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ये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद भी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

ये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद भी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल के कांग्रेस चीफ अधीर रंजन चौधरी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. उन्होंने कहा है कि वह वर्चुअली चुनाव प्रचार जारी रखेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ट्वीट कर उनकी जल्द ठीक होने की कामना की है.

अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर कहा, "मेरा कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है. जो भी पिछले 7 दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, मैं उन सभी से अपील करता हूं कि वे सभी कोविड प्रॉटोकोल का पूरा पालन करें."

 

शशि थरूर कोरोना वायरस से हुए संक्रमित, मां भी हुईं पॉजिटिव, दोनों ले चुके हैं कोरोना की वैक्सीन

शशि थरूर कोरोना वायरस से हुए संक्रमित, मां भी हुईं पॉजिटिव, दोनों ले चुके हैं कोरोना की वैक्सीन

नई दिल्ली, कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं. थरूर की 85 वर्षीय मां की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. दोनों कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं.

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि टेस्टिंग अपॉइंटमेंट के दिए दो दिन और रिपोर्ट के लिए डेढ़ दिन इंतजार करने के बाद पुष्टि हुई है कि मैं कोविड पॉजिटिव हूं. मेरी बहन और 85 वर्षीय मां की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

थरूर ने आगे कहा कि आपको पता होना चाहिए कि मेरी बहन कैलिफोर्निया में फाइजर की दोनों डोज ले चुकी है. मैंने और मेरी मां ने कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी डोज आठ अप्रैल को ली थी. इसलिए हमारे पास यह कहने के पर्याप्त तर्क हैं कि वैक्सीन कोरोना के संक्रमण को नहीं रोकती है बल्कि वैक्सीन वायरस के असर को कम करती है.

 

दवा दुकानों में नहीं मिलेगी कोरोना वैक्सीन, सरकार ने बताया टीका लेने के बाद कितने हुए पॉजिटिव

दवा दुकानों में नहीं मिलेगी कोरोना वैक्सीन, सरकार ने बताया टीका लेने के बाद कितने हुए पॉजिटिव

देश में बेकाबू कोरोना रफ्तार के बीच केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 146 जिले खास चिंता पैदा करने वाले हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि 308 जिलों में कोरोना काबू में हैं. बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में इस वक्त 21 लाख 57 हजार केस सक्रिय है, जो पिछले साल के मुकाबले दो गुने हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रेलवे 1200 बेड दे रहा है. इसके साथ ही, 500 बेड डीआरडीओ ने तैयार किया है. केन्द्र सरकार ने 2005 बेड बढ़ाए हैं. इसके साथ ही कोरोना से मृत्यु की दर भी कम हो रही है.


13 करोड़ से ज्यादा को लगी वैक्सीन

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि देश में अब तक करीब 13 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिनमें से 30 लाख लोगों को पिछले 24 घंटे के दौरान टीका लगाया गया. अब तक 87 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा चुका है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वैक्सीन दवाई दुकानों में नहीं मिलेगी. उन्होंने बताया कि सरकार राज्यों को वैक्सीन देती रहेगी. लेकिन, सरकारी वैक्सीनेशन सेटरों पर ही टीका मिलेगा. मंत्रालय की तरफ से आगे बताया गया कि वैक्सीन लेने के लिए सभी लोगों को कोविन-एप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा.


"टीका के बाद कितने हुए पॉजिटिव"

देश मे कोवैक्सीन की 1.1 करोड़ खुराक दी गई, जिनमें से पहली डोज लेने के बाद 4,208 और 695 दूसरी डोज लेने के बाद पॉजिटिव हुए. कोविशील्ड वैक्सीन देश में 11.6 करोड़ लोगों को दी गई, इनमें से 17, 145 पहली डोज के बाद और दूसरी डोज के बाद 5014 पॉजिटिव हुए. सरकार ने बताया कि कोविशील्ड या कोवैक्सीन की पहली खुराक ले चुके 21000 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए जबकि उनकी दोनों खुराक ले चुके लोगों में से भी 5500 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए.

 

गुजरात: कोरोना से बिगड़ते हालत के बीच सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने से मरीज को घर से ही बेड लेकर आना पड़ रहा

गुजरात: कोरोना से बिगड़ते हालत के बीच सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने से मरीज को घर से ही बेड लेकर आना पड़ रहा

