BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
 बड़ी खबर: पिता ने पुत्र को मारी गोली, उपचार के दौरान बेटे की हुई मौत

बड़ी खबर: पिता ने पुत्र को मारी गोली, उपचार के दौरान बेटे की हुई मौत

मुरादाबाद। एक पिता ने अपने ही पुत्र को अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मार दी। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई तथा पिता घटना के बाद फरार हो गया। यह घटना उत्तर प्रदेश के मझोला क्षेत्र की बताई गई है। पिता पेशे से गार्ड की नौकरी करता है। 

पुलिस अधीक्षक (नगर)ने यह जानकारी दी। मझोला क्षेत्र में हनुमान नगर निवासी सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र कौशिक और उसके 23 वर्षीय पुत्र दुष्यंत के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। बात बढऩे पर वीरेन्द्र ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से बेटी को गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने बताया कि वीरेन्द्र ने इसी वर्ष जनवरी में दुष्यंत की शादी सूर्य नगर निवासी दिव्या के साथ की थी। उन्होंने बताया कि दुष्यंत एक निजी अस्पताल में वार्ड ब्वॉय का काम करता था जबकि उसका पिता वीरेंद्र कौशिक गार्ड की नौकरी करता है। दुष्यंत की पत्नी दिव्या का आरोप है कि ससुर वीरेंद्र उस पर बुरी नजर रखता था और दो दिन पहले घर में अकेले पाकर उसने गलत हरकत की थी। पति के लौटने पर दिव्या ने जब आप बीती बताई तो इसी बात को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। 
 बड़ी खबर: EOW ने 5 लाख रुपया रिश्वत लेते नगर निगम के सिटी प्लानर को किया गिरफ्तार

बड़ी खबर: EOW ने 5 लाख रुपया रिश्वत लेते नगर निगम के सिटी प्लानर को किया गिरफ्तार

ग्वालियर। ईओडब्ल्यू की टीम ने नगर निगम के सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को पांच लाख की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। रिश्वतखोर अफसर को साढ़े तीन बजे सिटी सेंटर में घूस लेते रंगे हाँथ पकड़ने के बाद हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपित अफसर को विश्वविद्यालय ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई।

ये है पूरा मामला-
शहर के थाटीपुर के सुरेश नगर पानी की टंकी के पास रहने वाले बिल्डर धर्मेंद्र भारद्वाज की सुरेश नगर में 19 हजार स्क्वॉयर फीट जमीन है। बिल्डर अपनी उस जमीन पर मल्टीप्लेक्स बनाना चाहते हैं। लेकिन इमारत पर दो माह पहले सिटी प्लानर ने बुलडोजर लगवा दिया था।

बुलडोजर लगवाए जाने के बाद टूटने के डर से बिल्डर ने सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा से बात की। इसके बाद सिटी प्लानर ने तुड़वाई रूकवाने के एवज में बिल्डर से 50 लाख रुपए की मांग की थी। बिल्डर ने कोरोना के चलते आर्थिक संकट बताया तो सिटी प्लानर ने 10 लाख रुपए पहले देने और बाकी की रकम बाद में देने की बात कही। 

बिल्डर के मुताबिक उसने सिटी प्लानर को दस लाख रुपये तत्काल दे दिए थे। इसके बाद फिर से सिटी प्लानर बाकी रकम के लिए उस पर दबाव बना रहा था। बाद में दोनों पक्षों में बातचीत के बाद सौदा 25 लाख रुपए में तय हो गया। इसी दौरान बिल्डर ने रुपए मांगने की शिकायत ईओडब्ल्यू में दर्ज करा दी थी। शनिवार दोपहर को रुपए देने के लिए बिल्डर पांच लाख रुपए लेकर एसपी ऑफिस बालाजी गार्डन के पास पहुंचे और वहीं सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को बुलाया।

करीब साढ़े तीन बजे सिटी प्लानर वर्मा अपनी कार से वहां पहुंचे और कार में जैसे ही सिटी प्लानर ने बिल्डर से पांच लाख रुपये की रिश्वत ली उसी समय ईओडब्ल्यू ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को विश्वविद्यालय थाने ले जाया गया जहां उनसे पूछताछ की गयी।

बताया जा रहा है कि पांच लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा के विनय नगर स्थित निवास पर भी ईओडब्ल्यू की टीम कार्रवाई करने पहुंच गई है। कार्यवाही में दस्तावेज खंगाले जाने की जानकारी मिली है। ऐसे में सम्भावना है कि अफसर की बेशुमार संपत्ति का भी खुलासा हो सकता है।
बड़ी खबर:  माचिस न देने पर 2 युवकों ने पीट-पीटकर युवक को उतारा मौत के घाट

बड़ी खबर: माचिस न देने पर 2 युवकों ने पीट-पीटकर युवक को उतारा मौत के घाट

 मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश स्तिथ गुना के करोद गांव में माचिस न देने पर 2 युवकों ने डंडे से पीट-पीटकर कर 50 वर्ष व्यक्ति की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 307 के तहत मामला दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है|


गुना के एएसपी टी.एस. बघेल ने बताया,”माचिस मांगने पर न मिलने से नाराज़ करोद गांव के 2 युवकों ने डंडे से 50 वर्ष वयक्ति की हत्या कर दी। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज़ कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है|
 ओवैसी के क्षेत्र में गरजे योगी: कहा- हैदराबाद का नाम बदलकर फिर से होगा भाग्यनगर

ओवैसी के क्षेत्र में गरजे योगी: कहा- हैदराबाद का नाम बदलकर फिर से होगा भाग्यनगर

हैदराबाद। असदुद्दीन ओवैसी के गढ़ में हो रहे नगर निगम चुनाव में भाजपा का झंडा फहराने के उद्देश्य से उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जमकर गरजे। शनिवार को रोड शो के दौरान उन्होंने तेलंगना राज्य की राजधानी में गर्माहट पैदा कर दी। रोड शो के दौरान उन्होंने हैदराबाद का नाम बदलकर फिर से भाग्यनगर करने की बात भी जोरदार तरीके से उठाई। 

