बालोद। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बालोद आर.एस. ठाकुर ने बताया कि बालोद विकासखंड के ग्राम पंचायत पोण्डी, भोईनापार, देवारभाट, लोण्डी, हीरापुर, जगन्नाथपुर, चारवाही, लाटाबोड़, मुल्लेगुड़ा, खपरी, जमरूवा, भेंगारी, जगतरा, टेकापार, मालगांव और घुमका में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के संचालन के लिए इच्छुक संस्थाओं से आवेदन निर्धारित शर्तों के अधीन 15 अगस्त शाम 05.30 बजे तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बालोद में मंगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बालोद में कार्यालीयन समय में प्राप्त की जा सकती है।
जांजगीर-चांपा । जिला खनिज न्यास मद से वायरोलॉजी लैब की स्थापना के लिए विभिन्न पदों पर अस्थाई भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिला चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार पात्र अभ्यथिर्यों की अंतिम मेरिट व अंतिम मेरिट सूची के आधार पर चयन व प्रतीक्षा सूची जिले की वेबसाइट पर अपलोड की गई है।
सीबीएसई ने 30 जुलाई को 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया था जिसमें 99.37% छात्र पास हुए हैं. हालांकि 65,000 से अधिक छात्रों के परिणाम अभी तक जारी नहीं किए गए हैं. वही बोर्ड ने परिणाम से असंतुष्ट छात्रों को परीक्षा का विकल्प भी दिया था. बोर्ड द्वारा अब इस परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है.
16 अगस्त से 15 सितंबर तक होगी परीक्षा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने घोषणा की है कि 12वीं कक्षा के जो छात्र ऑल्टरनेटिव मार्किंग स्कीम के आधार पर दिए गए मार्क्स से संतुष्ट नहीं हैं उनके लिए 16 अगस्त से 15 सितंबर तक परीक्षा आयोजित की जाएगी. बता दें इन लिखित परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों की पूर्व में जारी किए गए रिजल्ट को निरस्त कर दिया जाएगा और पॉलिसी के अनुसार अब आयोजित होने जा रही परीक्षामें प्राप्त अंक फाइनल माने जाएंगे.इसके साथ ही सीबीएसई ने कहा है कि जो छात्र मार्क्स इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा देंगे उन्हें परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा.
जल्द जारी की जाएगी परीक्षा की डेटशीट
वहीं बोर्ड इसी अवधि में प्राइवेट, पत्राचार और सेकेंड चांस कम्पार्टमेंट के छात्रों के लिए भी परीक्षा आयोजित करेगा. बोर्ड ने कहा है कि सालाना असेसमेंट डिटेल्स उपलब्ध नहीं होने के कारण इन छात्रों के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं. इसके साथ ही बोर्ड ने ये भी कहा है कि जो छात्र एक सब्जेक्ट में क्वालिफाइंग क्राइटेरिया को पूरा नहीं कर पाए हैं उन्हें भी कम्पार्टमेंट कैटेगिरी में रखा गया है, वे भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा की डेटशीट जल्द ही जारी की जाएगी. सिलेबस कम कर दिए जाने से एग्जाम कोर सब्जेक्ट के लिए आयोजित किए जाएंगे.
