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पूर्व मुख्यमंत्री हुए कोरोना से संक्रमित, ट्वीट कर दी जानकारी

पूर्व मुख्यमंत्री हुए कोरोना से संक्रमित, ट्वीट कर दी जानकारी

लखनऊ, देश के कई राज्यों में कोरोना का कहर तेजी से फैल रहा है। आए दिन कोरोना बेकाबू होते जा रहा है। इसी बीच खबर आ रही है। कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव कोरोना से संक्रमित हो गए है। इसकी जानकारी अखिलेश यादव ने खुद ट्वीट कर दी है।


अखिलेश यादव ने ट्वीट में लिखा है कि अभी-अभी मेरी कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है। मैंने अपने आपको सबसे अलग कर लिया है व घर पर ही उपचार शुरू हो गया है। पिछले कुछ दिनों में जो लोग मेरे संपर्क में आये हैं, उन सबसे विनम्र आग्रह है कि वो भी जांच करा लें। उन सभी से कुछ दिनों तक आइसोलेशन में रहने की विनती भी है।
 

BIG BREAKING : CM ऑफिस के अधिकारी कोरोना पॉजिटिव, मुख्यमंत्री ने खुद को किया आइसोलेट

BIG BREAKING : CM ऑफिस के अधिकारी कोरोना पॉजिटिव, मुख्यमंत्री ने खुद को किया आइसोलेट

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। दरअसल मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव एसपी गोयल, सचिव अमित सिंह और ओएसडी अभिषेक कौशिक कोरोना पॉजिटिव आए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एहतियातन खुद को आइसोलेट किया है।
योगी ने इस बात की जानकारी ट्वीट कर जानकारी दी। योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके कहा कि मेरे कार्यालय के कुछ अधिकारी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। यह अधिकारी मेरे संपर्क में रहे हैं, अतः मैंने एहतियातन अपने को आइसोलेट कर लिया है एवं सभी कार्य वर्चुअली शुरू कर रहा हूं।
 

चुनाव आयोग के खिलाफ धरने पर बैठीं ममता, 3 घंटे में बनाई 2 पेंटिंग...

चुनाव आयोग के खिलाफ धरने पर बैठीं ममता, 3 घंटे में बनाई 2 पेंटिंग...

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ कोलकाता में दिया धरना तीन घंटे में ही खत्म कर दिया। कोलकाता के मेयो रोड स्थित महात्मा गांधी मूर्ति के पास धरना खत्म करने के बाद ममता ने ऐलान किया कि वह डरने वाली नहीं हैं और कल कूच विहार जाकर चौथे चरण के मतदान के दौरान केंद्रीय बलों की फायरिंग में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगी।
इससे पूर्व ममता बनर्जी दोपहर को 12 बजे व्हील चेयर पर ही धरना स्थल पर पहुंचीं। उनके पास कैनवास और कलर भी थे। ममता ने व्हील चेयर पर बैठे बैठे दो पेंटिग बनाई। उन्होंने लोगों को पेटिंग भी दिखाई। ममता का यह धरना चुनाव आयोग की उस कार्यवाही के खिलाफ था, जिसमें उन्हें सांप्रदायिक बयान देने के चलते सोमवार रात आठ बजे से मंगलवार रात आठ बजे तक प्रचार करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। टीएमसी प्रमुख ने आज तीन बजे धरना समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि वह कल यानी बुधवार को कूचबिहार में चौथे चरण के मतदान के दौरान केंद्रीय बल की फायरिंग में मारे गए चार लोगों के परिजनों से मुलाकात करने जाएंगी। बता दें कि ममता आज रात आठ बजे के बाद भी दो सभाओं को संबोधित करने वाली हैं।
 

सीबीआई ने गृहमंत्री को भेजा समन, 14 को होगी पूछताछ...

सीबीआई ने गृहमंत्री को भेजा समन, 14 को होगी पूछताछ...

मुंबई । महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री देशमुख की मुश्किलें अब बढऩे लगी हैं। 100 करोड़ रुपये की वसूली के मामले में सीबीआई ने अनिल देशमुख को पूछताछ के लिए हाजिर होने समन भेजा है। सीबीआई ने 14 अप्रैल को अनिल देशमुख को हाजिर होने को कहा है। बता दें कि पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि अनिल देशमुख ने 100 करोड़ की वसूली के लिए सचिन वाजे को टारगेट दिया था। इससे पहले रविवार को अनिल देशमुख के निजी सहायकों से सीबीआई ने पूछताछ की थी। अधिकारियों ने बताया कि देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिन्दे को बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू की गई प्रारंभिक जांच के तहत पूछताछ के लिए सीबीआई टीम के समक्ष पेश होने को कहा गया था। उन्होंने बताया कि सीबीआई के अधिकारी ने सांताक्रूज उपनगर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अतिथि गृह में दोनों से पूछताछ की।
अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि जब देशमुख ने निलंबित पुलिसकर्मी सचिन वाजे से मुंबई के बार एवं रेस्तराओं से 100 करोड़ रुपये प्रति माह वसूलने को कहा था, तो उस समय पलांडे भी वहां मौजूद थे। वाजे उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के निकट एक वाहन में विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में एनआईए की जांच का सामना कर रहा है। कहा जाता है कि उसने अपने बयान में कहा था कि इस तरह की एक अन्य बातचीत के दौरान कुंदन भी वहां मौजूद था।
सीबीआई ने उच्च न्यायालय के आदेश पर देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की प्रारंभिक जांच मंगलवार को शुरू कर दी थी। इसके लिए अधिकारियों का एक दल दिल्ली से मुंबई भेजा गया है। सीबीआई वाजे, सिंह और मुंबई पुलिस के अन्य अधिकारियों से पहले की पूछताछ कर चुकी है।
 