राजकोट । गुजरात में कोरोना को लेकर स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। राज्य में मंगलवार को रिकॉर्ड तोड़ कोरोना के नए मामले सामने आए तो यहां के सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं होने की वजह से मरीज को घर से ही बेड लेकर आना पड़ रहा है। निजी अस्पताल हाउसफुल हो गए हैं, तो सरकारी अस्पताल में लंबी कतारें देखने को मिल रही है। आम लोगों को ऑक्सीजन की बोतल मिलना भी बेहद मुश्किल हो चुका है तो दूसरी ओर किसी भी अस्पताल में बेड खाली नहीं है। जिनको बेड नहीं मिल रहे हैं वह अब सरकारी अस्पताल में अपने घर से बेड लेकर इलाज करवाने आ रहे हैं।
राजकोट के चौधरी हाईस्कूल के मैदान में अस्पताल में भर्ती होने की प्रतीक्षा कर रहे मरीज के परिवारों को अपने स्तर पर ही उपचार की व्यवस्था करनी पड़ रही है। यहां के एक मरीज को कल रात से राजकोट कोविड अस्पताल में बिस्तर नहीं मिला तो परिजन घर से बेड लाकर जमीन पर मरीज का इलाज करवाने को मजबूर हैं।
सुबह से ही सिविल अस्पताल के पास चौधरी मैदान में 100 से अधिक एंबुलेंस और निजी वाहनों की कतार देखी गई। कोरोना के बढ़ते केसों के कारण राजकोट के निजी अस्पताल के सभी बेड अब भर गए हैं। सिविल अस्पताल में भी, मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज तो ऐसे भी हैं जो रात से ही लाइन में खड़े हैं।
कोरोना के मरीज 108 के माध्यम से सिविल अस्पताल में आ रहे हैं, लेकिन वर्तमान में 108 में इतना इंतजार है कि बाकी मरीजों को अपने निजी वाहनों में आना पड़ता है। जिन मरीजों को 108 की सेवा नहीं मिल रही है, वे निजी वाहनों में सिविल अस्पताल आ रहे हैं। राजी बहन जो अपने साथ बेड लेकर आई उनका कहना है कि ऑटो में मरीज ज्यादा वक्त बैठ नहीं सकते। अस्पताल में बिस्तर है नहीं, ऐसे में हम खटिया लेकर आए हैं, अब तो इलाज शुरू करें।
कई मरीज ऑक्सीजन की बोतल के साथ रिक्शा में सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। चौधरी हाईस्कूल के मैदान में भी लंबी कतारें देखी जाती हैं। सभी निजी वाहनों के साथ ही एंबुलेंस में भी ऑक्सीजन के साथ मरीजों को यहां लाया जाता है। कई मरीजों को अस्पताल के मैदान में एंबुलेंस के अंदर इलाज किया जा रहा है क्योंकि उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
 

ICMR ने बताया भारत में बनी COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को कर सकती है ... जानिए क्या कहा

ICMR ने बताया भारत में बनी COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को कर सकती है ... जानिए क्या कहा

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) ने हाल ही में घोषणा की कि COVAXIN COVID-19 के डबल म्युटेंट स्ट्रेन को बेअसर करता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology) ने हाल ही में ब्राजील संस्करण और यूके संस्करण के खिलाफ COVAXIN की क्षमता का प्रदर्शन किया। B.1.617 COVID-19 का हाल ही में फैलने वाला डबल म्युटेंट संस्करण है। यह E484Q के म्यूटेशन और L452R के म्यूटेशन को भी वहन करता है। इसके अलावा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने COVID -19 के सभी वेरिएंट को अलग किया है। इसमें ब्राजील संस्करण (B.1.1.28.2), यूके वेरिएंट (B.1.1.7) और दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट (B.1.351) शामिल हैं।

महत्व
1 मई, 2021 से शुरू होने वाले चरण 3 के टीकाकरण के साथ, यह जानना आवश्यक है कि क्या टीका तेजी से फैलने वाले म्यूटेंट के खिलाफ कुशल है।

वर्तमान परिदृश्य
भारत सरकार ने देश मेंचरण 3 के टीकाकरण में तेजी लाई है। ऐसा देश में टीकाकरण अभियान की गति बढ़ाने के लिए किया गया है। यह राज्य सरकारों को सीधे निर्माताओं से टीके खरीदने की अनुमति देकर किया जायेगा। टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए COVID-19 वैक्सीन निर्माताओं को प्रोत्साहन प्रदान किया जायेगा।
देश में प्रतिदिन 29 लाख से अधिक वैक्सीन खुराक दी जा रही है।
हालाँकि, भारत में COVID-19 मामले व्यापक रूप से बढ़ रहे हैं।इससे देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी हो गई है। इस कमी को संभालने के लिए, भारत 50,000 टन मेडिकल ऑक्सीजन का आयात कर रहा है। साथ ही, भारत ने PM CARES Fund की मदद से 162 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है।
COVAXIN
COVAXIN वैक्सीन इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के साथ भारत बायोटेक (Bharat Biotech) द्वारा निर्मित है। COVAXIN वैक्सीन को अन्य सभी टीकों के बीच चुना गया क्योंकि यह भारतीय जलवायु के लिए अत्यधिक उपयुक्त है। ऐसा इसलिए है क्योंकि COVAXIN को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टोर किया जा सकता है। 

भारत ने कुल इतने  करोड़ से अधिक टीकाकरण पूरा कर आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

भारत ने कुल इतने करोड़ से अधिक टीकाकरण पूरा कर आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