रायपुर । अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती में आज पॉलीथिन मुक्त अभियान के तहत पर्यावरण कार्यकर्त्ता शुभांगी आप्टे ने महाविद्यालय के प्रयास में सहयोग करते हुए समस्त स्टाफ को कपडे के थैले निःशुल्क वितरित किये। गौरतलब है कि अग्रसेन महाविद्यालय में पॉलीथिन उपयोग को रोकने के लिए समय समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इसी कड़ी में आज पर्यावरण कार्यकर्ता शुभांगी आप्टे को आमंत्रित किया गया था । कार्यक्रम में आप्टे ने अपने बनाए गए कपडे की थैलों का वितरण किया । उन्होंने महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे भी अपने आस-पास लोगों को भी पॉलीथिन बैग के बदले कपडे के थैले इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में प्राचार्य डा. युलेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि अग्रसेन महाविद्यालय ने पोलिथिन के उपयोग को रोकने के लिए महाविद्यालय के एनएसएस केडेटों सहित अन्य छात्रों के विभिन्न स्तरों पर प्रयास किये जाते हैं और विशेष अभियान भी चलाया जाता रहा है। इसी के तहत आज शुभांगी आप्टे को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने शुभांगी आप्टे को महाविद्यालय परिवार की ओर से उनके 56 विश्व रिकार्ड के लिए विशेष रूप से बधाई दी। महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर प्रो. अमित अग्रवाल ने कहा कि एक गृहणी होने के बावजूद सुभांगी आप्टे ने अपने प्रयासों से पूरे शहर और प्रदेश में पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए अनुकरणीय प्रयास किया है. कार्यक्रम का संचालन योग संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ मंजू सिंह ठाकुर ने किया. इसमें महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के समस्त प्राध्यापक शामिल हुए।
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं कक्षा के परिणाम की घोषणा के बाद आज कक्षा 10वीं के परिणाम जारी किए गए। सीबीएसई 10वीं के छात्रों को अपने रिजल्ट की तारीख का बेसब्री का इंतजार अब खत्म हो गया है, सीबीएसई ने 10वीं के परिणाम आज यानी 3 अगस्त को दोपहर 12 बजे जारी किए हैं। छात्र अपना रिजल्ट केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in, cbse.gov.in पर चेक कर सकते हैं।
रायपुर, दिनाँक 02/08/2021 को शासकीय महिला पॉलीटेक्निक, बैरन बाजार, रायपुर में एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन Non-Verbal communication- Indispensable for effective communication विषय को लेकर किया गया । इस एक दिवसीय कार्यशाला में डॉ. आर. जी. गुप्ता, कार्यक्रम संरक्षक और प्राचार्य, महिला पॉलीटेक्निक, रायपुर, डॉ. सुमि गुहा, कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, महिला पॉलीटेक्निक, रायपुर, तथा डॉ. अनिल माँझी, सहायक प्राध्यापक, शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर, कार्यक्रम संयोजक श्री आशीष सिंह ठाकुर, व्याख्याता, अंग्रेज़ी विभाग, वरिष्ठ प्राध्यापक गण, कर्मचारी, और तकरीबन 80 छात्राओं ने हिस्सा लिया । कार्यक्रम का शुभारंभ छात्रा ज्योति साहू द्वारा ज्ञानदायिनी माँ सरस्वती की वंदना से हुआ, तदुपरान्त डॉ. आर. जी. गुप्ता, कार्यक्रम संरक्षक और प्राचार्य, महिला पॉलीटेक्निक, रायपुर ने अपने उदबोधन में भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र के रस, भाव-भंगिमाओं, आदि के माध्यम से ग़ैर-शाब्दिक संचार के विषय में कहा कि, हमारी भाव-भंगिमाएँ कुदरती देन है, जिसे बनाने और पहचानने/समझने की कोशिश अनंत काल से अविरत जारी है । मगर आज के भौतिक युग में हम चेहरों-मोहरों से ज़्यादा स्क्रीन पर नज़रें जमाये रहते हैं । कहीं हमसे यह असाधारण क्षमता क्षीण होकर विलुप्त न हो जाये । तत्पश्चात डॉ. सुमि गुहा, कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, महिला पॉलीटेक्निक, रायपुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि, ग़ैर-शाब्दिक संचार