नईदिल्ली । पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश में कोविड-19 के हालात पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को पत्र लिखा और इस बात पर जोर दिया है कि महामारी से मुकाबले के लिए टीकाकरण को बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने एचआईवी/एड्स से निपटने के प्रयासों की तरह टीकों के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग प्रावधान लागू करने समेत अन्य सुझाव प्रधानमंत्री को दिये। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि केवल कुल संख्या को नहीं देखना चाहिए बल्कि कितने प्रतिशत आबादी को टीका लग चुका है, इसे देखा जाना चाहिए। श्री सिंह ने अपने पत्र में लिखा, ``कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई में टीकाकरण बढ़ाने के प्रयास अहम होने चाहिए। हमें यह देखने में दिलचस्पी नहीं रखनी चाहिए कि कितने लोगों को टीका लग चुका है, बल्कि आबादी के कितने प्रतिशत का टीकाकरण हो चुका है, यह महत्वपूर्ण है।``
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अभी केवल आबादी के छोटे से हिस्से का ही टीकाकरण हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि सही नीति के साथ हम इस दिशा में बेहतर तरीके से और बहुत तेजी से बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा, ``हमें महामारी से लड़ने के लिए बहुत सी चीजें करनी होंगी, लेकिन इस प्रयास का बड़ा हिस्सा टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूत करना होना चाहिए।``
मनमोहन सिंह ने अपने पत्र में अनेक सुझाव दिये।
उन्होंने कहा कि राज्यों को टीकाकरण के लिए अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की श्रेणी तय करने में कुछ ढील मिलनी चाहिए, जिससे वे 45 साल से कम उम्र के लोगों को भी टीकाकरण का पात्र बना सकें। इस समय देश में 45 साल से अधिक उम्र के लोग ही टीका लगवाने के लिए पात्र हैं।
सिंह ने कहा कि कुछ राज्य स्कूल शिक्षकों, बस, तिपहिया और टैक्सी चालकों, नगर निगम तथा पंचायत कर्मियों और अदालतों में जाने वाले वकीलों को अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले योद्धाओं की श्रेणी में सूचीबद्ध करना चाहते हैं और ऐसे में उनकी उम्र 45 साल से कम होने पर भी टीका लगाया जा सकता है।
एक दिन पहले ही कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए जरूरी प्रयासों पर चर्चा हुई थी।
सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को अगले छह महीने के टीकों की खुराक के ऑर्डर और आपूर्ति के बारे में जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ``अगर हम इस अवधि में एक लक्षित संख्या का टीकाकरण चाहते हैं तो हमें पहले ही पर्याप्त ऑर्डर देने होंगे ताकि उत्पादक आपूर्ति के तय कार्यक्रम के अनुसार काम कर सकें।``
उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि टीकों की यह अपेक्षित आपूर्ति एक पारदर्शी फॉर्मूले के आधार पर राज्यों में कैसे वितरित की जाएगी।
उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार आपात जरूरतों के लिए 10 प्रतिशत खुराक रख सकती है और राज्यों को संभावित उपलब्धता का स्पष्ट संकेत होना चाहिए ताकि वे अपनी योजना तैयार कर सकें।
श्री सिंह ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा टीका निर्माता बनकर उभरा है और इस सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति में सरकार को टीका निर्माताओं को धन और अन्य रियायतें देकर उनकी उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ाकर उनका समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ``मेरा मानना है कि यह कानून में अनिवार्य लाइसेंसिंग प्रावधान लागू करने का समय है ताकि अनेक कंपनियां लाइसेंस के तहत टीकों का उत्पादन कर सकें। मुझे याद आता है कि एचआईवी/एड्स की बीमारी से निपटने के लिए पहले ऐसा हुआ था।``
इजराइल का उदाहरण देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत भी यह काम बहुत तेजी से कर सकता है।
सिंह ने कहा कि घरेलू आपूर्तियां सीमित किये जाने के मद्देनजर ऐसे किसी टीके को घरेलू परीक्षणों पर जोर दिये बिना आयात करने की अनुमति होनी चाहिए जिन्हें यूरोपीय मेडिकल एजेंसी या यूएसएफडीए जैसे किसी प्रामाणिक प्राधिकार ने इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा, ``हम अभूतपूर्व आपात स्थिति से गुजर रहे हैं और मैं समझता हूं कि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की ढील आपात स्थिति में उचित है।``
