नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
 बड़ी खबर: पीएम मोदी को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस के उड़े होश

बड़ी खबर: पीएम मोदी को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस के उड़े होश

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के गुरुवार को तब होश उड़ गए जब एक शख्स ने कॉल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की धमकी दी। कॉल के तुरंत बाद सारी पुलिस यूनिट सक्रिय हो गई और पुलिस ने कॉलर को ट्रेस करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पुलिस शख्स तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस ने जब आरोपी को पकड़ा तो वह नशे की हालत में था और नशे में ही शख्स ने पुलिस को कॉल कर दिया था। आरोपी की पहचान नितिन के तौर पर की गई है। वह दक्षिणपुरी इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि उन्हें कॉल मिली थी, जिसमें कॉलर ने अपने घर के पते की जानकारी भी दी थी।

शख्स ने पुलिस को बताया था कि वह दक्षिणपुरी इलाके के ब्लॉक-18 में स्थित मकान संख्या 198 से कॉल कर रहा है और वो मोदी जी की हत्या कर देगा। कॉल के तुरंत बाद अंबेडकर नगर पुलिस थाना सक्रिय हो गया और कॉलर को ट्रेस करने लगा। पुलिस ने बताया कि आरोपी बूरी तरह नशे की हालत में था, फिलहाल आरोपी से पूछताछ चल रही है। 

सीएम योगी को दो बार मिल चुकी धमकी-
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। आरोपी ने डॉयल 112 पर जान से मारने की धमकी भरा संदेश भेजा था, जिसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई और आरोपी की तलाश में जुट गई। धमकी देने वाला आरोपी नाबालिग था। 

नाबालिग के पास मोबाइल फोन और सिम मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने आरोपी को बाल सुधार ग्रह भेज दिया है। वहीं 21 मई को भी योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी दी गई थी। यह धमकी यूपी पुलिस के 112 मुख्यालय में एक वॉट्सऐप मैसेज के जरिए मिली थी। 

यह संदेश मुंबई से आया था, जिसके बाद यूपी पुलिस की एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस के साथ इस जानकारी को साझा किया और महाराष्ट्र पुलिस ने 20 साल के फैजल को गिरफ्तार कर लिया था। 
BIG BREAKING : रायपुर में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1753 नए मरीजो की हुई पहचान

BIG BREAKING : रायपुर में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1753 नए मरीजो की हुई पहचान

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 1753 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 219 मरीज, दुर्ग से 169, राजनांदगांव से 136, बालोद से 100, बेमेतरा से 48, कबीरधाम से 39, धमतरी से 53, बलौदा बाजार से 79, महासमुंद से 59, गरियाबंद से 13, बिलासपुर से 149, रायगढ़ से 167, कोरबा से 120, जांजगीर-चांपा से 60, मुंगेली से 17, जीपीएम से 7, सरगुजा से 70, कोरिया से 33, सूरजपुर से 40, बलरामपुर से 47, जशपुर से 7, बस्तर से 24, कोंडागांव से 31, दंतेवाड़ा से 36, सुकमा से 0, कांकेर से 15, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 11, अन्य राज्य से 3 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 1552 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 17 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 23957 है | 

 कोरोना रिटर्न: राजधानी में लगाया जा सकता है नाइट कर्फ्यू, पढ़े पूरी खबर

कोरोना रिटर्न: राजधानी में लगाया जा सकता है नाइट कर्फ्यू, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए नाइट कर्फ्यू लगाया जा सकता है। हालांकि अभी इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया गया है।

दूसरी ओर, कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने की मांग संबंधी याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को स्टेटस रिपोर्ट में उचित जानकारी नहीं देने को लेकर फटकार भी लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि महत्वपूर्ण जानकारी को मिटा दिया गया है, छपाई स्पष्ट नहीं है, हम बेट की कुल संख्‍या को पढ़ नहीं सकते। इस मामले में अगली सुनवाई अब 3 दिसंबर को होगी।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह भी पूछा कि दिल्ली के कोविड हेल्थकेयर सेंटर में बेड्‍स खाली क्यों हैं, लोगों को हेल्थ केयर सेंटर की जानकारी के विज्ञापन देने के लिए सरकार द्वारा क्या किया गया?

इसके जवाब में दिल्ली सरकार ने कहा कि सभी जानकारी दिल्ली फाइट कोरोना वेबसाइट पर उपलब्ध है। हालांकि सरकार के इस जवाब से अदालत संतुष्ट नहीं हुई।
 समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों को हटाना जरूरी: नरेंद्र मोदी

समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों को हटाना जरूरी: नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। संविधान दिवस के मौके पर गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। गुजरात के केवड़िया में पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधन दिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने संविधान और कानून को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले को याद करते हुए हमले में मारे गए जवानों को याद किया। उन्होंने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। केवड़िया में 80 वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के मान्य सत्र के समापन समारोह पर पीएम मोदी ने ये संबोधन दिया।
 

इस मौके पर देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं हर भारतीय नागरिक को संविधान दिवस की शुभकामना देना चाहता हूं। मैं संविधान बनाने में शामिल सभी सम्मानित व्यक्तियों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद और बाबा साहेब अंबेडकर से लेकर संविधान सभा के सभी व्यक्तित्वों को भी नमन करने का दिन है, जिनके अथक प्रयासों से देश को संविधान मिला है। आज का दिन पूज्य बापू की प्रेरणा को, सरदार पटेल की प्रतिबद्धता को प्रणाम करने का दिन है।
 

भारत आज अपना संविधान दिवसमना रहा है। 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने औपचारिक रूप से भारत के संविधान को अपनाया था। देश में 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू किया गया। 19 नवंबर, 2015 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नागरिकों के बीच संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला लिया था।
 

