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 बड़ी खबर: सीबीआई ने 100 स्थानों पर की छापेमारी, अलग-अलग बैंकों से 3700 करोड़ की धोखाधड़ी

बड़ी खबर: सीबीआई ने 100 स्थानों पर की छापेमारी, अलग-अलग बैंकों से 3700 करोड़ की धोखाधड़ी

नई दिल्ली। सीबीआई ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 100 स्थानों पर छापेमारी की। 11 राज्यों व संघ शासित प्रदेशों में यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी के 30 से ज्यादा मामलों में की गई। इन मामलों में कुल 3700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। 

सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा कि ये छापेमारियां भारत में विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंको से मिली शिकायतों के आधार पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ शुरू किए गए विशेष अभियान का हिस्सा है। शिकायतकर्ता बैंकों में इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक,स्टेट बैंक आफ इंडिया आदि शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ये छापेमारियां, कानपुर, दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा, नोएडा, गुड़गांव, चेन्नई, तिरुवरूर, वेल्लोर, तिरुपुर, बेंगलुरु, गुंटूर, हैदराबाद, पश्चिमी गोदावरी, सूरत, मुंबई, भोपाल, निमडी, तिरुपति, विशाखापत्तमन, अहमदाबाद, राजकोट, करनाल, जयपुर और गंगानगर आदि में की गईं। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए। 

सीबीआई को लगातार बैंकों की ओर से विभिन्न फर्मों द्वारा धोखाधड़ी, फंड के गलत उपयोग, फर्जी दस्तावेज जमा करके लोन लेने की शिकायतें मिल रही थीं। ये कंपनियां कर्ज नहीं चुका रही थी और ये एनपीए में जा रहा था। इससे बैंकों को भारी नुकसान हो रहा था। स्क्रूटनी करने के बाद बैंक ने ये कार्रवाई की। 
 
 हाई टेंशन तार की चपेट में आई यात्रियों से भरी बस: छत पर बैठे यात्री झुलसे, एक की मौत

हाई टेंशन तार की चपेट में आई यात्रियों से भरी बस: छत पर बैठे यात्री झुलसे, एक की मौत

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में रंगभरनी एकादशी के मौके पर वृन्दावन की परिक्रमा कर लौट रही अलीगढ़ जनपद के श्रद्धालुओं से भरी एक बस के ऊपर बैठे करीब आधा दर्जन लोग बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कम से कम 6 लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए मांट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अलीगढ़ जनपद के पिसावा थाना क्षेत्र के मेहगौरा गांव निवासी कुछ लोग बृहस्पतिवार को रंगभरनी एकादशी के मौके पर वृन्दावन की परिक्रमा करने के बाद वापस गांव लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि कुछ युवक बस की छत पर बैठे हुए थे। जब बस मांट थाना क्षेत्र के डांगौली तिराहे पर खड़ी थी, तभी एक अन्य युवक गोल्डी भी बस की छत पर चढ़ने लगा। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। इससे पूरी बस में करंट आ गया। चारों तरफ आग की चिंगारियां उठने लगीं। छत पर बैठे अन्य लोग भी झुलस गए। अधिकारी ने कहा कि हादसे में आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गोल्डी की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से जली तीन महिलाओं को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है।
 
 बड़ी खबर: मॉल में संचालित हॉस्पिटल में आग लगने से कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत

बड़ी खबर: मॉल में संचालित हॉस्पिटल में आग लगने से कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत

मुंबई। अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 के दो मरीजों की मौत हो गई वहीं 70 अन्य मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भांडुप इलाके में स्थित ड्रीम्स मॉल सनराइज अस्पताल में आधी रात के कुछ देर बाद आग लग गई।

उन्होंने बताया कि यह अस्पताल पांच मंजिला मॉल की तीसरी मंजिल पर स्थित है और जब आग लगी तो उस समय कोविड-19 के मरीजों के अलावा और भी कई मरीज अस्पताल में थे। मुंबई में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच यह घटना हुई है। शहर में बृहस्पतिवार को संक्रमण के 5,504 नए मामले सामने आए जो इस महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक एक दिन में सर्वाधिक मामले हैं।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना में दो मरीजों की मौत हो गई। हालांकि बीएमसी नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने केवल एक व्यक्ति की मौत की ही पुष्टि की है। नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने बताया कि आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चला है।

अधिकारी ने बताया कि दमकल की 20 गाड़ियां, पानी के 15 टैंकर और एम्बुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया। आग पर काबू पाने की कोशिश चल रही है।

उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों ने मरीजों को बाहर निकाल लिया और उन्हें एक अन्य अस्पताल में भेजा गया है। दमकलकर्मी इसकी जांच कर रहे हैं कि कहीं कोई मरीज अब भी अस्पताल में तो फंसा नहीं है।

मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर घटनास्थल पहुंचीं और उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि मॉल के अंदर अस्पताल है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार किसी मॉल के अंदर अस्पताल देखा है।’’ उन्होंने कहा कि अगर यहां अस्पताल चलाने में किसी तरह की अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
 