भारत ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के दौरान 13 करोड़ वैक्सीन खुराकों की समग्र संख्या को पार करते हुए आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली।
आज सुबह 7 बजे तक प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अब तक 19,01,413 सत्रों में टीके की कुल 13,01,19,310 खुराकें लगाई गईं। इनमें 92,01,728 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक और 58,17,262 स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरी खुराक दी गईं। इसके अलावा 1,15,62,535 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को पहली खुराक और 58,55,821 अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को दूसरी खुराक दी गई। 60 साल से ज्यादा उम्र के 4,73,55,942 लाभार्थियों को पहली और 53,04,679 को दूसरी खुराक दी गई। इसके साथ ही 45 से 60 साल उम्र के 4,35,25,687 लाभार्थियों को पहली और 14,95,656 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई। पिछले 24 घंटों में 2,95,041 नए मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश , दिल्ली ,कर्नाटक ,केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश ,तमिलनाडु ,गुजरात और राजस्थान समेत दस राज्यों में 76.32 प्रतिशत नए मामले दर्ज किए गए हैं। भारत में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 21,57,538 हो गई है जोकि देश के कुल पॉजिटिव मामलों का 13.82 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों की संख्या में 1,25,561 मामलों की गिरावट आई है। पांच राज्यों – महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और केरल में देश के कुल सक्रिय मामलों के 60.86 प्रतिशत मामले दर्ज हुए हैं। भारत में आज स्वस्थ हुए रोगियों की संख्या 1,32,76,039 हो गई है। राष्ट्रीय रिकवरी दर 85.01 प्रतिशत पर आ गयी है। पिछले 24 घंटों में 1,67,457 रोगी स्वस्थ हुए हैं । राष्ट्रीय मृत्यु दर में गिरावट आई है और वर्तमान में यह 1,17% है। पिछले 24 घंटे में 2,023 मौतें दर्ज हुई हैं । नई मौतों के दर्ज हुए कुल मामलों में से 82.6 प्रतिशत मामले दस राज्यों में दर्ज हुए हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 519 और दिल्ली में 277 मौतें हुई हैं। पिछले 24 घंटों में 9 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में कोविड -19 से कोई मौत दर्ज नहीं हुई है वे हैं- दमण और दीव, दादरा और नगर हवेली, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, मिज़ोरम, लक्षद्वीप, नगालैंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा अरुणाचल प्रदेश।

रेमडेसिविर पर सीमा शुल्क घटाया गया : सदानंद गौड़ा

रेमडेसिविर पर सीमा शुल्क घटाया गया : सदानंद गौड़ा

नई दिल्ली , केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने एक ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग की सिफारिश पर तत्काल आवश्यकता को देखते हुए राजस्व विभाग ने रेमडेसिविर और इसके एपीआई / केएसएम पर सीमा शुल्क घटा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से रेमडेसिवीर इंजेक्शन की घरेलू उपलब्धता को और अधिक बढाया जा सकेगा।

 

 राज्य सरकार का बैठक में बड़ा फैसला : 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण निशुल्क

राज्य सरकार का बैठक में बड़ा फैसला : 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण निशुल्क

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया है। 1 मई से शुरू होने वैक्सीनेशन के अगले चरण में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। केंद्र सरकार ने सोमवार को ही एक मई से 18 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण अभियान शुरू करने का फैसला किया। अभी तक सरकार 45 साल से ऊपर के लोगों को ही मुफ्त वैक्सीन लगा रही थी। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि 18 वर्ष के ऊपर के लोगों को फ्री में कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। लेकिन जो लोग सक्षम हैं टीके की कीमत चुका सकते हैं। उनसे यह भी अपील सरकार की तरफ से की जा सकती है कि वह निजी अस्पतालों में टीका लगवाएं।  

मंत्रिमंडल ने वित्त विधेयक, 2021 में संशोधन को मंजूरी दी

मंत्रिमंडल ने वित्त विधेयक, 2021 में संशोधन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त विधेयक, 2021 में सरकार के संशोधनों के लिए पूर्वव्यापी-स्वीकृति दे दी है (इसे 28 मार्च, 2021 को वित्त अधिनियम, 2021 के रूप में लागू किया गया था)। इन प्रस्तावों को स्पष्ट और तर्कसंगत बनाने के साथ-साथ वित्त विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों के बारे में हितधारकों की चिंताओं को दूर करने के लिए यह संशोधन आवश्यक थे।

उद्देश्य:

वित्त विधेयक, 2021 में सरकार के संशोधनों से विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों के बारे में हितधारकों की चिंताओं को दूर करके सभी करदाताओं को समान और समावेशी वातावरण प्रदान किया जाएगा।

वित्त विधेयक, 2021 में सरकार के संशोधन कर प्रस्ताव हैं जो सरकार के लिए समय पर राजस्व उत्पन्न करेंगे और करदाताओं की शिकायतों को दूर करके मौजूदा प्रावधानों को कारगर बनाएंगे। 