एक ऐसा गूढ़ विषय है, जो कहीं लिखा नहीं गया, किसी ने इसे पढ़ा नहीं परंतु, इसे समझते सभी हैं । जिसमें कि दैनिक जीवन से लेकर कार्यक्षेत्र तक समाहित हैं । उन्होंने कहा कि , जाने-अंजाने में हम सभी अपनी आंतरिक भावनाओं को इन्हीं के माध्यम से ज़ाहिर करते रहते हैं। फ़िर भी हम इन्हें और विकसित करने की कोशिश में लगे हुए हैं । यही कारण है, कि हमने इस बेहद ही संवेदनशील और अहम विषय को वेबिनार के लिए चुना है । इसके बाद कार्यशाला डॉ. अनिल माँझी, सहायक प्राध्यापक, शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर, जो कि विषय विशेषज्ञ, के रूप में शामिल रहे, उन्होंने अपने व्याख्यान में ग़ैर-शाब्दिक संचार के विभिन्न पहलुओं को छात्राओं के समक्ष रखकर सभी का ज्ञानवर्धन किया । उन्होंने कहा कि, ये दो प्रकार के होते हैं, स्टैटिक और डायनामिक । इनका संचार में अपना ही महत्व है । जिसके लिए गेस्चर, पॉस्चर, आई कॉन्टेक्ट इत्यादि महत्वपूर्ण हैं। इंटरव्यू रूम में आपके प्रवेश करने का तरीका, अभिवादन करने का तरीका,बैठना, बोलना, जवाब देते वक्त भाव-भंगिमाएँ बेहद अहम भूमिका अदा करते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि, मनुष्य का चेहरा, दिल का आईना होता है, अतएव, हमें अपना बेहतर प्रतिरूप लोगों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए । अंतिम चरण में प्रियांशी शर्मा और सृष्टि भटनागर, छात्राओं ने धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम को औपचारिक रूप से समाप्त किया । उक्त कार्यक्रम छात्राओं के उत्साह और प्रतिभगिता के कारण सफलता के चरम सीमा तक पहुँचा, सभी ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।
बीजापुर । उप संचालक प्रवर्तन कक्ष, जिला रोजगार व स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार निजी क्षेत्र के रिक्त पदों के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जना है। ऐसे इच्छुक नियोजक जो अपने फर्म(संस्था)/ कार्यालय/दुकान के लिए रिक्त पदों की पूर्ति, प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से करना चाहते हैं। वे कृपया रिक्तियों की जानकारी, कार्यालय-प्रवर्तन कक्ष, जिला रोजगार व स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र आड़ाववाल जगदलपुर को पत्र के माध्यम से या कार्यालय के ई-मेल के माध्यम से जानकारी प्रदाय कर सकते हैं, जिसमें पदवार रिक्तियों की संख्या, वांछित योग्यता, अनुभव व प्रतिमाह देय वेतन की जानकारी भी दिया जाना आवश्यक है। ताकि प्लेसमेंट कैम्प हेतु पदानुरूप युवाओं को आकर्षित किया जा सके। यह सेवा पूर्णत: नि:शुल्क है।
नई दिल्ली । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की ने नए दौर की प्रौद्योगिकियों के बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डाटा साइंस और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस में विशेषज्ञता के साथ इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, अर्थशास्त्र और प्रबंधन के चुनिंदा क्षेत्रों में सात नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) में सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने उम्मीद व्यक्त की कि इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों और कामकाजी पेशेवरों को अपने संबंधित क्षेत्रों में मूल्य वर्धन में सहायता मिलेगी। 30 जुलाई, 2021 को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में देश के सबसे पुराने प्रौद्योगिकी संस्थान में नए कार्यक्रमों का शुभारम्भ करते हुए उन्होंने कहा, इस तरह की नई पहल लीडर्स को फॉलोवर्स से अलग करती हैं और मैं कार्यक्रमों की रूपरेखा व इससे जुड़ी जानकारियों को सुनकर खासा खुश हूं। डीएसटी सचिव ने कहा, नए कार्यक्रमों में वर्तमान में प्रासंगिक जानकारियों का प्रसार और हमारे द्वारा सृजित ज्ञान का उपयोग शामिल है। वे अंतर-विषयक और बहु विषयक हैं तथा साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप भी