सिंह ने कहा कि एक सीमित अवधि के लिए ढील दी जा सकती है, जिनमें भारत में पूरक परीक्षण पूरे किये जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी टीकों के उपभोक्ताओं को इस तरह की चेतावनी दी जा सकती है कि इन टीकों को संबंधित विदेशी प्राधिकार द्वारा प्रदत्त मंजूरी के आधार पर उपयोग के लिए इजाजत दी जा रही है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि वह सकारात्मक सहयोग की भावना से ये सुझाव दे रहे हैं, जिनमें वह हमेशा से भरोसा करते आये हैं। उन्होंने कहा, ``मुझे उम्मीद है कि सरकार इन सुझावों को तत्काल स्वीकार करेगी और फौरन कार्रवाई करेगी।``
भारत में पिछले कुछ दिन से कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले चार दिन से तो रोजाना दो लाख से अधिक संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने उम्मीद जताई है कि सरकार इन सुझावों को मानेगी।
उन्होंने कहा, ``सरकार अच्छे सुझावों को स्वीकार करती है या नहीं, यह पत्र पर उसकी कार्रवाई से पता चल जाएगा। सरकार की कार्रवाई से यह भी पता चल जाएगा कि क्या सरकार महामारी को फैलने से रोकने के बारे में गंभीर है या नहीं।
नई दिल्ली । एक मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजी वाहन नारकोटिक्स ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत सार्वजनिक स्थान की अभिव्यक्ति के दायरे में नहीं आते। ऐसे में बिना वारंट उस वाहन की छानबीन नहीं की जा सकती। जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने यह कहते हुए बूटा सिंह और दो अन्य द्वारा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार कर लिया। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार कर दिया है, जिसमें इन तीनों को निजी जीप में 75 किलोग्राम खसखस रखने के आरोप में 10-10 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
शीर्ष अदालत ने कहा है कि एनडीपीएस एक्ट की धारा-42 के अनुसार, छापा मारने वाले अधिकारियों को एक निजी वाहन की छानबीन करने के लिए कारण रिकॉर्ड करना होता है, लेकिन इस मामले में अधिकारियों द्वारा ऐसा नहीं किया गया। अधिकारियों की ओर से दावा किया गया था कि भले ही वाहन निजी था, लेकिन वह सार्वजनिक स्थान (सड़क) पर खड़ा था, ऐसे में उन्हें बिना वारंट छानबीन करने की अनुमति नहीं है। उनकी ओर से एनडीपीएस अधिनियम की धारा-43 का हवाला देते हुए कहा गया था कि यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर सार्वजनिक वाहन की तलाशी ली जाती है, तो अधिकारी को कारणों को रिकॉर्ड करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी इन दलीलों को खारिज कर दिया।
भोपाल, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरकारी हमीदिया अस्पताल से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन बड़ी तादात में चोरी होने का मामला सामने आया है. प्रदेश में इंजेक्शन चोरी का यह पहला मामला है.
अस्पताल में पहुंचे मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शनिवार को बताया, ‘‘जानकारी मिली है कि (रेमडेसिविर) इंजेक्शन चोरी हो गए हैं. यह बहुत गंभीर मामला है. संभागीय आयुक्त कवीन्द्र कियावत एवं भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली मौके पर पहुंच गये हैं और जांच शुरू कर दी गई है.’’ उन्होंने कहा कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच जारी है.
रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी का मामला उस वक्त आया है, जब कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश में इस इंजेक्शन की भारी कमी है. उल्लेखनीय है कि रेमडेसिविर कोविड-19 के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है. कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण रेमडेसिविर दवा की मांग इन दिनों काफी बढ़ गई है.
नकली रेमेडेसिविर इंजेक्शन बेचने के आरोप में चार गिरफ्तार
वहीं पुणे में नकली रेमेडेसिविर इंजेक्शन बेचने का मामला आया है. पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती इलाके में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंजेक्शन की तीन शीशियों पर रेमडेसिविर का लेबल लगाया गया है, लेकिन वास्तव में उसमें तरल रूप में पैरासिटामोल के अलावा कुछ भी नहीं था.