वायरस का नया वेरिएंट आने के बाद भी प्रभावी रहेगा वैक्सीन: विश्व स्वास्थ्य संगठन

वायरस का नया वेरिएंट आने के बाद भी प्रभावी रहेगा वैक्सीन: विश्व स्वास्थ्य संगठन

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार वर्तमान में कोविड-19 की जो भी वैक्सीन विकसित की जा रही हैं, वे वायरस के नए वेरिएंट्स के खिलाफ भी न्यूनतम सुरक्षा अवश्य देंगी। ये वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी और कोशिकाओं की शाृंखला से एक बड़ा इम्यून रिस्पांस तैयार करती हैं। इसलिए वायरस में कोई भी बदलाव या म्यूटेशन वैक्सीन को पूरी तरह निष्प्रभावी नहीं कर सकता।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार नए स्ट्रेन पर प्रभावी क्षमता बढ़ाने के लिए इन वैक्सीन के कंपोजिशन में कुछ बदलाव कर इन्हें अपग्रेड करना पड़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अभी सभी नए स्ट्रेन का डाटा लेकर उनके व्यवहार का अध्ययन कर रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी और वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं इनका वैक्सीन की प्रभावी क्षमता पर क्या प्रभाव है। यह प्रभाव अलग-अलग वैक्सीन पर अलग-अलग हो सकता है।

म्यूटेशन से निपटने की रणनीति
डब्ल्यूएचओ के अनुसार वायरस के म्यूटेशन से निपटने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं। पहला तो यह है कि वायरस के संभावित बदलावों को ध्यान में रखकर ही वैक्सीन बनाए और अपग्रेड किए जाएं। दूसरा वैक्सीन एक से ज्यादा स्ट्रेन के लिए बनाए जाएं तीसरा बदलाव के अनुसार बूस्टर टीका अलग से दिया जाए। इसके अलावा अगर जरूरी हो तो वैक्सीन में ही बदलाव किया जाए।

वायरस को बदलने से हम कैसे रोक सकते हैं
अगर वायरस का प्रसार रोक दिया जाए तो उसका म्यूटेशन यानी बदलाव भी रुक जाएगा। यह मुख्य कुंजी है। इसके लिए समय-समय पर हाथ धोते रहें। मास्क पहने रहें। सामाजिक दूरी बनाए रखें। वेंटिलेशन सही रखें। भीड़ भरी जगहों और बंद कमरों में अन्य लोगों के साथ बैठक करने से बचें। संक्रमण प्रसार को रोकने के लिए लगातार काम करने की जरूरत है।

क्या है एस्केप म्यूटेशन
सार्स-कोव-2 के अफ्रीकी स्ट्रेन में वायरस ने स्पाइक का एक महत्वपूर्ण प्रोटीन ही बदल लिया है। यह बदला हुआ प्रोटीन ई484के है, इसे वैक्सन से बनी एंटीबॉडी आसानी से नहीं पहचान पा रही। इसलिए इसे एस्केप म्यूटेशन कहा जा रहा है। समझा जा रहा है कि भारत में मिले डबल म्यूटेंट स्ट्रेन में भी स्पाइक की एक प्रोटीन ई484आर भी एस्केप म्यूटेशन बताया जा रहा है।

नए वेरिएंट आने पर टीका कितना महत्वपूर्ण
डब्ल्यूएचओ के अनुसार कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में टीका ही मुख्य हथियार है और यह इसमें जीवन रक्षक की भूमिका निभा सकता है। इस लिए वैक्सीन लेने से न चूकें।
चीन में सिनोवैक कंपी की कोरोना वैक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसका बहुत ही कम डाटा सार्वजनिक किया गया है। इसे परंपरागत तरीके से डिजाइन किया गया है, जिसमें वायरस का एक इनएक्टिव हिस्सा इस्तेमाल कर शरीर के इम्यून रिस्पोंस को सक्रिय किया जाता है। चीन से बाहर ब्राजील, इंडोनेशिया और तुर्की में भी कोरोना वैक का तीसरे चरण का ट्रायल हुआ। तुर्की में इसकी प्रभावी क्षमता 83.5 तो ब्राजील में सिर्फ 50.7 प्रतिशत ही रिपोर्ट हुई। हालांकि दो डोज में अंतर बढ़ाकर इस प्रभावी क्षमता को 62.3 प्रतिशत तक हांसिल किया गया।
 

बड़ी खबर : इस प्रदेश के मुख्यमंत्री निकले कोरोना संक्रमित, मुख्य सचिव ने दी जानकारी

बड़ी खबर : इस प्रदेश के मुख्यमंत्री निकले कोरोना संक्रमित, मुख्य सचिव ने दी जानकारी

हैदराबादतेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव कोरोना वायरस संक्रमित हो गए हैं। राव में कोरोना वायरस के हल्के लक्षण हैं। डॉक्टरों ने राव को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है। राज्य के मुख्य सचिव ने बताया कि डॉक्टरों की एक टीम मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य पर निगाह रख रही है।

तेलंगाना में कोरोना वायरस के 4,009 नए मामले सामने आने के साथ राज्य में संक्रमण के कुल मामले 3.55 लाख के पार पहुंच गए हैं, जबकि 14 संक्रमितों की मौत होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,838 हो गई है।


