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BIG BREAKING : रायपुर में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1893 नए मरीजों की हुई पहचान, 28 मरीजों की हुई मौत

BIG BREAKING : रायपुर में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1893 नए मरीजों की हुई पहचान, 28 मरीजों की हुई मौत

 रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 1893 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 245 मरीज, दुर्ग से 102, राजनांदगांव से 124, बालोद से 144, बेमेतरा से 33, कबीरधाम से 28, धमतरी से 59, बलौदा बाजार से 122, महासमुंद से 111, गरियाबंद से 33, बिलासपुर से 90, रायगढ़ से 93, कोरबा से 239, जांजगीर-चांपा से 124, मुंगेली से 17, जीपीएम से 5, सरगुजा से 36, कोरिया से 28, सूरजपुर से 24, बलरामपुर से 41, जशपुर से 40, बस्तर से 23, कोंडागांव से 55, दंतेवाड़ा से 18, सुकमा से 18, कांकेर से 31, नारायणपुर से 0, बीजापुर से 9, अन्य राज्य से 1 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 1976 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 28 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 19333 है | 

कोरोना मरीजों के मकान पर पोस्टर लगाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बड़ी बात, पढ़ें पूरी खबर

कोरोना मरीजों के मकान पर पोस्टर लगाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बड़ी बात, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली | उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 मरीजों के मकान के बाहर एक बार पोस्टर लग जाने पर उनके साथ 'अछूतों' जैसा व्यवहार हो रहा है और यह जमीनी स्तर पर एक अलग हकीकत बयान करता है। केंद्र ने शीर्ष अदालत से कहा कि हालांकि उसने यह नियम नहीं बनाया है लेकिन इसकी कोविड-19 मरीजों को 'कलंकित' करने की मंशा नहीं है। इसका लक्ष्य अन्य लोगों की सुरक्षा करना है।

पढ़ें : बड़ी खबर: 6 बच्चियां को तस्करों के चंगुल से बचाया गया, राजधानी ट्रेन से दिल्ली ले जाने की थी तैयारी

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा कि जमीनी स्तर की हकीकत कुछ अलग है और उनके मकानों पर ऐसा पोस्टर लगने के बाद उनके साथ अछूतों जैसा व्यवहार हो रहा है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कुछ राज्य संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अपने स्तर पर ऐसा कर रहे हैं। मेहता ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के मकान पर पोस्टर चिपकाने का तरीका खत्म करने के लिए देशव्यापी दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर न्यायालय के आदेश पर केंद्र अपना जवाब दे चुका है।
 
 
पीठ ने कहा कि केंद्र द्वारा दाखिल जवाब को रिकॉर्ड पर आने दें, उसके बाद गुरुवार को हम इसपर सुनवाई करेंगे। शीर्ष अदालत ने पांच नवंबर को केंद्र से कहा था कि वह कोविड-19 मरीजों के मकान पर पोस्टर चिपकाने का तरीका खत्म करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने पर विचार करे। न्यायालय ने कुश कालरा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए केंद्र को औपचारिक नोटिस जारी किए बिना जवाब मांगा था। पीठ ने कहा था कि जब दिल्ली उच्च न्यायालय में शहर की सरकार मरीजों के मकानों पर पोस्टर नहीं लगाने पर राजी हो सकती है तो इस संबंध में केंद्र सरकार पूरे देश के लिए दिशा-निर्देश जारी क्यों नहीं कर सकती।
 
 
आप सरकार ने तीन नवंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उसने अपने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे कोविड-19 मरीजों या होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के मकानों पर पास्टर ना लगाएं और पहले से लगे पोस्टरों को भी हटा लें। दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया कि उसके अधिकारियों को कोविड-19 मरीजों से जुड़ी जानकारी उनके पड़ोसियों, आरडब्ल्यूए या व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करने की भी अनुमति नहीं है।
 
 
कालरा ने उच्च न्यायालय में दी गई अर्जी में कहा था कि कोविड-19 मरीज के नाम को आरडब्ल्यूए और व्हाट्सऐप ग्रुप पर साझा करने से ना सिर्फ वे कलंकित हो रहे हैं बल्कि बिना वजह लोगों का ध्यान उनपर जा रहा है। अर्जी में कहा गया है कि कोविड-19 मरीजों को निजता दी जानी चाहिए और उन्हें इस बीमारी से उबरने के लिए शांति और लोगों की घूरती हुई नजरों से दूर रखा जाना चाहिए। अर्जी में कहा गया है, लेकिन उन्हें दुनिया की नजरों के सामने लाया जा रहा है। उसमें यह भी दावा किया गया है कि सार्वजनिक रूप से अपमानित और कलंकित होने से बचने के लिए लोग अपनी कोविड-19 जांच कराने से हिचक रहे हैं, और यह सबकुछ मरीजों के मकानों पर पोस्टर चिपकाने का नतीजा है।
 
 बड़ी खबर: 6 बच्चियां को तस्करों के चंगुल से बचाया गया, राजधानी ट्रेन से दिल्ली ले जाने की थी तैयारी