लॉकडाउन: 27 मार्च से इस जिले में 60 घंटे का लॉकडाउन, नियम तोड़ने पर दो हजार का जुर्माना

लॉकडाउन: 27 मार्च से इस जिले में 60 घंटे का लॉकडाउन, नियम तोड़ने पर दो हजार का जुर्माना

वर्धा। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के नए मामले आए दिन बढ़-चढ़कर सामने आ रहे है, जिस कारण प्रशासन के हाथ-पांव भी फूलते जा रहे हैं। इस राज्य के वर्धा जिले में पिछले दो हफ्तों में हर दिन कम से कम 200 कोविड-19 के नए मामले सामने आने लगे हैं। वर्धा में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला ले लिए लिया है। इसके तहत शहर में शनिवार (27 मार्च) से पूरे 60 घंटे तक लॉकडाउन लागू रहेगा। एक अधिकारी ने बताया कि जिले में कोविड-19 के मामलों में आए उछाल को देखते हुए बृहस्पतिवार को एक आदेश जारी किया गया। इस आदेश में जिला कलेक्टर प्रेरणा देशभट्ट ने कहा, ‘शनिवार सुबह आठ बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक जिले में 60 घंटे का लॉकडाउन लगाया जाएगा। लॉकडाउन के दौरान सभी आवश्यक दुकानें, मेडिकल स्टोर और एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र खुले रहेंगे।’ 


लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई-
गौरतलब है जिले में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है। इसके तहत जिला प्रशासन लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दो हजार रुपये का जुर्माना वसूलेगा। जिले में लगातार बढ़ते कोरोना के आंकड़े अब डरा रहे हैं।

यहां बृहस्पतिवार को कोरोना से संक्रमित 251 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं, कोरोना की चपेट में आने से पिछले 24 घंटे में चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि होली के त्योहार के मद्देनजर लॉकडाउन का निर्णय भी लिया गया है,  क्योंकि जिला प्रशासन सार्वजनिक समारोहों पर नजर रखना चाहता था।

नागपुर में स्थिति चिंताजनक-
इसके अलावा नागपुर जिले की बात करें तो यहां लगातार चौथे दिन तीन हजार 500 कोविड-19 के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से तीन हजार 579 लोग बृहस्पतिवार के दिन कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए गए। यहां पिछले 24 घंटों में जिले में सात लोगों की मौत के मामले दर्ज किए गए हैं। 

कोविड-19 की घातक संक्रमण के मामलों में वृद्धि ने नागपुर जिला प्रशासन को चौंका दिया है। ऐसे में स्थिति को देखते हुए नागपुर में प्रतिबंध 31 मार्च तक कुछ ढील के साथ जारी रहेंगे। बता दें, नागपुर में 15 मार्च से पूर्ण लॉकडाउन किया गया था और 21 मार्च से कुछ छूट दी जाने लगी।

शहर के नए दिशानिर्देशों के अनुसार यहां रेस्तरां शाम सात बजे तक ही खुले सकते हैं, जबकि सभी दुकानें शाम चार बजे तक बंद किए जाने का आदेश है। इसके अलावा शहर के सभी निजी और सरकारी कार्यालय 25 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्य कर सकते हैं। वहीं, आवश्यक वस्तुओं को बेचने वाली दुकानें शाम चार बजे के बाद भी खुली रह सकती हैं।
कोरोना अपडेट : प्रदेश में लगातार बढ़ रहे संक्रमित, आज आकड़ा 25 सौ के करीब दुर्ग से फिर सर्वाधिक जाने कितने, देखें बाकि जिलों में संख्या

कोरोना अपडेट : प्रदेश में लगातार बढ़ रहे संक्रमित, आज आकड़ा 25 सौ के करीब दुर्ग से फिर सर्वाधिक जाने कितने, देखें बाकि जिलों में संख्या

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 2419 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला दुर्ग से सर्वाधिक 913 मरीज, रायपुर से 550, राजनांदगांव से 163, बालोद से 60, बेमेतरा से 116, कबीरधाम से 18, धमतरी से 41, बलौदा बाजार से 24, महासमुंद से 45, गरियाबंद से 27, बिलासपुर से 114, रायगढ़ से 26, कोरबा से 53, जांजगीर-चांपा से 11, मुंगेली से 7, जीपीएम से 4, सरगुजा से 64, कोरिया से 44, सूरजपुर से 33, बलरामपुर से 7, जशपुर से 38, बस्तर से 25, कोंडागांव से 13, दंतेवाड़ा से 2, सुकमा से 4, कांकेर से 14, नारायणपुर से 0, बीजापुर से 3, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 594 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 14 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 13318 है | 