रोड शो के दौरान योगी ने हैदराबाद का नाम बदलकर फिर से भाग्यनगर करने की बात की :
हैदराबाद के मलकाजगिरी मंडल में रोड शो के दौरान योगी ने कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या हैदराबाद का नाम बदलकर फिर से भाग्यनगर किया जा सकता है तो मैं कहता हूं कि क्यों नहीं। 

रैली को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, उप्र में फैजाबाद को अयोध्या और इलाहाबाद को प्रयागराज नाम दिया। उप्र में भाजपा के सत्ता में आने पर हमने फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या और इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया। ऐसे में हैदराबाद का भी नाम बदलकर फिर से भाग्यनगर किया जा सकता है। 

एआइएमआइएम के लोग रहते हिंदुस्तान में हैं, लेकिन नाम से परहेज: योगी 
इस मौके पर योगी ने ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआइएमआइएम) के बिहार के विधायक अख्तारुल इमान द्वारा शपथ ग्रहण के दौरान हिंदुस्तान शब्द का प्रयोग न करने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये लोग हिंदुस्तान में रहते हैं, लेकिन जब हिंदुस्तान के नाम पर शपथ लेने की बात आती है तो वे पीछे हट जाते हैं। एआइएमआइएम का यही असली चेहरा है। 

योगी ने कहा- टीआरएस और एआइएमआइएम के बीच अपवित्र गठजोड़ से हैदराबाद का विकास ठप -
योगी ने तेलंगाना के सत्तारूढ़ दल तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) पर हमला करते हुए कहा कि टीआरएस और एआइएमआइएम के बीच एक अपवित्र गठजोड़ बन गया है। इस गठजोड़ के कारण हैदराबाद का विकास ठप है। यहां के व्यापारी और नागरिक इन लोगों से परेशान हैं। सरकार और नगर निगम में बैठे लोगों को विकास और जनता की सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं है। 

नगर निगम चुनाव में भाजपा को प्रत्याशियों को जिताने की अपील करने के साथ उप्र के मुख्यमंत्री ने लोगों को मोदी सरकार की खास नीतियों से भी परिचित करया। 

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकार हैदराबाद व तेलंगाना के लोगों को दिया जमीन खरीदने का मौका-योगी 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का सफाया कर हैदराबाद व तेलंगाना के लोगों को भी वहां जमीन खरीदने और वहां का नागरिक बनने का मौका दिया है। 

योगी ने कहा- मोदी के नेतृत्व में देश ने की बहुत तरक्की-
योगी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बीते छह साल में देश ने बहुत तरक्की की है। गरीबों को मुफ्त में शौचालय दिये जा रहे हैं। तीन करोड़ लोगों को मुफ्त में घर दिए गए हैं। आठ करोड़ लोगों को मुफ्त में गैस सिलिंडर दिए गए। कोरोना के कारण लॉकडाउन में मोदी सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन दिया है। हम आप लोगों से विकास के नाम पर वोट मांगने आए हैं।  

नगर निगम चुनाव के लिए पहली दिसंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती चार दिसंबर को होगी-
भाजपा अपने घोषणा पत्र के बूते आपके बीच मजबूती से मौजूद है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में अच्छा शासन तंत्र कायम करने के लिए भाजपा को प्रचंड बहुमत से जिताने की जरूरत है। उल्लेखनीय है नगर निगम चुनाव के लिए पहली दिसंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती चार दिसंबर को होगी।
BIG BREAKING : कोरबा जिले में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1890 नए मरीजों की हुई पहचान, 13 मरीजों की हुई मौत

BIG BREAKING : कोरबा जिले में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1890 नए मरीजों की हुई पहचान, 13 मरीजों की हुई मौत

 रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 1890 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला कोरबा से सर्वाधिक 356 मरीज, दुर्ग से 117, राजनांदगांव से 78, बालोद से 64, बेमेतरा से 71, कबीरधाम से 27, रायपुर से 186, धमतरी से 50, बलौदा बाजार से 69, महासमुंद से 77, गरियाबंद से 33, बिलासपुर से 118, रायगढ़ से 124, जांजगीर-चांपा से 146, मुंगेली से 14, जीपीएम से 2, सरगुजा से 61, कोरिया से 52, सूरजपुर से 34, बलरामपुर से 14, जशपुर से 32, बस्तर से 30, कोंडागांव से 31, दंतेवाड़ा से 29, सुकमा से 2, कांकेर से 27, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 42, अन्य राज्य से 3 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 2250 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 13 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 20978 है | 

किसान आंदोलन पर बोले अमित शाह- हर समस्या और मांग पर सरकार विचार करने को तैयार

किसान आंदोलन पर बोले अमित शाह- हर समस्या और मांग पर सरकार विचार करने को तैयार

दिल्ली, तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा है सरकार किसान की हर मांग और समस्या पर विचार करने के लिए तैयार है। अमित शाह ने किसानों को बातचीत करने का न्योता दिया है। सरकार ने कहा है कि अगर किसान जल्द बातचीत करना चाहते हैं तो फिर वे प्रदर्शन करने के लिए दी गई जगह पर शिफ्ट हों और फिर उसके अगले दिन सरकार उनसे चर्चा करेगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ''मैं प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपील करता हूं कि भारत सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। किसानों को कृषि मंत्री ने 3 दिसंबर को बातचीत करने के लिए बुलाया है। सरकार किसानों की मांगों और सभी समस्याओं पर विचार करने के लिए तैयार है।''
उन्होंने आगे कहा, ''कई स्थानों पर, किसान इस ठंड में अपने ट्रैक्टरों और ट्रोलियों के साथ रह रहे हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि दिल्ली पुलिस आपको बड़े मैदान में ले जाने के लिए तैयार है, कृपया वहां जाएं। आपको वहां कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाएगी।''


केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अगर किसान संघ 3 दिसंबर से पहले बातचीत करना चाहते हैं तो फिर मैं आश्वस्त करता हूं कि जैसे ही आप अपने प्रदर्शन को अनुमति दी गई वाली जगह पर शिफ्ट करते हैं, हमारी सरकार उसके अगले दिन ही आपकी चिंताओं को दूर करने के लिए बातचीत आयोजित करेगी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में बनाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली चलो के तहत बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर अब भी मौजूद हैं और आंदोलन के लिए पुलिस द्वारा निर्धारित स्थान बुराड़ी मैदान पर उन्हें लाए जाने के संबंध में अभी उनके नेताओं ने फैसला नहीं किया है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सिंघू बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर इस समय बड़ी संख्या में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने फोन पर बताया, ''वर्तमान में, हम यहां (दिल्ली सीमा पर) हैं। हमने अभी भी बुराड़ी मैदान में जाने का फैसला नहीं किया है। आगे की कार्यवाही तय करने के लिए हम शाम को एक बैठक करेंगे।'' हालांकि भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) के नेता शिंगरा सिंह ने शनिवार को कहा कि वे दिल्ली में बुराड़ी मैदान नहीं जायेंगे।
 

 Ola-Uber की मनमानी पर सरकार ने जड़ा ताला: अब नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया

Ola-Uber की मनमानी पर सरकार ने जड़ा ताला: अब नहीं वसूल सकेंगे ज्यादा किराया

राष्ट्रीय। ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियां पीक आवर्स के दौरान किराए में कई गुना बढ़ोतरी कर देती हैं। मगर अब सरकार ने इन कंपनियों के मनमानी पर ताला जड़ने की तैयारी कर ली है।

सरकार ने शुक्रवार को ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के ऊपर मांग बढ़ने पर किराए बढ़ाने की एक सीमा लगा दी है। यह कंपनियां अब मूल किराए के डेढ़ गुने से अधिक किराया नहीं वसूल सकेंगी।

एग्रीगेटर्स के लिए लाइसेंस अनिवार्य-
सरकार की नयी गाइडलाइंस के बाद ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर्स के लिए लाइसेंस अनिवार्य हो गया है। केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस नोटिफाई की है। इसके अनुसार अब ड्राइवर को किराए की 80 प्रतिशत रकम मिलेगी। इसके बाद एग्रीगेटर 20 प्रतिशत से ज्यादा चार्ज नहीं कर सकेगा। इसमें बेस किराया 3 किलोमीटर का होगा।

एग्रीगेटर बेस किराए पर 50 प्रतिशत तक की रहेगी छूट-
नए नियमों के तहत एग्रीगेटर बेस किराए पर 50 प्रतिशत तक छूट दे सकता है। एग्रीगेटर मात्र 1.5 गुना सरचार्ज वसूल सकता है। ड्राइवर ट्रिप रद्द करता है तो किराए का 10 प्रतिशत देना होगा। केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए ये स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार एग्रीगेटर्स को लाइसेंस देंगी। राज्य सरकार द्वारा जारी लाइसेंस 5 साल के लिए मिलेगा। इससे पहले एग्रीगेटर की कोई परिभाषा नहीं थी।

नयी गाइडलाइंस में कहा गया है कि राज्य सरकारें केंद्र की गाइडलाइंस को अपना सकती हैं। इतना ही नहीं सरकार लाइसेंस के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट ले सकती हैं। इसमें ये भी स्पष्ट किया गया है कि गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवर के लिए 2 साल का अनुभव अनिवार्य होगा।

कैब ड्राइवर को मिलेगा फायदा-
नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक सवारी (राइड) पर लागू किराए का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा एग्रीगेटर के साथ जुड़े वाहन के चालक को मिलेगा। शेष हिस्सा एग्रीगेटर कंपनियां रख सकती हैं। मंत्रालय ने कहा कि जिन राज्यों में शहरी टैक्सी का किराया राज्य सरकार ने निर्धारित नहीं किया है, वहां किराया विनियमन के लिए 25-30 रुपये को मूल किराया माना जाएगा।
 
बड़ी खबर: मुख्यमंत्री के सचिव ने की आत्महत्या की कोशिश, अस्पताल में कराया गया भर्ती

बड़ी खबर: मुख्यमंत्री के सचिव ने की आत्महत्या की कोशिश, अस्पताल में कराया गया भर्ती

बैंगलोर। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव ने खुदकुशी करने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव एनआर संतोष ने नींद की गोलियां खाई। फिलहाल उन्हें बंगलुरू के रमैया मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

इस घटना की खबर मिलने के बाद सीएम येदियुरप्पा अपने राजनीतिक सचिव से मिलने अस्पताल पहुंचे। सचिव से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि संतोष ने ऐसा कदम क्यों उठाया इसके पीछे क्या कारण है यह पता नहीं है। मैं उनके परिवार वालों से बात करूंगा। फिलहाल एआर संतोष की स्थिति खतरे से बाहर है और चिंता की कोई बात नहीं है। 

खबरों के मुताबिक एनआर संतोष मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा करीबी हैं। एनआर संतोष ने राज्य में ऑपरेशन कमल में महत्वपूर्ण भमिका निभाई थी। इसी साल उनकी नियुक्ति सीएम के सचिव के तौर पर हुई थी।
 
BIG BREAKING : रायपुर में फटा कोरोना बम, प्रदेश में आज कुल 1879 नए कोरोना मरीजों की हुई पहचान, 8 मरीजों की मौत

BIG BREAKING : रायपुर में फटा कोरोना बम, प्रदेश में आज कुल 1879 नए कोरोना मरीजों की हुई पहचान, 8 मरीजों की मौत

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 1879 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 226 मरीज, दुर्ग से 142, राजनांदगांव से 139, बालोद से 106, बेमेतरा से 37, कबीरधाम से 29, धमतरी से 50, बलौदा बाजार से 76, महासमुंद से 77, गरियाबंद से 22, बिलासपुर से 148, रायगढ़ से 165, कोरबा से 174, जांजगीर-चांपा से 111, मुंगेली से 19, जीपीएम से 8, सरगुजा से 89, कोरिया से 6, सूरजपुर से 52, बलरामपुर से 13, जशपुर से 37, बस्तर से 12, कोंडागांव से 42, दंतेवाड़ा से 40, सुकमा से 15, कांकेर से 24, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 16, अन्य राज्य से 3 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 2090 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 8 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 21839 है | 