तिहाड़ जेल में कोरोना वायरस संक्रमण,  तीन कैदियों की हालत गंभीर, इतने आये चपेट में

तिहाड़ जेल में कोरोना वायरस संक्रमण, तीन कैदियों की हालत गंभीर, इतने आये चपेट में

देश की राजधानी दिल्ली की तिहाड़ जेल में कोरोना वायरस संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। दरअसल जेल के अंदर करीब 52 कैदी और सात अधिकारी भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। जबकि कोरोना संक्रमित 35 कैदियों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसमें से तीन कैदियों की हालत गंभीर है। इसके साथ ही तिहाड़ जेल प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इससे पहले 6 अप्रैल तक तिहाड़ जेल में 19 कैदी कोरोना की चपेट में आए थे, लेकिन उस वक्त तक कोई स्टाफ संक्रमित नहीं हुआ था। हालांकि इस बार कोरोना ने तिहाड़ जेल पर डबल अटैक किया है। बहरहाल, तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने हिंदुस्‍तान टाइम्‍स से कहा कि जेल परिसर में वायरस अब तेजी से फैल रहा है और ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि देश की सबसे बड़ी जेल में आइसोलेशन सेंटर बनाने की कोशिशें हो रही थीं। साथ ही बताया कि इस समय तिहाड़ में 20 हजार कैदी हैं, जबकि इसकी क्षमता 10026 है। ज्‍यादा कैदियों की वजह से कोरोना नियमों को पालन ठीक से नहीं हो पा रहा है।
तीन की हालत गंभीर

जेल अधिकारियों के मुताबिक, 52 में से तीन कैदियों की हालत काफी गंभीर थी, जिन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि 32 कैदी दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं, 17 अलग-अलग जेलों में सेल्फ क्वरांटाइन में हैं। यहीं नहीं, सात अधिकारियों को भी क्वारंटाइन में रखा गया है। इसके अलावा इस बीच तिहाड़ के महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा, ‘हम जेल के भीतर आइसोलेशन स्‍पेश बना रहे हैं। वहीं, बाहर से आए परिवारों द्वारा द्वि-साप्ताहिक यात्रा को निलंबित कर दिया गया है। यही नहीं, अदालतों में कैदियों को वर्चुअली ही पेश किया जा रहा है।’

अब तक 200 कैदियों को लगी कोरोना वैक्‍सीन

इसके अलावा संदीप गोयल ने बताया कि अब तक 200 कैदियों को कोरोना वैक्‍सीन लगी है। हालांकि जेल में अभी 326 कैदी 60 से अधिक और 300 कैदी 45 से 49 साल की उम्र के हैं। साथ ही उन्‍होंने कहा कि जिन 200 कैदियों को वैक्‍सीन लगाई गई है, उनमें तिहाड़ जेल के 160, तो रोहिणी और मंडोली जेल के 40 कैदी शामिल हैं। इसके साथ उन्‍होंने कहा कि जेल नंबर 3 में कोरोना वैक्‍सीनेशन के लिए सेंट्रल जेल अस्‍पताल बनाया गया था।

दिल्‍ली में बेकाबू कोरोना

पिछले 24 घंटे में कोरोना के 11491 नए मामले सामने के साथ 72 लोगों की मौत हुई है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में राजधानी का संक्रमण दर 9.43 फीसदी रहा। दिल्ली में अब तक 736688 कोरोना मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 11355 मरीजों की अब तक कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो चुकी है। वहीं, अब दिल्‍ली में 1.6 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्‍ट किया गया है। जबकि 30 अप्रैल तक दिल्‍ली में नाइट कर्फ्यू भी लगा हुआ है।

जलियांवाला बाग नरसंहार की 102वीं वर्षगांठ

जलियांवाला बाग नरसंहार की 102वीं वर्षगांठ

13 अप्रैल, 2021 को जलियांवाला बाग नरसंहार की वर्षगांठ के रूप में चिह्नित किया जा रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने महान शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

जलियांवाला बाग हत्याकांड (Jallianwala Bagh Massacre)
13 अप्रैल, 1919 क (बैसाखी के दिन), अमृतसर के जलियांवाला बाग में, एक शांतिपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। जनरल डायर ने हजारों लोगों की भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दिया, जिसमे बड़ी संख्या में निर्दोष लोग मारे गये थे। लोग पार्क में रोलेट एक्ट के विरोध में एकत्र हुए थे।