डॉ. भीम राव अम्बेडकर एक प्रसिद्ध समाज सुधारक, राजनीतिज्ञ और न्यायविद थे और उन्हें भारतीय संविधान का जनक भी कहा जाता है। उन्हें 29 अगस्त, 1948 को संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।

क्या है भारत का संविधान ?
देश का संविधान, भारत सरकार के लिखित सिद्धांतों और उदाहरणों का समूह है जो मूलभूत, राजनीतिक सिद्धांतों, प्रक्रियाओं, अधिकारों, निर्देश सिद्धांतों, प्रतिबंधों और सरकार, देश के नागरिकों के कर्तव्यों को पूरा करता है।

संविधान और कानून को लेकर रखे अपने विचार-
इस मौके पर पीएम मोदी ने संविधान को लेकर कहा कि हर नागरिक का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़े, ये संविधान की भी अपेक्षा है और हमारा भी ये निरंतर प्रयास है। ये तभी संभव है जब हम सभी अपने कर्तव्यों को, अपने अधिकारों का स्रोत मानेंगे, अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे यहां बड़ी समस्या ये भी रही है कि संवैधानिक और कानूनी भाषा, उस व्यक्ति को समझने में मुश्किल होती है जिसके लिए वो कानून बना है। मुश्किल शब्द, लंबी-लंबी लाइनें, बड़े-बड़े पैराग्राफ, क्लॉज-सब क्लॉज, यानि जाने-अनजाने एक मुश्किल जाल बन जाता है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे कानूनों की भाषा इतनी आसान होनी चाहिए कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी उसको समझ सके। हम भारत के लोगों ने ये संविधान खुद को दिया है। इसलिए इसके तहत लिए गए हर फैसले, हर कानून से सामान्य नागरिक सीधा कनेक्ट महसूस करे, ये सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ जो कानून अपना महत्व खो चुके हैं, उनको हटाने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए। बीते सालों में ऐसे सैकड़ों कानून हटाए जा चुके हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पूर्ण डिजिटलीकरण का समय यहां है। आम आदमी के पास हर सदन के कामकाज का डाटा होना चाहिए और देश के हर सदन के पास भी ऐसा डाटा होना चाहिए।

मुंबई आतंकी हमले को किया याद-
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई आतंकी हमले को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज की तारीख, देश पर सबसे बड़े आतंकी हमले के साथ जुड़ी हुई है। पाकिस्तान से आए आतंकियों ने मुंबई पर धावा बोल दिया था। इस हमले में अनेक लोगों की मृत्यु हुई थी। कई देशों के लोग मारे गए थे।मैं मुंबई हमले में मारे गए सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज मुंबई हमले जैसी साजिशों को नाकाम कर रहे, आतंक को एक छोटे से क्षेत्र में समेट देने वाले, भारत की रक्षा में प्रतिपल जुटे हमारे सुरक्षाबलों का भी वंदन करता हूं।

राष्ट्रहित ही हमारा तराजू हो: पीएम मोदी-
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे निर्णय का आधार एक ही मानदंड होना चाहिए और वो है राष्ट्रहित। राष्ट्रहित ही हमारा तराजू होना चाहिए। हमें ये याद रखना है कि जब विचारों में देशहित और लोकहित की बजाय राजनीति हावी होती है तो उसका नुकसान देश को उठाना पड़ता है।

सरदार सरोवर डैम को लेकर की बात-
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि केवड़िया प्रवास के दौरान आपने सरदार सरोवर डैम की विशालता देखी है, भव्यता देखी है, उसकी शक्ति देखी है। लेकिन इस डैम का काम बरसों तक अटका रहा। आजादी के कुछ वर्षों बाद शुरु हुआ था, अभी कुछ वर्ष पहले ये पूरा हुआ। जनहित का ये प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा।

उन्होंने आगे कहा कि इसी बांध से पैदा हुई बिजली से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को लाभ हो रहा है। ये सब बरसों पहले भी हो सकता था। लेकिन बरसों तक जनता इनसे वंचित रही। जिन लोगों ने ऐसा किया, उन्हें कोई पश्चाताप भी नहीं है। उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। हमें देश को इस प्रवृत्ति से बाहर निकालना है। आजादी के कुछ वर्षों बाद शुरु हुआ था, अभी कुछ वर्ष पहले ये पूरा हुआ। जनहित का ये प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा।

कोरोना काल में चुनाव पर रखे विचार-
इस मौके पर पीएम मोदी ने कोरोना के समय में चुनाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में हमारी चुनाव प्रणाली की मजबूती दुनिया ने देखी है। इतने बड़े स्तर पर चुनाव होना, समय पर परिणाम आना, सुचारु रूप से नई सरकार का बनना, ये इतना भी आसान नहीं है। हमें हमारे संविधान से जो ताकत मिली है, वो ऐसे हर मुश्किल कार्यों को आसान बनाती है।

कोरोना महामारी का किया जिक्र-
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि इस वैश्विक महामारी के दौरान भारत की 130 करोड़ से ज्यादा जनता ने जिस परिपक्वता का परिचय दिया है, उसकी एक बड़ी वजह, सभी भारतीयों का संविधान के तीनों अंगों पर पूर्ण विश्वास है। इस विश्वास को बढ़ाने के लिए निरंतर काम भी हुआ है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि अधिकारियों की अध्यक्षता के रूप में हमारे लोकतंत्र में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आप सभी, कानूनविद के रूप में, लोगों और राष्ट्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आप कार्यकारी, न्यायपालिका और विधायिका के बीच समन्वय को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि संविधान के तीनों अंगों की भूमिका से लेकर मर्यादा तक सबकुछ संविधान में ही वर्णित है। 70 के दशक में हमने देखा था कि कैसे separation of power की मर्यादा को भंग करने की कोशिश हुई थी, लेकिन इसका जवाब भी देश को संविधान से ही मिला।
 
