमार को एक वर्ष का कार्य विस्तार दिया गया है। अनुसन्धान एवं विश्लेषण विंग (Research and Analysis Wing (R&AW) भारत की विदेशी इंटेलिजेंस एजेंसी है। इस एजेंसी का काम विदेशी इंटेलिजेंस इकठ्ठा करना और भारतीय सामरिक हितों के लिए कार्य करना है। यह भारत के परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा में भी शामिल है। रॉ का गठन 21 सितम्बर, 1968 को हुआ था, इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। रॉ का आदर्श वाक्य

धर्मो रक्षति रक्षितःहै।

Intelligence Bureau (IB)

इंटेलिजेंस ब्यूरो घरेलु इंटेलिजेंस, आंतरिक सुरक्षा के लिए कार्य करने वाली एजेंसी है। यह इस प्रकार की सबसे पुरानी एजेंसियों में से एक है। इसका गठन 1887 में हुआ था। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसका आदर्श वाक्य “जागृतं अहर्निशं” है। यह केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो के निर्देशक अरविन्द कुमार हैं। 

संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल का दावा, अरविंद केजरीवाल ने किया तिरंगे का अपमान, जाने कैसे

संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल का दावा, अरविंद केजरीवाल ने किया तिरंगे का अपमान, जाने कैसे

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर टेलीविजन पर प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने और भारतीय ध्वज संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
गुरुवार को हिंदी में केजरीवाल को लिखे अपने पत्र में पटेल ने कहा कि केजरीवाल के हालिया वायरल सम्मेलनों के दौरान प्रदर्शित झंडों में हरी धारियों को विकृत और बड़ा किया गया था और सफेद को कम किया गया था।


केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर टेलीविजन पर प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने और भारतीय ध्वज संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
गुरुवार को हिंदी में केजरीवाल को लिखे अपने पत्र में पटेल ने कहा कि केजरीवाल के हालिया वायरल सम्मेलनों के दौरान प्रदर्शित झंडों में हरी धारियों को विकृत और बड़ा किया गया था और सफेद को कम किया गया था।
पटेल ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को लिखे अपने पत्र में कहा है कि अरविंद केजरीवाल जब भी टीवी चैनल पर संबोधन करते हैं तो उनकी कुर्सी के पीछे लगे राष्ट्रीय ध्वज के स्वरूप पर बेबस ही ध्यान चला जाता है, क्योंकि वह मुझे अपनी गरिमा एवं संवैधानिक स्वरूप से भिन्न प्रतीत होता है। राष्ट्रीय ध्वज को सजावट के लिए जैसे तैयार करके लगाया गया है बीच के सफेद हिस्से को कम करके हरे हिस्से को जोड़ दिया गया लगता है, जो भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा निर्दिष्ट भारत झंडा संहिता में उल्लिखित भाग 1 के 1.3 में दिए गए मानकों का प्रयोग नहीं दिखाई देता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जाने-अनजाने में ऐसे कृत्य की अपेक्षा नहीं करते हुए इस ओर आपका ध्यानाकर्षण चाहता हूं।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने अपने पत्र में कहा है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिस तरह से झंडा लगाया जाता है, उससे लगता है कि राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान देने की बजाय उसका इस्तेमाल सजावट के लिए किया जाता है।

 

डीआरडीओ ने एयरोइंजन के लिए टेक्नोलॉजी विकसित की

डीआरडीओ ने एयरोइंजन के लिए टेक्नोलॉजी विकसित की

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अपने अद्वितीय 2000 मीट्रिक टन आइसोथर्मल फोर्ज प्रेस का उपयोग करके कठिन-से-विकृत टाइटेनियम मिश्र धातु से उच्च दबाव कंप्रेसर (एचपीसी) डिस्क के सभी पांच चरणों का उत्पादन करने के लिए निकट आइसोथर्मल फोर्जिंग तकनीक विकसित की है। टेक्नोलॉजी का विकास हैदराबाद स्थित डीआरडीओ की प्रमुख धातुकर्म प्रयोगशाला रक्षा धातुकर्म अनुसंधान प्रयोगशाला (डीएमआरएल) द्वारा विकसित की गई है। एयरोइंजन प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण तकनीक है। इसके साथ ही भारत ऐसे महत्वपूर्ण एयरोइंजन घटकों की निर्माण क्षमता रखने के लिए सीमित वैश्विक इंजन विकास करने वालों की लीग में शामिल हो गया है।