बड़ी खबर: 6 बच्चियां को तस्करों के चंगुल से बचाया गया, राजधानी ट्रेन से दिल्ली ले जाने की थी तैयारी

रांची। राजधानी ट्रेन से दिल्ली जाने के लिए रांची रेलवे स्टेशन पर इंतजार कर रही 6 नाबालिग बच्चियों को आरपीएफ की टीम ने तस्करों के चंगुल से बचाया। आरपीएफ के नन्हे फरिश्ते की टीम ने इन बच्चियों को तस्करों से मुक्त कराकर पूछताछ के बाद रांची के चाइल्ड लाइन को सौंप दी। इन बच्चियों में खूंटी जिले की 4 और गुमला व सिमडेगा जिले की एक-एक बच्ची शामिल है।

इस संबंध में आरपीएफ इंचार्ज अमिताभ आनंद ने बताया कि हर दिन की भांति सोमवार को भी आरपीएफ की नन्हे फरिश्ते की टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी बीच निरीक्षक सुनीता पात्रा के नेतृत्व में नन्हे फरिश्ते के टीम को रांची रेलवे स्टेशन पर 6 नाबालिग बच्चियों को ट्रेन का इंतजार करते दिखीं। पूछताछ पर इन बच्चियों ने घरेलू काम के लिए दिल्ली ले जाने की बात कही।

इस दौरान आरपीएफ की नन्हे फरिश्ते की टीम ने तस्करों की खोजबीन की, पर कोई तस्कर हाथ नहीं आया। आरपीएफ के मुताबिक, खूंटी के अलावा गुमला और सिमडेगा जिले के इन 6 बच्चियों को तस्कर रांची रेलवे स्टेशन छोड़ कर चला गया। इसके अलावा यह भी संभावना जतायी जा रही है कि तस्कर दूर से ही इन बच्चियों पर निगरानी रखे हुए था। इन बच्चियों के आरपीएफ के कब्जे में आने के बाद फरार हो गया होगा।

जानकारी मिली कि खूंटी जिले की 4 बच्चियों के अलावा गुमला जिला के एक और सिमडेगा जिला के एक बच्ची को घरेलू कार्य के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। इसके लिए सभी 6 बच्चियों को रांची रेलवे स्टेशन से राजधानी ट्रेन से ले जाने की योजना तस्करों की थी, पर आरपीएफ की नन्हे फरिश्ते ने इन तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

आरपीएफ की ओर से बताया गया कि रांची रेलवे स्टेशन पर नन्हे फरिश्ते की ओर से चेकिंग अभियान विगत 15 अगस्त, 2020 से चलाया जा रहा है। अभी तक 31 बच्चों को बचाया गया है, जबकि 10 तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया है।
 शिवसेना में शामिल हुईं  बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मांतोंडकर

शिवसेना में शामिल हुईं बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मांतोंडकर

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मांतोंडकर आज यानी मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुईं। इस तरह से उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ अब एक नई राजनीतिक पारी का आगाज किया है। उन्होंने 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था और बाद में पार्टी छोड़ दी थी। बताया जा रहा है कि शिवसेना ने राज्यपाल बी एस कोश्यारी के पास उर्मिला मांतोंडकर का नाम विधान परिषद में राज्यपाल कोटा से नामित करने के लिए भेजा है। इसके अलावा इस कोटे के लिए महा विकास अघाडी ने 11 और नाम भेजे हैं। हालांकि राज्यपाल ने अभी इन 12 नामों को मंजूरी नहीं दी है। मांतोंडकर 2019 के लोकसभा चुनाव में मुंबई उत्तरी सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। हालांकि उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
बाद में उन्होंने कांग्रेस की मुंबई इकाई के कामकाज के तरीकों को लेकर पार्टी छोड़ दी। हाल में उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से करने के लिए कंगना रनौत की आलोचना की थी। उर्मिला मातोंडकर का जन्म 4 फरवरी 1974 को मुंबई में हुआ था। उर्मिला ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस मराठी फिल्म `झाकोला` (1980) से की थी। कलयुग (1981) उनकी पहली हिंदी फिल्म थी। उर्मिला ने 1983 में फिल्म मासूम से चाइल्ड आर्टिस्ट के रुप में बॉलीवुड में डेब्यू किया था।
 JNU की पूर्व छात्र नेता शेहला के पिता ने लगाया बड़ा आरोप: बोले- देशद्रोह और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है मेरी बेटी

JNU की पूर्व छात्र नेता शेहला के पिता ने लगाया बड़ा आरोप: बोले- देशद्रोह और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है मेरी बेटी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों में भी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दरअसल, जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद पर उसके पिता ने आरोप लगते हुए कहा है कि, उनकी बेटी देशद्रोह और देश विरोधी गतिविधियों है।