इस नरसंहार के लिए जनरल डायर को ब्रिटिश संसद द्वारा सम्मानित किया गया था। इसने महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर सहित कई नेताओं को परेशान किया और इसके बाद मुक्ति संघर्ष की तीव्र शुरुआत की।

रौलट एक्ट (Rowlatt Act)
इस अधिनियम ने ब्रिटिश सरकार को किसी भी व्यक्ति को अधिकतम 2 साल तक आतंक के संदेह में कैद करने का अधिकार दिया था। 3 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ शीघ्र परीक्षणों के लिए एक पैनल स्थापित किया गया था। इस पैनल के ऊपर अपील की कोई अदालत नहीं थी। इस अधिनियम ने प्रेस पर गंभीर प्रतिबंध भी लगा दिए थे।

 

राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम पर लगाई मुहर, जाने कौन है

राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम पर लगाई मुहर, जाने कौन है

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र को भारत का मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। सुशील चन्द्र 13 अप्रैल, 2021 को पदभार ग्रहण करेंगे। वह सुनील अरोड़ा (Sunil Arora) का स्थान लेंगे। इससे पहले सुशील चंद्र केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes – CBDT) के अध्यक्ष थे।

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI)
यह एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण है जो भारत में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर चुनाव प्रक्रियाओं का संचालन करता है।
यह लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं और राज्य विधान परिषदों के चुनाव भी आयोजित करता है।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के कार्यालयों के चुनाव भी निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित किए जाते हैं।
इसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को अनुच्छेद 324 के अनुसार की गई थी।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस
25 जनवरी को भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देश में चुनावों में मतदान करने के लिए लोगों को बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। इस दिवस के अवसर पर चुनावी प्रक्रिया में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले निर्वाचन अधिकारियों को सम्मानित (National Awards for the Best Electoral Practices) किया जाता है।

 

अमेरिकी थिंक टैंक ने कहा भारत को साथ ले कर ही चीन को...

अमेरिकी थिंक टैंक ने कहा भारत को साथ ले कर ही चीन को...

वाशिंगटन/नई दिल्ली । विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) नीति संबंधी मुख्य अमेरिकी थिंक टैंक का कहना है कि अमेरिका उभरते चीन को रोकना चाहता है और ऐसे में उसके लिए भारत के महत्वपूर्ण कोई अन्य देश नहीं है, जिसके पास अत्यंत दक्ष तकनीकी पेशेवर हैं और जिसके अमेरिका के साथ मजबूत राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं।
थिंक टैंक `इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन` (आईटीआईएफ) ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह कहा। उसने अमेरिका को भारत पर ``अत्यधिक निर्भर`` होने को लेकर सचेत करते हुए यह भी कहा कि यदि दोनों देशों के बीच बौद्धिक सम्पदा, डेटा संचालन, शुल्क, कर, स्थानीय विषय वस्तु की आवश्यकताएं या व्यक्तिगत निजता जैसे मामलों पर बड़े मतभेद पैदा होते हैं, तो आईसी सेवा प्रदाता भारत रणनीतिक समस्या बन सकता है।
रिपोर्ट में सबसे खराब और सबसे अच्छे परिदृश्यों पर गौर किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक परिदृश्य यह है कि भारत और चीन के बीच तनाव कम हो और दोनों पड़ोसी देशों के बीच कारोबारी संबंध मजबूत हों।
ऐसी स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था पूर्व दिशा की ओर स्थानांतरित हो जाएगी और अमेरिका इस बारे में कुछ खास नहीं कर पाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, दूसरा परिदृश्य यह है कि चीन के कारण आर्थिक, सैन्य और अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ी चुनौतियां बढ़ने के बीच भारत और अमेरिका के हित समान हों।
ऐसी स्थिति में अधिकतर विकसित देशों में लोकतांत्रिक नियम कायम रहेंगे, क्योंकि विकासशील देश `बीजिंग मॉडल` के बजाए `दिल्ली मॉडल` को देखेंगे। थिंक टैंक ने कहा, ``अमेरिका उभरते चीन को रोकना चाहता है और ऐसे में, भारत से महत्वपूर्ण कोई अन्य देश नहीं है, जिसका आकार बहुत बड़ा है, जिसके पास अत्यधिक कुशल तकनीकी पेशेवर हैं और जिसके अमेरिका के साथ मजबूत राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं।``
आईटीआईएफ के सदस्य एवं रिपोर्ट के सह लेखक डेविड मोशेला ने कहा कि जो ताकतें अमेरिका और चीन के बीच मतभेद बढ़ा रही हैं, वही ताकतें अमेरिका और भारत को निकट ला रही हैं। उन्होंने कहा, ``अमेरिका, भारत और चीन के संबंध आगामी कई वर्षों तक वैश्विक प्रतिद्वंद्वता और डिजिटल नवोन्मेष को आकार देंगे।
व्यापक संभावित परिदृश्य होने के बीच दो बातें स्पष्ट हैं: चीन से मुकाबला करने और उस पर निर्भरता को कम करने के लिए भारत को अमेरिकी प्रयासों का अहम हिस्सा होना चाहिए और इससे अमेरिका की वैश्विक निर्भरताएं विनिर्माण से लेकर सेवा क्षेत्र तक अवश्य बढ़ जाएंगी।``
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत अनुसंधान एवं विकास, नवोन्मेष केंद्रों, मशीनों संबंधी जानकारी, विश्लेषण, उत्पाद के डिजाइन एवं जांच और आईटी एवं जीव विज्ञान समेत विभिन्न क्षेत्रों में अहम प्रगति कर रहा है।
 