देश में इस हिस्से में आया भूकंप, 3.5 मापी गई तीव्रता

देश में इस हिस्से में आया भूकंप, 3.5 मापी गई तीव्रता

लेह । लद्दाख के लेह में गुरुवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है। फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। इससे पहले लद्दाख में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.0 मापी गई थी।
देश में भूंकप की सटीक निगरानी के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की निगरानी को बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत देश भर में 35 और निगरानी केंद्र खोले जाएंगे। दस महीने के भीतर यह केंद्र पूरी क्षमता से काम करने लगेंगे।
इन केंद्रों के खुल जाने से राष्ट्रीय भूंकप निगरानी केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी) रियल टाइम डाटा एकत्र कर सकेंगे। अभी तक राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र देश में भर में रिक्टर स्केल पर 3.5 परिमाण के भूकंप और दिल्ली और आसपास के लिए 2.5 परिमाण के भूकंप दर्ज करता है।
नए निगरानी केंद्रों के आने से और सूक्ष्मता से पृथ्वी के पेट की हलचल का अध्ययन हो सकेगा। नए निगरानी सिस्टम की मदद से कम तीव्रता वाले भूकंप भी मापे जा सकेंगे। इतना ही नहीं देश भर के इलाकों का भूकंप आने की संवेदनशीलता के अनुसार उसकी भूगर्भीय स्थितियों का आकलन किया जा सकेगा। नए खुलने वाले केंद्रों में सबसे अधिक जोर समुद्र के तटीय इलाकों के साथ पिछले दशक में भूकंप की मार झेलने वाले इलाकों को प्राथमिकता दी गई है।
इसलिए नए खुलने वाले केंद्रों में सबसे अधिक पांच केंद्र कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और राजस्थान सरीखे राज्यों में चार-चार स्टेशन, उत्तराखंड में तीन, गुजरात और केरल में दो-दो, अरुणाचल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मिजोरम, उड़ीसा, पंजाब में एक-एक निगरानी केंद्र खोला जाएगा।
 

आतंकी हमले में सीआरपीएफ के दो जवान घायल, दो शहीद

आतंकी हमले में सीआरपीएफ के दो जवान घायल, दो शहीद

जम्मू । श्रीनगर के बाहरी इलाके लावापोरा में सीआरपीएफ की नाका पार्टी पर आतंकियों ने हमला किया। इस हमले में सीआरपीएफ के चार जवान घायल हुए जिनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां दो जवान शहीद हो गए। वहीं आतंकियों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर अभियान चलाया जा रहा है। इस हमले में किसी भी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सीआरपीएफ के पीआरओ ओपी तिवारी ने बताया कि नाका पार्टी पर तैनात 73वीं बटालियन पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। जिसमें चार जवान घायल हुए जिनमें से दो जवान शहीद हो गए हैं।
इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावरों की संख्या तीन बताई जा रही है। जोकि ताबड़तोड़ फायरिंग करने के बाद भाग निकले। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा संयम बरता गया क्योंकि इलाक़ा भीड़भाड़ वाला था। जवान अगर वह जवाबी कार्रवाई करते तो स्थानीय लोगों को नुकसान पहुंच सकता था।
घाटी में आतंकियों और उनके समर्थन में पत्थरबाजी करने वालों पर नकेल कसी जा रही है। इसी के चलते आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार ने सोमवार को कहा था कि घाटी में आतंकवाद से बड़ा मुद्दा पत्थरबाजी है।
इस पत्थरबाजी से घाटी का माहौल खराब होता है। इस बार गर्मियों के दौरान किसी को भी शांति भंग करने नहीं दी जाएगी। जो भी पत्थरबाजी में शामिल पाया जाएगा उसके खिलाफ पीएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आईजीपी ने कहा कि मुठभेड़ स्थल पर पत्थरबाजी की घटना को अंजाम दिया जाता है। जबकि हकीकत यह है कि मुठभेड़ स्थलों के आस पास के गावों के कोई भी युवा पत्थरबाजी करने नहीं पहुंचते हैं। मुठभेड़ के दौरान स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने के दौरान शरारती तत्व पत्थरबाजी को अंजाम देते हैं।
 

वकीलों-पुलिस के बीच विवाद, पुलिसवालों ने की वकीलों की पिटाई.... जानिए फिर क्या हुआ

वकीलों-पुलिस के बीच विवाद, पुलिसवालों ने की वकीलों की पिटाई.... जानिए फिर क्या हुआ

जबलपुर । जबलपुर में देर रात वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर झड़प हुई है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कुछ वकीलों के साथ खूब मारपीट की है। इस मारपीट के बाद वकीलों ने थाने के सामने धरना दिया और धरने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल किसी बात को लेकर बीती रात वकीलों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। पुलिसकर्मियों ने कुछ वकीलों की जमकर पिटाई कर दी। वकीलों ने धरना दिया। तब एसपी ने 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है।
इस सम्बंध में जानकारी मिली है कि वकीलों ने पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिवक्ता अमित कोहली, बाला ठाकुर, रोहित पटेल और राजीव चौधरी के साथ पुलिस ने मारपीट की है। यह घटना देर रात रसल चौक में हुई है। घटना के बाद सैकड़ो वकीलों ने ओमती थाने में देर रात धरना दिया। वकील मांग कर रहे थे कि मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाए। वकीलों के धरने के बाद एसपी ने तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
 