इसके लिए उन्होंने पुलिस महानिदेशक को एक पत्र लिखकर अपनी जान का खतरा होने की बात भी कही है। शेहला के पिता ने कहा कि उन्हें सुरक्षा दी जाए। इसके अलावा संबंधित पुलिस थाने को भी इसके बारे में सूचना दी ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचा सके। दूसरी तरफ शेहला ने पिता के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

अब्दुल रशीद शौरा ने सोमवार को शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्हें अपनी ही बेटी से जान का खतरा है। अब्दुल रशीद ने बताया कि उनकी बेटी देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल है। उनकी पत्नी जुबैदा शौर, बड़ी बेटी आसमा रशीद और एक पुलिसकर्मी साकिब अहमद भी उसके साथ है। उन्होंने कहा कि साकिब को पीएसओ बताया जाता है।

शेहला ने बयान जारी कर कहा…
शेहला ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि परिवार में ऐसा नहीं होता, जैसा मेरे पिता ने किया है। उन्होंने मेरे साथ-साथ मेरी मां और बहन पर भी बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। शेहला ने ट्वीट करते हुए कहा कि वह पत्नी को पीटने वाला और एक अपमानजनक, नापाक आदमी है। हमने आखिरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है और यह स्टंट उसी का हिस्सा है। शेहला ने बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें 17 नवंबर से ही घर में आने से रोका हुआ है।

‘वटाली के घर पर बुलाया गया था’
शेहला के पिता अब्दुल रशीद ने दावा किया कि वर्ष 2017 में उनकी बेटी अचानक ही कश्मीर की राजनीति में आ गई थी। पहले वह नैशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थी। उसके बाद जेकेपीएम में शामिल हुई थी। उन्होंने बताया कि टेरर फंडिंग मामले में पहले ही इंजिनियर रशीद और जुहूर वटाली गिरफ्तार हैं।

3 करोड़ रुपये देने की हुई थी बात-
अब्दुल रशीद ने आरोप लगाया कि उस दिन उन्हें मौके पर तीन करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। उसके बाद उनकी बेटी से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने उस समय कहा था कि जो पैसे उसे (शेहला रशीद) दिए जा रहे हैं वह गलत रास्ते आए हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद उनकी बेटी इन नेताओं के साथ जुड़ गई थी। इतना ही नहीं, उनका कहना है कि जब उन्होंने अपनी बेटी को मना किया तो उनसे कहा गया कि वह इस मामले में चुप रहें।

आईजी करेंगे मामले की जांच-
शेहला के पिता ने आरोप लगाया कि इन सबके बाद उन्हें तंग किया जाने लगा। उनके घर पर कई लोगों का आना-जाना का गतिविधि शुरू हो गया। अब्दुल रशीद का यह भी कहना है कि उन्हें घर से बाहर करने का भी पूरा प्रयास किया गया। अब उन्हें अपनी जान को खतरा लग रहा है। दरअसल, उनकी बेटी देशद्रोही लोगों के साथ जुड़ गई है। ऐसे में उन्हें जान से मारा जा सकता है। अब्दुल रशीद ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग की है।
 
 निर्दयी बाप ने कुल्हाड़ी से अपने पांच बच्चों सहित पत्नी को काटा, जाने कहा का है यह मामला

निर्दयी बाप ने कुल्हाड़ी से अपने पांच बच्चों सहित पत्नी को काटा, जाने कहा का है यह मामला

सीवान। बिहार के सीवान से जिले मे एक दुखद घटना में बीती रात नशे में धुत एक अधेड़ ने अपनी पत्नी और पांच बच्चों को कुल्हाड़ी से काट डाला। यह मामला भगवानपुर थाना क्षेत्र के बलहां अलिमर्दनपुर गांव का है। घटना में जहां चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई है वहीं जख्मी पत्नी को उपचार के लिए पटना रेफर किया गया है। मृतको में तीन बेटे और एक बेटी शामिल है। इस हृदय विदारक घटना में दो बेटों और एक बेटी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं जख्मी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को पटना रेफर कर दिया गया है। इलाज के लिए ले जाने के दौरान घायल एक बेटे की भी मौत हो गई। जबकि घायल पत्नी और एक बेटी की गंभीर हालत को देखते हुए इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है। 

मिली जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद आरोपित बाप ने स्वयं भी जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की। हालांकि पुलिस उसे हिरासत में लेकर इलाज करा रही है। घटना की सूचना मिलने पर रात में ही एसडीपीओ पोलस्त कुमार, थानाध्यक्ष विपिन कुमार घटनास्थल पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
 बड़ी खबर: उत्तराखंड के हरिद्वार में 3.9 तीव्रता से आए भूकंप के झटके

बड़ी खबर: उत्तराखंड के हरिद्वार में 3.9 तीव्रता से आए भूकंप के झटके

देहरादून। मंगलवार की सुबह उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में रिक्टर पैमाने पर 3.9 की तीव्रता वाला भूकंप दर्ज किया गया। देहरादून में मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सुबह 9:41 बजे के आसपास झटके महसूस किए गए।

हरिद्वार की जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कनथुला ने कहा कि भूकंप के कारण किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या जानमाल की क्षति नहीं हुई है। मीरा ने कहा, `आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है।