किसानों को सीधे भुगतान के लिए आढ़तियों को शामिल करेगी  इस प्रदेश की सरकार

किसानों को सीधे भुगतान के लिए आढ़तियों को शामिल करेगी इस प्रदेश की सरकार

पंजाब सरकार ने हाल ही में केंद्र सरकार से कहा कि वह इस खरीद सत्र को शुरू करने वाले किसानों के खातों में सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान करेगी। हालाँकि, राज्य के आढ़ती प्रत्यक्ष भुगतान का विरोध करते रहे हैं। राज्य में आढ़ती कमीशन एजेंट हैं। पहले वे पंजाब में किसानों को भुगतान करते थे। इस मुद्दे को हल करने के लिए, पंजाब ने अब खरीद सॉफ्टवेयर में संशोधन किया है ताकि आढ़तियों को प्रत्यक्ष भुगतान प्रक्रिया में शामिल किया जा सके।

पंजाब में आढ़तियो और किसानों में मजबूत और सदियों पुराना भरोसा है। हालांकि, सरकार के अनुसार, कई आढ़ती पैसा लूट रहे हैं और आवंटित धन किसानों तक नहीं पहुंचता है।

डायरेक्ट पेमेंट सिस्टम में कैसे शामिल होंगे आढ़ती?
पंजाब राज्य में लगभग 28,000 पंजीकृत आढ़ती हैं। उनमें से प्रत्येक के पास 20 से 200 किसान जुड़े हुए हैं। इससे पहले, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य भुगतान आढ़तियों के खातों में आता थे। वे फिर किसानों को भुगतान करते थे। अब यह राशि सीधे किसानों के खाते में आएगी। हालाँकि, यह तब होगा जब आढ़ती “pay now” पर क्लिक करेंगे। एमएसपी प्राप्त करने के 48 घंटे के भीतर उन्हें ऐसा करना होगा। यदि वे 48 घंटे के भीतर राशि हस्तांतरित करने में विफल रहते हैं, तो राशि सीधे 72 घंटों में किसानों के खाते में जमा हो जाएगी।

आढ़ती (Arhtiyas)
आढ़ती पंजाब की मंडियों में विभिन्न सेवाएं प्रदान करते हैं। इसमें सरकारी गोदामों में फसल की सफाई, भराई, वजन तोलना और फसल को उतारना शामिल है। इन कार्यों के लिए सरकार उन्हें 2.5% कमीशन देती है।

किए गए बदलाव
पंजाब सरकार ने अनाज खरीद पोर्टल (Anaaj Kharid Portal) को संशोधित किया है। इस पोर्टल पर आढ़तियों को एक संदेश मिलेगा। संदेश उसके साथ जुड़े किसान का नाम प्रदान करेगा, जिसकी राशि हस्तांतरण के लिए तैयार है। संबंधित आढ़ती को पैसे ट्रांसफर करने के लिए “Pay Now” पर क्लिक करना होगा।

 

1 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदेगी सरकार

1 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदेगी सरकार

भोपाल । मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। हालात ये हो गए हैं कि कई मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। कई हिस्सों से ऑक्सीजन की कमी के चलते लोगों को परेशानी हो रही है, जिसको ध्यान में रखते हुए अब मध्यप्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि वो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन खरीदेगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने 2 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन खरीदने का आर्डर दे दिया है। इन मशीनों को आईसीयू वार्ड में रखा जाएगा, जहां गंभीर रूप से पीड़ित कोरोना मरीजों का इलाज होता है। दरअसल, मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों से रेमडेसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन सिलेंडर और अस्पतालों में बेड की कमी से सरकार की किरकिरी हो रही थी।
बता दें कि अचानक से कोरोना के मामले बढ़ने से सरकार के सामने भी चुनौती है कि इस कमी को जल्द दूर कैसे किया जाए। एक तरफ तो सरकार इस महीने एक लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने जा रही है, तो वहीं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों की खरीदी से गंभीर कोरोना पीड़ित मरीजों के इलाज में सहूलियत होगी। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन हवा से सीधे ऑक्सीजन लेकर उसे फिल्टर करती है और उसके बाद कम्प्रेस करने के बाद नली के जरिए सीधे मरीज को ऑक्सीजन दी जाती है, जिससे उसका सेचुरेशन लेवल नीचे न जाए।
वहीं दूसरी तरफ सरकार ने ऑक्सीजन का परिवहन करने वाले टैंकरों को एंबुलेंस घोषित कर दिया है। गृह विभाग ने बकायदा इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि ऑक्सीजन टैंकर बिना देरी के अस्पतालों तक पहुंच सकें, जिससे वहां ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित न हो।
 

भारत में स्पुतनिक-V वैक्सीन को मिली है इस्तेमाल की मंजूरी, जानें इससे जुड़ी पांच बेहद जरूरी बातें

भारत में स्पुतनिक-V वैक्सीन को मिली है इस्तेमाल की मंजूरी, जानें इससे जुड़ी पांच बेहद जरूरी बातें

भारत ने रूस में कोविड-19 के खिलाफ तैयार वैक्सीन स्पुतनिक-V के आपात इस्तेमाल को लेकर सशर्त मंजूरी दे दी है. देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने इस वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर ये फैसला लिया है. कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद भारत सरकार की तरफ से यह तीसरी वैक्सीन है, जिसे आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिलने के साथ ही ये देश में कोविड-19 खिलाफ इस्तेमाल में आने वाली टेस्सरी वैक्सीन बन जाएगी.