बुजुर्गों के लिए पोषण अभियान शुरू करेगा यह मंत्रालय

बुजुर्गों के लिए पोषण अभियान शुरू करेगा यह मंत्रालय

नईदिल्ली।   सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय बुजुर्गों के लिए ‘पोषण अभियान’ शुरू करने जा रहा है ताकि उन्हें ‘पोषण सहायता’ प्रदान की जा सके। इस मिशन के तहत, उन बुजुर्गों को सहायता प्रदान की जाएगी जो ओल्ड एज होम्स में नहीं रहते हैं और कुपोषण के शिकार हैं। यह मिशन स्वस्थ खाद्य सामग्री की खरीद पर ध्यान केंद्रित करेगा जो स्थानीय रूप से गर्म-पकाए गए मध्याह्न भोजन के लिए उपलब्ध हैं। यह योजना “ग्राम पंचायतों और शहरी नगर पालिकाओं” द्वारा कार्यान्वित की जाएगी। ‘वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष’ का उपयोग मिशन को फण्ड प्रदान करने और कार्यान्वित करने के लिए किया जाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (National Action Plan for Senior Citizens)
भारत सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक छाता योजना के तहत कई योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू कर रही है, जिन्हें “वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना” कहा जाता है। यह योजना वित्तीय सुरक्षा, आश्रय और कल्याण, स्वास्थ्य और पोषण, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा, जागरूकता सृजन प्रदान करती है।

पोषण अभियान या राष्ट्रीय पोषण मिशन (Poshan Abhiyan or National Nutrition Mission – NNM)
भारत में प्रचलित कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए 2018 में NNM नामक बहु-मंत्रालयीय पहल शुरू की गई थी। यह बच्चों, किशोरों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण परिणामों में सुधार करने के लिए शुरू किया गया था। स मिशन का मुख्य उद्देश्य “कम पोषण के स्तर को कम करना” है। यह बच्चों के लिए उनकी पोषण स्थिति को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था। यह मिशन 2022 तक कुपोषण को खत्म करने का प्रयास करता है। यह विशेष रूप से स्टंटिंग, कुपोषण, एनीमिया और कम वजन की समस्या का समाधान करने की दिशा में लक्षित है।

पोषण पर राष्ट्रीय परिषद (National Council on Nutrition)
यह परिषद पोषण अभियान के तहत स्थापित की गई है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष इस परिषद के अध्यक्ष हैं। यह ‘पोषण संबंधी चुनौतियों’ को दूर करने और इसके कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए नीति निर्देश प्रदान करता है। 

 1 लाख की घूस लेते पकड़ा गया रेवेन्यू इंस्पेक्टर, तहसीलदार ने डर के मारे जला दिए 20 लाख

1 लाख की घूस लेते पकड़ा गया रेवेन्यू इंस्पेक्टर, तहसीलदार ने डर के मारे जला दिए 20 लाख

जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बीती रात सिरोही जिले के पिंडवाड़ा में भांवरी वृत्त में कार्यरत रेवेन्यू इंस्पेक्टर को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया, लेकिन आरआर्ई की गिरफ्तारी के बाद पूरा घटनाक्रम नाटकीय अंदाज में बदल गया। पकड़े जाने के बाद आरआई ने स्वीकार किया कि रिश्वत की राशि उसने पिंडवाड़ा तहसीलदार कल्पेश जैन के लिए थी। इस पर एसीबी टीम कल्पेश जैन के घर पहुंची, लेकिन भनक लगते ही उसने खुद को घर में बंद कर दिया और नोट जलाने लगा। इस पर पिंडवाड़ा पुलिस को भी सूचना दी गई और करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद कटर से दरवाजा तोड़ टीम अंदर घुसी। इसके बाद देर रात तक कार्रवाई चलती रही। प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि जो राशि जलाई गई थी वह तकरीबन 20 लाख रुपए थी। टीम ने अधजले नोट भी बरामद किए हैं। एसीबी के डीआईजी विष्णुकांत ने बताया कि आंवले की छाल की खुली बोली द्वारा नीलामी की प्रक्रिया की जाती है। अगले साल का भी ठेका सांडिया पाली निवासी मूल सिंह को देने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत का सत्यापन होने के पश्चात एसीबी की टीम ने बुधवार को परिवादी को एक लाख रुपए के साथ पर्बत सिंह के पास भेजा। उसके कार्यालय में एक लाख रुपए थमाते ही उसने राशि अपने बैग में रख दी। उसी समय एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि रिश्वत की राशि तहसीलदार कल्पेश जैन के लिए ली गई थी। दूसरी तरफ पर्बत सिंह के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही तहसीलदार कल्पेश जैन अपने घर की तरफ भागा और टीम के पहुंचने से पहले उसने अपने आप को अपने परिवार के साथ घर में बंद कर दिया गया। सूचना के बाद स्थानीय पुलिस भी मौैके पर पहुंची। इस दौरान एसीबी की टीम लगातार दरवाजा खोलने के लिए कहती रही लेकिन तहसीलदार ने दरवाजा नहीं खोला। इस दौरान उसने रसोई में गैस पर करीब लाखों रुपए रख जला दिए। करीब 1 घंटे की मशक्त के बाद टीम ने कटर से दरवाजा तोड़ा और घर में प्रवेश कर देर रात तहसीलदार कल्पेश जैन को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम तहसीलदार के घर पहुंची जिस पर तहसीलदार ने अपना घर अंदर से बंद कर दिया। इस पर टीम बाहर से चिल्लाकर दरवाजा खोलने के लिए कहती रही। कुछ देर बाद तहसीलदार छत पर आए और वापस चले गए और नीचे जाने के बाद उन्होंने अपने घर के गैस पर रुपयों में आग लगा दी।