 PUBG LOVER के लिए खुशखबरी: PUBG में जल्द ही देखने को मिलेंगे कई बड़े बदलाव

PUBG LOVER के लिए खुशखबरी: PUBG में जल्द ही देखने को मिलेंगे कई बड़े बदलाव

PUBG के चाहने वालों का इतंजार जल्द खत्म होने वाला है। PUBG के दोबारा वापसी की घोषणा के बाद से ही लगातार नए-नए अपडेट सामने आ रहे हैं। खबरों के अनुसार दिसंबर के पहले हफ्ते में गेम रिलॉन्च किया जा सकता है। PUBG में कई बड़े बदलाव भी देखने मिलेंगे, जो पहले गेम में मौजूद नहीं थे।
 
दिसंबर के पहले सप्ताह में किया जा सकता है लॉन्च- 
PUBG Mobile India (पबजी) को दिसंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च किया जा सकता है और इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है। गेम डेवलपर्स भारत सरकार से इसके अप्रूवल मिलने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि PUBG Corporation की तरफ से गेम को भारत में दोबारा रिलीज करने की निश्चित तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि यह भी जानकारी सामने आई है कि PUBG को सरकार की तरफ से कोई अनुमति नहीं दी गई है।
 
भारत सरकार ने इस साल सितंबर में यूजर्स डेटा की सिक्योरिटी और प्राइवेसी पर चिंता जताते हुए 118 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया था। इसमें पॉप्युलर गेम PUBG Mobile भी शामिल था। पबजी को चाइनीज कंपनी Tencent से पार्टनरशिप के चलते बैन किया गया था। अब कंपनी भारत के लिए अलग से गेम शुरू कर रही है।
 
 
प्री-रजिस्ट्रेशन खुले-
लॉन्चिंग से पहले पबजी मोबाइल इंडिया के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं और एंड्रॉयड के अलावा आईओएस यूजर्स भी पबजी के इंडियन वर्जन खेलने के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यूजर्स TapTap गेम शेयर कम्युनिटी में प्री-रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। हालांकि फिलहाल ये सुविधा सिर्फ कम्युनिटी मेंबर्स के लिए ही उपलब्ध है।
 
ये होंगे बदलाव- 
भारतीय वर्जन में कैरेक्टर कोई भी प्रोटेक्टिव Attire नहीं पहनेंगे। खेल के भारतीय संस्करण के लिए हिट इफेक्ट को ग्लोबल या कोरियाई वर्जन के अलग, हरे रंग में लॉक कर दिया जाएगा। PUBG मोबाइल इंडिया में कथित रूप से प्लेटाइम (Playtime) को सीमित किया जा सकेगा।
 आखिरकार झुकी सरकार, किसानों को मिली निरंकारी ग्राउंड पर प्रदर्शन करने इजाजत

आखिरकार झुकी सरकार, किसानों को मिली निरंकारी ग्राउंड पर प्रदर्शन करने इजाजत

नई दिल्ली। हरियाणा सरकार द्वारा किसानों पर की गई कठोर कार्रवाई ने किसानों को आक्रोशित और एकजुट कर दिया है। हरियाणा-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर इकट्ठे हुए किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने पूरी कोशिश की, उन पर पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़े। लेकिन इसके बाद भी किसानों ने बैरीकेडिंग तोड़कर दिल्ली कूच कर दिया। आखिरकार पुलिस ने किसानों को दिल्ली के संतनगर बुराड़ी में निरंकारी मैदान में एकजुट होने और सभा करने की अनुमति दे दी गई।

वहीं किसान नेताओं ने कहा है कि अगर सरकार चाहती है कि किसान उससे दूर निरंकारी मैदान में बैठें और इधर सरकार चैन से सोती रहे तो ऐसा होने वाला नहीं है। निरंकारी मैदान में जमा होने के बाद किसान दिल्ली की ओर दोबारा कूच करेंगे। सिंघु बॉर्डर से किसानों को आगे बढ़ने की मंजूरी मिलने से माना जा रहा है कि शाम तक बाकी सभी बॉर्डर से भी किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत मिल जाएगी। शुक्रवार दोपहर दो बजे तक यूपी बॉर्डर से किसानों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली है।

ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता डॉक्टर आशीष मित्तल ने कहा कि सरकार ने हमें निरंकारी मैदान में जुटने की अनुमति दे दी है। हरियाणा और पंजाब से आ रहे किसान इस मैदान पर एकजुट होकर अपनी बात रखेंगे। लेकिन किसान यहां ठहरने वाले नहीं हैं। वे यहां से संसद तक मार्च करेंगे और सरकार से अपनी बात मनवाने तक शांत नहीं बैठेंगे।

किसानों के इस फैसले से साफ हो गया है कि सरकार की मुश्किलें फिलहाल खत्म नहीं हुई हैं। आगे आने वाले समय में दिल्ली में ट्रैफिक की गंंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। कोरोना काल में सरकार के लिए इस समस्या से निबटना किसी चैलेंज से कम नहीं होगा।

हरियाणा सरकार की कार्रवाई ने आग में घी डाला-
हरियाणा किसान संघ के नेता सुखविंदर सिंह ने कहा कि मनोहरलाल खट्टर सरकार ने किसानों पर दमनकारी हथकंडे अपनाकर पूरे किसान नेताओं को आकोशित कर दिया है। आरोप है कि खट्टर सरकार ने किसानों को दिल्ली की तरफ आगे बढ़ने से रोकने के लिए सड़कों पर गड्ढे खोद दिए थे। मुख्य हाइवे पर जगह-जगह पर भारी-भारी पत्थर रख दिए गए और बैरीकेडिंग कर दी गई। सोनीपत, अंबाला और शंभू बॉर्डर पर किसानों पर पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इससे किसानों में गुस्सा बढ़  गया और जो किसान आंदोलन में शामिल नहीं थे, वे भी साथ आ गए जिससे हमारी ताकत बढ़ गई।