थोक उत्पादन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डीएमआरएल प्रौद्योगिकी को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (एलएटीओटी) के लिए लाइसेंस समझौते के माध्यम से मैसर्स मिधानी को हस्तांतरित किया गया था। डीएमआरएल, हैदराबाद में उपलब्ध आइसोथर्मल फोर्ज प्रेस सुविधा का इस्तेमाल करके विभिन्न कंप्रेसर चरणों से संबंधित एचपीसी डिस्क फोर्जिंग की थोक मात्रा (200 नंबर) का उत्पादन संयुक्त रूप से (डीएमआरएल और मिधानी द्वारा) किया गया है और एचएएल (ई), बेंगलुरु को जगुआर/हॉक विमान को शक्ति देने वाले एडोर इंजन में फिट करने के लिए सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई है।

भारत में एडोर इंजन को एचएएल (ई), बेंगलुरु द्वारा ओईएम के साथ लाइसेंस प्राप्त मैन्युफैक्चरिंग समझौते के तहत ओवरहाल किया गया है। किसी भी एयरोइंजन की तरह एचपीसी ड्रम एसेंबली को अनेक बार काम लिए जाने और क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में बदलना होता है। उच्च मूल्य के इन एचपीसी डिस्क की वार्षित जरूरतें काफी अधिक होती हैं। एचपीसी ड्रम एक अत्यधिक स्ट्रेस्ड सब-एसेंबली है और इसे कम चक्र थकान और ऊंचे तापमान पर धीरे-धीरे काम करना पड़ता है। एचपीसी ड्रम के लिए कच्ची सामग्री और फोर्जिंग उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए जो स्थिर और गतिशील यांत्रिक गुणों के निर्दिष्ट संयोजन को पूरा कर सके।

डीएमआरएल ने विभिन्न विज्ञान और ज्ञान-आधारित उपकरणों के एकीकरण से इस फोर्जिंग तकनीक को विकसित किया है। डीएमआरएल द्वारा अपनाई गई पद्धति साधारण प्रकृति की है और इसे अन्य समान एयरोइंजन घटकों को विकसित करने के लिए अनुकूल ट्यून किया जा सकता है। इस पद्धति के उपयोग से उत्पादित कंप्रेसर डिस्क वांछित कार्य के लिए उड़ान योग्य एजेंसियों द्वारा तय सभी आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। इसी के अनुसार इस टेक्नोलॉजी को प्रमाणित किया गया और तकनीकी स्वीति प्रदान की गई। संपूर्ण घटक स्तर और प्रदर्शन मूल्यांकन परीक्षण परिणामों के आधार पर, एचएएल (ई) और भारतीय वायु सेना ने इंजन फिटमेंट के लिए घटकों को मंजूरी दी। डीएमआरएल और एचएएल (ई) के अलावा, मिधानी, सेमिलैक और डीजीएक्यूए जैसी विभिन्न एजेंसियों ने इस महत्वपूर्ण तकनीक को स्थापित करने में एक होकर काम किया।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस महत्वपूर्ण एयरो इंजन से संबंधित प्रौद्योगिकी के विकास में शामिल डीआरडीओ, उद्योग और अन्य सभी एजेंसियों के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की प्राप्ति पर संतोष व्यक्त किया और इसमें शामिल टीमों को बधाई दी।

 

रात में अश्लीडल वीडियो दिखाकर पति करता था ये गंदा काम, पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

रात में अश्लीडल वीडियो दिखाकर पति करता था ये गंदा काम, पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

शाहपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने एडीजी को दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि दो साल पहले उसकी शादी मऊ के रहने वाले युवक से हुई थी। परिवार के साथ वह गाजियाबाद में रहता है और वहीं पर प्राइवेट कंपनी में काम करता है। नशे का आदी पति शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित करता था। रात को नशे में घर पहुंचने के बाद उसे शारीरिक यातना देने के साथ ही आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर यौन हिंसा करता था। शिकायत करने पर पीटता था। कुछ दिन बाद पता चला कि पति का संबंध कोलकाता की रहने वाली युवती से है। इसकी जानकारी उसने सास व ससुर को दी तो बेटे के साथ मिलकर वह लोग भी प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद वह मायके चली आयी।
जनवरी 2021 के पहले सप्ताह में जोन कार्यालय पहुंचकर पति व उसके घरवालों के कृत्य की जानकारी देते हुए कार्रवाई करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जोन कार्यालय से मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश एसएसपी गोरखपुर को दिया गया। लेकिन शाहपुर पुलिस ने यह कहते हुए तहरीर बदलवा दी कि बयान लेकर अप्राकृतिक दुष्कर्म की धारा बढ़ा देंगे। लेकिन ऐसा किया नहीं। एडीजी ने पीडि़त को भरोसा दिया कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।