मीरा ने कहा कि उत्तराखंड में अक्सर उच्च ऊंचाई पर झटके महसूस किए जाते हैं, लेकिन यह लंबे समय के बाद है कि हरिद्वार में इस तरह की गतिविधि दर्ज की गई है जो एक मैदानी क्षेत्र है।

हरिद्वार में भूकंपीय गतिविधि चिंता का विषय है क्योंकि कुंभ मेले की तैयारी चल रही है, जिसमें बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पवित्र डुबकी लगाने के लिए गंगा नदी के घाटों की ओर रुख करते हैं।
 किसान सड़कों पर धरना दे रहे हैं और `झूठ` टीवी पर भाषण- राहुल गांधी

किसान सड़कों पर धरना दे रहे हैं और `झूठ` टीवी पर भाषण- राहुल गांधी

नई दिल्ली। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को आंदोलन तेज होता जा रहा है। पिछले 6 दिन से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर डटे हुए हैं। इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे किसानों के समर्थन में पंजाब के सिंगर से लेकर हरियाणा की खापें भी उतर आई हैं। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी किसानों का समर्थन करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इस कड़ी में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है।
 


दिल्ली में ठंड कोरोना काल में जारी किसानों के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, `अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं `झूठ` टीवी पर भाषण! किसान की मेहनत का हम सब पर कर्ज है। ये कर्ज उन्हें न्याय हक देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दुत्कार कर, लाठियां मारकर आंसू गैस चलाकर। जागिए, अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए किसान का अधिकार दीजिए।

 

इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं आम लोगों से किसानों के पक्ष में खड़े होने की अपील कहा कि यह सत्य व असत्य की लड़ाई है, जिसमें सभी को अन्नदाताओं के साथ होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अगर ये कानून किसानों के हित में हैं तो फिर किसान सड़कों पर क्यों हैं? कांग्रेस के `स्पीक अप फॉर फार्मर्स` नामक सोशल मीडिया अभियान के तहत एक वीडियो जारी कर राहुल गांधी ने कहा, `देश का किसान काले कृषि कानूनों के खिलाफ ठंड में अपना घर-खेत छोड़कर दिल्ली तक आ पहुंचा है। सत्य असत्य की लड़ाई में आप किसके साथ खड़े हैं - अन्नदाता किसान या प्रधानमंत्री के पूंजीपति मित्र के साथ?

 


उन्होंने कहा, `देशभक्ति देश की शक्ति की रक्षा होती है. देश की शक्ति किसान है। सवाल यह है कि आज किसान सड़कों पर क्यों है? वह सैकड़ों किलोमीटर चलकर दिल्ली की तरफ क्यों आ रहा है? नरेंद्र मोदी कहते हैं कि तीन कानून किसानों के हित में हैं। अगर ये कानून किसानों के हित में है तो किसान इतना गुस्सा क्यों है, वह खुश क्यों नहीं है?` कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया,` ये कानून मोदी के दो-तीन मित्रों के लिए हैं, किसान से चोरी करने के कानून हैं।
 छह बच्चों की मौत के बाद सरकारी अस्पताल में हड़कंप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

छह बच्चों की मौत के बाद सरकारी अस्पताल में हड़कंप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

शहडोल कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में 6 बच्चों की मौत के बाद से हड़कंप मचा है। पहले दिन 24 घंटे के अंदर 5 बच्चों के बाद 1 और बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार बीते दो दिनों में जिला अस्पताल में उपचार के लिए लाए गए छह नवजात शिशुओं की मौत हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों की मौत हुई है। बच्चों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं कमिश्नर का कहना है कि बच्चों की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के चलते नहीं हुई है। उनके मुताबिक बच्चे पहले से ही गंभीर अवस्था में अस्पताल में लाए गए थे। बच्चों की मौत के बाद सिविल सर्जन व सीएमचो को हटाया गया था।

वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक जो 6 बच्चों की मौत हुई है, उनमें सभी में डबल निमोनिया बीमारी पाई गई जो लगातार बच्चों में ठंड में पाई जाती है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहडोल में कुछ बच्चों की मृत्यु की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई और निर्देश दिए कि इस घटना की जांच कर प्रतिवेदन सौंपा जाए। यदि चिकित्सक और स्टाफ दोषी पाए जाएं, तो ऐसे लोगों को दंडित किया जाए। सीएम चौहान ने कहा वेंटिलेटर एवं अन्य उपकरणों का समुचित प्रबंध हो। आवश्यक हो तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेकर रोगियों को स्वास्थ्य लाभ दिया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस घटना की जांच कर प्रतिवेदन सौंपा जाए। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि शहडोल अस्पताल के चिकित्सकों से प्रतिवेदन मांगा गया है। लापरवाही का मामला होने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में कल 1,324 नए कोरोना संक्रमित मिले, 18 मरीजों की हुई मौत