कई राज्यों ने देश में वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र से चिंता जाहिर की थी. ऐसे में स्पुतनिक-V को मिली मंजूरी से देश में वैक्सीन की आपूर्ति दोबारा बढ़ने की उम्मीद है. इससे पहले भारत ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनिका की तरफ से तैयार वैक्सीन कोविशील्ड के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी. भारत में इसका उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से किया जा रहा है. इसके साथ ही, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक की तरफ से तैयार की गई दवा कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल कर उसे मंजूरी दी गई है. ऐसे में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V ऐसी तीसरी वैक्सीन है जिसके आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है.


स्पुतनिक-V की पांच खास बातें-

• भारत में स्पुतनिक-V की डोज तैयार करने के लिए रशियन डायरेक्ट इनवेस्ट फेंड (RDIF) हैदराबाद की दवा कंपनी डॉक्टर रेड्डी लेबोरेट्रीज समेत कई भारतीय दवा निर्माता कंपनियों के साथ साझेदारी की है. रेड्डी लेबोरेट्रीज के अलावा इस साझेदारी में Hetero Biopharma, Gland Pharma, Stelis Biopharma और Vichrow Biotech शामिल है.
• रूस ने पिछले साल अगस्त में ही इस वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी. रूस द्वारा वैक्सीन के बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल करने से पहले ही इसके इस्तेमाल को मंजूरी देने के फैसले की कई विशेषज्ञों ने आलोचना की थी. हालांकि बाद में इस वैक्सीन पर की गयी स्टडी के अनुसार इसे कोविड-19 से लड़ने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और असरदार बताया गया है
• रिपोर्ट्स के अनुसार ये वैक्सीन साधारण सर्दी और जुखाम देने वाले human adenoviral vectors को केंद्र में रखकर तैयार की गयी है. दो डोज में लगने वाली ये वैक्सीन दो अलग अलग vectors का इस्तेमाल करती है, जिसके चलते ये हमारी इम्यूनिटी लम्बे समय तक मजबूत बनाए रखती है.
• रूस स्थित Gamaleya Institute द्वारा तैयार स्पुतनिक-V, कोरोना वायरस के खिलाफ 91.6 प्रतिशत तक असरकारक है. इसका परीक्षण रूस में 19,866 लोगों पर किया गया था. स्पुतनिक वेबसाइट के मुताबिक, अंतिम चरण का परीक्षण यूएई, भारत, वेनेजुएला और बेलारूस में किया गया था.
• वैश्विक मार्केट में इस वैक्सीन के प्रत्येक डोज की कीमत लगभग 10 डॉलर है. इसके ड्राई फॉर्म को से2 से 8 डिग्री के तापमान के बीच रखा जाता है. देश में इसकी उत्पादन श्रमता लगभग 850 मिलियन डोज की है. जिसके चलते ये कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में और तेजी देने का काम करेगी.

 

इस प्रदेश ने लांच किया मास्क अभियान (Mask Abhiyan)

इस प्रदेश ने लांच किया मास्क अभियान (Mask Abhiyan)

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हाल ही में COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए 14 दिनों का “मास्क अभियान” लांच किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मास्क के उपयोग को एक आदत में बदलना है। यह COVID-19 की वर्तमान वृद्धि को नियंत्रित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। साथ ही, ओडिशा राज्य सरकार ने उल्लंघनकर्ताओं के लिए जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया है। ओडिशा सरकार ने महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत COVID -19 नियमों में संशोधन भी किया था। तदनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर पहली बार उल्लंघन के लिए 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जब दूसरी बार उल्लंघन किया जाता है, तो लोगों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

ओडिशा सरकार ने किन कानूनी आधारों पर जुर्माना लगाया है?
मई 2020 में, केंद्र सरकार ने राज्यों को महामारी रोग अधिनियम लागू करने का निर्देश दिया। यह अधिनियम राज्य सरकारों को एक महामारी के दौरान विशेष उपाय करने का अधिकार देता है। इन प्रावधानों के तहत, ओडिशा सरकार ने जुर्माना पेश किया है।

महामारी अधिनियम, 1897 के प्रावधान
स्वास्थ्य एक राज्य का विषय है।हालाँकि, महामारी अधिनियम की धारा 2A केंद्र सरकार को महामारी के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाने का अधिकार देती है।
अधिनियम की धारा 3 अवज्ञा के लिए दंड का प्रावधान करती है।
अधिनियम की धारा 4 अधिनियम के तहत कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है।
हाल ही में महामारी अधिनियम, 1897 में संशोधन
केंद्र सरकार ने हाल ही में इस अधिनियम में संशोधन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के खिलाफ हिंसा के कार्यों को दंडित किया जाएगा। आरोपी को तीन महीने से पांच साल तक की कैद होगी और 2 लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा।