नई दिल्ली, खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि वह कोविड-19 जांच में पॉजिटिव आए हैं लेकिन वह पूरी तरह से फिट महसूस कर रहे हैं. रिजिजू (49 वर्ष) ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसकी जानकारी दी.
केंद्रीय मंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'कोविड-19 की जांच करने के बाद आज मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.' रिजिजू ने लिखा, 'मैं डाक्टरों की सलाह ले रहा हूं. मैं उन सभी से अनुरोध करता हूं कि जो हाल में मेरे संपर्क में आए हैं, वे खुद पर नजर रखें, खुद को अलग रखें और जांच कराएं. शारीरिक रूप से मैं फिट महसूस कर रहा हूं.'
After getting repeated test for Covid-19, today my report has come out positive. I'm taking the advice of the Doctors. I request all those who have come in my contact recently to be observant, exercise self-quarantine and get themselves tested. I'm physically fit and fine.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) April 17, 2021
नई दिल्ली । देश में कोरोना के मामलों ने सभी की चिंता बढ़ा रखी है। इस महामारी की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है। राज्य सरकारें मामलों को देखते हुए प्रतिबंध लगा रही है। इस बीच एक बात जिसने सभी को परेशान कर रखा है, वह है देश के अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी। इसके अलावा दवाईयों की कालाबजारी से लड़ना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर एक हाई लेवल बैठक की, जिसमें राज्यों के साथ तालमेल बिठाने का निर्देश दिया है। अब केंद्र सरकार ने कोरोना के मरीजों के लिए जरूरी दवाई रेमडेसिविर के दाम को 5400 से घटाकर 3500 से नीचे कर दिया है।
सरकार ने कैडेलिया हेल्थकेयर लिमिटेड की दवाई REMDAC की कीमत 2800 रुपए से घटाकर 899 कर दिया है। इसके अलावा सिंजेन इंटरनेशनल लिमिटेड की दवाई RemWin को 3950 से घटाकर 2450, सिप्ला लि. की CIPREMI को 4000 से घटाकर 3000, Mylan फार्मासुटिक्लस लि. की DESREM की कीमत को 4800 रुपए से घटाकर 3400 कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने JUBI-R के दाम में भी 1300 रुपए की कटौती की घोषणा की है। यह दवाई पहले 4700 रुपे में मिलती थी, जो कि अब 3400 रुपए में मिलेगी। सरकार ने इसके अलावा COVIFOR के दाम में भी कटौती की है। यह दवाई अब 5400 रुपए की जगह सिर्फ 3490 रुपए में मिलेगी।
नासिक। नासिक जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान चक्कर आने और सांस फूलने से 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच नए लक्षण की वजह से हो रही मौतों ने प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पिछले 3 दिन में 13 लोग इस तरह अपनी जान गवां चुके हैं। मृतकों में चार युवा हैं, जिनकी उम्र 30 साल से कम है। मरने वाले मरीजों में कई चक्कर खाकर बीच सड़क पर गिरे और दम तोड़ दिया। नासिक नगर निगम के मेडिकल ऑफिसर डॉ आवेश पल्लोड़ ने बताया की शहर का तापमान फिलहाल 40 डिग्री के ऊपर है। भीषण गर्मी या हीट स्ट्रोक इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह हो सकती है। हालांकि, सभी लोगों का RT-PCR टेस्ट भी करवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह क्लियर होगी। इससे पहले शनिवार को नासिक के इंदिरानगर, उपनगर, श्रमिकनगर और देवलाली में चार लोगों की इसी तरह से मौत हुई थी।
नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचा दी है। बेकाबू हो रहे संक्रमण के चलते प्रतिदिन 2 लाख से ज्यादा नए संक्रमित सामने आ रहे है। कोरोना के प्रकोप बढ़ने के साथ ही देश में अस्पतालों की हालत बेहद खराब हो गई। देश में वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ मेला को लेकर चुप्पी तोड़ी। प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से फोन पर बात कर कुंभ मेला को समाप्त करने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह ट्वीट किया, `आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया।``
प्रधानमंत्री मोदी ने संतों से कुंभ मेला समाप्त करने की अपील की। पीएम ने ट्वीट में लिखा, `मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।`
आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2021
मुंबई में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मरीजों को कोरोना की फर्जी आरटीपीसीआर नेगिटिव रिपोर्ट बनाकर देती थी. मिली जानकारी के मुताबिक गिरोह लोगों से फर्जी नेगिटिव रिपोर्ट के बदले मोटी रकम लेता था.