प्रदेश में कल 1,324 नए कोरोना संक्रमित मिले, 18 मरीजों की हुई मौत

रायपुर। प्रदेश में रविवार को को 1324 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। आज सबसे अधिक मरीजों की पहचान राजधानी रायपुर से हुई है। रायपुर में आज 186 कोरोना पाजिटिव की पहचान हुई है। साथ ही दुर्ग से 169, राजनांदगांव से 73, बालोद से 74, बेमेतरा से 26, कबीरधाम से 28, धमतरी से 33, बलौदा बाजार से 57, महासमुंद से 35, गरियाबंद से 23, बिलासपुर से 103, रायगढ़ से 104, कोरबा से 63, जांजगीर चांपा से 118, मुंगेली से 14, GPM से 4, सरगुजा से 30, कोरिया से 21, सूरजपुर से 47, बलरामपुर से 32, जशपुर से 8, बस्तर से 12, कोंडागांव से 19, दंतेवाड़ा से 18, सुकमा से 3, कांकेर से 19, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 2 और अन्य राज्य से 2 मरीज मिले हैं। साथ ही अस्पताल से 153 और होम आइसोलेशन से 1586 मरीज डिस्चार्ज हुए है। मेडिकल बुलेटिन अनुसार कोरोना और अन्य बीमारियों से ग्रसित 18 मरीजों की मौत हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ में एक्टिव मरीजों की संख्या 19635 है।  

 

 वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस जवानों ने मंत्री की गाड़ी रोककर की चेकिंग, अगले दिन उसी ने किया सम्मानित

वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस जवानों ने मंत्री की गाड़ी रोककर की चेकिंग, अगले दिन उसी ने किया सम्मानित

मध्यप्रदेश। ग्वालियर में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस जवानों ने एमपी के उर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के मंत्री की वाहन को भी रोककर चेकिंग की थी। इस चेकिंग के दौरान पुलिस वालों को जब पता लगा कि उन्होंने चेकिंग के लिए मंत्री जी की गाड़ी रुकवाई है, तो जवानों में यह भय व्याप्त हो गया कि अब इसका खामियाना भुगतना ही पड़ेगा। 

पुलिस के जवान इस बात से भय खाए हुए थे। लेकिनदूसरे दिन ऊर्जा मंत्री ने पुलिस लाइन पहुंच कर जो किया उससे पुलिस महकमें की शान और बढ़ गई। उन्होंने न सिर्फ चेकिंग करने वाले पुलिस जवानों की हौसला अफजाई की और उन्हें पुरस्कृत भी किया। मंत्री की गाड़ी चेकिंग करने के बाद भय खा रहे पुलिस वाले भी मंत्री के इस व्यवहार से गदगद हैं। 

इस अवसर पर मंत्री प्रद्युमन ने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस जवानों ने जो मुस्तैदी दिखाई है वह काबिले तारीफ है। लेकिन उन्होंने पुलिस वालों से यह भी कहा कि वाहन चेकिंग के नाम पर अनावश्यक किसी गरीब व्यक्ति को परेशान न करें। उन्होंने चेकिंग करने वाले हजीरा टीआई मनोज कुमार शर्मा और उनके स्टॉफ को नकद पुरस्कार भी दिए। एमपी के उर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने इस बार पुलिस वालों का दिल जीत लिया है। जवानों की मुस्तैदी देख वे काफी खुश हैं। 

ये है मामला: 
कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर विधानसभा क्षेत्र में बिना फालो गाड़ी के शादी समारोह में शामिल होकर रात को वापस लौट रहे थे। उसी दौरान पुलिस ने चार शहर के नाके पर उन्हें रोक लिया और उनकी गाड़ी को चेक किया। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पुलिसकर्मियों के इस साहस के मुरीद हो गए। और उन्होंने इन पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए सम्मानित किया है।
 
 बड़ी खबर: इस भाजपा विधायक की हुई कोरोना संक्रमण से मौत

बड़ी खबर: इस भाजपा विधायक की हुई कोरोना संक्रमण से मौत

जयपुर। देश में कोरोना का कहर जारी है और अब कोरोना संक्रमण से मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, कोरोना के दूसरी लहर को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर से सख्ती बढ़ा दी है। इन सब के बीच बड़ी खबर राजस्थान से है, जहां राजसमंद से भारतीय जनता पार्टी के विधायक किरण माहेश्वरी का कोरोना से निधन हो गया। किरण माहेश्वकी कुछ दिन पहले ही कोरोना संक्रमित पाई गई थीं। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां उनका निधन हो गया। 

बता दें कि किरण माहेश्वरी राजस्थान की दूसरी विधायक हैं, जिनकी मौत कोरोना से हुई है। बताया जा रहा है कि राजसमंद से भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी नगर निगम चुनाव के दौरान कोटा में कोरोना पॉजिटिव हुई थीं। वे कोटा उत्तर नगर निगम की चुनाव प्रभारी थीं। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने के बाद मेदांता में भर्ती कराया गया था।
बड़ी खबर: संबित पात्रा की बेटी के `लव जिहाद` को लेकर उड़ी अफवाह, जाने क्या है सच