 मानवता हुई शर्मसार: घायलों की मदद करना छोड़ लोग समेटते रहे प्याज, सड़क पर तड़पते रहे घायल

मानवता हुई शर्मसार: घायलों की मदद करना छोड़ लोग समेटते रहे प्याज, सड़क पर तड़पते रहे घायल

करैरा। करैरा थाना के महुअर नदी पुल पर गत दिवस पिकअप वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक उछलकर 30 फीट नीचे जा गिरा। अन्य लोग भी घायल हो गए। हादसे के दौरान पिकअप वाहन में भरी प्याज फैल गए।
 
 
लोग घायलों की मदद करने की बजाय उसे समेटने में लगे रहे। शिवपुरी की ओर से आ रहे पिकअप वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी थी। बाहक सवार सेवाराम रावत ने बताया कि यह और जसरथ पाल ग्वालियर जेल में हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं। अभी पैरोल पर हैं। गत दिवस वे पैरोल बढ़वाने अनिल राजपूत के साथ बाइक पर जा रहे थे, इसी दौरान यह हादसा हो गया था।
 भारत बंद:  जाने कहा पूर्ण बंद, और कहा हुई झड़प

भारत बंद: जाने कहा पूर्ण बंद, और कहा हुई झड़प

नई दिल्ली। भारत बंद आज: जबकि बिंगल के कई हिस्सों में वामपंथी गतिविधियों और पुलिस के बीच रुक-रुक कर झड़पें हुईं, अन्य राज्यों जैसे ओडिशा में सड़क अवरोध देखा गया, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत देशव्यापी हड़ताल के कारण गुरुवार को कोलकाता के श्यामबाजार में सामान्य यातायात प्रभावित हुआ।
 

वाम-शासित केरल में सामान्य जीवन पूरी तरह से ठप हो गया, जबकि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, तमिलनाडु और ओडिशा में आंशिक रूप से प्रभावित हुआ था, केंद्र की आर्थिक नीतियों और विवादास्पद फार्म के विरोध में विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण। कानून। जबकि बंगाल के कई हिस्सों में वामपंथी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच रुक-रुक कर हिंसा हुई थी, दूसरे राज्यों में सड़क पर जाम लगा, जिससे वाहनों का आवागमन बाधित हुआ।
 

10-केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए बंद को छोड़कर, भाजपा-गठबंधन वाले भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर, केरल में सरकारी कार्यालयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बैंकों के पास कुल बंद था। निजी बसों, ऑटो रिक्शा और टैक्सियों के नहीं चलने से सड़कें भी वीरान हो गईं।
 

कोलकाता में एक प्रमुख शॉपिंग हब हतीबगन की सभी दुकानें गुरुवार को हड़ताल के दिन बंद रहीं राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में, जहां सीटू और इंटक जैसे ट्रेड यूनियनों ने काफी प्रभाव डाला, भारत बंद की दुकानें और कारोबार बंद रहे और पुलिस वाहनों ने लोगों को रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों से अस्पतालों तक पहुंचाया। वित्तीय केंद्र कोच्चि में, मेट्रो सेवाओं में कोई रुकावट नहीं देखी गई, हालांकि यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई।
 

जबकि राज्य के स्वामित्व वाली KSRTC बसों को जनता के लिए सड़कों से दूर रखा गया था, उनमें से कुछ को सबरीमाला तीर्थयात्रियों को पार करते हुए देखा गया, जिन्हें हड़ताल से छूट दी गई थी। हालांकि, कोविद -19 महामारी के मद्देनजर, ट्रेड यूनियनों ने बड़े पैमाने पर रैलियां नहीं कीं, बल्कि राज्य भर में विरोध सभाओं और मानव श्रृंखलाओं का आयोजन किया।
 

पश्चिम बंगाल में, सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने सीटीआइयू और डीवाईएफआई जैसे संगठनों ने कोलकाता के जादवपुर, गरिया, कमलगाज़ी, लेक टाउन और दमदम इलाकों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

राज्य में व्यापारियों के सबसे बड़े निकाय केरल विप्रई वैवसायी एकोपना समिति ने खुद के लिए तय करने के लिए इकाइयों को छोड़ दिया है कि क्या वे सुरक्षा कारकों को ध्यान में रखते हुए शटर डाउन करना चाहते हैं।

ट्रेड यूनियनों के अलावा, कुछ बैंक संघों ने हड़ताल में भाग लिया। जबकि भारतीय स्टेट बैंक और निजी क्षेत्र के बैंक पूरे भारत में कार्य कर रहे थे, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के संचालन में जहां यूनियनों की मजबूत पकड़ थी, वे प्रभावित हुए।

पश्चिम बंगाल में, सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने सीटू और डीवाईएफआई जैसे संगठनों ने कोलकाता के जादवपुर, गरिया, कमलगाज़ी, लेक टाउन और दमदम इलाकों में सड़कों पर प्रदर्शन किया और दुकानदारों को शटर खींचने के लिए मजबूर किया। यातायात के सुगम प्रवाह की निगरानी करने और किसी भी भड़कने से बचने के लिए शहर में और उसके आसपास एक बड़ी पुलिस टुकड़ी तैनात की गई थी।

