नई दिल्ली। देश में कोरोना टीकाकरण की गति तथा संक्रमण के मामलों में आ रही गिरावट को देखते हुए कुछ राज्यों ने सुरक्षात्मक प्रोटोकॉल के तहत स्कूल संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है। कई राज्यों ने कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ स्कूलों को ऑफलाइन कक्षा के लिए फिर से खोलने का निर्णय लिया है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यों से 5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस से पहले भारत भर के सभी स्कूल शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने को कहा है।
मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों में आज से यानी 1 सितंबर से फिर से स्कूल खुलने जा रहे हैं। यहां जानिए राज्यों द्वारा जारी दिशा निर्देश:
रायपुर : प्रदेश में कोरोना की रफ्तार कम होने के बाद 6 सितंबर से अब 6वीें और सातवीं व ग्यारहवीं की कक्षाएं भी लगाने की तैयारी है। स्कूल खोलने को लेकर सीएम भूपेश ने भी स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। स्कूल के साथ ही सभी आवासीय हॉस्टल भी खोले जा सकते है। यानी 17 महीने बाद स्कूल पूरी तरह शुरू हो जाएंगे।
बता दे कि इससे पहले राज्य सरकार ने दो अगस्त को पहली से पांचवीं, आठवीं और दसवीं तथा बारहवीं की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया था। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने स्वीकार किया कि बची कक्षाएं भी खोली जा रही हैं। कैबिनेट बैठक की औपचारिकता बाकी है। प्रदेश में कोरोना का असर अब एक फीसदी से भी नीचे गिर गया है। महीनेभर पहले प्रारंभ की गई क्लासेस निर्बाध रूप से चल रही हैं।
प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने कहा है कि एक माह हो गए हैं कुछ कक्षाओं को शुरू हुए। कहीं से कोई दिक्कत नहीं आई है, सब ठीक है। इसे देखते हुए हमने 6वीं, 7वीं 9वीं और 11वीं की कक्षाएं शुरू करने की अनुमति मांगी है। इनमें बच्चों की उपस्थिति भी अच्छी है। इस वजह से शासन से छठवीं, सातवीं, नवमी और ग्यारहवीं कक्षाएं भी शुरू करने की अनुमति मांगने नोटशीट चलाई गई।
दिल्ली: थर्मल स्क्रीनिंग, वैकल्पिक बैठने की व्यवस्था जैसे नियम शामिल
राष्ट्रीय राजधानी में कोविड की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार के बाद, दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 1 सितंबर से फिर से खुलेंगे। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा घोषित दिशा-निर्देशों में लंच ब्रेक, वैकल्पिक बैठने की व्यवस्था, प्रति कक्षा केवल 50 फीसदी छात्रों की अनुमति, अनिवार्य थर्मल स्क्रीनिंग और नियमित अतिथि यात्राओं से बचना शामिल है।
तमिलनाडु: छात्रों को संस्थानों तक जाने के लिए मुफ्त सेवा
1 सितंबर से योजना के अनुसार तमिलनाडु में कक्षा नौवीं से बारहवीं, कॉलेज और पॉलिटेक्निक के लिए कक्षाएं फिर से खुल जाएंगी, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को इसकी घोषणा की थी। नियमों के नए सेट के मुताबिक तमिलनाडु में 1 सितंबर से परिवहन निगम की बसों में कॉलेज और स्कूली छात्र (कक्षा 9 से 12) संस्थानों तक मुफ्त (बिना बस पास के) में यात्रा कर सकते हैं।
हरियाणा: माता पिता की अनुमति अनिवार्य
हरियाणा सरकार ने 1 सितंबर से कक्षा चौथी और पांचवीं के लिए प्राथमिक स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है। छात्रों को उनके माता-पिता की पूर्व लिखित अनुमति के साथ स्कूल आने दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश: 50 फीसदी छात्रों के साथ खुलेंगे स्कूल
एमपी सरकार कक्षा छठवीं से बारहवीं के लिए 1 सितंबर से 50 फीसदी क्षमता के साथ स्कूलों को फिर से खोलेगी। राज्य के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि पहली से आठवीं तक के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू करने पर निर्णय बाद में लिया जाएगा।
राजस्थान: नौवीं से बारहवीं के लिए खुल रहे स्कूल
राजस्थान सरकार ने भी 1 सितंबर से कक्षा नौवीं से बारहवीं के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की घोषणा की। कोविड-19 प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए प्रत्येक सत्र में केवल 50 प्रतिशत छात्रों को कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
असम: 10वीं से 12वीं तक के ऑफलाइन कक्षाएं होंगी संचालित
राज्य सरकार 1 सितंबर से 10वीं से 12वीं तक के स्कूलों में शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पुडुचेरी: दो पालियों में आयोजित होंगी कक्षाएं
पुडुचेरी में स्कूल 1 सितंबर से कक्षा 9वीं से 12वीं तक 50 फीसदी क्षमता के साथ फिर से शुरू होंगे। स्कूल दो पालियों में सुबह और शाम वैकल्पिक तरीके से कक्षाएं आयोजित करेगा।
उत्तर प्रदेश: आज से खुलेंगे पांचवीं तक के स्कूल
उत्तर प्रदेश के स्कूल आज से कक्षा पहली से कक्षा पांचवीं तक के छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करेंगे। राज्य ने कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए 16 अगस्त से और कक्षा छठवीं से आठवीं तक के लिए 23 अगस्त से स्कूलों में शारीरिक कक्षाओं की अनुमति दे दी है।