 

आयुर्वेद Vs एलोपैथ: आईएमए का बाबा रामदेव को खुला चैलेंज,कहा-अपनी क्वालिफिकेशन व चर्चा का दिन बताएं

आयुर्वेद Vs एलोपैथ: आईएमए का बाबा रामदेव को खुला चैलेंज,कहा-अपनी क्वालिफिकेशन व चर्चा का दिन बताएं

आईएमए उत्तराखंड बाबा रामदेव की ओर से पूछे गए 25 सवालों का जबाव देने के लिए एक कमेटी गठित कर रहा है। यह कमेटी बाबा के सवालों का जबाव देने के साथ ही रामदेव से भी पांच सवाल पूछेगी। आईएमए के प्रदेश महासचिव डॉ. अजय खन्ना ने कहा कि बाबा रामदेव ने एलोपैथी डॉक्टरों के नाम खुला खत लिखकर 25 सवालों के जबाव देने को कहा था। इसके जबाव में अब आईएमए बाबा के सवाल देने को राजी हो गया है। आईएमए उत्तराखंड शाखा के प्रदेश सचिव ने बताया कि बाबा से सवाल जबाव के लिए आईएमए की ओर से पांच डॉक्टरों की कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह कमेटी बाबा के सवालों के जबाव देने के साथ ही बाबा से भी पांच सवाल पूछेगी। उन्होंने कहा कि आईएमए बाबा रामदेव के हर सवाल का जबाव देने को तैयार है। बशर्ते बाबा रामदेव मीडिया के सामने चर्चा के लिए तैयार हो। उन्होंने कहा कि आईएमए की ओर से अपनी पांच सदस्यीय कमेटी का ऐलान जल्द कर दिया जाएगा।
बाबा रामदेव व बालकृष्ण से पूछी क्वालिफिकेशन
आईएमए उत्तराखंड की ओर से बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण को ईमेल कर दोनों की योग्यता पूछी गई है। आईएमए के सचिव ने बताया कि बाबा ने एलोपैथी को लेकर सवाल पूछे हैं। इसके जबाव के लिए आईएमए के पांच सदस्यीय कमेटी बना रहा है। लेकिन इससे पहले बाबा व उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की योग्यता की जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में आईएमए उत्तराखंड की ओर से उन्हें ईमेल किया गया है।

आईएमए डॉक्टरों का सम्मान करेंगे योगाचार्य
आईएमए के प्रदेश सचिव ने बताया कि शुक्रवार को देहरादून के कुछ योगाचार्य आईएमए भवन में आईएमए के डॉक्टरों का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि आईएमए भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान कई पदाधिकारी व डॉक्टर मौजूद रहेंगे। 

सावधान! वैक्सीन लगवाने के बाद मिले सर्टिफिकेट की फोटो सोशल मीडिया पर डालना पड़ सकता है महंगा, जानिए क्यों?

सावधान! वैक्सीन लगवाने के बाद मिले सर्टिफिकेट की फोटो सोशल मीडिया पर डालना पड़ सकता है महंगा, जानिए क्यों?

मुंबई, आज के कोरोना काल में वैक्सीन की डोज़ संजीवनी से कम नहीं है और हर किसी को वैक्सीन की डोज़ लेना अनिवार्य है. वैक्सीन लगाने के बाद एक सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिससे ज़रूरत पड़ने पर आप इसे दिखाकर बता सकें कि आपको वैक्सीन की डोज़ लग चुकी है. हालांकि, कई लोगों को सोशल मीडिया जैसे कि ट्विटर, फेसबुक या दूसरी साइट्स पर अपनी पर्सनल जानकारी साझा करने की आदत होती है और इसी सबका फायदा सायबर क्रिमिनल्स लेते हैं.