हैं। इनकी शुरुआत से पता चलता है कि हम कुछ सीमाओं को तोड़ने की राह पर हैं, जो हमने ऐतिहासिक रूप से तैयार की हैं। इन कार्यक्रमों में छह परास्नातक डिग्री कार्यक्रम शामिल हैं और एक पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम है, जिनकी पेशकश अगले शैक्षणिक सत्र (2021-22) से विद्यार्थियों को की जाएगी। इनका उद्देश्य ऐसे नए और उभरते हुए क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है जो आज ज्यादा प्रासंगिक बनते जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में सेंटर फॉर आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस (सीएआईडीएस) के तहत एम. टेक. (आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस) और एम. टेक. (डाटा साइंस), डिजाइन विभाग के तहत एम. डेस. (औद्योगिक डिजाइन) और एमआईएम (मास्टर्स इन इनोवेशन मैनेजमेंट), डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के तहत उद्योग के कामकाजी पेशेवरों के लिए ऑनलाइन एम. टेक. (माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एंड वीएलएसआई), डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेस के तहत एमएस अर्थशास्त्र (पांच साल का एकीकृत कार्यक्रम) और प्रस्तावित इंटरनेशनल सेंटर फॉर डैम्स (वर्तमान में हाइड्रोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा समन्वित) के तहत एम. टेक. (बांध सुरक्षा एवं पुनर्वास) शामिल हैं।
शुभारम्भ के दौरान, उपस्थित रहे आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन बी. वी. आर. मोहन रेड्डी ने उम्मीद व्यक्त की कि ये नए कार्यक्रम शिक्षा को ज्यादा लचीली, सुलभ और जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया का रूप देकर लोगों की धारणा का बदलकर रख देंगे। उन्होंने कहा, हम आत्म निर्भर भारत पर भी काम कर रहे हैं और इसीलिए, शिक्षा के नए दृष्टिकोण के साथ नए क्षेत्र खासे अहम हैं, उद्यमशीलता के साथ ही नवाचार हमारे भविष्य का अभिन्न अंग है। हमारे पास ज्यादा रोजगार सृजन करने वाले हों, यह सुनिश्चित करने के लिए मैं उद्यमिता कार्यक्रम की सिफारिश करता हूं। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजित के. चतुर्वेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि नए कार्यक्रमों से उच्च शिक्षा में भविष्य की प्रौद्योगिकियों की मांग पूरी होगी। उन्होंने कहा, ये सभी नए शैक्षणिक कार्यक्रम हमारे देश की जरूरतों को पूरा करते हैं। इन्हें कई स्तरों पर सावधानीपूर्वक विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इन नए कार्यक्रमों के शुभारम्भ के अवसर पर संस्थान के कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
रायपुर। प्रदेश में 10वीं, 12वीं, 8वीं एवं प्राथमिक स्कूलों की कक्षाएं 2 अगस्त से प्रारंभ हो गई। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने रायपुर के आमानाका स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम शासकीय उत्कृष्ट स्कूल, संजय नगर टिकरापारा शहीद संजय यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय श्रीराम शर्मा (मिन्टू) उच्चतर माध्यमिक स्कूल डूमरतराई, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माना बस्ती और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माना कैम्प का निरीक्षण कर बच्चों और शिक्षिकों से चर्चा की। उन्होंने रायपुर के आर.डी. तिवारी शासकीय इंग्लिश मीडियम उत्कृष्ट विद्यालय में प्रवेश उत्सव के कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने उत्साह एवं उमंग के प्रतीक रंगीन गुब्बारे छोड़े। मंत्री डॉ. टेकाम ने स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने पर डिजिटल बोर्ड पर हाथ से लिख कर बच्चों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री डॉ. टेकाम ने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण आज 16 महीने बाद स्कूल एक बार फिर से प्रारंभ हुए है। स्कूली बच्चों में उत्साह एवं उमंग साफ झलक रहा है उन्होंने बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने तथा कोरोना प्रोटोकोल का पालन करने का आह्वान किया। मंत्री डॉ. टेकाम ने इस अवसर पर शाला के नवप्रवेशी बच्चों को मिठाई खिलाकर स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को पुस्तकों के सेट भी प्रदान किए और शासन की सरस्वती सायकल योजना के तहत कक्षा दसवीं की छात्राओं को साइकिल की चाबी भी सौंपी।
मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि बच्चों के पालकों में स्कूल से जो अपेक्षाएं हैं, शिक्षक उसे कम ना होने दें। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सैनिटाइजेशन, साफ-सफाई नियमित रूप से होती रहे। प्रत्येक शिक्षक एवं बच्चे मास्क पहनकर आएं। शिक्षक बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि शासन ने कक्षा में छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत ही रखी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य में शिक्षा की व्यवस्था में परिवर्तन आया है। अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अब गरीब परिवार के बच्चे भी दाखिला लेकर निःशुल्क उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने शहीद संजय यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संजय नगर में संचालित कक्षाओं का अवलोकन करते हुए बच्चों से उनकी पढ़ाई के संबंध में चर्चा की। उन्होंने बच्चों से कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। उन्होंने यहां अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया। डॉ. टेकाम ने शासकीय श्रीराम शर्मा मिंटू हायर सेकेंडरी स्कूल डूमरतराई मैं संचालित स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया और बच्चों से प्रश्न भी पूछे और कक्षा दसवीं की छात्रा डीगेश्वरी साहू के सही जवाब पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसे 500 रूपए का नगद पुरस्कार देते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष पंकज शर्मा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव एवं लोक शिक्षण आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक नारायण बंजारा, स्थानीय जनप्रतिनिधि और संबंधित स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित थे।
जांजगीर-चांपा: राज्य शासन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की 14 हजार 580 पदों पर सीधी भर्ती के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए जाने की सहमति प्रदान कर दी है। यह सहमति वित्त विभाग से प्राप्त सहमति के आधार पर दी गई है। आज यहां मंत्रालय से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय को जारी आदेश में कहा गया है कि नियुक्ति आदेश व्यक्तिगत जारी किए जाएं, नियुक्ति आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि प्रोबेशन अवधि तथा प्रोबेशन अवधि में देय वेतन वित्त विभाग के वित्त निर्देश क्रमांक 21/2020 के अनुसार होगा।
रायपुर, श्रद्धा एवं विश्वास ये ऐसे शब्द है जिनको अपना कर हम अपने जीवन को सुखी एवं आंनदमय बना सकते हैं, किन्तु जब इन्हीं शब्दों के आगे "अंध" जुड़ जाता है जिसका अर्थ है बिना सोचे समझे और जाने बिना तर्क के किसी चीज पर आंख मूंदकर विश्वास करना। श्रद्धा जहां सकारातमक है तो अंधश्रद्धा पूर्णतनकारात्मक।
हमारी परम्पराओं , संस्कृति एवं धर्म में ना जाने कितनी ही मान्यताएं हैं जिनका हम बिना विचारे पीढ़ियों से अनुसरण किए जा रहे हैं कुछ मान्यताएं सही हो सकती है तो कुछ गलत।
कौन सी धारणाएं या मान्यताएं सही है और किन मान्यताओं को माना जाए और किन्हें वक्त के साथ छोड़ दिया जाए। इन्हीं कुछ सवालों के समाधान हेतु शासकीय दू.ब. महिला स्नात. स्वशासी महाविद्यालय, रायपुर के स्ववित्तीय पाठयक्रम फैशनडिजाइनिंग (गृहविज्ञान), आईक्यूएसी, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र के संयुक्त तत्वाधान में लाईफस्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया ..