पश्चिम बंगाल में सड़क परिवहन की संख्या सामान्य से कम थी जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया, उन्होंने कहा कि यह उन आर्थिक मुद्दों का समर्थन करता है जिन पर वामपंथी और कांग्रेस विरोध कर रहे थे।

कार्यकर्ताओं के एक समूह ने हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर भी धरना दिया, कोलकाता में एक प्रमुख प्रवेश बिंदु, टैक्सी ऑपरेटरों को सेवाएं बंद करने के लिए कहा। पीटीआई ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में पुलिस के साथ झड़प की और टायर जलाने और बसों की विंडस्क्रीन तोड़ने का सहारा लिया।

पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि भारत बंद को लागू करने के लिए कई आंदोलनकारियों ने रेल पटरियों पर चक्काजाम किया, सियालदह डिवीजन में उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को फेंक दिया। टीवी चैनलों ने सीपीआई (एम) नेता सुजन चक्रवर्ती और प्रदर्शनकारियों के एक समूह को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक को अवरुद्ध करते दिखाया।

धर्मतल्ला के न्यू मार्केट में सभी दुकानें खुली हुई थीं लेकिन लोगो का आवागमन कम था
“सियालदह दक्षिण में मथुरापुर और होटर रेलवे स्टेशनों पर केले के पत्तों को ओवरहेड तारों पर फेंक दिया गया
खंड, इस प्रकार ट्रेन आंदोलन को प्रभावित कर रहा है, `पीटीआई ने एक पूर्व रेलवे प्रवक्ता के हवाले से बताया।

मेट्रो ट्रेन सेवाओं को बाधित नहीं किया गया था, हालांकि पुलिस ने यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने से रोकने के लिए फॉरवर्ड ब्लॉक समर्थकों के एक समूह द्वारा उत्तर-दक्षिण लाइन पर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने के लिए बोली लगाई।

पड़ोसी राज्य ओडिशा में, ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ताओं ने राज्य की राजधानी भुवनेश्वर, कटक, राउरकेला, संबलपुर, बेरहामपुर, भद्रक, बालासोर, खुर्दा, रायगडा और पारादीप में सड़क जाम किया। `किसान-विरोधी` और `मज़दूर-विरोधी` क़ानूनों को तत्काल निरस्त करने और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के उपायों और निजीकरण की माँग करते हुए, प्रदर्शनकारियों और बैनरों को पकड़कर प्रदर्शनकारियों ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में रैलियाँ निकालीं।

कार्यकर्ताओं के एक समूह ने हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर धरना दिया, कोलकाता में एक प्रमुख प्रवेश बिंदु, टैक्सी ऑपरेटरों को सेवाएं बंद करने के लिए कहा

अधिकांश दुकानें और बाजार बंद कर दिए गए थे और वाहनों की आवाजाही त्रिपुरा में कंकाल था - एक पूर्व वामपंथी गढ़। सरकारी कार्यालय और बैंक खुले थे। सीटू की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष माणिक डे ने हालांकि आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने अगरतला में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की।

पीटीआई ने डे के हवाले से कहा, `भाजपा समर्थकों ने पथराव किया, कुछ मोटरसाइकिलों को क्षतिग्रस्त कर दिया और कार्यालय के साइनबोर्ड को तोड़ दिया। हम इस घटना की निंदा करते हैं। यह भाजपा कार्यकर्ताओं की हताशा का संकेत है।`
 
 बड़ी खबर: आतंकी हमले में सेना के दो जवान शहीद, कार से पहुंचे आतंकियों ने जवानों पर किया फायरिंग

बड़ी खबर: आतंकी हमले में सेना के दो जवान शहीद, कार से पहुंचे आतंकियों ने जवानों पर किया फायरिंग

कश्मीर। श्रीनगर के एचएमटी इलाके से एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है, जिसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए हैं और एक घायल हैं। हमलावर मारूती कार में आए थे और एचएमटी इलाके में उन्होंने जवानों पर फायरिंग की. हमले के बाद आतंकी घटनास्थल से भाग गए, हालांकि सुरक्षाकर्मी उनकी कार का पीछा किया।
 

पढ़िए पूरी खबर-
आईजीपी कश्मीर विजय कुमार के मुताबिक शुरूआती जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है। उन्होंने कहा कि शाम तक इस मामले में और जानकारी का पता लगाया लिया जाएगा।
 

श्रीनगर के डिफेंस पीआरओ ने जानकारी दी है कि आतंकियों के हमले के बाद घायल सुरक्षाकर्मियों को पास के अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 

आतंकी हमले के बाद कश्मीर के आईजी ने कहा, "सेना के हमारे जवानों पर तीन आतंकियों ने गोलियां चलाईं. दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में शहीद हो गए। यहां जैश काफी एक्टिव है। शाम तक हम संगठन का पता लगा लेंगे। हथियारों से लैस आतंकी कार से फरार हो गए। उनमें से दो शायद पाकिस्तानी हैं और एक लोकल।"
 वन नेशन-वन इलेक्शन पर विचार जरूरी: मोदी

वन नेशन-वन इलेक्शन पर विचार जरूरी: मोदी

नई दिल्ली। संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऑल इंडिया प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। गुजरात के केवडिया में हो रहे इस इवेंट में मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। आज मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी की बरसी भी है।
 
 
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मुंबई हमले के जख्म भारत भूल नहीं सकता। नया भारत नई रीति-नीति के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है। आतंक को मुंहतोड़ जवाब देने वाले हमारे सुरक्षाबलों का भी वंदन करता हूं। प्रधानमंत्री ने वन नेशन-वन इलेक्शन की जरूरत पर भी जोर दिया। मोदी ने वन नेशन, वन इलेक्शन पर सोच-विचार को जरूरी बताते हुए कहा कि पीठासीन अधिकारी इस बारे में गाइड कर सकते हैं। पूरी तरह डिजिटाइजेशन का समय आ गया है।
 