भारतीय किसान यूनियन ने सरकार के इसी दमनपूर्ण कार्रवाई के बाद किसानों के प्रदर्शन में साथ आने का फैसला किया है। शुक्रवार सुबह से ही भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने मेरठ की सड़कों को जाम कर दिया। स्थिति की गंभीरता देखते हुए ही सरकार ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दे दी है।  

तो घिर जाती दिल्ली-
किसानों के एक प्रमुख नेता के अनुसार योजना की शुरुआत में ही इस बात की योजना बना ली गई थी कि पुलिस जहां भी उन्हें आगे बढ़ने से रोकेगी, किसान वहीं पर रुककर धरना देंगे। ठीक इसी योजना के तहत जब गुरुग्राम बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें दिल्ली की तरफ आगे बढ़ने से रोका, तो किसान सड़कों पर जम गए। हर तरफ से यातायात ठप हो गया। दिल्ली को फरीदाबाद बॉर्डर, यूपी बॉर्डर से भी घेरे जाने की योजना है। सरकार ने किसानों की इसी योजना को भांपते हुए उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दे दी। अन्यथा दिल्ली चारों तरफ से कट जाती।

बातचीत की कोशिशें आगे बढ़ीं-
चारों तरफ से घिरती सरकार ने बातचीत के लिए कदम आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसानों से बात करने की बात कही है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि इस योजना से सरकार किसानों की आय बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। लेकिन अगर किसानों की कुछ शंकाएं हैं तो उन पर बात की जा सकती है। इधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा है कि आंदोलन किसी समस्या का समाधान नहीं होता है। बातचीत से ही हर समस्या का समाधान निकल सकता है।

इधर किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में प्रवेश करने की बात कही थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार और किसानों में बातचीत होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। अगर दोनों पक्षों में कोई बात होती है तो इस मुद्दे का कोई सर्वमान्य हल निकल सकता है।
 बड़ी लापरवाही: अस्पताल में कुत्ते नोचते रहे लड़की का शव, दो डॉक्टर कारण बताओ नोटिस

बड़ी लापरवाही: अस्पताल में कुत्ते नोचते रहे लड़की का शव, दो डॉक्टर कारण बताओ नोटिस

लखनऊ। अस्पताल में लापरवाही मामला फिर सुर्खियां बटोर रहा है। एक लड़की के शव को कुत्ते के द्वारा नोचने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उत्तर प्रदेश के संभल के इस मामले में वार्ड ब्वाय और सफाईकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। वही, डाक्टर व फार्मेसिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जांच के लिए बना दो डॉक्टरों की कमेटी-
मामले की जांच के लिए दो डाक्टरों की कमेटी गठित कर दी गई है। बुधवार को हुए हादसे में अमरोहा जिले के डिडौली थानाक्षेत्र के गांव की एक लड़की की मौत हुई थी। गन्ना लदे तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी। लड़की का शव जिला अस्पताल में स्ट्रेचर पर रखा था। इसे लेकर वायरल हुए एक वीडियो में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई थी। स्ट्रेचर पर रखे शव तक कुत्ता पहुंच गया था।

जानकारी मिलने पर कार्रवाई-
अधिकारियों को इसकी जानकारी लगने पर सच्चाई जानने का प्रयास शुरू कर दिया गया। इसी क्रम में गुरुवार शाम को सीएमओ डा.अमिता सिंह जिला अस्पताल पहुंचीं। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल के सीएमएस की स्तुति पर लापरवाही के मामले में वार्ड ब्वाय विपिन भटनागर और सफाई कर्मचारी प्रदीप सिरसवाल को निलंबित किया गया है।

जबकि ड्यूटी पर तैना डाक्टर व फार्मेसिस्ट को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। पूछा गया है कि ऐसी लापरवाही क्यों की गई? जबकि सीएमएस का कहना है कि शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था उन्होंने शव को कहां रखा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
 बड़ी खबर: साले की शादी में बारात नहीं ले जाने से नाराज जीजा ने की खुदकुशी, जाने कहा का है यह मामला

बड़ी खबर: साले की शादी में बारात नहीं ले जाने से नाराज जीजा ने की खुदकुशी, जाने कहा का है यह मामला

धनबाद। झारखंड के धनबाद से एक खबर सामने आई है जहां जीजा ने इस लिए फांसी लगाकर ख़ुदकुशी कर ली क्योकि वह साले की शादी में बारात नहीं जा सका। आपको बता दे की साले के बारात में नही ले गया तो नाराज जीजा ने ससुराल में ही फांसी पर लटककर जान दे दी। युवक ने लोहे की कुंडी में साड़ी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली थी। घटना की जानकारी तब हुई, जब आज सुबह बाराती घर वापस लौटे।

पढ़िए पूरी खबर-
धनबाद के महुदा थाना क्षेत्र के नावागढ़ स्थित मोदक टोला में प्रसन्नजीत मोदक की शादी थी। बुधवार को बारात थी, जिसमें शामिल होने के लिए प्रसन्नजीत का जीजा मुकेश अपनी अपनी पूजा और तीन साल की बेटी के साथ आया हुआ था। साले की शादी की खुशी में प्रसन्नजीत ने जमकर शराब पी और बारात जाने के लिए निकल गया। बारात महुदा से निरसा जाने वाली थी।

ससुराल में ही फांसी लगाकर की ख़ुदकुशी-
गाड़ी कुछ दूर ही गयी थी नशे में मुकेश ने गाड़ी रूकवा ली और इधर-उधर घूमने लगा। इसी बीच बारात वाली गाड़ी निकल गयी। मुकेश बारात नहीं जा पाया, तो वो गुस्से में आग बबूला हो गया और वापस अपने ससुराल लौट आया। उसने ससुराल में ही घर में लगे लोहे के रड से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना की सुबह जब लोग घर पहुंचे तो घर की कुंडी अंदर से बंद थी, लोगों ने जब दरवाजा तोड़ा और अंदर पहुंचे तो मुकेश का शव लटका हुआ पाया। अब युवक के परिजनों ने इस मामले में ससुराल पक्ष पर मुकेश की हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
 