महाराष्ट्र सायबर सेल के एसपी संजय शिंत्रे ने बताया कि इस तरह से अपनी डिटेल्स डालना खतरनाक है. शिंत्रे ने बताया कि वैक्सीन डोज़ मिलने के बाद जो सर्टिफिकेट मिलता है, उसपर आपकी निजी जानकारी होती है. यह जानकारी सायबर क्रिमिनल डार्क नेट पर बेच सकते हैं या फिर उसमे एडिटिंग कर किसी और को बेच सकते हैं.
इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर आप एक जगह से दूसरी जगह यात्रा कर सकते हैं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा कर सकते हैं. कई ऐसी भी कंपनी हैं जो लोगों को तभी नौकरी पर बुलाती हैं जब आपके पास वैक्सीन लगाए होने का सर्टिफिकेट होता है. ऐसे में ये सायबर क्रिमिनल आपकी जानकारी को एडिट कर ऐसे लोगों को बेच सकते हैं.
इसके अलावा हमने कुछ दिनों पहले एक क्राइम रजिस्टर किया था, जिसमें आरोपी सिप्ला कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर दवाई बेचने के नाम और लोगों की ठगी करते थे. हमें जांच के दौरान पता चला कि ये आरोपी ठगी कर पैसे पाने के लिए 40 फर्जी बैंक अकाउंट और लोगों को संपर्क करने के लिए 40 फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे.
शिंत्रे ने बताया कि आपके सर्टिफिकेट पर जो जानकारी है उसका इस्तेमाल कर सायबर क्रिमिनल फर्जी दरस्तावेज भी बना सकते हैं, जिसका इस्तेमाल कर वे बैंक अकाउंट खोल सकते हैं और सिमकार्ड खरीद सकते हैं.
इसी विषय पर लोगों को सतर्क करने के लिए सायबर पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है. अंकुर पुराणिक सायबर एक्पर्ट ने बताया कि वैक्सीन के सर्टिफिकेट का दुरुपयोग हो सकता है. पुराणिक ने बताया कि कई बार पहली डोज़ मिलने के बाद सर्टिफिकेट मिलता है, जिसपर दूसरी डोज़ कब मिलेगी इसके बारे में बताया जाता है. अगर यह सर्टिफिकेट सायबर फ्रॉड के हाथ लगी तो वो आपको फोन कर तारीख बदल दी गयी या फिर बदलना पड़ेगा जैसे बातें कर आपको ठगने की भी कोशिश कर सकता है.
अगर आपको पोस्ट करने का इतना ही मन है तो आपको उसे ब्लर करके पोस्ट करना चाहिए ताकि उसकी डिटेल कोई पढ़ न सके और अगर वो पढ़ नही पायेगा तो उसका दुरुपयोग भी नहीं हो पायेगा.

 

राहत, टीके की अलग-अलग डोज ली हैं तो घबराने की जरूरत नहीं : संयुक्त सचिव

राहत, टीके की अलग-अलग डोज ली हैं तो घबराने की जरूरत नहीं : संयुक्त सचिव

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को देश में कोरोना की स्थिति को लेकर अहम जानकारी दी है। मंत्रालय ने प्रेस वार्ता में कहा कि 24 राज्यों ने पिछले सप्ताह से सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटों में देश में 2,11,000 मामले दर्ज किए गए हैं। सक्रिय मामले 8.84 फीसदी हैं। 10 मई को देश में 37,45,000 सक्रिय मामले थे जो अब 24,19,000 रह गए हैं। उन्होंने कहा कि 3 हफ्ते पहले 531 जिलों में रोज 100 नए मामले प्रतिदिन दर्ज किए जाते थे, अब ऐसे जिले 359 रह गए हैं। देश में आज 2,83,000 रिकवरी दर्ज की गई हैं। 23 राज्य देश में ऐसे हैं, जहां प्रतिदिन रिकवर मामलों की संख्या नए मामलों से ज्यादा है। रिकवरी रेट अब 90 फीसदी हो गई है।
पिछले 1 सप्ताह में प्रतिदिन 21,00,000 टेस्ट किए जा रहे हैं। पॉजिटिविटी रेट देश में 10.45 फीसदी रह गई है। केंद्र सरकार द्वारा अब तक 45 साल से अधिक आयु के 14.85 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई है। 18-44 साल के बीच के लोगों को अब तक 1.39 करोड़ डोज दी जा चुकी हैं।

टीके की दूसरी डोज देने पर सतर्क रहने की जरूरत
मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप में कमी आ रही है, हमारा मानना है कि पाबंदियों में सार्थक ढील देने पर भी यह परिपाटी बनी रहेगी। वहीं एक सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि अगर कोविड-टीके की दूसरी खुराक में अलग टीका दिया जाता है तो उसके उल्लेखनीय दुष्प्रभाव होने की आशंका नहीं है, इसमें घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।