 
पीठासीन अधिकारी इसे सोचेंगे तो विधायकों को आसानी होगी। अब हमें पेपरलेस तरीकों पर जोर देना चाहिए। संविधान सभा इस बात को लेकर एकमत थी कि भारत में बहुत सी बातें परंपराओं से स्थापित होंगी। विधानसभा में चर्चा से ज्यादा से ज्यादा लोग कैसे जुड़ें, इसके लिए कोशिशें होनी चाहिए। जिस विषय की सदन में चर्चा हो, उनसे संबंधित लोगों को बुलाया जाए। मेरे पास तो सुझाव हैं, लेकिन आपके पास अनुभव है। 
 महबूबा को झटका, PDP के तीन नेताओं ने दिया इस्तीफा

महबूबा को झटका, PDP के तीन नेताओं ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ समय से गुपकार गठबंधन को लेकर काफी सियासी हलचल है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी को बड़ा झटका लगा है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को उसके तीन नेताओं ने एक साथ अलविदा कह दिया है। पीडीपी नेता धमन भसीन, फलैल सिंह और प्रीतम कोटवाल ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। समाचार के मुताबिक, धमन भसीन, फेलैल सिंह और प्रीतम कोतवाल ने पार्टी से इस्तीफा देते वक्त एक पत्र भी लिखा, जिसमें कहा गया है- रहस्यमयी, सांप्रदायिक तत्वों ने पार्टी को हाइजैक कर लिया है। ऐसे में हमारे पास पार्टी को छोड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। 
किसानों पर ठंड में पानी की बौछार करना अन्याय: राहुल

किसानों पर ठंड में पानी की बौछार करना अन्याय: राहुल

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कड़ाके की ठंड में पानी की बौछार करने को अन्याय बताते हुए गुरुवार को कहा कि सरकार विरोध कर रहे किसानों की बात सुनने की बजाय उनकी आवाज़ को दबा रही है। गांधी ने ट्वीट किया किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून के विरोध में किसानों की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर भारी ठंड में पानी की बौछार मारती है। किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि न्याय मांगते किसानों के सीने पर पडऩे वाली लाठियां भाजपा राज के कफऩ में आखिरी कील साबित होंगी और जीत अन्नदाता की ही होगी। उन्होंने कहा भीषण ठंड के बीच अपनी जायज़ मांगों को लेकर गांधीवादी तरीक़े से दिल्ली जा रहे किसानों को ज़बरन रोकना और वाटर कैनन चलाना मोदी-खट्टर सरकार की तानाशाही का जीवंत प्रमाण है। किसान विधेयकों को लेकर कांग्रेस का समर्थन किसानों के साथ है। 
 देशभर में मजदूर संगठनों का हड़ताल, किसानों का विरोध जारी

देशभर में मजदूर संगठनों का हड़ताल, किसानों का विरोध जारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गुरुवार को देश भर के मजदूर संगठन और किसान संगठन सड़कों पर उतर गए और जगह जगह धरने प्रदर्शन तथा रैलियों का आयोजन किया गया।

वाम समर्थित 10 केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल में भारतीय जनता पार्टी समर्थक भारतीय मजदूर संघ शामिल नहीं हैं। मजदूर संघ ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।

मजदूरों की हड़ताल में बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं। विभिन्न सरकारी, निजी और कुछ विदेशी बैंकों के चार लाख कर्मचारी केंद्रीय मजदूर संगठनों की इस एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग ले रहे हैं।

दस केंद्रीय मजदूर संगठनों में 'इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर फार इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), सेल्फ-एम्प्लॉइड वूमेन्स एसोसिएशन (सेवा), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) शामिल है। इसके अलावा अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने भी हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है। कुछ स्वतंत्र फेडरेशन और संगठन भी हडताल में शामिल हैं। हड़ताल में 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही पर रोक 31 दिसंबर तक बढ़ी, कोरोना के बढ़ते मामलों पर डीजीसीए का फैसला

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही पर रोक 31 दिसंबर तक बढ़ी, कोरोना के बढ़ते मामलों पर डीजीसीए का फैसला

नई दिल्ली। कोरोना संकट के चलते डीजीसीए ने भारत में कॉमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही पर रोक 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। देश में 31 दिसंबर तक न कोई कॉमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ान भारत से बाहर जाएगी और न ही दूसरे देश से आ सकती है। हालांकि, इस दौरान वंदे भारत मिशन के तहत जाने वाली खास उड़ानें जारी रहेंगी।

पढ़ें : फिल्म अभिनेता आमिर खान को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत: एक्टर के खिलाफ दायर याचिका खारिज

जानकारी के अनुसार कोरोना महामारी को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगे प्रतिबंध को 31 दिसंबर तक जारी रखने का फैसला किया है। डीजीसीए ने कहा, अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर प्रतिबंध 31 दिसंबर तक जारी रहेगा।
 

इससे पहले डीजीसीए ने इंटरनेशनल फ्लाइट पर रोक 30 नवंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया था। देश में कोरोना महामारी का संकट अभी जारी है। इस साल 22 मार्च से कॉमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। तब घरेलू विमान सेवाओं को भी बंद कर दिया गया था, लेकिन 25 मई से घरेलू उड़ानें फिर से शुरू कर दी गई थी।
 फिल्म अभिनेता आमिर खान को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत: एक्टर के खिलाफ दायर याचिका खारिज

फिल्म अभिनेता आमिर खान को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत: एक्टर के खिलाफ दायर याचिका खारिज