बड़ी खबर: संबित पात्रा की बेटी के `लव जिहाद` को लेकर उड़ी अफवाह, जाने क्या है सच

 रोजमर्रा की खबरों के बीच एक टीवी न्यूज चैनल का एक सनसनीखेज स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है जिसकी हेडलाइन है, “संबित पात्रा की बेटी ने रचाया जिहाद, मुस्लिम युवक संग फरार”। इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लोग तंज कस रहे हैं कि, बीजेपी के कई नेता लव जिहाद के खिलाफ में बयान दे रहे हैं, वहीं उनकी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा की बेटी मुस्लिम युवक संग भागकर लव जिहाद का हिस्सा बानी है।


फैक्ट चेक करने पर पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा की बेटी के किसी मुस्लिम युवक संग भागने की बात एकदम बेबुनियाद है। क्योंकि उनकी कोई बेटी है ही नहीं।

सच्चाई क्या है?
संबित पात्रा की शादी ही नही हुई है। तो उनकी बेटी के मुस्लिम युवक के साथ भाग जाने की बात बिल्कुल मनगढ़ंत है। और न ही वायरल हो रही टीवी चैनल ने ऐसी कोई खबर प्रसारित हुई है।

फैक्ट चेक करने के दौरान संबित पात्रा के बारे में क्या मिली जानकारी?
संबित पात्रा के बारे में जानकारी जुटाने पर हमें पता चला कि उनकी शादी नहीं हुई है. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में संबित बीजेपी के टिकट पर ओडिशा के पुरी से चुनाव लड़े थे. चुनाव के समय उन्होंने जो नामांकन पत्र दाखिल किया था, उसमें उन्होंने ‘Spouse’ कॉलम के सामने ‘NIL’ लिखा है। मतलब, उन्होंने जानकारी दी है कि उनकी कोई पत्नी नहीं है। किसी मीडिया रिपोर्ट में भी संबित पात्रा की पत्नी या बेटी का कोई जिक्र नहीं मिला है। यानी ये बात साफ है कि संबित पात्रा की बेटी के मुस्लिम युवक संग भागने की बात का कोई आधार ही नहीं है।वायरल स्क्रीनशॉट एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया गया है।
 मोदी कैबिनेट विस्तार की अटकलें: ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित छत्तीसगढ़ से भी मिलेगा कइयों को मौका

मोदी कैबिनेट विस्तार की अटकलें: ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित छत्तीसगढ़ से भी मिलेगा कइयों को मौका

नई दिल्ली/रायपुर। बिहार में मिली जीत और देशभर में हुए विभिन्न उपचुनाव में भाजपा को मिली सफलता के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।

संसद के अगले सत्र के पहले मोदी सरकार के विस्तार की संभावना है। हालांकि, अभी सत्र को लेकर स्थिति साफ नहीं है। कैबिनेट विस्तार में मध्यप्रदेश उपचुनाव में प्रदेश में भाजपा को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी चर्चा में है। वहीं छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, दुर्ग सांसद सरोज पांडेय, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय व बिलासपुर सांसद अरुण साव के नाम मंत्री बनने वाली की लिस्ट में शामिल है। इनमें से किसी एक को मौका मिल सकता है।

बता दें केंद्रीय मंत्रिमंडल में पहले से ही सरगुजा की सांसद रेणुका सिंह शामिल हैं। जिन्हें महिला बाल विकास विभाग में राज्यमंत्री बनाया गया है। इससे पहले विष्णुदेव साय केंद्र में छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यमंत्री बनाए गए थे। बाद में भाजपा ने विष्णुदेव साय को ड्राप करके उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।

सिंधिया का केंद्र में मंत्री बनना तय!
मध्य प्रदेश उपचुनाव में बड़ी जीत के बाद शिवराज सिंह सरकार अब आसान बहुमत के साथ सत्ता में है। ऐसे में प्रदेश में भाजपा को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी चर्चा में है।

विस्तार में जदयू से भी होंगे मंत्री!
भाजपा के साथ सहयोगी दलों खासकर जदयू में भी इस बार संभावित विस्तार की चर्चाएं हो रही हैं। जदयू ने अभी तक खुद को केंद्र सरकार से दूर रखा है, लेकिन अब बदली हुई परिस्थितियों में केंद्र सरकार में हिस्सेदारी कर सकता है।
प्रदेश में आज मिले 1273 कोरोना संक्रमित, रायपुर से सर्वाधिक मरीजो के साथ इन जिलो से मिले इतने ..

प्रदेश में आज मिले 1273 कोरोना संक्रमित, रायपुर से सर्वाधिक मरीजो के साथ इन जिलो से मिले इतने ..