इस दौरान एसीबी टीम की ओर से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया गया। यहां तक कि टीम बार-बार यह समझाती रही कि परिवार अंदर है और वे लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन तहसीलदार नहीं माने। जैसे ही तहसीलदार ने नोट गैस पर रख जलाने लगा तो टीम की ओर से रसोई की खिड़की के कांच तोड़े गए और इस दौरान कटर की सहायता से दरवाजा तोड़ा गया।
बड़ी खबर: अदालत से लौट रहे वकील पर जानलेवा हमला, हालत बेहद गंभीर

बड़ी खबर: अदालत से लौट रहे वकील पर जानलेवा हमला, हालत बेहद गंभीर

भोपाल। अरेरा हिल्स इलाके में रात साढ़े आठ बजे वकील पर तीन लोगों ने घेरकर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद तीनों फरार हो गए। घायल की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपितों, पीडि़त ओर उनके भतीजे से एक दिन पहले विवाद हुआ था। अरेरा हिल्स थाने के एएसआई गोकुल प्रसाद के अनुसार भीमनगर में रहने वाले मोनिस सेन (28) वकील हैं और जिला कोर्ट में वकालत करते हैं। सोमतवार को उनके भतीजे का आरोपित से झगड़ा हो गया था। उस समय मोनिस सेन से भी इन लोगों का विवाद हुआ था। इस कारण मोनिस से रंजिश रखते हुए वह बुधवार को जिला कोर्ट से लौट रहे थे। आरोपित बलराम, रिंकूम और गुलजार शराब पीकर बैठे थे। उसी समय उनको मोनिस सेन नजर आए और उनका रास्ता रोक कर विवाद करने लगे। थोड़ी देर में आरोपितों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। एक आरोपित ने उनके सिर में फावड़ा मार दिया, जिससे वह लहुलुहान होकर गिर पड़े। थाना प्रभारी अरेरा हिल्स आरके सिंह का कहना है कि एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है बाकी की तलाश जारी है। 
 बड़ी खबर: सड़क हादसे में सेना के 3 जवानों की मौत, 5 घायल

बड़ी खबर: सड़क हादसे में सेना के 3 जवानों की मौत, 5 घायल

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में सड़क हादसे में तीन जवानों की मौत हो गई हैं। वहीं पांच जवान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इंदिरा गांधी नहर की 330 आर डी के पास सेना की जिप्सी बेकाबू होकर पलट गई। इसके बाद जिप्सी में आग लगने से 3 जवान जिंदा जल गए। पांच घायल जवानों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है

बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 1:00 बजे हुआ। मृतक सेना के जवान बठिंडा की 47 A D यूनिट के थे। यह जवान युद्धाभ्यास के लिए सूरतगढ़ आए हुए थे। हादसे के आसपास मौके पर ग्रामीण जमा हो गए और किसी तरह आग पर काबू पाया। बाद में मौके पर पहुंची राजियासर पुलिस की मदद से घायल जवानों को सूरतगढ़ के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद सूरतगढ़ के ही मिलिट्री हॉस्पिटल में घायल जनानों को भर्ती करा दिया गया।
कोरोना अपडेट: आज 28 मौतों के साथ कोरोना ने मचाया भूचाल, 2106 मरीजो के साथ दुर्ग और रायपुर में मिले ज्यादा मरीज

कोरोना अपडेट: आज 28 मौतों के साथ कोरोना ने मचाया भूचाल, 2106 मरीजो के साथ दुर्ग और रायपुर में मिले ज्यादा मरीज

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 2106 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला दुर्ग से सर्वाधिक 793 मरीज, रायपुर से 573, राजनांदगांव से 128, बालोद से 22, बेमेतरा से 52, कबीरधाम से 8, धमतरी से 42, बलौदा बाजार से 29, महासमुंद से 76, गरियाबंद से 19, बिलासपुर से 101, रायगढ़ से 16, कोरबा से 17, जांजगीर-चांपा से 19, मुंगेली से 5, जीपीएम से 4, सरगुजा से 46, कोरिया से 28, सूरजपुर से 39, बलरामपुर से 6, जशपुर से 35, बस्तर से 20, कोंडागांव से 4, दंतेवाड़ा से 3, सुकमा से 1, कांकेर से 14, नारायणपुर से 3, बीजापुर से 3, अन्य राज्य से 2 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 479 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 28 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 11934 है |

 


 

 दुकान से लौट रहे कपड़ा व्यापारी से लाखों रुपयें की लुट, आरोपियों ने ऐसे दिया लुट की घटना को अंजाम

दुकान से लौट रहे कपड़ा व्यापारी से लाखों रुपयें की लुट, आरोपियों ने ऐसे दिया लुट की घटना को अंजाम