रायपुर/मुंबई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेता आमिर खान को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एक्टर के खिलाफ दायर क्रिमिनल पिटीशन को खारिज कर दी है। मामला हाईकोर्ट जस्टिस संजय के अग्रवाल के सिंगल बेंच में लगा था। बता दें कि मीडिया में नवंबर 2015 में आमिर खान का यह बयान आया था कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है, और उनकी पत्नी किरण ने यह सुझाव दिया था कि हमें देश छोड़ देना चाहिए। 

इस बयान के खिलाफ रायपुर के रहने वाले दीपक दीवान ने निचले अदालत में परिवाद पेश किया था जो खारिज हो गया था। परिवाद खारिज होने के बाद दीवान ने पुनर्विचार दायर किया। पुनर्विचार याचिका भी खारिज होने के बाद दीवान ने वकील अमीयकांत तिवारी के माध्यम से बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें आमिर खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ए) (बी) के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई थी। 

वहीं इस मामले में आमिर खान के वकील डीके ग्वालरे ने उनका पक्ष रखा था। उनका कहना था कि मजिस्ट्रेट ने तर्क संगत और विधि अनुरूप ही निर्णय दिया है, क्योंकि जिन धाराओं का जिक्र किया गया है, वो केंद्र और राज्य शासन की जांच का विषय है और उनका क्षेत्राधिकार है। 

इस मामले में हाईकोर्ट ने पिछले सुनवाई में आमिर खान और शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। बुधवार को हुई सुनवाई में जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच ने आमिर खान के खिलाफ पेश याचिका को खारिज कर दिया।
नहीं रहे दिग्गज फुटबॉलर माराडोना , देश दे रहा है उन्हें श्रद्धांजलि

नहीं रहे दिग्गज फुटबॉलर माराडोना , देश दे रहा है उन्हें श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉलर डिएगो माराडोना का निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने की वजह से 60 की उम्र में निधन हो गया। माराडोना लंबे समय से बीमार चल रहे थे , जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक स्कैन में ब्रेन में ब्लड क्लॉट की बात सामने आई थी। इसके बाद उनकी ब्रेन सर्जरी की गई थी।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा – “डिएगो माराडोना फुटबॉल के एक उस्ताद थे, जिन्होंने वैश्विक लोकप्रियता का आनंद लिया। अपने पूरे करियर के दौरान, उन्होंने हमें फुटबॉल के मैदान पर कुछ बेहतरीन खेल के क्षण दिए। उनके असामयिक निधन ने हम सभी को दुखी किया है। उनकी आत्मा को शांति मिले।“

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने लिखा, "फुटबॉल और खेल की दुनिया ने आज अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है।
रेस्ट इन पीस डिएगो माराडोना! तुम बहुत याद आओगे."


राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, "डिएगो माराडोना-दि लैजेंड हम छोड़ कर चले गए. वह एक जादूगर थे जिन्होंने हमें बताया कि फुटबॉल क्यों के खूबसूरत खेल है. उनके परिवार, दोस्तों और फैंस के प्रति मेरी संदेवना"


क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, निर्विवाद रूप से सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक। महान डिएगो माराडोना के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ.
उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना.


भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने लिखा, "मेरा हीरो नहीं रहा, मैं तुम्हारे लिए फुटबॉल देखता था."


अभिनेत्री रिचा चड्ढा ने भी डिएगो माराडोना को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "RIP Diego Maradona.Legend"

BIG BREAKING : प्रदेश में आज कुल 1877 नए मरीजों की हुई पहचान, सर्वाधिक मरीज रायपुर से मिले, 11 मरीजों की हुई मौत

BIG BREAKING : प्रदेश में आज कुल 1877 नए मरीजों की हुई पहचान, सर्वाधिक मरीज रायपुर से मिले, 11 मरीजों की हुई मौत

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 1877 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 195 मरीज, दुर्ग से 134, राजनांदगांव से 160, बालोद से 91, बेमेतरा से 51, कबीरधाम से 43, धमतरी से 50, बलौदा बाजार से 95, महासमुंद से 78, गरियाबंद से 39, बिलासपुर से 133, रायगढ़ से 178, कोरबा से 157, जांजगीर-चांपा से 122, मुंगेली से 36, जीपीएम से 8, सरगुजा से 49, कोरिया से 14, सूरजपुर से 67, बलरामपुर से 23, जशपुर से 21, बस्तर से 28, कोंडागांव से 37, दंतेवाड़ा से 18, सुकमा से 4, कांकेर से 24, नारायणपुर से 2, बीजापुर से 13, अन्य राज्य से 7 मरीज शामिल है । राज्य में आज कुल 11 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 22815 है | 

कोरोना के चलते फिर शादी में घटाई गई मेहमानों की संख्या, जानिए किस राज्य में अब कितने गेस्ट हो सकते हैं शामिल

कोरोना के चलते फिर शादी में घटाई गई मेहमानों की संख्या, जानिए किस राज्य में अब कितने गेस्ट हो सकते हैं शामिल

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के चलते जहां एक तरफ कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू लगाने समेत रेस्टोरेंट को जल्दी बंद करने का आदेश दिया गया है तो वहीं शादियों में आने वाले मेहमानों की संख्या पहले की तुलना में घटा दी गई है. इसके साथ ही, उन राज्यों में जहां पर कोरोना के मामले बेकाबू है, वहां पर इसकी रोकथाम को लेकर जुर्माना बढ़ाने समेत और भी कई कड़े कदम उठाए गए हैं.