 1200 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी, सीबीआई में मामला दर्ज, जाने कहा का है यह मामला

1200 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी, सीबीआई में मामला दर्ज, जाने कहा का है यह मामला

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1200 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने गुरुवार देर रात चावल निर्यातक कंपनी अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की है। एफआईआर में कंपनी के प्रोमोटर करण चनाना और प्रबंध निदेशक रोजश अरोड़ा का भी नाम शामिल है। 

जांच एजेंसी ने कहा कि यह कैनरा बैंक समेत दर्जनभर बैंकों के साथ 1,200 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का ममाला है। बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर दिल्ली-एनसीआर के आठ ठिकानों पर छापेमारी भी की है। इस एफआईआर में कंपनी के एमडी राजेश आरोड़ा, निदेशक करण चनाना, अपर्णा पूरी और जवाहर कपूर, पूर्व निदेशक अनिता डियांग और फाइनेंस हेड अक्षय श्रीवास्तव का नाम है। 

उल्लेखनीय है कि अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड पिछले 27 साल से बासमती समेत अन्य किस्म के चावल का निर्यात करती है। बैंकों के साथ धोखाधड़ी का ये मामला पिछले साल 22 मई को एक फॉरेन्सिक ऑडिट में सामने आया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन आरोपियों ने अकांउट में हेराफेरी के साथ बैंक से फंड हासिल करने के लिए डॉक्युमेंट्स में गड़बड़ी की है। 
 बीएमसी का कंगना के ऑफिस में तोडफ़ोड़ दुर्भावनापूर्ण रवैया, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री के पक्ष में सुनाया फैसला

बीएमसी का कंगना के ऑफिस में तोडफ़ोड़ दुर्भावनापूर्ण रवैया, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री के पक्ष में सुनाया फैसला

मुंबई। अभिनेत्री कंगना रनौत और बीएमसी (बीएमसी) विवाद पर शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि बीएमसी का एक्शन दुर्भावनापूर्ण रवैये से किया गया है। उच्च न्यायालय ने बीएमसी के ध्वस्तीकरण के आदेश को निरस्त कर दिया है। कंगना को हुए नुकसान के आकलन के लिए मूल्यांकन कर्ता को नियुक्त करने की बात कही ताकि मुआवजा राशि निर्धारित की जा सके। इस संबंध में अधिकारी मार्च 2021 तक अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौपेंगे। बता दें कि एक्ट्रेस के मुंबई स्थित ऑफिस में बीएमसी द्वारा 9 सितंबर को तोडफ़ोड़ की गई थी। 

जस्टिस एसजे कैथावाला और आरआई छागला की बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा, जिस तरह से यह तोडफ़ोड़ की गई वह अनधिकृत था। ऐसा गलत इरादे से किया गया था। ये याचिकाकर्ता को कानूनी मदद लेने से रोकने का एक प्रयास था। अदालत ने अवैध निर्माण के बीएमसी के नोटिस को भी रद्द कर दिया है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मामले को देख ऐसा लगता है कि विध्वंस की कार्रवाई एक्ट्रेस के ट्वीट्स और बयानों के लिए उसे निशाना बनाने के इरादे से की गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत द्वारा दायर याचिका में विध्वंस नोटिस को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि अगर आवश्यक हो तो नियमितीकरण के लिए स्पष्टीकरण दे।

9 सितंबर को बीएमसी ने कंगना रनौत के ऑफिस में कुछ हिस्सों को अवैध बताते हुए तोडफ़ोड़ की थी जिसके विरोध में कंगना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोर्ट ने बीएमसी द्वारा की जा रही कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कंगना के वकील का दावा है ऑफिस का 40 फीसदी हिस्सा ध्वस्त किया गया था। इसमें झूमर, सोफा और दुर्लभ कलाकृतियों समेत कई कीमती संपत्ति भी शामिल है।
 सिंधु बॉर्डर पर पुलिस-किसानों के बीच भिड़ंत, प्रदर्शनकारियों पर दागे गए आंसू गैस के गोले

सिंधु बॉर्डर पर पुलिस-किसानों के बीच भिड़ंत, प्रदर्शनकारियों पर दागे गए आंसू गैस के गोले

 नई दिल्ली। किसानों का प्रदर्शन आज आक्रामक रुख अपना चुका है। सिंधु बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के बीच भिड़ंत हुई, यहां पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे, लेकिन किसान पीछे नहीं हट रहे और दिल्ली जाने पर अड़ गए हैं। किसानों के प्रदर्शन के कारण कई मेट्रो स्टेशन के गेट्स को बंद कर दिया गया है। ग्रीन लाइन पर ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बहादुरगढ़ सिटी, श्रीराम शर्मा, टिकरी बॉर्डर, टिकरी कलां, घेवरा स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट को बंद कर दिया गया है। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से 9 स्टेडियमों को अस्थायी जेलों में तब्दील करने की अनुमति मांगी है। पंजाब और हरियाणा से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं।


दिल्ली पुलिस ने आज सुबह सिंधु बॉर्डर पर कुछ किसानों से बात की। पुलिस ने किसानों को वापस जाने की अपील की और कोरोना नियमों का पालन करने को कहा। हालांकि, किसान दिल्ली जाने पर अड़ गए हैं और पुलिस की बात नहीं मान रहे। किसानों का कहना है कि हम दिल्ली जाकर रहेंगे चाहे कुछ भी हो जाए। सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है और हम दिल्ली के रामलीला मैदान में ही जाकर रुकेंगे। 

दिल्ली-बहादुरगढ़ हाईवे के पास टिकरी बॉर्डर पर भी इस समय काफी तनाव का माहौल है। पुलिस ने किसानों को दिल्ली में एंट्री करने से रोकने के लिए बैरिकेड के रूप में ट्रक खड़ा कर लगा रखा है। किसान इस ट्रक को हटाने के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