 

कोरोना टीकाकरण को लेकर पूनावाला पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जाने क्या है कारण

कोरोना टीकाकरण को लेकर पूनावाला पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जाने क्या है कारण

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर 45 वर्ष से अधिक आयु के केवल ‘प्राथमिकता वाले आयु समूहों’ को कोविड-19 का टीका लगाने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी गई है और सभी नागरिकों के लिए इसकी खुराक देने का अनुरोध किया गया है।
राजनीतिक कार्यकर्ता एवं स्तंभकार तहसीन पूनावाला की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि देश में प्रतिदिन सामने आने वाले कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी हुई है और 9 अप्रैल को 1.31 लाख नए मामले सामने आए थे।

इसमें कहा गया है कि इससे सभी आयु समूहों और विशेष रूप से श्वसन बीमारियों जैसी अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए कोविड-19 टीकाकरण के लिए अनुमति दिए जाने की आवश्यकता बढ़ गई है, जिन्हें वायरस की चपेट में आने के खतरे बावजूद टीके के जरिये संरक्षण का विकल्प नहीं दिया गया है।
अर्जी में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों में अचानक वृद्धि के बीच आयु-समूहों को लेकर यह मनमानी रोक है। यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाना जरूरी हो गया है कि टीका केवल 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए ही उपलब्ध नहीं हो बल्कि 45 वर्ष से कम आयु के ऐसे सभी व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध हो, जिन्हें ऐसे काम पर लगाया जाता है जिससे उन्हें हर दिन बाहर जाना पड़ता है और ऐसे उन सभी व्यक्तियों को भी, जो अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।
अर्जी में कहा गया है कि अन्य बीमारियों से पीड़ित होने के बावजूद 45 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को स्वीकृत टीके की उपलब्धता पर रोक मनमानी, अनुचित है, अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है जो जीवन का अधिकार प्रदान करता है, यह अनुच्छेद 14 का भी उल्लंघन है जिसमें सभी नागरिकों के लिए समानता का अधिकार प्रदान किया गया है।

याचिका में देश के सभी नागरिकों को कोविड-19 का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह अपनी नीति में प्रभावी बदलाव करे।
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने टीकाकरण के लिए दो टीकों के उपयोग को मंजूरी दी थी - सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन। केंद्र ने टीकाकरण की आयु सीमा को कम कर दिया है जिससे एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग टीके ले सकते हैं।

भारत में टीकाकरण के चरणों के तहत अब तक 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों, अन्य बीमारियों से पीड़ित 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, चिकित्सा पेशेवरों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को इसमें शामिल किया गया है।
 

सुप्रीम कोर्ट पर कोरोना का साया : 50 फीसदी स्टाफ संक्रमित, घर से काम करेंगे जज

सुप्रीम कोर्ट पर कोरोना का साया : 50 फीसदी स्टाफ संक्रमित, घर से काम करेंगे जज

नई दिल्ली। देशभर में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के साथ-साथ अब एक और बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी मिली है कि सुप्रीम कोर्ट का 50 फीसदी स्टाफ कोरोना से संक्रमित हो गया है। ऐसे में अब सभी न्यायाधीश अपने घर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करेंगे। वहीं पीठ भी निर्धारित समय से एक घंटा देरी से बैठेंगी। कोरोना के मामलों को देखते हुए कोर्ट रूम सहित पूरे कोर्ट परिसर को सैनेटाइज किया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने कोरोना पॉजिटिव कर्मचरियों का कोई आंकड़ा नहीं जारी किया है।
एक जज ने इस मामले में जानकारी दी है। जज ने साफतौर पर कहा है क‍ि मेरा अधिकांश स्टाजफ और क्लजर्क कोरोना संक्रमित हैं। कुछ जज भी पहले कोरोना संक्रमित हुए थे, लेकिन अब वह ठीक हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट जजों को सीधे सेवाएं देने वाले करीब 50 प्रतिशत कर्मचारी अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। ऐसे में जज आज अपने-अपने घर से मामलों की सुनवाई करेंगे। इसी के साथ बताया गया है कि जिन मामलों की सुनवाई 10.30 बजे शुरू होनी थी वो अब 11.30 बजे होगी वहीं जिन मामलों की सुनवाई 11 बजे होनी थी वो 12 बजे होगी।
 