पढ़ें : BIG BREAKING : मोदी कैबिनेट की बैठक हुई ख़त्म, लिए गए 3 बड़े फैसले, पढ़ें पूरी खबर


शादी में मेहमानों के शामिल होने की संख्या को लेकर अलग-अलग राज्यों में वहां की सरकार की तरफ से संख्या सीमित की गई है. आइए जानते हैं देशभर में किस राज्य में अधिकतम कितने मेहमान कोरोना महामारी के इस वक्त में शादियों में शामिल हो सकते हैं.

1-दिल्ली
50
2-उत्तर प्रदेश
100 (मैरेज हॉल में क्षमता का 50 फीसदी)
3-राजस्थान
100
4-मध्य प्रदेश
200 (मैरेज हॉल में क्षमता का 50 फीसदी)
5-गुजरात
100
6-महाराष्ट्र
50
7-हरियाणा
50-100 (दिल्ली से सटे 6 जिले, इंडोर में 50, खुले में 100)
100-200 (अन्य जिलों में, इंडोर में 100, खुले में 200)
8‍-‌छत्तीसगढ़
200 (मैरेज हॉल में क्षमता का 50 फीसदी)


 

COVID-19 MHA Guidelines: सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन्स, कंटेनमेंट जोन में बढ़ेगी सख्ती, जानें क्या है नए नियम

COVID-19 MHA Guidelines: सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन्स, कंटेनमेंट जोन में बढ़ेगी सख्ती, जानें क्या है नए नियम

नई दिल्ली | कोरोना के कई राज्यों में तेजी से बढ़ते मामलों के बीच केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कंटेनमेंट, सर्विलांस, सतर्कता को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की है. इसमें कहा गया है कि राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों को कंटेनमेंट जोन में कड़ाई के साथ नियमों को लागू करना होगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन 1 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेगी.

पढ़ें : जैकलीन फर्नांडिस ने सोशल मीडिया में शेयर की अपनी टॉपलेस फोटो, हॉटनेस ने लगाया सोशल मीडिया में आग

इसके साथ ही, कई अन्य गतिविधियों के लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स जारी किए गए हैं. गृह मंत्रालय ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की ही इजाजत दी जाएगी. कंटनमेंट जोन में नियमों को कड़ाई के साथ लागू करने की जिम्मेदारी स्थानीय जिला, पुलिस और निगम अथॉरिटीज की होगी. इसके साथ ही, राज्य और केन्द्र शासित प्रदेस संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जिम्मेदारी सुनिश्चित करेंगे.

पढ़ें : आज मोदी केबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक, सरकार ले सकती है कई बड़े फैसले, लॉक डाउन का भी ले सकते हैं फैसला ?


गृह मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में यह कहा गया है कि सर्विलांस टीम घर-घर जाकर सर्विलांस करेगी और कोविड-19 मरीजों का उपचार सुविधाओं के साथ फौरन आइसोलेशन सुनिश्चित की जाएगी. केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर नाइट कर्फ्यू समेत प्रतिबंधों को लगाने की इजाजत दे दी है.

पढ़ें : राजधानी के आजाद चौक पुलिस ने जुआ खेलते 9 जुआरियों को पकड़ा, हजारों रुपये नगदी के साथ ताश की पत्ती जब्त


हालांकि, राज्यों की तरफ से बिना केन्द्र सरकार की सलाह-मशविरा के कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थानीय लॉकडाउन लगाने की इजाजत नहीं होगी. राज्य से यह भी कहा गया है कि वे कार्यस्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित कराएं.

BIG BREAKING : मोदी कैबिनेट की बैठक हुई ख़त्म, लिए गए 3 बड़े फैसले, पढ़ें पूरी खबर

BIG BREAKING : मोदी कैबिनेट की बैठक हुई ख़त्म, लिए गए 3 बड़े फैसले, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है | आज राजधानी दिल्ली में मोदी कैबिनेट की अहम बैठक हुई है | केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में आज 3 अहम फैसले लिए गए हैं | इसमें टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और NIIF Debt प्लेटफॉर्म को लेकर भी बड़ा ऐलान हुआ है | आइए जानें आम आदमी पर क्या होगा असर :-

पढ़ें : बड़ी खबर छत्तीसगढ़: पिकनिक स्पॉट पर जाम छलकाने के बाद दोस्तों ने की दोस्त की हत्या 

(1) 20.50 लाख पैसा जमा करने वालों को मिलेगी मदद- लक्ष्मी विलास बैंक इस साल का दूसरा बैंक है जिसे RBI ने डूबने से बचाया है| इससे पहले मार्च में RBI ने यस बैंक को डूबने से बचाया था| पिछले 15 महीनों में देखा जाए तो लक्ष्मी विलास बैंक तीसरा बैंक है जिसे डूबने से बचाया गया है| DBS India में लक्ष्मी विलास बैंक के विलय की डील में DBS India को 563 ब्रांच, 974 ATM और रिटेल बिजनेस में 1.6 अरब डॉलर की फ्रेंचाइजी मिलेगी| 94 साल पुराने लक्ष्मी विलास बैंक का नाम खत्म हो जाएगा और साथ ही इसकी इक्विटी भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी| अब इस बैंक का पूरा डिपॉजिट DBS India के पास चला जाएगा|

पढ़ें : बड़ी खबर: राजधानी के इस होटल में गंदगी पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने ठोका जुर्माना