दरअसल, शहर से सटे नवी मुंबई की राबाले पुलिस ने इस गैंग के सदस्यों को अरेस्ट किया है. पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने राबाले एमआईडीसी के एक ही कंपनी के 113 कमर्चारियों को नेगेटिव रिपोर्ट बनाकर दी थी.
नवी मुंबई में फेक आरटीपीसीआर बनाने वाले गैंग सक्रिय
बता दें, कंपनियों में काम करने वाले कमर्चारियों की कोरोना रिपोर्ट होनी बहुत जरूरी है ऐसी जानकारी राज्य सरकार ने दी थी जिसके बाद हर कंपनी के कामगारों की कोविड रिपोर्ट कंपनी मालिको ने बनवानी शुरू की. इसी बात का फायदा उठाकर नवी मुंबई में फेक आरटीपीसीआर बनाने वाले गैंग सक्रिय हो गए और इन्होंने नोट छापने की मशीन समझकर फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया.
नवी मुंबई के राबाले के एमआईडीसी की प्रवीण इंडस्ट्रीज के सभी कर्मचारियों की 8 अप्रैल को कोविड टेस्ट करवाया गया. इसके लिए ठाणे के मिड टाउन डाइग्नोस लेब के मालिक देवीदास घुले और परफेक्ट हेल्थ केयर के मालिक मोहम्मद वाशिम असलम शेख ने प्रवीण इंडस्ट्रिलिस्ट कंपनी में एक कोविड टेस्ट केम्प लगाया.
पुलिस जांच में हुआ मामले का खुलासा
2 दिन बाद कंपनी को सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट सौंपी गई. कंपनी के मालिक को शक हुआ क्योंकि ज्यादातर रिपोर्ट नेगेटिव थी. कंपनी ने थायरोकेयर लैब से संपर्क किया जो केम्प लगाने वाली लैब की रिपोर्ट निकाल रही थी. थायरोकेयर लैब ने पुलिस में शिकायत की जिसके बाद जांच में पता चला कि मोहम्मद शेख और देवीदास घुले ने खुद ही फेक रिपोर्ट तैयार की और थायरोकेयर लैब के फर्जी दस्तावेज बनाकर रिपोर्ट कंपनी को दे दी.
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अरेस्ट किया और कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 19 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया. पुलिस इस वक्त ये पता लगा रही हैं कि इन दोनों आरोपियों ने और कितनी कंपनियों में कोरोना केम्प लगाया और कितने पॉजिटिव लोगों की नेगेटिव रिपोर्ट बनाई.
बेंगलुरू । कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर से कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ``हल्का बुखार आने के बाद मैंने कोरोना जांच करवाई और मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।`
उन्होंने आगे कहा कि मैं ठीक हूं, डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूं।मैं उन सभी से अनुरोध करता हूं जो हाल के दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं वे सतर्क रहें और क्वॉरंटीन में रहें।
बता दें कि इससे पहले 77 वर्षीय येदियुरप्पा की पिछले साल दो अगस्त को कोरोना संक्रमित हुए थे। तब भी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने तेज बुखार और थकान के बाद बृहस्पतिवार को बेलगावी में उपचुनाव प्रचार के लिए निर्धारित अपना दौरा छोटा कर दिया था। इससे पहले आज उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर और शीर्ष अधिकारियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक राज्य में कोविड-19 के हालात पर आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता की थी और मीडिया को भी संबोधित किया था।
Full Lockdown News: देश में कोरोना की स्थिति हर दिन भयावह होती जा रही है और प्रतिदिन कोरोना एक नया रिकॉर्ड ब नाता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से अब हर दिन 2 लाख से अधिक केस सामने आ रहे हैं. इसके साथ ही देश के कई राज्यों ने अपने यहां पाबंदियां लगा दी हैं, जो नाकाफी साबित हो रही है. कोरोना वायरस तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है.