इंदौर। एमजी रोड थाना क्षेत्र में गत दिवस देर रात दुकान से घर लोट रहे रेडीमेड कपड़ा व्यापारी के साथ लूट हो गई। दो बदमाशों ने व्यापारी को रास्ते में रोका और मारपीट कर डिक्की से 12 लाख रुपए से ज्यादा राशि लूट ली। आरोपी मौके से भाग निकले। थाना एमजी रोड पुलिस के अनुसार, वारदात गत रात करीब नौ बजे नगर निगम रोड पर रेडीमेड कपड़ा व्यापारी महेश तोषनीवाल (40) के साथ हुई। उक्त व्यापारी रीवर साइड रोड स्थित रेडीमेड काम्पलेक्स स्थित अपनी दुकान से घर लोट रहा था। उसने अपनी गाड़ी की डिक्की में 14 लाख रुपए रखे हुए थे। यह रकम तीन दिन की कमाई से हुई थी, जो घर ले जारहा था। व्यापारी के मुताबिक नगर निगम रोड पर जैसे ही अंबिका इलेक्ट्रानिक्स के पास पहुंचा, दो बदमाशों ने उसे घेरा और मारपीट की। साइड में ले जाकर डिक्की में से 14 लाख रुपए लूटकर भाग निकले। घटना की सूचना पुलिस को मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हुलिए के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। व्यापारियों को मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया।
  बड़ी खबर: पार्टी कार्यालय के पास मिला भाजपा मंडल अध्यक्ष का शव, मचा हडकंप

बड़ी खबर: पार्टी कार्यालय के पास मिला भाजपा मंडल अध्यक्ष का शव, मचा हडकंप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार के दिनहाटा में भाजपा कार्यालय के पास के पार्टी के मंडल अध्यक्ष का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। भाजपा ने इसे प्रायोजित हत्या बताया है और इसका इल्जाम टीएमसी पर लगाया है। भाजपा कार्यकर्ता ने कहा है कि यह एक पूर्व-नियोजित हत्या है। वे (टीएमसी) चाहते हैं कि हम (भाजपा कार्यकर्ता) डर के मारे घर में  बैठें रहें, बाहर न निकले लेकिन हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। 

वहीं दूसरी ओर आसनसोल के हीरापुर थाना अंतर्गत रांगापाडा में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह के आवास पर मंगलवार देर रात अज्ञात लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग की। घटना के समय दिग्विजय सिंह अपने आवास पर ही थे। सूचना पाकर रात में ही पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल की। रात में ही भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी, कृष्णेंदु मुखर्जी दिग्विजय सिंह के आवास पहुंचे और घटना की निंदा की। 

इससे पहले भी कोलकाता से सटे सोनारपुर में एक बीजेपी कार्यकर्ता विकास नस्कर का शव पेड़ से लटकता मिला था। बीजेपी ने कहा है कि विकास नस्कर की हत्या कर दी गई है। वह बूथ नंबर 57 का बीजेपी का कार्यकर्ता था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि विकास नस्कर को टीएमसी के गुंडों ने मारकर उसके शव को रस्सी के सहारे पेड़ से टांग दिया। ऐसा दिखाने की कोशिश की गई है मानो विकास ने आत्महत्या की है।
 भाजपा नेता के घर के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग, जाँच में जुटी पुलिस

भाजपा नेता के घर के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग, जाँच में जुटी पुलिस

कोलकाता। बंगाल चुनाव को लेकर जारी चुनाव प्रचार के बीच हिंसक घटनाओं का दौर जारी है। ताजा मामले में कुछ अज्ञात लोगों ने बर्नपुर इलाके में भाजपा युवा मोर्चा के नेता दिग्विजय सिंह के घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसका आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लग रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

बता दें आज ही इस युवा नेता के घर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पहुंचने वाले थे। बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह के घर के सामने रात करीब 1:00 बजे कुछ लोग पहुंचे और दरवाजा खटखटाना शुरू किया। लेकिन जब अंदर से कोई बाहर नहीं निकला तो उन लोगों ने वही कथित तौर पर 6 राउंड फायरिंग की। इस घटना के बाद दिग्विजय सिंह के परिवार में आतंक का माहौल है। भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने बताया, रात करीब 1 बजे खबर आई कि उनके घर के बाहर कुछ आज्ञात लोगों ने गोलियां चलाई। जिसके बाद हम सब वहां गए। इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीजेपी युवा मोर्चा के नेता दिग्विजय सिंह के माता-पिता ने पुलिस से घर से बाहर हुई फायरिंग की लिखित में शिकायत स्थानीय पुलिस से की है। बीजेपी विधायक जितेंद्र तिवारी ने इस मामले में पुलिस से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रभावी कार्रवाई न होने पर उन्होंने इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने की थाना पुलिस को चेतावनी भी दी है।
 बड़ी खबर: अब ये अभिनेता पाए गए कोरोना पॉजिटिव, खुद को किया होम क्वारनटीन

बड़ी खबर: अब ये अभिनेता पाए गए कोरोना पॉजिटिव, खुद को किया होम क्वारनटीन

मुंबई। कोरोना अब बॉलीवुड के अंदर भी पहुँच गया है। अब एक्टर आमिर खान भी कोविड 19 पॉजिटिव हो गए हैं। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद आमिर खान होम क्वारनटीन हो गए हैं।
 