4000 कर्मचारियों की नौकरी का संकट टला- इससे पहले RBI ने लक्ष्मी विलास बैंक पर 16 दिसंबर तक मोरेटोरियम लागू कर दिया है| इस दौरान खाताधारक ज्यादा से ज्यादा 25,000 रुपए की रकम ही निकाल सकते हैं| नए कानून के मुताबिक, अगर एक से ज्यादा खाते हैं तो भी कुल मिलाकर 25,000 रुपए की रकम ही निकाल सकते हैं| जिन लोगों का सैलरी अकाउंट लक्ष्मी विलास बैंक में था या किसी दूसरी तरह की आमदनी आती थी उसे तुरंत रोक दिया गया है और दूसरे बैंक में ट्रांसफर का इंतजाम करने को कहा गया है| इसके लिए खाताधारकों को लेटर लिखकर अपनी सैलरी या दूसरी आमदनी अपने किसी और खाते में ट्रांसफर करने का निवेदन करना होगा| अगर लक्ष्मी विलास बैंक में आपका लोन अकाउंट था तो पहले EMI की रकम 25,000 रुपए में से कट जाएगी|

पढ़ें : सेक्‍स रैकेट का पर्दाफास: इंटीरियर डिजाइनिंग और आर्किटेक्‍ट के नाम पर वर्चुअल सेक्‍स रैकेट का भंडाफोड़ 

(2) टेलिकॉम इंफ्रा सेक्टर के लिए हुआ ये बड़ा ऐलान- ATC Telecom Infra Pvt Ltd में एफडीआई को मंजूरी मिली है| कैबिनेट से 2480 करोड़ के FDI को मंजूरी मिल गई है| ATC Asia Pacific Pte. Ltd. FDI के जरिए 12.32 फीसदी हिस्सा खरीदने का प्लान बनाया जा रहा है| बता दें ATC Telecom Infra इस समय टेलिकम्युनिकेशन्स इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्युशन की सुविधा प्रदान करती है| इसके साथ ही रखरखाव और संचालन की भी सुविधाएं देती है| एटीसी एशिया पैसिफिक पीटीई लिमिटेड के कारोबार में बैंकों के अलावा अन्य कंपनियों की प्रतिभूतियों की होल्डिंग या मालिकाना शामिल है| इस कंपनी की स्थापना साल 2006 में हुई है|

पढ़ें : भयानक सड़क हादसा: बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत में 40 घायल एक की मौत, 14 लोगों की हालत गंभीर 

(3) नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में 6000 करोड़ रुपये के निवेश का फैसला: NIIF Debt प्लेटफॉर्म में भी फंड डालने की मंजूरी मिली है| एनआईआईएफ स्ट्रैटेजिक अपॉर्चुनिटी फंड ने अपने प्लेटफॉर्म की स्थापना की है, जिसमें एक एनबीएफसी इंफ्रा डेट फंड और एक एनबीएफसी इंफ्रा फाइनेंस कंपनी शामिल हैं| बता दें हाल ही में सरकार ने आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 6 हजार करोड़ रुपए के इक्विटी निवेश का प्रस्ताव दिया था|

 कोरोना रिटर्न:  चार राज्यों में कोरोना के सक्रिय मामले सबसे अधिक बढ़े

कोरोना रिटर्न: चार राज्यों में कोरोना के सक्रिय मामले सबसे अधिक बढ़े

नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के सक्रिय मामले महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत 20 राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में बढ़े है।

महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे अधिक 1323 सक्रिय मामले बढ़े, उसके बाद दिल्ली में 1172, राजस्थान में 1081 और छत्तीसगढ़ में 889 सक्रिय मामले बढ़े है। इन राज्यों के अलावा इस दौरान 16 अन्य राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में कोरोना के सक्रिय मामलों में वृद्धि हुई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 44,376 नए मामले सामने आए और संक्रमितों की संख्या 92.22 लाख के पार पहुंच गयी तथा स्वस्थ होने वालों की संख्या 86.42 लाख से अधिक हो गयी है, जबकि 481 और मरीजों की मौत के साथ ही मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,34,699 हो गया है। देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 6079 बढने के बाद अब सक्रिय मामले बढ़कर 4,44,746 हो गए है।
 ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर बोला हमला, कहा- BJP में हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार कराए

ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर बोला हमला, कहा- BJP में हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार कराए

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भले ही साल 2021 में विधानसभा चुनाव है, मगर सियासी सरगर्मी अभी से ही तेज हो गई है। बांकुड़ा में एक रैली को संबोधित करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है और उसे राष्ट्र का अभिशाप बताया है। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी को गिरफ्तार करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा में हिम्मत है, तो मुझे गिरफ्तार कराए। मैं जेल से भी चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करूंगी। बांकुड़ा में एक रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा, पार्टी बदलने के लिए तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को पैसों का लाालच दे रही है। भाजपा झूठ का पुलिंदा, राष्ट्र का सबसे बड़ा अभिशाप है। गौरतलब है कि 294 विधानसभा सीटों वाले राज्य पश्चिम बंगाल में अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। भाजपा द्वारा टीएमसी विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग सट्टेबाजों की तरह काम कर रहे हैं, और वो इस भ्रम में हैं कि भगवा पार्टी सत्ता में आ सकती है। बता दें कि कोरोना काल में ममता बनर्जी की यह पहली सार्वजनिक रैली थी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल नहीं है लेकिन झूठ का पुलिंदा है। जब भी चुनाव आता है वे टीएमसी नेताओं को डराने के लिए नारद (स्टिंग ऑपरेशन) और सारदा (घोटाला) का मुद्दा उठा लेते हैं। मगर मैं उन्हें बहुत स्पष्ट रूप से बताती हूं कि मैं भाजपा या उसकी किसी एजेंसी से डरती नहीं हूं। अगर उनके पास हिम्मत है, तो वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं और मुझे सलाखों के पीछे डाल दें। मैं जेल से ही चुनाव लड़ूंगी और टीएमी की जीत सुनिश्चित करूंगी।