रायपुर। प्रदेश में रविवार को को 1273 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। आज सबसे अधिक मरीजों की पहचान राजधानी रायपुर से हुई है। रायपुर में आज 153 कोरोना पाजिटिव की पहचान हुई है। साथ ही दुर्ग से 90, राजनांदगांव से 87, बालोद से 52, बेमेतरा से 29, कबीरधाम से 32, धमतरी से 33, बलौदा बाजार से 49, महासमुंद से 52, गरियाबंद से 32, बिलासपुर से 118, रायगढ़ से 101, कोरबा से 74, जांजगीर चांपा से 89, मुंगेली से 16, सरगुजा से 38, कोरिया से 43, सूरजपुर से 42, बलरामपुर से 33, जशपुर से 23, बस्तर से 19, कोंडागांव से 27, दंतेवाड़ा से 10, सुकमा से 2, कांकेर से 25, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 1 और अन्य राज्य से 2 मरीज मिले हैं। साथ ही अस्पताल से 102 और होम आइसोलेशन से 1361 मरीज डिस्चार्ज हुए है। रात 8 बजे जारी मेडिकल बुलेटिन अनुसार आज कोरोना और अन्य बीमारियों से ग्रसित 7 मरीजों की मौत हुई है। वहीं पूर्व में हुई 3 मौत की जानकारी आज दी गई है। छत्तीसगढ़ में एक्टिव मरीजों की संख्या 20641 है। 

 कारोबारी के यहां छापे से अधिकारियों के उड़े होश, इतने बड़े पैमाने पर कालेधन का खुलासा

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दिल्ली। आयकर विभाग ने तमिलनाडु में एक आईटी सेज डेवलपर, उसके पूर्व निदेशक और स्टेनलेस स्टील आपूर्तिकर्ता पर छापेमारी में 450 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रविवार को यह जानकारी दी।

सीबीडीटी ने कहा कि यह छापेमारी चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद और कुड्डालोर में 16 परिसरों पर 27 नवंबर को की गई और अबतक छापेमारी में 450 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला है। सूचना प्रौद्योगिकी विशेष आर्थिक क्षेत्र (आईटी सेज) के पूर्व निदेशक के मामले में कर विभाग को पिछले तीन साल के दौरान जुटाए गए 100 करोड़ रुपए के प्रमाण मिले हैं। यह राशि पूर्व निदेशक और उसके परिवार के सदस्यों ने जुटाई है।

बयान में कहा गया है कि आईटी सेज डेवलपर ने एक निर्माणाधीन परियोजना के लिए जाली कार्य प्रगति पर खर्च का दावा किया है। इसके अलावा कंपनी ने एक परिचालन वाली परियोजना के लिए बोगस 30 करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च का दावा किया है। साथ ही इस इकाई ने 20 करोड़ रुपये के गलत ब्याज खर्च को भी दिखाया है।
 लव जिहाद: उर्दू-अरबी न सीखने पर पति करता था पिटाई, पुलिस ने पति को किया गिरफ्तार

लव जिहाद: उर्दू-अरबी न सीखने पर पति करता था पिटाई, पुलिस ने पति को किया गिरफ्तार

भोपाल। क ओर जहां मध्यप्रदेश में लव जिहाद बिल को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इसी बीच शहडोल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जबरन उर्दू और अरबी सीखने के लिए पिटाई करने वाले मुस्लिम पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

ताजा मामला मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के धनपुरी निवासी ज्योति दहिया ने 2 साल पहल मोहम्मद इरशाद खान से शादी की थी। शादी के कुछ दिनों तक सब कुछ सही चलता रहा। उसके बाद परिवार के लोग मुस्लिम धर्म के तौर-तरीके सीखने के लिए दबाव बनाने लगे। सबसे ज्यादा दबाव उर्दू और अरबी सीखने को लेकर किया गया।

पीड़ित, उर्दू और अरबी सीखने के राजी नही थी नहीं थी। उसके मना करने पर पति उसके साथ मारपीट करने लगता था। रोज की मारपीट से परेशान होकर वह ससुराल से भाग गई। उसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

ये है मामला-
जानकारी अनुसार प्रताड़ना से तंग आकर ज्योति दहिया 27 नवंबर को अपने मां-बाप के पास पहुची। उसके बाद ज्योति दहिया ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की। ज्योति का कहना है कि उसका पति उससे लगातार कहता था कि अब तुम मुस्लिम रीति-रिवाज सीख लो और साथ ही उर्दू पढ़ना लिखना भी सीख लो। लेकिन मैं सीख नहीं पाई, इस बात पर पति कभी मुझे मार भी दिया करता था। मैं हिंदू धर्म में ही रहना चाहती हूं।

पुलिस ने किया गिरफ्तार-
पुलिस ने शिकायत के आधार पर ज्योति के पति इरशाद खान को मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 एवं प्रताड़ना के मामले में गिरफ्तार कर लिया है।

लव जिहाद बिल की चर्चा के बीच बीते दिनों एक ऐसा ही मामला भोपाल में भी आया था। जहां मुस्लिम युवक ने नाम बदल कर युवती से शादी की थी। साथ ही अपने घर में हिंदु देवी-देवाताओं की तस्वीर देखने से परिवार को मना करता था। उसके बाद महिला ने गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से मिल कर शिकायत की थी। गृह मंत्री ने उस मामले में पुलिस को जांच के आदेश दिए थे।
 बड़ी खबर: मजहब छिपाकर की शादी, प्रेमी और उसके परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