आमिर के स्पोक्सपर्सन ने बताया- 'मिस्टर आमिर खान कोविड 19 पॉजिटिव पाए गए हैं। वो घर पर सेल्फ क्वारंटीन में हैं और सभी प्रोटोकॉल्स को फॉलो कर रहे हैं. वो ठीक हैं। जो भी कुछ बीते कुछ दिनों में उनके संपर्क में आए हैं उन्हें भी एहतियात के तौर पर अपना टेस्ट करना चाहिए और सारे रूल्स फॉलो करने चाहिए। आप सभी की विशेज के लिए शुक्रिया।
 
 नए बिल को लेकर विधानसभा में जमकर मचा हंगामा: पर्दा गिरते ही बरसने लगी लाठियां, चलने लगे घूंसे-थप्पड़

नए बिल को लेकर विधानसभा में जमकर मचा हंगामा: पर्दा गिरते ही बरसने लगी लाठियां, चलने लगे घूंसे-थप्पड़

पटना। 23 मार्च की तारीख विधानसभा सत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में जानी जाएगी। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि सदन के अंदर पुलिस बुलाई गई, एसपी और डीएम ख़ुद विधायकों को बाहर करने का काम कर रहे थे। इस दिन को `काला दिन` के रूप में देश की जनता याद रखेगी। अब तक आपने मंच पर यह देखा और सुना होगा कि पर्दा गिरा और खेल खत्म। लेकिन, बिहार विधानसभा में मंगलवार को इसके बिल्कुल उलट हुआ। यहां पर्दा गिरा और खेल शुरू हो गया। दरअसल, मंगलवार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 के विरोध में आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने पहले पटना की सड़कों पर कोहराम मचाया और फिर इस विरोध की आग सदन तक पहुंच गई।

विपक्ष के ऐसे हंगामे के बावजूद भी सत्ता पक्ष बिल पास कराने पर अड़ा हुआ था। प्रस्ताव पास करने के लिए सदन की बैठक कई बार शुरू करने की कोशिश हुई। लेकिन विपक्षी विधायकों ने स्पीकर को बैठक में भाग लेने से रोकने के लिए उनके चेंबर के सामने ही धरना शुरू कर दिया।

आम दिनों की तरह मंगलवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन पांचवी बार जब 4.30 बजे सदन की कार्यवाही शुरू करने के लिये घंटी बजी उसी वक्त विपक्ष के तमाम विधायक विधानसभा अध्यक्ष के दरवाजे पर पहुंच गये और उन्हें  एक तरह से बंधक बना लिया। विपक्ष सदस्यों  के विरोध के बाद सदन 12 बजे तक के लिये स्थगित हो गया। पुलिस विधेयक को लेकर विपक्ष के हंगामे की वजह सदन दिन में चार बार स्थगित हुआ।सदन की कार्यवाही के लिए विधानसभा की घंटी काफी देर तक बजती रही, लेकिन अध्यक्ष सदन के अंदर नहीं पहुंचे, ऐसे में विधानसभा में तैनात मार्शल विधानसभा अध्यक्ष के गेट पर पहुंचे और विपक्षी विधायको को समझाने की कोशिश की लेकिन तब तक मामला बिगड़ चुका था। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष को आनन-फानन में पटना डीएम और एसएसपी को बुलाना पड़ा। वरीय अधिकारियों के पहुंचने के बाद अध्यक्ष को छुड़ाया गया। इससे पहले विधायकों और वरीय अधिकारीयो में नोकझोंक भी हुई। इसके बावजूद पुलिस विधेयक का विरोध कर रहे विधायक हटने के लिए तैयार नहीं थे।

बिगड़ते हालात के मद्देनर विधानसभा में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। विपक्ष के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के गेट में रस्सी बांधकर जहां उन्हेंी बंधक बनाकर बैठे थे, वहीं बिल्कुल पास में बड़ा ग्रिल लगा है। पहले पटना एसएसपी और पटना डीएम ने विधायकों को मनाने की पूरी कोशिश की। लेकिन

पुलिस और प्रशासन के सदन में आते ही विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन उग्र हो गया। विधायकों के साथ हाथापाई शुरू हुई और विधानसभा के मार्शल उन्हें घसीट-घसीट कर बाहर ले जाने लगे। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष के गेट के सामने बड़े ग्रिल पर लगे पर्दे को पहले पुलिस ने गिराया, और फिर क्या था। बिहार में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर की गरिमा तार-तार हो गई। विधायकों पर लात-घूसे, थप्पड़ और डंडे की बरसात हो गई। इसी दौरान पुलिस ने विधायकों को घसीट-घसीट कर बाहर फेंकना शुरू कर दिया. जिसमें किसी के हाथ में चोट आई तो किसी का पैर में तो किसी के पीठ और गाल लाल हो गए।