वहीं, अंबाला के एसपी राजेश कालिया ने कहा, `हमने शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से बंद रखा हुआ है, आज हमें जानकारी मिली है कि पंजाब से भारी मात्रा में किसान संगठन जो कल नहीं जा पाए थे वो आज यहां से जाने की कोशिश करेंगे। हम आज भी कोशिश करेंगे कि वो यहां से दिल्ली की ओर कूच ना कर सकें।`
 
 बड़ी खबर: पीएम मोदी को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस के उड़े होश

बड़ी खबर: पीएम मोदी को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस के उड़े होश

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के गुरुवार को तब होश उड़ गए जब एक शख्स ने कॉल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की धमकी दी। कॉल के तुरंत बाद सारी पुलिस यूनिट सक्रिय हो गई और पुलिस ने कॉलर को ट्रेस करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पुलिस शख्स तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस ने जब आरोपी को पकड़ा तो वह नशे की हालत में था और नशे में ही शख्स ने पुलिस को कॉल कर दिया था। आरोपी की पहचान नितिन के तौर पर की गई है। वह दक्षिणपुरी इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि उन्हें कॉल मिली थी, जिसमें कॉलर ने अपने घर के पते की जानकारी भी दी थी।

शख्स ने पुलिस को बताया था कि वह दक्षिणपुरी इलाके के ब्लॉक-18 में स्थित मकान संख्या 198 से कॉल कर रहा है और वो मोदी जी की हत्या कर देगा। कॉल के तुरंत बाद अंबेडकर नगर पुलिस थाना सक्रिय हो गया और कॉलर को ट्रेस करने लगा। पुलिस ने बताया कि आरोपी बूरी तरह नशे की हालत में था, फिलहाल आरोपी से पूछताछ चल रही है। 

सीएम योगी को दो बार मिल चुकी धमकी-
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। आरोपी ने डॉयल 112 पर जान से मारने की धमकी भरा संदेश भेजा था, जिसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई और आरोपी की तलाश में जुट गई। धमकी देने वाला आरोपी नाबालिग था। 

नाबालिग के पास मोबाइल फोन और सिम मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने आरोपी को बाल सुधार ग्रह भेज दिया है। वहीं 21 मई को भी योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी दी गई थी। यह धमकी यूपी पुलिस के 112 मुख्यालय में एक वॉट्सऐप मैसेज के जरिए मिली थी। 

यह संदेश मुंबई से आया था, जिसके बाद यूपी पुलिस की एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस के साथ इस जानकारी को साझा किया और महाराष्ट्र पुलिस ने 20 साल के फैजल को गिरफ्तार कर लिया था। 
BIG BREAKING : रायपुर में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1753 नए मरीजो की हुई पहचान

BIG BREAKING : रायपुर में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में आज कुल 1753 नए मरीजो की हुई पहचान

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 1753 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 219 मरीज, दुर्ग से 169, राजनांदगांव से 136, बालोद से 100, बेमेतरा से 48, कबीरधाम से 39, धमतरी से 53, बलौदा बाजार से 79, महासमुंद से 59, गरियाबंद से 13, बिलासपुर से 149, रायगढ़ से 167, कोरबा से 120, जांजगीर-चांपा से 60, मुंगेली से 17, जीपीएम से 7, सरगुजा से 70, कोरिया से 33, सूरजपुर से 40, बलरामपुर से 47, जशपुर से 7, बस्तर से 24, कोंडागांव से 31, दंतेवाड़ा से 36, सुकमा से 0, कांकेर से 15, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 11, अन्य राज्य से 3 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 1552 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 17 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 23957 है | 

 कोरोना रिटर्न: राजधानी में लगाया जा सकता है नाइट कर्फ्यू, पढ़े पूरी खबर

कोरोना रिटर्न: राजधानी में लगाया जा सकता है नाइट कर्फ्यू, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए नाइट कर्फ्यू लगाया जा सकता है। हालांकि अभी इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया गया है।

दूसरी ओर, कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने की मांग संबंधी याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को स्टेटस रिपोर्ट में उचित जानकारी नहीं देने को लेकर फटकार भी लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि महत्वपूर्ण जानकारी को मिटा दिया गया है, छपाई स्पष्ट नहीं है, हम बेट की कुल संख्‍या को पढ़ नहीं सकते। इस मामले में अगली सुनवाई अब 3 दिसंबर को होगी।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह भी पूछा कि दिल्ली के कोविड हेल्थकेयर सेंटर में बेड्‍स खाली क्यों हैं, लोगों को हेल्थ केयर सेंटर की जानकारी के विज्ञापन देने के लिए सरकार द्वारा क्या किया गया?

इसके जवाब में दिल्ली सरकार ने कहा कि सभी जानकारी दिल्ली फाइट कोरोना वेबसाइट पर उपलब्ध है। हालांकि सरकार के इस जवाब से अदालत संतुष्ट नहीं हुई।
 समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों को हटाना जरूरी: नरेंद्र मोदी

समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों को हटाना जरूरी: नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। संविधान दिवस के मौके पर गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। गुजरात के केवड़िया में पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधन दिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने संविधान और कानून को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले को याद करते हुए हमले में मारे गए जवानों को याद किया। उन्होंने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। केवड़िया में 80 वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के मान्य सत्र के समापन समारोह पर पीएम मोदी ने ये संबोधन दिया।
 

इस मौके पर देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं हर भारतीय नागरिक को संविधान दिवस की शुभकामना देना चाहता हूं। मैं संविधान बनाने में शामिल सभी सम्मानित व्यक्तियों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद और बाबा साहेब अंबेडकर से लेकर संविधान सभा के सभी व्यक्तित्वों को भी नमन करने का दिन है, जिनके अथक प्रयासों से देश को संविधान मिला है। आज का दिन पूज्य बापू की प्रेरणा को, सरदार पटेल की प्रतिबद्धता को प्रणाम करने का दिन है।
 