राज्य सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी। सरकार की ओर से जारी बुलेटिन में 18 अप्रैल रात आठ बजे तक के आंकड़ों में बताया गया कि सर्वाधिक 705 नए मामले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम से सामने आए।
मेडचल मल्काजगिरी में 363 नए मामले और निजामाबाद में 360 नए मामले सामने आए। यहां संक्रमण के कुल 3,55,433 मामले हैं। 1,878 मरीजों के संक्रमणमुक्त होने के बाद ठीक होने वाले लोगों की कुल संख्या 3,14,441 हो गई है। राज्य में 39,154 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।
रविवार को यहां 83 लाख से अधिक सैंपल्स की जांच की गई। अब तक 1.18 करोड़ से अधिक सैंपल्स की जांच की जा चुकी है। राज्य में संक्रमण के कारण मृत्यु दर 0.51 फीसदी है, वहीं संक्रमणमुक्त होने की दर 88.46 फीसदी है।

सुरक्षाबलों-आतंकियों के बीच मुठभेड़ : दो आतंकी ढेर...

सुरक्षाबलों-आतंकियों के बीच मुठभेड़ : दो आतंकी ढेर...

जम्मू । घाटी के शोपियां जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। जिसमें पुलिस, सीआरपीएफ और सेना शामिल रहे। इसी बीच खबर आई कि सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों की अभी शिनाख्त नहीं हुई है।
बता दें कि जिले के ज़ीपोरा इलाके में आतंकी गतिविधि की सूचना पर सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला।
हाल ही में आतंकियों के खिलाफ एक सफल ऑपरेशन के बाद घाटी में तैनात सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा था कि स्थानीय आतंकियों की भर्ती के साथ उस नेटवर्क पर नकेल कसने की हमारी पूरी कोशिश रहेगी जो युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए कट्टरवाद का पाठ पढ़ाकर बरगलाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो कोई हथियार उठाएगा उसके खिलाफ ऑपरेशन किया जाएगा।
पांडे ने कहा कि एक चीज यह देखने को आई है कि दक्षिण कश्मीर और मध्य कश्मीर के कुछ हिस्सों में हिंसा का एक चक्र अभी भी चल रहा है। इस चक्र को नियंत्रण में करने की कोशिश की जा रही है। इस पर नियंत्रण लाने के दो रास्ते तैयार किए गए हैं। पहला रास्ता है कि स्थानीय आतंकियों की भर्ती को रोका जाएगा। दूसरा यह होगा कि जो नेटवर्क इस भर्ती को अंजाम देता है उसपर नकेल कसी जाएगी।
 

वैक्सीनेशन  को लेकर विदेश मंत्री ने दिया जवाब, जाने क्या कहा...

वैक्सीनेशन को लेकर विदेश मंत्री ने दिया जवाब, जाने क्या कहा...

नई दिल्ली | भारत कोरोना की एक और खतरनाक लहर से गुजर रहा है. स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना की बेकाबू रफ्तार को कम करने के लिए अगले छह दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है. इधर, लगातार सरकार की इस बात को लेकर विपक्षी दलों की ओर से आलोचना की जा रही है कि जब देश में कोरोना संक्रमण के इतने मामले आ रहे हैं तो फिर भारत के लोगों को वैक्सीनेशन पहले कराने की जगह केन्द्र ने विदेशों में वैक्सीन की निर्यात क्यों कर दी?

दुनिया से लेते हैं कच्चा माल


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसका जवाब सोमवार को छठे नेशनल लीडरशिप कॉन्क्लेव के दौरान दिया. उन्होंने कहा कि यह गलत है कि भारत ने अपने लोगों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता नहीं दी. विदेश मंत्री ने कहा- "जहां तक एक विदेश मंत्री होने के नाते, मैं अन्य देशों खासकर बड़े देशों से यह कहता आ रहा हूं कि वे कच्चे माल दें ताकि भारत में वैक्सीन का उत्पादन हो पाए."

भारत में तैयार वैक्सीन अंतरराष्ट्रीय उत्पाद

विदेश मंत्री ने कहा- "वास्तविकता ये है कि यह एक वैश्विक चेन है. क्या में दुनिया से जाकर यह कह सकता हूं कि लोगों सिर्फ मेरे लिए कच्चा माले देते रहें? मैं आपसे सिर्फ कच्चा माल मांगता हूं लेकिन मैं आपको वैक्सीन नहीं दूंगा. आप वैक्सीन को खुद देंखें. आज आपके यहां पर बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रही वैक्सीन एक अंतरराष्ट्रीय उत्पाद है."

अपने लोगों को प्राथमिकता ना देने के आरोप गलत
विदेश मंत्री ने आगे कहा- "यह सच नहीं है कि हम अपने लोगों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं. जैसे ही स्थिति गंभीर हुई, हमने दुनिया से बात की और कहा कि हमने अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप बेहतर तरीके से खड़े होने का प्रयास किया. लेकिन हमने यह उन्हें समझाया कि हमारे यहां पर स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है और ज्यादातर देशों ने उसे माना."