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच, लोगों को एक बार फिर आशंका हो रही है कि क्या पूरे देश में एक बार फिर सम्पूर्ण लॉकडाउन लगने जा रहा है. लोगों की इस चिंता को बढ़ावा मिल रहा है वायरल मैसेजेज से. फुल लॉकडाउन को लेकर इंटरनेट मीडिया पर तरह-तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं. ऐसे ही एक मैसेज में दावा दिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक देश में सम्पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया है.
एक #Morphed तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा 15 से 30 अप्रैल तक देश भर में लॉकडाउन लगाया जाएगा। #PIBFactCheck: यह दावा #फर्जी है। भारत सरकार द्वारा #लॉकडाउन के संबंध में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। कृपया ऐसी भ्रामक तस्वीरों या संदेशों को साझा न करें। pic.twitter.com/gnRpyDcMRf
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 15, 2021
पीआईबी ने इस दावे को #फर्जी करार दिया है है और कहा है कि भारत सरकार द्वारा #लॉकडाउन के संबंध में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है. लोगों ने अपील की है कि कृपया ऐसी भ्रामक तस्वीरों या संदेशों को साझा न करें.
नई दिल्ली, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता दिग्ग्विजय सिंह कोरोना संक्रमित हो गये है उन्होंने इस बात की जानकारी ट्विट कर दी, उन्होंने कहा मेरी कोविड जाँच रिपोर्ट पॉज़िटिव आयी है। फ़िलहाल अपने दिल्ली निवास पर क्वारंटीन में हूँ। कृपया इस दौरान मेरे संपर्क में आए सभी लोग खुद को आइसोलेशन में रखकर अपनी सेहत से संबंधित सभी सतर्कता बरतें।
मेरी कोविड जाँच रिपोर्ट पॉज़िटिव आयी है। फ़िलहाल अपने दिल्ली निवास पर क्वारंटीन में हूँ। कृपया इस दौरान मेरे संपर्क में आए सभी लोग खुद को आइसोलेशन में रखकर अपनी सेहत से संबंधित सभी सतर्कता बरतें।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) April 16, 2021
नई दिल्ली, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर जानकारी दी कि वो कोरोना से संक्रमित हैं।
उन्होंने कहा मैं आज सुबह # COVID19 + ve हो गया हु। जो भी पिछले 5 दिनों में मेरे संपर्क में आया है, कृपया स्वयं को अलग कर लें और आवश्यक सावधानी बरतें।
I have tested +ve for #COVID19 today morning.
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) April 16, 2021
Anyone who has come in contact with me in the last 5 days, please self isolate & take necessary precautions.
देश में बेकाबू कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए केन्द्रीय सांस्कृति एवं पर्यटन विभाग की तरफ से उन सभी केन्द्रीय संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों और स्थलों को बंद करने का आदेश दिया गया है, जिनका देखरेख आर्किलॉजिटल सर्वे ऑफ इंडिया की तरफ से किया जाता है. केन्द्रीय पर्यटन एवं सांस्कृति मंत्रालय का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा जो अगले 15 मई तक जारी रहेगा.
केन्द्रीय सांस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने इस बारे में गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा- कोरोना महामारी के वर्तमान प्रकोप को देखते हुए सांस्कृतिक मंत्रालय, भारत सरकार ने आर्कियोलॉजिक सर्वे ऑफ इंडिया के द्वारा संरक्षित सभी स्मारकों को अगले 15 मई तक बंद रखने का फैसला किया है.
कोरोना की महामारी के वर्तमान प्रकोप को देखते हुए @MinOfCultureGoI ने @ASIGoI के द्वारा संरक्षित सभी स्मारकों को आगामी 15 मई तक बंद रखने का फ़ैसला किया है @PMOIndia @tourismgoi @incredibleindia pic.twitter.com/EZX2jNQI9V
— Prahlad Singh Patel (@prahladspatel) April 15, 2021
Kutch: अरब सागर (Arabian Sea) में गुजरात (Gujarat) तट पर नौका से आ रहे आठ पाकिस्तानी (Pakistan) नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से लगभग 150 करोड़ रुपये तक की हेरोइन (Heroin) बरामद हुई है. गुजरात ATS के अनुसार एक खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया और इन आठ पाकिस्तानी को पकड़ा गया है. इस अभियान को गुजरात के एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) और भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) की संयुक्त टीम ने कच्छ जिले (Kutch) के जखाऊ बंदरगाह (Jakhau Port) के समीप चलाया.