जिसका विषय था- अंधश्रद्धा एवं उसके दुष्परिणाम
"मानो या ना मानो"
अपनी सोच को एक नई दिशा देने हेतु आज दिनाँक 01अगस्त 2021 को शा. दू.ब. महिला महाविद्यालय, रायपुर में राज्यस्तरीय वेबीनार के तहत स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम में “मानो या ना मानो“: अंधश्रधा एवं उसके दुष्परिणाम विषय पर डॉ दिनेश मिश्रा जी का व्याखायान संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का प्रारंभ आदरणीय प्राचार्य डॉ श्रधा गिरोलकर मैडम एवं महाविद्यालय की IQAC प्रभारी डॉ उषाकिरण अग्रवाल के संबोधन से हुआ। प्रमुख वक्ता डॉ दिनेश मिश्रा जी, नेत्ररोग विशेषज्ञ व अध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, जिनका परिचय डॉ मनीषा महापात्र ने दिया और उन्हें व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया।
डॉ मिश्रा ने अपने अनुभव और अपनी समिति द्वारा किए गए कार्यों के माध्यम से अंधश्रधा के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की, साथ ही इस कुरीति से जुड़े विभिन्न कानून की जानकारी भी उपलब्ध कराई।
डॉ मिश्रा को सुन कर एवं उनके अनुभवों का लाभ लेकर हम अपने मन की कई भ्रांतियों को दूरकर एक नई सोच के साथ आगे बढ़ सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ ऋचा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का तकनीकी संचालन डॉ ऋचा टिकरिहा, ऋचा ताम्रकार एवं सावित्री सप्रे ने किया और कार्यक्रम का संचालन डॉ शिप्रा बैनर्जी ने किया।
रायपुर । स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय जिला रायपुर द्वारा संचालित 9 विद्यालयों के शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक संविदा पदो की लिखित परीक्षा गत दिवस 15 परीक्षा केंद्रों में 2 सत्रो में आयोजित की गई।
कलेक्टर सौरभ कुमार के मार्गदर्शन में मयंक चतुर्वेदी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर , पूनम शर्मा डिप्टी कलेक्टर , ए एन. बंजारा जिला शिक्षा अधिकारी एवं के एस. पटले डी एम सी. राजीव गाँधी शिक्षा मिशन जिला की देख-रेख में आयोजित की गई।
मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन और मॉनिटरिंग के लिए धिकारियों एवं केन्द्राध्यक्षों की नियुक्ति कलेक्टर रायपुर के द्वारा की गई थी। कोरोंना प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए परीक्षा संचालन किया गया। परीक्षा संचालन में संघ लोक सेवा आयोग एवं राज्य लोक सेवा आयोग के निर्धारित मापदण्डों का पालन किया गया।
परीक्षा में 15, 878 पात्र उम्मीदवारो में 7, 536 उम्मीदवार उपस्थित रहे। परीक्षा केन्द्रो में परीक्षार्थियों की थर्मल स्कैनिंग की गई और हैण्ड सेनेटाईजर से हाथ को सेनेटाईज किया गया। प्रवेश के समय एवं परीक्षा कक्ष में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।
रायपुर । कर्मचारी चयन आयोग द्वारा कम्बाइण्ड हायर सेकेण्डरी लेवल एक्जामिनेशन 2020 (टियर 1) एवं कम्बाइण्ड गे्रजुएट लेवल एक्जामिनेशन 2020( टियर 1) की परीक्षा 4 अगस्त से 24 अगस्त तक आयोजित की गई है। यह परीक्षा सुबह 9 बजे से 10 बजे तक एवं दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक तथा दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक आयोग द्वारा निर्धारित आई ओ एन डिजिटल जोन सरोना पार्थिवी प्रोविंस कमर्शियल कंाम्पलेक्स, संत रविदास वार्ड 70 बाईपास सरोना, रायपुर में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। कलेक्टर ने परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु श्रीमती पूनम शर्मा डिप्टी कलेक्टर एवं परीक्षा प्रभारी अधिकारी रायपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