जयशंकर ने आगे कहा- अगर आप यह पूछते हैं कि क्यों वैक्सीन को निर्यात किया जा रहा है तो कुछ लोग यह पूछेंगे कि क्यों मैं भारत को निर्यात करूं. यह अदूरदर्शिता है. सिर्फ गैर-जिम्मेदार लोग इस तरह की बातें कर सकते हैं.

 

 

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हुआ कोरोना संक्रमण, एम्‍स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हुआ कोरोना संक्रमण, एम्‍स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती

नई दिल्‍ली. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) को भी सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) होने की पुष्टि हुई है. उन्‍हें इलाज के लिए दिल्‍ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMS) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. 

फ़र्टिलाइज़र कंपनी में कोरोना विस्फोट : एक साथ सवा सौ कर्मचारी संक्रमित, दो की मौत

फ़र्टिलाइज़र कंपनी में कोरोना विस्फोट : एक साथ सवा सौ कर्मचारी संक्रमित, दो की मौत

संभल । संभल नगर और बबराला स्थित यारा वेरा फर्टिलाइजर कैंपस में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। रविवार की देर रात जिले में 289 मरीज संक्रमित मिले। चिंताजनक बात यह है कि इन संक्रमित मरीजों में यारा वेरा फर्टिलाइजर प्लांट के 100 से ज्यादा लोग संक्रमित मिले हैं।
इस प्लांट में शनिवार को एक 54 वर्षीय व्यक्ति व 22 वर्षीय युवती की मौत हो चुकी है। इसी क्रम में जांच की गई तो अब इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यारा वेरा फर्टिलाइजर प्लांट में अब तक करीब 200 से ज्याद कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इसमें तीन लोगों की जान भी जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि यारा वेरा फर्टिलाइजर में बड़ी संख्या में संक्रमित मिले हैं। उनके संपर्क में रहे लोगों की जांच की जा रही है। जिले में सबसे ज्यादा संक्रमण यारा वेरा फर्टिलाइजर व संभल नगर में पाया जा रहा है।
 

इस देश के प्रधानमंत्री ने अपनी भारत यात्रा रद्द की, जाने क्या है कारण

इस देश के प्रधानमंत्री ने अपनी भारत यात्रा रद्द की, जाने क्या है कारण

यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री जॉनसन ने अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है। दरअसल, भारत में कोरोनावायरस के मामलों में तीव्र वृद्धि के चलते उन्होंने अपनी भारत यात्रा को रद्द करने का निर्णय लिया है। इससे पहले बोरिस जॉनसन 2021 में भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि के तौर पर आने वाले थे, उस समय भी उनकी भारत यात्रा रद्द हो गयी थी।

हालिया दिनों में भारत-यूके सम्बन्ध
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने G7 देशों की बैठक के लिए 3 अन्य देशों को आमंत्रित किया है, इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। इससे पहले यूके ने D-10 समूह का प्रस्ताव रखा था, इसमें G7 देशों के अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को भी शामिल किया जायेगा। परन्तु यह प्रस्ताव अभी अपनी शुरूआती अवस्था में है, इसमें फिलहाल कोई विशेष प्रगति नही हुई है।

बोरिस जॉनसन
बोरिस जॉनसन का जन्म 9 जून, 1964 को हुआ था, वे 2008 से 2016 तक लन्दन के मेयर रहे। वे 2016 से 2018 तक विदेश सचिव भी रहे हैं। वे वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री हैं। 

दारू की दीवानगी: कोई ‘इकोनॉमी’ को बूस्टट करने के लिए बोतल खरीदने आया, किसी ने कहा ‘पेग’ ही बचाएगा कोरोना से!

दारू की दीवानगी: कोई ‘इकोनॉमी’ को बूस्टट करने के लिए बोतल खरीदने आया, किसी ने कहा ‘पेग’ ही बचाएगा कोरोना से!

दरसअल, देश की राजधानी दिल्ली में 6 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही वहां रेलवे स्टेरशन पर पलायन के लिए और शराब की दुकानों पर शराब खरीदने के लिए लोगों की कतारें लगना शुरू हो गई है।

कई इलाकों में शराब की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लगभग हर दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। किसी कोई डर नहीं है, चिंता है तो सिर्फ इस बात की कि उन्हें शराब की बोतल मिल जाए।

पिछले साल की तरह इस साल भी लोग जरूरी समान खरीदने के लिए अपने-अपने घरों से निकले। इस दौरान समसे ज्यादा भीड़ दारू के ठेकों पर देखी गई। घोषणा होते ही शराब पीने वाले फौरन नजदीकी ठेके की तरफ दौड़ पड़े।

दरियागंज, गोल मार्केट, मालवीय नगर, लक्ष्मी नगर, लगभग हर जगह वैसा ही नज़ारा देखने को मिला जैसा पिछली बार लॉकडाउन के बाद शराब की दुकानें खोलने पर हुआ था। इस दौरान कई लोगों ने शराब की जरूरत को लेकर बेहद अनोखी बातें बताईं।