एटीएस ने बताया कि यह स्थान समुद्र में भारत (India) और पाकिस्तान को अलग करने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) के समीप स्थित है. ATS ने एक सूचना जारी की जिसमंआ उन्होंने बताया है कि देवभूमि-द्वारका जिला पुलिस के विशेष अभियान समूह और एक वरिष्ठ एटीएस अधिकारी ने एजेंसियों से पाकिस्तानी नौका में मादक पदार्थ रखे होने की खुफिया सूचना साझा की थी.
एटीएस और तटरक्षक बल की संयुक्त टीम ने नौका से आठ पाकिस्तानी लोगों को पकड़ा और उनके पास से 30 किलोग्राम हेराइन बरामद की है. एटीएस ने एक बयान में बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 150 करोड़ रुपये है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के अनुसार : अखिल भारतीय प्रभाव आधारित मौसम चेतावनी बुलेटिन 15 अप्रैल (दिन 1) : तेलंगाना के कुछ स्थानों पर आंधी, बिजली कड़कने, ओलावृष्टि तथा 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है; मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश तथा यनम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने तथा ओलावृष्टि के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है : रॉयलसीमा, मराठवाड़ा के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे के रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना; जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान तथा मुजफ्फराबाद, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, असम तथा मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तटीय आंध्र प्रदेश तथा यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल और केरल तथा माहे के कुछ स्थानों पर बिजली कड़केगी और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेगी; हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, कोंकण और गोवा, कर्नाटक और लक्षद्वीप के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने की संभावना।
· ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल तथा माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराई कल के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
• हरियाणा तथा सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ स्थानों पर गर्मी की लहर चल सकती है।
16 अप्रैल (दिन 2) : जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बालटिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ स्थानों पर आंधी चलने, बिजली कड़कने, ओलावृष्टि के साथ 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना; असम तथा मेघालय के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना; हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, नगालैड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और केरल तथा माहे के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने तथा 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना; पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, उप-हिमालय पश्चिम बंगाल, तथा सिक्किम, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, तटीय आंध्रप्रदेश तथा यनम, रॉयलसीमा, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, कर्नाटक तथा लक्षद्वीप के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने की संभावना।
तटीय तथा दक्षिण कर्नाटक के भीतरी भागों, केरल तथा माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराई कल के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
पश्चिम राजस्थान के कुछ स्थानों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने की संभावना।
17 अप्रैल (दिन 3) : उप-हिमालय पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ स्थानों पर आंधी चलने, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेगी;जम्मू, कश्मीर, लद्दाख,गिलगिट-बालटिस्तान तथा मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्ली और पंजाब के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने, ओलावृष्टि होने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। राजस्थान, असम तथा मेघालय तथा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरमतथा त्रिपुरा के कुछ स्थानों पर बिजली चमकने तथा 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना; पश्चिम उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और केरल तथा माहे के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है; विदर्भ, बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, तटीय तथा दक्षिण कर्नाटक के भीतरी भागों, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और लक्षद्वीप के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने की संभावना।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बालटिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, केरल तथा माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
राजस्थान के कुछ स्थानों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी चलेगी।