उज्जैन महाकाल मंदिर के पुजारी चंद्र मोहन का कोरोना से निधन

उज्जैन महाकाल मंदिर के पुजारी चंद्र मोहन का कोरोना से निधन

उज्जैन। महाकाल मंदिर के पुजारी चंद्र मोहन का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया है। चंद्र मोहन मार्च में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे, जिसके बाद उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को पुजारी चंद्र मोहन की मौत की खबर आते ही उज्जैन के साथ-साथ महाकाल मंदिर के लोग शोक में डूब गए।
इन दिनों महाकाल की नगरी उज्जैन के महाकाल मंदिर में जहां कोरोना संक्रमण से दुनिया को निजात दिलाने के लिए 11 दिवसीय महामृत्युंजय जाप चल रहा है। यहां 70 से ज्यादा पंडे पुजारी दिन-रात जाप कर रहे हैं। इसी दौरान आई एक बेहद दुखद खबर ने पूरे उज्जैन को दुखी कर दिया है। दरअसल दुनिया भर में प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में कई सालों से है महाकाल की सेवा करने वाले पुजारी चंद्र मोहन काका की मृत्यु कोरोना संक्रमण के चलते हो गई है।
मार्च में संक्रमित हुए चंद्र मोहन पुजारी को इंदौर के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था शनिवार को की मौत की खबर आते ही उज्जैन के साथ-साथ महाकाल मंदिर के लोग शोक में डूब गए। ऐसे में महामृत्युंजय जाप में शामिल सभी पंडे पुजारियों ने मृतक पुजारी चंद्र मोहन को श्रद्धांजलि दी।अभी महाकाल मंदिर के दो पुजारी कोरोना से संक्रमित है।
महाकाल के सेवक माने जाने वाले चंद्र मोहन के शव को उज्जैन लाया गया लेकिन केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक शव परिवार को नहीं सौपा गया। शव का अंतिम संस्कार निगमकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने चक्र तीर्थ पर किया।
 

BIG BREAKING : शहर के इस मेडिकल स्टोर में एक रेमडेसिविर इंजेक्शन के वसूले जा रहे थे 18 हजार रुपये, जिला प्रशासन ने मेडिकल किया सील

BIG BREAKING : शहर के इस मेडिकल स्टोर में एक रेमडेसिविर इंजेक्शन के वसूले जा रहे थे 18 हजार रुपये, जिला प्रशासन ने मेडिकल किया सील

जबलपुर | मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक बड़ी खबर आ रही है | खबर मिली है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने के साथ साथ लाइफ सेविंग इंजेक्शन रेमडेसिविर की स्टॉक में कमी हो रही है | बताया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर में रेमडेसिविर दवा मिल नहीं रही है । लोग एक मेडिकल से दूसरे मेडिकल में चक्कर लगा रहे हैं। इसी बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को ले कर एक बड़ी खबर निकल कर सामने आई है। खबर मिली है कि जबलपुर के मढाताल स्थित मुनीश मेडिकल पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते रंगे हाथो पकड़ा गया है | जानकारी के अनुसार मेडिकल में एक डोज के 18 हजार तक वसूले जा रहे थे। प्रशासन की टीम ने मेडिकल को सील कर दिया है।

 

स्वास्थ्य सचिव ने महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ को लिखा पत्र, कही यह बात

स्वास्थ्य सचिव ने महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ को लिखा पत्र, कही यह बात

नई दिल्ली, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ को पत्र लिखा है. स्वास्थ्य सचिव ने केंद्रीय स्वास्थ्य टीमों के जरिए COVID19 टेस्टिंग, अस्पताल के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा कार्यबल और टीकाकरण के संबंध में दी गई रिपोर्ट को लेकर इन राज्यों से उपयुक्त सुधारात्मक उपाय करने के लिए कहा है.


गौरतलब है कि भारत में कोरोन की दूसरी लहर खतरनाक रूप लेती जा रही है. भारत में कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड 1,52,879 नए मामले आने से संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,33,58,805 हो गई, जबकि देश में वर्तमान में इस बीमारी का इलाज करा रहे लोगों की संख्या महामारी शुरू होने के बाद से पहली बार 11 लाख के आंकड़े के पार चली गई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, महामारी से एक दिन में 839 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 1,69,275 हो गई है. 18 अक्टूबर 2020 के बाद से इस बीमारी से एक दिन में जान गंवाने वाले लोगों की यह सर्वाधिक संख्या है.
मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण के मामलों में लगातार 32वें दिन वृद्धि हुई है. देश में अब भी 11,08,087 लोग संक्रमित हैं जो संक्रमण के कुल मामलों का 8.29 प्रतिशत है जबकि स्वस्थ होने वाले लोगों की दर गिरकर 90.44 प्रतिशत रह गई है.
देश में सबसे कम 1,35,926 उपचाराधीन मरीज 12 फरवरी को थे और सबसे अधिक 10,17,754 उपचाराधीन मरीज 18 सितंबर 2020 को थे, लेकिन अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या इस आंकड़े से भी आगे निकल गई है. आंकड़ों के अनुसार इस बीमारी को अब तक 1,20,81,443 लोग शिकस्त दे चुके हैं जबकि मृत्यु दर 1.27 प्रतिशत है. 

BIG BREAKING : मध्य प्रदेश में महसूस किये गए भूकंप के झटके

BIG BREAKING : मध्य प्रदेश में महसूस किये गए भूकंप के झटके

शहडोल में रविवार दोपहर 12.53 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप के दहशत से लोग घरों से बाहर निकल आए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 थी. हालांकि अभी तक कोई जान माल के नुकसान की खबर नहीं आई है.  