पुरुष विधायकों के साथ पुलिस का ऐसा बर्ताव देखकर विपक्षी महिला विधायक भी स्पीकर की कुर्सी के पास पहुँचकर प्रदर्शन करने लगीं। फिर महिला पुलिस बलों ने उन्हें ज़बरन घसीटकर बाहर किया। पुरुष विधायकों में राजद के सुधाकर सिंह, सीपीआईएम के सत्येंद्र कुमार, राजद के सतीश दास के साथ-साथ महिला विधायक प्रतिमा कुमारी और अनीता देवी को गंभीर चोटें लगी हैं।

विधायकों की पिटाई की घटना होने के बाद सदन एक बार फिर से शुरू हुआ। लेकिन, विपक्ष इस बार सदन से वॉकआउट कर गया। हालाँकि, बिना विपक्ष के मौजूदगी के ही नए पुलिस विधेयक को सदन से पास करा लिया गया।
 
 मरीज को झोलाछाप डॉक्टार ने दनादन लगाए 20 इंजेक्शन, मरीज की मौत के बाद डॉक्टर फरार

मरीज को झोलाछाप डॉक्टार ने दनादन लगाए 20 इंजेक्शन, मरीज की मौत के बाद डॉक्टर फरार

आगरा। आदमी बीमार होता है तो डॉक्टर के पास जाता है, और डॉक्टर कितनी भी गंभीर बिमारी रहे एक बार में ज्यादा से ज्याद 2 इंजेक्शन लगाता है। पर यहां एक डॉक्टर ने मरीज को 1 या 2 नहीं, लगातार 20 इंजेक्शन लग दिए, जिससे मरीज की मौत हो गई। 

आगरा के कोतवाली बाह के अंतर्गत कस्बा जरार में झोलाछाप डॉक्टकर के क्लीनिक पर इलाज कराने गए मरीज को डॉक्टर ने दनादन 20 इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। मरीज की मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ विभाग की टीम ने झोलाछाप डॉक्टार के क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की है। जबकि झोलाछाप डॉक्टीर फरार हो गया है। बहरहाल स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यशैली के चलते ग्रामीण क्षेत्र में झोलाछाप क्लीनिक का जाल बिछा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग इन पर कठोर कार्रवाई नहीं करता है जिसके चलते उनका धंधा लगातार बढ़ता चला जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार बाह क्षेत्र के गांव बिजौली में रहने वाले बच्चू लाल (उम्र करीब 50 वर्ष) पिछले सप्ताह से सामान्य बीमारी से ग्रसित थे। वह परिजनों के साथ अपना इलाज कराने के लिए कस्बा जरार में केनरा बैंक के सामने झोलाछाप डॉक्टनर की क्लीनिक पर पहुंचे। इसके बाद डॉक्टसर ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन गलत इंजेक्शन एवं दवा के कारण हालत बिगड़ गई। परिवार का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टिर ने दनादन 20 इंजेक्शन लगा डाले, इससे बच्चू लाल बेहोश हो गए। इसके बाद झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। परिजन तत्काल बेहोशी की हालत में बच्चू लाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बच्चू लाल की बेटी का आरोप है कि उसके पिता को झोलाछाप डॉक्टोर ने लगातार 20 इंजेक्शन लगाए और वह मना करने पर भी नहीं माना। साथ ही कहा कि गलत इंजेक्शन और दवा के इस्तेमाल से उनके पिता की मौत हो गई।

परिजनों सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बा जरार पहुंचकर झोलाछाप के क्लीनिक को सील कर दिया है। अब पुलिस और स्वास्थ्य महकमा मामले की जांच कर रहा है। इस मामले को लेकर बाह सीएचसी प्रभारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। 
 
 छेड़छाड़ से परेशान नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर की ख़ुदकुशी, आरोपी गिरफ्तार

छेड़छाड़ से परेशान नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर की ख़ुदकुशी, आरोपी गिरफ्तार

भोपाल। निशातपुरा थाना इलाके में रहने वाली एक किशोरी ने फांसी लगा ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें किशोरी ने मनचले द्वारा उसे दो साल से परेशान किए जाने का जिक्र है। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। वह 12वीं का छात्र है। उसकी पहले से छात्रा से दोस्ती थी।

निशातपुरा थाने के एसआइ एसएल वर्मा ने बताया कि क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके पिता वित्त विभाग में काम करते हैं। परिवार में माता-पिता के अलावा 19 वर्ष का बड़ा भाई है। शाम करीब साढ़े पांच बजे किशोरी के पिता दफ्तर से नहीं लौटे थे। भाई किसी काम से घर से बाहर था। उसकी मां घर के दूसरे कमरे में थी। इस दौरान किशोरी ने फांसी लगा ली। मां ने खिड़की से झांका तो बेटी को फांसी पर लटके देखा तो शोर मचाया। दरवाजा तोड़कर उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने किशोरी को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को पलंग पर सुसाइड नोट मिला। उसमें लिखा था कि मेरे माता-पिता की कोई गलती नहीं है। निशातपुरा थाना प्रभारी एमएस चौहान ने बताया कि आरोपित संदीप शाक्य को छात्रा को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता चला है कि संदीप की छात्रा के साथ दोस्ती थी। इस बात का पता चलने पर दोनों परिवारों के बीच विवाद भी हुआ था, लेकिन मामला थाने तक नहीं आया था।