18 अप्रैल (दिन 4) : उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने, ओलावृष्टि और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के साथ आंधी चलेगी; उप-हिमालयपश्चिम बंगाल तथा सिक्किम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा असम के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावनाएं; जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बालटिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और केरल तथा माहे के कुछ स्थानों पर बिजली कड़केगी और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेगी; बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा लक्षद्वीप के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने की संभावना।
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख,गिलगिट-बालटिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश तथा केरल और माहे के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना।
पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी चल सकती है।
.19 अप्रैल (दिन 5):उप-हिमालय,पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम, असम और मेघालय तथा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना; गांगेय पश्चिम बंगाल तथा झारखंड के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तेज हवाएं चलने की संभावना; अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह,तमिलनाडु,पुडुचेरी तथा कराईकल और केरल तथा माहे के कुछ स्थानों पर बिजली कड़क सकती है।
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कृपया स्थान विशेष पूर्वानुमान और चेतावनी के लिए मौसम ऐप, कृषि मौसम सलाह के लिए मेघदूत ऐप, बिजली गिरने की चेतावनी के लिए दामिनी ऐप डाउनलोड करे और जिलेवार चेतावनी के लिए एमसी/आरएमसी वेबसाइट देखें।
पटना। देश में कोरोना संक्रमण ने कोहराम मचा रखा है। इस संक्रमण से अब कोई भी अछूता नहीं रहा। आम नागरिकों से लेकर नेता-मंत्री, आला अधिकारी भी इस संक्रमण की जद में है। इसी बीच बिहार से खबर आई है कि मुख्यमंत्री नितीश कुमार के मंत्रिमंडल के एक मंत्री समेत 3 प्रशासनिक व 1 पुलिस अधिकारी इस संक्रमण की चपेट में आ गए हैं।
राज्य के कैबिनेट मंत्री मदन सहनी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वहीं गृह विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, वित्त विभाग के प्रधान सचिव सिद्धार्थ तथा मुख्यमंत्री आवास से जुड़े एक अधिकारी भी संक्रमित हो गए हैं। इसके अलावा होमगार्ड के कमांडेंट को भी कोरोना संक्रमण के बाद एम्स में भर्ती कराया गया है।
राज्य के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी कोरोना संक्रमित होने के बाद पिछले कुछ दिनों से अपने घर में आइसोलेट हैं। मंत्री सहनी ने पिछले दिनों अपनी तबीयत बिगड़ने के बाद कोरोना जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो मंत्री आइसोलेशन में चले गए। फिलहाल वह अपने सरकारी आवास पर ही रह रहे हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। मंत्री मदन साहनी के एक सुरक्षाकर्मी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव बताई जा रही है।
बिहार में कोरोना के तेजी से बढ़ते आंकड़े ने नीतीश सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत तमाम मंत्री लगातार बिहारवासियों से अपील कर रहे हैं कि बहुत जरूरी हो, तभी घर से निकलें। आम लोगों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की जा रही है। जिलों में प्रशासन जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। मगर ये सारी कवायद कोरोना को रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं।
नई दिल्ली, कोरोना के कारण कई कैदियों की चांदी हो गई है. पिछले साल कोरोना से बचाव के लिए देशभर में कैदियों की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए गए थे. इसी क्रम में दिल्ली की तिहाड़ जेल से बहुत सारे कैदियों को इमरजेंसी पैरोल पर रिहा किया गया था. इन कैदियों में से कुछ ने तो अब सरेंडर कर दिया है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में कैदी फरारा चल रहे हैं. तिहाड़ जेल के मुताबिक कोरोना की शुरुआत में छह हजार 740 कैदियों को रिहा किया गया था जिसमें से तीन हजार 468 कैदियों का कोई अता-पता नहीं है. इन कैदियों की खोज खबर न मिलने के कारण तिहाड़ प्रशासन ने दिल्ली पुलिस से इन कैदियों को पकड़ने के लिए मदद की गुहार लगाई है.
जेल प्रशासन ने बताया कि कुछ कैदियों ने तो सरेंडर कर दिया है, कुछ कैदी सरेंडर कर रहे हैं. हालांकि जेल प्रशासन का मानना है कि कुछ विचाराधीन कैदियों ने इस लिए भी समर्पण नहीं किया होगा क्योंकि उन्हें अदालतों से रेगुलर बेल मिल गई हो. जेल प्रशासन सभी कैदियों की जानकारी जुटा रहा है.
गौरतलब है कि कैदियों को कोरोना से बचाने के लिए पिछले साल जेल प्रशासन ने कई कैदियों को जेल से इमरजेंसी पैरोल पर रिहा कर दिया था. प्रशासन का मानना था कि अगर ज्यादा संख्या में कैदी रहेंगे तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
बता दें कि इस बार दिल्ली में मंडराता कोरोना का खतरा जेल भी पहुंच गया है. जेल के 68 से अधिक कैदी और 10 से ज्यादा जेलकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए हैं. इनमें मंडोली जेल की जेल अधीक्षक समेत तिहाड़ जेल के 2 डॉक्टर भी शामिल हैं.