भारत आज अपना संविधान दिवसमना रहा है। 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने औपचारिक रूप से भारत के संविधान को अपनाया था। देश में 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू किया गया। 19 नवंबर, 2015 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नागरिकों के बीच संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला लिया था।
 

डॉ. भीम राव अम्बेडकर एक प्रसिद्ध समाज सुधारक, राजनीतिज्ञ और न्यायविद थे और उन्हें भारतीय संविधान का जनक भी कहा जाता है। उन्हें 29 अगस्त, 1948 को संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।

क्या है भारत का संविधान ?
देश का संविधान, भारत सरकार के लिखित सिद्धांतों और उदाहरणों का समूह है जो मूलभूत, राजनीतिक सिद्धांतों, प्रक्रियाओं, अधिकारों, निर्देश सिद्धांतों, प्रतिबंधों और सरकार, देश के नागरिकों के कर्तव्यों को पूरा करता है।

संविधान और कानून को लेकर रखे अपने विचार-
इस मौके पर पीएम मोदी ने संविधान को लेकर कहा कि हर नागरिक का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़े, ये संविधान की भी अपेक्षा है और हमारा भी ये निरंतर प्रयास है। ये तभी संभव है जब हम सभी अपने कर्तव्यों को, अपने अधिकारों का स्रोत मानेंगे, अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे यहां बड़ी समस्या ये भी रही है कि संवैधानिक और कानूनी भाषा, उस व्यक्ति को समझने में मुश्किल होती है जिसके लिए वो कानून बना है। मुश्किल शब्द, लंबी-लंबी लाइनें, बड़े-बड़े पैराग्राफ, क्लॉज-सब क्लॉज, यानि जाने-अनजाने एक मुश्किल जाल बन जाता है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे कानूनों की भाषा इतनी आसान होनी चाहिए कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी उसको समझ सके। हम भारत के लोगों ने ये संविधान खुद को दिया है। इसलिए इसके तहत लिए गए हर फैसले, हर कानून से सामान्य नागरिक सीधा कनेक्ट महसूस करे, ये सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ जो कानून अपना महत्व खो चुके हैं, उनको हटाने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए। बीते सालों में ऐसे सैकड़ों कानून हटाए जा चुके हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पूर्ण डिजिटलीकरण का समय यहां है। आम आदमी के पास हर सदन के कामकाज का डाटा होना चाहिए और देश के हर सदन के पास भी ऐसा डाटा होना चाहिए।

मुंबई आतंकी हमले को किया याद-
स मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई आतंकी हमले को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज की तारीख, देश पर सबसे बड़े आतंकी हमले के साथ जुड़ी हुई है। पाकिस्तान से आए आतंकियों ने मुंबई पर धावा बोल दिया था। इस हमले में अनेक लोगों की मृत्यु हुई थी। कई देशों के लोग मारे गए थे।मैं मुंबई हमले में मारे गए सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज मुंबई हमले जैसी साजिशों को नाकाम कर रहे, आतंक को एक छोटे से क्षेत्र में समेट देने वाले, भारत की रक्षा में प्रतिपल जुटे हमारे सुरक्षाबलों का भी वंदन करता हूं।

राष्ट्रहित ही हमारा तराजू हो: पीएम मोदी-
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे निर्णय का आधार एक ही मानदंड होना चाहिए और वो है राष्ट्रहित। राष्ट्रहित ही हमारा तराजू होना चाहिए। हमें ये याद रखना है कि जब विचारों में देशहित और लोकहित की बजाय राजनीति हावी होती है तो उसका नुकसान देश को उठाना पड़ता है।

सरदार सरोवर डैम को लेकर की बात-
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि केवड़िया प्रवास के दौरान आपने सरदार सरोवर डैम की विशालता देखी है, भव्यता देखी है, उसकी शक्ति देखी है। लेकिन इस डैम का काम बरसों तक अटका रहा। आजादी के कुछ वर्षों बाद शुरु हुआ था, अभी कुछ वर्ष पहले ये पूरा हुआ। जनहित का ये प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा।

उन्होंने आगे कहा कि इसी बांध से पैदा हुई बिजली से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को लाभ हो रहा है। ये सब बरसों पहले भी हो सकता था। लेकिन बरसों तक जनता इनसे वंचित रही। जिन लोगों ने ऐसा किया, उन्हें कोई पश्चाताप भी नहीं है। उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। हमें देश को इस प्रवृत्ति से बाहर निकालना है। आजादी के कुछ वर्षों बाद शुरु हुआ था, अभी कुछ वर्ष पहले ये पूरा हुआ। जनहित का ये प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा।

कोरोना काल में चुनाव पर रखे विचार-
इस मौके पर पीएम मोदी ने कोरोना के समय में चुनाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में हमारी चुनाव प्रणाली की मजबूती दुनिया ने देखी है। इतने बड़े स्तर पर चुनाव होना, समय पर परिणाम आना, सुचारु रूप से नई सरकार का बनना, ये इतना भी आसान नहीं है। हमें हमारे संविधान से जो ताकत मिली है, वो ऐसे हर मुश्किल कार्यों को आसान बनाती है।

कोरोना महामारी का किया जिक्र-
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि इस वैश्विक महामारी के दौरान भारत की 130 करोड़ से ज्यादा जनता ने जिस परिपक्वता का परिचय दिया है, उसकी एक बड़ी वजह, सभी भारतीयों का संविधान के तीनों अंगों पर पूर्ण विश्वास है। इस विश्वास को बढ़ाने के लिए निरंतर काम भी हुआ है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि अधिकारियों की अध्यक्षता के रूप में हमारे लोकतंत्र में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आप सभी, कानूनविद के रूप में, लोगों और राष्ट्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आप कार्यकारी, न्यायपालिका और विधायिका के बीच समन्वय को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि संविधान के तीनों अंगों की भूमिका से लेकर मर्यादा तक सबकुछ संविधान में ही वर्णित है। 70 के दशक में हमने देखा था कि कैसे separation of power की मर्यादा को भंग करने की कोशिश हुई थी, लेकिन इसका जवाब भी देश को संविधान से ही मिला।