बड़ी खबर: मजहब छिपाकर की शादी, प्रेमी और उसके परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

इज्जतनगर: एक युवती ने इज्जतनगर थाने में प्रेमी और उसके परिवार के खिलाफ मजहब छिपाकर शादी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शुक्रवार को इज्जतनगर क्षेत्र निवासी युवती ने सीओ नवाबगंज को बताया कि नवंबर, 2019 में एक युवक उसके संपर्क में आया। उसने खुद को युवती के समुदाय का बताकर मेलजोल बढ़ा लिया। कई बार संबंध भी बनाए। 
 


उसने पुलिस में शिकायत की बात कही तो मंदिर में ले जाकर शादी कर ली। तब से अब तक उसे पत्नी की तरह साथ रखा। वह गर्भवती हुई तो दवा खिलाकर गर्भ गिरवा दिया। युवती का आरोप है कि जब प्रेमी से शादी का पंजीकरण कराने की जिद की तो उसने खुद को दूसरे धर्म का बताया। सीओ के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने आरोपी ताहिर हुसैन, उसकी मां, भाई पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
 बड़ी खबर: दर्ज हुआ शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने का पहला मामला, जारी हुआ आरोपी की गिरफ्तारी का फरमान

बड़ी खबर: दर्ज हुआ शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने का पहला मामला, जारी हुआ आरोपी की गिरफ्तारी का फरमान

लखनऊ। शनिवार दोपहर यूपी सरकार के नए कानून के आधार पर जिले में विवाह के लिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने का पहला मामला देवरनियां थाने में दर्ज हुआ। यहां एक छात्रा के पिता ने उसके प्रेमी के खिलाफ धर्म परिवर्तन कर शादी का दबाव डालने का मामला दर्ज कराया है। प्रभारी एसएसपी ने इंस्पेक्टर को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिकता से आरोपी की गिरफ्तारी की जाए।


देवरनिया के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट लिखाई है कि उनकी बेटी से पढ़ाई के दौरान गांव निवासी उवैस अहमद ने दोस्ती कर ली। अब वह बेटी पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कई बार उवैस को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माना। प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर ही सरकार ने उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम लागू किया है। शनिवार रात देवरनिया थाने में इसी कानून के तहत उवैस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

 

 मन की बात में पीएम मोदी ने उदाहरण देकर किसानों को बताए नए कानूनों के फायदे, पढ़े पूरी खबर

मन की बात में पीएम मोदी ने उदाहरण देकर किसानों को बताए नए कानूनों के फायदे, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है। आंदोलन कर रहे किसानों ने केंद्र के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर किसानों का मन बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा है कि बीते दिनों हुए कृषि सुधारों से किसानों के लिए नई संभावनाओं को द्वार खुले हैं। किसानों को नए अधिकार और अवसर भी प्राप्त हुआ है। 

पीएम मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम `मन की बात` में देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा, भारत में खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे हैं। बीतें दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, बरसों से किसानों की जो मांग थी, जिन मांगों को पूरा करने के लिए किसी न किसी समय में हर राजनीतिक दल ने उनसे वादा किया था। वो मांगे पूरी हुई हैं। काफी विचार विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरूप दिया है। 

उन्होंने कहा, इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बंधन समाप्त हुए हैं बल्कि उन्हें नए अधिकार भी मिले हैं। नए अवसर भी मिले हैं। पीएम मोदी ने कहा, कानून में एक और बहुत बड़ी बात है, इस कानून में ये प्रावधान किया गया है कि क्षेत्र के एसडीएम को एक महीने के भीतर ही किसान की शिकायत का निपटारा करना होगा। उन्होंने महाराष्ट्र के एक किसान जितेंद्र भोइजी का जिक्र किया और बताया कि कैसे उन्होंने नए कानून का फायदा उठाकर अपना बकाया वसूल कर लिया।

`मन की बात` में प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि की पढ़ाई कर रहे छात्रों से गांवों के किसानों को कृषि सुधारों और आधुनिक कृषि को लेकर जागरुक कर देश में हो रहे बदलाव का सहभागी बनने की अपील की। 

दूसरी तरफ, कृषि कानूनों को लेकर लगातार तीन दिनों से आंदोलनरत किसान रविवार को भी अपना प्रदर्शन जारी रखने को लेकर अडिग हैं। किसान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं हैं कि पहले वे शांतिपूर्वक बुराडी के निरंकारी मैदान में शिफ्ट हों तो सरकार दूसरे ही दिन उनसे बात करेगी। 

शनिवार को रात भर दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की तैनाती रही। किसानों ने कल ही स्पष्ट कर दिया था कि वो यहां से कहीं नहीं जाएंगे। आज एक बार फिर सिंघु बॉर्डर पर ही किसानों की बैठक शुरू हो गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है।