कांग्रेस नेताओं के दुर्व्यवहार से आहत डॉक्टर ने दिया इस्तीफा...

कांग्रेस नेताओं के दुर्व्यवहार से आहत डॉक्टर ने दिया इस्तीफा...

भोपाल। भोपाल स्थित जेपी अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई। मौत की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और पूर्व पार्षद गुड्डू चौहान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंच गए। यहां नेताओं ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों को जमकर फटकारा।
इस हंगामे के बाद मरीज का इलाज करने वाले डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने अपने साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि `मरीज बहुत ही गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उसका सैचुरेशन लेवल 30% था और हमने परिवार को पहले ही बता दिया था कि इनका बचना मुश्किल है। उन्हें बाहर नहीं भेज सकते थे, क्योंकि उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी। जब 2 घंटे बाद उनकी मौत हुई तो कुछ बाहरी लोग आए और मेरे साथ दुर्व्यवहार किया, मुझ पर सबके सामने चिल्लाया, जिससे मैं बहुत आहत हूं और मैं ऐसे नौकरी नहीं कर सकता, मैंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है।`
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और पूर्व पार्षद गुड्डू चौहान ने आरोप लगाया कि विधायक के अस्पताल में आने के बावजूद कोई स्टाफ उन्हें जानकारी नहीं दे रहा था। पीसी शर्मा ने कहा कि उन्होंने किसी से बदतमीजी नहीं की, लेकिन उनके साथ आए लोगों ने ऊंची आवाज में डॉक्टर से बात जरूर की। उनका गुस्सा जायज था, क्योंकि अस्पताल में कोई जवाब ही देने वाला नहीं था, जो यह बता दे कि मरीज के साथ हुआ क्या था।
वहीं घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए घटना की निंदा करते हुए लिखा है कि `हमारे कोरोना योद्धा लगातार अपनी जान दांव पर लगाकर पीड़ित मानवता की सेवा में कार्यरत हैं। मैं स्वयं भी कई बार अपील कर चुका हूं कि हम सभी को एकजुट होकर, राजनीति से ऊपर उठकर इन सभी का सहयोग करना चाहिए और इनका मनोबल बढ़ाना चाहिए, ताकि वे और बेहतर तरीके से समाज की सेवा करें। आज भोपाल के जेपी अस्पताल में जिस प्रकार कुछ लोगों ने डॉक्टर्स और वहां मौजूद स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया, हंगामा खड़ा किया, वह बेहद शर्मनाक है। किसी भी व्यक्ति को हमारे डॉक्टर्स के साथ दुर्व्यवहार करने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज की घटना के कारण जेपी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने अत्यंत व्यथित होकर इस्तीफा तक सौंप दिया है. हम एक सभ्य समाज में रह रहे हैं, इस समय जब साथ मिलकर खड़े होने की ज़रूरत है, ऐसे में हंगामा करना न तो जनहित में है और न ही इससे कोरोना का मुकाबला किया जा सकता है। आज जेपी अस्पताल में जो घटना हुई, ऐसी घटनाओं से दिन और रात कार्यरत हमारे डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लोगों का मनोबल गिरता है। मैं पुनः अपील करता हूं, सभी लोग सभ्य और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें, डॉक्टर्स का मनोबल गिराने की जगह उनका मनोबल बढ़ाएं।`
 

मुख्यमंत्री ने भी माना लॉकडाउन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है

मुख्यमंत्री ने भी माना लॉकडाउन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है

मुंबई, महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए सीएम उद्धव ठाकरे ने आज सर्वदलीय बैठक की। बैठक में सीएम उद्धव ने कहा कि राज्य में अगर केस कम नहीं हुए तो 21 अप्रैल तक स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि ये वक्त लॉकडाउन का है, लॉकडाउन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। दुनिया ने लॉकडाउन को स्वीकार किया है।
बैठक में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया तो जनता सड़क पर आ सकती है। उन्होंने कहा कि लोगों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना होगा।

महाराष्ट्र में लागू है वीकेंड लॉकडाउन
महाराष्ट्र के सभी ज़िलों में कोरोना की रोकथाम को लेकर सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन लगाया है। वीकेंड पर लगाए गए लॉकडाउन को अब तक उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और मुंबई, पुणे, औरंगाबाद तथा नागपुर समेत राज्य के अधिकतर हिस्सों में सड़कें और बाजार सुने पड़े हैं।
बहरहाल, राजधानी मुंबई के कुछ बाजारों समेत राज्य के कुछ स्थानों पर लोगों को एक ही जगह पर बड़ी संख्या में जमा होकर दूरी और अन्य नियमों को तोड़ते देखा गया। राज्य में पहला वीकेंड लॉकडाउन शुक्रवार रात आठ बजे शुरू हुआ और यह सोमवार सुबह सात बजे तक जारी रहेगा।

शुक्रवार का आए करीब 59 हज़ार केस
शुक्रवार को पिछले 24 घंटों में राज्य में 58,993 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और 301 मरीजों की मौत हुई। केवल मुंबई में 9,200 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और 35 लोगों की मौत हुई है।