सोशल मीड‍िया में दिल्लीक में दारु की दि‍वानगी को लेकर मीम्से चल रहे हैं। एक युवक ने बताया कि वो अपने लिए नहीं बल्कि अपने बॉस के लिए दारू खरीदने आया है, जहां वो नौकरी करता है, अगर नहीं आता तो बोस नाराज हो जाते। वहीं कुछ का कहना था कि कोरोना संकट में सरकार के पास रुपयों पैसों की किल्लत न हो, इसलिए वो देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग करने के लिए दारू खरीदने आए हैं।

कुछ लोगों का कहना था कि वे शराबी हैं और कोरोना उन पर असर नहीं करता। एक महिला का सोशल मीड‍िया में वीड‍ियो वायरल हा रहा है। ये महिला भी शराब खरीदने के लिए कतार में खड़ी नजर आईं। शिवपुरी गीता कॉलोनी स्थित एक दुकान के बाहर शराब खरीदने के लिए खड़ी महिला ने कहा कि उसे कोविड-19 का इंजेक्शन फायदा नहीं करेगा, अल्कोहल फायदा करेगा। महिला ने कहा कि उसे दवाओं से असर नहीं होगा, पेग से असर होगा।

महिला ने आगे कहा ‘शराब में अल्कोहल होता है, उसे कोरोना का इंजेक्शन फायदा नहीं करेगा, अल्कोहल फायदा करेगा। महिला ने कहा कि जो भी लोग शराब पीएंगे, वो सभी सही रहेंगे। दिल्ली में लॉकडाउन में शराब के ठेके खुलने चाहिएं। ठेके खुलने से वो डॉक्टरों के पास जाने से बच जाएंगे’

इन दृश्योंं और जवाबों से एक बार फ‍िर साबि‍त हो गया है कि दिल्ली दिलवालों का शहर है। उन्हें न तो संक्रमण की चिंता है और न ही कोरोना के नियमों की। बस उन्हेंो चाहिए तो लॉकडाउन में पीने के लिए शराब की बोतल का स्टॉोक।
 

हरिद्वार कुंभ 2021 का समापन, CM तीरथसिंह रावत ने कही बड़ी बात

हरिद्वार कुंभ 2021 का समापन, CM तीरथसिंह रावत ने कही बड़ी बात

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथसिंह रावत ने रविवार को कहा कि हरिद्वार कुंभ के स्नान सभी के सहयोग से आवश्यक सावधानियां रखते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रतीकात्मक कुंभ स्नान के आह्वान में संतों का सहयोग भी मिल रहा है। यहां संस्कार भारती उत्तराखंड एवं रामकृष्ण सेवा समिति द्वारा वर्चुअल आयोजित विचार कुंभ में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री रावत ने यह कहा।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 की विकट परिस्थितियों में हमें एकजुट होकर अनुशासन का परिचय देना होगा। हरिद्वार कुंभ के स्नान सभी के सहयोग से आवश्यक सावधानियां रखते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं। रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रतीकात्मक कुंभ स्नान के आह्वान में संतों का सहयोग भी मिल रहा है।
उन्होंने कुंभ मंथन दिशाबोध 2021 के अंतर्गत 'राम मंदिर से राष्ट्र निर्माण एवं विश्व कल्याण' के ध्येय को लेकर संस्कार भारती उत्तराखंड को हरिद्वार में बाल कुंभ, कवि कुंभ, विचार कुंभ और दीप कुंभ के भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि हरिद्वार कुंभ के साथ इसी समय वर्षों के संघर्ष और लाखों रामभक्तों के त्याग एवं बलिदान के पश्चात अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन रहा है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि देश के अग्रणी, प्रखर और मूर्धन्य विद्वानों द्वारा इस विचार कुंभ में राम मंदिर से राष्ट्र निर्माण एवं विश्व कल्याण पर की जा रही परिचर्चा से वैचारिक अमृत की प्राप्ति होगी और उससे निश्चित ही समाज का पथ प्रदर्शन होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम पूरे विश्व के आदर्श हैं। वे करुणा, त्याग और मर्यादा की प्रतिमूर्ति हैं और उन्होंने संसार को मानवता के मार्ग पर चलना सिखाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
 

कोविड सेंटर में भर्ती महिला से वार्ड ब्वॉय ने की दुष्कर्म की कोशिश, इलाज के बहाने कपड़ों के भीतर डाला हाथ

कोविड सेंटर में भर्ती महिला से वार्ड ब्वॉय ने की दुष्कर्म की कोशिश, इलाज के बहाने कपड़ों के भीतर डाला हाथ

ग्वालियर, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक निजी अस्पताल द्वारा एक होटल में बनाए गए कोविड सेंटर में 50 वर्षीय एक महिला के साथ दुष्कर्म का कथित रूप से प्रयास करने पर वॉर्ड ब्वॉय को गिरफ्तार किया गया है. ग्वालियर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने बताया, ‘लोटस अस्पताल द्वारा होटल गोल्डन विलेज में बनाए गए कोविड सेंटर में 50 वर्षीय महिला कोरोना मरीज के रूप में भर्ती थी. वहां शनिवार-रविवार की रात में वॉर्ड ब्वॉय विवेक लोधी ने दो बार उसके साथ गलत काम करने की कोशिश की और महिला एवं उसके परिजनों के शोर मचाने पर वहां से भाग गया.’