कांकेर: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला कांकेर ने स्टॉफ नर्स के 50, लेब टेक्नीशियन के 15, फार्मासिस्ट के 8 एवं ड्रेसर के 6 पदों पर संविदा भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया था, जिसके परीक्षण पश्चात पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी किया गया है, जिसे कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा की गई है, जिसका अवलोकन किया जा सकता है। यदि किसी अभ्यर्थी को इस संबंध में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना हो तो वे 16 अगस्त तक कार्यालयीन दिवस में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय कांकेर में अपना दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
रायपुर: छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल परीक्षा के परिणाम घोषित हो गए है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन रिजल्ट जारी किए। परीक्षा परिणाम छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट www.sos.cg.nic.in पर देख सकते हैं।
इस बार 98.20 प्रतिशत रहा रिजल्ट। 52 हजार 304 बच्चे फर्स्ट डिवीजन में पास हुए हैं। इस बार की परीक्षा में लड़कों ने बाजी मारी है। कुल 61,511 परीक्षार्थियों के जारी किए गए नतीजों में 60,409 परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे हैं। कुल 1,102 परीक्षार्थियों अनुत्तीर्ण हुए हैं।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद आज यानी कि शनिवार को दसवीं और बारहवीं कक्षा का रिजल्ट जारी करेगा। इस साल 56 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा के रिजल्ट का इंतजार है। बोर्ड दोपहर साढ़े तीन बजे आधिकारिक वेबसाइट पर दसवीं और बारहवीं कक्षा का रिजल्ट अपलोड करेगा। छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in पर 10वीं और 12वीं का रिजल्ट देख सकेंगे। हर साल की तरह इस साल भी यूपी बोर्ड का दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट एक साथ जारी हो रहा है। गौरतलब है कि इस साल बोर्ड ने कोरोना वायरस की वजह से दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। बोर्ड ने आंतरिक मूल्यांकन के जरिए दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट तैयार किया है।
ऐसे चेक कर सकेंगे दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट
-सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।
- यहां होमपेज पर ही आपको 10वीं और 12वीं कक्षा के रिजल्ट का लिंक मिलेगा।
-जिस पर क्लिक करने के बाद आपको अपना विवरण दर्ज करना होगा।
-इसके बाद आपका रिजल्ट खुल जाएगा।
-जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं और प्रिंट ले सकते हैं।
-दसवीं का रिजल्ट जारी होने के बाद ही आप देख सकेंगे।
दसवीं और बारहवीं कक्षा के रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों के लिए फिर से परीक्षा कराई जाएगी। ये परीक्षार्थी परिणाम घोषित होने के बाद संबंधित विद्यालय के माध्यम से आवेदन करेंगे। हालात सामान्य होने पर इनकी परीक्षा कराई जाएगी। पिछले साल 10वीं में 83.31 फीसदी और 12वीं में 74.63 फीसदी छात्र पास हुए थे।
रायपुर, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 के लिए 2 अगस्त से आवेदन पत्र भरे जा सकेंगे। आवेदन पत्र भरने की अवधि सामान्य शुल्क के साथ 2 अगस्त से 20 अगस्त तक निर्धारित की गई है। विलम्ब शुल्क के साथ 21 अगस्त से 28 अगस्त तक हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा के आवेदन पत्र भरे जा सकते हैं। हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा सितम्बर माह के द्वितीय सप्ताह से प्रारंभ होगी, जो छात्र हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 में सम्मिलित होना चाहते है, वे अपनी शाला के माध्यम से आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में महाविद्यालयों द्वारा नैक से मूल्यांकन कराए जाने में 5 गुना की वृद्धि हुई है, जो प्रदेश के उच्च शिक्षा के गुणवत्ता उन्नयन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह जानकारी आज 30 जुलाई को उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल की अध्यक्षता में आयोजित नैक की समीक्षा बैठक में दी गई।