जयपुर, राजस्थान के जयपुर के सरकारी कांवटिया अस्पताल से कोरोना टीके की 32 वायल चोरी होने का मामला सामने आया है. थाना अधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि कांवटिया अस्पताल के अधीक्षक डा हर्षवर्धन की ओर से अस्पताल के कोल्ड स्टोरेज डिपो से कोरोना की 32 वायल चोरी का मामला बुधवार को शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में दर्ज कराया गया है.
एक वायल में 10 खुराक होती है और 32 वायल में कुल 320 डोज थी. उन्होंने बताया कि दर्ज शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 380 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
इस बीच बीजेपी ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने ट्वीट कर कहा कि राजस्थान में टीका चोरी होना राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलता है और यह सरकार की बड़ी लापरवाही है.
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने तीन ऐसी महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो बेकसूर लोगों के खिलाफ छेड़खानी या यौन उत्पीड़न का झूठा मामला दर्ज करवाकर उनसे मोटी रकम वसूलती थीं. आरोपियों में से दो सगी बहने हैं और दोनों ही तलाकशुदा है. दोनों मिलकर इस पूरे रैकेट को चला रही थी. ये तीनों महिलाएं किसी ऐसे व्यक्ति को चुनते, जो मोटी रकम देने में सक्षम हो और फिर उसके खिलाफ यौनाचार का झूठा मामला दर्ज करवा देते थे. बाद में मामला वापस लेने के नाम पर उस व्यक्ति से लाखों रुपये वसूल करत थे.
क्या है मामला?
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की डीसीपी उर्विजा गोयल ने बताया कि 7 अप्रैल को 25 साल की एक युवती किरण ने राजौरी गार्डन थाने में एक बुजुर्ग के खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज करवाया था. युवती का आरोप था कि टैगोर गार्डन में रहने वाले 61 साल के एक वृद्ध ने उसके साथ छेड़खानी की है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया.
हालांकि शिकायतकर्ता युवती के बयानों में विरोधाभास के चलते पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने खुलासा किया कि उसने बुजुर्ग के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया है. उसके साथ किसी तरह की कोई छेड़खानी नहीं हुई है. उसने यह सब पूनम और सोनिया नामक दो महिलाओं के कहने पर किया है, जो इस बुजुर्ग से केस वापस लेने के नाम पर 10 लाख रुपये की रकम वसूलने की तैयारी में थी. युवती ने दिल्ली महिला आयोग की काउंसेलर के सामने भी यही बयान दिया. पूनम और सोनिया बहने हैं और दोनों ही तलाकशुदा हैं.
दोनों बहनें जयपुर फरार
पुलिस के अनुसार इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद जब पूनम और सोनिया की तलाश के लिए पुलिस अलर्ट हुई तो मालूम चला कि दोनों बहनें जयपुर फरार हो गई है. उन्होंने अपने मोबाइल नंबर भी बदल दिए हैं. इस बीच पुलिस को अपने खुफिया नेटवर्क से दोनों की जानकारी मिली और पुलिस ने तुरंत एक टीम जयपुर के लिए रवाना कर दी.
पुलिस ने रघुवीर नगर के आसपास के 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला ताकि दोनों आरोपी महिलाओं का सुराग लग सके. इसके अलावा आईएसबीटी के नजदीक बस स्टैंड की भी सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई. जयपुर बस स्टैंड की भी सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई. इतना ही नहीं, 100 से ज्यादा बस और कैब ड्राइवरों से भी दोनों बहनों के हुलिए की जानकारी के आधार पर सुराग तलाशने का प्रयास किया गया. हालांकि पुलिस को इस पूरी एक्सरसाइज से कोई सुराग हाथ नहीं लगा.
इस बीच पुलिस को एक व्यक्ति मिला जो दोनों महिलाओं का ही जानकार था. उससे पूछताछ करने पर पुलिस को दोनों महिलाओं का सुराग हाथ लग गया और उन्हें दिल्ली लाया जा सका. दोनों बहनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि पूनम और सोनिया मिलकर शिकार की तलाश करते हैं और अपनी तीसरी साथी किरण से झूठा आरोप लगवाकर बेकसूर व्यक्ति को फंसवाते हैं.

