उन्होंने कहा, ‘इसके बाद पुलिस की एक टीम सक्रिय हुई और आरोपी वॉर्ड ब्वॉय विवेक लोधी को गिरफ्तार कर लिया.’ पीड़िता के जेठ ने बताया कि उनके छोटे भाई की पत्नी को 16 अप्रैल को शिवपुरी से ग्वालियर में लोटस अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. इस अस्पताल ने उसे गोल्डन विलेज होटल में बनाए गए कोविड सेंटर में भर्ती करा दिया. मरीज का ऑक्सीजन लेवल भी कम था और उसे ऑक्सीजन दी जा रही थी.


कपड़ों में डाला हाथ


उन्होंने कहा, '17 अप्रैल की रात को करीब 11 बजे वॉर्ड ब्वॉय विवेक लोधी ने मरीज से पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ तो नहीं है. महिला ने कहा कि उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है, तो वॉर्ड ब्वॉय लोधी ने इलाज के बहाने उनके कपड़ों के भीतर हाथ डालकर छेड़छाड़ करना शुरू कर दी.' उन्होंने बताया, 'पहले तो महिला को लगा कि शायद यह इलाज का तरीका है, लेकिन समझ आते ही उन्होंने तुरंत विरोध किया. विरोध के बाद वॉर्ड ब्वॉय वहां से चला गया. लेकिन रात को 12 बजे वह फिर से आया और दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगा. महिला जोर से चिल्लाई तो उसके परिजन आ गए.'


पीड़िता के जेठ ने बताया कि परिजनों ने तुरंत वहां तैनात डॉ. प्रशांत अग्रवाल को बुला लिया. इस बीच डॉक्टर और दूसरे पैरामेडिकल स्टाफ ने आरोपी वॉर्ड ब्वॉय को वहां से भगा दिया और महिला के परिजनों के साथ मारपीट कर दी. उन्होंने कहा कि इसके बाद सभी परिजन कंपू थाने में पहुंच गए और उन्होंने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 376 और 354 के तहत मामला दर्ज करा दिया.


उन्होंने कहा कि पुलिस ने डॉ. अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया. महिला के रिश्तेदार के मुताबिक डॉ. अग्रवाल ने आरोपी वॉर्ड ब्वॉय को वहां से भगाने में मदद की है. जब मामला गंभीर हो गया तो पुलिस आरोपी को खोजने में लग गई. इस बारे में पूछे जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने बताया कि पीड़िता परिजनों द्वारा डॉ. प्रशांत अग्रवाल पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. 

जानें कैसा रहेगा 2021 में भारत का मानसून...

जानें कैसा रहेगा 2021 में भारत का मानसून...

भारतीय मौसम विभाग (Indian Meteorological Department – IMD) ने हाल ही में घोषणा की थी कि लंबी अवधि के औसत के 98% पर दक्षिण-पश्चिम मानसून (southwest monsoon) के सामान्य रहने की उम्मीद है। क्योंकि भारत में मॉनसून वर्षा को प्रभावित करने वाले ला नीना (La Nina) या अल नीनो (El Nino) के अनुपस्थित होने की संभावना है। इसके अलावा, भारतीय मानसून पर सीधा असर डालने वाले Indian Ocean Dipole के भी इस साल तटस्थ रहने की उम्मीद है।

लंबी अवधि औसत (Long Period Average)
मानसून की लंबी अवधि का औसत 88 सेंटीमीटर है।96% और 104% LPA के बीच की बारिश को सामान्य बारिश माना जाता है।
2020 में, भारत में वर्षा लंबी अवधि के औसत का 109% थी।
2019 में, भारत में वर्षा लंबी अवधि के औसत का 110% थी।
Indian Ocean Dipole
Indian Ocean Dipole हिंद महासागर में समुद्री सतह तापमान में अनियमित उतार-चढ़ाव है। Indian Ocean Dipole के दौरान, पश्चिमी हिंद महासागर समुद्र के पूर्वी हिस्से की तुलना में वैकल्पिक रूप से अधिक ठंडा और गर्म हो जाता है।

भारत में मॉनसून की भविष्यवाणी कैसे की जाती है?
IMD भारत में मानसून की भविष्यवाणी करने के लिए तीन तरीकों का उपयोग करता है।वे सांख्यिकीय विधि (statistical method), गतिशील विधि (dynamical method) और गतिशील सह सांख्यिकीय विधि ( dynamical cum statistical method) हैं।
सांख्यिकीय पद्धति के तहत, मानसून को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान की जाती है। वे अतीत में मानसून की ऐतिहासिक घटना से संबंधित होते हैं।
गतिशील विधि के तहत, वायुमंडलीय और महासागरीय परिस्थितियों को सिमुलेट किया जाता है।
गतिशील सह सांख्यिकीय विधि प्रकृति में अनुभवजन्य (empirical) है।अनुभवजन्य विधियों का उपयोग अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील जैसे देशों में किया जाता है।