बैठक में बताया गया कि उच्च शिक्षा मंत्री पटेल द्वारा विगत माह फरवरी में नैक की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों पर अमल करते हुये उच्च शिक्षा विभाग अभासीय पटल पर सतत् कार्यशालायें आयोजित कर तथा भौतिक रूप से संभाग एवं जिला स्तर पर कार्यशालायें आयोजित करने के परिणाम स्वरूप माह जुलाई में 78 शासकीय महाविद्यालयों ने आई.आई.क्यू.ए. एवं 30 शासकीय महाविद्यालयों ने एस.एस.आर. नैक के पोर्टल में जमा किया है, जो कोरोना संकट के विषम परिस्थिति तथा समय में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उच्च शिक्षा मंत्री पटेल ने बैठक में संपूर्ण टीम को प्रगति के लिए बधाई दी। गौरतलब है कि माह फरवरी में प्रदेश के नैक से मूल्यांकन हेतु अर्हता प्राप्त 170 शासकीय महाविद्यालयों में से 16 महाविद्यालयों द्वारा आई.आई.क्यू.ए. एवं 07 महाविद्यालयों द्वारा एस.एस.आर. नैक में जमा किया गया था।
उच्च शिक्षा मंत्री पटेल द्वारा विगत माह फरवरी में राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों, संभागीय अपर संचालकों एवं अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक में नैक से महाविद्यालयों का मूल्यांकन एवं प्रत्यायन मिशन मोड पर कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। इसमें मूल्यांकन की कार्ययोजना तैयार कर विश्वविद्यालयों को अग्रणी भूमिका निभाते हुए वर्ष 2022 तक प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन एवं प्रत्यायन कराने के लिए कहा गया था। उन्होंने बैठक में सेमिनार, प्रशिक्षण इत्यादि आयोजित कर सभी को दक्ष बनाने पर जोर दिया था। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल द्वारा गहन निगरानी व मॉनीटरिंग पर जोर देते हुये त्रिस्तरीय टीम का गठन संचालनालय, विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर करने हेतु निर्देश दिए गए थे।
बैठक में अवगत कराया गया कि शासकीय महाविद्यालयों के नैक से मूल्यांकन में सरगुजा एवं बिलासपुर संभाग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सरगुजा संभाग के 33 अर्हता प्राप्त शासकीय महाविद्यालयों में से 30 के द्वारा आई.आई.क्यू.ए. एवं बिलासपुर के 45 अर्हता प्राप्त शासकीय महाविद्यालयों से 26 महाविद्यालय द्वारा आई.आई.क्यू.ए. नैक में जमा किया जा चुका है। उक्त दोनों संभागों की कार्यप्रणाली को प्रदेश के अन्य संभागों में भी अनुकरण करने पर विभाग द्वारा निर्देश दिये गये। उच्च शिक्षा मंत्री ने नैक से मूल्यांकन कराए जाने को महत्वपूर्ण बताते हुये यह कहा कि उच्च शिक्षा में बेहतर सोच व बेहतर गुणवत्ता का पैमाना नैक से मूल्यांकन है। उन्होंने शेष सभी महाविद्यालयों को भी नैक से मूल्यांकन शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए कहा।
उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 1994 में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् का गठन किया गया है। जिसे नैक के नाम से जाना जाता है, जो कि एक स्वशासी संस्था है। जिसका मुख्यालय बेंगलूरू में स्थित है। नैक के द्वारा गठित निरीक्षण दल में विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य सदस्य के रूप में नामित किये जाते हैं, जो उच्च शिक्षण संस्थाओं का नैक के द्वारा निर्धारित 7 मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन करते है। नैक के द्वारा मूल्यांकित किये जाने से उच्च शिक्षण संस्थानों को उनकी क्षमता, कमियाँ, अवसर एवं चुनौतियों को जानने का मौका मिलता है, नैक से मूल्यांकन कि समस्त प्रक्रिया में विद्यार्थी को केन्द्र में रखकर मानदंड तैयार किये गये है।







